मलेसियामा पुरुष पीडितहरूमाथि यौन दुर्व्यवहारका उजुरीहरू तीव्र गतिमा बढिरहेका छन्। सन् २०२४ देखि महिला, परिवार तथा सामाजिक विकास मन्त्रालयमा एक हजारभन्दा बढी यस्तो पुरुष पीडितका उजुरीहरू दर्ता भएका छन्। महिला, परिवार तथा सामाजिक विकास मन्त्री दातोक श्री न्यान्सी सुक्रीले यो तथ्य सार्वजनिक गरेकी छन्।
उनको भनाइ अनुसार, यस बढ्दो उजुरी संख्या मलेसिया प्रहरीको तथ्याङ्कसँग पनि मेल खान्छ। यसले देशव्यापी रूपमा सञ्चालन भएका सचेतना अभियानहरू सफल रहेको देखाउँछ। यी अभियानहरूले पीडितहरूलाई अगाडि आउन प्रोत्साहित गरेका छन्। मन्त्री न्यान्सीले पुरुष पीडितहरूका उजुरीमा अनावश्यक शारीरिक सम्पर्क र सहमतिबिना जथाभावी छुने जस्ता घटनाहरू पनि समावेश भएको जानकारी दिइन्।
मन्त्री न्यान्सीको मतमा, उजुरीको संख्या वृद्धि हुनुको अर्थ पीडितहरू आफ्ना अधिकारसम्प्रति सचेत भइसकेका छन् र अब चुपचाप सहन नचाहने भएको देखिन्छ।
प्राविधिक शिक्षा तथा व्यावसायिक तालिम परिषद् (सीटीईभीटी) ने चिकित्सा शिक्षा ऐन के प्रावधानों के विपरीत आयोग के समन्वय के बिना ही डिप्लोमा स्तर पर विद्यार्थियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षामंत्री सस्मित पोखरेल द्वारा नई विनियमावली स्वीकृत होते ही सीटीईभीटी ने १ जेठ से चिकित्सा शिक्षा के डिप्लोमा कार्यक्रमों में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। चिकित्सा शिक्षा सुधार के पक्षधर डॉ. गोविन्द केसी ने आयोग के नेतृत्व रिक्त रहने की स्थिति में लिए गए इस निर्णय को जनस्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया है। १२ वैशाख, काठमांडू।
चिकित्सा शिक्षा ऐन के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए सीटीईभीटी ने चिकित्सा शिक्षा के डिप्लोमा स्तर पर विद्यार्थियों की भर्ती खोल दी है। ऐन में प्रमाणपत्र स्तर के स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रिया चिकित्सा शिक्षा आयोग के समन्वय में ही संचालित करने का प्रावधान है। इस बार इस प्रावधान को दरकिनार करते हुए आयोग के समन्वय के बिना ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। शिक्षा तथा खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल ने मंत्रीस्तरीय निर्णय के माध्यम से सीटीईभीटी को नई विनियमावली जारी कर भर्ती प्रक्रिया खोलने के लिए सुविधा प्रदान की है।
सरकार द्वारा सभी राजनीतिक नियुक्तियों को रद्द करने वाले अध्यादेश के तहत पदाधिकारियों को हटाए जाने के बाद आयोग उपाध्यक्ष सहित पदाधिकारियों से वंचित हो गया था। उसी समय सीधे भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। ऐन के अनुसार प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। उपाध्यक्ष के न होने की स्थिति में मंत्रालय स्तर पर निर्णय लेकर विनियमावली पारित कर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने से चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में कानूनी तथा नीतिगत प्रश्न उठे हैं।
सीटीईभीटी के प्रवक्ता एकराज अधिकारी ने कहा कि परिषद् ने किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि पहले से चल रही प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित, त्वरित और वैज्ञानिक बनाने के लिए नई परीक्षा संबंधी विनियमावली लाई गई है। डॉ. गोविन्द केसी ने कहा, “चिकित्सा शिक्षा प्रमाणपत्र वितरण की प्रक्रिया न होने के कारण यह देश की सम्पूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला है।”
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद जगदीश खरेल ने प्रतिनिधि सभा की बैठक में उपयोग किए गए ‘तमासा’ शब्द को असंसदीय नहीं बताया है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद रमेश मल्ल ने इस शब्द को अपमानजनक और असंसदीय करार देते हुए नियम विरुद्ध आपत्ति जताई थी। सांसद खरेल ने संसद में स्पष्ट करते हुए कहा, ‘तमासा शब्द असंसदीय नहीं है।’
काठमांडू, १२ जेठ। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के सांसद जगदीश खरेल ने ‘तमासा’ शब्द असंसदीय नहीं होने की बात स्पष्ट की है। प्रतिनिधि सभा की आज की पहली बैठक में सांसद खरेल ने विपक्षी दलों के विरोध को लक्षित करते हुए ‘तमासा’ शब्द का प्रयोग किया था। इसके जवाब में दूसरी बैठक में नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद रमेश मल्ल ने नियम के तहत आपत्ति जताई थी।
‘जगदीश खरेलजी ने प्रतिपक्ष के विरोध व्यक्त करते हुए तमासा शब्द का प्रयोग किया है। वह शब्द अपमानजनक और असंसदीय है, इसे संसदीय अभिलेख से हटाया जाए,’ सांसद मल्ल ने कहा। मल्ल की बात के बाद सभापति डीपी अर्याल ने रास्वपा के सांसद खरेल को सफाई देने का अवसर प्रदान किया।
खरेल ने कहा, ‘तमासा शब्द असंसदीय नहीं है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘तमासा शब्द को अश्लील और अशिष्ट कहकर गलत प्रचार किया गया है। नेपाली शब्दकोश देखने पर इसका अर्थ हल्ला-हंगल या अनावश्यक कोलाहल होता है। यह शब्द कहीं भी मर्यादा के विपरीत प्रयोग नहीं हुआ है।’
सांसद खरेल ने विधेयक चर्चा के दौरान उत्पन्न हल्ला को ध्यान में रखते हुए इस शब्द का प्रयोग किया और दोहराया, ‘तमासा शब्द असंसदीय नहीं है।’
मधेस सरकार ने जनलोकपाल आयोग के रिक्त दो सदस्य पदों पर संजीवकुमार झा और सुजाता विमल को नियुक्त किया है। नव नियुक्त सदस्य संजीवकुमार झा और सुजाता विमल ने प्रदेश प्रमुख सुरेन्द्र लाभ से पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की है। आयोग के प्रभावशाली न होने के कारण पिछले पुष माह में सदस्य राजकिशोर साह और शोभा महतो ने इस्तीफा दिया था, जिससे ये पद रिक्त हो गए थे।
१२ जेठ, जनकपुरधाम। मधेस सरकार के ठहराव का शिकार जनलोकपाल आयोग में रिक्त दो सदस्य पदों पर नियुक्ति की गई है। आयोग में मधेस सरकार ने महोत्तरी के औरही नगरपालिका-७ के संजीवकुमार झा और महोत्तरी के श्रीपुर-८ की सुजाता विमल को सदस्य पद पर नियुक्त किया है। दोनों सदस्यों ने आज ही प्रदेश प्रमुख सुरेन्द्र लाभ से पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की है।
जनलोकपाल ऐन २०७७ के अनुसार, मुख्यमंत्री, सभामुख और प्रतिपक्ष दल के नेता की सिफारिश पर आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति प्रदेश प्रमुख द्वारा की जाती है। मुख्यमंत्री लालबाबु राउत के नेतृत्व में २२ भदौ २०७८ को अध्यक्ष सहित तीन सदस्यीय आयोग गठित किया गया था। हालांकि, गठन के साढ़े चार वर्षों में आयोग की कार्यवाही और प्रभावशीलता न्यूनतम रही है।
सुशासन बनाए रखने हेतु गठित जनलोकपाल आयोग कार्यततव में ढीलापन के कारण २०८१ पुष में सदस्य राजकिशोर साह और शोभा महतो ने पद से इस्तीफा दे दिया था। आयोग में अब केवल अध्यक्ष रामसहायप्रसाद यादव ही बचे थे। आयोग के बेकार होने के कारण पहले सरकार ने इसे समाप्त करने का प्रयास भी किया था। लेकिन वर्तमान तीन दलों के गठबंधन सरकार ने आगामी पाँच वर्षों के लिए दो सदस्यों को पुनः नियुक्त किया है। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भर्ती केंद्र के रूप में इसके गठन की आलोचना भी जारी है। इसके बावजूद, चार वर्षों में कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि न होने के बाद कार्यालय में दो नए सदस्यों की नियुक्ति की गई है।
प्रधानमन्त्री शेरबहादुर देउवा र उनकी पत्नी आरजु राणा देउवालाई पक्राउ नगर्न सर्वोच्च अदालतले जारी गरेको आदेशले अन्तर्राष्ट्रिय स्तरमा गलत सन्देश जान सक्ने खतरा केही विशेषज्ञहरूले व्यक्त गरेका छन्। सम्पत्ति शुद्धीकरण अनुसन्धान विभागले अनुसन्धानको दायरामा राखिएका देउवा दम्पतीलाई पक्राउ गर्न सरकारले अन्तर्राष्ट्रिय प्रहरी संगठन इन्टरपोललाई अनुरोध गरेको खुलासा भएपछि, सर्वोच्च अदालतले आइतबार अन्तरिम आदेशमार्फत पक्राउ पुर्जी खारेज गरेको थियो।
विभागको अनुरोधमा काठमाडौँ जिल्ला अदालतले चैत २४ गते देउवा दम्पतीलाई पक्राउ गर्न पुर्जी जारी गरेको थियो। तर सर्वोच्च अदालतले वैशाख १८ गते राजपत्रमा प्रकाशित सम्पत्ति शुद्धीकरण निवारण ऐन २०६४ मा गरिएको संशोधन अनुसार जारी अध्यादेशमा थपिएको प्रतिबन्धात्मक व्याख्या उल्लेख गर्दै, क्षेत्राधिकार नमिलेको कारण जिल्ला अदालतको फैसला खारेज गरेको छ।
जिल्ला अदालतको पक्राउ पुर्जी विरुद्ध पूर्वप्रधानमन्त्री देउवा पक्षबाट दायर रिट निवेदनमा सुनुवाइ गर्दै न्यायाधीश महेश शर्मा पौडेल र नित्यानन्द पाण्डेको संयुक्त इजलासले आइतबार पक्राउ नगर्न आदेश जारी गरेको हो। अदालतले पक्राउ पुर्जी जारी गर्ने क्षेत्राधिकार जिल्ला अदालतको नभई विशेष अदालतको हुने उल्लेख गर्दै जिल्ला अदालतको पुर्जीलाई खारेज गरेको छ।
पूर्वन्यायाधीश बलराम केसीले अनुसन्धान विभागले जिल्ला अदालतबाट पक्राउ पुर्जी माग गरेको र त्यो पुर्जी अध्यादेश जारी हुनुअघि मिति दिइएको भएकाले त्यसलाई आदेशमा स्पष्ट उल्लेख गर्नुपर्ने बताएका छन्। साथै, यस घटनाले नेपालको अन्तर्राष्ट्रिय छविमा नकारात्मक प्रभाव पार्ने सम्भावना रहेको चिन्ता व्यक्त गरेका छन्।
अमेरिकी क्लब इंटर मियामी ने लियोनेल मेस्सी के बाएं हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियों में थकान से संबंधित ओवरलोड की समस्या की जानकारी दी है। मेस्सी अमेरिकी मेजर लीग सॉकर के अंतर्गत रविवार को फिलाडेल्फिया के खिलाफ मैच में 73वें मिनट में मैदान से बाहर हो गए थे। क्लब ने बताया कि मेस्सी की मैदान में वापसी का समय उनकी शारीरिक स्थिति और रिकवरी की प्रगति पर निर्भर करेगा।
12 जेठ, काठमांडू। अमेरिकी मेजर लीग क्लब इंटर मियामी एफसी ने अर्जेंटीनी स्टार लियोनेल मेस्सी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी है। मियामी कम्युनिकेशन विभाग के अनुसार सोमवार को अतिरिक्त चिकित्सकीय जांच के बाद प्रारंभिक रिपोर्ट में उनके बाएं हैमस्ट्रिंग में मांसपेशी थकान से जुड़ी ‘ओवरलोड’ समस्या स्पष्ट हुई है।
रविवार के खेल में मेस्सी 73वें मिनट में मैदान से बाहर चले गए थे। प्रतिस्थापन के लिए मेस्सी ने स्वयं अनुरोध किया था, जिसके कारण भी उनकी चोट की आशंका व्यक्त की गई। विश्व कप से पहले चोट लगने पर मेस्सी का विश्व कप मिस करने का खतरा कई समर्थकों के बीच बढ़ गया था। मेस्सी के मैदान में लौटने का समय उनकी शारीरिक स्थिति और रिकवरी की प्रगति पर निर्भर होगा, ऐसा क्लब ने जानकारी दी है।
१२ जेठ, काठमाडौं । पूर्वाधार विकास मन्त्रालय में तोड़फोड़ और अभद्र व्यवहार करने के आरोप में काठमाडौं पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति कालिकोट के पूर्व मान्म गाउँपालिका–५ के निवासी और वर्तमान में भक्तपुर में रहने वाले ३५ वर्षीय उपेन्द्रकुमार शाही बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, वह सोमवार को साढ़े ११ बजे पूर्व सूचना दिए बिना पूर्वाधार विकास मन्त्रालय सिंहदरबार में प्रवेश किए थे और मन्त्रालय के सचिव के कार्यालय में जाकर अभद्र व्यवहार किया था।
पुलिस ने बताया कि सचिव के कार्यालय में घुसकर उन्होंने हंगामा मचाया, बाहर जाने के लिए समझाने पर अशिष्ट शब्दों का प्रयोग किया और धमकी दी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और आपराधिक लाभ न लेने के मामले में काठमाडौं जिल्ला अदालत से पाँच दिनों की न्यायिक हिरासत मिली है, जिसमें फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है। यह जानकारी काठमाडौं पुलिस प्रवक्ता एसपी पवनकुरमा भट्टराई ने दी।
सुबह खाली पेट धनिया भिगोया हुआ पानी पीने से शरीर से हानिकारक विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है। धनिया केवल सब्ज़ी और अचार में स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि इसमें औषधीय गुण भी भरपूर होते हैं। आयुर्वेद में धनिये के दानों के फायदे विस्तार से बताए गए हैं। धनिये के दानों में फाइबर, कैल्शियम, तांबा, मैग्नीशियम, लोहे के साथ-साथ विटामिन A, C और K भी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। धनिये के दानों को पानी में भिगोकर इसका सेवन करने से कई स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं।
सुबह खाली पेट धनिया पानी पीने से शरीर पर कई सकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। यह पाचन एंजाइमों को सक्रिय करता है, जिससे पेट फूलना, अपच और भारीपन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। धनिया पानी एक अच्छे डिटॉक्स वाटर के रूप में काम करता है और शरीर से हानिकारक विषैले पदार्थों को हटाने में मदद करता है। यह वजन कम करने में भी सहायक हो सकता है, हालांकि केवल धनिया पानी पीने से ही वजन घटने की संभावना नहीं होती।
धनिया पानी के एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण सूजन कम करने में सहायक होते हैं। यह एसिडिटी और पेट से जुड़ी अन्य समस्याओं में भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। धनिया पानी पीने से त्वचा को भी लाभ होता है; इसके एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सिडेंट गुण त्वचा को डैंड्रफ से बचाने में मदद करते हैं।
धनिया पानी बनाने के लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच धनिये के दाने रातभर भिगोएं। अगली सुबह इस पानी को थोड़ा गर्म करके सेवन करें।
१२ जेठ, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेस की सांसद गीता गुरूंग ने कुप्रथाओं और भेदभावपूर्ण कानूनों के कारण पीड़ित महिलाओं से सरकार द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। प्रतिनिधि सभा की मंगलवार की बैठक में उन्होंने कहा, “सरकार द्वारा मांगी गई माफी केवल शब्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह महिला प्रतिनिधित्व की सुनिश्चितता, आर्थिक सम्मान और आत्मनिर्भरता समेत होनी चाहिए।”
सांसद गुरूंग ने पिछले कुप्रथा और भेदभावपूर्ण कानूनों के कारण महिलाओं को हुई पीड़ा के लिए नेपाल सरकार द्वारा औपचारिक माफी की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने सरकार की नीति तथा कार्यक्रम में महिलाओं से संबंधित विषयों के अभाव की ओर संसद का ध्यान आकर्षित कराया।
“हमने सरकार की नीति तथा कार्यक्रम का अध्ययन किया, उसमें महिलाओं का विशेष समावेश दिखाई नहीं दिया,” उन्होंने कहा। आगामी बजट में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को न्याय की अनुभूति हो इस प्रकार का बजट लाने का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा, “आगामी बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में कुप्रथा के शिकार महिलाओं से लेकर शहरों में उद्योग और विभिन्न पेशा-व्यवसायों में सक्रिय महिलाओं को न्याय का अनुभव हो इस तरह का बजट लाया जाए।”
सांसद गुरूंग ने महिलाओं के योगदान का उचित सम्मान किए बिना देश के लोकतंत्र को अधूरा बताया। उन्होंने प्रथम जननिर्वाचित प्रधानमंत्री भीमपुर्व कोइराला द्वारा बैतडी की द्वारिकादेवी ठाकुरानी को स्वास्थ्य सहायक मंत्री नियुक्त करने का स्मरण करते हुए कहा, “वह केवल नेपाल की नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया की पहली महिला मंत्री थीं।”
इलन मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप ‘एक्सएआई’ ने खरबों डॉलर के एआई बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने का दावा किया है। इस आधार पर मस्क की कंपनियों का बाजार मूल्यांकन अत्यंत उच्च रखा गया है। लेकिन, एक्सएआई का ‘ग्रोक’ चैटबोट अमेरिकी सरकारी क्षेत्र में पूरी तरह से असफल रहा है। यह तथ्य रॉयटर्स ने सरकारी दस्तावेजों और अधिकारियों से बातचीत के आधार पर उजागर किया है।
सरकारी आंकड़े क्या दिखाते हैं? 2025 के सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार अमेरिकी संघीय एजेंसियों में एआई के 400 से अधिक उपयोग के मामले हैं। इनमें से केवल तीन स्थानों पर ही ग्रोक एआई का उपयोग पाया गया है। इसके विपरीत, 234 कार्यों में ओपनएआई के चैटजीपीटी और माइक्रोसॉफ्ट को-पायलट का प्रयोग किया गया है। इसी तरह 33 कार्यों में गूगल का जेमिनी और 26 कार्यों में एन्थ्रोपिक का ‘क्लोड’ इस्तेमाल हुआ है। एक्सएआई ने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों को आकर्षित करने के लिए ग्रोक का शुल्क प्रति एजेंसी केवल 42 सेंट रखा था, जो लगभग नि:शुल्क माना जा सकता है।
तकनीकी कंपनियाँ शुरूआत में ग्राहकों को अपने उत्पाद से परिचित कराने के लिए ऐसी रणनीतियाँ अपनाती हैं। लेकिन इतनी कम कीमत पर भी सरकारी कर्मचारी ग्रोक को पसंद नहीं करते। इस आंकड़े ने एक्सएआई के महत्वाकांक्षी व्यावसायिक मूल्यांकन पर प्रश्न उठाया है। मस्क ने बड़े कंपनियों और संस्थाओं के लिए एआई बनाकर खरबों डॉलर कमाने का दावा किया था, परंतु सरकारी क्षेत्र में इसकी मांग न होने से उनकी योजना अटक गई है।
विश्लेषकों के अनुसार सरकारी मान्यता न मिलने पर निजी कंपनियां भी ग्रोक के प्रति संदेहशील होंगी। यह ग्रोक की सुरक्षा और गुणवत्ता में कमी का संकेत हो सकता है। मस्क ने सरकारी क्षेत्र में ग्रोक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए बड़ी लॉबीिंग की थी। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ मिलकर पूरे देश में एआई लागू करने की घोषणा की थी। मस्क की डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशियंसी (डोज) ने भी ग्रोक के इस्तेमाल के लिए दबाव डाला। लेकिन डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने अनुमति न देने के कारण ग्रोक के उपयोग से इंकार कर दिया। पेंटागन और अन्य मंत्रालयों ने भी ग्रोक को केवल परीक्षण स्तर पर रखा है और वर्तमान में ऊर्जा मंत्रालय एवं चुनाव सहायता आयोग ही इसका प्रयोग कर रहे हैं।
इन मंत्रालयों में ग्रोक का उपयोग सामान्य पत्र लेखन या सामाजिक मीडिया पोस्ट के लिए किया जाता है। अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ एक्सएआई का 200 मिलियन डॉलर का अनुबंध है, लेकिन वहाँ के कर्मचारी ग्रोक की बजाय अन्य प्रतिस्पर्धी एआई टूल्स को प्राथमिकता देते हैं। पेंटागन के अनुसंधान विभाग में इंजीनियरिंग विश्लेषण के लिए गूगल जेमिनी और कोडिंग के लिए क्लोड एआई का उपयोग होता है। वहां के तकनीशियन ग्रोक को बाजार का श्रेष्ठ मॉडल नहीं मानते। इसी क्रम में हाल ही में ग्रोक ने वेटरंस अफेयर्स मंत्रालय का एक अनुबंध भी खो दिया है, क्योंकि यह तकनीकी मानकों को पूरा नहीं कर पाया। व्यावसायिक बाजार में भी ग्रोक न केवल सरकारी क्षेत्र बल्कि निजी बाजार में भी पिछड़ रहा है।
एक तकनीकी अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार कॉर्पोरेट क्षेत्र में ग्रोक का उपयोग लगातार घट रहा है। पहले हजार उपयोगकर्ताओं में पांच लोग ग्रोक का इस्तेमाल करते थे, अब यह संख्या घटकर दो तक सीमित है। साथ ही ग्रोक उपयोगकर्ता चैटजीपीटी उपयोगकर्ताओं की तुलना में आधा भी समय इस एप में व्यतीत नहीं करते। यह स्पष्ट संदेश देता है कि ग्रोक एआई अमेरिकी कॉर्पोरेट और सरकारी बाजार की मुख्यधारा में सफलतापूर्वक प्रवेश नहीं कर पाया है। एआई बाजार में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई बहुत आगे हैं, जबकि एक्सएआई पीछे है।
यूरोपीय संघ ने नेपाल की वायुसेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखे हैं। उच्च अधिकारियों ने कहा है कि प्रमुख चिंताओं को संबोधित करने वाला कानून संभवतः एक महीने के भीतर संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। मंगलवार को यूरोपीय संघ से संबद्ध देशों के गैरआवासीय राजदूतों और मिशन प्रमुखों ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के साथ समूहवार बैठक की। पिछले दो दिनों में ईयू के 22 राजदूतों और मिशन उप प्रमुखों ने परराष्ट्र मंत्री शिशिर खनाल, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री खड्कराज पौडेल और शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल से मुलाकात की। परराष्ट्र मंत्रालय ने बताया कि सरकार “सक्रिय रूप से सुधारात्मक कार्य कर रही है” तथा ईयू की हवाई सुरक्षा सूची के तहत नेपाली वायुसेवाओं पर लगाया गया प्रतिबंध हटाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह और ईयू सदस्य देशों के राजदूतों के बीच मुलाकात सत्ता संभालने के बाद 25 चैत को नेपाल में तैनात विभिन्न देशों के राजदूतों और कूटनीतिक मिशन प्रमुखों के साथ समूह बैठक के बाद हुई। प्रधानमंत्री शाह ने मंगलवार को यूरोपीय यूनियन (ईयू) से जुड़े गैरआवासीय राजदूत और मिशन प्रमुखों के साथ संयुक्त बैठक की। प्रधानमंत्री कार्यालय के जारी विवरण में उल्लेख किया गया है कि लंबे समय से नेपाल ईयू के समक्ष कालोसूची हटाने के लिए पैरवी कर रहा है, हालांकि इसमें विशेष रूप से इस विषय का जिक्र नहीं था, लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि नई सरकार के गठन के बावजूद नीतिगत निरंतरता बनी रहेगी।
संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहसचिव जयनारायण आचार्य ने कहा कि ईयू के संबंधित क्षेत्रों को संबोधित करने के लिए “गहरी” बातचीत हुई है। “संवाद में फिलहाल कोई अवरोध नहीं है। विशेष रूप से हमारे नागरिक उड्डयन अधिनियम में संशोधन आवश्यक है। हम नियामक निकाय और संचालन निकाय को अलग करने की तैयारी में हैं और इसके लिए कानूनी मसौदा बन चुका है। मंत्रालय नियामक निकाय बनाने के लिए तैयार है,” उन्होंने कहा।
ईयू प्रतिनिधि के साथ हुई बैठकों में उन्होंने कहा, “संचार, कूटनीतिक दबाव और आवश्यक सुधारों के सभी पक्षों पर चर्चा हुई है और प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।” विशेषज्ञों के अनुसार, ईयू की सुरक्षा सूची में नेपाली वायुसेवाओं को शामिल करने से विश्व स्तर पर यह संदेश गया है कि नेपाल का हवाई सुरक्षा स्तर कमजोर है। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के पूर्व महानिर्देशक राजकुमार क्षेत्री ने कहा, “हम यूरोप के लिए कोई विमान नहीं भेज सकते। भविष्य में जो भी नई कंपनियां आएंगी वे भी यूरोप नहीं जा पाएंगी। इस कारण यूरोप से नेपाल भी कोई विमान आने नहीं दिया जा रहा है।”
कैप्शन: 24 जुलाई 2024 को काठमाडौं के त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सौर्या एयरलाइंस के दुर्घटनाग्रस्त विमान के मलबे, और पास में लोग खड़े हैं।लेख जानकारी
यूरोपीय संघ ने नेपाल के एयरलाइंस पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने के लिए कूटनीतिक प्रयास लगातार जारी रखे हैं। अधिकारियों ने इस बात का संकेत दिया है कि प्रमुख चिंताओं को संबोधित करने वाला कानून संसद में एक महीने के भीतर प्रस्तुत किया जा सकता है।
मंगलवार को यूरोपीय संघ से संबंधित देशों के गैर-निवासी राजदूत और मिशन प्रमुखों ने प्रधानमंत्री वलेन्द्र शाह के साथ समूह बैठक की।
पिछले दो दिनों में 22 यूरोपीय संघ के राजदूत और उप-मिशन प्रमुखों ने विदेश मंत्री शिशिर खनाल, संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री खड्गराज पौडेल, तथा शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल से मुलाकात की।
परराष्ट्र मंत्रालय ने सरकार की “सुधारों में सक्रिय रूप से काम करने” पर जोर देते हुए यूरोपीय संघ की उड़ान सुरक्षा सूची में शामिल नेपाल के एयरलाइंस पर लगे प्रतिबंध हटाने पर बल दिया है।
प्रधानमंत्री वलेन्द्र शाह और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के राजदूतों के बीच बैठक
तस्वीर स्रोत, RSS
कैप्शन: प्रधानमंत्री वलेन्द्र शाह ने मंगलवार को यूरोपीय संघ के विभिन्न देशों के राजदूतों से चर्चा की।
पावर संभालने के बाद वैशाख 10 (चैत 25) को प्रधानमंत्री शाह ने नेपाल में विभिन्न देशों के राजदूतों और कूटनीतिक मिशन प्रमुखों के साथ संयुक्त बैठकें एवं संवाद आयोजित किए हैं। मंगलवार को उन्होंने यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के गैर-निवासी राजदूतों और मिशन प्रमुखों के साथ संयुक्त बैठक की।
प्रधानमंत्री सचिवालय के जारी बयान में नेपाल को यूरोपीय संघ की ब्लैकलिस्ट से हटाने के लंबे समय से चल रहे प्रयास का विशेष उल्लेख नहीं किया गया है, पर नए सरकार गठन के बाद भी नीति निरंतरता की पुष्टि की गई है।
“नया होने का मतलब अतीत से पूरी तरह अलग होना नहीं है। हम स्पष्ट, स्थिर और पूर्वानुमान योग्य नीतिगत दिशा सुनिश्चित करने, लोकतांत्रिक मूल्य संरक्षित करने और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं,” सचिवालय ने प्रधानमंत्री के बयान का उद्धरण दिया है।
प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि नेपाल ने संतुलित और व्यावहारिक कूटनीति अपनाई है और पड़ोसी, कूटनीतिक साझेदारों और मित्र राष्ट्रों के साथ संबंध पारस्परिक सम्मान, संप्रभुता, समानता और साझा समृद्धि के सिद्धांतों पर आधारित होंगे।
पहले यूरोपीय संघ की एक टीम ने विदेश मंत्री और संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्री के साथ लगभग 12 वर्षों से लागू प्रतिबंधों पर चर्चा की थी।
पिछले वर्ष दिसंबर से लागू यूरोपीय संघ की अपडेटेड ब्लैकलिस्ट में लगभग 20 नेपाली विमान और हेलीकॉप्टर कंपनियां प्रतिबंधित हैं।
ब्लैकलिस्ट हटाने के लिए सरकार किन कदमों पर काम कर रही है?
तस्वीर स्रोत, EU in Nepal/X
कैप्शन: यूरोपीय संघ के राजदूतों की टीम पर्यटन मंत्रियों के साथ बैठक में।
संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सह सचिव जयनारायण आचार्य ने बताया कि गहन संवाद हुआ है और यूरोपीय संघ की चिंताओं को संबोधित करने का प्रयास जारी है।
“वर्तमान में संवाद में कोई बाधा नहीं है। विशेष रूप से नागरिक उड्डयन कानून में संशोधन आवश्यक है। हम नियामक और संचालन निकाय को अलग-अलग करने की तैयारी कर रहे हैं, और इसके लिए विधेयक तैयार किया गया है। मंत्रालय नियामक संस्था स्थापित करने के लिए तैयार है,” उन्होंने कहा।
दैनिक संचालन और नियामक निकाय को अलग करना न्यायसंगतता के लिए आवश्यक है और इससे उड़ान सुरक्षा मजबूत होगी, उन्होंने स्पष्ट किया।
उन्होंने यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों को बताया, “संवाद, कूटनीतिक पहल और आवश्यक सुधारों पर चर्चा जारी है और प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।”
माघ 2081 (जनवरी/फरवरी 2025) में सरकार ने सिविल एविएशन प्राधिकरण को केवल नियामक बनाने वाला संरचनात्मक विधेयक प्रतिनिधि सभा में पेश किया था।
परंतु संसद विघटन के कारण वह विधेयक निष्क्रिय हो गया।
आचार्य जी पर्यटन मंत्रालय के प्रवक्ता भी हैं, उन्होंने कहा, नया नियम और नागरिक उड्डयन कानून तैयार है और संभवत: इसी महीने इसे संसद में पेश करने की योजना है।
ब्लैकलिस्ट में शामिल होने के बाद नेपाल पर क्या प्रभाव पड़ा है?
तस्वीर स्रोत, MOFA Nepal
विशेषज्ञों के अनुसार, यूरोपीय संघ की सुरक्षा सूची में नाम बनी रहने से विश्व स्तर पर नेपाल की उड्डयन सुरक्षा गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
पूर्व सिविल एविएशन प्राधिकरण महानिदेशक राजकुमार क्षेत्री ने कहा, “हम यूरोप को कोई विमान भेज नहीं सकते। भविष्य में नए एयरलाइंस को भी यूरोप के लिए उड़ान की अनुमति नहीं मिलेगी। नतीजतन, यूरोप से नेपाल के लिए आने वाली उड़ानें भी रुक जाएंगी।”
उन्होंने आगे कहा, “ब्लैकलिस्ट हटाने के लिए पहल हो रही है और जल्दी समाधान की उम्मीद है।”
“यूरोप से सीधी उड़ान न होने से मध्य पूर्व या गल्फ देशों से वायुयान परिवहन हो रहा है, जिससे टिकट की कीमतें बढ़ रही हैं। यदि प्रति माह कम से कम एक बार यूरोप से या यूरोप की ओर सीधी उड़ान होती तो नेपाल को बड़ा लाभ होता,” उन्होंने बताया।
साल 2023 सितंबर में यूरोपीय संघ की उड़ान सुरक्षा एजेंसी ने नेपाल में उड्डयन सुरक्षा की स्थिति का ऑन-साइट मूल्यांकन और समीक्षा की थी।
नेपाल के उड्डयन क्षेत्र में उड़ान संचालन, कानूनी पूर्वाधार और दुर्घटना जांच जैसे पहलुओं पर अध्ययन किया गया था।
सिविल एविएशन प्राधिकरण के अधिकारियों की प्रतिक्रिया
तस्वीर स्रोत, RSS/File photo
सोमवार को मंत्रिपरिषद ने पर्यटन मंत्रालय के सह सचिव मुकेश डंगोल को नए सिविल एविएशन प्राधिकरण (CAAN) के महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया है।
अध्यक्षीय उपप्रमुख ज्ञानेन्द्र भुल ने कहा, “कुछ प्रगति हुई है, लेकिन प्राधिकरण नियामक और सेवा प्रदाता दोनों भूमिकाएं निभा रहा है। एयरपोर्ट प्रबंधन और प्रमाणपत्र प्रदान करने के काम एक ही संस्था के पास होने से निष्पक्षता प्रभावित होती है। हम हवाई दुर्घटनाओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
“कर्मचारी नियमावली में सुधार से प्रगति दिखती है, पर अभी और सुधारों की जरूरत है, इसलिए हम अभी भी सुरक्षा सूची से बाहर नहीं आ पाए हैं,” उन्होंने जोड़ा।
नए महानिदेशक की नियुक्ति और नियामक निकाय अलग करने की योजना के साथ कूटनीतिक प्रयास जारी होने से समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
यूरोपीय संघ ने विमान दुर्घटना, जनशक्ति की कमी और प्रशिक्षण की कमी को प्रतिबंधों के मुख्य कारण बताया है।
सेवा और नियम पालन में कर्मचारियों के बीच टकराव और संसाधनों की कमी से दुर्घटना जांच की क्षमता कमजोर हुई है।
अंतर्राष्ट्रीय सिविल एविएशन संगठन (ICAO) ने 2013 में नेपाल को अपनी “गंभीर सुरक्षा चिंताओं” सूची से हटा दिया था।
उड्डयन सुरक्षा फाउंडेशन के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 80 वर्षों में नेपाल में 75 विमान दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 896 लोग मारे गए।
पिछले वर्ष प्रचारित नेपाल संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अध्ययन के अनुसार विक्रम संवत 2012 से 105 विमान दुर्घटनाएं हुई हैं और 934 लोग मारे गए हैं।
पुस 2046 से पुस 2080 (लगभग 1989 के अंत से 2023 के अंत तक) के बीच नेपाल में 52 दुर्घटनाएं हुईं जो विश्व के 207 देशों में दुर्घटना की गंभीरता में 33वें और मानव हानि में 12वें स्थान पर हैं।
इसी अवधि में 63 वर्षों में 40 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं हुईं जिसमें 92 लोगों की मौत हुई।
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‘क्लाइमेट स्मार्ट सिटीज’ परियोजना के अंतर्गत काठमांडू और चितवन के २० सरकारी विद्यालयों को अनुदान प्रदान किया गया है। १२ जेठ, काठमांडू। इस परियोजना के मुख्य साझेदार संस्था एनिमल नेपाल ने विद्यार्थियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, कूड़ा प्रबंधन और मानव–जानवर–पर्यावरण के बीच सम्बंधों के बारे में जनचेतना बढ़ाने का कार्य किया है। एनिमल नेपाल लंबे समय से पशु कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय होकर काम कर रहा है, हालांकि इस वर्ष काठमांडू, भक्तपुर और ललितपुर के कुछ विद्यालयों के बाल क्लब समितियों के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया गया है।
इस परियोजना के अंतर्गत विद्यालयों में कंपोस्ट खाद उत्पादन, विद्यालय परिसर की सफाई, फूलों के पौधे लगाना, विद्यालय की दीवारों पर संदेशात्मक चित्र बनाना जैसे गतिविधियाँ संचालित की गई हैं। एनिमल नेपाल ने एक वर्ष के कार्यों की समीक्षा हेतु एक कार्यक्रम भी आयोजित किया। इस कार्यक्रम में सहभागी विद्यालयों के शिक्षक, बाल क्लब समिति सदस्य और अभिभावकों ने संस्था के कार्यों को अत्यंत सफल और उपलब्धिपूर्ण बताया। अभिभावकों ने बताया कि बच्चों में घर पर भी सड़ने वाले और न सड़ने वाले कूड़ा अलग-अलग संग्रह करने की आदत विकसित हुई है।
संस्था ने बाल क्लब समितियों को पानी पीने की बोतल, कैप टोपी, झोला, विभिन्न स्टेशनरी सामग्री और गार्डन की सफाई के लिए आवश्यक उपकरण भी वितरित किए थे। परियोजना के मुख्य साझेदार एनिमल नेपाल की कार्यक्रम संयोजक सुलक्षणा राणा के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना, जानवरों के प्रति की जाने वाली क्रूरता पर मानसिक प्रभाव कम करना और बच्चों में करुणा तथा समानुभूति की भावना विकसित करना है। क्रिएशन नेपाल के नेतृत्व में संचालित इस परियोजना में प्रत्येक विद्यालय में ‘क्लाइमेट स्मार्ट क्लब’ का गठन किया गया और विद्यार्थियों को नेतृत्व की भूमिका दी गई।
विद्यार्थी स्वयं योजना बनाकर पेड़ लगाना, कूड़ा वर्गीकरण, डस्टबिन प्रबंधन, नाटक प्रदर्शन और समुदाय की सफाई जैसे गतिविधियां आयोजित कर रहे हैं। इस प्रकार के विद्यार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण से बच्चों की नेतृत्व क्षमता का विकास होगा और दीर्घकालीन रूप से पर्यावरण संरक्षण तथा पशु प्रति सहानुभूति बढ़ाने की अपेक्षा की जा रही है।
सर्लाही के पर्सा गाउँपालिका–२ संग्रामपुर स्थित नेपाल-भारत सीमा के दशगजा इलाके में लगभग 50 वर्ष के पुरुष का बेवारिसे शव मिला है।
शव के पास मदिरा और भारतीय रुपये पाए गए हैं, शव का परीक्षण के लिए प्रादेशिक अस्पताल मलंगवा भेजा गया।
12 जेठ, सर्लाही। सर्लाही के पर्सा गाउँपालिका–२ संग्रामपुर इलाके में नेपाल-भारत सीमा के नजदीक दशगजा क्षेत्र में एक पुरुष का बेवारिसे शव मिला है।
जिला पुलिस कार्यालय सर्लाही के प्रवक्ता व डीएसपी सरोज राई के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 4 बजे सीमा स्तम्भ संख्या 317/2 के पास दशगजा के डिल में नेपाल की ओर लगभग 50 वर्ष के एक पुरुष का शव मिला है। मृतक का नाम और पहचान अभी तक पता नहीं चल पाई है।
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर बोरे में रखी हुई मदिरा और कुछ भारतीय रुपये भी मिले हैं। स्थानीय लोगों ने शव देखकर पुलिस को सूचित किया था।
पुलिस ने कहा है कि शव का पोस्टमार्टम के लिए प्रादेशिक अस्पताल मलंगवा भेजने की तैयारी की जा रही है और इस संबंध में आगे जांच चल रही है।