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लेखक: space4knews

ट्रम्प के १७ महीनों के कार्यकाल में अमेरिका से निकाले गए 4,600 से अधिक भारतीय नागरिक

२३ जेठ, काठमाडौं । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के १७ महीनों के कार्यकाल में कई भारतीय नागरिकों को अमेरिका से निर्वासित किए जाने के तथ्य सामने आए हैं। ट्रम्प प्रशासन के दौरान इन १७ महीनों में ४,६०० से अधिक भारतीय नागरिकों को अमेरिका से वापस भेजा गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष २०२६ तक १,०७६ भारतीय नागरिकों को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया है।

इसी प्रकार, वर्ष २०२५ में कुल ३,५६७ भारतीय नागरिकों को अमेरिका द्वारा देशनिकाला किया गया था। ट्रम्प प्रशासन ने आप्रवास को एक प्रमुख और संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा के रूप में उठाया था। भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि गैरकानूनी रूप से विदेश में बसे अपने नागरिकों को लौटाना हर देश की जिम्मेदारी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया संबंधित व्यक्ति की राष्ट्रीयता की पुष्टि के बाद ही लागू होती है।

भारत ने इस संबंध में कहा है कि “यह केवल भारत की नीति नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सर्वसम्मति प्राप्त सिद्धांत है” और इसी तर्क से अपनी स्थिति का बचाव किया है। अमेरिका उन व्यक्तियों को देशनिकाला करता है जो गैरकानूनी रूप से अमेरिका में प्रवेश कर चुके हैं, जिनकी वीजा अवधि समाप्त हो चुकी है पर वे वहां रह रहे हैं या जिनके पास वैाध दस्तावेज नहीं हैं। भारत, अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने वाले व्यक्तियों की सूचियां अपनी एजेंसियों के माध्यम से सूक्ष्म रूप से जाँची और प्रमाणीकरण किए बिना स्वीकार नहीं करता।

नाचो, नेपाल, नाचो!

समाचार सारांश

  • देश के पूर्व शासक और स्वयं को मुख्य शक्ति मानने वाले राजनीतिक नेता आज न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर अपने अस्तित्व की रक्षा में संघर्षरत हैं।
  • परिवर्तन और नई आशाओं के साथ उभरे नए नेतृत्व ने उम्मीदें जगाई हैं, लेकिन इससे उत्पन्न हो सकने वाले और जोखिमों को लेकर चिंता भी बढ़ी है।
  • बार-बार बदलते सत्ता समीकरण और अस्थिर लोकतंत्र के बीच सामान्य नागरिक अपनी दिनचर्या में व्यस्त हैं।

नाचो, नेपाल, नाचो-

अब वह पुराने मादल की ताल पर नहीं,

बल्कि हवा में फैल रही हलचल की ताल पर।

चौराहों में भाषणों के जंगली झाड़ फैले हुए हैं,

जहाँ कभी

देश का गौरव माना जाने वाला ‘सुनहरा सिंहासन’

इतिहास की धूल में दबी हुई है।

आज का काठमांडू

जुए के अंतिम दांव में जीत हासिल करने वाला उन्मत्त खिलाड़ी जैसा है-

आंखों में रहस्यमय चमक,

होंठों पर कांपती मुस्कान।

कल तक सायरन की आवाज़ में सोने वाले चेहरे

आज अपने ही बिस्तर की परछाईं देखकर डर जाते हैं।

चाय की दुकानों पर

देश की कड़वी किस्मत उबल रही है।

कहीं नाई की दूकान पर

कल की रूपरेखा बनाई जा रही है,

कहीं पहियों से जर्जर सड़कों पर

क्रांति के भटकते ज्योतिष नए ग्रहों की भविष्यवाणी कर रहे हैं।

चाय की भाप के बीच चेहरा छिपाकर खुशी मनाते हुए

कोई कहता है-

‘देश को परिवर्तन के ऐतिहासिक मोड़ पर ले आए हैं।’

दूसरा

रोकने की कोशिश करते-करते आधा बुझा हुआ धुआं छोड़कर कहता है-

‘यहाँ बकवास की बार-बार भ्रूणहत्या होती है।’

सवेरे ही दरवाजे पर अखबार बिछ जाते हैं-

नींद उड़ा देने वाले छापामार की तरह।

वही लोग जो कल धड़कते दिल से

देश के ‘मिओ’ होने की घोषणा करते थे,

आज अदालत की गलियों में अपने नाम का अर्थ खोज रहे हैं।

एक जीर्ण-शीर्ण खिड़की से फीकी रोशनी में

एक पूर्व शासक अकेले बैठे हैं।

वह अब समझ रहे हैं-

सत्ता तो बस वैशाख की धूप में

ओस की बूंदों में भीगी माला है।

रंगीन फोन सन्नाटे में हैं,

दल की सायरनें थकी हुई हैं,

और अंगरक्षकों तक

अपनी ही परछाईं से डरने लगे हैं।

सड़कें तालियाँ बजा रही हैं,

और एक सूखा हुआ पीपल गिर रहा है-

धूल के बादल उठाते हुए,

हाथों में लटके झुंडों को डराते हुए,

आकाश में एक क्षणिक खाली जगह बना रहा है।

लेकिन जड़ों को अच्छी तरह पता है-

एक बूढ़ा पेड़ गिरता है

तो जंगल की कहानी खत्म नहीं होती!

मिट्टी में सनी मिट्टी में

नए नायक मशाल लेकर दौड़ रहे हैं।

उनकी आँखों में

इस शहर को साफ करने का सपना है,

लेकिन वे भूल जाते हैं-

सपने कभी-कभी

पूरा शहर जलाकर राख भी कर देते हैं।

आज न्याय और बदला

एक ही दर्पण के सामने खड़े होकर

एक-दूसरे के चेहरे देख रहे हैं।

टेलीविजन की बहसों में

गुस्सा और आक्रोश का बाजार लग रहा है,

और लोग जाड़े में कोट बदलते जैसे

अपनी आस्था का रंग बदल रहे हैं।

आज शिकार होने वाले कल के शिकारी थे।

क्या पता, कल फिर

जंगल का नियम बदल जाए।

देश एक अनंत स्क्रॉल की तरह बह रहा है-

हथकड़ी, भाषण, षड्यंत्र और उत्सव।

आजकल लोकतंत्र

मोबाइल की स्क्रीन की तरह

बार-बार ‘स्लीप मोड’ में चला जाता है।

जिसे जीवित रखने के लिए हर पल

किसी न किसी को ‘रिफ्रेश’ करना पड़ता है।

दूर-दराज के पहाड़ों के एकांत आँगन में

एक बूढ़ा किसान

रेडियो की मधुर आवाज सुनते हुए

अंधकार में हँसिया तेज़ कर रहा है।

उसने पहचाना है कि मुकुटों का उदय और पतन देखा है,

रक्त की नदियां बहती देखी हैं,

सपनों के जंगल धधक कर राख होते देखे हैं।

इसलिए वह मुस्कुराता है-

शांत, गंभीर, और निष्पक्ष।

क्योंकि उसे पता है-

यह देश कभी सीधे रास्ते पर नहीं चलता।

यह कभी तूफान की छाती पर,

कभी आग की ज़ुबान पर,

कभी अपनी ही राख पर खड़ा होकर,

फिर उठता है,

और नाचता है।

नाचो, नेपाल, नाचो!

नाचो, नेपाल, नाचो!

कक्रोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में संभावित झड़प रोकने के लिए 6 को गिरफ्तार किया गया

नई दिल्ली के जन्त्र मन्तर में कक्रोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान संभावित झड़प को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रदर्शन के समर्थकों और विरोधियों के बीच हो सकने वाले तनाव को देखते हुए पुलिस ने यह कदम संवेदनशीलता के साथ उठाया है। २२ जेठ, काठमाडौँ।

नई दिल्ली स्थित जन्त्र मन्तर में चल रहे कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान दो समूहों के बीच संभावित झड़प को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया है। आंदोलन के पक्षधर और विरोधी के बीच तनाव फैलने की सूचना मिलने पर शांति व सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने पूर्वतयारी के तौर पर इन्हें हिरासत में लिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल के पास अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे इन 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और कोई अन्य अप्रिय घटना नहीं हुई है, पुलिस ने बताया।

वैभव सूर्यवंशी पहली बार भारतीय सीनियर टीम में चुने गए, एशियन गेम्स खेलने का फैसला

15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पहली बार भारत की सीनियर क्रिकेट टीम में शामिल किए गए हैं। घोषित टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे जबकि उपकप्तानी तिलक वर्मा संभालेंगे। पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव आगामी तीन प्रतियोगिताओं के लिए टीम में नहीं हैं।

काठमांडू, 23 वैशाख। 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पहली बार भारत की सीनियर टीम में चयनित हुए हैं। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 श्रृंखला के साथ-साथ सितंबर में जापान में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स के लिए घोषित टीम में उन्हें जगह दी गई है। टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे जबकि उपकप्तान की जिम्मेदारी तिलक वर्मा को सौंपी गई है। पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव इस बार की तीनों प्रतियोगिताओं के लिए टीम में नहीं हैं।

आयरलैंड और इंग्लैंड के बीच श्रृंखला जून-जुलाई महीने में होगी जबकि एशियन गेम्स सितंबर में जापान में आयोजित होगा।

टी-20 श्रृंखला के लिए भारत की टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, सन्जु सैमसन, इशान किशन, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी।

एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, इशान किशन, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती और वैभव सूर्यवंशी।

भारतीय कम्युनिस्ट नेता भट्टाचार्य ने कक्रोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में की भागीदारी

२३ जेठ, काठमाडौं। भारत में कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में भारतीय कम्युनिस्ट नेता दीपंकर भट्टाचार्य भी शामिल हुए हैं। वे सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव हैं। भट्टाचार्य शनिवार को सीजेपी द्वारा नई दिल्ली के जन्तर मंतर में आयोजित प्रदर्शन में मौजूद थे। प्रदर्शन में एकजुटता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पेपर लीक रोकने में सरकार असफल साबित हुई है।
उन्होंने यह भी बताया कि बेरोजगारी तीव्र गति से बढ़ रही है और सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को योजनाबद्ध तरीके से ध्वस्त किया जा रहा है, जिस कारण युवाओं को आंदोलनों में उतरना पड़ रहा है। इन सभी असफलताओं के लिए सरकार को जवाब देना आवश्यक है, साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान शैक्षिक संकट की जिम्मेदारी लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल त्यागपत्र देना चाहिए। सीजेपी भी इसी मांग को लेकर शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ यह प्रदर्शन कर रही है।

दिल्ली में काकरोच की ‘हलचल’: क्या यह जेन जीन आंदोलन की शुरुआत है?

प्रदर्शनकारी

तस्वीर स्रोत, EPA/Shutterstock

प्रकाशित

पढ़ने का समय: ३ मिनट

भारत की राजधानी दिल्ली में काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को देखते हुए वहां सुरक्षा इंतजाम कड़ी कर दिए गए हैं।

मज़ाक के रूप में स्थापित भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन युवा अभियान ने पहली बार सड़क पर कदम रखा है।

अमेरिका से शनिवार सुबह दिल्ली आए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके जंतर मंतर पहुंचे हैं।

सुरक्षा कर्मी बड़ी संख्या में तैनात किए गए हैं। पत्रकार भी कई जगहों पर मौजूद हैं। बीबीसी हिंदी के अनुसार प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ रही है।

सीजेपी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के समर्थनकर्ता भी जंतर मंतर पहुँचे थे।

फीफा विश्वकप 2026 से पहले इरानी टीम को अमेरिकी वीजा मिला

अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 2026 के फीफा विश्वकप के लिए इरानी खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ को अमेरिका में प्रवेश के लिए वीजा जारी किया गया है। वीजा प्रक्रिया में देरी के कारण, इरानी टीम ने मई महीने के अंत में अपना प्रशिक्षण शिविर अमेरिका के एरिजोना से मेक्सिको स्थानांतरित कर दिया था। इसी सप्ताह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े किसी व्यक्ति को इरान की प्रतिनिधि मंडल में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 23 जेठ, काठमांडू।

अमेरिकी अधिकारियों ने घोषणा की है कि 2026 फीफा विश्वकप के लिए इरानी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को अमेरिका में प्रवेश करने के लिए आवश्यक वीजा जारी कर दिया गया है। इरान 15 जून को लॉस एंजिल्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्वकप का पहला मैच खेलेगा। उस मैच के लिए वीजा केवल 10 दिन पहले मंजूर किया गया था। अमेरिकी अधिकारियों के बयान के अनुसार, प्रतियोगिता के लिए आवश्यक खिलाड़ियों और स्टाफ को ही वीजा दिया गया है, और इस प्रक्रिया का दुरुपयोग करके आतंकवादियों को झूठे बहाने से अमेरिका प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इरान फुटबॉल महासंघ ने अब तक वीजा मंजूरी के विषय में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। संयुक्त रूप से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको द्वारा आयोजित यह विश्वकप 11 जून से शुरू होगा। यह विश्वकप पहली बार ऐसा संस्करण होगा जिसमें आयोजनकर्ता राष्ट्र युद्धरत देश की टीम का स्वागत करेगा। वीजा समस्याओं के कारण इरान ने मई महीने के अंत में अपना प्रशिक्षण शिविर एरिजोना स्थित टक्सन से मेक्सिको में स्थानांतरित किया था। इरान फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने वीजा समस्याओं के कारण यह निर्णय लेने की बात कही थी।

गत शुक्रवार तक इरानी समाचार एजेंसी फरस की रिपोर्ट के अनुसार, टीम के कुछ तकनीकी और प्रशासनिक सदस्यों को अमेरिकी वीजा नहीं मिला था। इसी सप्ताह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड से संबंधित व्यक्तियों को इरान के प्रतिनिधि मंडल में शामिल करने से मना किया था। इरानी टीम के कुछ खिलाड़ियों ने कहा है कि उन्होंने इस सैन्य संगठन के साथ अपनी अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी कर ली है।

डोजर से गिरा फलाम का पाइप दबने से मजदूर की मृत्यु

२३ जेठ, बागलुङ। ताराखोला गाउँपालिकामा निर्माणाधीन जलविद्युत् आयोजना स्थलमा कार्यरत एक मजदूर डोजर से गिरे फलाम के पाइप के दबने से अपनी जान गँवा बैठे हैं। रोल्पा जिले के सुनछहारी गाउँपालिका–३ के २० वर्षीय दिलबहादुर विक ताराखोला गाउँपालिका–५ धस्मर स्थित इस आयोजन में काम कर रहे थे।

डोजर से गिरा पाइप दबने के कारण विक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए गलकोट नगरपालिका–३, हटिया स्थित इमरजेंसी अस्पताल ले जाया गया था, जहां शनिवार दोपहर उनकी मृत्यु हो गई, जिसकी जानकारी जिला प्रहरी कार्यालय के प्रमुख फणिन्द्रप्रसाद प्रसाईं ने दी है।

डोजर चालक को नियंत्रण में लिया गया है तथा विक का शव उसी अस्पताल में रखा गया है।

–रासस

सोनाम वाङचुक ने गुलाब के फूल लेकर प्रदर्शन स्थल पर भाग लिया

२३ जेठ, काठमाडौं । शिक्षा और पर्यावरण की सक्रिय कार्यकर्ता सोनाम वाङचुक गुलाब के फूल लेकर ककरोच जनता पार्टी द्वारा नई दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन स्थल पर पहुंची हैं। वे शनिवार दोपहर नई दिल्ली स्थित जन्तर मंतर में हो रहे प्रदर्शन में शामिल हुईं। परीक्षा प्रणाली में अनियमितताएं और प्रश्नपत्र लीक होने के मामले को लेकर ककरोच जनता पार्टी वहाँ विरोध प्रदर्शन कर रही है।

इससे पहले ककरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजित दीपक भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंच चुके थे। वे भारतीय संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर की जीवनी लेकर वहाँ आए थे। अभिजित ने अन्य प्रदर्शनकारियों से पुस्तक और राष्ट्रीय ध्वज ले कर आने और पुलिस को शांति के प्रतीक के रूप में फूल स्वीकार करने का आग्रह किया था। इसी अनुरूप सोनाम वाङचुक ने भी गुलाब का फूल लेकर युवाओं और विद्यार्थियों के प्रदर्शन में भाग लेकर एकजुटता दिखाई। उनकी मौजूदगी ने प्रदर्शनकारियों के उत्साह को बढ़ाया है।

श्रेयस अय्यर भारत के नए टी–20 आई कप्तान नियुक्त

समाचार सारांश: श्रेयस अय्यर को भारत की नई टी–20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है। नव नियुक्त कप्तान अय्यर आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के साथ-साथ एशियाई खेलों में भी भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे। खराब प्रदर्शन के कारण पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव इन तीनों सीरीज के लिए टीम में चयनित नहीं हो सके। 23 ज्येष्ठ, काठमांडू। श्रेयस अय्यर को भारत का नया टी–20 आई कप्तान बनाने का निर्णय शनिवार को सम्पन्न चयन समिति की बैठक में लिया गया है। अय्यर आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड के साथ सीरीज तथा एशियाई खेलों में भारत की कप्तानी निभाएंगे, जबकि सूर्यकुमार यादव को इन प्रतियोगिताओं के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया है।

अय्यर ने पिछले वर्षों में कप्तान और बल्लेबाज दोनों के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को आईपीएल का खिताब दिलाया था और उससे पहले दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स को फाइनल तक पहुँचाने का श्रेय भी उनके नाम है।

सन् 2025 के आईपीएल में पंजाब किंग्स के कप्तान के रूप में उन्होंने उस सत्र में टीम को फाइनल तक पहुँचाया था। उस सीजन की शुरुआत में सात अनजीते मैचों के बाद भी उनकी टीम प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी। व्यक्तिगत रूप से उन्होंने आईपीएल 2025 में 604 रन और आईपीएल 2026 में 498 रन बनाए।

टी–20 विश्व कप के विजेता सूर्यकुमार यादव ने हाल ही में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। विश्व कप में उन्होंने 9 पारी में 242 रन बनाए जबकि आईपीएल 2026 में 13 मैचों में केवल 270 रन जोड़े।

एसीसी महिला प्रिमियर कप में नेपाल की निराशाजनक हार

एसीसी महिला प्रिमियर कप के तहत समूह चरण के अंतिम मैच में नेपाल को हांगकांग के हाथों ६९ रन से हार का सामना करना पड़ा है। हांगकांग द्वारा दिए गए ११० रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए नेपाल की टीम १३.३ ओवर में मात्र ४० रन पर ऑलआउट हो गई। सोनी पाख्रिन ने सर्वाधिक १२ रन बनाए जबकि रुबिना क्षेत्री ने १० रन जोड़े। अन्य खिलाड़ियों ने दोहरे अंक तक भी रन नहीं बना पाए।

हांगकांग की ओर से इकरा सहर ने ४ ओवर में ४ रन खर्च करते हुए ४ विकेट लिए। चान का और मार्यम बिबी ने २-२ विकेट हासिल किए। सियू मेइ और जोइलिन धालिवाल ने एक-एक विकेट अपने नाम किए। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए हांगकांग ने २० ओवर में ३ विकेट के नुकसान पर १०९ रन बनाए। यासमिन दसवानी ने ४२ रन की नाबाद पारी खेली। मारिको हिल ने २९ रन बनाए जबकि मारिना लाम्पलोह १८ रन बनाकर नाबाद रहीं। नेपाल की तरफ से रिया शर्मा और रुबिना क्षेत्री ने १-१ विकेट लिए।

इस हार के बावजूद नेपाल ने क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। एशिया कप चयन के लिए सेमीफाइनल में प्रवेश करना आवश्यक होगा।

रास्वपाका विभिन्न जिल्लाहरूमा अधिवेशन कहिले हुँदैछ?

२३ जेठ, काठमाडौं । राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा)ले आज र भोलि जिल्लास्तरीय अधिवेशन आयोजना गर्न लागेको छ। दुई दिनभित्र तदर्थ समिति गठन भएका जिल्लाहरूमा रास्वपाले अधिवेशन सञ्चालन गर्दैछ। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीको संगठनात्मक नीतिअनुसार केन्द्रीय समितिद्वारा निर्णयअनुसार देशभरि शनिबार र आइतबार विदाको दिनमा अधिवेशनहरू गरिँदैछन्।

पहिलो दिन, आज शनिबार, ३६ जिल्लामा अधिवेशन हुनेछ। आज कोशी प्रदेशका ८ जिल्ला—झापा, मोरङ, तेह्रथुम, ताप्लेजुङ, भोजपुर, संखुवासभा, ओखलढुङ्गा र सुनसरी, मधेश प्रदेशका २ जिल्ला—महोत्तरी र रौतहट, बागमती प्रदेशका ८ जिल्ला—दोलखा, काठमाडौं, भक्तपुर, नुवाकोट, मकवानपुर, काभ्रे, सिन्धुपाल्चोक र सिन्धुली, गण्डकी प्रदेशका ५ जिल्ला—स्याङ्जा, कास्की, पर्वत, बागलुङ र म्याग्दी, लुम्बिनी प्रदेशका ८ जिल्ला—गुल्मी, नवलपरासी, पाल्पा, कपिलवस्तु, दाङ, बाँके, बर्दिया र रोल्पा, कर्णाली प्रदेशका २ जिल्ला—कालीकोट र सल्यान, तथा सुदूरपश्चिम प्रदेशका ३ जिल्ला—बैतडी, बझाङ र दार्चुला मा अधिवेशन हुनेछ।

बाकी २९ जिल्लामा आइतबार अधिवेशन हुने छ। यसमा कोशी प्रदेशका ४ जिल्ला—उदयपुर, सोलुखुम्बु, खोटाङ र इलाम, मधेश प्रदेशका ४ जिल्ला—सिराहा, धनुषा, पर्सा र सर्लाही, बागमती प्रदेशका २ जिल्ला—चितवन र ललितपुर, गण्डकी प्रदेशका ४ जिल्ला—तनहुँ, नवलपुर, गोरखा र लमजुङ, लुम्बिनी प्रदेशका ३ जिल्ला—अर्घाखाँची, रुपन्देही र प्युठान, कर्णाली प्रदेशका ६ जिल्ला—सुर्खेत, जाजरकोट, दैलेख, रुकुम, मुगु र जुम्ला तथा सुदूरपश्चिम प्रदेशका ६ जिल्ला—अछाम, डोटी, डडेलधुरा, कैलाली, कञ्चनपुर र बाजुरा रहेका छन्। विवादका कारण बारा जिल्लाको अधिवेशन भने २६ गते हुने तय भएको छ।

रास्वपाले यसपाली प्रथम राष्ट्रिय महाधिवेशनअगाडि ७७ जिल्लामध्ये ६६ जिल्लामा अधिवेशन सम्पन्न गर्ने योजना बनाएको छ। बाँकी ११ जिल्लाको अधिवेशन राष्ट्रिय महाधिवेशनपछि क्रमिक रूपमा गरिने रास्वपाले जनाएको छ। यस्तै, जेठ २६ गतेदेखि सातै प्रदेशहरूमा अधिवेशन सुरु हुने महामन्त्री कवीन्द्र बुर्लाकोटीले जानकारी दिएका छन्।

जन्तर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन, अभिजीत दिपके भी हुए शामिल

२३ जेठ, काठमाडौं । भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली स्थित जन्तर मंतर में प्रदर्शन शुरू हुआ है। जारी इस प्रदर्शन में कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके भी शामिल हुए हैं। शिक्षा मंत्री के खिलाफ जन्तर मंतर में प्रदर्शनकारी जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रकट कर रहे हैं, उसी दौरान दिपके खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। मंत्री प्रधान के कार्यकाल में युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बताते हुए आक्रोशित प्रदर्शनकारियों की मांगों का समर्थन करने वे वहां पहुंचे हैं।

८० वर्षीय वरिष्ठ नागरिक CJP के प्रदर्शन में शामिल, सोशल मीडिया पर वायरल

२३ जेठ, काठमाडौं। दिल्ली के जन्तर मंतर में आज क्रोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन में एक ८० वर्षीय वरिष्ठ नागरिक हिस्सा लिए, जिसने सोशल मीडिया पर अचानक लोकप्रियता हासिल की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपक के नेतृत्व में युवा प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो रहे थे, तभी वह वरिष्ठ नागरिक युवाओं के बीच खड़े देखे गए। उनकी वीडियो और तस्वीरें “एक्स” सामग्री पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
युवाओं की बहुलता वाले इस आंदोलन में ८० वर्षीय वरिष्ठ नागरिक की मौजूदगी ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ता उनकी तस्वीरें साझा करते हुए ‘क्या वह भी जेनजी हैं?’ जैसे सवाल और मजाक कर रहे हैं।

पुटिन ने ज़ेलेंस्की के वार्ता प्रस्ताव को ठुकराया

२३ जेठ, काठमाडौं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुटिन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के वार्ता प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने ज़ेलेंस्की के व्यवहार की भी आलोचना की है। सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच में शुक्रवार को हुई चर्चा में पुटिन ने ज़ेलेंस्की के पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। ज़ेलेंस्की ने गुरुवार को पुटिन को युद्धविराम के लिए मिलने का आग्रह करते हुए पत्र लिखा था। उस पत्र में उन्होंने पुटिन की उम्र, रूस की आर्थिक संकट और बढ़ते सैन्य नुकसान का उल्लेख किया था। उन्होंने लिखा था, “२६ वर्ष सत्ता में रहने से उम्र का प्रभाव दिखाई देता है। समय के साथ आपकी निराशा और बढ़ेगी।”

पुटिन ने इस आलोचना का जवाब देते हुए अपने प्रति की गई टिप्पणी का विरोध किया। उन्होंने कहा, ‘मेरी उम्र पर चर्चा की गई है। कुछ विश्व नेता मुझसे कहीं अधिक उम्र के हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आप अपने काम को कितनी दक्षता से कर पाते हैं।’ पुटिन ने दावा किया कि उन्होंने वार्ता को कभी अस्वीकार नहीं किया है और कहा कि वार्ता के लिए उचित तैयारी आवश्यक है। उन्होंने पिछले वर्ष अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ हुई सहमति को वार्ता का आधार बताया, जिसके अनुसार यूक्रेन को डोनबास क्षेत्र छोड़ना होगा। लेकिन यूक्रेन ने इस सहमति का विरोध करते हुए पत्र में लिखा, ‘हमने सुना है कि अलास्का में आपको यूक्रेन और यूरोप के कुछ मुद्दे हल करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन आप समझ सकते हैं कि यूक्रेनी और यूरोपीय मामलों का निर्णय एंकोरेज में नहीं होता।’

क्रेमलिन यूक्रेन से अपने चार क्षेत्रों से सेना वापस करने का आग्रह करता रहा है। पुटिन ने दावा किया कि केवल यूक्रेन वार्ता के लिए इच्छुक है और वह केवल रूसी आक्रमण को रोकने के लिए वार्ता की मांग कर रहा है। उन्होंने अपने सैनिकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, ‘काम जारी रखें।’ पुटिन के इन बयान के बाद ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार शाम एक बयान जारी किया। बयान में उन्होंने कहा कि रूस ने फिर से युद्ध चुना है। उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से रूस ने पुनः युद्ध को अपनाया है। वे इस युद्ध को समाप्त नहीं करना चाहते। इस कमजोर प्रतिक्रिया से कई लोग निराश होंगे।’ ज़ेलेंस्की ने कहा कि अब रूस पर और आर्थिक दबाव बढ़ाने की जरूरत है। यूक्रेन रूस के युद्ध कोष को क्षति पहुँचाने के लिए उसकी तेल रिफाइनरियों को निशाना बना रहा है।