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लेखक: space4knews

सांसद मिकरानी ने कहा– शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, सबको समान पहुँच मिलनी चाहिए

राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी की सांसद गजला समिम मिकरानी ने कहा कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है और इसे सभी को समान रूप से उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने मधेश और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता कमजोर होने और मुस्लिम समुदाय अभी भी पिछड़ा हुआ होने का उल्लेख किया। २४ चैत, काठमाडौं।

प्रतिनिधि सभा की बैठक में मंगलवार को उन्होंने कहा, ‘शिक्षा मौलिक अधिकार है। लेकिन मधेश और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर काफी कमजोर है। मुस्लिम समुदाय अभी भी पिछड़ा हुआ है।’ उनके अनुसार शिक्षा सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। नेपाल के संविधान के धारा ३१ के अनुसार प्रत्येक नागरिक को आधारभूत स्तर तक मुफ्त शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है।

धारा ३१ की उपधारा २ में कहा गया है, ‘प्रत्येक नागरिक को राज्य से आधारभूत स्तर तक की शिक्षा अनिवार्य और मुफ्त तथा माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा मुफ्त प्राप्त करने का अधिकार होगा।’ विकलांगता वाले एवं आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को कानून के अनुसार मुफ्त उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार होगा। दृष्टि विहीन नागरिकों को ब्रेल लिपि तथा बहिरे और आवाज/बोलने में विकलांग नागरिकों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से कानून के अनुसार मुफ्त शिक्षा प्राप्त करने की संवैधानिक व्यवस्था है। नेपाल में रहने वाले प्रत्येक नेपाली समुदाय को अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने और इसके लिए विद्यालय एवं शैक्षिक संस्थान खोलने और संचालित करने का अधिकार भी संविधान सुनिश्चित करता है।

सरकारले भन्यो- आवश्यक परे जोर बिजोर प्रणाली लागू हुन्छ

सरकार का कहना है – आवश्यकता पड़ने पर जोर बिरोध प्रणाली लागू की जा सकती है

सरकार ने कहा है कि यदि पेट्रोलियम आपूर्ति में समस्या होती है तो आवश्यकता पड़ने पर जोर बिरोध प्रणाली लागू की जा सकती है। मन्त्रिपरिषद् की बैठक के बाद मंत्री प्रतिभा रावल ने ऊर्जा बचत के लिए थोक बिक्री नियंत्रण और उच्च पदस्थ कर्मचारियों के ईंधन कटौती की जानकारी दी। २४ चैत्र, काठमांडू। सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति में देखी गई समस्या को ध्यान में रखते हुए आवश्यक होने पर जोर बिरोध प्रणाली लागू करने का संकेत दिया है। मंगलवार को हुई मन्त्रिपरिषद् की बैठक के निर्णय प्रस्तुत करते हुए संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल ने सरकार द्वारा ऊर्जा बचत के लिए किए गए आह्वान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थोक बिक्री पर नियंत्रण और उच्च पदस्थ कर्मचारियों के ईंधन उपयोग में कटौती की जा चुकी है। ‘‘थोक बिक्री पर नियंत्रण और उच्च पदस्थ कर्मचारियों द्वारा ईंधन में कटौती की जा चुकी है। आवश्यकता पड़ने पर सरकार जोर बिरोध प्रणाली भी लागू करेगी,’’ मंत्री रावल ने कहा, ‘‘सरकार जनता से ‘वर्क फ्रॉम होम’ और विद्युत वाहन उपयोग बढ़ाने का आह्वान करती है।’’ दीर्घकालीन वाहन रूपांतरण के लिए कानूनी प्रावधानों पर कार्य किया जा रहा है और इथेनॉल नीति की तैयारी जारी है, उन्होंने कहा। ‘‘दीर्घकालीन वाहन रूपांतरण के लिए कानूनी प्रावधान बनाए जा रहे हैं। इसके लिए इथेनॉल नीति की तैयारी हो रही है। ईवी पूर्वाधार के विकास में विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है,’’ उन्होंने जोर दिया। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार जनता की परेशानियों को समझती है और पारदर्शी तरीके से काम करती है। ‘‘सरकार पारदर्शी है, सच को छुपाती नहीं है। लेकिन जनता की पीड़ा को समझती है। चलिए ऊर्जा बचत करें, संयमित बनें, धन्यवाद,’’ उन्होंने कहा।

दाङ में नया थिएटर निर्माण हो रहा है


२४ चैत, काठमाडाैं। सञ्चारकर्मी तथा चलचित्रकर्मी केएल बुढाथोकी के प्रयास से दाङ के घोराही में पहल थिएटर के निर्माण का कार्य शुरू किया गया है।

सामुदायिक कला, संस्कृति और रंगमंच के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से शुरू किए गए इस थिएटर से क्षेत्रीय कला गतिविधियों को नई ऊँचाइयां मिलने की उम्मीद जताई गई है, बुढाथोकी ने बताया।

निर्माण संयोजक बुढाथोकी के अनुसार पहल थिएटर को सामुदायिक कलागृह के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। यहाँ नाटक मंचन, फिल्म प्रदर्शन, साहित्यिक कार्यक्रम, संगीत प्रस्तुतियाँ तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

यह स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करेगा और नई पीढ़ी को कला-संस्कृति की ओर आकर्षित करने का विश्वास भी व्यक्त किया गया है।

थिएटर के निर्माण का कार्य लगभग एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य बुढाथोकी ने बताया। उन्होंने कहा कि जनस्तर पर सहयोग व भागीदारी से निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

इस परियोजना से दाङ को भविष्य में एक मजबूत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है, बुढाथोकी ने बताया।

संसद में तटस्थ सभामुख और सशक्त प्रतिपक्ष की तलाश

सोमवार प्रतिनिधिसभा में ११ सांसदों ने भाग लेते हुए नव निर्वाचित सभामुख डोलप्रसाद अर्याल को शुभकामनाएँ दीं। रास्वपा के सांसद मनिष झा ने संसद को गुरुकुल और विश्वविद्यालय के समान बनाने तथा सभामुख से तटस्थ भूमिका निभाने की अपेक्षा व्यक्त की। नेपाली कांग्रेस के सांसद अर्जुननरसिंह केसी ने १६४२ के इंग्लैंड के उदाहरण से सभामुख की तटस्थता और उनके विशेषाधिकारों के महत्त्व को समझाया। २४ चैत, काठमाडौं।

सोमवार को प्रतिनिधिसभा के विशेष सत्र में लगभग एक घंटे तक ११ सांसदों ने हिस्सा लिया। सभी ने नव निर्वाचित सभामुख डोलप्रसाद अर्याल को शुभकामनाएँ दीं तथा भविष्य में तटस्थ भूमिका निभाने की सलाह भी दी। सांसदों ने सभामुख अर्याल को शुभकामनाएं देते हुए इस आशंका व्यक्त की कि संसद कमजोर न हो, सरकार संसद की आवाज सुने, और कमजोर प्रतिपक्ष की आवाज दबाई न जाए। ऐसे विषयों पर चर्चा के मद्देनजर सभामुख की भूमिका पर आवाज उठने लगी।

सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के सांसद भी इस चर्चा में शामिल हुए। रास्वपा के सांसद मनिष झा और गणेश पराजुली के साथ नेपाली कांग्रेस के सांसद अर्जुननरसिंह केसी ने सांसदों और सभामुख के विशेषाधिकारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं और नेपाल के अतीत के उदाहरणों के माध्यम से संसद सदस्यों की अपेक्षित भूमिकाओं की व्याख्या की।

सभामुख अर्याल ने अपने कर्तव्य की तटस्थता बनाए रखने की प्रतिबद्धता कई बार व्यक्त की है। बैठक शुरू होने से पहले भी उन्होंने निष्पक्ष समन्वयकारी भूमिका निभाने का संकल्प जाहिर किया। नेपाली कांग्रेस के सांसद अर्जुननरसिंह केसी ने तटस्थ सभामुख के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “सभामुख को अपने विशेषाधिकारों की रक्षा करनी चाहिए और किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए, यही मूल रूप से तटस्थता कहलाती है।”

एरिका गुरुङ को ‘सुराई दो’ से कराते सामग्री प्रायोजन प्राप्त

विश्वप्रसिद्ध जापानी कराते पोशाक कंपनी ‘सुराई दो’ ने कराते खिलाड़ी एरिका गुरुङ को प्रायोजन किया है। गुरुङ को ४ सेट कराते पोशाक, १ बैग, ४ शिन गार्ड, ४ बेल्ट, ४ जोड़ी ग्लोव्स और ५ टी-शर्ट उपलब्ध कराए गए हैं। राष्ट्रीय कराते टीम के प्रशिक्षक कुशल श्रेष्ठ ने इस प्रायोजन से खिलाड़ियों के मनोबल में वृद्धि की उम्मीद जताई है।

२४ चैत्र, काठमांडू। विश्वप्रसिद्ध जापानी कराते पोशाक निर्माण कंपनी ‘सुराई दो’ ने नेपाल के ऐतिहासिक पदक विजेता कराते खिलाड़ी एरिका गुरुङ को औपचारिक रूप से कराते सामग्री का प्रायोजन दिया है। इस कंपनी से इस प्रकार का समर्थन पाने वाली वह पहली नेपाली खिलाड़ी बन गई हैं। प्रायोजन के तहत गुरुङ को ४ सेट कराते पोशाक, १ थैली, ४ शिन गार्ड, ४ बेल्ट, ४ जोड़ी ग्लोव्स और ५ टी-शर्ट प्रदान किए गए हैं। इसके लिए २ वर्ष का समझौता किया गया है और कंपनी ने हर वर्ष इसी प्रकार सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

राष्ट्रीय कराते टीम के मुख्य प्रशिक्षक कुशल श्रेष्ठ के अनुसार, ऐसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और उनकी प्रदर्शन क्षमता पर सकारात्मक असर पड़ता है। सुराई दो जैसे विश्वप्रसिद्ध ब्रांड का नेपाली खिलाड़ी को प्रायोजन प्रदान करना नेपाली कराते क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह नेपाली खिलाड़ियों के प्रति अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। टीम के प्रशिक्षक कुशल श्रेष्ठ ने बताया कि प्रायोजन हेतु स्वयं पहल की गई थी और इस सहयोग से भविष्य में और भी नेपाली खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी तथा नेपाल में कराते के विकास और प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।

मन्त्रिपरिषद् बैठक जारी – Online Khabar

मंत्रिपरिषद बैठक जारी

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने २४ चैत्र को आकस्मिक रूप से मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई है। यह बैठक वर्तमान में प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय में जारी है। इससे पहले रविवार को भी मंत्रिपरिषद की बैठक हुई थी। २४ चैत्र, काठमांडू। मंत्रिपरिषद की बैठक जारी है। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय में कुछ समय से बैठक हो रही है। इससे पहले रविवार को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई थी। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन) ने आज अचानक बैठक की घोषणा की है। बैठक के एजेंडे के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।

5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए उपयुक्त स्क्रीन टाइम कितना होना चाहिए?

आजकल लगभग सभी परिवारों में स्मार्टफोन का इस्तेमाल केवल सामान्य नहीं, बल्कि अत्यंत आवश्यक बन चुका है। इसी कारण माता-पिता अपने बच्चों को पालन-पोषण करते समय स्मार्टफोन, लैपटॉप जैसे स्क्रीन उपकरणों का माध्यम के रूप में उपयोग करने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। बच्चे को खाना खिलाते समय, रोने पर मनाने के लिए या कहीं यात्रा के दौरान स्क्रीन दिखाने की आदत आम हो चुकी है। नेपाल में बच्चों को कितना स्क्रीन टाइम देना चाहिए, इसका कोई स्पष्ट मानदंड नहीं है। जबकि अन्य देशों में इस विषय पर कानूनी नियम बन चुके हैं, हमारे देश में यह पूरी तरह माता-पिता के व्यक्तिगत निर्णय पर छोड़ा गया है। यह समस्या विश्व भर के अभिभावकों में देखी जाती है और विशेषज्ञों का मानना है कि इसका बच्चों के विकास पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है।

कुछ देशों ने बच्चों को दिया जाने वाला स्क्रीन टाइम नियंत्रित करने के लिए कानूनी नियम लागू किए हैं। ब्रिटेन सरकार द्वारा हाल ही में जारी निर्देशिका के अनुसार, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम एक घंटे तक सीमित रखना आवश्यक है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को अकेले स्क्रीन दिखाना उपयुक्त नहीं माना जाता। उक्त निर्देशिका माता-पिता को सुझाव देती है कि वे बच्चे के साथ बैठकर स्क्रीन उपयोग कराएं। स्क्रीन के विकल्प के रूप में कहानी पढ़ना या खाने के समय सामान्य खेल खेलना भी सुझावित किया गया है।

वर्तमान में इंस्टिट्यूट फॉर द साइंस ऑफ अर्ली इयर्स के वैज्ञानिक 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा देखी जाने वाली विभिन्न सामग्री का अध्ययन कर रहे हैं। इस अध्ययन में शामिल प्रोफेसर सैम वास के अनुसार, यदि सामग्री बहुत तेज गति वाली हो तो बच्चों का मस्तिष्क उसे संभाल पाने में असमर्थ होता है और ‘फाइट और फ्लाइट’ तनाव प्रणाली सक्रिय हो जाती है। इससे दिल की धड़कन बढ़ती है तथा मांसपेशियों में ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, जो एक ही जगह बैठकर स्क्रीन देखने वाले बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं है। वर्तमान कंटेंट और भी अधिक तेज गति वाले हैं, जिससे बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, इस तरह के निर्देश या आदतों का पूरी तरह पालन करना कई माता-पिता के लिए कठिन अनुभव हो सकता है।

उपराष्ट्रपति यादव अस्वस्थ, अस्पताल में भर्ती

समाचार सारांश

समीक्षा एवं सम्पादन गरिएको।

  • उपराष्ट्रपति रामसहायप्रसाद यादव को सोमवार रात अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • डा. रत्नमणि गजुरेल की टीम उनका इलाज कर रही है।
  • उपराष्ट्रपति यादव की कुछ जांच रिपोर्ट सामान्य हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट आनी बाकी हैं, अस्पताल ने बताया।

काठमांडू। उपराष्ट्रपति रामसहायप्रसाद यादव स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती हुए हैं। उन्हें सोमवार रात 9 बजे महाराजगंज स्थित मनमोहन कार्डियोथोरासिक वास्कुलर एंड ट्रांसप्लांट सेंटर में भर्ती कराया गया।

अस्पताल के निदेशक डॉ. रत्नमणि गजुरेल ने बताया कि उच्च रक्तचाप के कारण उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। ‘‘रात को सोते समय असुविधा महसूस हुई थी, इस पर उन्हें अस्पताल लाया गया। अस्पताल लाते वक्त उनका ब्लड प्रेशर अधिक था,’’ डॉ. गजुरेल ने कहा, ‘‘पेट में भी गैस बनी हुई थी।’’

डॉ. गजुरेल के अनुसार फिलहाल उपराष्ट्रपति यादव की सेहत सामान्य है। ‘‘कुछ परीक्षण की रिपोर्ट सामान्य आई हैं, जबकि कुछ परीक्षण रिपोर्ट आना बाकी है,’’ उन्होंने कहा।

मनमोहन कार्डियोथोरासिक वास्कुलर एंड ट्रांसप्लांट सेंटर के निदेशक एवं वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रत्नमणि गजुरेल की अगुवाई में टिम और पेट रोग विशेषज्ञ उनकी देखरेख में हैं।

यादव को अस्पताल के वीआईपी केबिन नंबर 701 में रखा गया है।

मृत्युदण्ड भारत: तमिलनाडु के नौ पुलिसकर्मियों को ‘दोहरी फांसी’ की सजा क्यों दी गई

पी जयराज और उनके बेटे की शवपेटिका निकाली जा रही है

छवि स्रोत, AFP via Getty Images

छवि कैप्शन, पी जयराज और उनके बेटे बेनिक्स की पुलिस हिरासत में मौत के बाद पुलिस की क्रूरता के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हुए (फ़ाइल तस्वीर)

पढ़ने का समय: ४ मिनट

दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु की एक अदालत ने दो व्यक्तियों की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में दोषी पाए गए नौ सुरक्षाकर्मियों को “दोहरी मृत्युदंड” देने का फैसला सुनाया है।

कोविड महामारी के दौरान २०२० में तूतीकोरिन जिले के सातानुकुलम में ५८ वर्षीय व्यापारी पी जयराज और उनके ३८ वर्षीय बेटे बेनिक्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करके मोबाइल दुकान खोलने वालों पर अपराध आरोप लगाया गया था।

सोमवार को मदुरै की अदालत के न्यायाधीश ने यह पाया कि जेल में पिता और बेटे को नंगाकर “मारने के इरादे से” कड़ी मारपीट की गई और पुलिस अधिकारियों ने सत्ता का दुरुपयोग किया।

इस घटना के बाद भारत में पुलिस की क्रूरता पर फिर से बहस शुरू हो गई। मानवाधिकार समूहों ने बताया कि भारत में हर साल पुलिस हिरासत में सैकड़ों लोग मरते हैं और संदिग्धों से बयान लेने के लिए यातना दी जाती है।

इस वर्ष की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने भारत से मानवाधिकार मानकों के तहत पुलिस सुधार के लिए अपील की थी।

डेटा प्याक सकिएपछि स्वतः ब्यालेन्स नकाटिने, टेलिकमका सबै सेवा अनलाइनबाट

डेटा पैक समाप्ति पर स्वचालित बैलेंस कटौती नहीं, टेलिकॉम की सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध

समाचार सारांश

  • संचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देशानुसार नेपाल टेलिकम ने डेटा पैक समाप्ति के बाद स्वतः बैलेंस कटौती की व्यवस्था समाप्त की है।
  • नेपाल टेलिकम ‘वन टाइम केवाईसी’ प्रणाली लागू करने और सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है।
  • मंत्रालय ने १० बिंदुओं वाली सुधारात्मक योजना में सेवा गुणवत्ता सुधार और डिजिटल सेवा विस्तार को प्राथमिकता दी है।

२४ चैत्र, काठमांडू । संचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देशन के बाद नेपाल टेलिकम (एनटीसी) की सेवाओं में व्यापक सुधार के प्रयास शुरू होने की जानकारी मंत्रालय ने दी है। संचार मंत्री डॉ. विक्रम तिमिल्सिना के निर्देशानुसार, टेलिकम उपयोगकर्ताओं के डेटा पैक समाप्त होने पर स्वतः बैलेंस कटौती का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। सभी सेवाओं को ऑनलाइन किए जाने और ‘वन टाइम केवाईसी’ प्रक्रिया को लागू करने को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

अब उपयोगकर्ता अपने डेटा पैक के ९० प्रतिशत उपयोग होने पर सूचना प्राप्त करेंगे। इसके बाद ‘पे-एज-यू-गो’ विकल्प उपलब्ध होगा, जो ग्राहकों को डेटा समाप्त होने के बाद स्वतः शुल्क कटौती या नया पैक खरीदने का विकल्प चुनने की सुविधा देगा।

प्राधिकरण के प्रवक्ता रविंद्र मानन्धर के अनुसार फिलहाल प्रणाली परीक्षण के चरण में है और शीघ्र पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘सामान्यतः अब डेटा समाप्ति के बाद ग्राहक को इंटरनेट उपयोग जारी रखने या नया पैक लेने का विकल्प मिलेगा।’’ उन्होंने यह भी बताया कि यूएसएसडी के माध्यम से खरीदे गए डेटा पैक पर यह सुविधा तीन से पाँच दिन के भीतर लागू हो जाएगी, जबकि मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए सेवा उपयोगकर्ता इसे एक सप्ताह से दस दिनों के भीतर प्राप्त करेंगे।

मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत सरकारी प्रबंधन प्रणाली के आधार पर १० बिंदुओं वाली सुधारात्मक योजना में भी इस मुद्दे को शामिल किया गया है। इस योजना के अनुसार, नेपाल टेलिकम की सेवा स्तर सुधारना, ग्राहक सेवा सुदृढ़ करना और डिजिटल सेवा विस्तार को उच्च प्राथमिकता दी गई है।

इसी क्रम में नेपाल टेलिकम ने सेवा प्रदान में प्रभावी सुधार के लिए ग्राहक-केंद्रित कदम उठाए हैं। विशेषकर मोबाइल डेटा प्रबंधन, डिजिटल प्लेटफॉर्म विस्तार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से व्यापक रूपांतरण शुरू किया गया है।

ग्राहकों की सुविधा के लिए कंपनी ‘वन टाइम केवाईसी’ प्रणाली लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत ग्राहकों को एक बार दी गई जानकारी को बार-बार देने की झंझट नहीं होगी। इसे आगामी ३० दिनों के भीतर लागू करने का लक्ष्य है। इसी तरह, ई-सिम वितरण, शिकायत प्रबंधन, खोए हुए सिम की वापसी और स्वामित्व हस्तांतरण जैसी सेवाएं पूरी तरह से ऑनलाइन उपलब्ध कराने की योजना भी आगे बढ़ रही है।

दूरसंचार सेवाओं में पहुंच और सुविधा बढ़ाने के लिए नेपाल टेलिकम कार्यालयों में ‘सिंगल पॉइंट सर्विस’ सहायता कक्ष स्थापित करने की योजना भी मंत्रालय ने प्रस्तुत की है। ऐसे कक्ष सभी कार्यालयों में स्थापित किए जाएंगे, जो ग्राहकों को एक ही स्थान से सभी सेवाएं प्राप्त करने में सुविधा प्रदान करेंगे।

इसी तरह, फोरजी सेवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नीतिगत संशोधन की तैयारी भी शुरू की गई है। मंत्रालय के अनुसार, ३० दिनों के भीतर आवश्यक नीतिगत संशोधन करके अतिरिक्त फ्रिक्वेंसी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, जिससे इंटरनेट की गति और स्थिरता में सुधार की उम्मीद है।

डेटा समाप्ति पर स्वतः बैलेंस कटौती की प्रक्रिया हटाना उपभोक्ता अधिकार संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे अनावश्यक खर्च कम होगा और सेवा प्रदाताओं के प्रति ग्राहकों का विश्वास बढ़ने की संभावना है।

‘५० प्रभावशाली महिला २०८२’ की सूची जारी, सम्मान समारोह सम्पन्न

नेपाल की ‘५० प्रभावशाली महिला २०८२’ की सूची ऑनलाइनखबर द्वारा जारी की गई है, जिसमें राजनीति, समाज, कला, युवाओं, विज्ञान, उद्यम और डायस्पोरा की महिलाएं शामिल हैं। ललितपुर के द प्लाजा में आयोजित समारोह में कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल ने सूची जारी कर ५० महिलाओं को सम्मानित किया। ऑनलाइनखबर के अध्यक्ष धर्मराज भुसाल ने सूची में शामिल महिलाओं के लिए एक एलुमनाई गठन करने की घोषणा भी की है।

यह सूची प्रत्येक वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (८ मार्च) से पहले जारी की जाती थी, लेकिन इस वर्ष फागुन २१ को सम्पन्न हुए आम चुनाव के कारण यह कुछ विलंब से जारी की गई। सोमवार शाम को ललितपुर के द प्लाजा में आयोजित विशेष कार्यक्रम में कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल ने ५० प्रभावशाली महिलाओं की सूची जारी की और उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किया।

अध्यक्ष भुसाल ने कहा कि ५० प्रभावशाली महिलाओं की प्रत्येक कहानी अपने आप में एक विश्वविद्यालय के समान है और ऐसे कार्य हमेशा के लिए इतिहास में याद रखे जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमारे समाज ने महिलाओं को लंबे समय तक केवल ‘पीड़ित’, ‘निमुखा’ या ‘सहयोगी’ के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की, लेकिन आज यहां मौजूद ५० चेहरों ने इस सोच को पूरी तरह से तोड़ दिया है।”

ऑनलाइनखबर के प्रधान सम्पादक बसन्त बस्नेत ने ५० प्रभावशाली महिलाओं की सूची को साधना और संघर्ष का प्रतीक तथा सफलता की असली कृतियां बताया। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में भी इस सूची में और महिलाओं को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

मन्त्रिपरिषद्को बैठक बस्दै – Online Khabar

मंत्रिमंडल की आकस्मिक बैठक आज दोपहर 1 बजे आयोजित होगी

मंत्रिमंडल की बैठक आज दोपहर 1 बजे आकस्मिक रूप से आयोजित की जाएगी। गृह मंत्री सुधन गुरुङ रोशी खोला भ्रमण के लिए जाने से रोक दिए गए हैं और बैठक के बाद वहां जाने की योजना बना रहे हैं। बैठक का एजेंडा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। २४ चैत, काठमांडू। प्रधान मंत्री और मंत्रिमंडल कार्यालय के अनुसार यह बैठक आकस्मिक रूप से बुलाई गई है। गृह मंत्री सुधन गुरुङ सुबह काभ्रे स्थित रोशी खोला भ्रमण की तैयारी कर रहे थे। लेकिन, मंत्रिमंडल की बैठक आकस्मिक रूप से रखी जाने के कारण गृह मंत्री गुरुङ उस भ्रमण के लिए जाने से रोके गए हैं। बैठक समाप्त होने के बाद वह काभ्रे जाएंगे।

नेकपा एमाले में संघर्ष और जटिलताएं

समाचार सारांश स्रोत से संपादकीय समीक्षा के बाद प्रस्तुत। नेकपा एमाले की राष्ट्रीय युवा संघ ने पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली और हिरासत में बंद कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की है। एमाले सचिवालय ने मतदाता सूची अद्यतन पर ध्यान देने और आगामी १२ वैशाख को विरोध सभा आयोजित करने का निर्णय लिया है। ओली की गिरफ्तारी के बाद एमाले ने कानूनी प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट में विश्वास जताते हुए ७ वैशाख को राजधानी केंद्रित शक्ति प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। २४ चैत्र, काठमांडू। नेकपा एमाले के युवा संगठन राष्ट्रीय युवा संघ नेपाल का रविवार को पदाधिकारी बैठक हुई। बैठक में पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली समेत हिरासत में बंद कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की गई। ‘पार्टी अध्यक्ष को गिरफ्तार किया गया है। उनकी रिहाई के लिए आंदोलन के दौरान अन्य कार्यकर्ता भी गिरफ्तार हुए हैं,’ युवा संघ के अध्यक्ष महाराज गुरूँग ने कहा, ‘गैरकानूनी रूप से गिरफ्तार सभी नेता और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग हम सरकार से उठा रहे हैं।’ बैठक के बाद जारी बयान में केवल ओली और अन्य नेताओं की रिहाई की ही नहीं, बल्कि ईंधन मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने, गुंडागर्दी के आरोप में गिरफ्तार लोगों की रिहाई तथा समर्थकों के खिलाफ जारी साइबर बुलिंग रोकने की भी मांग की गई है। ‘गृह मंत्री भी अपने ही भूमि मामले में फंसे हैं, कई अन्य अनियमितताएं हैं, जिनपर हमें आपत्ति है,’ गुरूँग ने बताया। बैठक ने १२ वैशाख को विरोध सभा आयोजित करने का भी फैसला किया है। ‘फिलहाल नेपाली जनता को कष्ट न हो इसके लिए कोई प्रदर्शन की तैयारी नहीं की गई है,’ उन्होंने कहा। १४ चैत्र को ओली को उनके निवास से गिरफ्तार किए जाने के बाद तीन दिन तक युवा संघ समेत कई एमाले कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए थे। गिरफ्तारी वाले दिन सचिव महेश बस्नेत ने आंदोलन में सक्रियता बताए थे। बस्नेत, जो ओली के विश्वसनीय सहयोगी हैं, उनकी अभिव्यक्ति को ध्यान दिया गया था। हालांकि बस्नेत की चेतावनी के बावजूद आंदोलन निरंतर नहीं रहा। १४ और १५ चैत्र को सामान्य प्रदर्शन हुए जबकि १६ चैत्र को बागमती प्रदेश कमिटी के बैनर तले सड़क प्रदर्शन हुआ। इसके बाद, रिहाई से अधिक सरकार के फैसलों को लेकर असंतोष और आंतरिक मतभेदों के समाधान के प्रयास देखा गया। महासचिव शंकर पोखरेल ने २४ चैत्र को जारी सर्कुलर में भी पार्टी के आंतरिक अस्थिरता को दर्शाया। उन्होंने सभी प्रदेश और जिला अध्यक्षों को मतदाता सूची अद्यतन पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। पार्टी के आंतरिक निर्णयों से भी एमाले की जटिल स्थिति स्पष्ट होती है। २० चैत्र को सचिवालय बैठक में संसदीय दल के नेता रामबहादुर थापा के वक्तव्यों में सुधार की मांग, सरकार के फैसलों पर असहमति सहित कई निर्णय लिए गए थे। विशेष रूप से १९ चैत्र को संसदीय सभा की पहली बैठक में थापा ने एमालेलाई परास्त करने के लिए नेपाली सेना, कर्मचारी, सुशीला कार्की नेतृत्व वाली सरकार और विदेशी शक्तियों के संलिप्त होने की बात कही जो पार्टी की छवि के लिए नुकसानदेह थी। इसके बाद आकस्मिक सचिवालय बैठक बुलाई गई। इस बैठक ने थापा के विवादित अभिव्यक्ति से उत्पन्न संकट और संसदीय दल के भीतर उठे सवालों पर चर्चा की। इसके अलावा संसदीय दल के नेता पद के उम्मीदवार सुहाङ नेम्वाङ को नामांकन से रोकने से भी पार्टी में असंतोष बढ़ा है। युवा वर्ग महासचिव पोखरेल की इस्तीफा मांगते हुए नेतृत्व पुनर्गठन की माँग करते हुए प्रदर्शन कर रहा है, जो युवा पीढ़ी के प्रति पार्टी के नरम रुख को भी दर्शाता है। ओली की गिरफ्तारी के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए आम लोगों से की गई अपील का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है। जनता का समर्थन न मिलने से अधिकांश वक्तव्य और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएं ही दिखाई देती हैं। बैठक बाद जारी बयान में स्पष्ट किया गया है, ‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया से लिए गए निर्णय का सम्मान करें और अनुपयुक्त टिप्पणी न करें, पार्टी की सभी शाखाओं से यह अपील है। पार्टी ने युवा वर्ग की सकारात्मक सुझावों को गंभीरता से लिया है।’ इसी दौरान विद्यार्थी संगठन अनेरास्वियु की गतिविधियां कमजोर दिख रही हैं। १९ चैत्र को अनेरास्वियु ने एसईई परीक्षार्थियों को शुभकामना देते हुए बयान जारी किया। एक अन्य बयान में अध्यक्ष दीपक धामी ने हस्ताक्षर कर विश्वविद्यालय द्वारा संगठन को निरस्त किए जाने के सरकारी फैसले का विरोध किया। पार्टी अध्यक्ष ओली की गिरफ्तारी के बाद समाज में उत्पन्न हुए विवादों में एमाले का दबदबा नहीं दिखने को पार्टी के नेता भी मान रहे हैं। ‘केपी ओली को छुआ तो देश ठप्प करने की चेतावनी देते थे, लेकिन उनकी गिरफ्तारी के बाद हम आवश्यक दबाव नहीं बना सके,’ एक नेता ने कहा। हालांकि प्रचार संयोजक मीनबहादुर शाही के अनुसार पार्टी नियत कार्यक्रमों के अनुसार सक्रिय है। ‘हम मौन नहीं बैठे हैं, सर्कुलर के अनुरूप कार्यक्रम चल रहे हैं,’ उन्होंने कहा, ‘मुद्दा अदालत में है और पार्टी के भीतर बैठकें हो रही हैं।’ तीन सचिवालय बैठकों में नरमी और व्यापक कार्यक्रम का फैसला हुआ, जो ओली की गिरफ्तारी के बाद आयोजित हुईं। इससे पता चलता है कि नेतृत्व की विश्वास सड़क प्रदर्शन से अधिक कानूनी प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट पर केंद्रित है। पहले बैठक के फैसले से भी यही संकेत मिलते हैं। कुछ नेताओं ने देश को ठप्प करने की चेतावनी दी थी, लेकिन सचिवालय बैठक ने जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन पत्र देने और प्रदर्शन की जिम्मेदारी जन संगठनों को सौंपने का निर्णय लिया था। इसके बाद, १५ चैत्र को ज्ञापन पत्र देश भर में वरिष्ठ प्रशासनिक कार्यालयों को सौंपा गया। ज्ञापन पत्र प्रस्तुत करने, अन्य दलों के साथ सहकार्यता प्रस्ताव, संसद में विरोध और कानूनी लड़ाई जारी रखने के निर्णय भी लिए गए। विष्णुप्रसाद पौडेल ने संपर्क और समन्वय, रामबहादुर थापा ने संसद में विरोध, और गोकर्ण बिष्ट ने कानूनी उपचार का समन्वय करने की जिम्मेदारी पाई। लेकिन इन प्रयासों का कोई ठोस असर नहीं दिखा है। बंदी प्रत्यक्षीकरण के रिट में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश नहीं दिया है और बयान की अवधि बढ़ाई जाती रही है। कांग्रेस के आंतरिक विवाद और अन्य दलों के साथ मोर्चाबंदी न होने से कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पाई है। थापा के अभिव्यक्ति से स्वयं संकट और बढ़ गया है। सड़क प्रदर्शन के लिए की गई अपील को जनसमर्थन नहीं मिला, जिसके कारण प्रदर्शन सीमित रहे। एमाले के संस्थागत फैसलों से भी जन प्रदर्शन में विश्वास की कमी झलकती है। १७ चैत्र को सचिवालय बैठक ने १२ वैशाख को शक्ति प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। इस निर्णय के तहत २५ चैत्र को जिला स्तर पर कार्यकर्ता सभा और प्रशिक्षण, २८ चैत्र को नगरपालिका स्तर पर और ३ वैशाख को व ward स्‍तर पर बैठक आयोजित की जाएगी। ७ वैशाख को प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन के बाद राजधानी में शक्ति प्रदर्शन होगा। ओली की गिरफ्तारी के एक माह बाद यह पहला उच्च स्तरीय प्रदर्शन होगा। एक नेता ने कहा, ‘हम इतिहास के सबसे बड़े संकट में हैं। जनता ने हमारा सम्मान खो दिया है। ऐसे समय में आवेशपूर्ण बयान से ज्यादा आत्ममंथन जरूरी है। जनता का विश्वास दोबारा जीतना और आगे बढ़ना ही पार्टी का एकमात्र विकल्प है।’ २१ फागुन के चुनाव में एमाले ने अभूतपूर्व कमजोर प्रदर्शन किया। ओली की गिरफ्तारी से संकट और बढ़ गया है तथा पार्टी के फैसलों में असंगतियों से समस्या झलकती है। इसी बीच विशेष महाधिवेशन की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी शुरू हो चुका है। अभियानकारियों का तर्क है, ‘एमाले के संकट का समाधान सिर्फ सचिवालय या केन्द्रीय समिति नहीं कर सकती, विशेष महाधिवेशन बुलाना ही जरूरी है।’

एनसीटीसी–आईसीएस यूनिटी गेम्स में सिमांत ने दोहरा स्वर्ण पदक जीता

नेपाली वरिष्ठ टेनिस खिलाड़ी सिमांत गुरुङ ने मेलबर्न में आयोजित एनसीटीसी–आईसीएस यूनिटी गेम्स में दोहरा स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में हुए इस प्रतियोगिता में सिमांत ने 35 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठ पुरुष सिंगल्स और डबल्स दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक हासिल किए। सिंगल्स के फाइनल में सिमांत ने अनुप गुरुङ को हराया। डबल्स में उन्होंने अशोक गुरुङ के साथ मिलकर अनुप गुरुङ और कुमार खत्री की जोड़ी को परास्त किया। 24 चैत, काठमांडू।

इंटरमीडिएट सिंगल्स में दीपेश घिमिरे ने भीष्म गौतम को हराकर विजेता बने। विजेताओं को एनसीटीसी के अध्यक्ष केशव खत्री सहित अन्य सदस्यों ने एक समारोह में पुरस्कार वितरित किए। अध्यक्ष खत्री ने नेपाली टेनिस समुदाय को अभिन्न और एकजुट बनाने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन बताया। आयोजक क्लब के सचिव भीष्म गौतम ने भविष्य में और भी बड़े प्रतियोगिताओं के आयोजन का लक्ष्य बताते हुए, इस प्रतियोगिता के माध्यम से नेपाली खेल समुदाय में एकता और उत्कृष्टता का नया संदेश देने की उम्मीद जताई।

शंकर पोखरेलको प्रश्न– हिजो विरोध गर्नेले अहिले विदेशी ऋण किन लिएको ?

शंकर पोखरेल का सवाल – विरोध करने वाले आज क्यों विदेशी ऋण ले रहे हैं?

नेकपा एमाले के महासचिव शंकर पोखरेल ने विदेशी ऋण को लेकर वर्तमान सरकार की दोहरेपन की आलोचना करते हुए सवाल उठाए हैं। मंत्रिपरिषद ने २२ चैत्र को १८.५ करोड़ अमेरिकी डॉलर के बराबर विदेशी ऋण लेने का निर्णय लिया था। पोखरेल ने कहा कि सरकार ने ऋण लेते समय स्पष्ट नीति और प्राथमिकता नहीं दिखाई, इसलिए जनता को पारदर्शी जवाब देना जरूरी है। २४ चैत्र, काठमाडौँ।

पोखरेल ने कहा कि सत्ता में आने के बाद सरकार बड़ी मात्रा में विदेशी ऋण ले रही है, जिसके लिए उन्हें जवाब देना चाहिए। उन्होंने उन लोगों के व्यवहार पर सवाल उठाए जिन्होंने पहले विदेशी ऋण के खिलाफ विरोध किया था। मंगलवार को फेसबुक पोस्ट में महासचिव पोखरेल ने कहा कि दीगो पूर्वाधार विकास के लिए विदेशी ऋण लेना नेपाल की बाध्यता और आवश्यकता दोनों है। लेकिन, पूर्ववर्ती सरकार के ऋण लेने पर तीव्र विरोध करने वाले आज बिना स्पष्ट नीति और प्राथमिकता संसद में प्रस्तुत किए ऋण ले रहे हैं।

‘पहले विदेशी ऋण से देश डूबा था’ कहकर पूर्ववर्ती सरकार की आलोचना करने वाले ही आज नीति तथा कार्यक्रम और प्राथमिकता संसद में स्पष्ट रूप से पेश किए बिना बड़ी मात्रा में ऋण ले रहे हैं,

पोखरेल ने लिखा, ‘इस विषय के सार्वजनिक होने के साथ ही स्वाभाविक रूप से सवाल उठना शुरू हो गए हैं।’

२२ चैत्र को हुए मन्त्रिपरिषद बैठक में १८.५ करोड़ अमेरिकी डॉलर यानी लगभग २७ अरब ५१ लाख नेपाली रुपए के विदेशी ऋण लेने का निर्णय लिया गया था। एमाले महासचिव पोखरेल ने कहा कि विरोध करने वाले आज सत्ता में आकर उसी ऋण को स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने पूछा, ‘पहले विरोध क्यों? आज स्वीकार क्यों?’ बड़ी मात्रा में विदेशी ऋण लेने के मामले पर सरकार को जनता को स्पष्ट और पारदर्शी जवाब देना चाहिए। इस विषय पर राप्रपा की सांसद खुुस्बु ओली ने भी प्रतिनिधि सभा की बैठक में सवाल उठाए थे।