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लेखक: space4knews

दुजाङ शेर्पा ने कहा: सरकार राजनीतिक नियुक्तियों को नकारात्मक दिखाने का गलत प्रचार कर रही है

२४ वैशाख, काठमाडौं । नेपाल विद्यार्थी संघ के निवर्तमान अध्यक्ष दुजाङ शेर्पा ने कहा है कि राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त सभी व्यक्ति और पदाधिकारी खराब होते हैं, यह गलत प्रचार सरकार द्वारा फैलाया जा रहा है। ललितपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह पर आरोप लगाया कि वे पिछले सरकारों द्वारा की गई सभी राजनीतिक नियुक्तियों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। ‘राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त सभी लोग खराब हैं और उन्होंने केवल ब्रिफकेस सौंप कर नियुक्ति पाई है, यह गलत प्रचार वर्तमान में बनाया जा रहा है,’ उन्होंने कहा।

उन्होंने कहा कि पिछले सरकारों द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों को आर्थिक कदाचार करने वाले के रूप में दिखाने की कोशिश की जा रही है और उन्होंने वर्तमान अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले से भी सवाल किए। ‘प्रधानमंत्री की کابینہ में अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले हैं। अब उन्हें स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि राष्ट्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहते हुए उन्होंने कितने करोड़ के आर्थिक कदाचार किए थे?’ सवाल करते हुए उन्होंने जोड़ा, ‘उन्हें Nepali Congress ने विशेषज्ञता के आधार पर विश्वास कर नियुक्त किया था।’

साथ ही, उन्होंने छात्र संघ जैसे संगठनों को खत्म करने के सरकार के निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई और इसके प्रतिवाद में छात्रों को सतर्क रहने का आग्रह किया।

ट्रम्प का दावा: ईरान के साथ युद्ध जल्द समाप्त होगा

२४ वैशाख, काठमांडू। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ युद्ध जल्द ही समाप्त होने का दावा किया है। जॉर्जिया के गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन प्रत्याशी बर्ट जोन्स के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में ट्रम्प ने यह बात कही। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित समझौते के प्रयास में होने की भी जानकारी दी।

सीएनएन के अनुसार, ईरान गुरुवार को मध्यस्थों को अमेरिकी प्रस्ताव पर अपना जवाब देने की तैयारी कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के साथ अमेरिकी प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने की बात कही है। स्रोतों के अनुसार, अमेरिका और ईरान दोनों देश युद्ध समाप्ति के लिए समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ईरान ने वर्तमान में अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार-विमर्श हो रहा है, इस बात की जानकारी दी है।

जलवायु नीति आर्थिक समृद्धिसँग जोडिनुपर्छ : प्रवक्ता डा. ढकाल

जलवायु नीति आर्थिक समृद्धि से जुड़नी चाहिए : प्रवक्ता डॉ. ढकाल

२४ वैशाख, काठमाडौँ। वन तथा वातावरण मन्त्रालय के प्रवक्ता एवं जलवायु परिवर्तन व्यवस्थापन महाशाखा प्रमुख डॉ. महेश्वर ढकाल ने कहा कि नेपाल के सामाजिक-आर्थिक समृद्धि के लिए जलवायु उत्थानशील समाज का निर्माण अनिवार्य है। जलवायु परिवर्तन से संबंधित नीतिगत समीक्षा के दौरान उन्होंने आर्थिक समृद्धि और जलवायु उत्थानशीलता को एक-दूसरे के पूरक बताया। “नेपाल की ६० से ६६ प्रतिशत जनता अभी भी कृषि क्षेत्र पर निर्भर है, जो जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को प्रत्यक्ष रूप में अनुभव करती है,” उन्होंने बताया।

डॉ. ढकाल ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए नीति निर्माण में आर्थिक समृद्धि को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “जलवायु नीति और आर्थिक विकास का समन्वय ही सतत विकास को सुनिश्चित कर सकता है।” इसके लिए सभी पक्षों के सहयोग की आवश्यकता है, उन्होंने बताया।

गोकुल बास्कोटाद्वारा संविधान संशोधन के सुझाव: प्रदेश व जसस खारिज करने तथा उपराष्ट्रपति को राष्ट्रीय सभा का अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव

२४ वैशाख, काठमाडौं। नेकपा एमाले के गोकुलप्रसाद बास्कोटा ने संविधान संशोधन के विषय में प्रदेश संरचना और जिला समन्वय समिति (जसस) को खारिज करने का सुझाव दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय सभा को पूरी तरह समावेशी बनाने और प्रतिनिधि सभा से समानुपातिक सीटों को हटाने के भी सुझाव दिए हैं। साथ ही, उपराष्ट्रपति को राष्ट्रीय सभा का अध्यक्ष बनाने के विषय में भी सकारात्मक विचार व्यक्त किए हैं।

पूर्वमंत्री बास्कोटा ने आज सामाजिक नेटवर्क फेसबुक पर ये सुझाव सार्वजनिक किए। उन्होंने सरकार के नेतृत्व करने वाली पार्टी रास्वपा द्वारा संघीयता को खारिज करने की बात उठाए जाने को याद करते हुए पूछा, “अब संविधान संशोधन किया जाए या नहीं?” उन्होंने कहा, “यदि करना है तो केवल केन्द्रीय और स्थानीय स्तर पर किया जाए।”

उन्होंने राष्ट्रीय सभा में १०५ सीटें बनाने और महिलाओं तथा पुरुषों की ५०-५० प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है। बास्कोटा ने आगे लिखा है, “राष्ट्रीय सभा १०५ सीटें, पूरी समावेशी, महिला पुरुष ५०-५० प्रतिशत, उपराष्ट्रपति ही सभाध्यक्ष बनने की व्यवस्था हो।” उन्होंने प्रतिनिधि सभा से समानुपातिक सीटें हटाने और महिलाओं व पुरुषों के ४०-६० प्रतिशत प्रत्यक्ष प्रतिनिधित्व के पक्ष में अपनी धारणा प्रकट की है।

इरान पर दबाव बनाते हुए अमेरिका युद्ध समाप्ति के लिए संभावित १४ बिंदुओं वाली सहमति तैयार कर रहा है

समाचार सारांश

समीक्षा कर तैयार किया गया।

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और इरान के बीच युद्ध समाप्त करने और परमाणु समझौते के करीब पहुंचने का दावा किया है।
  • इरानी विदेश मंत्रालय ने समझौता नजदीक आने की खबर को छेड़छाड़ बताया और कहा कि बातचीत पाकिस्तान के माध्यम से जारी है।
  • अमेरिका और इरान के बीच १४ बिंदुओं वाला संभावित समझौता तैयार हुआ है, जिसमें युद्धविराम और परमाणु कार्यक्रम रोकने की शर्तें शामिल हैं।

२४ वैशाख, काठमांडू। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और इरान के बीच युद्ध रोकने और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े समझौते के काफी करीब होने का दावा किया है। साथ ही, उन्होंने वार्ता विफल होने पर पुनः बमबारी शुरू करने की चेतावनी भी दी है।

इससे पहले बुधवार को अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट में उल्लेख था कि इरान ४८ घंटे के भीतर युद्धविराम पर सहमति दे सकता है। हालांकि, इरान ने इस विषय में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।

इरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने समझौता नजदीक आने की खबर को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव पर आधिकारिक जवाब नहीं दिया है लेकिन पाकिस्तान के माध्यम से बातचीत जारी है।

इरानी मीडिया ने कहा है कि अमेरिका के प्रस्ताव में कुछ शर्तें ऐसी हैं जो स्वीकार्य नहीं हैं, लेकिन उन शर्तों का विवरण साझा नहीं किया गया है।

इरानी संसद की विदेश मामलों की समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने इसे इच्छा सूची (विशलिस्ट) बताया है।

इरान पर दबाव की रणनीति में अमेरिका

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच १४ बिंदुओं वाली संभावित सहमति तैयार हुई है। हालांकि, यह अंतिम रूप नहीं ले चुकी है, लेकिन बातचीत पहले की तुलना में काफी आगे बढ़ चुकी है।

अमेरिका ने स्ट्रेट जलसंधि में जहाजों के आवागमन को पुनः सुचारु करने हेतु संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नया प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। वहीं, इरान इस प्रस्ताव को रद्द करने का आह्वान कर रहा है।

इसी बीच, चीन और इरान के बीच बीजिंग में उच्च स्तरीय बैठक हुई है। चीन ने युद्ध तुरंत रोकने की मांग की और इरान को समर्थन का आश्वासन दिया। इरान ने बताया कि ट्रंप के चीन यात्रा के दौरान बीजिंग ने अमेरिकी दबाव में तेहरान को नुकसान पहुंचाने वाले किसी निर्णय पर सहमति नहीं जताई है।

स्थिति नियंत्रण में है: ट्रंप

ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद इरानी नौसेना, वायु सेना, मिसाइल प्रणालियों और रडार नेटवर्क को भारी क्षति पहुंचने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि स्थिति उनके नियंत्रण में है और यदि समझौता नहीं होता तो अमेरिका पहले से भी अधिक बड़े हमले करेगा।

उन्होंने कहा, ‘हम उन लोगों से बातचीत कर रहे हैं जो समझौता करना चाहते हैं। अब देखना है कि वे हमारे लिए संतोषजनक समझौता कर पाते हैं या नहीं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘स्थिति हमारे नियंत्रण में है। अमेरिकी नौसेना ने उत्कृष्ट कार्य किया है। यह एक इस्पात की दीवार की तरह है। विशेष तौर पर इरानी जहाज इस blockade से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। यह नाकाबंदी अविश्वसनीय है।’

ट्रंप समाधान खोज रहे हैं, इरान सम्मानजनक समझौता चाहता है

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, युद्ध समाप्ति के लिए ट्रंप लगातार इरान पर दबाव की रणनीति अपना रहे हैं। लेकिन उनके पास कोई जादुई समाधान नहीं है। विशेषज्ञों ने इस संकट का कोई आसान हल नहीं होने की बात स्पष्ट की है।

विशेषज्ञ कहते हैं कि ट्रंप की सबसे बड़ी गलती इरान की रणनीति, मनोविज्ञान और दबाव सहन करने की क्षमता को कम आंकना है। इरानी पक्ष खुद को अग्रणी मानता है क्योंकि होरमुज स्ट्रेट बंद होने से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

ऊर्जा की कीमतें बढ़ने पर ट्रंप को राजनीतिक नुकसान का जोखिम भी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक दबाव समय के साथ असर कर सकता है, लेकिन इरान को सम्मानजनक निकास दिए बिना समझौता आसान नहीं है। इरान दबाव स्वीकार करते हुए आत्मसमर्पण करना नहीं चाहता।

इरान पहले भी कठोर प्रतिबंधों का सामना कर चुका है, लेकिन उसकी सत्ता नहीं टेंटी और उसने बड़ी छूट भी नहीं दी। विशेषज्ञों ने कहा है कि तेल उत्पादन घटाने के कारण इरान कुछ समय तक दबाव सहन कर सकता है।

ट्रंप के इस दावे को अतिशयोक्ति माना गया है कि तेल निर्यात न होने से इरान की तेल संरचना शीघ्र ही ध्वस्त हो जाएगी। इरान खाली या पुराने टैंकरों में तेल संग्रहीत कर सकता है।

कोई भी आपूर्ति रोड या रेलवे के माध्यम से पाकिस्तान भेजी जा सकती है। पिछले कठोर प्रतिबंधों ने इरान को वार्ता की मेज तक लाया था, जिसके बाद २०१५ में परमाणु समझौता हुआ था। लेकिन ट्रंप ने २०१८ में अमेरिका को उस समझौते से अलग कर अधिकतम दबाव नीति लागू की।

इन सबके बावजूद नया समझौता नहीं हो सका। वर्तमान में इरान कहता है कि वह तब तक परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करेगा जब तक यह शत्रुता समाप्त नहीं होती और दुबारा हमले की गारंटी मिलती है।

इरान-अमेरिका संभावित १४ बिंदुओं वाला समझौता

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, युद्ध विराम के लिए इरान-अमेरिका के बीच १४ शर्तों का संभावित समझौता तैयार है, जिसे आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया गया है। फिर भी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ये शर्तें निम्नलिखित हैं:

१. तत्काल युद्ध समाप्ति की घोषणा अर्थात युद्धविराम।

२. आगामी वार्ता के लिए ३० दिन की समयसीमा निर्धारित करना।

३. होरमुज जलसंधि में जहाजों का आवागमन पुनः शुरू करना।

४. इरान की ओर से कुछ समय के लिए परमाणु कार्यक्रम रोकना।

५. अमेरिका द्वारा क्रमशः प्रतिबंधों को कम करना।

६. इरान की जमे हुई अरबों डॉलर की राशि को फ्रीज से मुक्त करना।

७. इरान द्वारा परमाणु हथियार निर्माण न करने की प्रतिबद्धता।

८. संयुक्त राष्ट्र संघ के निरीक्षकों को अधिक अधिकार देना।

९. आकस्मिक निरीक्षण (स्नैप इंस्पेक्शन) की व्यवस्था करना।

१०. इरान के उच्च स्तर के यूरीनियम भंडार को देश के बाहर भेजना।

११. भूमिगत परमाणु स्थलों को रोकना या कठोर निगरानी सुनिश्चित करना।

१२. भविष्य में यूरीनियम संशोधन के स्तर को सीमित करना (लगभग ३.६७ प्रतिशत)।

१३. यदि इरान शर्तें तोड़ता है तो समझौता अवधि बढ़ाने का प्रावधान।

१४. बड़े और स्थायी समझौते के लिए रोडमैप बनाना।

रिपोर्ट के अनुसार, यह १४ बिंदु वाला मसौदा समझौता अमेरिका ने तैयार किया है। वार्ता को आगे बढ़ाने में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे पाकिस्तान और अन्य मध्यस्थों के माध्यम से इरान से बातचीत कर रहे हैं।

(एजेंसियों के सहयोग से)

डिजिटल ठगी: भारतीयों ने एक वर्ष में दो खरब रुपये गंवाए

पिछले फरवरी में पुणे के व्यापार विश्लेषक आलोक (नाम परिवर्तित) के मोबाइल पर तेज गति से वाहन चलाने के नाम पर १००० रुपये जुर्माना भरने का संदेश आया। उस संदेश में कहा गया था कि यदि तुरंत जुर्माना भर दिया गया तो उनका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन से बच जाएगा। इसने आलोक को उस संदेश में दिए लिंक पर क्लिक कर जल्द पैसा भेजने के लिए प्रेरित किया। भुगतान पूरा करने के लिए उनके मोबाइल पर आया वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भी वहीं डालने को कहा गया था। एक मिनट के भीतर ही उनके क्रेडिट कार्ड से लगभग ५ लाख नेपाली रुपये के बराबर राशि कट गई। आलोक भूलवश जुर्माने की माँग से कहीं अधिक राशि देने के लिए सहमत हो गए। ऑनलाइन ठग भारत में एसएमएस के माध्यम से पहले सरकारी वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली लिंक भेजते हैं। वे लोगों को संदेह करने का मौका न देकर फिशिंग लिंक क्लिक करवाकर बैंक खातों से राशि चुरा लेते हैं। आलोक इसी तरह की ठगी का शिकार बने।

विशेषज्ञ इस प्रकार की ठगी को “सोशल इंजीनियरिंग” कहते हैं। इसमें ठग मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालकर लोगों में डर पैदा करते हुए उन्हें जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं और पीड़ितों को फंसाते हैं। आधे दशक में व्यापक रूप से फैले डिजिटल भुगतान के साथ भारत में इस तरह की ठगी की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है। साल २०२५ में अकेले करीब २५ लाख व्यक्तियों ने दो खरब भारतीय रुपये से अधिक (२.५ अरब अमेरिकी डॉलर) डिजिटल ठगी में खो दिए। यह संख्या और राशि साल २०२१ से ४,३०० प्रतिशत तक बढ़ी है। इस बढ़ती ठगी पर भारत के केंद्रीय बैंक ‘रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई)’ को नियंत्रण के लिए कदम उठाने पड़े हैं।

केंद्रीय बैंक ने हाल ही में सुझावों के लिए जारी मसौदे में इस समस्या को हल करने के लिए कई उपायों पर चर्चा की है। आरबीआई के प्रस्तावित उपायों में एक व्यक्ति के खाते से दूसरे व्यक्ति के खाते में भेजी गई धनराशि एक घंटे बाद ही कटेगी। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों जैसे जोखिम समूह के खातों से बड़ी रकम डिजिटल भुगतान के लिए “विश्वस्त व्यक्ति” के अतिरिक्त प्रमाणीकरण को अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। मसौदे में व्यक्तिगत खातों में बड़ी रकम आने पर उसकी सीमा निर्धारित करने और जांच करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। डिजिटल ठग अक्सर ठगी के कारोबार के लिए दूसरे व्यक्ति के ‘म्यूल’ खातों का उपयोग करते हैं।

विश्वप्रकाश शर्मा – Online Khabar

विश्वप्रकाश शर्मा

समाचार सारांश

समीक्षा के बाद बनाया गया।

  • नेपाली कांग्रेस के उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने कहा कि सर्वोच्च अदालत की व्याख्या सभी को माननी चाहिए।
  • शर्मा ने संवैधानिक परिषद में तीन सदस्यों की सहमति को बहुमत मानने वाले अध्यादेश की ओर संकेत किया और संविधान की धारा १२८(४) का हवाला दिया।
  • शर्मा ने राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने को उत्तर कोरिया का उदाहरण देते हुए न्यायिक इतिहास में पंचायती नहीं किए कार्य का दाग न उठाने को गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।

२४ वैशाख, काठमांडू। नेपाली कांग्रेस के उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने कहा कि सर्वोच्च अदालत की व्याख्याओं का सभी को पालन करना अनिवार्य है।

उन्होंने ६ सदस्यीय संवैधानिक परिषद में तीन सदस्यों की सहमति को बहुमत मानने वाले अध्यादेश की तरफ संकेत किया है।

“संविधान की धारा १२८(४) कहती है– सर्वोच्च की व्याख्या सभी का पालन करनी होगी,” उपसभापति शर्मा ने ‘एक्स’ पर लिखा, “अर्थात बहुमत होना ही आवश्यक है।”

१४ जेठ ०८१ को सर्वोच्च ने ६० सदस्यीय गण्डकी प्रदेशसभा में बहुमत के लिए कम से कम ३१ सदस्य होना जरूरी बताया था।

उपसभापति शर्मा ने कहा कि उत्तर कोरिया को छोड़कर विश्व स्तर पर लोकतंत्र की यही मान्यता है।

शर्मा ने राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के अध्यक्ष रवि लामिछाने से भी सवाल किया है।

“शब्दों में कहते हैं– ‘पिछली गलतियों को सुधारना’। फिर कर्म में उत्तर कोरिया की ओर क्यों जाता है?” उन्होंने लामिछाने को ‘मेन्शन’ करते हुए लिखा, “जिम्मेदार साथियों से गंभीर विचार करने का आग्रह है। ८० वर्षों के न्यायिक इतिहास में पंचायती ने जो नहीं किया, वह कर्म का दाग किसी ने न उठाया हो।”

 

गोरखामा सार्वजनिक जग्गाका संरचना खाली गर्ने प्रक्रिया शुरु, पालुङटार नगरपालिकाले नापजाँचको काम थाल्यो

२४ वैशाख, गोरखा। जिल्लाका स्थानीय तहहरूले अतिक्रमित सार्वजनिक र सरकारी जग्गा खाली गर्न कार्य तीव्र बनाएका छन्। पालुङटार नगरपालिका र शहीद लखन गाउँपालिकाले पहिले नै सूचना जारी गरिसकेका छन् भने अन्य स्थानीय तहहरू पनि तयारीमा छन्। सर्वप्रथम सूचना प्रकाशित गरेको पालुङटार नगरपालिकाले अतिक्रमित सरकारी तथा सार्वजनिक जग्गाहरूको नापजाँच प्रक्रिया पनि सुरु गरेको छ। प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत शेरबहादुर बिसीले भने, ‘सार्वजनिक जग्गामा बनाइएका संरचना हटाउन गत बुधबार १५ दिने सूचना जारी गरेका छौँ, साथै जग्गाहरूको नापजाँच पनि भइरहेको छ।’ वडा नम्बर ५ स्थित राधाकृष्ण चोकको चारकुने र वडा नम्बर ७ का विरुवाटारलगायतका स्थानमा नापजाँच भइसकेको उनले जानकारी दिएका छन्। उनले थपे, ‘क्रमशः अन्य वडाहरूमा पनि नापजाँच गरिनेछ। सार्वजनिक जग्गा संरक्षण समितिको बैठकमार्फत नापजाँचको गति तीव्र पार्ने निर्णय पनि भइसकेको छ।’

नगरपालिकाभित्र रहेका सार्वजनिक जग्गा, नदी खोलाको बहाव क्षेत्र, र सरकारी तथा ऐलानी-पर्ती जग्गामा बिना अनुमति बनाइएका संरचना हटाउन पालिकाले १५ दिने अल्टिमेटम जारी गरेको छ। यदि यसमा अवज्ञा भयो भने नगरपालिका आफैंले ती संरचना हटाउनेछ र त्यसमा लागेको खर्च सम्बन्धित व्यक्तिहरूबाट सरकारी सम्पत्तिको बराबर रकम असुल गरिने चेतावनी पनि दिएको छ। त्यस्तै, शहीद लखन गाउँपालिकाले सोमबार सूचना जारी गर्दै ३५ दिने अल्टिमेटम तोकेको छ। सूचना उल्लंघन गरी सरकारी जग्गा अतिक्रमण गरेर बनाइएका संरचना नहटाए कानुनअनुसार कारबाही गरिने गाउँपालिकाले बताएको छ। भूमिहीन दलित, सुकुम्वासी र अव्यवस्थित बसोबासीहरूलाई छोडेर सबै सरकारी जग्गामा रहेका संरचना हटाउन पालिका अध्यक्ष रमेश थापा मगरले अनुरोध गरेका छन्। उनले भने, ‘हाम्रो पालिकामा अव्यवस्थित बसोबासी २९७ जना, भूमिहीन दलित १० जना र भूमिहीन सुकुम्वासी ९ जना छन्। तीलाई जग्गा उपलब्ध गराउन सम्बन्धित विवरण राष्ट्रिय भूमि आयोग जिल्ला समिति गोरखामा पठाइसकेको छौं।’

उक्त विवरण बाहेक अरू सबैलाई संरचना हटाउन समयसीमा तोकिएको उनले बताए। अर्कोतर्फ, आरुगड गाउँपालिकाले पनि सार्वजनिक र सरकारी जग्गा खाली गराउन सूचना प्रकाशित गर्न सबै वडामा पत्राचार गरिसकेको जानकारी दिएको छ। गोरखा नगरपालिकाले केही दिनभित्र कार्यपालिका बैठक बसेर निर्णय गर्ने बताएको छ। प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत एकदेव खनालले भने, ‘वडावार विवरण संकलन गर्ने निर्देशन दिएका छौं। पर्सि कार्यपालिका बैठक पनि हुने छ, त्यसबाट निर्णय गरेर सार्वजनिक सूचना जारी गरिनेछ।’ जिल्लाका ११ स्थानीय तहमध्ये बाँकी सबैले पनि चाँडै सूचना जारी गर्ने तयारी गरिरहेका छन्।

इरान से समझौते में न बने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने दी कड़ी चेतावनी: भीषण बमबारी हो सकती है

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले २४ घंटों के भीतर इरान के साथ सकारात्मक वार्ता होने का दावा किया है। हालांकि, तेहरान की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक संकेत प्राप्त नहीं हुआ है। ट्रम्प ने दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना को बहुत अधिक बताया, लेकिन यदि इरानी पक्ष सहमति नहीं देता है तो अमेरिकी पक्ष को और भी कठोर और भीषण बमबारी का सामना करना पड़ सकता है, ऐसी चेतावनी उन्होंने दी है।

इरानी अधिकारियों ने अमेरिका के नए युद्ध समाप्ति प्रस्ताव पर अभी विचार जारी होने की जानकारी दी है। उच्चस्तरीय ईरानी वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने यह टिप्पणी की है कि तेहरान मानता है कि अमेरिका उसे आत्मसमर्पण करने के लिए दबाव बना रहा है। अमेरिकी समाचार एजेंसी ने बुधवार को बताया कि व्हाइट हाउस को विश्वास है कि इरान के साथ १४ बिंदुओं वाला समझौता संभव है। इस समझौते का प्रारूप तैयार करने वाले वरिष्ठ ईरानी सांसदों ने अमेरिकी “चाहनापत्र” को अस्वीकार किया है, फिर भी तेहरान स्थित इरानी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए विचार साझा करने की बात कही है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने बताया कि वे इस युद्धविराम को स्थायी रूप से युद्ध समाप्ति की दिशा में ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। एक पृष्ठ के १४ बिंदुओं वाले मेमो को विस्तृत परमाणु वार्ता के लिए आधार बनाया जा सकता है, अमेरिकी समाचार एजेंसी ने लिखा है। अमेरिकी प्रस्ताव में इरान के परमाणु प्रक्रमण कार्यक्रम को रोकना, प्रतिबंधों को हटाना और होर्मुज जल मार्ग पर स्वतंत्र आवागमन फिर से शुरू करना शामिल है। दो अमेरिकी और दो अन्य स्रोतों के अनुसार, यह खबर एक्सिओस ने प्रकाशित की है।

इरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागेई ने इरानी समाचार एजेंसी ISNA से कहा, “इरान अभी भी अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार कर रहा है और बाद में पाकिस्तान के माध्यम से तेहरान की प्रतिक्रिया साझा की जाएगी।” इरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अमेरिका इस युद्ध से कोई लाभ नहीं उठाएगा, और सीधे वार्ता से भी कोई उपलब्धि नहीं होगी।” उन्होंने आगे कहा, “इरान सतर्क है और तैयार है; यदि अमेरिका आत्मसमर्पण और सहूलियत नहीं देता तो कड़ा जवाब देगा।” ट्रम्प ने सहमति बनने की संभावना जताई है लेकिन इसके साथ ही हिंसात्मक घटनाओं के प्रति नई चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, “अगर इरान सहमति नहीं देता तो बमबारी शुरू हो जाएगी और वह पहले से भी अधिक तीव्र और विनाशकारी होगी।”

नेपाली क्रिकेटर शीर्ष १०० ओडीआई ब्याटिङ रैंकिङमा समावेश छैनन्

आईसीसीले अद्यावधिक गरेको ओडीआई ब्याटिङ रैंकिङको शीर्ष १०० मा कुनै पनि नेपाली ब्याट्सम्यान समावेश गरिएको छैन। अलराउन्डर दीपेन्द्रसिंह ऐरी ३१औँ स्थानमा र बलर सन्दीप लामिछाने ४३औँ स्थानमा रहेका छन्। नेपाली ब्याट्सम्यानहरूले निरन्तर प्रदर्शन गर्न नसक्दा शीर्ष १०० मा पर्न सकेका छैनन्। २३ वैशाख, काठमाडौं।

हालसालै आईसीसीले अद्यावधिक गरेको एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रिय (ओडीआई) ब्याटिङ रैंकिङमा नेपाली ब्याट्सम्यानहरू शीर्ष १०० मा स्थान बनाउन सकेका छैनन्। बलिङ र अलराउन्डर रैंकिङमा नेपाली खेलाडीहरूले राम्रो स्थान हासिल गरिसकेका भए पनि ब्याटिङ भागमा कुनै नेपाली खेलाडी शीर्ष १०० मा समावेश छैनन्। नेपाली ब्याट्सम्यानहरूले नियमित रूपमा प्रभावशाली प्रदर्शन गर्न नसक्दा यो स्थिति बनेको छ।

घरेलु मैदानमा सम्पन्न लिग २ श्रृंखलामा मात्र अलराउन्डर दीपेन्द्रसिंह ऐरीले राम्रो प्रदर्शन गरेका छन्, जबकि अन्य ब्याट्सम्यानले त्यस्तै स्तर कायम गर्न सकेका छैनन्। ओपनर आसिफ शेख पहिलो खेलमा ड्रप भएपछि मंगलबार ९४ रन बनाए। यद्यपि, उनले त्यसअघि ७ र १९ रन बनाएर अर्को खेलबाट टिमबाट बाहिरिनुपर्ने अवस्था आयो। अर्का ओपनर कुशल भुर्तेलले पहिलो खेलमा १ र दोस्रो खेलमा शून्य रन बनाएपछि तेस्रो र चौथो खेलमा अवसर पाउन सकेका छैनन्।

दीपेन्द्रसिंह ऐरीले यूएईविरुद्ध पहिलो खेलमा ७५ रन र ओमानविरुद्ध खेलमा ६० रन बनाए, अनि यूएईविरुद्ध दोस्रो खेलमा शतक समेत जमाएको छ। ओमान विरुद्ध दोस्रो खेलमा ३३ रन बनाए। उनको प्रदर्शन प्रायः अलराउन्डर भूमिकामा केन्द्रित छ। ब्याटिङ रैंकिङमा सुधार ल्याउन निरन्तरता र स्थिर प्रदर्शन अनिवार्य छ, जुन हालका नेपाली ब्याट्सम्यानहरूले देखाउन सकेका छैनन्।

प्रतिनिधिसभा नियमावलीको नियम २५९ : झस्किए विपक्षी दल

प्रतिनिधि सभा नियमावली का नियम २५९ : विपक्षी दलों में चिंता

२४ वैशाख, काठमांडू। सांसदों को अन्य नागरिकों से अलग करते हुए प्रतिनिधि सभा नियमावली बनाने की खबर ने राजनीतिक क्षेत्र में बड़ा हड़कंप मचा दिया है। सत्तारूढ़ दल रास्वपा की इच्छा के अनुसार प्रस्तुत किए जाने वाले प्रतिनिधि सभा नियमावली के इस नए प्रावधान को लेकर विपक्षी दलों ने विभिन्न प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। प्रतिनिधि सभा नियमावली के नियम २५९ में कहा गया है, ‘प्रचलित कानून में जो भी लिखा हो पर सभा, समिति…

अमेरिकी डलर, पाउण्ड र स्विस फ्रैंक के भाव में गिरावट, यूरो और ऑस्ट्रेलियाई डलर महंगे हुए

२४ वैशाख, काठमाडौं। नेपाल राष्ट्र बैंक द्वारा आज निर्धारित विदेशी मुद्राओं के विनिमय दर के अनुसार अमेरिकी डलर, पाउण्ड स्टर्लिङ्ग और स्विस फ्रैंक के मूल्य में कमी आई है। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई डलर और यूरो के भाव में वृद्धि हुई है। आज अमेरिकी डलर की खरीद दर १५१ रुपैयाँ ८ पैसा प्रति एक और बिक्री दर १५१ रुपैयाँ ६८ पैसा निर्धारित की गई है। कल अमेरिकी डलर की खरीद दर १५२ रुपैयाँ १६ पैसा तथा बिक्री दर १५२ रुपैयाँ ७६ पैसा थी।

यूरो के मूल्य में आज वृद्धि देखी गई है। आज यूरो की खरीद दर १७८ रुपैयाँ ५ पैसा और बिक्री दर १७८ रुपैयाँ ७५ पैसा है। कल इसकी खरीद दर १७७ रुपैयाँ ९२ पैसा और बिक्री दर १७८ रुपैयाँ ६२ पैसा थी। इसी प्रकार, पाउण्ड स्टर्लिङ्ग का मूल्य आज घटा है। पाउण्ड स्टर्लिङ्ग की खरीद दर आज २०६ रुपैयाँ ४ पैसा प्रति एक और बिक्री दर २०६ रुपैयाँ ८६ पैसा है। कल यह खरीद दर २०६ रुपैयाँ ११ पैसा और बिक्री दर २०६ रुपैयाँ ९२ पैसा थी।

स्विस फ्रैंक के भाव में भी आज गिरावट दर्ज हुई है। स्विस फ्रैंक की खरीद दर १९४ रुपैयाँ २० पैसा और बिक्री दर १९४ रुपैयाँ ९७ पैसा निर्धारि्त की गई है, जबकि कल इसकी खरीद दर १९४ रुपैयाँ २२ पैसा और बिक्री दर १९४ रुपैयाँ ९८ पैसा थी। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई डलर का मूल्य आज बढ़ा है। ऑस्ट्रेलियाई डलर की खरीद दर १०९ रुपैयाँ ७० पैसा और बिक्री दर ११० रुपैयाँ १३ पैसा है। कल की खरीद दर १०९ रुपैयाँ १५ पैसा और बिक्री दर १०९ रुपैयाँ ५८ पैसा थी।

राष्ट्र बैंक ने बताया है कि यह विनिमय दर आवश्यकतानुसार किसी भी समय संशोधित की जा सकती है। वाणिज्य बैंक द्वारा घोषित विनिमय दर में कुछ अंतर हो सकता है एवं अद्यतन विनिमय दर केंद्रीय बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

एशियन गेम्स चयन और एसीसी प्रीमियर कप के लिए नेपाली महिला क्रिकेट टीम घोषित

नेपाल क्रिकेट संघ ने एशियन गेम्स चयन प्रतियोगिता और एसीसी महिला प्रीमियर कप के लिए नेपाली महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की घोषणा की है। टीम की कप्तान इन्दु बर्मा और उपकप्तान पूजा महतो चुनी गई हैं। सोनी पाख्रिन और सीता रानामगर लंबे समय बाद फिर से राष्ट्रीय टीम में लौट आई हैं। 23 वैशाख, काठमाडौं।

एशियन गेम्स चयन मलेशिया में 23 मई से 31 मई तक आयोजित होगा जबकि प्रीमियर कप 1 जून से 13 जून तक चलेगा। टीम में रुबी पोद्दार, कविता जोशी, सीता रानामगर, अनु कठायत, सोनी पाख्रिन, सिमाना केसी, बिंदु रावल, सम्झना खड्का, कविता कुँवर, रिया शर्मा, मनीषा उपाध्याय और रुबिना छेत्री शामिल हैं।

सोनी पाख्रिन ने लंबे समय बाद सीनियर राष्ट्रीय टीम में वापसी की है। इसी तरह, राइजिंग स्टार्स महिला एशिया कप में खेल चुकीं और रुवांडा में हुई श्रृंखला में हिस्सा नहीं लेने वाली सीता रानामगर भी टीम में पुनः शामिल की गई हैं। सावित्री धामी, सोमु बिष्ट, सना प्रवीण और लक्ष्मी साउद को वैकल्पिक खिलाड़ियों के रूप में रखा गया है।

पीएसजी च्याम्पियन्स लिगको फाइनलमा, बायर्न बाहिरियो

पीएसजी ने बायर्न म्यूनिख को हराकर यूरोपीय चैंपियंस लीग के फाइनल में प्रवेश किया

पेरिस सेंट-जर्मेन ने बायर्न म्यूनिख के साथ १–१ ड्रा खेलकर कुल मिलाकर ६–५ से जीत दर्ज करते हुए यूरोपीय चैंपियंस लीग के फाइनल में जगह बनाई है। फाइनल मैच ३० मई को बुडापेस्ट में आयोजित होगा, जहां पीएसजी उपाधि के लिए आर्सनल के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा।

खेल के इंजुरी टाइम में हैरी केन ने गोल किया, लेकिन वह गोल बायर्न को फाइनल में पहुंचाने के लिए पर्याप्त नहीं था। २४ वैशाख, काठमांडू। पूर्व विजेता फ्रेंच क्लब पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) ने यूरोपीय चैंपियंस लीग के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। पिछले रात सेमीफाइनल के दूसरे चरण में बायर्न म्यूनिख के साथ १–१ की बराबरी के बाद पीएसजी ने कुल स्कोर ६–५ से अपनी ट्रॉफी की रक्षा के सफर को जारी रखा है।

म्यूनिख के एलियान्ज एरिना में खेले गए मुकाबले में पेरिस सेंट-जर्मेन के उस्मान देम्बेले ने मात्र तीसरे मिनट में गोल किया। विचा भरात्शकेलिया की उत्कृष्ट रन और पास पर देम्बेले ने शक्तिशाली शॉट लगाकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। घरेलू टीम बायर्न इसके बाद खेल में वापसी के लिए लगातार प्रयासरत रही।

हैरी केन को पेरिस की रक्षा में अधिकांश समय नियंत्रित रखा गया। पहले हाफ में बायर्न ने पेनाल्टी की मांग की थी, जिसे रेफरी ने अस्वीकार कर दिया। दूसरे हाफ में भी पेरिस सेंट-जर्मेन ने कुछ बेहतरीन मौके बनाए। डिज़ायर दुये ने शॉट लगाया, लेकिन बायर्न के गोलकीपर मैनुएल नॉयर ने शानदार बचाव किया। खेल के इंजुरी टाइम में हैरी केन ने अल्फोंसो डेविस के पास पर गोल करते हुए स्कोर १–१ कर दिया। लेकिन उस गोल से बायर्न के लिए फाइनल तक पहुंचना संभव नहीं था। इसके साथ ही पेरिस सेंट-जर्मेन अब उपाधि के लिए आर्सनल के खिलाफ मुकाबला करेगा।

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुभेन्दु अधिकारी के व्यक्तिगत सहायक की हत्या

२४ वैशाख, काठमांडू। पश्चिम बंगाल के पर्यगना जिले के मध्यमग्राम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित सांसद शुभेन्दु अधिकारी के व्यक्तिगत सहायक चन्द्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मंगलवार रात दोहरिया क्षेत्र में मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने अधिकारी के पीए चन्द्रनाथ पर गोली चलाकर हत्या कर दी। लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस के नेता ममता बनर्जी के निकट सहयोगी रहे शुभेन्दु अधिकारी ने हाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा में शामिल होकर ममता को हराया था।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने २०६ सीटों के साथ दो-तिहाई बहुमत हासिल कर राज्य में पहली बार सरकार बनाने की तैयारी की है। इसी समय चर्चित नेता अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारी के पीए चन्द्रनाथ रथ की सवार कार पर अंधाधुंध गोलीबारी हुई। गंभीर रूप से घायल उन्हें अस्पताल ले जایا गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, भारतीय मीडिया ने बताया है। घटना में उनके चालक बुद्धदेव बेरास भी घायल हुए हैं। उनकी स्थिति गंभीर बताई गई है और उन्हें कोलकाता के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चार मोटरसाइकिलों पर सवार लगभग आठ हमलावरों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया था। घटना के बाद भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं में तीव्र आक्रोश फैल गया है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और मामले की जांच जारी है।