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लेखक: space4knews

क्या कुराकाओ जर्मनी को ‘अपसेट’ कर सकता है?

जर्मनी रविवार को कुराकाओ के खिलाफ खेलते हुए विश्व कप 2026 के अभियान की शुरुआत करने वाला है। पहली बार विश्व कप में खेलने वाली कुराकाओ ने डिक एडवोकेट के नेतृत्व में क्वालिफाइंग चरण में एक भी मैच नहीं हारा है। घुटने की चोट से जूझ रहे 40 वर्षीय अनुभवी गोलकीपर मैनुअल नोयर के पहले मैच में खेलने की संभावना मजबूत है।

31 जेठ, काठमांडू। रविवार को पहली बार विश्व कप में खेलते हुए विश्व कप अभियान शुरू करने जा रहे जर्मनी का एकमात्र उद्देश्य विश्व कप इतिहास के सबसे बड़े ‘अपसेट’ से बचना होगा। विश्व कप 2026 के फेवरेट्स में जर्मनी का नाम अक्सर शामिल नहीं होता क्योंकि टीम पिछले दो संस्करणों में सीधे समूह चरण से बाहर हो चुकी है। इसलिए टीम को कुराकाओ के खिलाफ मानसिक दबाव महसूस होगा। इसके बावजूद जर्मनी अमेरिका पहुंच कर अच्छी फार्म में है। पिछले 9 मैचों में जर्मनी ने लगातार प्रतिद्वंद्वियों को मात दी है। इस साल चार मैत्री मैचों में जर्मनी ने स्विट्जरलैंड, घाना, फिनलैंड और सह-मेजबान अमेरिका को हराया है।

जर्मनी कुराकाओ के बाद आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर के खिलाफ मैच खेलेगा। अगर इस बार भी जर्मनी समूह चरण से बाहर होता है तो फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह एक बड़ा चौंकाने वाला परिणाम होगा क्योंकि इस बार तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम भी श्रेष्ठ ‘थर्ड रनर्स-अप’ के आधार पर नॉकआउट चरण में पहुंच सकेगी। इसलिए कुराकाओ के खिलाफ जर्मनी के पास जीत के अलावा कोई विकल्प नहीं है। ड्रॉ का परिणाम भी टीम के लिए आलोचना का कारण बनेगा।

समूह ‘ई’ में प्रतिस्पर्धा कर रही पहली बार विश्व कप अनुभव कर रही कुराकाओ का लक्ष्य ऐतिहासिक परिणाम हासिल करना होगा। कुराकाओ पर दबाव न होने के कारण वे बेबाक मनोबल के साथ मैदान में उतरेंगे। पिछले नवंबर में कुराकाओ ने कन्काकाफ क्वालिफाइंग के पहले और दूसरे चरण में शीर्ष स्थान हासिल कर पहली बार विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया था। डिक एडवोकेट के निर्देशन में कुराकाओ ने उस अभियान में कोई भी मैच नहीं हारा है। इसलिए कुराकाओ को जर्मनी से डरने की जरूरत नहीं है।

विश्व कप से पहले वार्म-अप (मैत्री) मैचों में कुराकाओ को स्कॉटलैंड से 4-1 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन आखिरी मैत्री मुकाबले में टीम ने अरुबा को 4-0 से हराया। फिफा रैंकिंग में 82वें स्थान पर मौजूद कुराकाओ के लिए जर्मनी के खिलाफ अंक हासिल करना भी जीत जैसा होगा।

जर्मनी के सभी खिलाड़ी फिट हैं। हालांकि, हाल ही में अनुभवी गोलकीपर मैनुअल नोयर घुटने की चोट से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद 40 वर्षीय नोयर के पहले विकल्प के रूप में खेलने की संभावना मजबूत है। जर्मनी को उपाधि दावेदार न मानते हुए योसुवा किमिच, जोनाथन ताह, लेरोई साने, जमाल मुसियाला और फ्लोरियन विट्ज जैसे स्टार खिलाड़ियों ने टीम की गहराई को मजबूत बनाया है। चैंपियंस लीग फाइनल में गोल करने वाले आर्सेनल के फारवर्ड काई हैवर्ट्ज़ जर्मनी की अग्रिम पंक्ति संभालेंगे। 27 वर्षीय हैवर्ट्ज़ ने राष्ट्रीय टीम के लिए लगभग 22 गोल कर चुके हैं।

कुराकाओ के पास भी कोई चोट की समस्या नहीं है। एस्टन विला के पूर्व मिडफील्डर लिआंड्रो बकुना टीम की कप्तानी कर रहे हैं। 34 वर्षीय लिआंड्रो के भाई जूनिन्हो बकुना मिडफील्ड में उनका साथ देंगे।

हिरा एवं बहुमूल्य पत्थरों पर वैट हटाने की मांग संघ की

नेपाल रत्न एवं आभूषण संघ ने हिरा और बहुमूल्य पत्थरों पर लगाए गए मूल्य अभिवृद्धि कर (वैट) को हटाने की सरकार से मांग की है। संघ के अध्यक्ष सुमनमान ताम्राकार के अनुसार, वैट के कारण हिरा भारत की तुलना में 12 प्रतिशत महंगा होने से नेपाली व्यवसाय संकट में है। उन्होंने कहा, “वैट के कारण भारत की तुलना में नेपाल में हिरा और बहुमूल्य पत्थर 12 प्रतिशत अधिक महंगे हो गए हैं, जिससे नेपाली ग्राहक ये वस्तुएं खरीदने के लिए भारतीय बाजार की ओर रुख करने लगे हैं।”

संघ ने बताया कि चालू आर्थिक वर्ष के बजट में वैट लागू होने के बाद इन वस्तुओं का व्यवसाय ठप्प हो गया है। ताम्राकार ने बताया कि अनधिकृत तरीके से भारत से हिरा और बहुमूल्य पत्थर लाने में बड़े लाभ होने के कारण तस्करी बढ़ी है। उन्होंने कहा, “वैट लगने के बाद सरकार को राजस्व ज़रूर अधिक मिला है, लेकिन हजारों व्यवसायियों और लाखों मजदूरों की रोज़ी-रोटी खतरे में है।”

जबकि सुन का मूल्य प्रति तोला लगभग तीन लाख रुपए है, क्यूआर कोड के माध्यम से दैनिक भुगतान सीमा मात्र तीन लाख रुपए अपर्याप्त है, यह ताम्राकार ने बताया। उन्होंने कहा कि सुन आयात में कोटा प्रणाली को समाप्त कर निजी क्षेत्र को स्वतंत्र बनाया जाना चाहिए। संघ ने अर्जित विदेशी मुद्रा जमा करने के लिए आभूषण व्यवसायियों को बैंक में विदेशी मुद्रा खाते खोलने की अनुमति देने की भी मांग की है।

कैलाली में वन अतिक्रमण हटाने के दौरान 10 वन कर्मचारी गिरफ्तार

कैलाली के गोदावरी में वन अतिक्रमण हटाने के दौरान टेम्पो को भिर से गिराने की घटना में पुलिस ने 10 वन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। भीमदत्त राजमार्ग क्षेत्र में धनादेवी धामी द्वारा खुदरा दुकान के रूप में उपयोग किए जाने वाले टेम्पो को वन कर्मियों द्वारा भिर से गिराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। डिविजन वन कार्यालय धनगढी ने बताया है कि सड़क किनारे रखे छपरो को हटाने के दौरान संतुलन बिगड़ने से खटारा टेम्पो भिर से गिर गया था।

31 जेठ, धनगढी। कैलाली के गोदावरी नगरपालिका–4 स्थित गाईबांधे में वन अतिक्रमण हटाने के क्रम में सड़क से टेम्पो भिर में गिराने के मामले में पुलिस ने 10 वन कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। जिला पुलिस कार्यालय कैलाली ने 6 और इलाका पुलिस कार्यालय मालाखेती ने 4 वन कर्मचारियों को कुल मिलाकर 10 को हिरासत में लिया है। जिला पुलिस कार्यालय के निरीक्षक लोकराज जोशी के अनुसार, पूछताछ के लिए वन कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है।

उनके अनुसार, गाईबांधे में एक महिला द्वारा खुदरा सामान बेचने के लिए उपयोग किए जाने वाले टेम्पो को भिर से गिराने में शामिल वन कर्मचारियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। भीमदत्त राजमार्ग क्षेत्र में वन अतिक्रमण हटाने के दौरान शुक्रवार को गाईबांधे में धनादेवी धामी जिनका टेम्पो खुदरा दुकान के रूप में उपयोग में था, उसे वन कर्मचारी एवं वन रक्षक भिर से गिराते हुए वायरल वीडियो सामने आया था। डिविजन वन कार्यालय धनगढी ने रविवार सुबह पत्रकार सम्मेलन में बताया कि ये टेम्पो काफी पुराना और क्षतिग्रस्त है तथा इसे सड़क किनारे छपरो के रूप में रखा गया था। पहले से ही छपरो हटाने में बाधा उत्पन्न होती रही है, इसलिए शुक्रवार को जब बल प्रयोग कर हटाने का प्रयास किया गया तो भौगोलिक स्थिति और संतुलन बिगड़ने के कारण टेम्पो भिर से गिर गया, यह दावा वन कार्यालय ने किया है।

नेदरलैंड्स और जापान के बीच २-२ की रोमांचक बराबरी

नेदरलैंड्स ने फिफा विश्व कप २०२६ में जापान के खिलाफ दो बार बढ़त बनाए हुए भी मैच जीतने में सफल नहीं हो पाया और मुकाबला २-२ की बराबरी पर खत्म हुआ। यह मुकाबला डलास स्टेडियम में खेला गया, जहाँ दोनों टीमों ने फाइनल स्कोर २–२ से संतोष किया। खेल के दूसरे हाफ में नेदरलैंड्स के वर्जिल वान डाइक और क्रिसेंसो समरविल ने गोल कर टीम को दो बार बढ़त दिलाई। लेकिन जापानी टीम के केइतो नाकामुरा और डाइची कामाडा ने गोल करके बराबरी हासिल कराई।

यह मुकाबला १ असार को काठमाडौं में आयोजित हुआ था। पहले हाफ में कोई गोल नहीं हुआ, लेकिन दूसरे हाफ में सभी चार गोल दागे गए। ५०वें मिनट में वर्जिल वान डाइक ने हेडर से गोल करते हुए नेदरलैंड्स को बढ़त दिलाई। इसके सात मिनट बाद, जापान के केइतो नाकामुरा ने गोल कर बराबरी स्थापित की। ६४वें मिनट में क्रिसेंसो समरविल ने नेदरलैंड्स को फिर से आगे किया। मैच के ८९वें मिनट में डाइची कामाडा ने कोर्नर से आए गेंद को हेडर से गोल कर मैच को फिर से बराबर किया। उसके बाद कोई अतिरिक्त गोल नहीं हुआ और दोनों टीमों ने एक-एक अंक बांटे।

आगामी आर्थिक वर्ष के लिए नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता में २ अरब ६२ करोड़ रुपये का बजट आवंटित

सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के लिए नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता क्षेत्र में २ अरब ६२ करोड़ ७४ लाख रुपये का बजट आवंटित किया है। वैकल्पिक ऊर्जा प्रवर्द्धन केंद्र के माध्यम से अगले वर्ष के भीतर २ लाख ५० हजार घरों में विद्युत चूल्हा सहित स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन और हरित अमोनिया जैसे रणनीतिक हरित उद्योगों को कर और सीमा शुल्क छूट तथा सहूलियतपूर्ण विद्युत दर के माध्यम से प्रोत्साहित करने की जानकारी दी है। ३१ जेठ, काठमाडौं।

सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ में नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता क्षेत्र के लिए २ अरब ६२ करोड़ ७४ लाख रुपये का बजट आवंटित किया है। इस बजट में नेपाल सरकार से १ अरब १९ करोड़ ७४ लाख रुपये और विदेशी सहायता से १ अरब ४३ करोड़ रुपये शामिल हैं। ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय के अंतर्गत वैकल्पिक ऊर्जा प्रवर्द्धन केंद्र (एईपीसी) के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार और ऊर्जा दक्षता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

विद्युत पहुंच विस्तार, स्वच्छ खाना पकाने वाली ऊर्जा तकनीक का प्रचार, कचरे से ऊर्जा उत्पादन, उत्पादकता वृद्धि, ऊर्जा दक्षता, ग्रीन हाइड्रोजन, स्थानीय तथा प्रदेश सरकार की क्षमता वृद्धि, पर्यावरणीय और सामाजिक संरक्षण संबंधित कार्यक्रमों के लिए बजट आवंटित किया गया है। सरकार वार्षिक नीति तथा कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रीय ग्रिड नपहुंचे क्षेत्रों में आफग्रिड सौर्य, वायु और छोटे जलविद्युत प्रणाली का विस्तार करेगी।

स्वच्छ खाना पकाने वाली ऊर्जा प्रौद्योगिकी को सरकार उच्च प्राथमिकता दे रही है। अगले वर्ष लगभग २ लाख ५० हजार घरों में विद्युत चूल्हा, बायोगैस और सुधारित चूल्हों जैसी स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी का विस्तार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही १० संस्थागत एवं व्यावसायिक बायोगैस प्लांट और ९ बड़े क्षमता के कचरे से ऊर्जा उत्पादन परियोजनाएं बनाई जाएंगी। सरकार ने ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए ऊर्जा परीक्षण, ऊर्जा दक्ष नमूना विद्यालयों की स्थापना, जलवायु परिवर्तन न्यूनीकरण तथा कार्बन व्यापार कार्यक्रम संचालित करने की योजना बनाई है।

रामकुमारी झाँक्रीयो ने ओली के संरक्षण में कहा – ‘बा’ ही समस्या नहीं है

नेकपा एमाले की नेतृ रामकुमारी झाँक्री ने पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली का बचाव करते हुए सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर संकट का कारण केवल अध्यक्ष ओली नहीं हैं, बल्कि ‘‘आज के इस समाज में किसी के लिए बा समस्या हो सकती है। लेकिन, बा ही समस्या नहीं है।’’ नेताओं शंकर पोखरेल और योगेश भट्टराई को उन्होंने ‘‘अध्यक्ष का साथ छोड़ो मत, साथ लेकर चलो’’ कहते हुए सहयोग करने का आग्रह किया। 31 जेठ, काठमाडौँ।

नेकपा एमाले की नेतृ रामकुमारी झाँक्री ने पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर स्टेटस लिखा है। महासचिव शंकर पोखरेल और उपमहासचिव योगेश भट्टराई की तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने बताया कि संकट के कारण केवल ओली नहीं हैं। उन्होंने लिखा, ‘‘आज के इस समाज में किसी के लिए बा समस्या हो सकती है, लेकिन बा ही समस्या नहीं है। समस्याएँ बहुत हैं, अंदर और बाहर दोनों तरफ, समाज में तथा हम कार्यकर्ताओं में भी हैं।’’

झाँक्री ने यह साफ किया कि उन्होंने अनिच्छा से ओली को ‘बा’ नहीं लिखा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यहाँ दाइ, बा कहा है, पर भूलवश नहीं, जान-बूझकर लिखा है।’’ अनेरास्ववियु के पूर्व अध्यक्षों पोखरेल और भट्टराई को उन्होंने कमरेड के रूप में नहीं, बल्कि एक बहन की तरह लिखा, यह भी उन्होंने बताया। उन्होंने कहा कि केवल ओली वर्तमान समस्या नहीं हैं और सहयोग में ज़ोर दिया। ‘‘अध्यक्ष का साथ छोड़ो मत, साथ लेकर चलो,’’ उन्होंने लिखा।

जर्मनी ने छठे मिनट में की बढ़त हासिल

फीफा विश्व कप 2026 के तहत क्यूरेसाओ के खिलाफ मैच में, जर्मनी के फेलिक्स एनमेचा ने छठे मिनट में गोल करते हुए टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई है। 31 मई, काठमांडू। जर्मनी ने मैच के छठे मिनट में बढ़त बनाई। फेलिक्स एनमेचा ने मैच शुरू होते ही छठे मिनट में गोल कर चार बार के विश्व चैंपियन जर्मनी को प्रारंभिक बढ़त दिलाई। फ्लोरिन विर्ट्स के पास पर एनमेचा ने गोल किया।

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले: बजट से शुरू होगी युवाओं के लिए विदेश जाने की आवश्यकता समाप्त करने की व्यवस्था

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी पाँच वर्षों के भीतर युवाओं को विदेश जाने की बाध्यता समाप्त करने का भरोसा जताया है। Kathmandu में आयोजित राष्ट्रीय युवा उद्यमशीलता सम्मेलन में उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष के बजट के माध्यम से युवाओं को देश में ही रोजगार और शिक्षा के पर्याप्त अवसर प्रदान करने की नई पहल शुरू की जाएगी। 31 जेठ, Kathmandu।

डॉ. वाग्ले ने कहा कि सरकार ने युवाओं के सपने पूरे करने के लिए विदेश रोजगार की आवश्यकता समाप्त करने के लिए बजट के जरिये प्रतिबद्धता जताई है। रविवार को संपन्न राष्ट्रीय युवा उद्यमशीलता सम्मेलन 2083 में उन्होंने बताया कि यह पहल अगले वर्ष के बजट से आरंभ होकर पाँच वर्षों में निर्णायक सफलता प्राप्त करेगी।

“पिछले 15-20 वर्षों से देश के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए विदेश जाना पड़ता रहा है,” अर्थमंत्री वाग्ले ने कहा, “अब ऐसी स्थिति न हो इसलिए हमने बजट के माध्यम से इसकी आधारशिला रखनी शुरू कर दी है। इसके विस्तृत जानकारी के लिए बजट का अध्ययन आवश्यक है और सफल क्रियान्वयन इस मार्ग को सुनिश्चित करेगा।”

देशभर के युवा उद्यमियों को संबोधित करते हुए अर्थमंत्री वाग्ले ने कहा कि कर में राहत, कर बकाया समस्याओं से जूझ रहे उद्यमियों तथा व्यवसायियों के लिए छूट, साथ ही सरकारी प्रशासन का डिजिटलीकरण और सुशासन कार्यक्रम नई रचनात्मक राह खोलेगा। उन्होंने कहा, 1 लाख रुपये तक की आय करने वाले युवाओं को कर से पूर्णतः मुक्त किया गया है। साथ ही कर समस्याओं में फंसे उद्योगपतियों और व्यवसायियों के लिए बजट में राहत के साथ नई शुरुआत का भी घोषणा की गई है, जिसका लाभ उठाने के लिए सभी से आग्रह किया। बजट निर्माण में युवाओं की उद्यमशील सोच और योजना विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है और उसी के अनुसार कार्यक्रम भी घोषित किए गए हैं।

लागुऔषध के साथ ३१ लोगों को गिरफ्तार किया गया

नियमित गश्त के दौरान पुलिस टीम ने देश के विभिन्न स्थानों से लागुऔषध के साथ ३१ लोगों को गिरफ्तार किया है। इन्हें बर्दिया, सुनसरी, झापा, ललितपुर, सिराहा और काठमाडौँ सहित कई जिलों से पकड़ा गया है। गिरफ्तार व्यक्तियों के पास से ब्राउन हेरोइन, गांजा और चिकित्सक की सिफारिश पर ही मिलने वाली विभिन्न दवाइयां बरामद की गई हैं। ३१ जेठ, काठमाडौँ।

केन्द्रीय पुलिस समाचार कक्ष के अनुसार बर्दिया और सुनसरी से पाँच-पाँच, झापा और ललितपुर से चार-चार, सिराहा और काठमाडौँ से तीन-तीन, कास्की से दो तथा धनुषा, नुवाकोट, पर्सा, सुर्खेत और बाँके से एक-एक जनाको गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से ब्राउन हेरोइन और गांजा के साथ चिकित्सक की सिफारिश पर ही खरीदी जाने वाली दवाइयां बूप्रेनॉर्फिन, फेनारगन, डियेज़ेपाम और ट्रामाडोल बरामद की हैं।

रासस

जर्मनी ने डेब्यूटी कुरासाओ को ७-१ के बड़े अंतर से हराया

जर्मनी ने फिफा विश्व कप २०२६ के पहले मुकाबले में डेब्यूटी टीम कुरासाओ को ७-१ के बड़े अंतर से पराजित किया है। विश्व कप में पहली बार खेल रही कुरासाओ के लिए लिवानो कोमेनेन्सिया ने पूर्व विजेता जर्मनी के खिलाफ अपना ऐतिहासिक पहला गोल किया। जर्मनी ने पहले हाफ में तीन और दूसरे हाफ में चार गोल किए।

३१ जेठ, काठमांडू। चार बार के विश्व चैंपियन जर्मनी ने फिफा विश्व कप २०२६ के पहले मैच में डेब्यूटी टीम कुरासाओ को ७-१ से सहज जीत दर्ज की। अमेरिका के ह्यूस्टन स्टेडियम में आयोजित समूह ई के इस मुकाबले में कैरिबियाई देश कुरासाओ ने विश्व कप में पहली बार खेलते हुए पूर्व चैंपियन के खिलाफ गोल की श्रृंखला शुरू की, लेकिन गोलों की बौछार को रोक नहीं पाया।

जर्मनी के लिए काई हैवर्ट्ज ने दो गोल किए, जबकि फेलिक्स एनमेचा, निको स्लोटरबेक, जमाल मुसिएला, नाथनियल ब्राउन और डेनिज उंडा ने एक-एक गोल दागे। कप्तान जोसुआ किम्मिक ने दो असिस्ट किए। एनमेचा ने मैच के छठे मिनट में गोल कर जर्मनी को बढ़त दिलाई। जर्मनी ने शुरुआती बढ़त के बाद कुरासाओ पर लगातार दबाव बनाए रखा।

हालांकि, कुरासाओ के लिवानो कोमेनेन्सिया ने २१वें मिनट में गोल कर स्कोर १-१ बराबर कर दिया। पहली बार विश्व कप में खेल रही कुरासाओ ने डेब्यू मैच में ही चार बार के विश्व चैंपियन जर्मनी के खिलाफ ऐतिहासिक गोल किया। जर्मनी का अगला मुकाबला आइवरी कोस्ट के साथ होगा, जबकि कुरासाओ इक्वाडोर से भिड़ेगा।

दलका सदस्य अध्यक्ष पदको उम्मेदवारी दिन सक्दैनन्

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार किया गया।

  • स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक संस्था नेपाल (इप्पान) ने वरिष्ठ उपाध्यक्ष का स्वचालित अध्यक्ष बनने का प्रावधान हटाकर सभी पदों को खुली प्रतिस्पर्धा के लिए रखा है।
  • संस्था को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखने के लिए अध्यक्ष एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए राजनीतिक दल के सदस्य होने की अनुमति नहीं है।
  • इप्पान ने संरचना का विस्तार कर उपाध्यक्ष और सचिव की संख्या 7 कर दी है, जबकि महासंघ में रूपांतरण प्रस्ताव फिलहाल के लिए स्थगित किया गया है।

31 जेठ, काठमांडू। स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक संस्था नेपाल (इप्पान) ने नेतृत्व चयन प्रक्रिया में लंबे समय से विद्यमान विवाद और असंतोष को ध्यान में रखते हुए व्यापक सुधार किए हैं।

29 जेठ को काठमांडू में आयोजित 24वीं साधारण सभा और आठवें अधिवेशन में आगामी कार्यकाल से अध्यक्ष समेत सभी पदों के लिए खुली प्रतिस्पर्धा व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया।

अधिवेशन में विधान संशोधित कर वरिष्ठ उपाध्यक्ष के स्वचालित अध्यक्ष बनने के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। अब अध्यक्ष समेत सभी पदों के लिए योग्य सदस्य सीधे प्रतिस्पर्धा कर उम्मीदवार बन सकेंगे।

पहले की व्यवस्था के अनुसार वरिष्ठ उपाध्यक्ष स्वचालित रूप से अध्यक्ष बनते थे और पदाधिकारी केवल कार्यसमिति से चयनित होते थे, जिससे संस्था में असंतोष फैला था।

अधिवेशन से पहले भी नेतृत्व चयन, प्रतिनिधित्व और विधान संशोधन से जुड़े विवाद सामने आए थे। कुछ सदस्यों ने संस्था में सीमित समूहों का प्रभुत्व बढ़ने और लोकतांत्रिक अभ्यास कमजोर होने की बात उठाई थी और खुली प्रतिस्पर्धा की मांग की थी।

इसी आधार पर साधारण सभा ने विधान में संशोधन कर नेतृत्व चयन को अधिक समावेशी और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने का निर्णय लिया। संशोधित नियमों के अनुसार अध्यक्ष पद के उम्मीदवार का कम से कम एक कार्यकाल कार्यसमिति में रहना आवश्यक होगा।

इप्पान ने अध्यक्ष और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार को राजनीतिक दल का सदस्य होना निषेध कर दिया है। यदि कोई पूर्व में राजनीतिक दल से जुड़ा था तो उसे त्यागने का प्रमाण देना होगा। इसका उद्देश्य संस्था को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखना बताया गया है।

विधान संशोधन की प्रक्रिया कुछ वर्षों से चल रही थी। 21वीं वार्षिक साधारण सभा ने भानुभक्त पोखरेल के संयोजन में पांच सदस्यों की समिति बनाई थी, जिसने इप्पान को महासंघ में रूपांतरण करने का प्रस्ताव दिया था।

लेकिन महासंघ में रूपांतरण की प्रक्रिया आगे न बढ़ने के कारण इप्पान ने वर्तमान विधान के तहत अधिवेशन करने का निर्णय लिया।

साधारण सभा ने संस्था की संरचना का भी विस्तार किया है। संशोधित विधान के अनुसार उपाध्यक्ष की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 कर दी गई है, और सचिव की संख्या भी 5 से 7 की गई है। उपाध्यक्ष पद के लिए बलराम खतिवड़ा और प्रकाशचन्द्र दुलाल चुने गए हैं, जबकि सचिव पद पर कृष्ण घिमिरे और दीपक पौडेल चयनित हुए हैं। साथ ही पांच स्थायी आमंत्रित सदस्य मनोनीत करने की व्यवस्था भी रखी गई है।

इप्पान ने ध्रुवीकरण समाप्त कर सभी पक्षों को शामिल करने के लिए दो उपाध्यक्ष, दो सचिव और पांच स्थायी आमंत्रित सदस्यों को सर्वसम्मति से चुना है।

हाल ही के नेतृत्व चयन प्रक्रिया में कोषाध्यक्ष को छोड़कर अन्य पदों पर सहमति बन गई थी और नई कार्यसमिति सर्वसम्मति से चुनी गई थी। कोषाध्यक्ष पद के लिए शंकर बस्याल और मिथुन पौडेल के बीच मुकाबला था।

मतदान के दौरान पौडेल मतदान स्थल छोड़कर चले गए थे। परिणामस्वरूप बस्याल निर्वाचित हुए, जिन्हें 267 वोट मिले जबकि पौडेल को 82 वोट प्राप्त हुए।

ऊर्जा क्षेत्र के व्यावसायियों ने इसे संस्था के भीतर विद्यमान विवादों को हल कर सहयोग एवं सहमति से आगे बढ़ने का प्रयास माना है।

जिला प्रशासन कार्यालय से स्वीकृति मिलने पर संशोधित विधान पूरी तरह प्रभावी होगा। इप्पान का विश्वास है कि नई व्यवस्था संस्था को अधिक लोकतांत्रिक, समावेशी और पारदर्शी बनाएगी।

विवाद के बाद सुधार

जनता और बैंक से करोड़ों जुटाकर जल विद्युत क्षेत्र में निवेश कर रहे ऊर्जा उत्पादकों की संस्था में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उभर आई थीं। 2081 साल तक संस्था का नवीनीकरण न हो पाने के कारण व्यापक आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

यह स्थिति इप्पान की साधारण सभा उद्घाटन समारोह को भी प्रभावित कर गई थी। ऊर्जा, जल स्रोत और सिंचाई मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ ने उद्घाटन समारोह में देरी से आने का कारण जिला प्रशासन कार्यालय से 2081 साल तक नवीनीकरण की जानकारी मिलना बताया था।

संस्था के अंदर और बाहर से समस्याओं को समाधान कर आगे बढ़ने की आवाज उठ रही थी।

संस्था नवीनीकरण के बिना संचालन, साधारण सभा के फैसले और मण्डेट कार्यसमिति द्वारा इन्हें निरस्त करने जैसे विषयों को लेकर इप्पान के अंदर और बाहर विरोध और चेतावनी जारी थी।

इप्पान के निवर्तमान उपमहासचिव प्रकाश दुलाल सहित अन्य ने इस विषय पर चेतावनी दी थी, जिसके बाद निवर्तमान अध्यक्ष गणेश कार्की ने इसे भ्रामक और कपोलकल्पित बताते हुए विज्ञप्ति जारी की थी।

साधारण सभा में भी इस विषय पर चर्चा हुई। दीर्घकालीन विवादों के बाद इप्पान ने अधिवेशन में विधान संशोधन किया, लेकिन महासंघ में रूपांतरण का प्रस्ताव 8वें अधिवेशन ने खारिज कर दिया।

इप्पान को और प्रभावी तथा सशक्त बनाने के उद्देश्य से महासंघ में रूपांतरण की प्रक्रिया तत्काल के लिए स्थगित की गई है।

नेकपा एमाले ने संविधान संशोधन के लिए उपसमिति का गठन किया

नेकपा एमाले ने संविधान संशोधन के लिए सुझाव एकत्रित करने हेतु अग्नि खरेल की संयोजकता में एक उपसमिति का गठन किया है। उपाध्यक्ष विष्णुप्रसाद पौडेल के नेतृत्व में गठित कार्यदल द्वारा यह उपसमिति सुझाव संकलन की कार्यसूची तैयार करेगी। कार्यदल की बैठक में संविधान संशोधन के विषयों पर अन्य राजनीतिक दलों के साथ संवाद स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है। 31 जेठ, काठमाडौं।

उपसमिति में रमेश बडाल, महेश बर्तौला, कृष्णभक्त पोखरेल, टीकाराम भट्टराई, राजेन्द्र घिमिरे और अमर थापा सदस्य होंगे। इस उपसमिति का कार्य सुझाव संकलन कार्यसूची तैयार करना और अन्य जिम्मेदारियां निभाना होगा। सरकार द्वारा संविधान संशोधन की पहल बढ़ाने पर एमाले ने उपाध्यक्ष पौडेल के नेतृत्व में विशेष कार्यदल बनाया था। आज की बैठक में इस कार्यदल ने संविधान संशोधन से संबंधित विषयों पर अन्य राजनीतिक दलों के साथ संवाद करने का भी निर्णय लिया।

जर्मनी ने डेब्यू टीम कुरासाओ को 7-1 गोल से भारी जीत से हराया

जर्मनी ने फीफा विश्व कप 2026 के उद्घाटन मैच में डेब्यू कर रहे कुरासाओ को 7-1 के बड़े अंतर से परास्त किया। विश्व कप में पहली बार हिस्सा ले रहे कुरासाओ के लिए लिवानो कोमेनसिया ने पूर्व विजेता जर्मनी के खिलाफ ऐतिहासिक पहला गोल किया। जर्मनी ने पहले हाफ में तीन और दूसरे हाफ में चार गोल किए। 31 जेठ, काठमाडौं।

चार बार विश्व कप विजेता जर्मनी ने फीफा विश्व कप 2026 के प्रारंभिक मैच में डेब्यू कर रहे कुरासाओ को 7-1 से आसानी से हराया। अमेरिका के ह्यूस्टन स्टेडियम में समूह ‘ई’ के इस मैच में कैरेबियन देश कुरासाओ ने विश्व कप में पहली बार खिलाड़ी बनकर पूर्व चैंपियन के खिलाफ गोल किया लेकिन गोल का जवाब नहीं दे सका। जर्मनी के लिए काई हैवर्ट्ज ने दो और फेलिक्स एनमैकहा, निको स्लोटरबैक, जमाल मुसियेला, नाथानियल ब्राउन और डेनिज उण्डाभ ने एक-एक गोल किए।

कप्तान जोशुआ किमिच ने दो असिस्ट प्रदान किए। एनमैकहा ने छठे मिनट में गोल करके जर्मनी को बढ़त दिलाई। शुरुआती बढ़त के बाद जर्मनी ने कुरासाओ पर लगातार दबाव बनाए रखा। लेकिन कुरासाओ के लिवानो कोमेनसिया ने 21वें मिनट में गोल कर खेल को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। जर्मनी ने फिर से बढ़त बनाने में ज्यादा समय नहीं लगाया; सेंटरबैक निको स्लोटरबैक ने 38वें मिनट में गोल किया और टीम को 2-1 की बढ़त दिलाई।

नाथानियल ब्राउन के कॉर्नर पर निको ने हेडर के ज़रिए गोल किया। इसके बाद हैवर्ट्ज ने पहले हाफ के इंजरी टाइम के पांचवें मिनट में पेनाल्टी से गोल कर halftime तक स्कोर 3-1 कर दिया। दूसरे हाफ में भी जर्मनी की बढ़त जारी रही। जमाल मुसियेला ने 47वें, ब्राउन ने 68वें और उण्डाभ ने 78वें मिनट में गोल किए। पहले मैच की इस सहज जीत के साथ जर्मनी ने समूह ‘ई’ में 3 अंक हासिल कर लिए हैं। 2014 में ब्राजील में विश्व कप खिताब जीतने वाले जर्मनी 2018 और 2022 में ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गया था। इस बार पहले मैच में जीत के बाद जर्मनी का नॉकआउट चरण में पहुंचने का मौका मजबूत हो गया है। जर्मनी का अगला मैच आइवरी कोस्ट के साथ होगा जबकि कुरासाओ इक्वाडोर के खिलाफ मुकाबला करेगा। समूह ‘ई’ का अगला मैच सोमवार सुबह आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर के बीच खेला जाएगा।

ऋण चुकौती के लिए नया कर्ज़ा देकर छिपाई जा रही खराब कर्जे की समस्या, CEO को घरेलू कामगार जैसी सुविधाएं

समाचार सारांश

समीक्षित किया गया।

  • नेपाल राष्ट्र बैंक के निरीक्षण रिपोर्ट में यह पाया गया कि बैंक पुराने ऋण चुकाने के लिए नया ऋण प्रदान कर खराब कर्ज छिपा रहे हैं।
  • पिछले वित्तीय वर्ष में वाणिज्यिक बैंकों के निष्क्रिय कर्ज में 22.40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो 2 खरब 20 अरब 33 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है।
  • आंतरिक लेखा परीक्षा प्रमुख का मूल्यांकन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) द्वारा होने के कारण बैंक में स्वतंत्र लेखा परीक्षा नहीं हो पाई है, यह राष्ट्र बैंक का निष्कर्ष है।

31 जेष्ठ, काठमांडू। बैंक एवं वित्तीय संस्थानों में पुराने ऋण चुकाने के लिए नया कर्ज देने के कारण वास्तविक खराब कर्ज की मात्रा सामने नहीं आ पा रही है। नेपाल राष्ट्र बैंक के निरीक्षण में यह पाया गया कि बैंक खराब कर्ज छिपाने तथा पुराने ऋण को चुकाने के लिए नए ऋण प्रदान कर रहे हैं।

केन्द्रीय बैंक के अनुसार, वर्तमान में वाणिज्यिक बैंकों के खराब कर्ज का आंकड़ा वास्तविकता के अनुरूप नहीं है। पिछले वित्तीय वर्ष के निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार निष्क्रिय कर्ज 2 खरब 20 अरब 33 करोड़ रुपए के आसपास है।

यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष 2080/81 की तुलना में 22.40 प्रतिशत अधिक है। वित्तीय वर्ष 2081/82 में बैंकों के कुल कर्ज का 4.4 प्रतिशत खराब कर्ज के रूप में है।

केन्द्रीय बैंक के स्थलगत निरीक्षण में यह भी पाया गया कि जब ऋणी पुराने ऋण का भुगतान करने में असमर्थ होता है, तब बैंक अशर मासांत या त्रैमासिक समापन पर नया ऋण स्वीकृत कर पुराने कर्ज का भुगतान दर्शाते हैं। राष्ट्र बैंक का मानना है कि कर्ज के लिए कर्ज देने का मुख्य उद्देश्य खराब कर्ज को छिपाना है। निरीक्षण रिपोर्ट में कहा गया है, “बैंक ऋण भुगतान के लिए ऋण प्रदान करने के कारण खराब कर्ज छिपा रहे हैं। वर्तमान में बैंक के खराब कर्ज की स्थिति वास्तविक नहीं है।”

इसी प्रकार, यह भी पता चला है कि बैंक द्वारा दिया गया कर्ज गलत उद्देश्यों के लिए भी उपयोग में लाया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, “कर्ज जिस उद्देश्य के लिए दिया गया था, यदि ऋणी ने उसे किसी अन्य काम में लगाया, तो बैंक ने उस पर ध्यान नहीं दिया। अधिकांश कर्ज राशि संचालकों या सम्बद्ध व्यक्तियों के खातों में ट्रांसफर पाई गई।”

धरोहर मूल्यांकन में भी बैंक एवं वित्तीय संस्थानों की लापरवाही देखी गई है। स्थलगत निरीक्षण में यह पाया गया कि ऋण चुकाने में असमर्थ फाइलों को लिलामी प्रक्रिया में होने के बावजूद ‘खराब कर्ज’ अवधि में वर्गीकृत नहीं किया गया। रिपोर्ट में आंतरिक लेखा परीक्षा की कमजोरियां भी उजागर हुई हैं।

आंतरिक लेखा प्रभाग प्रमुख का मूल्यांकन CEO द्वारा किए जाने के कारण लेखा परीक्षा में स्वतंत्रता की कमी है, केन्द्रीय बैंक ने बताया। CEO के नेतृत्व में की गई लेखा परीक्षा में निरीक्षकों को CEO की गलतियों को इंगित करना कठिन होता है।

साथ ही, बैंक में संचालक समिति और उच्च प्रबंधन की कमज़ोरियाँ भी सामने आई हैं। केन्द्रीय बैंक के निरीक्षण से पता चला कि बैंक CEO की नियुक्ति और सुविधाएँ नियमों के अनुरूप नहीं हैं। रिपोर्ट में उल्लेख है, ‘कुछ बैंकों ने CEO को ऐसे सुविधाएँ दी हैं जो नियमों में नहीं होतीं जैसे अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड, घरेलू कामगार।’

संचालक समिति की नीति-निर्धारण के बजाय छोटे प्रबंधकीय कार्यों में हस्तक्षेप पाया गया। एक बैठक में 100 से अधिक एजेंडे डालकर चर्चा किए बिना निर्णय लेना भी रिपोर्ट द्वारा उजागर हुआ है। बैंक के उच्च पद तीन महीने से अधिक समय तक खाली रह जाते हैं और समावेशिता की भी कमी देखी गई है।

स्वतंत्र संचालक और महिला संचालक की नियुक्ति अपने समय पर नहीं होने का भी निरीक्षण में खुलासा हुआ है।

केन्द्रीय बैंक ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि बैंक के लेखापरीक्षा विभाग में स्थायी कर्मचारियों की तुलना में सीए प्रशिक्षु अधिक रखे गए हैं, जिससे गहन निरीक्षण करने में अड़चन आती है। बैंक समय-समय पर सुरक्षा सॉफ्टवेयर और तकनीकी अडिट करना भी नहीं करते।

कई बैंक अब भी एटीएम और शाखाओं में पुराने एवं असुरक्षित Windows 7 जैसे सफ्टवेयर उपयोग कर रहे हैं। एटीएम कार्ड और उसका पिन एक ही कमरे में असुरक्षित तरीके से रखे हुए हैं, CCTV के बैकअप नियम अनुसार 90 दिन तक नहीं रखे जाते और वॉल्ट की चाबी दो लोगों के नियंत्रण में रखने के नियम का पालन नहीं होता। कई जगह बिना सुरक्षा गार्ड के मोटरसाइकिल पर नकदी ले जाने की घटनाएँ भी मिली हैं।

बैंक तरलता संकट के समय प्रबंधन के लिए योजना केवल कागज पर रखते हैं और संकट आने पर इसे लागू नहीं करते हैं, केन्द्रीय बैंक ने बताया। कुछ बड़े संस्थागत जमाकर्ताओं पर बैंक का पैसा निर्भर है, जिससे जब वे पैसा निकालते हैं तो बैंक संकट में पड़ सकता है; इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।

बढ़ते खराब कर्ज के कारण अधिक राशि ‘प्रोविज़निंग’ के लिए रखनी पड़ती है, जिससे बैंक की पूंजी पर बड़ा दबाव पड़ता है। बैंक द्वारा राष्ट्र बैंक को दी गई रिपोर्ट और बैंक के असली सॉफ़्टवेयर के आँकड़े में अंतर पाया गया है। ऋणी का पैन नंबर और नाम भी सही तरीके से दर्ज नहीं हैं, केन्द्रीय बैंक ने उल्लेख किया है।

बैंकिंग क्षेत्र में कुल संपत्ति का 83.87 प्रतिशत और कुल जमाओं का 87.09 प्रतिशत हिस्सा केवल वाणिज्यिक बैंकों के पास है। राष्ट्र बैंक ने प्रणालीगत महत्व वाले बैंकों की पहचान के लिए कार्यप्रणाली लागू की है।

ऐसे बैंक संकट में पड़ने पर देश की अर्थव्यवस्था संकटग्रस्त हो सकती है, इसलिए राष्ट्र बैंक ने कहा है कि इन बैंकों के लिए कड़ा नियमन होगा। सामाजिक उत्तरदायित्व की राशि अब हर प्रदेश में कम से कम 10 प्रतिशत खर्च करने का नियम भी बनाया गया है।

निरीक्षण को आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के उपयोग की तैयारी चल रही है। बढ़ते खराब कर्ज और कर्ज चुकाने के लिए नया कर्ज देने की प्रथा को समाप्त करना वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती है, रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

बैंक अपने पूंजी पर्याप्तता अनुपात को नियामकीय मानकों के भीतर दिखाने के लिए उच्च जोखिम वाले कर्जों को कम जोखिम वर्ग में डालते हैं। इस प्रकार की ‘हिसाब-किताब में कूटनीति’ का पता लगाना चुनौतीपूर्ण है।

बैंक के जोखिम प्रबंधन अधिकारी और आंतरिक लेखापरीक्षण प्रमुख का मूल्यांकन CEO द्वारा करने के कारण ये अधिकारी स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाते और CEO के प्रभाव में रहते हैं।

प्रबंधन के प्रभाव से स्वतंत्रता सुनिश्चित करना राष्ट्र बैंक के लिए चुनौती बनी हुई है। कर्ज के सही उपयोग के परीक्षण के लिए स्थलगत निरीक्षण भी कठिनाई बना हुआ है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अब तकनीक आधारित आधुनिक निरीक्षण प्रणाली अपनाई जानी चाहिए।

प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सोशल मीडिया पर आई टिप्पणियों पर स्पष्टिकरण दिया

३१ जेठ, काठमांडू। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सोशल मीडिया पर अपने द्वारा लिखे गए स्टेटस को लेकर आई विभिन्न टिप्पणियों पर स्पष्टिकरण दिया है। रविवार शाम उन्होंने गृह मंत्री सुधन गुरुङ और भौतिक पूर्वाधार मंत्री सुनिल लम्साल के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए ‘देश बनाने की टीम’ लिखा था। इसके बाद कैबिनेट के अन्य सदस्यों की उपेक्षा किए जाने की आलोचनाएं सोशल मीडिया पर शुरू हो गईं। इस विषय में प्रधानमंत्री शाह ने अपनी ओर से स्पष्टिकरण दिया। उन्होंने कहा, ‘सप्ताहभर काम करने के बाद मैं छुट्टी के दिन विश्राम करता हूँ, यह कोई समस्या नहीं है’, और साथ ही लिखा, ‘दुख उस दिन स्वीकार करना है, जब मैं विश्राम करना छोड़ दूं।’