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लेखक: space4knews

नयाँ इथ्नोग्राफी लेखन पुरस्कार वितरण – Online Khabar

इथ्नोग्राफी लेखन पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न

दी ओपन इंस्टीट्यूट फॉर सोशल साइंसेज ने ‘इथ्नोग्राफी लेखन पुरस्कार’ का वितरण सफलतापूर्वक संपन्न किया है। सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में देश भर के लेखकों द्वारा प्रस्तुत उत्कृष्ट सामग्री को पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता में श्रीषा बिष्ट के लेख ‘शहरी अनौपचारिक बस्ती में विद्यालय के बाहर रहने वाले बच्चों का दैनिक जीवन संसार’ ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त करते हुए एक लाख रुपये नगद पुरस्कार हासिल किया।

इसी प्रकार, छिरिंग छोल्मो गुरुङ के “फूलमायाले कभी नहीं खोला गया दरवाजा” शीर्षक लेख ने दूसरा स्थान और युक्ता सुनुवार के “सहानुभूति के विच्छेदन के भीतर फलीभूत” शीर्षक लेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, दोनों को क्रमशः २५ हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। संस्थान ने बताया कि हर वर्ष सैंकड़ों नेपाली विद्यार्थी उच्च शिक्षा और अवसर की खोज में विदेश जाते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में मुद्रा बाहर जाती है। इसी संदर्भ में, पिछले सात वर्षों से संस्था नेपाल में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान कर रही है।

संस्था ने इस प्रयास को और मजबूत बनाने के लिए नया इथ्नोग्राफी लेखन प्रतियोगिता शुरू करने की भी घोषणा की है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. मुक्तसिं लामा ने बताया कि इस प्रकार के पुरस्कार से सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में नए बहस और अनुसंधान का वातावरण उत्पन्न होगा।

काठमांडू के विभिन्न स्थानों से पिस्तौल और नशीले पदार्थ सहित चार लोग गिरफ्तार

नशीले पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो कोटेश्वर की टीम ने काठमांडू के विभिन्न स्थानों से पिस्तौल, गोली और ट्रामाडोल सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में बूढानीलकण्ठ नगरपालिका–५ के कबीर देउला, सबीना पोड़े, संसार सितौला और ललितपुर गोदावरी नगरपालिका–११ के सुवास शाहि शामिल हैं। गिरफ्तारियों के दौरान उनके पास से एक पिस्तौल, तीन मैगजीन, चार राउंड गोलियां, दो राउंड एसएलआर गोलियां और 16,750 ट्रामाडोल टैबलेट बरामद की गई है। १८ वैशाख, काठमांडू।

नशीले पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो के प्रवक्ता एवं पुलिस उपरीक्षक दुर्गाराज रेग्मी ने बताया, “काठमांडू के विभिन्न स्थानों से हमारी टीम ने पिस्तौल एक, मैगजीन, गोली और नशीले पदार्थ ट्रामाडोल सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी जांच जारी है।” उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के पास से पुलिस ने एक पिस्तौल, तीन मैगजीन, चार राउंड उसी पिस्तौल की गोली, दो राउंड एसएलआर हथियार की गोली और नियंत्रित नशीला पदार्थ ट्रामाडोल की 16,750 टैबलेट बरामद की हैं। पुलिस गिरफ्तार किए गए लोगों के बारे में आवश्यक जांच जारी रखे हुए है।

क्षितिज भण्डारी र कृतिसरा अधिकारी राष्ट्रिय चेस विजेता

क्षितिज भण्डारी और कृतिसरा अधिकारी राष्ट्रीय शतरंज विजेता घोषित

काठमाडौं में सम्पन्न रामहरिकृष्ण स्मृति तीसरी राष्ट्रीय रैपिड और दूसरी राष्ट्रीय ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता में एफएम क्षितिज भण्डारी और कृतिसरा अधिकारी विजेता घोषित हुए हैं। क्षितिज भण्डारी ने रैपिड वर्ग में ८.५ अंक और ब्लिट्ज वर्ग में पूर्ण ९ अंक जोड़कर व्यक्तिगत रेटिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। महिला राष्ट्रीय रैपिड विजेता कृतिसरा अधिकारी ने ६ अंक जोड़ते हुए १९१० रेटिंग के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन दिखाया है।

राष्ट्रीय रैपिड प्रतियोगिता में २१३६ रेटिंग वाले क्षितिज भण्डारी ने ९ चरण की स्पर्धा में ८.५ अंक लेकर उपाधि अपने नाम की है। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से ३१.४ रेटिंग बढ़ाकर २३६० का श्रेष्ठ रेटिंग प्रदर्शन किया है। वहीं, ब्लिट्ज वर्ग में मकवानपुर के क्षितिज भण्डारी ने पूर्ण ९ अंक प्राप्त कर राष्ट्रीय विजेता घोषित हुए हैं। महिला राष्ट्रीय रैपिड वर्ग में १७५९ रेटिंग वाली कृतिसरा अधिकारी ने ६ अंक हासिल कर राष्ट्रीय विजेता बनीं।

इस मौके पर राष्ट्रीय विजेता क्षितिज भण्डारी को नगद रु. ५० हजार का पुरस्कार दिया गया है जबकि महिला विजेता कृतिसरा अधिकारी को नगद रु. १५ हजार, ट्रॉफी, पदक और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए हैं। राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में १८० खिलाड़ियों ने विभिन्न जिलों से भाग लिया, जिनमें से ५३ खिलाड़ियों ने कुल रु. ३ लाख नगद पुरस्कार विभिन्न विधाओं में जीते। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्लब अध्यक्ष गोपाल माली ने की, वहीं कार्यवाहक मेयर सुनिता डंगोल ने बुद्धिचाल को बौद्धिक खेल बताते हुए कहा कि काठमाडौं महानगरपालिका खेल के प्रचार-प्रसार में सहयोग करेगी।

म्याग्दी में पहाड़ टूटने से डोजर चालक की मौत

१८ वैशाख, म्याग्दी। म्याग्दी के रघुगंगा गाउँपालिका–१ बेग में शुक्रवार को पहाड़ टूटने से डोजर दबने की घटना में चालक की मौत हो गई है। बेग के भिजरा से भजने जाने वाले सड़क निर्माण के दौरान पहाड़ टूटने से रुइसे देउराली कन्ट्रक्सन प्रालिको डोजर दब गया था। इसी डोजर को चलाने वाले रघुगंगा गाउँपालिका–२ भगवती के ५१ वर्षीय पदम कार्की की मृत्यु होने की पुष्टि जिला प्रहरी कार्यालय ने की है। सडक मार्ग खोदने के दौरान मिट्टी के सूखे पहाड़ टूटने से डोजर और चालक दब गए थे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने करीब चार घंटे की मेहनत के बाद कार्की का शव पहाड़ से निकाला। घटना स्थल पर तैनात प्रहरी निरीक्षक सागर तिमिल्सिनाले बताया कि अन्य डोजर और बैकहोहलर बुलाकर पहाड़ में दबे कार्की का शव निकालकर परीक्षण के लिए प्रदेश अस्पताल बेनी भेजा गया है।

क्रियाशील अद्यावधिकमा संस्थापन–इतर रस्साकस्सी – Online Khabar

नेपाली कांग्रेस ने नई सदस्यता प्रणाली के तहत पुराने सदस्यता रद्द करने का निर्णय लिया

नेपाली कांग्रेस ने २५ चैत को सभी पुराने सक्रिय सदस्यताओं को रद्द कर नई सदस्यता प्रणाली के तहत अपडेट करने का निर्णय लिया है। संस्थापन के विपरीत समूह ने सदस्यता अपडेट को विधान के खिलाफ और ऐतिहासिक योद्धाओं का अपमान बताते हुए विरोध जताया है। कांग्रेस ने सदस्यता अपडेट के लिए फॉर्म भरना, फोटो लेना और कांग्रेस आईडी वितरण करने की प्रक्रिया अनिवार्य कर दी है।

१८ वैशाख, काठमाडौँ। १५वें महाधिवेशन की तैयारी के दौर में नेपाली कांग्रेस के अंदर सक्रिय सदस्यता विवाद चरम पर पहुँच गया है। नेतृत्व ने पार्टी को डिजिटलीकरण और सुदृढ़ीकरण करने के लिए नई सदस्यता प्रणाली लाने का प्रयास किया तो संस्थापन विलोम समूह ने इसे विधान विरोधी और ऐतिहासिक योद्धाओं का अपमान करार देते हुए विद्रोह का संकेत दिया। अध्यक्ष गगनकुमार थापा ने २५ चैत को मधेश प्रदेश में आयोजित प्रदेशस्तरीय चुनावी समीक्षा कार्यक्रम में सभी पुराने सक्रिय सदस्यता रद्द होने की घोषणा की और कहा कि नई प्रक्रिया से सदस्यता अपडेट करनी होगी, जिससे विवाद और तेज हो गया है।

कांग्रेस केन्द्रीय कार्यसमिति ने १४वें महाधिवेशन के सभी सक्रिय सदस्यताओं को अपडेट करने के निर्णय की जानकारी देते हुए अध्यक्ष थापाले मधेश जाकर सक्रिय सदस्यता रद्द करने की घोषणा की थी। ‘‘पूर्व केन्द्रीय समिति के निर्णय के तहत हमने नेपाली कांग्रेस पार्टी के सभी सक्रिय सदस्यता रद्द कर दी हैं,’’ मधेश प्रदेश स्तरीय निर्वाचन समीक्षा कार्यक्रम में अध्यक्ष थापाले कहा था, ‘‘सभी रद्द कर दी गई हैं। अब कोई सक्रिय सदस्यता नहीं है।’’ १०–११ चैत को हुई कांग्रेस केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक में ‘‘पार्टी सदस्यता अभिलेख अद्यावधिक संबंधी विशेष व्यवस्था एवं अभियान’’ चलाने का निर्णय लिया गया था।

बैठक के पाँचवें निर्णय में कहा गया था, ‘‘पार्टी की वर्तमान सक्रिय सदस्यता वितरण, प्रबंधन और अभिलेखीकरण प्रणाली को सुव्यवस्थित, चुस्त और सरल बनाने हेतु अब तक पार्टी में सम्मिलित सभी सक्रिय सदस्यों को नेपाली कांग्रेस विधान २०१७ (ग्यारहौ संशोधन) के अनुसार एक बार पुनः सक्रिय सदस्यता फॉर्म भर कर सदस्यता अद्यावधिक करने का यह बैठक निर्णय करती है।’’ सदस्यता अद्यावधिक के लिए वैशाख महीने भर देहात के ७४३ सभी वार्डों में एक महीने का सदस्यता अद्यावधिक विशेष अभियान (जरामा जाऊँ अभियान) संचालित करने का भी निर्णय बैठक में लिया गया था।

सरकार की 15-दिन तलब प्रणाली: कर्मचारियों के जीवन में राहत या तनाव?

सरकार ने हाल ही में कर्मचारियों की तलब 15-15 दिन में भुगतान करने की नई प्रणाली शुरू की है। पिछले चार वर्षों में कर्मचारियों की तलब में कोई ठोस वृद्धि नहीं हुई है, जिससे महंगाई ने कर्मचारियों को गरीब वर्ग में धकेल दिया है। लेखक ने तलब वृद्धि, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं, तथा भ्रष्टाचार नियंत्रण के लिए कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है। देश की प्रशासनिक संरचना में कर्मचारी प्रणाली को राज्य संचालन की मेरुदंड माना जाता है। नीति निर्माण से लेकर सेवा प्रवाह तक सब कुछ कर्मचारियों की जिम्मेदारी होती है। लेकिन दुःख की बात है कि वही मेरुदंड आज आर्थिक अभाव और महंगाई के तेज दबाव में दबा हुआ है।

हाल ही में सरकार ने 15-15 दिन में तलब भुगतान करने की नई प्रणाली की शुरुआत की है। सुनने में यह प्रबंधन आधुनिक और आकर्षक लगता है, लेकिन क्या यह कर्मचारियों के जीवन में वास्तविक राहत लाएगा या केवल एक प्रशासनिक प्रयोग बनकर रह जाएगा? यह आज एक गंभीर बहस का विषय है। पिछले दशकों में नेपाल में गठबंधन सरकारें बनी थीं। एमाले, कांग्रेस और माओवादी नेतृत्व वाली सरकारों ने लगभग हर दो वर्षों में बजट के माध्यम से 10-15 प्रतिशत तक तलब वृद्धि की थी, जो एक नियमित प्रक्रिया के रूप में स्थापित हो गई थी। लेकिन पिछले चार वर्षों से कर्मचारियों की तलब में कोई ठोस वृद्धि नहीं हुई है।

15-दिन की तलब प्रणाली से कर्मचारियों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह प्रश्न उठ रहा है। 15 दिन में मिलने वाली 50 प्रतिशत तलब एक कर्मचारी की किन-किन आवश्यकताओं को पूरा कर सकेगी? घर का किराया, बैंक की किस्तें, बच्चों के महंगे स्कूल और ट्यूशन फीस जैसे खर्च काफी बड़े होते हैं। आधी तलब से सिर्फ गैस और सामान्य घरेलू खाद्य पदार्थ खरीदे जा सकते हैं। बाकी 15 दिनों की जरूरतें कैसे पूरी होंगी? यह व्यवस्था कर्मचारियों को और अधिक मानसिक तनाव में डाल रही है।

भ्रष्टाचार नियंत्रण और सुशासन की बातें आजकल फैशन की तरह हो गई हैं। जब राज्य अपने कर्मचारियों को ‘सम्मानजनक जीवन’ जीने के लिए पर्याप्त वेतन नहीं देता, तब कर्मचारी वैकल्पिक और गैरकानूनी रास्ते खोजने के लिए मजबूर होते हैं। नेपाल में स्थिति उल्टी है। सरकार सुशासन का नारा लगाती है, मगर कर्मचारियों को भुखा रखकर ईमानदारी की उम्मीद करती है। 15 दिन में तलब देने का निर्णय केवल एक तकनीकी सुधार है। लेकिन नेपाल के कर्मचारी तंत्र को केवल तकनीकी सुधार ही नहीं, आर्थिक न्याय और सम्मान की आवश्यकता है।

(लेखक शाही करनाली प्रदेश डोल्पा में कार्यरत एक निजामती कर्मचारी हैं।)

नेपाल ने यूएई को रोमांचक जीत से हराया

आज नेपाल ने यूएई को ६ रन के रोमांचक अंतर से हराते हुए महत्वपूर्ण जीत हासिल की। आईसीसी विश्वकप क्रिकेट लीग-२ के तहत, दीपेन्द्रसिंह ऐरी ने ९४ गेंदों में १०० रन बनाकर जीत में अहम भूमिका निभाई। नेपाल ने ५० ओवर में ७ विकेट खोकर २८९ रन बनाए जबकि यूएई को वर्षा के कारण डीएल मेथड के तहत ३८ ओवर में २५५ रन का लक्ष्य मिला, जिसमें उन्होंने ८ विकेट खोकर केवल २४८ रन ही बना सके।

१८ वैशाख, काठमांडू। नेपाल आईसीसी विश्वकप क्रिकेट लीग-२ के घरेलू मैदान त्रिभुवन क्रिकेट मैदान में यूएई के खिलाफ खेल रहा है। यूएई की ओर से मोहम्मद शाहदाद ने सबसे अधिक ६५ रन बनाए, लेकिन यह जीत के लिए पर्याप्त नहीं था। शाहदाद ने हर्पित सिंह के साथ तीसरे विकेट के लिए ८० रन की साझेदारी की, जिसमें सिंह ने ४१ रन जोड़े। अन्य खिलाड़ियों में आर्यशं शर्मा ने ३३, अदीब उसमानी १४, मोहम्मद जुहैब १ और कप्तान मोहम्मद वासिम बिना कोई रन बनाए आउट हुए।

खैजइमा विन तन्विर ने २६ गेंदों में ४९ रन बनाए जबकि अक्षदीप नाथ ३२ गेंदों में २६ रन बनाकर नाबाद रहे। गेंदबाजी में नेपाल के संदीप लाछिमाने ने ३ विकेट लिए, सोमपाल कामी और नंदन यादव ने दो-दो विकेट चटकाए।

पहले बैटिंग करते हुए नेपाल ने टॉस जीतकर निर्धारित ५० ओवर में ७ विकेट के नुकसान पर २८९ रन बनाए। उपकप्तान दीपेन्द्रसिंह ऐरी ने शानदार शतक जड़ा, ९४ गेंदों में 13 चौके और एक छक्का लगाया। चार साल बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले विनोद भंडारी ने अपने पहले मैच में ५६ रन जोड़े। गुलसन झा ने ४४, ओपनर अर्जुन कुमाल ने ११, कप्तान रोहित पौडेल ने ३९, भीम सार्की कोई रन नहीं बनाया, आरिफ शेख ने ११ रन बनाए और सोमपाल कामी ० रन पर नाबाद रहे।

यूएई के गेंदबाजों में अजय कुमार और जुनैद सिद्दीकी ने समान रूप से दो-दो विकेट लिए, जबकि हैदर अली और खैजइमा विन तन्विर ने एक-एक विकेट चटकाए। अब नेपाल अपनी चौथी मैच मंगलवार को ओमान के खिलाफ खेलेगा।

७२ वर्षीया पम्फाको चित्कार- सरकार ! म कता जाऊँ ? – Online Khabar

७२ वर्षीय पम्फाको मर्मांतक आवाज — सरकार! मैं कहाँ जाऊँ, कैसे जाऊँ?

गोठाटार सुकुमबासी बस्ती में पुलिस प्रशासन ने सुबह माइकिंग कर बस्ती खाली करने का आदेश दिया है। ७२ वर्षीय पम्फा दमाई, जो पिछले १३ वर्षों से इसी झोपड़ी में रहती हैं, तबादले के आदेश के बाद गहरी चिंता में हैं। पम्फा ने अपने जीवन संघर्ष और परिवार की स्थिति बताते हुए मदद के इंतजार में हैं। १८ वैशाख, काठमाडौं। पुलिस प्रशासन ने सुबह माइकिग कर घोषणा की, ‘बस्ती खाली कर दो।’ गोठाटार (लव डाँडा) के सुकुमबासी बस्ती की ७२ वर्षीय पम्फा दमाई दुविधा में पड़ गईं। ‘मेरी सुनवाई कम हुई है। खाली करने को कहा गया है,’ एक पड़ोसी ने उन्हें जानकारी दी। घर-ठिकाना खाली करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। कुछ लोग अपनी छतें उतारने लगे, कुछ नये आवास की खोज में निकल पड़े। कुछ पोका-पुतुरा की तैयारी में लगे। लेकिन पम्फा की झोपड़ी केवल एक कच्चा शेड था, चारों ओर जस्ते की चादरों से घिरा हुआ। ‘कल की बारिश में कपड़े भीग गए,’ पम्फा ने बताया। वह कपड़ों को दरवाजे के बाहर सुखाने के लिए रखती हैं। सूखने के लिए अच्छा स्थान भी नहीं है। उनके पास केवल जरूरी सामान ही है। पम्फा पिछले १३ सालों से इसी झोपड़ी में रहती हैं। ‘अन्य लोग कमरे की तलाश कर रहे हैं, लेकिन मैं कहीं नहीं गई और न ही जा सकती हूँ। किराए पर घर लेने के लिए पैसा नहीं है,’ उन्होंने अपनी पीड़ा साझा की। पम्फा कपड़े सिलाने और चूल्हा जलाने का काम करती हैं। ‘मेरे पास सिलाई मशीन है और अभी भी काम कर सकती हूँ। अगर काम नहीं किया तो कौन खायेगा?’ वह थकी नहीं हैं। लेकिन झोपड़ी खाली करने का आदेश मिलने के बाद वह कहां जाएंगी, इस चिंता में हैं। ‘मैं कहीं नहीं जा सकती। झोपड़ी भी नहीं गिरवाना चाहती। यदि पुलिस आने लगे तो कहीं भी ले जाएं, चली जाऊंगी,’ उन्होंने कोई विकल्प न होने की बात कही। पिछले २१ फागुन को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में उन्होंने रास्वपाका प्रत्याशी को वोट दिया था। ‘मैंने घण्टी (रास्वपाका) को मतदान किया था। अब यह मेरे साथ ऐसा कर रहा है,’ मतदाता परिचय पत्र दिखाते हुए उन्होंने अपनी शिकायत व्यक्त की। पम्फा के १६ संतान थे, लेकिन अब वह अकेली हैं। ‘१४ संतान गुजर चुकी हैं। एक बेटी और एक बेटा बाकी हैं। बेटी अगले दिन आने वाली है,’ उन्होंने बताया। उनका बेटा कूड़ा प्रबंधन में काम करता है। २०५८ साल में उन्होंने अपने पति को खो दिया था और तब से अकेलापन महसूस कर रही हैं। पम्फा का पति २०५८ साल में बीमार हुए थे। वे भक्तपुर के ठिमी के रहने वाले थे और विवाह के बाद गोठाटार आ गई थीं। उनके पास दो-तीन आना जमीन भी थी। ‘पिता की बीमारी कैंसर थी। उनके इलाज और बच्चों की पालन-पोषण में जमीन बेचनी पड़ी और कर्ज के कारण सुकुमबासी बस्ती आ गई,’ उन्होंने बताया। ‘अब मैं यहां से फिर कहां जाऊं?’ पड़ोसी बस्ती छोड़कर जाने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन पम्फा अकेले इसी झोपड़ी में हैं और मदद का इंतजार कर रही हैं।

रासायनिक मल वितरण में नई व्यवस्था लागू, कालाबाजारी करने वालों का लाइसेंस रद्द होगा

कृषि तथा पशुपन्छी विकास मन्त्रालय ने किसानों को रासायनिक मल सहज रूप से उपलब्ध कराने के लिए नई ‘अनुदानको मल वितरण व्यवस्थापन कार्यविधि २०८२’ लागू की है। इस कार्यविधि के तहत मल के कोटा निर्धारण से लेकर वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित करते हुए स्थानीय तहों तक कोटा वितरण की व्यवस्था की गई है। मल वितरण में अनियमितता करने वाले विक्रेताओं का प्रमाणपत्र रद्द किया जाएगा तथा पाँच स्तर की समितियाँ निगरानी और प्रबंधन करेंगी। १८ वैशाख, काठमाडौं।

किसानों को रासायनिक मल की सहज पहुँच देने के उद्देश्य से कृषि तथा पशुपन्छी विकास मन्त्रालय ने नई और कड़ी कार्यविधि जारी की है। १६ वैशाख को कृषिमन्त्री गीता चौधरी ने ‘अनुदानको मल वितरण व्यवस्थापन कार्यविधि २०८२’ के दूसरे संशोधन को मंजूरी दी। कार्यविधि लागू होने के बाद किसानों को रासायनिक मल सरलता से प्राप्त होगा और मल आपूर्ति तथा वितरण प्रणाली व्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी होगी, ऐसी उम्मीद जताई गई है।

कार्यविधि के पूर्ण रूप से लागू होने से कृषि उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि के साथ ही देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, जिससे समग्र आर्थिक समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा, मन्त्रालय का यह विश्वास है। अब सरकार लागत सहभागिता के आधार पर किसानों को अनुदान के तहत मल उपलब्ध कराएगी। मल वितरण प्रणाली को वैज्ञानिक बनाने के लिए मन्त्रालय ने कोटा निर्धारण हेतु स्पष्ट और गणितीय आधार तय किया है।

मल की कीमतों में हो रही कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने आयात बिंदु पर मल की कीमत निर्धारित की है। अनुदान में दी जाने वाली मल की आयात बिंदु मूल्य यूरिया के लिए प्रति किलो १४ रुपैयाँ, डीएपी के लिए ४३ रुपैयाँ एवं पोटाश के लिए प्रति किलो ३१ रुपैयाँ निर्धारित की गई है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कार्यविधि में कहा गया है, ‘‘स्थानीय तह को स्थानीय समितियों द्वारा तय की गई बिक्री कीमत को स्थानीय तह के कार्यालय और विक्रेताओं के बिक्री केंद्र पर सभी के देखने के लिए चस्पा करने की व्यवस्था करनी होगी।’’

पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र शाह एवं परिवार पोखरादे ‘छु मी चाइनीज रेस्टुरेंट’ में

१८ वैशाख, काठमाडौं। पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र शाह और उनका परिवार वर्तमान में पोखरा में हैं। पूर्वरानी कोमल राज्यलक्ष्मी देवी शाह परिवार सहित शुक्रवार को पोखराके बाराहीघाट स्थित ३१ पार्क होटल के अंदर मौजूद ‘छु मी चाइनीज रेस्टुरेंट’ में देखे गए। वे ‘छु मी’ रेस्टुरेंट में भोजन करने आए थे। उनका आगमन होटल के लिए एक विशिष्ट और गरिमामय माहौल लेकर आया, ऐसा होटल ने बताया।

‘शुक्रवार दोपहर हमारे लिए विशेष था, जब हमें पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र शाह, पूर्वरानी कोमल राज्यलक्ष्मी देवी शाह और शाही परिवार को सादर भोजन परोसने का अवसर मिला,’ होटल ने जानकारी दी। भोजन के बाद पूर्वराजा शाह ने रेस्टुरेंट की आतिथ्यता, सेवा और वातावरण की प्रशंसा की। उन्होंने पोखरा की आतिथ्य संस्कृति की तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह की सेवाएं पर्यटन क्षेत्र को और समृद्ध बनाएंगी, होटल के एक कर्मचारी ने बताया।

अंशुवरा ग्रुप के निवेश से संचालित ३१ पार्क होटल परिसर के भीतर स्थित ‘छु मी चाइनीज रेस्टुरेंट’ पोखरा में बेहतरीन चीनी भोजन के लिए जाना जाता है। स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों ने कहा कि इस प्रकार के उच्च स्तरीय भ्रमण और सकारात्मक प्रतिक्रियाएं पोखरा की छवि को और मजबूत करेंगी।

एकै परिवारका ९ जनाको दुखान्त, सपनै रह्यो अमेरिका र नयाँ घर

एक ही परिवार के 9 सदस्यों की दुःखद घटना: अमेरिका जाने के सपने और नए घर का सपना अधूरा रह गया

समाचार सारांश

  • रोल्पा के जलजला में हुई जीप दुर्घटना में 20 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हुई, जिनमें से 9 जिसी परिवार के सदस्य थे।
  • यमबहादुर और द्रोपदा जिसी दंपती, उनकी बेटी युवी और उनके पोते दिव्यन सहित 9 सदस्यों वाला परिवार पूजा-अर्चना में सहभागी होने के लिए गया था, जहां दुर्घटना घटी।
  • जिसी दंपती ने नए घर में बसने से पहले ही अपना परिवार खो दिया, जबकि उनकी बेटी युवी अमेरिका जाने की खुशी में परिवार में उत्साह था।

18 चैत, काठमांडू। कुछ ही दिनों में उनकी बेटी अमेरिका जाने की तैयारी में थी, वहीं गांव में अभी हाल ही में बना नया घर बसाने के लिए तैयारी थी।

यही खुशी मनाने और मौसम का हाल जानने के लिए घोराही उपमहानगरपालिका-15 रत्नपुर की यमबहादुर और द्रोपदा जिसी दंपती अपनी बेटी, बहू और पोतों सहित 9 सदस्यों के परिवार को लेकर घर से निकले थे।

उन्होंने शुक्रवार को पड़ने वाली चंडीपूर्णिमा के खास अवसर को चुना था। लेकिन पूर्णिमा के एक दिन पहले हुई सड़क दुर्घटना ने उनके खुशहाल जीवन पर काला बादल छा गया।

शुक्रवार को रोल्पा के जलजला में होने वाली पूजा-अर्चना में भाग लेने के लिए जिसी दंपती सहित सवार जीप रुकुमकोट से जलजला की ओर जा रही थी। 21 लोगों को ले जाने वाली यह जीप थबाङ́ गाउँपालिका-1 और 4 के पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पुलिस के प्रारंभिक जांच के अनुसार बारिश की वजह से रास्ता फिसलन भरा था, जिससे जीप दुर्घटनाग्रस्त हुई और जीप में सवार 20 लोगों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जिनमें से जिसी परिवार के 9 सदस्य भी शहीद हुए।

मौसम का हाल जानने गए परिवार पर आया हादसा

पड़ोसी और रिश्तेदार मालती थापा के अनुसार पूर्व पुलिसकर्मी यमबहादुर और उनकी पत्नी द्रोपदा घोराही-15 रत्नपुर में रहते थे। उनकी बेटी 28 वर्षीय युवी बिसी की शादी दीपक बुढाथोकी से हुई है, जो अमेरिकी ग्रीन कार्ड धारक हैं। युवी 29 वैशाख को अपने पति दीपक से मिलने अमेरिका जाने की तैयारी में थी।

जिसी परिवार के लिए दो खुशी के पल आए थे: पहली, बेटी का अमेरिका जाने का सपना; दूसरी, लंबे समय बाद नए घर में बसने की योजना।

इस खुशी को मनाने के लिए यमबहादुर पूरा परिवार लेकर दर्शन हेतु जलजला की ओर जा रहे थे। साथ ही, युवी के देवर बीमार थे, जिसकी तंदुरुस्ती की प्रार्थना के लिए भी वे वहां जा रहे थे।

यमबहादुर के घर में एकत्रित परिवार।

‘बेटी युवी अमेरिका जा रही थी, जिससे परिवार में खुशी थी,’ मालती ने कहा, ‘लेकिन अचानक पूरा परिवार शोक में डूब गया।’

यमबहादुर, द्रोपदा, उनकी बेटी युवी और उनका 10 वर्षीय पोता दिव्यन बिसी इस दुर्घटना में मारे गए। इसी परिवार की बहू तिला विष्ट जिसी और उनके दो बच्चे 7 वर्षीय जेनीस और 12 वर्षीय जनिसा की भी मौत हुई। तिला के पति गोविंद जिसी फिलहाल अमेरिका में हैं।

उनकी 25 वर्षीय बेटी एलिना जिसी और उनका 7 साल का बेटा संयोग जिसी भी इस दुर्घटना में जान गंवा बैठे। एलिना के पति फिलहाल इटली में हैं।

नए घर में बसने से पहले ही परिवार हमेशा के लिए बिछड़ गया

यमबहादुर जिसी दंपती ने घोराही के रत्नपुर में हाल ही में नया घर बनाया था। पहले वे एक छोटे घर में रहते थे। पड़ोसियों के अनुसार जिसी परिवार ने बहुत मेहनत कर यह बड़ा घर बनाया था।

कुछ ही दिनों में यह दंपती नए घर में शिफ्ट होने वाले थे, लेकिन घर बसाने से पहले ही परिवार हमेशा के लिए छिन्न-भिन्न हो गया।

पड़ोसी मालती थापा के मुताबिक जिसी परिवार पार्टी का सुखी और खुशहाल परिवार माना जाता था। उनके अधिकतर बेटे और दामाद विदेशों में थे, और बेटी भी अमेरिका जाने वाली थी, जिससे परिवार में और खुशी थी।

उन्होंने कहा, ‘कुछ दिन पहले मुस्कुराते और खुश रहते परिवार का यूं हादसे में बिछड़ जाना किसने सोचा था? इस घटना को स्वीकारना बहुत कठिन है। इस हादसे ने पूरे गांव को शोक की गिरफ्त में ले लिया है।’

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डॉलर आपूर्ति न बढ़ाने से नेपाली रुपया ऐतिहासिक कमजोर स्थिति में

भारतीय रुपया (भारु) अपने इतिहास की सबसे कमजोर स्थिति में है, और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अमेरिकी डॉलर की आपूर्ति बढ़ाने में असमर्थ रहा है। मध्यपश्चिम के संघर्ष, तेल की कीमतों में वृद्धि और अमेरिकी ब्याज दरों की बढ़ोतरी के कारण भारतीय रुपया कमजोर हुआ है। इस वजह से नेपाली रुपया भी प्रभावित हुआ है और डॉलर के मुकाबले विनिमय दर में गिरावट आई है। 18 वैशाख, काठमांडू।

आरबीआई डॉलर की आपूर्ति बढ़ाकर भारतीय रुपये की कीमत को स्थिर रखने का प्रयास करता है, लेकिन वर्तमान स्थिति में आरबीआई ने डॉलर आपूर्ति विस्तार नहीं किया है। मध्यपश्चिम के संघर्ष और वैकल्पिक अंतरराष्ट्रीय व्यापार रणनीतियों के कारण भारतीय रुपया कमजोर हुआ है। हाल ही में ब्रिक्स देशों ने डॉलर के विकल्प स्वरूप नई मुद्राओं को विकसित करने की तैयारी की है, जिसमें भारत भी सदस्य है।

शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले न केवल भारतीय रुपया, बल्कि नेपाली रुपया भी कमजोर हुआ है। नेपाल और भारत के बीच विनिमय दर प्रणाली स्थिर है, जिसके अनुसार 160 नेपाली रुपए को 100 भारतीय रुपए के बराबर माना गया है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के कमजोर होने से नेपाली रुपया भी अपने कारणों से स्वतंत्र रूप से कमजोर पड़ता है। इसी संदर्भ में, एक अमेरिकी डॉलर का विनिमय दर भारतीय रुपये में 94.88 है, जबकि नेपाली रुपये का क्रय दर 151.56 और बिक्री दर 152.16 बनी हुई है।

नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरुप्रसाद पौडेल के अनुसार, डॉलर की विनिमय दर भारतीय रुपये में परिवर्तन के कारण गणना होती है, इसलिए इसका नेपाली विनिमय दर पर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2026 में भारत से 1.1 लाख करोड़ रुपये का निकासी हुआ है और कहा, “अप्रैल माह में भारतीय रुपया 5.5 प्रतिशत कमजोर हुआ है।” उन्होंने विश्व राजनीतिक अस्थिरता के कारण निवेशकों का डॉलर में विश्वास बढ़ने तथा इस वजह से भारतीय रुपये में गिरावट आने की बात भी कही।

धनगढी के होटलों में अनैतिक गतिविधियों में लिप्त 30 व्यक्ति गिरफ्तार

18 वैशाख, धनगढी। कैलाली पुलिस ने धनगढी के विभिन्न होटलों में छापा मारकर 30 व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। होटल में अनैतिक गतिविधियां चल रही हैं, ऐसी सूचना के आधार पर जिला पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता पुलिस उप निरीक्षक (डीएसपी) योगेन्द्र तिमिल्सिना के नेतृत्व में दल ने छापा मारा।

डीएसपी तिमिल्सिना के अनुसार, अनैतिक गतिविधि में संलिप्त होने की सूचना पर धनगढी उपमहानगरपालिका-1, 3, 7 और 8 के होटलों में छापा मारा गया। इस कार्रवाई के दौरान अनैतिक कार्य में शामिल 17 महिलाएं और 13 पुरुष, कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने धनगढी के ब्लैक स्टोन कॉटेज से सात, स्मृति होटल से चार, ए एम एंड ए होटल से पांच, प्रिंस होटल से पांच, कर्णाली होटल से छह और एवरेस्ट होटल से तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। उनके विरुद्ध आगे की जांच जारी है।

संविधानले भन्छ जग्गा देऊ, भूमिहीन दलितले त कोठा पनि पाउँदैनन्

संविधान ने जमीन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है, लेकिन भूमिहीन दलितों के पास एक कक्ष तक नहीं

सरकार ने डोजर चलाकर तोड़ फोड़ की गई सुकुमवासी बस्तियों के भूमिहीन दलितों को कक्ष नहीं दिया, जिससे वे भटक रहे हैं। संविधान के अनुच्छेद ४० के अनुसार भूमिहीन दलितों को जमीन और आवास उपलब्ध कराना अनिवार्य है, लेकिन यह प्रावधान लागू नहीं हो पाया है। सरकार ने दलित समुदाय से क्षमायाचना करते हुए सुधार कार्यक्रम लागू करने की घोषणा की है। १८ वैशाख, काठमाडौँ।

“दलित होने के बावजूद किसी ने हमें कक्ष नहीं दिया। हम कहां शरण लें?” गोठाटार (लव डाँडा) की सुकुमवासी बस्ती में मिली लक्ष्मी परियार ने कहा। २२ वर्षों से त्रिपुरेश्वर स्थित सुकुमवासी बस्ती में रहने वाली लक्ष्मी ने बताया कि जब सरकार ने उनकी बस्ती में डोजर चलाया, तो वह गोठाटार पहुंच गईं। वहां वे अपनी बेटी के साथ कक्ष खोज रही थीं। बेटी का घर भी उनके लिए एक त्यागी की तरह लगा।

“सामान कबाड़ी में रखकर कक्ष ढूंढ़ रही हूं। दलित होने के कारण कक्ष नहीं मिला। बेटी की पढ़ाई है, लेकिन स्कूल जाने का मौका नहीं मिला,” उन्होंने आभार व्यक्त किया। उनका परिवार ७-८ सदस्यों का है। त्रिपुरेश्वर में भी कोई आवास नहीं मिला, यहाँ भी मदद नहीं मिली। यह सिर्फ लक्ष्मी की समस्या नहीं है। सरकार के पहले तोड़ी गई बस्तियों के सुकुमवासी, जो कीर्तिपुर राधास्वामी सत्संग व्यास आश्रम में रह रहे हैं, वे भी आवास खोज रहे हैं।

“दलित और सुकुमवासी होने के नाते भी हमें कक्ष नहीं दिया गया। बच्चों की पढ़ाई होती तो अच्छा होता,” तीनकुने इलाके में कक्ष नहीं मिलने पर कीर्तिपुर राधास्वामी सत्संग व्यास आश्रम आने वाली सुकुमाया विश्वकर्मा ने कहा। कक्ष नहीं मिलने के कारण वे आश्रम में आश्रय लेने को मजबूर थीं। “तीन दिनों से कक्ष नहीं मिली। एक ही कक्ष मिल जाता तो बेटे-बेटी की पढ़ाई चलती,” उन्होंने बताया।

संविधान में भूमिहीन दलितों को एक बार जमीन उपलब्ध कराने की बाध्यकारी व्यवस्था है। संविधान के अनुच्छेद २४ में छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ अधिकार निर्धारित किए गए हैं। लेकिन भूमिहीन दलित दोगुनी कठिनाई का सामना कर रहे हैं। वर्षों से रहने वाले घरों को डोजर लगा दिया गया, और दलित होने के कारण उन्हें कक्ष तक नहीं मिले। भूमि समस्या समाधान आयोग में आवेदन करने वाले ९८,५०२ परिवार भूमिहीन दलित हैं। सरकार ने १०० सरकारी सुधार कार्यक्रमों के तहत दलित समुदाय से क्षमायाचना सहित सुधार कार्यक्रम लागू करने की घोषणा की है।

क्या स्वास्थ्य और पर्यटन का सेतु बनेगा नेपाल?

समाचार सारांश

  • सरकार ने वर्ष 2027 को ‘स्वास्थ्य पर्यटन वर्ष’ घोषित किया है और इसके साथ 10 वर्षीय रणनीति तथा 5 वर्षीय कार्ययोजना के तहत स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा है।
  • रणनीति के तहत आने वाले 5 वर्षों में स्वास्थ्य-उन्मुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या 11 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य है।
  • सरकार ने काठमांडू, पोखरा, लुम्बिनी, नगरकोट समेत विभिन्न स्थानों पर एकीकृत स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है।

१८ वैशाख, काठमांडू। सरकार ने वर्ष 2027 को ‘स्वास्थ्य पर्यटन वर्ष’ घोषित किया है। इसके साथ ही देश ने 10 वर्षीय स्वास्थ्य पर्यटन रणनीति (2026-2035) और 5 वर्षीय कार्ययोजना (2026-2030) के तहत स्वास्थ्य पर्यटन को तीव्र गति से बढ़ावा देने का संकल्प लिया है।

संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, स्वास्थ्य पर्यटन के चार प्रमुख क्षेत्रों में काम करने की योजना है। ये क्षेत्र हैं स्पा और मसाज, आयुर्वेद क्लिनिक, योग और ध्यान, तथा प्राकृतिक उपचार और आध्यात्मिक गतिविधियां। मंत्रालय ने इसके लिए आचार संहिता भी तैयार की है।

मंत्रालय के सचिव मुकुंदप्रसाद निरौलाअनुसार, ‘प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि और आध्यात्मिक पक्षों का अनुपम संगम नेपाल को स्वास्थ्य पर्यटन के लिए विश्व के श्रेष्ठ गंतव्यों में से एक बनाता है।’

उनका कहना है कि नेपाल की नीतियाँ और योजनाएं पर्यटन के साथ-साथ स्वास्थ्य और आरोग्य पर्यटन को भी रणनीतिक विकास के केंद्र में रखती हैं।

लगानी बोर्ड नेपाल ने स्वास्थ्य पर्यटन को अपनी प्रमुख निवेश प्राथमिकता में रखा है। इसके तहत नई साझेदारी और नियामक ढांचे स्थापित कर इन पहलों को संस्थागत सहायता प्रदान करने की उम्मीद है। रणनीति में स्वास्थ्य और पर्यटन के बीच संबंध मजबूत करने के लिए निवेश प्रोत्साहन योजना भी तैयार की गई है।

आगामी 5 वर्षों में स्वास्थ्य-उन्मुख पर्यटकों की संख्या 11% बढ़ाने का लक्ष्य

सरकार दीर्घकालीन रणनीति के तहत अगले 5 वर्षों में स्वास्थ्य-उन्मुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का आगमन 11 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। मंत्रालय का उद्देश्य है सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ पर्यटकों को मापनीय स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना।

इससे नेपाल की गंतव्य विपणन और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि होगी। नेपाल को पर्वतारोहण, पदयात्रा और साहसिक पर्यटन के अलावा स्वास्थ्य पर्यटन का भी प्रमुख गंतव्य बनाना इसकी कार्ययोजना में शामिल है।

सन 2030 तक कम से कम 5 प्रमुख क्षेत्रों में एकीकृत स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे। 2035 तक स्वास्थ्य पर्यटन सेवाएं पर्यटक संतुष्टि को 8.5/10 या उससे अधिक पर लाने का लक्ष्य रखती हैं।

मंत्रालय के अनुसार, 2027 के अंत तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानक एवं आचार संहिता का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। 2030 तक सभी प्रमुख स्वास्थ्य आधारभूत संरचनाओं को प्रमाणित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर के अभ्यास से जोड़ा जाएगा।

इसी तरह, 2030 तक राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त कार्यक्रमों के तहत 2,000 नए स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। नई नौकरियों में कम से कम 30 प्रतिशत महिलाओं, युवाओं और स्थानीय समुदायों को समावेशित करने की योजना है।

वर्ष 2027 तक ‘आरोग्य नेपाल’ के तहत विपणन अभियान भी शुरू किया जाएगा।

रणनीति का उद्देश्य क्या है?

इस रणनीति के मुताबिक सरकार नेपाल को स्वास्थ्य गंतव्य के रूप में स्थापित करने हेतु एकीकृत स्वास्थ्य केंद्रों का नेटवर्क विकसित करने की योजना बना रही है। स्वास्थ्य पर्यटन से आर्थिक लाभ, उच्च गुणवत्ता वाले और मानकीकृत दक्ष जनशक्ति का विकास तथा प्रशिक्षण सुनिश्चित करना इसके उद्देश्य हैं।

पर्यटक की आवश्यकताओं को पूरा करने, हिमालयी सेवा केंद्रों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने और नेपाल के सामाजिक-पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हुए स्वास्थ्य पर्यटन संचालित करना भी इस योजना का उद्देश्य है।

स्वास्थ्य केंद्र कहां-कहां स्थापित होंगे?

सरकार ने ऐसी रणनीतिक स्थानों का चयन किया है जहां एकीकृत स्वास्थ्य केंद्र स्थापित कर पर्यटकों को जीवन-बदलाव के अनुभव प्रदान किए जा सकें।

काठमांडू उपत्यका को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पोखरा और अन्नपूर्ण क्षेत्र को प्रकृति-समर्पित योग राजधानी बनाया जाएगा।

लुम्बिनी को आध्यात्मिक आरोग्य धाम के रूप में विकसित किया जाएगा। पहाड़ी क्षेत्रों जैसे नगरकोट, धुलिखेल, सराङकोट आदि में इको रिजॉर्ट और सामुदायिक आरोग्य ग्राम स्थापित किए जाएंगे। उच्च हिमालयी क्षेत्रों (मनांग, मुस्ताङ) में लेक स्वास्थ्य और दुर्गम आध्यात्मिक समर्पण कार्यक्रम चलाया जाएगा।

सेवा सुविधाओं की श्रेणियां

नेपाल को एक मजबूत स्वास्थ्य पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए विभिन्न सेवा-श्रेणियां तैयार की गई हैं। इसके तहत स्वास्थ्य पदयात्रा मार्ग की गतिविधियां संचालित होंगी।

मठ ध्यान रिट्रीट, आयुर्वेद और डिटॉक्स रिट्रीट, ध्वनि और ऊर्जा उपचार यात्रा, योग सहित साहसिक पैकेज, मौसमी स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाने की योजना है।

मौसमी कार्यक्रमों में मानसूनी डिटॉक्स (असार–भाद्र), सर्दी प्रतिरक्षा कार्यक्रम (मंसिर–माघ), वसंत नवीनीकरण (फागुन–जेठ) और शरद ऋतु कृतज्ञता (असोज–कार्तिक) शामिल हैं।

पायलट प्रोजेक्ट्स में क्या किया जाएगा?

पर्यटन मंत्रालय के अनुसार विशेष पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे, जिनमें 2027 के अंत तक पोखरा या काठमांडू में अंतरराष्ट्रीय स्तर का रिट्रीट स्थापित करने के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी की जाएगी।

उस केंद्र में स्पा, ध्यान, योग और संपूर्ण उपचार पैकेज उपलब्ध होगा। लुम्बिनी में आरोग्य ग्राम विकसित किया जाएगा, जहां पर्यटकों को शांति वातावरण में ध्यान, आयुर्वेदिक उपचार, जागरूक जीवनशैली और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किए जाएंगे। बुद्ध जन्मभूमि लुम्बिनी में मठ रिट्रीट मॉडल भी स्थापित करने का योजना है।

सामुदायिक स्वामित्व वाली ईको-विलेज में ईको लॉज, योगशाला, जैविक वातावरण से लेकर पारंपरिक जड़ी-बूटी उपचार तक की सुविधाएं दी जाएंगी। यह बुटीक हिल स्टेशन आरोग्य ग्राम नगरकोट जैसे स्थानों पर बनेगा।

निवेश प्रोत्साहन योजना क्या है?

सरकार नवप्रवर्तन और निवेश आकर्षित करने के लिए आर्थिक सहायता एवं अनुदान कार्यक्रम शुरू करेगी। सार्वजनिक-निजी साझेदारी मॉडल से निवेश जुटाने पर जोर रहेगा। अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करने हेतु नीति और आधारभूत संरचना अनुकूलित करने की योजना है।

कार्यान्वयन रणनीति कैसी होगी?

2026-27: 5 से 8 प्रीमियम स्वास्थ्य सेवा सुविधाएं तैयार और 10 से 20 लाख अमेरिकी डॉलर की आय अर्जित।

2028-29: सेवाओं का विस्तार कर 1 करोड़ 20 लाख डॉलर तक आय।

2030 के बाद: परिपक्व बाजार का निर्माण, स्वास्थ्य पर्यटन में नेतृत्व, वार्षिक 2 से 3 करोड़ डॉलर की आय का लक्ष्य।

स्वास्थ्य पर्यटन के स्रोत बाजार कौन-कौन होंगे?

रणनीति के अनुसार योग प्रशिक्षक प्रशिक्षण, रिट्रीट अनुभव और दीर्घकालीन प्रवास के अवसर तलाशने वाले पर्यटक मुख्य स्रोत बाजार होंगे।

गुंबा आधारित निवास, मौन ध्यान अभ्यास और तीर्थयात्रा से जुड़े स्वास्थ्य-सांस्कृतिक गतिविधियों का अनुभव करना चाहने वाले पर्यटक भी स्रोत बाजार का हिस्सा होंगे।

आयुर्वेद, डिटॉक्स तथा प्रायोगिक सेवाओं पर आधारित स्वास्थ्य कार्यक्रमों के इच्छुक पर्यटक, पदयात्रा, राफ्टिंग, प्रकृति अन्वेषण के साथ मसाज, योग और तातोपानी आधारित स्वास्थ्य अभ्यास करने वाले पर्यटक नेपाल के स्रोत बाजार में शामिल होंगे।

स्पा और मनोरंजन स्वास्थ्य पर्यटक, कॉर्पोरेट और पारिवारिक स्वास्थ्य पर्यटक भी लक्षित बाजार में आएंगे।

देशों के अनुसार अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में मौलिक, आध्यात्मिक तथा प्रकृतिपरक स्वास्थ्य अनुभव की मांग सबसे अधिक होगी।

दूसरी प्राथमिकता में भौगोलिक निकटता और स्वास्थ्य जागरूकता वाले जापान, दक्षिण कोरिया, भारत और मध्य पूर्व के देश होंगे।

तीसरी प्राथमिकता में उच्च मूल्य के स्वास्थ्य पर्यटन में रुचि रखने वाले चीन, ब्राजील और फ्रांस जैसे देश शामिल हैं।