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लेखक: space4knews

उल्टो बाटोमा मधेश सरकार – Online Khabar

मधेश सरकार उल्टे रास्ते पर बढ़ रही है

मधेश प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ कर्मचारियों को बाहर करके कनिष्ठ कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया है। पूर्वाधार विकास कार्यालय, महोत्तरी के प्रमुख सिडिई झा को पारदर्शी उपभोक्ता समिति पत्र वितरण करने के कारण स्थानांतरित किया गया है। सरकार भ्रष्टाचार नियंत्रण नहीं कर रही, बल्कि उल्टा रास्ता अपनाकर कर्मचारियों को स्वार्थ साधने के लिए काम करने दे रही है। १७ वैशाख, जकपुरधाम। २३ और २४ भदौ को हुए जनज्योतिष् आंदोलन के बाद देश में सुशासन का मुद्दा उठा था। पूर्व की गलतियों और भ्रष्टाचार नियंत्रण करते हुए सुशासन कायम करने की प्रतिबद्धता के साथ बालेन शाह आगे बढ़ रहे हैं। जहां देश में सुशासन पर बहस जारी है, मधेश सरकार अभी भी पुराने गलत रास्ते पर चल रही है।

नेपाली कांग्रेस से मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री कृष्णप्रसाद यादव के नेतृत्व वाला गठबंधन सरकार अब भी उल्टे रास्ते पर लगी हुई है। मधेश प्रदेश के कार्यालयों में कानूनी रूप से काम करने वाले वरिष्ठ कर्मचारियों को बाहर रखते हुए कनिष्ठों को जिम्मेदारी देना और अपने स्वार्थ अनुसार काम करवाना जैसी प्रवृत्तियाँ जारी हैं। मधेश प्रदेश में ठेके की बजाय उपभोक्ता समितियों को प्राथमिकता दी जाती है, प्रत्यक्ष लाभ के लिए उपभोक्ता समितियों के पत्र वितरित किए जाते हैं। सरकार के हाल के फैसले और अधीनस्थ निकायों की घटनाएँ इसका प्रमाण हैं।

९ वैशाख की मंत्रिपरिषद बैठक ने वरिष्ठ कर्मचारियों को हटा कर कनिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया था। संघीय सरकार के प्रशासन सेवा के सहसचिव वीरेन्द्र कुमार मिश्र को मधेश प्रदेश जनलोकपाल आयोग में स्थानांतरित किया गया है। यह कार्यालय कर्मचारियों को ठहराने की जगह बन गया है। भ्रष्टाचार नियंत्रण और सुशासन प्रोत्साहन के लिए चार साल पहले स्थापित इस आयोग में पदाधिकारी और कर्मचारी तो हैं, पर कोई ठोस उपलब्धि नहीं है।

मिश्र को सचिव पद से हटाकर जनलोकपाल आयोग भेजा गया है जबकि लोकसेवा आयोग में कनिष्ठ उपसचिव चिरंजीवी गौतम को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। लोकसेवा आयोग में अध्यक्ष के अनुकूल कार्य नहीं करने के कारण मिश्र को जनलोकपाल आयोग में स्थानांतरित किया गया है, मुख्यमंत्री कार्यालय के एक कर्मचारी ने बताया। श्रम और यातायात विभाग के सचिव युवराज अधिकारी को मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात किया गया है। उनकी जगह निम्मित सचिव की जिम्मेदारी रंजीत यादव को दी गई है।

पूर्वाधार विकास कार्यालय महोत्तरी ने कानूनी प्रक्रिया के तहत २५ लाख रुपये तक की योजनाओं के लिए २२ चैत को १५ पालिका और सभी २५८ वॉर्ड कार्यालयों को उपभोक्ता समितियाँ गठित करने के पत्र भेजे थे। ये पत्र कार्यालय की वेबसाइट पर पारदर्शिता बनाए रखते हुए सार्वजनिक किए गए थे। पहले उपभोक्ता समितियों के पत्र मंत्री, सांसद और उनके नेता-कार्यकर्ता मनमाने तरीके से पाते थे, इसे नियंत्रित करने के लिए कार्तिकेय झा ने पारदर्शी वितरण नीति लागू की थी। झा के इस पारदर्शी कदम के बाद मधेश सरकार ने सहायता न करते हुए २५ चैत को उनका स्थानांतरण कर दिया।

इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि मधेश सरकार पुरानी गलतियों और भ्रष्टाचार को रोकने के बजाय उसकी निरंतरता प्रदान करने के रास्ते पर है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक कर्मचारी के अनुसार सरकार को सुधरना चाहिए लेकिन वह अपने स्वार्थ में ही शेष समय का उपयोग कर रही है। ‘संघीय सरकार सुशासन की दिशा में है, लेकिन मधेश सरकार उल्टे रास्ते पर है। अन्यथा ऐसे निर्णय क्यों किए जाते?’ कर्मचारी ने सवाल उठाया।

समस्या देखाए जाने वाले सहकारी संस्थाओं के संचालकों की संपत्ति रोकने की सिफारिश पहले करने की नीति लागू

राष्ट्रीय सहकारी नियमन प्राधिकरण ने सहकारी संस्था को समस्याग्रस्त घोषित करने से पहले संचालक एवं व्यवस्थापक की संपत्ति रोकने का प्रावधान लागू किया है। सरकार ने अध्यादेश के माध्यम से प्राधिकरण को संपत्ति रोकने एवं इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख नियंत्रित करने का अधिकार दिया है। समस्याग्रस्त घोषित करने से पहले संबंधित व्यक्तियों की संपत्ति, बैंक खाते रोकना और विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान किया गया है। १७ वैशाख, काठमाडौँ।

राष्ट्रीय सहकारी नियमन प्राधिकरण ने सहकारी संस्थाओं को समस्याग्रस्त घोषित करने की सिफारिश से पहले ही संचालक एवं व्यवस्थापक की संपत्ति रोकने की व्यवस्था शुरू कर दी है। सरकार ने अध्यादेश के जरिए प्राधिकरण को नई जिम्मेदारी एवं अधिकार प्रदान करते हुए संपत्ति रोकने और संस्था के इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख नियंत्रित करने की व्यवस्था की है।

संशोधित सहकारी अधिनियम, २०७४ के अनुसार, समस्या से ग्रस्त सहकारी संस्थाओं को समस्याग्रस्त घोषित करने की सिफारिश से पहले रजिस्ट्रार या प्राधिकरण संबंधित सहकारी संस्थाओं के संचालक, ऋणी सदस्य, व्यवस्थापक, जिम्मेवार कर्मचारी, लेखा पर्यवेक्षण समिति सदस्य, ऋण उपसमिति सदस्य समेत जिम्मेदार व्यक्तियों की चल-अचल संपत्ति रोक सकते हैं।

इसी प्रकार, हिनामिना या हानि-नुकसान में संलिप्त पाए जाने वाले अन्य व्यक्तियों की चल-अचल संपत्ति, कारोबार, बैंक खाते और शेयर भी रोके जा सकते हैं। साथ ही ऋण वसूली, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख नियंत्रण या रोक तथा विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के प्रावधान भी अध्यादेश में शामिल किए गए हैं।

गृहमंत्रालय ने रोल्पा की जीप दुर्घटना की जांच के लिए समिति का गठन किया

१७ वैशाख, काठमाडौं । रोल्पा में गुरुवार को हुई जीप दुर्घटना में २० लोगों की मृत्यु के मामले की जांच के लिए गृह मंत्रालय ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। मंत्रालय की शांति सुरक्षा तथा अपराध नियंत्रण शाखा द्वारा जारी वक्तव्य के अनुसार सचिवस्तरीय निर्णय से यह जांच समिति गठित की गई है। उसी दिन रुकुम पश्चिम से रोल्पा के जलजला में होने वाले अगले दिन के मेले में भाग लेने के लिए निकली यात्रियों से भरी जीप रोल्पा के थवांग गाउँपालिका–१ सल्याप के कच्चे सड़क मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने बताया कि इस दुर्घटना में २० लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

पूरे दिन उस क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण और दुर्घटनाग्रस्त जीप सड़क से काफी नीचे खैंच जाने के कारण बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है, स्थानीय पुलिस ने जानकारी दी है। शाम तक भी बचाव कार्य रोक दिया गया है। गृह मंत्रालय ने लुम्बिनी प्रदेश पुलिस कार्यालय तुलसीपुर के पुलिस उपरीक्षक यादव ढकाल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की है। इस समिति को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कार्य सौंपा गया है। जांच समिति में जिला पुलिस कार्यालय रोल्पा के प्रमुख पुलिस उप-नियंत्रक (डीएसपी) वीरेन्द्रवीर विश्वकर्मा, सशस्त्र पुलिस बल रोल्पा के डीएसपी और जिला प्रशासन कार्यालय रोल्पा के प्रशासनिक अधिकृत सदस्य के रूप में नियुक्त किए गए हैं। समिति को दुर्घटना के कारण, किसकी लापरवाही या कमजोरी थी, इसकी पहचान करने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में सुझाव देने का निर्देश दिया गया है।

घट्यो पेट्रोलको मूल्य, कति पुग्यो ?

काठमाडौं में पेट्रोल की कीमत घटकर २१७ रुपये पहुंची

इसके साथ ही काठमाडौं में पेट्रोल की कीमत २१७ रुपये पहुँच गई है।

सम्बन्धविच्छेद के बाद भी सहकारी सदस्य परिवार के ही माने जाएंगे, ठगी में संलिप्त की संपत्ति जब्त होगी

सरकार ने सहकारी ऐन संशोधन अध्यादेश के माध्यम से समस्याग्रस्त सहकारी के सदस्यों को परिवार की परिभाषा में अंशधारक व्यक्ति भी शामिल किया है। अध्यादेश के अनुसार लगातार दो वर्ष तक कारोबार न करने वाले या नियमावली के विरुद्ध कार्य करने वाले सहकारी सदस्यों को परिवार में गिना जाएगा। परिवार की परिभाषा में नाते-रिश्तेदारों के विस्तृत संबंध और सहकारी में कार्यरत कर्मचारी भी शामिल किए गए हैं। १७ वैशाख, काठमाडौँ।

संबंध विच्छेद के बाद भी परिवार के सदस्य मानते हुए सहकारी ठगी में संलिप्त की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान बनाया गया है। सरकार ने समस्याग्रस्त सहकारी के सदस्यों के लिए परिवार की परिभाषा संशोधित करते हुए यह व्यवस्था लागू की है। सहकारी एक्ट संशोधन के लिए जारी अध्यादेश में अंशधारिता प्राप्त व्यक्ति को भी परिवार में शामिल किया गया है।

सहकारी ऐन, २०७४ में संशोधन लाने वाले इस अध्यादेश के मुताबिक, ऐन की धारा ८८ के अंतर्गत लगातार दो वर्ष तक कारोबार न करने वाले या ऐन तथा संबंधित नियमावली के खिलाफ कार्य करने वाले सहकारी सदस्यों को परिवार के अंतर्गत गिना जाएगा। इसमें अंशधारक व्यक्ति भी शामिल हैं। इसके अलावा, लिक्विडेशन या खारिज की स्थिति में पहुँचे या ऐन की धारा १०४ के अनुसार समस्याग्रस्त घोषित सहकारी संस्थाओं के ऐसे सदस्यों के अंशधारक जो अलग हुए या संबंध विच्छेद के बाद परिवार के सदस्य हैं, उन्हें भी परिवार में शामिल करने की व्यवस्था की गई है।

ऐन की परिभाषा के अनुसार ‘नाते-रिश्तेदार’ में काका, काकी, भतीजा, भतीजी, नाती, नातिनी, नातिनी की बहू, मामा, माइजु, भांजा, भांजी, ज्वाई, साला, साली, जेठान, जेठानी, फुपू, फुपाजू, नातिनी का ज्वाई, अलग हुए सासु-ससुर, दादा, भाई, भाभी, भाई की बहू और परिवार के एक ही घर के सदस्य शामिल हैं। इस शब्द में सदस्य रही सहकारी संस्था के कर्मचारी भी सम्मिलित हैं।

सर्वोच्च अदालत का निर्देशः ट्रैफिक पुलिस को चालक का लाइसेंस, ब्लूबुक और सांचो जब्त करने की अनुमति नहीं

१७ वैशाख, काठमांडू। सर्वोच्च अदालत ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के कारण चालक के अनुमति पत्र (लाइसेंस), वाहन स्वामित्व प्रमाणपत्र (ब्लूबुक) और वाहन के साँचो को जब्त करने पर रोक लगाते हुए निर्देशात्मक आदेश जारी किया है। न्यायाधीश अब्दुल अज़ीज़ मुसलमान और श्रीकांत पौडेल की संयुक्त पीठ ने इस तरह के कार्यों को गैरकानूनी ठहराते हुए सरकार को इसके खिलाफ निर्देश दिए हैं।

सर्वोच्च अदालत के फैसले के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालक के अनुमति पत्र, ब्लूबुक और सांचो को जबरदस्ती नियंत्रण में लेना अधिकार क्षेत्र का दुरुपयोग है। कानून के छात्र विवेक चौधरी द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इस कदम को अवैध घोषित कर निर्देशनात्मक आदेश जारी किया है।

सवारी तथा यातायात व्यवस्था अधिनियम, २०४९ की धारा १६४ के तहत, ट्रैफिक पुलिस को नियम उल्लंघन करने वाले चालक को तत्काल जुर्माना लगाने या जुर्माना न चुका पाने पर २४ घंटे के भीतर उपस्थित होने के लिए पुर्जी जारी करने का ही अधिकार है, ऐसा सर्वोच्च अदालत के आदेश में उल्लेखित है। साथ ही सरकार द्वारा संचालित ‘नागरिक एप्प’ के संदर्भ में भौतिक दस्तावेज़ जब्त करना उचित नहीं माना गया है।

विकास खड्काले कान्साई चार्जर्सबाट जापान प्रिमियर लिग क्रिकेट खेल्ने

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा गरिएको।

  • नेपाली मूल के क्रिकेटर विकास खड्काअ जापान प्रिमियर लिग में कान्साई चार्जर्स के लिए खेलेंगे।
  • विकास ने जापान के कम्युनिटी कप 40 ओवर लिग क्रिकेट में 309 रन की पारी खेली थी।
  • जेपीएल प्रतियोगिता मई के गोल्डन वीक में तीन दिन तक चलेगी और फाइनल शीर्ष दो टीमों के बीच होगा।

१७ वैशाख, काठमांडू। नेपाली मूल के क्रिकेटर विकास खड्काले जापान प्रिमियर लिग (जेपीएल) में कान्साई चार्जर्स की ओर से खेलने का मौका पाया है।

20 वर्षीय विकास ने हाल ही में जापान के कम्युनिटी कप 40 ओवर लिग क्रिकेट के एक मैच में 309 रन की शानदार पारी खेली थी। इसी बेहतरीन प्रदर्शन के कारण वे टीम में चुने गए हैं।

यह अवसर उनके मेहनत, समर्पण और लगातार अच्छे प्रदर्शन का परिणाम बताया गया है।

इससे पहले नेपाली राष्ट्रीय टीम के अलराउंडर करण केसी भी कान्साई चार्जर्स से अनुबंधित थे, लेकिन उन्होंने बाद में अपना नाम वापस ले लिया था।

जापान की शीर्ष घरेलू टी-20 प्रतियोगिता जेपीएल में पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और उत्तर कांटो तथा कान्साई क्षेत्र की प्रतिनिधि टीमें भाग लेती हैं।

प्रतियोगिता मई में पड़ने वाले ‘गोल्डन वीक’ के अवसर पर एक छोटे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान पर तीन दिनों तक चलती है।

हर टीम एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मैच खेलेगी और प्रतियोगिता का फाइनल शीर्ष दो टीमों के बीच होगा।

बढ्यो खाना पकाउने ग्यासको मूल्य – Online Khabar

खाना पकाने वाले गैस के दाम में वृद्धि की घोषणा

नेपाल आयल निगम ने आज रात १२ बजे से खाना पकाने वाले गैस के मूल्य को २,१६० रुपये निर्धारित किया है। आधा सिलेंडर गैस का मूल्य १,०८० रुपये तय किया गया है, जबकि पहले पूरा सिलेंडर २,१०० रुपये और आधा सिलेंडर १,०५ रुपये का था।

निगम ने पेट्रोल, मिट्टी तेल और डीजल के दामों में कमी की भी जानकारी दी है। १७ वैशाख को काठमांडू में खाना पकाने वाले गैस के दामों में वृद्धि हुई है। निगम ने आज ही रात १२ बजे से लागू होने वाली नई मूल्य सूची जारी की है।

सार्वजनिक खरिद ऐनमा गरिएका संशोधनहरू

सरकारले सार्वजनिक खरिद ऐन २०७६ मा अध्यादेशमार्फत संशोधन प्रस्ताव गरेको छ, जसले मल, औषधि र सूचना प्रविधि खरिदका लागि छुट्टै व्यवस्था ल्याउनेछ। यस संशोधनमा रिभर्स अक्सन विधि समावेश गरिएको छ, जसले लागत अनुमानभन्दा कम बोलपत्र स्वीकार गर्ने प्रक्रिया स्पष्ट पार्नेछ। खरिद प्रक्रियामा न्यूनतम बोलकबोल नियन्त्रण, विद्युतीय बोलपत्र प्रणाली र कर्मचारी कारबाही तथा पुरस्कार व्यवस्था थप गरिएको छ। १७ वैशाख, काठमाडौं।

सरकारले सार्वजनिक खरिद ऐन २०७६ मा संशोधन गर्न तयारी गरिरहेको छ। उक्त संशोधनका लागि अध्यादेश जारी गर्ने तयारी छ। राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेलसमक्ष सिफारिस गरिएको अध्यादेशमा सार्वजनिक खरिद ऐन २०७६ मा संशोधन गर्ने विषय पनि समावेश छ। सरकारले सार्वजनिक खरिद ऐनमा गरिएको संशोधनको कारणका रूपमा मल, औषधि साथै सूचना प्रविधि क्षेत्रमा उपकरण खरिदमा छुट्टै व्यवस्था नहुँदा देखिएको समस्यालाई औंल्याएको छ।

नयाँ प्रस्तावमा स्वदेशी मालसामानको स्पष्ट परिभाषा दिइएको छ। यसअनुसार, स्वदेशी कच्चा पदार्थ प्रयोग गरी उत्पादित वा अन्य देशबाट आयात गरिएको कच्चा पदार्थमा ३० प्रतिशत स्वदेशी श्रम, कच्चा पदार्थ र सामग्रीको मूल्य अभिवृद्धि भई स्वदेशी उद्योगबाट उत्पादित माललाई स्वदेशी मालसामान मानिनेछ। विद्युतीय बोलपत्र पत्रिकामा प्रकाशन गर्नु अनिवार्य नहुने प्रावधान पनि थप गरिएको छ।

सरकारले खरिद प्रक्रियामा ‘रिभर्स अक्सन’ विधि समावेश गरेको छ, जसले सार्वजनिक निकायले तोकेको लागत अनुमानको अधिकतम रकमसम्म बोलकबोल प्रक्रिया सुरु गरी सोभन्दा कम अंक ल्याउने बोलपत्रदातालाई निश्चित समय दिनुपर्ने र सबैभन्दा कम अंक ल्याउनेलाई छनोट गर्नुपर्ने प्रक्रिया हो। यसले ठूला प्याकेजमा टुक्रा गरेर प्रतिस्पर्धा सीमित बनाउने कामलाई प्रतिबन्ध लगाउनेछ।

नवलपरासी में मारपीट में शामिल व्यक्ति को गिरफ्तार करने गई पुलिस पर हमला

१७ वैशाख, काठमाण्डौ। पश्चिम नवलपरासी में पुराने विवाद के कारण हुई मारपीट में शामिल व्यक्ति को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर हमला किया गया है। जिला प्रहरी कार्यालय पश्चिम नवलपरासी के प्रवक्ता डीएसपी वीरदत्त पन्त ने बताया कि इस घटना में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस की एक-एक गाड़ी को नुकसान पहुंचाया गया है।

आज दोपहर एक बजे के बाद पश्चिम नवलपरासी के प्रतापपुर गाउँपालिका-४ हरकपुरा में पुराने रंजिश के कारण २० वर्षीय उमेश केवट पर मारपीट हुई थी। इस घटना में १७ वर्षीय अब्दुल अन्सारी और १७ वर्षीय आज़ात अन्सारी के शामिल होने की पुलिस को सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची थी।

इस प्रक्रिया में पुलिस ने उन दोनों के साथ घटना में शामिल ४३ वर्षीय सलामुद्दीन मियाँ को भी गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार करने के बाद लगभग २०० लोगों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने पुलिस की गाड़ियों पर पत्थरबाजी की। डीएसपी पन्त के अनुसार, कुछ देर बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में लेकर गिरफ्तार लोगों को हिरासत में ले लिया है।

हेल्प नेपाल ने पीएम कप एनभीए पुरुष भलिबल फाइनल में जगह बनाई

हेल्प नेपाल स्पोर्ट्स क्लब ने रेडबुल द्वारा आयोजित दसवें पीएम कप एनभीए पुरुष भलिबल लीग २०८३ में नेपाल पुलिस क्लब को ३–१ सेट से हराकर फाइनल में स्थान सुनिश्चित किया है। हेल्प नेपाल ने लगातार छठी जीत दर्ज करते हुए ६ मैच में १८ अंकों के साथ अकेला अपराजित टीम बना हुआ है, जबकि पुलिस क्लब १५ अंकों पर ही सीमित रह गया।

रुकुम पश्चिम ने त्रिभुवन आर्मी क्लब को ३–१ सेट से हराकर फाइनल में शामिल होने की उम्मीद बनाए रखी है। पुलिस के खिलाफ मैच के बाद दूसरा फाइनल टिम तय होगा। काठमांडू के त्रिपुरेश्वर स्थित कवर हल में खेले गए मैच में हेल्प नेपाल ने पुलिस को २५–२२, २५–१९, २३–२५, २५–१७ सेट स्कोर से हराया। इस जीत के साथ हेल्प नेपाल ने ६ मैचों में १८ अंक जुटाकर अकेला अपराजित स्थान बना लिया है। वहीं, पुलिस क्लब को पहली हार का सामना करना पड़ा और वह १५ अंक पर ही रह गया। रुकुम पश्चिम ने भी अगले मैच में त्रिभुवन आर्मी क्लब को ३–१ सेट से हराकर फाइनल में जगह बनाने की उम्मीद जीवित रखी है। रुकुम पश्चिम ने ६ मैचों में १५ अंक दर्ज किए हैं। अब शुक्रवार को पुलिस और रुकुम पश्चिम के बीच होने वाले मैच के बाद दूसरा फाइनल टीम तय होगा।

आईपीएलमा बेंगलुरुमाथि गुजरातको जित – Online Khabar

गुजरात टाइटन्स ने रोयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को हराकर आईपीएल में जीत हासिल की

गुजरात टाइटन्स ने अहमदाबाद में खेले गए आईपीएल मैच में रोयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को ४ विकेट से हराया। गुजरात ने बेंगलुरु द्वारा निर्धारित १५६ रन के लक्ष्य को १५.५ ओवर में ६ विकेट गंवाकर पूरा किया। कप्तान शुभमन गिल ने १८ गेंदों में ४३ रन बनाए जबकि जस बटनर ने १९ गेंदों में ३९ रन जोड़े। राहुल तेवतिया २७ रन पर नाबाद रहे। जेसन होल्डर और वाशिंगटन सुंदर ने समान रूप से १२ रन बनाए।

बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार ने ३ विकेट लिए, जबकि रोमारियो शेफर्ड ने २ और सुयश शर्मा ने १ विकेट हासिल किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बेंगलुरु टीम १९.२ ओवर में पूरी तरह से १५५ रन पर आउट हो गई। देवदत्त पडिक्कल ने सर्वाधिक ४० रन बनाए। विराट कोहली ने २८, कप्तान रजत पाटिदार ने १९, रोमारियो शेफर्ड ने १७ और भुवनेश्वर कुमार ने १५ रन जोड़े।

गुजरात की ओर से अर्शद खान ने ३.२ ओवर में २२ रन देकर ३ विकेट लिए। जेसन होल्डर और राशिद खान ने २-२ विकेट हासिल किए, जबकि मोहम्मद सिराज और कागिसो रबाडा ने १-१ विकेट लिया। इस जीत के साथ गुजरात ने ९ मैचों में १० अंक जमा कर पांचवें स्थान पर कब्जा किया है, जबकि बेंगलुरु ९ मैचों में १२ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर कायम है।

डा. शरण पाण्डे दुग्ध विकास संस्थान के महाप्रबंधक नियुक्त

कृषि तथा पशुपालन विकास मंत्रालय के सह सचिव डॉ. शरण पाण्डे को दुग्ध विकास संस्थान (डीडीसी) के महाप्रबंधक पद पर नियुक्त किया गया है। पाण्डे ने किसानों के ५० करोड़ रुपये के बकाया भुगतान को तीन महीनों के भीतर पूरा करने की योजना बनाई है। उन्होंने संस्थान को घाटे से मुक्त कर किसानों और उपभोक्ताओं के अनुकूल बनाने का संकल्प व्यक्त किया है। १७ वैशाख, काठमांडू।

कृषि मंत्री गीता चौधरी के मंत्रिस्तरीय निर्णय के तहत यह जिम्मेदारी मिलने के बाद पाण्डे ने गुरुवार को संस्थान के केंद्रीय कार्यालय जाकर पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद नव नियुक्त महाप्रबंधक पाण्डे ने कहा कि संस्थान की सबसे बड़ी समस्या किसानों के भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘मेरी पहली प्राथमिकता किसानों के बकाया भुगतान को पूरा करना है। तीन महीनों के भीतर सभी बकाया राशि का भुगतान कर आगामी दिनों में दूध खरीद के बाद १० से १५ दिनों के अंदर किसानों तक भुगतान पहुंचाने की व्यवस्था करूंगा।’

उनकी नियुक्ति के साथ ही डीडीसी के कर्मचारी संरचना में भी परिवर्तन हुआ है। प्रारंभ में अतिरिक्त महाप्रबंधक रहे संजीव झा संस्थान के आठवें स्तर पर लौट गए हैं। इसी प्रकार, पूर्व में मंत्रालय में कार्यरत राजेंद्र अधिकारी फिर से संस्थान के उप महाप्रबंधक (डीजीएम) बने हैं। पशुपालन तथा मत्स्य विकास महाशाखा प्रमुख भी रहे पाण्डे ने बिक्री केंद्र के विस्तार और उत्पाद की गुणवत्ता सुधारकर उपभोक्ताओं का विश्वास हासिल करने का संकल्प जताया है। उन्होंने संस्थान को घाटे से मुक्त कर किसानों और उपभोक्ताओं के अनुकूल बनाने के लिए पूर्ण प्रयास करने का भरोसा दिया है।

‘सुकुम्बासी की पहचान और सुरक्षित प्रबंधन के बाद ही सार्वजनिक जमीन खाली की जाएगी’

१७ वैशाख, काठमांडू। सरकार ने बताया है कि वास्तविक सुकुम्बासी लोगों की पहचान कर उनके सुरक्षित प्रबंधन के बाद ही अतिक्रमित सार्वजनिक और सरकारी जमीनों को खाली कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। वर्षा ऋतु के शुरू होने के संदर्भ में काठमांडू उपत्यका के बागमती और इसकी सहायक नदियों के किनारे बनी जोखिमपूर्ण बस्तियों को लक्ष्य करके २०८३ वैशाख १२ से विशेष अभियान शुरू किया गया है। जनधन सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता देते हुए थापाथली, शांतिनगर, गैरीगाउँ और कागेश्वरी मनोहरा नगरपालिकाओं के गोठाटार, बुद्धचोक और मनोहरा टोला की जोखिमपूर्ण बस्तियाँ खाली कराई जा चुकी हैं।

इस संबंध में शहरी विकास मंत्री सुनील लम्साल ने स्पष्ट किया कि वर्षा ऋतु में बाढ़ के उच्च जोखिम वाले नदी किनार की इन बस्तियों को मानव सुरक्षा के दृष्टिकोण से खाली कराया गया है। मंत्री लम्साल ने बाकी क्षेत्रों में मौजूद सुकुम्बासी लोगों के मामले में कहा कि उनकी पहचान और उचित प्रबंधन योजना बनाये बिना जमीन खाली करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी और वास्तविक सुकुम्बासी परिवारों को आश्वस्त किया। यह अभियान सरकार की नीतिगत निर्णयों के अनुसार चल रहा है, उनके कथनानुसार।

पिछले वर्ष चैत्र १३ को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृत ‘‘शासकीय सुधार संबंधी एक सौ कार्यसूची’’ के बिंदु संख्या ९२ में सार्वजनिक जमीन के संरक्षण, डिजिटल अभिलेख तैयार करने और नए अतिक्रमण को कड़ाई से रोकने की व्यवस्था की गई थी। इसी नीति को लागू करने के लिए संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय ने इसी वैशाख १७ को पूरे देश के सभी स्थानीय तहों को परिपत्र जारी किया है। स्थानीय सरकार सञ्चालन अधिनियम, २०७४ के अनुसार स्थानीय तहों की मुख्य जिम्मेदारी है अपने क्षेत्र की सार्वजनिक संपदा का संरक्षण, इसलिए मंत्रालय ने संबंधित पालिका को सुकुम्बासी की पहचान और सुरक्षित प्रबंधन के ठोस योजना बनाने का निर्देश दिया है।

प्रबंधन प्रक्रिया में उनके आधारभूत मानवाधिकारों के संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है। सुकुम्बासी प्रबंधन के दौरान सुरक्षित आवास, स्वास्थ्य उपचार, पौष्टिक आहार, गोपनीयता संरक्षण तथा महिला और विकलांगजन मैत्री आवास और सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय तहों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल ने कहा कि सरकार सुकुम्बासी की पहचान और प्रबंधन के बाद ही सरकारी जमीन खाली करने की योजना में दृढ़ है और यह कार्य संवेदनशील होने के कारण स्थानीय तहों को जिम्मेदार एवं मानवतावादी भूमिका निभाने की आवश्यकता है।

इस विषय में और स्पष्टता देते हुए गृह मंत्रालय ने सभी जिला प्रशासन कार्यालयों को परिपत्र जारी किया है। मंत्रालय ने कहा है कि स्थानीय तह ही सुकुम्बासी की पहचान और प्रबंधन योजना बनाएंगे और अतिक्रमण हटाने के दौरान स्थानीय जनता को पूर्व सूचना दे कर जागरूक किया जाएगा। आवश्यक होने पर ही जिला प्रशासन सुरक्षा प्रबंध करेगा, यह गृह मंत्रालय द्वारा स्पष्ट किया गया है। सरकार सार्वजनिक संपदा के संरक्षण और वास्तविक सुकुम्बासी के सम्मानजनक पुनःस्थापन दोनों कार्यों को संतुलित और मानवीय ढंग से आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री वलेंद्र शाह के प्रेस और अनुसंधान विज्ञ दीपा दाहाल ने कहा, ‘सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर बसे वास्तविक सुकुम्बासी चिंता करने की कोई वजह नहीं है। उनकी सुरक्षित और सम्मानजनक व्यवस्था के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।’

न्यु डायमन्डले नेपाल पुलिसलाई पाँच सेटको रोमाञ्चक खेलमा पराजित गर्‍याे

न्यु डायमन्ड युथ स्पोर्ट्स क्लबले रेडबुल दशैं पीएम कप एनभीए महिला भलिबल लिग २०८३ अन्तर्गत नेपाल पुलिस क्लबलाई ३-२ सेटको नतिजामा पराजित गरेको छ। दुबै टिमले लगातार चार खेलेर फाइनलमा स्थान सुरक्षित गरेका छन् र शनिबार उपाधि争का लागि आमने सामने हुनेछन्। पाँच सेटसम्म चलेको रोमाञ्चक खेलमा न्यु डायमन्डले निर्णायक सेट १५-१३ को अंकले जित हात पार्न सफल भयो।

१७ वैशाख, काठमाडौं। रेडबुल दशैं पीएम कप एनभीए महिला तथा पुरुष भलिबल लिग २०८३ अन्तर्गत महिला तर्फको लिग चरणको अन्तिम खेलमा न्यु डायमन्ड युथ स्पोर्ट्स क्लबले नेपाल पुलिस क्लबलाई ३-२ सेटमा पराजित गरेको छ। दुबै टिमले पहिले नै चार खेल लगातार जित्दै फाइनलमा प्रवेश गरिसकेका थिए। बिहीबार सम्पन्न यो खेल अत्यन्त प्रतिस्पर्धात्मक र रोमाञ्चक रह्यो जिसमें न्यु डायमन्ड विजेता घोषित भयो।

न्यु डायमन्डले दोस्रो सेटलाई २५-१९ को अंकले जितेर खेलमा अग्रता लिएको थियो। त्यसपछि पुलिसले लगातार दुई सेट २५-२२ र २५-११ को अन्तरले जितेर २-१ को अग्रता बनाएको थियो। तर पुलिसको अग्रता धेरै समय टिक्न सकेन। न्यु डायमन्डले चौथो सेट २५-१५ ले जितेर खेललाई २-२ बराबर बनायो र निर्णायक पाँचौं सेट १५-१३ को अंकले जित्दै विजयी भयो। अब यी दुई टोलीहरूबीच शनिबार फाइनलमा उपाधिका लागि भिडन्त हुनेछ।