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लेखक: space4knews

डोनल्ड ट्रम्प: अमेरिकी राष्ट्रपति सहित रात्रीभोज में गोली चलाने वाले संदिग्ध के बारे में क्या जानकारी है?

अमेरिकी सञ्चारमाध्यमहरूका अनुसार सन्दिग्ध हमलाकारी क्यालिफोर्निया राज्यको टोरेन्सका ३१ वर्षका कोल टोमस एलेन हुन्।

तस्बिर स्रोत, Donald Trump

तस्बिरको क्याप्शन, अमेरिकी सञ्चारमाध्यमहरूका अनुसार सन्दिग्ध हमलाकारी क्यालिफोर्निया राज्यको टोरेन्सका ३१ वर्षका कोल टोमस एलेन हुन्

पढ़ने का समय: ४ मिनट

राष्ट्रपति के रूप में डोनल्ड ट्रंप पहली बार भाग ले रहे व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में गोली चलने के बाद अमेरिकी संघीय सुरक्षा एजेंसी FBI और पुलिस कैलिफोर्निया के टोरेन्स क्षेत्र में एक जगह तलाशी अभियान चला रहे हैं।

सुरक्षा खतरे को ध्यान में रखते हुए व्हाइट हाउस से संबंधित पत्रकारों के वार्षिक इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति ट्रंप को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

कुछ समय बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि संदिग्ध व्यक्ति सशस्त्र था और उसने एक से अधिक हथियारों के साथ गिरफ़्तारी दी।

आक्रमणकारी को रोकने में सफल सुरक्षाकर्मियों की उन्होंने प्रशंसा की।

अधिकारियों ने बताया कि हमले के उद्देश्य और पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है।

आर्सनल ने प्रिमियर लिग में शीर्ष स्थान हासिल किया

आर्सनल ने न्युकासल युनाइटेड को १-० से हराकर इंग्लिश प्रिमियर लिग में शीर्ष स्थान हासिल किया है। एबेरेची इजेलो ने नौवें मिनट में गोल करके आर्सनल की जीत पक्की कर दी। आर्सनल ३४ मैचों में ७३ अंक लेकर तालिका में सबसे ऊपर है, जबकि मैनचेस्टर सिटी ७० अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। १३ वैशाख, काठमाडौं। आर्सनल ने इंग्लिश प्रिमियर लिग फुटबॉल में शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया है। रात के मैच में न्युकासल युनाइटेड को १-० से हराकर आर्सनल ने शिखर स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत की। आर्सनल की जीत में एबेरेची इजेलो का नौवें मिनट में किया गया गोल निर्णायक साबित हुआ। न्युकासल को भी गोल करने के कई मौके मिले, लेकिन वह गोल नहीं कर सका। इस जीत के साथ आर्सनल ने ३४ मैचों में ७३ अंक जुटाकर सबसे ऊपर स्थान बना लिया है। वहीं, दूसरे स्थान पर मौजूद मैनचेस्टर सिटी ने एक मैच कम खेलकर ७० अंक हासिल किए हैं। पराजित न्युकासल ४२ अंकों के साथ १४वें स्थान पर बना हुआ है। पिछले रात हुए अन्य मैचों में, खराब फार्म में चल रहे टोटनहम हॉटस्पर ने वूल्व्स को हराया है, जबकि वेस्ट हैम ने एवरटन को २-१ से मात दी है।

धमाधम हुँदैछ सुकुमवासीको स्क्रिनिङ, सँगसँगै स्वास्थ्य जाँच

सुकुमवासियों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य परीक्षण प्रक्रिया में तेजी

सरकार उपत्यका के अव्यवस्थित बस्तियों को हटाते हुए भूमिहीन और सुकुमवासियों की स्क्रीनिंग कर रही है। त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला में स्थापित डेस्क के माध्यम से वास्तविक सुकुमवासियों की पहचान की जा रही है। स्वास्थ्यकर्मी दल शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य सेवा और मनोसामाजिक परामर्श प्रदान कर रहा है। १३ वैशाख, काठमांडू।

सरकार ने उपत्यका के विभिन्न अव्यवस्थित बस्तियाँ हटाने के साथ ही भूमिहीन और सुकुमवासियों की स्क्रीनिंग शुरू की है। शनिवार सुबह से नदी किनारे बसे सुकुमवासी बस्तियाँ खाली कराई गई हैं। इस प्रक्रिया के दौरान त्रिपुरश्वर स्थित दशरथ रंगशाला में डेस्क लगाकर सरकार वास्तविक सुकुमवासियों की पहचान कर रही है। रंगशाला पहुंचे सुकुमवासियों को स्वास्थ्यकर्मी दल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है।

काठमांडू महानगरपालिका ने स्वास्थ्यकर्मियों की टीम परिचालित कर स्वास्थ्य परीक्षण कर रहा है, जबकि प्रधानमंत्री एवं मन्त्रिपरिषद् कार्यालय ने भी इसकी पुष्टि की है। अब तक कम रक्तचाप से ग्रसित ४ पुरुष और २ महिला, कुल ६ लोगों को सेवा दी गई है। इसके अतिरिक्त, कमर व जॉइंट दर्द से पीड़ित २ पुरुष, सिरदर्द से १८ पुरुष और ६ महिलाएँ, गर्भवती २ महिलाएँ, चोट लगने से १ व्यक्ति तथा विभिन्न अन्य समस्याओं से पीड़ित १२ लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई हैं।

मनोसामाजिक परामर्श के लिए बहुविवाह करने वाली महिलाएं, पिता रहित महिलाएं, विद्यालय आयु वर्ग के बच्चे और रोजगार में लगे अभिभावक मानसिक समस्याओं का परामर्श ले रहे हैं। परिवार और रोजगार संबंधी चिंता, मानसिक तनाव, बच्चों की शिक्षा को जारी रखने के उपाय जैसी समस्याओं को लेकर व्यापक चिंता देखने को मिली है, स्वास्थ्य विभाग के महामारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के फोकल पर्सन ऋषि प्रसाद भूषाल ने जानकारी दी।

हेटौँडा सहकारीको बन्द कोठामा कर्मचारी गम्भीर बिरामी अवस्थामा फेला, ढोका फुटाएर उद्धार गरियो

हेटौँडा बचत तथा ऋण सहकारी संस्थाको भवनमा एक कर्मचारी गम्भीर बिरामी अवस्थामा भेटिएका छन्। उनलाई ढोका फुटाएर उद्धार गरी उपचारका लागि अस्पताल लगिएको छ। पीडित परिवारले सहकारीका सात पदाधिकारीविरुद्ध दुर्व्यवहारको उजुरी दर्ता गराएका छन्। सहकारीमा पदाधिकारीबीच विवाद र एटीएम मेसिन खरिदमा घोटालाको आरोपले तनाव रहेको स्रोतले जनाएको छ। १३ वैशाख, हेटौँडा।

सुरुमा उनलाई हेटौँडा अस्पताल लगिएको थियो, तर त्यहाँ उचित उपचार नपाएपछि चितवनको भरतपुरस्थित सीएमसी अस्पतालमा रिफर गरिएको थियो। पीडितका परिवारका सदस्यहरूले आरोप लगाएका छन् कि सहकारीका पदाधिकारी र कर्मचारीहरूले मानसिक तनाव दिएको कारण उनी आत्महत्या प्रयास गर्न पुगेका हुन्। उजुरी दर्ता नम्बर ७३६६ रहेको छ। प्रहरीले आरोपितहरूलाई नियन्त्रणमा लिएर सोधपुछ नगरेको भन्दै पीडित परिवारले गुनासो गरेका छन्।

मकवानपुर प्रहरी प्रवक्ता प्रहरी नायब उपरीक्षक पुष्कर बोगटीले पीडित उपचारपछि फर्किएपछि दुबै पक्षसँग छलफल गरिने जानकारी दिएका छन्। घटनास्थलमा भेटिएको ‘अलबिदा’ लेखिएको कागजमा कर्मचारीमाथि कार्यस्थलमा भएको दुर्व्यवहारका कारण विषादी सेवन गर्न बाध्य भएको उल्लेख गरिएको छ। पीडितले विष सेवन गर्नुअघि ७–८ पृष्ठको सुसाइड नोट समेत लेखेको उनका भाइले बताएका छन्।

सहकारीका अध्यक्ष राजु वाइबाले ती कर्मचारीलाई तीनवटा जिम्मेवारी दिइएको हुँदा प्रशासन विभागको जिम्मेवारी छाड्न भनेको र यस विषयमा उनी असन्तुष्ट भएको बताएका छन्। सहकारीमा ७ हजार १ सयभन्दा बढी सेयर सदस्य रहेका छन् र आर्थिक वर्ष २०८१/८२ मा ५५ करोड ६४ लाख २६ हजार ५८० रुपैयाँ कर्जा लगानी गरिएको छ।

मनोहरामा सुकुमवासी बस्ती भत्काने की प्रक्रिया शुरू

१३ वैशाख, काठमाडौं। भक्तपुर के मनोहरा स्थित सुकुमवासी बस्ती को भत्काने का काम शुरू कर दिया गया है। बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों को परिचालित कर उस बस्ती को हटाना शुरू किया गया है। वर्तमान में डोजर का उपयोग करके घरों को भत्काने का कार्य तेज़ी से चल रहा है। शनिवार को बस्ती को भत्काने का प्रयास करने पर स्थानीय लोगों ने विरोध जताया था। स्थानीय लोगों ने पत्थरबाजी की जिससे सुरक्षा कर्मी भी घायल हो गए थे। इसके बाद डोजर सहित वापस लौटे हुए उस दल ने आज पुनः मनोहरा क्षेत्र में पहुँचकर कार्य फिर से शुरू किया है। शनिवार को काठमाडौँ महानगरपालिका ने थापाथली और गैह्रीगाउँ की सुकुमवासी बस्तियों में डोजर लगाकर भत्काने की प्रक्रिया आरंभ की थी।

बार्सिलोना ला लिगा की उपाधि के बेहद करीब, शीर्ष स्थान पर ११ अंकों की बड़ी बढ़त

बार्सिलोना स्पेनिश ला लिगा में ११ अंकों की बढ़त के साथ उपाधि के बेहद करीब पहुंच चुका है। बार्सिलोना ने रियल मैड्रिड के मुकाबले ५ कम मैच खेले होते हुए ८५ और ७४ अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर कब्ज़ा जमाया है। बार्सिलोना ने गेटाफे को २-० से हराते हुए फर्मिन लोपेज और मार्कस रासफोर्ड के गोलों के दम पर जीत सुनिश्चित की।

१३ वैशाख, काठमांडू। बार्सिलोना स्पेनिश ला लिगा फुटबॉल की ट्रॉफी से बेहद नजदीक हो गया है। पिछले रात हुए मैच में बार्सिलोना ने गेटाफे को हराते हुए शीर्ष स्थान पर ११ अंकों की व्यापक बढ़त बनाई। शुक्रवार को दूसरे स्थान पर मौजूद रियल मैड्रिड ने रियल बेटिस के खिलाफ १-१ की ड्रॉ खेली, जिससे बार्सिलोना की बढ़त और भी मजबूत हो गई है।

बार्सिलोना ने गेटाफे को २-० से हराकर अपनी बढ़त और भी चौड़ी कर ली है। इस समय बार्सिलोना रियल मैड्रिड से ११ अंक आगे है और दोनों टीमों के सामने अभी ५-५ मैच बाकी हैं। बार्सिलोना ने ३३ मैचों में कुल ८५ अंक बनाए हैं, जबकि रियल मैड्रिड के ३३ मैचों में ७४ अंक हैं। पहले हाफ के अंत में फर्मिन लोपेज ने पेड्री की पासिंग से गोल किया, जिससे बार्सिलोना को बढ़त मिली। दूसरे हाफ में मैदान पर उतरे मार्कस रासफोर्ड ने काउंटर अटैक से शानदार गोल कर जीत सुनिश्चित की। इस जीत के साथ बार्सिलोना अपनी २९वीं ला लिगा उपाधि की ओर मजबूती से बढ़ रहा है।

अन्तर्राष्ट्रिय क्रिकेटमा करणको २ सय विकेट पूरा – Online Khabar

करण केसी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 200 विकेट का अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया

नेपाली क्रिकेटर करण केसी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 200 विकेट का अभूतपूर्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने 154 मैचों में 95 एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) और 106 टी-20आई विकेट लिए हैं। शनिवार को UAE के खिलाफ खेले गए ODI मैच में उन्होंने 4 विकेट लेकर नेपाल की UAE पर जीत सुनिश्चित की। 13 वैशाख, काठमाडौं।

सन् 2015 में टी-20आई से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले करण ने ODI और टी-20आई दोनों प्रारूपों में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उन्होंने कुल 154 मैचों में 201 विकेट लिए हैं, जिनमें 95 विकेट 66 ODI मैचों में और 106 विकेट 88 टी-20आई मैचों में शामिल हैं। शनिवार को UAE के खिलाफ खेले गए ODI में उनका चार विकेटों का शानदार प्रदर्शन रहा, जिससे नेपाल को UAE पर महत्वपूर्ण जीत मिली।

ब्रा के पीछे समान तीन हुक होते हैं, क्यों?

तीन हुक ब्रा पर समान दबाव वितरित करते हैं जिससे यह स्थिर रहती है और बड़े स्तनों वाली महिलाओं के लिए उपयुक्त होती है। समय के साथ, ब्रा हर लड़की के लिए एक आवश्यक वस्त्र बन चुका है। बाजार में कई डिज़ाइन मिलते हैं, जैसे ऑफिस वेयर, स्पोर्ट्स ब्रा, या घर में आराम के लिए खास आरामदायक ब्रा। इन्हें चुनते समय महिलाएं केवल फैब्रिक और क्वालिटी पर ही नहीं बल्कि आराम और फिटिंग पर भी ध्यान देती हैं। लेकिन क्या आपने ध्यान दिया है कि सभी ब्रा के पीछे तीन समान आकार के हुक होते हैं? आखिरकार ब्रा के पीछे समान हुक क्यों होते हैं और इन्हें वहीं क्यों लगाया जाता है?

कप साइज और बैंड साइज अलग होते हैं — ब्रा पर तीन समान हुक लगने का मुख्य कारण महिलाओं के शरीर का आकार होता है। हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए ब्रा के कप और बैंड साइज में अंतर होता है। कभी-कभी कप साइज ठीक होते हुए भी पीछे का बैंड फिट नहीं होता; इस स्थिति में तीन अलग-अलग दूरी पर लगे हुकों को एडजस्ट करके सही फिटिंग प्राप्त की जा सकती है। इसलिए ब्रा संबंधी जानकारी महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

जब स्ट्रेचेबल बैंड ढीला हो जाता है तो हुकों का प्रयोग होता है। समय के साथ ब्रा थोड़ी ढीली होती है क्योंकि जिस बैंड पर हुक लगे होते हैं वह स्ट्रेचेबल होता है। इस कारण नए ब्रा खरीदने पर सबसे पहले इसे पहले हुक में लगाना चाहिए। जैसे-जैसे यह ढीला होता है, तब दूसरा और तीसरा हुक उपयोग किया जा सकता है। ये अलग-अलग हुक ब्रा की आयु को बढ़ाते हैं। इसलिए यदि कप खराब नहीं है तो इसे कुछ समय तक और इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन तीसरे हुक पर भी अगर ढीलापन आ जाए तो ब्रा बदलनी चाहिए।

अच्छे आकार के साथ दबाव समान रूप से वितरित होता है। एक हुक की बजाय कई हुक होने से दबाव एक ही जगह पर नहीं पड़ता, जिससे पीठ में दर्द या असुविधा नहीं होती। तीन हुक ब्रा को अधिक स्थिर बनाते हैं, खासकर बड़े स्तनों वाली महिलाओं के लिए यह अधिक उपयुक्त होता है। यदि ये हुक आगे होते तो पहनने में मुश्किल आती, इसलिए बाजार में फ्रंट जिप क्लोजर वाली स्पोर्ट्स ब्रा आई हैं, जिन्हें पहनना सामने लगे हुक की तुलना में आसान होता है।

हुक का आकार गोल क्यों नहीं होता? किसी भी ब्रा के हुक गोल नहीं होते; वे हमेशा आर्क या आयताकार बनाए जाते हैं। इसका कारण प्रयोग में आसानी और आराम है। गोल हुक खोलना और बंद करना मुश्किल होता है, खासकर पीछे हाथ लगाकर। इसलिए हुकों को आर्क या आयताकार बनाया जाता है ताकि वे आराम से फिट हों, मजबूत लॉक हों और आसानी से खोले जा सकें।

कैसे पता करें कि ब्रा का सही साइज क्या है? ब्रा का बैंड ठीक होना आवश्यक है क्योंकि ब्रा का अधिकतम समर्थन बैंड ही देता है। अगर बैंड ऊपर उठता है या बहुत ढीला है तो साइज गलत होता है। कप में गैप नहीं होना चाहिए; अगर कप स्तन में फिट नहीं होता या बाहर निकल रहा हो तो कप छोटा है, और यदि कप में जगह दिखती हो तो कप बड़ा है। स्ट्रैप्स पर पूरा वजन नहीं होना चाहिए; सही ब्रा में सपोर्ट बैंड देता है और स्ट्रैप्स केवल संतुलन बनाते हैं। ब्रा का बीच का हिस्सा ठीक से छाती से टच होना चाहिए; अगर बीच का हिस्सा छाती में सही से नहीं लगता तो फिट सही नहीं है। सांस लेने में दिक्कत हो तो भी साइज गलत है। ब्रा फिट हो, लेकिन अत्यधिक दबाव महसूस न हो।

सही कप साइज इस तरह मालूम करें। एक अच्छी ब्रा के कप साइज का सही होना जरूरी है। इसके लिए दो माप लिए जाते हैं: बस्ट (छाती का सबसे उभरा हुआ भाग) और अंडरबस्ट (छाती का निचला भाग)। अंडरबस्ट नापने के लिए मापने वाली टैप को छाती के ठीक नीचे रखा जाता है। बस्ट नापते समय टैप को छाती के सबसे उभरे हुए भाग पर न ज्यादा ढीला और न ज्यादा टाइट रखें। इन दोनों मापों के अंतर से कप साइज निर्धारित होती है। १ इंच अंतर: ए, २ इंच अंतर: बी, ३ इंच अंतर: सी, ४ इंच अंतर: डी। उदाहरण के लिए, अगर अंडरबस्ट ३२ इंच और बस्ट ३४ इंच हो तो अंतर २ इंच होगा और कप साइज बी होगी। ध्यान रखें कि हर ब्रांड की ब्रा साइजिंग अलग हो सकती है, इसलिए ट्रायल फिटिंग आवश्यक है।

प्रधानमंत्री बालेन शाह का बेघर प्रवासी प्रबंधन पर दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में काठमांडू के नदी किनारे लगभग चार हजार बेघर प्रवासी बस्तियों को हटाने का अभियान तेज किया गया है। बेघर प्रवासी समस्या की उत्पत्ति ऐतिहासिक भूमि असमान वितरण और सामाजिक-आर्थिक असमानताओं के कारण हुई बाध्यात्मक परिस्थितियों का परिणाम है। सरकार पर बेघर प्रवासियों का सम्मानजनक प्रबंधन करते हुए अस्थायी स्थानांतरण और स्थायी आवास की व्यवस्था करने का संवैधानिक दायित्व है।

लगभग दो-तिहाई बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने वालेन्द्र शाह (बालेन) के नेतृत्व में वर्तमान में काठमांडू के नदी किनारे लगभग चार हजार बेघर प्रवासी बस्तियों को हटाने का अभियान तेज किया गया है। पूर्व में काठमांडू महानगरपालिका के मेयर रहते हुए संघीय सरकार के असहयोग के कारण यह कदम रोका गया था, जिसे उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद तीनों सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे बढ़ाया है। सरकार ने बस्तियाँ हटाने से पहले लोगों को अस्थायी रूप से हटाने और बाद में स्थायी प्रबंध करने का वादा किया था, फिर भी वर्षों से राज्य और राजनीतिक दलों द्वारा धोखा पाने वाले बेघर प्रवासियों में गहरा अनिश्चितता, भय और चिंता व्याप्त है।

कोई भी व्यक्ति बेघर प्रवासी बनने की इच्छा नहीं रखता और हमेशा के लिए बेघर रहकर नदी किनारे जोखिम भरा जीवन बिताना उचित नहीं है। अतः बेघर प्रवासी नागरिक स्वयं समस्या के कारण नहीं हैं; इसका दीर्घकालीन और मानवीय समाधान न देना राज्य की संरचनात्मक विफलता है। बालेन सरकार ने वर्षों से उलझी इस समस्या को दीर्घकालीन रूप से समाधान करने का प्रयास किया है, जो सराहनीय है। लेकिन शहर की सुंदरता बढ़ाने के नाम पर एक जगह की मानवीय आपदा को किसी दूसरी जगह स्थानांतरित करना पर्याप्त नहीं है।

बेघर प्रवासियों के नाम पर राजनीतिक और माफिया खेल भी चलता रहा है। बेघर प्रवासी समस्या केवल नदी के किनारे जमीन के अतिक्रमण की नहीं है, बल्कि यह दशकों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार और सीमांत वर्गों के समावेशी विकास से जुड़ा गंभीर राजनीतिक प्रश्न है। डोजर मकान तोड़ सकता है, पर गरीबी और भेदभाव की जड़ों को मिटा नहीं सकता। लगभग छह दशकों से बेघर प्रवासियों के नाम पर नेपाल में राजनीति और भ्रष्टाचार चलता आ रहा है।

आज की जरूरत बेरहम विस्थापन नहीं, मानवीय स्वामित्व और अपनत्व की है। अस्थिरता और भय नहीं, सम्मानजनक स्थायित्व चाहिए। इसलिए सरकार को नकली चिंताओं के बजाय वास्तविक और व्यावहारिक कदम उठाने चाहिए।

कबड्डी में अपराजित नेपाल सेमीफाइनल में श्रीलंका से भिड़ेगा

नेपाल ने छठवें एशियन बीच गेम्स २०२६ के अंतर्गत कबड्डी समूह बी में बांग्लादेश को ३८-३६ से हराया है। इस जीत के साथ नेपाल समूह बी में अपराजित रहते हुए सेमीफाइनल में पहुंच गया है और फाइनल में प्रवेश के लिए श्रीलंका से मुकाबला करेगा। नेपाल ने समूह चरण में चाइनीज ताइपेई को ४८-३२ और थाईलैंड को ४९-३३ से हराया था। १३ वैशाख, काठमाडौं।

छठवें एशियन बीच गेम्स २०२६ के अंतर्गत कबड्डी के समूह बी के अंतिम मैच में नेपाल ने बांग्लादेश को हराकर समूह बी का विजेता बनकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। नेपाल ने पहले हाफ में १९-१७ की बढ़त बनाई थी। दूसरे हाफ में इस बढ़त को कायम रखते हुए नेपाल ने जीत दर्ज की।

सुकुमवासीको अवस्था बुझ्न खटियो मानव अधिकार आयोगको टोली

सुकुमवासी की स्थिति जानने मानवाधिकार आयोग की टीम सक्रिय

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम सुकुमवासी की स्थिति जानने के लिए कीर्तिपुर स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास पहुंची है। शनिवार को थापाथली और गैह्रीधारा इलाके से सुकुमवासियों को नेपाल पुलिस और नगर पुलिस ने हटाकर नागार्जुन और कीर्तिपुर के सत्संग भवनों में रखा गया है। आयोग ने 2069 साल में दी गई सिफारिश के बाद सुकुमवासियों की पहचान कर वैकल्पिक आवास सुनिश्चित करने के निर्देश सरकार को दिए थे। 13 वैशाख, काठमांडू।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम सुकुमवासियों की स्थिति जानने के लिए फिल्ड में सक्रिय है। आयोग की टीम आज सुबह कीर्तिपुर स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास पहुंची। शनिवार को थापाथली और गैह्रीधारा क्षेत्र से सुकुमवासियों को हटाया गया था। नेपाल पुलिस और नगर पुलिस की टीम ने उन्हें नागार्जुन और कीर्तिपुर के सत्संग भवन सहित अन्य स्थानों पर ले जाकर रखा है। मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के कारण आयोग की टीम जांच के लिए निकली है।

आयोग के प्रवक्ता डॉ. टीकाराम पोखरेल ने सुकुमासियों की स्थिति जानने के लिए टीम भेजे जाने की जानकारी दी है। आयोग ने सुकुमासियों के प्रबंधन में 2069 साल में सरकार को दी गई सिफारिशों को लागू करने के संबंध में वैशाख 11 को पत्राचार भी किया था। तत्कालीन सिफारिश के अनुसार, वास्तविक सुकुमासियों की पहचान कर वैकल्पिक आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, अतिक्रमित जमीन पर बने घरों और झोपड़पट्टियों को खाली करते समय अत्यधिक बल प्रयोग न करने और संयम बरतने का भी निर्देश दिया गया था।

बीपी राजमार्ग खोलने में समय लगेगा, वैकल्पिक मार्ग से यातायात संचालित

बीपी राजमार्ग शुक्रवार दोपहर ४ बजे से बारिश के कारण डाइवर्‍शन बह जाने से सड़क पूर्ण रूप से अवरुद्ध हो गई है। पुलिस निरीक्षक ईश्वर कार्की ने रविवार शाम तक भी राजमार्ग खोलने में समस्या होने की जानकारी दी है। मंगलटार, भकुंडे, काभ्रेभञ्ज्यांग और धुलिखेल क्षेत्रों में रोकिए गए वाहन वैकल्पिक मार्ग से संचालित किए जाने लगे हैं। शनिवार को हुई भारी बारिश के कारण विभिन्न स्थानों पर डाइवर्‍शन बह जाने से बीपी राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। शनिवार दोपहर ४ बजे से बंद राजमार्ग खोलने में समय लगेगा, पुलिस स्रोत ने बताया।

इलाका पुलिस कार्यालय मंगलटार के प्रमुख पुलिस निरीक्षक ईश्वर कार्की ने संभवतः रविवार शाम तक भी सड़क खोलने में समस्या बनी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। पुलिस के अनुसार रोशी खोल की बाढ़ ने चौकीडांडा, घुमाने, चारसय बेँसी, गिम्दी बेँसी, नार्के, चिउरीबास, बोक्सीकुना, कालढुंगा, डालाबेशी, ठुलोढुंगा तथा माम्ती क्षेत्रों में डाइवर्‍शन बहा दिया है। इसी तरह नेपालथोक और सिन्धुली के आँपघारी क्षेत्र में भी डाइवर्‍शन बहा है। जिला पुलिस प्रमुख एसपी कोमल शाह के अनुसार बीपी राजमार्ग के विभिन्न स्थानों पर डाइवर्‍शन बहने के कारण काभ्रे के मंगलटार, भकुंडे, काभ्रेभञ्ज्यांग और धुलिखेल तथा सिन्धुली के नेपालथोक और खुर्कोट में सैकड़ों वाहन रुक गए थे।

रविवार सुबह से ही भकुंडे, काभ्रेभञ्ज्यांग और धुलिखेल में रोके गए वाहनों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा चुका है। मंगलटार क्षेत्र में भी रुकें हुए यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर परिचालन शुरू कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार मंगलटार तक यात्री लेकर गए वाहन वहीं रोककर यात्रियों को रोशी खोल पार कर पैदल यात्रा करवाई गई और वहां से दूसरी गाड़ी की व्यवस्था कर तेमाल के कालधार–नारायणस्थान–भकुंडे होते हुए धुलिखेल भेजा गया है। पुलिस के अनुसार मौसम में सुधार होने और सड़क सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही फिर से वाहनों का संचालन होगा। इस विषय में आगे सूचना आने बाकी है, पुलिस ने बताया।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह द्वारा एक महीने में किए गए प्रमुख कार्यों का सारांश

देश के कार्यकारी प्रमुख बने एक महीने बाद प्रधानमंत्री बालेन्द्र ‘बालेन’ शाह ने काठमांडू महानगर के मेयर रहते अपने कार्यकाल में निपटा न पाने वाली उपत्यका की नदियों के किनारे बसे सुकुम्बासी बस्तियों को हटाने का काम शुरू किया है। शनिवार को थापाथली और सिनामंगल क्षेत्र में भूमिहीन लोगों को हटाकर उनके घरों पर डोजर चलाया गया। यह अभियान रविवार को भी जारी रहने की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी है। दशकों से संघीय और स्थानीय सरकारों द्वारा हल नहीं की जा सकी सुकुम्बासी समस्या के समाधान का वादा करते हुए बालेन सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम ने मिश्रित प्रतिक्रिया प्राप्त की है।

काठमांडू महानगरपालिका के मेयर से इस्तीफा देकर प्रधानमंत्री बनने की घोषणा कर संसदीय चुनाव लड़ने वाले बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने फाल्गुन महीने में हुए चुनाव में लगभग दो-तिहाई बहुमत हासिल कर एकल बहुमत सरकार बनाई। चैत्र १३ से सरकार की अगुवाई संभालने के साथ ही शाह ने पारंपरिक शासन संरचनाओं में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने का प्रयास किया है, जैसा की नेपाल खुला विश्वविद्यालय के सह-प्राध्यापक हरीप्रसाद ढुंगाना ने बताया है। उन्होंने कहा, “सरकार कैसे संचालित होती थी और उसके कामकाज में कुछ नई परिवर्तन के प्रयास दिखते हैं। यह एक नए आत्मविश्वास के साथ आया है,”।

हालांकि, राष्ट्रीय जनमोर्चा के अध्यक्ष चित्रबहादुर केसी, जो कुछ समय उपप्रधानमंत्री भी रह चुके हैं, ने नई सरकार को प्रजातांत्रिक चरित्र से वंचित बताते हुए कहा है, “जनता की आवाज उठाने वाले छात्र संगठनों पर प्रतिबंध लगाना यह दर्शाता है कि इस सरकार ने लोकतांत्रिक तत्वों की कोई परवाह नहीं की है।”

सरकार के कुछ कदम अभी सफल नहीं हो पाए हैं, और बालेन की अगुवाई वाली सरकार हर क्षेत्र में पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं कर पाई है। प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त दो मंत्रियों के लेकर उठे सवालों के बाद उन्हें मंत्रिपरिषद से हटाना पड़ा। अपनी ही पत्नी द्वारा लिए गए विवादित नियुक्ति के कारण दीपक कुमार साह को मंत्री बनने के दो सप्ताह के भीतर पद छोड़ना पड़ा। इसके अलावा, संपत्ति विवरण खुलासे के बाद विवादित व्यवसायी के साथ साझेदारी पाए जाने पर गृहमंत्री सुधन गुरुङ ने 27वें दिन में इस्तीफा दे दिया।

नई सरकार ने संपत्ति शोधन के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउवा और पूर्व विदेश मंत्री आरजू राणा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। ये दोनों हांगकांग में हैं और अभी तक देश लौटे नहीं हैं। राजनीतिक हस्तियों के अलावा वित्तीय अपराध और संपत्ति शोधन में कई व्यापारी भी गिरफ्तार किए गए हैं।

प्रधानमंत्री शाह ने 100 दिनों की योजना के तहत कई नीतिगत सुधारों की घोषणा कर चुके हैं। सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र संगठन समाप्त करने के साथ-साथ कर्मचारी ट्रेड यूनियन के समाप्ति के फैसलों को लेकर विरोध और समर्थन दोनों प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। पूर्व उपप्रधानमंत्री केसी ने कहा, “यह सरकार प्रगति के लिए नहीं है यह साफ दिखता है। डोजर चलाकर सुकुम्बासी को हटाने का दृश्य इसका प्रमाण है।”

इरानमा इन्टरनेट प्रतिबन्धका कारण लाखौँ रोजगारी गुमे, जिम्मेवार को?

इरान में इंटरनेट प्रतिबंध के कारण लाखों नौकरियाँ गईं, दोषी कौन?

१३ वैशाख, काठमाडौं। अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी संघर्ष के अन्य प्रभावों के बीच, ईरान में इंटरनेट प्रतिबंध ने लाखों लोगों को प्रभावित किया है। ईरान में लगभग एक करोड़ लोग अपनी नौकरी के लिए निर्बाध इंटरनेट सेवा पर निर्भर हैं। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, इंटरनेट प्रतिबंध के कारण अब तक १० लाख से अधिक नौकरियाँ चली गई हैं। कुछ स्वतंत्र अनुमानों में इसका प्रभाव इससे भी ज्यादा होने की संभावना जताई गई है। डिजिटल अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण नुकसान होने का अनुमान है। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे और उद्योगों में भी व्यापक क्षति हुई है।

देश के भीतर इंटरनेट प्रतिबंध को लेकर ईरानी सरकार में मतभेद देखे गए हैं। ईरान के वरिष्ठ मंत्रियों ने इंटरनेट प्रतिबंध के कारण नागरिकों की नौकरियाँ जाने और इससे सामाजिक तथा आर्थिक क्षेत्रों पर प्रभाव पड़ने की चेतावनी दी है। इंटरनेट पहुंच को भेदभावपूर्ण बताते हुए गंभीर आपत्ति भी जताई गई है, लेकिन सरकार के कुछ उच्च अधिकारियों ने विशेष परिस्थितियां होने के कारण इंटरनेट सेवा पुनः शुरू करना संभव न होने का दावा किया है। इसलिए जनता से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है।

ईरानी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध का आर्थिक प्रभाव गहराता जा रहा है। इससे रोजगार, डिजिटल अर्थव्यवस्था और प्रमुख उद्योगों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। हाल की चिंता पूरे देश में इंटरनेट अवरुद्ध होने को लेकर है, जो अब ५४वें दिन में प्रवेश कर चुका है। वरिष्ठ अधिकारियों ने समान और निष्पक्ष पहुंच के महत्त्व पर जोर दिया है। ईरान के आधिकारिक सरकारी सूचना पोर्टल के अनुसार, प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने २२ अप्रैल को इंटरनेट पहुंच को विश्वव्यापी अधिकार के रूप में मान्यता देने की बात कही है।

उप-श्रममंत्री गुलाम हुसैन मोहम्मदी ने प्रारंभिक अनुमान में बताया कि युद्ध के कारण १० लाख से अधिक नौकरियाँ चली गई हैं और २० लाख लोग सीधे या अप्रत्यक्ष तरीके से बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। कुछ ईरानी मीडिया ने ४० लाख नौकरियों के जाने या प्रभावित होने का अनुमान लगाया है, जो आर्थिक नुकसान के स्तर को इससे भी अधिक दिखाता है। ईरान की डिजिटल अर्थव्यवस्था को हुए अनुमानित घाटे की राशि २,१५० ट्रिलियन रियाल (१.६९ अरब डॉलर) बताई गई है। दैनिक नुकसान के आंकलन के अनुसार, डिजिटल क्षेत्र ने ५ ट्रिलियन रियाल (३.९ मिलियन डॉलर) और संपूर्ण अर्थव्यवस्था ने ५० ट्रिलियन रियाल (३९.२ मिलियन डॉलर) का नुकसान उठाया है।

अधिकारियों ने इंटरनेट प्रतिबंध को युद्धकालीन आवश्यकताओं का हिस्सा बताते हुए इसे उचित ठहराने का प्रयास किया है। सरकार के जन संपर्क परिषद के प्रमुख एलियास हजरती ने कहा है कि संघर्ष समाप्ति के बाद ही इंटरनेट सेवा पूरी तरह से पुनः शुरू की जाएगी। उन्होंने “विशेष परिस्थितियों” की ओर इशारा करते हुए जनता से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया। २१ अप्रैल को संचार मंत्री सत्तार हासेमी ने कहा था कि स्थिर और उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेट सेवा एक “सार्वजनिक अधिकार” है। उन्होंने चेतावनी दी कि ये अवरोध न केवल तकनीकी बल्कि बहु-क्षेत्रीय “प्रणालीगत” समस्याओं के कारण उत्पन्न हुए हैं।

हासेमी ने कहा, लगभग १ करोड़ लोग, जिनमें अधिकांश मध्यम और निम्न आय वर्ग के हैं, सीधे तौर पर अपने काम के लिए भरोसेमंद डिजिटल कनेक्टिविटी पर निर्भर करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार यह अस्थिरता उनकी नौकरियों के लिए प्रत्यक्ष खतरा है और इससे व्यापक सामाजिक व आर्थिक प्रभाव पड़ सकते हैं। उन्होंने दूरसंचार क्षेत्र में वित्तीय दबाव पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि कुछ सेवा प्रदाताओं की आय घट गई है और वे अपने कर्मचारियों को वेतन देने में समस्या में हैं।

न्यायाधीश सुवेदी का मिडिया ट्रायल पर न्याय सम्पादन में नकारात्मक प्रभाव हेतु अभिव्यक्ति

१२ वैशाख, विराटनगर । सर्वोच्च अदालत की न्यायाधीश सारंगा सुवेदी ने न्यायालय के निर्णयों के विरोध में मिडिया द्वारा किए जाने वाले मिडिया ट्रायल की कष्टदायक स्थिति पर प्रकाश डाला। उनके अनुसार, जब अदालत का आदेश या फैसला उनके विपक्ष में आता है, तो विवादित पक्ष मिडिया में भ्रामक प्रचार करके गलत खबरें फैलाने लगते हैं। उन्होंने कहा, ‘अदालत ने आदेश दिया, और जिसका विरुद्ध हमने आदेश या फैसला किया, वही पक्ष मिडिया तक पहुंच बनाता है, और अगले दिन से न्यायाधीशों के नाम से भ्रामक समाचार आने लगते हैं, वह लिखता है कि जनता इसे पढ़े और विश्वास कर ले।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने (न्यायाधीश के रूप में) अपनी निष्ठा के साथ काम किया, परंतु कोई इस पर ध्यान नहीं देता, कोई लिखता नहीं। मिडिया में जो लिखा गया, वही दिखा।’

‘न्यायिक कार्यवाही की प्रभावकारिता बढ़ाने में न्याय क्षेत्र समन्वय समितियों की भूमिका’ विषय पर आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में उन्होंने मिडिया ट्रायल के कारण न्यायालय और न्याय सम्पादन के कार्यों पर प्रभाव पड़ने की शिकायत की। न्याय क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील होने के कारण उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से बचने का आग्रह सभी से किया। साथ ही उन्होंने कहा कि जनता का अंतिम विश्वासात्मक संस्थान अदालत को बचाने के लिए सभी को प्रयासरत होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘जहाँ आपको भी जाना है, और जहाँ मुझे भी जाना है। ये कल का सवाल नहीं, हम सभी का सवाल है।’ उन्होंने कहा, ‘हजारों भीड़ से लाठियों से मारी गई एक ही नागरिक को न्याय की तलाश में अदालत के द्वार तक आना पड़ता है, और वहां सुरक्षित महसूस करना चाहिए। जबकि वे हजार लोग बाहर रह जाते हैं, वे आलोचना करते हैं, परंतु न्याय वहीं मिलेगा।’

न्यायाधीशों के प्रति संवेदनशीलता के साथ समाचार लेखन की जरूरत पर भी उनका बल था। उन्होंने कहा, ‘जब आप हमारे बारे में समाचार लिखते हैं तो संवेदनशीलता आवश्यक है या नहीं, यह प्रश्न उठता है।’ उन्होंने कानूनी पेशेवरों से सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने तथा आवश्यक होने पर गरीब और असहायों को निःशुल्क सेवा देने का अनुरोध किया। उनका सुझाव था, ‘यदि आप 20 क्लाइंट से फीस लेते हैं, तो कम से कम एक को निःशुल्क सेवा जरूर दें। इसे मंदिर में पूजा समझ कर गरीब और असहायों को न्याय दिलाने में लगें।’

न्याय क्षेत्र समन्वय समिति के केन्द्रीय संयोजक भी रह चुकी न्यायाधीश सुवेदी ने कहा कि मामले के प्रारंभिक चरण में स्पष्ट विवरण और निवास स्थान के अभाव में न्याय सम्पादन में देरी होती है। उन्होंने म्याद तामेली, अपूरणीय ठेगाना और पुलिस जांच की कमज़ोरियों को न्याय देने में विलंब का कारण बताया। उन्होंने चिंता व्यक्त की, ‘अगर पुलिस में एक बयान होता है और अदालत में बयान अलग होता है, तो यह प्रवृत्ति न्याय को अंधकार में डाल देती है।’ इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने म्याद तामेली में हो रही देरी, बैंकिंग कसूर के मामलों में प्रतिवादी के बिना ही मामला दर्ज होना, नापी और मालपोत कार्यालय के जवाब न मिलने के कारण न्याय सम्पादन पर असर पड़ना सहित कई विषयों पर चिंता जताई।

उच्च अदालत विराटनगर के मुख्य न्यायाधीश राजन भट्टराई ने कहा कि न्याय क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है और न्याय प्राप्ति केवल सभी पक्षों के समन्वय से ही संभव है।