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लेखक: space4knews

महासचिव पोखरेलः राजनीतिक दलों के बीच निरंतर संवाद अनिवार्य

नेकपा एमाले के महासचिव शंकर पोखरेल ने संसदीय प्रणाली में राजनीतिक दलों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि राज्य के तीनों अंगों के बीच उचित समन्वय की कमी है और युवाओं को सूचना प्रौद्योगिकी एवं शिक्षा में अधिक संभावनाएं देने के लिए सभी प्रयासरत हैं। मदन-आश्रित प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी में युवाओं को सही राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। ३ जेठ, काठमाडौं।

महासचिव पोखरेल ने ३३वें मदन-आश्रित दिवस के अवसर पर ‘जनता का बहुदलीय जनवाद (जबज) और युवा’ विषयक विचार गोष्ठी में कहा, “वर्तमान प्रणाली के राजनीतिक चरित्र के कारण दलों के बीच जन समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक संवाद संभव नहीं हो पाया है।” उन्होंने राज्य के तीन अंगों के बीच उचित समन्वय की कमी की ओर संकेत करते हुए बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी व शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को समायोजित करने हेतु सभी पक्ष प्रयासरत हैं।

उन्होंने जनता के बीच प्रतिस्पर्धा से श्रेष्ठता और शांति पूर्ण संघर्ष के माध्यम से परिवर्तन का अहसास देने पर बल दिया तथा पिछले चुनाव में मिली हार से सीख लेकर पुनः जनमुखी नीतियों के साथ जनता के समीप जाने की योजना का ब्यौरा दिया। प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रदीपकुमार ज्ञवाली, एमाले संसदीय दल के प्रमुख सचेतक ऐनबहादुर महर, राष्ट्रीय युवा संघ नेपाल के उपाध्यक्ष विनायक शाह, नेपाल ल क्याम्पस के स्ववियु सभापति समीर रिजाल, सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ रमेश पौडेल सहित अन्य ने युवाओं की भावनाओं को समझते हुए सरकार और राजनीतिक दलों द्वारा योजनाओं के निर्माण की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने मदनकुमार भंडारी द्वारा प्रतिपादित जबज के आधार पर युवाओं को सही राजनीतिक रुख में आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई। इसी कार्यक्रम में प्रतिष्ठान की वार्षिक मुखपत्र का भी विमोचन किया गया।

राजस्थानमाथि दिल्लीको जित – Online Khabar

दिल्ली की जीत ने राजस्थान पर कब्जा मजबूत किया – आईपीएल २०२६

दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल २०२६ में राजस्थान रॉयल्स को ५ विकेट से हराते हुए अपनी छठी जीत दर्ज की। दिल्ली ने १९४ रनों के लक्ष्य को ४ गेंदें शेष रहते ५ विकेट खोकर पूरा किया। दिल्ली ने १३ मैचों में १२ अंक जुटाए हैं और अब कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबला खेलना है। ३ जेठ, काठमाडौं।

आईपीएल २०२६ में दिल्ली कैपिटल्स की यह छठी जीत प्लेऑफ की संभावनाओं को मजबूत बनाती है। रविवार को हुए इस मुकाबले में दिल्ली ने राजस्थान रॉयल्स को ५ विकेट से पराजित किया। राजस्थान द्वारा दिया गया १९४ रनों का लक्ष्य दिल्ली ने ४ गेंद शेष रहते ५ विकेट खोकर हासिल किया। दिल्ली के लिए केएल राहुल ने सर्वाधिक ५६ रनों का योगदान दिया जबकि अभिषेक पोरेल ने ५१ रन जोड़े। कप्तान अक्षर पटेल ने ३४ और अभिषेक शर्मा १८ रन बनाकर नाबाद रहे।

राजस्थान की तरफ से जोफ्रा आर्चर और ब्रिजेश शर्मा ने समान रूप से २-२ विकेट लिए, जबकि दसुन शनका ने १ विकेट चटकाया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान ने २० ओवरों में ८ विकेट के नुकसान पर १९३ रन बनाए। एक समय १४ ओवरों में १६०-२ की स्थिति में राजस्थान की बल्लेबाजी कमजोर दिखी। ध्रुव जुरेल ने सर्वाधिक ५३ रन बनाए, कप्तान रियान पराग ने ५१ रन जोड़े और ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने भी ४६ रन का योगदान दिया।

दिल्ली की ओर से मिचेल स्टार्क ने ४ ओवर में ४० रन खर्च करते हुए ४ विकेट लिए, जिससे राजस्थान का मिडल ऑर्डर ध्वस्त हो गया। लुंगी एंगिडी और माधव तिवारी ने २-२ विकेट चटकाए। इस जीत के साथ दिल्ली ने १३ मैचों में १२ अंक हासिल कर लिए हैं। अब दिल्ली कोलकाता नाइट राइडर्स से मुकाबला करेगी। जबकि राजस्थान के भी १२ मैचों में १२ अंक हैं और उनका मुकाबला लखनऊ और मुंबई से बकाया है।

नीतिगत स्थायित्व की आवश्यकता – महालेखा परीक्षक का कार्यालय

महालेखा परीक्षक के कार्यालय ने नेपाल के कर प्रणाली में नीतिगत स्थायित्व की कमी को स्पष्ट रूप से उजागर किया है। इसने कर प्रणाली को पूर्वानुमानीय बनाने हेतु दीर्घकालीन कर नीति संरचना विकसित करने का सुझाव दिया है। कर प्रशासन को डिजिटल और तथ्यांक आधारित प्रणाली में रूपांतरित कर विवाद समाधान प्रक्रिया को तीव्र और निष्पक्ष बनाने का भी आग्रह किया गया है। ३ जेठ, काठमाडौं।

महालेखा परीक्षक ने अपनी ६३वीं वार्षिक रिपोर्ट में नेपालको कर प्रणाली में नीतिगत स्थायित्व की अनुपस्थिति पर प्रकाश डाला है। सरकार को लगभग एक दर्जन सुझाव देते हुए महालेखा ने आर्थिक नियमावली के माध्यम से कर दरों में बार-बार बदलाव करने की प्रथा समाप्त करने की बात कही है। कर प्रणाली को पूर्वानुमानीय और नीतिगत स्थिरता बनाए रखने के लिए दीर्घकालीन या मध्यमकालीन कर नीति संरचना विकसित करने की आवश्यकता बताई है।

महालेखा ने कर प्रणाली को निवेश के लिए अनुकूल बनाते हुए उद्यमशीलता और उत्पादन वृद्धि को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अनुसंधान, विकास एवं प्रौद्योगिकी में निवेश को प्रोत्साहित करने वाली कर नीतिगत संरचना विकसित करने का सुझाव दिया है। बहुस्तरीय और जटिल छूटयुक्त कर संरचना की समीक्षा कर सरल, व्यापक और अनुपातपरक कर प्रणाली स्थापित करने का भी परामर्श दिया है। मूल्यवर्धित कर प्रणाली को प्रभावी बनाने हेतु इलेक्ट्रॉनिक बिलिंग को प्रोत्साहित करने और कर रिफंड प्रणाली को स्वचालित एवं पारदर्शी बनाने का सुझाव महालेखा ने दिया है।

घरजग्गा क्षेत्र में ऋण में कमी, आयात क्षेत्र में कर्ज़ा वृद्धि उल्लेखनीय

समाचार सारांश: चालू आर्थिक वर्ष के ९ महीनों में बैंक एवं वित्तीय संस्थानों से कर्ज़ा मात्र ५.७ प्रतिशत बढ़ा है। ट्रस्ट रिसिप्ट कर्ज़ा ३२ फीसदी बढ़कर १ खरब ६५ अरब २४ करोड़ रुपए पहुंच गया है। घरजग्गा क्षेत्र में कर्ज़ा ३.५ प्रतिशत घटा है, लेकिन ३ करोड़ रुपए तक के आवासीय कर्ज़े में वृद्धि देखी गई है। ३ जेठ, काठमांडू।

चालू आर्थिक वर्ष के ९ महीनों में बैंक तथा वित्तीय संस्थानों द्वारा जारी कुल कर्ज़ा ५.७ प्रतिशत की मामूली वृद्धि दिखा रहा है। पिछले आर्थिक वर्ष के असार मसान्त तक की तुलना में चालू आर्थिक वर्ष के चैत मसान्त तक कुल ३ खरब ११ अरब ९५ करोड़ रुपए अतिरिक्त कर्ज़ा वितरित किया गया है। चैत मसान्त तक बैंक एवं वित्तीय संस्थानों से कुल कर्ज़ा राशि ५८ खरब ९ अरब ६६ करोड़ रुपए पहुंच चुकी है।

क्षेत्रीय दृष्टि से देखें तो ट्रस्ट रिसिप्ट अर्थात् आयात प्रकृति के क्षेत्र में कर्ज़े की वृद्धि दर सबसे अधिक रही है। आयात के लिए व्यापारी और आयातकों को बैंक एवं वित्तीय संस्थान तब तक अल्पकालीन कर्ज़ा (ट्रस्ट रिसिप्ट कर्ज़ा) देते हैं जब तक वे सामग्री बेच नहीं देते। असार मसान्त से चैत मसान्त तक यह कर्ज़ा ३२ प्रतिशत बढ़कर १ खरब ६५ अरब २४ करोड़ रुपए हो गया है।

गत असार मसान्त तक यह कर्ज़ा १ खरब २५ अरब १८ करोड़ रुपए था। कुल आयात में वृद्धि के बावजूद इस क्षेत्र में कर्ज़ा में बढ़ोतरी हुई है। वहीं घरजग्गा क्षेत्र में कर्ज़ा प्रवाह घटा है। नेपाल राष्ट्र बैंक के आंकड़ों के अनुसार, गत आर्थिक वर्ष के असार मसान्त तक की तुलना में चैत मसान्त तक घरजग्गा (रियल एस्टेट) कर्ज़ा ३.५ प्रतिशत घट गया है। चैत मसान्त तक इस क्षेत्र में कुल कर्ज़ा २ खरब ६६ अरब ३७ करोड़ रुपए रहा, जबकि असार मसान्त तक यह २ खरब ७५ अरब ९५ करोड़ रुपए था। हालांकि, ३ करोड़ रुपए तक के आवासीय कर्ज़े में वृद्धि हुई है। चैत मसान्त तक इसका प्रवाह ४ खरब ५८ अरब ७५ करोड़ रुपए तक पहुंचा, जो असार मसान्त तक ४ खरब १७ अरब ५६ करोड़ रुपए था।

हाल के समय में घरजग्गा कारोबार और कीमतों के असर से इस क्षेत्र में कर्ज़ा कम हुआ है, लेकिन आवासीय कर्ज़े की सीमा बार-बार बढ़ाए जाने के कारण कर्ज़ा प्रवाह बढ़ा है। चालू आर्थिक वर्ष की मौद्रिक नीति के तहत यह सीमा २ करोड़ रुपए से बढ़ाकर ३ करोड़ रुपए कर दी गई है।

अदालतको आदेशपछि पनि रोकिएन डोजर – Online Khabar

अदालत के आदेश के बावजूद डोजर जारी रहा

३ जेठ, काठमाडौँ। बाँके के कोहलपुर नगरपालिका ने वार्ड नंबर ११ के आसपास क्रिकेट मैदान की जमीन खाली करने के लिए वैशाख १६ को १० दिन का नोटिस जारी किया था।

उस समय सीमा के खत्म होने से एक दिन पहले ही सर्वोच्च न्यायालय ने चरणबद्ध प्रक्रिया और उचित प्रबंधन के बिना सुकुमवासी और असंगठित निवासियों को जबरन विस्थापित न करने का आदेश दिया था।

वैशाख के दूसरे सप्ताह में काठमांडू की नदी किनारे की बस्तियों को धमाकेधमी हटाने के बाद दायर रिट में सुनवाई करते हुए न्यायाधीश कुमार रेग्मी और नित्यानंद पांडेय की पीठ ने २५ वैशाख को यह आदेश जारी किया था। इसके अगले दिन कोहलपुर नगरपालिका ने एक और नोटिस जारी किया।

प्रमुख प्रशासकीय अधिकारी मानबहादुर गिरी द्वारा हस्ताक्षरित नोटिस में कहा गया कि ‘वैशाख २५ को सर्वोच्च अदालत द्वारा जारी सुकुमवासी बस्तियों से संबंधित अंतरिम आदेश नगर विकास समिति की अतिक्रमित जमीन पर लागू नहीं होगा।’

अपनी पूर्व सूचना के अनुसार, नगरपालिका ने वहाँ से ३७० परिवारों को हटाया। इनमें से ११० परिवारों को होल्डिंग सेंटर में रखा गया, जैसा कि कोहलपुर नगरपालिका की उपमेयर संगिता सुवेदी ने बताया।

नगर विकास की जमीन पर बसे इलाकों को हटाने में सर्वोच्च अदालत का आदेश बाधा नहीं है, सुवेदी ने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया, ‘‘अदालत ने ऐलानी जमीन की बस्तियों को हटाने से मना किया है, नगर विकास की जमीन पर मौजूद बस्तियों को हटाने का मतलब नहीं।’’

बाँके के साथ जुड़े बर्दिया जिले के विभिन्न पालिकाओं में भी बस्ती हटाने का सिलसिला जारी है, सरोकार रखने वाले बताते हैं। बर्दिया के मधुवन नगरपालिका के मेयर तेजबहादुर भाट ने कहा कि अदालत के आदेश के बावजूद डिविजन वन कार्यालय बस्तियाँ हटाने के लिए डोजर चला रहा है।

लुम्बिनी प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधीन सड़क डिविजन कार्यालय ने वैशाख १४ को ‘अतिक्रमित वन क्षेत्र खाली करने’ का नोटिस जारी किया था। उसके बाद जिले के सभी नगरपालिका एवं ग्रामपालिकाओं ने एकजुट होकर इसका विरोध किया। साथ ही सेना और पुलिस द्वारा लगत (मुआवजा) वसूली पर भी विरोध जताया।

इसी बीच सर्वोच्च अदालत का आदेश आया, पर डोजर लेकर बस्तियाँ हटाने का काम नहीं रुका। मधुवन के मेयर भाट ने बताया, ‘‘सेना द्वारा लगत वसूलने से हम पहले ही विरोध कर रहे थे। हम कहते हैं कि सर्वोच्च अदालत का आदेश लागू होना चाहिए, मगर आदेश के विपरीत ध्वस्त करने का कार्य जारी है।’’

लुम्बिनी प्रदेश के पूर्वी रुकुम जिले में भी बस्ती हटाने का अभियान जारी है। सिस्ने गाउँपालिका ने मध्यपहाड़ी (पुष्पलाल) लोकमार्ग के आसपास की संरचनाओं को हटाया। गाउँपालिका अध्यक्ष कृष्ण रेग्मी ने बताया कि सड़क के किनारे बनाए गए ढल, गेराज, होटल जैसी संरचनाओं के निर्माताओं को विकल्प देकर हटाया गया है।

अध्यक्ष रेग्मी ने कहा, ‘‘सड़क के १७ मीटर के भीतर कोई भी संरचना बनाने की अनुमति कानूनन नहीं है। इसलिए वहां की संरचनाएं हटाई गईं। हमने विकल्प दी, जिससे उन्हें खाली करने का मौका मिला। सरकार को अभिभावक की भूमिका निभानी चाहिए और जरूरत पड़ने पर दंडात्मक कार्रवाई भी करनी चाहिए।’’

पश्चिमी पहाड़ों में ही नहीं, मधेश प्रदेश में भी सड़क के किनारे की संरचनाओं को हटाने का क्रम नहीं रुका है। पथलैया-ढल्केबर सड़कखंड के बारा के 3 नंबर पुल के पास गत शुक्रवार को डोजर चलाया गया था।

सड़क के पास रहने वाले ३५ परिवारों के लगभग ७० मकान-टहरा डिविजन वन कार्यालय बार ने हटाए हैं। वन कार्यालय, बारा, पर्सा राष्ट्रीय निकुञ्ज और स्थानीय सरकार ने संयुक्त रूप से यह बस्ती खाली कराई।

बार के डिविजन वन कार्यालय प्रमुख सुजितकुमार झा ने बताया कि वन एवं निकुञ्ज क्षेत्रों में हुए अतिक्रमण हटाने के लिए अदालत ने रोक नहीं लगाई है। वन अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई हुई है।

झा के अनुसार, बार में लगभग १७ हजार घर परिवार अतिक्रमित क्षेत्र में रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कानून के अनुसार काम कर रहे हैं, अदालत ने रोक नहीं लगाई है। बाकी अतिक्रमित बस्तियाँ भी खाली की जाएंगी।’’

3 नंबर पुल क्षेत्र से विस्थापित व्यापारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि अदालत के आदेशों के विपरीत उन्हें जबरन उठा-बसा कर दुविधाग्रस्त स्थिति में रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार न्यायालय और मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही है।

उद्योग वाणिज्य संघ, जितपुरसिमरा की अध्यक्ष मोहन शर्मा ने बताया कि सरकार ने व्यापारियों को सामान हटाने के लिए न्यूनतम समय भी नहीं दिया। वे खुद डोजर चलाए गए क्षेत्र में गए थे, और व्यापारियों को सामान निकालने के लिए आधे घंटे से भी कम वक्त मिला। उन्होंने कहा, ‘‘अधिकारिक जमीन के बदले मुआवजा मिलना चाहिए। धमाधम बस्ती खाली करने के दौरान भी जनता के पक्ष में कोई आवाज नहीं उठी।’’

अदालत ने जनता के पक्ष में आदेश दिए, लेकिन उनका पालन नहीं हो पा रहा है, सरोकार रखने वाले बताते हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी, गोपाल रन पहेली, माजिद अन्सारी आदि ने गैरकानूनी तरीके से बस्ती हटाने के खिलाफ सर्वोच्च अदालत में अलग-अलग रिट दायर की थीं।

वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी

रिट की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा, ‘‘सुकुमवासी और असंगठित बसोवासियों को उनके निवास स्थान से विस्थापित कर अन्यत्र प्रबंध करने के संबंध में कानून और उचित प्रक्रिया अपनाए बिना, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास जैसे मूलभूत अधिकारों को होने वाली अपूरणीय क्षति और मानवीय संकट को ध्यान में रखते हुए, नेपाल सरकार को निर्देश दिया है कि वह शासकीय सुधार कार्यसूची के बिंदु ९१ के अनुसार चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाए तथा जबरन बस्ती हटाने या विस्थापनकर्ताओं को उनके स्थान से हटाने से रोके।’’

शासकीय सुधार कार्यसूची के बिंदु ९१ के तहत ६० दिनों के भीतर लगत संकलन एवं प्रमाणीकरण और १००० दिनों के भीतर वास्तविक भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय ने वैशाख १७ को सभी पालिकाओं को पत्र जारी कर सुकुमवासी की पहचान करने, प्रबंधन करने, अतिक्रमण हटाने के लिए शिक्षण संस्थानों के प्रशासन से सहयोग मांगने का आदेश भी दिया।

उसी दिन गृह मंत्रालय ने भी वैशाख १६ को जिला प्रशासन कार्यालयों को पत्र जारी कर अतिक्रमित संरचनाएं हटाने की योजना बनाने और मंत्रालय की अनुमति मिलने के बाद उचित सुरक्षा इंतजाम के साथ ऐसी संरचनाएं हटाने के निर्देश दिए थे।

रिट के आवेदक वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी कहते हैं कि अदालत ने वैकल्पिक पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना किसी भी संरचना को न तोड़ने का निर्देश दिया था।

सिर्फ अदालत ही नहीं, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी की सचिवालय बैठक ने भी थापाथली, मनोहरा, बालाजु, स्वयम्भु जैसे सुकुमवासी बस्तियों को हटाने के बाद अन्य भूमिहीन सुकुमवासियों का असुरक्षित होने का हवाला देते हुए सरकार को डोजर नहीं चलाने का सुझाव दिया था, जब तक प्राधिकरण का गठन होकर रिपोर्ट न आ जाए।

शहरी विकास मंत्री सुनील लम्साल ने भी कहा था कि सुकुमवासियों की पहचान और उचित प्रबंधन योजना बनने तक बस्ती खाली करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

सरकार की प्रतिबद्धता न के बराबर है और साथ ही अदालत के आदेशों का भी उल्लंघन हो रहा है, सरोकार रखने वाले बताते हैं।

आर्थिक रूपांतरण के लिए बजट प्रस्तुत करने को अर्थमंत्री को संघ का सुझाव

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट को आर्थिक रूपांतरण के उद्देश्य से प्रस्तुत करने का सुझाव दिया है। महासंघ ने कर नीति को स्थिर बनाने और अधिकार सम्पन्न राजस्व बोर्ड के गठन की आवश्यकता बताई है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने रूपांतरणशील बजट लाने और निजी क्षेत्र को मुख्य साझेदार मानते हुए आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता जताई है। ३ जेठ, काठमांडू।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट को आर्थिक रूपांतरणकारी बनाकर प्रस्तुत करने हेतु अर्थमंत्री को सुझाव दिया है। रविवार को अर्थ मंत्रालय में अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले को बजट संबंधी सुझाव देते हुए महासंघ ने इस बजट को सिर्फ एक सामान्य वार्षिक दस्तावेज न मानते हुए नेपाल के आर्थिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में आगे बढ़ाने का आग्रह किया। महासंघ ने कहा कि इस बजट के तहत अर्थव्यवस्था के वर्तमान मॉडल में व्यापक बदलाव लाना आवश्यक है।

महासंघ ने घटते व्यावसायिक मनोबल को सुधारने, बाजार में मांग सृजन करने, रुकी हुई निवेश को पुनः आकर्षित करने और रोजगार सृजन के लिए बजट में नीतिगत सुधारों की जरूरत बताई है। महासंघ के अध्यक्ष अंजन श्रेष्ठ ने हाल ही में जारी ‘६ स्तंभ, ६० पहल’ वाली साझा राष्ट्रीय रूपरेखा की सरकार के नीति तथा कार्यक्रम को मजबूत समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रवास और आयात पर आधारित अर्थव्यवस्था दीर्घकालिक समृद्धि प्रदान करने में सक्षम नहीं है, इसलिए रूपांतरणकारी बजट के आने पर निजी क्षेत्र आशावादी है।

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक सुधार के लिए रूपांतरणकारी बजट लाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने सरकार की निजी क्षेत्र को मुख्य साझेदार मानते हुए तेजी से कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता को प्रकट करते हुए महासंघ के प्रतिनिधिमंडल से आशावादी बने रहने का आग्रह किया। महासंघ ने बताया कि देश की औद्योगिक उत्पादन क्षमता वर्तमान में ४० प्रतिशत तक सीमित है, निर्माण क्षेत्र अब तक के सबसे कठिन दौर में है, और कुल घरेलू पूंजी निर्माण में निजी क्षेत्र का योगदान पिछले चार वर्षों में २८ प्रतिशत से घटकर १६ प्रतिशत हो गया है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए बजट को रूपांतरणकारी बनाना अति आवश्यक है।

कांग्रेस की व्यापक एकता के लिए १० सूत्रों का प्रकाशन

३ जेठ, काठमाडौं । नेपाली कांग्रेस के संस्थापनात्मक समूह ने सुर्खेत के वीरेन्द्रनगर में आयोजित दो प्रदेश स्तरीय बैठक रविवार को संपन्न की। निवर्तमान कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड़्का की उपस्थिति में ‘‘नेपाली कांग्रेस की व्यापक एकता और भावी कार्यदिशा’’ शीर्षक से आयोजित इस बैठक ने १० बिंदु की धारणा सार्वजनिक कर कार्यक्रम समाप्त किया। सार्वजनिक किए गए १० बिंदुओं को ‘वृहत्तर एकता और भावी कार्यदिशा के लिए १० सूत्र’ नाम दिया गया है।

पहले बिंदु में १५वें महाधिवेशन को एकता का महाधिवेशन बनाने, सभापति गगन थापालाई तत्काल पार्टी के शीर्ष नेता और पूर्व पदाधिकारियों के साथ सघन संवाद करने, तथा पूर्व में नवीनीकृत क्रियाशील सदस्यता धारकों को महाधिवेशन में भागीदारी सुनिश्चित करने का उल्लेख है।

दूसरे बिंदु में केंद्रीय अनुशासन समिति द्वारा की गई कार्रवाईयों और पूछे गए स्पष्टीकरणों को वापस लेने का आग्रह किया गया है। तीसरे बिंदु में ‘कदमजम’ को पूर्ण रूप से लागू करते हुए पार्टी के सभी स्तरों पर कम से कम २५ प्रतिशत युवाओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

अन्य बिंदुओं में राष्ट्रीय राजनीति की घटनाओं और जनजीवन आंदोलन से संबंधित विषयों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। १० सूत्रों का पूर्ण पाठ इस प्रकार है :

उच्च अदालतको आदेशले रवि लामिछानेको मुद्दामा के असर पर्छ ?

उच्च न्यायालय के आदेश से रवि लामिछाने के मामले पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

पोखरा उच्च न्यायालय ने जिला अदालत कास्की के आदेश को उलटते हुए रवि लामिछाने के खिलाफ मामले में संशोधन की अर्जी पर सुनवाई रोकने से मना कर दिया है। महा न्यायाधिवक्ता सविता भण्डारी ने सरकारी वकीलों को रवि लामिछाने के खिलाफ संपत्ति शुद्धिकरण और संगठित अपराध के आरोप वापिस लेने की अनुमति दी थी। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जिला अदालत कास्की मामले में संशोधन अर्जी पर सुनवाई कर फैसला करेगी, जिससे लामिछाने के सांसद पद निलंबन की बाध्यता खत्म हो सकती है।

३ जेष्ठ, काठमांडू। पोखरा उच्च न्यायालय की पीठ ने गुरुवार को रवि लामिछाने के खिलाफ मामला संशोधन की अर्जी पर सुनवाई रोकने से इनकार करते हुए आदेश जारी किया है। न्यायाधीश डॉ. रत्नबहादुर बागचन्द और मेरिना श्रेष्ठ की पीठ ने जिला अदालत कास्की के फैसले को पलट दिया है। उच्च न्यायालय के आदेश के साथ ही जिला सरकारी वकील कार्यालय द्वारा मामले में संशोधन के लिए प्रस्तुत अर्जी पर सुनवाई का मार्ग खुल गया है। यदि अर्जी स्वीकार हुई तो लामिछाने के खिलाफ संगठित अपराध और संपत्ति शुद्धिकरण के आरोप वापस लिए जाएंगे।

महा न्यायाधिवक्ता के निर्देशानुसार सरकारी वकीलों को रवि लामिछाने के खिलाफ संपत्ति शुद्धिकरण और संगठित अपराध के आरोप संशोधित करने की अनुमति मिली थी। इस क्रम में सर्वोच्च न्यायालय में तीन रिट याचिकाएं दायर की गई हैं। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि जिला अदालत कास्की से प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद बाकी कार्य किए जाएंगे।

अगली सुनवाई में सरकारी वकील संपत्ति शुद्धिकरण और संगठित अपराध के आरोप वापस लेने के विषय पर बहस करेंगे। यदि जिला अदालत कास्की इसे मंजूर करती है तो रवि लामिछाने पर केवल सहकारी ठगी का मामला शेष रहेगा।

सुनसरी-मोरङ सिंचाई परियोजना की 111 बीघा भूमि पर अतिक्रमण, 2733 संरचनाएँ बनीं

सुनसरी–मोरङ सिंचाई परियोजना की 111 बीघा 5 कट्ठा 3 धुर भूमि अतिक्रमण में आकर 2,733 घर, भवन, मंदिर और आश्रम बनाए गए हैं। परियोजना प्रशासन को पत्राचार कर अतिक्रमित भूमि और संरचनाओं को हटाने तथा कानून के अनुसार कार्रवाई और संरक्षण के लिए सहयोग मांगा है। वर्ष 2072 में कुछ भूमि खाली कराई गई थी, लेकिन पूरी तरह से खाली न होने के कारण लगभग 20 दिन पहले पुनः जिला प्रशासन को पत्र लिखकर अतिक्रमित भूमि खाली करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

सुनसरी के उत्तरी क्षेत्र में स्थित बराहक्षेत्र नगरपालिका (कोशी का नया पुल) से लेकर दक्षिण चतरा इंटेक तक और मोरङ के बुधनगर तक 53 किलोमीटर लंबे मुख्य नहर, 203 किलोमीटर लंबी 19 शाखा और उपशाखा नहरें तथा 234 किलोमीटर लंबी छोटी शाखा नहरों के डिल और आसपास की भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर भौतिक संरचनाएँ निर्मित की गई हैं, परियोजना ने यह जानकारी दी है। परियोजना के वरिष्ठ डिविजनल इंजीनियर तेज रिजाल द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि भूमि अतिक्रमण से सिंचाई सुविधाओं को नुकसान होगा, अतः अतिक्रम करने वालों के खिलाफ प्रचलित कानून के तहत कार्रवाई की जाए और कॉलोनी, चतरा मूल नहर तथा शाखा-प्रशाखा नहर प्रणालियों के संरक्षण के लिए सहायता करें।

परियोजना ने विशेष रूप से सिंचाई प्रणाली की प्रभावशीलता बनाए रखने और सरकारी संपत्ति के संरक्षण के लिए सुनसरी और मोरङ जिलों के प्रशासनिक कार्यालयों से आवश्यक पहल और सहजीकरण की अपेक्षा जताई है, ऐसा परियोजना के निपटान निदेशक मनोहरकुमार साह ने बताया। उक्त पत्र जलस्रोत तथा सिंचाई विभाग, जावलाखेल को भी प्रस्तुत किया गया है।

कान्स फिल्म फेस्टिवल में भाग लेने कार्यवाहक मेयर डंगोल फ्रांस रवाना

३ जेठ, काठमाडौं। कान्स फिल्म फेस्टिवल में भाग लेने के लिए काठमाडौं महानगरपालिकाकी कार्यवाहक प्रमुख सुनिता डंगोल फ्रांस के लिए रवाना हो गई हैं। कान्स के मेयर डेविड लिसनार्ड के निमंत्रण पर डंगोल फ्रांस जा रही हैं, यह जानकारी काठमाडौं महानगरपालिकाबाट प्राप्त हुई है। वे फेस्टिवल के विभिन्न सत्रों एवं आयोजनों में भाग लेंगी और ८ मई को स्वदेश लौटेंगी। कान्स और काठमाडौं दोनों यूनेस्को के ‘‘क्रिएटिव सिटी’’ फिल्म विधा के सदस्य नगर हैं।

संयुक्त राष्ट्र की शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने विक्रम संवत २०८० कार्तिक १४ गते काठमाडौं को फिल्म सिटी नेटवर्क का सदस्य चुना था। कान्स फेस्टिवल क्रिएटिव सिटीज को एक साथ लाने का अवसर प्रदान करता है। फेस्टिवल में ‘‘आन-एयर’’ शीर्षक के तहत संचालित ऑडियो-विडियो सामग्री आधारित कंटेंट के बारे में जानकारी हासिल करना आसान होगा, यह उल्लेख कान्स के मेयर द्वारा डंगोल को भेजे गए निमंत्रण पत्र में किया गया है। यात्रा के दौरान डंगोल कान्स के मेयर लिसनार्ड और फेस्टिवल निर्देशक से मुलाकात करने वाली हैं। इस वर्ष के कान्स फिल्म फेस्टिवल में नेपाल से अविनाशविक्रम शाह की फिल्म ‘इलिफेंट इन द फग’ प्रदर्शित की जाएगी। क्रिएटिव वर्ल्ड सिटी नेटवर्क में सौ से अधिक देशों के चार सौ से ज्यादा शहर शामिल हैं।

नेपाल सुपर लिग के चौथे सीजन की घोषणा, खेल नई मोडालिटी में होगी

नेपाल सुपर लिग के चौथे सीजन की शुरुआत आगामी भदौ २० गते से होम एंड अवे फॉर्मेट में डबल राउंड रॉबिन प्रणाली के तहत होगी, यह आयोजनकर्ताओं द्वारा घोषित किया गया है। एनएसएल में टीमों की संख्या १० से बढ़ाकर १२ करने की योजना है और आयोजक क्लबों के साथ ५०-५० प्रतिशत राजस्व साझा करने का मॉडल अपनाने को तैयार हैं। शिक्षा तथा खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल ने कहा कि एनएसएल नेपाली फुटबॉल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में मदद करेगा, जबकि एन्फा अध्यक्ष ने इस सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं प्रदान की हैं।

महत्वाकांक्षी उद्देश्यों के साथ नेपाल की एकमात्र फ्रेंचाइज़ फुटबॉल लीग नेपाल सुपर लिग (एनएसएल) के चौथे सीजन की घोषणा की गई है। आयोजनकर्ता नेपाल स्पोर्ट्स एंड इवेंट मैनेजमेंट (एनएसईएम) ने रविवार को काठमांडू में पत्रकार वार्ता के दौरान एनएसएल के आगामी भदौ २० गते (सितंबर ५) से शुरू होने की घोषणा की। होम और अवे फॉर्मेट में आयोजित होने वाले लीग के अन्य विवरण आगामी दिनों में साझा किये जाएंगे, इसके बारे में एनएसएल के निदेशक श्रेयांश कार्की ने बताया।

रविवार के पत्रकार सम्मेलन में आयोजकों ने मुख्य रूप से तीन बातें घोषित कीं: एनएसएल की तिथि, डबल राउंड रॉबिन प्रणाली में मैच खेलना और टीमों की संख्या बढ़ाना। हालांकि चार से पांच महीने तक संचालित होने वाले इस लीग से संबंधित कई अन्य विषयों पर अभी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। एनएसएल के चार महीने तक चलने के बाद शहीद स्मारक ए डिवीजन लीग का समय निर्धारण तथा ग्रामीण इलाकों के गोल्ड कप प्रतियोगिताओं के कार्यक्रम का प्रबंधन कैसे होगा, इसके बारे में कोई जानकारी प्रदान नहीं की गई है।

एनएसएल के चौथे सीजन में आयोजकों ने क्लबों के साथ राजस्व मॉडल को साझा करने का निर्णय लिया है, जिसमें आयोजक और क्लब दोनों को ५०-५० प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। इस कार्यक्रम में शिक्षा तथा खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल के साथ राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के सदस्य सचिव राम चरित्र मेहता भी उपस्थित थे। मंत्री के सलाहकार सिद्धि व्यंजन्कर भी वहां मौजूद थे।

प्रथम छायाँनाथ अल्ट्रा रेसको उपाधि धीरबहादुर र सुनमायालाई

प्रथम छायाँनाथ अल्ट्रा दौड़ में धीरबहादुर और सुनमाया विजयी

प्रथम छायाँनाथ अल्ट्रा दौड़ में पुरुष वर्ग में धीरबहादुर बुढा और महिला वर्ग में सुनमाया बुढा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में ५८ धावक शामिल थे, जिनमें से २३ अंतरराष्ट्रीय मानकों के खिलाड़ी थे। विभिन्न वर्गों के धावकों की भागीदारी के साथ यह प्रतियोगिता मुगुम कार्मारोङ गाउँपालिका द्वारा आयोजित की गई थी। गाउँपालिका के अध्यक्ष छिरिङ क्याप्ने लामाले बताया कि छायाँनाथ क्षेत्र को धार्मिक तथा साहसिक खेल पर्यटन के अंतरराष्ट्रीय गंतव्य के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से यह प्रतियोगिता आयोजित की गई।

प्रतियोगिता ३ जेठ को काठमांडू के किम्री से सुबह ६:४० बजे शुरू हुई। ३३ किलोमीटर की दूरी की दौड़ में १२ महिलाएं और ४६ पुरुष, कुल ५८ धावकों ने भाग लिया। धीरबहादुर बुढा ने तीन घंटे ५७ मिनट २५ सेकेंड में निर्धारित दूरी पूरी कर पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर दलबहादुर कंवर और तीसरे स्थान पर चंद्रबहादुर रावत रहे। महिलाओं में सुनमाया बुढा ने पाँच घंटे २५ मिनट ५० सेकेंड में दौड़ पूरी कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले २३ अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के खिलाड़ियों की उपस्थिति ने अवसर को और अधिक रोमांचक बना दिया। आयोजकों के अनुसार, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रसिद्ध धावक भी इस प्रतियोगिता में शामिल हुए थे। मुख्य अल्ट्रा दौड़ के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर पाँच किलोमीटर की दूरी की ‘फन रन’ भी आयोजित की गई। विजेताओं को नकद पुरस्कार, पदक और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

कांग्रेस केन्द्रीय लेखा समिति में तीन नए सदस्य मनोनीत

नेपाली कांग्रेस ने केन्द्रीय लेखा समिति के सदस्य के रूप में दिलिप ढुंगाना, रमेश नेपाल और पदम भट्टराई को मनोनीत किया है। पार्टी के सभापति गगनकुमार थापाले विधान २०१७ की धारा ३८ की उपधारा (१) के तहत तीन विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति की जानकारी दी है।

कांग्रेस ने भरतकुमार शाह के संयोजन में केन्द्रीय लेखा समिति का गठन किया है। मनोनीत सदस्य दिलिप ढुंगाना (धनुषा), रमेश नेपाल (भक्तपुर) और पदम भट्टराई (गुल्मी) हैं। पार्टी के कार्यवाहक महासचिव कृष्णप्रसाद दुलाल ने इस संबंध में जानकारी प्रदान की है।

राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेलसँग पूर्णबहादुर खड्काको असन्तुष्टि: २४ भदौयता देशको दुर्गतिमा उहाँको भूमिकाबारे स्पष्ट भन्न सक्दिनँ

३ जेठ, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेसका निवर्तमान कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्काले राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेलप्रति आफ्नो असन्तुष्टि प्रकट गरेका छन्। आइतबार सुर्खेतमा आयोजित ‘नेपाली कांग्रेसको वृहत्तर एकता र भावी कार्यदिशा’ विषयक कार्यक्रममा वक्तव्य दिनुभएको खड्काले राष्ट्रपतिको भूमिकाप्रति असन्तुष्टि प्रकट गरे। उनले २०७९ सालको निर्वाचनपछिको गठबन्धन विघटन र तत्कालीन प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’सँग लामो समयसम्म संवाद गरेर राष्ट्रपति पौडेलको नियुक्तिमा महत्वपूर्ण भूमिका खेलेको स्मरण गरे।

‘राष्ट्रपति निर्वाचनअगावै १० दिन वार्ता गरिसकेपछि प्रचण्डजीले अन्ततः मान्यता दिनुभयो,’ उनले भन्नुभयो, ‘तर अर्को दिन केही पक्षले अप्ठेरो पार्ने वा अप्ठेरो मान्ने संकेत देखाए। धेरै प्रश्नहरू आए, ती सबैको जिम्मा मैले लिएँ।’ तर राष्ट्रपति पद ग्रहण गरेपछि पौडेलको भूमिकाले राष्ट्रिय राजनीतिमा जटिलता निम्त्याएको उनि व्यङ्ग्य गर्दै उल्लेख गरे। ‘राष्ट्रपति भएपछि, भदौ २४ गते यता देशको दुर्गतिमा उहाँले के-के भूमिका निर्वाह गर्नुभयो भन्ने म अहिले खुलस्त रूपमा भन्न सक्दिनँ। त्यस विषयमा मसँग प्रमाणहरू पनि छन्,’ खड्काले बताए। साथै, उनले राष्ट्रपति पौडेलका कारण गठबन्धन संस्कृतिमा पनि प्रभाव परेको बताए। ‘यी सबै कारणले गठबन्धन भत्किएको हो,’ उनले जोड दिए।

नेपाली महिला क्रिकेट टोलीको एसियन गेम्स छनोट र प्रिमियर कपका लागि बिदाइ समारोह

नेपाल क्रिकेट संघले एसियन गेम्स छनोट तथा एसीसी प्रिमियर कप खेल्न मलेसिया प्रस्थान गर्न लागेको नेपाली महिला क्रिकेट टोलीलाई मंगलबार बिदाइ गर्ने घोषणा गरेको छ। एसियन गेम्स छनोट मे २३ देखि ३१ सम्म र प्रिमियर कप जुन १ देखि १३ सम्म मलेसियामा आयोजना हुनेछ। क्यानका उपाध्यक्ष रोशन सिंहले भने, ‘क्यानले यति ठूलो लगानी गरेपछि अब नतिजा देखाउने पालो हो,’ भनी टोलीभित्र एकता आवश्यक रहेको बताउनुभयो। ३ जेठ, काठमाडौं।

मलेसियामा हुन गइरहेका एसियन गेम्स छनोट र एसीसी प्रिमियर कपका लागि नेपाली महिला क्रिकेट टोलीको बिदाइ गरिएको छ। नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान)ले आइतबार दुई प्रतियोगितामा भाग लिन जाने टोलीलाई बिदाइ गरेको हो। उक्त टोली प्रतियोगिता खेल्न मंगलबार मलेसिया प्रस्थान गर्नेछ। एसियन गेम्स छनोट मे २३ देखि ३१ सम्म मलेसियामा हुनेछ भने प्रिमियर कप जुन १ देखि १३ सम्म आयोजना गरिनेछ।

क्रिकेट म्यानेजर विनोद दासका अनुसार, नेपालले तयारीका लागि मे २० र २२ मा मलेसियाको टोलीसँग दुई मैत्रीपूर्ण खेल खेल्ने तालिका बनाएको छ। बिदाइ कार्यक्रममा कप्तान इन्दु बर्माले टोली राम्रो तयारीमा रहेको र उत्कृष्ट परिणामसहित फर्कने विश्वास व्यक्त गरिन्। मुख्य प्रशिक्षक हर्षल पाठकले पनि राम्रो नतिजा आउनेमा भरोसा व्यक्त गर्नुभयो।

खेलाडीहरूलाई बिदाइ गर्दै क्यानका उपाध्यक्ष रोशन सिंहले अब नतिजा देखाउने समय आएको बताउनुभयो। ‘क्यानले यति ठूलो लगानी गरेपछि अब नतिजा देखाउने पालो हो,’ उहाँले भन्नुभयो, ‘टोलीमा एकता नभए राम्रो नतिजा आउँदैन।’

नेपाली टोली: इन्दु बर्मा (कप्तान), पूजा महतो (उपकप्तान), रुबी पोद्धार, कविता जोशी, सिता राना मगर, अनु कठायत, सोनी पाख्रिन, सिमाना केसी, बिन्दु रावल, सम्झना खड्का, कविता कुँवर, रिया शर्मा, मनीषा उपाध्याय र रुबिना क्षेत्री। वैकल्पिक खेलाडीहरू: सावित्री धामी, सोमु बिष्ट, सना प्रवीण र लक्ष्मी साउद।