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लेखक: space4knews

ट्रेड यूनियन खारिज न करने की चेतावनी, युनियनों से परामर्श जारी

बालेन्द्र शाह नेतृत्वको मन्त्रिपरिषद्‌को दोस्रो बैठक

तस्बिर स्रोत, PM Secretariat/RSS

सार्वजनिक प्रशासन में राजनीतिक ट्रेड यूनियनों को खारिज करने के नए सरकार के फैसले को यूनियन के प्रतिनिधियों ने स्वीकार्य नहीं बताया है।

बीबीसी से वार्ता में उन्होंने कहा कि वे यह परामर्श कर रहे हैं कि यदि सरकार ट्रेड यूनियन को खारिज करती है तो किन कदमों का उठाया जाएगा।

सरकार द्वारा ट्रेड यूनियन खारिज करने की घोषणा के बाद इसके लिए उठाए जाने वाले कदमों तथा युनियनों की संभावित प्रतिक्रिया को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।

एक संविधानविद् ने कहा है कि सरकार का कदम सकारात्मक है, फिर भी इस निर्णय को लागू करना आसान नहीं होगा।

राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन नेटवर्क में नेपाल निजामती कर्मचारी यूनियन, नेपाल निजामती कर्मचारी संगठन, नेपाल राष्ट्रीय निजामती कर्मचारी संगठन, एकीकृत सरकारी कर्मचारी संगठन, स्वतंत्र राष्ट्रसेवक कर्मचारी संगठन और मधेसी निजामती कर्मचारी मंच राजनीतिक दलों से जुड़े हुए हैं।

अमेरिकी डलरको भाउ बढ्यो, युरो, पाउण्ड, स्वीस फ्रयांक र अष्ट्रेलियन डलरको मूल्य घट्यो

अमेरिकी डालर के मूल्य में वृद्धि, यूरो, पाउंड, स्विस फ्रैंक्स और ऑस्ट्रेलियाई डालर के मूल्य में गिरावट

नेपाल राष्ट्र बैंक ने आज अमेरिकी डालर के मूल्य में वृद्धि की सूचना दी है, जबकि यूरो, ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग, स्विस फ्रैंक्स और ऑस्ट्रेलियाई डालर के मूल्य में गिरावट देखी गई है। आज अमेरिकी डालर की खरीद दर १५१ रुपए ४४ पैसे और बिक्री दर १५२ रुपए ०४ पैसे निर्धारित की गई है। राष्ट्र बैंक ने विनिमय दर आवश्यकतानुसार संशोधित करने तथा अपडेटेड विनिमय दर अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की जानकारी दी है।

आज की विनिमय दर के अनुसार अमेरिकी डालर के मूल्य में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यूरो, ब्रिटिश पाउंड, स्विस फ्रैंक्स और ऑस्ट्रेलियाई डालर के मूल्य में गिरावट आई है। आज यूरो की खरीद दर १७४ रुपए ४ पैसे और बिक्री दर १७४ रुपए ७३ पैसे रखी गई है। कल यूरो की खरीद दर १७४ रुपए २७ पैसे और बिक्री दर १७४ रुपए ९६ पैसे थी।

ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग की खरीद दर आज २०० रुपए ५२ पैसे और बिक्री दर २०१ रुपए ३२ पैसे दर्ज की गई है। कल इसकी खरीद दर २०० रुपए ७६ पैसे और बिक्री दर २०१ रुपए ५६ पैसे थी। आज स्विस फ्रैंक्स की खरीद दर १८९ रुपए ४८ पैसे और बिक्री दर १९० रुपए २३ पैसे निर्धारित की गई है।

ऑस्ट्रेलियाई डालर का मूल्य भी आज गिरा हुआ दिखा है। इस दिन ऑस्ट्रेलियाई डालर की खरीद दर १०३ रुपए ८७ पैसे और बिक्री दर १०४ रुपए २८ पैसे तय की गई है। कल इसकी खरीद दर १०४ रुपए ०६ पैसे और बिक्री दर १०४ रुपए ४८ पैसे थी। भारतीय रुपए की खरीद दर १६० रुपए और बिक्री दर १६० रुपए १५ पैसे बनी हुई है। राष्ट्र बैंक ने आवश्यकता अनुसार किसी भी समय विनिमय दर संशोधित करने का अधिकार रखना बताया है।

लुम्बिनी प्रदेश में तथ्यांक प्रबंधन सूचना प्रणाली का उद्घाटन

लुम्बिनी प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री चेतनारायण आचार्य को प्रदेश तथ्यांक प्रबंधन सूचना प्रणाली सौंपा है। मुख्यमंत्री आचार्य ने कहा कि तथ्यांक आधारित नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में यह प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस प्रणाली में १,१९६ तथ्यांक चर, ३४ क्षेत्रीय विकास और १६४ सूचक शामिल हैं, और प्रदेश की १०९ पालिकाएं इस तक पहुंच सकेंगी।

१६ चैत्र, बुटवल। लुम्बिनी प्रदेश सरकार को प्रदेश तथ्यांक प्रबंधन सूचना प्रणाली सौंपा गया। यह प्रणाली प्रदेश योजना आयोग की ओर से मुख्यमंत्री चेतनारायण आचार्य को हस्तांतरित की गई। एक समारोह के दौरान मुख्यमंत्री आचार्य ने इस सूचना प्रणाली का सोमवार को उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि तथ्यांक आधारित नीति निर्माण तथा निर्णय प्रक्रियाओं को प्रभावी बनाने में यह प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री आचार्य ने तीनों स्तरीय सरकारों द्वारा किए गए कार्यों का विवरण सरकार और नागरिकों को उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए अनेक पहल कर रही है। इसके साथ ही, उन्होंने प्रणाली के नियमित अद्यतन एवं संचालन के लिए प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी प्रतिष्ठान को जिम्मेदारी सौंपी। प्रदेश योजना आयोग के उपाध्यक्ष डा. डिल्लीराज अर्याल ने बताया कि यह प्रणाली सुशासन को बढ़ावा देने, प्रभावी सेवा प्रदान करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने को मुख्य प्राथमिकता देते हुए विकसित की गई है।

इतर समूह फेरि सक्रिय भएपछि कांग्रेसमा किचलो – Online Khabar

कांग्रेस में आंतरिक विवादः इतर समूह फिर सक्रिय हो रहा है

नेपाली कांग्रेस के संस्थापक इतर समूह ने समांतर गतिविधियों को बढ़ाते हुए पार्टी में आंतरिक विवाद और भी गहरा कर दिया है। पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के दिन से ही इतर समूह पार्टी की आधिकारिक शैली में गतिविधियां शुरू कर चुका है। कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्क ने १४वें महाधिवेशन से निर्वाचित केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक बुलाई है। १६ चैत, काठमाडौँ।

नेपाली कांग्रेस के संस्थापक इतर समूह ने समांतर गतिविधियां शुरू की हैं। इतर समूह की इसी गतिविधि ने चुनाव से पूर्व दिखे कांग्रेस के आंतरिक विवाद को फिर से बढ़ा दिया है। पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के बाद इतर समूह के नेता पूर्णबहादुर खड्क ने कार्यवाहक सभापति के रूप में बयान जारी किया, जिसके बाद कांग्रेस विवाद फिर से उभर कर सामने आया है। लेखक की गिरफ्तारी को लेकर संस्थान और इतर समूह के बीच मुद्दे पर दृष्टिकोण भी अलग-अलग दिख रहे हैं।

पूर्व गृह मंत्री लेखक की गिरफ्तारी के दिन से ही इतर समूह पार्टी की आधिकारिक शैली में गतिविधि शुरू कर चुका है। लेखक की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक क्षेत्र में दो अलग-अलग कांग्रेस समूह नजर आने लगे हैं। विशेष महाधिवेशन के माध्यम से चुने गए नेतृत्व को निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिकता मिलने के बाद खड्क ने पार्टी के लैटर पैड का प्रयोग कर कार्यवाहक सभापति के रूप में अपनी धारणा सार्वजनिक की। वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस ने पार्टी के नेता लेखक का नाम लिए बिना ही एक विज्ञप्ति भी जारी की। कांग्रेस ने सरकार के द्वारा लिए गए अंतिम कदम को ‘चयनात्मक’ (सेलेक्टिव) बताया, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि उस कदम के खिलाफ कोई आंदोलन कार्यक्रम निर्धारित नहीं किया जाएगा।

सरकार ने कार्यस्थल पर अधिकतम ताप स्तर मापदंड कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया

सरकार ने कार्यस्थल के लिए अधिकतम ताप स्तर २०८२ के मापदंडों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया है। श्रम मंत्रालय ने ३० पुस २०८२ को कार्यस्थल के लिए अधिकतम ताप स्तर २०८२ को स्वीकृत किया था। मापदंडों के अनुसार कार्य को हल्का, मध्यम, कठिन और बहुत कठिन चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है, तथा प्रत्येक श्रेणी के लिए तापमान की सीमा निर्धारित की गई है।

१६ चैत, काठमांडू। सरकार ने कार्यस्थल के अधिकतम ताप स्तर (मापदंड) २०८२ के अनुसार कड़ाई से कार्यान्वयन करने का अनुरोध किया है। श्रम, रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार श्रम तथा व्यवसायजन्य सुरक्षा विभाग ने इन मापदंडों का कड़ाई से पालन करने को कहा है। श्रम मंत्रालय ने ३० पुस २०८२ को कार्यस्थल के अधिकतम ताप स्तर (मापदंड) २०८२ को स्वीकृत किया था। विभाग को १५ चैत को पत्राचार करते हुए इन मापदंडों को लागू करने का निर्देश दिया गया था।

मापदंडों के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से कार्यस्थल को व्यवसायजन्य सुरक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से मर्यादित और सुरक्षित बनाने के लिए श्रम तथा रोजगार कार्यालय, नियोक्ता, श्रमिक और संबंधित पक्षों से अनुरोध किया गया है। विभाग के प्रवक्ता मणिनाथ गोपाल ने बताया कि स्वीकृत मापदंडों के अनुसार काम में कार्रवाई न होने की स्थिति में प्रचलित कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। मापदंडों के अनुसार काम को हल्का, मध्यम, कठिन और बहुत कठिन चार भागों में बाँटा गया है।

हल्के कार्य में वेटबल्ब ग्लोब तापमान अधिकतम ३२.२ डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। इसी प्रकार मध्यम कार्य के लिए ३०.६ डिग्री, कठिन कार्य के लिए २८.९ डिग्री और बहुत कठिन कार्यों के लिए २६.९ डिग्री सेल्सियस तापमान होना आवश्यक है। हल्के कार्यों में बैठकर या खड़े होकर मशीन नियंत्रण करना, हाथ से हल्का कार्य करना जैसे हाथ के औजार से काटना, हल्के सामानों का परिवहन करना शामिल होते हैं। मध्यम कार्यों में निरंतर हाथ और बाजुओं से किया जाने वाला कार्य, हल्का धकेलना या खींचना जैसे टेबल पर कुर्सी का स्थानांतरण या सामान को ऊपर-नीचे रखना आता है। कठिन कार्यों में ऐसे कड़े काम आते हैं जिनसे मांसपेशियों में प्रभाव पड़ता है जैसे उठाना, बेल्चा लगाना, खोदना, भारी वस्तुएं ढोना या धकेलना/खींचना, तेज गति से चलना। बहुत कठिन कार्यों में अत्यधिक तेजी से किए जाने वाले अत्यंत कड़े गतिविधियाँ शामिल हैं।

मापदंड में यह भी व्यवस्था है कि भू-स्तर से १.५ मीटर की ऊंचाई पर हवा की गति १.५ मीटर प्रति सेकंड से अधिक होनी चाहिए। वेटबल्ब तापमान हमेशा ड्राई बल्ब तापमान से कम लेकिन १००% सापेक्ष आर्द्रता पर समान होना चाहिए। निर्धारित तापमान से भिन्न ताप में कार्य करना पड़े तो सुरक्षा के नियंत्रणात्मक उपाय अपनाने होंगे। इसके लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों और कार्यक्रम में परिवर्तन जैसे उपाय लागू किए जा सकते हैं।

एएनओ थाइलैंड के अध्यक्ष पद पर अमरा राई का चयन

१६ चैत, काठमाडौं । थाइलैंड में जन्मी पाँचवीं पीढ़ी की अमरा राई को विश्व भर के नेपाली मूल के नागरिकों के संगठन एशोसिएशन ऑफ नेपाली ओरिजिन (एएनओ) थाइलैंड कमिटी का अध्यक्ष चुना गया है। यह चयन मार्च २९, रविवार को बैंकॉक में आयोजित कार्यक्रम में किया गया जिसमें थाइलैंड में जन्मे तथा कई पीढ़ियों से थाइलैंड और बर्मा में निवासरत नेपालीों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में थाइलैंड के लिए नेपाली राजदूत धनबहादुर ओली ने नेपाली कला, संस्कृति, भाषा और परंपराओं को नेपाली मूल के लोगों में पीढ़ी दर पीढ़ी संजोने के एएनओ के अभियान की सराहना करते हुए इसके सकारात्मक परिणाम आने की आशा व्यक्त की। उन्होंने स्थानीय स्तर की नेपाली संस्थाओं के साथ सहयोग कर नेपाली भाषा और संस्कृति के क्षेत्र में कार्य को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया।

कार्यक्रम में एएनओ के महासचिव चूडामणि भट्टराई ने बताया कि एएनओ के निवेदन को स्वीकार करते हुए नेपाल सरकार ने यह व्यवस्था की है कि अब कोई भी नेपाली मूल के व्यक्ति नेपाल आने पर हवाई अड्डे पर विदेशी कैटेगरी की लाइन में नहीं खड़ा होगा। कॅलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. मोहन डाँगी ने भी नेपालीपन के विस्तार के इस एजेंडे को हृदयस्पर्शी बताया।

बैंकॉक को कर्मभूमि बनाकर अध्यापनरत नेपाल पॉलिसी इंस्टिट्यूट के अध्यक्ष डॉ. खगेन्द्र ढकाल ने गैरआवासीय नेपाली संघ सीमित होकर केवल तीन पीढ़ियों तक के नेपाली को समाहित करता है, इसलिए उनसे बाहर के नेपालीों को जोड़ने वाले संस्था के रूप में एएनओ के आने पर खुशी जताई। एएनओ के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी सदस्य वात्सना राई और केन्द्रीय कार्यसम्पादन समिति के सदस्य राज कर्माचार्य भी इस आयोजन में उपस्थित थे। राई के नेतृत्व वाली एएनओ थाइलैंड राष्ट्रीय कमिटी में मिलन घिमिरे, नरेश पांडे, सोनिया राई, एमी राई, बसंती प्रधान, दीपा पौडेल, अस्मिता न्यौपाने, सुमन कार्की और विक्की सिन्चुरी सदस्य हैं।

‘टम्ब रेडर’ छायांकनमा सोफी टर्नर घाइते, सुटिङ रोकियो

‘टम्ब रेडर’ की शूटिंग के दौरान सोफी टर्नर घायल, शूटिंग दो सप्ताह के लिए स्थगित

हॉलीवुड अभिनेत्री सोफी टर्नर को टम्ब रेडर श्रृंखला की शूटिंग के दौरान मामूली चोट लगी है और इस कारण शूटिंग दो सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी गई है। निर्माताओं ने टर्नर के स्वास्थ्य संबंधी एक बयान जारी करते हुए बताया कि उत्पादन कार्य तब तक रोक दिया गया है जब तक कि वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो जातीं। टम्ब रेडर श्रृंखला की शूटिंग 2026 की शुरुआत से यूनाइटेड किंगडम में चल रही है और सोफी टर्नर लारा क्रॉफ्ट की भूमिका में नजर आएंगी।

सोफी टर्नर, जो विश्वप्रसिद्ध फिल्म श्रृंखला ‘टम्ब रेडर’ की शूटिंग कर रही थीं, चोटिल हो गई हैं। हालांकि चोट गंभीर नहीं है, उन्हें आराम देने के लिए शूटिंग अस्थायी रूप से रोकी गई है। चोट लगने की खबर के बाद उनके प्रशंसकों में चिंता की लहर दौड़ गई। इसी बीच, निर्माता पक्ष ने एक बयान जारी कर उनकी सेहत के बारे में जानकारी प्रदान की है।

निर्माताओं के अनुसार, टर्नर को सामान्य चोट लगी है। सावधानी के तौर पर, उन्हें पूरी तरह से ठीक होने तक शूटिंग और उत्पादन कार्य अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। यह भी बताया गया कि जल्द ही शूटिंग फिर से शुरू की जाएगी। ‘टम्ब रेडर’ श्रृंखला की शूटिंग लगभग दो सप्ताह के लिए रुकी रहेगी। इस अवधि के दौरान पूरी टीम को वेतन दिया जाएगा।

श्रृंखला की शूटिंग 2026 के प्रारंभ में शुरू हुई थी। 15 जनवरी को लारा क्रॉफ्ट के रूप में टर्नर की पहली झलक प्रदर्शित की गई थी, जिसे दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। यह श्रृंखला मुख्य रूप से ब्रिटेन में शूट की जा रही है। श्रृंखला विश्वप्रसिद्ध वीडियो गेम फ्रैंचाइज़ ‘टम्ब रेडर’ पर आधारित है, जिसमें पुरातत्वविद् लारा क्रॉफ्ट के साहसिक अभियानों को दर्शाया गया है।

1996 में पहली गेम के रिलीज के बाद यह किरदार अत्यंत लोकप्रिय हो गया है। इससे पहले, इसी कहानी पर आधारित कई फिल्में बन चुकी हैं। 2001 में बनी “लारा क्रॉफ्टः टम्ब रेडर” फिल्म में एंजेलिना जोली ने मुख्य भूमिका निभाई थी। अब नई लारा क्रॉफ्ट के रूप में सोफी टर्नर को देखा जाएगा। टर्नर ने प्रसिद्ध ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ श्रृंखला में ‘सान्सा स्टार्क’ की भूमिका से खास लोकप्रियता हासिल की है। उन्होंने यह भूमिका मात्र 13 वर्ष की उम्र में निभाई थी। इसके अलावा, वह ‘एक्स-मेन’ और ‘डार्क फीनिक्स’ जैसी फिल्मों में भी नजर आई हैं।

भारत ने नेपाल को 15 दिनों तक 24 घंटे बिजली निर्यात की अनुमति दी

समाचार सारांश

  • भारत के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक 24 घंटे 600 मेगावाट बिजली निर्यात की अनुमति दी है।
  • 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक भारत सुबह 2 बजे से शाम 6 बजे तक ही बिजली निर्यात करेगा।
  • नेपाल ने सर्दियों में घरेलू मांग पूरी करने के लिए भारत से बिजली आयात किया है और अप्रैल तक 24 घंटे बिजली प्राप्त करेगा।

16 चैत्र, काठमांडू। भारत के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने नेपाल को 15 और दिन तक 24 घंटे बिजली निर्यात करने की अनुमति दी है। इससे पहले, 31 मार्च तक 24 घंटे के लिए 600 मेगावाट बिजली निर्यात की अनुमति दी गई थी। अब यह अवधि 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है।

इसके बाद 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक बिजली निर्यात व्यवस्था संशोधित की जाएगी। इस अवधि में भारत नेपाल को सुबह 2 बजे से शाम 6 बजे तक ही बिजली निर्यात करेगा और शाम 6 बजे से सुबह 2 बजे तक निर्यात बंद रहेगा। फिर 1 जुलाई से 31 अगस्त तक फिर से 24 घंटे 600 मेगावाट बिजली निर्यात की जाएगी।

1 मई से 30 जून तक प्रतिदिन केवल 16 घंटे बिजली देने का प्रावधान होगा। इस अवधि में सुबह 4 बजे से शाम 8 बजे तक बिजली दी जाएगी और शाम 8 बजे से सुबह 4 बजे तक बंद रहेगी।

भारत के विद्युत मंत्रालय के तहत केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने नेपाल विद्युत प्राधिकरण को भारतीय पावर एक्सचेंज के माध्यम से मुजफ्फरपुर–ढल्केबर 400 केवी प्रसारण लाइन से 600 मेगावाट तक बिजली निर्यात करने की अनुमति दी है।

अप्रैल के बाद आपूर्ति संबंधी निर्णय मार्च में पुनः समीक्षा किए जाने के अनुसार, आंशिक रूप से समय घटाकर आपूर्ति तालिका सार्वजनिक की गई है।

सर्दियों में नदियों और बहने वाले जल स्रोतों में पानी की कमी और बिजली उत्पादन में गिरावट के कारण नेपाल ने घरेलू मांग पूरी करने के लिए भारत से हर साल बिजली आयात की है।

विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक हितेंद्र देव शाक्य के अनुसार, इतनी बिजली उपलब्ध होने पर अप्रैल तक 24 घंटे बिजली मिलेगी और उसके बाद 16 घंटे निर्यात नेपाल की मांग पूरी कर सकेगा।

 

सांसद कार्की का प्रस्ताव: भूमि और सुकुम्बासी समस्या समाधान के लिए ‘पायलट प्रोजेक्ट’ चलाने का सुझाव

१६ चैत, काठमांडू। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद गणेश कार्की ने भूमि और सुकुम्बासी से जुड़ी समस्या समाधान के लिए ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के तहत कार्यान्वयन का प्रस्ताव रखा है। कोशी प्रदेश के प्रत्यक्ष सांसदों ने प्रधानमंत्री के साथ हुई चर्चा में कार्की ने यह सुझाव दिया।

कार्की ने कहा, ‘भूमि और सुकुम्बासी से जुड़ी समस्या देशभर में व्याप्त है, लेकिन मोरङ ३ की स्थिति बेहद जटिल और विशेष है। इसलिए मोरङ ३ को भूमि और सुकुम्बासी समस्या समाधान के लिए ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के रूप में स्थापित किया जाए और उससे प्राप्त अनुभवों को अन्य हिस्सों में लागू किया जाए।’

बालेन सरकारको पनि प्राथमिकतामा परेन खेलकुद – Online Khabar

बालेन सरकार की प्राथमिकताओं में नहीं शामिल खेलकूद क्षेत्र

बालेन सरकार द्वारा सार्वजनिक की गई शासकीय सुधार की १०० कार्यसूची में खेलकूद क्षेत्र को शामिल न किए जाने पर संबंधित क्षेत्र के हितधारकों ने चिंता व्यक्त की है। बालेन्द्र शाह नेतृत्व वाली सरकार ने खेलकूद क्षेत्र को १०० कार्यसूची में शामिल नहीं किया है। खेलकूद क्षेत्र में सुधार के लिए बजट का 1 प्रतिशत आवंटित करने और निजी क्षेत्र के साथ सहयोग करने का सुझाव दिया गया है। १६ चैत, काठमांडू।

सुशासन मार्गचित्र तैयार करने के लिए सुष्मिला कार्की नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने पुष १४ को गठित समिति की रिपोर्ट में खेलकूद क्षेत्र में सुशासन लाने हेतु पारदर्शिता, जवाबदेही से लेकर नीतिगत एवं कानूनी सुधारों पर जोर दिया था। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय के सचिव गोविन्दबहादुर कार्की के नेतृत्व वाली समिति ने चैत ३ को यह रिपोर्ट सौंपा था, जिसमें खेलकूद क्षेत्र में बदलाव के लिए योजनाएं भी शामिल थीं।

इस १०४९ पृष्ठों वाली रिपोर्ट ने नेपाली खेलकूद की स्थिति, समस्याएं और परिवर्तनकारी सुधार के उपायों की पहचान की थी। रिपोर्ट सौंपे दस दिन बाद (चैत १३) बनी बालेन्द्र शाह (बालेन) नेतृत्व वाली सरकार खेलकूद को प्राथमिकता नहीं दे सकी। बालेन सरकार द्वारा शुक्रवार को पारित किए गए शासकीय सुधार की १०० कार्यसूची में खेलकूद क्षेत्र सम्मिलित नहीं है।

पूर्व युवा मंत्री पुरुषोत्तम पौडेल का कहना है, ‘नेपाल के संदर्भ में खेलकूद का बहुत महत्व है। क्रिकेट समेत कई खेलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। लेकिन सरकार इसे पर्याप्त प्राथमिकता देती नहीं दिखती।’ सुशासन मार्गचित्र में खेलकूद संरचना: रिपोर्ट में संघीय संरचना के अनुसार कानून निर्माण और संशोधन की देरी, जनशक्ति प्रबंधन में समस्याएं आदि नेपाली खेलकूद से संबंधित विषयों को उजागर किया गया है। राष्ट्रीय खेलकूद विकास ऐन २०७७ के संशोधन विधेयक प्रतिनिधि सभा में दर्ज होने के बाद भी रुका हुआ है, राखेप में कर्मचारी पदपूर्ति न होना, खेलकूद में कमजोर नियमन और निरीक्षण प्रणाली जैसी चुनौतियां भी व्याख्यित की गई हैं।

रिपोर्ट में निरंतर क्रियान्वयन के लिए समय सीमा निर्धारित कर खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने और सेवाओं की सुविधा उपलब्ध कराए जाने का सुझाव दिया गया है। साथ ही, खेलकूद कानून संशोधन, अनुमतियों की प्रक्रिया और अनुदान व्यवस्था को सरल बनाने के तत्काल सुधार की आवश्यकता को भी उल्लेखित किया गया है।

बालेन सरकार पर खेलकूद की उपेक्षा करने का आरोप: पूर्व सरकार द्वारा तैयार किया गया सुशासन मार्गचित्र जिसमें खेलकूद सुधार से जुड़े मुद्दे शामिल थे, वह बालेन सरकार की १०० कार्यसूची में नहीं हैं। राष्ट्रीय खेलकूद परिषद (राखेप) के कार्यकारी सदस्य सुवर्ण श्रेष्ठ ने कहा कि सरकार की १०० कार्यसूची में खेलकूद विषय को स्थान नहीं मिला है।

‘सुधार के १०० बिंदु अच्छे हैं, लेकिन खेलकूद उनमें नहीं है। मैंने उम्मीद की थी कि पहले चरण में खेलकूद को शामिल किया जाएगा। यदि ग्रासरूट विकास योजना भी होती तो अच्छा होता,’ उन्होंने आगामी समय में समावेश की आशा व्यक्त की। नेपाल राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी संघ (एनएनआईपीए) के अध्यक्ष दीपक श्रेष्ठ ने नई सरकार द्वारा खेलकूद क्षेत्र की उपेक्षा किए जाने पर दुख व्यक्त किया। ‘नई सरकार से खेलकूद क्षेत्र की बड़ी अपेक्षा थी। रामसर कार्यवाही की वाचा पत्र में खेलकूद को प्राथमिकता दी गई थी, लेकिन कार्यसूची में न देखकर दुःख हुआ,’ उन्होंने कहा।

पूर्व मंत्री पौडेल ने कहा कि पूर्वाधार विकास में केवल ध्यान देने के कारण खेलकूद को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। ‘खेलकूद से जुड़ा मानवीय और भावनात्मक पक्ष पर ध्यान नहीं दिया जाता। सरकार का मुख्य फोकस अन्य पूर्वाधारों पर होता है,’ उनका कहना था। खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल ने पद ग्रहण के समय खेलकूद क्षेत्र से राजनीतिकरण हटाने की घोषणा की थी। रामसर के चुनावी वाचा पत्र में प्रशासनिक त्रुटि सुधार पर जोर था, लेकिन यह प्रतिबद्धता १०० कार्यसूची में नजर नहीं आई।

एनएनआईपीए अध्यक्ष श्रेष्ठ को नई सरकार की खेलकूद की उपेक्षा को लेकर चिंता है। ‘१०० कार्यसूची देखकर ऐसा लगता है कि पुराने दलों की तरह रामसर की नजर में भी खेलकूद नहीं आता है,’ उन्होंने कहा। हालांकि उन्होंने थोड़ी उम्मीद भी जताई। पूर्व खेलकूद मंत्री पौडेल ने कहा कि खेलकूद क्षेत्र में प्रतिभा पलायन रोकना वर्तमान में मुख्य आवश्यकता है। ‘कुछ पूर्वाधार बने हैं जहां खेला जा सकता है। इसलिए प्रतिभा रोकने, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशिक्षण और तकनीक उपलब्ध कराना जरूरी है,’ उन्होंने कहा।

उन्होंने खिलाड़ियों को भरोसा दिलाने के लिए नई सरकार को आगे आना चाहिए। राखेप के कार्यकारी सदस्य सुवर्ण श्रेष्ठ के अनुसार सरकार कुल बजट का 1 प्रतिशत खेलकूद के लिए आवंटित करे तो अच्छे काम हो सकते हैं। ‘1 प्रतिशत बजट से बहुत कुछ किया जा सकता है। निजी क्षेत्र के साथ सहयोग से खेलकूद क्षेत्र में निवेश बढ़ सकता है,’ उन्होंने कहा। खेल को पर्यटन और आर्थिक संसाधनों से जोड़ने पर नेपाली खेलकूद विकास में ज्यादा समय नहीं लगेगा, उनका विश्वास है।

अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले ने भन्सार विभाग की ‘ब्रिफिंग’ ली

१६ चैत, काठमाडौं। अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले ने सोमवार भन्सार विभाग का दौरा किया और वहां अनुगमन एवं ब्रिफिंग की। मंत्रालय के सचिवालय ने जानकारी दी है कि उन्होंने विभाग के कर्मचारियों को ईमानदारीपूर्वक राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, ‘राजस्व संकलन में ईमानदारी से कार्य करने पर मंत्रालय प्रोत्साहन कार्यक्रम भी ला सकता है।’

मंत्री वाग्ले के अनुसार, राजस्व संकलन बढ़ाकर सरकार को व्यापक समृद्धि हासिल करनी होगी और इसमें प्रधानमंत्री की भी विशेष रुचि है। मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय से भी इस मामले में विशेष अनुगमन जारी है, उन्होंने बताया। इसके अलावा, उस अवसर पर उन्होंने विभाग की भन्सार प्रयोगशाला (लैब) का भी निरीक्षण किया।

जनकपुर के फुटपाथ बाजार में डोजर से मिली सफाई

१६ चैत, जनकपुरधाम। जनकपुरधाम के शिवचोक में स्थित गंगासागर के पश्चिम दिशा में बनाए गए फुटपाथ बाजार को डोजर के माध्यम से खाली कराया गया है। मधेश क्षेत्रीय गृहमंत्री फकिरा महतो ने स्वयं नेतृत्व करते हुए दो दिनों तक यह कार्य जारी रखा और अंततः बाजार खाली करवाया। फुटपाथ पर वर्षों से अस्थायी संरचनाएं बनाकर यह बाजार संचालित हो रहा था, जिसने गंगासागर के पश्चिम भाग की सुंदरता पर नकारात्मक प्रभाव डाला था।
गृहमंत्री महतो ने स्वयं नेतृत्व करते हुए नेपाल पुलिस और नगर पुलिस की सहायता से डोजर के जरिए फुटपाथ बाजार खाली कराया। रविवार को कुछ संरचनाएं ही ध्वस्त हुईं, जिसके बाद बाकी को सोमवार सुबह ११ बजे तक अल्टीमेटम दिया गया। लेकिन व्यापारी अपनी बात पर अड़े रहे, इसलिए सोमवार को दोबारा डोजर चलाया गया। फुटपाथ व्यवसायियों ने अपनी रोजी रोटी के लिए वैकल्पिक प्रबंध की मांग की है। उन्होंने कहा कि केवल वे ही नहीं, सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करके बने बड़े भवनों और होटलों पर भी डोजर चलाने की आवश्यकता है।

सार्वजनिक निकायहरू खारेज, हस्तान्तरण र गाभिने – Online Khabar

सार्वजनिक निकायों के खारिज, हस्तांतरण और विलय का प्रस्ताव प्रस्तुत

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा किया गया।

  • सुशासन मार्गचित्र सुझाव समिति ने 11 सार्वजनिक निकायों को खारिज करने और 7 निकायों को विलय करने की सरकार को सिफारिश की है।
  • समिति ने बौद्ध दर्शन प्रचार, पत्रकार पारिश्रमिक निर्धारण, रेलवे बोर्ड सहित निकायों को खारिज करने और कार्य हस्तांतरण करने की सलाह दी है।
  • समिति ने विभिन्न निकायों को स्थानीय स्तर, प्रदेश या संबंधित विभाग में हस्तांतरित कर सरकारी खर्च कम करने का सुझाव दिया है।

१६ चैत्र, काठमांडू। सुशासन मार्गचित्र सुझाव समिति ने 11 सार्वजनिक निकायों को खारिज करने का सुझाव दिया है। प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद के सचिव गोविन्दबहादुर कार्की के संयोजकत्व में गठित 15 सदस्यीय समिति ने सार्वजनिक निकायों के खारिज, विलय और हस्तांतरण की संभावनाओं का आकलन कर सरकार को सुझाव प्रस्तुत किया है।

२०७८ पौष १४ को प्रधानमंत्रीस्तरीय निर्णय के तहत सुशासन मार्गचित्र तैयार करने के लिए समिति गठित की गई थी। समिति को तीनों स्तरों की सरकारों द्वारा किए जाने वाले कार्यों में भ्रष्टाचार की संभावना की पहचान कर सुशासन, विकास प्रबंधन और सार्वजनिक सेवा प्रदान के क्षेत्रों में आवश्यक नीतिगत, संस्थागत और प्रक्रियागत सुधारों के सुझाव सहित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का दायित्व दिया गया था।

पिछले अध्ययनों और रिपोर्टों के आधार पर गहन विश्लेषण के बाद कार्की नेतृत्व वाली समिति ने सरकार को सुझाव दिया है। सरकार द्वारा पहले गठित किन्तु प्रभावी कार्य नहीं कर पाने वाले अथवा अनावश्यक खर्च बढ़ाने वाले निकायों को खारिज करने की सिफारिश की गई है। साथ ही, समान प्रकृति के संस्थानों को मिलाकर कार्य की पुनरावृत्ति हटाने और सरकारी खर्च में कटौती के लिए संयोजन करने का सुझाव दिया गया है। समिति का मानना है कि प्रदेश और स्थानीय स्तर पर किए जा सकने वाले कार्यों के लिए अतिरिक्त निकाय आवश्यक नहीं हैं। सुशासन कार्यविधि में कहा गया है, “किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए गठित संस्थाओं को बदलती परिस्थितियों के अनुसार यदि अप्रासंगिक पाया जाए तो उन्हें खारिज कर सरकार के वित्तीय एवं प्रशासनिक बोझ को कम करना उचित होता है।”

समिति की प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार 11 सार्वजनिक निकायों को खारिज करने की सलाह दी जा रही है। नई सरकार द्वारा रविवार को सार्वजनिक किए गए सुशासन मार्गचित्र में तीन निकायों के कार्य मौजूदा निकायों द्वारा संभव बताए गए हैं। बौद्ध दर्शन प्रचार और गुम्बा विकास समिति को खारिज करने का सुझाव दिया गया है, क्योंकि इस निकाय के कार्य लुम्बिनी विश्वविद्यालय और पुरातत्व विभाग संभाल सकते हैं।

पत्रकारों के न्यूनतम पारिश्रमिक निर्धारण समिति और नेपाल रेलवे बोर्ड को भी खारिज करने की सिफारिश की गई है। रेलवे बोर्ड के कार्य रेल विभाग कर सकता है। तीन वर्षों से कार्यरत न होने वाले शहरी क्षेत्र सार्वजनिक यातायात प्राधिकरण को भी आवश्यक नहीं माना गया है। जमीन विकास चक्रकोष को भी खारिज करने का सुझाव है।

नगर विकास समिति के कार्य स्थानीय स्तर से किया जा सकता है, इसलिए इसे आवश्यक नहीं माना गया है। बर्दिबास, सुर्खेत और बुटवल मेडिकल कॉलेज पूर्वाधार निर्माण योजनाओं के पूरा होने पर इन निकायों को खारिज करने की सिफारिश की गई है।

राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड के कार्य पशु सेवा विभाग द्वारा सम्पन्न किए जा सकते हैं, अतः बोर्ड को खारिज करने का सुझाव है। जिला निर्वाचन कार्यालयों को खारिज कर उनकी जिम्मेदारी संबंधित जिला प्रशासन कार्यालयों को हस्तांतरित करने की संभावना भी बताई गई है। निर्वाचन कार्यालय हटाए जाने के बाद प्रदेश स्तर पर निर्वाचन कार्यालय स्थापित किए जाने का मार्गचित्र में उल्लेख है।

श्रम स्वीकृति प्रणाली को खारिज करने की सिफारिश के साथ ही श्रम मंत्रालय ने रविवार से नया प्रावधान लागू किया है। विदेश अध्ययन के लिए आवश्यक ‘नो ऑब्जेक्शन लेटर’ (एनओसी) को भी खारिज करने का सुझाव दिया गया है।

ऐसे ही काम कर रहे अन्य निकायों के संचालित होने पर अतिरिक्त निकाय की आवश्यकता नहीं होने का भी समिति ने उल्लेख किया है। एक निकाय के कार्य दूसरे निकाय को सौंपे जा सकते हैं, इस सुझाव पर भी जोर दिया गया है। राष्ट्रीय चुरे संरक्षण समिति का पुनर्गठन कर सरकारी संरचना में शामिल करने की सिफारिश की गई है।

इलाम, धनुषा, मकवानपुर, बाँके, सल्यान, जुम्ला, कैलाली में स्थित वनस्पति अनुसंधान केंद्रों को प्रदेश स्तर पर हस्तांतरित करने का सुझाव है। विराटनगर, जनकपुर, पोखरा, सुर्खेत और धनगढी में स्थित पशुपंक्षी रोग अनुसंधान परियोजनाओं को भी प्रदेश को सौंपने की सिफारिश की गई है। विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं को संबंधित संघीय या प्रदेश सिंचाई कार्यालयों में हस्तांतरित करने का सुझाव दिया गया है। जनताका तटबंध कार्यक्रमों को संबंधित प्रदेश में हस्तांतरण करने को उपयुक्त माना गया है। कई पर्यटन संरक्षण एवं विकास समितियों को स्थानीय या प्रदेश स्तर पर स्थानांतरित करने की सलाह दी गई है।

सरकार को 7 सार्वजनिक निकायों को एक-दूसरे में विलय करने का सुझाव दिया गया है। नेपाल पर्वतीय प्रशिक्षण प्रतिष्ठान और नेपाल पर्यटन तथा होटल प्रबंधन प्रतिष्ठान को उनके समान कार्यों के कारण मिलाने का प्रस्ताव है। मुद्रण विभाग, कानून पुस्तक व्यवस्था समिति और सुरक्षा मुद्रण विकास समिति को सुरक्षा मुद्रण केंद्र में विलय करने का विकल्प रखा गया है।

नेपाल इंटरमॉडल यातायात विकास समिति को नेपाल पारवहन तथा गोदाम प्रबंधन कंपनी लिमिटेड के साथ विलय कर अधिक प्रभावी बनाने की समिति की राय है। इन निकायों को संयोजित कर प्राधिकरण में परिवर्तित करने की संभावना भी बताई गई है। न्याय सेवा प्रशिक्षण केंद्र को न्यायिक प्रतिष्ठान में विलय करने की सलाह दी गई है। केंद्रीय कानून पुस्तकालय विकास समिति को राष्ट्रीय पुस्तकालय के साथ संयोजन करने का सुझाव दिया गया है।

समान प्रकृति के युवा एवं लघु व्यवसायी स्वरोजगार कोष, महिला स्वावलंबन कोष और स्टार्टअप उद्यम ऋण कोष के तहत स्वरोजगार कार्यक्रमों को एकीकृत कर ‘राष्ट्रीय उद्यमशीलता एवं स्वरोजगार कोष’ स्थापित करने की सिफारिश की गई है। तराई मधेश समृद्धि कार्यक्रम के लिए संघीय मामिला एवं सामान्य प्रशासन मंत्रालय द्वारा पृथक कार्यालय खोलने की बजाय संबंधित प्रदेश को सौंपने की समिति की राय है।

सरकारी खर्च में कटौती के लिए डॉ. डिल्लीराज खनाल के संयोजन में सार्वजनिक खर्च पुनरीक्षण आयोग गठित किया गया था। पूर्व सचिव शंकरप्रसाद कोइराला के नेतृत्व वाली समिति ने २०७८ में सरकार को ऐसी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी जिसमें समान कार्य वाले विभिन्न ढांचों को विलय, खारिज या हस्तांतरण करने पर सुझाव दिए गए थे।

पूर्व अर्थमंत्री एवं अर्थ सचिव रामेश्वरप्रसाद खनाल के संयोजन में २०७८ में एक और सुझाव आयोग गठित किया गया था, जिसने सरकारी कार्यों की प्रभावीता बढ़ाने तथा खर्च कटौती के लिए कार्यालय एवं सार्वजनिक निकायों को विलय, खारिज एवं हस्तांतरण करने संबंधी सुझाव दिए थे।

इन तीनों प्रतिवेदन के सुझावों में से तत्काल कार्यान्वयन योग्य प्रस्तावों को समेटते हुए प्रधानमंत्री और मन्त्रिपरिषद कार्यालय के सचिव चुड़ामणि पौडेल के नेतृत्व में एक और कार्यदल गठन किया गया था। ये सुशासन मार्गचित्र वर्तमान सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं जो पूर्व के अध्ययनों पर आधारित हैं।

काठमाण्डौ–नयाँ दिल्ली मार्गमा दैनिक दुई उडान पुनः संचालनमा

नेपाल वायुसेवा निगमले काठमाण्डौ–नयाँ दिल्ली मार्गमा दैनिक दुई उडान पुनः सञ्चालन गर्ने निर्णय गरेको छ। काठमाण्डौबाट बिहान ८ बजे र दिउँसो साढे २ बजे गरी दुई उडान हुने नेवानिका प्रवक्ता देवेन्द्र पुनले जानकारी दिए। दिल्ली मार्गमा एक वर्षभन्दा बढी समयदेखि बिहानको उडान रोकिएको थियो र हाल पुनः सञ्चालनमा ल्याइएको छ।

१६ चैत, काठमाण्डौ। काठमाण्डौ–नयाँ दिल्ली रुटमा नेपाल वायुसेवा निगम (नेवानि) ले फेरि दैनिक दुई उडान सञ्चालन गर्ने भएको छ। नेवानिका प्रवक्ता देवेन्द्र पुनका अनुसार, दिल्ली रुटमा एक वर्षभन्दा लामो समयदेखि बिहानको उडान रोकिएको थियो जुन अब पुनः सुरु गरिएको हो। अब काठमाण्डौबाट बिहान ८ बजे पहिलो उडान हुनेछ भने दोस्रो उडान दिउँसो साढे २ बजे तय गरिएको छ। ‘यो पूर्वनिर्धारित तालिका हो,’ उनले भने, ‘बीचमा यस उडानलाई रोकिएको थियो, हामीले यसलाई पुनः सञ्चालनमा ल्याएका छौं।’ काठमाण्डौ–दिल्ली रुट नेवानिका लागि राम्रो भुइँचालो भएको र राम्रो व्यापार पाइरहेका मार्ग हो।

स्थानीय तहों में रिक्त ६३ उपसचिव पदों पर नियुक्ति

१६ चैत्र, काठमाडौं। लंबे समय से प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी विहीन स्थानीय तहों और जिला समन्वय समितियों में नए कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। संघीय मामला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय ने सोमवार को उपसचिव या समकक्ष ६३ कर्मचारियों को स्थानांतरित कर नई जिम्मेवारी देने का निर्णय लिया है। मंत्रालय के अनुसार, कुछ कर्मचारियों को स्थानांतरित किया गया है जबकि अधिकांश को स्थानीय तह के कार्यालयों में कार्यभार संभालने के लिए तैनात किया गया है।