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लेखक: space4knews

ईश्वर जिसी: खेल क्षेत्र को उद्योग में बदलने का लक्ष्य

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के बाद संरचित।

  • नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ की एसोसिएट कार्यसमिति सदस्य के रूप में चुने गए ईश्वर जिसी ने खेल क्षेत्र को उद्योग के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है।
  • ईश्वर जिसी नेपाल प्रीमियर लीग में लुम्बिनी लायन्स के अध्यक्ष के रूप में खेल क्षेत्र में सक्रिय हैं।
  • उद्योग वाणिज्य महासंघ में सदस्य बनने के बाद जिसी ने खेल क्षेत्र को व्यवस्थित और स्थायी उद्योग बनाने की योजना बनाई है।

२५ वैशाख, काठमाडौं । नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ की एसोसिएट कार्यसमिति सदस्य के रूप में निर्वाचित ईश्वर जिसी ने खेल क्षेत्र को उद्योग के रूप में विकसित करने का स्पष्ट लक्ष्य व्यक्त किया है।

उद्योग-व्यवसायियों के शीर्ष संगठन नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ की चुनाव में एसोसिएट कार्यसमिति सदस्य के पद पर विजयी होने वाले जिसी वर्तमान में नेपाल प्रीमियर लीग (एनपीएल) के माध्यम से खेल क्षेत्र से भी जुड़े हुए हैं।

एनपीएल में लुम्बिनी लायन्स के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत वह खेल क्षेत्र में भी योगदान दे रहे हैं। लुम्बिनी लायन्स ने एनपीएल के दूसरे संस्करण का खिताब जीत रखा है।

उन्होंने कहा, ‘स्वास्थ्य पर्यटन, खेल और उत्पादन आधारित कंपनियों के नेतृत्व का अनुभव मुझे मनोरंजन और खेल क्षेत्र के महत्व को बेहतर समझने में मदद मिला है।’

जिसी ने बताया कि खेल क्षेत्र केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है बल्कि यह पर्यटन के विकास से लेकर अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में सहायक हो सकता है। ‘खेल क्षेत्र केवल मनोरंजन के लिए सीमित नहीं रहकर समग्र व्यावसायिक चक्र को एकठ्ठा करते हुए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर सकता है,’ उन्होंने कहा। ‘यह पर्यटन, रोजगार, उत्पादन, सेवा एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सकारात्मक प्रभाव डालते हुए देश को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।’

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ की एसोसिएट कार्यसमिति सदस्य बनने के बाद वह खेल क्षेत्र को व्यवस्थित करने और एक स्थायी उद्योग के रूप में स्थापित करने के लिए पहल करेंगे। ‘खेल क्षेत्र को व्यवस्थित, पेशेवर और स्थायी उद्योग के रूप में स्थापित करना मेरी नई और प्राथमिक योजना होगी,’ उन्होंने कहा।

कर्मचारी झर्केर बोल्छन्, परीक्षण गर्न निजीमा पठाउँछन् – Online Khabar

कर्मचारी झुंझलाते हैं, परीक्षण निजी में भेजे जाते हैं – स्वास्थ्य मंत्रालय में शिकायतों का घनघोर दोहराव

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा पश्चात तैयार।

  • स्वास्थ्य मंत्रालय की हेलो हेल्थ सेवा के माध्यम से प्रतिदिन १०० से अधिक अस्पताल कर्मियों के व्यवहार, औषधि की कमी तथा सेवा व्यवस्था सम्बन्धी शिकायतें आ रही हैं।
  • स्वास्थ्य बीमा बोर्ड ने सेवा प्रदाताओं को १६ अरब से अधिक भुगतान करने से वापस रखा है, जिसके कारण कई अस्पतालों ने बीमा सेवा बंद करनी शुरू कर दी है।
  • अस्पताल सुधार कार्यविधि–२०८२ लागू होने के बाद शिकायतों में सुधार देखा गया है और गंभीर शिकायतों को संबंधित निकायों को भेजा जा रहा है।

२५ वैशाख, काठमांडू। स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्रालय के ‘हेलो हेल्थ’ में देश के विभिन्न हिस्सों से शिकायतें आ रही हैं। कुछ लोग अस्पतालों की लंबी कतारों की समस्या बताते हैं, तो कुछ औषधि की कमी और कर्मचारियों के खराब व्यवहार की व्यथा साझा करते हैं।

मंत्रालय के सूचना अधिकारी डॉ. भक्तबहादुर केसी के मोबाइल पर मंगलवार को नुवाकोट से ऐसी ही एक शिकायत आई।

फोन करने वाले की ७० वर्षीय माँ को उच्च रक्तचाप और हृदय रोग है। वह लंबे समय से वीर अस्पताल में इलाज करा रही हैं। पहले स्वास्थ्य बीमा से दीर्घ रोगियों को तीन महीने तक की औषधि दी जाती थी और परिवार डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन लेकर उसे हासिल कर सकता था।

पर अब अस्पताल ने नया नियम लागू किया है – अब केवल एक महीने की औषधि दी जाएगी और मरीज को स्वयं उपस्थित होना होगा। वृद्ध महिला को काठमांडू लाने में एम्बुलेंस किराया, रहने खाने का खर्च आदि आ जाते हैं, जो औषधि की कीमत से ज्यादा हैं।

फोन करने वाले ने शिकायत की, “बीमार को वीर अस्पताल ले जाना कठिन है। काठमांडू आना भारी खर्चीला है। नजदीक कहीं औषधि उपलब्ध कराने का विकल्प होना चाहिए।”

डॉ. केसी ने स्थानीय अस्पताल से समस्या हल करने का आश्वासन दिया।

एक सप्ताह पहले स्वास्थ्य सेवा विभाग (टेकेयू) में कॉल सेंटर (१११५) के कर्मचारियों के खराब व्यवहार की भी शिकायत आई थी।

त्रिवि शिक्षण अस्पताल के बिल काउंटर पर कार्यरत कर्मचारियों द्वारा महिला को धक्का देने का आरोप लगा। महिला ने कहा, ‘काउंटर के कुछ कर्मचारियों ने आवश्यक जानकारी नहीं दी, उल्टे फोन पर झुंझलाया। डॉक्टर से पूछने पर भी झुंझलाने का सामना करना पड़ा।’

ऐसे कर्मचारियों के व्यवहार से सेवा लेने वाले असहज महसूस कर रहे हैं। महिला ने स्वास्थ्य मंत्रालय से कर्मचारी प्रबंधन में सुधार कर सेवाग्राही-मित्र व्यवहार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

स्वास्थ्य मंत्रालय में हेलो हेल्थ, कॉल सेंटर, फोन, हेलो सरकार, ईमेल और व्हाट्सएप पर प्रतिदिन १०० से अधिक शिकायतें आती हैं। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में स्वास्थ्य सेवा, बीमा, अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारी व्यवहार संबंधी शिकायतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सिर्फ चैत्र में ही ४ हजार से अधिक लोगों ने शिकायत की है, जबकि जनवरी में मात्र १०० शिकायतें दर्ज हुई थीं।

सावन में ७४, भाद्र में ८८, आश्विन में ८४, कार्तिक में ९१, मंसिर में १०५, पौष में ८३, माघ में ९३ और फाल्गुन में १०४ सेवाग्राहियों ने स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें की थीं। स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहता ने प्रतिदिन बढ़ते फोन कॉल के कारण सभी कॉल न उठाए जा पाने को स्वीकार करते हुए व्हाट्सएप से शिकायतें भेजने का आग्रह किया था, जिससे शिकायतों में वृद्धि हुई है।

‘सबसे अधिक शिकायत कर्मचारी व्यवहार पर है’

मंत्रालय के सूचना अधिकारी डॉ. केसी के अनुसार सबसे अधिक शिकायतें अस्पताल कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर हैं। ‘कर्मचारी गुस्से में बोलते हैं, झुंझलाते हैं, जवाब नहीं देते, धक्का मारते हैं जैसी कई शिकायतें हैं। हम इन्हें इकट्ठा करके संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को सुधार के लिए पत्र भेजते हैं।’

टिकट, टोकन तथा भीड़ प्रबंधन करने वाले कर्मचारियों के संबंध में भी शिकायतें अधिक आती हैं। पहली संपर्क में ही समस्या नजर आती है।

अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी गंभीर समस्या बन गई है। कुछ अस्पतालों में वीडियो एक्स-रे कराने वाले चिकित्सकों की कमी की शिकायत दर्ज हुई है।

पाटन अस्पताल की समस्या लेकर कुछ दिन पूर्व मंत्रालय में एक सेवाग्राही ने भी शिकायत की थी।

उन्होंने बताया, ‘मेरी बेटी के गले में समस्या थी, इसलिए पाटन गए थे। डॉक्टर ने वीडियो एक्स-रे कराने को कहा, लेकिन १० दिन बाद आने को कहा गया। सामान्य वीडियो एक्स-रे के लिए सप्ताहों तक इंतजार करना पड़ता है, मरीज की हालत क्या होगी?’

पैथोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट के कार्यालय समय में अनुपस्थिति, कुछ विशेषज्ञ चिकित्सकों की लंबी छुट्टियां या अन्य कारणों से अनुपस्थिति की भी शिकायतें मिल रही हैं।

सबसे अधिक शिकायतें वीर अस्पताल से आ रही हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार वीर, पाटन और त्रिवि शिक्षण अस्पतालों में अधिक भीड़ के कारण शिकायतें ज्यादा आती हैं।

राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर, निजामती अस्पताल, प्रसूति गृह, शहीद गंगालाल राष्ट्रीय हृदय केंद्र, कांती बाल अस्पताल, बीपी कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान, कर्णाली स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान, भक्तपुर कैंसर अस्पताल, भरतपुर अस्पताल, शहीद धर्मभक्त राष्ट्रीय प्रत्यारोपण केंद्र सहित अन्य स्थानों से भी शिकायतें प्राप्त होती हैं।

कुछ सेवाग्राही यह भी शिकायत करते हैं कि डॉक्टर अपनी बात स्पष्ट रूप से समझाते नहीं हैं।

गंगालाल अस्पताल गई एक सेवाग्राही ने बताया, ‘बड़े इंतजार के बाद पिता के ऑपरेशन का समय मिला, लेकिन सुबह से भूखा रखा गया, १० हजार रुपये की दवाएं खरीदने को कहा गया। दोपहर तक ऑपरेशन नहीं हुआ, अगले दिन शिफ्ट कर दिया गया। डॉक्टरों के ऐसे व्यवहार ने मरीज को शारीरिक और मानसिक दर्द बढ़ाया है।’

अस्पताल के भीतर कर्मचारियों के बीच समन्वय और संवाद की कमी भी समस्या के रूप में उभर रही है। कई सेवाग्राहियों को अस्पताल में कहाँ जाना है और कौन सी सेवा कहाँ उपलब्ध है, इसकी सामान्य जानकारी नहीं होती। संवाद कौशल की कमी के कारण भी शिकायतें बढ़ती हैं।

मरीज की पीड़ा को धैर्यपूर्वक सुनकर सरल तरीके से समझाना आवश्यक है। डॉक्टर के साथ संक्षिप्त या कमजोर संवाद उपचार को प्रभावित करता है।

सबसे अधिक अविश्वास चिकित्सकों के प्रति होता है। मरीज, परिजन तथा चिकित्सक के बीच लगातार संवाद या काउंसिलिंग कमजोर होने के कारण अविश्वास बढ़ता है।

लेकिन डॉक्टर यदि मरीज की बात ध्यान से सुनते हैं तो मरीज की पीड़ा आधी हो जाती है। ऐसा माहौल रोग की जल्दी पहचान और उपचार खर्च तथा अस्पताल में रहने का समय कम करता है।

डॉ. केसी कहते हैं, ‘अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा सौहार्दपूर्ण और पारदर्शी संवाद से कई समस्याओं का समाधान संभव है। अधिकांश शिकायतें कर्मचारियों के खराब व्यवहार से जुड़ी होती हैं।’

‘बीमा के तहत सेवा प्राप्त नहीं हो पा रही है’

स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम से जुड़ी शिकायतें भी बहुत हैं। कई अस्पतालों ने भुगतान न मिलने के कारण सेवा में कटौती या बंद कर दी है, जिससे मरीजों को सीधे परेशानी हो रही है।

स्वास्थ्य बीमा बोर्ड ने अब तक सेवा प्रदाताओं को १६ अरब से अधिक भुगतान बकाया रखा है। डॉ. केसी के अनुसार सरकार द्वारा अस्पतालों को भुगतान न कर पाने के कारण बीमा सेवाएं रुकी हुई हैं।

‘राशि भुगतान नहीं होने से कई अस्पतालों ने सेवा बंद की है, तो कई ने कम कर दी है। बीमा से सेवा न मिलने की शिकायतें बहुत हैं।’ डॉ. केसी कहते हैं।

कई सेवाग्राहियों को बीमा कैसे इस्तेमाल करना है, कहाँ जाना है और क्या सेवा मिलेगी, इसकी जानकारी नहीं है।

‘बहुत से लोग नहीं जानते कि बीमा जरूरी है, कैसे लेना है यह भी पता नहीं है। रोगी को खर्च, प्रक्रिया और सेवा के बारे में स्पष्ट जानकारी दिए जाने से शिकायतें कम हो सकती थीं।’

मशीन खराबी, औषधि की कमी और सफाई में कमजोरी

अस्पतालों के उपकरण खराब होने, मशीनों के काम न करने, औषधि की कमी और सफाई कमजोर होने की शिकायतें भी नियमित आती रहती हैं। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त औषधि की कमी अधिक है।

कुछ ने अस्पताल में भोजन की गुणवत्ता खराब होने, शौचालय गंदे रहने और वातावरण अस्वस्थ होने की भी शिकायत की है।

स्वास्थ्य मंत्रालय में केवल अस्पताल से ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित शिकायतें भी आ रही हैं। स्थानीय क्षेत्रों में उद्योगों से उत्पन्न धूल, धुआं, पानी और ध्वनि प्रदूषण में वृद्धि को लेकर निगम में शिकायत की जाती है।

‘उद्योग से निकलने वाली धूल और गंदगी ने वातावरण को नष्ट किया है, पानी प्रदूषित हो रहा है’ ऐसी शिकायतें आती हैं, डॉ. केसी कहते हैं।

सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों द्वारा मरीजों को अनावश्यक रूप से निजी डायग्नोस्टिक सेंटर या अन्य अस्पतालों में भेजने की भी शिकायतें अधिक हैं।

मधेश विज्ञान प्रतिष्ठान में भी इस प्रकार की शिकायतें आई हैं। एक सेवाग्राही ने कहा, ‘छेद से पसीना आ रहा है, अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलते। मशीन क्लिनिक भेजता है जहाँ ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है। क्या डॉक्टर नजदीक होकर काम नहीं कर सकता?’

मंत्रालय ने बताया है कि हाल ही में ‘अस्पताल सुधार कार्यविधि–२०८२’ लागू की गई है और इसके बाद सुधार देखने को मिला है। शिकायतें आने पर संबंधित निकाय को पत्राचार और फोन द्वारा लिखा जाता है।

‘फोन और पत्र भेजकर निगरानी बढ़ाई है और सुधार हुआ है,’ डॉ. केसी कहते हैं। ‘कुछ मामलों में अस्पताल ने जवाब लिखकर सुधार करने की प्रतिबद्धता भी जताई है।’

भ्रष्टाचार, आर्थिक अनियमितता या गंभीर लापरवाही से जुड़ी शिकायतें सुशासन तथा जांच एजेंसियों को भेजी जाती हैं।

डा. केसी कहते हैं, ‘हम स्वास्थ्य सेवा सुधार और गंभीर प्रकरणों पर अधिक ध्यान देते हैं और संबंधित पक्षों को भेजते हैं।’

महासचिव शङ्कर पोखरेल ने संसद् अधिवेशन स्थगन और प्रधानन्यायाधीश सिफारिश पर की आलोचना

नेकपा एमाले के महासचिव शङ्कर पोखरेल ने संसद् अधिवेशन को स्थगित कर अध्यादेश के माध्यम से प्रधानन्यायाधीश की सिफारिश को संवैधानिक परिषद के निर्णय का नतीजा बताया है। पोखरेल ने कहा कि सरकार द्वारा वरिष्ठ न्यायाधीशों की अनदेखी कर प्रधानन्यायाधीश की सिफारिश की गई है, जो न्यायालय को अपनी प्रभावक्षेत्र में रखने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कदम से संसदीय लोकतंत्र में शक्ति संतुलन कमजोर होगा और देश अधिनायकवादी मार्ग पर प्रवेश करने का जोखिम बढ़ाएगा। २५ वैशाख, काठमाडौं।

पोखरेल ने कहा कि पहले से आह्वान किए गए संसद् अधिवेशन को स्थगित कर अध्यादेश के माध्यम से निर्णय लेना केवल प्रक्रिया के विषय नहीं बल्कि इसके उद्देश्य पर भी सवाल उठता है। उन्होंने कहा, ‘इसका स्पष्ट संकेत संवैधानिक परिषद के निर्णय में परिलक्षित हुआ।’ न्यायालय जैसी गरिमामय संस्था में तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों की अनदेखी कर प्रधानन्यायाधीश की सिफारिश असामान्य घटना है। यह दर्शाता है कि सरकार न्यायालय को स्वतंत्र निकाय की बजाय अपने प्रभाव के तहत रखने की कोशिश कर रही है।

‘पिछले दिनों जब न्यायालय पर राजनीतिकरण का आरोप लगता रहा, तब न्यायिक सक्रियता अधिकतर सरकार के विरुद्ध दिखी,’ पोखरेल ने कहा, ‘शायद वर्तमान सरकार अब न्यायालय में अपने पक्ष में न्यायिक पक्षपात स्थापित करने की कोशिश कर रही है।’ उन्होंने कहा कि इससे संसदीय लोकतंत्र में शक्ति संतुलन कमजोर होगा और देश अधिनायकवादी पथ पर फंसने का खतरा बढ़ेगा। वे पिछले राजनीतिक घटनाक्रम को याद करते हुए बोले, ‘भाद्र २३ और २४ की गलत प्रवृत्तियों के खिलाफ समय रहते दृढ़ता से खड़ा न हो पाने के कारण समाज और राष्ट्र को इसका दुख अभी भी भुगतना पड़ रहा है।’

इरान ने अमेरिका पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सैन्य जवाबी कार्रवाई की

इरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी जहाज पर हुए हमले के जवाब में अपनी सैन्य ठिकानों पर बमबारी की है। इरान ने अमेरिका पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए अपने तेल टैंकरों पर हुए हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इरान के साथ बातचीत जारी है और युद्धविराम अभी भी कायम है। २५ वैशाख, काठमांडू। अमेरिका ने इरान के सैन्य ठिकानों को पुनः बमबारी किया है। यह कदम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी जहाज पर हुए इरानी हमले का जवाब माना जा रहा है। इरान का दावा है कि उसने एक इरानी तेल टैंकर पर हुए पहले के हमले के जवाब में मिसाइल दागी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ओमान की खाड़ी की ओर अमेरिकी नौसेना का दस्ते आगे बढ़ रहा था, तभी इरान ने हमला किया, जिसके बाद आत्मरक्षा के तहत जवाबी कार्रवाई की गई। कमांड के बयान में कहा गया है कि अमेरिकी जहाज क्षेत्र से गुजर रहे थे जब इरानी सैन्य बलों ने मिसाइल, ड्रोन और छोटी नावों का इस्तेमाल कर हमला किया।

इरान की उच्च सैन्य कमान ने अमेरिका पर युद्धविराम उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है। इरानी सरकारी प्रसारण संस्था आईआरआईबी के बयान में कहा गया है कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की ओर जा रहे एक इरानी तेल टैंकर पर हमला कर युद्धविराम तोड़ा है। इरान ने बताया कि उसकी सशस्त्र सेनाओं ने तुरंत जवाब दिया और भारी नुकसान पहुंचाया। इरानी नौसेना ने शक्तिशाली विस्फोटक वारहेड इस्तेमाल कर प्रतिक्रिया दी और गुप्तचर रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी पक्ष को बड़ा नुकसान पहुँचा है। ट्रम्प ने कहा कि बातचीत जारी है, इसलिए गोलीबारी के बावजूद युद्धविराम अभी भी कायम है।

पाकिस्तान में दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के आधार पर कुछ समय के लिए हमले बंद होने की संभावना थी, लेकिन अमेरिका और इरान के हालिया हमलों ने शांति समझौते को खतरे में डाल दिया है। अमेरिका ने कहा है कि वे तनाव नहीं बढ़ाना चाहते, लेकिन पूरी तरह से तैयार और तैनात हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व स्तर पर तेल और गैस परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है। ट्रम्प प्रशासन ने पिछले महीने होर्मुज क्षेत्र में स्थित इरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू की थी।

प्रधानमन्त्री बालेनले बोलाए मन्त्रिपरिषद् बैठक – Online Khabar

प्रधानमंत्री बालेन ने मंत्रिपरिषद् की बैठक बुलाई

२५ वैशाख, काठमांडू। आज मंत्रिपरिषद् की बैठक आयोजित की जा रही है। प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह (बालेन) ने सुबह ११ बजे के लिए बैठक बुलाई है। यह बैठक सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद् कार्यालय में आयोजित की जाएगी।

24 घंटे में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर 18 लाख 76 हजार रुपये राजस्व संग्रह

बीते 24 घंटों में 1,806 वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के कारण कार्रवाई की गई है। इससे 18 लाख 76 हजार 504 रुपये राज्य कोष में राजस्व प्राप्त हुआ है। काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के अनुसार, नशा करके गाड़ी चलाने पर 77, राइड शेयरिंग करने पर 162, ट्रैफिक संकेतों का उल्लंघन करने पर 106 और तेज गति से वाहन चलाने पर 88 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

इसके अलावा, लेन अनुशासन का पालन न करने वाले 84, निषिद्ध क्षेत्रों में हॉर्न बजाने वाले 39, सड़क किनारे वाहन पार्किंग करने वाले 77, एकतरफा रास्तों पर वाहन चलाने वाले 111 और अन्य विभिन्न ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में 1,062 लोगों को भी दंडित किया गया है। 25 वैशाख, काठमांडू।

भ्रष्टाचार के आरोप में चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मृत्युदंड के साथ-साथ संपत्ति जब्त की सजा

चीन ने पूर्व रक्षा मंत्री ली सांघू और वेई फेंग को भ्रष्टाचार के आरोप में मृत्युदंड की सजा सुनाई है। दोनों को प्रारंभ में दो वर्ष जेल में रहना होगा, यदि वे उन दो वर्षों में कोई नया अपराध नहीं करते हैं तो सजा आजीवन कारावास में परिवर्तित की जा सकती है। ली सांघू पर रिश्वतखोरी और अनुशासन उल्लंघन के आरोप हैं जबकि वेई फेंग पर रक्षा मंत्रालय से संबंधित निर्णयों में रिश्वत लेने का आरोप पाया गया है। यह कदम राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरुद्ध अभियान का हिस्सा है, जिसमें सेना के दर्जनभर उच्च अधिकारियों को पद से हटाया गया है। २५ वैशाख, काठमांडू।

ली सांघू को पिछले वर्ष अचानक पद से हटाया गया था और वेई फेंग भी सैन्य भ्रष्टाचार जांच में फंसे हुए थे। वर्ष 2024 में दोनों को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में चीन की सेना और सुरक्षा क्षेत्र के कई उच्च अधिकारियों को पदमुक्त किया गया है। ली सांघू पर रिश्वतखोरी और अनुशासन उल्लंघन का आरोप है, जिसके कारण उन्हें अक्टूबर 2022 में अचानक पद से हटाया गया था।

चीनी अधिकारियों ने अब आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि वे भ्रष्टाचार संबंधी जांच के दायरे में हैं। CCTV की रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य अनुशासन जांच एजेंसी ने बताया कि ली ने ‘गंभीर रूप से पार्टी अनुशासन और कानून का उल्लंघन’ किया है। उन पर बड़ी तादाद में रिश्वत लेने, दूसरों को रिश्वत देने और पद दुरुपयोग के आरोप हैं। पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंग के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है, जिन पर रिश्वत लेने और पद दुरुपयोग के आरोप लगे हैं।

चीन की सैन्य अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार में दोषी ठहराया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने रक्षा मंत्रालय और सेना से जुड़े फैसलों में लाभ पाने के लिए रिश्वत ली थी। वेई फेंग चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों में से एक हैं और वे चीन की सेना के ‘रॉकेट फोर्स’ के कमांडर भी रह चुके हैं। रॉकेट फोर्स चीन के मिसाइल और परमाणु हथियार प्रणाली का संचालन करता है। इसे चीन की सैन्य शक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, क्योंकि आवश्यक पड़ने पर यह परमाणु हमला करने की क्षमता रखता है।

सेंट्रल मिलिट्री कमीशन की जांच एजेंसियों ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच की थी। सीएमसी, चीन की सर्वोच्च सैन्य संस्था है, जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और सरकार की ओर से सेना पर नियंत्रण रखती है। इसके अध्यक्ष राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं। पिछले एक वर्ष में चीन की सैन्य और एरोस्पेस क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारियों को पद से हटाया गया है।

अमेरिकी और ईरानी सेना के बीच हुई गोलीबारी के बावजूद ट्रंप का कहना है ‘युद्धविराम जारी है’

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच गुरुवार रात हुई गोलीबारी के बावजूद युद्धविराम अभी भी जारी है। यह स्पष्ट नहीं है कि किस पक्ष ने पहली गोली चलाई। एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य कमांडर ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने एक ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाया और होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अन्य जहाज के आने का प्रयास करते समय तटवर्ती क्षेत्र में “हवाई हमला” किया।

अमेरिका ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना के निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पर ईरान द्वारा किए गए हमले के बाद यह हमला “आत्मरक्षा” में जवाबी कार्रवाई थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि ईरानी आक्रमणकारियों को “भारी नुकसान” पहुंचाया गया है और कई छोटी नावें नष्ट की गई हैं। “ये नावें बेहद तेज़ और प्रभावी ढंग से समुद्र की सतह पर पहुंचीं। हमारे विध्वंसक पर मिसाइलें दागी गईं लेकिन उन्हें आसानी से टाल दिया गया। ड्रोन भी आए, जिन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया गया,” ट्रंप ने कहा।

ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिकी नाकाबंदी ईरान के खिलाफ जारी है। इससे पहले उन्होंने बताया था कि ईरान के साथ समझौते के लिए “महत्वपूर्ण प्रगति” हुई है और अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से जहाजों के निकास को मंगलवार को स्थगित कर दिया था। वहीं ईरान ने बुधवार को कहा था कि वे अमेरिकी प्रस्ताव का अध्ययन कर रहे हैं, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निलंबित करना, प्रतिबंधों को हटाना और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों का आवागमन पुनः शुरू करना शामिल है।

ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने का कोई मौका नहीं देगा। उन्होंने कहा, “ईरान ने इस पर सहमति व्यक्त की है। अब देखना होगा कि वे समझौते पर हस्ताक्षर करने को तैयार हैं या नहीं।” उन्होंने चेतावनी दी, “वार्ता अच्छी प्रगति कर रही है, लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ तो उन्हें बड़ा कष्ट होगा।” इससे पहले बुधवार को ट्रंप ने हिंसा को लेकर नई चेतावनी देते हुए समझौते की संभावनाओं पर अपनी उम्मीद जताई थी।

ट्रम्प ने लिखा था, “अगर ईरान समझौते के लिए सहमत नहीं होता तो बमबारी शुरू होगी और वह पिछली बार की तुलना में अधिक तेज़ और भयावह होगी।”

ईरानी प्रतिक्रिया: इस घटना पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया है। IRGC ने एक विज्ञप्ति में बताया कि अमेरिकी सेना ने जास्क बंदरगाह के पास एक ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाया था। “ईरानी नौसेना ने तेजी से समुद्र से जबाव दिया और अमेरिकी दुश्मनों को महत्वपूर्ण क्षति पहुँचाई, जिसे गुप्तचर निगरानी द्वारा पुष्टि की गई है। दुश्मन के तीन आक्रमणकारी जहाज तुंरत होर्मुज जलडमरूमध्य से भाग निकले,” IRGC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया।

नेपाल क्रिकेट संघ का नवीकरण प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी

बीते असार में समाप्त हुई अवधि के लिए अगले वर्ष की वैशाख के करीब आते-आते भी नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) अपनी नवीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाया है। क्यान की सदस्यता की अवधि १० महीने से अधिक समय से समाप्त हो चुकी है, फिर भी उसे नवीनीकृत नहीं किया गया है। राष्ट्रीय खेलकूद परिषद ने पुष्टि की है कि क्यान ने नवीकरण के लिए कोई आवेदन नहीं दिया है। इसी बीच क्यान ने १९ माह बाद पहली बार वैशाख २७ और २८ को सामान्य सभा करने का निर्णय लिया है। २४ वैशाख, काठमांडू।

नेपाल का सबसे सक्रिय खेल संघों में से एक माने जाने वाले नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) ने नेपाली क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा अक्सर इसकी प्रशंसा होती रही है। सरकार भी इसे उच्च प्राथमिकता देती है। लेकिन इस तेज़ी से काम करने वाले क्रिकेट संघ की सदस्यता की अवधि समाप्त हुए १० महीने बीत जाने के बावजूद नवीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

बीते असार में समाप्त हुई सदस्यता अवधि के पुनः नवीनीकरण का काम अगले वर्ष की वैशाख तक भी क्यान द्वारा आगे नहीं बढ़ाया गया है। राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के संघ संस्था समन्वय शाखा प्रमुख चन्द्रकुमार राई ने स्पष्ट किया कि क्यान ने अब तक नवीकरण के लिए आवेदन नहीं दिया है। उन्होंने कहा, ‘क्यान ने अभी तक नवीकरण के लिए आवेदन नहीं दिया है।’ राष्ट्रीय खेलकूद विकास अधिनियम के अनुसार, सभी खेल संघों को सालाना सदस्यता नवीनीकरण कराना आवश्यक है। लेकिन क्यान ने वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बावजूद इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है।

नवीकरण की जानकारी लेने पर नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) के प्रवक्ता छुम्बी लामा ने कहा, ‘‘नवीकरण तो हुआ होगा, मैं देखता हूँ।’ इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। उसी समय, नवीकरण न करने वाले खेल संघों को पत्राचार करने का अधिकार रखने वाले राखेप सदस्य सचिव रामचरित्र मेहता ने कहा, ‘‘नवीकरण करना अनिवार्य है, न करने के कारण पूछना होगा,’’ और साथ ही बताया, ‘‘हम इसके लिए पत्राचार भी करेंगे।’ क्यान ने अंतिम बार २०८१ पुष ९ को २०८२ असार तक के लिए नवीकरण किया था।

क्यान ने १९ माह बाद पहली बार वैशाख २७ और २८ को सामान्य सभा करने की योजना बनाई है। नवीकरण के लिए वार्षिक रिपोर्ट, विधान, भविष्य की योजना, लेखा परीक्षा रिपोर्ट और कम से कम एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के दस्तावेज जमा करना आवश्यक है। लेखा परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों के अभाव में नवीकरण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, ऐसा क्यान के सदस्यों ने बताया है। उपाध्यक्ष रोशन सिंह समेत टीम ने बार-बार आवेदन देने के बावजूद आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। इसी क्रम में, युवा तथा खेलकूद मंत्री और शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल मंगलवार को नेपाल और ओमान के बीच खेल के अंत के समय त्रिपुरेश्वर क्रिकेट मैदान पहुँचे थे।

पिछले मंसिर में सम्पन्न हुए दूसरे संस्करण नेपाल प्रीमियर लीग (एनपीएल) से क्यान ने ४७ करोड़ ३६ लाख रुपये से अधिक आय अर्जित की है। इससे पहले भी क्यान करोड़ों रुपये का वार्षिक कारोबार कर रहा है, पर नवीकरण प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसी संदर्भ में उपाध्यक्ष रोशन सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने सोमवार को राखेप में नवीकरण के लिए आवेदन दिया है। उन्होंने नवीकरण के साथ ही नेपाल प्रीमियर लीग (एनपीएल) के पहले और दूसरे सत्र के वित्तीय एवं प्रशासनिक दस्तावेज, लेखा परीक्षा रिपोर्ट, राखेप के प्रत्यक्ष निरीक्षण में स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन, साथ ही सुशासन, निगरानी और उत्तरदायित्व प्रणाली के कार्यान्वयन की मांग की है। नेपाल क्रिकेट संघ में सुशासन स्थापित करने पर जोर देते हुए वार्षिक लेखा परीक्षा, नवीकरण और कर चुकाने संबंधी मामलों में क्यान नेतृत्व की असफलता आवेदन में उल्लेखित है।

सिरहाको बरियारपट्टीमा छोटी भन्सार फिर्ताको माग गर्दै हुलाकी मार्ग पुन: अवरुद्ध – Online Khabar

सिरहाको बरियारपट्टी में छोटी भन्सार पुनः चालू करने की मांग पर हुलाकी मार्ग फिर से अवरुद्ध

२५ वैशाख, सिरहा । सिरहाको बरियारपट्टीस्थित छोटी भन्सार कार्यालय पुनः सञ्चालन में लाने की मांग को लेकर स्थानीय लोग और व्यापारी फिर से आंदोलन में उतर आए हैं। नेपाल सरकार ने २०८३ वैशाख २१ गते राजपत्र के माध्यम से बरियारपट्टी छोटी भन्सार कार्यालय बंद करने का निर्णय लिया था, जिसके बाद क्षेत्रीय समुदाय में तीव्र विरोध देखा गया। स्थानीय लोग इस निर्णय के कारण सीमावर्ती व्यापार, राजस्व संग्रहण और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने की बात कह रहे हैं।

आंदोलनकारियों ने बिहीवार सुबह लगभग पाँच घंटे तक हुलाकी मार्ग को पूरी तरह से अवरुद्ध किया और दोपहर करीब २ बजे जिला प्रशासन कार्यालय सिरहा में ज्ञापनपत्र भी सौंपा। बाद में उन्हें बताया गया कि क्रमबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। इसी के तहत शुक्रवार को पहली बार सड़क जाम और बाजार बंद रखकर आंदोलन शुरू हुआ, इस बात की जानकारी बरियारपट्टी गाउँपालिका–३ के वडा अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने दी। आंदोलन के कार्यक्रम के अनुसार, वैशाख २५ गते सुबह ७ बजे से ११ बजे तक चक्का जाम, वैशाख २६ गते रैली के साथ कोणसभा, वैशाख २७ गते पूरे दिन बाजार बंद और जुलूस तथा वैशाख २८ गते से अनिश्चितकालीन आम हड़ताल के लिए व्यापक चर्चा की जाएगी।

शुक्रवार सुबह से ही बरियारपट्टी गाउँपालिका–३ के बरियारपट्टी चौक पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीच में बैरियर लगाए और टायर जलाकर हुलाकी मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया है। इस सड़क अवरुद्धता के कारण पूर्व–पश्चिम राजमार्ग पर आवागमन बाधित हुआ है और भारत की ओर जाने या नेपाल की ओर आने वाले यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन कार्यालय सिरहा के प्रमुख जिल्ला अधिकारी सुरेन्द्र पौडेल ने बताया कि छोटी भन्सार कार्यालय को हटाने के बाद नागरिकों को हो रही समस्याओं को कम करने के लिए माडर भन्सार कार्यालय से तत्काल कर्मचारी तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘माडर भन्सार कार्यालय के नाम पर भन्सार संचालन का इंतजाम किया गया है।’ प्रमुख जिल्ला अधिकारी पौडेल ने आगे बताया कि आंदोलनकारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापनपत्र के आधार पर अर्थ मंत्रालय को पत्र लिखा जाएगा और मंत्रालय से प्राप्त निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सुदन किराती श्रम संस्कृति पार्टी में शामिल, आज औपचारिक घोषणा होगी

पूर्वमाओवादी नेता सुदन किराती हर्क साम्पाङ के नेतृत्व वाली श्रम संस्कृति पार्टी में शामिल हो गए हैं। श्रम संस्कृति पार्टी के साथ पार्टी एकता पर सैद्धांतिक सहमति प्राप्त हो चुकी है और आज पत्रकार सम्मेलन के माध्यम से इसकी जानकारी दी जाएगी। सुदन किराती ने प्रगतिशील लोकतान्त्रिक पार्टी छोड़कर श्रम संस्कृति पार्टी में प्रवेश किया है। २५ वैशाख, काठमांडू।

आज दोपहर तीन बजे काठमांडू के बागबजार स्थित हार्दिक होटल में पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। किराती पक्ष इसे ‘पार्टी एकता’ करार दे रहा है। किराती के सचिवालय के एक सदस्य ने बताया कि श्रम संस्कृति पार्टी के साथ पार्टी एकता पर सैद्धांतिक सहमति हुई है और इसकी औपचारिक घोषणा आज पत्रकार सम्मेलन में की जाएगी।

भोजपुर के सुदन किराती पूर्वमाओवादी नेता हैं। वे पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं। लेकिन जनजाती जनमुख आंदोलन (जेनजी) के बाद प्रचंड, माधव नेपाल सहित अन्य नेताओं ने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी का गठन किया, तब उन्होंने असहमति जताते हुए प्रगतिशील लोकतान्त्रिक पार्टी (प्रलोपा) में शामिल होने का निर्णय लिया था। माओवादी के पूर्व उपमहासचिव जनार्दन शर्मा की पहल पर स्थापित प्रलोपा में सुदन किराती पांच सदस्यीय अध्यक्ष परिषद के सदस्य थे।

फागुन २१ के चुनाव में एक भी सीट न जीत पाने के बाद प्रलोपा फिलहाल कमजोर स्थिति में पहुंच गई है। रास्वपा छोड़कर प्रलोपा को चुने अध्यक्ष परिषद के एक अन्य सदस्य संतोष परियार भी पार्टी से अलग हो चुके हैं। वहीं, श्रम संस्कृति पार्टी चुनाव में संसद की पांचवीं सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। चुनाव के समय से ही किराती श्रम संस्कृति पार्टी के नेताओं से संपर्क में थे और अब पार्टी एकता की प्रक्रिया आगे बढ़ी है, सूत्रों ने बताया।

वज़न घटाने के लिए उपयुक्त उपाय: स्वादिष्ट भोजन पर ध्यान दें

आप क्या खाते हैं, इसके बजाय आप खाने के प्रति कैसे सोचते हैं, यह कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। हमारे मस्तिष्क और शरीर के बीच के रिश्ते पाचन प्रक्रिया में भूमिका निभाते हैं क्योंकि हमारे द्वारा खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के अनुसार मस्तिष्क भूख और संतुष्टि की अनुभूति तय करता है। क्या आप स्वादिष्ट चॉकलेट बार चुनेंगे या कम कैलोरी वाले प्राकृतिक मिठास से भरपूर विकल्प? खासकर वजन घटाने की कोशिश कर रहे कई लोग दूसरा विकल्प चुनना ही बेहतर समझते हैं। लेकिन स्वादिष्ट भोजन से दूर रहना कुछ हद तक जटिल होता है। हम स्वाभाविक रूप से मिठास और ऊर्जा देने वाले भोजन को पसंद करते हैं क्योंकि हमारे पुरखे लंबे समय तक ऐसी चीज़ों पर निर्भर रहे हैं। इसके साथ ही आज अधिक कैलोरी और अत्यधिक परिष्कृत खाद्य पदार्थ भी उपलब्ध हैं। इन खाद्य पदार्थों के सेवन से हमें अपनी डाइट नियंत्रण टूटती हुई लगती है और अनावश्यक भोजन पर पछतावा हो सकता है।

“अत्यधिक परिष्कृत खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं मानो हिवी मेटल संगीत कार्यक्रम की तरह। ये बाकी सभी चीज़ों को पीछे धकेल देते हैं और फल व सब्ज़ियों को शास्त्रीय संगीत की तरह कम पसंदीदा बनाते हैं,” मिशिगन विश्वविद्यालय की मनोविज्ञान प्रोफेसर एश्ली गिअर्हार्ट बताती हैं। लेकिन शोध ने यह भी दिखाया है कि वजन नियंत्रित करने के लिए आप क्या खाते हैं, इससे अधिक फर्क पड़ता है कि आप खाने के बारे में कैसे सोचते हैं। वास्तव में स्वाद का सम्मान करते हुए खाने से स्वास्थ्य को काफी लाभ मिल सकता है। जब हम भोजन से संतुष्ट होते हैं, तो इससे भूख की अनुभूति कम होती है।

पंद्रह वर्ष पहले किए गए एक परीक्षण में यह पता चला कि खाने की मंशा से शरीर की प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण अंतर आता है। अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की मनोवैज्ञानिक एलिआ क्रम के नेतृत्व में हुए इस शोध में लोगों के एक समूह को उच्च कैलोरी वाला मिल्कशेक दिया गया और उनके शरीर में हार्मोन प्रतिक्रिया का अध्ययन किया गया। सभी प्रतिभागियों को ३८९ कैलोरी का मिल्कशेक मिला, लेकिन कुछ को बताया गया कि यह १४० कैलोरी वाली स्वस्थ विकल्प है जबकि कुछ को कहा गया कि यह ६२० कैलोरी वाला स्वादिष्ट शेक है। जिन्होंने स्वादिष्ट शेक की सोच के साथ उसे पीया, उनमें भूख बढ़ाने वाला ‘ग्रेलिन’ हार्मोन तेज़ी से कम हुआ। जबकि जिन्हें कम कैलोरी और स्वास्थ्यवर्धक बताया गया, उनके ग्रेलिन में केवल थोड़ी कमी आई।

यह स्पष्ट करता है कि खाने के प्रति हमारी अपेक्षा शरीर की प्रतिक्रिया को कैसे प्रभावित करती है। “यदि हम कहते हैं कि हम पर्याप्त खा चुके हैं तो हमारा शरीर भी उसी अनुसार प्रतिक्रिया देता है,” क्रम बताती हैं। स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है क्योंकि ग्रेलिन हमारे पाचन प्रक्रिया में महत्व रखता है। यदि हम पूरा खाने का अनुभव नहीं करते तो हमारा मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है और ऊर्जा की खपत कम हो जाती है। यदि आप वजन कम करने के उद्देश्य से मीठे, गर्म और उच्च कैलोरी वाले भोजन को नियंत्रित करने की सोच रहे हैं, तो कभी-कभी यह सोच उल्टा प्रभाव भी डाल सकती है।

डोल्पामा सरकारी कार्यालयले नै तिरेनन् खानेपानी महसुल

डोल्पा में सरकारी कार्यालयों ने खाना पानी शुल्क देना छोड़ा: समस्या बढ़ी

२५ वैशाख, डोल्पा। हिमालयी जिला डोल्पा में यह पता चला है कि सरकारी कार्यालयों ने भी खानेपानी का शुल्क नहीं दिया है, जिससे समस्या उत्पन्न हुई है। जिला मुख्यालय में पानी वितरण कर रही दुनै खानेपानी उपभोक्ता समिति ने बताया है कि सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ निजी और व्यावसायिक उपभोक्ता वर्षों से पानी का शुल्क नहीं दे रहे हैं। उपभोक्ताओं द्वारा शुल्क न देने से पानी प्रबंधन में और मुश्किलें आई हैं, यह बात दुनै खानेपानी उपभोक्ता समिति के सचिव हिक्मत शाही ने कही।

शाही के अनुसार, समिति द्वारा जड़े गए ३१६ पानी के कनेक्शनों में से २६ सरकारी कार्यालयों में स्थित हैं। इनमें से मुख्यालय में स्थित १० सरकारी कार्यालय एक साल से अधिक समय से शुल्क का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, ६१ निजी कनेक्शनों में से १४ और २२९ व्यावसायिक कनेक्शनों में से ४५ उपभोक्ताओं ने दो वर्ष से अधिक समय से शुल्क नहीं दिया है। ‘‘बार-बार पत्राचार और सार्वजनिक सूचना जारी करने के बावजूद अनेक उपभोक्ताओं ने बिल नहीं भरा, फिलहाल कार्यालयों के नाम नहीं लेंगे,’’ सचिव शाही ने कहा। उन्होंने बताया कि खानेपानी व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए कड़ाई आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो उपभोक्ता शुल्क नहीं देंगे, उनकी लाइन काटने के निर्देश दिए जा सकते हैं। कुछ कार्यालयों ने शुल्क भुगतान का दावा किया, लेकिन समिति के बैंक खाते में पैसा नहीं दिखा। समिति ने वित्त वर्ष २०८०/८१ से अब तक बैंक भुगतान के प्रमाण और ईएफटी विवरण संबंधित कार्यालयों से मांगे जाने की तैयारी कर रही है। बैंक स्टेटमेंट में कार्यालय का नाम स्पष्ट न होने के कारण राशि की पुष्टि में कठिनाई हो रही है।

शुल्क न उठने से कार्य में बाधा
समिति वर्तमान में निजी कनेक्शन के लिए मासिक न्यूनतम १५० रुपये, व्यावसायिक के लिए २०० रुपये और सरकारी कार्यालयों के लिए ५०० रुपये शुल्क ले रही है। न्यूनतम शुल्क न मिलने से कर्मचारी प्रबंधन और रखरखाव में कठिनाई हो रही है। समिति में वर्तमान में चार कर्मचारी कार्यरत हैं। मासिक खर्च ६० हजार रुपये से अधिक होने के बावजूद आय बराबर की है, सचिव शाही ने बताया। पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए समिति ने मुख्यालय क्षेत्र के सभी कनेक्शन में मीटर लगाने की योजना बनाई है। वैशाख १ से परीक्षण के लिए ६ कनेक्शनों में मीटर लगाए गए हैं। समिति ने बताया कि जेठ महीने से सभी कनेक्शनों में मीटर लगाने की तैयारी है। मीटर लगाने के बाद प्रति यूनिट शुल्क कितना लिया जाए यह अध्ययनाधीन है।

खानेपानी अध्यक्ष बबि किशोर गुरुङ ने बताया कि मुख्यालय क्षेत्रों में कई उपभोक्ता कनेक्शन खुले छोड़ते हैं और अनावश्यक पानी का उपयोग करते हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी हो रही है। ‘‘मीटर लगने के बाद पानी का दुरुपयोग नियंत्रित होगा और सभी उपभोक्ताओं को आवश्यकतानुसार पानी मिलेगा,’’ उन्होंने कहा। वर्तमान में दुनै क्षेत्र में शालीखोला और पाल्चाखोलाबाट प्रतिदिन लगभग २ लाख ४० हजार लीटर पानी वितरण हो रहा है। दिन में सुबह और शाम कुल ७ घंटे से अधिक पानी वितरण होता है, समिति ने बताया।

समिति ने जिला स्थित खानेपानी, सिंचाई तथा ऊर्जा विकास कार्यालय पर आवश्यक कार्य नहीं करने का आरोप लगाया है। मुख्यालय के पानी समस्या समाधान के लिए बार-बार आग्रह करने के बावजूद कार्यालय ने विभिन्न जनप्रतिनिधियों के दबाव में डीपीआर तैयार किया है, गुणवत्ताहीन काम किया है और अपूर्ण कामों का भुगतान किया है, यह आरोप अध्यक्ष गुरुङ ने लगाया। ‘‘दुनै खानेपानी के लिए पर्याप्त बजट होने के बावजूद उसका सही उपयोग न होने से समस्या बनी है,’’ गुरुङ ने बताया।

अध्यक्ष गुरुङ के अनुसार, इस वर्ष ऊपर दुनै में पुराने रिजर्व टंकी को तोड़कर १२८ घनमीटर क्षमता वाला नया टंकी निर्माण के लिए ठेका प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही क्याम्पस साइड, सरस्वती मंदिर और अस्पताल साइड में ५०-५० घनमीटर क्षमता वाले रिजर्व टंकी की मरम्मत और पाइपलाइन विस्तार के काम भी चल रहे हैं। समिति के अनुसार, २०६० में बने ९० घनमीटर क्षमता वाले पुराने रिजर्व टंकी के जीर्ण होने के कारण नया निर्माण आवश्यक है।

खानेपानी, सिंचाई तथा ऊर्जा विकास कार्यालय ने दुनै खानेपानी उपभोक्ता समिति को अब तक एक करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की है। हर वर्ष १० लाख से ३० लाख रुपये तक सहायता मिलती है, लेकिन बजट की कमी बनी रहती है, अध्यक्ष गुरुङ ने जानकारी दी। इस वर्ष रिजर्व टंकी निर्माण के साथ साथ जीआई पाइप और रखरखाव के लिए अतिरिक्त सहयोग की जरूरत है, समिति ने बताया।

‘डिजिटल ठगी’: बैंक खाता क्षण भर में खाली होने की घटनाओं के बीच विशेषज्ञों ने दिए सुरक्षा उपाय

काठमांडू के आरोहण बजगाईं (नाम परिवर्तित) विश्वविद्यालय के प्राध्यापक हैं। गत मंगलवार दोपहर वे अपने कार्यालय में थे। लगभग बारह बजे उनके मोबाइल पर ‘कनेक्ट आईपीएस’ नामक डिजिटल भुगतान प्रणाली से एक एसएमएस प्राप्त हुआ। “उसमें लिखा था ‘आपका कनेक्ट आईपीएस खाता बंद कर दिया गया है, पुनः प्रवेश के लिए यहाँ जाएं’ और एक लिंक दिया था,” उन्होंने बताया। चूंकि वह प्रणाली लेनदेन के लिए इस्तेमाल हो रही थी, इसलिए वे लिंक पर जाकर सक्रिय प्रक्रिया पूरी करने लगे। “निर्देशानुसार प्रक्रिया पूरा करने की पुष्टि मिलने के बाद मैंने काम शुरू किया।” शाम को घर पहुंचने पर वे हैरान रह गए, क्योंकि उनके मोबाइल के एसएमएस इनबॉक्स में कई बैंकों से रकम कटौती के संदेश भरे हुए थे। संबंधित डिजिटल भुगतान कंपनी के कार्यालय में संपर्क करने पर पता चला कि उनके गोपनीय विवरण दर्ज करने वाली वेबसाइट असली कनेक्ट आईपीएस नहीं, बल्कि नकली वेबसाइट थी। “मंगलवार को एक ही दिन में चार बैंक खातों से 23 लाख 83 हजार रुपये अन्य जगह स्थानांतरित हो चुके थे। साथ ही दो मोबाइल नंबरों पर पांच-पांच हजार रुपये जमा होने की भी जानकारी मिली।” तब से वे अपने पैसे वापस पाने की उम्मीद में कनेक्ट आईपीएस, बैंक और पुलिस से संपर्क में हैं। पुलिस ने मामले की जांच जारी बताया है और कहा है कि इस सप्ताह के भीतर इसका अंत नहीं हो पाएगा। फिर भी वे अपनी रकम वापसी की आशा रखते हैं। “किस बैंक और किस खाते में राशि गई है और उन खातों में इस्तेमाल मोबाइल नंबर भी पता हैं। संभवत: केवाईसी विवरण भी भरा गया होगा,” उन्होंने कहा।

बैंकों के खातों में अनधिकृत पहुंच बढ़ रही है, विशेष रूप से फिशिंग लिंक के माध्यम से व्यक्ति के बैंक खाते तक पहुंच कर पैसे चोरी होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए पुलिस ने आम जनता को सावधान रहने का आग्रह किया है। नेपाल पुलिस साइबर ब्यूरो के प्रवक्ता दिलीपकुमार गिरी ने बताया, “यह व्हाट्सएप हैक करके परिचितों से पैसे मांगने की घटना नहीं है। स्कैमर लोगों को धोखा देकर बैंक खातों तक पहुँच रहे हैं, यह पहले से अलग किस्म का मामला है।” उनके अनुसार, हाल के एक सप्ताह में 40 से अधिक ऐसे स्कैम की शिकायतें मिली हैं। “कई लोग 50 हजार रुपये से अधिक राशि खो चुके हैं,” प्रवक्ता गिरी ने बताया, “स्कैमर बल्क एसएमएस के जरिए झूठे संदेश भेजकर लोगों को फंसा रहे हैं।” कनेक्ट आईपीएस पर दैनिक लेनदेन की सीमा बैंक से अधिक होने के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान होने के मामले अधिक देखे जा रहे हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ सन्तोष शर्मा ने बताया कि डिजिटल ठग नकली वेबसाइटों में असली विवरण भरवा कर गुप्त जानकारी चुराते हैं। “नकली वेबसाइटें असली जैसी बनायी जाती हैं,” उन्होंने कहा। कनेक्ट आईपीएस ने अपने सिस्टम में किसी प्रकार की त्रुटि से इनकार किया है। सूचना अधिकारी मुन्नी राजभण्डारी ने कहा, “हम उपयोगकर्ताओं को फिशिंग लिंक के प्रति सचेत कर रहे हैं और नकली साइटों को बंद करने के प्रयास कर रहे हैं।”

राशि वापसी में कठिनाई आ रही है क्योंकि बैंकिंग सिस्टम की जटिलताओं के कारण इस सप्ताह बढ़े मामलों में समस्याएं देखने को मिली हैं, प्रवक्ता गिरी ने कहा। वे बताते हैं कि स्कैम करने वाले ग्राहक के बैंक खाते में पहुंच पाने के लिए विभिन्न तरीके अपना रहे हैं। “कुछ बैंक से फोन आने पर व्यक्तिगत विवरण मांगते हैं, कुछ ऑनलाइन शॉपिंग के बहाने स्क्रीन शेयर कर विवरण हासिल करते हैं।” ठग आमतौर पर ‘म्यूल’ खातों का इस्तेमाल कर बड़े लेनदेन करते हैं। “यदि कोई 50 हजार रुपये चोरी करता है, तो उसे 32 भागों में विभाजित कर 32 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जाता है। जांच में शीर्ष स्तर पर पैसों का पता नहीं चलता,” प्रवक्ता गिरी कहते हैं, “हम उन बैंकों को पत्र लिखकर जानकारी लेते हैं, लेकिन तब तक संबंधित खाता धारक भारत से एटीएम के जरिए रकम निकाल चुका होता है।” “हम प्रयासरत हैं, लेकिन अब तक वापस मिली रकम खोई रकम के मुकाबले बहुत कम है।” साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं और पीड़ितों का कुल नुकसान अरबों में पहुँच चुका है। “आर्थिक वर्ष २०७९/८० में 4,154 ऐसे मामले दर्ज हुए थे, जो पिछले वर्ष में बढ़कर 7,740 हो गए। इस वर्ष अब तक 5,433 लोग ठगी के शिकार हो चुके हैं।” बढ़ते खतरे को देखते हुए अनधिकृत पहुंच को रोकने के लिए नेपाल राष्ट्र बैंक अधिक सतर्कता अपनाया है, प्रवक्ता गुरुप्रसाद पौडेल ने बताया। “हमने खातों को रोकने के नियम बनाए हैं और संदिग्ध मामलों में कुछ समय के लिए लेनदेन रोकने की व्यवस्था की है, लेकिन लंबे समय के लिए रोकना संभव नहीं है, इसलिए 48 घंटे के भीतर कानूनी प्रक्रिया अनिवार्य है।” बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र में ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ गठित करने पर भी विचार चल रहा है, पौडेल ने बताया। “तकनीक ने तेजी से काम करने में मदद की है, लेकिन इसी ने आपराधिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया है। मैन्युअल समाधान करना मुश्किल हो रहा है।” साइबर ब्यूरो के प्रवक्ता गिरी का मानना है कि यह प्रस्ताव डिजिटल ठगी की घटनाओं को रोकने में मददगार होगा। “भले ही बैंकों के कार्यालय सार्वजनिक छुट्टियों पर बंद हों, लेकिन राष्ट्र बैंक, पुलिस और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के समन्वय से 24 घंटे सेवा सक्रिय हो सकती है।” उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को अधिक सक्रिय होना होगा। “मामला मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई आवश्यक है। हम सहयोग के लिए तैयार हैं।”

सावधानी के उपायों में पुलिस ने सर्वसाधारण को अनधिकृत बैंक पहुँच से जुड़े डिजिटल ठगी से बचने के लिए कई सुझाव दिए हैं। साइबर ब्यूरो द्वारा जारी सूचना में कहा गया है, “किसी भी फिशिंग लिंक पर क्लिक न करें, केवल आधिकारिक बैंकिंग वेबसाइटों का उपयोग करें, व्यक्तिगत व बैंकिंग विवरण को गोपनीय रखें, तथा किसी भी संदिग्ध लिंक की सूचना तुरंत पुलिस, साइबर ब्यूरो और बैंक को दें।” लेकिन डिजिटल ठग नए-नए तरीके अपना रहे हैं, जिससे सभी को सतर्क रहना आवश्यक है। नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता पौडेल ने कहा, “शिक्षित और तकनीकी ज्ञान रखने वाले लोग भी ठगी के शिकार हो रहे हैं। इसलिए अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, OTP और गोपनीय जानकारी साझा न करें, यह सर्वोत्तम सुरक्षा उपाय हैं।” साइबर ब्यूरो के प्रवक्ता गिरी भी शंकास्पद लिंक से बचने के लिए सतर्कता अनिवार्य बताते हैं। “बैंकिंग एप्लिकेशन में दो-चरणीय प्रमाणीकरण अनिवार्य होना चाहिए; ईमेल के पासवर्ड मजबूत रखें। साथ ही अज्ञात नंबरों से आने वाले व्हाट्सऐप कॉल पर सावधानी बरतें।” साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ शर्मा ने सुझाव दिया कि बैंकों और संबंधित संस्थाओं को व्यापक जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। “आम तौर पर स्कैम करने वाले सीधे जानकारी प्रभावित व्यक्ति से ही लेते हैं, न कि अन्य किसी से।”

अमच्याम नेपालको प्रतिनिधिमण्डलद्वारा अमेरिकी उपविदेशमन्त्रीसँग भेटवार्ता

अमच्याम नेपाल के प्रतिनिधियों ने अमेरिकी उपविदेश मंत्री से की मुलाकात

अमेरिकन चेम्बर ऑफ कॉमर्स इन नेपाल (अमच्याम नेपाल) के प्रतिनिधिमंडल ने वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी उपविदेश मंत्री क्रिस्टोफर लन्डौ से नेपाल–अमेरिका आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के विषय में चर्चा की। उपविदेश मंत्री लन्डौ ने राजनीतिक नेतृत्व में हो रहे परिवर्तनों के बावजूद टिकाऊ आर्थिक कूटनीति और निरंतर नीतिगत स्थिरता को दीर्घकालीन समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बताया।

अमच्याम नेपाल ने सेलेक्ट यूएसए समिट में नेपाल की ऐतिहासिक भागीदारी सुनिश्चित कराने में अमेरिकी विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय की निरंतर साझेदारी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। २५ वैशाख, काठमांडू। वाशिंगटन डीसी में सेलेक्ट यूएसए इन्वेस्टमेंट समिट में भाग लेने गए अमच्याम नेपाल के प्रतिनिधिमंडल ने उपविदेश मंत्री लन्डौ के साथ विशेष बैठक की।

उपविदेश मंत्री लन्डौ ने नेपाल–अमेरिका आर्थिक संबंध सुदृढ़ करने के अपने विचार अमच्याम नेपाल के सामने रखे। उन्होंने कहा, “नेपाल मेरे दिल में है और मैं एक दिन नेपाल की यात्रा करना चाहता हूं।” अमच्याम नेपाल के कार्यकारी निदेशक अमिर आर. थापा के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल ने उपविदेश मंत्रीलै नेपाल यात्रा का औपचारिक निमंत्रण भी दिया।

बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने अमच्याम नेपाल के बढ़ते प्रभाव और वर्तमान में १४ क्षेत्रों में ६६ अमेरिकी संबद्ध कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन के द्विपक्षीय व्यापारिक संलग्नता को विस्तारित करने संबंधी जानकारी दी। अमच्याम नेपाल ने नीतिगत स्थिरता, निजी क्षेत्र की नेतृत्व भूमिका और व्यापार-अनुकूल माहौल के माध्यम से नेपाल के निवेश वातावरण को सुधारने की प्रतिबद्धता पुनः व्यक्त की।