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लेखक: space4knews

अमेरिकी विदेशमंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे से दिल्ली–वाशिंगटन संबंधों में बदलाव होगा?

समाचार सारांश: अमेरिकी विदेशमंत्री मार्को रुबियो चार दिवसीय औपचारिक दौरे पर भारत पहुंचे हैं और उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत की है। इरान युद्ध से उत्पन्न ऊर्जा संकट को कम करने के लिए अमेरिका ने भारत को अपने ऊर्जा बाजार से तेल की खरीद बढ़ाने और द्विपक्षीय व्यापार घाटा कम करने का प्रस्ताव दिया है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव का संतुलन बनाए रखने के लिए अमेरिका और भारत रक्षा, प्रौद्योगिकी और ‘क्वाड’ गठबंधन के तहत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की योजना बना रहे हैं। १२ जेठ, काठमांडू। इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ नई दिल्ली का दौरा कर चुके हैं। वे अपनी यात्रा के दौरान स्पष्ट कर चुके थे, ‘हम भारत के साथ २० साल पहले चीन के साथ की गई गलतियों को दोहराएंगे नहीं।’ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो फिलहाल नई दिल्ली में हैं। पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला आधिकारिक दौरा है। हर बैठक में उनकी मौजूदगी का चीन से तुलना कर के विश्लेषण किया जा रहा है। अमेरिका पहले भी उभरती एशियाई शक्ति भारत का समर्थन कर चुका है, लेकिन हाल के समय में धोखा मिलने का अनुभव भी हुआ है। भारत के चार दिवसीय औपचारिक दौरे के दौरान रुबियो और प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर वार्ता की। रुबियो शनिवार सुबह भारत के पूर्वी शहर कोलकाता से राजधानी दिल्ली पहुंचे थे। दौरे के मध्य जयपुर और आगरा के दौरे भी सफलतापूर्वक पूरे किए। यह बैठक दो बड़ी एशियाई शक्तियों के बीच संतुलन स्थापित करने के अमेरिकी प्रयास का उत्साहजनक उदाहरण माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने चीन के साथ संबंधों को ‘जी-टू’ (दो महाशक्तियों का केंद्र) कहा था, और कुछ दिनों के भीतर रुबियो भारत आए। बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस दौरे का निमंत्रण दिया है। मोदी ने कहा कि शांति और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। इसके अतिरिक्त, इरान युद्ध से उत्पन्न विश्वव्यापी ऊर्जा संकट ने भारत को गहरा प्रभावित किया है, इस संदर्भ में संवाद अर्थपूर्ण माना जाता है। भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं का ८० प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात पर निर्भर है। इस युद्ध ने भारत को भारी आर्थिक बोझ और चुनौतियों से जूझना पड़ा है। भारत के आयात किए गए कच्चे तेल का लगभग आधा हिस्सा हर्मुज जलमार्ग से आता था। संवेदनशील समय में दोनों देशों के नेताओं की बातचीत रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। रुबियो ने मोदी के साथ मध्य पूर्व क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की। बैठक के बाद रुबियो के प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका इरान को विश्व ऊर्जा बाजार में बाधा पहुंचाने से नहीं रोकेगा। उन्होंने अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन में भारत की ऊर्जा विविधीकरण क्षमता पर भी जोर दिया। यात्रा से पहले मियामी में रुबियो ने पत्रकारों से कहा, ‘हम भारत को जितना तेल खरीदना चाहे उतना बेचने के लिए तैयार हैं।’ उन्होंने वेनेजुएला के तेल संभावनाओं पर भी बातचीत की। अमेरिका भारत को अपनी ऊर्जा बाजार से जोड़ना चाहता है, विशेष रूप से तब जब भारत रूस और इरान से आयात पर निर्भर है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार दिल्ली भी अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाने का इच्छुक है, जो दोनों देशों के व्यापार घाटे को कम करेगा। भारतीय पक्ष पर अभी व्यापार घाटा है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए चिंता का विषय है। २०२५ में भारत के साथ अमेरिकी माल व्यापार घाटा ५८.२ अरब डॉलर पहुंच गया, जो २०२४ की तुलना में २७.१ प्रतिशत अधिक है। लेकिन आयात कम होने के बावजूद अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाना तार्किक नहीं दिखता। भारत को इससे महंगी ऊर्जा आपूर्ति का खतरा भी हो सकता है। ‘क्वाड’ से जुड़ी वार्ता में रुबियो के चार दिवसीय दौरे कार्यक्रम में ‘क्वाड्रिलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग’ (क्वाड) के सदस्यों के साथ चर्चा भी शामिल थी। यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का सामंजस्यपूर्ण गठबंधन है। २०२५ के मध्य में अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर ५० प्रतिशत तक अधिक टैरिफ लगाया था, जिसमें २५% पारस्परिक टैरिफ और रूस से तेल खरीद पर २५% दंडात्मक टैरिफ शामिल है। फरवरी २०२६ में इसे घटाकर १८% कर दिया गया। अमेरिका के इस टैरिफ ने भारत-अमेरिका संबंधों में ठंडक ला दिया। नई दिल्ली ने रूस से तेल खरीद जारी रखी, जिसके कारण अमेरिका ने आंशिक रूप से यह कदम उठाया, जिससे भारतीय अधिकारियों में नाराजगी और वाशिंगटन की विश्वसनीयता पर चिंता उत्पन्न हुई। हाल के समय में व्यापार समझौता हुआ है, जिससे कुछ शुल्क घटा है और अमेरिकी उत्पादों की भारत में खरीद बढ़ी है। बड़े व्यापार समझौते तक पहुंचने के लिए वार्ता अभी जारी हैं। तनाव के बीच भी भारत और अमेरिका रक्षा और प्रौद्योगिकी में अपने संबंध मजबूत बनाए रखे हैं। वाशिंगटन भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन को संतुलित करने वाली प्रमुख शक्ति मानता है। जयशंकर के साथ बैठक में रुबियो ने भारत को वाशिंगटन के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारों में से एक बताया। उन्होंने जल्द ही द्विपक्षीय व्यापार समझौता अंतिम करने का भरोसा जताया। मंगलवार को भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों के साथ भी क्वाड की भूमिका पर चर्चा होगी। ये देश क्वाड गठबंधन के सदस्य हैं। चीन ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपने सैन्य और आर्थिक प्रभाव को बढ़ाया है, जिससे समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय रणनीति के लिए क्वाड प्रभावशाली मंच बन गया है। क्वाड दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियों की बार-बार आलोचना करता है और विवादित क्षेत्र में सैन्यीकरण का आरोप लगाता है। चीन का मानना है कि क्वाड उसका उदय रोकने का प्रयास करता है। पाकिस्तान के पेचीदा मामले में इरान युद्ध के दौरान इरान और अमेरिका को ‘इस्लामवाद समझौते’ की मेज पर लाने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनि की सक्रिय भूमिका रही, जिससे भारत में असंतोष बढ़ा। ट्रम्प मुनि के प्रति सकारात्मक थे और उन्हें पसंदीदा फील्ड मार्शल कहा। लेकिन यह विषय भारत को नाखुश करता है। इरान और अमेरिका के बीच शांति मध्यस्थता में पाकिस्तान के प्रयास ने इस्लामवाद और वाशिंगटन के करीब आने का संकेत दिया है। पाकिस्तान से लंबे सीमाएं होने के कारण अमेरिका रणनीतिक रूप से पाकिस्तान को नजदीक रखना चाहता है। रुबियो इस दौरे में पाकिस्तान पर सार्वजनिक टिप्पणी कम कर सकते हैं। दिल्ली में उनकी बातचीत में पाकिस्तान से जुड़ी बातें बंद कमरे में सीमित रहने की संभावना है। अमेरिका के लिए भारत क्यों महत्वपूर्ण है? अमेरिकी कूटनीतिज्ञों का मानना है कि चीन की तुलना में भारत के साथ सहयोग अधिक सहज होगा। वैश्वीकरण में अमेरिकी अविस्वास ने बीजिंग को अमेरिकी औद्योगिक आधार कमजोर करने का मौका दिया। उम्मीद थी कि चीन लोकतांत्रिक बनेगा और वैश्विक स्थिरता में योगदान देगा, लेकिन चीन की शक्ति और महत्वाकांक्षा नजरअंदाज की गई, जिससे अमेरिका को चुनौती मिली। चीन इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आक्रामक रहा है और विश्व व्यापार संगठन का दुरुपयोग किया है। बिल ड्रेक्सेल ने ‘द डिप्लोमैट’ में लिखा है, ‘चीनी सरकार लगातार उग्र कूटनीति (वुल्फ–वारियर डिप्लोमेसी) कर रही है, लेकिन लंबे समय तक इसे नजरअंदाज किया गया।’ चीन ने अपने आंतरिक सिस्टम को उदार नहीं बनाया और अंतरराष्ट्रीय प्रणाली में साझेदार नहीं बना। अमेरिका इसे सबसे शक्तिशाली राजनीतिक और आर्थिक प्रतिस्पर्धी मानता है। कई विश्लेषकों को डर है कि भारत भी चीन के मार्ग पर चल सकता है। चीन की उत्पादन क्षमता और रणनीतिक लाभ स्पष्ट हैं और भारत भी अपनी औद्योगिक आधार मजबूत करने की आकांक्षा रखता है। प्रधानमंत्री मोदी की आक्रामक शैली ने चिंताएं बढ़ाई हैं। बिल ड्रेक्सेल ने कहा है कि भारत सांस्कृतिक और संरचनात्मक रूप से वैश्विक व्यवस्था में सुधारवादी शक्ति है। ‘नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय व्यापार और संस्थाओं का दुरुपयोग नहीं करती। भारत में न्यायिक निगरानी है और उद्योगों के पक्षपात के खिलाफ कानूनी प्रतिबंध हैं। ये व्यवस्था पूरी तरह से विकसित नहीं हैं लेकिन निरंकुश नियंत्रण से अलग हैं। भारत में व्यवसाय को बड़े सरकारी अनुदान देने का चलन नहीं है,’ उन्होंने लिखा है।

प्रतियोगिता के लिए अनुमति अनिवार्य: त्रिभुवन विश्वविद्यालय ने क्यान के साथ समझौता विस्तार प्रक्रिया शुरू की

त्रिभुवन विश्वविद्यालय ने नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) के साथ बातचीत कर त्रिवि क्रिकेट मैदान के समझौता विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। त्रिवि क्रिकेट मैदान का २५ वर्ष का पट्टा समझौता क्यान के साथ वैशाख महीने में समाप्त हो चुका था। रजिस्ट्रार महानन्द चालिसे ने कहा कि विश्वविद्यालय की सहमति लेना और खेल कार्यक्रम प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

क्यान के साथ समझौता समाप्त होने के बाद त्रिवि ने मैदान खाली कराने के लिए नोटिस भेजा था। लेकिन शिक्षा तथा खेलकुद मंत्री सस्मित पोखरेल द्वारा सार्वजनिक रूप से क्यान के साथ समझौता विस्तार की घोषणा के बाद त्रिवि ने लचीलापन दिखाया। रजिस्ट्रार चालिसे के अनुसार, विद्यालय से सहमति लेने के बाद ही प्रतियोगिता के लिए समझौता किया जाएगा।

‘अन्य विकल्प न होने तक विश्वविद्यालय से अनुमति लेकर ही प्रतियोगिता करनी होगी। क्यान को पहले खेल कार्यक्रम बनाकर विश्वविद्यालय को पेश करना होगा और अनुमति मिलने के बाद ही प्रतियोगिता आयोजित होगी,’ उन्होंने बताया, ‘विश्वविद्यालय में क्रिकेट से अधिक पढ़ाई-लिखाई को प्राथमिकता दी जाती है।’ २५ वर्षों के समझौते पर आधारित त्रिवि क्रिकेट मैदान के पट्टे का क्यान के साथ समझौता वैशाख में समाप्त हो चुका है। क्यान ने समझौता विस्तार के लिए शिक्षा मंत्रालय में आवेदन भी किया है।

दुर्गा प्रसाईं छुटे – Online Khabar

दुर्गा प्रसाईं को साधारण जमानत पर रिहाई

पर्सा अदालत के आदेश के अनुसार, मेडिकल व्यवसायी दुर्गा प्रसाईं को साधारण जमानत पर रिहा कर दिया गया है। पुलिस टीम ने उन्हें वीरगंज स्थित होटल दियालो से गिरफ्तार किया था और साइबर तथा राज्य-विरोधी मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया था। १२ जेठ, काठमाडौं।

जिल्ला पुलिस कार्यालय पर्सा के डीएसपी हरि बस्नेत के अनुसार, अदालत के आदेश के बाद वह रिहा हुई हैं। दुर्गा प्रसाईं कुछ दिन पहले वीरगंज के होटल दियालो से गिरफ्तार हुई थीं। उन पर साइबर और राज्य-विरोधी आरोपों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी।

रास्वपा सांसद ने किसान पेन्सन योजना लागू करने की मांग की

राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के सांसद अरविंद साह ने प्रतिनिधि सभा में किसान पेन्सन योजना लागू करने की मांग की है। उन्होंने रासायनिक उर्वरक की उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं और कृषि में विद्युतिकरण के लिए बजट प्रावधान करने हेतु सरकार का ध्यान आकर्षित किया। १२ जेठ, सोमवार को काठमांडू में प्रतिनिधि सभा के शून्य समय में बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘कृषि बीमा सहित मलखाद की सुनिश्चितता की जानी चाहिए। इसके साथ ही किसान पेन्सन योजना भी लागू की जाए।’

सांसद साह ने बताया कि सरकार ने धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित कर दिया है और रासायनिक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए काम करना आवश्यक है। उन्होंने उन क्षेत्रों में जहां सिंचाई सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं, वहां सेवा प्रदान करने के लिए बजट का प्रावधान किया जाना चाहिए तथा कृषि क्षेत्र में विद्युतिकरण विषय पर भी ध्यान देना चाहिए। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक क्यों जीवित रहती हैं

महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक क्यों जीवित रहती हैं

विश्वभर महिलाओं की आयु पुरुषों की तुलना में लगभग पाँच वर्षों से अधिक होती है। जीवनशैली और आदतों में अंतर के अलावा, महिलाओं और पुरुषों के बीच कुछ जैविक एवं विकासात्मक अंतर भी मौजूद हैं, जिन्हें वैज्ञानिकों ने महिलाओं के पुरुषों की तुलना में अधिक जीवन काल के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण माना है। यह प्रवृत्ति केवल मानव जाति तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य स्तनधारी प्रजातियों में भी मादा जीवों के अधिक जीवित रहने के उदाहरण पाए जाते हैं, जो उन्होंने उजागर किए हैं।

फिफा विश्व कप और मेजर लीग क्रिकेट अमेरिका में एक साथ होंगे

आगामी २०२६ के जून-जुलाई महीनों में अमेरिका में फिफा विश्व कप और मेजर लीग क्रिकेट एक साथ आयोजित होने वाले हैं। दोनों प्रतियोगिताओं के फाइनल मैच २०२६ के १९ जुलाई को एक ही दिन खेले जाएंगे। विश्व कप के मैच कैलिफोर्निया के लेवाइस स्टेडियम में होंगे, जबकि क्रिकेट के मैच ऑकलैंड कोलिसियम में आयोजित किए जाएंगे। १२ जेठ, काठमाडौं।

आगामी जून-जुलाई में अमेरिका में दो बड़े खेल आयोजन एक साथ चलेंगे। फिफा विश्व कप २०२६ के दौरान मेजर लीग क्रिकेट २०२६ भी शुरू होगा, जिससे उत्तरी अमेरिका में खेल का माहौल और भी रोमांचक बनेगा। मेजर लीग क्रिकेट का चौथा संस्करण १९ जून से शुरू होकर १९ जुलाई तक चलेगा। इस दौरान फिफा विश्व कप भी जारी रहेगा, जिससे दोनों प्रतियोगिताओं के बीच दर्शकों, प्रायोजकों और स्टेडियम के उपयोग को लेकर प्रतिस्पर्धा होगी।

फिफा विश्व कप हर चार साल में एक बार आयोजित होता है और इसे विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है, इसलिए इसका माहौल मुख्य रूप से फुटबॉल पर केंद्रित रहेगा। इसका सबसे रोचक पहलू १९ जुलाई को देखने को मिलेगा, जब फिफा विश्व कप का फाइनल और मेजर लीग क्रिकेट का फाइनल एक ही दिन होंगे। मेजर लीग क्रिकेट की अनुसूची में कोई बदलाव नहीं होने पर उसी दिन क्रिकेट का फाइनल भी खेला जाएगा। दोनों प्रतियोगिताएं अमेरिका के शाम के समय प्रसारित होंगी, जिससे टेलीविजन दर्शकों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी।

साथ ही प्रायोजक कंपनियों को अपने निवेश को इन दोनों बड़े आयोजनों में बांटना होगा। आयोजकों ने प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए खेल स्थलों को अलग-अलग रखा है। कैलिफोर्निया के सांता क्लारा में स्थित लेवाइस स्टेडियम में विश्व कप के मैच होंगे, जबकि क्रिकेट के मैच ऑकलैंड में ऑकलैंड-अल्मेडा काउंटी कोलिसियम में आयोजित किए जाएंगे। यहाँ मेजर लीग क्रिकेट के ११ मुकाबले, प्लेऑफ और फाइनल आयोजित किए जाएंगे।

श्रम संस्कृतिका सांसदको प्रश्न– जिबी राई कहिले पक्राउ पर्छन् ?

श्रम संस्कृति पार्टी के सांसद के प्रश्न – जिवी राई कब गिरफ्तार होंगे?

समाचार सारांश श्रम संस्कृति पार्टी के सांसद आरेन राई ने सहकारी ठगी के आरोपी जिवी राई कब गिरफ्तार होंगे, यह प्रश्न प्रतिनिधि सभा में उठाया। उन्होंने प्रतिनिधि सभा की बैठक में बंदर प्रबंधन, सुकुम्वासी समस्या समाधान और सहकारी पीड़ितों की बचत वापस करने के विषय में सरकार का ध्यान आकर्षित कराया। सांसद राई ने सहकारी में डूबे पैसे की बचतकर्ताओं को कब और कैसे वापसी होगी, इस पर किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने का आग्रह किया। १२ जेठ, काठमांडू।

सहकारी ठगी में संलिप्त होने के आरोप में जिवी राई कब गिरफ्तार होंगे? संसद में ऐसा सवाल उठाया गया है। श्रम संस्कृति पार्टी के सांसद आरेन राई ने सरकार से इस बारे में प्रश्न किए। सोमवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘बंदर प्रबंधन कब होगा सरकार? सुकुम्वासी और अव्यवस्थित बसने वालों को सरकार कब ऐसा अनुभव कराएगी कि उनकी देखभाल हो रही है? जिवी राई कब गिरफ्तार होंगे?’

सहकारी में डूबे पैसे की बचतकर्ताओं को वापसी होनी चाहिए, लेकिन सरकार किस आधार पर भुगतान करेगी, इस विषय पर भी उन्होंने प्रश्न उठाए। किसानों की समस्याओं को तत्काल व्यवहारिक रूप में समाधान करने का उन्होंने आग्रह किया। सड़क योजनाओं की स्थिति पर भी ध्यान देने का सुझाव दिया।

मधेश के पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु गण्डकी यात्रा सफलतापूर्वक सम्पन्न

समाचार सारांश

विश्लेषण के बाद तैयार।

  • मधेश प्रदेश के होटल तथा पर्यटन व्यवसायी ‘घुमौं मधेश, बुझौं प्रदेश’ अभियान के तहत गण्डकी प्रदेश की यात्रा पर गए।
  • यह यात्रा जेठ 28 से 31 तक आयोजित ‘मधेश टूरिज्म मार्ट’ में गण्डकी के व्यवसायियों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से की गई थी।
  • भ्रमण दल ने बन्दीपुर, पोखरा और सौराहा के स्थानीय व्यवसायियों से मधेश के पर्यटन क्षेत्र के प्रचार-प्रसार पर विचार विमर्श किया।

12 जेठ, बारा। मधेश प्रदेश के होटल और पर्यटन व्यवसायियों ने ‘घुमौं मधेश, बुझौं प्रदेश’ के नारे के साथ गण्डकी प्रदेश की सफल यात्रा पूरी की है। यह यात्रा जेठ 8 से शुरू होकर सोमवार को समाप्त हुई।

जेठ 28 से 31 तक मधेश में आयोजित होने वाले ‘मधेश टूरिज्म मार्ट’ में पोखरा सहित गण्डकी प्रदेश के विभिन्न पर्यटन व्यवसायियों को शामिल करने के उद्देश्य से यह गण्डकी यात्रा आयोजित की गई है, यह जानकारी नेपाल एसोसिएशन ऑफ टूर्स एंड ट्रैवल एजेंट्स (नाट्टा) मधेश प्रदेश के अध्यक्ष मोहन शर्मा लामिछाने ने दी।

नेपाल होटल तथा पर्यटन व्यवसायी महासंघ मधेश प्रदेश के नेतृत्व में मधेश के 35 व्यवसायी इस गण्डकी यात्रा में सम्मिलित हुए, महासंघ के अध्यक्ष हिरा गौतम ने बताया। उन्होंने कहा कि बन्दीपुर, पोखरा और सौराहा में स्थानीय व्यवसायियों से मधेश के पर्यटन क्षेत्र के विकास और प्रचार-प्रसार के संबंध में बातचीत की गई।

महासंघ अध्यक्ष गौतम के अनुसार, यात्रा के दौरान गण्डकी के पर्यटन व्यवसायियों के साथ सहयोग स्थापित करते हुए स्वदेशी एवं विदेशी पर्यटकों को मधेश के पर्यटक स्थलों तक पहुँचाने के संभावित उपायों पर भी चर्चा हुई।

भ्रमण दल ने बन्दीपुर में गाउँपालिका अध्यक्ष सुरेन्द्रबहादुर थापा समेत स्थानीय व्यवसायियों से संवाद किया। पोखरा में पोखरा भ्रमण वर्ष 2025/26 के संयोजक गोपीबहादुर भट्टराई तथा सौराहा में क्षेत्रीय होटल संघ के उपाध्यक्ष गुणराज थपलियाक नेतृत्व में स्थानीय व्यवसायियों के साथ अन्तर-प्रदेश पर्यटन प्रचार-प्रसार पर चर्चा की गई।

सप्तरी से लेकर पर्सा तक फैले मधेश के विभिन्न पर्यटक स्थलों के प्रचार-प्रसार हेतु आयोजित होने वाले मधेश टूरिज्म मार्ट में बाराको पर्सा राष्ट्रीय निकुञ्ज, धनुषा का जनकपुरधाम तथा सप्तरी के सखडा भगवती सहित अनेक जगहों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस मार्ट में नेपाल और भारत के विभिन्न शहरों के होटल व्यवसायी, टूर ऑपरेटर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर शामिल होंगे।

नेपाल पर्यटन बोर्ड के आयोजन में, नाट्टा मधेश प्रदेश के संयोजन एवं विभिन्न स्थानीय तह तथा संस्थाओं के सहयोग से होने वाला यह मधेश टूरिज्म मार्ट मधेश प्रदेश के पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, नाट्टा मधेश के अध्यक्ष मोहन शर्मा ने कहा।

सेमिफाइनल की तैयारी: काभा महिला वॉलीबॉल चैंपियनशिप

सेमिफाइनल में खेलने वाली चार टीमों का निर्णय हो चुका है, जबकि समूह चरण के कुछ मैच अभी बाकी हैं। बाकी टीमें अपनी रैंकिंग निर्धारित करने के लिए खेलेंगी, इसलिए सेमिफाइनल १४ जेष्ठ को ही होगा, जिसके लिए दर्शक उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। काठमांडू में चल रही काभा महिला वॉलीबॉल चैंपियनशिप के सेमिफाइनल में आयोजक नेपाल ने पूर्व विजेता ईरान के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने की पुष्टि कर ली है। दूसरे सेमिफाइनल में समूह ‘ए’ की विजेता भारत, समूह ‘बी’ के उपविजेता कजाकिस्तान से मुकाबला करेगी।

प्रतियोगिता में लगातार दो जीत हासिल करते हुए घरेलू टीम नेपाल एफआईवीबी विश्व रैंकिंग में ५४वें स्थान पर आ गया है। १२ जेष्ठ, काठमांडू। काठमांडू में जारी काभा महिला वॉलीबॉल चैंपियनशिप के समूह चरण के समाप्त होते ही सेमिफाइनल के समीकरण पक्के हो गए हैं। इस प्रतियोगिता में सेंट्रल एशिया के ८ दल शामिल हैं, जहां समूह ‘ए’ से भारत समूह विजेता और नेपाल उपविजेता तथा समूह ‘बी’ से ईरान समूह विजेता और कजाकिस्तान उपविजेता बनकर सेमिफाइनल में प्रवेश किए हैं।

मंगलवार को हुए समूह चरण के मैचों में भारत ने किर्गिस्तान को और ईरान ने कजाकिस्तान को सीधे सेटों में हराया, जिससे सेमिफाइनल का पत्ता चल गया है। अब समूह ‘ए’ की विजेता भारत, समूह ‘बी’ के उपविजेता कजाकिस्तान से मुकाबला करेगी, जबकि समूह ‘ए’ की उपविजेता घरेलू टीम नेपाल, समूह ‘बी’ की विजेता ईरान से भिड़ेगी। समूह ‘ए’ में भारत ने तीनों मैच जीतकर ८ अंक जुटाए। भारत और नेपाल के बीच कड़ा मुकाबला पांच सेट तक चला जिसमें अंक बांटने पड़े। नेपाल ने दो जीत और एक हार के साथ ७ अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया।

वहीं, समूह ‘बी’ में ईरान ने कजाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश को सभी मुकाबले ३-० से हराकर ९ अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर काबिज रहा। कजाकिस्तान ने दो जीत से ६ अंक हासिल कर दूसरा स्थान पाया। श्रीलंका को एक जीत और दो हार के साथ ३ अंक मिले, जबकि सभी मैच हारने वाली बांग्लादेश अंक विहीन रही। दोनों समूहों की शीर्ष दो टीमें सेमिफाइनल में पहुंचीं, जबकि निचले दो टीमें अपनी रैंकिंग के आधार पर प्लेऑफ मैच खेलेंगी।

ये सभी मैच समाप्त होने के बाद गुरुवार को सेमिफाइनल मैच होंगे। पहला सेमिफाइनल भारत और कजाकिस्तान के बीच गुरुवार दोपहर २:३० बजे से शुरू होगा, जबकि दूसरा सेमिफाइनल ईरान और नेपाल के बीच गुरुवार शाम ५ बजे से खेला जाएगा। ईरान इस प्रतियोगिता के पूर्व विजेता भी हैं। २०२४ में काभा महिला चैलेंज कप के नाम से काठमांडू से शुरू हुआ यह प्रतियोगिता अपना तीसरा संस्करण है, जिसमें इस बार कुछ नामों में परिवर्तन किया गया है।

पहले संस्करण में केवल चार टीमें शामिल थीं, जहां ईरान ने फाइनल में घरेलू टीम उज्बेकिस्तान को हराकर ट्रॉफी जीती थी। इस बार दो पूर्व विजेता भारत और ईरान, एक बार उपविजेता नेपाल और एफआईवीबी रैंकिंग में सबसे ऊंचे कजाकिस्तान ने भाग लिया है। ये सभी टीमें चैंपियन बनने के इरादे से सेमिफाइनल की तैयारियों में जुटी हैं। नेपाल के मुख्य प्रशिक्षक जगदीश भट्ट ने बताया कि समूह चरण में सभी खिलाड़ियों को मौका दिया गया है और सेमिफाइनल की रणनीति उसी के अनुरूप तैयार की जाएगी।

उन्होंने कहा कि ईरान की टीम गुणवत्ता में उच्च और उनकी रक्षा प्रणाली मजबूत है। सोमवार को कजाकिस्तान को हराकर समूह ‘बी’ की शीर्ष टीम बनने के बाद ईरान की टीम उत्साहित है। घरेलू टीम नेपाल का दर्शकों का समर्थन होने के कारण मुकाबला कुछ चुनौतीपूर्ण रहेगा, ऐसा ईरानी सदस्य सेफिनुड दास्तबार्ज़न ने कहा। उन्होंने काभा महिला वॉलीबॉल चैंपियनशिप को एवीसी कप की तैयारी के रूप में लिया है और बाकी बाकी दो मैच जीतकर ट्रॉफी जीतने का लक्ष्य रखा है। दूसरी ओर, कजाकिस्तान की क्रिस्टिना बेलोवा ने कहा कि अपनी गलती के कारण उन्हें ईरान से हारना पड़ा, लेकिन वे सेमिफाइनल के लिए गलतियां सुधारकर भारत के खिलाफ खेलेंगी।

सेमिफाइनल में पहुंची चार टीमों में एफआईवीबी रैंकिंग में कजाकिस्तान सबसे शीर्ष पर है जबकि भारत सबसे नीचे है। कजाकिस्तान ३६वें, ईरान ४४वें, नेपाल ५४वें और भारत ६२वें स्थान पर हैं। यह प्रतियोगिता एफआईवीबी विश्व रैंकिंग प्राप्त है, जिससे नेपाल ने भी पहले मैच के बाद अपनी रैंकिंग बनाई। भारत के खिलाफ मैच के बाद नेपाल की रैंकिंग ६२वें थी, लेकिन बाद में दो मैच जीतकर वह ५४वें स्थान पर पहुंच गया है।

जगद्गुरु शंकराचार्यद्वारा चन्द्रागिरिस्थित भालेश्वर मन्दिरमा पूजा अर्चना

जगद्गुरु शंकराचार्य ने चन्द्रागिरि भालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की

दक्षिणाम्नाय शृंगेरी शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य श्री विधुशेखर भारती महास्वामी ने चन्द्रागिरि भालेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की है। ‘धार्मिक विजय यात्रा नेपाल–२०२६’ के अवसर पर नेपाल भ्रमण पर आए जगद्गुरु शंकराचार्य का चन्द्रागिरि हिल्स के अध्यक्ष हेमराज ढकाल ने स्वागत किया। चन्द्रागिरि भ्रमण के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य ने भालेश्वर महादेव मंदिर के परिसर में अत्यंत अलौकिक अनुभूति व्यक्त की है। 12 जेठ, काठमाडौँ।

जगद्गुरु शंकराचार्य सोमवार को चन्द्रागिरि पहुँचे थे। उनके साथ आए विशिष्ट अतिथियों का चन्द्रागिरि हिल्स के अध्यक्ष हेमराज ढकाल, संचालक एवं संस्थापक सहित अन्य पदाधिकारियों ने स्वागत किया। इस भ्रमण के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य ने चन्द्रागिरि हिल्स को पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट गंतव्य के रूप में सराहा। उन्होंने भालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में अत्यंत अलौकिक अनुभूति होने की बात कही। उन्होंने यहाँ के वातावरण, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता को सभी के लिए आकर्षक बताया। हरियाली से घिरे पहाड़, ठंडी और शांतिपूर्ण हवा तथा काठमांडू उपत्यका का मनोहारी दृश्य देख केबलकार की सवारी को यादगार अनुभव बताया।

गोरखा मिडियालाई १५ दिन भित्र घर खाली गर्ने आदेश, ग्यालेक्सी टिभीका सामग्री लिलाम गर्ने चेतावनी

१२ जेठ, काठमाडौं । काठमाडौं महानगरपालिकाले गोरखा मिडिया नेटवर्क प्रा.लि.लाई घर खाली गर्न आदेश दिएको छ। महानगरले मंगलबार ‘ग्यालेक्सी फोर के’ टेलिभिजन रहेको भवन खाली गर्न कम्पनिलाई १५ दिने सूचना जारी गरेको छ। सूचनामा निर्दिष्ट अवधिभित्र कानूनी रूपमा सामग्री लैजान नगरेमा महानगरपालिकाले विवाद निरुपण (कार्यविधि) ऐन, २०७५ को दफा ७० अनुसार सामग्री लिलाम गरिने उल्लेख छ। ‘निर्णय कार्यान्वयन भएको ६ महिना पूरा भएसँगै ग्यालेक्सी फोर केमा रहेका सामानहरू लिलाम गराइयोस् भन्ने वादी मृगेन्द्र मिश्रको मिति २०८३ वैशाख २१ मा पेश निवेदनका आधारमा यो सूचना प्रकाशन गरिएको हो,’ अन्तिम पटकका लागि जारी सूचनामा उल्लिखित छ।

२८ साउन २०८२ मा उच्च अदालत पाटनले दुई महिनाभित्र न्यायिक समितिबाट बसेको निर्णय कार्यान्वयन गर्न महानगरपालिका लगायतको नाममा परमादेश जारी गरेको थियो। अदालतको आदेश अनुसार १४ कात्तिक २०८२ मा महानगरबाट टोली खटाएर निर्णय कार्यान्वयन गरिएको सूचनामा उल्लेख छ। यसअघि मिश्रले भाडा असुल गरी घर जग्गा खाली गराउन भन्दै गोरखा मिडिया नेटवर्कका अध्यक्ष गितेन्द्र बाबु (जीबी) राईको नाममा महानगरपालिकाको न्यायिक समितिमा मुद्दा चलाएका थिए। समितिले १४ कात्तिक २०८१ मा माग अनुसारको घर जग्गा बहाल रकम र बहाल कर स्थानीय सरकार सञ्चालन ऐन, २०७४ को दफा ४७ अनुसार प्रतिवादीबाट भर्ने र भवन समेत खाली गराउने निर्णय गरिसकेको छ। जीबी राईले सहकारी संस्थाका रकम अनियमित रूपमा अपचलन गरी गोरखा मिडिया प्रा.लि.बाट सञ्चालित ग्यालेक्सी फोर के टेलिभिजनमा लगानी गरेका हुन्। यो खुलासा भएपछि उनी हाल फरार छन्। जीबीसँग मिलेर ग्यालेक्सी टेलिभिजनमा काम गरेका रास्वपा सभापति रवि लामिछाने पनि सहकारी संस्थाको रकम अपचलनको मुद्दामा संलग्न रहेको बताइएको छ।

‘मैं बड़े अन्याय का शिकार हुआ’: दूसरे के अपराध में 17 साल जेल काट चुके व्यक्ति की संघर्ष कहानी

दूसरे व्यक्ति के अपराध में 17 साल तक बंद रहे एंड्रयू मॉलकिन्सन

तस्वीर स्रोत, Pete Milson

यूके में दूसरे द्वारा किए गए अपराध के आरोप में 17 साल जेल बिताने वाले एंड्रयू मॉलकिन्सन ने वास्तविक अपराधी पॉल क्विन के गिरफ्तार होने पर मिली राहत और गुस्सा दोनों भावनाओं को व्यक्त किया है।

साल 2003 में ग्रेटर मैनचेस्टर में हुई एक भयानक घटना के आरोप में मॉलकिन्सन को 20 साल की सजा हुई थी, जिसमें वे 17 साल जेल में रहे थे। यह घटना ब्रिटिश न्याय प्रणाली की सबसे बड़ी असफलताओं में से एक मानी जाती है।

मॉलकिन्सन पर लगाये गए बलात्कार के आरोप में पिछले महीने पॉल क्विन को दोषी ठहराया गया था। पहले मौखिक प्रतिक्रिया में मॉलकिन्सन ने कहा, “मारे ऊपर बड़ा अन्याय हुआ।”

बीबीसी के ‘सैडो वर्ल्ड : स्टोलन इयर्स’ पॉडकास्ट में उन्होंने कहा, “आखिरकार असली अपराधी सामने आ गया,” और अधिकारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित की तरह उन्हें भी राहत महसूस हुई।

“वह अब कैसा महसूस कर रही होगी?” उन्होंने सवाल उठाया।

भलिबल खेलाडी पुनम चन्दलाई ७ दिन भित्र हाजिर हुन निर्देशन

भलिबल खेलाडी पुनम चन्दलाई ७ दिनभित्र प्रहरी कार्यालयमा हाजिर हुन निर्देश

१२ जेठ, काठमाडौं । नेपाली राष्ट्रिय महिला भलिबल टोली तथा नेपाल पुलिस क्लबकी खेलाडी पुनम चन्दलाई नेपाल प्रहरीले सात दिनभित्र प्रहरी कार्यालयमा हाजिर हुन निर्देशन दिएको छ। नेपाल प्रहरी प्रधान कार्यालयले २०८३ जेठ ११ गते एक सूचना जारी गर्दै पुनम चन्दसहित गैरहाजिर रहेका व्यक्तिहरूलाई आफ्नो गैरहाजिरीको कारण स्पष्ट पार्दै सन्तोषजनक स्पष्टीकरणसहित कार्यालयमा उपस्थित हुन भनिएको हो।
प्रहरी कार्यालयका अनुसार जवान पुनम चन्द २०८२ चैत १५ गतेदेखि कार्यालयमा गैरहाजिर छन्। प्रहरीले आफूखुशी कार्यालयमा उपस्थित नभएको, खोजतलास गर्दा र प्रहरी नियमावली २०७१ (संशोधन सहित) को नियम ११५ को देहाय (२) अनुसार प्रक्रिया पूरा गरी सूचना टाँस भइसकेपछि समेत उनको सम्पर्कमा नआएकाले सात दिनभित्र उपस्थित हुन निर्देशन दिएको छ।
नेपाल भलिबल संघले काभा महिला भलिबल च्याम्पियनसिपका लागि राखेको बन्द प्रशिक्षणमा पुनमलाई समावेश गरे पनि उनी केही दिनपछि अस्ट्रेलिया गएकी थिइन्। हाल नेपाली महिला टोली घरेलु कोर्टमा काभा महिला भलिबल खेलिरहेको छ, तर पुनम टोलीमा छैनन्।

प्रधानमंत्री आज यूरोपीय संघ संबंधित देशों के राजदूतों और मिशन प्रमुखों से चर्चा करेंगे

प्रधानमंत्री वालेंद्र शाह मंगलवार को यूरोपीय संघ से संबद्ध देशों के गैर-आवासीय राजदूतों और मिशन प्रमुखों के साथ सामूहिक चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय में होने वाली इस बैठक में नेपाल की प्राथमिकताएँ, द्विपक्षीय संबंध और सहयोग के विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श होगा। १२ जेठ, काठमांडू।

प्रधानमंत्री शाह ने मंगलवार सुबह 11:30 बजे सामूहिक बैठक और संवाद का कार्यक्रम निर्धारित किया है, जैसा कि सचिवालय ने बताया। इस बैठक में नेपाल की वर्तमान प्राथमिकताओं, द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने, तथा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा केंद्रित होगी।

इसके पूर्व, चैत २५ तारीख को प्रधानमंत्री शाह ने नेपाल में विभिन्न देशों के राजदूतों और कूटनीतिक मिशन के प्रमुखों के साथ सामूहिक बैठक और संवाद किया था।

युद्धविराम के बीच अमेरिका ने ईरान में हमला किया

समाचार सारांश

समीक्षित र सम्पादन गरिएको।

  • जारी युद्धविराम के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के पास मिसाइल तैनात स्थानों और नौकाओं को निशाना बनाकर नया हमला किया है।
  • अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आत्मरक्षा में हमला किए जाने की बात कही है।
  • अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि हमले के बावजूद दोनों देशों के बीच शांति समझौते की संभावना बनी हुई है।

१२ जेठ, काठमाडौं। जारी युद्धविराम के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी हिस्से में नया हमला किया है।

अमेरिकी सेना के अनुसार ईरानी मिसाइल तैनात क्षेत्रों और समुद्र में खदान (माइन) लगाने की कोशिश कर रही नाव को निशाना बनाकर हमला किया गया है।

अमेरिकी सेन्ट्रल कमांड ने जारी युद्धविराम के दौरान अपनी सुरक्षा के लिए किए गए हमले को ‘आत्मरक्षा’ बताया है। सेन्ट्रल कमांड के प्रवक्ता कप्तान टिम हकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सेना संयम बरतते हुए अपने सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता कुछ प्रगति पर है, लेकिन द्वंद्व समाप्ति के लिए समझौता तत्काल संभव नहीं था, उसी दौरान अमेरिका ने हमला किया।

सेन्ट्रल कमांड के कप्तान हकिन्स के अनुसार, हमला ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के पास किया गया, जो वहां की नौसैनिक अड्डे का केंद्र है और होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित है।

इससे पहले, ईरानी सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास में विस्फोट की आवाज सुनने के बाद स्थानीय अधिकारियों द्वारा जांच कराने की सूचना दी थी।

ईरान ने इस हमले पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस घटना का अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह स्पष्ट नहीं है।

हमले के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि शांति समझौता अब भी संभव है।

भारत दौरे पर मौजूद रुबियो ने पत्रकारों से कहा, ‘प्रगति की संभावना बनी हुई है। प्रारंभिक समझौता पत्र की भाषा पर अभी बातचीत जारी है, इसलिए कुछ समय लग सकता है।’

उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौता पूरा करने की इच्छा जताई है और ‘ठोस समझौता ना होने पर किसी भी समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया जाएगा’ की नीति के तहत आगे बढ़ा जा रहा है।

सप्ताहांत में ट्रंप ने संकेत दिया था कि अमेरिका और ईरान दोनों पक्ष शांति समझौते तक पहुँच सकते हैं, लेकिन बाद में वार्ताकारों को जल्दबाजी न करने को कहा। रुबियो ने कहा था कि सोमवार तक सहमति संभव है।

हालांकि, ईरानी प्रवक्ता बाकाई ने कहा, ‘कई विवादास्पद विषयों में निकटता तो है, पर समझौता तत्काल पूरा होगा, ऐसा कहना उचित नहीं।’

चल रही वार्ता के प्रारंभिक समझौता पत्र में ६० दिन के लिए युद्धविराम विस्तार, होर्मुज जलडमरूमध्य का पुनः संचालन और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत शामिल है।