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लेखक: space4knews

कृषि मन्त्रालय का कहना: मल की कमी नहीं, लगभग डेढ़ लाख मीट्रिक टन स्टॉक में है

५ जेठ, काठमाडौं। कृषि, वन तथा वातावरण मन्त्रालय ने अपनी मौजूदा स्टॉक में एक लाख ४४ हजार ८०३ मीट्रिक टन रासायनिक मल होने की जानकारी दी है। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में मन्त्रालय के कृषि विकास महाशाखा प्रमुख सहसचिव डा. रामकृष्ण श्रेष्ठ ने रासायनिक मल के स्टॉक से संबंधित विस्तृत विवरण प्रस्तुत किए। उन्होंने तत्काल मल की कमी नहीं होने का भी दावा किया।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण, टेंडर हो जाने के बाद भी मल समय पर उपलब्ध नहीं होने से देरी हो रही है। इस संदर्भ में, मन्त्रालय ने बताया कि ‘‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’’ में लगे अवरोध खुलते ही टेंडर के अनुसार चार लाख ९१ हजार मीट्रिक टन मल आने की उम्मीद है। इसी गतिरोध के कारण पिछले वर्ष की तुलना में मल के दामों में वृद्धि हुई है।
संघर्ष के चलते रासायनिक मल की आपूर्ति कब होगी, इसकी कोई निश्चित जानकारी न होने को देखते हुए, सहसचिव श्रेष्ठ ने किसानों से प्रांगारिक (कार्बनिक) मल का उपयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने रासायनिक मल का प्रयोग केवल सीमित न रखने और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। –रासस

९० किलो कोकिन अन्डरवेयर में छुपाकर भरे ट्रक में मिला

समाचार सारांश

समीक्षित संस्करण ।

  • किम कार्दाशियन के ‘स्किम्स’ ब्रांड के कपड़ों के अंदर छुपाकर नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले याकुब कोन्केल को १३ साल ६ महीने की जेल की सजा सुनाई गई।
  • कोन्केल ने बेल्जियम से ९० किलो कोकिन चुराकर नीदरलैंड्स के जरिए यूके लाया था और ४ सितंबर को हार्विच पोर्ट पर गिरफ्तार हुआ था।
  • न्यायाधीश ने कोन्केल की बड़ी व्यावसायिक नशीली दवा तस्करी में अहम भूमिका को देखते हुए ट्रक, नशीली दवाएं और मोबाइल फोन जब्ती कर नष्ट करने का आदेश दिया है।

५ जेठ, काठमांडू। किम कार्दाशियन के ‘स्किम्स’ ब्रांड के कपड़ों के अंदर छुपाकर नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले एक एचजीवी चालक को १३ साल ६ महीने की जेल की सजा सुनाई गई है।

४० वर्षीय याकुब कोन्केल ने बेल्जियम से नशीली दवाएं इकट्ठी कर नीदरलैंड्स होते हुए यूके तक पहुंचाईं। ४ सितंबर को एसेक्स के हार्विच इंटरनेशनल पोर्ट पर उनके ट्रक की जांच में सीमा अधिकारियों ने ९० किलो कोकिन बरामद की थी।

पोलैंड के कार्तुजीका निवासी कोन्केल ने वैध डिलीवरी के रूप में आए स्किम्स के सामान में कोकिन छुपाकर यूके में तस्करी की।

चेम्सफोर्ड क्राउन कोर्ट में सजा सुनाते समय वे भावुक हो गए। न्यायाधीश रिचर्ड विल्किन ने उन्हें बेल्जियम के एक औद्योगिक इलाके से नशीली दवाएं लेकर जाने वाले ‘इच्छुक चालक’ के रूप में बताया। उन्होंने ४,५०० यूरो के बदले ट्रक चलाकर डच पोर्ट तक पहुंचाया और वहां से यूके आए।

न्यायाधीश बोले, “इस व्यापक व्यावसायिक ऑपरेशन में आपकी भूमिका मामूली नहीं थी, बल्कि अत्यंत महत्वपूर्ण थी।”

उनके ट्रक में २८ पैलेट अंडरवियर और कपड़े देख कर संदिग्ध होने पर अधिकारियों ने पोर्ट पर एक्स-रे किया। अभियोजक जेरी हेस के अनुसार, ट्रक की पीछे वाली दरवाजे की जगह को खास तौर पर ९० पैकेट कोकिन छुपाने के लिए बदला गया था। एक मोबाइल फोन भी मिला, जो १८ घंटे बाद खुद से डिलीट हो जाता था।

कोन्केल के वकील जेम्स ग्रे का कहना है कि उनके मुव्वकिल ने गलती स्वीकार की है और जेल में अच्छा व्यवहार कर रहे हैं। नेशनल क्राइम एजेंसी के पाल ओर्चार्ड ने कहा, “संगठित अपराधी समूह ऐसे भ्रष्ट चालकों का उपयोग वैध सामान के आवरण में नशीली दवाएं तस्करी के लिए करते हैं। यह कार्रवाई न केवल नशीली दवाएं बरामद हुई है बल्कि अपराधी समूह ने एक महत्वपूर्ण सहयोगी खो दिया है।”

न्यायाधीश ने नशीली दवाओं, ट्रक और मोबाइल फोन जब्त कर नष्ट करने का आदेश दिया है। सजा पूरी होने पर कोन्केल को देश निकाला किया जाएगा। इस विषय पर टिप्पणी के लिए किम कार्दाशियन से संपर्क करने की कोशिश की गई थी।

वरिष्ठता मिचेर प्रधानन्यायाधीश सिफारिस, द्रुत सुनुवाइबाट अनुमोदन

वरिष्ठता हनन कर प्रधानन्यायाधीश की सिफारिश, त्वरित सुनवाई से अनुमोदन

संवैधानिक परिषद की सिफारिश पर डॉ. मनोजकुमार शर्मा ने ५ जेष्ठ को त्वरित संसदीय सुनवाई के बाद प्रधानन्यायाधीश पद संभाला। वरिष्ठता को दरकिनार करते हुए शर्मा की नियुक्ति से न्यायालय में मतभेद उत्पन्न हुए और संसदीय सुनवाई में आंतरिक संघर्ष की चिंता व्यक्त की गई। डॉ. शर्मा ने न्यायपालिका को पारदर्शी बनाने के लिए त्रैमासिक प्रगति विवरण जारी करने और उच्चस्तरीय अध्ययन समिति गठित करने की प्रतिबद्धता जताई। ५ जेष्ठ, काठमाडौँ।

संवैधानिक परिषद संबंधी अध्यादेश के माध्यम से सिफारिश किए गए न्यायाधीश डॉ. मनोजकुमार शर्मा मंगलवार को हुई त्वरित संसदीय सुनवाई के बाद प्रधानन्यायाधीश नियुक्त हुए। न्यायपालिका में वरिष्ठतम न्यायाधीश को प्रधानन्यायाधीश बनाने की परंपरा को तोड़ते हुए इस पद पर पहुंचने वाले शर्मा की संसदीय सुनवाई से पद ग्रहण तक की प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी हुई। उनकी सिफारिश ने न्यायालय के अंदर विभाजन को जन्म दिया है।

सुनवाई समिति में विपक्षी दल के सांसदों ने प्रश्न उठाए, “ऐसे जल्दबाजी क्यों?” समिति के सभापति बोधनारायण श्रेष्ठ ने कहा, “विशेष परिस्थिति में विशेष निर्णय लेना आवश्यक होता है।” डॉ. शर्मा के विरुद्ध १६ शिकायतें दर्ज थीं। सुनवाई की प्रक्रिया सुबह ८ बजे शुरू होकर दोपहर ४ बजे तक चली।

शाम ६:४५ बजे डॉ. शर्मा ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से शपथ ग्रहण की। इसके बाद वे सर्वोच्च अदालत पहुंचे और पद ग्रहण किया। डॉ. शर्मा ने कहा, “हमारे संविधान ने प्रधानन्यायाधीश के पद को ‘बढ़ुवा’ के रूप में नहीं बल्कि ‘नियुक्ति’ के रूप में परिभाषित किया है।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पारिवारिक संबंधों के कारण किसी को पद के लिए अयोग्य नहीं माना जा सकता। साथ ही उन्होंने न्यायालय में सुधार के लिए उच्चस्तरीय अध्ययन समिति गठित करने की प्रतिबद्धता भी जताई।

रोम में 1200 वर्ष पुरानी अंग्रेजी साहित्य की पहली कविता वाली पांडुलिपि मिली

ट्रिनिटी कॉलेज डब्लिन के शोधकर्ताओं ने रोम के राष्ट्रीय केंद्रीय पुस्तकालय में 1,200 वर्ष पुरानी ‘कोडमन्स हिम’ पांडुलिपि खोजी है। यह पांडुलिपि ओल्ड इंग्लिश भाषा में मूल लैटिन पाठ के बीच व्यवस्थित रूप से बुनी गई है और वर्ष 800 से 830 के बीच तैयार की गई थी। इसका डिजिटलीकरण होने के बाद पहचान हुई है, जिससे अंग्रेज़ी साहित्य के प्रारंभिक इतिहास में नई बहस शुरू हुई है। 5 जेठ, काठमाडौं।

अंग्रेजी साहित्य के इतिहास को नए दृष्टिकोण से समझने में एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। ट्रिनिटी कॉलेज डब्लिन के शोधकर्ताओं ने रोम में नवें शताब्दी के शुरुआती दौर की एक लुप्त पांडुलिपि मिली है, जिसमें अंग्रेज़ी भाषा की सबसे प्राचीन और पहली कविता ‘कोडमन्स हिम’ सुरक्षित है। दशकों से लुप्त रही यह 1,200 वर्ष पुरानी दस्तावेज रोम के राष्ट्रीय केंद्रीय पुस्तकालय में मिलने के बाद वैश्विक साहित्य जगत में नए विचारों को जन्म दिया है।

‘कोडमन्स हिम’ कुल 9 पंक्तियों की एक छोटी ओल्ड इंग्लिश कविता है, जिसे लगभग 1,300 वर्ष पहले रचित माना जाता है। यह कविता अंग्रेज़ी साहित्य की शुरुआत मानी जाती है। वर्ष 800 से 830 के बीच बनाई गई यह नई पांडुलिपि इस कविता की अब तक की तीसरी सबसे पुरानी प्रति है। इससे पहले कैम्ब्रिज और सेंट पीटर्सबर्ग में मिली दो पुरानी पांडुलिपियों में यह कविता मूलत: लैटिन भाषा में लिखी गई थी, और ओल्ड इंग्लिश पंक्तियां पन्ने के किनारे या अंत में जोड़ी गई थीं। लेकिन रोम में मिली इस नई पांडुलिपि में ओल्ड इंग्लिश संस्करण को मूल लैटिन पाठ के बीच सुव्यवस्थित तरीके से बुना गया है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, इससे पता चलता है कि प्रारंभिक मध्ययुगीन पाठकों ने अंग्रेज़ी कविता को अत्यंत उच्च महत्व और सम्मान दिया था। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, यह कविता उत्तर इंग्लैंड के नारेथयॉर्कशायर स्थित व्हिटबी एबे में रहने वाले कोडमन नामक एक अत्यंत शर्मीले गोठाल द्वारा रची गई थी। एक बार भोज के दौरान जब सभी को गीत या कविता प्रस्तुत करनी थी, तो लाज के कारण उन्होंने वह स्थान छोड़कर सो जाना पसंद किया। सोते समय उन्हें एक रहस्यमय आकृति दिखाई दी जिसने ब्रह्मांड की सृष्टि पर गीत गाने का आदेश दिया। जागने पर उन्होंने भगवान की प्रार्थना करते हुए संसार की सृष्टि की प्रशंसा में यह सुंदर कविता लिखी थी।

बाजुरा-हुम्ला सीमा विवाद: धनगढी के मेयर सहित ड्रोन के साथ पहुंचे दल पर झड़प

५ जेठ, धनगढी। बाजुराको हिमाली गाउँपालिका–३, लाम्पाटामा अस्थायी प्रहरी चौकी निर्माण र सीमा विवादको कारण मंगलबार बिहान झडप भएको छ, जसमा पाँच जना घाइते भएका छन्। हुम्लाको खार्पुनाथ गाउँपालिका–२ थालीका स्थानीयहरूले सीमा विवादको विरोध जनाएका थिए भने त्यस क्रममा बाजुरा हिमाली गाउँपालिका का स्थानीयहरूसँग झडप भएको थियो। जिल्ला प्रहरी कार्यालयका प्रहरी निरीक्षक नरेशबहादुर शाहीका अनुसार झडपमा पाँच जना सामान्य घाइते भएका छन्।

घाइतेहरूमा हिमाली गाउँपालिका–३ का वडा सदस्य ३४ वर्षीय पेमा गारा गुरुङ, उनकी पत्नी ३३ वर्षीया लक्ष्मी गुरुङ, २४ वर्षीया मिनु कुँवर, प्रहरी चौकी बिच्छिया कार्यरत प्रहरी सहायक हवल्दार महेश धामी र हिमाली गाउँपालिकाका कार्यकारी प्रमुख कुल बहादुर थापा रहेका छन्। उनीहरूलाई ढाड, गर्दन, छाती तथा खुट्टामा चोट लागेको छ भने अवस्था सामान्य रहेको प्रहरीले जनाएको छ।

सीमा विवाद पहिलेदेखि नै विद्यमान थियो, तर मंगलबार बिहान हिमाली गाउँपालिका अध्यक्षसहित धनगढी उपमहानगरपालिकाका मेयर गोपाल हमाल र उनको टोली सैपाल हिमालको बेस क्याम्प पुग्न लागेका बेला घटना घटेको हो। भ्रमण टोलीले ड्रोनको माध्यमबाट भिडियो खिच्ने क्रममा हुम्लाको खार्पुनाथ गाउँपालिका–२ थालीका स्थानीयहरू आक्रमणकारी बनेका थिए। करिब ३०० जनाको संख्यामा रहेका ती स्थानीयहरूले झडप गरेका थिए। विवादपछि मेयर हमालसहितको टोलीलाई स्थानीयहरूले त्यहाँबाट अघि बढ्न रोकिदिएका छन्। सञ्चार सम्पर्क समस्या भएका कारण मेयर हमालको टोली फर्कियो वा अघि बढ्यो भन्ने बारेमा प्रहरी स्पष्ट विवरण दिन सकेको छैन।

सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारले लाम्पाटामा प्रहरी चौकी भवन निर्माणका लागि ४० लाख रुपैयाँ बजेट छुट्याएको थियो। तर हुम्लाको खार्पुनाथ गाउँपालिका–२ थालीका स्थानीयहरूले सो क्षेत्र विगतदेखि प्रयोग गर्दै आएका कारण चौकी निर्माणमा विरोध जनाएका छन्। सीमा विवाद समाधानका लागि अहिलेसम्म कुनै ठोस पहल भएका छैनन्।

प्लास्टिक बोतल संग्रह करने ‘प्यारे’ कुत्ते को ज़हरीली दवा देकर मारने की साजिश पर चिंता

५ जेठ, काठमाडौं । दक्षिण चीन में प्लास्टिक की बोतलें एकत्रित करने के लिए प्रसिद्ध फ्रेंच बुलडॉग कुत्ते को ज़हरीली दवाइयां देकर मारने की योजना बनाए जाने की आशंका पर उसके मालिक ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। ‘सियाओबाई’ उपनाम से विख्यात यह फ्रेंच बुलडॉग कुत्ता पिछले वर्ष सड़कों पर मेहनत से प्लास्टिक बोतलें इकट्ठा करता हुआ लाखों लोगों का दिल जीत चुका है। इसके मालिक झांग के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में सियाओबाई द्वारा एकत्रित बोतलों की बिक्री से एक लाख युआन से अधिक की आमदनी हुई है। यांगचेंग इवनिंग न्यूज के अनुसार, सियाओबाई का सोशल मीडिया अकाउंट @gouxiaobai पर ५ लाख फॉलोअर्स हैं और उसके कई वीडियो एक करोड़ से अधिक बार देखे जा चुके हैं।

झांग के अनुसार, मे ७ की दोपहर एक “दयालु” इंटरनेट उपयोगकर्ता ने उन्हें एक समूह की स्क्रीनशॉट भेजी जिसमें लोग सियाओबाई को ज़हरीली दवा देकर मारने की योजना बना रहे थे। उस समूह के सदस्यों ने झांग के घर का पता साझा किया था और क्षयरोग के इलाज में प्रयोग होने वाली ‘आइसोनियाजिड’ नामक दवा के जरिए कुत्ते को मारने की साजिश रची थी। यह दवा पशुओं की तंत्रिका प्रणाली को प्रभावित करती है और अंततः श्वसन प्रणाली विफलता से मृत्यु हो जाती है। उसी दिन शाम को सफेद कपड़े पहने और छाता लिए एक व्यक्ति झांग के घर के बाहर संदिग्ध तरीके से घूमते हुए और फोटो खींचते हुए पाया गया। झांग ने तत्काल उस एनिमल एब्यूज समूह की चैट रिकॉर्ड्स तथा संदिग्ध व्यक्ति की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दी।

पुलिस के अनुसार, मे ८ को संदिग्ध व्यक्ति गिरफ्तार कर लिए गए हैं और मामला अभी जांचाधीन है। गिरफ्तारी से पहले झांग को डर था कि सियाओबाई को ज़हरीली दवा दी जा सकती है, इसलिए उन्होंने कुत्ते को घर के अंदर ही बंद कर रखा था। उन्होंने बताया कि उस समय कुत्ता बहुत निराश दिख रहा था। बाद में जब वह फिर से बाहर निकला, तो सियाओबाई पुनः पहले जैसा सक्रिय होकर बोतल संग्रह करने लगा। झांग ने अपनी नई वीडियो क्लिप में कहा, “सियाओबाई फिर से काम पर लौट आया है और बेहद आत्मविश्वास से भरा नजर आता है। पशुओं के प्रति दुरुपयोग करने वाले समाज के कूड़े हैं। जो भी वे पशुओं को मारेंगे, मैं उनके खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हूं।” इस घटना ने सोशल मीडिया पर बड़ी प्रतिक्रिया उत्पन्न की है। एक ऑनलाइन उपयोगकर्ता ने कहा, “म उम्मीद करता हूं कि पुलिस ज़हरीली दवा खिलाने वालों को सख्त सजा देगी। ऐसे दुष्ट कर्मों का परिणाम स्वयं उन पर बुरा पड़ेगा।” एक अन्य ने कहा, “कुत्ता कितना प्यारा और दयालु है, उसने किसी को भी कष्ट नहीं दिया। लेकिन बुरे लोग उसे निशाना बना रहे हैं। उनकी सोच कितनी विकृत है!”

केयूमा पदमुक्त भएकाहरूलाई नै डिनको जिम्मेवारी – Online Khabar

केयू में पदमुक्त डीन को दिया गया निमित्त डीन का कार्यभार

काठमांडू विश्वविद्यालय में अध्यादेश के माध्यम से पदमुक्त किए गए डीन को निमित्त डीन की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। निमित्त उपकुलपति प्रा.डा. ऋषिकेश वाग्ले ने शिक्षामंत्री के परामर्श के बाद डीन की जिम्मेदारी प्रदान की है। प्राध्यापक संघ ने १० दिनों के भीतर सभा बुलाकर उपकुलपति चयन समिति बनाने के लिए उपकुलपति को अल्टीमेटम दिया है। ५ जेठ, काठमांडू। काठमांडू विश्वविद्यालय (केयू) में अध्यादेश के तहत पदमुक्त किए गए डीन को निमित्त डीन का कार्यभार सौंपा गया है। निमित्त उपकुलपति प्रा.डा. ऋषिकेश वाग्ले ने पोस्ट से हटाए गए डीन को सोमवार को यह जिम्मेदारी दी। ‘यह तत्काल कार्य के लिए दिया गया है,’ वाग्ले ने बताया। उनके अनुसार यह कोई पुरानी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक अस्थायी जिम्मेदारी है। ‘विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के कारण यह जिम्मेदारी दी गई है,’ उन्होंने कहा। केयू का दीक्षांत समारोह जेठ के अंत में आयोजित किया जाएगा।

काठमांडू विश्वविद्यालय में सात स्कूल हैं। मेडिकल साइंसेज में प्रा.डा. मनोज हुमागाईं, इंजीनियरिंग में प्रा.डा. मनीष पोखरेल, स्कुल ऑफ साइंस में प्रा.डा. वेदमणि दाहाल, स्कुल ऑफ मैनेजमेंट में प्रा.डा. विजय केसी, स्कुल ऑफ एजुकेशन में प्रा.डा. बालचंद्र लुइंटेल, स्कुल ऑफ आर्ट्स में सहप्राध्यापक डॉ. उद्धव प्याकुरेल और स्कुल ऑफ लॉ में सहप्राध्यापक डॉ. शिव गिरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अध्यादेश के कारण इन्हें पदमुक्त किया गया था। राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने १९ वैशाख को यह अध्यादेश जारी किया था। इस अध्यादेश के तहत केयू के डीन भी पदमुक्त किए गए थे। डीनों के पदमुक्त किए जाने के कारण केयू के कुछ प्राध्यापक असंतुष्ट थे। केयू के पदाधिकारियों में परीक्षा नियंत्रक के रूप में वाग्ले ही एकमात्र पदाधिकारी बचे थे, जिन्हें इस कारण से निमित्त उपकुलपति नियुक्त किया गया। हालांकि उपकुलपति के दायित्व प्राप्त करने से पहले वाग्ले ने २३ वैशाख को सहायक डीनों को डीन की जिम्मेदारी सौंप दी थी।

विश्वविद्यालय के कुलपति और प्रधानमंत्री बालेन शाह ने ३० वैशाख को वाग्ले को उपकुलपति का कार्यभार दिया था। विभिन्न व्यक्तियों को दो बार डीन की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद यह स्पष्ट नहीं था कि आधिकारिक डीन कौन हैं, इसी कारण प्राध्यापकों की एक टीम मंगलवार को उपकुलपति वाग्ले के कार्यालय पहुंची। ‘२३ तारीख को सहायक डीन को जिम्मेदारी दी गई थी, फिर कल पुराने डीनों को जिम्मेदारी दी गई। आधिकारिक डीन कौन है, पूछने गए थे,’ उस डेलिगेशन में शामिल एक प्राध्यापक ने कहा, ‘पदमुक्त व्यक्तियों को किस कानून के तहत जिम्मेदारी दी गई, यह पूछने गए थे।’

जवाब में निमित्त उपकुलपति वाग्ले ने सोमवार को दी गई पत्र को आधिकारिक बताया। ‘अध्यादेश के कारण पदमुक्त होने के बाद २१ तारीख को सहायक डीनों को तत्काल कार्य के लिए जिम्मेदारी दी गई थी, फिर कल पदमुक्त होने से पहले व्यक्तियों को जिम्मेदारी दी गई, जिससे पहले का पत्र स्वतः निरस्त हो गया,’ डेलिगेशन में शामिल एक अन्य प्राध्यापक ने वाग्ले के कथन का हवाला देते हुए कहा। वाग्ले ने इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने शिक्षामंत्री सस्मित पोखरेल के परामर्श के बाद ही डीन की जिम्मेदारी दी है। ‘शिक्षामंत्री से सलाह लेकर ही जिम्मेदारी दी है,’ उन्होंने कहा।

प्राध्यापकों ने केयू की सभा शीघ्र बुलाकर पदाधिकारी नियुक्ति हेतु चयन समिति बनाने का आग्रह किया है। प्राध्यापक संघ के दल ने उपकुलपति वाग्ले को १० दिनों के भीतर सभा बुलाकर उपकुलपति चयन समिति बनाने के लिए अल्टीमेटम दिया है। ‘जल्दी समिति बनाकर नए पदाधिकारी लाना आवश्यक है। इसके लिए केयू की सभा होनी चाहिए, जो समिति बनाएगी,’ एक प्राध्यापक ने कहा, ‘हमने उपकुलपति सर को १० दिनों का समय दिया है।’ ३२ प्राध्यापकों की टीम डेलिगेशन के रूप में गई थी। जवाब में उपकुलपति वाग्ले ने आश्वासन दिया कि वे एक सप्ताह के भीतर प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे, ऐसा प्राध्यापकों ने बताया।

स्वास्थ्य मन्त्रालयका निकायहरूमा स्वीकृतभन्दा ८ सय बढी कर्मचारी पदपूर्ति

५ जेठ, काठमाडौं । स्वास्थ्य मन्त्रालय र त्यसका मातहतका निकायहरूमा स्वीकृत दरबन्दीभन्दा बढी कर्मचारी राखिएको तथ्य सार्वजनिक भएको छ। महालेखा परीक्षक कार्यालयको वार्षिक प्रतिवेदनअनुसार मन्त्रालयले ८ सय ४१ अतिरिक्त दरबन्दी सिर्जना गरी कर्मचारी पदपूर्ति गरेको छ। मन्त्रालयसँग सम्बन्धित सरकारी कार्यालय, बोर्ड तथा अस्पतालसहित ४६ निकायमा ४ हजार २७२ दरबन्दीहरू स्वीकृत छन् भने ४ हजार १८३ पदमा कर्मचारी कार्यरत छन्, र ८९ पद रिक्त छन्। तथापि मन्त्रालयले स्वीकृत संरचनाभन्दा बाहिर थप ८४१ दरबन्दी सिर्जना गरी थप कर्मचारी नियुक्त गरेको छ।
त्यसैगरी, मन्त्रालय मातहतका अस्पतालहरूले आन्तरिक स्रोतबाट तलब भुक्तानी गर्ने गरी नियुक्त गरेका कर्मचारीहरूको अभिलेख मन्त्रालयमा उपलब्ध छैन। नेपाल स्वास्थ्य सेवा ऐन, २०५३ को दफा ७ (क) मा स्वास्थ्य सेवाका कर्मचारीको दरबन्दी तथा पदपूर्तिसम्बन्धी व्यवस्था उल्लेख छ। प्रतिवेदनले कानुनी व्यवस्थाअनुसार कार्य बोझको विश्लेषण गरी कर्मचारी व्यवस्थापन गर्नुपर्ने आवश्यकतामा जोड दिएको छ।

रास्वपा सांसद देवराज पाठक ने सुकुमबासीमाथि भय का अंत करने के लिए सरकार से आग्रह किया

रास्वपा सांसद देवराज पाठक ने सुकुमबासी समुदाय के प्रति बनाए गए भय और आतंक के माहौल को तुरंत समाप्त करने की सरकार से मांग की है। सांसद पाठक ने दार्चुला के प्रधानाध्यापक बलदेव सिंह धामी की आत्महत्या मामले पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की। ५ जेठ, काठमांडू।

सांसद पाठक ने प्रतिनिधि सभा की मंगलवार की बैठक में कहा कि स्थानीय तह और विभिन्न सरकारी कार्यालयों द्वारा किए जा रहे पत्राचार के माध्यम से नागरिकों में आतंक फैलाया जा रहा है, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “सरकार सुकुमबासी समस्या के स्थायी समाधान हेतु प्राधिकरण गठित करने की योजना बना रही है, लेकिन इसी बीच स्थानीय तह द्वारा उठिबासों के खिलाफ आतंक फैलाने का कार्य जारी है। समस्या के समाधान विधि, प्रक्रिया और मानकों के अनुसार होना चाहिए।”

सांसद पाठक ने यह भी बताया कि कड़ी नियंत्रण की वजह से नाका से सड़कें नेपाल के मुख्य मार्गों से नहीं जुड़ पा रही हैं, जो स्थानीय जनता में भय उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने दार्चुला के प्रधानाध्यापक बलदेव सिंह धामी की आत्महत्या के मामले पर दुख जताते हुए कहा कि इस घटना ने शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त राजनीतिक हस्तक्षेप को उजागर किया है।

उन्होंने कहा कि एक ईमानदार व्यक्ति के आत्मसम्मान को आघात पहुंचाने के कारण ही यह दुखद घटना हुई है, और आत्महत्या के लिए प्रोत्साहन देने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। सांसद ने यह भी कहा कि नेपाल मध्यम आय वाला देश है, जहाँ स्तरोन्नति, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार, दोहरी करमुक्ति समझौतों का विस्तार और प्रवासी नेपाली समाज में निवेश लाने जैसी नीतियां सराहनीय हैं, लेकिन कमजोर प्रशासनिक व्यवस्था और कानूनी जटिलताएं बड़ी चुनौतियां हो सकती हैं।

कणों की टक्कर से स्ट्रिंग थ्योरी का रहस्य खुला, वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड के मौलिक नियम होने का दावा किया

ब्रह्मांड की सबसे छोटी इकाइयों की व्याख्या करने वाली जटिल ‘स्ट्रिंग थ्योरी’ केवल गणितीय कल्पना नहीं बल्कि वास्तविकता में मौजूद ब्रह्मांड के अंतर्निहित नियम हो सकती है, इस बात के संकेत वैज्ञानिकों को मिले हैं। कैलटेक के भौतिक वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक नए अध्ययन ने ब्रह्मांड के अंदर स्ट्रिंग थ्योरी के अस्तित्व को आवश्यक बताया है। शोधकर्ताओं ने प्रारंभ में स्ट्रिंग के अस्तित्व को मानने के बजाय केवल उच्च ऊर्जा में कणों के व्यवहार के कुछ सामान्य नियमों पर आधारित गणितीय समीकरणों को हल करना शुरू किया था, लेकिन इन समीकरणों ने स्वयं ही स्ट्रिंग थ्योरी की मुख्य विशेषताएं और सुराग पेश किए, जिससे वे चकित रह गए।

भौतिकी में लंबे समय से सब-एटॉमिक कणों को नियंत्रित करने वाली ‘क्वांटम मेकैनिक्स’ और ब्रह्मांड की विशाल संरचना तथा गुरुत्वाकर्षण की व्याख्या करने वाले आइंस्टाइन के ‘जनरल रिलेटिविटी’ के बीच समन्वय नहीं हो पाया है। क्वांटम स्तर पर गुरुत्वाकर्षण को शामिल करने पर समीकरण अनंत की ओर प्रवृत्त होकर विफल हो जाते हैं। 1960 के दशक में प्रचलित हुई स्ट्रिंग थ्योरी इसका समाधान प्रस्तुत करती है और मानती है कि ब्रह्मांड के सभी कण बिंदु आकार के नहीं बल्कि अत्यंत सूक्ष्म तनाव या स्ट्रिंग्स की तरह कंपन करते हैं, तथा गुरुत्वाकर्षण वहन करने वाले काल्पनिक ‘ग्रेविटोन’ भी इन्हीं कंपन से उत्पन्न होते हैं।

इस थ्योरी को प्रमाणित करने के लिए विशाल ‘पार्टिकल कोलाइडर’ की आवश्यकता होती है जिसके अभाव में वर्तमान तकनीक यह कार्य नहीं कर सकी है, इसलिए वैज्ञानिकों ने प्रकृति के मूलभूत सिद्धांतों से यह देखने की विधि अपनाई कि कौन से नियम स्वयं प्रकट होते हैं, जिसे ‘बूटस्ट्रैप’ कहा जाता है। ‘फिजिकल रिव्यू लेटर्स’ में प्रकाशित ‘Strings from Almost Nothing’ शीर्षक के अध्ययन में कैलटेक, न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय और बार्सिलोना के इंस्टीट्यूट डे फिजिका डी अल्टेस एनर्जियास के शोधकर्ताओं ने कणों के टकराव और अपक्षय से जुड़े कुछ सामान्य मानदंडों का प्रयोग किया। कैलटेक के सैद्धांतिक भौतिकी के प्रोफेसर क्लिफर्ड च्यूंग के मुताबिक, उन्होंने स्ट्रिंग के किसी पूर्वानुमान के बिना समीकरणों को हल किया, जिसमें स्वतः ही स्ट्रिंग थ्योरी के आधार उभरे।

यह नया गणितीय मॉडल क्वांटम गुरुत्वाकर्षण में सामने आने वाली अनंतता की समस्या ‘अल्ट्रासॉफ्टनेस’ गुण के माध्यम से सुलझाता है। उच्च ऊर्जा पर स्ट्रिंग्स इंटरैक्शन को फैलाती हैं जिससे समीकरण बिगड़ने से बचते हैं। शोध दल ने इसी अल्ट्रासॉफ्ट व्यवहार और एक अन्य गणितीय गुण ‘मिनिमल जीरोस’ के आधार पर गणना के दौरान स्ट्रिंग थ्योरी से संबंधित कणों के द्रव्यमान और स्पिन की अनंत श्रृंखला स्वयं उत्पन्न देखी, जो न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के सह-लेखक ग्रांट एन. रेम्मन ने बताई। अमेरिकी ऊर्जा विभाग और विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के वित्तीय सहयोग से सम्पन्न यह खोज दशकों पुराने बूटस्ट्रैप सिद्धांत को आधुनिक उपकरण के माध्यम से पुनर्जीवित करते हुए ब्रह्मांड के अंतिम सत्य की खोज में नई दिशा प्रदान कर रही है।

‘द नॉर्थ फेस’ द्वारा आयोजित नाइट ट्रेल रन

द नॉर्थ फेस ने अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस २०२६ के अवसर पर २९ मई को काठमांडू के गोकर्ण फॉरेस्ट में पहला नाइट ट्रेल रन आयोजित करने की जानकारी दी है। यह नाइट ट्रेल रन ७.५ किलोमीटर का होगा और एलीट विजेता को २०० अमेरिकी डॉलर पुरस्कार मिलेगा जबकि उपविजेता को १५० डॉलर और तीसरे स्थान धारक को १०० डॉलर पुरस्कार दिया जाएगा। प्रतियोगिता में विदेशी धावक भी भाग लेंगे और प्रत्येक दौड़ पूरा करने पर ५ अमेरिकी डॉलर सगरमाथा प्रदूषण नियंत्रण समिति को एवरेस्ट क्लीन-अप परियोजना के लिए दान किया जाएगा।

५ जेठ, काठमांडू। ‘द नॉर्थ फेस’ के आयोजन में अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस २०२६ के अवसर पर नाइट ट्रेल रन आयोजित होने जा रहा है। आयोजकों ने मंगलवार काठमांडू में पत्रकार संवाद करते हुए बताया कि द नॉर्थ फेस माउंटेन क्वेस्ट के तहत इसी मई २९ (जेठ १५) को इस कार्यक्रम का आयोजन होगा। माउंटेन क्वेस्ट का मुख्य आकर्षण नेपाल का पहला नाइट ट्रेल रन होगा, यह जानकारी आयोजकों ने दी।

यह नाइट ट्रेल रन गोकर्ण फॉरेस्ट के क्षेत्र में आयोजित होगा, यह जानकारी द नॉर्थ फेस नेपाल की प्रतिनिधि रिंचनला लामा ने दी। लामा ने बताया कि नेपाल में पहली बार नाइट ट्रेल रन का आयोजन किया जाएगा। यह दौड़ सहनशीलता, दृढ़ता और अज्ञात यात्रा में आगे बढ़ने के साहस का प्रतिनिधित्व करेगी और इसकी प्रेरणा सगरमाथा एवं व्यापक हिमालयी परिवेश से ली गई है, यह आयोजकों का कहना है।

रेस डायरेक्टर बिनेश तुलाधर ने बताया कि नाइट ट्रेल रन ७.५ किमी का होगा। एलीट वर्ग के विजेता को २०० अमेरिकी डॉलर पुरस्कार मिलेगा, जबकि उपविजेता को १५० डॉलर और तीसरे स्थान वाले को १०० डॉलर पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कारों पर १५ प्रतिशत कर कटौती की जाएगी। पंजीयन शुल्क एलीट और सामान्य दोनों के लिए एक हजार निर्धारित किया गया है। रेस डायरेक्टर तुलाधर ने कहा कि एलीट के लिए कट ऑफ टाइम ६० मिनट और रेगुलर रन के लिए ९० मिनट है। यह खुला आयोजन है, इसलिए एलीट धावक के साथ-साथ अन्य सभी भागीदार भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं।

आयोजकों ने बताया कि विदेशी धावक भी इस दौड़ में भाग लेंगे। प्रत्येक दौड़ पूरा करने पर ५ अमेरिकी डॉलर सगरमाथा प्रदूषण नियंत्रण समिति (एसपीसीसी) को एवरेस्ट क्लीन-अप परियोजना के लिए दान के तौर पर दिया जाएगा, यह जानकारी द नॉर्थ फेस की प्रतिनिधि लामा ने दी। नाइट ट्रेल रन से देश के ट्रेल रनिंग क्षेत्र में नया इतिहास रचने की उम्मीद आयोजकों ने जताई है।

विशेष लाइसेन्स परीक्षामा ८१ प्रतिशत डाक्टर पास – Online Khabar

विशेष लाइसेंस परीक्षा में 81 प्रतिशत डॉक्टर सफल

नेपाल मेडिकल काउंसिल की विशेष लाइसेंस परीक्षा में 81.37 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए हैं। काउंसिल की 29 वैशाख को हुई बैठक में 131 लोग सफल और 32 लोग असफल बताए गए हैं। 20 चैत को आयोजित परीक्षा में 165 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, लेकिन 2 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे।

काउंसिल के अनुसार, 2 उम्मीदवार अनुपस्थित और 32 परीक्षार्थी असफल रहे। काउंसिल ने संचालन के लिए 7 समितियां गठित करने का निर्णय लिया है। इसमें शिक्षा एवं CPD समिति, पंजीकरण समिति, विदेशी नागरिक चिकित्सक पंजीकरण समिति, व्यावसायिक आचरण एवं स्वास्थ्य समिति, परीक्षा समिति, दंत समिति और खरीद समिति शामिल हैं।

क्या चीनी भाषा एआई को इंजीनियरिंग कार्यों के लिए प्रमुख भाषा बनाएगी?

सिंग्हुआ विश्वविद्यालय के अध्ययन ने विश्वव्यापी तकनीकी प्रतिस्पर्धा में नया मोर्चा खोलते हुए एआई मॉडल पर भाषा के प्रभाव से जुड़े सवाल उठाए हैं। चीन के शीर्ष विमानन जर्नल में प्रकाशित अनुसंधान के अनुसार, चीनी भाषा अंग्रेज़ी पर आंतरिक लाभ दे सकती है, लेकिन वर्तमान में इसका महत्व कम है। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग स्कूल के प्रोफेसर चेन हाईक्सिन की टीम ने एआई को विमान के पंख के आकार में सुधार करने के तर्क एवं दृश्य क्षमताओं के साथ डिजाइन किया है। ५ जेठ, काठमाडौँ।

सिंग्हुआ विश्वविद्यालय के अध्ययन ने औद्योगिक शक्तियों के लिए गंभीर मायने रखने वाला सवाल उठाते हुए विश्वव्यापी तकनीकी प्रतिस्पर्धा में नया आयाम जोड़ा है। यदि आप किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल को, उदाहरण के तौर पर, उत्कृष्ट विमान डिज़ाइन करने का निर्देश देते हैं, तो क्या आप इसे अंग्रेज़ी में या चीनी भाषा में बात करेंगे? क्या इससे कोई फर्क पड़ता है? २७ अप्रैल को चीन के शीर्ष विमानन जर्नल ‘एक्टा एयरोनटिका एट एस्ट्रोनटिका सिनिका’ में प्रकाशित अनुसंधान के अनुसार, इसका जवाब मिश्रित है। चीनी भाषा अंग्रेज़ी पर आंतरिक लाभ दे सकती है, परंतु फिलहाल इसका बहुत अधिक महत्व नहीं है।

सिंग्हुआ के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग स्कूल के प्रोफेसर चेन हाईक्सिन के नेतृत्व में टीम ने एक परिष्कृत एआई ‘एजेंट’ विकसित किया, जिसे इंजीनियरिंग के एक क्लासिक कार्य—आधुनिक विमान के पंख के आकार में संशोधन करके ड्रैग कम करने के लिए डिजाइन किया गया था। एआई को ‘देखने’ और ‘तर्क करने’ सिखाया गया था। विज़न-लैंग्वेज मॉडल का उपयोग करते हुए, एआई को पंख के आकार और वायुगतिकी चित्र दिखाए गए, जिनमें इंजीनियरिंग नियम और डिज़ाइन इतिहास भी शामिल था। इसके बाद, पंख को एरोडायनामिक बनाने के लिए सूक्ष्म ज्यामितीय संशोधनों जैसे थोड़ा ‘बम्प’ जोड़ना या थोड़ी वक्रता मिलाना सुझाना था। एआई ने ट्रायल-एंड-एरर प्रक्रिया के ज़रिए सीखा। हर बार सफलतापूर्वक ड्रैग कम करने पर इसे ‘इनाम’ मिलता था।

नेपाल पुलिस ने २०८३–२०८५ के लिए त्रिवर्षीय रणनीतिक योजना जारी की

नेपाल पुलिस ने २०८३–२०८५ तक की त्रिवर्षीय रणनीतिक योजना सार्वजनिक की है। इस योजना का मुख्य फोकस नागरिक केंद्रित पुलिस सेवा और तकनीकी रूपांतरण पर है। पुलिस प्रधान कार्यालय ने बताया है कि २०८०–२०८२ के कार्ययोजना में ९४.७२ प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है।

५ जेठ, काठमाडौं। मंगलवार को पुलिस प्रधान कार्यालय में आयोजित एक समारोह में पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) दानबहादुर कार्की ने यह रणनीतिक योजना जारी की। नवप्रवर्तन, ईमानदारी और तत्परता के माध्यम से पुलिस सेवा में परिवर्तन लाने के लक्ष्यों के साथ २०८३–२०८५ की योजना प्रस्तुत की गई है। इसे नए आर्थिक वर्ष अर्थात् १ साउन से लागू किया जाएगा।

आईजीपी कार्की ने बताया कि इस रणनीतिक योजना में नागरिक केंद्रित पुलिस सेवा और तकनीकी रूपांतरण को प्राथमिकता दी गई है। इस योजना का उद्देश्य पुलिस संगठन को सक्षम, उत्तरदायी और विश्वसनीय संस्था के रूप में स्थापित करना है। २०८०–२०८२ की कार्ययोजना में १३ प्रमुख लक्ष्य, ४० कार्यगत उद्देश्य और २०७ क्रियाकलाप शामिल थे, जिनमें से ९४.७२ प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है।

अमेरिका ने भारतीय उद्योगपति गौतम अदानी के खिलाफ धोखाधड़ी मामला खारिज किया

अमेरिकी न्याय विभाग ने भारतीय अरबपति गौतम अदानी एवं उनके शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ चलाए गए आपराधिक धोखाधड़ी मामले को खारिज कर दिया है। अदानी समूह ने अमेरिका में मौजूद तीन कानूनी मामलों का समाधान कर अब अमेरिका यात्रा करने में सक्षम हो गया है। अदानी इंटरप्राइजेज ने इरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप में 27 करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना देने पर सहमति जताई है।

5 जेठ, काठमांडू। अदानी ने एक अलग दीवानी मुकदमे का समाधान करने की सहमति जताने के कुछ ही दिनों बाद यह बड़ी कानूनी राहत प्राप्त की है। इसके साथ ही अदानी समूह ने अमेरिका में मौजूद अपने तीनों कानूनी मामलों को समाप्त कर दिया है। इसके फलस्वरूप अब अदानी बिना किसी कानूनी जोखिम के अमेरिका यात्रा कर सकेंगे। आपराधिक मामला खारिज होते ही अदानी समूह की प्रमुख कंपनी ‘अदानी इंटरप्राइजेज’ ने इरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप में अमेरिकी वित्त मंत्रालय को 27 करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना देने पर सहमति दी है।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के ‘अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्ति नियंत्रण कार्यालय’ के अनुसार, नवंबर 2023 से जून 2025 तक अदानी इंटरप्राइजेज ने दुबई स्थित व्यापारी के माध्यम से ओमान और इराक से गैस खरीदी थी, जिसे प्रतिबंधित देश इरान से लाया गया था। इस प्रक्रिया में अमेरिकी वित्तीय संस्थानों के माध्यम से डॉलर में लगभग 19 करोड़ 20 लाख डॉलर के बराबर 32 भुगतान किए गए, जो अमेरिकी कानून का उल्लंघन था।

सन् 2024 में अमेरिकी न्याय विभाग ने 63 वर्षीय गौतम अदानी, उनके भतीजे सागर अदानी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ भारत में बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं प्राप्त करने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने और अमेरिकी निवेशकों को धोखा देने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया था। अदानी समूह ने इन आरोपों को शुरू से ही कड़ाई से नकारा था। न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने इस मामले को पूरी तरह से खारिज करने का आदेश जारी कर दिया है।

मीडिया सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल के दौरान विदेशी रिश्वत के मामलों में मुकदमा न चलाने की नीति के कारण यह मामला खारिज किया गया है। इस कानूनी सफलता में अदानी द्वारा नियुक्त नई वकील टीम की अहम भूमिका मानी जा रही है। अदानी ने राष्ट्रपति ट्रम्प के व्यक्तिगत कानूनी सलाहकार और विश्व के प्रभावशाली अमेरिकी वकील रॉबर्ट जे. जिउफ्रा जूनियर को अपनी ओर से बहस के लिए नियुक्त किया था।

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अदानी के वकीलों ने मामले के खारिज होने के बाद घोषणा की कि अदानी अमेरिका में 10 अरब डॉलर का निवेश करेंगे और 15,000 नौकरियां सृजित करेंगे, जो प्रतिज्ञा उन्होंने ट्रम्प के 2024 के चुनाव जीतने के बाद की थी। पिछले सप्ताह ही अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग ने भी गौतम अदानी और सागर अदानी के खिलाफ दीवानी धोखाधड़ी मामला वापस ले लिया था। इसके लिए उन्होंने कुल 1 करोड़ 80 लाख डॉलर का संयुक्त जुर्माना देने पर सहमति व्यक्त की थी।

इस समझौते में आरोपों को स्वीकार या अस्वीकार नहीं किया गया है, परंतु अदानी को भविष्य में अमेरिकी धोखाधड़ी विरोधी कानून का उल्लंघन न करने का निर्देश दिया गया है। फोर्ब्स के अनुसार, 82 अरब डॉलर की संपत्ति वाले अदानी विश्व के धनी व्यक्तियों की सूची में शामिल हैं। उनका व्यवसाय ऊर्जा, बंदरगाह और हवाईअड्डे जैसे प्रमुख क्षेत्रों में फैला हुआ है।