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लेखक: space4knews

बेल्जियम और मिस्र के बीच मुकाबला: गोल्डन जनरेशन की प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती

साल 2026 के फीफा विश्व कप के अंतर्गत समूह ‘जी’ के मैच में बेल्जियम और मिस्र सिएटल स्टेडियम में आमने-सामने होंगे। चोट से उबर चुके कप्तान मोहम्मद सलाह की अगुवाई में मिस्र मैदान में उतरेगा, जबकि बेल्जियम अपनी प्रतिष्ठा बचाने का प्रयास करेगा। इन दोनों टीमों के बीच खेले गए चार मुकाबलों में मिस्र ने तीन बार जीत हासिल की है, जबकि बेल्जियम ने एक बार जीत दर्ज की है। 1 असार, काठमांडू।

साल 2022 के विश्व कप समूह चरण से बाहर हुई बेल्जियम इस बार मिस्र के खिलाफ खेलते हुए फीफा विश्व कप 2026 की यात्रा शुरू करेगी। वाशिंगटन के सिएटल स्टेडियम में यह मुकाबला नेपाली समय के अनुसार रात पौने एक बजे से शुरू होगा। समूह ‘जी’ के इस मैच का दोनों टीमों के लिए बहुत महत्व है। चौथी बार विश्व कप खेलने उतरे मिस्र की कोशिश होगी कि वह 14 बार विश्व कप खेल चुकी बेल्जियम को रोक सके।

मिस्र पूरी तरह स्वस्थ खिलाड़ियों और उच्च मनोबल के साथ अपनी विश्व कप यात्रा की शुरुआत कर रहा है। अप्रैल के अंत में हेमस्ट्रिंग की चोट लगने वाले मोहम्मद सलाह पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। सलाह विंगर की भूमिका निभाते हुए मिस्र की कप्तानी करेंगे। कोच होसाम हसन संभवतः बेल्जियम के दबाव को सहते हुए काउंटर-अटैक पर जोर देने की रणनीति बनाएंगे।

साल 2022 के कतर विश्व कप में समूह चरण से शर्मनाक बाहर होने वाली बेल्जियम इस बार अपनी घटती हुई ‘गोल्डन जनरेशन’ की प्रतिष्ठा बचाने का प्रयास करेगी। प्रीमियर लीग के लियान्द्रो ट्रोसार्ड और जेरेमी डोकु विंगर की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि स्ट्राइकर के रूप में रोमेलु लुकाकू मैदान में उतरेंगे।

सरकार ने काम न करने वाले जलविद्युत परियोजनाओं के लाइसेंस rद्द करने की प्रक्रिया शुरू की

सरकार ने लंबे समय से काम न करने वाले जलविद्युत परियोजनाओं के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऊर्जा, जलसंसाधन और सिंचाई मंत्रालय द्वारा गठित समिति ने विद्युत खरीद समझौता करने के बावजूद प्रगति न करने वाली 38 जलविद्युत परियोजनाओं के अनुमतिपत्र रद्द करने की सिफारिश की है। ऊर्जा विशेषज्ञ प्रबल अधिकारी ने बताया कि सिर्फ लाइसेंस रद्द करना समाधान नहीं है, बल्कि परियोजनाओं के न बनने के मुख्य कारणों की पहचान आवश्यक है।

सरकार ने यह प्रक्रिया 1 असार से शुरू की है। समिति ने विद्युत खरीद समझौता (पीपीए) के बावजूद लंबे समय तक किसी भी प्रगति नहीं करने वाली कुल 1,388 मेगावाट क्षमता वाली 38 जलविद्युत परियोजनाओं के अनुमति पत्र रद्द करने की सिफारिश की है। विद्युत विभाग ने भी 11 परियोजनाओं के लाइसेंस रद्द करने का सुझाव दिया था। मंत्रालय ने बताया कि रद्द करने की प्रक्रिया विद्युत विकास विभाग के माध्यम से आगे बढ़ेगी।

मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं की प्रगति के आधार पर उन्हें ‘ग्रीन’, ‘यैलो’, ‘यैलो प्लस’ और ‘रेड’ ज़ोन में वर्गीकृत किया गया है। पाँच वर्षों में 50 प्रतिशत से अधिक प्रगति करने वाली 15 परियोजनाओं को प्राथमिकता देकर शीघ्र पूर्ण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। अत्यंत कमजोर प्रगति वाली 75 परियोजनाओं को समस्याग्रस्त घोषित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

ऊर्जा विशेषज्ञ प्रबल अधिकारी ने कहा कि केवल लाइसेंस रद्द करना अंतिम समाधान नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजनाएं क्यों रोक गईं, इसकी गहरी वजहों का पता लगाना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना कारण समझे लाइसेंस रद्द कर नए आवेदकों को देने से समस्याएं दोहराई जा सकती हैं और राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में और देरी हो सकती है।

नेपाल-चीन संबंध को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त

१ असार, बेइजिंग। नेपाल और चीन ने दोनों देशों के पारस्परिक हितों को ध्यान में रखते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने का साझा संकल्प व्यक्त किया है। चीन के दौरे पर गए नेपाल के परराष्ट्रमंत्री शिशिर खनाल ने सोमवार को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भेंट की और नेपाल-चीन संबंधों को और मजबूती प्रदान करने पर चर्चा की। चार दिवसीय औपचारिक दौरे के दौरान हुई इस बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की, जिसकी जानकारी परराष्ट्रमंत्री ने दी।

इस चर्चा में विशेष रूप से संपर्क नेटवर्क (कनेक्टिविटी), सीमा प्रबंधन, व्यापार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और बहुपक्षीय सहयोग के विषय शामिल थे। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने जनसंपर्क स्तर पर संबंधों के विस्तार पर भी विचार विमर्श किया। हाल के वर्षों में राजनीतिक, आर्थिक और आधारभूत संरचना विकास के क्षेत्रों में नेपाल और चीन के बीच सहयोग बढ़ रहा है, ऐसे में उच्चस्तरीय बातचीत से द्विपक्षीय संबंधों को और गुणात्मक रूप देने की उम्मीद है। परराष्ट्रमंत्री खनाल ने बैठक के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से एक संदेश में चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ हुई बैठक को फलदायी एवं व्यापक संवाद बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने साझा हितों के क्षेत्रों में सहयोग को अधिक प्रभावी बनाना केंद्रित कर चर्चा की। यह बैठक नेपाल-चीन कूटनीतिक संवाद को निरंतर जारी रखने और विकास तथा आधारभूत संरचना सहयोग के एजेंडे को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

स्पेन और केप वर्डे के बीच गोलरहित ड्रॉ

फीफा विश्व कप–2026 के तहत जारी मुकाबले के पहले हाफ में स्पेन और केप वर्डे के बीच गोलरहित बराबरी रही। 1 असार, काठमांडू। अमेरिका के अटलांटा स्थित अटलांटा स्टेडियम में खेले गए इस मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों ने गोल करने में सफल नहीं हुईं। 2010 के विश्व विजेता स्पेन ने पहली बार विश्व कप खेल रहे केप वर्डे पर दबाव बनाते हुए कई अवसर बनाए, लेकिन गोल करने में असफल रहा। केप वर्डे के गोलकीपर भोजिन्हा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्पेन के आक्रमणों को काबू में रखा।

सिलिकन भ्याली में नदीश की १२ कविताओं की प्रस्तुति

कवि नदीश ने अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित सिलिकन भ्याली में आयोजित कार्यक्रम में अपनी नई और पुरानी कुल १२ कविताएँ प्रस्तुत कीं। शनिवार शाम हुए इस कार्यक्रम में नदीश की कविताओं के पाठ के दौरान संयम आचार्य ने गिटार और पियानो, दीपक गौतम ने गिटार और प्रदीप विष्ट ने बांसुरी तथा मुर्चुङ्गा बजाए। ये तीनों आईटी क्षेत्र में कार्यरत हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन सिलिकन भ्याली स्थित स्टार्टअप कॉन्फ्लुएंस लैब द्वारा किया गया था।

नदीश ने “यस्तो हुनु”, “बांसुरी”, “झरी पर्दा”, “घर फर्किरहेछ कोही”, “अचेत सभ्यताको माझबाट”, “रोकिन मन छ- नजाऊ भनिदिने कोही छैन”, “म फेरि आउँछु”, “मौन बस्न देऊ” सहित कई शीर्षक कविताएँ पढ़ीं। दर्शकों ने “हिमवृष्टि” और “तृष्णा” कविताएँ सुनने की इच्छा जताई। नदीश के समकालीन कवि गजेन्द्र कटुवाल ने उनकी कुछ कविताएँ पढ़कर प्रस्तुत कीं।

कार्यक्रम में नदीश ने कहा, “साहित्यिक माहौल में मैं कविता प्रस्तुत करता रहा हूं, लेकिन इस बार तकनीक से जुड़े अपने दशक पुराने परिचितों और समकालीनों के बीच अपनी कविताएँ सुनाना मेरे लिए एक अलग व सुखद अनुभव था।” आयोजक प्रदीप विष्ट ने कहा, “तकनीकी क्षेत्र में लगातार एकरस काम करने से थकान होती है। नदीश की कलात्मक कविताएँ हमें प्रकृति और अध्यात्म से भरपूर आनंद की अनुभूति कराती हैं।”

नदीश की कविताओं का नवीनतम संग्रह “हिउँद” को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। उन्होंने कहा, “आईटी क्षेत्र में काम करते हुए भी मेरी कविता के प्रति हमेशा से गहरी लगाव रही है। केवल तकनीक होती तो मेरा जीवन नीरस होता। कविताओं ने मेरे जीवन में रंग भरे हैं।” नदीश रुकुम के निवासी हैं और उन्होंने ललितपुर में स्थित पुल्चोक इंजीनियरिंग कॉलेज से अध्ययन किया है।

सोमवार भी मतदान प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी

१ असार, काठमाडौं । राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के कर्णाली प्रदेश अधिवेशन के अंतर्गत मतदान प्रक्रिया सोमवार भी शुरू नहीं हो सकी। विवाद के बीच पार्टी के नेता नेतृत्व चयन प्रक्रिया को सर्वसम्मत अनुमोदन कराने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदेश सदस्य के लिए सर्वसम्मत नामांकित उम्मीदवारों के भी मतदान करने के निर्णय के बाद विवाद उत्पन्न हुआ बताया गया है। प्रदेश सभापति पद के लिए वर्तमान सभापति मदन खड्का, नेता नन्दकिशोर बस्नेत और कोषाध्यक्ष स्नेहा उपाध्याय ने उम्मीदवाऱता दायर की है। पहले चरण में सभापति और सदस्य पद का चुनाव होगा जबकि दूसरे चरण में अन्य पदाधिकारियों का चुनाव करने का योजना है। सोमवार को स्थगित किया गया मतदान मंगलवार के लिए निर्धारित किया गया है।

ट्रेनिङ ग्राउन्ड, बुढानिलकण्ठ, अन्नपूर्ण और आइएसए ने मिली जीत दर्ज की

१ असोज, काठमाडौं। ट्रेनिङ ग्राउन्ड, बुढानिलकण्ठ नगरपालिका, अन्नपूर्ण और आइएसए नेपाल ने १०वीं राष्ट्रीय महिला खुला बास्केटबाल चैंपियनशिप में सोमवार को विजयी शुरुआत की है। नेपाल बास्केटबाल संघ (नेबा) के आयोजन में कीर्तिपुर कवरडहाल में सोमवार से शुरू हुई प्रतियोगिता के पहले दिन, समूह ए के ट्रेनिङ ग्राउन्ड ने लुम्बिनी प्रदेश को ८४-२३ के बड़े अंतर से हराया। ट्रेनिङ ग्राउन्ड ने सभी चार क्वार्टरों में बढ़त बनाते हुए २४-८, २६-६, २२-१, और १२-८ का स्कोर बनाया। इस मुकाबले में रोशनी श्रेष्ठ को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

इसी प्रकार, समूह बी के मुकाबले में बुढानिलकण्ठ ने प्रतिस्पर्धात्मक ग्राण्डी स्टार्स को ५०-३८ से हराया। ग्रांडीनें पहले क्वार्टर में १६-१२ तथा दूसरे क्वार्टर में ९-५ की बढ़त बनाते हुए हाफटाइम तक २५-१७ की बढ़त बनाई थी। मगर बुढानिलकण्ठ ने अंतिम दो क्वार्टरों में १०-१ और २३-१२ का स्कोर कर वापसी करते हुए मुकाबला जीत लिया। इस खेल में राष्ट्रीय टीम की कप्तान अनुसा मल्ल को प्लेयर ऑफ दी मैच घोषित किया गया।

समूह ए में उपत्यका के बाहर के दो टीमों के बीच हुए मुकाबले में अन्नपूर्ण बास्केटबाल एसोसिएशन ने सुनसरी बास्केटबाल एसोसिएशन को ४४-३५ से मात दी। अन्नपूर्ण ने क्वार्टरों में क्रमशः १०-५, १३-५, ५-१० और १६-१५ का प्रदर्शन किया। अन्नपूर्ण की निबीती शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं समूह ए के एक अन्य प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबले में आइएसए नेपाल ने लेट्स गो बास्केटबाल एकेडेमी को ४८-४१ से हराया। पहले क्वार्टर में लेट्स गो बास्केटबाल एकेडेमी ने १८-१२ की बढ़त बनाई, लेकिन उसके बाद आइएसए नेपाल ने वापसी की। दूसरे क्वार्टर में आइएसए नेपाल ने ११-६ का स्कोर बनाकर अपनी झोली में बढ़त डाली, जबकि तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने बराबर १०-१० स्कोर किया। तीसरे क्वार्टर के अंत तक लेट्स गो बास्केटबाल एकेडेमी ३४-३३ से आगे था, लेकिन चौथे और अंतिम क्वार्टर में आइएसए नेपाल ने १५-७ से बढ़त बनाकर मैच जीत लिया। आइएसए की मिली लामा तामाङ को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया।

मधेश सरकार ने 41 अरब के बजट का किया सार्वजनिक, उपभोक्ता समितियों को कमजोर बनाने की नीति घोषित

मधेश सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष के लिए 41 अरब 13 करोड़ 6 लाख रुपये का बजट सार्वजनिक किया है। वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए बजट में एक करोड़ रुपये से कम लागत वाली योजनाओं के लिए बजट आबंटित न करने की नीति अपनाई गई है। बजट में ‘मुख्यमंत्री बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ कार्यक्रम को संशोधित कर ‘महिला स्वरोजगार कार्यक्रम’ संचालित करने की व्यवस्था की गई है।

अर्थ मंत्री युवराज भट्टराई ने सोमवार को प्रदेशसभा में बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि ‘मेड इन मधेश, समृद्ध प्रदेश’ साझा संकल्प को साकार करने हेतु यह बजट लाया गया है। हालांकि, इस नारे का व्यावहारिक प्रभाव कितना प्रभावशाली होगा, इस पर संशय व्यक्त किया जा रहा है। बजट में चालू खर्च के लिए 14 अरब 66 करोड़ 32 लाख 29 हजार रुपये यानी कि 35.64 प्रतिशत और पूंजीगत खर्च के लिए 26 अरब 47 करोड़ 53 लाख 71 हजार रुपये यानी कि 64.36 प्रतिशत विनियोजित किया गया है।

बजट में विकास परियोजनाओं को खुली प्रतिस्पर्धा के माध्यम से लागू करने का उल्लेख है। वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए एक करोड़ रुपये से कम लागत वाली योजनाओं के लिए बजट विनियोजन न करने, नए वाहन खरीद पर रोक लगाने तथा अनुत्पादक खर्च में कटौती कर पूंजीगत निर्माण में निवेश बढ़ाने की नीति अपनाई गई है। इस बजट को पूर्व सचिवों ने महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा है कि यह उपभोक्ता समितियों को कमजोर बनाने के लिए एक करोड़ रुपये से कम लागत वाली विकास योजनाओं को निरुत्साहित करेगा।

बजट में सरकार ने उत्पादन और रोजगार वृद्धि का लक्ष्य रखा है। इसमें कृषि और उद्योग क्षेत्रों के आधुनिकीकरण एवं नवाचार के माध्यम से प्रदेश के भीतर रोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का उल्लेख है। इसके लिए किसानों को प्रत्यक्ष अनुदान उपलब्ध कराने और डिजिटल किसान कार्ड वितरण की योजना बनाई गई है। सरकार का विश्वास है कि इससे अनुदान वितरण प्रक्रिया में दलालों की भूमिका समाप्त होगी।

बाबुराम ने बालेन से ऐतिहासिक आर्थिक समस्याओं के स्थायी समाधान का आग्रह किया

फाइल फोटो १ असार, काठमांडू। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. बाबुराम भट्टराई ने नेपाल की आर्थिक क्षेत्र में गंभीर संरचनात्मक संकट के उभरने की बात करते हुए नई पीढ़ी के नेताओं से इसके स्थायी समाधान खोजने का आग्रह किया है। युवा बहुल संसद और सरकार को ध्यान में रखते हुए डॉ. भट्टराई ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक स्टेटस लिखकर यह अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा निर्यात में बाधा उत्पन्न करने के बाद ८३ चाय उद्योग बंद करने की घोषणा और पिछले वर्ष की तुलना में १२० उद्योग कम पंजीकृत होना देश की गंभीर आर्थिक संकट का संकेत है।

‘ये अत्यंत गंभीर आर्थिक क्षेत्र के संरचनात्मक संकट के संकेत हैं। नेपाल में कुल ११.४ प्रतिशत जीडीपी (कुल घरेलू उत्पादन) और १३.८ प्रतिशत श्रमशक्ति (साल २०२४ के आंकड़ों के अनुसार) के साथ एक कमजोर औद्योगिक क्षेत्र मौजूद है,’ उन्होंने लिखा, ‘सबसे गंभीर बात यह है कि राष्ट्रीयता के अन्य पक्षों में हम नेपाली जितने संवेदनशील हैं, आर्थिक राष्ट्रीयता से जुड़े विषयों में हमारी बालसुलभ अज्ञानता और मौनता बहुत चिंताजनक है।’ पूर्व वित्तमंत्री भी रहे डॉ. भट्टराई ने ४० साल पहले १९८६ में भारत के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रस्तुत अपनी पीएचडी शोध प्रबंध को याद करते हुए नेपाल में परनिर्भरता और अल्पविकास का विश्लेषण किया।

‘मैंने ठीक ४० साल पहले जेएनयू में प्रस्तुत किए गए “द नेचर ऑफ अन्डरडेवलपमेंट एंड रीजनल स्ट्रक्चर ऑफ नेपाल” विषयक शोध प्रबंध में इसी संरचनात्मक आर्थिक अल्पविकास और परनिर्भरता के आंतरिक और बाहरी कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया था,’ उन्होंने स्मरण कराया, ‘लेकिन उसके बाद के वर्षों में हम राजनीतिक अधिकारों के संघर्ष में व्यस्त रहे।’ अपनी पीढ़ी का अधिकांश समय राजनीतिक व्यवस्था परिवर्तन के संघर्ष में बिताने के बाद उन्होंने कहा कि अब देश की आर्थिक बीमारी का उपचार करने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के कंधों पर आ गई है। ‘अब नई ऊर्जा और जोश के साथ सत्ता सम्हाल रहे साथियों से मैं पूछना चाहता हूं कि क्या वे इस ऐतिहासिक आर्थिक बीमारी का स्थायी समाधान खोजेंगे?’ उन्होंने यह प्रश्न करते हुए सुझाव दिया। नेपाली चाय के भारत निर्यात में आ रही बाधा और उद्योग पंजीकरण में गिरावट के कारण देश के औद्योगिक माहौल के कमजोर होने के मध्य पूर्व प्रधानमंत्री भट्टराई की यह अभिव्यक्ति आई है।

अमेरिका और ईरान जेनेवा में समझौते पर हस्ताक्षर के लिए तैयार, इज़राइल की असहमति जारी

अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान के बीच सौ दिन से अधिक चले संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रारंभिक समझौते पर आगामी शुक्रवार जेनेवा में हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते के तहत ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाने और 24 अरब अमेरिकी डॉलर की राशि को अनलॉक करने का प्रस्ताव रखा गया है। इज़राइल ने इस समझौते पर असहमति जताई है और लेबनान में हवाई हमले जारी रखे हुए हैं। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस समझौते का कड़ा विरोध किया है। 1 असार, काठमांडू। संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान ने रविवार को अपने समझौते पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस ऐतिहासिक समझौते से क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा स्थापित होने का दावा किया है। युद्धरत दोनों पक्षों के प्रतिनिधि आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में उपस्थित होंगे। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इस दस्तावेज़ को एक समझदारी पत्र के रूप में वर्णित किया है। हालांकि यह समझौता कोई अंतिम संधि नहीं है, लेकिन इससे दोनों पक्षों के बीच वार्ता के द्वार खुलने की उम्मीद है। विशेष रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसपर लगे प्रतिबंध जैसे विवादास्पद मुद्दों पर यह वार्ता होगी।

तेहरान ने भविष्य में संभावित वार्ता के लिए कुछ पूर्व शर्तें रखी हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस समझौते के बावजूद सैन्य आक्रमण के पुनः होने की संभावना पर भी चेतावनी दी है। प्रारंभिक शांति समझौते के विस्तृत शर्तें अभी तक आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं हुई हैं। लेकिन अमेरिका और ईरान दोनों के अधिकारी इस समझौते की व्याख्या अपने-अपने संदर्भों में कर रहे हैं। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अनुसार, सोमवार मध्यरात्रि से सभी मोर्चों पर युद्ध और सैन्य कार्रवाई तुरंत और स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगी। इसमें लेबनान का मोर्चा भी शामिल है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने शुक्रवार को जेनेवा में उच्च स्तरीय हस्ताक्षर समारोह की जानकारी दी है। ईरानी संसद के सभापति मोहम्मद बगेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराकची भी इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए जेनेवा के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प कूटनीतिक रूप से सक्रिय दिख रहे हैं और उन्होंने रविवार को अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की। इस वार्ता का मुख्य विषय ईरान से समझौता रहा। अमेरिका और ईरान के बीच इस शांति समझौते की घोषणा को विश्व के कई देशों ने स्वागत किया है।

लेकिन इज़राइल ने इस समझौते के प्रति अपनी कड़ी असहमति जताई है। इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने राष्ट्रपति ट्रम्प को प्रतिबद्ध रूप से अपनी असहमति व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह समझौता इज़राइल के लिए बाध्यकारी नहीं होगा। इज़राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इटामार बेन-गबिर ने कहा, “ट्रम्प का समझौता हमें बांधता नहीं है। इज़राइल एक स्वतंत्र राष्ट्र है।” इसी बीच, नेतन्याहू सरकार की रणनीतिक असफलता की आलोचना करते हुए विपक्षी नेता याइर गोलान ने इसे इज़राइल के इतिहास की सबसे बड़ी रणनीतिक विफलता करार दिया है।

नेपाली यात्रुहरुका लागि श्रीलंकाको सपनाजस्तो टापु अझ नजिक

श्रीलंका सरकारले नेपालसहित विश्वका लगभग ४० देशका नागरिकलाई निःशुल्क अनलाइन भिसा सुविधा उपलब्ध गराउने निर्णय गरेको छ। हिन्द महासागरको बीचमा मोतीझैं चम्कने एउटा टापु छ, जहाँ बिहान चियाबगानमाथि कुहिरो खेल्छ। दिउँसो प्राचीन सभ्यताका अवशेषहरूले इतिहास सुनाउँछन्, र साँझ समुद्रको लहरले यात्रुको थकान बगाइदिन्छ। अहिले यो देश नेपाली यात्रुका लागि अझ सहज भएको छ। हालै श्रीलंका सरकारले नेपालसहित लगभग ४० देशका नागरिकलाई निःशुल्क अनलाइन भिसा सुविधा दिने निर्णय गरेपछि त्यहाँ यात्रा गर्न अझै सजिलो भएको छ। पहिले भिसा शुल्कमा खर्चिनुपर्ने रकम अब बच्ने भएकाले धेरै नेपालीका लागि श्रीलंका ‘बजेट फ्रेन्ड्ली’ विदेशी गन्तव्य बनेको छ। काठमाडौँबाट कोलम्बो पुग्न करिब ३–४ घण्टा मात्र लाग्छ। छोटो दूरी, सांस्कृतिक समानता, स्वादिष्ट खाना र समुद्रदेखि पहाडसम्मको विविधताले श्रीलंका अहिले दक्षिण एसियाकै सबैभन्दा आकर्षक पर्यटकीय गन्तव्यमध्ये एक बनेको छ।

नेपालजस्तै यहाँ पनि बौद्ध संस्कृतिको गहिरो प्रभाव देखिन्छ। गुम्बामा सुनिने प्रार्थना, भिक्षुहरूको उपस्थिति र स्तूपहरूको शान्त वातावरणले नेपाली यात्रुलाई आत्मिय अनुभूति गराउँछ। स्थानीय मानिसहरू पनि अतिथिसेवा र स्वागतशील छन्। समुद्र किनारमा आराम चाहनेदेखि इतिहास र संस्कृतिमा रुचि राख्नेहरू सबैका लागि यहाँ केही न केही विशेष भेटिन्छ। सिगिरिया, कान्दी, नुवारा एलिया, एला र याला राष्ट्रिय निकुञ्ज जस्ता स्थानहरूले यहाँको यात्रा अझ विशेष बनाउँछन्।

श्रीलंकाको यात्रा त वहाँको खानाबिना पूरा हुँदैन। यहाँको खानामा मसला, दाल, करी र भातले नेपाली स्वादकै याद दिलाउँछ। नारिवल श्रीलंकाको प्रमुख उत्पादनमध्ये एक हो र धेरै परिकारमा यसको प्रयोग हुन्छ। ‘कोट्टु रोटी’ र ‘हपर्स’ जस्ता परिकारहरू यहाँका विशेषता हुन्। क्यासिनो पर्यटनको लागि पनि कोलम्बो आकर्षक गन्तव्य बन्दैछ। सामान्य रूपमा ७ दिनको श्रीलंका यात्रा एक जनाको लागि मध्यम बजेटमा ७० हजारदेखि १ लाख २० हजार रुपैयाँसम्ममा सम्पन्न गर्न सकिन्छ। हवाई टिकट, होटेलको स्तर र यात्राको शैली अनुसार खर्च बढघट हुन सक्छ।

रावल आयोग की प्रतिवेदन के कार्यान्वयन में, अतिक्रमित जमीन के हक हस्तांतरण को रोकने पत्राचार जारी

सरकार ने रावल आयोग की प्रतिवेदन के आधार पर अतिक्रमित सरकारी और सार्वजनिक जमीनों को रोकने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। भूमि व्यवस्था मंत्रालय ने प्रतिवेदन में उल्लिखित जमीनों के किनबेच और नामांतरण को प्रतिबंधित करने हेतु संबंधित विभागों को निर्देश दिया है। मन्त्रिपरिषद के निर्णयानुसार प्रतिवेदन के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आठ सदस्यों की समिति गठित कर प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। १ असार, काठमाडौं।

सरकार ने सरकारी और सार्वजनिक जमीनों के जांच और संरक्षण से संबंधित उच्चस्तरीय आयोग (रावल आयोग) की प्रतिवेदन कार्यान्वयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रतिवेदन में शामिल सभी अतिक्रमित सरकारी और सार्वजनिक जमीनें किसी भी प्रकार के हक हस्तांतरण के लिए प्रतिबंधित की गई हैं। भूमि व्यवस्था, सहकारी संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय ने भूमि प्रबंधन और अभिलेख विभाग तथा नापी विभाग को पत्राचार के माध्यम से निर्देश दिया है कि आयोग की प्रतिवेदन में उल्लिखित अतिक्रमित जमीनों की किनबेच, नामांतरण या अन्य किसी माध्यम से हक हस्तांतरण न हो, इसका कड़ाई से पालन किया जाए।

मंत्रालय के अनुसार, सरकारी और सार्वजनिक जमीन की छानबीन एवं संरक्षण के लिए गठित उच्चस्तरीय आयोग की प्रतिवेदन सरकार को सौंप दी गई है। इस प्रतिवेदन के कार्यान्वयन हेतु मन्त्रिपरिषद ने निर्णय ले लिया है और इसे प्रभावी बनाने के लिए आठ सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। मन्त्रिपरिषद के निर्देशानुसार, प्रतिवेदन में उल्लिखित जमीनों के स्वामित्व परिवर्तन को रोकने के लिए भूमि प्रबंधन एवं अभिलेख विभाग एवं नापी विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू की गई हैं, जिसे मंत्रालय ने भी पुष्टि की है।

अमेरिका और ईरान समझौते पर प्रमुख नेताओं की प्रतिक्रियाएं क्या हैं?

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने, नाकाबंदी हटाने और होर्मुज स्ट्रेट पुनः खोलने के विषय में ऐतिहासिक समझौता हुआ है। संयुक्त राष्ट्र समेत विश्व के प्रमुख नेताओं ने इस शांति समझौते पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और इसके पूर्ण कार्यान्वयन एवं परमाणु निरस्त्रीकरण पर जोर दिया है। समझौते के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में सकारात्मक प्रभाव देखा गया है, जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार लगभग ५ प्रतिशत बढ़े हैं। १ असार, काठमाडौं। अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों ने रविवार को युद्ध समाप्त करने वाले ऐतिहासिक समझौते की घोषणा की है। दोनों देशों के बीच ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकाबंदी हटाने और होर्मुज स्ट्रेट को पुनः खोलने पर सहमति बन गई है। इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से तेल की ढुलाई पुनः शुरू होने से वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतों में गिरावट आने की संभावना है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस ऐतिहासिक समझौते पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर महासचिव की राय व्यक्त की है। प्रवक्ता के अनुसार, महासचिव ने इस शांति समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच तत्काल और स्थायी युद्धविराम, होर्मुज स्ट्रेट का पुनः संचालन और आगे की वार्ता के लिए रूपरेखा तैयार करना संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” इसी प्रकार, ई-४ के नेताओं ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करते हुए संयुक्त विज्ञप्ति जारी की है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानिज ने भी इस कदम की प्रशंसा करते हुए कहा, “ऑस्ट्रेलिया सरकार संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करती है।”

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने जलमार्ग की स्वतंत्रता और सुरक्षा के मुद्दे को मुख्य रूप से उठाया है। उन्होंने कहा, “हम इस बात पर स्पष्ट हैं कि अब होर्मुज स्ट्रेट में टोल-फ्री जहाजों की स्वतंत्र आवागमन पुनः बहाल होनी चाहिए।” यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने इस समझौते को महंगे युद्ध का अंत करने वाला बताया। उन्होंने कहा, “मैं वाशिंगटन और तेहरान के बीच हाल ही में घोषित समझौते का स्वागत करता हूं।” इस शांति घोषणा के सकारात्मक प्रभाव वैश्विक शेयर बाजारों में तुरंत दिखाई दिए हैं। जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार शुरुआती कारोबार में लगभग ५ प्रतिशत बढ़े हैं।

विश्व शांति और करुणा के लिए यात्रा करता एक कुत्ता

समाचार सारांश

  • विश्व शांति के संदेशवाहक ‘पीस डॉग’ अलोका लुम्बिनी होते हुए काठमांडू पहुंचा है।
  • वियतनामी भिक्षु पन्याकर के साथ नेपाल आया अलोका स्वयम्भु परिक्रमा करेगा और राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से मुलाकात का कार्यक्रम है।
  • भारत की सड़क पर बेसहारा हालत में पाया गया यह कुत्ता अमेरिका में 2300 मील की पैदल यात्रा पूरी कर चर्चित हुआ था।

मध्याह्न था। तेज धूप थी। स्वयम्भु की ऊंचाई पर ठंडी हवा के साथ रंग-बिरंगे लुङ्गी लहरा रहे थे। उसी समय आनंदकुटी विहार की सीढ़ियां चढ़ते हुए एक कुत्ता दिखाई दिया। उसके गले में एक स्कार्फ बंधा था जिस पर लिखा था – अलोका : पीस एम्बेसडर

यह वही कुत्ता था, जो विश्व शांति और करुणा का संदेशवाहक बना है।

यह वही कुत्ता था, जो अमेरिका में 19 बौद्ध भिक्षुओं के साथ 2300 मील लंबी पैदल यात्रा (वॉक फॉर पीस) में भाग ले चुका है।

यह वही कुत्ता था, जो भारत की सड़कों पर बेसहारा जीवन बिता रहा था।

कभी अपने लिए एक वक्त का खाना और सुरक्षित आश्रय खोजते भटकने वाला यह कुत्ता अब ‘सेलिब्रिटी’ बन चुका है।

अलोका, द पीस डॉग। आज यही उपनाम से पूरे विश्व में उसे पहचाना जाता है। बौद्ध भिक्षुओं के साथ विश्व यात्रा कर रहा यह कुत्ता आज लुम्बिनी से बुद्ध एयर के जहाज से काठमांडू उतरा है। बुद्ध एयर ने सोशल मीडिया पर उसकी उड़ान पर स्वागत करते हुए खुशी जताई।

भिक्षुओं के समूह के साथ अलोका विमानतल से बौद्ध विहार होते हुए आनंदकुटी में विश्राम कर रहा था। फिर मध्याह्न में स्वयम्भु पहुंचा। भक्तों की लंबी कतार के बीच स्वयम्भु का फेरा लगा। उसके बाद राष्ट्रपति भवन की ओर रवाना हुआ।

 

इस गतिशील यात्रा में वह शांत और सौम्य नजर आ रहा था। सिर्फ तस्वीरें खिंचवाने के लिए नहीं, बल्कि उसे छूने के लिए भी वहां उत्सुक लोगों की भीड़ थी।

अलोका कौन था? उसने भिक्षु संगत कैसे पाई? विश्व शांति की यात्रा पर कैसे निकला? यह सिलसिला समझाने से पहले उसकी वर्तमान यात्रा की जानकारी लेते हैं।

एक सप्ताह से भारत भ्रमण पर रहे वियतनामी भिक्षु पन्याकर के साथ अलोका कल लुम्बिनी पहुंचा था। वह सुनौली होते हुए लुम्बिनी पहुँचे। वहां अखंड शांति द्वीप से मायादेवी मंदिर तक उन्हें पीस वॉक करना था। मायादेवी मंदिर में उनका भव्य स्वागत किया गया।

आज काठमांडू पंहुचने के बाद वह बौद्ध, स्वयम्भु की परिक्रमा करेगा और राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से मुलाकात करेगा, फिर कल भारत वापस जाएगा।

अब अलोका की कहानी पर लौटते हैं

अलोका की कहानी भारत से शुरू होती है। उस समय अलोका लगभग 4 साल का था। जब बौद्ध भिक्षु पैदल यात्रा कर रहे थे, तो यह कुत्ता स्वेच्छा से उनके समूह में शामिल हो गया। अलोका को प्रशिक्षित नहीं किया गया था, न ही उसे कोई डांटा। उसने खुद ही भिक्षुओं के संगत को चुना था।

तस्वीरें : आर्यन धिमाल।

सुर्खेत हवाईअड्डे के विस्तार के लिए 5 करोड़ रुपये बजट आवंटित

1 आषाढ़, सुर्खेत। कर्णाली प्रदेश सरकार ने सुर्खेत हवाईअड्डे के विस्तार के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। अर्थमंत्री राजीवविक्रम शाह ने आगामी आर्थिक वर्ष 2083/84 का वार्षिक बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि संघीय सरकार के सहयोग से हवाईअड्डे के विस्तार की योजना जारी रहेगी। प्रदेश सरकार ने नीति तथा कार्यक्रम में भी सुर्खेत हवाईअड्डे के विस्तार की योजना को प्रमुखता से रखा है। हर वर्ष दीर्घकालिक आवश्यकताओं के अनुसार प्रादेशिक हवाईअड्डों के निर्माण हेतु संघीय सरकार के साथ आवश्यक पहल की जाएगी।

हालांकि, अब तक सुर्खेत हवाईअड्डे के विस्तार की योजना में तेजी नहीं आई है। बजट भाषण में अर्थमंत्री शाह ने सूचित किया कि सुर्खेत हवाईअड्डे से कर्णाली के अन्य जिलों के लिए आंतरिक उड़ान सेवाओं का कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘संघीय सरकार के समन्वय में प्रदेश के अन्य जिलों में नियमित हवाई उड़ान सेवाएँ सुधारी जाएंगी, जिसके लिए आवश्यक बजट का प्रावधान किया गया है।’ सुर्खेत हवाईअड्डे के विस्तार के लिए संघीय सरकार ने भी बजट में राशि शामिल की है, लेकिन इसका विस्तृत आंकड़ा अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने बजट भाषण में सार्वजनिक नहीं किया था।