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लेखक: space4knews

एनभिडियासँग सम्झौतापछि स्पेसएक्स के शेयर मूल्य में वृद्धि, अंतरिक्ष में एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करेगा

स्पेसएक्स ने अपनी एआई प्रणाली ग्रोक को सशक्त बनाने के लिए एनभिडिया के नवीनतम ‘वेरा रूबिन’ प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की घोषणा की है। कंपनी ने ग्रोक सहित एआई सिस्टम के लिए पृथ्वी पर डेटा केंद्रों के साथ-साथ अंतरिक्ष में भी कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर पेश करने की योजना बनाई है। एनभिडिया की घोषणा के बाद स्पेसएक्स के शेयर मूल्य में 0.38 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 137.49 अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। 9 भदौ, काठमाडौँ।

दुनिया की प्रमुख अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स ने अपनी एआई प्रणाली ग्रोक को और अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए चिप निर्माता कंपनी एनभिडिया के नवीनतम ‘वेरा रूबिन’ प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की योजना बनाई है। एलन मस्क के नेतृत्व वाली स्पेसएक्स ने एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए एनभिडिया के साथ साझेदारी की घोषणा की, जिसके बाद कंपनी के शेयर मूल्य में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। एनडीटीवी प्रोफिट के अनुसार, सोमवार को कारोबार शुरू होने पर कुछ दबाव में था स्पेसएक्स का शेयर मूल्य, लेकिन एनभिडिया की घोषणा के बाद इसमें तेजी आई।

कंपनी ने ग्रोक सहित अपनी एआई प्रणाली की क्षमता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने की योजना बनाई है, जिसमें एनभिडिया की तकनीक को अपनाया जाएगा। स्पेसएक्स की योजना केवल पृथ्वी पर मौजूद डेटा केंद्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी भविष्य में अंतरिक्ष में भी एआई कंप्यूटिंग क्षमता का विस्तार करना चाहती है। यह कदम स्पेसएक्स की एआई रणनीति को पृथ्वी आधारित कंप्यूटिंग से अंतरिक्ष तक विस्तारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

थाई क्याटफिश : भारत में प्रतिबंधित मछली नष्ट की गई

भारत के नागपुर में प्रतिबंधित ‘थाई क्याटफिश’ को नष्ट किया गया है। इन मछलियों को बाजार तक पहुँचने से रोकने के लिए ११ तालाबों पर छापेमारी की गई थी। भारत में इस प्रजाति की मछली पालन, प्रजनन और बिक्री सख्ती से प्रतिबंधित है।

अधिकारियों ने बताया कि ३६ टन से अधिक मछली को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने के लिए ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग किया गया। इसे मानव उपभोग के लिए असुरक्षित माना जाता है।

कंगना रनौत ने रामदेव समेत को कहा, “मुझे ज्ञान ना देने का क्या फायदा?”

कंगना रनौत ने आशुतोष राणा, सोनू सूद, तापसी पन्नू, राखी सावंत और योग गुरु रामदेव की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि उन्हें असफल लोगों की सलाह और ज्ञान की ज़रूरत नहीं है। कंगना का कहना है कि रामदेव द्वारा महिलाओं को लेकर की गई असम्मानजनक टिप्पणी ने पूरे समाज को शर्मसार किया है।

९ भदौ, काठमांडू। भारतीय जनता पार्टी की सदस्य और अभिनेत्री कंगना रनौत ने अभिनेता आशुतोष राणा, अभिनेता सोनू सूद, अभिनेत्री तापसी पन्नू, राखी सावंत और योग गुरु रामदेव पर सख्त टिप्पणी की है। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में रनौत ने कहा, “मैं असफल लोगों से कोई सलाह लेने या उनकी बात सुनने की स्थिति में नहीं हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “ऐसे लोग हर रोज़ मेरे जीवन में आते हैं। आशुतोष राणा और सोनू सूद मुझे तरीके सिखाने की कोशिश करते हैं, राखी सावंत मेरा अपमान करती हैं, तापसी पन्नू ने मेरे अभिभावकों का अपमान किया है। मेरा इन सभी के लिए संदेश है कि यदि आप कंगना रनौत जैसी सफलता हासिल नहीं कर सके तो मैं आपकी बात नहीं मानूँगी। पहले खुद को कंगना रनौत जैसा बनाओ, फिर बात करो।”

रनौत ने रामदेव के बारे में कहा, “बाबा रामदेव ने सारी मर्यादाएँ पार कर दी हैं। उन्होंने महिलाओं को लेकर जो टिप्पणी की है, उसने पूरे समाज को लज्जित कर दिया है। हमें गंभीरता से सोचने की जरूरत है कि वह महिलाओं के बारे में क्या सोचते हैं।”

नेपालमा डिजाइन एवं उत्पादन गरिएको यात्रीको विद्युतीय स्कुटर ‘पी-२’ बजारमा सार्वजनिक

यात्रीले सिप्रदी ट्रेडिङसँगको सहकार्यमा नेपालमै डिजाइन तथा उत्पादन गरिएको विद्युतीय स्कुटर पी-२ बजारमा ल्याएको छ। कम्पनीले पी-२ का लागि ५.२, ३.७ र ३ किलोवाट आवरका तीन अलग-अलग ब्याट्री विकल्प विकास गरेको छ, जसमा सबैभन्दा ठूलो ब्याट्रीले १५७ किलोमिटर यात्रा गर्न सक्ने दावी गरेको छ। कम्पनीका अनुसार, पी-२ को विकास प्रक्रिया डिजाइन, सिमुलेसन, इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर सहित ब्याट्री परीक्षण, च्यासिस निर्माण, एसेम्ब्ली र सडक परीक्षणहरूमाथि आधारित छ। (९ भदौ, काठमाडौं)

सवारीसाधन बजारमा सार्वजनिक हुने प्रक्रियाअघि यसको विकास एक कारखानाको एसेम्ब्ली लाइनबाट नभई सानो स्केचबाट सुरु हुन्छ। डिजाइनरले कागज वा कम्प्युटर स्क्रिनमा कोरेको प्रारम्भिक रेखाले क्रमशः इन्जिनियरिङ डिजाइनको स्वरुप लिन्छ। त्यसपछि कम्प्युटरमा हजारौं पटक परीक्षण गरी सम्भावित कमजोरीहरू पहिचान गरिन्छ, डिजाइन सुधार गरिन्छ र पुन: परीक्षण गरिन्छ। नेपाली ब्रान्ड ‘यात्री’ को नयाँ विद्युतीय स्कुटर ‘पी-२’ को विकास पनि यस्तै कठोर प्रक्रियाबाट अघि बढेको हो।

दुई वर्षभन्दा बढी समयको अनुसन्धान, डिजाइन र नेपाली सडकमा गरिएका परीक्षणपछि यात्रीले पी-२ बजारमा ल्याएको हो। सिप्रदी ट्रेडिङसँगको सहकार्यमा नेपालमै डिजाइन तथा उत्पादन गरिएको पी-२ तीन फरक ब्याट्री क्षमताहरूमामा उपलब्ध छ। ग्राहकहरूले ५.२ किलोवाट आवर, ३.७ किलोवाट आवर र ३ किलोवाट आवरका ब्याट्री विकल्पहरु मध्ये रोज्न सक्छन्। कम्पनीको दावा अनुसार सबैभन्दा ठूलो ५.२ किलोवाट आवर ब्याट्री भएका स्कुटरहरूले एक पटक पूर्ण चार्जमा १५७ किलोमिटर दूरी तय गर्न सक्छन्।

यात्रीका प्रडक्ट हेड कृष्णप्रसाद श्रेष्ठका अनुसार पी-२ को सुरुवात एक साधारण लाइन स्केचबाट भएको थियो। उनले भने, ‘फर्स्ट फर्म’ वा पहिलो ठोस रेखाचित्र यही हो। स्कुटरको च्यासिस, स्विंग आर्म लगायत सबै पार्टहरू कारखानामा उत्पादन अघि कम्प्युटरमा परीक्षण गरिन्छ। यात्रीका इन्जिनियरहरूले कुनै पार्टमाथि अत्याधिक दबाब पर्छ कि पर्दैन, खाल्डाखुल्डीमा गुड्दा च्यासिसमा समस्या आउँछ कि आउँदैन भन्ने अध्ययन गर्छन्। यस्तो कमजोरी देखिएपछि त्यसलाई सुधार गरिन्छ।

जापानी इन्सेफलाइटिस: नेपाल में स्थिति और टीकाकरण कार्यक्रम की पहल

जापानी इन्सेफलाइटिस (जेई) संक्रमण के कारण इस वर्ष अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद सबसे अधिक प्रभावित जिलों में वयस्कों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम चलाने को प्राथमिकता देने का निर्णय स्वास्थ्य सेवा विभाग के प्रमुख ने व्यक्त किया है। टीकों की व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य तथा खाद्य सुरक्षा मंत्रालय से अनुरोध किया गया है, यह जानकारी अधिकारियों ने दी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 26 जिलों की 62 नगरपालिकाओं में 85 लोगों में जेई की पुष्टि हुई है। संक्रमित व्यक्तियों में एक चौथाई से अधिक की मौत हो चुकी है, और अधिकांश मृतक 50 वर्ष से अधिक आयु के हैं।

इस समय सबसे अधिक प्रभावित झापा जिले में पहले टीका न लगवाए लोगों को लक्षित करके तत्काल टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सह प्रवक्ता ने आवश्यक टीकों की व्यवस्था करने की बात कही है, जबकि बाल स्वास्थ्य तथा टीका शाखा के प्रमुख ने नौ जिलों में लक्षित टीकाकरण अभियान की योजना बनाई है और बताया कि अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से सहयोग मिलने पर इसे प्रभावी रूप से आगे बढ़ाना आसान होगा।

नेपाल में सन् 1978 में पहली बार जेई की पुष्टि हुई थी। जेई वायरस मस्तिष्क में संक्रमण करता है। संक्रमित मच्छर (क्युलेक्स जाति का) सूअर या जंगली सूअर को काटने के बाद व्यक्ति में यह वायरस फैलाते हैं। यह रोग लगभग 30 प्रतिशत मामलों में मौत का कारण बनता है, विशेषज्ञों ने बताया है।

स्वास्थ्य सेवा विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. अनुज भट्टचन ने बताया कि उच्च मृत्युदर वाले जिलों को प्राथमिकता देते हुए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम मंत्रालय, विशेषज्ञ समिति, प्रदेश और संबंधित जिलों की सलाह लेकर आगे बढ़ रहे हैं।” इस वर्ष अब तक सुनसरी, सप्तरी, कैलाली और पर्सा में दो-दो मौतें हुई हैं और अन्य सात जिलों में एक-एक मौत दर्ज की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि टीकाकरण अभियान के लिए बजट आवंटित किया जा चुका है और स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ समन्वय किया जा रहा है। डॉ. अभियान गौतम ने कहा, “हमने पिछले वर्ष से नवलपरासी पूर्व और चितवन में विशेष टीकाकरण अभियान चला रहे हैं।”

स्वास्थ्य अधिकारियों ने धान के खेतों और स्थिर पानी वाले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने और मच्छरों से बचाव के सुझाव दिए हैं। जेई के कारण बढ़े हुए खतरे और टीकाकरण अभियान शुरू होने से पहले ही जेई संक्रमण नेपाल में बड़ी महामारी बन चुका है, यह तथ्य जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ गंभीरता से ले रहे हैं।

अमेरिका में लगभग 2 लाख विदेशी वीजा रद्द होने की तैयारी, इतिहास में सबसे बड़ी संख्या

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा पश्चात तैयार।

  • अमेरिकी सरकार लगभग 2 लाख बी-1 और बी-2 व्यापारिक एवं पर्यटकीय वीजा रद्द करने की तैयारी कर रही है।
  • यह कदम 2016 से 2026 के बीच जारी वीजा लेकर अमेरिका में शरण आवेदन करने वाले या कर रहे व्यक्तियों को लक्षित करेगा।
  • अमेरिकी विदेश विभाग ने पिछले 18 महीनों में लगभग 1 लाख 75 हजार वीजा रद्द किए हैं।

9 भाद्र, काठमांडू। अमेरिकी सरकार लगभग 2 लाख विदेशी नागरिकों के व्यापारिक व पर्यटकीय वीजा रद्द करने की योजना बना रही है। यदि यह कदम लागू होता है, तो यह अमेरिकी इतिहास में एक बार में सबसे बड़ी संख्या में वीजा रद्द करने का मामला होगा।

अमेरिकी विदेश विभाग आने वाले हफ्तों में बी-1 (व्यापारिक) और बी-2 (पर्यटकीय) वीजा रद्द करने की घोषणा कर सकता है। ये वीजा 2016 से 2026 के बीच जारी किए गए थे और जिन धारकों ने अमेरिका में शरण आवेदन दिया है या दे रहे हैं, वे इस कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

विदेश विभाग के प्रवक्ता टमी पिगोट के अनुसार, ये लोग शुरू में पर्यटक या व्यापारी के रूप में अमेरिका आए थे, लेकिन बाद में स्थायी निवास के लिए शरण आवेदन करने लगे।

वीजा रद्द होने का मतलब तत्काल निर्वासन नहीं

अमेरिकी विदेश विभाग ने वीजा रद्द होने वाले व्यक्तियों की सटीक संख्या सार्वजनिक करने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया चरणबद्ध होगी और संख्या में परिवर्तन संभव है।

वीजा रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि उन लोगों को तुरंत अमेरिका से निर्वासित कर दिया जाएगा। शरण से जुड़ी प्रक्रिया लंबित होने के कारण उनकी स्थिति में बदलाव हो सकता है, लेकिन व्यापारिक या पर्यटकीय वीजा का अधिकार समाप्त हो जाएगा।

ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में कड़े वीजा नियम

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के दौरान अमेरिका ने वीजा प्रक्रिया पहले से अधिक कड़ी कर दी थी। आवेदकों के सोशल मीडिया की जानकारी मांगी जाती थी, महंगे वीजा बॉन्ड की व्यवस्था की गई थी, और कुछ देशों के नागरिकों पर वीजा प्रतिबंध भी लगाए गए थे।

अमेरिकी उप-विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडो ने कहा, ‘कुछ लोग पर्यटक या व्यापार वीजा लेकर अमेरिका आते हैं और फिर स्थायी निवास के लिए शरण आवेदन करते हैं।’

उन्होंने यह भी कहा, ‘आप्रवासन कानून से बचने के लिए शरण का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।’

पिछले 18 महीनों में लगभग 1 लाख 75 हजार वीजा रद्द

सामान्यतः, बी-1 वीजा व्यापारिक यात्राओं के लिए और बी-2 वीजा परिवार से मिलने, पर्यटन या इलाज के लिए जारी किया जाता है।

फिर भी, इन वीजा धारकों में से कितने शरण ले चुके हैं या ले रहे हैं और प्रस्तावित कार्रवाई से कितने प्रभावित होंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

पिछले 18 महीनों में अमेरिकी विदेश विभाग ने लगभग 1 लाख 75 हजार वीजा रद्द किए हैं। इनमें अपराध में लिप्त पाए गए और अमेरिकी नीतियों का खुलेआम विरोध करने वाले कुछ लोग भी शामिल हैं।

(एजेंसियों के सहयोग से)

चीनी हैकरों ने एआई की मदद से साइबर हमलों को दोगुना किया

ताइवान की साइबर सुरक्षा कंपनी टिम-टी5 ने पाया है कि चीनी सरकार से जुड़े हैकरों ने डिपसिक जैसे एआई टूल्स का उपयोग करके साइबर हमलों की संख्या दोगुनी कर दी है। टिम-टी5 के अनुसार, ग्रिमफेंसी और टेलेबोयी समूहों ने एआई की मदद से कमजोर वेबसाइटों, सर्वरों और आईपी एड्रेस की पहचान कर घुसपैठ के रास्ते खोजे। शोध से पता चला है कि हैकरों ने डिपसिक, चैटजीपीटी और क्लाउड कोड का इस्तेमाल किया, और भविष्य में अधिक उन्नत एआई हैकरों के हाथों में आने पर खतरे बढ़ने की आशंका जताई गई है। ९ भदौ, काठमांडू।

टिम-टी5 के अनुसार, ‘ग्रिमफेंसी’ नामक हैकर समूह ने डिपसिक का उपयोग कर सिस्टम में मौजूद कमजोरियों की पहचान करके घुसपैठ कोड तैयार किया था। एक अन्य समूह ‘टेलेबोयी’ ने इंटरनेट से लगभग एक हजार आईपी एड्रेस एकत्रित कर एक कंपनी की वेबसाइट और डोमेन का विवरण निकाला। इसका मतलब है कि हैकरों ने एआई की मदद से किसी कंपनी की डिजिटल संरचना को समझने का प्रयास किया। किन वेबसाइटों का संबंध एक ही कंपनी से है, कौन से सर्वर कमजोर हैं और कहाँ से हमला किया जा सकता है, ये सब वे एआई से जान पाए।

शोध में पता चला कि हैकरों ने केवल डिपसिक ही नहीं बल्कि चैटजीपीटी और क्लाउड कोड का भी उपयोग किया। एक पश्चिमी थिंक टैंक पर हमले के दौरान हैकरों ने एक कर्मचारी के कंप्यूटर से सिग्नल एप से संबंधित फाइलें प्राप्त कीं। इसके बाद उन्होंने चैटजीपीटी की मदद से उन फाइलों को खोलने के लिए प्रोग्राम बनाने का काम किया। दूसरी घटना में क्लाउड कोड का उपयोग कर ३० संस्थाओं और कंपनियों को स्वचालित रूप से निशाना बनाया गया। एआई ने स्वयं वेबसाइटों और सिस्टमों का परीक्षण, कमजोरियां खोजने और अन्य सिस्टम में घुसपैठ करने का प्रयास किया।

यह घटना साइबर सुरक्षा के लिए नया चुनौती लेकर आई है। पहले हैकर एक-एक सिस्टम को जांचने में बहुत समय लेते थे, लेकिन अब एआई की मदद से एक ही समूह कम समय में कई वेबसाइटों, कंपनियों और संस्थानों पर हमला कर सकता है। हालांकि, एआई खुद अपनी मर्जी से हमला नहीं करता, हैकर उसे निर्देश देते हैं और विशेष प्रोग्राम से जोड़ कर यह कार्य पूरा करते हैं। शोधकर्ताओं को चिंता है कि भविष्य में जब और शक्तिशाली एआई हैकरों के हाथों में होगा, तो साइबर हमलों को रोकना और अपराधियों को पकड़ना और भी कठिन हो जाएगा।

फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में टोर्नेडो का भयावह प्रभाव

फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में विभिन्न स्थानों में टोर्नेडो ने व्यापक तबाही मचाई है। वेर्जेई और पोमास क्षेत्र के दृश्य समेटे गए इस वीडियो को देखें। इस विनाशकारी टोर्नेडो के कारण दर्जनों लोग घायल हुए हैं। हवा की गति ११७ किलोमीटर प्रति घंटा रहने के कारण घरों की छतें उड़ गई हैं।
कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

इरान के खिलाफ सबसे सख्त अमेरिकी प्रतिबंध लागू, कई देशों पर भी प्रभाव पड़ेगा

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के साथ।

  • अमेरिका ने इरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आइसोलेशन’ शुरू किया, डिजिटल संपत्ति, प्रौद्योगिकी, सोना, उड्डयन और शिपिंग को नई प्रतिबंध सूची में शामिल किया है।
  • करीब 60 व्यक्तियों, कंपनियों और जहाजी जहाजों पर प्रतिबंध लगाकर अमेरिका ने विदेशी बैंक, कंपनियों और दلالों पर दबाव बढ़ाने की योजना बनाई है जो इरान के साथ काम कर रहे हैं।
  • इरान के तेल निर्यात, विदेशी व्यापार और मुद्रा पर युद्ध और प्रतिबंधों का असर बढ़ रहा है, जुलाई में महंगाई दर 66 प्रतिशत तक पहुंची है सरकारी आंकड़ों के अनुसार।

9 सितंबर, काठमाडौं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने इरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए एक नया अभियान शुरू किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट ब्रेसेंट ने इसे ‘अभूतपूर्व’ कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य विदेशों में इरान के ‘आर्थिक रास्ते बंद करना’ है।

इस अभियान के तहत अमेरिका ने इरान पर आर्थिक प्रतिबंध और कड़े कर दिए हैं। दर्जनों व्यक्तियों, कंपनियों और जहाजों के नाम प्रतिबंध सूची में जोड़े गए हैं।

अमेरिका ने इरान के साथ अभी भी काम कर रहे विदेशी बैंक, कंपनियों और दلالों पर दबाव बढ़ाने की बात कही है। इसमें इरान के व्यापार और आय में मददगार कुछ गतिविधियों को रोकने के लिए समयसीमा निर्धारित करने की भी योजना है।

अमेरिका ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आइसोलेशन’ अर्थात आर्थिक रूप से अलग करने की नीति बताया है। अमेरिका का कहना है कि वह इरान के साथ व्यापार करने वाले सभी देशों को अलग-थलग कर देगा।

यह अभियान ऐसे समय पर शुरू हुआ है जब दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम बेहद नाजुक स्थिति में है। महीनों चले सैन्य संघर्ष ने इरान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेल निर्यात और विदेशी व्यापार में बाधा आई है। महंगाई तेजी से बढ़ी है और राष्ट्रीय मुद्रा का मूल्य कम हुआ है।

अपने बयान में अमेरिकी वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान इरान पर सैन्य दबाव के हिस्से के रूप में है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सशस्त्र बलों ने इसकी ‘बुनियाद तैयार कर दी है।’

अमेरिका कई वर्षों से शिपिंग, सोने के व्यापार और ईरानी उड्डयन जैसे क्षेत्रों पर विभिन्न प्रतिबंध लागू करता रहा है। हाल के अपडेट में नई क्षेत्रों को जोड़ा गया है और पहले से लागू प्रतिबंधों को और कड़ा किया गया है। इसके अलावा विदेशों में इरान के साथ काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ और सख्ती की घोषणा की गई है।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट ब्रेसेंट।

घोषित प्रतिबंधों की मुख्य बातें

सबसे बड़ा बदलाव पांच क्षेत्रों से जुड़ा है: डिजिटल संपत्ति, प्रौद्योगिकी, सोना, उड्डयन और शिपिंग (जहाजी नौवहन)।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने इन्हें आधिकारिक तौर पर इरानी अर्थव्यवस्था के उन क्षेत्रों की सूची में शामिल किया है, जिन पर 2023 के कार्यकारी आदेश के तहत प्रतिबंध लागू हो सकते हैं।

यह आदेश जनवरी 2020 में डोनाल्ड ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान जारी किया गया था। शुरू में इसमें इरान के निर्माण, खनन, उत्पादन और वस्त्र उद्योग शामिल थे। बाद में वित्त मंत्रालय को अन्य क्षेत्रों को जोड़ने की अनुमति दी गई।

उसी वर्ष वित्तीय क्षेत्र को भी सूची में शामिल किया गया, और 2024 में तेल और पेट्रोरसायन क्षेत्र को जोड़ा गया। मंत्रालय के अनुसार, पांच नए क्षेत्रों के जुड़ने से इरान से जुड़ी गतिविधियों का दायरा बढ़ गया है, जिन पर ‘सेकंडरी प्रतिबंध’ लगाए जा सकते हैं।

मंत्रालय के अनुसार विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय किसी भी देश में रहने वाले किसी भी व्यक्ति पर इरानी अर्थव्यवस्था से जुड़े इन क्षेत्रों में गतिविधियों के लिए प्रतिबंध लगा सकता है।

अमेरिकी सरकार के अनुसार यह कदम उन विदेशी संस्थाओं को निशाना बनाएगा जो इरान के साथ व्यापार करती हैं। वित्त मंत्रालय का कहना है कि इरान संप्रेषण और प्रतिबंधों को टालने के लिए डिजिटल संपत्ति का इस्तेमाल करता है।

इरान अपनी हथियार कार्यक्रम के लिए उन्नत तकनीक हासिल करने का प्रयास करता है। रियाल के मूल्य में गिरावट के कारण अपनी संपत्ति बचाने के लिए सोने का सहारा लेता है, जबकि उड्डयन और शिपिंग नेटवर्क का उपयोग उपकरण, धन और तेल निर्यात के लिए करता है।

अमेरिका ने इस अभियान के तहत करीब 60 व्यक्ति, कंपनियों और जलयान पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। ओएफएसी के अनुसार इनमें से कुछ इरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम के लिए उपकरण उपलब्ध कराने में संलग्न थे।

कुछ साइबर ऑपरेशन से जुड़े थे, कुछ तेल निर्यात और उससे होने वाली आय के ट्रांसफर में लगे थे। ये विभिन्न देशों के हैं और इनके ऊपर प्रतिबंध लगाने के कारण अलग-अलग हैं।

नए प्रतिबंधों से इरानी छात्रों पर प्रभाव पड़ेगा।

पहले दिए कुछ छूटों पर रोक

नई नीति में एक बड़ा बदलाव यह है कि कई गतिविधियां जो इरान पर व्यापक प्रतिबंधों के बावजूद ओएफएसी के जनरल लाइसेंस के तहत संभव थीं, उन पर अब रोक लगाई गई है।

पहले विदेश में पढ़ने वाले इरानी छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार की छूटें दी जाती थीं। अमेरिकी प्रमुख विश्वविद्यालयों में इरानी विश्वविद्यालयों के साथ स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर ‘स्टूडेंट एक्सचेंज’ समझौते होते थे। इसमें इरानी छात्रों को अमेरिका में पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति भी मिलती थी।

कुछ दाखिले और ट्यूशन संबंधित सेवाओं, कुछ ऑनलाइन कोर्स, गैर-व्यावसायिक शैक्षिक एवं शोध गतिविधियों तथा कुछ शर्तों के साथ अकादमिक और पेशेवर परीक्षाओं की अनुमति दी जाती थी।

लेकिन इस लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है, अब ये गतिविधियां जनरल लाइसेंस के तहत नहीं आ सकेंगी। अमेरिका ने कहा है कि अब इन किसी भी गतिविधि के लिए अलग आवेदन करना होगा।

खेलकूद क्षेत्र में भी 2013 से लागू एक लाइसेंस को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया गया है। इसमें इरान और अमेरिका के बीच व्यावसायिक और शौकिया खेल प्रतियोगिता एवं एक्सचेंज प्रोग्राम की अनुमति थी, जिसमें प्रतियोगिता, प्रदर्शनी, खिलाड़ी प्रायोजन, कोचिंग, रेफरी और खेल शिक्षा शामिल थे।

यह देश प्रभावित होंगे

हाल के महीनों में अमेरिकी अधिकारियों के भाषणों से संकेत मिलता है कि इस आर्थिक दबाव का केंद्र चीन है। पिछले वर्षों में चीन इरान के तेल का सबसे बड़ा खरीदार रहा है। अमेरिका इन नए प्रतिबंधों के ज़रिए इरान और चीन के व्यापार को रोकने या कम करने का प्रयास कर रहा है।

रॉयटर्स के मुताबिक, इरान से समुद्री मार्गों के माध्यम से 80 प्रतिशत से अधिक तेल चीन को जाता है। इसका बड़ा हिस्सा छोटे और स्वतंत्र रिफाइनरियाँ खरीदती हैं, खासकर शानडोंग प्रांत की।

अमेरिकी प्रतिबंधों के पुनः लागू होने पर चीन की बड़ी सरकारी कंपनियों ने सीधे इरानी तेल खरीदना काफी हद तक बंद कर दिया है, लेकिन स्वतंत्र रिफाइनरियाँ सस्ता इरानी तेल खरीद रही हैं।

नए प्रतिबंध पैकेज से पहले भी इस व्यापार पर दबाव था। अमेरिका ने कई बार शिपिंग कंपनियों, रिफाइनरियों और दلالों पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिन्हें वाशिंगटन चीन को इरानी तेल बेचने में शामिल बताता रहा है।

ऊर्जा विश्लेषण कंपनी केपलर के अनुमान के अनुसार, अगस्त में चीन को इरान का तेल निर्यात लगभग 5 लाख 34 हजार बैरल प्रति दिन था, जो जुलाई में करीब 8 लाख 23 हजार बैरल था। इस साल के शुरुआत में यह लगभग 15 लाख 80 हजार बैरल प्रति दिन था।

चीन के साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भी इरान के विदेशी व्यापार नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। दुबई कई वर्षों से इरान को सामान पुन: निर्यात करने, धन हस्तांतरित करने और इरानी कंपनियों एवं व्यवसायियों की गतिविधियों के लिए मुख्य रास्ता रहा है।

हालांकि, अब इस मार्ग पर भी रुकावट आई है। 18 अगस्त को अमीरात ने इरान के साथ सभी व्यापारिक तथा वित्तीय लेनदेन रोक दिए थे। उसने इरान पर अपने क्षेत्र में मिसाइल प्रहार का आरोप लगाया था।

टर्की और इराक के नाम भी रिपोर्टों में शामिल हैं। टर्की इरान का व्यापारिक साझेदार है और सामान तथा भुगतान के वैकल्पिक मार्गों में से एक है।

अमीरात के मार्ग बंद होने के बाद कुछ भारतीय निर्यातकों ने कहा है कि वे टर्की के रास्ते इरान के साथ व्यापार करना चाहते हैं।

इराक भी वर्षों से इरान के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय बाजारों में से एक रहा है, विशेषकर गैस, बिजली और गैर-तेल सामग्री के लिए। अमेरिकी दबाव बढ़ने पर बैंक, शिपिंग कंपनियां और तीसरे देशों के दलाल निशाने पर आ सकते हैं। इससे चीन के अलावा इरान के क्षेत्रीय व्यापार मार्गों पर भी असर पड़ सकता है।

नई प्रतिबंध घोषणा के दौरान अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और अमेरिकी सेना की टीमें अन्य सरकारों के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि हर देश को वाशिंगटन द्वारा बताई गई गतिविधियों को बंद करने के लिए समय सीमा दी जाएगी।

यदि ये गतिविधियां जारी रहीं तो इरान को ‘पैसा छुपाने’ में मदद करने वाली संस्थाएं अमेरिकी निशाने पर आएंगी, उन्होंने चेतावनी दी।

मुसीबत में इरान

आंकड़े और रिपोर्ट बताते हैं कि हाल की युद्ध गतिविधियों ने इरान की वित्तीय और आर्थिक प्रणाली पर अभूतपूर्व दबाव डाला है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने जुलाई में की गई अपनी समीक्षा में 2026 में इरान की अर्थव्यवस्था पर बहुत गंभीर प्रभाव आने का अनुमान लगाया था।

इरान की आंतरिक स्थिति भी काफी चिंताजनक है, जो आंकड़ों और लोगों की दैनिक जीवन से जुड़ी रिपोर्टों से साफ दिखाई देती है।

इसी साल जुलाई में, सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वार्षिक महंगाई दर 66 प्रतिशत तक पहुंच गई है। खाद्य पदार्थों की कीमत पिछले साल जुलाई की तुलना में लगभग 128 प्रतिशत बढ़ी है।

इसी दौरान, परिवारों की क्रय शक्ति में गिरावट और औद्योगिक व व्यापारिक गतिविधियों में आई बाधा ने इरानी अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। वे इस स्थिति के बने रहने से सामाजिक प्रभावों को लेकर चिंतित हैं।

तेल निर्यात में गिरावट ने इरान की विदेशी मुद्रा आय का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत सीमित कर दिया है। इसी के साथ शिपिंग में व्यवधान, समुद्री प्रतिबंध और दलाल नेटवर्क पर दबाव ने इरानी तेल की बिक्री व परिवहन और भी कठिन बना दिया है।

अमेरिका ने 47 वर्षों बाद आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों की सूची से सिरिया को हटाया, तीन देश अभी भी सूची में मौजूद

९ भदौ, काठमाडौं। अमेरिकी सरकार ने 47 वर्षों बाद आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों की सूची से सिरिया का नाम हटा दिया है। इस फैसले के तहत सिरिया को उक्त सूची से मुक्त करने की घोषणा की गई है। अमेरिकी प्रशासन ने सिरिया को आतंकवाद प्रवर्द्धन की सूची से हटाने का मुख्य उद्देश्य वहां विदेशी निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना और विश्व आर्थिक व्यवस्था में सिरिया की पुनः भागीदारी सुनिश्चित करना बताया है।

अमेरिका की आतंकवाद प्रवर्धन करने वाले देशों की सूची में अब केवल तीन देश हैं: ईरान, उत्तर कोरिया और क्यूबा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सिरिया को इस सूची से हटाए जाने के बाद कहा कि यह आर्थिक समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा।

साथ ही, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेंसेंट ने भी सिरिया में अधिक निवेश लाने के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, ‘इस कदम से सिरिया में निवेश बढ़ेगा, जिससे वहां की राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता मजबूत होगी।’ हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति प्रशासन सिरिया के नए राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के साथ संबंध विस्तार कर रहा है।

पहले, अल-शरा को वहां के चरमपंथी संगठन के एक नेता माना जाता था और अमेरिका ने उन पर सिर्‍दर्दी कीमत लगाई थी। दो वर्ष पूर्व सिरिया में रूसी समर्थित बशर अल असद का शासन गिर चुका था। देशव्यापी विद्रोह और हिंसा के बाद वह देश छोड़ चुके थे। तब से बनी नई सरकार अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ करीबी संपर्क में है।

डोनाल्ड ट्रम्प: किन अमेरिकी राष्ट्रपतियाँ रिपोर्टरों पर आक्रामक होती हैं

‘चुप, चुप, चुप!’: ट्रम्प रिपोर्टरों पर आक्रमण क्यों करते हैं? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अक्सर उन रिपोर्टरों पर आक्रमण करते हैं जो उन्हें असहज सवाल करते हैं। खासकर महिला पत्रकार उनके गुस्से का शिकार बनी हैं। बीबीसी के टम बेटमैन ने ट्रम्प और मीडिया के बीच सार्वजनिक संवाद और ट्रम्प द्वारा दिए जाने वाले कड़े जवाबों के कारणों का विश्लेषण किया है। इस वीडियो को अवश्य देखें।

ट्रम्प के दबाव से इरान की अर्थव्यवस्था कमजोर, जानिए ये ५ तरीके

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाकर आत्मसमर्पण कराने की ‘इकोनोमिक डी-डे’ रणनीति को आगे बढ़ाया है। अमेरिकी नाकाबंदी के बाद इरान का रियाल प्रति डॉलर 20.2 लाख तक गिर गया है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 2026 में मुद्रास्फीति 68.9 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। तेहरान के आत्मसमर्पण के कोई संकेत नहीं दिख रहे, लेकिन कुछ इरानी अधिकारी एवं विशेषज्ञ युद्ध समाप्ति के दबाव बढ़ने की संभावना जता रहे हैं।

इरान में युद्ध शुरू हुए अब एक महीने से अधिक हो चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने तेहरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ा दिए हैं। उनका मुख्य उद्देश्य इरानी नेतृत्व को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करना है। ट्रम्प का यह अभियान यह परखने वाला है कि इरानी नेतृत्व कितनी आर्थिक पीड़ा सह सकता है। उन्होंने पिछले सप्ताह इरान को ‘इकोनोमिक डी-डे’ का सामना करने की चेतावनी दी थी।

इरान पहले होर्मुज स्ट्रेट से निर्यात होने वाले तेल से भारी आय करता था, लेकिन अप्रैल से लागू अमेरिकी नाकाबंदी ने इस आय स्रोत को काफी सीमित कर दिया है। अब इरान को युद्ध के खर्च चलाने के लिए आंतरिक कर, तेल के अलावा अन्य निर्यात, और पूर्व युद्धकालीन तेल आय पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हालांकि, इरान ने आत्मसमर्पण का कोई संकेत नहीं दिया है।

ब्लूमबर्ग इकोनोमिक्स के आर्थिक रणनीतिज्ञ क्रिस केनेडी ने कहा, “अगर अमेरिका पूर्ण सैन्य कार्रवाई बंद करता है तो इसका मतलब यह नहीं कि इरान भी ऐसा करेगा।” विशेषज्ञों का मानना है कि इरान को कुछ महीनों में गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है, जो युद्ध प्रयास और आंतरिक स्थिरता दोनों पर प्रभाव डालेगा।

अलिबाबा ने ३० सेकंड तक की वीडियो बनाने वाला नया एआई मॉडल जारी किया

चीन की टेक कंपनी अलिबाबा ने अपना नया एआई वीडियो निर्माण मॉडल ‘वान थ्री प्वाइंट ज़ीरो’ जारी किया है। यह मॉडल दस्तावेज, स्प्रेडशीट, स्लाइड और वेबपेज से ३० सेकंड तक की वीडियो बनाने में सक्षम है। उपयोगकर्ता द्वारा सामग्री उपलब्ध कराने के बाद एआई उसे समझ कर छोटा वीडियो तैयार करता है, जैसा कि अलिबाबा क्लाउड ने चीनी सोशल नेटवर्क विटचैट पर घोषणा की है।

यह नया मॉडल कंपनी द्वारा एआई क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए १० अरब अमेरिकी डॉलर की हिस्सेदारी बिक्री के एक दिन बाद पेश किया गया है। अलिबाबा का तिमाही मुनाफा, बढ़ी हुई एआई खर्चों के कारण, पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले ७५ प्रतिशत घटा है, जिसका विवरण रॉयटर्स द्वारा दिया गया है।

इस मॉडल का सार्वजनिक परीक्षण संस्करण ६ अगस्त को जारी किया गया था। तब से यह छोटा नाटक, फिल्म निर्माण, विज्ञापन, प्रचार, पर्यटन संबंधित कंटेंट तैयार करने और म्यूजिकल वीडियो बनाने में इस्तेमाल हो रहा है। अलिबाबा अपनी एआई क्षमताओं का विस्तार करना चाह रही है, जबकि बड़ी तकनीकी कंपनियां एआई क्षेत्र में व्यापक निवेश कर रही हैं।

अलिबाबा ने हांगकांग में सूचीबद्ध किसी भी कंपनी द्वारा अब तक किया गया सबसे बड़ा प्राथमिक बाजार शेयर निर्गम के रूप में १० अरब अमेरिकी डॉलर की हिस्सेदारी बिक्री पूरी की है। इस राशि को कंपनी ने एआई टेक्नोलॉजी के विकास और अन्य तकनीकी परियोजनाओं में लगाने की योजना बनाई है।

रूसी सुरक्षा परिषद के उप प्रमुख दिमित्री मेदवेदेव का पश्चिम के खिलाफ आरोप

रूसी सुरक्षा परिषद के उप प्रमुख दिमित्री मेदवेदेव ने कहा है कि पश्चिम शताब्दियों से रूस की सीमावर्ती क्षेत्रों में नए तनाव पैदा करने का प्रयास कर रहा है। युज्नाया ओसेटिया सहित कई मीडिया को दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि पश्चिम की रणनीति रूस के साथ ऐतिहासिक सम्मान वाले देशों को मॉस्को के खिलाफ संघर्ष में घसीटने और अन्य तरीकों से काम करवाने की है। मेदवेदेव ने आगे कहा, “पश्चिम सालों से रूस की सीमाओं के करीब नए तनाव क्षेत्रों को जन्म देने की कोशिश कर रहा है। और यह उनकी रणनीति है कि ऐसे देश जो रूस के गहरे संबंधों में हैं, उन्हें मॉस्को के खिलाफ संघर्ष में शामिल किया जाए और दूसरे माध्यमों से कार्य करवाया जाए।” ९ भदौ, काठमांडू।

आसिफ के शतक और अर्जुन के साथ दो शतकीय साझेदारी से नेपाल की जीत

आसिफ शेख ने १६१ रन बनाए और अर्जुन कुमाल के साथ २२० रन की ओपनिंग साझेदारी ने नेपाल को एसीसी प्रीमियर कप से पहले अर्म अभ्यास मैच में मलेशिया पर जीत दिलाई है। मलेशिया ने ४८.२ ओवर में २३२ रन बनाए, जिसमें कप्तान संदीप लामिछाने ने १० ओवर में ३६ रन खर्च करते हुए ४ विकेट लिए। नेपाल को वर्षा के कारण ४८ ओवर में २२८ रन का लक्ष्य मिला, जिसे उसने २८ ओवर में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। ९ भदौ, काठमांडू। ओपनर आसिफ शेख की शतकयुक्त १६१ रनों और अर्जुन कुमाल के साथ दोहरा शतकीय साझेदारी की मदद से नेपाल ने एसीसी प्रीमियर कप से पूर्व खेले गए अभ्यास मैच में मलेशिया को हराया। मलेशिया ने २३३ रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए वर्षा के कारण खेल रोकने के बाद ४८ ओवर में २२८ रन का लक्ष्य निर्धारित किया गया। नेपाल ने इस लक्ष्य को २८ ओवर में एक विकेट खो कर पूरा किया। आसिफ शेख ने ८५ गेंदों में १६१ रन बनाये, जिसमें १२ चौके और १२ छक्के शामिल थे। आसिफ और अर्जुन कुमाल ने मिलकर २२० रन की ओपनिंग साझेदारी निभाई। अर्जुन कुमाल अंत तक नाबाद रहे और ६१ रन बनाए। पहले बल्लेबाजी करने वाले मलेशिया ने ४८.२ ओवर में अपनी सारी विकेट खोकर २३२ रन बनाए। मलेशिया के लिए मुहम्मद स्याहादात रामली ने सबसे अधिक ६१ रन बनाये। साइफुल्लाह मलिक ने ४५, सईद अजिज ने ४० और विरांगदीप सिंह ने ३९ रन बनाए। नेपाल के कप्तान संदीप लामिछाने ने १० ओवर में ३६ रन खर्च करते हुए ४ विकेट लिए। करण केसी ने २ विकेट लिए जबकि ललित राजवंशी और दीपेंद्रसिंह ऐरी ने १-१ विकेट लिए। नेपाल ने मलेशिया यात्रा से पहले भारत में कर्नाटक के खिलाफ हुए दो अभ्यास मैच भी जीते थे।