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लेखक: space4knews

मुस्ताङ में भदौयता के कारण हिमस्खलन से चार विदेशी सहित सात पर्यटकों की मौत

२४ चैत, मुस्ताङ। हिमालयी जिला मुस्ताङ में पर्वतीय ‘हाई अल्टिच्यूड’ के कारण हिमस्खलन (लेक) होने से चार विदेशी नागरिकों सहित सात व्यक्तियों की मौत हुई है। चालू आर्थिक वर्ष के भदौ २२ से लेकर इसी चैत २० तक यहां भ्रमण पर आए पर्यटकों में छह पुरुष और एक महिला की मृत्यु हुई है, यह जानकारी जिला प्रहरी कार्यालय ने दी है। कार्यालय के सूचना अधिकारी, प्रहरी निरीक्षक ईश्वर महत के अनुसार मृतकों में भारत के तीन पुरुष और मेक्सिको का एक नागरिक शामिल हैं। मरने वालों की उम्र ४१ साल से ७५ साल के बीच है।

जिला प्रहरी कार्यालय की आंकड़ों के मुताबिक, चालू वर्ष के २२ भदौ को मुक्तिनाथ में हिमस्खलन से उदारखुर्द, बेलगावी, कर्नाटक, भारत के ७१ वर्षीय आनंद माधवराव देशपांडे की मृत्यु हुई थी। इससे पहले असोज २४ को महालक्ष्मी नगरपालिका-४, इमाडोल, ललितपुर के ७५ वर्षीय माधवप्रसाद शर्मा उप्रेती की घरपझोङ-४, जोमसोम में हिमस्खलन से मृत्यु हुई थी। इसी तरह कात्तिक ९ को सिन्धुपाल्चोक के बलेफी गाउँपालिका-८ के ५० वर्षीय जगतबहादुर तिमिल्सिना की घरपझोङ-२, मार्फा में हिमस्खलन के कारण मृत्यु हुई है।

इसी क्रम में, कात्तिक २२ को ६१ वर्षीय भारतीय पर्यटक की घरपझोङ-३ स्थित एक होटल में, पुस १२ को ७४ वर्षीय भारतीय पर्यटक चन्द्रकांत श्रमत तंबोकर की मुक्तिनाथ रानीपौवा में, हिमस्खलन से मृत्यु हुई। इसी प्रकार, चैत १७ को मेक्सिको के ६७ वर्षीय फेडेरिको लोपेज क्याम्बा की थासाङ गाउँपालिका-१, टुकुचे स्थित पक्की पुल के नजदीक हिमस्खलन से मृत्यु हुई, जबकि चैत २० को ठोरी गाउँपालिका-४, पर्साकी की ४१ वर्षीय सरिता बुढाथोकी की मुक्तिनाथ मंदिर में हिमस्खलन के कारण मौत दर्ज की गई है, जो प्रहरी के आंकड़ों में उल्लिखित है।

मन्त्री पोखरेल ने फाप्ला क्रिकेट रंगशाला को विश्व स्तरीय बनाने की घोषणा की

युवा तथा खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल ने धनगढी स्थित फाप्ला क्रिकेट रंगशाला को विश्व स्तरीय बनाने के लिए योजना बनने की बात कही है। मंत्री पोखरेल ने रंगशाला के संसाधन प्रबंधन और संचालन को और प्रभावी बनाने का आश्वासन दिया है। २४ चैत्र, काठमांडू।

मंगलवार को फाप्ला मैदान का निरीक्षण और खिलाड़ियों के साथ बातचीत के दौरान मंत्री पोखरेल ने कहा, ‘सबसे बड़ा क्षेत्रफल तथा अधिक दर्शकों को समायोजित करने वाली प्याराफिट सम्पन्न फाप्ला क्रिकेट रंगशाला को राज्य ने विशेष महत्व दिया है, इसलिए यह वर्तमान स्थिति में पहुंची है। इसके संसाधन प्रबंधन और संचालन को और प्रभावी बनाएंगे।’

मंत्री पोखरेल फाप्ला पहुंचे बाद वहां के स्थानीय युवा खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट भी खेले। कैलाली के सांसद केपी खनाल और अछाम के रास्वपा नेता भूपदेव शाह भी पोखरेल के साथ फाप्ला गए थे। शिक्षा, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्री भी रह चुके पोखरेल ने इससे पहले कंचनपुर के महेन्द्रनगर में स्थित सुदूरपश्चिम विश्वविद्यालय का निरीक्षण भी किया था।

नक्कली नागरिकतासम्बन्धी कसुरमा कलवार बाबुनन पक्राउ

नक्कली नागरिकता मामले में बाबुनन चौधरी कलवार गिरफ्तार

रौतहट के बाबुनन चौधरी कलवार को नक्कली नागरिकता संबंधी अपराध में काठमाडौं के कलङ्की से गिरफ्तार किया गया है। काठमाडौं उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर रौतहट जिला पुलिस कार्यालय भेजा है। उनके खिलाफ गत भदौ २ तारीख को रौतहट जिला अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। २४ चैत, काठमाडौं। नागरिकता संबंधी अपराध में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। नक्कली नागरिकता के आरोप में रौतहट के बाबुनन चौधरी कलवार को काठमाडौं के कलङ्की से गिरफ्तार किया गया है। उन्हें काठमाडौं उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय की टीम ने गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए रौतहट जिला पुलिस कार्यालय भेजा है। वह फरार थे और मंगलवार को गिरफ्तार किए गए।

डेपुटी गभर्नर के रूप में किरण पंडित की नियुक्ति और परिचय

सरकार ने किरण पंडित को नेपाल राष्ट्र बैंक के डेपुटी गभर्नर के पद पर नियुक्त किया है। पंडित वर्तमान में विदेशी विनिमय प्रबंधन विभाग के कार्यकारी निदेशक हैं और राष्ट्र बैंक में दो दशकों से अधिक समय तक सेवा दे रहे हैं। उन्होंने त्रिभुवन विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम भी पूरे कर चुके हैं। २४ चैत्र, काठमांडू।

सरकार ने नेपाल राष्ट्र बैंक के डेपुटी गभर्नर पद के लिए किरण पंडित को नियुक्त किया है, जो वर्तमान में विदेशी विनिमय प्रबंधन विभाग में कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्र बैंक के कार्यकारी निदेशकों में सातवें स्थान पर रहने वाले पंडित को मंगलवार को डेपुटी गभर्नर पद पर नियुक्त किया गया है। दो डेपुटी गभर्नर के पद रिक्त थे, लेकिन केवल एक ही व्यक्ति को नियुक्त करने की जानकारी सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल ने दी।

गवर्नर डॉ. विश्वनाथ पौडेल ने चार कार्यकारी निदेशकों के नाम डेपुटी गभर्नर के लिए सिफारिश किए थे, लेकिन केवल किरण पंडित की ही नियुक्ति हुई है। दूसरे डेपुटी गभर्नर की नियुक्ति क्यों नहीं की गई, इस बारे में सरकार ने कोई जानकारी नहीं दी है। नेपाल राष्ट्र बैंक अधिनियम, २०५८ की धारा १६ के अनुसार, डेपुटी गभर्नर की नियुक्ति गवर्नर की सिफारिश पर नेपाल सरकार द्वारा मंत्रिपरिषद के निर्णय से की जाती है।

आर्टिमिस २ मिशन: दिवंगत पत्नी के सम्मान में चंद्रमा पर गड्ढे का नामकरण

आर्टिमिस अभियान के तहत अंतरिक्षयात्री की पत्नी को सम्मानित करने के लिए चंद्रमा के एक गड्ढे को नाम देने की योजना बनाई गई है। आर्टिमिस २ मिशन के अंतरिक्षयात्री जेमी हेनसन ने नासा की केल्सी यंग को बताया कि टीम चंद्रमा पर दिखाई देने वाले और कैमरे के लम्बे लेंस से कैप्चर किए जा सकने वाले कुछ गड्ढों का नामकरण करने की तैयारी में है। उन गड्ढों में से एक आकर्षक स्थान चंद्रमा की सतह के निकट स्थित है। टीम ने उस गड्ढे का नाम “कैरोल” रखने का प्रस्ताव रखा है। यह नाम आर्टिमिस २ के कमांडर रीड वाइजमैन की पत्नी कैरोल टेलर वाइजमैन की याद में रखा जाना है। सन् २०२० में ४६ वर्ष की उम्र में कैंसर से पीड़ित होकर कैरोल का निधन हो गया था।

त्रिभुवन विमानस्थलमा राखियो एईडी उपकरण, हृदयघात हुँदा तुरुन्तै प्रयोग गर्न सकिने

त्रिभुवन विमानस्थल में एईडी उपकरण स्थापित, हृदयाघात के मामले में तुरंत प्रयोग किया जा सकेगा

त्रिभुवन विमानस्थल में पहली बार सार्वजनिक स्थान पर ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) उपकरण स्थापित किया गया है। वाडा नं. 9 के वाडाध्यक्ष रामजी भण्डारी ने एईडी को आकस्मिक हृदयाघात की स्थिति में जीवनरक्षक उपकरण बताया। काठमांडू महानगरपालिका ने हेल्थ एडवांसमेंट प्रोग्राम इन साउथ एशिया नेपाल और त्रिभुवन विमानस्थल को धन्यवाद दिया है।

२४ चैत्र, काठमांडू। त्रिभुवन विमानस्थल में ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) उपकरण लगाया गया है। काठमांडू महानगरपालिका के अनुसार, वाडा संख्या 9 में आने वाले इस विमानस्थल में सार्वजनिक स्थान पर पहली बार इस प्रकार का उपकरण रखा गया है। वाडाध्यक्ष रामजी भण्डारी के अनुसार, एईडी आकस्मिक हृदयाघात या अचानक मुटु की धड़कन बंद होने पर तत्काल उपयोग किया जा सकता है, जिससे मरीज की जान बचाने में मदद मिलती है। ऐसे उपकरणों का सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध होना आपातकालीन स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी प्रगति है, उन्होंने कहा। महानगरपालिका ने इस कार्य के समन्वय और कार्यान्वयन के लिए हेल्थ एडवांसमेंट प्रोग्राम इन साउथ एशिया नेपाल और त्रिभुवन विमानस्थल को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

सेयर बाजार में कारोबार के साथ गिरावट देखी गई

मंगलवार सेयर बाजार २.६१ अंक गिरकर नेप्से परिसूचक २७५७ अंक पर स्थिर रहा। आज के कारोबार का मूल्य ६ अरब ७३ करोड़ पहुंचा, जो पिछले दिन के १० अरब ९२ करोड़ से कम है। ८२ कंपनियों के शेयर बढ़े जबकि १७५ कंपनियों के शेयर घटे। होटल तथा पर्यटन समूह सबसे अधिक १.०८ प्रतिशत बढ़ा। २४ चैत, काठमांडू।

मंगलवार को सेयर बाजार २.६१ अंक गिरा। पिछले दिन ८३ अंकों की बढ़ोतरी के बाद बाजार आज सामान्य गिरावट के साथ देखा गया। कारोबार के बाद नेप्से सूचकांक २७५७ अंक पर बना रहा। शुरुआत के कारोबार में बाजार बढ़ा, लेकिन ११:५० बजे के बाद थोड़ा नीचे गिरा। कारोबार शुरू होने के १० मिनट में नेप्से २७९२ अंक तक पहुंच गया था।

कारोबार का मूल्य घटा है। पिछले दिन १० अरब ९२ करोड़ का कारोबार हुआ जबकि आज ६ अरब ७३ करोड़ तक सीमित रहा। कई कंपनियों के शेयर मूल्य गिरे हैं। ८२ कंपनियों के मूल्य बढ़े जबकि १७५ कंपनियों के मूल्य घटी और १२ कंपनियों के मूल्य स्थिर रहे। अधिकांश समूहों के सूचकांक में गिरावट आई है। होटल और पर्यटन समूह सबसे अधिक १.०८ प्रतिशत बढ़ा, जबकि व्यापार समूह सबसे अधिक १.८८ प्रतिशत गिरा।

हाइड्रोपावर समूह ०.१५ प्रतिशत, अन्य समूह ०.७१ प्रतिशत और बैंकिंग समूह ०.०४ प्रतिशत बढ़े। निर्जीवन बीमा ०.३३, माइक्रोफाइनेंस ०.१९, उत्पादन एवं प्रसंस्करण ०.०५, जीवन बीमा ०.४५, विकास बैंक ०.६२, फाइनेंस ०.४१ तथा निवेश समूह ०.४६ प्रतिशत घटे। ६ कंपनियों के शेयर मूल्य १० प्रतिशत से अधिक बढ़े। १० प्रतिशत से अधिक बढ़ने वाली कंपनियों में भुजुङ हाइड्रोपावर, सुपरखुदी हाइड्रोपावर, स्वेतगंगा हाइड्रोपावर, रिजलाइन इनर्जी, सूर्यकुंड हाइड्रो इलेक्ट्रिक और होटल फॉरेस्ट इन शामिल हैं। त्रिशुली जलविद्युत कंपनी का मूल्य ८.६३ प्रतिशत बढ़ा। झापा इनर्जी का मूल्य सबसे अधिक ३.९६ प्रतिशत गिरा। आज सबसे अधिक कारोबार वाली कंपनियों में ङादी ग्रुप, रिलायंस स्पिनिंग मिल्स, आँखुखोला जलविद्युत, एसवाई पैनल और नेशनल हाइड्रोपावर शामिल हैं।

चलचित्र विधेयक प्रतिनिधि सभामा पेश किया गया

राष्ट्रिय सभा से पारित चलचित्र विधेयक को प्रतिनिधि सभा में प्रस्तुत किया गया है। यह विधेयक २०८२ साल वैशाख १४ गते दर्ज कर माघ २८ गते पारित किया गया था। इसका उद्देश्य चलचित्र क्षेत्र को सामाजिक, सांस्कृतिक और मनोरंजनात्मक उद्योग के रूप में विकसित करना है।

काठमांडू। राष्ट्रिय सभा से पारित चलचित्र विधेयक को प्रतिनिधि सभा में प्रस्तुत किया गया है। प्रतिनिधि सभा के सचिव हर्कराज राई ने मंगलवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में इस विधेयक का संदेश प्रस्तुत किया। यह विधेयक तत्कालीन संचार तथा सूचना प्रविधि मंत्री पृथ्वीसुब्बा गुरूङ ने २०८२ साल वैशाख १४ गते राष्ट्रिय सभा में दर्ज कराया था।

राष्ट्रिय सभा ने इस विधेयक पर डिप्टी चरण में चर्चा कर संशोधन के बाद माघ २८ गते इसे पारित किया। अब प्रतिनिधि सभा इस विधेयक को आगे बढ़ाएगी। विक्रम संवत २०२६ में बनाए गए चलचित्र ऐन को समयानुकूल सुधार कर समावेशी, संघीय संरचना और नई तकनीक के अनुसार बनाने के लिए सरकार ने नया चलचित्र संबंधी विधेयक पेश किया है।

इस विधेयक का उद्देश्य चलचित्र क्षेत्र को सामाजिक, सांस्कृतिक और मनोरंजनात्मक उद्योग के रूप में विकसित करते हुए चलचित्र के माध्यम से देश को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में उभारना है। देशी तथा विदेशी चलचित्र प्रदर्शन से पहले आवश्यक जांच व्यवस्था और देशी चलचित्र के विकास, विस्तार, प्रवर्द्धन तथा नियमन के लिए यह विधेयक आवश्यक माना गया है।

स्वास्थ्य बीमा बोर्ड सदस्यबाट हटाइएकी जुनु बैठकमा हाजिर

स्वास्थ्य बीमा बोर्ड सदस्य जुनु श्रेष्ठ बैठक में उपस्थित

२४ चैत, काठमाडौं । स्वास्थ्य बीमा ऐन २०७४ की धारा २५ के उपधारा १ के अनुसार लगातार तीन बार बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सदस्य को स्वतः निलंबित किया जाने का प्रावधान है। ऐन में कहा गया है, ‘‘बोर्ड को सूचना दिए बिना लगातार तीन बार बैठक में अनुपस्थित रहने पर अध्यक्ष, सदस्य और कार्यकारी निर्देशक के पद रिक्त मानेंगे।’’

स्वास्थ्य बीमा बोर्ड की सदस्य मनोनीत जूनु श्रेष्ठ ११ बार बैठक में उपस्थित रह चुकी थीं। ४ वैशाख २०८१ को बीमा बोर्ड ने स्वास्थ्य मंत्रालय को आवश्यक कार्यान्वयन हेतु पत्र भेजा था। इसके बाद जूनु ने सोमबार हुई बैठक में आकस्मिक उपस्थिती दर्ज कराई। उन्हें तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री मोहनबहादुर बस्नेत ने बोर्ड सदस्य के रूप में नियुक्त किया था।

तीन बार पूर्व सूचना दिए बिना बैठक में अनुपस्थित रहने के नियम के तहत तत्कालीन बोर्ड के निर्देशक डा. रघुराज काफ्ले ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र भेजा था। पत्र में उल्लेख था, ‘‘२०८१ पुष १ से चालू आव २०८१ एवं ०८२ की चौथी बोर्ड बैठक से लेकर ११वीं बोर्ड बैठक तक लगातार अनुपस्थित रही हैं। सदस्य की अनुपस्थिति से बोर्ड की बैठक एवं निर्णय प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ा है।’

शारीरिक रूप से उपस्थित न होने के कारण जूनु को सदस्य पद से हटाया गया था। इसके बाद यह सदस्य पद रिक्त है और उनका नाम बोर्ड की वेबसाइट पर भी सूचीबद्ध नहीं है। लेकिन उन्होंने सोमबार की बैठक में उपस्थिती दर्ज कराई। ‘‘जुनु कल की बैठक में उपस्थित थीं। उन्होंने हाजिरी भी लगाई,’’ बोर्ड के एक सदस्य ने कहा।

बोर्ड के अन्य सदस्यों के अनुसार श्रेष्ठ की लगातार अनुपस्थिति पर बैठक में उनकी स्थिति पर चर्चा हुई थी। अध्यक्ष ने तीन बार अनुपस्थित रहने पर सवाल उठाए थे, लेकिन औपचारिक रूप से उन्हें बर्खास्त नहीं किया गया था। जूनु अध्ययन के लिए ब्रिटेन गई थीं। कुछ समय पहले लौटने के बाद उन्होंने बोर्ड सदस्यों से उपस्थित रहने की मांग की थी।

इसी बीच, जूनु ने स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहतास से भी अपनी स्थिति पर चर्चा की थी। ‘‘पहले दो बैठकों में उन्हें नहीं बुलाया गया था। उन्होंने मंत्री से चर्चा की जानकारी दी थी,’’ बोर्ड के सदस्य ने कहा, ‘‘पिछली बैठक में उन्हें शामिल किया गया था।’’

सोमवार की बैठक में कार्यकारी निदेशक सहित सात सदस्य उपस्थित थे। श्रेष्ठ श्रम मंत्री दीपककुमार शाह की पत्नी हैं। मीडिया में स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहताले श्रम मंत्री दीपककुमार शाह की पत्नी जूनु श्रेष्ठ को स्वास्थ्य बीमा बोर्ड सदस्य नियुक्त करने की खबर छपी।

इस विषय पर सोशल मीडिया पर चर्चा होने पर जूनु ने अपनी नियुक्ति न होने और कोई पत्र न पाए जाने का खंडन करते हुए स्पष्टीकरण दिया। ‘‘स्वास्थ्य बीमा बोर्ड सदस्यता संबंधी समाचार का मुझसे कोई सम्बन्ध नहीं है और मैंने मनोनयन संबंधी कोई पत्र प्राप्त नहीं किया है,’’ उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था।

जूनु ने बताया कि उनकी पूर्व नियुक्ति २०८० में हुई थी जो चार वर्षों (२०८४ तक) के लिए थी। उन्होंने स्पष्ट किया, ‘‘मौजूदा पुनः नियुक्ति के विषय में मुझे कोई जानकारी नहीं है। इसलिए इस नियुक्ति संबंधी खबर भ्रामक है और मैं इसके लिए खेद प्रकट करती हूँ।’

बैठक ने वार्षिक बजट पारित किया

बीमा बोर्ड के एक सदस्य के अनुसार सोमबार हुई बैठक ने आगामी वित्तीय वर्ष २०८२/०८३ के लिए वार्षिक बजट पारित किया है। २५ चैत को बीमा कार्यक्रम का १० वर्ष पूरा होगा। वार्षिकोत्सव समारोह में सार्वजनिक करने के लिए तैयारी चल रही है।

बोर्ड के सदस्यों ने बताया कि बैठक का मुख्य एजेन्डा वार्षिक कार्यक्रम हेतु आवश्यक बजट पारित करना था। ‘‘आगामी वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बजट संपादित पुस्तक प्रस्तुत की जाएगी, इसलिए बजट पारित किया गया है,’’ एक सदस्य ने कहा।

बैठक में स्वास्थ्य बीमा संबंधी ऐन में संशोधन पर भी प्रारंभिक चर्चा हुई। कुछ बिंदुओं पर सुधार आवश्यक दिखने पर अगले बैठक में अध्ययन कर अंतिम निर्णय करने पर सहमति बनी।

‘‘जूनु ने कल की बैठक में सदस्य के रूप में भाग लिया और हाजिर भी थीं,’’ सदस्यों ने कहा।

खाड़ी क्षेत्र में मौजूद Nepali लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए सांसद गीता गुरुङ का कूटनीतिक प्रयासों की मांग

नेपाल कांग्रेस की सांसद गीता गुरुङ ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण भयभीत नेपाली लोगों की सुरक्षित घर वापसी के लिए सरकार से कूटनीतिक पहल करने का आग्रह किया है। उन्होंने मंगलवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में यह बात उठाते हुए युद्ध प्रभावित नेपाली नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल कूटनीतिक कदम उठाने की जरूरत बताई।

सांसद गुरुङ ने महिलाओं पर हो रहे साइबर बुलिंग को रोकने के लिए सरकार से कड़ी कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने कहा, “अपनी राय प्रकट करने के कारण महिलाओं पर चल रहे घृणित साइबर बुलिंग को रोकने हेतु दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मैं जोरदार मांग करती हूँ।”

सांसद गुरुङ ने राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) से भी संविधान के मूलभाव के अनुसार समृद्ध नेपाल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई। उन्होंने रास्वपा को मिली जनसभा के लिए बधाई देते हुए कहा, “मेरा विश्वास है कि वे संविधान के मर्म के अनुरूप समृद्ध नेपाल के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।”

एमाले सांसदों ने सरकार को प्रतिशोध और पूर्वाग्रह से बचने की सलाह दी

नेकपा एमाले के सांसदों ने सरकार से प्रतिशोध और पूर्वाग्रह से कार्य न करने की सलाह दी है। एमाले सांसद गुरुप्रसाद बराल ने संविधान और विधि के शासन के उल्लंघन का उल्लेख करते हुए नागरिकों के मौलिक अधिकार स्थापित करने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया। २४ चैत को सिंहदरबार, काठमांडू में मंगलवार को हुई प्रतिनिधि सभा की बैठक में सांसदों ने कहा कि सरकार ने प्रारंभिक चरण से ही संविधान और विधि के शासन का उल्लंघन किया है और प्रतिशोध एवं पूर्वाग्रह के आधार पर काम न करने की सलाह दी।

बैठक में सांसद गुरुप्रसाद बराल ने नेपाल के संविधान और विधि के शासन के उल्लंघन की बात करते हुए संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिकों के मौलिक अधिकारों की स्थापना के लिए निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने भदौ २३ और २४ की घटनाओं को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक पर लगे प्रकरणों के खारिज होने की संभावना जताई।

साथ ही, एमाले की अन्य सांसद यशुदाकुमारी बराल ने २००७ साल से लेकर जनआन्दोलन तक की सभी घटनाक्रमों के फाइलें खोलने का आग्रह किया। उन्होंने ओली और लेखक के प्रति राजनीतिक प्रतिशोध के कार्य न करने के लिए चेतावनी दी। साथ ही, वर्तमान सरकार द्वारा विधि के शासन का उल्लंघन किए जाने पर अत्यधिक नुकसान होने की भी बात कही।

ट्रम्प ने नेतान्याहु के करीबी दूत को हटाकर जेडी भान्स को वार्ता के लिए मुख्य दूत नियुक्त किया

२४ चैत, काठमाडौँ । अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध समाप्ति प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक परिवर्तन हुआ है। ईरानी संचार माध्यम ‘फर्स’ के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकफ को हटाकर उपराष्ट्रपति जेडी भान्स को वार्ता की मुख्य जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव रखा है। विटकफ को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निकट माना जाता था, जिसके कारण ईरान वार्ता में उनके प्रति संशय व्यक्त कर रहा था। ट्रम्प ने ईरान की मांगों को ध्यान में रखते हुए वार्ता को अधिक गंभीर बनाने के लिए यह कदम उठाया है।
तिहरा के एक अधिकारी के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन शीघ्र समझौता करना चाहता है। जारी युद्ध के कारण आने वाले सप्ताह से विश्व बाजार में ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है, ऐसे डर को अधिकारी ने व्यक्त किया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने सामाजिक नेटवर्क ‘ट्रूथ सोशल’ के माध्यम से आज रात ८:०० बजे तक ईरान को अंतिम समयसीमा दी है। यदि इस अवधि में ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ़ हर्मूज’ नहीं खोलेगा और समझौता नहीं करेगा, तो ट्रम्प ने ईरान के ऊर्जा केंद्रों और भौतिक बुनियादी ढांचे पर भयंकर हमला करने की चेतावनी दी है।

वालेन्द्र शाह नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद: केवल अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने दी संपत्ति विवरण, ‘पारदर्शिता की वादा’ पर उठे प्रश्नों पर रास्वपा प्रवक्ता का जवाब

मंत्रिपरिषद् बैठक के दौरान प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह और अन्य मंत्री

तस्वीर स्रोत, RSS

निर्वाचन से पहले राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) ने सार्वजनिक पद ग्रहण करने से पहले संपत्ति विवरण सार्वजनिक करने का वादा किया था। हालांकि, वालेन्द्र शाह ‘बालेन’ नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद के अधिकांश सदस्यों ने अब तक यह वादा पूरा नहीं किया है, जिसके कारण आलोचना बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय के प्रवक्ता हेमराज अर्याल के अनुसार, मंगलवार दोपहर तक केवल अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने ही संपत्ति विवरण जमा किया है।

“अर्थमंत्री ने विवरण जमा कर दिया है और बाकी के विवरण आने बाकी हैं, संबंधित शाखा से हमें जानकारी मिली है,” उन्होंने कहा, “नियुक्ति के ६० दिनों के भीतर जमा करना अनिवार्य है, उसके अंतर्गत सभी जमा करेंगे।”

कानून में ऐसी व्यवस्था के बावजूद, रास्वपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में “सार्वजनिक पद ग्रहण करने से पहले संपत्ति का पूर्ण विवरण सार्वजनिक करने” का वादा किया था। इसी वजह से इस विषय पर आम जनता की रुचि बढ़ी है।

पार्टी के सौ बिंदु घोषणापत्र के १६वें अंक में लिखा है, “सार्वजनिक पद ग्रहण करने से पहले हम सम्पत्ति का संपूर्र्ण विवरण सार्वजनिक करेंगे। चुनाव से पहले और कार्यकाल समाप्ति के बाद हम और हमारे परिवार की संपत्ति में आए बदलावों का स्वतंत्र लेखापरीक्षण कराकर जनता के सामने प्रस्तुत करेंगे।”

धितालले उठाइन् मनोसामाजिक मुद्दा, जेनजी आन्दोलनका घाइतेदेखि सुरक्षाकर्मीसमेतको अवस्था बुझ्न आग्रह

धिताल ने मनोसामाजिक विषय पर सवाल उठाए, जेनजी आन्दोलन के घायल और सुरक्षाकर्मियों की स्थिति समझने की अपील की

‘व्यक्ति के पद या कद से हमारी मनोवैज्ञानिक पीड़ा या समस्या निर्धारित नहीं होती। आंदोलन के शहीद परिवार हों या घायल, या सुरक्षा कर्मी और कर्मचारी भी मनोसामाजिक समस्याओं का सामना कर रहे हो सकते हैं।’

दूसरे त्रैमास में अर्थव्यवस्था 4.5 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान

चालू आर्थिक वर्ष 2082/83 के दूसरे त्रैमास में नेपाल की अर्थव्यवस्था 4.5 प्रतिशत बढ़ने का राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय ने अनुमान लगाया है। बिजली उत्पादन, वित्तीय सेवा, पशुजन्य उत्पादन और पर्यटक आगमन में हुई वृद्धि ने आर्थिक विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, कार्यालय ने बताया। निर्माण और खनन उत्खनन क्षेत्र में संकुचन होने के बावजूद बिजली और गैस क्षेत्र में 22.75 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

24 चैत, काठमांडू। राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय ने चालू आर्थिक वर्ष 2082/83 के दूसरे त्रैमास (कार्तिक–पुष) का त्रैमासिक राष्ट्रीय लेखा तथ्यांक जारी करते हुए अर्थव्यवस्था में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया है। त्रैमासिक लेखा तथ्यांक में पिछले वर्ष के समान त्रैमास की तुलना की गई है और इसमें मौसमी प्रभावों को समायोजित नहीं किया गया है।

कार्यालय के अनुसार, बिजली उत्पादन और वितरण में हुई वृद्धि, निक्षेप संकलन और ऋण प्रवाह, निर्जीवन बीमा प्रीमियम संकलन, पशुजन्य उत्पादन, फल एवं सब्जी उत्पादन, व्यापार सेवा, पर्यटक आगमन सहित औद्योगिक गतिविधियों ने अर्थव्यवस्था के विस्तार में योगदान किया है। इस अवधि में औद्योगिक वर्गीकरण के अनुसार सभी 18 क्षेत्रों में सकारात्मक वृद्धि दर देखी गई है।

इस वर्ष सरकार ने लगभग 6.5 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने का लक्ष्य रखा था। हालांकि, निर्माण सामग्री आयात, धान की पैदावार और कुछ घरेलू वस्तुओं के उत्पादन में गिरावट के कारण इस त्रैमास में वृद्धि दर अपेक्षाकृत कम रही है, कार्यालय का विश्लेषण है।

मौसमी प्रभाव समायोजित तथ्यांक के अनुसार, चालू आर्थिक वर्ष के पहले त्रैमास की तुलना में दूसरे त्रैमास में 2.04 प्रतिशत से अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ है। 18 औद्योगिक वर्गीकरणों में से 16 क्षेत्रों में वृद्धि और 2 क्षेत्रों में संकुचन दर्ज हुआ है। निर्माण तथा खनन उत्खनन क्षेत्रों में संकुचन हुआ है, तथ्यांक में यह स्पष्ट है।

बिजली और गैस क्षेत्र ने अर्थव्यवस्था में सबसे अधिक योगदान देते हुए 22.75 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की है। कृषि क्षेत्र सबसे बड़ा हिस्सेदार है, लेकिन इस क्षेत्र की वृद्धि दर पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.21 प्रतिशत तक सीमित है। विशेष रूप से धान की फसल में आई कमी का कृषि क्षेत्र पर प्रभाव पड़ा है, कार्यालय ने बताया।

वित्तीय एवं बीमा संबंधित सेवाओं, यातायात और भण्डारण, आवास एवं भोज्य सेवा, थोक और खुदरा व्यापार में क्रमशः 12.51, 9.65, 5.18 और 4.11 प्रतिशत विस्तार दर्ज किया गया है। अर्थव्यवस्था में दूसरे सबसे बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले थोक और खुदरा व्यापार का वृद्धि दर 4.11 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उद्योगजन्य वस्तुओं के घरेलू उत्पादन और आयात में वृद्धि ने इसमें योगदान दिया है।

इस अवधि में पानी आपूर्ति, जल निकासी एवं कचरा प्रबंधन में 0.55 प्रतिशत, सार्वजनिक प्रशासन, रक्षा तथा अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा में 1.11 प्रतिशत और शिक्षा क्षेत्र में 1.16 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज हुई है, जिससे समग्र अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर कम नजर आई है।

आर्थिक वर्ष 2079/80 के दूसरे त्रैमास में अर्थव्यवस्था में 1 प्रतिशत की गिरावट आई थी। इसके बाद हर त्रैमास में आर्थिक वृद्धि दर लगभग स्थिर रही है। चालू आर्थिक वर्ष के पहले त्रैमास में आर्थिक वृद्धि दर 3.24 प्रतिशत थी, राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय ने बताया।

पिछले त्रैमास की तुलना में इस त्रैमास में सबसे अधिक वृद्धि दर यातायात और भण्डारण सेवाओं में देखी गई है, जिसका वृद्धि दर 6.20 प्रतिशत रही है। कृषि क्षेत्र में 2.48 प्रतिशत, बिजली एवं गैस में 3.16 प्रतिशत, वित्तीय और बीमा क्षेत्र में 3.82 प्रतिशत और शिक्षा क्षेत्र में 1.22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। निर्माण क्षेत्र में 0.59 प्रतिशत और खनन तथा उत्खनन में 0.85 प्रतिशत की गिरावट आई है, राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय के प्रवक्ता एवं उपप्रमुख तथ्यांक अधिकारी ढुन्ढीराज लामिछाने ने जानकारी दी।

उनके अनुसार हर त्रैमासिक अवधि समाप्ति के 90 दिनों के भीतर त्रैमासिक लेखा अनुमान प्रकाशित किया जाता है। कार्यालय ने आर्थिक वर्ष 2067/68 से इस प्रकार के त्रैमासिक राष्ट्रीय लेखा अनुमान जारी किए आ रहे हैं। इस वर्ष के जेएनजी आन्दोलन के कारण पहले त्रैमास में अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता देखी गई थी, लेकिन दूसरे त्रैमास में चुनावी सरकार ने अर्थव्यवस्था को गतिशील करने के लिए विभिन्न प्रयास किए।