भाषाविद् गोपाल ठाकुर का दृष्टिकोण: संविधान संशोधन के माध्यम से भाषायी सुधार की आवश्यकता
डा. गोपाल ठाकुर ने कहा है कि नेपाल की भाषाओं को संविधान के तहत मौलिक अधिकारों में रखा गया है, लेकिन राज्य इस विषय में पर्याप्त संवेदनशील नहीं रहा है। संविधान की धारा ७ (१) के अनुसार केवल नेपाली भाषा…






















