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लेखक: space4knews

हिमालय स्पोर्ट्सको औपचारिक घोषणा, फिफा विश्वकप प्रशारण हुने

हिमालय स्पोर्ट्स की औपचारिक घोषणा, फिफा विश्वकप के प्रसारण अधिकार प्राप्त

हिमालय टेलिविजन नेटवर्क ने नया ‘हिमालय स्पोर्ट्स’ चैनल औपचारिक रूप से लॉन्च किया है। हिमालय टेलिविजन ने फिफा विश्वकप 2026 के विशिष्ट प्रसारण अधिकार हासिल किए हैं। नेपाल में फिफा विश्वकप के लाइव प्रसारण के लिए हिमालय स्पोर्ट्स ने एस प्रो मीडिया के साथ समझौता किया है। २५ वैशाख, काठमाडौं।

नेपाल के एक प्रतिष्ठित संचार समूह हिमालय टेलिविजन नेटवर्क ने ‘हिमालय स्पोर्ट्स’ चैनल को आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किया है। शुक्रवार की शाम राजधानी काठमाडौं में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ‘हिमालय स्पोर्ट्स’ चैनल की औपचारिक घोषणा की गई। साथ ही, फिफा विश्वकप 2026 के लिए विशिष्ट प्रसारण अधिकार भी हिमालय टेलिविजन को प्राप्त हुए हैं। अमेरिका, कनाडा, और मेक्सिको में संयुक्त रूप से आयोजित होने वाले फिफा विश्वकप के प्रसारण के लिए हिमालय स्पोर्ट्स और ‘डीगो एप’ के बीच समझौता हुआ है। नेपाल के लिए एस प्रो मीडिया ने फिफा विश्वकप के प्रसारण अधिकार प्राप्त किए हैं।

इसी कंपनी के माध्यम से हिमालय स्पोर्ट्स नेपाल में विश्वकप का लाइव प्रसारण करेगा। इस कदम को लेकर हिमालय टेलिविजन नेटवर्क के अध्यक्ष धर्मराज भुसाल ने कहा कि यह नेपाली खेलकूद के भविष्य के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त करेगा। ‘फिफा विश्वकप के प्रसारण अधिकार मिलने पर गर्व का अनुभव हुआ,’ उन्होंने औपचारिक घोषणा के दौरान कहा। इसके साथ ही, हिमालय स्पोर्ट्स के सीईओ सुरज गिरि ने इस कदम को नेपाली खेलकूद में ऐतिहासिक छलांग बताया।

नेपाल के विद्युत् युरोप को निर्यात करने की संभावना

एशियाई विकास बैंक ने पान, एशिया पावर ग्रिड इनिशिएटिव के माध्यम से 2035 तक एशिया प्रशांत क्षेत्र को विद्युत् प्रसारण लाइनों से जोड़ने की योजना प्रस्तुत की है। इस परियोजना से 20 करोड़ लोगों को बेहतर विद्युत् सुविधा मिलेगी, 8 लाख 40 हजार रोजगार सृजित होंगे और ऊर्जा क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन को 15 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है। नेपाल ने अपनी ऊर्जा रणनीति बनाते हुए खुद को प्रमुख स्वच्छ ऊर्जा साझेदार के रूप में प्राथमिकता देने का आग्रह किया है और नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए तैयार रहने की बात कही है। 25 वैशाख, काठमांडू।

क्या नेपाल भारत को विद्युत् निर्यात करने की तरह फ्रांस या जर्मनी को भी बिजली भेज सकता है? वर्तमान में यह कई लोगों के लिए एक कल्पना लग सकती है। लेकिन, एशिया भर में एक बड़ी योजना पर काम चल रहा है, जो अगर सफलतापूर्वक लागू हो जाती है तो यह वास्तव में संभव हो सकता है। एशियाई विकास बैंक की 59वीं वार्षिक बैठक के दौरान बैंक अध्यक्ष मासातो कांडा ने एक महत्वाकांक्षी घोषणा की – पान, एशिया पावर ग्रिड इनिशिएटिव (PAZI), जिसका लक्ष्य पूरे एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र को प्रसारण लाइनों के जरिए जोड़ना है।

यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय स्तर पर, बल्कि अंतर-क्षेत्रीय प्रसारण लाइनों के जरिए यूरोपीय क्षेत्र, अफ्रीकी क्षेत्र को भी विद्युत् सेवा पहुंचाने का उद्देश्य रखती है। विशेष रूप से एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र को नवीकरणीय ऊर्जा का केंद्र बनाना, इन क्षेत्रों के सभी देशों के बीच विद्युत् आदान-प्रदान के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और क्षेत्र में ऊर्जा असमानता को दूर करना इस परियोजना के उद्देश्य हैं। एशियाई विकास बैंक ने आगामी 10 वर्षों यानी 2035 तक इस क्षेत्र में 50 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश जुटाने का भी घोषणा की है।

सुकुमवासीयों के प्रदर्शन में नारायणकाजी श्रेष्ठ की भागीदारी

२५ वैशाख, जनकपुरधाम। सर्लाही के बागमती नगरपालिकाले कर्महियामा सुकुमवासीयों ने प्रदर्शन किया। भूमि अधिकार मंच एवं अखिल नेपाल सुकुमवासी महासंघ के आयोजन में यह प्रदर्शन संपन्न हुआ। प्रदर्शन में “डोजर आतंक बंद करो”, “आवास का अधिकार दो”, “हमें ऐसी सरकार नहीं चाहिए” जैसे नारे लगाए गए। अखिल नेपाल सुकुमवासी महासंघ के अनुसार, सर्लाही के बागमती नगरपालिकामें करीब ९ हजार भूमिहीन सुकुमवासीयों का निवास है। प्रदर्शन में नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के नेता नारायणकाजी श्रेष्ठ भी उपस्थित थे। उन्होंने प्रदर्शन के बाद आयोजित कोणसभा में भी अपना भाषण दिया।

भाषण के दौरान नेता श्रेष्ठ ने बताया कि सरकार सुकुमवासीयों के साथ इंसानों जैसा व्यवहार नहीं कर रही है। ‘‘सुकुमवासी इंसान नहीं, नागरिक नहीं हैं ऐसा सरकार को कहना पड़ेगा – तुम भी सरकार नहीं हो,’’ उन्होंने कहा। नेपाली नागरिकों को संविधान द्वारा आवास का अधिकार दिए जाने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि सुकुमवासीयों को उनके निवास स्थान से हटाना अवैध है। उन्होंने सभी सुकुमवासीयों से सरकार के खिलाफ प्रतिरोध अभियान चलाने का आह्वान किया। सच्चाई और न्याय अभी कमजोर नजर आ रहे हैं, लेकिन अंततः सत्य की जीत होगी, इस आशा के साथ उन्होंने सभी में हिम्मत जगाई। ‘‘अधिकांश निरंकुश सरकारें चुनाव से ही उत्पन्न होती हैं, विश्वभर के इतिहास ने यह बात साबित की है,’’ उन्होंने कहा, ‘‘जनविश्वास को अवमूल्यन करने वाली निरंकुश सत्ता को आधुनिक विश्व स्वीकार नहीं करता।’

उन्होंने कहा कि राज्य को अत्यावश्यक स्थिति के अलावा सुकुमवासीयों को जहां वे रहते हैं वहीँ का लालपुर्जा देना चाहिए। ‘‘राज्य की भूमि भी सुकुमवासीयों की भूमि है, जहां उन्होंने मेहनत और खोदखमता की है, वह भूमि उन्हें दी जानी चाहिए,’’ श्रेष्ठ ने कहा।

प्रधानन्यायाधीश सिफारिसविरुद्धको रिट दर्ता गर्न सर्वोच्चको अस्वीकार

सर्वोच्च अदालत ने प्रधान न्यायाधीश सिफारिस के खिलाफ दायर याचिका करने से किया इनकार

संवैधानिक परिषद द्वारा प्रधान न्यायाधीश सिफारिस में वरीयता का उल्लंघन करने के आरोप पर सर्वोच्च अदालत में दायर याचिकाओं को प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी ने संवैधानिक परिषद के निर्णय को संविधान की मूल भावना के विपरीत बताते हुए याचिका दायर की है। परिषद ने प्रधान न्यायाधीश पद के लिए चौथे वरीयता क्रमांक के डॉ. मनोजकुमार शर्मा को सिफारिस किया है, जो वरिष्ठ न्यायाधीशों से कम वरीयता वाले हैं। २५ वैशाख, काठमाडौं।

सर्वोच्च अदालत में दायर याचिकाओं को प्रशासन ने स्वीकृत नहीं किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी, अधिवक्ता गीता थापा एवं डॉ. प्रेमराज सिलवाल ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। अदालत के प्रवक्ता अर्जुन कोइरालाले इन याचिकाओं को दायर करने से इनकार किए जाने की जानकारी दी है। याचिका दायर होने के बाद से ही प्रशासन ने दायर प्रक्रिया में विलंब किया था।

त्रिपाठी ने कहा कि संवैधानिक परिषद का निर्णय संविधान के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है, इसलिए इसे संशोधन या संसदीय सुनवाई से पहले आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। याचिका में यह भी कहा गया है कि वैशाख २४ को ४८ घंटों के भीतर सुनवाई न करके की गई सिफारिश संवैधानिक नहीं है और उसे निरस्त करने की मांग की गई है।

संवैधानिक परिषद ने प्रधान न्यायाधीश पद के लिए योग्य छह उम्मीदवारों में से चौथे क्रम के डॉ. मनोजकुमार शर्मा को सिफारिस किया था। वरिष्ठ न्यायाधीशों में सपना प्रधान मल्ल, कुमार रेग्मी और हरिप्रसाद फुयाँल डॉ. शर्मा से वरिष्ठ हैं।

‘प्रधानमंत्री देश को दुर्घटना की ओर ले जा रहे हैं’

समाचार सारांश संपादकीय समीक्षा किया गया। श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्क साम्पाङ ने बालेन शाह नेतृत्व वाली सरकार को असफल और अपारदर्शी बताते हुए सुकुमवासी बस्ती में डोजर चलाना आतंकपूर्ण कदम करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संसद को छलने की नीति भ्रष्टाचार है और बजट का एकलौटी बनाना एक बड़ी गलती है। श्रम संस्कृति पार्टी ने विपक्षी दलों के साथ एकजुट होकर सरकार की बुराई के खिलाफ सड़क और सदन से आवाज उठाने की योजना बनाई है। हर्क साम्पाङ लगातार बालेन शाह नेतृत्व वाली रास्वपा सरकार पर सवाल उठाते और चेतावनी देते आए हैं।

सरकार की कार्यशैली की कड़ी आलोचना और प्रतिवाद के लिए विपक्षी दल के रूप में उन्होंने श्रम संस्कृतिलाई अग्रिम पंक्ति में रखा है। सुकुमवासी बस्ती में डोजर चलाए जाने के बाद वे सरकार के रवैये पर और अधिक गुस्सा हुए हैं। बिना किसी ठोस योजना के सुकुमवासियों को बेघर किए जाने पर सरकार से कई प्रश्न उठ रहे हैं। लगभग डेढ़ महीने से सत्ता में बनी बालेन सरकार की असफलता का निष्कर्ष हर्क साम्पाङ ने निकाला है।

सरकार के निर्णय, सुकुमवासी बस्ती में डोजर चलाने की कार्रवाई को आतंक बताने, संसद से बिना चर्चा अध्यादेश लाने, विपक्षी दलों की भूमिका, श्रम संस्कृति पार्टी और उज्यालो नेपाल पार्टी के एकता जैसे विषयों पर पत्रकार लिलु डुम्रे ने श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्क साम्पाङ से वार्ता की। प्रस्तुत है बातचीत का संपादित अंश: “आपने बालेन सरकार को असफल कहा है। क्या अब सरकार की सफलता और असफलता का मूल्यांकन करने का समय आ गया है?” मूल्यांकन तो हमेशा चलता रहता है। जो संकेत दिख रहे हैं, वे सरकार की असफलता दर्शाते हैं।

सरकार की असफलता के आधार क्या हैं? उन्होंने राज्य को संतुलित रूप से चलाया नहीं। वे सही चालक साबित नहीं हुए। गाड़ी तो शुरू की, लेकिन गति को नियंत्रित नहीं कर सके और दुर्घटना की ओर ले गए। जहां-जहां आंदोलन हो रहे हैं, लोग सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। कई लोग आत्महत्या के लिए मजबूर हुए हैं। कई बेघर हुए हैं। इसलिए राज्य सही तरीके से संचालित नहीं हो रहा है।

भूमि समस्या समाधान के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन : मंत्री रावल

२५ वैशाख, काठमांडू। भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरीबी निवारण मंत्री प्रतिभा रावल ने बताया कि सरकार भूमि संबंधी समस्याओं को विशेषज्ञ समिति के माध्यम से हल करेगी। प्रतिनिधि सभा, कृषि, सहकारी और प्राकृतिक संसाधन समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में उन्होंने कहा कि अतीत में भूमि समस्या समाधान आयोग में राजनीतिक लोगों को शामिल किए जाने के कारण समस्याएँ ठीक से सुलझ नहीं पाईं। वर्तमान सरकार विशेषज्ञों को संलग्न कर समिति का गठन कर इस समस्या का समाधान करने की प्रतिबद्ध है।

अव्यवस्थित आवास के संदर्भ में पहचान और प्रबंधन के बिना कोई भी प्रगति संभव नहीं होने का उल्लेख करते हुए मंत्री रावल ने डोजर आतंक को अतिशयोक्तिपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पीड़ित नहीं बल्कि पीड़ितों के आड़ में विभिन्न गतिविधियाँ करने वाले व्यक्ति डरें। वर्तमान संरचना का उपयोग कर भूमि समस्या का समाधान किया जाएगा और इसके लिए आज भूमि व्यवस्था तथा शहरी विकास मंत्रालय की बैठक होने वाली है, इसकी जानकारी भी उन्होंने दी।

सिरहाका छुट्टाछुट्टै स्थानबाट लागुऔषधसहित तीन जना पक्राउ

सिरहाका विभिन्न स्थानों से लागुऔषध सहित तीन व्यक्ति गिरफ्तार

२५ वैशाख, सिरहा। जिल्ला प्रहरी कार्यालय सिरहाले विभिन्न स्थानों से लागुऔषध सहित तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से खैरो हिरोइन जैसे पदार्थ और नाइट्राजेपाम टैबलेट बरामद किए हैं। धनगढीमाई नगरपालिका-१ से प्रदेश २-०२-००१ प ३२१२ नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में लहान नगरपालिका–१३ के ३५ वर्षीय देवकान्त चौधरी और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। जांच के दौरान उनके पहने हुए पैंट की जेब से ३.६३ ग्राम खैरो हिरोइन जैसे पदार्थ बरामद हुआ। पुलिस ने मोटरसाइकिल समेत दोनों को नियन्त्रण में लिया है।

इसी तरह, गोलबजार नगरपालिका–४ स्थित क्याम्पस चोक से भी लागुऔषध व्यवसाय की सूचना पर पुलिस ने उदयपुर त्रियुगा नगरपालिका–९ मुसहरनिया निवासी २२ वर्षीय लोकसिंह राजपुत को गिरफ्तार किया है। उनके पास से १० नाइट्राजेपाम टैबलेट बरामद हुई हैं, पुलिस ने बताया। गिरफ्तार तीनों व्यक्तियों के खिलाफ सिरहा जिला अदालत से म्याद बढ़ाकर आगे की जांच जारी है, जिला प्रहरी कार्यालय सिरहा के प्रवक्ता, डीएसपी रमेशबहादुर पाल ने जानकारी दी।

धनुषा में जिप की ठक्कर से एक महिला की मौत

समाचार सारांश

संपादकीय रुपमा समीक्षा गरिएको।

  • धनुषा के लक्ष्मिनिया गाउंपालिका-४ सपहीचोक में जिप ने स्कूटर चालक 30 वर्षीय पुनम साह को ठोकर मारी उनकी मृत्यु हो गई।
  • जिप चालक विराटनगर के 52 वर्षीय नरेश राठी को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
  • मृतका के शव का परीक्षण प्रादेशिक अस्पताल जनकपुर में किया गया है और मामले की जांच जारी है।

२५ वैशाख, धनुषा । धनुषा के लक्ष्मिनिया गाउंपालिका-४ सपहीचोक में जिप की ठक्कर से स्कूटर चला रही एक महिला की मृत्यु हो गई है।

शुक्रवार को ढल्केबर से जनकपुर की ओर जा रही बा प्र ०१–०३१ च ९०६३ नंबर की जिप ने स्कूटर को ठोकर मारी, जैसा कि पुलिस ने बताया है।

दुर्घटना में स्थानीय महिला 30 वर्षीय पुनम साह गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उन्हें उपचार के लिए प्रादेशिक अस्पताल जनकपुर लाया गया, जहां चिकित्सकों ने रास्ते में ही उन्हें मृत घोषित कर दिया, यह जानकारी इलाका पुलिस कार्यालय महेन्द्रनगर के निरीक्षक राजाराम यादव ने दी।

पुलिस के अनुसार मृतका का शव परीक्षण के लिए अस्पताल में रखा गया है।

पुलिस निरीक्षक यादव के मुताबिक, जिप चालक विराटनगर महानगरपालिका-७ निवासी 52 वर्षीय नरेश राठी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।

अमेरिका में गैरआवासीय नेपाली की अपेक्षा: आने वाली पीढ़ी के लिए अपनी जड़ों पर गर्व करने वाला माहौल बनाए जाए

२५ वैशाख, न्यूयॉर्क। अमेरिका के ओहायो स्थित गैरआवासीय नेपाली समुदाय ने त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय विमानस्थल पर नेपाली मूल के नागरिकों के लिए विशेष डेस्क की व्यवस्था किए जाने पर खुशी व्यक्त की है। एसोसिएशन ऑफ नेपाली ओरिजिन (एएनओ) ने एक कार्यक्रम के दौरान नेपाल सरकार का धन्यवाद किया है कि उसने काठमांडु विमानस्थल के प्रस्थान एवं आगमन कक्ष में नेपाली मूल के नागरिकों के लिए अलग डेस्क की सुविधा प्रदान की है। एएनओ के अध्यक्ष डिल्ली अधिकारी ने इस समारोह के दौरान अमेरिका स्थित नेपाली कार्यवाहक राजदूत शरदराज आरण को धन्यवाद पत्र सौंपा। नेपाल सरकार ने चैत्र ८ को यह निर्णय लिया था कि त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय विमानस्थल पर नेपाली मूल के नागरिकों के लिए अलग डेस्क स्थापित किया जाएगा।

धन्यवाद पत्र में कहा गया है, ‘एएनओ की विशेष पहल और अनुरोध को गंभीरता से लेते हुए सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम विश्वभर में फैले नेपाली मूल के समुदाय में मातृभूमि और पितृभूमि के प्रति विश्वास और अपनत्व को और मजबूत बनाता है।’ पत्र में यह भी उल्लेख है कि यह संबंध केवल भौगोलिक सीमाओं या पासपोर्ट तक सीमित नहीं है। ‘यह हमारी पूर्वजों के इतिहास, हमारी पहचान और भावनात्मक अस्तित्व से जुड़ा एक अटूट बंधन है। विमानस्थल पर कदम रखने के साथ ही अपने देश की यह गर्मजोशी भरी स्वागत और सम्मान ने हमें केवल सुविधा ही नहीं दी, बल्कि यह एहसास कराया कि हम जहाँ भी रहें, नेपाल हमारा साथ है।’ इसके अतिरिक्त पत्र में कहा गया है, ‘यह निर्णय नेपाली मूल को नेपाल से जोड़ने के हमारे साझा अभियान को नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करता है। हमें विश्वास है कि यह भावी पीढ़ी को भी अपनी जड़ों और मातृभूमि पर गर्व करने वाला माहौल देगा।’

इस समारोह में गैरआवासीय नेपाली सम्बन्धी विधेयक २०८२ के पहले मसौदे में नेपाली मूल के नागरिकों के प्रति भेदभाव किए जाने पर नेपाल सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया। अध्यक्ष अधिकारी ने कार्यवाहक राजदूत को इस संदर्भ में एक ध्यानाकर्षण पत्र भी सौंपा, जिसमें उल्लेख था कि दुनिया के किसी भी देश में जन्मे हों, सभी नेपाली मूल के लोगों को नेपाल सरकार द्वारा बिना भेदभाव के नेपाली मूल परिचय पत्र दिया जाना चाहिए।

इरानी विदेशमन्त्री ने कहा- हम दबाव के आगे नहीं झुकेंगे

२५ वैशाख, काठमांडू। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान दबाव का सामना करते हुए भी कभी नहीं झुकेगा। अमेरिका द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद शुक्रवार को प्रतिक्रिया में विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि जबकि कूटनीतिक समाधान के प्रयास जारी थे, अमेरिका खतरनाक सैन्य आक्रमण की प्रवृत्ति दिखा रहा है और ऐसे दबाव के सामने ईरान कभी नहीं झुकेगा।

‘क्या यह केवल एक छोटा दबाव बनाने की रणनीति है?’ अराघची ने सवाल उठाते हुए लिखा, ‘या यह कोई विध्वंसकारी योजना है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति को फिर से नए संकट में धकेल रही है?’ उन्होंने कहा कि चाहे कारण कुछ भी हो, नतीजा हमेशा एक जैसा होगा। ‘और वह है कि ईरान दबाव के सामने कभी झुकेगा नहीं,’ उन्होंने स्पष्ट किया।

अराघची ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए द्वारा ईरान के मिसाइल भंडार से जुड़े अनुमान को भी गलत बताया, और कहा, ‘हमारे मिसाइल भंडार और लॉन्चर क्षमता २८ फरवरी के मुकाबले ७५ प्रतिशत कम नहीं है। सही आंकड़ा १२० प्रतिशत है,’ उनकी दावा है।

स्थगित चुनावमा एन्फाको झन्डै ५५ लाख खर्च, मुद्दा लड्नै सकियो साढे ९७ लाख

स्थगित चुनाव में एन्फा ने खर्च किए लगभग 55 लाख; मुकदमे लड़ने में साढ़े 97 लाख रुपये हुए खर्च

स्थगित चुनाव के नाम पर 55 लाख रुपये और मुकदमे लड़ने में लगभग एक करोड़ रुपये खर्च करने पर एन्फा ने सार्वजनिक खरीद कानून का उल्लंघन किया है। अख्तियार के निर्देशन में गठित उपसमिति द्वारा तैयार रिपोर्ट में एन्फा नेतृत्व के आर्थिक दुरुपयोग के तथ्य दर्ज हैं।

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार।

  • अखिल नेपाल फुटबल संघ ने अंतिम समय पर स्थगित किए गए चुनाव पर लगभग 55 लाख रुपये खर्च किए।
  • अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग की मांग पर गठित उपसमिति ने एन्फा के वित्तीय मामलों की जांच कर रिपोर्ट युवा एवं खेलकूद मंत्रालय को सौंपी।
  • रिपोर्ट में उल्लेख है कि एन्फा ने खेल सामग्री कंपनी केल्मी से बिना टेंडर के 50 हजार डॉलर की सामग्री खरीदी।

२५ वैशाख, काठमांडू। अखिल नेपाल फुटबल संघ (एन्फा) ने अंतिम समय में स्थगित किए गए चुनाव पर लगभग 55 लाख रुपये खर्च किए हैं। उपसमिति की रिपोर्ट के अनुसार, संगठन ने चुनाव की तैयारी के लिए बताये गए कारण से यह खर्च किया।

अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग के अनुरोध पर कमल भट्टराई के संयोजन में गठित उपसमिति ने रिपोर्ट सोमवार को युवा एवं खेल मंत्रालय को सौंपी। मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, एन्फा ने चुनाव के नाम पर लगभग 55 लाख रुपये खर्च किए।

चुनाव के लिए 65 लाख रुपये की कार्यसमिति बैठक में मंजूरी मिली थी,’ राखेप स्रोत ने कहा, ‘जिसमें लगभग 55 लाख रुपये के खर्च किए जाने की रिपोर्ट में जानकारी है।

यह राशि चुनाव की तैयारी में झापा आने-जाने, भोजन-आवास आदि पर खर्च हुई। ‘निलंबन के दौरान भी चुनाव आयोजित कराते हुए 55 लाख रुपये खर्च किए जाने की बात रिपोर्ट में है,’ राखेप सूत्र ने बताया।

तहगत चुनाव करने से इंकार के बाद राष्ट्रीय खेलकूद परिषद (राखेप) ने एन्फा को चैत 11 को तीन माह के लिए निलंबित कर दिया था। बावजूद, एन्फा चुनाव के लिए झापा पहुंचा और चुनाव एक दिन पहले स्थगित कर दिया।

एन्फा ने एक वर्ष में मुकदमे लड़ने में लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पिछले वर्ष दर्ज 24 मुकदमों के लिए साढ़े 97 लाख रुपये से अधिक का खर्च रिपोर्ट में दर्ज है। इन मुकदमों में ‘अर्ली इलेक्सन’ रोकने से लेकर अदालत अपमान तक के मामले थे।

इसके साथ ही, एन्फा ने खेल सामग्री कंपनी केल्मी से बिना टेंडर के 50 हजार डॉलर की सामग्री खरीदी। सार्वजनिक खरीद कानून के अनुसार 20 लाख रुपये से अधिक की खरीद पर टेंडर अनिवार्य है।

लेकिन, एन्फा ने टेंडर के बिना कोटेशन के माध्यम से केल्मी से सामग्री खरीदी, जो रिपोर्ट में दर्ज है। एन्फा का कहना है कि यह फिफा नियमों के अनुसार कोटेशन था।

एन्फा के खिलाफ शिकायत मिलने पर अख्तियार ने कुछ दिन पहले मंत्रालय के माध्यम से राखेप को जांच के लिए पत्र भेजा था। उसी पत्र के आधार पर राखेप ने ८ वैशाख को उपसमिति गठित की थी। उक्त उपसमिति ने जांच कर रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है।

राखेप के तत्कालीन कार्यकारी सदस्य भट्टराई की अध्यक्षता में उपसमिति में राखेप के लेखा अधिकारी टंकनाथ कंडेल और आपूर्ति एवं भंडार शाखा के गोपीकृष्ण निरौला सदस्य थे। इसी जांच की सिफारिश पर अध्यागमन विभाग ने एन्फा के पदाधिकारीयों पर विदेश जाने का प्रतिबंध लगाया था।

जरूरी दस्तावेज अध्ययन एवं शिकायत से जुड़े हितधारकों से चर्चा और समन्वय के बाद रिपोर्ट तैयार की गई, उपसमिति संयोजक भट्टराई ने जानकारी दी। इस विषय पर जानने के लिए एन्फा प्रवक्ता सुरेश शाह से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया।

नेपाल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 50 प्रतिशत तक बढ़ाने पर जोर

काठमांडू। जेने-जी आंदोलन के माध्यम से स्थापित मजबूत सरकार को महिलाओं के प्रतिनिधित्व को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने की मांग उठाई गई है। शुक्रवार को संचारिका समूह के आयोजन में और युएनएफपीए के सहयोग से ‘लैंगिक समानता प्रवर्द्धन तथा लैंगिक हिंसा समाप्ति के लिए आगामी रणनीतिक विषयों पर संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में युवा नेतृत्व ने महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाकर विश्व में एक उदाहरण प्रस्तुत करने की मांग की।

महिलाओं के खिलाफ होने वाले सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने वाली संयुक्त राष्ट्र की ‘‘महिलाओं के खिलाफ भेदभाव उन्मूलन समिति (सीड)’’ की सदस्य वन्दना राणा ने नेपाल के जेने-जी आंदोलन को विश्व का ध्यानाकर्षित करने वाला बताया। उन्होंने कहा, ‘अन्य देशों में जेने-जी आंदोलन असफल रहा, पर नेपाल में यह न केवल सफल रहा बल्कि सरकार ने नेतृत्व भी संभाला और मजबूत भूमिका निभाई। इतना मजबूत नेतृत्व महिलाओं के प्रतिनिधित्व को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक ले जाना चाहिए।’ राणा ने नेपाल को ‘ग्लोबल रिकॉर्ड’ बनाने पर बल दिया।

कार्यक्रम में महिला, कानून और विकास मंच के अध्यक्ष तथा अधिवक्ता सविन श्रेष्ठ ने लैंगिक हिंसा में मुख्यतः यौन और प्रजनन स्वास्थ्य के विषय पर जोर देने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘कितने बच्चे होने चाहिए यह महिलाओं की इच्छा है, लेकिन सरकार जनसंख्या की आवश्यकता पर या उसके अभाव में महिलाओं पर विभिन्न नीतियां लागू करती दिख रही है। महिलाओं पर राज्य की ओर से भी हिंसा हो रही है।’ नेपाल पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 91 प्रतिशत हिंसा परिचित व्यक्तियों से होती है।

नेपाल में होने वाली कुल हिंसा में 29 प्रतिशत लैंगिक हिंसा है। सविन श्रेष्ठ ने यह भी खुलासा किया कि नेपाल में गोपनीय रूप से ‘सरोगेट’ गर्भपात भी करवाए जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘लिविंग टूगेदर संबंधों में भी महिलाएं अत्यधिक शोषण का शिकार हैं, इसलिए कानूनी जटिलताओं को सुलझाने की मांग है।’ वरिष्ठ अधिवक्ता मीरा ढुंगाना ने कहा कि नेपाल में महिलाओं के हित में पर्याप्त कानून हैं, फिर भी न्याय पीड़ित तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा, ‘कानून की जटिलताओं के कारण महिलाएं अदालत तक पहुंचना तो दूर, पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में भी असमर्थ हैं। बड़े अपराधों में भी महिलाएं मेल-मिलाप करने को मजबूर होती हैं। यह सभी कानूनी साक्षरता के अभाव की वजह है।’

कान्छारामको निलम्बनपछि रामेछाप कांग्रेसको कार्यवाहक सभापतिमा नवराज थोकर नियुक्त

नेपाली कांग्रेस रामेछापको कार्यवाहक सभापति रूपमा नवराज थोकर (तामांग) लाई जिम्मेवारी दिइएको छ। जिल्ला सभापति पूर्णबहादुर तामांग (कान्छाराम) लाई केन्द्रीय अनुशासन समितिले निलम्बित गरेको छ। सभापति गगन थापाविरुद्ध तथ्यहीन आरोप लगाएको विषयमा सन्तोषजनक स्पष्टीकरण नदिँदा उनलाई निलम्बन गरिएको हो। २५ वैशाख, काठमाडौं।

सभापति थापाले बिहीबारदेखि थोकरलाई कार्यवाहक सभापतिका रुपमा जिम्मेवारी तोकेका छन्। उनलाई पार्टीको १५ औं महाधिवेशनको कार्यतालिका अनुसार संगठनात्मक कामहरू सञ्चालन गर्न तथा दैनिक कारबाहीहरूमा ध्यान दिन भनिएको छ।

प्रधानन्यायाधीश नियुक्ति सिफारिश पर उठे सवाल और उनके जवाब

संवैधानिक परिषद द्वारा आगामी प्रधानन्यायाधीश पद के लिए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश मनोजकुमार शर्मा की सिफारिश के साथ सार्वजनिक विमर्श शुरू हो गया है। वरिष्ठतम न्यायाधीश सपना प्रधान मल्‍ला को छोड़कर शर्मा की सिफारिश करने को लेकर कुछ लोग आलोचनात्मक हैं, जबकि अन्य का तर्क है कि योग्य व्यक्तियों में से किसी एक का चयन स्वाभाविक है। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीशों का मानना है कि यह सिफारिश परंपरा तोड़ने के बावजूद संविधान या कानून का उल्लंघन नहीं करती। हालांकि, कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि इससे सरकार को अपनी मनोनीत व्यक्ति को प्रधानन्यायाधीश बनाकर सर्वोच्च न्यायालय पर प्रभाव जमाने की संभावना मिल सकती है।

छ सदस्यों वाली संवैधानिक परिषद ने राष्ट्रिय सभा के अध्यक्ष नारायणप्रसाद दाहाल और मुख्य विपक्षी दल के नेता भीष्मराज आङ्देम्बेको असहमति के बावजूद गुरुवार को शर्मा का नाम सिफारिश किया। इस सिफारिश से उठे सवालों और उनके जवाबों पर हमने यहाँ चर्चा की है। कानून के विशेषज्ञों के अनुसार मनोजकुमार शर्मा का चयन वर्तमान कानून और संविधान के अनुरूप है। पूर्व न्यायाधीश बलराम केसी ने कहा, “वरिष्ठतम व्यक्ति को नियुक्त करने की परंपरा है। परंपरा टूटने पर भी संविधान या कानून का उल्लंघन नहीं होता।”

पूर्व न्यायाधीश गिरिशचंद्र लाल ने भी कहा कि सिफारिश में कोई कानूनी त्रुटि नहीं है। उन्होंने कहा, “प्रधानन्यायाधीश बनने के अनुसार वरिष्ठतम लोगों को छोड़कर विभिन्न समयों में विभिन्न व्यक्ति नियुक्त हुए हैं।” कुछ लोग वर्तमान सरकार के इस कदम से सर्वोच्च न्यायालय के नेतृत्व पर दीर्घकालीन प्रभाव पड़ने की चिंता व्यक्त कर रहे हैं। काठमांडू विश्वविद्यालय के कानून विषय के प्रोफेसर विपिन अधिकारी ने कहा, “इस सिफारिश से सरकार को अपनी मनपसंद व्यक्ति को प्रधानन्यायाधीश बनाकर सर्वोच्च न्यायालय में अपना प्रभाव बढ़ाने का मौका मिल सकता है।”

पूर्व न्यायाधीश बलराम केसी ने कहा कि वर्तमान सिफारिश प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउवा की अध्यक्षता वाली सरकार ने हाल ही में संवैधानिक परिषद की व्यवस्थाओं में कुछ संशोधन किए हैं। अब परिषद की बैठक में चार सदस्य उपस्थित होने पर निर्णय लिए जा सकेंगे और बहुमत से निर्णय हो सकेगा। पूर्व राष्ट्रपति के अध्यादेश लौटाने के बाद सरकार ने पुराना अध्यादेश पुनः लागू किया, जिसके तहत संवैधानिक व्यवस्था अनुसार राष्ट्रपति ने अध्यादेश जारी किए।

नेपाल ‘ए’ टीम ने अमेरिका को 3 विकेट से रोमांचक मात दी

नेपाल ‘ए’ टीम ने अमेरिका के खिलाफ अभ्यास मैच में 3 विकेट से रोमांचक जीत हासिल की है। मुलपानी क्रिकेट मैदान में अमेरिका द्वारा दिए गए 263 रन के लक्ष्य को नेपाल ‘ए’ टीम ने 7 विकेट खोकर 5 गेंदें शेष रहते पूरा किया। नेपाल के लिए मायन यादव ने सर्वाधिक 72 रन बनाए। उन्होंने 80 गेंदों पर 4 चौके और 2 छक्के लगाए। तिर्थ दास ने 23, अनिलकुमार यादव ने 27, देव खनाल ने 17, संदीप जोरा ने 37, कुशल मल्ल ने 33 और बसिर अहमद ने 18 रन बनाकर पवेलियन लौटे। पवन सर्राफ 24 और दीपक डुम्रे 2 रन बनाकर नाबाद रहे।

बॉलींग में अमेरिका के लिए मिलिन्द कुमार ने 2 विकेट लिए जबकि संजय कृष्णमूर्ति, हर्मित सिंह, रुशिल उगर्कर, नोस्थुस केन्जिग और शौरभ नेत्रवलकर ने एक-एक विकेट हासिल किए। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी अमेरिका ने 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 262 रन बनाए। अमेरिका के ओपनर स्मित पटेल ने 108 गेंदों में 116 रन की शानदार पारी खेली। जसदीप सिंह 33 तथा हर्मित सिंह 25 रन बनाकर नाबाद रहे। कप्तान मोनांक पटेल ने 20 रन जोड़े। नेपाल ‘ए’ के लिए पवन सर्राफ ने 2 विकेट लिए जबकि शाहब आलम, बिपिन खत्री, बसिर अहमद, शेर मल्ल, राशिद खान और नारायण जोशी ने एक-एक विकेट चटकाए। नेपाल ‘ए’ ने इससे पहले गुरुवार को स्कॉटलैंड को भी हराया था।