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लेखक: space4knews

अमेज़न ने गैजेट्स के दाम बढ़ाए, अन्य क्षेत्रों पर कैसा पड़ेगा असर?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग के कारण विश्वव्यापी मेमोरी चिप्स की गंभीर कमी (मेमोरी क्रंच) देखने को मिल रही है, जो सीधे आम उपभोक्ताओं पर प्रभाव डालने लगी है। इसी समस्या के चलते अमेज़न ने अपने कई लोकप्रिय इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के दामों में बड़ी वृद्धि की है। इको स्पीकर, फायर टीवी, किंडल ई-रिडर और एरो राउटर जैसे उपकरणों के दाम रातोंरात बढ़ाकर कुछ ६० प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं। दाम वृद्धि का सबसे अधिक असर अमेज़न के लोकप्रिय गैजेट इको डॉट पर पड़ा है। इसका मूल्य ४९.९९ अमेरिकी डॉलर से ६० प्रतिशत बढ़कर सीधे ७९.९९ डॉलर हो गया है, जिससे ३० डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ा है।

इसी प्रकार, १६ जीबी क्षमता वाले किंडल ई-रिडर का मूल्य भी ४० डॉलर बढ़कर १४९.९९ डॉलर हो गया है। स्ट्रीमिंग स्टिक से लेकर घरेलू नेटवर्क उपकरण तक दाम वृद्धि का प्रभाव देखा गया है। अमेज़न ने बताया है कि अपने उत्पादों की लागत बढ़ने के कारण और उसे खुद पर वहन करने में असमर्थता के कारण यह मूल्य वृद्धि करना पड़ा है। यह समस्या केवल अमेज़न तक सीमित नहीं है। एप्पल ने भी मेमोरी चिप्स की बढ़ती लागतों का हवाला देते हुए अपने उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं जबकि माइक्रोसॉफ्ट एक्सबॉक्स हार्डवेयर पर इसी तरह का कदम उठा रहा है। विशेष रूप से क्लाउड कंपनियों और बड़े डेटा सेंटर्स ने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मेमोरी चिप्स की बड़ी मांग की बात करते हुए आपूर्ति संकट की गहराई को बढ़ाया है।

जेपी मॉर्गन ग्लोबल रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, २०२४ की शुरुआत से २०२६ के अंत तक डीआरएएम (डायनेमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी) की कीमतें ४०० प्रतिशत या उससे अधिक बढ़ सकती हैं। इसका सबसे बड़ा प्रभाव सस्ते बजट गैजेट्स पर पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार अनुसंधान संस्था IDC के अनुसार, इससे विश्वव्यापी तौर पर पर्सनल कंप्यूटर और स्मार्टफोन की आपूर्ति कम हुई है और कम कीमत वाले स्मार्टफोन की बिक्री में भी भारी गिरावट आई है। माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न और अन्य बड़े क्लाउड प्रदाताओं ने दीर्घकालीन अनुबंधों के जरिए मूल्य जोखिम को कम करने का प्रयास किया है, लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए कीमत वृद्धि से बचने का कोई विकल्प नहीं है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह आपूर्ति संकट और महंगाई की स्थिति संभवतः २०२७ से पहले सहज नहीं होगी, जिसे विभिन्न तकनीकी और संचार माध्यमों ने भी रेखांकित किया है।

म्यान्चेस्टर सिटी ने घरेलू मैदान पर शानदार वापसी करते हुए की जीत से शुरुआत

म्यान्चेस्टर सिटी ने नए सत्र के इंग्लिश प्रीमियर लीग के पहले मैच में एएफसी बर्नमाउथ को एटिहाद स्टेडियम में २-१ से हराया। मार्कस ट्रावेनियर ने २६वें मिनट में गोल कर बर्नमाउथ को बढ़त दिलाई, लेकिन मार्क गेही ने ८५वें मिनट में सिटी के लिए बराबरी का गोल किया। इन्जुरी समय के दूसरे मिनट में जोस्को बार्डियल ने निर्णायक गोल कर म्यान्चेस्टर सिटी को शानदार वापसी जीत दिलाई। ७ भाद्र, काठमांडू। म्यान्चेस्टर सिटी ने इंग्लिश प्रीमियर लीग के नए सत्र के पहले मैच में वापसी करते हुए विजयी शुरुआत की है। रविवार शाम घरेलू मैदान एटिहाद स्टेडियम में खेले गए इस मैच में सिटी ने एएफसी बर्नमाउथ को २-१ से पराजित किया। मैच के २६वें मिनट में मार्कस ट्रावेनियर ने गोल कर बर्नमाउथ को बढ़त दी। पहला हाफ बिना किसी और गोल के खत्म हुआ। दूसरे हाफ के अधिकांश समय तक स्कोर में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन ८५वें मिनट में मार्क गेही ने गोल कर सिटी को मुकाबले में लौटा दिया। इन्जुरी समय के दूसरे मिनट में जोस्को बार्डियल ने निर्णायक गोल दागकर सिटी को जीत दिलाई।

‘पूर्वराजा ने दी शुभकामनाएं, स्थानीय चुनाव में भाग लेंगे’

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • डा. धवल शम्शेर जबरा ने कल शाम सोल्टी होटल में पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र शाह से समसामयिक, राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर लंबी बातचीत की।
  • ज्ञानेन्द्र शाह ने सभी को मिलकर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं और देश की स्थिति पर चिंता व्यक्त की, जबरा ने बताया।
  • जबरा ने बताया कि वे भाद्र और आश्विन के भीतर ७७ जिलों में अस्थायी समितियां गठित करेंगे और आगामी स्थानीय चुनावों में भाग लेंगे।

७ भाद्र, काठमांडू। राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) से अलग होकर नई राजनीतिक यात्रा शुरू करने वाले डा. धवल शम्शेर जबरा ने पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र शाह से भेंट की। भेंट के दौरान समसामयिक मुद्दों पर चर्चा हुई, जबरा ने बताया।

उन्होंने ऑनलाइन बातचीत में कहा कि ज्ञानेन्द्र शाह से बहुत समय बाद हुई इस मुलाकात में देश की वर्तमान स्थिति, राजनीतिक गतिविधियां और अन्य विषयों पर लंबी बातचीत हुई।

इस दौरान पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र शाह ने सभी को जोड़कर आगे बढ़ने की शुभकामना दी, जबरा ने कहा।

ज्ञानेन्द्र शाह से मिलने के बाद उत्साहित नजर आए जबरा ने बताया कि वे देशभर संगठन विस्तार करेंगे और आगामी स्थानीय चुनावों में भाग लेंगे।

राप्रपा छोड़कर ‘जय नेपाल पार्टी’ बनाने वाले जबरा से आज सुबह संक्षिप्त बातचीत—

आपने पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र शाह से मुलाकात की तस्वीर साझा की है। वह मुलाकात कब हुई?

कल शाम हुई।

मुलाकात कहाँ हुई?

कल सोल्टी होटल में हिमानी ट्रस्ट के कार्यक्रम में। वहीं हुई।

मुलाकात में क्या चर्चा हुई?

समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई, खासकर देश की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर। देश के वर्तमान हालात पर बात हुई।

कितनी देर चर्चा हुई?

बहुत दिनों बाद मिले थे, इसलिए बातचीत लंबी हुई। राजसंस्था और हिन्दू अधिराज्य के पक्ष में जनमत बनाने और आगे बढ़ने की हमारी पार्टी की योजना के बारे में भी जानकारी दी।

पूर्वराजा देश की स्थिति को लेकर चिंतित हैं। वे चाहते हैं देश प्रगति करे और सभी नेपाली सुखी हों, यह उनकी सकारात्मक सोच है।

पूर्वराजा का क्या प्रतिक्रिया थी?

उन्होंने कहा, ठीक है, करते रहो। अच्छे से करो। सभी को मिलाकर आगे बढ़ो।

पूर्वराजा की मुख्य चिंता क्या थी?

देश की चिंता है उन्हें। वे चाहते हैं देश आगे बढ़े और सभी नेपाली खुशहाल हों। देश में क्या हो रहा है, हम क्या कर रहे हैं, कैसे आगे बढ़ रहे हैं — इनमें उनकी दिलचस्पी है।

राप्रपा छोड़कर दुर्गा प्रसाईं से गठजोड़ की कोशिश की पर असफल रहे, फिर अलग पार्टी बनाई? इसके बारे में क्या हुआ?

वो खास कोई बात नहीं थी। मैंने अपनी गतिविधियों की जानकारी दी। मेरा अब राप्रपा से कोई संबंध नहीं है। वहीं से अलग हो चुका हूँ। दुर्गा प्रसाईं से बात न बनने की सूचना देने पर उन्होंने हंसी दी, कोई और टिप्पणी नहीं हुई।

पूर्वराजा ने आपको आगे कैसे बढ़ने को कहा?

उनका मानना है कि सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, सभी को जोड़कर आगे बढ़ना चाहिए। सभी जाति, संस्कृति और समुदायों को समेटकर आगे बढ़ना उनकी सकारात्मक सोच है।

उनका नकारात्मक टिप्पणी करने का स्वभाव नहीं है। वे सभी धर्म, संस्कृति और समुदायों को साथ लेकर चलना चाहते हैं।

वर्तमान सरकार का कामकाज कैसा है?

जनता की उम्मीदें धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं। कई बातें करने के बावजूद पीछे हटने की स्थिति बनी है। सरकार डिलीवरी नहीं कर पा रही है। अनुभव या अन्य कारण, असफलता नजर आ रही है।

मैं स्थानीय निकाय के चुनाव में निर्वाचित हूँ, इसलिए कह सकता हूँ कि स्थानीय स्तर पर बहुत कुछ किया जा सकता है। वास्तव में जनसेवा स्थानीय स्तर से प्रभावी होती है। इसलिए हम स्थानीय तह को प्राथमिकता देंगे।

सरकार के नेता अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं, खास परामर्श नहीं लेते।

अगर आपसे सलाह मांगी जाए तो क्या देंगे?

देश हित में सही काम करने वालों को सकारात्मक होकर आगे बढ़ना चाहिए। मैं एक सकारात्मक व्यक्ति हूँ, पर बिना पूछे राय देना मेरी आदत नहीं।

आपकी पार्टी की आगामी प्राथमिकताएं और कार्यक्रम क्या हैं?

हमारी मुख्य प्राथमिकता देशभर संगठन विस्तार है। भाद्र और आश्विन के भीतर ७७ जिलों में अस्थायी जिला समितियां गठित करेंगे, युवाओं, महिलाओं और अन्य समुदायों के संगठन और समितियां भी बनाएंगे।

साफ छवि वाले, ईमानदार और स्थानीय स्तर पर काम करने के इच्छुक लोगों को पार्टी में शामिल कर आगामी स्थानीय चुनाव में उम्मीदवार बनाएंगे। हम ऐसे प्रत्याशियों का स्वागत करते हैं।

मेरे स्थानीय चुनाव के अनुभव के अनुसार, स्थानीय स्तर से बहुत सुधार हो सकता है। जनसेवा प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय तह को प्राथमिकता देंगे।

अर्थात, आपकी पार्टी आगामी स्थानीय चुनाव में भाग लेने की तैयारी में है?

बिल्कुल। हम स्थानीय चुनाव में पूरी तैयारी के साथ भाग लेने जा रहे हैं। देशभर संगठन विस्तार करेंगे और साफ छवि वाले ईमानदार उम्मीदवारों को आगे लाएंगे।

६ वर्ष बाद प्रिंस हैरी और मेगन की ब्रिटेन वापसी, सुरक्षा को लेकर चिंता

प्रिंस हैरी और मेघन मार्कल अपने ७ वर्षीय पुत्र आर्ची और ५ वर्षीय पुत्री लिलीबेट के साथ इस महीने अमेरिका से ब्रिटेन लौटने वाले हैं। वे लंदन के बाहर एक निजी गैर-राजकीय आवास में रहेंगे और उनका शाही दर्जा राजकीय जिम्मेदारी के बिना बना रहेगा। ब्रिटेन लौटने के निर्णय के बाद सार्वजनिक कोष से सुरक्षा प्रदान की जाएगी या नहीं, इस विषय पर पुनः सवाल उठने लगे हैं। ७ भाद्र, लंदन। ६ साल पहले ब्रिटिश राजपरिवार से अलग होकर अमेरिका गए प्रिंस हैरी और मेघन मार्कल अब फिर से ब्रिटेन लौटने वाले हैं। हालांकि, उनकी वापसी शाही जिम्मेदारी में पुनरागमन नहीं है। प्रिंस हैरी और मेघन अपने बच्चों ७ वर्षीय प्रिंस आर्ची और ५ वर्षीय प्रिंसेस लिलीबेट के साथ अमेरिका से ब्रिटेन आ रहे हैं। उनके बच्चे सितंबर से स्कूल जाना शुरू करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार वे लंदन के बाहर एक निजी गैर-राजकीय आवास में रहेंगे और उनका राजकीय जिम्मेदारी रहित शाही दर्जा बना रहेगा।

इस महीने ब्रिटेन लौटने की ड्यूक और डचेस ऑफ ससेक्स की अप्रत्याशित घोषणा के बाद ब्रिटेन में सार्वजनिक कोष से चलने वाली सुरक्षा व्यवस्था के स्तर को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं। २०२० में सक्रिय राजपरिवार से दूरी बनाकर अमेरिका जाने के बाद उनकी ब्रिटिश सुरक्षा व्यवस्था का स्तर घटा दिया गया था। अमेरिका में वे अपने खर्च पर सुरक्षा व्यवस्था कर रहे हैं।

प्रिंस हैरी और मेघन एक उच्च-प्रोफाइल सार्वजनिक व्यक्तित्व हैं। अफ़गानिस्तान में प्रिंस हैरी की सैन्य सेवा भी इस मामले में महत्वपूर्ण है। यदि प्रिंस हैरी को सक्रिय राजपरिवार से हटने के पश्चात करदाताओं के पैसे से सुरक्षा सुविधा न मिली, तो उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षित रखने का खर्च स्वयं वहन करना होगा। सुरक्षा संबंधी खर्च को लेकर हैरी और ब्रिटिश गृह मंत्रालय के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है।

‘द टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार इस जोड़े और उनके परिवार को करदाताओं के पैसों से सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करने की योजना नहीं है। अमेरिका में बसे रहने के दौरान सुरक्षा स्तर कम करने के फैसले को उलटने के प्रयास अदालत में असफल होने के बाद प्रिंस हैरी ने बीबीसी को बताया था, “सुरक्षा व्यवस्था में कटौती के कारण अपने परिवार को ब्रिटेन लाने का विकल्प संभव नहीं है।”

हैरी द्वारा मांगी गई सुरक्षा का स्तर फिलहाल राजा और रानी, वेल्स के प्रिंस और प्रिंसेस (विलियम और कैथरिन) और उनके तीन बच्चों को दिया गया है। हैरी और मेघन के इस महीने अमेरिका से ब्रिटेन आने की योजना सार्वजनिक होने पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एन्डी बर्नहम ने सुरक्षा प्रबंध को ‘निजी मामला’ बताया है। उन्होंने सुरक्षा खर्च पर कोई टिप्पणी नहीं की और कहा, “यह एक निजी विषय है। यह हैरी और मेघन का मामला है और उनके निर्णयों के लिए शुभकामनाएं।”

हैरी और मेघन ने ८ जनवरी २०२० को राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य के रूप में भूमिका छोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने आर्थिक स्वतंत्रता की तलाश में ब्रिटेन और उत्तर अमेरिका के बीच अपना वक्त बांटने की योजना बनाई थी। इस घटना को मीडिया ने ‘मेक्जिट’ नाम दिया था। इसके बाद वे ब्रिटेन के राजपरिवार से जुड़ी भूमिका, ब्रिटिश टेब्लॉइड मीडिया और मेघन पर हुए व्यवहार के कारण अलग हो गए थे।

२०२१ में ओप्रा विन्फ्रे के साथ दिए गए प्रसिद्ध इंटरव्यू में दोनों ने राजपरिवार के भीतर दबावों और मेघन पर संभावित नस्लीय व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। इस घटना के बाद उनका राजपरिवार से संबंध और तनावपूर्ण हो गया। हैरी ने २०२३ में प्रकाशित अपनी संस्मरण ‘स्पेयर’ के माध्यम से परिवार के अंदर के विवादों का विस्तार से वर्णन किया, जिसने विशेष रूप से उनके बड़े भाई प्रिंस विलियम के साथ दूरी बढ़ाई।

२०२० में कनाडा से अमेरिका आने के बाद हैरी और मेघन कैलिफोर्निया के मॉन्टेसिटो में रह रहे हैं। वहां वे राजकीय भूमिका से बाहर अपने व्यावसायिक और सार्वजनिक जीवन को आगे बढ़ा रहे हैं। नेटफ्लिक्स और अन्य परियोजनाओं से आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित कर चुके हैं। हाल के वर्षों में हैरी का राजपरिवार से संबंध थोड़ा सौम्य हुआ है। विशेषकर राजा चार्ल्स की स्वास्थ्य समस्याओं के बाद हैरी ने अपने पिता राजा के साथ संबंध सुधारने की इच्छा जताई है। २०२६ में इन मुलाकातों की बढ़ोतरी भी हुई। इस बार ब्रिटेन लौटने के निर्णय का एक मुख्य कारण बच्चों की शिक्षा और परिवार से दूर रहने की दूरी को कम करना बताया जा रहा है।

नेपाल और गोर्खा सैनिकों से करीबी संबंध रखने वाले प्रिंस हैरी का संबंध बहुत ही गहरा है। हैरी ने ब्रिटिश गोर्खा सैनिकों के साथ काफी समय बिताया है और नेपाल का दौरा भी किया है। महाभूकंप के बाद उन्होंने उत्तरी गोर्खा के लापु गाँव विकास समिति के पुनर्निर्माण में भी सहायता किया था। उन्होंने हिमालय की श्रृंखला और बरदिया राष्ट्रीय उद्यान की प्राकृतिक सुंदरता कभी न भूलने वाला बताया है। अफगानिस्तान युद्ध में गोर्खा सैनिकों के साथ रहे हैरी को गोर्खा सैनिकों से गहरा गर्व और खुशी महसूस होती है। राजकुमार हैरी ने गोर्खाली लोगों के साहस, निस्वार्थ त्याग और व्यावसायिकता की बहुत प्रशंसा की है।

नेपाल भलिबल लिग की ट्रॉफी का अनावरण

नेपाल में पहली बार आयोजित हो रहे पुरुष भलिबल फ्रेंचाइजी नेपाल भलिबल लिग की ट्रॉफी का अनावरण ललितपुर महानगरपालिका के मेयर चिरीबाबु महर्जन ने पाटन दरबार क्षेत्र में किया है। इस ट्रॉफी को काठमांडू के वसन्तपुर दरबार क्षेत्र और भक्तपुर दरबार स्क्वायर में भी प्रदर्शित किया गया है।

केडिया ग्रुप के आयोजन में आयोजित होने वाले इस पहले संस्करण का एनवीएल भदौ १९ से २७ तक चलेगा। इस प्रतियोगिता में छह टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगी, जिनमें सगरमाथा स्म्यासर्स, मधेश वारियर्स, काठमांडू रेड्स, अन्नपूर्ण स्पाइकर किंग्स, कर्णाली शिवराज और खप्तड फाल्कन्स सुदूरपश्चिम शामिल हैं।

सरकार की भूमिका में कमज़ोरी स्वीकार करता हूँ : मंत्री पोखरेल

समाचार सारांश

  • शिक्षामंत्री सस्मित पोखरेल ने विद्यालय शिक्षा विधेयक के मसौदे को परिष्कृत करने के लिए सभी संबंधित पक्षों के सुझाव शामिल करने की प्रतिबद्धता जताई है।
  • उन्होंने शिक्षा के कुल बजट में केवल लगभग 11 प्रतिशत आवंटित होने को लेकर अन्तरराष्ट्रीय अभ्यास के अनुसार कम से कम 20 प्रतिशत बजट आवंटित करने की आवश्यकता बताई।
  • 2028 साल के बाद पहली बार नए उत्साह के साथ विद्यालय शिक्षा अधिनियम निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही।

7 भदौ, काठमांडू। शिक्षा तथा खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल ने विद्यालय शिक्षा विधेयक के मसौदे को प्रभावी बनाने और सभी संबंधित पक्षों के सुझावों को समाहित करके संशोधित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

रविवार मंत्रालय द्वारा आयोजित विद्यालय शिक्षा विधेयक के मसौदा निर्माण के संबंध में चर्चा में बोलते हुए उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में देखी गई समस्याओं को स्वीकार करते हुए समाधान के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया।

मंत्री पोखरेल ने शिक्षा में निवेश के विषय पर बोलते हुए कहा कि शिक्षा क्षेत्र के कुल बजट का कम से कम 20 प्रतिशत आवंटित होना अन्तरराष्ट्रीय अभ्यास है, परंतु नेपाल में इस समय लगभग 11 प्रतिशत ही बजट आवंटित है।

प्राथमिक बाल विकास (ईसीडी) सहायक और विद्यालय कर्मचारियों के वेतन के बारे में स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि संघीय सरकार द्वारा भेजी गई राशि केवल शर्तों वाले अनुदान के रूप में है।

‘हमें शिक्षा में बजट बढ़ाना होगा। हाल ही में आवंटित बजट का लगभग 70 प्रतिशत स्थानीय तहों को अनुदान के रूप में दिया जा रहा है। इसलिए शिक्षा सुधार में अधिकारों के साथ स्थानीय सरकार की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है,’ मंत्री पोखरेल ने कहा।

काठमांडू महानगरपालिका का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि संघीय सरकार से न्यूनतम अनुदान मिलने के बावजूद स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाकर कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की जा सकती है। उन्होंने शिक्षा प्रणाली की कमज़ोरियों को आत्मसात करने पर भी जोर दिया।

2028 साल के बाद पहली बार नई ऊर्जा के साथ विद्यालय शिक्षा अधिनियम निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही और इसे दीर्घकालीन दस्तावेज के रूप में विकसित किया जाएगा बताया।

‘किसी समस्या के समाधान का पहला कदम उसे स्वीकार करना होता है। मैं संघीय सरकार और मंत्रालय की भूमिकाओं में मौजूद कमजोरियों को स्वीकार करता हूँ। साथ ही सभी संबंधित पक्षों को भी अपनी-अपनी कमज़ोरियों को स्वीकार कर सामूहिक समाधान खोजने की जरूरत है,’ उन्होंने कहा।


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गरम सम्पत्तिहरू

आँगनमै छ त्रिलियन डलर मूल्यको खानी, हामी भने पश्चिमी सपना देख्छौं

नेपालसँग हिमाल, ध्यान, योग, आयुर्वेद, जडीबुटी र आध्यात्मिक परम्पराहरु भले नै छन्, तर यसलाई व्यवस्थित आरोग्य पर्यटन उत्पादनमा रूपान्तरण गर्न नसक्दा अवसर गुमाइरहेको छ। यो लेखले गुणस्तर मापदण्ड, प्रमाणिकरण, पूर्वाधार, निजी क्षेत्रको लगानी र अन्तर्राष्ट्रिय प्रचारमार्फत नेपालले आरोग्य पर्यटनबाट बढी आर्थिक लाभ लिन सक्ने सम्भावनाको चर्चा गर्दछ। आजका मानिसहरू केवल यात्रा मात्र गर्ने छैनन्, उनीहरूले आफ्नो शरीर र मनलाई विश्राम दिने, तनाव कम गर्ने, स्वस्थ जीवनशैली सिक्ने र केही समय आफ्नोपटक केन्द्रित गर्ने नयाँ गन्तव्यको खोजी गरिरहेका छन्। यही चाहनाले विश्वमा आरोग्य पर्यटनलाई ठूलो बजार बनाएको छ।

कल्पना गरौं, लन्डन वा न्यूयोर्कका ती व्यस्त मानिसलाई, जो वर्षौंदेखि दौडधूप, अनिद्रा र तनावबाट थाकिसकेका छन्। उनी केही दिन शान्त ठाउँमा बस्न, ध्यान गर्न, योग सिक्न र प्रकृतिसँग नजिक हुन चाहन्छन्। उनी एसिया हेर्छन्, तर नेपाल सम्भवतः उनको रोजाइमा पर्दैन। उनी केरला, बाली वा चियाङ माई जस्ता गन्तव्यमा पुग्ने सम्भावना बढी हुन्छ। यही नै विडम्बना हो। उनी खोजिरहेका कुराहरू नेपालमै धेरै भागमा उपलब्ध छन्—हिमाल, ध्यान र योग, आयुर्वेद र जडीबुटी, साथै बौद्ध र हिन्दू आध्यात्मिक परम्पराहरू। तर यी सम्पदालाई व्यवस्थित आरोग्य अनुभव र अन्तर्राष्ट्रिय बजारलाई लक्षित उत्पादनमा रूपान्तरण गर्न नसक्दा अन्य गन्तव्यहरूले यसको आर्थिक लाभ उठाइरहेका छन्।

विश्वको तीव्र रूपमा बढ्दो आरोग्य अर्थतन्त्रलाई पहिले बुझौँ। ग्लोबल वेलनेस इन्स्टिच्युटका अनुसार, विश्वको आरोग्य अर्थतन्त्र सन् २०२४ मा ६.८ ट्रिलियन डलर पुगेको छ। यो सन् २०१३ को तुलनामा लगभग दोब्बर हो र सन् २०२९ सम्म ९.८ ट्रिलियन डलर पुग्ने अनुमान छ। आरोग्य अर्थतन्त्रमा केवल उपचार मात्र नभई मानसिक स्वास्थ्य, ध्यान, योग, आयुर्वेद, परम्परागत तथा पूरक चिकित्सा, स्वस्थ खानपान, फिटनेस, स्पा, आरोग्य केन्द्रित आवास र आरोग्य पर्यटन जस्ता अनेक क्षेत्रहरू समावेश छन्। यीमध्ये विशेष गरी नेपालका लागि आरोग्य पर्यटनको ठूलो सम्भावना छ।

कार्यालय पोशाकमा व्यावसायिकता वृद्धि गर्न उपयुक्त गहनाको चयनका उपाय

समाचार सारांशः कार्यालय पोशाकमा मिनिमल गहना लगाउने चलन बढ्दै गएको छ। यसक्रममा साना, सफा र आकर्षक डिजाइन भएका गहना छनोट गर्नु लाभप्रद हुन्छ। औपचारिक साडीमा मोतीका स्टड, सानो हीरा जस्तो इयररिङ, पातलो चेन, साधारण घडी तथा एउटा पातलो बाला वा कंगन लगाउनु पर्याप्त मानिन्छ। कार्यालयमा राम्रो देखिनेका लागि मात्र कपडा होइन, त्यससँग मिल्ने गहना र एक्सेसरी पनि अत्यन्त महत्त्वपूर्ण हुन्छन्। विशेषगरी कर्पोरेट वा औपचारिक वातावरणमा गहनाले व्यक्तित्वलाई आकर्षक बनाउने साथै समग्र पोशाकलाई व्यवस्थित र व्यावसायिक देखाउन मद्दत गर्छ। तर कार्यालय पोशाकमा गहना छनोट गर्दा फेसनभन्दा बढी सादगी, सफाइ र सन्तुलनमा विशेष ध्यान दिन जरुरी हुन्छ।

आजको कर्पोरेट फेसनमा मिनिमल गहनाको प्रवृत्ति तीव्र रूपमा बढेको छ। धेरै ठूलो नेकलेस, भारी झुम्का, धेरै चुरा वा अत्यधिक चम्किला गहनाको सट्टा साना, सफा र आधुनिक डिजाइन भएका गहना लगाउने चलन छ। सही गहना छनोट गर्न सके सर्ट–प्यान्ट, कुर्ती, ब्लेजर वा साडीका पोशाकहरू पनि प्रभावकारी र व्यावसायिक देखाउन सकिन्छ। सर्ट र प्यान्टसँग कस्तो इयररिङ लगाउने? सर्ट र प्यान्ट कार्यालयमा सबैभन्दा सामान्य औपचारिक पोशाक हो। यससँग स्टड इयररिङ लगाउनु सबैभन्दा सुरक्षित र स्टाइलिश विकल्प हो। सानो डायमण्ड, मोती, सुन वा चाँदीका स्टडहरूले लुकलाई भड्किलो नबनाइ आकर्षक बनाउँछन्। विशेषगरी सेतो, कालो, नेभी, बेईज, ग्रे वा अन्य न्यूट्रल रङका सर्टसँग साना मेटल स्टडहरू निकै राम्रो देखिन्छन्।

यदि पोशाकमा प्रिन्ट वा डिजाइन धेरै छ भने पनि सिधा र साधारण इयररिङ रोज्नु उपयुक्त हुन्छ। स्टड इयररिङ साना हुने भएकाले बन, लो पोनीटेल वा सफा र व्यवस्थित हेयरस्टाइलसँग अझै राम्रो देखिन्छ। यसले अनुहारलाई पनि सफा र स्मार्ट बनाउन सहयोग पुर्‍याउँछ। ध्यान दिनुपर्ने कुरा के हो भने सर्ट र प्यान्टसँग अत्यन्त ठूला हुप वा लामो झुम्का लगाउनबाट बच्नुपर्छ। इयररिङको डिजाइन धेरै चम्किला वा आवाज गर्ने किसिमका हुनु हुँदैन।

थाईलैंड के दक्षिणी क्षेत्र में योजनाबद्ध आगजनी की दर्जनों घटनाएं

थाईल्याण्ड

तस्बिर स्रोत, AFP via Getty Images

थाईलैंड के दक्षिणी क्षेत्र में विद्रोही गतिविधियों के चलते “अशांति फैलाने के उद्देश्य से” 50 से अधिक योजनाबद्ध आगजनी और विस्फोटक हमले हुए हैं, ऐसा थाई सेना के अधिकारियों ने बताया।

इन घटनाओं में दो लोग घायल हुए हैं और स्थानीय सरकारी कार्यालयों, दुकानों व चोरी हुए वाहनों में आग लगाई गई है।

सेना के ‘आंतरिक सुरक्षा संचालन कमांड’ ने जारी सूचना में कहा है कि शनिवार शाम 8 बजे से मध्यरात्रि तक थाईलैंड के दक्षिणी सीमावर्ती प्रांतों में ये घटनाएं हुईं।

अधिकतर घटनाएं नराथीवात प्रांत में हुईं जबकि पड़ोसी प्रांत याला और पत्तानी में भी ऐसी घटनाएं देखी गईं।

बैंगकॉक पोस्ट के अनुसार नराथीवात प्रांत के मुआंग जिले में बम विस्फोट में दो महिलाएं घायल हुईं।

फ्लोरिडा के डेमोक्रेट उम्मीदवार और राज्य पार्टी अध्यक्ष के बीच टेलीफोन पर विवाद

फ्लोरिडा की डेमोक्रेटिक सेनेट उम्मीदवार एंजी निक्सन और राज्य पार्टी अध्यक्ष निक्की फ्राइड के बीच फोन पर समाजवाद और चुनाव प्रचार की चुनौतियों को लेकर तीव्र बहस हुई है। निक्सन ने पार्टी से पर्याप्त समर्थन न मिलने की शिकायत की है, जबकि फ्राइड ने डिएसएस के साथ संबंधों के कारण रिपब्लिकन को हमला करने का अवसर मिलने की चेतावनी दी है। यह विवाद प्रगतिशील आधार और पार्टी के संस्थापक पक्ष के बीच मतभेद तथा डेमोक्रेटों की एकता के प्रयासों को और जटिल बना रहा है।

फ्लोरिडा की नई डेमोक्रेटिक सेनेट उम्मीदवार एंजी निक्सन और राज्य पार्टी अध्यक्ष निक्की फ्राइड के बीच टेलीफोन पर तीव्र विवाद हुआ है। उन्होंने समाजवाद के प्रभाव और फ्लोरिडा में चुनाव प्रचार के दौरान आने वाली चुनौतियों पर बातचीत की, जैसा कि एक्सियोस ने रिपोर्ट में बताया है। इस बहस ने प्रगतिशील पक्ष और पार्टी के संस्थापक समूह के बीच मतभेद को स्पष्ट कर दिया है।

इससे पहले निक्सन ने प्राथमिक चुनाव में एलेक्स विंडमैन को हराकर सफलता हासिल की थी। डेमोक्रेट रिपब्लिकन सीनेटर एश्ली मूडी को हराने के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। निक्सन और फ्राइड के बीच यह विवाद पार्टी की एकता के प्रयासों को और अधिक जटिल बना रहा है। निक्सन ने पार्टी से पर्याप्त समर्थन न मिलने की शिकायत फ्राइड के सामने रखी है।

फ्राइड ने निक्सन और डिएसएस के संबंधों के कारण रिपब्लिकन को हमला करने का मौका मिलने की चेतावनी दी है। सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं ने फोन पर कड़ी बातचीत की, हालांकि पार्टी के एक अधिकारी ने कहा है कि फ्राइड ने ऐसा कुछ नहीं किया। ‘निक्की चाहती हैं कि आप डिएसए और समाजवाद से दूर रहकर काम करें,’ निक्सन से बात करने वाले एक व्यक्ति ने बताया। जानकारी के अनुसार, निक्सन ने फ्राइड से कहा, ‘आपने शुरुआत से मेरा ध्यान नहीं रखा, और अब आकर मुझे मेरी मुहिम कैसे चलानी है, यह सिखा रही हैं?’ फोन पर बात करते हुए निक्सन ने आगे कहा, ‘मुझे मानसिक तौर पर भ्रमित करना बंद कीजिए!’ पार्टी अधिकारियों ने बताया कि निक्सन की टीम ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की लेकिन फोन नहीं उठाया गया। फ्लोरिडा में समाजवाद और इसके प्रभाव को लेकर बड़ी चिंता है। खासकर क्यूबा, वेनेजुएला, कोलंबिया और निकारागुवा से आए हिस्पैनिक मतदाताओं के साथ ही यहूदी मतदाता इस विषय पर संवेदनशील हैं।

मिचेल स्टार्क के १० विकेट के प्रदर्शन पर ऑस्ट्रेलिया की शानदार जीत, दो दिन में खत्म हुआ मैच

मिचेल स्टार्क ने १० विकेट हासिल करने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में इनिंग्स और ५१ रन से जीत दर्ज करते हुए श्रृंखला को १–१ पर ला दिया है। बांग्लादेश पहली इनिंग्स में मात्र ६४ रन पर और दूसरी इनिंग्स में ९५ रन पर ऑल आउट हो गया, जिससे उन्होंने एक ही टेस्ट में दो बार १०० रन से कम पर आउट होने का एक खराब रिकॉर्ड बना लिया। कैमरन ग्रीन ने ६७ रन बनाए, और ७५० गेंदों में खत्म हुई यह टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया में लगभग शतक की अवधि के बीच सबसे छोटे टेस्ट मैचों में से एक बन गया। ७ भाद्र, काठमाडौं। मिचेल स्टार्क के १० विकेट लेने के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में इनिंग्स और ५१ रन से शानदार जीत हासिल करते हुए दो मैचों की श्रृंखला को १–१ से बराबर कर दिया। मैकई में खेले गए इस टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को पहली इनिंग्स में केवल ६४ रन पर रोक दिया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने २१० रन बनाए और १४६ रन की बढ़त ली। दूसरी इनिंग्स में भी बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी तरह ध्वस्त हो गई और टीम ९५ रन पर ऑल आउट हो गई।

स्टार्क ने पहली इनिंग्स में ६ विकेट लिए जबकि दूसरी इनिंग्स में ४ विकेट जोड़े। उन्होंने कुल १०-५१ के शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन का रिकॉर्ड बनाया, जो उनके घरेलू मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पैट कमिंस और नाथन लायन ने भी तीन-तीन विकेट लिए। बांग्लादेश की बल्लेबाजी इतनी कमजोर रही कि टीम ने २१ वर्षों बाद पहली बार एक ही टेस्ट मैच में दो बार १०० रन से कम के स्कोर पर ऑल आउट होने का दुर्भाग्यपूर्ण रिकॉर्ड कायम किया।

ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन ने भी बल्लेबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने ६७ रन बनाए। पहले टेस्ट में शतक बनाने वाले ग्रीन ने श्रृंखला में व्यापक प्रभाव डाला है। पहले टेस्ट डार्विन में बांग्लादेश ने नौ विकेट से जीत हासिल की थी, लेकिन मैकई में ऑस्ट्रेलिया ने दो दिन में मैच समाप्त कर श्रृंखला बराबर कर दी। यह टेस्ट ७५० गेंदों में समाप्त होने के कारण ऑस्ट्रेलिया में लगभग शताब्दी के सबसे छोटे टेस्ट मैचों में से एक माना जा रहा है। इससे पहले पिछले सत्र में एशेज सीरीज के तहत पर्थ और मेलबर्न में दो-दिवसीय टेस्ट खेले गए थे जबकि २०२२-२३ में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गाबा में हुए टेस्ट मैच इससे अधिक लंबा चला था।

गाजामा शव गाड़ने की जगह की कमी से परिवारों को एक ही कब्र में कई शव रखने पर मजबूर होना पड़ा

अक्टूबर 2023 से जारी इजरायली आक्रमण में 73 हजार से अधिक फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और गाज़ा में शव गाड़ने के लिए स्थान की कमी उत्पन्न हो गई है। गाज़ा के औकाफ मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से 40 से अधिक समाधिस्थल नष्ट हो चुके हैं और 60 समाधिस्थल पहले ही पूरी तरह भर चुके थे। अस्पतालों के सात सामूहिक कब्रस्थलों से 529 शव निकाले गए हैं, जबकि युद्धविराम के बाद भी कम से कम 1,200 फ़िलिस्तीनियों की मौत हुई है।

7 भदौ, काठमांडू। अमेरिका के समर्थन से इजरायल द्वारा जारी निरंतर आक्रमण में गाज़ा में मृतकों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शव गाड़ने के लिए पर्याप्त जगह की कमी गंभीर स्थिति बनी हुई है। इजरायली आक्रमण के दौरान कई कब्रें पहले ही ध्वस्त हो चुकी हैं जबकि बचे हुए कब्र स्थल पूरी तरह से भर चुके हैं। इसने पीड़ित परिवारों को अन्य विकल्प खोजने के लिए मजबूर कर दिया है।

गाज़ा के औकाफ एवं धार्मिक मामले मंत्रालय ने बताया है कि युद्ध की शुरुआत के बाद 40 से अधिक समाधिस्थल नष्ट हो चुके हैं। इजरायली सेना ने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में कब्रों तक पहुंच पर रोक लगा दी है, जिससे शव गाड़ने की जगह की कमी और बढ़ गई है। इजरायल के लगातार बमबारी और जबरन विस्थापन के कारण लाखों फ़िलिस्तीनियों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। पहले शव गाड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ स्थान अब विस्थापितों के आश्रय स्थल बन चुके हैं।

20 वर्षीय उमर अल-साहवी ने अपने पिता के लिए अंतिम संस्कार की जगह ढूंढ़ने की आवश्यकता बताई। उनके पिता 40 वर्षीय मोहम्मद को गाज़ा के ‘येलो लाइन’ के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह क्षेत्र इजरायल द्वारा निर्धारित सैन्य क्षेत्र है। गाज़ा शहर के जैतौन मोहल्ले में मोहम्मद एक छोटे से दुकान में चाय और कॉफी बेचते थे। 10 जून को उन्हें गले में गोली लगी और वे वहीं मौके पर मृत हो गए।

उमर ने अपने पिता को पुनः जैतौन समाधिस्थल में अंतिम निवास स्थान दिया जहाँ कई कब्रें एक-दूसरे के करीब थीं। उनमें से कई इजरायली आक्रमण के शिकार थे। जगह की कमी और युद्ध की कठोर परिस्थिति के कारण कई कब्रों पर केवल पत्थर रखे गए थे और मृतकों के नाम लिखे कागजों से कब्र चिन्हित की गई थी। उमर ने कहा, ‘मैं कब्रों के बीच खड़ा था और कई कब्रें देख रहा था। बालू के टीले और लोग उनके नीचे दबे हुए थे। कब्र केवल एक साधारण पत्थर था, जिसपर शहीद का नाम लिखा कागज टेका हुआ था। कोई अच्छा निर्माण नहीं था।’

वर्तमान में वहां एक कब्र की कीमत लगभग 500 शेकेल (167 डॉलर) है, जिसे उनका परिवार वहन नहीं कर सकता था, इसलिए उन्हें अन्य विकल्प तलाशना पड़ा। उमर ने कहा, ‘नई कब्र बनाने के लिए जगह नहीं थी, इसलिए मैंने अपने बाबा को अपने चाचा की कब्र में दफनाया।’

गाज़ा में सरकारी सेवाएं पूरी तरह ठप हैं और इजरायली आक्रमण का खतरा लगातार बना हुआ है। इससे हज़ारों मृत फ़िलिस्तीनियों के शव लापता हैं, जिनमें से कई बाग़, स्कूल या अस्पताल परिसर में दफन किए गए हैं। अक्टूबर 2023 में युद्ध शुरू होने के बाद से 73 हजार से अधिक फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं। पिछले वर्ष हुए युद्धविराम के बाद भी कम से कम 1200 की मौत हुई है। गाज़ा के अधिकारियों ने अस्पताल के सात सामूहिक कब्रस्थलों से 529 शव निकाले जाने की सूचना दी है।

इजरायली हिंसा रुकने के दौरान परिवारों ने मोहम्मद के शव को निकालकर अंतिम संस्कार के लिए समाधिस्थल ले गए। गाज़ा के औकाफ तथा धार्मिक मामिला मंत्रालय के अनुसार युद्ध के दौरान 40 से अधिक समाधिस्थल नष्ट हो चुके हैं और 60 समाधिस्थल पहले से ही भर चुके थे। इजरायली सेना ने अपने नियंत्रित क्षेत्रों के कब्रों में प्रवेश पर कड़ी पाबंदी लगा रखी है जिससे उपलब्ध कब्रों की संख्या और कम हुई है।

इजरायली बमबारी और जबरदस्ती विस्थापन के कारण लाखों फ़िलिस्तीन जेल अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। पहले अंतिम संस्कार के लिए निर्दिष्ट किए गए क्षेत्रों का अब विस्थापितों का आश्रय स्थल बन जाना आम बात है। गाज़ा के अधिकारियों ने कब्रों में रखे जाने वाले हेडस्टोन (पत्थर) और अन्य सामग्री की कमी बताई है, जिससे अंतिम संस्कार का खर्च 700 से 1000 शेकेल तक पहुंच गया है। अस्थायी कब्र न होने के कारण टूटे हुए भवनों के टुकड़े, मिट्टी और जस्ते की चादर से चिन्हित कब्र मिलने लगी हैं।

औकाफ मंत्रालय के मीडिया अधिकारी इकरामी अल-मदलाल ने बताया कि युद्ध की शुरुआत में गाज़ा के 60 समाधिस्थल भर चुके थे। मंत्रालय नई समाधिस्थलों की खोज में लगा हुआ है और अस्थायी स्थानों से कब्रों के स्थानांतरण में लगातार चुनौतियाँ आ रही हैं। (एजेंसियों के सहयोग से)

१३ वर्ष की उम्र में २०वें एशियन गेम्स में खेलतीं चीनी तैराक यू जिदी

जापान के आइची और नागोया में आयोजित हो रहे २०वें एशियन गेम्स में ११ हजार से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। चीनी १३ वर्षीय तैराक यू जिदी एशियन गेम्स की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनने जा रही हैं। भारत के १५ वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में शामिल किए गए हैं।

७ भदौ, काठमांडू। जापान के आइची और नागोया में होने वाले २०वें एशियन गेम्स के लिए फिलहाल भाग लेने वाले देशों ने अपने खिलाड़ियों की संख्या की घोषणा शुरु कर दी है। इस बार के एशियन गेम्स में ११ हजार से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी होगी। चीनी किशोरी तैराक यू जिदी भी इसमें हिस्सा लेंगी और वे सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनने की कगार पर हैं। वे अक्टूबर में १४ वर्ष की होंगी।

यू जिदी ने छोटी उम्र से ही तैराकी करना शुरू किया है। पिछले वर्ष सिंगापुर में हुए वर्ल्ड एक्वाटिक्स चैंपियनशिप में वे १२ वर्ष की उम्र में शामिल हुई थीं और सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी थीं। उस प्रतियोगिता में उन्होंने कांस्य पदक भी जीता था। २०२३ में चीन ने १९वें एशियन गेम्स में २०१ स्वर्ण पदक जीत कर दबदबा कायम किया था। इस बार भी चीन ने २०वें गेम्स में यह सफलता दोहराने का लक्ष्य रखा है और यू जिदी भी पदक जीतने का लक्ष्य रखेंगी।

एक अन्य चर्चित युवा खिलाड़ी भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी हैं। १५ वर्ष के वे भारत की क्रिकेट टीम में शामिल होकर एशियन गेम्स खेलेंगे। वे पहले ही भारत की राष्ट्रीय टीम से डेब्यू कर चुके हैं। इसी तरह, फिलीपींस की २१ वर्षीय टेनिस खिलाड़ी एलेक्स इआएला भी इस प्रतियोगिता में देखने लायक खिलाड़ी के रूप में उपस्थित होंगी। २०वें एशियन गेम्स में ४३ खेलों में ७१ इवेंट्स में प्रतिस्पर्धा होगी।

बीसवें एशियाई खेलों में शरणार्थी टीम की भागीदारी

ओलम्पिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसिया) ने जापान के आइची नागोया में होने वाले बीसवें एशियाई खेलों में दो तेक्वांडो खिलाड़ी सम्मिलित शरणार्थी टीम को भाग लेने की मंजूरी दी है। 19 सितंबर को उद्घाटन और 4 अक्टूबर को समापन होने वाले इन खेलों में इस टीम का आधिकारिक नाम ‘ओसिया रिफ्यूजी टीम’ रखा जाएगा। प्रतियोगिता के दौरान इसे ‘एशियन रिफ्यूजी टीम (एआरटी)’ के नाम से जाना जाएगा और यदि टीम स्वर्ण पदक जीतती है तो ओसिया का झंडा फहराया जाएगा एवं राष्ट्रीय गान बजाया जाएगा।

ओसिया ने दो सदस्यों वाली इस शरणार्थी टीम की भागीदारी सुनिश्चित की है, जिसमें केवल दो तेक्वांडो खिलाड़ी शामिल होंगे। आवश्यक आधिकारिक पोशाक 361 डिग्रील द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। तेक्वांडो प्रतियोगिता स्थल पर जब झंडा प्रदर्शन किया जाएगा, तो ओमान के झंडे के बाद तुरंत ओसिया का झंडा लगाया जाएगा। उद्घाटन समारोह के मार्चपास में खिलाड़ी ओसिया रिफ्यूजी टीम के रूप में यमन ओलंपिक कमिटी के पीछे और मेजबान देश जापान के नेशनल ओलंपिक कमिटी के आगे रंगमंच पर प्रवेश करेंगे।

बीसवें एशियाई खेल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची नागोया में आयोजित किए जाएंगे।

नरेन्द्र मोदी: वर्षों से मजबूत छवि बनाने वाले नेता अब जेनजेड रील्स क्यों बना रहे हैं?

नरेन्द्र मोदी

तस्बिर स्रोत, Reuters

भारत के जेनजेड वर्ग के कई युवा नरेंद्र मोदी को दोस्त के रूप में नहीं देख पाते हैं। लेकिन देश के प्रधानमंत्री उनके साथ ऐसे संवाद स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं।

75 वर्ष के इस नेता ने लम्बे समय तक अपने भाषणों, औपचारिक संबोधनों और सावधानी से तैयार की गई छवियों के जरिए एक मजबूत नेता की छवि बनाई है।

लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में वे अपनी अनौपचारिक वीडियो और सेल्फी शैली के पोस्ट युवाओं के पसंदीदा फोटो व वीडियो प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा कर रहे हैं।

बदला हुआ अंदाज

एक महीने पहले तक मोदी की टाइमलाइन पर केवल सावधानी से चुने गए पोस्ट होते थे।

अब वे युवाओं को “दोस्तों” कहकर संबोधित करते हुए स्पष्ट और जीवंत सेल्फी-शैली के वीडियो साझा कर रहे हैं।