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लेखक: space4knews

मुख्यमन्त्री हिक्मत कार्की का दृढ़ समर्थन – केवल सचिवालय से ही निर्णय होना चाहिए

कोशी प्रदेश के मुख्यमन्त्री हिक्मत कार्की ने संभावित राजनीतिक संकट के कारण इस्तीफा न देने की अपनी अडान स्पष्ट की है। नेकपा के संयोजक प्रचंड के साथ हुए समझौते के अनुसार, एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली कोशी प्रदेश में तिलकुमार मेन्याङ्बो को मुख्यमन्त्री बनाने की तैयारी कर रहे हैं। मुख्यमन्त्री कार्की ने इस्तीफा देने से पहले पार्टी का संस्थागत निर्णय होना जरूरी बताया है और कहा है कि वह अपनी नेतृत्व वाली पोजीशन पर बने रहेंगे। ११ साउन, काठमाडौं।

मुख्यमन्त्री कार्की ने संभावित राजनीतिक संकट से बचने के लिए नए सरकार निर्माण की प्रक्रिया में भाग न लेने का स्पष्ट संकेत दिया है। कांग्रेस के साथ सत्ता साझेदारी टूटने के बाद, एमाले ने सातों प्रदेश में सरकार परिवर्तन के लिए नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी से तीन बिंदुओं का समझौता किया है। अध्यक्ष केपी शर्मा ओली और नेकपा के संयोजक प्रचंड के बीच हुए इस समझौते के अनुसार, कोशी प्रदेश की सरकार का नेतृत्व एमाले करेगा। हालांकि, अध्यक्ष ओली ने मुख्यमन्त्री परिवर्तन के संकेत पहले ही दे चुके हैं।

नेताओं के अनुसार, प्रदेश संसदीय दल के उपनेता तिलकुमार मेन्याङ्बो को मुख्यमन्त्री नियुक्त करने की तैयारी चल रही है, जो जल्द ही कोशी प्रदेश की नेतृत्व में बदलाव लाएंगे। ताप्लेजुङ-१ (क) क्षेत्र से निर्वाचित मेन्याङ्बो को मुख्यमन्त्री बनाकर ओली पार्टी के भीतर अपनी राजनीतिक पकड़ को पुनः स्थापित करना चाहते हैं। लेकिन मुख्यमन्त्री कार्की ने ओली की इच्छानुसार इस्तीफा न देने की ठोस रुख अपनाया है।

संविधान की धारणा १६८(५) के अनुसार मुख्यमन्त्री पद पर बैठने वाले कार्की ने कहा कि अगर वे इस्तीफा देते हैं तो यह राजनीतिक संकट पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘संसदीय दल के नेता के रूप में ही नहीं बल्कि उपधारा ५ के तहत बहुमत सांसदों के स्वतंत्र हस्ताक्षर के कारण मैंने मुख्यमन्त्री का पद प्राप्त किया है, इसलिए मेरा इस्तीफा राजनीतिक और संवैधानिक संकट उत्पन्न कर सकता है।’ कार्की ने बताया कि उन्होंने एक सप्ताह पहले ओली से इस संबंध में बातचीत कर उन्हें सचेत किया है, लेकिन ओली मुख्यमन्त्री परिवर्तन के अपने फैसले पर मजबूती से टिके हुए हैं। कार्की ने कहा, ‘व्यक्तिगत निर्देश नहीं, केवल संस्थागत निर्णय को मान्य होगा।’

शिवराज शाही की पुस्तक ‘एक मान्ठ एक देवता’ का लोकार्पण सम्पन्न

युवा लेखक शिवराज शाही की पहली कथासंग्रह ‘एक मान्ठ एक देवता’ का लोकार्पण काठमांडू में एक विशेष कार्यक्रम में किया गया। ११ साउन, काठमांडू। साहित्यकार नयनराज पाण्डे, पूर्वमंत्री एवं लेखक माधव चौलागाईं, अभिनेत्री सुरक्षा पंत और कथाकार शिवराज शाही ने संयुक्त रूप से इस पुस्तक का लोकार्पण संभाला।

पुस्तक पर अपनी टिप्पणी में साहित्यकार नयनराज पाण्डे ने कहा कि नई पीढ़ी के लेखकों की कृतियों में कर्णाली विषयवस्तु गहराई से शामिल है। उन्होंने वर्तमान लेखकों की श्रेष्ठता और कमियों का विश्लेषण करते हुए कहा कि शिवराज में ‘शिवराज-क’ और ‘शिवराज-ख’ दो प्रकार के पक्ष मौजूद हैं। उन्होंने कहा, ‘‘शिवराज-क’’ की कथाएं उत्कृष्ट हैं जबकि ‘‘शिवराज-ख’’ की कथाएं कुछ अलग किस्म की हैं। वस्तुतः शाही ‘‘शिवराज-क’’ हैं। यह पुस्तक अत्यंत उत्कृष्ट है।

लेखक एवं पूर्वमंत्री माधव चौलागाईं ने कहा कि पुस्तक में कर्णाली की कथाएं और वेदनाएँ समाहित हैं। उन्होंने बताया, ‘‘कथाएं केवल कर्णाली के समाज के लिए नहीं, बल्कि जीवन के छोटे-बड़े पहलुओं को भी प्रस्तुत करती हैं। यह कर्णाली की एक सामाजिक विज्ञान संबंधी आईना है।’’ अभिनेत्री सुरक्षा पंत ने पुस्तक की ११ कथाओं पर फिल्म निर्माण की संभावना जताई। उन्होंने कहा, ‘‘इस पुस्तक को पढ़ने के बाद मैंने समझा कि प्रत्येक मान्ठ में एक देवता होता है। हर कहानी में जीवन के विभिन्न संबंध समाहित हैं। सभी कहानियां कालजयी फिल्मों जैसे प्रभावशाली हैं।’’

लेखक शिवराज शाही ने बताया कि उनकी कथाओं में कर्णाली की मां और बहनों की आवाज़ समाहित है। वह जाजा रकोटा के शिवराज शाही हैं और बाह्रखरी कथा प्रतियोगिता २०८२ तथा चक्रमणी चालिसे कथा प्रतियोगिता २०८१ के विजेता भी हैं। ‘एक मान्ठ एक देवता’ उनकी पहली कथासंग्रह है। कहानियों के अनुरूप चित्र और विषय के अनुसार रंगीन फॉन्ट में मुद्रण की गई इस कथासंग्रह को बुकहिल द्वारा प्रकाशित किया गया है।

वर्डक्याम्प काठमाडौं २०२६ आगामी सेप्टेम्बर में आयोजित होगा

समाचार संक्षेप
वर्डप्रेस समुदाय का सबसे बड़ा सम्मेलन ‘वर्डक्याम्प काठमाडौं २०२६’ आगामी १८ और १९ सेप्टेम्बर को काठमाडौं में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में ५०० से अधिक प्रतिभागी और ३० से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ता अपने अनुभव और ज्ञान साझा करेंगे। आयोजकों का मानना है कि यह कार्यक्रम नेपाल की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और नेपाल को दक्षिण एशिया के उभरते सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

वर्डप्रेस काठमाडौं के आयोजन में गैरीधारा स्थित एलिस रिसेप्शन में होने वाले इस सम्मेलन से नेपाल के सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल उद्यमिता, और खुला स्रोत तकनीकों के प्रचार-प्रसार में नई पहल की उम्मीद है। अमेरिका, यूरोप, भारत, बांग्लादेश समेत विभिन्न देशों के विशेषज्ञों और प्रतिभागियों की उपस्थिति में यह सम्मेलन संचालित होगा, जिसमें ५०० से अधिक प्रतिभागी और ३० से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ता अपने अनुभव और ज्ञान प्रस्तुत करेंगे।

सम्मेलन का उद्देश्य नेपाल की प्रौद्योगिकी समुदाय को विश्वव्यापी नेटवर्क से जोड़ना तथा काठमाडौं के ऐतिहासिक विरासत और खुला स्रोत तकनीकों के संयुक्त विकास को प्रोत्साहित करना है। विश्व की लगभग ४३ प्रतिशत वेबसाइट्स को संचालित करने वाले वर्डप्रेस ने नेपाली डेवलपर्स, डिजिटल उद्यमियों तथा आईटी एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के अवसर प्रदान किए हैं। आयोजकों ने इस वर्ष के वर्डक्याम्प को विशेष महत्व दिया है।

दो दिन तक चलने वाले कार्यक्रम का पहला दिन ‘कन्ट्रिब्यूटर्स डे’ के रूप में मनाया जाएगा, जहाँ प्रतिभागी वर्डप्रेस को और अधिक सुरक्षित, प्रभावी और समृद्ध बनाने के लिए प्रत्यक्ष योगदान देंगे। दूसरे दिन मुख्य सम्मेलन होगा, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर सुरक्षा, उन्नत एसईओ, डिजिटल मार्केटिंग और वर्डप्रेस इकोसिस्टम के सामयिक विषयों पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ कार्यपत्र प्रस्तुत करेंगे। आयोजकों के अनुसार, वर्डप्रेस ने युवाओं को फ्रीलांसिंग के माध्यम से विदेशी मुद्रा कमाने का अवसर देने के साथ-साथ देश में ही रोजगार और उद्यमिता के लिए उपयुक्त वातावरण बनाने में अहम योगदान दिया है।

ओडिआई क्रिकेट में करण केसी ने १०० विकेट लेने का कीर्तिमान स्थापित किया

नेदरलैंड्स में जारी ICC क्रिकेट विश्वकप लीग 2 के अंतर्गत नामिबिया के खिलाफ खेले गए मैच में 2 विकेट लेने के बाद नेपाली तेज गेंदबाज करण केसी ने ओडिआई क्रिकेट में १०० विकेट लेने का माइलस्टोन पूरा किया। उन्होंने कुल ७२ ओडिआई मैचों में १०३ विकेट लेकर यह उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता के साथ करण ओडिआई क्रिकेट में १०० विकेट लेने वाले दूसरे नेपाली खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले लेग स्पिनर संदीप लामिछाने ने यह कारनामा किया था।

नामिबिया के खिलाफ इस मैच में करण ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ५ विकेट लिए, जिसमें उन्होंने १० ओवर में २ मेडन ओवर डालकर केवल २९ रन दिए। इस मैच में व्यक्तिगत रूप से श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए उन्होंने नेपाल के लिए ओडिआई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई बार ५ विकेट लेने का रिकॉर्ड कायम किया है। करण ने अब तक चार बार एक ही मैच में ५ विकेट लिए हैं।

लीग 2 में टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरे नामिबिया ने निर्धारित ५० ओवर में ७ विकेट खोकर २११ रन बनाए। नामिबिया के फ्रायलिंक ने शतकीय पारी खेली। वहीं, सोमपाल कामी ने भी १ विकेट लेकर अपने ओडिआई करियर में ९९ विकेट पूरे किए हैं और अब वे १०० विकेट की उपलब्धि हासिल करने के लिए मात्र १ विकेट दूर हैं।

भारत के सहयोग से दार्चुला में 7 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से विद्यालय भवन का निर्माण शुरू

भारत सरकार के लगभग 7 करोड़ 50 लाख रुपये के आर्थिक सहयोग से दार्चुला के शैल्यशिखर नगरपालिका में स्थित श्री गोकुलेश्वर माध्यमिक विद्यालय का भवन निर्माण शुरू होने जा रहा है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव बशिष्ठ नंदन और नगर प्रमुख विजय सिंह धामी ने संयुक्त रूप से विद्यालय भवन का शिलान्यास किया है। यह परियोजना दार्चुला में संचालित 11वीं उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजना के अंतर्गत की जा रही है।

11 साउन, काठमांडू। भारत सरकार के सहयोग से दार्चुला के शैल्यशिखर नगरपालिका-9 स्थित श्री गोकुलेश्वर माध्यमिक विद्यालय का भवन निर्मित होने जा रहा है। काठमांडू में भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव बशिष्ठ नंदन और शैल्यशिखर नगरपालिक के मेयर विजय सिंह धामी ने संयुक्त रूप से भवन का शिलान्यास किया है। दूतावास ने जानकारी दी है कि भारत सरकार के लगभग 7 करोड़ 50 लाख रुपये के आर्थिक सहयोग से यह विद्यालय भवन निर्मित होगा।

दूतावास के अनुसार, यह कार्य दार्चुला में संचालनाधीन 11वीं उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजना के तहत किया जा रहा है। शिलान्यास कार्यक्रम में मेयर सहित अन्य वक्ताओं ने भारत सरकार के सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे दार्चुला के शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा।

जर्मनी में प्राचीन कोयला निर्माण परंपरा बनाए रखे दो भाई

जर्मनी के हार्ज क्षेत्र में दो भाइ सदियों पुरानी पारंपरिक विधि अपनाकर बीच जात के लकड़ी से कोयला उत्पादन कर रहे हैं। फेल्डमर भाइयों ने अपने व्यवसाय को जीवित रखने के लिए कोयला उत्पादन के साथ-साथ इतिहास को झलकाने वाला संग्रहालय, दुकान और रेस्टोरेंट भी चलाए हैं। वे इस लुप्त होती पारंपरिक शिल्प को आने वाली पीढ़ियों तक हस्तांतरित करने की आशा लेते हैं। 11 सावन, हासेलफेल्डे (रासस/एपी)।

जर्मनी के हार्ज पर्वतीय क्षेत्र में दो भाइयों ने सदियों पुरानी पारंपरिक विधि से लकड़ी के कोयला का उत्पादन कर इस परंपरा को जीवित रखा है। इमो फेल्डमर ने जलती हुई लकड़ी को मिट्टी से बने ऊंचे ढिस्को के भीतर रखा और कोयला बनाने की प्रक्रिया शुरू की। ढिस्को के भीतर ‘बीच’ जात की लकड़ी सप्ताहों तक धीरे-धीरे जलती रहती है और अंतत: कोयले में बदल जाती है। पूर्वी जर्मनी के हार्ज क्षेत्र में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।

“हम पारंपरिक मिट्टी की भट्टी में कोयला बनाते हैं, बिल्कुल उसी तरीके से जैसे एक हजार साल पहले हार्ज पर्वत में किया जाता था,” फेल्डमर ने हाल ही में एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को बताया। फेल्डमर और उनके भाई साशा अपने पिता से ‘हार्जकोलेरेई स्टेमबर्गहाउस’ नामक कोयला निर्माण व्यवसाय संभाल रहे हैं। ढिस्को के भीतर जल रही लकड़ी की लगातार निगरानी के लिए कार्यकर्ता लगाए गए हैं, क्योंकि यदि सावधानी न बरती गई तो लकड़ी पूरी तरह जलकर कोयला बनने के बजाय राख में बदल सकती है।

हार्ज क्षेत्र में खनिज उत्खनन के लिए लकड़ी का कोयला आवश्यक था क्योंकि चांदी, सीसा, तांबा और जस्ता जैसे धातुओं को निकालने के लिए खनिजों को उच्च तापमान पर पगालना पड़ता था, जिसके लिए कोयले से प्राप्त उच्च ताप आवश्यक था। सदियों तक हार्ज क्षेत्र के सैकड़ों परिवार कोयला बनाने के काम से अपनी आजीविका चलाते थे। वर्तमान में वहां खनिज उत्खनन बंद हो चुका है और जर्मनी में पारंपरिक विधि से कोयला बनाने वाले व्यवसायी कम हो गए हैं। फेल्डमर भाइयों द्वारा उत्पादित कोयला मुख्यतः घरेलू बारबेक्यू के लिए खरीदारों को बेचा जाता है। वे प्रति वर्ष लगभग 40 टन कोयला का उत्पादन करते हैं।

फेल्डमर के अनुसार उनका कोयला विशुद्ध बीच जात की लकड़ी से बना होता है। जर्मनी के हार्डवेयर स्टोरों में बिकने वाला अधिकांश कोयला आयातित है और विभिन्न प्रकार की लकड़ी एवं अन्य सामग्री से बना होता है, ऐसा वे दावा करते हैं। वार्षिक उत्पादन कम होने के कारण व्यवसाय चलाना मुश्किल हो रहा था, इसलिए भाइयों ने कोयला निर्माण के इतिहास को दर्शाने वाला एक संग्रहालय, एक छोटी दुकान और एक रेस्टोरेंट भी स्थापित किया। रेस्टोरेंट में स्थानीय व्यंजन के साथ-साथ अपने उत्पाद के बारबेक्यू कोयले पर ग्रिल किया गया स्टेक जैसे व्यंजन उपलब्ध हैं। जर्मनी में पारंपरिक कोयला उत्पादन कला लुप्त होने के कगार पर है, लेकिन फेल्डमर परिवार इस परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक निरंतर बनाए रखने की उम्मीद करता है। “हमें उम्मीद है कि हमारे बच्चे भी इस व्यवसाय को संभालेंगे और यह पारंपरिक कोयला बनाने की कला सुरक्षित रहेगी,” उन्होंने कहा।

नेपाल ने नामीबिया के खिलाफ 212 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जवाबी बल्लेबाजी शुरू की

आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग 2 में नेपाल ने नामीबिया द्वारा दिए गए 212 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी जवाबी बल्लेबाजी आरंभ कर दी है। नीदरलैंड्स के यूट्रेक्ट में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए नामीबिया ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट खोकर 211 रन बनाए थे। विश्व कप क्वालीफायर के दावेदारी को बरकरार रखने के लिए नेपाल इस श्रृंखला में पहली जीत निकालने के दबाव में है।

11 साउन, काठमांडू। आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग 2 के अंतर्गत नामीबिया के खिलाफ जारी मैच में नेपाल ने 212 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जवाबी बल्लेबाजी शुरू कर दी है। नीदरलैंड्स के यूट्रेक्ट में खेले जा रहे इस मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने वाला नामीबिया निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट खोकर 211 रन बना पाया। नामीबिया के लिए जान फ्रायलिंक ने शतक लगाया। उन्होंने 149 गेंदों में 3 चौके लगाते हुए शतकीय पारी खेली और 100 रन बनाए, जिनके बाद वह रन आउट हुए। लॉरेन स्टिनकाम्प ने 87 गेंदें खेलते हुए 4 चौके और 1 छक्के की मदद से 59 रन बनाए। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 131 रन की साझेदारी की।

नेपाल के मीडियम पेसर करण केसी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट लिए। उन्होंने 10 ओवरों में 2 मेडन रहित करते हुए केवल 29 रन लुटाए और अपने ODI करियर में चौथी बार 5 विकेट लेने का कारनामा किया। इसके साथ ही करण इस मैच के जरिए नेपाल के लिए ODI में 100 विकेट पूरा करने वाले दूसरे खिलाड़ी भी बने। सोमपाल कामी ने 1 विकेट लिया। इससे पहले के दोनों मैचों में हार का सामना कर चुका नेपाल इस लीग 2 श्रृंखला में पहली जीत की तलाश में है। शीर्ष चार स्थान पर रहकर ODI विश्व कप के ग्लोबल क्वालिफायर में जगह बनाने की संभावना को बनाए रखने के लिए नेपाल के लिए अब हर मैच जीतना अनिवार्य है। इस श्रृंखला के पहले मैच में नेपाल नामीबिया से हार गया था।

सुनसरी घटनाक्रम के बाद गृह मंत्रालय में केंद्रीय सुरक्षा समिति की बैठक

सुनसरी के देवानगंज में दो समूहों के बीच विवाद को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस की गोली लगने से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने कर्फ्यू आदेश जारी किया है। गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने सुनसरी घटना की जांच के लिए सहायक सचिव भुपेंद्र थापा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। गृह मंत्रालय में हुई केंद्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में सुनसरी घटना सहित देश के समग्र शांति-स्थिरता की स्थिति का विश्लेषण कर आवश्यक रणनीति बनाने का निर्णय लिया गया है। ११ साउन, काठमांडू।

सिंहदरबार स्थित गृह मंत्रालय में केंद्रीय सुरक्षा समिति की बैठक शुरू हो चुकी है। कुछ समय से यह बैठक चल रही है। सुनसरी में हाल ही में हुई घटना के बाद केंद्रीय सुरक्षा समिति की यह बैठक बुलाई गई है। घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति भी गठित कर दी गई है। गृह मंत्रालय के अध्यक्षता में हुई इस केंद्रीय समिति में गृह सचिव, नेपाल पुलिस के महानिरीक्षक, सशस्त्र पुलिस बल के महानिरीक्षक, राष्ट्रीय जांच विभाग के प्रमुख निदेशक और नेपाली सेना के सदस्य शामिल हैं। उन्होंने सुनसरी घटना के अलावा देश भर में शांति-सुरक्षा की समग्र स्थिति का विश्लेषण कर आवश्यक रणनीति तैयार करने की बात कही है।

सुनसरी के देवानगंज गाँवपालिका-३, कप्तानगंज में दो समूहों के बीच विवाद को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस की गोलियों से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने कर्फ्यू लागू किया है। हालांकि कर्फ्यू के उल्लंघन के बावजूद सुनसरी के विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी जारी हैं। सुनसरी घटना के बाद गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने मंत्रालय में सुरक्षा प्रमुखों से चर्चा की थी। उन चर्चाओं के बाद सुनसरी घटना की जांच के लिए गृह मंत्रालय के सहायक सचिव भुपेंद्र थापा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। गृह मंत्रालय की सहप्रवक्ता रमा आचार्य के अनुसार जांच समिति को रिपोर्ट सौंपने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। यह समिति इस प्रकार की घटनाओं को दोहराए जाने से रोकने के लिए आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत करेगी।

सात नए बालकथा पुस्तकों का विमोचन

सीमान्त आवाज और पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से सात नए बालकथा पुस्तकें जारी की गई हैं। काठमांडू में, बालकथाओं के माध्यम से सीमांत समुदायों की आवाज़ और पहुंच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिखी गई ये सात पुस्तकें रविवार को नक्साल स्थित नेपाल ललित कला प्रज्ञा प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में विमोचित की गईं। शिक्षाविद् केदारभक्त माथेमा, वरिष्ठ बाल साहित्यकार गंगा कर्माचार्य, कलाकार तथा नेपाल ललित कला प्रज्ञा प्रतिष्ठान के पूर्व उपकुलपति केके कर्माचार्य, बाल साहित्यकार एवं समीक्षक प्रमोद प्रधान, अधिकारकर्मी गौरी नेपाली सहित पुस्तक के लेखक विमोचन समारोह में मौजूद थे।

जारी बालकथा पुस्तकों में सुशीला तामांग की ‘आइतीको बिहे’, बिना थिंग की ‘नामको कथा’, हंसावती कुर्मी की ‘इन्द्रेणी’, शांति सापकोटा की ‘मितिनी’, संजोग ठकुरि की ‘ममीघर’, अस्मिता वादी की ‘हैतमाको हिम्मत’ और संगीता उराँव की ‘सुर्जीको उज्यालो’ शामिल हैं। ये कथाएँ पत्रकार सुशीला तामांग के संयोजन में ब्रिटिश काउंसिल के लैंगिकता संबंधी कला कार्यक्रम ‘जेन्डर आर्ट्स : इक्वल टुगेदर 2025’ के तहत ‘अपराजिता कथा परियोजना’ के हिस्से के रूप में प्रकाशित हुई हैं। इस परियोजना में बाल वाङ्मय तथा अनुसंधान केंद्र और हम दाजुभाइ संस्थान ने भी सहयोग दिया है।

पुस्तक में चित्रकार रविन्द्र मानन्धर, अनामिका गौतम और प्रज्वल थापामगर ने चित्रांकन किया है। बाल साहित्य के माध्यम से बालिका सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, विकास और समाज में मौजूद बच्चों के बीच भेदभाव, जातीय, वर्गीय और सांस्कृतिक विभेद को कम करने की यह परियोजना का मुख्य उद्देश्य है। कथाओं में सीमांत समुदायों के सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन के पहलू, अनुभव और प्रथाएँ शामिल की गई हैं। कार्यक्रम में शिक्षाविद् माथेमा ने कहा कि लामा वाक्यों वाली पुस्तकें बच्चों को पढ़ाकर उनकी बौद्धिक क्षमता के विकास में मदद करनी चाहिए।

पठनशीलता ज्ञान के क्षितिज को विस्तारित करती है, इसलिए बालकाओं को इस दिशा में प्रेरित करना आवश्यक है, यह माथेमा का विचार था। सातों कथाओं की समीक्षा करते हुए कार्यकर्ता गौरी नेपाली ने बताया कि ये नैतिकता और आदर्श बाल कथाओं के रूप में परंपरागत लेखन शैली से अलग हैं और समाज की वास्तविक तस्वीर को प्रस्तुत करती हैं। ये कथाएँ किसी उच्च वर्ग के व्यक्तियों की नहीं हैं, बल्कि कई लोगों को अपनी ही कहानी जैसी लगने वाली हैं, इसलिए नेपाली लोग इन्हें पसंद कर रहे हैं। पुस्तक में व्यक्त विचारों को लेकर बाल साहित्यकार प्रमोद प्रधान, गंगा कर्माचार्य, प्रा.डा. तारानिधि भट्टराई, ब्रिटिश काउंसिल के ‘जेन्डर आर्ट्स : इक्वल टुगेदर 2025’ की निदेशक युक्ता बज्राचार्य, लेखक बिना थिंग और चित्रकार अनामिका गौतम सहित लोगों ने कहा कि ये पुस्तकें बाल साहित्य के क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।

सुनसरी में साम्प्रदायिक तनाव: तराई के जिलों में पुनः हो रही घटनाओं के कारण क्या हैं?

सुनसरी के देवानगंज नगरपालिका स्थित कप्तानगंज में रविवार रात दो धार्मिक आस्थाओं के युवाओं के बीच तनाव उत्पन्न हुआ है। पुलिस द्वारा झड़प को नियंत्रण में लेने के प्रयास में कम से कम एक व्यक्ति की मृत्यु और कई के घायल होने की सूचना मिली है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। कर्फ्यू के बावजूद प्रदर्शन जारी होने की जानकारीें हैं। गृह मंत्रालय ने इस घटना की जांच के लिए समिति गठित की है।

सुनसरी के प्रमुख जिल्ला अधिकारी ने सुबह 07:00 बजे से अगले सूचना तक स्थानीय प्रशासन ऐन, 2028 के तहत सुनसरी के विभिन्न स्थानों पर चार किलों का निर्धारण करते हुए सभी आम जनता के आवागमन पर रोक, साथ ही किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, प्रदर्शन, बैठक या घेराव को प्रतिबंधित करते हुए अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया है। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस और नेपाली सेना के जवान गश्त पर तैनात हैं।

विश्लेषणों में कहा गया है कि इस तरह की घटनाएं पहली बार नहीं हो रहीं। कुछ समय पहले पर्सा, रौतहट और धनुषा में भी इसी प्रकार का साम्प्रदायिक तनाव देखा गया था। सुनसरी की घटना में, बोलबम यात्राओं की तैयारी कर रहे एक पक्ष द्वारा दूसरे समुदाय के नजदीक बिजली के खंभों पर झंडा लगाना और उच्च ध्वनि में डीजे बजाना तनाव की शुरुआत बताया जा रहा है। सुनसरी के सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकारी पोषण लामिछाने ने कहा, “झंडा और डीजे दोनों ही कारण तनाव के शुरू होने के रूप में बताए गए हैं।”

विश्लेषकों के अनुसार, तराई-मधेश के विभिन्न इलाकों में इस प्रकार की घटनाएं बार-बार हो रही हैं। चंद्र किशोर ने कहा कि हाल के दिनों में विभिन्न धार्मिक आस्थाओं वाले समुदायों में प्रदर्शन की प्रवृत्ति बढ़ी है। उन्होंने कहा, “सामूहिक जुलूस प्रदर्शन, हथियारों के साथ उग्रता दिखाने जैसी प्रवृत्तियां दोनों समुदायों में देखी गई हैं।”

विश्लेषक गुप्ता का तर्क है कि अशिक्षा और गरीबी इन घटनाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन की कमजोरियों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा, “पर्सा, रौतहट या अन्य क्षेत्रों की घटनाओं को देखें तो अप्रिय घटनाओं के बाद दोनों समुदाय बैठकर भाईचारा कायम करने के लिए समझौता करते हैं।”

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता काफ्ले ने कहा कि सरकार इस विषय पर संवेदनशील है और जांच समिति गठित की गई है। विश्लेषक गुप्ता ने यह भी कहा कि इन घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में धार्मिक समुदायों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया, “हिंदू समुदाय हिन्दुओं को, और मुस्लिम समुदाय मुसलमानों को शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम करने के लिए प्रेरित कर सकता है।”

आठ महीने बाद अंतरिक्ष टीम सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौटी

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर आठ महीने बिताने के बाद अमेरिकी–रूसी संयुक्त टीम रविवार को कजाकिस्तान में सुरक्षित रूप से उतरने में सफल रही। तीन सदस्यीय टीम ने सोयुज एमएस–28 यान के माध्यम से 241 दिन लंबा वैज्ञानिक और तकनीकी मिशन पूरा किया है। राजनीतिक तनाव के बावजूद अमेरिका और रूस ने अंतरिक्ष में सहयोग जारी रखा है।

नासा के अंतरिक्ष यात्री क्रिस विलियम्स, रूस के अंतरिक्ष यात्री सर्गेई कुड–स्वेर्चकोव और सर्गेई मिकेव सवार सोयुज एमएस–28 यान पैराशूट के जरिए जेजकाजगन के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में सुरक्षित उतर गए। यह मिशन विलियम्स और मिकेव के लिए पहली अंतरिक्ष यात्रा है जबकि कुड–स्वेर्चकोव के लिए यह दूसरी है।

उतरने के बाद चालक दल हेलिकॉप्टर से कारागांडा पहुंचने की योजना है। नासा के विलियम्स वहां से अमेरिका लौटेंगे और ह्यूस्टन स्थित जॉनसन स्पेस सेंटर जाएंगे, जबकि रूसी अंतरिक्ष यात्री कुड–स्वेर्चकोव और मिकेव मास्को के पास स्टार सिटी स्थित प्रशिक्षण केंद्र वापस लौटेंगे।

इससे पहले, वर्ष 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बावजूद दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव के बावजूद अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत संयुक्त अभियान लगातार जारी है। 14 जुलाई को नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और रोस्कोसमोस के अंतरिक्ष यात्री प्योत्र डुब्रोव एवं अन्ना किकिना के नेतृत्व में नई टीम कजाकिस्तान के बैकोनुर कोस्मोड्रोम से प्रक्षेपित होकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंची थी।

कप्तानगंज घटना के विरोध में विराटनगर में प्रदर्शन

सुनसरी के देवानगंज में पुलिस द्वारा किए गए गोलीबारी में एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के बाद विराटनगर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने घटना में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विराटनगर के बाजार और दुकानें बंद करवा दी हैं। रविवार को दो समूहों के बीच हुई झड़प को नियंत्रित करने के प्रयास के दौरान एक व्यक्ति की मौत और नौ अन्य घायल हो गए थे। ११ साउन, विराटनगर। सुनसरी के देवानगंज गाउँपालिका–३, कप्तानगंज में हुई इस घटना के विरोध में विराटनगर में भी प्रदर्शन किया गया है। रविवार को कप्तानगंज में दो समूहों के बीच विवाद को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और नौ घायल हुए। इस घटना के विरोध में सोमवार अपराह्न ५ बजे विराटनगर में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए नारेबाजी की और बाजार- दुकानें बंद कराई।

फ्रांस और स्पेन में फैले जंगल की आग का प्रभाव कैसा है

फ्रांस और स्पेन में जंगल की आग को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है। प्रकाशित १७ मिनट पहले, यूरोप के विभिन्न हिस्सों में फैली आग से सबसे ज्यादा प्रभावित देश फ्रांस और स्पेन हैं। ये दोनों देशों के कई इलाकों में लगी आग के कारण लगभग तीन लाख बीस हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा है। आग ने जंगलों के साथ-साथ लोगों के घरों को भी भारी नुकसान पहुँचाया है।
फ्रांस में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद देखी गई सबसे बड़ी आग को नियंत्रण में लाने के लिए दमकल दल लगातार प्रयास कर रहे हैं। फ्रांस के बोर्डो शहर में लगी आग से धुआं फैला है, लेकिन वहां के स्थानीय लोगों को कोई स्थानांतरण नहीं किया गया है, अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सान्चेज आग प्रभावित तीन मुख्य क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे। इन क्षेत्रों में करीब ५० हजार हेक्टेयर भूमि नष्ट हो चुकी है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया है। स्पेन इस वर्ष अब तक ३० से अधिक जंगल की आग की घटनाओं का सामना कर चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जलवायु परिवर्तन को आग की तीव्रता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया है। साथ ही, स्कॉटलैंड और इटली के कुछ इलाकों में भी आग की घटनाएं सामने आई हैं, जिसकी जानकारी रॉयटर्स ने दी है।

सिएटल फूड फेस्टिवल में गोलीबारी, दो की मौत

अमेरिका के सिएटल में आयोजित ‘बाइट ऑफ सिएटल’ फूड फेस्टिवल में हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई जबकि दो साल के बच्चे सहित पांच लोग घायल हो गए हैं। घटना के बाद पुलिस ने सिएटल सेंटर परिसर को खाली कराया है और घायलों का हार्बरव्यू मेडिकल सेंटर में इलाज चल रहा है। वाशिंगटन के गवर्नर बॉब फर्ग्यूसन ने घटना की जानकारी लेते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और मामले की जांच के लिए राज्य पुलिस की टीम को तैनात किया गया है। ११ साउन, सिएटल (रासस/एपी)।

सिएटल के स्पेस नीडल के पास आयोजित लोकप्रिय ‘बाइट ऑफ सिएटल’ फूड फेस्टिवल में रविवार शाम को हुई गोलीबारी में दो लोगों की जान गई जबकि दो साल के बच्चे, २३ वर्षीय पुरुष और ३९ वर्षीय महिला की हालत स्थिर बताई गई है। घायलों में पांच को हार्बरव्यू मेडिकल सेंटर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। स्थानीय समयानुसार शाम लगभग ६ बजे कार्यक्रम के समाप्त होने के दौरान गोली चलने से भागकर लोग सुरक्षित स्थान की ओर भागे।

प्रत्यक्षदर्शी फेथ आदिया हंटर के अनुसार वे खाना खरीदकर लौट रहे थे तभी अचानक गोली चली। जब उन्हें पता चला कि बंदूकधारी आस-पास है, तो वे अन्य लोगों के साथ नजदीकी भवन की ओर भागे और सिएटल बच्चों के संग्रहालय में शरण ली। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी रोबर्टो रामिरेज ने बताया कि शुरू में पटाखे जैसी आवाज आई, लेकिन थोड़ी देर में लोग ‘शूटर’ कहते हुए भागने लगे, जिससे स्थिति स्पष्ट हो गई।

सन १९८२ से आयोजित ‘बाइट ऑफ सिएटल’ एक तीन दिवसीय खाद्य एवं सांस्कृतिक उत्सव है। आयोजकों के अनुसार इस कार्यक्रम में हर वर्ष लगभग तीन लाख पचास हजार लोग भाग लेते हैं।

पोखरा एभेन्जर्स ने शाकिब अल हसन को एनपीएल तीसरे सीजन के लिए अनुबंधित किया

पोखरा एभेन्जर्स ने सोमवार को बांग्लादेशी ऑलराउंडर शाकिब अल हसन को नेपाल प्रिमियर लीग (एनपीएल) के तीसरे सीजन के लिए अनुबंधित करने की घोषणा की है। टीम ने विश्व क्रिकेट के प्रमुख ऑलराउंडर शाकिब की मौजूदगी से अपनी मैच ताकत और प्रतिस्पर्धात्मकता को और बेहतर बनाने का विश्वास जताया है। महाप्रबंधक अमित लोहानी ने कहा, “शाकिब अल हसन जैसे विश्व स्तरीय खिलाड़ी को पोखरा एभेन्जर्स परिवार में स्वागत करना हमारे लिए अत्यंत गर्व और उत्साह की बात है।”

११ साउन, काठमांडू। शाकिब अल हसन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते आ रहे हैं। ४० वर्ष के शाकिब के पास विश्व के ३० से अधिक फ्रेंचाइजी टीमों के साथ खेलने का अनुभव है। उन्होंने १२९ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में २,५५१ रन बनाए हैं और १४९ विकेट लिए हैं। इसके साथ ही, सभी प्रकार के टी20 मैचों में उन्होंने ४७८ मैच खेलते हुए ७,८५३ रन बनाए और ५१५ विकेट लिए, जो उनके शानदार करियर को दर्शाता है।

पोखरा एभेन्जर्स ने ख़िताब जीतने के मकसद को और मजबूत करते हुए शाकिब के अनुबंध से नेपाली क्रिकेट प्रेमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी की खेल शैली ने सीधे देखने का अवसर मिलेगा। लोहानी ने आगे कहा, “उनका आगमन हमारी टीम को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा और नेपाल प्रिमियर लीग की लोकप्रियता को नई ऊँचाई तक ले जाएगा।” एनपीएल सीजन ३ के लिए पोखरा एभेन्जर्स ने मार्की खिलाड़ी कुशल भुर्तेल समेत अन्य खिलाड़ियों को भी रिटेन किया है।