१ वैशाख, काठमाडौं । नेपाली कांग्रेस के महामंत्री प्रदीप पौडेल ने नए साल के अवसर पर चार नए संकल्प प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामना संदेश जारी करते हुए देश की बदलती परिस्थितियों और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए चार मुख्य क्षेत्रों में अपना जीवन समर्पित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
पार्टी के अंदर सभी मतभेदों को संवाद के जरिए सुलझाते हुए कांग्रेस को कानून और प्रक्रियाओं पर आधारित एकजुट, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त पार्टी बनाने तथा नई पीढ़ी के नवीन सपनों और विचारों को पार्टी के मुख्य प्रवाह में जोड़ने के लिए वे निरंतर सक्रिय रहने का आश्वासन देते हैं।
ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था और युवा उद्यमशीलता को राष्ट्रीय बहस का मुख्य मुद्दा बनाकर युवा जनशक्ति को देश में मर्यादित अवसर प्रदान करने हेतु ठोस नीतिगत नेतृत्व और क्रियान्वयन के लिए सक्रिय रहने की प्रतिबद्धता उन्होंने जताई है।
‘भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति को व्यवहार में उतारते हुए राजनीति को जनसेवा और सदाचार के मार्ग पर वापस लाने तथा आम जनसरोकारों जैसे महंगाई नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वसुलभ स्वास्थ्य सेवा में परिणाममुखी और संरचनात्मक सुधार के लिए प्रभावशाली भूमिका निभाऊंगा,’ उन्होंने तीसरे संकल्प में कहा है।
देश के दीर्घकालिक हित, राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक समृद्धि और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के संतुलित विकास के लिए सभी राजनीतिक दलों के बीच न्यूनतम साझा सहमति बनाने में जिम्मेदार और समन्वयकारी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की है।
अठारवें राष्ट्रीय पुरुष और सातवें राष्ट्रीय महिला खो- खो प्रतियोगिता में त्रिभुवन आर्मी क्लब ने खिताब जीता है। पुरुष वर्ग में आर्मी ने लुम्बिनी प्रदेश को १९-१६ से पराजित किया वहीं महिला वर्ग में १६-४ के सहज अंतर से विजयी रहा। विजेता टीमों को ७५ हजार नगद और मेडल प्रदान किए गए, जबकि उपविजेता को ५० हजार और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को २५ हजार नगद पुरस्कार मिला। १ वैशाख, Kathmandu।
कीर्तिपुर स्थित कवरड हॉल में सोमवार को सम्पन्न फाइनल मुकाबले में त्रिभुवन आर्मी क्लब की दोनों टीमों ने लुम्बिनी प्रदेश को हराकर राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। पुरुष वर्ग के रोमांचक फाइनल में आर्मी ने लुम्बिनी प्रदेश को १९-१६ से हराया। इसी प्रकार महिला वर्ग के फाइनल में भी आर्मी ने लुम्बिनी को १६-४ के स्पष्ट अंतर से मात दी।
खिताब विजेता आर्मी की दोनों टीमों को ट्रॉफी के साथ ७५ हजार नगद और मेडल प्रदान किए गए, जबकि उपविजेता लुम्बिनी प्रदेश को ५० हजार का पुरस्कार दिलाया गया। दोनों वर्गों में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली बागमती प्रदेश को २५ हजार नगद पुरस्कार दिया गया। चार दिन तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग में नेपाली आर्मी सहित आठ टीमें तथा महिला वर्ग में सात टीमें शामिल थीं, उन्होंने प्रतिस्पर्धा की, ऐसी जानकारी नेपाल खो- खो संघ के अध्यक्ष प्रदीप महर्जन ने दी।
1 वैशाख, रोल्पा। पश्चिम उत्तर रोल्पा के परिवर्तन गाउँपालिका में 1 लाख 11,111 रुपये की पुरस्कार राशि के साथ खुला पुरुष वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजित होने जा रही है। यह प्रतियोगिता वैशाख 5 से 12 तक परिवर्तन गाउँपालिका-3, बागमारा स्थित लाली गुराँस युवा क्लब के 28वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर आयोजित की जाएगी। लाली गुराँस युवा क्लब के अध्यक्ष हिरालाल खड़काके अनुसार, खुला पुरुष वॉलीबॉल प्रतियोगिता में विजेता टीम को 1 लाख 11,111 रुपये नगद पुरस्कार, ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
उपविजेता टीम को 51,111 रुपये नगद पुरस्कार, मेडल और प्रमाणपत्र मिलेगा, जबकि सेमीफाइनल तक पहुँचने वाली दो टीमों को प्रत्येक 25,111 रुपये नगद पुरस्कार के साथ मेडल और प्रमाणपत्र दिया जाएगा। खुला महिला वॉलीबॉल प्रतियोगिता में विजेता टीम को 35,555 रुपये नगद पुरस्कार, ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। उपविजेता टीम को 20,555 रुपये नगद पुरस्कार, मेडल एवं प्रमाणपत्र मिलेगा और सेमीफाइनल में पहुँचने वाली दो टीमों को 10,555 रुपये नगद पुरस्कार दिया जाएगा, आयोजकों ने जानकारी दी है।
पश्चिम रोल्पा में स्थित लाली गुराँस युवा क्लब पहले ऐसी संस्था बन चुका है जिसने बड़ी पुरस्कार राशि के साथ खुला वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजित की है। अब तक पश्चिम रोल्पा में इतनी बड़ी पुरस्कार राशि वाली वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजित नहीं हुई थी। रोल्पा जिले में क्लब पंजीयन के अनुसार, सनस्टार युवा क्लब पहले स्थान पर है जबकि लाली गुराँस युवा क्लब दूसरे स्थान पर है। विक्रम संवत 2055 वैशाख 5 को अध्यक्ष विश्वकुमार चन्द के नेतृत्व में स्थापित लाली गुराँस युवा क्लब विभिन्न गतिविधियाँ संचालित करते हुए राष्ट्रीय और क्षेत्रीय खिलाड़ियों के निर्माण में सफलता प्राप्त कर चुका है।
नेपाल सरकार ने वॉलीबॉल खेल को विक्रम संवत 2074 जेठ 8 से आधिकारिक राष्ट्रीय खेल घोषित किया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल (प्रचण्ड) के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद ने इस खेल की लोकप्रियता और भौगोलिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए हिमाल, पहाड़ और तराई क्षेत्रों को समाहित करते हुए यह निर्णय लिया था। राष्ट्रीय खेल घोषित हुए 9 वर्ष बीतने के बावजूद नेपाल में अभी तक व्यवस्थित वॉलीबॉल हॉल का निर्माण नहीं हो सका है। फिर भी, पश्चिम नेपाल के कई जिलों में वॉलीबॉल प्रतियोगिताएँ लगातार आयोजित होती आ रही हैं और रोल्पा के अनेक क्लब व संस्थाएँ नियमित रूप से वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रही हैं।
१ वैशाख, काठमाडौं। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में आयोजित अमेरिका और इऱान के बीच युद्धविराम वार्ता निष्कर्षरहित समाप्त होने के कारण तनाव और बढ़ गया है। इऱान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को ५ वर्षों के लिए रोकने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अमेरिका की ओर से २० वर्षों के प्रतिबंध लगाने की कड़ी मांग के कारण वार्ता असफल रही। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद वार्ता में इऱान ने अपने परमाणु गतिविधियों को ५ वर्ष के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन अमेरिका ने २० वर्षों तक किसी भी परमाणु गतिविधि पर रोक लगाने और इऱान से उसके पास मौजूद प्रशोधित यूरेनियम वापस लेने की शर्त रखी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी भान्स ने कहा कि ‘अब गेंद तेहरान के पाले में है’ और इऱान को परमाणु हथियार न बनाने की पक्का गारंटी देनी होगी।
उन्होंने बताया कि इऱानी प्रतिनिधिमंडल के पास अंतिम निर्णय लेने का अधिकार नहीं होने के कारण समझौता नहीं हो पाया। हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने वार्ता को सकारात्मक दिशा में बढ़ते हुए बताया और जल्द ही अगले चरण की वार्ता होने की उम्मीद जताई। ट्रम्प ने यह दावे किए हैं कि नाकाबंदी के बाद इऱान समझौता करने के लिए बहुत उत्सुक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युद्धविराम की समयसीमा के भीतर समझौता नहीं हुआ तो इऱान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इऱान के राष्ट्रपति मसूद पेजेस्कियन ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से टेलीफोन पर बात करते हुए कहा कि अमेरिका को अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन कराने में यूरोप को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देश पर अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलसंधि में समुद्री नाकाबंदी शुरू कर दी है। सोमवार शाम से होर्मुज जलसंधि में अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी लागू हो गई है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में विमानवाहक पोत ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ और ११ विध्वंसक सहित कम से कम १५ युद्धपोत तैनात किए हैं। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी नाकाबंदी के नजदीक जाए कोई भी इऱानी जहाज तस्करी के जहाज की तरह तुरंत और कड़ी कार्रवाई के तहत नष्ट कर दिया जाएगा।
नाकाबंदी लागू होने के बाद दो तेल टैंकर, ‘रिच स्टार्री’ और ‘अस्ट्रिया’, ने होर्मुज का रास्ता बदल कर वापसी कर ली है। इसी बीच, इऱानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से बातचीत करते हुए कहा कि होर्मुज में अमेरिका की उकसाऊ गतिविधियां विश्व शांति के लिए खतरा हैं। इऱान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके बंदरगाहों पर हमला हुआ तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर के कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेंगे।
विश्व बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर प्रति बैरल १०० डॉलर से ऊपर चली गई है। फिर भी, पुनः वार्ता की थोड़ी उम्मीद जागने के कारण अमेरिकी शेयर बाजार (एस और पी ५०० तथा नैस्डैक) में मामूली बढ़त देखी गई है। ट्रम्प ने चीनी सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उसने इऱान को सैन्य सहायता दी तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। लेकिन ट्रम्प को विश्वास है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग युद्ध खत्म करने के पक्ष में हैं। ट्रम्प ने मई के १४ और १५ तारीख को बीजिंग की यात्रा करने की भी योजना बनाई है।
१ वैशाख, काठमांडू। इरान ने अपने पड़ोसी देशों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), क़तर, बहरीन और कुवैत से युद्ध के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा मांग किया है। इरान के संयुक्त राष्ट्र संघ के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरेस को पत्र भेजा है। इस पत्र में इन पाँच देशों पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है और कहा गया है कि अब उन्हें इरान को हुए नुकसान की पूरी भरपाई करनी होगी।
एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इरानी राजदूत अमीर सईद इरावानी ने लिखे पत्र में कहा है, ‘इन पाँच देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है और इरान के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की है। इसलिए उनकी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी निर्धारित हो चुकी है। उन्हें इरान को हुए सभी प्रकार के भौतिक और मानसिक नुकसान की पूरी राशि चुकानी चाहिए।’
इरान यह मांग पहली बार नहीं कर रहा है। इससे पहले भी इरान ने अमेरिका के साथ हुए युद्ध के कारण हुए नुकसान की भरपाई का आग्रह किया था। इसी बीच, पाकिस्तान ने बताया है कि इरान और अमेरिका के बीच जल्द ही वार्ता का अगला चरण शुरू हो सकता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जारी युद्धविराम को बनाए रखते हुए सकारात्मक माहौल को ध्यान में रखते हुए कहा कि इरान और अमेरिका के बीच जल्द ही अगली बातचीत होने की उम्मीद है। सोमवार को इस्लामाबाद में संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘हाल की वार्ता के बाद संतोषजनक माहौल है और अब तक कोई नकारात्मक स्थिति नहीं देखी गई है। सामान्य स्थिति बनी हुई है और इसे कूटनीतिक प्रयासों द्वारा सही दिशा में आगे बढ़ने का संकेत माना जाना चाहिए।’
निर्माणाधीन उद्योग का निरीक्षण करते हुए सभामुख डीपी अर्याल। १ वैशाख, धादिङ। आर्थिक मंदी, निवेशकों की हिचकिचाहट और वैश्विक संघर्षों के प्रभाव से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। इन चुनौतियों के बावजूद धादिङ के नीलकण्ठ नगरपालिका वार्ड नं ८, कमेरे गांव में नया उद्योग स्थापित हो रहा है। गत भदौ में हुए जनजी आंदोलन, आयात-निर्यात अवरोधों और निवेश-अनुकूल माहौल की कमी के कारण निजी क्षेत्र कमजोर पड़ रहा था, लेकिन इस परियोजना ने स्थानीय लोगों के बीच कृषि और उद्योग को साथ लेकर आगे बढ़ने का विश्वास पैदा किया है। धादिङ सदरमुकाम धादिङबेसी के निकट स्थित कमेरे गांव में वर्तमान में उद्योग की संरचनाएं निर्माणाधीन हैं और भारी मशीनरी स्थापित की जा रही है। कामगारों की गतिविधियां और किसानों की उत्साही नजर से वहां एक नई ऊर्जा उत्पन्न हो रही है।
किसानों में जागी उम्मीद: १ अर्ब ५० करोड़ रूपये निवेश से स्थापित हो रहे इस उद्योग के आस-पास ६-७ बड़े कृषि योग्य क्षेत्र हैं – कमेरे फाँट, कोइराले फाँट, तल्लोबेंसी फाँट, ससाह फाँट, बिर्ताबेंसी फाँट और जलविरे फाँट। इन क्षेत्रों में परंपरागत रूप से धान और मक्का की खेती होती रही है। शीतकालीन फसल के रूप में आलू की अच्छी संभावना के बावजूद बाजार की कमी के कारण किसान केवल घरेलू उपयोग के लिए ही सामान्य मात्रा में आलू की खेती करते थे। अब इसी क्षेत्र में आलू संबंधी उद्योग स्थापित होने से किसानों में नई उम्मीद जगी है। उद्योग किसानों को आलू उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करेगा और उत्पादित आलू खरीदने की योजना बना रहा है।
नीलकण्ठ नगरपालिका वार्ड नं ८ की सिफारिश पर स्थानीय किसानों को आलू भण्डारण में २५ प्रतिशत छूट देने की घोषणा की गई है। इसी प्रकार, उत्तर धादिङ के प्रसिद्ध आलू उगाने वाले निवासियों को भी यह उद्योग नई उम्मीद प्रदान कर रहा है। उच्च हिमाली क्षेत्रों के आलू, जो बाजार न मिलने पर नष्ट होते थे, अब बेहतर बाजार मिलने की संभावना बढ़ गई है। नीलकण्ठ नगरपालिका वार्ड नं ८ के सीताराम कोइराल ने कहा, “उचित खेती और घरेलू उपयोग तक सीमित उन क्षेत्रों में अब आलू की खेती सफल होगी। खेत से सीधे उद्योग को आलू बेचने से किसान उत्साहित हैं।”
स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर: उद्योग के पूर्ण संचालन के बाद लगभग २०० लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, ऐसा संचालक रमेशभाई अधिकारी ने बताया। इसके साथ ही करीब २० हजार किसान अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे, उनका दावा है। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें विदेशी रोजगार के बजाय अपने यहां कौशल सीखकर काम करने के अवसर प्रदान किए जाने की योजना है, अधिकारी ने कहा। जर्मन तकनीक आधारित पूर्ण स्वचालित प्रणाली स्थापित की जा रही है, जो नेपाली कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगी। सामान्यतया कच्चे माल तक सीमित कृषि उत्पादन को प्रसंस्कृत कर मूल्यवर्धन करने के प्रयास से देश के व्यापार संतुलन में भी सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद है। इस उद्योग में प्रतिदिन १० टन आलू उपभोग कर आलू संबंधी खाद्य पदार्थ बनाये जाएंगे, अधिकारी ने जानकारी दी। औद्योगिक उत्पादन के साथ-साथ कौशल विकास, तकनीकी हस्तांतरण और स्थानीय जनशक्ति के सदुपयोग से ‘आर्थिक इकोसिस्टम’ का निर्माण करने का उद्देश्य स्थानीय उद्योगपतियों का है।
नई सरकार ने प्रोत्साहित किया: सभामुख डोलप्रसाद अर्याल ने पहली बार अपने गृहजिला धादिङ की यात्रा के दौरान निर्माणाधीन उद्योग क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए बताया कि सरकार निजी क्षेत्र के निवेश को सुरक्षित बनाने के लिए गंभीर कदम उठा रही है। अर्याल के इस बयान से निवेशकों का हौसला और मनोबल बढ़ा है, व्यवसायी इस बात का संकेत दे रहे हैं। नेपाल में हमेशा कृषि और उद्योग के बीच दूरी एक चुनौती रही है, लेकिन धादिङ में निर्माणाधीन यह उद्योग कृषि उत्पादन बढ़ाने और बाजारीकरण में मददगार साबित होने की नीति अपनाएगा, जिससे उस दूरी को कम करने के संकेत मिल रहे हैं।
१ वैशाख, काठमाडौं। श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष एवं सांसद हर्क साम्पाङ ने अपनी संपत्ति का विवरण जल्द सार्वजनिक करने का प्रण लिया है। मङ्गलवार को फेसबुक पर साझा की गई अपनी स्थिति में उन्होंने कहा कि उनके नाम पर कोई जमीन-जायदाद नहीं है और केवल सामान्य बैंक बैलेंस और कुछ सोने की चप्पियाँ हैं। जब लोगों ने उनकी संपत्ति को लेकर सवाल उठाए, तो सांसद साम्पाङ ने स्पष्ट किया कि उनके नाम पर कोई अचल संपत्ति नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘मेरी संपत्ति का विवरण मांग रहे हैं, कुछ दिनों के अंदर सार्वजनिक कर दूंगा। मेरे नाम पर कुछ नहीं है। विदेश में काम करके कमाए ४–५ तोला सोना और २–४ लाख रुपये का बैंक बैलेंस ही हैं।’ उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पैतृक संपत्ति के रूप में खोटाङ में कुछ खेत-बारी है, जो उनकी माता के नाम पर है।
खोटाङ के केपिलासगढी नगरपालिका-२ चोखाने गांव में भिरालो किनारा, खरबारी, बाँस और उत्तिसघारी समेत थोड़ी सी खेती माता के नाम है। इस पैतृक संपत्ति में, जो उनके माता-पिता ने अर्जित की है, उनके भाई-बहनों ने अब तक कोई हिस्सा नहीं लिया है, यह बात भी साम्पाङ ने स्पष्ट की। जनप्रतिनिधियों को अपनी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक करना कानूनी अनिवार्यता है और नागरिकों द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने औपचारिक रूप से संपत्ति विवरण जारी करने का संकल्प व्यक्त किया है।
इरान के बंदरगाहों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नाकाबंदी का दौर शुरू हो चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी पूर्वी समयानुसार सोमवार सुबह 10:00 बजे (14:00 GMT) नाकाबंदी शुरु होने की घोषणा की थी। इन घटनाक्रमों के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेम्स डिफान्टिस वल्स ने इरान सरकार पर होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से आवागमन बाधित कर “आर्थिक आतंकवाद की कार्रवाई” करने का आरोप लगाया है।
एक टेलीविजन साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि, इरानी “आर्थिक आतंकवाद की क्रियाओं में संलग्न” हैं और अमेरिका “किसी भी इरानी जहाज को बाहर जाने नहीं देगा”। वल्स ने साप्ताहिक वार्ता की भी चर्चा की। “शक्ति इरान के कोर्ट में है,” उन्होंने कहा। इससे पहले इरानी संसद के स्पीकर ने तेहरान को “धमकियों के आगे न झुकने” की बात कही थी। ट्रंप के हाल के बयानों पर इरानी अधिकारियों से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यूके मेरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन (UKMTO) द्वारा जारी चेतावनी में कहा गया है कि जहाजों को उस क्षेत्र में “सैन्य उपस्थिति” और “जांच प्रक्रियाओं” का सामना करना पड़ सकता है। इसी बीच ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने वरिष्ठ इरानी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इरान ने पांच वर्षों के लिए परमाणु गतिविधियां रोकने का प्रस्ताव रखा था, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया। अमेरिका ने 20 वर्षों की रोक पर जोर दिया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और इरान के बीच पाकिस्तान में वार्ता हुई लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया। इस विषय पर व्हाइट हाउस से प्रतिक्रिया मांगी गई है। इरान की परमाणु महत्वाकांक्षा द्वंद्व का मुख्य मुद्दा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार कहा है कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि इरान के पास परमाणु हथियार न हों। इस बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इरान से वार्ता फिर शुरू करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है, युद्ध का कोई सैन्य समाधान नहीं है और यह बात स्पष्ट है।
राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने नए वर्ष २०८३ को खिल निकालने वाला वर्ष होने की टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, “यह खिल निकालने वाला वर्ष है, मजे से दर्द होगा, सहने की शक्ति मिले।” १ वैशाख, काठमांडू।
अध्यक्ष लामिछाने ने पार्टी की ओर से सभी को नए वर्ष की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने नए वर्ष के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए इस वर्ष को विशेष रूप से समझाया है।
राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने नए वर्ष को साझा राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित करने और उसे सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्प लेने का अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि नई सरकार पहले ही गठित हो चुकी है और जनता विधि शासन, स्थायी शांति और विकास की अपेक्षा रखती है। राष्ट्रपति पौडेल ने संघीय लोकतान्त्रिक गणराज्य शासन प्रणाली के प्रति निष्ठावान रहने, सुशासन और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध रहने की अनिवार्यता पर ज़ोर दिया। १ वैशाख, काठमाडौँ।
राष्ट्रपति पौडेल ने नए वर्ष २०८३ के उपलक्ष्य में सुख, शांति, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि लक्ष्य आसानी से प्राप्त नहीं होते, इसके लिए दृढ़ संकल्प और कठिन प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने उद्देश्य हासिल करने के लिए विधि और विधान का पालन एवं सभ्य आचरण की अनिवार्यता पर बल दिया।
राष्ट्रपति पौडेल ने देश के विभिन्न संवत्सरों को हमारे इतिहास, सभ्यता और सामाजिक जीवन के महत्वपूर्ण अंग बताते हुए कहा कि ये हमें नेपाल के गौरवमय अतीत की याद दिलाते हैं और निरंतर प्रगतिशील भविष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम नेपाली नए वर्ष को विशेष दिन के रूप में मानते हुए अतीत की समीक्षा करते हैं और आने वाले कार्यों के लिए प्रतिज्ञा तथा संकल्प करते हैं।’
राष्ट्रपति पौडेल ने हाल ही में सम्पन्न प्रतिनिधि सभा सदस्य चुनाव की सफलताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि देश में उत्पन्न जटिल स्थितियों का समाधान हो चुका है और नए जनादेश के आधार पर नई सरकार का गठन हो चुका है। उन्होंने कहा, ‘इस चुनाव के माध्यम से नेपाली जनता ने संघीय लोकतान्त्रिक गणराज्य शासन प्रणाली में आधारित विधि शासन, स्थायी शांति, सुशासन, सामाजिक न्याय और समृद्धि की अपनी इच्छा व्यक्त की है।’
अंत में राष्ट्रपति पौडेल ने कामना की कि नया वर्ष संघीय लोकतान्त्रिक गणराज्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए संकल्प और सामर्थ्य प्रदान करे तथा नेपाली समुदाय के बीच विश्वास, सद्भाव, सहिष्णुता और सहयोग को और मजबूत करें जिससे राष्ट्रीय एकता और भी दृढ़ बनी रहे।
नई सरकार ने सहकारी के छोटे बचतकर्ताओं की राशि वापस करने का काम 100 बिंदुओं की कार्रवाई सूची में शामिल किया है, जिसके तहत आवश्यक पहल शुरू हो चुकी हैं, अधिकारियों ने बताया।
समस्याग्रस्त सहकारी प्रबंधन समिति की एक अधिकारी ने बताया कि 1 लाख रुपये तक बचत करने वाले बचतकर्ताओं को प्राथमिकता देकर राशि वापस की जा सकती है।
लेकिन सहकारी पीड़ितों के संगठन के अध्यक्ष ने सरकार की ओर से केवल छोटे बचतकर्ताओं को राशि देने के प्रयास को स्वीकार्य नहीं बताया।
मौजूदा कानून पांच लाख रुपये तक बचत करने वाले व्यक्तियों को छोटे बचतकर्ता के रूप में परिभाषित करता है।
प्रधानमंत्री वलेंद्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने चैत्र 13 को सार्वजनिक की गई 100 बिंदुओं की कार्यसूची के बिंदु संख्या 99 में छोटी बचतकर्ताओं की बचत वापसी प्रक्रिया 100 दिनों के भीतर शुरू करने का उल्लेख किया है।
प्राथमिकता में छोटे बचतकर्ता
अधिकारियों के अनुसार सरकार की घोषणा के साथ ही समिति और भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरीबी निवारण मंत्रालय के बीच आवश्यक समन्वय कर कार्य जारी है।
मंत्रालय ने भी 10 बिंदुओं की कार्ययोजना बनाकर प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रहा है, अधिकारियों ने बताया।
“हम फिलहाल 1 लाख रुपये तक बचत करने वाले छोटे बचतकर्ताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं और एक चरण पूरा होने के बाद ही अगला चरण शुरू करने पर विचार कर रहे हैं,” समिति की सदस्य सचिव विमला रोका श्रेष्ठ ने बताया।
समिति के अनुसार, समस्याग्रस्त सहकारी संस्थाओं में कुल 80 हजार बचतकर्ताओं में से 36,754 छोटे बचतकर्ता हैं, जिनका कुल एक अरब 36 करोड़ रुपये का दावा है।
“सभी को एक साथ वापस नहीं कर पाने की स्थिति में निश्चित मानदंड से शुरू करने या एक लाख रुपये से कम बचत वाले व्यक्तियों की राशि साफ करने पर विचार चल रहा है,” उन्होंने कहा।
चक्रीय कोष के माध्यम से फिलहाल राशि वापस करने की तैयारी अधिकारी कर रहे हैं।
“सरकार ने कुछ राशि उद्धार कोष में रखी है जिससे छोटे बचतकर्ताओं की राशि वापस की जाएगी और यह राशि सहकारी की संपत्ति प्रबंधन और कर्ज वसूल के माध्यम से चक्रीय कोष स्वरूप लौटाई जाएगी,” सदस्य सचिव श्रेष्ठ ने कहा।
“सरकार सीधे बचतकर्ताओं को राशि नहीं देगी, बल्कि इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने की योजना है। फिलहाल यही चर्चा हो रही है।”
तीन सहकारी की समाप्ति
समिति के अनुसार, घोषित 23 समस्याग्रस्त सहकारियों में से अब तक तीन सहकारियों का समापन हो चुका है।
फर्स्यौट की गई सहकारियों में कुबेर बचत तथा ऋण सहकारी संस्था लिमिटेड, स्टैंडर्ड मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव लिमिटेड और चार्टर्ड सेविंग्स एंड क्रेडिट कोऑपरेटिव लिमिटेड शामिल हैं।
इन तीन संस्थाओं के 51 बचतकर्ताओं को 2 करोड़ 28 लाख 66 हजार रुपये राशि वापस की गई है।
समस्याग्रस्त सहकारियों में कई बचतकर्ता होते हुए भी कुल 80,087 मांग दावे दर्ज हैं।
उन बचतकर्ताओं की तरफ से कुल 47 अरब 60 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक राशि का दावा किया गया है।
ऋण और समस्याग्रस्त संस्थाओं की नामजद संपत्तियों का प्रबंधन कर राशि वसूलना समिति की मुख्य जिम्मेदारी है।
तकनीकी और व्यवहारिक चुनौतियाँ
लेकिन तकनीकी और व्यवहारिक कठिनाइयों के कारण समिति संपत्ति प्रबंधन में प्रभावी कार्य नहीं कर पाई है, जो अधिकारियों ने स्वीकार किया है।
“बैंक ने पहले से रोके गए संपत्तियों को सहकारी संस्था ने पुनः ऋण देने के लिए गिरवी रखा है, और सहकारी की राशि से खरीदी गई संपत्ति सहकारी के बजाय व्यक्तिगत नाम पर है,” सदस्य सचिव श्रेष्ठ ने बताया।
“ऐसी जटिल प्रकृति के कारण समिति समस्याग्रस्त सहकारियों की संपत्ति प्रबंधन में प्रभावी काम नहीं कर सकी है,” उन्होंने कहा।
समिति ने अब तक 3 अरब 76 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक ऋण वसूल किया है।
“अचल संपत्ति की बिक्री से प्राप्त राशि सहित कुल 4 अरब 36 करोड़ 51 लाख रुपये बचत वापस किए गए हैं,” श्रेष्ठ ने कहा।
विभिन्न चुनौतियों के बावजूद समिति ने अब तक काम जारी रखा है, श्रेष्ठ ने बताया।
शुरुआत में कारोबार का विवरण ठीक प्रकार उपलब्ध नहीं था और बिना गिरवी अधिक ऋण प्रवाहित पाया गया, उन्होंने बताया।
“अधिक मूल्यांकन की गई गिरवी लगाई गई जमीन नीलामी में या तो नहीं बिक रही है या कम मूल्य पर बिक रही है,” श्रेष्ठ ने कहा।
“अधिकतर मामलों में बैंक और वित्तीय संस्थाओं ने पहले से रोकड़ कर दिए गए संपत्तियों को सहकारी ने फिर से गिरवी रख कर ऋण दिया है। हम उनको ज़ब्त करने की स्थिति में नहीं हैं।”
तस्वीर स्रोत, Kushalav KC
तस्वीर की विवरणी, सहकारी पीड़ित (फाइल तस्वीर)
राज्य के अन्य निकायों द्वारा बचत के दुरूपयोग में शामिल लोगों को सजा देने का कार्य न होने के कारण समस्या जल्दी हल नहीं होगी, वह बताती हैं। “ऋण और संपत्ति प्रबंधन से सभी राशि वापस करना संभव नहीं है।”
‘हमारे लिए स्वीकार्य नहीं’
सिर्फ छोटे ही नहीं, बड़े बचतकर्ताओं को भी कुछ राशि देने की मांग सहकारी बचतकर्ता संरक्षण राष्ट्रीय अभियान (महासंघ) के अध्यक्ष कुशलभ केसी ने की है।
“हमने यह बात मंत्री के साथ चर्चा में स्पष्ट कर दी है। छोटे बचतकर्ताओं को ही नहीं बड़े बचतकर्ताओं को भी राशि देनी चाहिए, यह हमारी मांग है,” उन्होंने कहा।
केसी ने राज्य और कानूनी दृष्टिकोण से सभी नागरिक समान होने की बात कही और असमान व्यवहार को गलत ठहराया।
“यह न्यायसंगत नहीं है। इसलिए न्यायपूर्वक होना चाहिए। केवल छोटे बचतकर्ताओं को राशि दी गई तो हम सर्वोच्च अदालत जाएंगे,” उन्होंने जोड़ा।
भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरीबी निवारण मंत्री प्रतिभा रावल ने भी अन्याय करने की अनुमति नहीं देने का आश्वासन दिया है, केसी ने बताया।
विगत 46 महीने से समस्या समाधान के लिए संघर्षरत हमे वर्तमान सरकार को भी कमजोर नहीं बनाना चाहिए, अध्यक्ष केसी ने कहा।
१ वैशाख, तेह्रथुम। पूर्वी नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थल चोलुङ पार्क से तीनजुरे होते हुए गुफापोखरी तक का क्षेत्र नए वर्ष के अवसर पर पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण बन गया है। तेह्रथुम, संखुवासभा और ताप्लेजुंग के संगम क्षेत्र में विस्तारित तीनजुरे- मिल्के- जलजले (त्:व्) पदमार्ग वर्तमान में प्रकृति प्रेमी, ट्रेकिंग करने वाले और फोटोग्राफरों का केंद्र बन चुका है। वसंत ऋतु में यह क्षेत्र गुराँस के बहुरंगी संसार में परिवर्तित हो जाता है। ‘गुराँस की राजधानी’ के नाम से विख्यात इस क्षेत्र में नए वर्ष के दिन हजारों पर्यटकों की भीड़ उमड़ती है। विभिन्न प्रजातियों के गुराँस से पहाड़ लालिमा लिए होते हैं, जिसकी वजह से यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और भी मनमोहक हो जाता है। तीनजुरे की ढलान से लेकर मिल्के और जलजले क्षेत्र तक फैला गुराँस का वन पर्यटकों की पहली पसंद बन चुका है।
चोलुङ पार्क इस क्षेत्र का प्रवेश द्वार का कार्य करता है। यहां से यात्रा आरआर गार्डेन, घुर्पिसे, पाथीभरा होते हुए ऊंचे चढ़ाव के बाद तीनजुरे के पास पहुंचती है। तीनजुरे से दिखने वाले कंचनजंघा, मकालू और कुम्भकर्ण हिमालय की मनमोहक छवियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। तीनजुरे से आगे बढ़ने पर पर्यटक चौकीबजार और मंगलबारे होते हुए मिल्के-जलजले इलाके में स्थित गुफापोखरी पहुंचते हैं। धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण गुफापोखरी का शांत माहौल, आसपास का गुराँस का वन और ठंडी हवा पर्यटकों को आध्यात्मिक और मानसिक शांति प्रदान करती है। नए वर्ष पर यहां की चहल-पहल और भी बढ़ जाती है। नेपाल के पूर्वी तराई के जिलों के साथ-साथ पड़ोसी भारत के सिक्किम, दार्जिलिंग और पश्चिम बंगाल से भी हजारों पर्यटक यहां आते हैं।
गुराँस फूलने के मौसम, हिमालय के सुन्दर दृश्य और ठंडे मौसम में नए वर्ष मनाने के उद्देश्य से यहां पर्यटकों की अच्छी भीड़ देखने को मिलती है, जिसे स्थानीय निवासी भी मानते हैं। बढ़ते पर्यटकों की संख्या के कारण यहां के होटल और होमस्टे पूरी तरह से भर जाते हैं। गुफा बाजार के होटल व्यवसायी हिमा खनाल के अनुसार नए वर्ष और गुराँस फूलने के सीजन में न केवल दो-चार दिन, बल्कि उससे अधिक पहले ही कमरे बुक कराना पड़ता है। स्थानीय श्रीप्रसाद कार्की का कहना है कि इस मौसम में होटल तथा होमस्टे दोनों को पर्यटकों के दबाव को संभालना चुनौतीपूर्ण होता है। यहां बड़ी और छोटी दोनों प्रकार की साधनों से आसानी से पहुंचा जा सकता है, जिससे पर्यटक आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।
सड़क नेटवर्क के विस्तार के साथ मोटरसाइकिल, जीप और बस के माध्यम से पर्यटक आसानी से नजदीक तक पहुंच पा रहे हैं। इस सहज पहुंच ने त्:व क्षेत्र को अन्य दुर्गम पर्यटन स्थलों से अलग स्थान दिलाया है। बढ़ते यातायात को नियंत्रित करने के लिए घुर्पिसे क्षेत्र में बस पार्क भी बनाया गया है। यह यातायात प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण और पर्यटक आवागमन को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्थानीय प्रशासन और समुदाय के सहयोग से किए गए प्रयासों ने पर्यटन को बढ़ावा देने में सकारात्मक प्रभाव डाला है। त्:व क्षेत्र जैव विविधता के दृष्टिकोण से अत्यंत समृद्ध है। यहां सैकड़ों प्रजाति की वनस्पति, दुर्लभ जड़ी-बूटियां, पक्षी और वन्य जीव पाए जाते हैं। ट्रेकिंग के लिहाज़ से भी चोलुङ पार्क से गुफापोखरी तक की यात्रा शांति, सुरक्षा और मनोरम अनुभव मानी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले पदमार्ग, स्थानीय सांस्कृतिक जीवन, होमस्टे व्यवस्था और जैविक खाना पर्यटकों को ग्रामीण जीवनशैली के करीब लाते हैं। हालांकि इतनी बड़ी संभावनाओं के बावजूद भी पूर्वाधार विकास, प्रचार-प्रसार और दीर्घकालिक पर्यटन प्रबंधन में और सुधार आवश्यक है। संबंधित संस्थाओं के योजनाबद्ध तथा प्रभावी कार्यान्वयन से यह क्षेत्र नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थल बन सकता है। नए वर्ष में चोलुङ पार्क से तीनजुरे होते हुए गुफापोखरी तक की यात्रा प्रकृति, संस्कृति और शांति की खोज करने वालों तथा साहसी पदयात्रा प्रेमियों के लिए एक उत्तम विकल्प बन गई है। गुलाबी रंग से सजी पहाड़ियाँ, हिमालय के मनमोहक दृश्य, आसान पहुंच और सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन ने इस क्षेत्र को वास्तव में ‘नए वर्ष में घूमने योग्य स्थल’ के रूप में स्थापित किया है।
नेपाली कांग्रेसका सभापति गगनकुमार थापाले नयाँ वर्ष २०८३ को अवसरमा सबैलाई दलगत स्वार्थ र सीमाभन्दा माथि उठेर सहकार्य गर्न आवश्यक रहेको बताएका छन्। उनले राष्ट्रिय चुनौतीहरूको सामना एकताबद्ध प्रयासले गर्नुपर्ने दृढ सङ्कल्पसहित अगाडि बढ्न जोड दिएका छन्। नयाँ वर्षले सबै नेपालीबीच एकता, भाइचारा र सहकार्य सुदृढ बनाओस् भनी शुभकामना व्यक्त गरेका छन्।
१ वैशाख, काठमाडौं। सभापति थापाले मुलुक र जनताको हितमा सबैले दलगत स्वार्थ तथा सीमा भन्दा माथि उठेर सहकार्य गरी अगाडि बढ्नुपर्ने बताए। नयाँ वर्ष २०८३ को अवसरमा सुख, शान्ति, समृद्धि तथा निरन्तर प्रगतिको कामना गर्दै उनले शान्त, सभ्य, सुसंस्कृत र आर्थिकरूपले समृद्ध राष्ट्र निर्माणका अभियान सफल बनाउन सबै राजनीतिक दल र जिम्मेवार निकायहरू एकजुट भएर काम गर्नुपर्नेमा जोड दिएका छन्।
सभापति थापाले नेपाली जनताको लामो त्याग, सङ्घर्ष, आन्दोलन र बलिदानबाट प्राप्त ऐतिहासिक उपलब्धिहरूको संरक्षण र सुदृढीकरण गर्दै भविष्यमा देखापर्न सक्ने राष्ट्रिय चुनौतीहरूको सामना एकताबद्ध सङ्कल्पसहित गर्नुपर्ने बताए। उनले नयाँ अवसरको सदुपयोग गर्दै सुशासन सुदृढ पार्न, आर्थिक विकास र समृद्धिको दिशामा दृढतापूर्वक अघि बढ्नुपर्ने महत्वपूर्ण समय आएको पनि उल्लेख गरे।
नयाँ वर्षले सबै नेपालीबीच आपसी एकता, भाइचारा, सद्भाव र सहकार्य अझ सुदृढ बनाउँदै सङ्घीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्रलाई संस्थागत रूपमा मज़बुत बनाओस् भन्ने कामना गर्दै उनले आर्थिक, सामाजिक र सांस्कृतिक समृद्धितर्फ अघि बढ्न नयाँ ऊर्जा, उत्साह र प्रेरणा प्रदान गरोस् भन्ने शुभकामना व्यक्त गरेका छन्।
सोमवार से ईरानी बंदरगाह से आने और वहां जाने वाले सभी पानी जहाजों को रोकने की अमेरिकी सेना ने घोषणा की है।
अन्य स्थानों से आवागमन करने वाले पानी जहाजों को होरमुज जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी, उन्होंने बताया।
ईरान ने अमेरिकी-इजरायली आक्रमण के बाद इस विश्वव्यापी व्यापार के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग में बाधा उत्पन्न की है।
28 फरवरी को शुरू हुए आक्रमण के बाद, पिछले सप्ताहांत ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस जलमार्ग पर अमेरिकी सामुद्रिक नाकेबंदी की चेतावनी दी है।
ट्रंप का दावा है कि ईरान ने अपनी परमाणु महत्वाकांक्षा छोड़ी नहीं, इसलिए वार्ता असफल हुई। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिका पर अत्याधिक मांग और अवैध अनुरोध लगाने का आरोप लगाया है।
नाकेबंदी पर ट्रंप ने क्या कहा?
रविवार को टक शुभारंभ में ट्रंप ने होरमुज जलमार्ग से गुजरने वाले सभी पानी जहाजों को रोकने की बात कही।
“मैंने अपनी नौसेना को निर्देश दिया है कि इरान से शुल्क लेने वाले किसी भी जहाज को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोका जाए,” ट्रंप ने कहा।
साथ ही, जलमार्ग में फैले विस्फोटक पदार्थों को अमेरिका नष्ट करेगा।
अगर कोई ईरानी हमारी या शांतिपूर्ण जहाज पर हमला करता है, तो उन्हें “नरक में पहुंचा दिया जाएगा,” उन्होंने धमकी दी।
ट्रंप का कहना है कि ईरान ने इस क्षेत्र में विस्फोटकों के आधार स्थापित करने नहीं दिया है, इसलिए कभी नाकेबंदी हो या नहीं।
नाकेबंदी व्यवहार में कैसे लागू होगी?
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शुरुआत में ट्रंप ने कहा था कि नाकेबंदी तुरंत लागू हो जाएगी, लेकिन बाद में फॉक्स न्यूज से कहा कि इसमें थोड़ा समय लगेगा।
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (सेंटकम) के अनुसार, सोमवार शाम से नाकेबंदी शुरू होगी।
“अरब की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में स्थित ईरानी बंदरगाहों से जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर बिना भेदभाव के नाकेबंदी लगाई जाएगी,” सेंटकम ने बताया।
सेंटकम ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों के बाहर मौजूद जहाजों को रोका नहीं जाएगा और आगे सूचना दी जाएगी।
ट्रंप ने कहा कि अन्य देश भी नाकेबंदी में शामिल हो सकते हैं, लेकिन उनका नाम नहीं बताया; बताया जा रहा है कि यूके इसमें शामिल नहीं होगा।
फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि नाटो क्षेत्र की सुरक्षा में मदद करना चाहता है।
ट्रंप ने कहा कि समुद्र से विस्फोटक पदार्थ हटाने के लिए माइनस्वीपर तैनात किए जाएंगे और यूके नाटो सदस्य के रूप में इसमें योगदान देगा।
पहले प्रधानमंत्री किर स्टारमर ने बताया था कि ब्रिटिश सेना का माइन नष्ट करने वाला सिस्टम वहां तैनात किया गया है।
यूके सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि वे फ्रांस और अन्य साझेदारों के साथ मिलकर आवागमन की स्वतंत्रता के लिए गठबंधन बनाएंगे।
अमेरिकी तीन कानूनी विशेषज्ञों ने कहा है कि नाकेबंदी अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन करेगी। एक विशेषज्ञ ने चेताया कि यह सशस्त्र युद्धविराम समझौते पर भी असर डाल सकती है।
अमेरिका जलमार्ग पर नाकेबंदी क्यों कर रहा है?
भौगोलिक स्थिति के कारण युद्धकाल में ईरान ने इस जलमार्ग पर नियंत्रण पा कर आवागमन रोक दिया, जिससे तेल की कीमतें वैश्विक स्तर पर बढ़ गई हैं।
ईरान कुछ पानी जहाजों से भारी शुल्क लेकर आवागमन की अनुमति देता है।
अब ट्रंप इस जलमार्ग को बंद करके ईरान की राजस्व आमदनी रोकने का प्रयास कर सकते हैं, जिससे तेल और गैस की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा कि ईरान को यह अधिकार नहीं देना चाहिए कि वह किसी को अपना तेल बेचे या न बेचे। मेरी मंशा सबके लिए आवागमन या तो खुला रखना है या सबको रोकना।
विश्लेषकों के अनुसार ये ट्रंप के बयान ईरान पर अमेरिकी दबाव बढ़ाने की रणनीति हैं।
सीबीएस के साथ बातचीत में रिपब्लिकन कांग्रेसी माइक टर्नर ने कहा कि होरमुज जलमार्ग पर नाकेबंदी गतिरोध खत्म करने का उचित तरीका हो सकता है।
लेकिन वर्जीनिया के डेमोक्रेट सीनेटर मार्क वार्नर ने कहा कि वह यह नहीं समझ पाए हैं कि नाकेबंदी कैसे ईरान को जलमार्ग खोलने पर मजबूर करेगी।
प्रभाव कैसा होगा?
शिपिंग विशेषज्ञ लार्स जेन्सन के अनुसार वर्तमान में नाकेबंदी से केवल कुछ ही पानी जहाज प्रभावित होंगे।
“अमेरिकियों द्वारा नाकेबंदी के बावजूद अभी बहुत गिने-चुने जहाज आवागमन कर रहे हैं। इसका व्यापक प्रभाव नहीं होगा,” उन्होंने कहा।
जेन्सन ने बताया कि ट्रंप की धमकी केवल उन जहाजों को प्रभावित करेगी जो ईरान से शुल्क लेते हैं।
“सबसे पहले, अभी बहुत कम जहाज आवागमन कर रहे हैं। शुल्क वाले जहाज और भी कम हैं। वे भी अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों के दायरे में आते हैं,” उन्होंने जोड़ा।
कई पानी जहाज कंपनियां भी स्थिति का इंतजार कर रही हैं।
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जलमार्ग की वर्तमान स्थिति क्या है?
7 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम में इस संकरे जलमार्ग से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने का प्रावधान था।
लेकिन बाद में ईरानी सेना ने बिना अनुमति आने वाले जहाजों को निशाना बनाकर नष्ट करने की चेतावनी दी, इसलिए युद्धविराम के पहले तीन दिनों में बहुत कम जहाज इस मार्ग का उपयोग कर सके।
10 अप्रैल की शाम तक केवल 19 पानी जहाजों ने ही इस जलमार्ग का उपयोग किया।
उनमें से 4 जहाजों में तेल, गैस और रासायनिक पदार्थ थे। बाकी बल्क कैरियर या कंटेनर जहाज हैं।
28 फरवरी से पहले, इस जलमार्ग से रोजाना औसतन 138 जहाज आवागमन करते थे।
अतिरिक्त रिपोर्टिंग: सरिन हबेशियन से
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१ वैशाख, काठमांडू। आज से विक्रम संवत् २०८३ की शुरुआत हुई है। नया वर्ष उत्साह, नई उमंग और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। आज वैशाख १ तारीख को देशभर शुभकामनाएं देते हुए हर्षोल्लास के साथ नया वर्ष मनाया जा रहा है। विश्वभर नया वर्ष विशेष पर्व के रूप में मनाया जाता है। नेपाल में भी वैशाख १ तारीख को नया वर्ष के रूप में मनाया जाता है। विक्रम संवत् को सबसे पुराना संवत् माना जाता है और आज इसका पहला दिन भी है। आज सूर्य मीन राशि की यात्रा पूर्ण कर मेष राशि में प्रवेश करेगा, जिसे वैशाख संक्रांति या मेष संक्रांति कहा जाता है।