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लेखक: space4knews

दिलिप की शहादत के बावजूद जारी है औरही नदी का दोहन

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • औरही नदी में स्थानीय सरकार और क्रसर माफिया के गठजोड़ के कारण बिना अनुमति अवैध उत्खनन जारी है, जिससे पर्यावरण कार्यकर्ता दिलिप की शहादत को नज़रअंदाज किया जा रहा है।
  • मिथिला नगरपालिका ने आर्थिक वर्ष २०८२/०८३ में ६ नदियों से उत्खनन के लिए नेरिसा कन्ट्रक्सन कंपनी को १ लाख २१ हजार ८३० घनमीटर उत्खनन का ठेका दिया था, लेकिन ठेकेदार का दावा है कि उत्खनन अभी शुरू नहीं हुआ है।
  • पुलिस और स्थानीय सरकार के बीच असहयोग के कारण अवैध उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया है, और अनुगमन समिति ने केवल चेतावनी दी है।

३० चैत, जनकपुरधाम। औरही नदी के किनारे ट्रैक्टरों की कतार लगी है। कुछ लोग गिट्टी-रेत का उत्खनन कर रहे हैं, जबकि कुछ ट्रैक्टरों में लोड कर रहे हैं। नदी में हो रहे इस अनियंत्रित उत्खनन से पर्यावरण कार्यकर्ता ओमप्रकाश महतो दिलिप की शहादत का अपमान हो रहा है।

२५ पुष २०७६ को दिन मिथिला नगरपालिका-५, श्रीपुर के २४ वर्षीय दिलिप की औरही नदी में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, जब वे उत्खनन के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। लेकिन उनकी हत्या के बाद भी स्थानीय सरकार और क्रसर माफिया मिलकर नदी का दोहन जारी रखे हुए हैं।

‘दिलिप की शहादत के बावजूद औरही नदी में जथाभावी उत्खनन अभी भी जारी है, यह बेहद दुखद पहलू है। वर्तमान स्थिति शहीद दिलिप और राज्य को अपमानित कर रही है,’ दिलिप के साथी सुनिलकुमार सिंह ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया।

नदी में मानकों के खिलाफ करीब तीन किलोमीटर नीचे तक उत्खनन जारी है, जो पूर्व-पश्चिम राजमार्ग के अंतर्गत आने वाले औरही पुल के नीचे से स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है। चार-लेन औरही पुल निर्माण में लगे एक कर्मचारी ने बताया कि दिन में और कभी-कभी रात में भी मनमाफिक उत्खनन होता है।

‘दिनभर ट्रैक्टर, टिपर और बकेट से उत्खनन होता है। रात में भी कभी-कभी नदी खोदी जाती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं करता,’ उस कर्मचारी ने बताया।

इस वर्ष भी मिथिला नगरपालिका ने औरही नदी का ठेका दिया है। बसही, जलाद, जगधर, वडहरे और रातु नदियों की स्थिति भी इसी तरह है, जहां नगरपालिका ने ठेका जारी किया है।

इन नदियों से खनिज पदार्थों का उत्खनन करने के लिए वर्तमान आर्थिक वर्ष २०८२/०८३ में नगरपालिका ने मेटाफ्ट सहित ३ करोड़ ५ लाख ६२ हजार २७३ रूपये ८० पैसे में काठमांडू-६ की नेरिसा कन्ट्रक्सन कम्पनी प्रा. लि. को ठेका दिया है।

१४ फागुन को हुई ठेका संधि के अनुसार आगामी जेठ मसान्त तक इन्हीं ६ नदियों से कंपनी को १ लाख २१ हजार ८३० घनमीटर ग्रावल, पत्थर और बालू का उत्खनन करने की अनुमति है। कानूनी शर्तों के तहत सिर्फ सूर्योदय से सूर्यास्त तक उत्खनन करना है, जो कुल ३३ बिंदुओं में निर्धारित है।

ठेकेदार कंपनी की ओर से नगरपालिका की वार्ड-१० लालगढ़ के नवराज पहाड़ी ने संधि पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन स्थानीय लोग बताते हैं कि फागुन १४ के बाद से ठेका मिलने के बावजूद उत्खनन की मात्रा संधि में निर्धारित सीमा से अधिक हो चुकी है।

ठेकेदार नवराज पहाड़ी का कहना है कि ‘हमने औरही नदी में अभी तक उत्खनन नहीं किया है, यह पहले से ही हो रहा है। हम अब शुरू करने वाले हैं।’

नदी किनारे आधा दर्जन क्रसर एवं बालू प्रसंस्करण उद्योग बिना रोक-टोक के काम कर रहे हैं। मानकों के विरुद्ध जारी इस जथाभावी उत्खनन पर संबंधित निकाय मौन हैं। नदी से दो किलोमीटर दूरी पर इलाका प्रहरी कार्यालय है और तीन किलोमीटर पर नगरपालिका कार्यालय, फिर भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पोलिस और नगरपालिका कार्यालय एक-दूसरे से असहयोग की बात करते रहे हैं।

शहीद दिलिप के गांव श्रीपुर में कई घरों के पास ट्रैक्टर हैं जो इस समय नदी के उत्खनन में प्रयोग हो रहे हैं। ठेकेदार स्थानीय ट्रैक्टर किराए पर लेकर उत्खनन कर रहे हैं, जिससे नियंत्रण और जटिल हो गया है।

मिथिला नगरपालिका के मेयर महेन्द्र महतो ने बताया कि औरही सहित अन्य नदियों में हो रहे उत्खनन पर पुलिस प्रशासन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। वे कहते हैं, ‘स्वीकृति बिना भी वाहन भेजकर उत्खनन हो रहा है, पर पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की।’

उन्होंने कहा, ‘ठेकेदार से अधिक संख्या में अन्य ट्रैक्टर नदी खोदने में लगे हैं। दो गांवों के ट्रैक्टर उपयोग में हैं। जब इंस्पेक्टर पहुंचते हैं तो वाहन भाग जाते हैं। ठेकेदार के वाहन ही स्वीकृत हैं।’ उन्होंने कहा कि जिला पुलिस कार्यालय और जिला समन्वय समिति को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। पुलिस प्रशासन की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है।

औरही नदी में अवैध उत्खनन के खिलाफ स्थानीय युवाओं ने लगातार आवाज उठाई, लेकिन संबंधित पक्षों ने कोई ध्यान नहीं दिया। पर्यावरण कार्यकर्ता दिलिप के साथी सुनिलकुमार सिंह के अनुसार बार-बार प्रशासन और स्थानीय सरकार से अनुरोध करने के बावजूद कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

‘हम लगातार आवाज उठा रहे हैं। सभी सकारात्मक दिखते हैं, लेकिन उत्खनन नहीं रुका है। तीनों स्तर की सरकारें मौन हैं और क्रसर माफिया की हिम्मत बढ़ी है,’ वे कहते हैं।

इलाका प्रहरी कार्यालय ढल्केवर के निरीक्षक लक्ष्मण केसी ने कहा कि नगरपालिका ने ठेका दिया है, मगर उत्खनन की मात्रात्मक सीमा और स्थल के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही।

उन्होंने कहा, ‘नगरपालिका ने ठेका दिया है, लेकिन कितनी मात्रा में और कहां से उत्खनन होगा इसके सम्बन्ध में जानकारी नहीं दे रही। हम किस आधार पर रोकें? रोकने पर ठेकेदार शिकायत करते हैं कि पुलिस काम करने नहीं दे रही, वह भी पुलिस पर आरोप लगता है।’

उत्खनन स्थल पर समझौते का पालन नहीं हो रहा

औरही, वडहरे, बसही, रातु सहित अन्य नदियों में जारी उत्खनन को देखकर स्पष्ट है कि नगरपालिका और ठेकेदार के बीच किए गए ३३ बिंदुओं वाले समझौते का पालन नहीं हो रहा। १ लाख २१ हजार ८३० घनमीटर उत्खनन की सीमा तय की गई है, लेकिन स्थानों पर उससे अधिक उत्खनन हो चुका है। ठेकेदार दावा करते हैं कि उन्होंने उत्खनन शुरू नहीं किया।

अनुगमन समिति और नगरपालिका के नियमित निरीक्षण के बावजूद स्थलगत सक्रियता कम है। निर्धारित सीमा से अधिक उत्खनन पर रोक लगाने का प्रावधान है, लेकिन प्रभावी कार्यान्वयन नहीं हो रहा।

पुल, सड़क और सार्वजनिक संरचनाओं से निश्चित दूरी बनाए रखने का नियम है, फिर भी औरही पुल के समीप ही उत्खनन जारी है। नदी की प्राकृतिक धारा न बदलने का प्रावधान है, लेकिन अत्यधिक दोहन के कारण नदी की आकृति बिगड़ रही है। उल्लंघन पर ठेका रद्द करने का प्रावधान है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

नगरपालिका के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी हरिशंकर यादव ने दावा किया कि अनुगमन समिति ने स्थलगत निरीक्षण पूरा कर लिया है और रिपोर्ट पेश करनी बाकी है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही ठेकेदार को पत्र भेजकर नियम उल्लंघन के बारे में सचेत किया गया है।

‘अनुगमन समिति ने निरीक्षण कर लिया है। बैठक के बाद रिपोर्ट पेश कर आगे की कार्रवाई करेंगे,’ यादव ने कहा, ‘कुछ दिन पहले पत्र भेजकर ठेकेदार को नियम उल्लंघन पर सचेत किया है।’

पुलिस को भी समझौते की जानकारी और इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के नाम उपलब्ध करा दिए गए हैं। यदि पुलिस सक्रिय हो तो सभी गतिविधियों को नियंत्रित किया जा सकता है।

अमेरिका की नाकाबंदी पर खाड़ी के किसी भी बंदरगाह की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं

३० चैत, काठमाडौं। इरान और अमेरिका के बीच विवाद फिर से तीव्र हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट के जरिए इरानी मालवाहन को रोकने की चेतावनी दी है, जिसके बाद इरानी सेना ने कड़ा प्रतिकार करने की चेतावनी जारी की है। इरानी संचार माध्यम IRIB के जरिए जारी आधिकारिक वक्तव्य में अमेरिका की इस धमकी को “गैरकानूनी” और “समुद्री डकैतिने” के समान बताया गया है।

इरान ने स्पष्ट किया है कि उसके बंदरगाहों पर कोई नाकाबंदी या हमला हुआ तो इसका असर केवल अमेरिका पर नहीं बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ेगा। इरानी सेना ने पड़ोसी खाड़ी देशों को लक्षित करते हुए कहा है कि इस क्षेत्र के सभी बंदरगाहों की सुरक्षा सबके लिए सुनिश्चित होगी, किसी के लिए निर्धारित नहीं होगी।

इरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सेना ने इरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया, तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर के किसी भी बंदरगाह की सुरक्षा सुरक्षित नहीं रहेगी। इरान ने इसके साथ ही युद्ध की स्थिति के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट पर अपना पूर्ण नियंत्रण बनाए रखने और अपने दुश्मनों के जहाजों को इरानी समुद्री सीमाओं में प्रवेश करने से रोकने की घोषणा की है। इस कड़े रुख से विश्व के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता मार्ग में सैन्य हस्तक्षेप का खतरा और बढ़ गया है।

वर्षौं भाडा नतिर्ने भृकुटीमण्डपका २० सटलमा समाजकल्याणको ताला (तस्वीरहरू)

समाज कल्याण परिषद ने भृकुटीमण्डप के 20 सटलों को किया तालाबंद

समाज कल्याण परिषद अंतर्गत भृकुटीमण्डप में वर्षों से किराया न चुकाने वाले 20 सटलों को तालाबंद किया गया है। कुल 56 किराया न चुकाए गए सटलों में से 20 सटलों में समाज कल्याण परिषद के कर्मचारी सुरक्षा कर्मियों की मदद से तालाबंदी कर चुके हैं। तालाबंद किए गए सटलों में रिपोर्टर्स क्लब एवं अन्य विभिन्न संस्थाओं के कार्यालय भी शामिल हैं।
30 चैत्र, काठमांडू। समाज कल्याण परिषद के अधीन भृकुटीमण्डप में किराए पर होने के बावजूद वर्षों से किराया न चुकाने वाले 20 सटलों को तालाबंद किया गया है। किराया न चुकाने वाले व्यक्तियों की दुकानों या संगठनों के कार्यालयों में ताले लगाए गए हैं। किराया न चुकाए गए कुल 56 सटलों में से आज समाज कल्याण परिषद के कर्मचारी सुरक्षा कर्मियों के सहयोग से 20 सटलों को तालाबंद कर चुके हैं। इसमें रिपोर्टर्स क्लब से लेकर अन्य विभिन्न संस्थानों के कार्यालय भी शामिल हैं।

भारतीय संसद में महिला आरक्षण विधेयक, मोदी ने कहा– ऐतिहासिक निर्णय

३० चैत, काठमाडौँ । भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक के संदर्भ में कहा है कि भारत की संसद नया इतिहास रचने जा रही है। सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति बंदन सम्मेलन’ में संबोधन करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के विधानसभाओं से लेकर राष्ट्रीय संसद तक महिला प्रतिनिधित्व के लिए दशकों की प्रतीक्षा अब समाप्त होने वाली है। प्रधानमंत्री मोदी ने आने वाले अप्रिल १६, १७ और १८ को इस प्रतीक्षा के समाप्ति के महत्वपूर्ण क्षण के रूप में वर्णित किया।

सन् २०२३ में नए संसद भवन में ‘नारी शक्ति बंदन अधिनियम’ के रूप में पहला कदम उठाए जाने की बात याद दिलाते हुए उन्होंने इसे समय पर लागू करने और लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अप्रिल १६ से संसद के बजट अधिवेशन में विशेष बैठक आयोजित करने की जानकारी दी। उन्होंने इस निर्णय को २१वीं सदी के महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक बताया और अब महिलाओं के लिए संसद तक पहुंचने का रास्ता और भी सुगम बनने की उम्मीद जताई। हाल की सरकारी योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है और वर्तमान में उनकी भूमिका की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए, ऐसा उनका मानना था।

गृहमन्त्री ने आलोचनाओं के बाद संपत्ति विवरण से संबंधित पोस्ट हटाई

३० चैत्र, काठमाडौ । गृहमन्त्री सुधन गुरुङ ने सामाजिक मीडिया पर अपनी संपत्ति विवरण से जुड़ी टिप्पणी हटा दी है। मंत्रियों की संपत्ति कल्पना से कहीं अधिक होने की वजह से व्यापक आलोचना के बाद उन्होंने जवाब में कहा था कि सरकार में आने से पहले अर्जित संपत्ति कोई ‘पाप’ नहीं है। लेकिन उस अभिव्यक्ति पर बढ़ती आलोचनाओं के चलते गुरुङ ने संबंधित पोस्ट सामाजिक मीडिया से हटा दी है।

रविवार को प्रधानमन्त्री बालेन्द्र शाह (बालेन) सहित सभी मंत्रियों की संपत्ति विवरण सार्वजनिक की गई थी। उस विवरण में सोना, चांदी और विभिन्न ज्वेलरी में विशेष ध्यान दिया गया था और सामाजिक मीडिया पर इन सामग्रियों की कड़ी आलोचना हुई है। आलोचनाओं के बढ़ने के बाद गुरुङ ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम खाते के माध्यम से प्रतिक्रिया दी थी।

गुरुङ ने कहा कि किसी व्यक्ति का गरीबी में जन्म लेना उसकी गलती नहीं है, लेकिन मरते समय गरीब होना उसकी गलती होती है। ‘‘तुम्हारा गरीबी में जन्म लेना तुम्हारी गलती नहीं है, लेकिन मरते समय गरीबी में होना तुम्हारी गलती है,’’ उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, ‘‘सरकार में आने से पहले अर्जित की गई संपत्ति भ्रष्टाचार मुक्त हो तो वह कोई पाप नहीं है, लेकिन सरकार में आकर भ्रष्टाचार करके कमाई करना पाप है।’’ उन्होंने हैशटैग के साथ ‘चेतना भया’ लिखकर भी अपने संदेश को प्रवाहित किया था।

राष्ट्रिय खेल भलिबल: उत्साह और चुनौती का संगम

नेपाल ने २०८२ साल में सीमित मात्रा में अंतरराष्ट्रीय भलिबल प्रतियोगिताओं में भाग लिया था। नेपाल पुलिस क्लब ने काभा महिला क्लब भलिबल में तीसरा स्थान हासिल किया था जबकि हेल्प नेपाल ने काभा पुरुष क्लब भलिबल में कांस्य पदक जीता था। ३० चैत्र, काठमाडौं। भलिबल नेपाल का राष्ट्रीय खेल है। बहुतों को यह बात पता है और कुछ को नहीं भी। राष्ट्रीय खेल के रूप में घोषित हुए लगभग एक दशक के बावजूद भलिबल अपनी राष्ट्रीय खेल के रूप में पहचान को गर्व के साथ स्थापित करने में खास प्रगति नहीं कर पाया है। इसलिए २०८२ साल में भले ही भलिबल के लिए कोई ‘वाह’ करने वाली बात न हो, लेकिन कोर्ट पर भलिबल सक्रिय रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमित भागीदारी और प्रतियोगिताओं में खेल होने के बावजूद घरेलू प्रतिस्पर्धा लगातार जारी रही। नेपाल भलिबल संघ द्वारा आयोजित नवौं एनवीए भलिबल चैंपियनशिप, फ्रैंचाइजी महिला भलिबल लिग (डब्लूवीएल) पोखरा में होने वाली चर्चित भलिबल प्रतियोगिता टाइगर कप समेत कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं संपन्न हुई। नवौं एनवीए चैंपियनशिप से चयनित श्रेष्ठ ८ पुरुष और ६ महिला टीमें पीएम कप एनवीए लीग में प्रतिस्पर्धा करने वाली थीं, जो चैत्र २०८२ में आयोजित होने वाली थी, लेकिन तकनीकी कारणों से यह प्रतियोगिता वैशाख २०८३ तक स्थगित हो गई है।

२०८२ साल में नेपाल कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले सका। नेपाल की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी मुख्यतः सेंट्रल एशियन भलिबल एसोसिएशन (काभा) द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं तक सीमित रही। इस वर्ष असोज में नेपाल के पुरुष दल ने बांग्लादेश के ढाका में आयोजित काभा पुरुष भलिबल कप प्रतियोगिता में भाग लिया था। २२ से २८ अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में नेपाल ने छह टीमों में पाँचवां स्थान प्राप्त किया। नए खिलाड़ियों को शामिल कर बनाया गया दल अंतरराष्ट्रीय खेल अनुभव की कमी दिखाने लगा। इसी तरह, माघ महीने में नेपाल पुलिस क्लब ने मालदीव में हुए काभा महिला क्लब भलिबल में हिस्सा लिया। पूर्व विजेता नेपाल पुलिस क्लब इस बार फाइनल में नहीं पहुंच सका। सेमीफ़ाइनल में हार के बाद तीसरे स्थान की खेल में श्रीलंकाई क्लब को हराकर नेपाल पुलिस क्लब ने तीसरा स्थान हासिल किया। साउन महीने में मालदीव में ही हुए काभा पुरुष क्लब भलिबल में नेपाल का हेल्प नेपाल तीसरा स्थान लेकर कांस्य पदक जीत पाया। छह क्लबों की इस प्रतियोगिता में हेल्प नेपाल ने चार मैच जीते और एक खेल हारा। सेट अनुपात में पिछड़ने के कारण फाइनल में जगह नहीं बन सकी। नेपाल भलिबल संघ के अध्यक्ष जितेन्द्र बहादुर चन्द ने बताया कि विदेशी भूमिगत नेपाल का यह दूसरा भलिबल पदक है। पूर्व में सन २०१७ में नेपाल के पुरुष राष्ट्रीय दल ने मालदीव में हुए काभा सेंट्रल जोन प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था।

मधेश बाहेकका प्रदेशमा २.५ देखि १० आना क्षेत्रफलका जग्गा कारोबार धेरै

मधेश बाहेकका प्रदेशहरूमा २.५ देखि १० आना क्षेत्रफलका साना जग्गाहरूको कारोबार अधिक

समाचार सारांश

समीक्षा के बाद तैयार।

  • नेपाल राष्ट्र बैंक के अनुसार, मधेश के अलावा अन्य प्रदेशों में २.५ से १० आना क्षेत्रफल के छोटे-छोटे जमीन के टुकड़ों का कारोबार अधिक होता है।
  • मधेश प्रदेश में २० आना से बड़े क्षेत्र वाले बड़े प्लॉट्स का कारोबार अधिक होता है और कुल कारोबार क्षेत्रफल में मधेश प्रदेश अग्रणी है।
  • घरजग्गा कर्जा वित्तीय वर्ष २०७७/७८ से २०८१/८२ तक ७२.४१ प्रतिशत बढ़ चुका है तथा केन्द्रीय बैंक घरजग्गा मूल्य सूचकांक प्रकाशित करने की तैयारी में है।

चैत्र ३०, काठमाडौं – मधेश के अलावा प्रदेशों में छोटे टुकड़ों वाली जमीनों का कारोबार अधिक होने का आंकड़े दर्शाते हैं। मधेश प्रदेश में जमीन कृषि के लिए उपयुक्त होने के कारण बड़े क्षेत्रफल वाली जमीनों का कारोबार अधिक होता है।

नेपाल राष्ट्र बैंक के ताजा अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, जमीन के कारोबार के आधार पर मधेश को छोड़कर सभी प्रदेशों में २.५ से १० आना क्षेत्रफल के छोटे प्लॉट्स का कारोबार अधिक पाया गया है। लेकिन मधेश प्रदेश में २० आना से ऊपर के बड़े प्लॉट्स में कारोबार अधिक है। कुल कारोबार क्षेत्रफल के आधार पर मधेश प्रदेश का हिस्सा सबसे अधिक है, उसके बाद कोशी और लुम्बिनी प्रदेश रहते हैं।

कुल कारोबार मूल्य के आधार पर बागमती प्रदेश अग्रणी है। महानगर और उपमहानगरपालिकाओं में ५ से १० आना क्षेत्रफल वाले प्लॉट्स सबसे अधिक कारोबार में हैं।

केन्द्रीय बैंक भूमि व्यवस्था तथा अभिलेख विभाग और आन्तरिक राजस्व विभाग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर रियल एस्टेट कारोबार सम्बंधित आंकड़े त्रैमासिक प्रकाशित करता रहा है। कुछ वर्षों पहले भी बैंक ने घरजग्गा कारोबार पर त्रैमासिक सूचनाएँ प्रकाशित करने और मूल्य नियंत्रण का प्रयास किया था, जिसे फिर से शुरू करने की योजना है।

केन्द्रीय बैंक रियल एस्टेट कारोबार की प्रवृत्ति का विश्लेषण कर रहा है जिसमें कारोबार संख्या, मूल्य, क्षेत्रफल, राजस्व संग्रहण तथा बैंक से रियल एस्टेट क्षेत्र को दिए गए कर्जे के आंकड़े शामिल हैं।

अध्ययन में रियल एस्टेट कारोबार को राष्ट्रीय, प्रादेशिक, महानगरपालिका और उपमहानगरपालिका स्तर पर विश्लेषित किया गया है। साथ ही व्यापार के क्षेत्रफल के आधार पर विभिन्न स्तरों पर कारोबार संख्या और राशि के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए हैं।

त्रैमासिक आंकड़ों के अनुसार घरजग्गा कारोबार में मौसमी प्रवृत्ति देखी जाती है। आर्थिक वर्ष के पहले त्रैमास में कारोबार कम होता है और तीसरे व चौथे त्रैमास में ऊँचा। कारोबार संख्या के आधार पर मधेश प्रदेश सबसे आगे है, उसके बाद लुम्बिनी और कोशी प्रदेश हैं। कर्णाली तथा सुदूरपश्चिम प्रदेशों में कारोबार सर्वाधिक न्यूनतम है।

आर्थिक वर्ष २०७७/७८ से २०८१/८२ तक घरजग्गा कर्जा ७२.४१ प्रतिशत और आवासीय कर्जा ६१.५५ प्रतिशत तक बढ़ा है। घरजग्गा क्षेत्र से प्राप्त सरकारी राजस्व आर्थिक वर्ष २०७८/७९ के पहले त्रैमास में २३.७ अरब रूपये तक था, जो घटकर २०७९/८० के पहले त्रैमास में ८.२ अरब हो गया था, लेकिन बाद में सुधार होकर २०८१/८२ में लगभग १५ अरब तक पहुंच गया है।

इन आंकड़ों के आधार पर केन्द्रीय बैंक घरजग्गा मूल्य सूचकांक के निर्माण और प्रकाशन के दूसरे चरण पर काम कर रहा है।

महिला उद्यमशीलता को प्रस्तुत करते हुए नाटक टोली ने पश्चिम नेपाल में प्रदर्शन किया

सुन्तला और भूरे रंग के संयोजन वाले कपड़े और कैप पहने ८ सदस्य संगीत में झूमते नजर आते हैं। वे ग्रामीण परिवेश में हैं, सड़क पर हैं, चौतारी पर हैं। संगीत बजाते हुए गा रहे हैं, नाच रहे हैं। और, उन्हें देखने/सुनने वाले दर्शकों की संख्या भी उल्लेखनीय है। यह दृश्य कथाघेरा के ‘बाटै बाटो’ नामक सड़क नाटक का मंचन है। कथा घेरा काठमाडौं में स्थित नाटकघर है। इसी नाटकघर की टोली गत ११ चैत से पश्चिम नेपाल में है। वर्तमान में इनके नाटक के क्लिप सोशल मीडिया पर अच्छी खासी साझा हो रहे हैं।

कथाघेरा की निर्देशक व नाटक टोली की नेतृत्वकर्ता आकांक्षा कार्की के अनुसार इस नाटक में महिला उद्यमशीलता को मुख्य विषय बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अगर महिला के हाथ में कौशल हो तो सभी का कल्याण होता है, महिला से कुछ भी असंभव नहीं है, केवल समान अवसर न मिलने के कारण महिलाएं पीछे हैं, जैसे विषय नाटक में शामिल किए गए हैं। वर्तमान में यह टोली सल्यान के सली बाजार में अपना अंतिम प्रदर्शन करने को तैयार है। निर्देशक कार्की ने बताया कि इस नाटक में घर के अंदर और बाहर काम करने वाले अथवा स्वयं कुछ करना चाहने पर समाज और परिवार से समर्थन न पाकर संघर्षरत पात्रों की कहानी है।

उनका यह भी कहना है कि नाटक लैंगिक समानता और अवसर की बातें करता है। अब तक कथाघेरा की टोली ने सुदूरपश्चिम प्रदेश में ६ स्थानों और कर्णाली प्रदेश में ५ स्थानों सहित कुल ११ स्थानों पर नाटक प्रस्तुत किया है। आज के प्रदर्शन के बाद टोली काठमाडौं लौटने की तैयारी में है। कथाघेरा के इस नाटक की सोशल मीडिया पर काफी प्रशंसा हो रही है, वहीं कुछ आलोचनात्मक टिप्पणियां भी सामने आई हैं। खासकर नाटक में प्रयुक्त ‘नपूज, नढोग’ शब्द को ‘धर्म और परंपरा पर हमला’ बताते हुए नकारात्मक टिप्पणी की जा रही है। इस विषय में कार्की ने बताया कि इन शब्दों को तोड़-मरोड़ कर गलत अर्थ देने की कोशिश की गई है। यह शब्द प्रतीकात्मक ही हैं, ऐसा उनका कहना है। सड़क पर मंचित यह नाटक २ वैशाख को यूट्यूब पर भी उपलब्ध कराया जाएगा, निर्देशक कार्की ने जानकारी दी।

सभामुख डोलप्रसाद अर्याल ने पूर्वसभामुखों के साथ की चर्चा

सभामुख डोलप्रसाद अर्याल ने रविवार को सिंहदरबार स्थित अपने कार्यालय में पूर्वसभामुख देवराज घिमिरे और अग्निप्रसाद सापकोटासँग मुलाकात की। इस बैठक में नेपाल के संसदीय अभ्यास, पूर्व अनुभव, संघीय संसद के प्रभावशाली संचालन तथा विधान प्रक्रिया के सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया, जिसका जानकारी सभामुख के सचिवालय ने दी। ३० चैत, काठमाडौं। सभामुख डोलप्रसाद (डीपी) अर्याल पूर्वसभामुखों के साथ चर्चा में जुटे हुए हैं। उन्होंने रविवार को सिंहदरबार स्थित अपने कार्यालय में पूर्वसभामुख देवराज घिमिरे और अग्निप्रसाद सापकोटासँग मुलाकात की। इस बैठक में संसदीय अभ्यास, अनुभवों का आदान-प्रदान, संघीय संसद के प्रभावोत्पादक संचालन और विधान प्रक्रिया के सुदृढ़ीकरण विषयों पर गंभीर चर्चा हुई है, जिसे सभामुख के सचिवालय ने बताया।

रवि लामिछाने: नई प्रतिनिधि सभा नियमावली में सांसद निलंबन की व्यवस्था क्या होगी?

नई प्रतिनिधि सभा की नियमावली बनती हुई, राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने के खिलाफ विचाराधीन मामले के कारण उनके सांसद पद निलंबित किए जाने या न किए जाने के विषय में निर्णय लेने की मांग की जा रही है। सहकारी प्रकरण में संपत्ति शुद्धिकरण संबंधी मुकदमा दायर होने के बाद पिछले प्रतिनिधि सभा में निलंबित रास्वपा अध्यक्ष लामिछाने ने नई निर्वाचित प्रतिनिधि सभा की पहली बैठक में पार्टी की ओर से संबोधन दिया था।

अदालत में विचाराधीन संपत्ति शुद्धिकरण के मामले का निपटारा बाकी रहते हुए लामिछाने पुनः चितवन-२ से प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। पिछली संसद में निलंबित रहने के कारण एवं कानूनी व्यवस्था जैसी है, इस स्थिति में उन्होंने संसद में प्रवेश कैसे किया, इस पर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं। संपत्ति शुद्धिकरण निषेध अधिनियम, २०६४ की धारा २७ के तहत संपत्ति शुद्धिकरण संबंधी मुकदमा दायर व्यक्ति, कर्मचारी या राष्ट्रसेवक को ‘स्वतः निलंबित’ करने का प्रावधान है।

संसद में प्रतिनिधित्व नहीं रखने वाले गतिशील लोकतान्त्रिक पार्टी के अध्यक्ष दिनेश प्रसाई ने भी इसी विषय को उठाते हुए लामिछाने के निलंबन संबंधी निर्णय लेने की मांग की है। हालांकि, कुछ कानूनी विशेषज्ञों का तर्क है कि नई संसद को अपने नियम बनाने का अधिकार है, इसलिए मामले की सुनवाई जारी होने के दौरान आरोपित व्यक्ति स्वतः निलंबित नहीं होगा। उन्हीं में से एक, वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व महान्यायाधिवक्ता सुशील पन्त भी लामिछाने के पक्ष में हैं। “अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग भ्रष्टाचार से संबंधित मामले चलाते समय और संपत्ति शुद्धिकरण के मामले में निलंबन होना चाहिए, ऐसा माना जाता है, लेकिन वह स्वतः लागू होने वाली परिस्थिति संसद में नहीं है,” चुनाव से पहले पन्त ने बताया।

समस्याग्रस्त अम्बे कोशी सहकारीले थाल्यो साना बचतकर्ताको रकम फिर्ता

समस्याग्रस्त अम्बे कोशी सहकारी ने साना बचतकर्ताओं को रकम वापस करना शुरू किया

कोशी प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित समस्याग्रस्त सहकारी प्रबंधन समिति ने 20 हजार रुपये से कम बचत वाले 287 सदस्यों को 28 लाख 57 हजार रुपये की बचत राशि वापस की है। समिति ऋणग्रस्तों से राशि वसूलती हुई 1 लाख रुपये तक की बचत राशि वापस करने की तैयारी में है, और यदि ऋण पूरी न हो, तो सहकारी और संचालकों की संपत्ति नीलाम की जाएगी। प्रदेश सरकार ने 2081 पुष 23 को अम्बे कोशी सहकारी को समस्याग्रस्त घोषित कर प्रबंधन, ऋण वसूली और धरोहर नीलामी की प्रक्रिया शुरू की है। 30 चैत, विराटनगर।

इटहरी स्थित समस्याग्रस्त अम्बे कोशी बचत एवं ऋण सहकारी संस्था लिमिटेड के साना बचतकर्ताओं ने अपने बचत राशि वापस प्राप्त करना शुरू कर दिया है। कोशी प्रदेश सरकार द्वारा गठित समस्याग्रस्त सहकारी प्रबंधन समिति ने 20 हजार रुपये से कम बचत वाले सदस्यों को प्राथमिकता देते हुए उनकी बचत राशि लौटाई है। समिति के अध्यक्ष भरतबहादुर थापा के अनुसार, 20 हजार रुपये से कम बचत वाले 287 साना बचतकर्ताओं के कुल 28 लाख 57 हजार रुपये उनके बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं।

समस्याग्रस्त अम्बे कोशी सहकारी का प्रबंधन जिम्मा प्रदेश सरकार द्वारा गठित समिति के पास आते ही, सहकारी द्वारा लगाए गए ऋण में से 1 करोड़ 87 लाख रुपये वसूली गई। सहकारी को कुल वसूलना है 42 करोड़ 60 लाख रुपये से अधिक ऋण। बचत राशि वापसी के लिए समिति के पास 24 करोड़ 88 लाख रुपये के आवेदन आए हैं। समिति सदस्य जीवन काफ्ले के अनुसार, ऋणग्रस्तों से राशि वसूली की प्रक्रिया जारी है, इसलिए पहले चरण में 20 हजार रुपये तक की राशि वापस की गई है और अब 1 लाख रुपये तक की बचत वापस करने की योजना है। उन्होंने कहा, “यदि ऋण पूरा नहीं होता है, तो सहकारी और संचालकों की संपत्ति नीलाम करके बचत राशि वापस की जाएगी।”

प्रदेश सरकार ने 2081 पुष 23 को अम्बे कोशी सहकारी को समस्याग्रस्त घोषित किया था। समस्याग्रस्त घोषित करने के बाद सरकारी समिति ने जिम्मेदारी लेकर सहकारी की संपत्ति प्रबंधन, ऋण वसूली और धरोहर नीलामी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। कोशी प्रदेश के उद्योग, कृषि एवं सहकारी मंत्री इस्राइल मन्सुरी ने कहा कि प्रदेश सरकार की पहल पर यह पहली बार बचत राशि वापस करने का काम शुरू हुआ है। उन्होंने कहा, “यह देश में पहली बार है, पहले चरण में 20 हजार रुपये तक और इसके बाद जल्द ही 1 लाख रुपये तक की बचत राशि वापस करने की तैयारी चल रही है।”

लिनक्स ७.० जारी, नई ‘सेल्फ-हिलिंग’ तकनीक और एआई फीचर्स के साथ

लिनक्स कर्नेल का नया संस्करण ‘लिनक्स ७.०’ आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। लिनस टोरवाल्ड्स ने पिछले संस्करण ‘६.१९’ के बाद इसे ७.० में अपग्रेड करते हुए यह नया कर्नेल रिलीज़ किया है। इस संस्करण में सेल्फ-हिलिंग एक्सएफएस, नई एआई एजेंट इंटरैक्शन, नवीनतम हार्डवेयर सपोर्ट और सुरक्षा सुधार शामिल किए गए हैं। यह नया कर्नेल विशेष रूप से आगामी ‘यूबुन्टु २६.०४ एलटीएस’ के प्रमुख आधार के रूप में कार्य करेगा।

इस संस्करण की मुख्य विशेषताएं कंप्यूटर की कार्यक्षमता और सुरक्षा को एक नए स्तर पर ले जाने की उम्मीद करती हैं। सेल्फ-हिलिंग एक्सएफएस फाइल सिस्टम छोटे त्रुटियों को स्वयं पहचानकर उन्हें ठीक करने में सक्षम है, जिससे डेटा के नुकसान का जोखिम कम हो जाता है।

एआई एजेंट इंटरैक्शन के लिए नए कीबोर्ड बटनों के लिए एचआईडी कोड जोड़े गए हैं, जो भविष्य में आने वाले लैपटॉपों में एआई एजेंट के साथ सहज बातचीत करने में मदद करेंगे। नए हार्डवेयर सपोर्ट में इंटेल के ‘नोवा लेक’, ‘क्रेसेंट आइलैंड’ और एएमडी के नए ग्राफिक्स कार्ड की पूरी सपोर्ट शामिल है।

सुरक्षा और प्रदर्शन सुधारों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। वर्षों से छुपे हुए एक्स.५०९ सर्टिफिकेट कोड की सुरक्षा खामियों को ठीक किया गया है, साथ ही एएमडी जेन ३ प्रोसेसर में पाई गई कुछ तकनीकी समस्याओं का भी समाधान किया गया है। इसके अलावा, आर्मरी ड्राइवर में आसुस के नए उपकरणों के ड्राइवर सपोर्ट जोड़ा गया है, जो गेमिंग लैपटॉप उपयोगकर्ताओं के लिए लाभकारी होगा। लिनक्स ७.० के रिलीज के बाद अब ७.१ संस्करण के विकास की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

महामंत्री पौडेल: क्रियाशील सदस्यता खारिज नहीं होगी, बल्कि अपडेट की जाएगी

नेपाली कांग्रेस के महामंत्री प्रदीप पौडेल ने कहा है कि पार्टी क्रियाशील सदस्यता को खारिज नहीं करेगी बल्कि उसे अपडेट किया जाएगा। पौडेल ने बताया कि सदस्यता के अपडेट से पार्टी को गांव-गांव तक आगे बढ़ाने और जिम्मेदार बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने मंगलवार से सभी क्रियाशील सदस्यों से सदस्यता अद्यावधिक करने का आग्रह किया है। ३० चैत्र, काठमांडू।

महामंत्री पौडेल ने सोमवार को सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से सदस्यता अद्यावधिक को लेकर स्पष्टता दी। उन्होंने कहा, “कई लोगों ने मुझसे पूछा है कि क्या नेपाली कांग्रेस अब तक की क्रियाशील सदस्यता को खारिज करने जा रही है? इसलिए मैं यह स्पष्ट कर रहा हूँ कि हम क्रियाशील सदस्यता को खारिज नहीं करेंगे, बल्कि उसे अपडेट कर रहे हैं।”

पौडेल के अनुसार, अद्यावधिक क्रियाशील सदस्य कांग्रेस को गांव-गांव तक जोड़ेंगे और समर्पित सदस्यों की पुनः सक्रियता से पार्टी और भी जिम्मेदार और मजबूत बनेगी। उन्होंने आगे कहा, “पहले हुई गलतियों को सुधारने के लिए इस बार हम तकनीकी पक्ष पर विशेष ध्यान देते हुए क्रियाशील सदस्यता अद्यावधिक प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।”

महामंत्री पौडेल ने मंगलवार से कांग्रेस के सभी क्रियाशील सदस्यों से सदस्यता अद्यावधिक करने और शुभेच्छु तथा कांग्रेस में आस्था रखने वाले लोगों से क्रियाशील सदस्यता लेने का आग्रह किया है।

ठमेलमा नयाँवर्षमा सडक महोत्सव हुने    – Online Khabar

ठमेल में नए वर्ष के अवसर पर सड़क उत्सव आयोजित किया जाएगा

नेपाली नए वर्ष २०८३ के अवसर पर काठमांडू के ठमेल में ‘ठमेल सड़क उत्सव’ आयोजित करने की तैयारी चल रही है। ठमेल पर्यटन विकास परिषद ने त्रिदेवी मार्ग स्थित सड़क पर ३२ स्टॉल लगाकर खाना और वस्त्र प्रदर्शनी करने की योजना बनाई है। शाम ६:०० बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे और रात १२:३० बजे उत्सव समापन होगा, परिषद ने यह जानकारी दी है।

संघीय राजधानी काठमांडू के प्रमुख पर्यटक गंतव्य ठमेल में ‘ठमेल सड़क उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। परिषद के उपाध्यक्ष सहदेव धमल (विमल) ने नए वर्ष को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए यह उत्सव आयोजित करने की जानकारी दी है। “नए वर्ष की पूर्व संध्या पर ठमेल की सड़क पर विभिन्न स्टॉल लगाकर भोजन और वस्त्र प्रदर्शनी के साथ-साथ मौलिक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे,” उपाध्यक्ष धमल ने कहा।

उनके अनुसार त्रिदेवी मार्ग पर ३२ स्टॉल लगाकर खाने-पीने के वस्त्रों का प्रचार-प्रसार और बिक्री की जाएगी। साथ ही शाम ६:०० बजे से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर नए वर्ष का स्वागत किया जाएगा और रात १२:३० बजे महोत्सव का समापन किया जाएगा। नेपाल के प्रमुख पर्यटक क्षेत्र ठमेल में आने वाले विदेशी पर्यटकों में से ८० प्रतिशत इसका भ्रमण करते हैं। परिषद ने बताया कि इस महोत्सव में स्थानीय एवं विदेशी पर्यटकों की पर्याप्त भागीदारी रहने की संभावना है।

कुरिलो खेती के माध्यम से नारायणधाम आश्रम का आर्थिक प्रबंधन

भरतपुर महानगरपालिका–४ रामघाट स्थित नारायणधाम आश्रम ने १८ वर्षों के लिए वार्षिक रु ७२ हजार में जमीन किराए पर लेकर कुरिलो खेती कर रहा है। आश्रम के व्यवस्थापक तारानाथ पौडेल के अनुसार, कुरिलो खेती पूरी तरह जैविक तरीके से की जा रही है और यह आश्रम के संचालन में आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। पौडेल के अनुसार, कुरिलो का मुख्य मौसम चैत, वैशाख और जेठ महीने में होता है और इसके औषधीय गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

आश्रम के अंतर्गत संचालित पशु एवं कृषि फार्म के माध्यम से कुरिलो, आम्बा, भुइंकटहर सहित अन्य फसलों का पूर्ण रूप से जैविक उत्पादन किया जाता है। इनमें से लगभग १५ कट्ठा जमीन पर कुरिलो की खेती की जाती है। इस खेती से प्राप्त आय आश्रम के संचालन में आर्थिक सहयोग प्रदान करती है, पौडेल ने बताया। जैविक उत्पादन होने के कारण बाजार खोजने की आवश्यकता नहीं पड़ती और फार्म तथा आश्रम से ही सहज रूप से बिक्री होती है, उन्होंने आगे बताया।

कुरिलो एक औषधीय गुणयुक्त फसल है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। इसमें किसी प्रकार का रासायनिक उर्वरक या कीटनाशक का प्रयोग नहीं होता है और गाय के गोबर तथा गौमूत्र से तैयार की गई खाद का उपयोग किया जाता है। कुरिलो खेती में लगभग आठ लाख रुपए का निवेश किया गया है। उत्पादन से प्राप्त आय में से खर्च निकालकर आश्रम के संचालन में मदद मिल रही है, पौडेल ने जानकारी दी। मौसम के अनुसार कुरिलो का मूल्य प्रति किलो ५०० से १२०० रुपए तक होता है और प्रतिदिन लगभग २० किलो बिक्री होती है।

व्यवस्थापक पौडेल के अनुसार कुरिलो का मुख्य फसलकाल चैत, वैशाख और जेठ महीने हैं। यहां यह फसल पिछले चार वर्षों से निरंतर उगाई जा रही है और उचित देखभाल से यह १०–१२ वर्षों तक उत्पादन दे सकती है। जैविक खेती में रोग, कीट और खरपतवार की समस्या अधिक होती है, इसलिए समय-समय पर कृषि विकास कार्यालय चितवन के तकनीकी सहयोग से खेती को व्यवस्थित किया जाता है। कुरिलो की फसल लगाने के लगभग ६ माह बाद उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इसकी बीज बाजार में आसानी से उपलब्ध होती है और माघ, फागुन एवं चैत महीनों में इसकी रोपाई उपयुक्त मानी जाती है। वर्तमान में आश्रम में लगभग २० आश्रित एवं आगंतुकों के लिए नि:शुल्क भोजन का प्रबंध है। इसके साथ ही आश्रम में पालन किये जा रहे गाय जैविक खाद उत्पादन में सहायता कर रहे हैं।