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लेखक: space4knews

फिलीपींस में भयंकर भूकंप, कई मकान ढह गए, कम से कम एक की मौत

फिलीपींस के मिंडानो द्वीप के पास सोमवार सुबह 7.8 मैग्नीट्यूड के जोरदार भूकंप के कारण कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई है। भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया और मलेशिया के तटीय क्षेत्रों में तीन मीटर तक ऊंचा सुनामी आने की चेतावनी जारी की गई है। भूकंप के चलते प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बंद हो गई है, और नागरिकों से तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर जाने का अनुरोध किया गया है।

25 जेठ, काठमांडू। फिलीपींस में सोमवार सुबह आए इस शक्तिशाली भूकंप से कई घर ध्वस्त हो गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भूकंप में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई है और कई लोग घायल हैं। बचाव कार्य जारी है, इसलिए क्षति का पूरा आंकड़ा अभी आना बाकी है। भूकंप के बाद कई जगहों पर बिजली व्यवस्था बाधित हो गई है।

फिलीपींस के दक्षिणी द्वीप मिंडानो के जनरल सैंटोस् शहर के तटीय क्षेत्र के करीब आज सुबह भूकंप आया। स्थानीय समयानुसार सुबह 7:37 बजे (नेपाली समय अनुसार सुबह 5:22 बजे) भूकंप हुआ। भूकंप की वास्तविक तीव्रता और गहराई को लेकर विभिन्न संस्थानों ने अलग-अलग विवरण दिए हैं।

फिलीपींस के ज्वालामुखी एवं भूकंप विज्ञान संस्थान के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.0 मैग्नीट्यूड थी और इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। जबकि अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने भूकंप की तीव्रता 7.8 मैग्नीट्यूड और गहराई 35 किलोमीटर बताई है। जर्मनी के भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र ने भी भूकंप की तीव्रता 7.8 मैग्नीट्यूड ओर गहराई 50 किलोमीटर बताई है। प्रशांत महासागर के सुनामी वार्निंग सेंटर ने फिलीपींस के कुछ तटीय इलाकों में 3 मीटर तक ऊंचे समुद्री लहरें उठने की चेतावनी दी है।

प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने का आग्रह किया है। अधिकारियों के अनुसार भूकंप के बाद लगातार आफ्टरशॉक (परकंप) भी आ रहे हैं। फिलीपींस विश्व के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यह प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां होती रहती हैं।

फिलिपींस में 7.8 तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी चेतावनी जारी

दक्षिणी फिलिपींस में सोमवार सुबह आए एक शक्तिशाली भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। इस क्षेत्र के अन्य देशों जैसे इंडोनेशिया और जापान ने भी सुनामी के खतरे को देखते हुए अलर्ट मोड सक्रिय किया है। मुख्य भूकंप के बाद कम से कम 16 परकंप रिकॉर्ड किए गए हैं। लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते हुए नजर आ रहे हैं।

रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने अधिकारियों के हवाले से कम से कम पांच लोगों की मौत की जानकारी दी है। इससे पहले पुलिस ने एक व्यक्ति के निधन की जानकारी दी थी। फिलिपींस के वल्केनोलॉजी एंड सिज्मोलॉजी इंस्टिट्यूट ने इस भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी है और इसके केंद्र बिंदु को जमीन से 10 किलोमीटर गहराई में बताया है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने कहा है कि भूकंप 7.8 तीव्रता का था और 50 किलोमीटर गहराई में हुआ। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भी 7.8 तीव्रता और 35 किलोमीटर गहराई पर भूकंप मापा है।

फिलिपींस के राष्ट्रपति ने आदेश दिया है कि “सभी सरकारी एजेंसियां तुरंत आवश्यक कदम उठाएं।” उन्होंने सुनामी से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है। USGS ने इंडोनेशिया के कुछ हिस्सों में तीन फुट तक की सुनामी आने की सूचना दी है। भूकंप का केंद्र फिलिपींस के मुख्य दक्षिणी द्वीप मिंडानाओ के जनरल सैंतोस शहर के समुद्री तट के पास था। यह द्वीप मछली पकड़ने के लिए जाना जाता है।

क्रिस्चियन एरिक्सन मैदान में बेहोश हुए, स्वास्थ्य स्थिति सामान्य

डेनमार्क के मिडफील्डर क्रिस्चियन एरिक्सन यूक्रेन के खिलाफ मैत्रीपूर्ण मैच के दौरान मैदान में बेहोश हो गए थे। उनके शरीर में स्थापित इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर डिफिब्रिलेटर (आईसीडी) ने कार्य किया, जिसके बाद वह जल्द ही होश में लौट आए। घटना के बाद यूक्रेन के खिलाफ मैच स्थगित कर दिया गया, वहीं एरिक्सन की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति सामान्य बनी हुई है।

२५ जेठ, काठमाडौं। डेनमार्क के अनुभवी मिडफील्डर क्रिस्चियन एरिक्सन यूक्रेन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मैत्रीपूर्ण मैच के दौरान अचानक मैदान में बेहोश हो गए। डेनिश फुटबॉल संघ के अनुसार, वह कुछ समय के लिए अचेत थे, लेकिन अब वे सचेत हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है। रविवार को ओडेंस में हुए इस मैच के ६५वें मिनट में ३४ वर्षीय एरिक्सन अचानक बेहोश हुए, जिसके कारण खेल रोक दिया गया था। चिकित्सकीय उपचार के बाद वह स्वयं पैदल मैदान से बाहर चले गए और इसके बाद मैच स्थगित कर दिया गया।

डेनमार्क टीम के चिकित्सक मोर्टेन बोएसन ने बताया कि एरिक्सन के शरीर में लगा आईसीडी उपकरण उम्मीद के मुताबिक काम कर रहा था। वह अल्पकालिक अचेत थे, लेकिन शीघ्र ही होश में आ गए।

एरिक्सन को वर्ष २०२१ के युरोकप में फिनलैंड के खिलाफ मैच के दौरान हृदयाघात हुआ था और वह उसी समय मैदान में बेहोश हो गए थे। इसके बाद उनके शरीर में आईसीडी उपकरण लगाए गए। इसी उपकरण की सहायता से वे वर्ष २०२२ में फिर से प्रोफेशनल फुटबॉल में लौटने में सफल हुए। पिछले सीजन में वीएफएल वुल्फ्सबर्ग से खेलते हुए एरिक्सन ने ३४ मैच खेले थे।

यूक्रेन के खिलाफ यह मैच उनके डेनमार्क के लिए १५१वें अंतरराष्ट्रीय मैच था। डेनमार्क के कप्तान पियरे-एमिल होजबर्ग ने घटना के बाद बताया कि सभी ने तेजी से प्रतिक्रिया दी और खिलाड़ी तथा स्वास्थ्य कर्मियों ने साहस दिखाया। २०२१ की तरह इस बार भी डेनमार्क और यूक्रेन के खिलाड़ी एरिक्सन के उपचार के दौरान उनके चारों ओर घेरा बनाकर सम्मान व्यक्त कर रहे थे। डेनमार्क के मुख्य कोच ब्रायन रिमर ने पुष्टि की कि एरिक्सन सुरक्षित हैं और उन्होंने टीम के खिलाड़ियों को अपने स्वास्थ्य ठीक होने का संदेश दिया है।

रास्वपा सिरहा में सहमति नहीं बनी, आज से चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी


२५ जेठ, सिराहा । राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के सिरहा जिले के प्रथम ऐतिहासिक जिला अधिवेशन में नेतृत्व चयन के लिए सहमति न बन पाने के कारण अब नए नेतृत्व का चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से चयन किया जाएगा।

निर्वाचन कार्यक्रम के तहत आज सुबह १० बजे से चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी, निर्वाचन आयोग के कार्यवाहक निर्वाचन संयोजक डॉ. इंद्रजीत महतो ने इसकी जानकारी दी है।

शनिवार सुबह ८ बजे से अधिवेशन का खुला सत्र शुरू हुआ, लेकिन नेतृत्व चयन में सहमति न बन पाने के कारण चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया, उन्होंने बताया।

उनके अनुसार, सिरहा के चारों निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि सभा सदस्य और समानुपातिक सांसद पुरुषोत्तम यादव सहित अन्य नेताओं ने कई बार सहमति बनाने का प्रयास किया, लेकिन सफल न होने के कारण चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया।

डॉ. महतो के अनुसार, चुनाव की अधिकांश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, केवल मतदाता नामावली का प्रकाशन बाकी है। सभी तैयारियाँ पूरी कर आज सुबह १० बजे से चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी।

जिला सभापति पद के लिए वर्तमान सभापति हरिप्रसाद मैनाली, युवा नेता सुभाष कुमार यादव और राम सौगारथ यादव ने अपनी उम्मेदवारी दर्ज कराई है।

उपसभापति पद के लिए इ. अरविंद कुमार राम, जीवछ यादव, नीमा कुमारी यादव और गीता शाही चुनावी मैदान में हैं। सचिव पद के लिए रमेश कुमार यादव, राजेंद्र मंडल, प्रीतोष कुमार यादव और अमित राज राई के बीच प्रतिस्पर्धा होगी।

उम्मीदवारी दर्ज होने के बाद भी सहमति बनाने के प्रयास जारी रहे, लेकिन प्रमुख पदों पर एक से अधिक उम्मीदवार होने के कारण अंततः नेतृत्व चयन चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से ही होगा।

भारतीय ‘रॉकेट महिला’ की मंगल ग्रह अभियान की साड़ी अमेरिका के संग्रहालय में प्रदर्शित

वासिंगटन स्थित स्मिथसोनियन नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम में प्रदर्शित नंदिनी हरिनाथ की साड़ी

तस्वीर स्रोत, Smithsonian’s National Air and Space Museum

तस्वीर का कैप्शन, वासिंगटन स्थित स्मिथसोनियन नेशनल एयर एंड स्पेस संग्रहालय में प्रदर्शित नंदिनी हरिनाथ की साड़ी

नंदिनी हरिनाथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में चमकदार लाल और नीले रेशमी साड़ी पहन कर आए दिन को अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन मानती हैं।

यह साड़ी वर्तमान में वाशिंगटन स्थित स्मिथसोनियन के नेशनल एयर एंड स्पेस संग्रहालय में बड़े गर्व के साथ संरक्षित है।

भारत के पहले मंगल ग्रह ऑर्बिटर मिशन, मंगलयान के उप-संचालन निदेशक नंदिनी ने यह साड़ी 1 दिसंबर 2013 को पहनी थी।

नंदिनी अक्सर भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी का प्रतिनिधित्व करते समय या किसी विशेष अवसर पर अपने पिता द्वारा दी गई रेशमी साड़ी पहनती हैं।

मिशन के सबसे महत्वपूर्ण दिन होने के कारण, यह साड़ी उनके लिए सबसे उपयुक्त विकल्प थी।

पाँच सेटों के रोमांचक फाइनल में जीतकर जेभरेभ ने पहली बार फ्रेंच ओपन की उपाधि जीत ली

समाचार सारांश

  • जर्मनी के एलेक्जेंडर जेभरेभ ने इटली के फ्लावियो कोबोली को हराकर फ्रेंच ओपन टेनिस की उपाधि जीती।
  • चौथी बार फाइनल में पहुंचे 29 वर्षीय जेभरेभ ने अपने खेल जीवन की पहली ग्रैंड स्लैम उपाधि हासिल की है।
  • साल 2023 के बाद यानिक सिनर और कार्लोस अल्काराज के अलावा जेभरेभ पहले पुरुष खिलाड़ी बने हैं जिन्होंने ग्रैंड स्लैम जीता है।

25 जेठ, काठमांडू। जर्मनी के एलेक्जेंडर जेभरेभ ने लंबे समय की प्रतीक्षा के बाद अपनी पहली ग्रैंड स्लैम उपाधि जीती है।

रविवार को खेले गए फ्रेंच ओपन पुरुष एकल फाइनल में उन्होंने इटली के फ्लावियो कोबोली को 6-1, 4-6, 6-4, 6-7 (5-7), 6-1 के शानदार पांच सेट के मैच में हराकर अपना करियर की पहली ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी अपने नाम की।

29 वर्षीय जेभरेभ के लिए यह चौथा ग्रैंड स्लैम फाइनल था। उन्होंने पहले खेले गए तीन फाइनल में हार का सामना किया था, लेकिन अंततः पेरिस में उनका अभिशाप खत्म हो गया।

दूसरे वरीयता प्राप्त जेभरेभ ने पहला सेट आसानी से जीता। लेकिन पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे दसवें वरीयता प्राप्त कोबोली ने दूसरे सेट में वापसी की और मैच में अपनी मौजूदगी जताई। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

चौथे सेट में जेभरेभ ने दबाव महसूस किया। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण डबल फॉल्ट किए और क्रैम्प की समस्या का भी सामना किया। लेकिन निर्णायक पांचवें सेट में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 3-0 की बढ़त बनाई और आखिरकार उपाधि अपने नाम की।

निर्णायक अंक जीतने के बाद जेभरेभ कोर्ट पर ही गिरकर भावुक हो गए। इस जीत के साथ वे 2023 में यानिक सिनर और कार्लोस अल्काराज के बाद ग्रैंड स्लैम जीतने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बने।

शुरुआत में सिनर के पराजित होने, अल्काराज के अनुपस्थित रहने और नोवाक जोकोविच के तीसरे राउंड में बाहर होने के कारण जेभरेभ उपाधि के प्रमुख दावेदार बने थे, और उन्होंने इस उम्मीद पर खरा उतरते हुए ताज अपने नाम किया।

रारा झील की सुंदरता: 13 तस्वीरों में

रारा झील मुगु जिले के रारा राष्ट्रीय निकुञ्ज के भीतर 2,972 मीटर की ऊंचाई पर 10.8 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है। मेलुङ्ग गाउँपालिका के अध्यक्ष हिराकुमार तामांग सहित की टीम ने रारा झील का भ्रमण किया। रारा झील क्षेत्र में आसान मार्ग, पर्यटक मित्रवत संरचना और सुव्यवस्थित पर्यटन पूर्वाधार की कमी देखी गई। मैंने स्कूल में पढ़ते समय से ही रारा झील के बारे में सुन रखा था। नेपाल की सबसे बड़ी झील मुगु जिले में है, यह तथ्य मैंने पाठ्यपुस्तक में पढ़ा था। हाजिरी जवाब प्रतियोगिताओं में भी बार-बार पूछा जाने वाला एक प्रश्न था, और मैं विश्वास के साथ इसका उत्तर देता था – ‘नेपाल की सबसे बड़ी झील रारा झील है, जो मुगु जिले में स्थित है।’ वर्षों तक किताबों के पन्नों, नक्शों और तस्वीरों में देखी रारा झील को इस बार अपनी ही आंखों से देखने का अवसर मिला। चार दिनों की लंबी और थकाऊ यात्रा के बाद जब पहली बार रारा झील मेरी आंखों के सामने खुली, उस क्षण को शब्दों में बयान करना मुश्किल था। समुद्र तल से 2,972 मीटर की ऊंचाई पर स्थित और लगभग 5.2 किलोमीटर लंबी फैली रारा सच में राजा महेन्द्र की कही बात सही लगती थी कि ‘स्वर्ग की अप्सरा’ जैसी है।

किसी नयी जगह पर पहुंचते ही मेरा पहला काम फोटो लेना होता है। लेकिन रारा के किनारे पहुंच कर मैंने कैमरे की बजाय आंखों से देखना पसंद किया। मैंने लंबे समय तक झील को गौर से निहारा। नीले आकाश की प्रतिछाया लिए शांति से फैली इस विशाल जलधारा, उसके चारों ओर हरियाली और दूरपहाड़ियों के घेरों ने मन को एकाएक शांति प्रदान की। मैं झील के किनारे पहुंचा और पानी छुआ। ठंडे पानी का स्पर्श अलग ही अनुभव था। इतना ही नहीं मैंने दोनों हाथों की हथेलियों में पानी उठाकर श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया और मन में कहा – ’सचमुच, तुम स्वर्ग की अप्सरा हो।’

रारा यात्रा में हम चार लोग थे- मेलुङ्ग गाउँपालिका के अध्यक्ष हिराकुमार तामांग, ध्रुव आचार्य, बलराम थापा और मैं। हम सब घूमने-फिरने के शौकिन थे। हमारा एकमात्र लक्ष्य था – रारा पहुंच कर उसकी सुंदरता का निकटतम अनुभव लेना। टीम के सदस्यों को रारा के बारे में कुछ न कुछ जानकारी थी, लेकिन असल रारा हमारी कल्पना से कहीं अधिक अद्भुत था। हालांकि रारा की अनुपम सुंदरता देखकर मन में एक सवाल भी उठा – क्या हम प्रकृति द्वारा दिए इस अमूल्य उपहार का सही उपयोग कर पा रहे हैं?

इतना प्रसिद्ध पर्यटन स्थल होने के बावजूद यहाँ पूर्वाधार की दृष्टि से कई कमज़ोरियां स्पष्ट थीं। मार्गों की सुविधा, पर्यटक मित्रवत संरचना, झील अवलोकन के लिए व्यवस्थित स्थान, फोटो और वीडियो लेने के लिए आकर्षक स्थान, सूचना केंद्र और अन्य सुविधाएं अपेक्षाकृत कम थीं। रारा के किनारे पहुंच कर घोड़े की सवारी और कुछ तस्वीरें लेने के अलावा पर्यटकों को लंबे समय तक आकर्षित करने वाली अन्य गतिविधियाँ कम ही देखने को मिलीं। इसलिए मन में थोड़ी खिन्नता भी हुई। ऐसी अद्भुत प्राकृतिक विरासत को विश्व के सामने और व्यापक रूप में प्रस्तुत किया जा सके तो हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। किन्तु प्रबंधन और पूर्वाधार विकास की कमी से रारा अपनी पूर्ण संभावनाओं को अभी तक प्राप्त नहीं कर सकी है, ऐसा प्रतीत होता है।

मेरे लिए दैलेख, कालिकोट, जुम्ला और मुगु सभी नये जिले थे। इन जिलों की भौगोलिक कठिनाइयाँ, वहां के जनजीवन और प्राकृतिक सुंदरता अपने आप में एक रोचक अनुभव थी। लेकिन उन सभी अनुभवों में रारा की पहली झलक सबसे यादगार रही। रारा झील केवल नेपाल की सबसे बड़ी झील ही नहीं है, बल्कि यह नेपाल की प्राकृतिक संपदा का एक अनमोल उदाहरण भी है। लगभग 10.8 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली यह झील ‘रारा राष्ट्रीय निकुञ्ज’ के अंतर्गत आती है। यहां का स्वच्छ वातावरण, दुर्लभ वन्यजीव, पक्षी और हिमालयी वनस्पतियां इस क्षेत्र को जैविक विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र बनाती हैं। मौसम के अनुसार झील के पानी का रंग बदलना, सुबह की सुनहरी रौशनी और शाम की शांत छटा किसी को भी मोहित कर देती है।

रारा से लौटते समय मेरी कैमरे में सैकड़ों तस्वीरें थीं, लेकिन मन में समाई रारा की सुंदरता उन तस्वीरों से कई गुना बड़ी थी। इसलिए आज भी मेरी आंखों के सामने रारा की नीली जलराशि स्पष्ट दिखाई देती है और मन पुनः यही कहता है, ‘रारा, तुम सचमुच स्वर्ग की अप्सरा हो।’

मार्भलेस, मनकामना और कश्यप ने अन्नपूर्ण शतरंज प्रतियोगिता की उपाधि जीती

२४ जेठ, काठमांडू। २१वीं अन्नपूर्ण शतरंज प्रतियोगिता में १३ वर्ष से ऊपर के वर्ग में मनकामना स्कूल जोरपाटी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी तरह, यू–१३ आयु वर्ग में मार्भलेस स्कूल ने शीर्ष स्थान हासिल किया। यू–११ आयु वर्ग में कश्यप एकेडमी प्रथम रहे जबकि यू–९ आयु वर्ग में आयोजक अन्नपूर्ण स्कूल ने पहला स्थान प्राप्त किया।

प्रतियोगिता में छात्राएं–९ आयु वर्ग में महालक्ष्मी एकेडमी की शुभ श्री श्रेष्ठ ने प्रथम स्थान, भानु माध्यमिक विद्यालय की इमसिका श्रेष्ठ ने द्वितीय और दीपज्योति आवासीय मावि की रितिक्का सेढाई ने तृतीय स्थान हासिल किया। छात्राएं यू–११ आयु वर्ग में फ्यूचर स्टार एकेडमी की ग्लोसी श्रेष्ठ प्रथम, कश्यप एकेडमी की प्रशंसा चौधरी द्वितीय और समृद्धि स्कूल की यशस्वी महर्जन तृतीय रहीं।

छात्राओं के यू–१३ वर्ग में मार्भलेस की निहाना श्रेष्ठ ने पहला स्थान, उसी विद्यालय की सोनालिका सराफ ने दूसरा और आयोजक अन्नपूर्ण की ओजस्वी श्रेष्ठ ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। १३ वर्ष से ऊपर की छात्रा वर्ग में त्रियोग स्कूल की परिधि खत्री पहले, मनकामना की अस्मिता दाहाल दूसरे और जिज्ञासा खनाल तीसरे स्थान पर रहीं।

विजेता टीमों और खिलाड़ीयों को काठमांडू महानगरपालिका वडा नं २७ के अध्यक्ष योगेश कुमार खड्गी, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष दिनेश श्रेष्ठ, प्रिंसिपल चंद्र प्रकाश राज भण्डारी, डॉ. सघ रत्न बज्राचार्य, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य दिल चन्द्रानन्द वैद्य और अंतरराष्ट्रीय अर्बिटर महेश्वर लाल डंगोल ने पुरस्कार वितरित किए।

रास्वपा धनकुटामा सर्वसम्मति से नया नेतृत्व चयन, भुवन थापा बने अध्यक्ष

२५ जेठ, धनकुटा । राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) धनकुटाले आफ्नो प्रथम जिल्ला अधिवेशनमा भुवन थापाको नेतृत्वमा नया जिल्ला कार्यसमिति सर्वसम्मति से चयन किया है। धनकुटा नगरपालिका-५ में स्थित कर्नर जोन होटल के सभाहाल में रविवार को सम्पन्न अधिवेशन में थापालाई अध्यक्ष चुना गया जबकि उपाध्यक्ष नारद कटुवाल, सचिव आशिष तामाङ और सहसचिव सिराज जोशी चयन किए गए हैं। कार्यसमिति के सदस्यों में फडिन्द्र थापा, प्रेमबहादुर कार्की, विमला गहतराज, मनोज खड्का और पुनम गिरी राणा शामिल हैं।

अधिवेशन ने पार्टी संगठन को पूरे जिले में और अधिक सक्रिय और मजबूत बनाने के लिए नया नेतृत्व चुना है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष थापाले पार्टी के संगठन विस्तार करने, जनसमस्या के मुद्दों को उठाने तथा सुशासन और विकास के क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने का प्रतिबद्धता व्यक्त किया है।

अध्यक्ष पद के लिए निवर्तमान सहसचिव भुवन थापा, निवर्तमान उपाध्यक्ष प्रजना राई, पिछले चुनाव में उम्मीदवार रहे दिनेश भण्डारी, शम्भु पाण्डे और मणि भुजेल ने अपनी उम्मीदवारी घोषित की थी। लेकिन इनके बीच सहमति बनाकर सर्वसम्मति से नेतृत्व चयन किया गया, ऐसा निवर्तमान अध्यक्ष बालानन्द दाहाल ने जानकारी दी है।

राष्ट्रीय फुल कॉन्टैक्ट कराते में आर्मी और एपीएफ ने समान रूप से 2-2 स्वर्ण पदक जीते

प्रथम राष्ट्रीय फुल कॉन्टैक्ट कराते प्रतियोगिता में नेपाल आर्मी और एपीएफ ने समान रूप से 2-2 स्वर्ण पदक जीते हैं। पुरुष खुला वर्ग में आर्मी के अमित महर्जन और 55 किलोग्राम से कम वजन वर्ग में भूपेन्द्रबहादुर ओली ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। महिला वर्ग में एपीएफ की अनिशा तामाङ और 50 किलोग्राम से कम वजन वर्ग में रिना माझी ने स्वर्ण पदक जीते।

24 जेठ, काठमांडू। प्रधानमंत्री की उपस्थिति में सम्पन्न इस प्रतियोगिता का आयोजन नेपाल फुल कॉन्टैक्ट कराते महासंघ द्वारा किया गया था, जिसमें पुरुष और महिला वर्गों में समान रूप से 2-2 कुल 4 स्वर्ण पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा हुई। पुरुष वर्ग में आर्मी ने दो स्वर्ण पदक जीते जबकि महिला वर्ग में एपीएफ ने दो स्वर्ण पदकों पर कब्जा किया।

त्रिपुरेश्वर के राष्ट्रीय खेलकूद परिषद् (राखेप) के कभरहल में सम्पन्न इस प्रतियोगिता में पुरुष खुला वर्ग में आर्मी के अमित महर्जन और 55 किलोग्राम से कम वजन वर्ग में भूपेन्द्रबहादुर ओली ने स्वर्ण पदक हासिल किया। महिला खुला वर्ग में एपीएफ की अनिशा तामाङ और 50 किलोग्राम से कम वजन वर्ग में एपीएफ की रिना माझी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

प्रतियोगिता के विजेताओं को राखेप के कार्यकारी समिति के पूर्व सदस्य भानबहादुर चन्द, राखेप सदस्य जगतसिंह धामी समेत अन्य ने पुरस्कृत किया। दो दिन तक चले इस प्रतियोगिता में सातों प्रदेशों, नेपाल आर्मी और एपीएफ के 125 प्रतिस्पर्धी खिलाड़ियों ने भाग लिया, आयोजन महासंघ के अध्यक्ष सूर्य बुढाथोकी ने जानकारी दी। प्रतियोगिता के चारों स्पर्धाओं के पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

भारत में नई सरकार को लेकर उत्साह: विदेश मंत्री खनाल

विदेश मंत्री शशिर खनाल ने कहा है कि भारत में रास्वपा नेतृत्व वाली नई सरकार को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्थिर सरकार के माध्यम से नेपाल और भारत के बीच विभिन्न सहयोग परियोजनाओं पर आत्मविश्वास के साथ काम किया जा सकेगा। खनाल ने कहा, ‘नई सरकार को लेकर उत्साह है और नेपाल को स्थिर सरकार मिली है।’ २४ जेठ, काठमांडू।

मंत्री खनाल ने रविवार को भारत भ्रमण पूरा कर लौटते हुए कहा कि स्थिर सरकार के माध्यम से नेपाल-भारत के बीच विभिन्न सहयोग परियोजनाओं और कार्यों को निसंकोच आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा, ‘उस स्थिर सरकार के माध्यम से नेपाल-भारत सहयोग परियोजनाओं समेत मामलों पर भरोसे के साथ काम किया जा सकता है।’

उन्होंने बताया कि रास्वपा सरकार ने भारत को विश्वास दिलाया है और कई बार सरकार परिवर्तन के कारण शुरू हुई परियोजनाओं और संवादों को पूरा करना मुश्किल था। खनाल ने कहा, ‘लेकिन वर्तमान स्थिर सरकार ने भारत को आत्मविश्वास दिया है, ऐसा मैंने महसूस किया।’

नखिपोट खुला बास्केटबल प्रतियोगिता में बूढानीलकण्ठ और ट्रेनिंग ग्राउंड की विजयी शुरुआत

ललितपुर में पांचवीं नखिपोट खुला बास्केटबल प्रतियोगिता शुरू हो गई है, जिसका उद्घाटन ललितपुर महानगरपालिका वडा १४ के अध्यक्ष अमृतजंग महत ने किया है। प्रतियोगिता में महिलाओं के पहले मैच में बूढानीलकण्ठ और ट्रेनिंग ग्राउंड ने विजयी शुरुआत की है। यह प्रतियोगिता जेठ 30 तक चलेगी, जिसमें पुरुष वर्ग में 19 और महिला वर्ग में 6 टीमें भाग ले रही हैं। २४ जेठ, काठमाडौं।

बूढानीलकण्ठ ने आईएस नेपाल को ६५–१२ के बड़े अंतर से हराते हुए महिलाओं के खेल में विजयी शुरुआत की। बूढानीलकण्ठ की जीत में प्रीति तुलाचन ने १४ अंक दिये। चारों क्वार्टर में बढ़त बनाते हुए बूढानीलकण्ठ ने क्रमशः २१–५, ११–७, १२–२ और २१–४ का स्कोर कायम रखा। इसी तरह, ट्रेनिंग ग्राउंड ने बलर्स को ७३–४१ से हराते हुए पहले क्वार्टर में १४–७ की बढ़त बनाई।

प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में पुरुष वर्ग में १९ टीमें और महिला वर्ग में ६ टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें दो टीमें ग्रामीण क्षेत्रों से भी शामिल हैं। पुरुषों का खेल नॉकआउट प्रणाली में एवं महिलाओं का खेल लीग प्लस नॉकआउट प्रणाली में होगा। पिछले वर्ष का खिताब नेपाल आर्मी और माउंटेन मुवर्स ने जीता था। पुरुष विजेता को १ लाख और उपविजेता को ५० हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया जाएगा। महिला विजेता को ५० हजार और दूसरे स्थान पर आने वाली टीम को २५ हजार रुपये नकद पुरस्कार मिलेगा।

विदेशी विश्वविद्यालय के प्राध्यापक भी त्रिभुवन विश्वविद्यालय के उपकुलपति पद के लिए प्रतियोगिता में

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा पश्चात तैयार किया गया।

  • त्रिभुवन विश्वविद्यालय के उपकुलपति पद के लिए सिफारिश समिति ने ५० उम्मीदवारों में से १० की लघु सूची प्रकाशित की है।
  • लघु सूची में पूर्व उपकुलपति से लेकर अमेरिका के ल्यूसियाना विश्वविद्यालय के प्राध्यापक भी शामिल हैं।
  • उम्मीदवारों के संबंध में २५ जेठ २०८३ तक गूगल लिंक के माध्यम से प्रतिक्रिया दी जा सकती है, समिति ने जानकारी दी है।

२४ जेठ, काठमांडू। त्रिभुवन विश्वविद्यालय के उपकुलपति पद के लिए पूर्व उपकुलपतियों से लेकर विदेशी विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक भी प्रतियोगिता में शामिल हैं। सिफारिश समिति ने शुक्रवार को १० उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्ट सार्वजनिक की।

समिति द्वारा वर्णानुक्रम में प्रकाशित लघु सूची में प्रो.डा. अमरप्रसाद यादव शामिल हैं। वे राजर्षिज्ञानक विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति रह चुके हैं। सरकार द्वारा अध्यादेश के माध्यम से सभी विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों को बर्खास्त करने के बाद वे पद से हट गए थे। अब वे त्रि.वि. उपकुलपति पद के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

प्रो.डा. कविप्रसाद पोखरेल भी शॉर्टलिस्ट में हैं। वे शिक्षाशास्त्र केंद्रीय विभाग के पूर्व प्रमुख रहे हैं। साथ ही प्रो.डा. कृष्णराज आचार्य, जो अर्थशास्त्र केंद्रीय विभाग के प्राध्यापक हैं, भी सूची में स्थान पा चुके हैं।

इसी तरह, प्रो.डा. गोविन्द सुवेदी त्रि.वि. क्याम्पस कीर्तिपुर के पूर्व प्रिंसिपल हैं। प्रो.डा. टंकनाथ धमला केंद्रीय गणित विभाग एवं कम्प्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व प्रमुख हैं। वे त्रिभुवन विश्वविद्यालय के सन् १९८९ के टॉपर और चांसलर गोल्ड मेडल प्राप्तकर्ता भी हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल के कार्यकाल में भी धमला उपकुलपति पद के लिए दौड़ में थे। सिफारिश समिति ने उपकुलपति पद के लिए तीन नाम सिफारिश किए जिसमें वे एक थे, लेकिन अंततः प्रो.डा. केशरजंग बराल उपकुलपति नियुक्त हुए।

प्रो.डा. ताराप्रसाद भुसाल अर्थशास्त्र केंद्रीय विभाग के प्राध्यापक हैं और मानविकी तथा सामाजिक विज्ञान संकाय के पूर्व सहायक डीन भी। वे वर्तमान में त्रि.वि. इन्क्युबेशन सेंटर के निदेशक भी हैं।

प्रो.डा. दुर्गादत्त पौडेल अमेरिकी ल्यूसियाना विश्वविद्यालय के प्राध्यापक हैं। इस बार विदेशी विश्वविद्यालय में कार्यरत प्राध्यापक ने भी त्रिभुवन विश्वविद्यालय के उपकुलपति पद के लिए आवेदन किया है।

प्रो.डा. नन्दबहादुर सिंह मध्यपश्चिम विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति हैं। प्रो.डा. भोला थापा काठमांडू विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति हैं जो इस बार त्रि.वि. उपकुलपति पद के लिए आवेदन किए गए हैं।

अनुसंधानकर्ता प्रो.डा. रामप्रसाद रेग्मी भौतिकशास्त्र केंद्रीय विभाग के प्राध्यापक हैं। त्रिभुवन विश्वविद्यालय के उपकुलपति पद के लिए कुल ५० लोगों ने आवेदन किया था जिनमें से १० की शॉर्टलिस्ट तैयार की गई है। सिफारिश समिति ने विशेषज्ञता के आधार पर नामों का चयन किया है।

पिछले २५ वैशाख को दस दिनों के लिए उपकुलपति पद के लिए खुला आवेदनों का आमंत्रण किया गया था। अध्यादेश द्वारा उपकुलपति पद खाली होने के बाद नया उपकुलपति नियुक्त किया जा रहा है।

उम्मीदवारों पर सार्वजनिक राय–सुझाव

अब उम्मीदवारों के संबंध में सार्वजनिक राय–सुझाव देने की व्यवस्था की गई है। समिति ने कहा है कि सोमवार तक राय–सुझाव प्रस्तुत किए जा सकते हैं। ‘लघु सूची में शामिल उम्मीदवारों के बारे में २०८३ जेठ २५ तक दिए गए गूगल लिंक के माध्यम से राय–सुझाव दिया जा सकता है, इसलिए सभी से अनुरोध है,’ सूचनामें कहा गया है।

इसके बाद उम्मीदवार प्रस्तुतीकरण और साक्षात्कार देंगे। लघु सूची के उम्मीदवारों के विश्वविद्यालय संबंधी सोच पत्र और रणनीतिक कार्ययोजना का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन एक से अधिक विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा। विशेषज्ञ टीम के सदस्यों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन सिफारिश समिति ने विशेषज्ञों की सूची तैयार कर रखी है।

उपकुलपति पद के उम्मीदवार के मूल्यांकन में शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल समेत समिति के सदस्य शामिल नहीं होंगे। केवल विशेषज्ञ टीम मूल्यांकन करेगी। समिति ने कहा है कि एक प्रक्रिया में भाग लेने वाले विशेषज्ञ दूसरी प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।

पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए समिति के सदस्य मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल नहीं किए गए हैं। मंत्री के सचिवालय के अनुसार आवेदकों को अंक केवल विशेषज्ञ ही देंगे। सभी चरण पूरे होने के बाद विशेषज्ञों के अंक के आधार पर सिफारिश समिति कुलपति को नाम भेजेगी।

 

दूसरे खुला जुडो प्रतियोगिता में प्रवीण, राजू और मोनिका ने जीते स्वर्ण पदक

दूसरे खुला जुडो प्रतियोगिता में नेपाल आर्मी के प्रवीण दियाली, राजू शर्मा और मोनिका चौधरी ने स्वर्ण पदक जीते हैं। जापान के राजदूत तोरु मेदा और आयोजक सरोज महर्जन ने विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार समेत सम्मानित किया। खुशिबुँ में आयोजित एक दिवसीय जुडो प्रतियोगिता में तीन विभागीय टीमों सहित ११ टीमों के ५२ खिलाड़ी शामिल हुए।

प्रवीण दियाली, राजू शर्मा और मोनिका चौधरी ने दूसरे खुला जुडो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया। ये तीनों स्वर्ण पदक विजेता नेपाल आर्मी के खिलाड़ी हैं। खुशिबुँ स्थित बहुउद्देश्यीय मार्शल आर्ट्स सेंटर (एमएमएसी) के हॉल में पुरुष ७३ केजी विमेन्स फाइनल में प्रवीण ने आयोजक अकादमी के सुबोध मंडल को पराजित किया। आर्मी के ताराबहादुर भुजेल और अनिल बलामी तीसरे स्थान पर रहे।

पुरुष १०० केजी विमेन्स फाइनल में राजू शर्मा ने ट्राइ फोर्स जुडो क्लब, भूटान के तन्जिन दोर्जीसँग मुकाबला करते हुए जीत हासिल की। एपीएफ के निर्दोष चलाउने और आर्मी के धिरेन्द्रकुमार थारु तीसरे स्थान पर रहे। महिला ५७ केजी विमेन्स में मोनिका ने आर्मी की पार्वती आचार्य को फाइनल में हराया। पाम जुडो क्लब की पेमा याङजी शेर्पा और एपीएफ की सुनिता थिङ ने कांस्य पदक जीता।

तीनों स्पर्धाओं में प्रथम स्थानधारी को ५ हजार, दूसरे स्थानधारी को ३ हजार और तीसरे स्थानधारी को २ हजार रुपये नकद के साथ गिफ्ट हैम्पर भी दिया गया। विजेताओं को जापान के राजदूत तोरु मेदा, आयोजक अकादमी के निर्देशक सरोज महर्जन और अन्य ने एक कार्यक्रम के तहत पुरस्कार प्रदान किए। एक दिवसीय प्रतियोगिता में तीन विभागीय टीम (आर्मी, एपीएफ और नेपाल पुलिस) और भूटान के दो क्लब सहित ११ टीमों के कुल ५२ खिलाड़ी भाग लिए, जिनकी जानकारी आयोजक अकादमी के निर्देशक महर्जन ने दी।

भारत से हुई वार्ताओं के मुख्य विषय क्या थे?

विदेश मंत्री शिशिर खनाल तीन दिवसीय भारत यात्रा पूरी कर स्वदेश लौटे हैं, जो भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के निमंत्रण पर आयोजित हुई थी। इस यात्रा के दौरान नेपाल और भारत के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा साझेदारी और अंतदेशीय डिजिटल भुगतान प्रणाली के संचालन पर सहमति और चर्चा हुई। दोनों देशों ने डिजिटल माध्यम से रेमिटेंस आदान-प्रदान के लिए अंतदेशीय भुगतान प्रणाली शुरू करने और भाषा अनुवाद प्लेटफॉर्म के सह-निर्माण पर समझौता किया है।
२४ जेठ, काठमांडू।

भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्री खनाल ने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। उक्त भेंट-वार्ता में हुई चर्चाओं के विषयों के बारे में उन्होंने त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय विमानस्थल पर संवाददाताओं को जानकारी दी। उन्होंने कहा, “दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच नेपाल और भारत के द्विपक्षीय संबंधों के सभी आयामों पर व्यापक और फलदायक चर्चा हुई।”

खनाल ने बताया कि वार्ता में व्यापार और आर्थिक सहयोग, कनेक्टिविटी, ऊर्जा साझेदारी, जलस्रोत प्रबंधन, खेलकूद आदि विषयों पर ठोस विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इसके अलावा, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

खनाल ने बताया कि बैठक के दौरान तीन संयुक्त घोषणाएं की गईं। इनमें 2030 में हस्ताक्षरित एनसीएचएल और एनपीसीआई के बीच समझौता पत्र के अंतर्गत अंतदेशीय भुगतान (पीटूपी) संचालन की सहमति भी शामिल है। इससे नेपाल और भारत के बीच डिजिटल माध्यम से रेमिटेंस का सुगम आदान-प्रदान संभव होगा। उन्होंने कहा कि भारत के विकास सहयोग से नेपाल में भूकंप के बाद पुनर्निर्मित परियोजनाओं का वर्चुअल हस्तांतरण किया गया और भाषा अनुवाद प्लेटफॉर्म की राष्ट्रीय डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के सह-निर्माण के लिए काठमांडू विश्वविद्यालय स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर और डिजिटल इंडिया के मध्य भाषाई समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।