Skip to main content

लेखक: space4knews

बच्चों ने घायल कुत्ते की जान बचाने में की मदद

कीर्तिपुर में पेट पर घाव वाले लेब्रेडोर नस्ल के कुत्ते को घायल अवस्था में पाया गया था। स्थानीय बच्चों ने घायल कुत्ते को अन्य हमलों से बचाते हुए उसे बिस्कुट और पानी दिया और उसकी रक्षा की। चैत ११ को कीर्तिपुर में एक कुत्ता मिला था। वह काला लेब्रेडोर नस्ल का था। इस तरह की उत्कृष्ट नस्ल के कुत्ते आमतौर पर प्रजनन के लिए रखे जाते हैं और महंगे दामों पर उनके बच्चे बेचे जाते हैं। लेकिन यह कुत्ता घायल था। उसके पेट पर घाव इतने गहरे थे कि देखना मुश्किल था। वहाँ कई गड्ढे थे और मच्छर उड़ रहे थे। चलने-फिरने में भी असमर्थ इस कुत्ते को किसी ने वहीं छोड़ दिया था। घायल और कमजोर कुत्ते पर अन्य कुत्ते हमला करने की कोशिश कर रहे थे।

स्थानीय पशु प्रेमी ज्ञानी पुन ने तुरंत इस कुत्ते के उद्धार की आवश्यकता बताते हुए फेसबुक पर पोस्ट किया। पशु कल्याण के समर्थन वाले कई फेसबुक समूहों में उन्होंने कुत्ते की दयनीय स्थिति बताकर मदद मांगी। लेकिन कहीं से भी अपेक्षित सहायता नहीं मिली। उन्होंने कुत्ते के लिए एक पूरी रात रोते हुए मदद की गुहार लगाई और सहायता न मिलने पर अपनी पीड़ा व्यक्त की। कुत्ते की हालत इतनी नाजुक थी कि पूरे रात उसकी जीवित रहने की चिंता बनी रही। लेकिन दूसरी सुबह वही छोटे-छोटे बच्चे कुत्ते की देखभाल के लिए खड़े हुए। उन्होंने बिस्कुट और पानी खरीदकर उसे खिलाया। बच्पन से बच्चों ने घायल कुत्ते को अन्य कुत्तों के हमलों से बचाते हुए, तब तक पहरा दिया जब तक कि उसे बचाया नहीं जा सका।

अंततः लंबे प्रयास के बाद बचाव दल पहुंचा और कुत्ते का इलाज शुरू किया। उपचार शुरू होते ही ज्ञानी पुन ने फेसबुक पर लिखा, ‘छोटे बच्चे घायल कुत्ते के पास खड़े होकर उसकी रक्षा करते रहे। वे न तो डरें, न पीछे हटे। उन्होंने दूसरों कुत्तों के हमला करने न देने के लिए पहरा दिया। उनके लिए वह कुत्ता कोई ‘समस्या’ या ‘बीमार जानवर’ नहीं था। वह एक पीड़ित प्राणी था जिसे मदद की जरूरत थी।’

उनके अनुसार उन बच्चों में कोई स्वार्थ नहीं था, केवल शुद्ध दया और करुणा थी। उन्होंने जो साहस और मानवता दिखाई, वह किसी को भी भावुक कर देती है। सुबह ‘टीम रेस्क्यू’ दल घटना स्थल पर पहुंचे और सफलतापूर्वक कुत्ते का उद्धार किया। अब कुत्ता सुरक्षित हाथों में है और उसका इलाज चल रहा है। ज्ञानी पुन ने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए लिखा, ‘अगर हम सभी में बच्चों जैसा दिल होता, तो दुनिया बहुत सुंदर होती।’ इस समय उस कुत्ते के लिए दीर्घकालीन आश्रय और प्रेम करने वाला घर खोजा जा रहा है। उन्होंने अपील की है, ‘अगर संभव हो तो इस मासूम जीवन को नया आश्रय देने में मदद करें।’ अक्सर किसी भी अच्छी नस्ल के कुत्ते को चोटिल, बीमार या बूढ़ा होने पर सड़क पर फेंका जाता है। पशु अधिकार कार्यकर्ता बताते हैं कि इस तरह की परवरिश केंद्रों से यह कृत्य विशेष रूप से होता है।

मनाङ में ट्रक दुर्घटना में चालक की मृत्यु

मनाङ के नासों गाउँपालिका–३ धारापानी में ट्रक दुर्घटना में चालक रामबहादुर गुरुङ की मृत्यु हो गई है। दुर्घटना तब हुई जब ट्रक मर्स्याङ्दी जलविद्युत् आयोजनाकी सिमेन्ट लेकर बेँसीशहर से मनाङ के कोतो की ओर जा रहा था। मृतक के शव का परीक्षण प्रदेश अस्पताल लमजुङ में किया गया और इस मामले की जांच जिला पुलिस द्वारा जारी है। १ वैशाख, मनाङ। मनाङ के नासों गाउँपालिका–३ धारापानी में ट्रक दुर्घटना में चालक की मृत्यु हुई है। मृतक मर्स्याङ्दी गाउँपालिका–९ सिम्पानी बगैंचा के लगभग ३७ वर्षीय रामबहादुर गुरुङ हैं। मर्स्याङ्दी जलविद्युत् आयोजनाकी सिमेन्ट से भरा ट्रक, जिसका नंबर बा प्र ०६००१ क ०४६१ है, आज सुबह १० बजे के करीब दुर्घटनाग्रस्त हुआ, इसकी जानकारी जिला पुलिस कार्यालय ने दी। मृतक गुरुङ के शव का परीक्षण प्रदेश अस्पताल लमजुङ में किया गया है और इस घटना की जांच प्रक्रियाधीन है, जिला पुलिस ने बताया।

अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे चरण की वार्ता की संभावना से कच्चे तेल के दाम में गिरावट

१ वैशाख, काठमाडौं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सोमवार को दिए गए बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे चरण की शांति वार्ता की संभावना बढ़ने के कारण मंगलवार को कच्चे तेल के दाम लगभग एक प्रतिशत तक कम हुए हैं, यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है। बीबीसी के अनुसार मंगलवार को ब्रेंट क्रूड का दाम प्रति बैरल ९८.४० अमेरिकी डॉलर पर कारोबार हुआ। अमेरिका में होने वाले कारोबार में यह कीमत और भी १.७ प्रतिशत गिरकर ९७.४० डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।

ट्रम्प ने सोमवार को कहा था कि ईरान की ओर से समझौते के लिए फोन आया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा, ‘हमें दूसरी तरफ़ (ईरान) से फोन आया है। वे समझौता करना चाहते हैं।’ अमेरिकी मीडिया संस्थान न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि ईरान ने पांच साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने का प्रस्ताव अमेरिका को दिया था। हालांकि, अमेरिका ने २० साल की शर्त रखी, जिसे ईरान ने अस्वीकार कर दिया। इस विषय में एक मध्यमार्गी प्रस्ताव आने और शांति समझौता होने की संभावना व्यक्त की जा रही है, जिससे दूसरे चरण की वार्ता हो सकती है।

पीएसएल छाडेर आईपीएल रोजेपछि ब्लेसिङलाई दुई वर्षको प्रतिबन्ध

पीएसएल छोड़कर आईपीएल खेलने वाली ब्लेसिंग मुजराबानी को दो साल का प्रतिबंध

ज़िम्बाब्वे की तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजराबानी को पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) छोड़कर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) खेलने के कारण दो वर्षों का प्रतिबंध लगा दिया गया है। पीएसएल ने इस कदम को अनुशासनहीन बताते हुए कड़ी कार्रवाई की है तथा ऐसी घटनाओं में अन्य खिलाड़ियों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

मुजराबानी फिलहाल आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेल रही हैं और उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में ४ विकेट लिए हैं। शुरुआत में वह आईपीएल और पीएसएल दोनों के ही नीलामी में अनसोल्ड रह गई थीं। लेकिन बाद में इस्लामाबाद यूनाइटेड ने उन्हें पीएसएल में रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के रूप में अनुबंधित किया था। कुछ समय बाद उन्होंने इस अनुबंध को तोड़ते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए आईपीएल खेलने का फैसला किया।

पीएसएल ने इसे अनुशासनहीन कृत्य माना है और इस प्रकार की पेशेवर टीमों के बीच अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन बताते हुए सख्त कार्रवाई की है। लीग के नियमों के अनुसार, पहले से की गई अनुबंधित प्रतिबद्धता के बावजूद किसी अन्य लीग में भाग लेना पेशेवर नियमों का उल्लंघन है।

हुम्ला में चितुवे ने ६ भेडाबाख्रों का किया संहार

हुम्ला के चंखेली गाउँपालिका-५ तेलपानी में चितुवे ने जनक तामाङ के ६ भेडाबाख्रों की हत्या कर दी है। वडाध्यक्ष हर्कधन तामाङ के मुताबिक, चितुवे ने कुछ समय पहले पारीगाउँ में रतन तामाङ के ४५ भेद और तेलपानी में रामचन्द्र तामाङ के ८ भेडाबाख्रों को भी मार डाला था।

वडाध्यक्ष तामाङ ने बताया कि चितुवे का आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। चितुवा जब गोठ के अंदर घुसकर भेडाबाख्रों को मारता है, जिससे स्थानीय किसानों में भारी चिंता व्याप्त है। १ वैशाख, हुम्ला।

ढोरपाटन में पहली बार हिम तेंदुए की गिनती प्रक्रिया की शुरुआत

नेपाल के ढोरपाटन शिकार अभयारण्य में पहली बार हिम तेंदुए की गिनती की जा रही है। इसके लिए 56 कैमरे लगाए जाएंगे और 10 गिनती करने वाले 45 दिनों तक फोटो और वीडियो खींचेंगे। हिम तेंदुए के मल का संग्रह करके प्रयोगशाला में परीक्षण किया जाएगा और पदचिह्न सर्वेक्षण भी किया जाएगा। 1 वैशाख, बागलुङ।

ढोरपाटन शिकार अभयारण्य के उच्च हिमालयी क्षेत्र में हिम तेंदुए पाए जाते हैं, लेकिन अब तक इसकी व्यवस्थित गणना नहीं की गई थी। गणना के लिए गिनती करने वालों को प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है, अभयारण्य के रेंजर सागर सुवेदी ने जानकारी दी। इस गणना कार्य में अभयारण्य के कर्मचारी, प्रशिक्षित गिनती करने वाले और स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता रहेगी।

उच्च पर्वतीय इलाके के विभिन्न शिकार ब्लॉकों पर 56 कैमरे लगाए जाएंगे। सुवेदी के अनुसार, “पहली बार हिम तेंदुए की स्थिति पता लगाने का कार्य किया जा रहा है, लगभग 10 गिनती करने वाले 45 दिनों तक लगातार कैमरा लगाकर फोटो और वीडियो खींचेंगे।” इस अभयारण्य का क्षेत्रफल लगभग 1,325 वर्ग किलोमीटर है और इसका मुख्यालय बागलुङ में है, लेकिन यह म्याग्दी और रुकुम तक फैला हुआ है।

रेंजर सुवेदी के अनुसार, हिम तेंदुए के संभावित आवागमन मार्गों, चट्टानों, घाटियों और दर्रे क्षेत्रों में स्वचालित कैमरे लगाकर फोटो खींचे जाएंगे। इस अभयारण्य में 2079 साल की गणना के अनुसार लगभग 1,290 नौर और 744 झारल पाए गए थे।

अनुज चनाराले अन्यायको आरोप लगाउँदै कर्णाली प्रदेश टोली छाड्ने घोषणा गरे

कर्णाली प्रदेशका क्रिकेटर अनुज चनाराले टोलीबाट पाइएको व्यवहारप्रति असन्तुष्टि व्यक्त गर्दै प्रदेशको टोली छाड्ने घोषणा गरेका छन्। उनले विगत तीन वर्षदेखि खेलमा पर्याप्त अवसर नपाएको गुनासो गरेका छन् भने ५० ओभरको खेलमा प्रायः २–४ ओभर मात्र बलिङ गर्न पाएको बताए। चनाराले कप्तान र प्रशिक्षकलाई पटक-पटक प्रश्न गर्दा जवाफमा ‘स्पिन ट्र्याक छ’ भनिएको र यी सबै कारणले कर्णाली प्रदेशबाट नखेल्ने निर्णय गरेका छन्।

अनुज चनाराले सामाजिक सञ्जालमा स्टाटस राख्दै टिमभित्र अन्याय भोगेको उल्लेख गरेका छन्। उनले भने, ‘मैले सधैं कर्णाली प्रदेशको लागि आफ्नो तर्फबाट सक्दो योगदान दिएको छु। तर विगत तीन वर्षदेखि टोलीबाट मैले पाएको व्यवहारका कारण आज म यो लेख्न बाध्य भएको छु।’ उनले तीन वर्षदेखि आफूलाई खेलमा पर्याप्त अवसर नदिइएको गुनासो व्यक्त गरेका छन्।

प्लेइङ ११ मा रहे पनि ५० ओवरको खेलमा प्रायः २–४ ओवर मात्र बलिङ गर्न पाएको, राम्रो प्रदर्शन गर्दा पनि पूरा १० ओभरको स्पेल नपाएको बताएका छन्। चनाराले कप्तानले भनेका छन्, ‘माथिबाट जे आदेश आउँछ, त्यही गर्छु’ भनेर केही खेलहरूको आफ्नो प्रदर्शनसमेत उल्लेख गरेका छन्। यी सबै परिस्थितिलाई मध्यनजर गर्दै उनले कर्णाली प्रदेशबाट नखेल्ने निर्णय गरेका छन्।

मांस नहीं खाने पर भी भरपूर प्रोटीन, शाकाहारी भोजन में प्रमुख 10 प्रोटीन स्रोत

बिना चीनी मिलाए गए सोया दूध के एक कप में 7–8 ग्राम प्रोटीन होता है। यह गाय के दूध की तुलना में कार्बोहाइड्रेट और वसा कम प्रदान करता है।

समाचार सारांश

  • शाकाहारी आहार से भी उच्च गुणवत्ता वाला पर्याप्त प्रोटीन लिया जा सकता है, जो शरीर के विकास और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है।
  • दाल, गेदार दाने, सीटन, हरी सब्ज़ियाँ, सोया दूध, नट्स, ओट्स, चिया बीज, फल और डेयरी उत्पाद प्रोटीन के महत्वपूर्ण शाकाहारी स्रोत हैं।
  • अत्यधिक प्रोटीन सेवन से कब्जियत और गुर्दे की समस्या हो सकती है, जबकि उच्च प्रोटीन आहार वजन कम करने में मददगार होता है।

स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रोटीन आवश्यक पोषक तत्व है, परंतु कई लोग अभी भी यह सोचते हैं कि प्रोटीन केवल मांस या अंडे से ही मिलता है। हालांकि, शाकाहारी भोजन से भी पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण प्रोटीन प्राप्त किया जा सकता है। यह न केवल शरीर के विकास के लिए, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है। दिलचस्प बात यह है कि पौधों से प्राप्त प्रोटीन हृदय रोग, कैंसर और उच्च रक्तचाप जैसे दीर्घकालिक रोगों के जोखिम को भी कम करता है।

हमारे शरीर की प्रत्येक कोशिका में प्रोटीन होता है, जिसका अर्थ है कि कोशिकाओं की मरम्मत और नई कोशिका निर्माण के लिए प्रोटीन आवश्यक है। इसलिए पर्याप्त प्रोटीन का सेवन अत्यंत जरूरी होता है।

1. दालें और गेदार दाने

दालें और गेदार दाने प्रोटीन के उत्कृष्ट स्रोत होते हैं। मूंग, मसूर, चना दाल और राजमा का नियमित सेवन पर्याप्त प्रोटीन प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, एक कप राजमा में 15 ग्राम प्रोटीन होता है, साथ ही इसमें पोटैशियम, जटिल कार्बोहाइड्रेट और दैनिक फाइबर का 25 प्रतिशत भी पाया जाता है। दालें और गेदार दाने प्रोटीन के लिए सस्ते, सरल और प्रभावी विकल्प हैं।

2. सीटन

सीटन शाकाहारियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। यह ग्लूटेन से बनाया जाता है। 100 ग्राम सीटन में 25 ग्राम प्रोटीन होता है, जो इसे प्रोटीन का अच्छा स्रोत बनाता है। टोफू की तुलना में इसकी वसा कम होती है। इसे विभिन्न व्यंजनों में आसानी से उपयोग किया जा सकता है, लेकिन खरीदते समय मिलावट से सावधान रहना चाहिए।

3. हरी सब्ज़ियाँ

हरेक दिन हरी सब्ज़ियाँ खाने का स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होना हम सभी जानते हैं। प्रोटीन के नजरिए से, हरी सब्ज़ियों में भी भरपूर प्रोटीन होता है। एक कप पकाई हुई हरी सब्ज़ी में 8–9 ग्राम प्रोटीन होता है। यह विटामिन A, C, K और दैनिक फाइबर का 30 प्रतिशत प्रदान करती है। इसलिए दैनिक आहार में हरी सब्ज़ियाँ शामिल करना लाभदायक रहता है।

4. अंकुरित गेदार दाने

अंकुरित गेदार दाने पोषण का खजाना हैं। इनमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है और इनका पाचन भी सरल होता है। वजन कम करना चाहने वाले लोगों के लिए रोजाना अंकुरित गेदार दाने खाना फायदेमंद होता है। इनके अधिक प्रोटीन की वजह से इन्हें एक उत्कृष्ट शाकाहारी प्रोटीन स्रोत माना जाता है।

5. सोया दूध

दूध प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत है। सोया दूध भी वैसे ही लाभदायक विकल्प है, जो सोयाबीन से बनाया जाता है। बिना चीनी वाले सोया दूध के एक कप में 7–8 ग्राम प्रोटीन होता है। यह गाय के दूध की तुलना में कम कार्बोहाइड्रेट और वसा प्रदान करता है व लैक्टोज असहिष्णु लोगों के लिए बेहतर विकल्प होता है।

6. नट्स और नट बटर

नट्स को सुपरफूड भी कहा जाता है। बादाम, अखरोट, काजू जैसे नट्स में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है। इनमें आयरन, कैल्शियम, विटामिन A और B भी प्रचुर मात्रा में होता है। खाली पेट मुट्ठीभर मिश्रित नट्स खाने की आदत दिन की बेहतर शुरुआत करती है। प्राकृतिक पीनट बटर भी प्रोटीन का अच्छा स्रोत है।

7. ओट्स

ओट्स न केवल प्रोटीन का स्रोत हैं, बल्कि घुलनशील फाइबर का भी अच्छा स्रोत हैं और इन्हें पचाना आसान होता है। एक कप ओट्स में 5–6 ग्राम प्रोटीन होता है, जो हृदय रोग तथा कोलेस्ट्रॉल के खतरे को कम करता है। सुबह के नाश्ते में एक कप ओट्स लेना दिन की शुरुआत के लिए उत्तम होता है।

8. चिया बीज

चिया बीज आजकल सुपरफूड के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किए जा रहे हैं। 28 ग्राम चिया बीज में 5 ग्राम प्रोटीन और 10 ग्राम फाइबर होता है। ये अच्छे अमीनो एसिड के स्रोत हैं जो शरीर को प्रोटीन अवशोषित करने में मदद करते हैं। जैविक चिया बीज का सेवन और अधिक लाभदायक होता है।

9. फल

जब प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की बात होती है, तो अक्सर फल कम याद किए जाते हैं, परन्तु एवोकाडो, कटहल और आंवला क्रमशः 2 ग्राम, 3 ग्राम और 2.5 ग्राम प्रोटीन देते हैं। इन्हें अन्य प्रोटीन स्रोतों के साथ मिलाकर खाने से ठीक मात्रा में प्रोटीन प्राप्त हो सकता है। ये एंटीऑक्सिडेंट, फाइबर और हाइड्रेशन भी प्रदान करते हैं।

10. डेयरी उत्पाद

पनीर, दही और चीज जैसे डेयरी उत्पादों में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है। सबसे उत्कृष्ट विकल्प ग्रीक योगर्ट है, जिसमें 6 औंस में 15–18 ग्राम प्रोटीन होता है। यह सामान्य दही की तुलना में तीन गुना अधिक प्रोटीन देता है। इसमें वसा कम और प्रोबायोटिक्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो पेट के स्वास्थ्य में सुधार लाते हैं।

अत्यधिक प्रोटीन सेवन के नुकसान?

प्रोटीन की मात्रा संतुलित होनी चाहिए और अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए। किसी भी पोषक तत्व का अत्यधिक उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। जरूरत से अधिक प्रोटीन लेने पर कब्जियत और गुर्दे की समस्याएं हो सकती हैं।

क्या उच्च प्रोटीन आहार वजन कम करने में मदद करता है?

“हाई प्रोटीन डाइट” वजन घटाने में सहायक हो सकती है क्योंकि यह शरीर को विभिन्न तरीकों से लाभ प्रदान करती है। प्रोटीन खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है, जिससे कम खाना और अनावश्यक स्नैक्स का सेवन घटता है। साथ ही, प्रोटीन पचाने में शरीर अधिक ऊर्जा खर्च करता है, जिससे कैलोरी की खपत बढ़ती है। चिया बीज और ग्रीक योगर्ट जैसे खाद्य पदार्थ उपयुक्त मात्रा में प्रोटीन प्रदान करके वजन कम करने में मदद करते हैं।

घरेलू सामग्री से बेडरूम को ताजा और सुगंधित बनाने के 10 प्रभावी उपाय

कमरे को ताजा बनाने के लिए सुबह या शाम को कम से कम 10–15 मिनट तक खिड़की और दरवाज़ा खोलना चाहिए जिससे अंदर जमा हुआ बदबूदार हवा बाहर निकल सके। घर पर नेचुरल रूम फ्रेशनर बनाने के लिए आधा कप पानी में आधा कप सफेद सिरका और 10–15 बूंद एसेंशियल ऑयल मिलाकर स्प्रे किया जा सकता है। बेडशीट को साप्ताहिक धोना और एसेंशियल ऑयल छिड़कने से पसीने और मृत त्वचा कोशिकाओं से आने वाली दुर्गंध खत्म होती है। दिन भर की भाग-दौड़, काम की थकान और बाहरी प्रदूषण के बाद जब हम अपने बेडरूम में प्रवेश करते हैं, तो मन करता है कि कमरा शांति, ताजगी और सुगंध से भरा हो। लेकिन कभी-कभी बंद हवा, पसीने की बदबू, कपड़ों की दुर्गंध या नमी की वजह से असुविधा होती है। इस समस्या को सुलझाने के लिए घंटों मेहनत करने की जरूरत नहीं। केवल 10-15 मिनट में बेडरूम को ताजा, सुगंधित और आरामदायक बनाया जा सकता है। ये उपाय प्राकृतिक हैं, सस्ते हैं और नियमित उपयोग से लंबे समय तक प्रभावी रहते हैं।

१. सबसे पहले सभी खिड़कियां और दरवाज़े खोलें – कमरे की ताजगी की शुरुआत अच्छी हवा के आवागमन से होती है। सुबह या शाम के समय कम से कम 10–15 मिनट के लिए सभी खिड़कियां और दरवाज़े खोल दें। इससे अंदर जमा हवा बाहर निकलती है और ताजा ऑक्सीजन आती है। कमरे में नमी और दुर्गंध कम होती है। यदि बाहर प्रदूषण कम हो तो क्रॉस-वेंटिलेशन के लिए सामने और पीछे की खिड़कियां दोनों खोलना बेहतर होता है। नियमित रूप से ऐसा करने से कमरे की हवा शुद्ध रहती है और बैक्टीरिया कम होते हैं। बारिश के मौसम में इसे थोड़े समय के लिए ही खोलें और पर्दे का इस्तेमाल करें।

२. बेडशीट और तकियों को नियमित रूप से साफ रखें – यह बेडरूम की खुशबू पर सबसे बड़ा असर डालता है क्योंकि हम रातभर वहीं सोते हैं। समय कम हो तो बेडशीट अच्छी तरह झाड़ना, तकियों को फुलाना और धूल हटाना जरूरी है। समय मिले तो हल्का फैब्रिक फ्रेशनर स्प्रे करें या 2–3 बूंद एसेंशियल ऑयल (लेवेंडर या लेमन) पानी में मिलाकर छिड़काव करें। सप्ताह में एक बार बेडशीट धोने से पसीने और मृत त्वचा कोशिकाओं से आने वाली गंध रोकी जा सकती है।

३. घर पर रूम फ्रेशनर बनाएं – बाजार के रासायनिक स्प्रे के बजाय एक स्प्रे बोतल में आधा कप पानी, आधा कप सफेद सिरका या नींबू का रस और 10–15 बूंद पसंदीदा एसेंशियल ऑयल (लेवेंडर, लेमन या रोज) मिलाकर अच्छी तरह हिलाएं और पूरे कमरे में स्प्रे करें। यह तुरंत ताजगी की खुशबू देता है और हानिकारक रसायनों से मुक्त होता है।

४. पर्दे और कार्पेट को हल्के से साफ करने की आदत डालें – पर्दे, कार्पेट और सोफा धूल, नमी और गंध जल्दी सोखते हैं। समय कम हो तो इन्हें अच्छी तरह झटकें या हल्के वैक्यूम क्लीनर से साफ करें। कार्पेट पर बेकिंग सोडा छिड़ककर 15–20 मिनट या रातभर रखें और फिर वैक्यूम करें। पर्दे को सिरके के पानी से स्प्रे कर साफ किया जा सकता है, जो दुर्गंध को हटाता है और कमरे की हवा को ताजगी देता है। नियमित सफाई से एलर्जी और धूल के कण कम होते हैं।

५. सुगंधित मोमबत्ती या अगरबत्ती जलाने से कुछ मिनट में माहौल में सकारात्मक बदलाव आता है। लेवेंडर, वेनिला या चंदन जैसी सुगंध वाली मोमबत्ती और अगरबत्ती न केवल अच्छी खुशबू देती है बल्कि दिमाग को शांत भी करती है। हालांकि सुरक्षा कारणों से सोते समय इन्हें बुझाना न भूलें। वैकल्पिक रूप से इलेक्ट्रिक डिफ्यूज़र या रीड डिफ्यूज़र का उपयोग करें। एसेंशियल ऑयल मिश्रण (लेवेंडर और सैंडलवुड) से नींद बेहतर होती है और कमरे में प्राकृतिक खुशबू बनी रहती है।

६. छोटे सजावटी सामानों से न केवल खुशबू, बल्कि दृश्यात्मक ताजगी से भी कमरे को आकर्षक बनाएं। बेड पर कुशन अच्छे से सजाएं, छोटे फूलदान में ताजा गुलाब या लेवेंडर रखें, और बेडसाइड टेबल व्यवस्थित रखें। इनडोर पौधे जैसे स्नेक प्लांट या पीस लिली रखने से हवा शुद्ध होती है और प्राकृतिक ताजगी आती है।

७. वार्डरोब को व्यवस्थित रखें – दराज या वार्डरोब में मौजूद पुराने कपड़ों की दुर्गंध पूरे कमरे पर असर डालती है। समय कम हो तो दराज खोलकर हवा आने दें और कपूर, सूखे लेवेंडर या बेकिंग सोडा के पाउच रखें। कपड़े धोने से पहले इन्हें सिरके के पानी में भिगोना भी प्राकृतिक रूप से दुर्गंध हटाने का अच्छा तरीका है।

८. कॉटन बॉल और एसेंशियल ऑयल का उपयोग करें – एक कॉटन बॉल या छोटे कपड़े के टुकड़े पर 4–5 बूंद एसेंशियल ऑयल (लेवेंडर, रोजमैरी या लेमन) डालकर कमरे के किसी कोने, बेड के पास या वार्डरोब में रखें। इससे धीरे-धीरे खुशबू फैलती है और लंबे समय तक ताजगी बनी रहती है। छोटे जार में बेकिंग सोडा और एसेंशियल ऑयल मिलाकर रखने से दुर्गंध सोखता है और नई खुशबू देता है।

९. कूड़ा तुरंत बाहर फेंकें – कमरे में रखा छोटा डस्टबिन या कूड़ा दुर्गंध उत्पन्न कर सकता है। रोजाना सफाई करते समय इसे खाली करना न भूलें। डस्टबिन में बेकिंग सोडा छिड़कें या नींबू के छिलके डालें जो प्राकृतिक डियोडोराइजर का काम करते हैं। कूड़ा फेंकते वक्त प्लास्टिक बैग को अच्छी तरह बांधें।

१०. हल्का संगीत और नरम रोशनी से भी खुशबू के साथ सकारात्मक माहौल बनता है। धीमा और शांत संगीत बजाएं तथा डिम लाइटिंग का उपयोग करें, इससे मूड जल्दी बेहतर होता है और कमरा ज्यादा आरामदायक लगता है। प्राकृतिक सामग्री का उपयोग कर कमरे को खुशबूदार बनाने से स्वास्थ्य को कोई नुकसान नहीं होता और कमरा लंबे समय तक ताजा रहता है।

नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता से संबंधित विधेयक का मसौदा तैयार

समाचार संक्षेप संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार किया गया है। ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय ने नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता से संबंधित विधेयक का मसौदा तैयार किया है। मंत्रालय ने जलस्रोत, विद्युत् और सिंचाई विकास से संबंधित विधेयक को प्राथमिकता देते हुए काम किया है। ऊर्जा सचिव चिरंजीवी चटौत के नेतृत्व में तैयार किए गए मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित पक्षों के साथ चर्चा जारी है। १ वैशाख, काठमांडू।

नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता से संबंधित विधेयक का मसौदा तैयार हो चुका है। इसे ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय ने तैयार किया है। मंत्रालय के अनुसार अन्य कुछ विधेयकों पर भी काम चल रहा है। जलस्रोत से संबंधित विद्युत् विधेयक तथा सिंचाई विकास एवं प्रबंधन से संबंधित विधेयक को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार ने १०० बिंदुओं वाली शासन सुधार कार्यसूची जारी की है, जिसमें कानून निर्माण को प्राथमिकता दी गई है।

तदनुसार ऊर्जा मंत्रालय ने संबंधित कानून निर्माण पर विशेष जोर दिया है। इसके अतिरिक्त ऊर्जा मंत्रालय ने ऊर्जा क्षेत्र के समग्र विकास और दीर्घकालीन योजना बनाने के उद्देश्य से विद्युत् नीति को आगे बढ़ाया है। ऊर्जा सचिव चिरंजीवी चटौत के नेतृत्व में गठित कार्यदल ने तैयार प्रारंभिक मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए लगातार संबंधित पक्षों से बातचीत कर रहा है।

ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई क्षेत्र को देश की आर्थिक समृद्धि का संवाहक बनाने तथा तेजी से प्रभाव डालने के लिए आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ की नीति और कार्यक्रम का मसौदा तैयार कर प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद कार्यालय में प्रस्तुत किया गया है। मंत्रालय ने ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई क्षेत्र की वर्तमान समस्याओं की पहचान कर समाधान के उपाय खोजने के लिए संबंधित पक्षों के साथ चर्चा और सुझाव संग्रहीत करने का कार्य भी लगातार जारी रखा है।

झापाका दुई उद्योगमा आगलागी  – Online Khabar

झापा के दो उद्योगों में भीषण आग लगने से करोड़ों का नुकसान

झापा के बिर्तामोड नगरपालिका-4 में आज सुबह दो उद्योगों में आग लग गई। इस आगजनी में झापाली चिप्स फैक्ट्री और सौगात काष्ठ फर्नीचर को करीब एक करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान हुआ है। इलाका पुलिस कार्यालय बिर्तामोड और सशस्त्र पुलिस बेस कैंप शनिश्चरे की टीम ने आग पर काबू पा लिया है और जांच जारी है। 1 वैशाख, झापा।

जिला पुलिस कार्यालय के सूचना अधिकारी खगेन्द्रबहादुर खड़का के अनुसार, सुबह लगभग 4:15 बजे भक्तिप्रसाद उप्रेती द्वारा संचालित ‘झापाली चिप्स फैक्ट्री’ और चंद्रप्रसाद खरेल के ‘सौगात काष्ठ फर्नीचर’ में एक समय पर आग लगी थी। आग ने दोनों उद्योगों में रखे कच्चे माल, तैयार सामान और मशीनरी के पुर्जे जला दिए, जिससे प्रारंभिक जांच में करीब एक करोड़ रुपये के भारी आर्थिक नुकसान का पता चला है।

इलाका पुलिस कार्यालय बिर्तामोड, सशस्त्र पुलिस बेस कैंप शनिश्चरे, बिर्तामोड, भद्रपुर और मेचीनगर नगरपालिका के दमकल प्रबंधन एवं स्थानीय निवासियों की मदद से कुछ समय पहले आग पर काबू पा लिया गया है। पुलिस ने आग लगने का सही कारण अभी तक नहीं पता चल पाया है और इसे लेकर और जांच जारी है।

मलामी ले जा रहे ट्रैक्टर से गिरने पर एक की मौत

झापा के कंकाई नगरपालिक–४ कोटीहोम में मलामी ले जा रहे ट्रैक्टर से गिरने से २५ वर्षीय विनोद दनुवार की मृत्यु हो गई है। दनुवार को उपचार के लिए कंकाई नगर अस्पताल और बीएण्डसी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई, पुलिस ने जानकारी दी। ट्रैक्टर चालक ३० वर्षीय राजु नेपाली को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

१ वैशाख, झापा। झापा के कंकाई नगरपालिका–४ कोटीहोम इलाके में मलामी ले जा रहे ट्रैक्टर से एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है। पूर्व-पश्चिम राजमार्ग के अन्तर्गत कोटीहोम क्षेत्र में दुर्गापुर से माइखोला की ओर १५ लोगों का मलामी लेकर जा रहे को २ त ७४९७ नंबर के ट्रैक्टर से गिरने पर उसी ट्रैक्टर के सहचालक, कंकाई नगरपालिका–१ निवासी २५ वर्षीय विनोद दनुवार गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

जिला यातायात पुलिस कार्यालय के प्रमुख संतोष राई के अनुसार, सोमवार दोपहर २ बजे दनुवार ट्रैक्टर से गिर चुके थे। उन्हें उपचार हेतु कंकाई नगर अस्पताल सुरंगमा ले जाया गया। वहां से अतिरिक्त उपचार के लिए बीएण्डसी अस्पताल, बिर्तामोड़ भेजा गया था, जहां उपचार के दौरान पिछले रात उनकी मृत्यु हो गई। ट्रैक्टर चालक, कंकाई नगरपालिका–१ निवासी ३० वर्षीय राजु नेपाली को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

दक्षिण कोरिया के चिड़ियाघर से भागे जंगली सुअर की खोज में 300 लोगों की व्यापक कोशिश

दक्षिण कोरिया में गत बुधवार एक चिड़ियाघर से भागे जंगली सुअर को पकड़ने के लिए अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। इस अभियान में 300 से अधिक लोग शामिल थे और थर्मल कैमरा व ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। देश के मध्य भाग में स्थित डेजोन शहर के चिड़ियाघर से यह दो वर्ष का सुअर भाग निकला, जो रास्ते में आए गड्डे को पार करते हुए फरार हुआ।

कोरियन वन्यजीव संरक्षण संघ द्वारा उपलब्ध कराई गई थर्मल इमेजिंग वीडियो में यह सुअर चिड़ियाघर के पास स्थित जंगल की ओर जाते हुए दिखाई दिया है, जिसे समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भी पुष्टि की है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने इस जंगली सुअर से लोगों को कोई नुकसान न हो, ऐसी कामना व्यक्त की है।

अमेजनमा गूगल पिक्सेल १० सिरिज र पिक्सेल वाच ४ मा भारी छुट

अमेजन पर गूगल पिक्सेल 10 सीरीज और पिक्सेल वॉच 4 पर बड़ी छूट की घोषणा

काठमांडू। अमेजन ने आज से गूगल के नए स्मार्टफोन और स्मार्टवॉच पर आकर्षक छूट की घोषणा की है। पिक्सेल 10 सीरीज के सभी मॉडल—पिक्सेल 10, 10 प्रो, 10 प्रो एक्सएल और 10 प्रो फोल्ड पर 300 डॉलर तक की छूट उपलब्ध कराई गई है। खासतौर पर हाल ही में लॉन्च किए गए सस्ते मॉडल ‘पिक्सेल 10ए’ पर पहली बार नकद छूट दी गई है।

विभिन्न मॉडलों के लिए उपलब्ध नए मूल्य और छूट का विवरण इस प्रकार है: • गूगल पिक्सेल 10ए: 128 जीबी मॉडल वर्तमान में 449 डॉलर (मूल्य 499 डॉलर) और 256 जीबी मॉडल 549 डॉलर (मूल्य 599 डॉलर) में उपलब्ध है। फरवरी में जारी होने के बाद इसमें पहली बार 50 डॉलर की सीधी छूट दी गई है। • पिक्सेल 10 और 10 प्रो सीरीज: पिक्सेल 10 (128 जीबी) की कीमत 549 डॉलर रखी गई है, जिसमें 250 डॉलर की बचत होती है। पिक्सेल 10 प्रो 749 डॉलर और 10 प्रो एक्सएल 949 डॉलर में खरीदा जा सकता है। • पिक्सेल 10 प्रो फोल्ड: गूगल के प्रीमियम फोल्डेबल फोन पर 300 डॉलर की बड़ी छूट दी गई है, जिसके अनुसार 256 जीबी मॉडल की कीमत 1,499 डॉलर है। • गूगल पिक्सेल वॉच 4: स्मार्टफोन के साथ पिक्सेल वॉच 4 के विभिन्न वेरिएंट्स पर भी 40 से 70 डॉलर तक की छूट दी गई है। 41 एमएम मॉडल 310 डॉलर और एलटीई संस्करण 390 डॉलर में उपलब्ध हैं।

यह ऑफर नए फोन खरीदने वालों के लिए उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। पिक्सेल 10ए पर मिली छूट इसे 2026 का सबसे सस्ता और गुणवत्तापूर्ण फोन बनाने में मदद करती है। सभी फोन ‘अनलॉक्ड’ संस्करण में उपलब्ध हैं, जिसका मतलब है कि उपयोगकर्ता इन्हें किसी भी नेटवर्क पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

कांग्रेस महामंत्री पौडेल ने नए साल पर चार संकल्प किए सार्वजनिक

१ वैशाख, काठमाडौं । नेपाली कांग्रेस के महामंत्री प्रदीप पौडेल ने नए साल के अवसर पर चार नए संकल्प प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामना संदेश जारी करते हुए देश की बदलती परिस्थितियों और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए चार मुख्य क्षेत्रों में अपना जीवन समर्पित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

पार्टी के अंदर सभी मतभेदों को संवाद के जरिए सुलझाते हुए कांग्रेस को कानून और प्रक्रियाओं पर आधारित एकजुट, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त पार्टी बनाने तथा नई पीढ़ी के नवीन सपनों और विचारों को पार्टी के मुख्य प्रवाह में जोड़ने के लिए वे निरंतर सक्रिय रहने का आश्वासन देते हैं।

ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था और युवा उद्यमशीलता को राष्ट्रीय बहस का मुख्य मुद्दा बनाकर युवा जनशक्ति को देश में मर्यादित अवसर प्रदान करने हेतु ठोस नीतिगत नेतृत्व और क्रियान्वयन के लिए सक्रिय रहने की प्रतिबद्धता उन्होंने जताई है।

‘भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति को व्यवहार में उतारते हुए राजनीति को जनसेवा और सदाचार के मार्ग पर वापस लाने तथा आम जनसरोकारों जैसे महंगाई नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वसुलभ स्वास्थ्य सेवा में परिणाममुखी और संरचनात्मक सुधार के लिए प्रभावशाली भूमिका निभाऊंगा,’ उन्होंने तीसरे संकल्प में कहा है।

देश के दीर्घकालिक हित, राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक समृद्धि और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के संतुलित विकास के लिए सभी राजनीतिक दलों के बीच न्यूनतम साझा सहमति बनाने में जिम्मेदार और समन्वयकारी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की है।