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लेखक: space4knews

‘नेपाल बाहिरको नेपाल भावना र व्यवहार दुवैमा बलियो छ’

‘नेपालबाहिरका नेपालीहरूमा भावना र व्यवहार दुवै मजबुत छ’

पंडित दीनबन्धु पोखरेलले १२ भन्दा बढी यूरोपीय देशों में ३४ दिन की आध्यात्मिक यात्रा कर प्रवासी नेपाली समुदाय से संवाद स्थापित किया है। पोखरेल ने प्रवास में रहने वाले नेपाली लोगों की जीवनशैली, भावनात्मक स्थिति और नई पीढ़ी में नेपाली पहचान बनाए रखने की चुनौतियों का गहराई से विश्लेषण किया है। वे काठमांडू के नागार्जुन नगरपालिका–७ रामकोट में आध्यात्मिक केंद्र का निर्माण कर नेपाल को विश्व के आध्यात्मिक गुरुराष्ट्र के रूप में स्थापित करने की योजना भी आगे बढ़ा रहे हैं।

एक महीने लंबी यूरोप यात्रा पूरी करके पंडित दीनबन्धु पोखरेल हाल ही में नेपाल लौटे हैं। बेल्जियम से स्पेन, नॉर्वे, पुर्तगाल, फ्रांस, डेनमार्क, फिनलैंड सहित १२ से अधिक देशों में आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित करते हुए उन्होंने प्रवासी नेपाली समुदाय से सीधा संवाद किया। तीन बार यूरोप यात्रा कर चुके पोखरेल के अनुसार अब तक उन्होंने ४४ देशों का भ्रमण किया है और लगभग ३३ देशों में आध्यात्मिक कार्यक्रम सम्पन्न कर चुके हैं। इस बार की यात्रा में उन्होंने प्रवासी नेपाली की जीवनशैली, भावनात्मक स्थिति, पीढ़ी परिवर्तन की चुनौती और आध्यात्मिक आवश्यकताओं को करीब से देखा है।

‘काम और दाम’ की खोज में विदेश गए नेपाली के भीतर छिपी शांति और आत्मसंतोष के अभाव से लेकर नई पीढ़ी में नेपाली पहचान को बनाए रखने की चुनौती तक विभिन्न पहलुओं पर पोखरेल ने गहरा विश्लेषण किया है। प्रवास में नेपाली एकता, संस्कार के प्रति प्रेम और आध्यात्मिक चेतना की आवश्यकता जैसे विषयों पर आधारित ऑनलाइन संवाददाता वसन्त रानाभाट के साथ उनके वार्तालाप का संपादित अंश प्रस्तुत है।

यूरोप की इस आध्यात्मिक यात्रा को आप कैसे आंकते हैं? यह मेरी तीसरी यूरोप यात्रा है—सन् २०११, २०२२ और अब २०२६। इस बार ३४ दिनों की यात्रा रही, जो मेरे लिए ऐतिहासिक रही। जहां भी गया, भक्तों की उत्साहजनक उपस्थिति देखी। इस यात्रा के मुख्य उद्देश्य तीन थे—पहला, प्रवास में रहने वाले नेपाली मन को जोड़ना। दूसरा, आध्यात्मिक चेतना को जागृत करना। तीसरा, नेपाली सांस्कृतिक केंद्र निर्माण की नींव रखना। कुल मिलाकर यह यात्रा अनुकरणीय, अभूतपूर्व और अत्यंत सफल रही, यह मेरा अनुभव है।

आपके अनुभव में विदेश में रहने वाले नेपाली लोगों का वास्तविक जीवन कैसा है? बाहर दिखने और अंदर की हकीकत में कितना अंतर मिला? मैंने प्रवचन के दौरान भी कहा है—बाहर से देखने पर काम और दाम दोनों अच्छे लगते हैं। लेकिन ‘आराम, नाम और राम’ अपेक्षित कम दिखाई देता है। भौतिक रूप से कई नेपाली सशक्त और स्थापित हैं, लेकिन अंदर कहीं न कहीं खालीपन, थकान या पीड़ा का एहसास होता है। इसलिए मेरी यह आध्यात्मिक यात्रा केवल ‘काम और दाम’ तक सीमित नहीं थी, बल्कि लोगों को ‘आराम, नाम और राम’ के महत्व को समझाना भी था।

आध्यात्मिक कार्यक्रम केवल तात्कालिक उत्साह में सीमित नहीं रहते; ये दीर्घकालिक रूप से व्यक्ति की चेतना और सोच पर असर डालते हैं। हमें लगता है कि हम कुछ हद तक वह संदेश पहुंचाने में सफल रहे हैं। आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते वक्त लोगों में उत्साह, ऊर्जा और मानसिक शांति देखी जाती थी। इससे स्पष्ट होता है कि भले ही वे बाहर से सफल दिखते हैं, लेकिन कई के जीवन में ‘राम और आराम’ यानी शांति और आनंद की कमी है। इसी कमी को कुछ हद तक पूरा करने का काम इस आध्यात्मिक यात्रा ने किया है, ऐसा मैंने महसूस किया है।

रास्वपाको सचिवालय बैठक २० वैशाखमा बनस्थलीमा सुरु

राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) को सचिवालय बैठक २० वैशाखमा केन्द्रीय कार्यालय बनस्थलीमा सुरु भएको छ। प्रवक्ता मनिष झाले यस विषयमा जानकारी दिएका छन्। बैठकमा स्थानीय तह उम्मेदवार छनोटको रुपरेखा-२०८३, महाधिवेशन कार्यविधि-२०८३ र संसदीय दलको विधान संशोधन लगायतका विषयमा छलफल हुनेछ।

राष्ट्रिय खेलकुद परिषद् के २० सदस्य पद से मुक्त किए जाएंगे

सरकार के सुझाव पर राष्ट्रपति द्वारा जारी किए गए अध्यादेश के तहत राष्ट्रीय खेलकुद परिषद् के २० सदस्यों को पदमुक्त किया जाएगा। राखेप के ३७ सदस्यीय बोर्ड में अब भी एक सदस्य की नियुक्ति बाकी है, जबकि उपाध्यक्ष ध्रुव आचार्य ने इस्तीफा दे दिया है। सदस्य सचिव का कार्यकाल खत्म होने के बाद नई नियुक्ति न होने की वजह से सहसचिव रामचरित्र मेहताम को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। २० वैशाख, काठमाडौं। सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश के अनुसार राष्ट्रीय खेलकुद परिषद् (राखेप) के २० सदस्य पदमुक्त किए जाएंगे। सरकार की सिफारिश के आधार पर राष्ट्रपति द्वारा जारी ‘‘सार्वजनिक पदाधिकारी के पदमुक्ति संबंधित विशेष व्यवस्था करने वाले अध्यादेश’’ के माध्यम से राखेप के २० सदस्यों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। ३७ सदस्यीय बोर्ड वाले राखेप में अब भी एक सदस्य की नियुक्ति बाकी है। इसके साथ ही पिछली सरकार के समय नियुक्त २० सदस्यों को पद से हटाया जाएगा। उपाध्यक्ष ध्रुव आचार्य ने पहले ही अपना इस्तीफा दे दिया था। सदस्य सचिव का कार्यकाल खत्म हो चुका था, लेकिन नई नियुक्ति न होने के कारण मंत्रालय के सहसचिव रामचरित्र मेहताम को सदस्य सचिव का कार्यभार दिया गया है। सात प्रदेश के सदस्य सचिव, तीन विभाग (नेपाली सेना, नेपाली पुलिस तथा सशस्त्र प्रहरी बल) के पदेन सदस्य स्वरूप स्थायी सदस्य हैं। युवा तथा खेलकुद मंत्रालय के सचिव, शिक्षा विज्ञान एवं प्रविधि मंत्रालय के प्रतिनिधि और खेलकुद मंत्रालय के खेलकुद विकास महाशाखा के सहसचिव भी पदेन सदस्य के रूप में बने रहते हैं। बोर्ड की अध्यक्षता करने का दायित्व खेलकुद मंत्री का है।

दक्षिणी लेबनानका मानिसलाई शहर र गाउँ खाली गर्न इजरायली सेनाको चेतावनी

इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के निवासियों को शहर और गांव खाली करने की चेतावनी दी

इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के 11 शहरों और गांवों के निवासियों को तत्काल अपने घर खाली कर कम से कम 1,000 मीटर की दूरी पर खुले क्षेत्र में स्थानांतरण करने की चेतावनी दी है। सेना ने हिज्बुल्लाह के विरुद्ध युद्धविराम उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई करने की बात कही है और कहा है कि लड़ाकू या उनके आस-पास कोई भी व्यक्ति खतरे में पड़ सकता है।

इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में बार-बार हवाई हमले किए हैं और हिज्बुल्लाह के ठिकानों के होने का दावा किए गए भवनों को ध्वस्त किया है। रविवार को इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के निवासियों को तत्काल अपने घर खाली करने की चेतावनी जारी की। रॉयटर्स के अनुसार, सेना ने इन 11 शहरों और गांवों पर हमला करने की संभावना जताई है।

ब्रिटिश अखबार द इंडिपेंडेंट के अनुसार, सेना ने यह कार्रवाई हिज्बुल्लाह के खिलाफ की है। सेना ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने के आरोप में हिज्बुल्लाह को निशाना बनाया है। इसने हिज्बुल्लाह के लड़ाकू या उनके आस-पास पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खतरे में पड़ने की चेतावनी दी है। ईरान समर्थित इस सशस्त्र समूह ने लेबनान और उत्तरी इजरायल में इजरायली सेना पर ड्रोन और मिसाइल हमले भी किए हैं।

सागर ढकाल ने रास्वपा सचिवालय सदस्य के पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की

राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के सचिवालय सदस्य सागर ढकाल ने वैशाख २० गते पद तथा गोपनीयता की शपथ ग्रहण की है। पार्टी कार्यालय बनस्थली में सभापति रवि लामिछाने के साथ उन्होंने यह शपथ ली।

वैशाख ७ गते सम्पन्न केन्द्रीय समिति की बैठक में सचिवालय सदस्य संख्या में वृद्धि कर कुल सदस्य संख्या १६ कर दी गई थी। इस बैठक में सभापति लामिछाने के प्रस्ताव पर ढकाल और सरिताश्री ज्ञवाली को सचिवालय सदस्य नियुक्त किया गया। इस प्रकार रास्वपा का सचिवालय १६ सदस्यीय बन गया है।

ऑस्ट्रेलिया में हिंसात्मक घटना में तीन लोगों की मौत

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी के रोजमेडो इलाके में एक घर पर हमला होने से तीन लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने 32 वर्षीय पुरुष को हिरासत में लिया है और घटना स्थल को आपराधिक स्थल घोषित किया है। हत्या जांच टीम ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

रविवार सुबह लगभग 1:30 बजे सिडनी से लगभग 45 किलोमीटर दूर रोजमेडो इलाके में एक घर पर हमला होने की सूचना मिलने पर आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। वहां पहुंची पुलिस अधिकारियों ने लगभग 60 वर्ष की एक महिला और लगभग 20 वर्ष के एक पुरुष को मृत पाया। एक 64 वर्षीय पुरुष को गंभीर सिर चोट के साथ पाया गया, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई, पुलिस ने बताया।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि तीनों मृतक उस व्यक्ति को जानते थे और एक ही व्यक्ति ने उन पर हमला किया। लगभग 2:30 बजे सुबह उस घर पर पहुंचे वाहन के चालक 32 वर्षीय व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लेकर नजदीकी पुलिस थाने ले जाया है। इस घटना के बाद उस घर को अपराध स्थल घोषित कर स्थानीय पुलिस ने हत्या जांच टीम के सहयोग से विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

सशस्त्रका नवनियुक्त आईजीपी पौडेललाई गृहसचिवले फुली लगाउने

सशस्त्र प्रहरीका नवनियुक्त आईजीपी पौडेललाई गृहसचिवबाट फुली लगाउने कार्यक्रम तय

सशस्त्र प्रहरी बल नेपालका नवनियुक्त महानिरीक्षक नारायणदत्त पौडेलले २० वैशाख सोमबार गृहसचिव राजकुमार श्रेष्ठको हातबाट दर्ज्यानी चिन्ह लगाउने कार्यक्रम सुनिश्चित भएको छ। राजु अर्यालको चार वर्षे पदावधि पूरा भएर १८ वैशाखमा अनिवार्य अवकाशपछि सरकारले पौडेललाई आईजीपी बनाउने निर्णय गर्यो।

आईजीपी पद शनिबारदेखि खाली भए पनि सार्वजनिक विदाका कारण पौडेलले सोमबार मात्रै फुली लगाउने भएका हुन्। गृह मन्त्रालयका अनुसार, पौडेलले गृहसचिव राजकुमार श्रेष्ठको हातबाट दर्ज्यानी चिन्ह लगाउने कार्यक्रम तय भइसकेको छ। निवर्तमान गृहमन्त्री सुधन गुरुङले आईजीपीलाई प्रधानमन्त्रीले फुली लगाउने व्यवस्था गरिने बताएका थिए, तर उनको हटाइपछि उक्त व्यवस्था लागु हुन सकेन।

सोमबार बिहान पौने ९ बजे फुली लगाउने कार्यक्रम हुनेछ, गृह मन्त्रालय स्रोतले जानकारी दिएको छ।

सांसद आशिका तामाङले होल्डिङ सेन्टरका बालबालिकालाई विद्यालय जाने उचित व्यवस्था छिटो गर्न सरकारलाई आग्रह गरिन्

फाइल तस्वीर
रास्वपाकी सांसद आशिका तामाङले होल्डिङ सेन्टरमा रहेका सुकुमवासी बालबालिकालाई विद्यालय जानका लागि उचित वातावरण बनाउन सरकारले विशेष ध्यान दिनुपर्ने माग गरेकी छिन्। कीर्तिपुरस्थित राधास्वामी सत्संग व्यास आश्रममा रहेका सुकुमवासी पीडितहरूलाई भेटेपछि उनले सामाजिक सञ्जालमार्फत यो आग्रह राखिन्। सांसद तामाङले नयाँ भर्ना सिजन छुटेपछि बालबालिकाहरू विद्यालय जान नपाएको गुनासो गरेको बताइन्।

२० वैशाख, काठमाडौं। रास्वपाकी सांसद आशिका तामाङले होल्डिङ सेन्टरमा रहेका सुकुमवासी बस्तीका बालबालिकालाई शिक्षा पाउने उपयुक्त वातावरण छिटोभन्दा छिटो सुनिश्चित गर्न सरकारसँग आग्रह गरिन्। ती बालबालिकालाई विद्यालयमा छिटो लगाउन सरकारले आवश्यक कदम चाल्नुपर्ने उनको भनाइ छ। सांसद तामाङले फेसबुकमा लेखिन्, ‘बालबालिकाको विद्यालय छुटेको र धेरैले नयाँ भर्ना सिजन पनि गुमाएको गुनासो सुनेकी छु। सरकारले बालबालिकालाई विद्यालय जान छिटो व्यवस्था मिलाउन होसियार हुन जरूरी छ।’

जर्मनी से 5,000 सैनिक वापस लेने के अमेरिकी निर्णय पर बर्लिन की प्रतिक्रिया क्या है?

अमेरिकी झंडे वाले टैंक में सवार एक सैनिक

तस्वीर का स्रोत, EPA-EFE/REX/Shutterstock

तस्वीर का कैप्शन, जर्मनी में वर्तमान में 36,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं

जर्मनी से 5,000 सैनिक वापस लेने के अमेरिकी फैसले को लेकर नाटो वाशिंगटन से स्पष्टीकरण मांग रहा है, जबकि जर्मनी के रक्षा मंत्री ने इस निर्णय को “पूर्वानुमानित” बताया है।

समाचार एजेंसी डीपीएस से बात करते हुए रक्षा मंत्री बॉरिस पिस्टरियस ने यूरोप में, विशेषकर जर्मनी में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी को हमारे और अमेरिका के हित में बताया।

नाटो की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने कहा कि गठबंधन अमेरिकी निर्णय के विवरण समझने के लिए टीम के साथ काम कर रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इरान के साथ युद्ध संबंधी विवाद के संदर्भ में जर्मन चांसलर फ्रिडरिख मेर्ट्स की आलोचना की, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। मेर्ट्स ने कहा था कि ईरानी वार्ताकारों ने अमेरिका को “अपमानित” किया है।

जर्मनी में इस समय करीब 36,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो इटली के 12,000 और ब्रिटेन के 10,000 से काफी अधिक हैं।

खानेकुराका प्याकेटमा किन राखिएको हुन्छ फरक-फरक रङको संकेत ?

खानपान पैकेट पर अलग-अलग रंगों के संकेतों का महत्व

बाज़ार से पैकेटबंद किसी भी खाद्य वस्तु को खरीदते समय केवल स्वाद, ब्रांड या ऑफर पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि पैकेट पर लगे रंगों पर भी गौर करना आवश्यक है। पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर हरियाली, लाल, पीला, नीला, काला और सफेद रंग के निशान सामग्री और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। हरियाली संकेत शाकाहारी, लाल मांसाहारी, पीला अंडा, नीला विशेष पोषण योग्यता और काला अधिक प्रक्रियागत उत्पाद को दर्शाता है।

आजकल पैकेटबंद खाद्य पदार्थों का उपभोग काफी बढ़ गया है। मिठाई, बिस्कुट, फ्रोजन फूड, चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स या बच्चों के स्नैक्स जैसे उत्पाद बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं। व्यस्त जीवनशैली के कारण कई लोग पैकेटबंद खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि इन पैकेटों पर छोटे रंगीन निशान होते हैं? हरियाली या लाल निशान को तो कई लोगों ने देखा होगा, लेकिन अब कुछ उत्पादों पर नीला, पीला या काला रंग भी देखने को मिल रहा है। ये निशान केवल डिज़ाइन के लिए नहीं होते, बल्कि खाद्य सामग्री की प्रकृति, सामग्रियों और स्वास्थ्य से जुड़ी सूचनाओं का संकेत होते हैं।

आज के समय में खाद्य चयन को लेकर सजग रहना बेहद जरूरी है। लोगों के खान-पान के तरीके भिन्न होते हैं। कुछ पूरी तरह शाकाहारी होते हैं, कुछ अंडा खाते हैं लेकिन मांसाहारी नहीं होते, और कुछ वेगन होते हैं, जो पशु-जनित कोई भी खाद्य पदार्थ नहीं खाते। इसलिए जो खाद्य सामग्री आप खरीदते हैं उसकी सामग्री जानना समझदारी है। ये रंगीन निशान पैकेट के अंदर की सामग्री के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हैं। साथ ही यह भी बताते हैं कि कौन सा उत्पाद नियमित सेवन के लिए उपयुक्त है और कौन सा सीमित मात्रा में लेना चाहिए। इसलिए बाज़ार से पैकेटबंद कोई भी खाद्य वस्तु खरीदते समय केवल स्वाद, ब्रांड या ऑफर देखकर नहीं, बल्कि पैकेट पर लिखे लेबल और रंगीन संकेतों को भी अवश्य देखें।

खानेकुराका प्याकेटमा किन राखिएको हुन्छ फरक-फरक रङको संकेत ?

खाद्य पदार्थों के पैकेट पर विभिन्न रंगों के संकेत क्यों होते हैं?

बाजार से पैकेटबंद किसी भी खाद्य पदार्थ को खरीदते समय केवल स्वाद, ब्रांड या ऑफर देखकर ही निर्णय नहीं लेना चाहिए, बल्कि पैकेट पर लगे रंगों को भी समझना आवश्यक है।

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • पैकेटबंद खाद्य पदार्थों में हरा, लाल, पीला, नीला, काला और सफेद रंग के चिह्न सामग्री और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देते हैं।
  • हरा चिह्न शाकाहारी, लाल मांसाहारी, पीला अंडा, नीला विशेष पोषण और काला अधिक प्रसंस्कृत उत्पाद दर्शाता है।

आजकल पैकेट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन बहुत बढ़ गया है। मिठाई, बिस्कुट, फ्रोजन फूड, चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स या बच्चों के स्नैक्स आदि इसके उदाहरण हैं। व्यस्त जीवनशैली के कारण अधिक लोग पैकेटबंद खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन क्या कभी आपने ध्यान दिया है कि इन पैकेटों पर छोटे रंगीन चिह्न होते हैं?

हरे या लाल रंग के चिह्न तो अधिकांश ने देखे होंगे, लेकिन अब कुछ उत्पादों पर नीला, पीला या काला रंग भी देखने को मिलता है। ये केवल डिजाइन के लिए नहीं होते, बल्कि खाद्य पदार्थ की प्रकृति, सामग्री और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी देने वाले संकेत होते हैं।

आज के समय में खानपान के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है। लोगों की खाने-पीने की आदतें अलग-अलग होती हैं। कोई पूर्ण शाकाहारी होता है, कोई अंडा खाता है पर मांस नहीं खाता, तो कुछ वीगन होते हैं अर्थात पशु उत्पाद न खाने वाले। इसलिए जो भी खाद्य पदार्थ आप खरीदें, उसके सामग्री के बारे में समझना बुद्धिमानी है।

ऐसे रंगीन चिह्न पैकेट के अंदर की सामग्री के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हैं। साथ ही यह भी संकेत देते हैं कि कौन-सा उत्पाद नियमित रूप से खाया जा सकता है और कौन-सा सीमित मात्रा में। इसलिए बाजार से पैकेट बंद किसी भी खाद्य पदार्थ को खरीदते समय केवल स्वाद, ब्रांड या ऑफर न देखें, बल्कि पैकेट पर दिए लेबल और चिह्न भी देखें।

अब जानते हैं कि कौन-सा रंग क्या दर्शाता है:

हरा चिह्न : शाकाहारी उत्पाद

हरे चिह्न वाले उत्पाद पूर्ण रूप से शाकाहारी माने जाते हैं। इनमें मांस, मछली, अंडे या किसी भी पशुजनित पदार्थ नहीं होता। शाकाहारी जीवन शैली अपनाने वालों के लिए यह चिह्न महत्वपूर्ण है।

लाल चिह्न : मांसाहारी उत्पाद

लाल चिह्न यह दर्शाता है कि उत्पाद में मांस, मछली, अंडे या अन्य पशुजन्य सामग्री शामिल है। जो लोग शाकाहारी हैं, उन्हें इस चिह्न को देखकर सतर्क होना चाहिए।

पीला चिह्न : अंडा शामिल उत्पाद

बहुत से लोग मांस नहीं खाते पर अंडे खाते हैं, जबकि कुछ लोग अंडा भी नहीं खाते। बिस्कुट, केक, ब्रेड, पास्ता या मेयोनेज जैसे उत्पादों में अंडा मिलाया हो सकता है। पीला चिह्न यह जानकारी देता है कि उत्पाद में अंडा है।

नीला चिह्न : विशेष पोषण या चिकित्सीय उपयोग

अगर पैकेट पर नीला चिह्न है तो वह उत्पाद विशेष स्वास्थ्य जरूरतों के लिए कृत्रिम पोषण या चिकित्सा प्रयोजन के लिए बनाया गया हो सकता है, जैसे सप्लीमेंट, फोर्टिफाइड फूड, प्रोटीन ड्रिंक या मेडिकल न्यूट्रिशन सामग्री। ऐसे उत्पादों का उपयोग करने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।

काला चिह्न : अधिक संसाधित या कृत्रिम तत्वयुक्त

काले चिह्न को अधिकतर लोग चेतावनी के रूप में समझते हैं। यह संकेत देता है कि उत्पाद में कृत्रिम रंग, फ्लेवर, प्रिजरवेटिव, अत्यधिक नमक, चीनी या अन्य रासायनिक तत्व अधिक हो सकते हैं। विशेष रूप से चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, कैंडी, चॉकलेट, इंस्टेंट स्नैक्स आदि में यह अधिक पाया जाता है।

ऐसे उत्पादों का लंबे समय तक अधिक सेवन मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, लीवर संबंधी समस्याएं और पाचन विकारों का कारण बन सकता है।

सफेद चिह्न : सामान्य या न्यूनतम संसाधित उत्पाद

कुछ ब्रांड सफेद या हल्के रंग के चिह्न का उपयोग कर यह संकेत देते हैं कि यह उत्पाद सामान्य, कम संसाधित या बुनियादी सामग्री से बना है। हालांकि यह नियम हर जगह लागू नहीं होता, इसलिए लेबल पढ़ना आवश्यक है।

सिर्फ रंग ही नहीं, इन बातों का भी ध्यान रखें:

पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खरीदते समय केवल रंगीन चिह्नों पर निर्भर नहीं होना चाहिए। नीचे दी गई जानकारियां भी महत्वपूर्ण हैं:

– निर्माण और समाप्ति तिथि

– सामग्री सूची

– चीनी, नमक और वसा की मात्रा

– कैलोरी जानकारी

– कृत्रिम स्वाद या रंग का प्रयोग

– भंडारण विधि

– निर्माता कंपनी की विश्वसनीयता

बच्चों के लिए विशेष सावधानी क्यों?

बच्चे रंगीन पैकेट, अच्छा स्वाद और आकर्षक विज्ञापनों की ओर जल्दी आकर्षित होते हैं। लेकिन अधिक चीनी, नमक या रासायनिक तत्व वाले स्नैक्स उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए माता-पिता को बच्चों के लिए सामग्री, चिह्न और पोषण विवरण पढ़कर ही उत्पाद चुनना चाहिए।

रंग समझकर जागरूक बनें

अब जब आप पैकेट फूड में लगे विभिन्न रंगीन चिह्नों का मतलब जान गए हैं, तो अगली बार खरीदारी करते समय केवल स्वाद, ऑफर्स या आकर्षक पैकेट को देखकर निर्णय न लें। उस छोटे चिह्न को भी देखें; यह छोटी सी जानकारी आपके लिए बड़ी हो सकती है। जागरूक उपभोक्ता बनना स्वस्थ जीवन की पहली सीढ़ी है।

आज रास्वपा सचिवालयको बैठक, स्थानीय तहको उम्मेदवार छनोट योजना छलफल गरिने

२० वैशाख, काठमाडौं। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) को सचिवालयको बैठक आज बस्दैछ। बिहान ११ बजे पार्टी केन्द्रीय कार्यालय बनस्थलीमा हुने बैठकमा स्थानीय तहका उम्मेदवार छनोटको रूपरेखा सम्बन्धमा छलफल गरिने जानकारी प्रवक्ता मनिष झाले दिनुभएको छ।

साथै, महाधिवेशनको कार्यविधि तथा संसदीय दलको विधान संशोधनसम्बन्धी विषयलाई पनि बैठकको कार्यसूचीमा समावेश गरिएको छ। विविध शीर्षकमा समसामयिक परिस्थितिहरूको सम्बन्धमा पनि छलफल गरिने बताइएको छ। बैठकमा सबै सचिवालय सदस्यहरूको उपस्थितिलाई अनिवार्य बनाउने निर्देशन सभापति रवि लामिछानेले दिइसकेका छन्।

धोबीखोला करिडोरको चर्चित घर भत्काइँदै (तस्वीरहरू)

धोबीखोला करिडोर का चर्चित घर ध्वस्त करने की तैयारी शुरू

२० वैशाख, काठमाडौं। देवीनगर स्थित धोबीखोला करिडोर में मौजूद एक बड़े घर को ध्वस्त करने की तैयारी चल रही है। सरकार ने इसे अवैध अतिक्रमण मानते हुए उस घर को तोड़ने की योजना बनाई है। वर्तमान में सुरक्षा बल उस घर से सामग्री एकत्रित कर रहे हैं। इस इलाके में सशस्त्र प्रहरी, नेपाल प्रहरी और नगर प्रहरी की बड़ी तैनाती की गई है। उस घर में रेस्टोरेंट, बार, स्पा सहित विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। कुछ दिनों से यह घर सामाजिक मीडिया में व्यापक चर्चा में है। इसके साथ ही, इस क्षेत्र के अन्य खाली पड़े घर पहले ही ध्वस्त किए जा चुके हैं।

सन् १९९६ की सगरमाथा दुर्घटना को याद करते हुए ‘इन्टु थिन एयर’

सन् १९९६ के १० मई को सगरमाथा आरोहण के दौरान आई हिमआँधी ने १२ पर्वतारोहियों की जान ले ली और कई घायल हो गए। जान क्रैकौर ने सगरमाथा आरोहण और उसी वर्ष हुई इस दुर्घटना के व्यक्तिगत अनुभव को समेटते हुए अपनी पुस्तक ‘इन्टु थिन एयर’ लिखी है। सन् १९९६ में सगरमाथा आरोहण की अनुमति लेने पर टोली के लिए ७२ हजार और एकल आरोही के लिए १५ हजार अमेरिकी डॉलर शुल्क लगता था, जो आज कहीं अधिक बढ़ चुका है। सगरमाथा के इतिहास में सन् १९९६ एक ऐसा वर्ष बन गया जो कभी नहीं भूला जा सकता।

उसी वर्ष १० मई को आई हिमआँधी ने १२ पर्वतारोहीयों की जान ली और अनेक घायल हुए। यह घटना इतिहास के पन्नों पर दर्दनाक रूप से अंकित है और सगरमाथा की वापसी की राह पर घाव बन कर मौजूद है। उस वर्ष सगरमाथा आरोहण के दौरान क्या-क्या हुआ? उस समय दुनिया के श्रेष्ठ पर्वतारोही शिखर के आनंद में मग्न थे। मौसम सामान्यतः साफ था। १० मई १९९६ को आई भयंकर हिमआँधी ने सगरमाथा को झकझोर दिया। इस घटना में आठ अनुभवी पर्वतारोहीयों की मृत्यु हुई और कई घायल हुए।

सगरमाथा आरोहण के लिए नेपाल और चीन की सरकारों ने अनुमति शुल्क लेना शुरू किया था, और इस वर्ष सबसे अधिक आरोही मारे गए। २०१४ में १६, २०१५ के भूकंप के बाद आई हिमआँधी में २२, और २०२४ में हुई बड़ी घटनाओं में शेर्पा समुदाय के १६ लोगों की जान गई। सन् १९२२ से लेकर मार्च २०२६ तक कुल ३३९ लोगों ने अप्रत्याशित रूप से जीवन खोया है, जिनमें से १५७ ने बिना ऑक्सीजन के आरोहण प्रयास के दौरान अपनी जान गवाई।

लेखक क्रैकौर ने उस दुर्घटना के घटनाक्रम, उपचार व बचाव प्रयासों का विस्तृत विवरण किया है। इस घटना ने सगरमाथा आरोहण के जोखिम और चुनौतियों की पूर्ण तस्वीर प्रस्तुत की है। सगरमाथा दुर्घटना के पीड़ितों की अधिकांश मौतें हिमआँधी और तूफानों के कारण हुई हैं। लेखक क्रैकौर की पुस्तक एवं उसमें शामिल विवादास्पद कथन पर्वतारोहण क्षेत्र में नई दृष्टि और समझ प्रदान करने में सफल रहे हैं।

दिल्ली के शाहदरा इलाके में भीषण आग लगी, 9 लोगों की मौत

२० वैशाख, काठमाडौं। भारत की राजधानी नई दिल्ली के शाहदरा जिले के विवेक विहार इलाके में शनिवार रात एक चार मंजिला आवासीय भवन में भीषण आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि आग में जलने तथा धुएं से दम घुटने के कारण उनकी मौत हुई। दमकल विभाग के अनुसार, आग से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटनास्थल पर पहुंचे दमकल की 15 गाड़ियों ने लगभग तीन घंटे तक प्रयास कर आग को नियंत्रण में लाया।

प्राथमिक जांच में विभिन्न मंजिलों पर पाए गए शवों के आधार पर पुलिस ने बताया कि दूसरी मंजिल पर पांच, तीसरी मंजिल पर एक और चौथी मंजिल की छत के पास तीन शव मिले हैं। चौथी मंजिल के कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए छत की तरफ भागे थे, लेकिन छत का दरवाजा बंद होने के कारण बाहर नहीं निकल पाए और धुएं से बेहोश हो गए। शाहदरा जिले के डीसीपी राजेन्द्र प्रसाद मीणा ने प्रारंभिक जानकारी देते हुए बताया कि आग लगने की सूचना सुबह ही मिली और तुरंत बचाव और आग नियंत्रण की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

उनके अनुसार अब तक घटनास्थल से 9 शव बरामद हो चुके हैं और खोज और बचाव कार्य जारी है। विवेक विहार पुलिस स्टेशन में सुबह लगभग 3:48 बजे पीसीआर कॉल के माध्यम से आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस प्रमुख, एसीपी और अन्य टीम घटनास्थल पर पहुंच गए। दमकल, क्राइम टीम और अन्य आपातकालीन विभाग तुरंत सक्रिय थे। दमकल विभाग के अनुसार आग तीसरी और चौथी मंजिल के फ्लैट्स में फैली हुई थी। बचाव के दौरान 10 से 15 लोगों को भवन से बाहर निकाला गया। उनमें से दो को मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज गुरु तेग बहादुर अस्पताल में चल रहा है।

प्रारंभिक अनुमान: प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण विद्युत शार्ट सर्किट बताया गया है। हालांकि, घटना की विस्तृत वजहों की जांच जारी है, पुलिस ने बताया। स्थानीय प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और डीडीएमए टीमें भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। आग लगने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।