Skip to main content

लेखक: space4knews

तमिलनाडु में विजय थलापति की पार्टी को सरकार गठन में कठिनाई का सामना

भारत के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय थलापति की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने सबसे ज्यादा सीटें जीतकर द्रविड़ पार्टियों की दशकों पुरानी विरासत को तोड़ दिया है। लेकिन, २३४ सदस्यीय विधानसभा में टीवीके ने १०८ सीटें हासिल की हैं। संसद की सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद थलापति को सरकार बनाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। २३४ सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए कम से कम ११८ सीटें चाहिए होती हैं। चुनावी परिणाम आने के तीन दिन बाद भी वे अभी तक सरकार बनाने के लिए बहुमत प्राप्त करने में सफल नहीं हो पाए हैं। तमिलनाडु राजभवन (राज्यपाल कार्यालय) ने गुरुवार को एक बयान जारी कर बताया कि टीवीके अभी तक विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाई है।

‘तमिलनाडु के माननीय राज्यपाल थिरु राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज (७ मई) टीवीके के अध्यक्ष थिरु सी. जोसेफ विजय (विजय थलापति) को चेन्नई स्थित लोक भवन में बुलाकर उनसे मुलाकात की है। इस दौरान माननीय राज्यपाल ने सरकार गठन के लिए आवश्यक तमिलनाडु विधानसभा बहुमत के समर्थन स्थापित न होने की जानकारी दी है,’ राज्यपाल के बयान में कहा गया है। १०८ सीटों वाली टीवीके को बहुमत सिद्ध करने के लिए अभी और १० सीटों की आवश्यकता है। कांग्रेस ने पांच सीटें हासिल कर सहयोग का वादा किया है, लेकिन अभी भी पांच सीटें जुटानी बाकी हैं। टीवीके बहुमत में सफल न हो पाने के कारण राज्यपाल आर्लेकर ने अभी तक विजय थलापति को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया है। चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी को राज्यपाल ने सरकार बनाने के लिए क्यों नहीं बुलाया, इस विषय पर तमिलनाडु में तीव्र बहस छिड़ी हुई है।

विजय के सामने सीमित विकल्प हैं। जब कोई भी दल या गठबंधन स्पष्ट बहुमत नहीं पाता है, ऐसी विधानसभा को ‘हंग एसेम्बली’ या ‘त्रिशंकु संसद’ कहा जाता है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में भी ऐसी त्रिशंकु संसद बनी है, जिसने सबसे बड़ी पार्टी टीवीके के लिए सरकार गठन को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ऐसे हालात में राज्यपाल का बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका न देना कई सवाल पैदा करता है। साथ ही, टीवीके को दरकिनार करके परंपरागत प्रतिद्वंदी डीएमके और एआईएडीएमके के गठबंधन से सरकार बनने की संभावना की चर्चा भी हो रही है। टीवीके अभी भी सरकार बनाने के लिए बहुमत जुटाने की कोशिश कर रहा है।

इस तरह टीवीके प्लस की संख्या ११९ तक पहुंचने की संभावना है, जो बहुमत के लिए आवश्यक संख्या से अधिक है। टीवीके का दूसरा विकल्प अल्पमत सरकार बनाना हो सकता है। सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल टीवीके को सरकार बनाने के लिए बुला सकते हैं। सरकार बनने के बाद टीवीके अन्य पार्टियों को अपने पक्ष में लाने की रणनीति अपना सकता है। विजय की जीत से चुनौती बढ़ी? टीवीके बहुमत से १० सीटें पीछे है, लेकिन सरकार बनाने के लिए कम से कम १२ अतिरिक्त विधायक चाहिए। क्योंकि १०८ सीटों में से दो सीटें तिरुचिरापल्ली ईस्ट और पेराम्बुर हैं, जहाँ विजय थलापति स्वयं जीते हैं। नियम के अनुसार उन्हें एक सीट खाली करनी पड़ेगी, जिससे टीवीके की सीट संख्या १०७ रह जाएगी। इसके अलावा एक सभापति का भी चुनाव होगा। विश्वासमत के समय सभापति मतदान नहीं करता, इसलिए टीवीके के मतदान करने वाले सांसदों की संख्या १०६ हो जाएगी।

सर्वोच्च न्यायालय: मनोजकुमार शर्मा को नया प्रधान न्यायाधीश के रूप में सिफारिश

सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश पद के लिए मनोजकुमार शर्मा को सिफारिश की गई है। गुरुवार शाम प्रधानमंत्री वलेन्द्र शाह ‘बालेन’ की अध्यक्षता में हुई संवैधानिक परिषद की बैठक में उन्हें इस पद पर नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई, इसकी जानकारी परिषद के दो सदस्यों ने दी है। अब संसदीय सुनवाई समिति की मंजूरी मिलने के बाद ही वे नेपाल के प्रधान न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हो सकेंगे।

सिफारिश के निर्णय में वरिष्ठता का पालन न होने पर राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष नारायणप्रसाद दाहाल और मुख्य विपक्षी दल के नेता भीष्मराज आङ्देम्बे ने अलग मत व्यक्त किया है, जबकि बैठक के अन्य प्रतिभागियों ने यह बताया है। नेपाल के संविधान की धारा २८४ के अनुसार, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बनने वाली सदस्यीय संवैधानिक परिषद प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए सिफारिश करती है।

कानूनी प्रबंधन परिषद में प्रधान न्यायाधीश, प्रतिनिधि सभा के सभामुख, राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष, प्रतिनिधि सभा के विपक्षी दल के नेता और प्रतिनिधि सभा के उपसभामुख सदस्य होते हैं। हालांकि प्रधान न्यायाधीश नियुक्ति की सिफारिश करते समय संवैधानिक परिषद में नेपाल सरकार के कानून और न्याय मंत्री भी सदस्य होते हैं, ऐसे में गुरुवार की बैठक में मंत्री सोबिता गौतम भी उपस्थित थीं।

विशेषज्ञों ने बताया है कि संवैधानिक परिषद आम तौर पर वरिष्ठता के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय के श्रेष्ठ न्यायाधीश को प्रधान न्यायाधीश के पद के लिए सिफारिश करती है, लेकिन इस बार यह परंपरा टूटी है। प्रधान न्यायाधीश और अन्य सर्वोच्च न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

सर्वोच्च अदालतका न्यायाधीश शर्मा प्रधानन्यायाधीशमा सिफारिस

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डॉ. मनोज शर्मा प्रधान न्यायाधीश के रूप में सिफारिश

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डॉ. मनोज शर्मा को प्रधान न्यायाधीश के रूप में सिफारिश की गई है। न्याय परिषद की गुरुवार की बैठक में शर्मा को प्रस्तावित प्रधान न्यायाधीश के रूप में आगे बढ़ाया गया। शर्मा वरिष्ठतम न्यायाधीशों में चौथे क्रम पर रहते हुए प्रधान न्यायाधीश के रूप में सिफारिश पाने वाले पहले व्यक्ति हैं।

२४ वैशाख, काठमांडू। नेपाल के न्यायिक इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि वरिष्ठतम न्यायाधीशों के क्रम में चौथे नंबर पर मौजूद न्यायाधीश को प्रधान न्यायाधीश के रूप में सिफारिश मिली है। संसदीय सुनवाई समिति द्वारा नाम की मंजूरी मिल जाने पर वे ३३वें प्रधान न्यायाधीश बनेंगे। ६ वैशाख २०७६ को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त होने वाले शर्मा, संसदीय अनुमोदन मिलने पर पूरे कार्यकाल अर्थात् ६ वर्ष तक प्रधान न्यायाधीश के पद पर रहेंगे।

कानून व्यवसायी सपना प्रधान मल्ल सहित वरिष्ठ न्यायाधीश कुमार रेग्मी और हरि फुयाल को पीछे छोड़ते हुए चौथे वरिष्ठता क्रम में उपस्थित शर्मा को संवैधानिक परिषद ने प्रधान न्यायाधीश के रूप में प्रस्तावित किया है। ४ असार २०२७ को पर्सा में जन्मे शर्मा ३ असार २०९२ को ६५ वर्ष के हो जाएंगे। प्रजातंत्र पुनर्स्थापना के बाद किसी भी प्रधान न्यायाधीश ने ६ वर्ष का पूरा कार्यकाल नहीं निभाया है। अगर वे ६ वर्ष का कार्यकाल पूरा करते हैं तो वैशाख २०८९ तक प्रधान न्यायाधीश बने रहेंगे।

नेपाल लॉ क्याम्पस से कानून में स्नातक और भारत के पुणे विश्वविद्यालय से कानून में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त करने वाले शर्मा ने श्रम कानून से संबंधित विषय में विद्यावारिधि की है। वे पुनरावेदन अदालत के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए और अस्थायी न्यायाधीश की व्यवस्था समाप्त होने के बाद अवकाश ग्रहण किया था। बाद में, चोलेन्द्रशम्सेर जबरा के प्रधान न्यायाधीश रहने के दौरान वे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के लिए सिफारिश किए गए और संसदीय सुनवाई प्रक्रिया से अनुमोदन प्राप्त किया।

आँबुखैरेनी–मुग्लिन मार्ग अवरुद्ध हुआ

आँबुखैरेनी गाउँपालिका–४ के पावर हाउस के पास सुखी भूस्खलन के कारण आँबुखैरेनी–मुग्लिन सड़क अवरुद्ध हो गई है। जिले के पुलिस कार्यालय के प्रहरी नायब उपरीक्षक श्रवणकुमार विक ने बताया कि भूस्खलन को हटाकर राजमार्ग को फिर से संचालित करने का प्रयास जारी है। २४ वैशाख, दमौली (तनहुँ)। आँबुखैरेनी गाउँपालिका–४ के ‘पावर हाउस’ के नजदीक सुखी भूस्खलन गिरने से यह सड़क अवरुद्ध हो गई है। जिले के पुलिस कार्यालय के प्रहरी नायब उपरीक्षक श्रवणकुमार विक के अनुसार, भूस्खलन हटाकर राजमार्ग को पुनः संचालित करने का प्रयास जारी है।

रोशी नदी में बाढ़ में फंसे यात्रियों के उद्धार के लिए ५ सशस्त्र पुलिसकर्मियों को सम्मान

सशस्त्र पुलिस बल नेपाल संख्या १५ गण ने २१ वैशाख की वर्षा के बाद रोशी नदी में फंसे ८९ यात्रियों को बचाने के कार्य में सहयोग देने वाले पांच पुलिसकर्मियों को नकद पुरस्कार सहित सम्मानित किया है। सशस्त्र पुलिस उप महानिरीक्षक अंजनीकुमार पोखरेल ने २४वें वार्षिकोत्सव समारोह के दौरान संगठन की अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना को मजबूत करने के लिए सभी को जिम्मेदार बनने की अपील की। प्रमुख जिल्ला अधिकारी गोपालकुमार अधिकारी और रोशी गाउँपालिका के अध्यक्ष दिनेश लामा ने विपत्ति की घड़ी में सशस्त्र पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण और प्रशंसनीय बताया। यह कार्यक्रम २४ वैशाख, काभ्रेपलाञ्चोक में आयोजित किया गया।

२१ वैशाख की रात हुई भारी वर्षा के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति में बीपी राजमार्ग अंतर्गत रोशी-७ लास्कोट और घुमाऊँने नदी के बीच फंसे यात्रियों को बचाने वाले सशस्त्र पुलिस बल को नकद पुरस्कार सहित सम्मानित किया गया है। सशस्त्र पुलिस बल नेपाल संख्या १५ गण के मुख्यालय काभ्रेपलाञ्चोक के २४वें वार्षिकोत्सव समारोह में रोशी नदी में फंसे पांच माइक्रोबसों के ८९ यात्रियों को जोखिम उठाकर बचाने वाले सहायक निरीक्षक भरत न्यौपाने, हवलदार श्रीकृष्ण कार्की, हवलदार बुद्धि खड्का, सहायक हवलदार किरण कुँवर और अशोकजंग दनुवार को सम्मानित किया गया।

इन सभी को संगठन की छवि को उच्च बनाने के लिए साहसिक और व्यावसायिक कौशल दिखाकर बचाव कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने पर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त पाँचखाल चौकी के प्रभारी प्रशांत तामांग और इलाका प्रहरी कार्यालय देवीटार के प्रभारी इन्द्रबहादुर राउत को भी सम्मानित किया गया। २१ वैशाख की शाम से शुरू हुई लगातार वर्षा से बढ़े नदी के बहाव के कारण रोशी-७ लास्कोट और घुमाउने नदी के मध्य फंसे पांच माइक्रोबस के ८९ यात्रियों को सशस्त्र पुलिस बल नेपाल संख्या १५ गण के गणपति सशस्त्र पुलिस उपरीक्षक माधव रेग्मी के नेतृत्व में तैनात बचाव दल द्वारा बचाया गया।

२४वें वार्षिकोत्सव समारोह सशस्त्र पुलिस बल नेपाल संख्या १५ गण के मुख्यालय काभ्रेपलाञ्चोक में मनाया गया। सशस्त्र पुलिस उप महानिरीक्षक अंजनीकुमार पोखरेल ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा, विपत्ति प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा में सशस्त्र पुलिस बल की निभाई जा रही भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना को और भी मजबूत करने तथा संगठन को और प्रभावशाली बनाने की दिशा में सभी के जिम्मेदार बनने पर बल दिया। प्रमुख जिल्ला अधिकारी गोपालकुमार अधिकारी ने जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ विपत्ति के समय नागरिकों के बचाव तथा राहत में सशस्त्र पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। रोशी गाउँपालिका अध्यक्ष दिनेश लामा ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा निकायों के बीच सहयोग से नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचने की बात कही। उन्होंने कहा कि विपत्ति और आपातकालीन परिस्थितियों में सशस्त्र पुलिस बल की भूमिका अत्यंत प्रशंसनीय रही है।

बेलायत में स्थानीय चुनाव शुरू, नेपाली मूल के डेढ़ दर्जन से अधिक उम्मीदवार मैदान में

२४ वैशाख, लंदन। ७ मई गुरुवार (आज) बेलायत के चार राष्ट्रों में से तीन इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स में स्थानीय चुनाव शुरू हो गए हैं। १३६ विभिन्न स्थानीय काउंसिलों में कुल ५,०१४ सीटों के लिए मतदान जारी है। इस चुनाव के माध्यम से स्कॉटलैंड और वेल्स के मतदाता अपनी राष्ट्रीय संसद के प्रतिनिधि चुनेंगे, जबकि इंग्लैंड के ३० काउंसिलों में काउंसिलर और मेयर चुने जाएंगे। इसके साथ ही, इंग्लैंड के क्रॉइडन, हैकनी, लुइसेम, न्यूहैम, टॉवर हैमलेट्स और वाटफोर्ड समेत ६ स्थानीय निकायों में मेयर पद के लिए भी चुनाव हो रहे हैं। मतदान सुबह ७ बजे से शुरू होकर रात १० बजे तक चलेगा। अधिकांश क्षेत्रों के परिणाम शुक्रवार के दिन उपलब्ध होने की उम्मीद है। इस चुनाव को वर्तमान प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के लिए एक तरह के जनमत सर्वे के रूप में देखा जा रहा है।

कंजरवेटिव पार्टी के १४ वर्षों के शासन के अंत के बाद बड़ी उम्मीदों के साथ सत्ता में आए स्टार्मर की लोकप्रियता अब घटती दिख रही है। सरकार में आने के बाद किए गए कई नीतिगत फेरबदल, आर्थिक चुनौतियां और जनता की अपेक्षाओं को पूरा न कर पाने से उनकी छवि कमजोर हुई है। आमतौर पर स्थानीय चुनाव सड़क, सफाई और स्थानीय सेवाओं पर केंद्रित होते हैं, लेकिन इस बार का चुनाव राष्ट्रीय राजनीति से सीधे जुड़ा हुआ है। मतदाता इस चुनाव में सरकार के प्रति संतुष्टि या असंतुष्टि व्यक्त करेंगे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि लेबर पार्टी को कई महत्वपूर्ण सीटें हारना पड़ सकती हैं, जो स्टार्मर के नेतृत्व पर सवाल उठा सकती हैं। वहीं, रिफॉर्म यूके जैसे दक्षिणपंथी और ग्रिन जैसे वैकल्पिक दलों के उदय से बेलायत की पारंपरिक दो-दलीय प्रणाली कमजोर होती जा रही है।

इस बार के स्थानीय चुनावों में नेपाली मूल के दर्जनों उम्मीदवार भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार कंजरवेटिव पार्टी से कम से कम एक दर्जन नेपाली मूल के उम्मीदवार मैदान में हैं। सत्ता में मौजूद लेबर पार्टी, लिबरल डेमोक्रेट, ग्रिन और जेरेमी कोर्बिन के नेतृत्व वाली योर पार्टी से भी नेपाली मूल के उम्मीदवार हैं, जिससे कुल संख्या डेढ़ दर्जन से अधिक हो सकती है। नेपाली मूल के उम्मीदवारों के बीच कुछ रोचक घटनाएं भी दर्ज की गई हैं। कई बरो में नेपाली दंपती काउंसिलर पद के उम्मीदवार हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में नेपाली उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा भी है।

उदाहरण के लिए, लंदन के रॉयल बरो ऑफ ग्रीनविच में पूर्व मेयर जित रानाभाट प्लमस्टिड एंड ग्लिन्डन वार्ड से उम्मीदवार हैं, जबकि उनकी पत्नी गौमाया गुरुङ उसी बरो के एबिउड वार्ड से उम्मीदवार हैं। दोनों लेबर पार्टी से हैं। प्लमस्टिड एंड ग्लिन्डन वार्ड में लेबर पार्टी के पूर्व नेता जेरेमी कोर्बिन के नेतृत्व वाली योर पार्टी के समर्थन में नरेंद्र क़ंडेल भी उम्मीदवार हैं। इसी तरह, ऑल्डरसट के वेलिंगटन वार्ड में कंजरवेटिव पार्टी से डॉ. विशाल गुरुङ और लेबर पार्टी से उत्तरबहादुर गुरुङ उम्मीदवार हैं। इनमें से हर वार्ड से तीन-तीन काउंसिलर चुने जाएंगे, इसलिए तकनीकी रूप से दोनों नेपाली उम्मीदवार चुने जाने की संभावना है, हालांकि मत बंटवारे के कारण एक का जीतना और दूसरे का हारना भी संभव है।

पूर्व डीएसपी शिवजी श्रेष्ठ भी लेबर पार्टी से बेजिंगस्टोक के ब्राइटनहिल वार्ड में चुनावी मैदान में हैं। ज्ञानप्रसाद गुरुङ कंजरवेटिव पार्टी से स्विंडन के पार्क साउथ में चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि प्रतीक्षा गुरुङ लेबर पार्टी से बैटल वार्ड, रीडिंग से चुनावी मुकाबला कर रही हैं। इंद्राहांग लिम्बु फेल्थम में कंजरवेटिव उम्मीदवार हैं।

सरकारले तोक्यो स्वास्थ्य प्रतिष्ठान र अस्पतालमा निमित्त जिम्मेवारी (नामसहित)

सरकार ने स्वास्थ्य प्रतिष्ठान और अस्पतालों में कार्यवाहक नेतृत्व की नियुक्ति की

सरकार ने स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान एवं अस्पतालों में पूर्णकालीन नेतृत्व चयन न होने तक कार्यवाहक जिम्मेदारी सौंप दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने पाटन, पोखरा, कर्णाली सहित अन्य प्रतिष्ठानों में प्रो.डा. और डॉक्टरों को अल्पकालीन जिम्मेदारी सौंपी है। मंत्रालय ने जल्द ही खुली प्रतिस्पर्धा और मेरिट के आधार पर पूर्णकालीन नेतृत्व चयन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है।

२४ वैशाख, काठमांडू। सरकार ने स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान और कुछ अस्पतालों में कार्यवाहक जिम्मेदारी सौंपी है। स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहताकी सचिवालय के अनुसार, कार्यवाहक नियुक्ति आवश्यक कार्यों में रुकावट न आए इस उद्देश्य से अस्थायी रूप से की गई व्यवस्था है। पूर्णकालीन नेतृत्व चयन न होने तक मंत्रालय ने पाटन स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान में प्रो.डा. समिता पंत, पोखरा स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान में डा. नरेन्द्र विक्रम गुरुङ, कर्णाली स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान में सह-प्रो.डा. विनम्र विष्ट को कार्यवाहक जिम्मेदारी दी है।

इसी प्रकार, बीपी कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान (धरान) में सह-प्रो.डा. इन्द्र लिम्बू, राप्ति स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान में सह-प्रो.डा. सुरेश रसाइली, बीपी कोइराला मेमोरियल कैंसर अस्पताल में डा. उमेश नेपाल, शहीद गंगालाल राष्ट्रीय हृदय केंद्र में सह-प्रो.डा. रविन्द्रभक्त तिमलालाई जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य बीमा बोर्ड में भी शकुंतला प्रजापतिलाई कार्यवाहक जिम्मेदारी दी गई है, यह जानकारी मंत्री मेहताकी सचिवालय ने दी है।

सचिवालय के अनुसार, स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार लाने और योग्य नेतृत्व चुने जाने के लिए कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जल्द ही खुली प्रतियोगिता का आयोजन कर मेरिट के आधार पर पूर्णकालीन नेतृत्व चयन की प्रक्रिया तेज की जाएगी। सरकार की स्पष्ट नीति और निर्देश है कि नेतृत्व चयन केवल खुली प्रतिस्पर्धा और मेरिट के आधार पर होगा। हाल ही में जारी सार्वजनिक पदाधिकारियों के पदमुक्ति सम्बन्धी विशेष प्रावधानों के अध्यादेश के कारण ये स्वास्थ्य निकाय नेतृत्वविहीन रह गए थे। नेतृत्व न होने से रोगियों के उपचार, दैनिक सेवा प्रवाह और प्रशासनिक कार्यों में कोई व्यवधान न आए, इसके उद्देश्य से मंत्रालय ने तत्काल कार्यवाहक प्रमुखों की नियुक्ति की है।

गढ़वा में पहली बार मिला विषैला राजा गोमन सर्प

विश्व के सबसे बड़े विषैले सर्प माने जाने वाले राजा गोमन का सर्प पहली बार गढ़वा में पाया गया है। यह सर्प गढ़वा गाउँपालिका–७ लक्षिणपुर निवासी सुशीला के घर में मिला। रात्रि 8 बजे सर्प उद्धारकर्ता शिवु खनाल ने इस सर्प को उस घर से सुरक्षित निकाला। सर्प मिलने के बाद डिवीजन वन कार्यालय देउखुरी को सूचित किया गया था।

इसके बाद सर्प उद्धारकर्ता खनाल के नेतृत्व में दो वनकर्मी घटना स्थल पर पहुंचे। एक घंटे के प्रयास के पश्चात सर्प को जीवित ही नियंत्रण में लेने में सफलता मिली, इस बात की जानकारी खनाल ने दी। उद्धार के बाद सर्प को लमही नगरपालिका–५ अजम्मरी सामुदायिक वन में जाकर मुक्त करा दिया गया। उद्धारकर्ता खनाल के अनुसार, इस सर्प का वजन लगभग 8 किलो और लंबाई 10 फीट थी।

बैतडी के मेलौली में नया इलाका प्रशासन कार्यालय की स्थापना

बैतडी के मेलौली में नया इलाका प्रशासन कार्यालय स्थापित किया गया है। सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकार के उद्योग, पर्यटन, वन तथा वातावरण मंत्री शिवराज भट्ट ने इस कार्यालय का उद्घाटन किया है। यह कार्यालय मेलौली नगरपालिका, पञ्चेश्वर गाउँपालिका, शिवनाथ गाउँपालिका और पाटन नगरपालिका के नागरिकों को सुलभ और त्वरित सेवा प्रदान करेगा। २४ वैशाख, बैतडी।

मेलौली नगरपालिका–१ में स्थापित इस इलाका प्रशासन कार्यालय का उद्घाटन सुदूरपश्चिम प्रदेश के मंत्री शिवराज भट्ट ने किया। उद्घाटन समारोह के दौरान मेलौली–७ के दीपक अवस्थी को नागरिकता प्रमाणपत्र भी वितरित किया गया, जिससे कार्यालय की सेवा प्रारम्भ हो गई।

इस कार्यालय के संचालन से मेलौली नगरपालिका, पञ्चेश्वर गाउँपालिका, शिवनाथ गाउँपालिका तथा पाटन नगरपालिका के कुछ वार्डों के नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में मुख्य जिल्ला अधिकारी डॉ. डिजन भट्टराई ने बताया कि स्थानीय नागरिकों को तेज, सुगम और कुशल सेवा देने के उद्देश्य से यह कार्यालय स्थापित किया गया है।

डॉ. भट्टराई ने यह भी कहा कि अब सामान्य प्रशासनिक कार्यों के लिए सदरमुकाम जाना आवश्यक नहीं रहेगा। स्थानीय निवासी करण सिंह नेगी ने नागरिकता और राष्ट्रीय परिचय पत्र संबंधी प्रक्रियाओं के लिए सदरमुकाम जाने की समस्या के अंत होने की उम्मीद जताई। इलाका प्रशासन कार्यालय के प्रमुख महेश भट्ट ने सेवा वितरण को और प्रभावी बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

तीन व्यावसायिक फर्मलाई वाणिज्य विभागको ७५ हजार जरिबाना

वाणिज्य विभाग ने तीन व्यावसायिक फर्मों को ७५ हजार रुपये का जुर्माना लगाया

वाणिज्य, आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने काठमांडू की तीन व्यावसायिक फर्मों पर उपभोक्ता हित के खिलाफ कार्य करने के आरोप में कुल ७५ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। लुगा जूता प्रालि को ५० हजार, श्रेष्ठ कॉस्मेटिक्स शॉप को १५ हजार और पूजा श्रृंगार को १० हजार रुपये का जुर्माना प्रशासन ने बताया है।

२४ वैशाख, काठमांडू। वाणिज्य, आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बाजार निरीक्षण के दौरान उपभोक्ता हित के खिलाफ कार्य करने वाली तीन व्यावसायिक फर्मों को कुल ७५ हजार रुपये का जुर्माना किया है। विभाग ने गुरुवार को काठमांडू के विभिन्न इलाकों में निरीक्षण के दौरान उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम २०७५ और नियमावली २०७६ के अनुसार निर्देशों का पालन न करने और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों में शामिल फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की है।

काठमांडू महानगरपालिका–२६, गोंगबु स्थित लुगा जूता प्रालि को ५० हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह, नयां बानेश्वर स्थित श्रेष्ठ कॉस्मेटिक्स शॉप को १५ हजार और गोंगबु स्थित पूजा श्रृंगार को १० हजार रुपये का जुर्माना मिला है। निरीक्षण के दौरान विभाग ने अन्य १० उद्योगों और फर्मों को सामान्य निर्देश भी दिए हैं।

लुम्बिनी प्रदेश सरकारले सचिवहरूको जिम्मेवारी तोक्यो

लुम्बिनी प्रदेश सरकारले विभिन्न मन्त्रालयका सचिवहरूको जिम्मेवारी तोकेको छ। प्रदेश सरकारको मन्त्रिपरिषद्को बैठकले राम पराजुलीलाई भौतिक पूर्वाधार विकास मन्त्रालयको सचिव नियुक्त गरेको छ। जानुका पण्डितलाई कृषि, भूमि व्यवस्था तथा सहकारी मन्त्रालयको सचिव र अनिल मरासिनीलाई यातायात पूर्वाधार निर्देशनालयको निर्देशक नियुक्त गरिएको छ। २४ वैशाख, लुम्बिनी।

लुम्बिनी प्रदेश सरकारले आजको बैठकमा राम पराजुलीलाई भौतिक पूर्वाधार विकास मन्त्रालयको सचिवको जिम्मेवारी तोकेको छ। जानुका पण्डितलाई कृषि, भूमि व्यवस्था तथा सहकारी मन्त्रालयको सचिवको जिम्मेवारी दिइएको छ। स्वास्थ्य मन्त्री खेमबहादुर सारुले अनिल मरासिनीलाई प्रदेश यातायात पूर्वाधार निर्देशनालयको निर्देशकको जिम्मेवारी तोकिएको जानकारी दिए।

बैठकले गुल्मी जिल्लास्थित इस्मा गाउँपालिकाको केन्द्र वडा नम्बर ५ को चापटारीमा स्थापना गर्न संघ सरकारलाई सिफारिस गरेको छ। यसैगरी, ‘अध्ययन पूर्वस्वीकृति तथा अध्ययन विदा स्वीकृतिसम्बन्धी कार्यविधि, २०८३’ स्वीकृत गरिएको छ।

पोखरा विमानस्थल निर्माण में भ्रष्टाचार का नया मामला दर्ज, कुछ पूर्व मंत्रियों को किया गया गिरफ्तार

अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान विभाग ने पोखरा विमानस्थल निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप में एक नया मामला दर्ज किया है। इस मामले में कुछ पूर्व मंत्रियों को आरोपी बनाते हुए विशेष अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे पहले भी अख्तियार ने इसी भ्रष्टाचार के खिलाफ मामला दर्ज कर रखा है। २४ वैशाख, काठमांडू।

पोखरा विमानस्थल निर्माण से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों में अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान विभाग ने नया मामला दायर किया है। अख्तियार के सूत्रों के अनुसार, कुछ पूर्व मंत्रियों को आरोपी बनाकर दर्ज की गई यह याचिका फिलहाल विशेष अदालत में सुनवाई के अंतर्गत है। इससे पहले भी पोखरा विमानस्थल निर्माण से जुड़ी भ्रष्टाचार की जांच में अख्तियार ने मामले दर्ज कर रखा है।

गत २१ मंसिर को पांच मंत्रियों सहित कई अन्य को आरोपी बनाकर अख्तियार ने भ्रष्टाचार का मामला दायर किया था। इसके बाद ८ चैत्र को भी पोखरा विमानस्थल निर्माण में हुई अनियमितताओं के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया था। तत्कालीन पर्यटन सचिव केदारबहादुर अधिकारी समेत २१ व्यक्तियों और दो कंपनियों को तीसरे पक्ष के प्रतिवादी बनाकर मामला चलाया गया था।

वैदेशिक रोजगारमा हुन्डी तथा अनौपचारिक माध्यमबाट नेपालमा पैसा नपठाउन आग्रह

तेल अभिभस्त नेपाली राजदूतावासले इजरायल र साइप्रसबाट हुन्डीमार्फत नेपालमा रेमिट्यान्स पठाउने काम नरोकिनेबारे बुधबार पुनः सचेत गराएको छ, जसले अवैध कारोबार फेरि चर्चामा ल्याएको छ। अवैध भए पनि विदेशमा रहेका धेरै नेपाली कामदारहरूले अझै पनि हुन्डीमार्फत रकम पठाउने चलन जारी राखेका छन्। इजरायलका लागि कार्यवाहक नेपाली राजदूत ओमकुमार भण्डारीले हुन्डीबाट रकम पठाउनेहरूले सम्भावित समस्याहरू भोग्नुपर्ने हुनाले सावधानी अपनाउन आग्रह गरेको बताए। उनका अनुसार अवैध रूपमा बसोबास गर्ने नेपाली कामदारले खासगरी हुन्डीमार्फत रेमिट्यान्स पठाउन सक्छन्।

औपचारिक माध्यमबाट रेमिट्यान्स पठाउने प्रक्रिया अहिले सजिलो भइसकेको हुँदा हुन्डीबाट रकम पठाउने प्रवृत्ति कम हुनु पर्ने विशेषज्ञहरूको धारणा छ। इजरायलमा कार्यरत केही नेपालीहरूले पनि यसरी औपचारिक माध्यम छिटो र सुरक्षित भएको बताएका छन्। एक अर्थशास्त्रीले भनेका छन् कि हुन्डीमार्फत नेपाल भित्रिने रकममा केन्द्रीय बैंकले निगरानी थप कडा बनाउनु आवश्यक छ। नेपाली राजदूतावासले बुधबार अनौपचारिक माध्यमबाट हुने कारोबारबारे सचेत रहन आग्रह गर्दै सूचना जारी गरेको छ। दूतावासका अधिकारीहरू यसअघि पनि पटक–पटक यस्तो प्रकारका विषयहरूमा सचेत गराउँदै आएका छन्।

सूचनामा भनिएको छ, “नेपाल सरकार (मन्त्रिपरिषद्) ले मिति २०८२ चैत १३ गते स्वीकृत गरेको शासकीय सुधारसम्बन्धी १०० कार्यसूचीको बुँदा नं. ४५ मा ‘इन्टिग्रेटेड डिजिटल एसेट रजिस्ट्री’ स्थापना गर्ने, जोखिममा आधारित संकेत प्रणाली लागू गर्ने तथा शंकास्पद कारोबारको पहिचान गरी सम्बन्धित निकायमार्फत अनुसन्धान प्रक्रिया अघि बढाउने उल्लेख गरिएको छ।”

कार्यवाहक राजदूत भण्डारीका अनुसार इजरायलमा आधिकारिक रूपमा दर्ता भएका नेपालीको संख्या करिब ६,५०० रहेका छन्। “दर्ता नभएर अवैध रूपमा बसोबास गर्ने नेपाली लगभग दुई हजार हुन सक्ने अनुमान छ,” उनले थपे। “यी व्यक्तिहरूले हुन्डी वा अनौपचारिक माध्यमबाट रकम पठाएको हुन सक्छ, तर अनौपचारिक च्यानलको ठोस प्रमाण नहुनाले यसलाई पत्ता लगाउन कठिन छ,” भण्डारीले स्पष्ट पारे।

पूर्णबहादुर खड्काको चेतावनी- प्रधानन्यायाधीश नियुक्तिको स्थापित परम्परा तलमाथि नहोस्

पूर्णबहादुर खड्काद्वारा चेतावनी: प्रधानन्यायाधीश नियुक्ति में स्थापित परंपरा बनाए रखने की आवश्यकता

२४ वैशाख, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेस के पूर्व कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्का ने प्रधानन्यायाधीश की नियुक्ति की लगभग चार दशक पुरानी स्थापित परंपरा को संवैधानिक परिषद द्वारा अवमूल्यन करने से रोका जाना चाहिए। प्रधानन्यायाधीश नियुक्ति के लिए परिषद की बैठक होने वाली है, ऐसे में उन्होंने सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से नियुक्ति की इस स्थापित परंपरा पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। “संवैधानिक परिषद के अध्यक्ष माननीय प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की अध्यक्षता में आज परिषद की बैठक हो रही है। जानकारी के अनुसार सर्वोच्च अदालत के प्रधानन्यायाधीश की नियुक्ति आज होने वाली है,” खड्का ने कहा, “करीब चार दशकों से चले आ रहे प्रधानन्यायाधीश नियुक्ति की स्थापित परंपरा को परिषद अवमूल्यन न करे।”

उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा प्रधानन्यायाधीश नियुक्ति की इस स्थापित परंपरा को अगर उलटफेर किया गया तो न्यायालय में गंभीर अस्थिरता उत्पन्न होगी। “अन्यथा बड़ी असुरक्षा और अनिश्चितता के कारण न्यायालय में भयावह अस्थिरता की स्थिति पैदा होगी,” खड्का ने लिखा, “जिसका हमारे स्थापित लोकतांत्रिक प्रणाली पर बहुआयामी नकारात्मक प्रभाव पड़ने का खतरा है। विशेष रूप से परिषद के अध्यक्ष महोदय का इसका गंभीर रुप से ध्यान आकर्षित होना आवश्यक है।”

मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री ने निजी सचिवालय में 10 नियुक्तियाँ कीं, जिसके बाद वेतन रोका गया

मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव ने निजी सचिवालय में 10 लोगों की नियुक्ति की है, जिसके कारण कर्मचारियों ने वेतन रोक दिया है। नेपाल सरकार के परिपत्र के अनुसार सचिवालय में अधिकतम तीन ही लोग नियुक्त किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री यादव ने लगभग दो महीने पहले वेतन देने के लिए फाइल भेजी थी, लेकिन कर्मचारी अपने रुख पर डटे हुए हैं। 24 वैशाख, जनकपुरधाम।

मुख्यमंत्री यादव 19 मंसिर को मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने सचिवालय में स्वकीय सचिव, कंप्यूटर ऑपरेटर, वाहन चालक और कार्यालय सहायक सहित 10 लोग नियुक्त किए थे। मुख्यमंत्री कार्यालय के स्रोत के अनुसार, सचिवालय में स्वकीय अधिकृत के रूप में कमलदेव यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर महेश्वर चौधरी, चालक दिवस दुलाल, कार्यालय सहयोगी विद्यालाल राउत, संजितकुमार यादव सहित कुल 10 लोग नियुक्त हैं।

मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पारिश्रमिक तथा सुविधाओं को लेकर बनाए गए अधिनियम, 2075 के अनुसार स्वकीय सचिव सहित 14 तक लोगों को सचिवालय में रखा जा सकता है, किन्तु जेएनजी आंदोलन के बाद नेपाल सरकार के 5 असोज के मंत्रिपरिषद् बैठक ने तीनों स्तर की सरकारों के खर्च में कटौती करने का निर्णय लिया था। नेपाल सरकार के अर्थ मंत्रालय ने 7 असोज को तीनों स्तर की सरकारों को भेजे गए परिपत्र के बिंदु संख्या 5 (ट) में कहा है कि ‘नेपाल सरकार और प्रदेश सरकार के मंत्री तथा प्रदेश प्रमुख के सचिवालय में अधिकतम तीन लोगों को ही नियुक्त किया जा सकता है।’

फिर भी मुख्यमंत्री यादव द्वारा सचिवालय में 10 नियुक्ति करने के बाद कर्मचारियों ने वेतन भुगतान करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने लगभग दो महीने पहले वेतन भुगतान के लिए फाइल लेखा शाखा को भेजी थी, लेकिन तीन से अधिक लोगों को वेतन नहीं देने के कारण कर्मचारी अड़ रहे हैं। एक कर्मचारी ने कहा, ‘संघीय सरकार ने सचिवालय में तीन से अधिक नियुक्ति करने से मना किया है। हमारे मुख्यमंत्री ने 10 नियुक्तियां की हैं, जो संघीय सरकार के परिपत्र के खिलाफ है। यदि वेतन दिया गया तो कर्मचारी जिम्मेदार होंगे, भविष्य में समस्या हो सकती है। इसलिए फाइल रोकी गई है।’ कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री यादव ने संवाददाताओं से मुलाकात में अपनी सचिवालय के कर्मचारियों द्वारा अभी तक वेतन नहीं मिलने की शिकायत भी की थी।