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लेखक: space4knews

प्राइम सीएको बाइसौं वार्षिकोत्सव अवसरमा विद्यार्थी सम्मानित

प्राइम सीए ने २२वें वार्षिकोत्सव पर विद्यार्थियों को सम्मानित किया

प्राइम सीए ने अपने २२वें वार्षिकोत्सव को २०२५ में सफलतापूर्वक चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने वाले विद्यार्थियों के सम्मान के साथ मनाया है। अध्यक्ष नवराज बुर्लाकोटी ने २२ वर्षों की इस यात्रा में १२ सौ से अधिक विद्यार्थियों के सीए बनने की जानकारी देते हुए बताया कि १८७ में से १०४ विद्यार्थी प्राइम के हैं।

३० चैत, काठमांडू में आयोजित कार्यक्रम में प्राइम सीए से पढ़ाई कर २०२५ में सीए बनने वाले विद्यार्थी, रैंकधारक विद्यार्थी, अन्य कॉलेज के प्राचार्य तथा बोर्ड के विशिष्ट सदस्य उपस्थित थे। अध्यक्ष नवराज बुर्लाकोटी ने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत, अभिभावकों का सहयोग और दक्ष शिक्षक समूह के योगदान ने उत्कृष्ट परिणाम सुनिश्चित किए हैं।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषता के रूप में प्राइम सीए से पढ़ाई कर २०२५ में सीए उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों तथा विभिन्न श्रेणियों में रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को विशेष सम्मान दिया गया। सम्मानित विद्यार्थियों ने प्राइम सीए के उच्च स्तरीय शैक्षिक वातावरण एवं गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री को लक्ष्य प्राप्ति में सहायक बताया।

संस्था ने दीर्घकालिक योजना के अंतर्गत नयाँ बानेश्वर और ग्वार्को क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के भवन निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू की है।

सरकार करोड़ों रुपए खर्च करती है बंध्याकरण में, ब्रीडर अनुचित तरीके से कुत्ते पैदा कर रहे हैं

समाचार सारांश

  • नेपाल सरकार और स्थानीय निकाय कुत्तों की संख्या नियंत्रण और रेबीज रोकने के लिए प्रति वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं।
  • अनियंत्रित व अवैध रूप से संचालित कुत्ते प्रजनन केंद्र सड़क कुत्तों की संख्या बढ़ा रहे हैं।

नेपाल सरकार एवं स्थानीय निकाय कुत्तों की जनसंख्या प्रबंधन तथा रेबीज नियंत्रण के लिए प्रति वर्ष करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं। फिर भी, इन प्रयासों के बावजूद अनियंत्रित कुत्ता प्रजनन केंद्रों में कोई नियमन न होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।

उदाहरण के लिए, काठमांडू महानगरपालिका ने चालू वित्त वर्ष में सड़क कुत्ता प्रबंधन, बंध्याकरण और टीकाकरण के लिए 1 करोड़ रुपये का बजट रखा है और 10,000 से अधिक कुत्तों को बंध्याकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

देश भर के ग्रामीण और नगरपालिका स्तर पर डोल्पा से लेकर सिराहा-सप्तरी तक ऐसे कार्यक्रम चलाए जाते हैं, जिनमें हर वर्ष करोड़ों खर्च होते हैं।

एक कुत्ते की बंध्याकरण और टीकाकरण पर न्यूनतम 5 से 7 हजार रुपये खर्च होते हैं, जो केवल प्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा ही किया जा सकता है।

इस खर्च का मुख्य उद्देश्य सड़क पर कुत्तों की संख्या बढ़ने से होने वाले जोखिमों को कम करना है।

कुत्तों की संख्या बढ़ने से डंक मारना, हमला करना, दुर्घटना करना और रेबीज फैलाने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, साथ ही रेबीज होने पर मानवों के उपचार पर भी भारी खर्च आता है। राज्य रेबीज के टीकाकरण और उपचार पर लाखों से करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है। इसके बावजूद सड़क कुत्तों की संख्या कम नहीं हो रही है।

क्यों बढ़ रही है सड़क कुत्तों की संख्या जबकि करोड़ों खर्च हो रहे हैं?

स्थानीय स्तर से केंद्र तक कुत्ता बंध्याकरण कार्यक्रमों पर भारी खर्च होने के बावजूद सड़क कुत्तों की संख्या अपेक्षित रूप से घट नहीं पाना ब्रिडिंग सेंटरों की भूमिका से जुड़ा है।

सरकार सड़क कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए बंध्याकरण और रेबीज टीकाकरण में निवेश कर रही है, लेकिन अनियंत्रित और अवैध ब्रिडिंग सेंटर लगातार नए कुत्ते पैदा करके बाजार में ला रहे हैं।

कई ब्रिडिंग सेंटर बिना लाइसेंस या कमजोर नियमन के अंतर्गत चल रहे हैं। ऐसे स्थानों में कुत्तों को बार-बार गर्भवती कराया जाता है, जिससे कम समय में बहुत सारे बच्चे पैदा होते हैं।

इनमें से कुछ बच्चे ही बिकते हैं, बाकी कमजोर, बीमार या न बिकी कुत्तों को सड़क पर छोड़ दिया जाता है, जिससे सड़क कुत्तों की संख्या बढ़ती है।

कुत्तों की नस्ल के अनुसार मूल्य निर्धारण होता है। उच्च गुणवत्ता वाली नस्ल के कुत्ते पालकर उनके बच्चे बेचते हैं।

लेकिन कई ब्रिडर उचित देखभाल नहीं करते और बूढ़े या बीमार कुत्तों को सड़क पर छोड़ देते हैं।

पशु कल्याण मानकों का उल्लंघन होने पर कमजोर, बीमार या बिना टीकाकरण वाले कुत्ते अधिक पैदा होते हैं। ऐसे कुत्ते सड़क पर पहुंचकर रेबीज और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं, जिससे सरकार का स्वास्थ्य क्षेत्र पर अतिरिक्त खर्च आता है।

कुत्तों के बच्चों को कम उम्र में बेच दिया जाता है और माइक्रोचिप, टीकाकरण रिकॉर्ड जैसे उचित दस्तावेज दर्ज नहीं होते, जिससे उनका ट्रैकिंग असंभव होता है। परिणामस्वरूप मालिक द्वारा छोड़े या खोए कुत्ते भी सड़क पर विवादात्मक रूप से बढ़ते हैं।

बंध्याकरण कार्यक्रम प्रायः केवल सड़क के कुत्तों को लक्षित करते हैं, लेकिन ब्रिडिंग सेंटरों से आने वाले कुत्तों पर कोई नियंत्रण न होने की वजह से नए कुत्तों की संख्या उच्च बनी रहती है, जिससे बंध्याकरण का प्रभाव कमजोर होता है।

इस प्रकार अनियंत्रित ब्रिडिंग सेंटर लगातार सड़क कुत्तों की समस्या कम करने की कोशिशों को नए कुत्ते उपलब्ध कराकर निष्प्रभावी बना रहे हैं। यह एक खतरनाक चक्र बन गया है। प्रजनन केंद्र कुत्ते बढ़ाते हैं, सड़क पर छोड़ते हैं और सरकार करोड़ों खर्च कर बंध्याकरण एवं रेबीज नियंत्रण में जुटी रहती है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रिडिंग सेंटर के मानक

कुत्ते प्रजनन केंद्रों के लिए विश्व स्तर पर कड़े मानक लागू किए गए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य पशु कल्याण सुनिश्चित करना, अनियंत्रित प्रजनन रोकना और सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम को कम करना है।

अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में ब्रिडिंग सेंटर संचालित करने के लिए सरकारी लाइसेंस अनिवार्य है। ब्रिटेन के ‘एनिमल वेलफेयर एक्ट 2006’ के तहत सभी कुत्ता प्रजनन व्यवसाय स्थानीय निकाय में पंजीकृत होना आवश्यक है।

हर मादा कुत्ता सीमित बार ही बच्चे पैदा कर सकती है, गर्भधारण के बीच न्यूनतम अंतर होना चाहिए और निश्चित उम्र से कम या अधिक उम्र के कुत्तों से प्रजनन नहीं होना चाहिए, ऐसे नियम बनाए जाते हैं।

विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार, ब्रिडिंग सेंटर साफ-सुथरा, सुरक्षित और पर्याप्त स्थान वाला होना चाहिए, जहां उचित आहार, पानी और पशु चिकित्सक की निगरानी हो। बीमार कुत्तों का तत्काल उपचार आवश्यक है।

ब्रिडिंग से पहले कुत्तों की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य है, विशेषतः जेनेटिक रोगों की। बच्चे बेचते समय आवश्यक टीकाकरण और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के साथ कभी-कभी माइक्रोचिप भी जरूरी होती है।

कई देशों में छह से आठ सप्ताह से कम उम्र के बच्चों को बेचने की अनुमति नहीं होती। खरीदार को देखभाल, टीकाकरण रिकॉर्ड और कानूनी दस्तावेज़ मिलना चाहिए। प्रत्येक कुत्ते के जन्म, टीकाकरण, रोग और बिक्री का विवरण माइक्रोचिप या रजिस्ट्रेशन नंबर पर दर्ज रहता है जिससे पहचान आसान होती है।

सरकारी निकाय समय-समय पर निरीक्षण करते हैं और नियम उल्लंघन पर जुर्माना, लाइसेंस रद्द करना और कुत्ता जब्त करना भी कर सकते हैं। अमेरिका और यूरोप के कई देशों ने अमानवीय व्यावसायिक प्रजनन केंद्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की है।

ब्रिडर घर-घर कुत्ते जन्माकर बेच रहे हैं

पशु अधिकार कार्यकर्ता एवं एसपिसी नेपाल अध्यक्ष, बिना पन्त

ब्रिडर और प्रजनन केंद्र खराब हालत में कुत्तों के बच्चे पैदा कर बेचते हैं और पुराने या बीमार होने पर सड़क पर छोड़ देते हैं। कुछ साल पहले जड़ी-बूटी क्षेत्र के नदी किनारे पांच-छह स्थानों पर कुत्ते बेहद दयनीय स्थिति में पाए गए थे।

अभी स्थानीय सरकार ब्रिडिंग सेंटर संचालन के लिए अनुमति देने लगी है। लेकिन काठमांडू महानगरपालिका वार्ड नं. 3 में घर से ही एक-दो कुत्ते पालकर बच्चे पैदा कर बेचने वाले भी नजर आते हैं। कई ब्रिडर स्थानीय स्तर पर पंजीकरण नहीं कराते और वार्ड से भी उन्हें कोई ध्यान नहीं मिलता।

ब्रिडिंग सेंटर वृद्ध और बीमार कुत्ते सड़क पर छोड़ते हैं

सारा जनावर उद्धार केन्द्र नेपाल अध्यक्ष, विश्वराम कार्की

स्थानीय सरकार सालाना करोड़ों रूपये कुत्तों की बंध्याकरण और रेबीज टीकाकरण पर खर्च कर रहा है, लेकिन सड़क पर कुत्तों की संख्या कम नहीं हुई है। ब्रिडिंग सेंटर से छोड़े गए कुत्ते सड़क पर आने के बाद संख्या बढ़ा रहे हैं।

ब्रिड कुत्ते सड़क कुत्ते के साथ क्रॉसब्रिड होते हैं जिससे नियंत्रण कठिन होता जा रहा है। हालाँकि स्थानीय सरकार ब्रिडिंग सेंटर पंजीकरण अनिवार्य कर रही है, लेकिन कई केंद्र पंजीकृत नहीं हैं या नियमित निरीक्षण से दूर हैं।

हमारी जांच में पालतू कुत्तों की स्थिति बहुत दयनीय मिली है–खाने-पीने की कमी, एक्सपायर्ड दवाइयाँ, बच्चे पैदा करने के बाद बूढ़े कुत्तों को सड़क पर फेंकना, बीमार बच्चों को सड़क पर छोड़ देना आम है।

कुछ ब्रिडिंग सेंटर अच्छे हो सकते हैं, लेकिन अधिकांश में यह स्थिति है। ब्रिड कुत्तों की संख्या बढ़ने से सड़क पर ब्रिड और क्रॉसब्रिड कुत्तों की संख्या भी काफी बढ़ गई है। अधिकांश पालतू ब्रिड कुत्ते भी विभिन्न कारणों से सड़क पर आ चुके हैं।

हम इस विषय को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं और ब्रिडिंग सेंटर के पंजीकरण, निरीक्षण एवं मानकों का कड़ाई से पालन कराने की मांग करते हैं।

ब्रिडिंग सेंटर में अधिक कुत्ते रखना उचित नहीं

नेपाल कुत्ता कैनाइन संघ अध्यक्ष, मुकुंद बानिया

ब्रिडिंग सेंटर का पंजीकरण स्थानीय वार्ड स्तर पर होना चाहिए और संघ में सदस्यता भी ले सकते हैं।

नेपाल सरकार ने ब्रिडिंग सेंटर को अवैध घोषित नहीं किया है। इसलिए हम संघ के माध्यम से सदस्यों को अच्छे अभ्यास और निरीक्षण की शिक्षा देते हैं।

ब्रिडर शिक्षित और ज्ञान आधारित होते हैं। लाखों खर्च करके विदेश या भारत से कुत्ते लाने वाले उन्हें सड़क पर नहीं छोड़ते। हम सड़क के कुत्तों और ब्रिड दोनों के साथ समान व्यवहार करते हैं।

ब्रिडिंग सेंटर में ज्यादा कुत्ते रखना आर्थिक और व्यावहारिक रूप से उचित नहीं है। हम सुझाव देते हैं कि वास्तविक ब्रिडर पाँच से सात से ज्यादा कुत्तों को न रखें क्योंकि मांस और डॉग फूड खिलाना मुश्किल होता है।

हम यह विश्वास नहीं करते कि ब्रिडर ही सड़क पर ब्रिड नस्लों और बूढ़े कुत्तों की बढ़ोतरी का मुख्य कारण हैं।

ब्रिडिंग सेंटरों में कुत्तों के साथ दुर्व्यवहार गैरकानूनी है

वरिष्ठ अधिवक्ता पदमबहादुर श्रेष्ठ

ब्रिडिंग सेंटर व्यावसायिक रूप से कुत्तों को पालते हैं और उनके बच्चे बेचते हैं, जबकि वृद्ध या बीमार कुत्तों को सड़क पर छोड़ देते हैं।

मुलुकी अपराध संहिता २०७४ की धारा 27 पशुपक्षी संबंधित अपराधों में पशु पर अत्याचार, अत्यधिक बोझ डालना, अत्यधिक दौड़ाना, बीमार या घायल जानवर को यातना देना या सड़क पर छोड़ना प्रतिबंधित है।

इसके अलावा धारा 289 के तहत गाई-गोठ में चोट पहुंचाने पर तीन साल तक कैद और 50 हजार रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है।

समाधान सरल है

ब्रिडिंग सेंटरों के लिए तुरंत लाइसेंस अनिवार्य करना चाहिए। लाइसेंस देते समय पूर्वाधार, पूंजी, जनशक्ति और पशु कल्याण मानकों की सख्ती से जांच करनी होगी, वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा।

हर साल प्रजनन की संख्या, बच्चे बेचने की न्यूनतम आयु जैसी स्पष्ट सीमाएं निर्धारित होना जरूरी है। छोटे बच्चों को बेचना, मां का अत्यधिक शोषण करना और ठुकराने की प्रथाएँ पूरी तरह अवैध घोषित की जानी चाहिए।

यदि प्रजनन केंद्रों को नियंत्रित नहीं किया गया तो बंध्याकरण और रेबीज नियंत्रण में राज्य का खर्च कारगर साबित नहीं होगा। यह पशु कल्याण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए आवश्यक है।

खुस्बु ओलीले आफूविरुद्ध दुष्प्रचारको उजुरी दायर गरिन

३० चैत, काठमाडौं । राष्ट्रिय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) की सांसद खुस्बु ओलीले आफूविरुद्ध सामाजिक सञ्जालमा दुष्प्रचार भएको भन्दै नेपाल प्रहरीले साइबर ब्युरोमा उजुरी दायर गरेकी छन्। उनले सोमबार सामाजिक सञ्जाल एक्समार्फत उजुरी दर्ता गरिएको जानकारी दिइन्। सांसद ओलीले लेखिन्, ‘म विरुद्ध सामाजिक सञ्जालमार्फत सुनियोजित रूपमा फैलाइएको दुष्प्रचार, भ्रामक सूचना तथा मेरो चरित्रहत्या गर्ने उद्देश्यले गरिएको गतिविधिविरुद्ध आज मैले नेपाल प्रहरीको केन्द्रीय साइबर ब्यूरो, भोटाहिटीमा उजुरी दर्ता गराएको छु।’

‘उक्त उजुरीमा केही व्यक्तिका फेसबुक पेज, टिकटक पेज तथा युट्युब च्यानलहरूले योजनाबद्ध रूपमा आधारहीन, भ्रामक तथा मेरो व्यक्तिगत तथा सार्वजनिक जीवनमा क्षति पुर्‍याउने उद्देश्यले सामग्री प्रसारण गरेको तथ्य समावेश गरिएको छ,’ उनले थपिन्। यस विषयमा आफूले प्रारम्भिक चरणमै केही सम्बन्धित व्यक्तिहरूलाई सचेत गराउन प्रयास गरेको र यस्तो गतिविधि रोक्न स्पष्ट चेतावनी दिएको दाबी उनले गरेकी छन्। ‘तर, उक्त चेतावनीलाई गम्भीरतापूर्वक नलिई निरन्तर रूपमा दुष्प्रचार जारी रहँदा बाध्य भएर आज साइबर ब्यूरोमा कानुनी प्रक्रिया अघि बढाएको हुँ,’ उनले भनिन्।

यस प्रकारका गतिविधिहरू सामान्य आलोचना वा अभिव्यक्ति स्वतन्त्रताको दायरामा नपर्ने उनको दाबी छ। उनले अगाडि लेखिन्, ‘बरु योजनाबद्ध रूपमा गलत सूचना फैलाउने तथा मेरो व्यक्तिगत र सार्वजनिक छवि धूमिल पार्ने उद्देश्यले गरिएको संगठित प्रयास भएको मेरो ठहर छ।’ साइबर दुरुपयोग र दुष्प्रचारविरुद्ध कानुनी प्रक्रियाअनुसार आवश्यक सबै कदम निरन्तर रूपमा अघि बढाउने प्रतिवद्धता उनले व्यक्त गरिन्। ‘अहिलेको समयमा घृणा नै नयाँ मुद्राजस्तो बनाइएको छ, जसले जतिन्जेल घृणा बेच्न सक्छ, त्यसले त्यति नै फाइदा उठाइरहेको छ,’ उनले भनिन्।

‘तर याद राख्नुहोस्, कसैको जीवनमा क्षति पुग्ने गरी घृणा फैलाएर त्यसबाट लाभ उठाउने प्रवृत्ति न केवल अनैतिक, तर अत्यन्तै पतित र अस्वीकार्य सोचको परिचायक हो,’ उनले भनिन्। यस्तो मानसिकता समाजकै लागि खतरा भएको उल्लेख गर्दै उनले यसलाई कुनै पनि हालतमा सामान्यीकरण गर्न नमिल्ने स्पष्ट पारिन्।

आर्कटिक के हिमनद के तालाब बादलों के निर्माण और जलवायु परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं

आर्कटिक क्षेत्र के हिमनद के पिघलने से बने छोटे तालाबों से निकलने वाले सूक्ष्म कण बादलों के निर्माण और जलवायु परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, यह नया शोध दर्शाता है। कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ‘जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स’ में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, समुद्री बर्फ की ऊपरी सतह पर मौजूद ये ‘मेल्ट पॉन्ड’ से जारी जैविक कण बादल बनने के लिए आधार प्रदान करते हैं। आर्कटिक क्षेत्र, जो विश्व के अन्य हिस्सों की तुलना में चार गुना तेजी से गर्म हो रहा है, में यह शोध वहां की मौसम प्रणाली को समझने के लिए नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि ये छोटे कण बैक्टीरिया जैसे जैविक स्रोतों से उत्पन्न होते हैं। जब ये कण वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो वे जलवाष्प को ठोस रूप में जमने में सहायता करते हैं और बादल निर्माण के लिए टेम्प्लेट का कार्य करते हैं। ये तालाब पिघले हुए हिम और समुद्री पानी के मिश्रण से बनते हैं, जिसमें छोटे जीव-जंतु और मिट्टी के कण भी होते हैं। शोध में यह पता चला है कि समुद्री पानी की तुलना में इन तालाबों में बादल बनाने वाले कणों की मात्रा अधिक पाई जाती है।

बादल सूरज की किरणों और पृथ्वी से निकलने वाली गर्मी के संतुलन को बनाये रखने का कार्य करते हैं। यदि इन तालाबों की संरचना में कोई भी छोटा परिवर्तन होता है तो इसका आर्कटिक के कुल मौसम और तापमान पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। यह अध्ययन ‘मोज्याक एक्सपीडिशन’ के अंतर्गत लिए गए नमूनों पर आधारित है, जो आर्कटिक जलवायु परिवर्तन अध्ययन के लिए संचालित १५ करोड़ अमेरिकी डॉलर की अंतरराष्ट्रीय पहल है।

अध्ययन की प्रमुख लेखिका कैमिल माविस के अनुसार, वर्तमान मौसम मॉडल ध्रुवीय क्षेत्र के बादलों को ठीक से चित्रित करने में असमर्थ हैं। यह नई खोज भविष्य में मौसम पूर्वानुमान और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की बेहतर समझ में सहायता करेगी। आर्कटिक में हिमनद के पिघलने की दर बढ़ने के साथ इन तालाबों की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे जलवायु प्रणाली पर गहरा असर पड़ेगा, वैज्ञानिकों ने बताया।

‘भोलि नयाँ वर्ष लिएर उदाउनेछु’ – Online Khabar

‘कल नए साल के साथ मनाने के लिए तैयार हूँ’

आज ३० चैत्र २०७९ है और नया साल २०८३ मध्यरात्रि १२ बजे शुरू होगा। सरकार ने नए साल के दिन को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। पूरे देश में नए साल का स्वागत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। ३० चैत्र, काठमांडू। आज विक्रम संवत् २०८२ का अंतिम दिन है। नया साल २०८३ रात १२ बजे के बाद शुरू होगा। नए साल को नेपाली लोग खास तरीके से मनाते हैं। सरकार नए साल के दिन को सार्वजनिक अवकाश भी प्रदान कर रही है। नए साल के स्वागत के लिए पूरे देश में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नए साल की पूर्वसंध्या पर ऑनलाइनखबर के फोटोजर्नलिस्ट कमल प्रसाईं ने काठमांडू के नए बानेश्वर से लिए गए कुछ तस्वीरें प्रस्तुत की हैं:

संखुवासभा में ४ हजार से अधिक ब्रोइलर चिकन के चल्ला नष्ट किए गए

संखुवासभा में मोरङ से अनुमति के बिना लाई गई ४ हजार १ सौ से अधिक ब्रोइलर चिकन के चल्ला, जो बर्ड फ्लू से संक्रमित थे, नष्ट कर दिए गए हैं। बर्ड फ्लू रोग नियंत्रण समिति की बैठक में मोरङ से अनुमति के बिना लाई गई चल्लाओं को नष्ट करने का निर्णय लिया गया था। कोशी प्रदेश के झापा, मोरङ और सुनसरी जिलों में बर्ड फ्लू संक्रमण फैल रहा है और स्वास्थ्य जोखिम को ध्यान में रखा गया है।

३० चैत्र, संखुवासभा। संखुवासभा में ४ हजार से अधिक ब्रोइलर चिकन के चल्ला नष्ट किए गए हैं, जिसके बारे में पुलिस ने जानकारी दी है। बर्ड फ्लू से प्रभावित क्षेत्र मोरङ से लाई गई चिकन के चल्लाओं को नियंत्रण में लेकर नष्ट किया गया है।

कोशी प्रदेश के १४ जिलों में से झापा, मोरङ और सुनसरी में वर्तमान में बर्ड फ्लू संक्रमण अधिक फैल रहा है। वेटरिनरी अस्पताल और पशु सेवा विशेषज्ञ केंद्र के प्रमुख हिमालय पोख्रेल के अनुसार ४ हजार १ सौ चल्लाओं को नियंत्रण कर नष्ट किया गया है। बर्ड फ्लू रोग नियंत्रण समिति के संयोजक एवं मुख्य जिल्ला अधिकारी घाङरी लामा की अध्यक्षता में हुई बैठक में मोरङ से लाई गई ४ हजार से अधिक ब्रोइलर चिकन के चल्लाओं को नष्ट करने का निर्णय लिया गया था। मोरङ प्रतिबंधित क्षेत्र होने के कारण बिना अनुमति लाई गई चल्लाओं को स्वास्थ्य जोखिम को ध्यान में रखते हुए नष्ट किया गया, जो पशु सेवा विशेषज्ञ केंद्र के प्रमुख पोख्रेल ने भी बताया है।

मोबाइल फोन छीनकर बैंक खाते से पैसे निकालने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

काठमाडौं उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय की टीम ने मोबाइल फोन छीनकर बैंक खाते से पैसे निकालने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में काठमाडौं बूढानीलकण्ठ के 19 वर्षीय वीरबहादुर तामाङ, दोलखा के मेलुङ गाउँपालिका–5 के 18 वर्षीय जनम तामाङ और खोटाङ के 18 वर्षीय प्रज्वल राई शामिल हैं।

उन्होंने एक व्यक्ति का मोबाइल फोन छीनकर डिजिटल वॉलेट में अनधिकृत प्रवेश किया और वॉलेट को रीसेट कर बैंक खाते से 1 लाख 27 हजार 6 सौ रुपये निकाल लिए, जिसे एसपी मनोहर भट्ट ने बताया। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कार्रवाई के लिए जिल्ला प्रहरी परिसर काठमाडौं भेजा गया है।

वर्ष में दो बार वैक्सीन के जरिए उच्च रक्तचাপ नियंत्रण करने वाली नई दवा का परीक्षण

‘क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन’ के शोधकर्ताओं ने वर्ष में केवल दो बार इंजेक्शन लगाकर उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने वाली नई दवा ‘जिल्बेसिरन’ का परीक्षण किया है। ‘कार्डिया-2’ अध्ययन में 663 वयस्क प्रतिभागी शामिल थे और इस दवा ने सामान्य दवाओं के साथ मिलकर रक्तचाप में महत्वपूर्ण गिरावट लाई है। यह दवा शरीर में ‘एंजियोटेंसिनोजेन’ प्रोटीन के उत्पादन को रोकती है और छह महीने में केवल एक बार वैक्सीन लगाने से दीर्घकालिक प्रभाव देखने को मिलता है। दूसरा चरण परीक्षण वर्तमान में जारी है। 30 चैत्र, काठमांडू।

उच्च रक्तचाप के मरीज दैनिक दवा सेवन की झंझट से मुक्त हो सकते हैं। ‘क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन’ के नेतृत्व में किए गए इस विश्वव्यापी परीक्षण ने वर्ष में दो बार सुई लगाकर रक्तचाप नियंत्रित करने वाली नई विधि का खुलासा किया है। ‘जिल्बेसिरन’ नामक यह प्रयोगात्मक दवा उन मरीजों में सकारात्मक परिणाम दिखा रही है, जिनका रक्तचाप सामान्य दवाओं से नियंत्रित नहीं हो पा रहा था।

यह दवा यकृत में उत्पन्न विशेष प्रोटीन को रोकती है, जो रक्त वाहिकाओं को फैलाकर रक्तचाप कम करता है। सामान्य दवाओं के साथ इसे लगाकर रक्तचाप में उल्लेखनीय कमी देखी गई है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका दीर्घकालिक प्रभाव है। छह महीने में केवल एक बार वैक्सीन लगाने के कारण मरीजों को रोजाना दवा लेने की परेशानी से छुटकारा मिलता है।

वर्तमान में इसका दूसरा चरण परीक्षण चल रहा है और यह अध्ययन इस वर्ष से शुरू होगा कि यह हृदयाघात और स्ट्रोक के जोखिम को कितना कम करता है। अध्ययन के वरिष्ठ लेखक और उच्च रक्तचाप विशेषज्ञ डॉ. मनिष सक्सेना ने इस नई उपचार पद्धति को ‘गेम-चेंजर’ कहा है। उनका कहना है, “उच्च रक्तचाप दुनिया भर में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है और केवल कम प्रतिशत लोग इसका सही नियंत्रण कर पाते हैं। यह नई उपचार विधि विश्व के लाखों लोगों को अपनी स्वास्थ्य को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में मदद करेगी।”

इरान युद्ध से वैदेशिक रोजगार और रेमिटेंस पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता, नेपाल सरकार कर रही समाधान खोज

इरान युद्ध के कारण मध्यपूर्व में बढ़ रहे संघर्ष से वहां काम करने वाले नेपाली श्रमिकों की नौकरी और वे जो रेमिटेंस भेजते हैं, उन क्षेत्रों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों का विश्लेषण नेपाली अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। अमेरिका और इरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस सप्ताहांत हुई शांति वार्ता विफल होने से चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, अभी तक जारी संघर्ष का वैदेशिक रोजगार और रेमिटेंस पर बड़ा नकारात्मक असर नहीं दिखा है, अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

खाड़ी देशों में दक्ष तथा अकुशल मिलाकर लगभग 20 लाख नेपाली कार्यरत हैं। साथ ही, नेपाल में आने वाले रेमिटेंस का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी खाड़ी क्षेत्र से आती है। अधिकारियों के अनुसार, युद्ध के लंबित रहने पर खाड़ी क्षेत्र में रोजगार प्रभावित होने से रेमिटेंस पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। अर्थ मंत्रालय की आर्थिक नीति एवं विश्लेषण महाशाखा के प्रमुख महेश भट्टराई ने कहा, “फाल्गुन महीने में इस हिस्से में थोड़ा कमी देखी गई है, हालांकि केवल एक महीने के आंकड़ों से कोई निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। लेकिन यदि यह स्थिति लंबी होगी तो रोजगार के अवसर घटने में कोई संदेह नहीं।”

परिस्थिति के गंभीर विश्लेषण के लिए, अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले के पदभार संभालने के बाद मंत्रालय ने महाशाखा प्रमुख भट्टराई के नेतृत्व में विशेष कार्यदल बनाकर अध्ययन जारी रखा है। श्रम मंत्री की सलाहकार मीना पौडेल ने कहा कि अब तक श्रमिकों की नौकरी पर प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ा है, लेकिन यह स्थिति दीर्घकालीन नहीं रह सकती। उन्होंने कहा, “खाड़ी में काम करने वाले कुछ श्रमिकों को रोजगारदाता की ओर से ‘कितनी बार घर जाओ’ जैसा संदेश या चिंता व्यक्त होते सुना गया है।”

जेमिनाई एआई र जिमेल प्रयोगकर्ताका लागि गोपनीयताको नयाँ चुनौती

जेमिनाई एआई और جیمیل उपयोगकर्ताओं के लिए गोपनीयता में नई चुनौतियाँ

गूगल ने जिमेल में ‘जेमिनाई’ एआई को एकीकृत करते हुए 2 अरब से अधिक उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। गूगल ने स्पष्ट किया है कि ‘जेमिनाई’ उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी को नहीं सीखेगा और कार्य पूरा होने के बाद सभी डेटा ‘इवैपोरेट’ हो जाएगा। हालांकि, विशेषज्ञों ने क्लाउड-आधारित एआई को निजी डेटा तक पहुंच देने से सुरक्षा जोखिम बढ़ने की संभावना पर चेतावनी दी है। गूगल ने अपने 2 अरब जिमेल उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे बड़ा अपडेट जारी करने के बाद नेटवर्क सुरक्षा और सुविधा के बीच बहस फिर से सतह पर ला दी है।

जिमेल के प्रोडक्ट वाइस प्रेसिडेंट ब्लेक बार्न्स के अनुसार, अब ‘जेमिनाई’ एआई इतनी घनिष्ठता से जिमेल में एकीकृत किया गया है कि यह उपयोगकर्ताओं के ईमेल पढ़ने, जवाब लिखने और सारांश तैयार करने में सक्षम होगा। गूगल ने जेमिनाई को एक ‘विश्वसनीय मेहमान’ के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि यह उपयोगकर्ताओं के गोपनीय विवरण सीखने वाला नहीं है और कार्य पूरा होने पर सभी जानकारी ‘इवैपोरेट’ हो जाएगी। हालांकि, क्लाउड-आधारित एआई को व्यक्तिगत इनबॉक्स तक पहुँच देने से संभावित गोपनीयता जोखिम हो सकते हैं, यह विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है।

इस नए फीचर के मुख्य पक्ष और चुनौतियाँ इस प्रकार हैं: एआई और गोपनीयता का संतुलन: गूगल ने एआई को एक व्यक्तिगत सहायक के रूप में प्रस्तुत किया है, लेकिन उपयोगकर्ताओं के संवेदनशील डेटा तक पहुंच सुरक्षा जोखिम को बढ़ा सकती है। गूगल ने स्पष्ट किया है कि उपयोगकर्ताओं के ईमेल डेटा से एआई को प्रशिक्षण नहीं दिया जाएगा, लेकिन कई जेमिनाई फीचर्स डिफ़ॉल्ट रूप से सक्रिय हो सकते हैं।

एन्क्रिप्शन और एआई के बीच द्वंद्व: गूगल ने एंड्रॉयड और आईओएस उपयोगकर्ताओं के लिए ‘क्लाइंट-साइड एन्क्रिप्शन’ बढ़ाने की घोषणा की है। हालांकि, यदि उपयोगकर्ता पूर्ण सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्शन सक्षम करते हैं तो गूगल के कई एआई उपकरण काम नहीं कर पाएंगे क्योंकि एआई एन्क्रिप्टेड डेटा पढ़ नहीं सकता।

तकनीकी समस्याएँ: नए एआई अपडेट जारी होने के कुछ ही घंटों में जिमेल में ईमेल भेजने और प्राप्त करने में देरी देखने को मिली। गूगल ने बताया कि यह समस्या ‘नोइज़ी नेबर’ प्रभाव के कारण हुई और इसे 8 अप्रैल तक हल कर दिया गया।

उपयोगकर्ताओं की जिम्मेदारी: विशेषज्ञों ने कहा है कि अब उपयोगकर्ताओं को यह निर्णय स्वयं लेना होगा कि वे अपने इनबॉक्स में कितनी मात्रा में एआई के विश्लेषण की अनुमति देते हैं। एक बार एआई व्यक्तिगत जीवन में प्रवेश कर जाने पर उसे हटाना कठिन हो जाता है, इसलिए सावधानी बरतने का अनुरोध किया गया है। जिमेल हमेशा सुविधा और सरलता को प्राथमिकता देता रहा है, लेकिन जेमिनाई के आगमन ने 2 अरब से अधिक उपयोगकर्ताओं को व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और एआई सुविधा के बीच जटिल विकल्प का सामना कराया है। गूगल ने जेमिनाई को एक मेहमान के रूप में प्रस्तुत किया है, लेकिन निजी ईमेल प्रबंधन के नियम उपयोगकर्ताओं को स्वयं निर्धारित करने होंगे।

बस सेवाने ‘नया साल, नया साहसिक’ अभियान की शुरुआत की

बस सेवाने नए साल को लक्षित करते हुए 29 चैत्र से 15 वैशाख तक ऑनलाइन टिकट बुकिंग अभियान शुरू किया है। इस अभियान में टिकट खरीदने वालों को माउंटेन फ्लाइट, बंजी जंप, मुफ्त बस टिकट और कैशबैक का अवसर प्रदान किया जाएगा। बस सेवा 70 से अधिक जिलों में ऑनलाइन माध्यम से बस और हवाई टिकट उपलब्ध कराती रही है।

30 चैत्र, काठमांडू। बस और हवाई उड़ान सेवा के ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म बस सेवाने नए साल को केन्द्र में रखते हुए यह अभियान जारी किया है। इस अभियान के तहत बस सेवा के ऑनलाइन टिकट खरीदने वालों को माउंटेन फ्लाइट, बंजी जंप, मुफ्त बस टिकट और कैशबैक जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। यह अभियान 29 चैत्र से शुरू होकर 15 वैशाख तक प्रभावी रहेगा।

इस अवधि में बस सेवा के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बस और हवाई उड़ान के टिकट खरीदने वाले यात्रियों में से एक को ‘माउंटेन फ्लाइट’ का अनुभव मिलेगा। बस सेवा ने यति एयरलाइंस के साथ सहयोग में अपने ग्राहकों को यह अवसर प्रदान किया है। अभियान के अंतर्गत दो लोगों को पोखरा में बंजी जंप करने और दो लोगों को पैराग्लाइडिंग करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, पोखरा जाने और आने वाली बस टिकटें निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस अभियान में ट्रिप टर्बो ने बस सेवा के साथ सहयोग किया है, इसकी जानकारी कंपनी के व्यापार प्रमुख डेनिसजंग थापाने दी। उन्होंने कहा, ‘बस सेवा के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुकिंग करने वाले यात्रियों को वर्ष भर मुफ्त टिकट, कैशबैक और विभिन्न छूटों की सुविधा दी जाएगी।’ फिलहाल बस सेवा 70 से अधिक जिलों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बस और हवाई टिकट उपलब्ध कराती है।

संसद भवन निर्माण में 94 प्रतिशत प्रगति, सभामुख ने शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश

सिंहदरबार में स्थित नए संसद भवन के निर्माण में 94 प्रतिशत की प्रगति हासिल की गई है। सभामुख डोलप्रसाद अर्याल ने निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। वर्ष २०७६ के असोज १८ गते तुन्डी शेख जेभी के साथ 7 अरब 94 करोड़ रुपये में संसद भवन निर्माण का समझौता हुआ था। भवन के इंटीरियर के लिए 2 अरब 34 करोड़ रुपये में केसी श्यामसुंदर बानिया जेभी को ठेका दिया गया है, जबकि छत निर्माण के लिए चेनलिंक इंजीनियरिंग को 3 करोड़ 80 लाख रुपये में ठेका मिला है।

सभामुख अर्याल ने सोमवार को शहरी विकास मंत्रालय के कर्मचारियों और निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करते हुए निर्धारित समय में भवन निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। चर्चा में राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष नारायणप्रसाद दाहाल, प्रतिनिधि सभा के उपसभामुख रुबीकुमारी श्रेष्ठ और राष्ट्रीय सभा की उपाध्यक्ष लिलाकुमारी भंडारी भी उपस्थित थे। शुरुआत में तीन साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक छः बार समय विस्तार किया जा चुका है। नवीनतम समझौते के अनुसार आगामी जेठ ९ गते तक निर्माण पूरा करने कहा गया है।

केपी शर्मा ओली: क्या वे एमाले नेतृत्व छोड़ेंगे या वाम एकता का विकल्प खोजेंगे?

प्रहरी के नियंत्रण में केपी ओली

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चुनाव में पराजय के बाद नेतृत्व परिवर्तन की आवाजें नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली के पुलिस नियंत्रण में रहने के दौरान और भी तीव्र हो गई हैं।

संसदीय दल के नेता के चुनाव और निर्वाचित रामबहादुर थापा के बयानों ने इसे और मजबूती दी है और असंतोष सार्वजनिक रूप से व्यक्त होने लगा है।

हालांकि पुलिस हिरासत में होने के दौरान पार्टी के भीतर से ही नेतृत्व पर हमले हुए बताते हुए ओली के निकटतम नेताओं ने उसकी रक्षा की कोशिश की है। पुलिस नियंत्रणमुक्त होने के बाद भी अस्पताल में भर्ती ओली का सोमवार को लीवर की सर्जरी की गई है।

नेतृत्व परिवर्तन के समर्थक एमालेलाई नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि ओली के मजबूत होने के बाद वे इस विषय को फिर से जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी कर रहे हैं।

“गलतियों को सुधारते हुए एक गतिशील पार्टी के रूप में विकास करना है तो अब के नेतृत्व को अपनी जगह छोड़नी होगी। इसका कोई विकल्प नहीं है,” एमालेलाई नेता टङ्क कार्की ने कहा।

माननीयहरूलाई मास्टर सेफ सन्तोष साहको खुला पत्र – Online Khabar

माननीय सांसदों के लिए मास्टर शेफ संतोष साह का खुला पत्र

संतोष शाह ने नव निर्वाचित सांसदों को जनता का विश्वास और बड़ी जिम्मेदारी निभाने का उल्लेख करते हुए ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का विनम्र आग्रह किया है। नव निर्वाचित सांसदों के लिए खुला पत्र, माननीय सांसद गण, हार्दिक नमस्कार। भदौ 23 और 24 के जनआंदोलन के बाद देश में बड़ा बदलाव आया है। वर्तमान सरकार उसी आंदोलन का परिणाम है। नेपाली जनता ने आशा और विश्वास के साथ आपको जिताकर संसद भेजा है। सांसद होना केवल पद और शक्ति का विषय नहीं, बल्कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान भी है। आप सभी में जनता का गहरा विश्वास है।

हमारे देश ने जनआंदोलन, माओवादी आंदोलन, मधेश आंदोलन से लेकर युवा आंदोलनों तक कई ऐतिहासिक चरणों को पार किया है। इन सभी त्याग और बलिदान को सदैव याद रखना आवश्यक है। आपके समक्ष मैं कुछ अपेक्षाएं विनम्रतापूर्वक प्रस्तुत करना चाहता हूं: सांसद का कर्तव्य देश और जनता का प्रतिबिंब बनना है। जनता की समस्याओं, पीड़ा और कष्ट को सरकार के सामने स्पष्ट और निर्भीक रूप से उठाना है। संसद में जनता की आवाज बनकर सरकार को चुनौती देना है। साथ ही, समस्याओं के समाधान के लिए जनमुखी नीतियाँ बनाना भी आपका दायित्व है। आप कृपया अपनी भूमिका को हल्के में न लें।

सस्ते लोकप्रियता पाने के लिए मीडिया में प्रदर्शन या व्यक्तिगत प्रचार में लिप्त न हों। नेतृत्व शक्ति प्रदर्शन नहीं, सेवा और विनम्रता है। शक्ति के छद्म तले जनता से दूरियां न बढ़ाएं। हमेशा सरल, विनम्र और जमीन से जुड़े रहे। मुझे जनता ने काम करने के लिए चुना है, इस बात को सदैव याद रखें कि आपको जनता के हित में काम करना है। पद और शक्ति ईश्वर की देन समान है, इसलिए ईमानदारी और निष्ठा के साथ जिम्मेदारी निभाएं।

आज संसद में युवा पीढ़ी का प्रभुत्व है। इसका यह मतलब न निकालें कि पुराने नेतृत्व की कोई महत्ता नहीं है। देश निर्माण के मार्ग पर अग्रजों का मार्गदर्शन जरूरी है। साथ ही, लंबे समय से राजनीति में नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ नेताओं को भी यह समझना चाहिए कि अब युवा पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने का समय आ गया है। आपको देश सेवा का अवसर मिला है, अब युवा पीढ़ी को भी देश के विकास के अवसर प्रदान करें।

जनता को विदेशों जैसा नेपाल का सपना नहीं है। नेपाली अपने नेपाल को नेपाली तरीके से सुरक्षित रखना चाहते हैं। सभी नेपाली की चाह लगभग समान है। नदियों से साफ पानी बहता रहे, मेहनत के अनुसार फल प्राप्त हो, रोजगार और व्यवसाय के लिए अनुकूल वातावरण हो। अपने ही देश में उत्पादन हुए अनाज, सब्जी और फल का सेवन हो। स्वच्छ हवा में सांस लेने का अवसर मिले। कृषकों को उचित मूल्य मिले। कर्णाली, सुदूर पश्चिम जैसे दूर-दराज इलाकों में बिजली और सड़क पहुंचने का सपना साकार हो। प्रसूता महिलाओं की सड़क किनारे मृत्यु न हो। सरल और सुविधाजनक उपचार उपलब्ध हो।

शिक्षा और उपचार के लिए जमीन बेचनी न पड़े। नेपाल में अवसर न मिलने के कारण किसी को खाड़ी देशों में काम नहीं जाना पड़े। आर्थिक अभाव के कारण कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। सड़क पर चलते समय सुरक्षा महसूस हो। सरकारी सेवाएं प्राप्त करने में परेशानी न हो। योग्य व्यक्तियों को अवसर मिले। nepotism और favoritism का अंत हो। भ्रष्टाचार समाप्त हो और सुशासन स्थापित हो। नेपाली जनता इस प्रकार खुशहाल होगी। इसलिए मैं विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि जनता के सुख-शांति को प्राथमिकता दें। आशा और सम्मान के साथ, संतोष शाह, आपकी माया पाने वाला एक साधारण भोजन बनाने वाला व्यक्ति, “हमारा विकसित नेपाल कैसा हो?”

वर्ष के अंतिम दिन शेयर बाजार में गिरावट

२०८२ साल के अंतिम कारोबारी दिन शेयर बाजार ४.१८ अंक की गिरावट के साथ २८३३ अंक पर बंद हुआ। आज १०५ कंपनियों के शेयरों के दाम बढ़े, १५३ कंपनी के शेयरों के दाम घटे जबकि १२ कंपनियों के शेयर स्थिर रहे। ६ कंपनियों के शेयर १० प्रतिशत तक बढ़े, जिनमें सुपर खुदी हाइड्रोपावर और सूर्यकुंड हाइड्रो इलेक्ट्रिक शामिल हैं। ३० चैत्र, काठमाडौं।

शेयर बाजार के कारोबार की मात्रा भी कुछ कम रही। पिछले दिन ८ अरब ९९ करोड़ रूपये के कारोबार के मुकाबले आज ८ अरब ६६ करोड़ रूपये का कारोबार हुआ। होटल तथा पर्यटन समूह में १.०२ प्रतिशत की सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा हाइड्रोपावर में ०.६६, निवेश में ०.१३, उत्पादन एवं प्रसंस्करण में ०.४०, और निर्जीवन बीमा में ०.४६ प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

जबकि बैंकिंग सेक्टर में ०.४७, विकास बैंक में ०.५५, फाइनेंस में ०.२९, जीवन बीमा में ०.४६, माइक्रोफाइनेंस में ०.४२, अन्य सेक्टर में १.६२ तथा व्यापार क्षेत्र में ०.२१ प्रतिशत की गिरावट देखी गई। ६ कंपनियों के शेयर १० प्रतिशत तक बढ़े। १० प्रतिशत वृद्धि वाली कंपनियों में सुपर खुदी हाइड्रोपावर, सूर्यकुंड हाइड्रो इलेक्ट्रिक, होटल फॉरेस्ट इन, पाल्पा सीमेंट, रिजलाइन एनर्जी और शिखर पावर शामिल हैं।

मेन्सियम हाइड्रोपावर के शेयर ९.०१, उपकार लघुवित्त के ७.१७, तथा नेशनल हाइड्रोपावर के ६.६७ प्रतिशत बढ़े। वहीं, युनिक नेपाल लघुवित्त, अभियान लघुवित्त और सान्वी एनर्जी के शेयर क्रमशः ३.६०, २.९७ एवं २.९६ प्रतिशत घटी हैं। आज सबसे अधिक कारोबार वाली कंपनियों में नेशनल हाइड्रोपावर, रीडी पावर, रिलायंस स्पिनिंग मिल्स, आँखुखोला जलविद्युत कंपनी और एसवाई पैनल शामिल हैं।