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लेखक: space4knews

पहिले अल्पविकसितबाट स्तरोन्नति धकेले, अहिले तयारी अवधि सार्न सिफारिस – Online Khabar

अल्पविकसित देशबाट स्तरोन्नति प्रक्रिया स्थगित, तैयारी अवधि बढ़ाने की सिफारिश

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने नेपाल को एलडीसी से स्तरोन्नत करने की प्रक्रिया को दो बार स्थगित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नेपाल को नवम्बर 2026 में विकासशील देश के रूप में स्तरोन्नत किया जाना है, लेकिन तैयारी अवधि को तीन और वर्षों के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ से बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। स्तरोन्नति के बाद नेपाल प्राथमिकता प्राप्त बाजारों में पहुंच खोने के जोखिम के साथ ही निजी निवेश आकर्षित करने की चुनौतियों और अवसरों का सामना करेगा। 3 जेठ, काठमाडौं।

नेपाल को अल्पविकसित देश (एलडीसी) से स्तरोन्नत करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के सन्दर्भ में अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने दो बार प्रमुख भूमिका निभाई है। यदि प्रक्रिया नियमित रूप से आगे बढ़ती, तो नेपाल को 2018 में ही स्तरोन्नति मिलने का निर्णय प्राप्त हो सकता था। लेकिन उस समय सरकार ने नेपाल को स्तरोन्नत करने के लिए तैयारी नहीं होने के कारण निर्णय प्रक्रिया को आगे बढ़ाने हेतु संयुक्त राष्ट्र संघ को अनुरोध किया था।

सन् 2021 में नेपाल को स्तरोन्नति मिलने का निर्णय हुआ, जो कि सन् 2026 यानी इस नवम्बर से प्रभावी होगा। लेकिन नेपाल ने इस दौरान प्राप्त पांच वर्षों की तैयारी अवधि को तीन और वर्षों के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया है। वर्तमान में अर्थ मंत्रालय का नेतृत्व डॉ. वाग्ले ही कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ की सामाजिक एवं आर्थिक परिषद ने सन् 2015 में की गई पहली समीक्षा में नेपाल को स्तरोन्नति के लिए योग्य घोषित कर दिया था।

नेपाल ने 2018 में कम विकसित देश से स्तरोन्नति की प्रक्रिया को तीन साल बाद के लिए स्थगित करने हेतु संयुक्त राष्ट्र संघ को पत्र भेजा था। इसके अतिरिक्त नेपाल भूकंप और नाकाबंदी के कारण पहुंचा बड़े आर्थिक झटके के कारण और पुनर्निर्माण प्रक्रिया जारी रहने के कारण भी इस निर्णय को आगे बढ़ाने की मांग कर रहा था। इसी आधार पर डॉ. वाग्ले की सिफारिश पर संयुक्त राष्ट्र संघ की विकास नीति समिति ने समीक्षा को स्थगित कर दिया था।

कार दुर्घटना में चालक की मौत

पूर्व–पश्चिम राजमार्ग के अंतर्गत नवलपुर के कावासोती नगरपालिका–८ खरकट्टा जंगल क्षेत्र में हुई कार दुर्घटना में चालक की मौत हो गई है। जिला पुलिस कार्यालय नवलपुर के पुलिस उपरीक्षक अनिल पंडित के अनुसार, नारायणगढ से बुटवल की ओर जा रही लु१च ३५२३ नंबर की कार अनियंत्रित होकर पलटी थी। दुर्घटना में महोत्तरी के मटिहानी नगरपालिका–३ के ६० वर्षीय श्रीनारायण यादव गंभीर रूप से घायल हुए थे। उपचार के दौरान वे मध्यबिंदु प्रादेशिक अस्पताल में निधन हो गए, पुलिस ने जानकारी दी है।

१० महीनों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धता ४५ अरब ३२ करोड़ पहुंची

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार।

  • वर्तमान वित्तीय वर्ष २०८२/८३ के १० महीनों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रतिबद्धता ४५ अरब ३२ करोड़ १६ लाख रुपये तक पहुंची है।
  • इस अवधि में ७२८ कंपनियों के माध्यम से एफडीआई स्वीकृत किया गया है, जिनमें से १९५ अप्रूवल रूट और ५३३ ऑटोमैटिक रूट से दर्ज हैं।
  • सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे अधिक कंपनियां दर्ज हुई हैं, कुल ५८ प्रतिशत उद्योग इसी क्षेत्र से संबंधित हैं।

३ जेठ, काठमांडू। चालू वित्तीय वर्ष २०८२/८३ के १० महीनों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रतिबद्धता ४५ अरब रुपये से अधिक हो गई है। उद्योग विभाग के अनुसार वैशाख महीने के अंत तक कुल ४५ अरब ३२ करोड़ १६ लाख रुपये के बराबर एफडीआई स्वीकृत किया गया है।

इस अवधि में ऑटोमैटिक रूट से ५ अरब ७६ करोड़ और अप्रूवल रूट से ३९ अरब ५५ करोड़ रुपये के बराबर एफडीआई स्वीकृत हुआ है। केवल वैशाख २०८३ में ही ३ अरब ५२ करोड़ रुपये के बराबर एफडीआई स्वीकृत हुआ था।

१० महीनों में यह निवेश प्रतिबद्धता कुल ७२८ कंपनियों के माध्यम से आई है। १९५ कंपनियां अप्रूवल रूट से और ५३३ कंपनियां ऑटोमैटिक रूट से पंजीकृत हुई हैं। उद्योग विभाग ने बताया कि वैशाख में ही ११३ कंपनियां दर्ज हुईं।

इस वर्ष केवल ९ बड़ी कंपनियां पंजीकृत हुई हैं। जबकि ८ मझोले और ७११ छोटी प्रकृति की कंपनियां हैं। वैशाख महीने में एक ही बड़ी कंपनी और बाकी ११२ कंपनियां छोटी प्रकृति की दर्ज हुईं। इस वर्ष पंजीकृत इन कंपनियों ने कुल २३,५३० रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा है।

उद्योग विभाग के अनुसार इस वर्ष सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे अधिक कंपनियां पंजीकृत हुई हैं। कुल ५८ प्रतिशत उद्योग इसी क्षेत्र से हैं, जो संख्या में ४२१ उद्योग बनती है। पर्यटन क्षेत्र में १८९, उत्पादन क्षेत्र में ४२, और सेवा क्षेत्र में ५५ उद्योग पंजीकृत हुए हैं।

कृषि क्षेत्र में १६, खनन और पूर्वाधार क्षेत्र में एक-एक उद्योग पंजीकृत हुआ है। इस वर्ष साउन माह में सबसे अधिक निवेश प्रतिबद्धता दर्ज हुई थी। भदौ के जनजाती आंदोलन के बाद निवेश प्रतिबद्धता में तेज गिरावट आई थी, लेकिन आम चुनाव और नई सरकार के गठन के बाद वह क्रम कुछ हद तक बढ़ रहा है।

अमेरिका और इज़राइल के साथ युद्ध में इरान के 51 हजार से अधिक भवन क्षतिग्रस्त

३ जेठ, काठमाडौं। हालसालै आए युद्धकालीन आक्रमण के दौरान अमेरिका और इज़राइल द्वारा इरान की राजधानी तेहरान में 51 हजार से अधिक मकान और भवनों को भारी नुकसान पहुंचाने की खबरें सामने आई हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान की संकट प्रबंधन संस्था ने इस युद्धकालीन आक्रमण के कारण क्षतिग्रस्त घरों और भवनों की संख्या 51 हजार से अधिक होने की पुष्टि की है। इनमें से 691 भवनों की मरम्मत आवश्यक है, जबकि 1,791 संरचनाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी हैं। समाचार में यह भी बताया गया है कि न्यायिक विशेषज्ञ नुकसान के विस्तृत आंकड़े जुटा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, इस युद्ध के दौरान 12 हजार से अधिक वाहन भी नष्ट हो गए हैं।

जेनजी आन्दोलनमा क्षतिग्रस्त प्रधानमन्त्री कार्यालय मर्मत गरिँदै (तस्वीरहरू)

जेनजी आंदोलन के दौरान क्षतिग्रस्त प्रधानमंत्री कार्यालय की मरम्मत कार्य शुरू (तस्वीरें)

समाचार सारांश

समीक्षा के बाद तैयार।

  • गत भाद्र २४ तारीख को जेनजी आंदोलन के दौरान सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद कार्यालय में आगजनी और तोड़फोड़ हुई थी।
  • सिंहदरबार के अधिकांश मंत्रालय तबाह हुए थे और वर्तमान में उन संरचनाओं को हटाकर नई इमारतों का निर्माण और रंगरोगन तीव्र गति से किया जा रहा है।
  • प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद का कार्यालय अब गृह मंत्रालय के लिए बने भवन में स्थानांतरित किया गया है।

३ वैशाख, काठमांडू। गत भाद्र २४ को जेनजी आंदोलन के दौरान हुई आगजनी और तोड़फोड़ से क्षतिग्रस्त सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के कार्यालय की मरम्मत कार्य तेज़ी से चल रहा है।

तोड़फोड़ और आग लगने से नष्ट हुई संरचनाओं को हटाकर नई निर्माण और रंगरोगन का कार्य जारी है।

हाल ही में प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के कार्यालय को गृह मंत्रालय के लिए बने भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है। जेनजी आंदोलन के दौरान सिंहदरबार के अधिकांश मंत्रालय ध्वस्त हो गए थे।

बुटवल उपमहानगरका कर्मचारीद्वारा गाईवस्तु लखेट्दै कुटपिट गर्ने भिडियो सामाजिक सञ्जालमा भाइरल

हालै सामाजिक सञ्जालमा एउटा यस्तो भिडियो भाइरल भएको छ जसमा गाईवस्तुहरूमाथि निर्दयी तरिकाले कुटपिट गरिरहेको देखिन्छ। सडकमा आएका ती गाईवस्तुलाई मान्छेको भीडले लखेट्दै कुटिरहेको दृश्यमा एउटा सानो बाछोको खुट्टा भाँचिएको पनि देखिन्छ। ती पशुहरू भाग्न खोजिरहेका छन्। अर्को गोरुले भीडबाट भाग्न खोज्दा त्यहाँ रहेका मान्छेहरूले लठ्ठीले चपेटिरहेका छन्, मानौं त्यो कुनै निर्जीव वस्तु हो।

उत्तेजित भएर गाईवस्तुलाई कुट्ने यो क्रूर व्यवहारलाई देखेर दर्शकहरूको भीड पनि देखिन्छ। केहीले मोबाइलमा भिडियो खिचिरहेका छन् भने सुरक्षाकर्मी पनि यस्तो भेटलाई मनोरञ्जनका रूपमा हेरिरहेका छन्। अवोध पशुप्राणीमाथि यो ज्यादतीलाई कुनै रूपमा रोक्ने प्रयत्न देखिदैन। सामाजिक सञ्जालमा यो भिडियोलाई लिएर तीव्र आलोचना भैरहेको छ। बुटवल नगरपालिकाका कर्मचारीहरूको यो कृत्यलाई धेरैले ‘आपराधिक’ कार्यको रूपमा हेरेका छन्।

भिडियोमा उपमहानगरका प्रमुख खेलराज पाण्डेले गाईगोरु लखेट्ने अभियान सञ्चालन गरिरहेको बताएका छन्। उनले स्थानीयवासीलाई बिहान ७ बजेदेखि गाईवस्तु लखेट्न आह्वान गरेका छन् र यो अभियान आगामी ७ गतेसम्म निरन्तर जारी रहने जानकारी दिएका छन्। बेवारिसे गाईवस्तुका कारण सडकमा अवरोध भए तापनि यसलाई व्यवस्थापन गर्दा पशुहरूलाई कुट्ने होइन भन्ने धेरैले तर्क राखेका छन्। उपभोगका लागि अयोग्य भएकोले सडकमा छाडिएका ती पशुहरूको उचित व्यवस्थापन गर्न र क्रूर व्यवहार नगर्न सुझाव दिइएको छ।

ट्रैक्टर की ठोकर से स्कूटर चालक की मौत

धनगढी में ट्रैक्टर की ठोकर लगने से स्कूटर चालक 37 वर्षीय प्रभाकर भट्टराई की मौत हो गई है। यह हादसा मोहनापुल अत्तरिया 6-लेन सड़क खंड के तहत धनगढी उपमहानगरपालिका-4 स्थित नेपाली सेना के बैरक के निकट हुआ। पुलिस के अनुसार, अज्ञात नंबर का ट्रैक्टर सुपप्र 01014 प 2628 नंबर के स्कूटर को टक्कर मारकर फरार हो गया था।

हादसे में स्कूटर चालक, अछाम के मेल्लेख गाउँपालिका-6 के निवासी 37 वर्षीय प्रभाकर भट्टराई की मृत्यु हुई है, जिसकी जानकारी जिले के पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता, पुलिस नायब उपरीक्षक (डीएसपी) योगेन्द्र तिमिल्सिनाले ने दी। गंभीर हालत में उन्हें सेती प्रादेशिक अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक और सहचालक फरार हैं और पुलिस उन्हें खोजने में लगी है।

मदुरो के करीबी पूर्व मंत्री एलेक्स साब को अमेरिका ने गिरफ्तार कर सौंपा

३ जेठ, काठमांडू। अमेरिका में बंदी बनाए गए वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मदुरो के एक करीबी पूर्व मंत्री को अमेरिकी पक्ष को सौंपा गया है। पूर्व उद्योग मंत्री एलेक्स साब को वेनेजुएला की राजधानी काराकस से अमेरिका ले जाया गया है। समाचारों के अनुसार वह वेनेजुएला के धनी व्यवसायी भी हैं, जो कोलम्बिया में जन्मे थे। मदुरो के शासनकाल में उन्हें राष्ट्रपति के सबसे नजदीकी मंत्रियों में गिना जाता था।
पूर्व मंत्री साब को फरवरी महीने में काराकस में वेनेजुएला और अमेरिकी अधिकारियों के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया था। जनवरी महीने में अमेरिका ने काराकस में सैन्य आक्रमण कर तत्कालीन राष्ट्रपति मदुरो को नियंत्रण में लेकर अपने देश ले गया था। अभी पूर्व मंत्री साब को अमेरिका ले जाने का कारण और उन पर लगाए गए आरोपों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

‘असल नियतले गरिएको उपचारलाई अपराधसँग जोड्न हुँदैन’

‘असली उद्देश्य से किया गया उपचार अपराध से नहीं जोड़ा जा सकता’

३ जेठ, काठमाडौं । न्यायाधीशों ने कहा है कि चिकित्सक द्वारा मरीज की जान बचाने के उद्देश्य से किया गया उपचार को अपराध के रूप में प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि असली उद्देश्य से किए गए उपचार और अपराध के बीच स्पष्ट भेद होना आवश्यक है। रविवार को विराटनगर में स्वास्थ्य लाइव मिडिया ने ‘‘सुरक्षित गर्भपतन सेवा से संबंधित कानून के लागूकरण और वर्तमान स्थिति’’ विषय पर एक संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किया था।
कार्यक्रम में उच्च अदालत विराटनगर के न्यायाधीश कैलाश गुरुङ ने मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए सुरक्षित गर्भपतन सेवा में तीन स्तरों की सरकारों की जिम्मेदारी होने पर बल दिया। उन्होंने स्थानीय स्तर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि चिकित्सकों द्वारा सेवा भाव से किए गए कार्यों में कानूनी अड़चन नहीं आनी चाहिए। ‘‘डेटा एवं क्षेत्र की वास्तविक स्थिति देखकर ही कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए’’ गुरुङ ने कहा।
जिला अदालत मोरङ के न्यायाधीश दुर्गाप्रसाद भुसाल ने कहा कि चिकित्सक के इरादों को देखकर ही उपचार का आकलन किया जाना चाहिए। कोशी प्रदेश स्वास्थ्य मंत्रालय की केशु काफ्ले ने जानकारी दी कि नेपाल में ५३ प्रतिशत गर्भ अनचाहे होते हैं। उनके अनुसार, इन अनचाहे गर्भों में से ७३ प्रतिशत गर्भपतन कराते हैं और उनमें से केवल ४८ प्रतिशत पंजीकृत स्वास्थ्य संस्थानों में होता है। बाकी ५२ प्रतिशत गर्भपतन गैरकानूनी और असुरक्षित तरीकों से हो रहा है, उन्होंने बताया।
कोशी प्रदेश में वर्तमान में २८१ पंजीकृत सुरक्षित गर्भपतन सेवा केंद्र संचालित हैं। वरिष्ठ प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. बालकृष्ण साह ने मांग की कि गर्भपतन को फौजदारी कानून से हटाकर स्वास्थ्य अधिनियम के अंतर्गत लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी जान बचाने के प्रयास में भी कानूनी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। डॉ. साह ने चेतावनी दी कि इससे स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल कमजोर हो सकता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता भरत थापा ने मुख्य अपराध संहिता की धारा १८८ और सुरक्षित मातृत्व एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार अधिनियम के बीच असंगति के कारण पुलिस और अभियोजनकर्ता भ्रमित होते हैं, यह बात कही। विशेष अधिकार आधारित अधिनियम और दंड आधारित सामान्य कानून के बीच विरोधाभास से सेवा प्रदाताओं को समस्याएँ हो रही हैं, उन्होंने उल्लेख किया। कार्यक्रम में मोरङ के मुख्य जिला अधिकारी युवराज कट्टेल, प्रदेश स्वास्थ्य सचिव डॉ. यदुचन्द्र घिमिरे, न्यायाधिवक्ता वसंत काफ्ले, उपन्याय अधिवक्ता रविन सापकोटा, सहायक न्यायाधिवक्ता सीमा यादव और मोरङ पुलिस प्रमुख कविता कटुवाल ने सुरक्षित गर्भपतन सेवा को कानूनी और व्यावहारिक दृष्टि से मजबूत बनाने के तरीकों पर अपने विचार व्यक्त किए। न्यायालय और पुलिस के बीच समन्वय की कमी के कारण कुछ मामलों में मुकदमे नहीं चल पाए जबकि कुछ मामलों में मुकदमें चलते हैं, उन्होंने बताया।

थलीमा धारिलो हतियार प्रहारबाट घाइते कुकुरको सफल उद्धार

काठमाडौंको थलीस्थित तामाङ टोलमा एक सामुदायिक कुकुरमाथि धारिलो हतियारले जथाभावी प्रहार गरिएको घटना घट्यो। ३ जेठ, काठमाडौं। यो घटनाले सामाजिक सञ्जालमा ठूलो चर्चा पाएको छ। खुकुरी वा कुनै अन्य धारिलो हतियारले उक्त कुकुरलाई जथाभावी काटिएको पाइएको छ। नेहा गुरुङले उक्त कुकुरको फोटो र भिडियो सामाजिक सञ्जालमा पोष्ट गर्दै तत्काल सहयोगको अपील गरिन्। सृजना ठकुरीले उक्त कुकुरको उद्धार गरी उपचारको तयारी भइरहेको जानकारी गराइन्। उनका अनुसार, कुकुरको शरीरका विभिन्न भागमा गहिरो चोट पुगेको छ। कुकुर सुतिरहेको बेलामा कसैले अचानक कोखा, खुट्टा लगायतका भागहरूमा धारिलो हतियारले प्रहार गरेको हुनसक्ने बताइन्।

आक्रमणकारीको पहिचानका लागि घटनास्थल वरिपरिका सीसीटिभी फुटेज संकलन गरेर अनुसन्धान जारी रहेको सृजनाले जानकारी दिइन्। यसअघि पनि सो इलाकामा पशु दुर्व्यवहारका घटना सामान्य भइसकेको उल्लेख गरिन्। केही समयअघि पनि एक कुकुरमाथि रड प्रहार गरेको घटना देखिएको थियो। मुलुकी अपराध संहिता २०७४ को परिच्छेद २७ मा पशुपक्षी दुर्व्यवहारसम्बन्धी प्रावधानहरू समावेश छन्। संहिताको दफा २९० अनुसार, ‘कसैले कुनै पशुपक्षीलाई कुटपिट, हिर्काउने, क्षमता भन्दा बढी भारी बोक्ने वा दौडाउने, रोगग्रस्त वा घाइते पशुलाई काममा लगाउने, हानिकारक वस्तु सेवन गराउने वा अन्य प्रकारको यातना दिने काम गर्न नपाइने’ व्यवस्था छ। यस किसिमको अपराध गर्ने वा गराउने व्यक्तिलाई तीन महिनासम्म कैद, वा पाँच हजार रुपैयाँसम्म जरिवाना, वा दुवै सजायको प्रावधान छ। साथै, दफा २८९ अनुसार त्यस्ता पशु मारेमा तीन वर्षसम्म कैदको सजाय र अंगभंग गराएमा ६ महिनासम्म कैद सजाय हुने व्यवस्था छ।

मोबाइल व्यवसायी महासंघ के अध्यक्ष पद पर रमेश घिमिरे और महासचिव पद पर छतेन्द्र आचार्य का चयन

नेपाल मोबाइल व्यवसायी महासंघ के अध्यक्ष पद के लिए रमेश घिमिरे को आगामी दो वर्षों के लिए चुना गया है। महासंघ का तीसरा महाधिवेशन Kathmandu में संपन्न हुआ, जिसमें १५०० प्रतिनिधि शामिल थे। महाधिवेशन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष से लेकर सहकोषाध्यक्ष तक के पदाधिकारी और सदस्य निर्विरोध चुने गए।

निर्वाचन समिति के प्रमुख संतोष भंडारी के अनुसार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में डिल्लीबहादुर तामांग को चुना गया है, जबकि सात उपाध्यक्षों में उदयबहादुर केसी, दिलबहादुर लामा, सुवास बम, दीपक पांँडे, दीपकबाबु बोगटी, बद्री कुँवर और शुरेस बानियाँ शामिल हैं। महासचिव के पद पर छतेन्द्र आचार्य, कोषाध्यक्ष के रूप में लवकृष्ण श्रेष्ठ और सचिवों में ङेमा लामा, नारायण सुवेदी, विष्णु ज्ञवाली एवं सपना नहर्की को नियुक्त किया गया है। सहकोषाध्यक्ष के पद पर रुद्रमणि धिताल चयनित हुए।

नवनिर्वाचित कार्यसमिति ने आज ही अपना पदभार ग्रहण किया है, ऐसी जानकारी महासचिव छतेन्द्र आचार्य ने दी। महाधिवेशन में अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और सहकोषाध्यक्ष पदों पर ही चुनाव हुए, जबकि अन्य पदाधिकारी और सदस्य निर्विरोध चुने गए।

यूक्रेन ने रूस पर ‘अब तक का सबसे तेज़’ ड्रोन हमला किया

सन् 2022 में यूक्रेन पर हुए आक्रमण के बाद से रूस यूक्रेन के खिलाफ अब तक के सबसे तेज ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है। रूसी सेना ने बताया कि देश भर के 14 स्थानों पर रात भर कुल 556 ड्रोन गिराए गए। अधिकारियों ने मास्को क्षेत्र में कम से कम तीन लोगों के मृत्यु की सूचना दी है। राजधानी के उत्तर में स्थित खिम्की में एक महिला की मौत हुई है, जिसका उल्लेख क्षेत्रीय गवर्नर एंड्रेई वोरोबिएव ने किया। ड्रोन हमले में पोगोरेल्की गांव में एक पुरुष और एक महिला की मृत्यु हुई है। गवर्नर वोरोबिएव के अनुसार, ड्रोन हमलों में तीन पुरुष और एक महिला घायल हुए हैं और कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है।

यूक्रेन द्वारा निशाना बनाए गए प्रमुख स्थानों में राजधानी का मुख्य तेल शोधन केंद्र भी शामिल है। मास्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि इस तेल केंद्र पर हुए हमले में 12 लोग घायल हुए। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा है कि रूसी ड्रोन हमलों में यूक्रेन में आठ लोग घायल हुए हैं। इससे पहले शुक्रवार को, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस को कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि रूस ने यूक्रेन पर 1,500 ड्रोन हमले किए हैं और 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके जवाब में वे सख्त कार्रवाई करेंगे।

“रात 3 बजे से हवाई सुरक्षा दल बड़ी संख्या में ड्रोन निष्क्रिय कर रहे हैं,” क्षेत्रीय गवर्नर वोरोबिएव ने रविवार सुबह टेलीग्राम पर लिखा। उन्होंने मास्को के दक्षिण-पश्चिम सुबोटिनो गांव में एक निजी घर में आग लगने की भी सूचना दी। यूक्रेन ने मास्को क्षेत्र में हुए हाल के ड्रोन हमलों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। ज़ेलेंस्की ने शनिवार को बड़े मूल्य के रूसी सैन्य उपकरणों, जिनमें एक विमान, एक हेलीकॉप्टर और एक कार्गो जहाज शामिल हैं, को नष्ट करने की जानकारी दी। उन्होंने ड्रोन हमले का जिक्र करते हुए कहा, “हमारे लंबी दूरी के हमलों ने रूसी तेल केंद्रों और जहाजों को निशाना बनाया है। हमारी अधिकांश कार्रवाइयां अभी भी जारी हैं।”

कुवेत एयरवेजले फेरि काठमाडौं उडान गर्ने – Online Khabar

कुवेत एयरवेज ने काठमांडू के लिए उड़ानें पुनः शुरू करने की घोषणा की

कुवेत एयरवेज ने पश्चिम एशिया में हुए युद्ध के कारण रोकी गई काठमांडू-कुवेत उड़ानें पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है। कंपनी ने मंगलवार और गुरुवार को उड़ान संचालन करने का कार्यक्रम जारी करते हुए प्रति सप्ताह दो उड़ानों की जानकारी दी है। इस उड़ान की न्यूनतम किराया 911 अमेरिकी डॉलर निर्धारित किया गया है।

चूंकि कुवेत में अधिकतर नेपाली कामगार कार्यरत हैं, इस उड़ान के पुनः शुरू होने से उनकी आवागमन में सुविधा होने की उम्मीद है। कुवेत एयरवेज काठमांडू-कुवेत रूट पर अपनी उड़ानें पुनः संचालित करने जा रहा है। इससे पहले पश्चिम एशिया में हुई जंग के कारण कुवेत-काठमांडू उड़ानें बंद थीं।

कुवेत की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, काठमांडू-कुवेत रूट का एकतरफा किराया लगभग 1 लाख 40 हजार रुपये के करीब है। कुवेत उन देशों में से एक है जहां नेपाली कामगारों की संख्या अधिक है और यहां से कुवेत एयरवेज तथा जजिरा एयरवेज नियमित रूप से काठमांडू के लिए उड़ानें संचालित करते रहे हैं।

आज से शुरू हुआ मलमास, क्या-क्या कार्य नहीं करने चाहिए?

समाचार सारांश

समीक्षा किया गया।

  • आज से अधिकमास यानी मलमास शुरू हो गया है, जिसे पुरुषोत्तम महीना भी कहा जाता है।

आज से अधिकमास अर्थात मलमास शुरू हो गया है। इसे पुरुषोत्तम महीना भी कहा जाता है। इस बार का मलमास असार 1 तारीख तक रहेगा। सौर्यमास और चंद्रमास के महीनों को संतुलित करने के लिए लगभग 3-3 वर्षों में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे मलमास या अधिकमास कहा जाता है।

सूर्यमास वह महीना होता है जो सूर्य की गति के अनुसार निर्धारित होता है, जबकि चंद्रमास वह महीना होता है जो चंद्रमा की गति के अनुसार चलता है।

पंचांग गणना में सूर्यमान के आधार पर वर्ष में 365 दिन, 15 घड़ी, 31 पला और 30 विपला होते हैं। वहीं चंद्रमान के आधार पर वर्ष में 354 दिन, 22 घड़ी, 1 पला और 23 विपला होते हैं। सूर्यमान की तुलना में चंद्रमान वर्ष में करीब 10 दिन 53 घड़ी, 30 पला और 7 विपला अधिक समय होता है।

चंद्रमान वर्ष में यह अतिरिक्त समय लगभग एक महीने के बराबर होता है, और इसे संतुलित करने के लिए अधिकमास मनाया जाता है।

2 वर्ष, 8 महीने, 16 दिन और चार घड़ी के बाद अधिकमास होता है।

यह अतिरिक्त महीना हमेशा अमावस्या के अगले दिन से शुरू होकर अगली अमावस्या तक रहता है। अधिकमास फाल्गुन से कार्तिक के बीच में आता है।

इस महीने में निम्नलिखित कार्य धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नहीं करने चाहिए:

– विवाह, व्रतबन्ध, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य न करें।

– कोई पूजा, पुराण श्रवण जैसे काम न करें।

– मन्दिर निर्माण और देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा न करें।

– अधिकमास शुरू होने से पहले नहीं गई तीर्थस्थली पर पहली बार जाना या दर्शन करना शुभ नहीं माना जाता।

– पुरुषोत्तम माहात्म्य इसी महीने होता है, जो मोक्ष की प्राप्ति का विश्वास दिलाता है।

– नया व्यवसाय या नया कार्य शुरू न करें।

– इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा-आराधना की जाती है और पुरुषोत्तम माहात्म्य का अनुसरण किया जाता है।

– इस अवधि में काठमांडू के मच्छे नरायण मंदिर में विशेष मेला भी लगता है।

प्रदीप पौडेल ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह पर संसद की अवहेलना का आरोप लगाया

समाचार सारांश

OK AI द्वारा तयार। सम्पादकीय जाँच गरिएको।

  • नेपाली कांग्रेस के महामंत्री प्रदीप पौडेल ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह पर जानबूझकर संसद की अवहेलना करने का आरोप लगाया है।
  • पौडेल ने कहा कि वर्तमान सरकार की गतिविधियां लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर रही हैं।
  • उन्होंने संवैधानिक परिषद की संरचना में बदलाव पर आपत्ति जताई और कहा कि प्रधानमंत्री के पास सब कुछ होने की सोच हावी हो रही है।

३ जेठ, काठमांडू। नेपाली कांग्रेस के महामंत्री प्रदीप पौडेल ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह पर जानबूझकर संसद की अवहेलना करने का आरोप लगाया है।

डेमोक्रेटिक विचार समाज नेपाल की साधारण सभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की कार्यशैली कमजोरी या अपरिपक्वता के कारण नहीं बल्कि जानबूझकर की गई है।

उन्होंने संसदीय व्यवस्था में प्रधानमंत्री को संसद के प्रति पूर्णतया जिम्मेदार होना चाहिए बताया और कहा कि वर्तमान सरकार की गतिविधियां लोकतांत्रिक मूल्य और संवैधानिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर रही हैं।

महामंत्री पौडेल ने कहा कि जनसमर्थन के साथ बनी सरकार जल्दी ही सवालों के घेरे में पड़ना चिंताजनक है।

उन्होंने सरकार के अत्यधिक केंद्रीकृत होने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार राजस्व अनुसंधान, संपत्ति शुद्धिकरण और विशेष जांच जैसी संवेदनशील संस्थाओं को प्रधानमंत्री केंद्रित बनाया गया है, जिससे सत्ता का संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ रहा है।

उन्होंने संवैधानिक परिषद की संरचना में किए गए बदलाव पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि 6 सदस्यीय परिषद में 3 सदस्यों को बहुमत हासिल करना विश्व में विरल है। ‘प्रधानमंत्री में ‘मैं ही सबकुछ हूं’ सोच बढ़ती जा रही है,’ उन्होंने कहा, ‘ऐसी प्रवृत्ति अंततः लोकतंत्र को कमजोर करने का खतरा बनती है।’

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार को समय पर नियंत्रण में नहीं रखा गया, तो लोकतांत्रिक प्रणाली संकट में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य का स्वरूप लोकतांत्रिक न रहेगा तो नागरिकों को कठिनाइयां होंगी और शासन प्रणाली कमजोर होगी।