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लेखक: space4knews

यस्तो छ आज विदेशी मुद्राको भाउ – Online Khabar

आज विदेशी मुद्राको विनिमय दर

९ जेठ, काठमाडौं । नेपाल राष्ट्र बैंकले आजका लागि विदेशी मुद्राको विनिमय दर तोकेको छ। जसअनुसार आज भारतीय १०० रुपैयाँको खरिददर १६० र बिक्रीदर १६०.१५ रहेको छ। अमेरिकी डलरको खरिददर १५२.८१ र बिक्रीदर १५३.४१ रहेको छ। युरोको खरिददर १७७.१७ र बिक्रीदर १७७.८६ तोकिएको छ। पाउण्ड स्टर्लिङको खरिददर २०५.०६ र बिक्रीदर २०५.८७ रहेको छ। खाडी मुलुकका मुद्राहरूमा साउदी रियालको खरिददर ४०.७२ र बिक्रीदर ४०.८८ कायम गरिएको छ। कतारी रियालको खरिददर ४१.९४ र बिक्रीदर ४२.१० छ। यूएई दिरामको खरिददर ४१.६१ र बिक्रीदर ४१.७७ तोकिएको छ। कुवेती दिनारको खरिददर ४९८.०८ र बिक्रीदर ५००.०३ रहेको छ। त्यस्तै बहराइन दिनारको खरिददर ४०५.२४ र बिक्रीदर ४०६.८७ कायम गरिएको छ। ओमानी रियालको खरिददर ३९६.९० र बिक्रीदर ३९८.४६ रहेको छ।

शिक्षा मंत्री पोखरेल और ब्रिटिश मंत्री मल्होत्रा के बीच महत्वपूर्ण बैठक

८ जेठ, काठमाडौँ। शिक्षा तथा खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल और नेपाल भ्रमण पर आए ब्रिटिश मंत्री सीमा मल्होत्रा के बीच सिंहदरबार स्थित शिक्षा मंत्रालय में शुक्रवार महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इस अवसर पर दोनों पक्षों ने नेपाल और ब्रिटेन के दीर्घकालिक कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करने तथा शिक्षा और खेलकूद क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की, मंत्रालय ने यह जानकारी दी। साथ ही दोनों देशों के बीच शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए जारी साझेदारी कार्यक्रम और भविष्य में संभावित सहयोग के विषय में भी विचार-विमर्श हुआ। नेपाल सरकार द्वारा सातों प्रदेशों में संचालित किए जाने वाले ‘ऑटिज्म स्कूल’ की अवधारणा और उसके कार्यान्वयन पर भी महत्वपूर्ण सलाह साझा की गई।

सरकार के प्रवक्ता भी रहे मंत्री पोखरेल ने शिक्षा क्षेत्र में सुधारों के लिए मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित प्राथमिकताएँ और कार्ययोजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए, ऑटिज्म वाले बालकों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुकूल वातावरण निर्मित करने हेतु ब्रिटिश सरकार से तकनीकी सहयोग, संसाधनों की व्यवस्था तथा दक्ष जनशक्ति विकास में सहयोग की अपील की। उन्होंने शिक्षा पुनर्गठन में ‘पैराडाइम शिफ्ट’ की आवश्यकता पर बल देते हुए अपंगता, विशेषकर ऑटिज्म वाले बालकों के लिए विशिष्ट शिक्षण प्रणाली और सहायता व्यवस्था विस्तार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

मंत्री पोखरेल ने ब्रिटिश सरकार से बजटीय सहायता, मौद्रिक मदद एवं विशेषज्ञता और ज्ञान हस्तांतरण के माध्यम से क्षमता विकास में और सहयोग की उम्मीद जताई। बैठक में ब्रिटिश मंत्री मल्होत्रा ने नेपाल-ब्रिटेन के ऐतिहासिक संबंधों, विकास साझेदारी और पारस्परिक हित के विषयों पर चर्चा करते हुए दोनों देशों के रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन की नई सरकार शिक्षा क्षेत्र में आधुनिक सुधार कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रही है और नेपाल जैसे देशों में शिक्षा में निवेश और साझेदारी बढ़ाने की योजना है। मंत्री मल्होत्रा ने नेपाल की उच्च शिक्षा में ब्रिटिश स्तर की गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक कार्यक्रमों को लागू करने हेतु नेपाल के विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली के प्रोत्साहन के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधानों में संशोधन कर साझेदारी बढ़ाने के लिए ब्रिटिश सरकार पूरी तरह तैयार है। समानता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए, ब्रिटिश मंत्री मल्होत्रा आज सुबह तीन दिवसीय भ्रमण हेतु नेपाल पहुंची हैं।

रविको मुद्दा संशोधनमा अदालतले लिएका ६ आधार – Online Khabar

रवि के मामले में संशोधन के लिए अदालत द्वारा उद्धृत किए गए ६ मुख्य कारण

जिला अदालत कास्की ने रवि लामिछाने के खिलाफ संपत्ति शुद्धिकरण और संगठित अपराध के आरोप वापस लेकर केवल सहकारी ठगी का मामला कायम रखा है। आरोप वापस लेने के बाद लामिछाने की निलंबन स्वतः समाप्त हो गई है और वे कानूनी रूप से संसदीय गतिविधियों में भाग लेने सक्षम हो गए हैं। अदालत ने अभियोजन संशोधन करते हुए पीड़ितों के धनवापसी को प्राथमिकता देते हुए मेल-मिलाप का रास्ता खोलने की बात कही है। ८ जेठ, काठमांडू। जिला अदालत कास्की ने राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व गृह मंत्री रवि लामिछाने के खिलाफ संपत्ति शुद्धिकरण एवं संगठित अपराध के आरोप संशोधित किए हैं। सुशीला कार्की नेतृत्व वाली चुनावी सरकार की महान्यायाधिवक्ता सविता भंडारी बराल ने पिछले पुस के अंत में रवि लामिछाने के खिलाफ विभिन्न जिलों की अदालतों में विचाराधीन मामलों में से संपत्ति शुद्धिकरण और संगठित अपराध के मामले वापस लेने का निर्णय लिया था। इसी निर्णय के आधार पर जिला सरकारी वकालत कार्यालय, कास्की ने जिला अदालत में आरोप संशोधन के लिए आवेदन दिया था। चार महीने से अधिक समय बाद जिला अदालत ने अभियोगपत्र संशोधन का फैसला किया है। अब कास्की में रवि लामिछाने के खिलाफ केवल सहकारी ठगी का मामला बाकी है।

जिला न्यायाधीश हिमलाल बेल्बासे की अदालत ने आदेश में उल्लेख किया है, ‘आवेदन न्यायसंगत प्रतीत होने के कारण मूल, अतिरिक्त और पूरक अभियोगपत्रों में केवल सहकारी ठगी का आरोप कायम रखते हुए अन्य संगठित अपराध और संपत्ति शुद्धिकरण के आरोप हटाकर मुलुकी फौजदारी कार्यविधि संहिता, २०७४ की धारा ३६ के अनुसार संशोधित किया गया है।’ इस आदेश के साथ ही जिला अदालत कास्की में रवि लामिछाने के खिलाफ सहकारी ठगी का मामला ही शेष रह गया है। संपत्ति शुद्धिकरण का आरोप भी कास्की अदालत में वापस हो चुका है।

जिला अदालत कास्की के आदेश के बाद लामिछाने की निलंबन स्वतः समाप्त हो चुकी है और पीड़ितों को रकम वापस कर मुआवजे का रास्ता भी खुल गया है। आरोप वापस लेने के कारण वे सार्वजनिक पद से निलंबित नहीं होंगे और अब कानूनी रूप से संसदीय गतिविधियों में शामिल हो सकेंगे। यह निर्णय रवि लामिछाने सहित पोखरा के सूर्यदर्शन सहकारी ठगी के मामलों में आरोपित जीबी राई, छविलाल जोशी आदि पर भी लागू होगा। यदि आरोपित राशि वापस करने की स्थिति में होते हैं तो कभी भी मुआवजा संभव है और मामलों के खारिज होने की संभावना है।

कास्की की जिला न्याय अधिवक्ता कमला काफ्ले ने कहा, ‘अब मामले में मुआवजा का रास्ता खुल चुका है। न्यायालय ने संगठित अपराध और संपत्ति शुद्धिकरण के आरोप वापस कर दिए हैं, वे आरोप अब मानो समाप्त समझे जाएं। कई पक्षकारों ने मुआवजा के लिए भी आवेदन दिया है और प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।’

अदालत द्वारा उद्धृत ६ आधार
जिला अदालत कास्की ने रवि लामिछाने के खिलाफ अभियोगपत्र संशोधन की अनुमति देते हुए महान्यायाधिवक्ता सविता भंडारी बराल के निर्णय के आधार भी मुख्यतः समान रखे हैं। अदालत ने निम्न ६ कारण बताए हैं, जिनके आधार पर आरोप संशोधन को स्वीकृति दी गई है।

पहला आधार: पीड़ित पक्ष की बचत राशि शीघ्र और सरल तौर पर वापस करने की आवश्यकता को अदालत ने संशोधन का प्रमुख आधार बनाया है। मुकदमे दर्ज करने का मूल उद्देश्य ही पीड़ित का धनवापसी है, इसलिए अनुमति दी गई।

दूसरा आधार: सरकार ने प्रारंभ में आरोपपत्र दर्ज करते समय संपत्ति शुद्धिकरण और संगठित अपराध के आरोप नहीं लगाए थे, इसे अदालत दूसरा आधार मानती है।

तीसरा आधार: सहकारी पीड़ितों ने शिकायत के अलावा उक्त दोनों आरोपों की कोई दलील नहीं दी है, इसे ध्यान में रखते हुए संशोधन किया गया है। संशोधन के बाद भी पीड़ित सहकारी ठगी से अपनी राशि वापस पाने के योग्य बने रहेंगे।

चौथा आधार: यदि संपत्ति शुद्धिकरण और संगठित अपराध के आरोप बनाए रखे गए होते, तो शिकायतकर्ता और आरोपित के बीच मुआवजा असंभव होता। इसलिए मुआवजा के लिए दोनों आरोपों को संशोधित करना पड़ा।

पाँचवां और छठा आधार: अदालत ने कहा है, ‘कानून की निर्धारित प्रक्रिया न्याय उपलब्धि का आधार होती है, लेकिन यह न्याय की मूल भावना को प्रभावित नहीं कर सकती। अभियोजन के संशोधन की मांग में कोई अपचित भावना नहीं देखी गई और दोनों पक्षों के हितों के प्रति संवेदनशीलता बनी रही।’

अन्य जिलों में शेष मामले
जिला अदालत कास्की में संशोधन हो चुका है, परंतु अन्य जिलों में रवि लामिछाने के खिलाफ सहकारी ठगी और संगठित अपराध के मामले अभी भी चल रहे हैं। चितवन जिले में संगठित अपराध का मामला नहीं है। काठमांडू, रूपन्देही और पर्सा में मुआवजा की संभावना नहीं है क्योंकि वहाँ संगठित अपराध के आरोप भी लगे हैं। इन जिलों में आरोप वापस लेने के लिए सरकारी वकीलों को अदालत में आवेदन करना होगा। कास्की के अलावा अन्य जिलों में संपत्ति शुद्धिकरण का मामला नहीं है। अन्य जिलों में यदि संगठित अपराध का आरोप वापस भी लिया गया तो सहकारी ठगी का आरोप ही पूरी तरह शेष रहेगा। पीड़ितों की बचत राशि लौटाते ही तत्काल मुआवजा के जरिए मामला समाप्त होने और दंड से बचाव की संभावना है।

चार माह क्यों लगे?
महान्यायाधिवक्ता सविता भंडारी ने पिछले पुस के अंत में रवि लामिछाने के खिलाफ संपत्ति शुद्धिकरण और संगठित अपराध के आरोप संशोधित करने की अनुमति सरकारी वकीलों को दी थी। यह निर्णय पूर्व गृह मंत्री रवि लामिछाने की याचिका पर आधारित था। उनका कहना था, ‘मूल, अतिरिक्त और पूरक अभियोगपत्रों से सहकारी रकम के प्रबंधन के अलावा अन्य आरोप हटाकर मुआवजा का मौका बनाया जाना चाहिए।’ लेकिन इस निर्णय के सार्वजनिक होते ही उच्चतम न्यायालय में तीन याचिकाएँ दायर हुईं, जिनमें महान्यायाधिवक्ता के निर्णय को असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने की मांग की गई। सर्वोच्च न्यायालय ने तत्काल आदेश जारी किए बिना इस मामले को प्राथमिकता में रखकर सुनवाई की और इसे तीन सदस्यीय पूर्ण पीठ के पास भेजने का आदेश दिया। सुनवाई के लिए दो बार तिथियाँ तय की गईं, पर महान्यायाधिवक्ता कार्यालय के आवेदन के कारण स्थगन हुआ। इसलिए कुछ महीने बाद मामले की सुनवाई हुई। इसी दौरान जिला सरकारी वकील कार्यालय कास्की ने रवि लामिछाने के खिलाफ दो आरोप वापस लेने का आवेदन दिया था और यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन था। न्यायाधीश नीतिज्ञ राय ने निर्देश दिया कि सर्वोच्च से कोई आदेश आने पर ही जिला अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया जाए। लेकिन उच्च न्यायालय पोखरा में सूर्यदर्शन सहकारी के संचालक रामबहादुर खनाल ने जिला अदालत के आदेश को निरस्त करने के लिए याचिका दी, जिसकी मांग मान ली गई। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश डॉ. रत्नबहादुर बागचन्द और मेरिना श्रेष्ठ की पीठ ने आदेश दिया, ‘जिला सरकारी वकील कार्यालय कास्की द्वारा दायर आवेदन में सरकारी वकील और संबंधित पक्षों को शामिल कर सुनवाई करके निर्णय किया जाएगा।’ इसके बाद जिला अदालत ने आवेदन की सुनवाई कर अभियोगपत्र संशोधित किया। जिला न्याय अधिवक्ता काफ्ले ने कहा, ‘सरकार द्वारा लौटाए गए धन पर ही आरोप वापस लिए जा सकते हैं। पीड़ितों को धन वापस मिलने पर मुआवजा संभव है, नहीं तो सहकारी ठगी का मामला बाकी रहेगा और साक्ष्यों के आधार पर सजा हो सकती है।’

नेपाल और स्पेन के बीच कृषि सहयोग विस्तार पर चर्चा

समाचार सारांश

संपादकीय रूप से समीक्षा किया हुआ।

  • कृषि, वन और वातावरण मंत्री गीता चौधरी और स्पेन के गैर-आवासीय राजदूत जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल के बीच कृषि आधुनिकीकरण और द्विपक्षीय सहयोग विस्तार पर चर्चा हुई।
  • राजदूत पुजोल ने बताया कि 2027 में होने वाले एफएओ महानिदेशक के चुनाव में नेपाल सरकार के सकारात्मक समर्थन की अपेक्षा है।
  • मंत्री चौधरी ने नेपाल में कृषि डिजिटलाइजेशन, भौगोलिक संकेत पंजीकरण और जलवायु-सहिष्णु कृषि प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया।

8 जेठ, काठमांडू। कृषि, वन और वातावरण मंत्री गीता चौधरी से नेपाल के लिए स्पेन के गैर-आवासीय राजदूत जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल के बीच शिष्टाचार भेंटवार्ता हुई।

भेंट में कृषि आधुनिकीकरण, कृषि डिजिटलाइजेशन, गुणवत्ता युक्त कृषि उत्पाद, जल प्रबंधन, जलवायु अनुकूल कृषि और द्विपक्षीय सहयोग विस्तार के विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

राजदूत पुजोल ने बताया कि 2027 में संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के महानिदेशक पद के चुनाव में नेपाल सरकार के सकारात्मक समर्थन की अपेक्षा है। मंत्री चौधरी ने कहा कि इस बारे में विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर आगे बढ़ा जाएगा।

राजदूत पुजोल ने कहा कि स्पेन गुणवत्ता युक्त कृषि उत्पाद, कृषि ट्रेसिबिलिटी प्रणाली, कृषि निवेश और तकनीकी आदान-प्रदान में सहयोग करने के इच्छुक है।

उन्होंने स्पेन के ज्वालामुखीय क्षेत्रों में विकसित वाइन उत्पादन, जैतून तेल की ट्रेसिबिलिटी प्रणाली, संतरों, साइट्रस और अंगूर की खेती के अभ्यास, साथ ही जल संकट वाले द्वीप क्षेत्रों में रात के समय पानी उठाने की तकनीक से अवगत कराया।

उन्होंने बताया कि स्पेन में आयोजित कृषि प्रदर्शनियों और निवेश सम्मेलनों में उत्पादकों, निवेशकों और संबंधित पक्षों की महत्वपूर्ण भागीदारी रहती है और नेपाल को भी इन अवसरों में भाग लेने का आग्रह किया।

मंत्री चौधरी ने बताया कि नेपाल सरकार कृषि डिजिटलाइजेशन, युवा सशक्तिकरण और कृषि नवाचार को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने कहा कि नेपाल में भौगोलिक संकेत (जीआई) पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की गई है और संतरों व कीवी के लिए पायलट कार्यक्रम चल रहा है।

मंत्री चौधरी ने कहा कि नेपाल में प्राकृतिक संसाधनों की भरपूर संभावनाएँ हैं, लेकिन तकनीकी और जलवायु-सहिष्णु कृषि प्रणालियों की आवश्यकता है तथा पारंपरिक कृषि को बाजार से जोड़ना आवश्यक है।

साथ ही वन संरक्षण प्रयासों के बीच नेपाल जलवायु परिवर्तन के उच्च जोखिम में है, इसलिए स्पेन के अनुभव और विशेषज्ञता से सीखने की इच्छा है।

भेंट में नेपाल- स्पेन के बीच कृषि, तकनीक, जल प्रबंधन और सतत कृषि विकास के क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर सकारात्मक चर्चा हुई।

सोनमा गाउँपालिकाका प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत ७२ हजार रुपैयाँ घुससहित पक्राउ

८ जेठ, जनकपुरधाम। महोत्तरी जिल्लाको सोनमा गाउँपालिकाका प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत श्रीदेव यादवलाई ७२ हजार रुपैयाँ घुससहित पक्राउ गरिएको छ। उनी एक उपभोक्ता समितिको अध्यक्षसँग घुस लिँदै गरेको अवस्थामा अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोगको कार्यालय बर्दिबासले नियन्त्रणमा लिएको हो। अख्तियारले जानकारी दिएको छ कि यादवलाई औरही सडक क्षेत्रमा पक्राउ गरिएको हो र उनीसँग थप रकम पनि रहेको आशंका गरिएको छ।

एमाले बैठकमा ओलीलाई गुरुङको प्रश्न- पार्टी तपाईंको प्राइभेट कम्पनी हो ?

एमाले बैठक में ओली को गुरुङ का सवाल: ‘क्या पार्टी आपकी निजी कंपनी है?’

समाचार संक्षेप
एमाले उपाध्यक्ष पृथ्वी सुब्बा गुरुङ ने अध्यक्ष केपी शर्मा ओली से पूछा है, ‘पार्टी क्या आपकी निजी कंपनी है?’ अध्यक्ष ओली द्वारा अन्य नेताओं को धमकी दिए जाने पर उपाध्यक्ष गुरुङ ने पार्टी को सुधारने की आवश्यकता जताई है। एमाले सचिवालय की बैठक में अध्यक्ष ओली की कड़ी भाषा पर चार उपाध्यक्षों ने आपत्ति जताई थी, जिसके कारण बैठक स्थगित कर दी गई थी। ८ जेठ, काठमाडौं।

एमाले उपाध्यक्ष पृथ्वी सुब्बा गुरुङ ने अध्यक्ष केपी शर्मा ओली से ‘‘पार्टी क्या आपकी निजी कंपनी है?’’ पूछते हुए सवाल किया है। अध्यक्ष ओली द्वारा अराजक होने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की धमकी देने पर उपाध्यक्ष गुरुङ ने इसका विरोध किया है। सचिवालय की बैठक में चार उपाध्यक्षों ने अध्यक्ष ओली की नेतृत्व शैली पर आपत्ति जताई थी।

‘आज की बैठक में काफी तकरार हुई। अध्यक्ष ने अंत में थोड़ी कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया। इसका जवाब देते हुए पृथ्वी सुब्बा गुरुङ ने भी कड़ा प्रतिवाद करते हुए कहा – क्या यह पार्टी आपकी निजी कंपनी है? क्या आपको अपने सहयोगी नेताओं से सम्मानजनक बातचीत करना नहीं आता?’ एक नेता ने बताया। ओली ने पार्टी की लाइन के खिलाफ जाने वालों को कार्य विभाजन में शामिल नहीं करने का संकेत दिया था, जिस पर गुरुङ ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में पार्टी को सुधारा जाना चाहिए। धमकियों के बढ़ने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया था। तीखी बहस के बाद बैठक स्थगित कर दी गई थी।

ट्रिप टर्बो और अगोडा के बीच रणनीतिक साझेदारी, नेपाली यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय होटल बुकिंग और भी सरल

नेपाल का सबसे अधिक डाउनलोड किया गया ट्रैवल एप ट्रिप टर्बो ने वैश्विक डिजिटल ट्रैवल प्लेटफॉर्म अगोडा के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस साझेदारी के बाद नेपाली यात्री अगोडा के वैश्विक होटल नेटवर्क में नेपाली मुद्रा में सीधे बुकिंग कर सकेंगे। ट्रिप टर्बो ने 2024 सितंबर में मोबाइल एप लॉन्च किया है और इसके पांच लाख से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं।

इस सहयोग के माध्यम से नेपाली यात्रियों के लिए अब पूरे विश्व भर के अंतरराष्ट्रीय होटल सीधे नेपाली मुद्रा में सरलता से बुक करना संभव होगा। ट्रिप टर्बो उपयोगकर्ता अगोडा के व्यापक होटल नेटवर्क का लाभ उठा सकेंगे, जिसमें लाखों होटल और आवास सेवाएं उपलब्ध हैं। ट्रिप टर्बो के संस्थापक शिखर प्रसाई ने कहा, “यह रणनीतिक साझेदारी विदेश भ्रमण के लिए जाने वाले नेपाली लोगों के लिए अत्यंत सुविधाजनक है, जहाँ वे नेपाली मुद्रा में ही होटल बुक कर सकते हैं।”

साझेदारी पर ट्रिप टर्बो की ओर से संस्थापक प्रसाई और अगोडा के प्रमुख व्यवसायिक अधिकारी डेमियन फिर्स्च ने हस्ताक्षर किए हैं। अगोडा की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और ट्रिप टर्बो की नेपाली बाजार की गहरी समझ को मिलाकर यात्रियों को सहज, सुरक्षित और भरोसेमंद बुकिंग अनुभव प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। ट्रिप टर्बो नेपाल का सबसे बड़ा ऑनलाइन ट्रैवल मार्केटप्लेस है।

महिला मन्त्रालय के बजट में वृद्धि की मांग रास्वपा सांसदों ने की

प्रतिनिधि सभा के सदस्यों ने महिला, बालबालिका, लैंगिक एवं यौनिक अल्पसंख्यक और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के बजट में वृद्धि के लिए सरकार पर दबाव डाला है। सांसद रिमा विश्वकर्मा ने महिला मंत्रालय को कुल बजट का एक प्रतिशत से कम मिलना दुखद बताया और बजट बढ़ाना आवश्यक बताई। सांसद शोभा खनाल ने ऑटिज्म और बलात्कार पीड़ित बाल बच्चों के लिए अलग बजट आवंटित करने का सुझाव सरकार को दिया। ८ जेठ, काठमाडौं।

प्रतिनिधि सभा के सांसदों ने महिला, बालबालिका, लैंगिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के बजट बढ़ाने की मांग की है। शुक्रवार को संघीय संसद प्रतिनिधि सभा के महिला तथा सामाजिक मामले समिति की बैठक में सांसदों ने यह मांग रखी। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी से सांसद रिमा विश्वकर्मी, शोभा खनाल समेत अन्य ने महिला मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए आगामी आर्थिक वर्ष में बजट वृद्धि का आग्रह किया।

सांसद विश्वकर्मा ने कहा कि ५१ प्रतिशत जनसंख्या को जिम्मेदारी सौंपे महिला मंत्रालय को कुल बजट का एक प्रतिशत से कम मिलना बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि महिला हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए सरकार को महिला मंत्रालय के बजट में वृद्धि करना अतिदरकार है। ‘जनसांख्यिकी के अनुसार महिलाएं ५१ प्रतिशत हैं, फिर भी हमें ३३ प्रतिशत बजट पर संतोष क्यों करना पड़ता है? यह सोच मेरे लिए समझना कठिन है। इस मुद्दे पर हमें बहस करनी चाहिए। मैंने देखा कि राष्ट्र बजट का महिला मंत्रालय को एक प्रतिशत से कम बजट मिले है, जो हमारे जनसंख्या प्रतिनिधित्व से मेल नहीं खाता,’ उन्होंने कहा।

सांसद शोभा खनाल ने ऑटिज्म और बलात्कार पीड़ित बालबालिकाओं के लिए अलग बजट आवंटित करने की आवश्यकता बताई। ‘ऑटिज्म और बलात्कार पीड़ित बालकों के लिए अलग बजट मिलने से ऐसे कार्यक्रम प्रभावी होंगे और गर्भवती महिलाओं के उद्धार कार्यक्रम को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी,’ उन्होंने कहा। कांग्रेस सांसद रीना उप्रेती ने वृद्धाश्रम के प्रावधान को वॉर्ड स्तर तक विस्तारित करने की मांग सरकार से की। उन्होंने तर्क दिया कि नई पीढ़ी के अनुभव साझा करने के लिए स्थानीय तहों में वृद्धाश्रम की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। ‘वृद्धाश्रम का स्थापना वॉर्ड स्तर पर हो ताकि हर वॉर्ड में इसका प्रबंध हो सके। समावेशी कानून बनाकर महिलाओं को पीड़ित होने से बचाना भी जरूरी है,’ उन्होंने कहा।

रकम फिर्ता गर्दैमा उन्मुक्ति मिल्छ ? – Online Khabar

गैरकानूनी उपचार खर्च लौटाने पर फ्लैग ऑफ इम्म्यूनिटी मिलता है?

समाचार के सारांश की समीक्षा के बाद यह तैयार किया गया है। नेकपा एमाले ने केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा गैरकानूनी तरीके से वितरित किए गए उपचार खर्च को राज्यकोष में वापस किया है। पूर्वराष्ट्रपति रामवरण यादव, पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और झलनाथ खनाल द्वारा उपचार खर्च लौटाने के बाद अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग द्वारा भ्रष्टाचार की जांच में विराम लगने के संकेत मिले हैं। अख्तियार ने उच्च पदस्थ व्यक्तियों द्वारा की गई भ्रष्टाचार राशि की वापसी पर उजागर किए जाने के बजाय उन्हें माफी देने का निर्णय लेने पर पूर्वसचिव शारदाप्रसाद त्रिताल ने आपत्ति जताई है। ८ जेठ, काठमांडू। नेकपा एमाले ने पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा गैरकानूनी रूप से वितरित किए गए उपचार खर्च की राशि पिछले सप्ताह राज्यकोष में वापस की है। पूर्वराष्ट्रपति डॉ. रामवरण यादव, पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और झलनाथ खनाल ने लगभग चार करोड़ रुपये के उपचार खर्च वापस किए, जिसके बाद अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग, जो उनकी शिकायतों की जांच कर रहा था, ने जांच रोकने के संकेत दिए हैं। समाचार पहली बार प्रकाशित होने के बाद कई लोगों ने सार्वजनिक रूप से विरोध जताया है। उच्च पदस्थ व्यक्तियों द्वारा गैरकानूनी सुविधाएं प्राप्त करने के बाद समस्या उत्पन्न होने पर रकम लौटाकर माफी मिलने की स्थिति में अन्य लोगों को ऐसी सुविधाएं क्यों न मिलें, इस पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्वमंत्री विष्णु पौडेल के पुत्र नवीन पौडेल और तत्कालीन अधिवक्ता द्वारा ललिता निवास की जमीन सरकार को वापस किए जाने के बाद उनके खिलाफ कोई मामला न चलाने के निर्णय के सन्दर्भ में, विशेष व्यक्तियों और आम जनता के बीच राज्य के कानून के अस्पष्ट तथा भेदभावपूर्ण प्रवर्तन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उद्योग वाणिज्य महासंघ में ६ केन्द्रीय सदस्यों का मनोनयन

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के अध्यक्ष अन्जन श्रेष्ठ ने दो महिलाओं समेत ६ केन्द्रीय सदस्यों का मनोनयन किया है। मनोनीत सदस्यों में शिवप्रसाद घिमिरे, मनीषलाल प्रधान, नवीन रिजाल, गोकर्ण कार्की, दर्शना श्रेष्ठ और सहारा जोशी शामिल हैं। महासंघ के विधान के अनुसार कम से कम दो महिला सदस्यों सहित कुल ७ सदस्यों को मनोनीत करने का प्रावधान है।

अध्यक्ष श्रेष्ठ ने निजी क्षेत्र के हित और देश के आर्थिक विकास के लिए सभी को एकजुट होने पर जोर दिया। विधान के अनुसार एक सदस्य पद का मनोनयन अभी बाकी है। आज ही महासंघ के चुनाव में वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पदों के लिए भी पदाधिकारी चुने गए हैं। नव निर्वाचित तथा मनोनीत पदाधिकारियों और सदस्यों को अध्यक्ष श्रेष्ठ ने पद तथा गोपनीयता की शपथ भी दिलाई।

इस अवसर पर अध्यक्ष श्रेष्ठ ने कहा कि निजी क्षेत्र के व्यवसायिक हित और देश के आर्थिक विकास के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने देश भर के उद्योगियों और व्यवसायियों की मांगों को पूरा करते हुए आर्थिक समृद्धि और विकास के लिए महासंघ सक्रिय रहेगा, यह विश्वास व्यक्त किया। महासंघ की ६०वीं वार्षिक साधारण सभा और चुनाव वैशाख २१ और २२ को सम्पन्न होने के बाद अन्जन श्रेष्ठ महासंघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।

पहले एमाले के खिलाफ जसपा का साथ दिया, अब मुख्यमन्त्री यादव ने एमाले को पन्छाकर जसपा को किया बर्खास्त


८ जेठ, जनकपुरधाम। मधेश प्रदेश के मुख्यमन्त्री कृष्णप्रसाद यादव ने गुरुवार जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) नेपाल के तीन मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही, नेकपा एमाले के मोहम्मद समिर को बिना विभाग का मंत्री बनाकर सरकार में शामिल किया है।

जसपा नेपाल से बर्खास्त किए गए मंत्रियों में भौतिक पूर्वाधार मंत्री राजकुमार गुप्ता, श्रम और यातायात मंत्री मनिष सुमन तथा शिक्षा और संस्कृति मंत्री रानीकुमारी तिवारी शामिल हैं।

मुख्यमन्त्री यादव ने कुछ समय पहले मंत्रियों को इस्तीफा देने का निर्देश दिया था, लेकिन जसपा के मंत्रियों ने आदेश का पालन नहीं किया। इसके बाद उन्होंने बर्खास्तगी का निर्णय लिया।

जसपा नेपाल वह पार्टी है जिसने आठ माह पहले कांग्रेस के कृष्णप्रसाद यादव को कंधा देकर मुख्यमन्त्री बनाया था, परन्तु उन्हें इस्तीफा देकर अपनी सरकार बनाने से बचा था।

जनमत पार्टी के सतीश कुमार सिंह की सरकार गिरने के बाद लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) नेपाल के जितेन्द्र सोनल मुख्यमन्त्री बने। कात्तिक २२ को विश्वासमत के दौरान कांग्रेस और एमाले विपक्ष में थे।

तत्कालीन नेकपा माओवादी केन्द्र के प्रदेश सांसद रहबर अन्सारी ने विद्रोह किया और जनमत के सांसद सतीश सिंह तथा त्रिभुवन साह संसद में अनुपस्थित रहे। इस वजह से मुख्यमन्त्री सोनल को विश्वासमत नहीं मिल पाया और उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

फिर प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी एमाले ने सरकार में सत्ता संघर्ष शुरू किया। प्रदेश प्रमुख का उपयोग करते हुए संविधान की धारा १६८(३) के तहत कात्तिक २३ की रात को एमाले के सरोजकुमार यादव को मुख्यमन्त्री नियुक्त किया गया। शपथ अगले दिन होटल में दिलाई गई, जिससे मधेश में बड़ा राजनीतिक तनाव उत्पन्न हुआ।

इसके बाद कांग्रेस, जसपा नेपाल सहित छह दलों ने गठबंधन बनाकर आंदोलन शुरू किया, जिसने मधेश में एमाले को अलग-थलग कर दिया।

उस घटना के बाद कर्मचारियों पर हमला और तोड़फोड़ हुई, मामला सर्वोच्च अदालत तक गया।

प्रदेशसभा की बैठक खुलने के बाद लगभग एक महीना प्रदेश अशांत रहा। इसके बाद एमाले की सरकार गिर गई।

एमाले की सरकार गिरने के बाद जसपा नेपाल और लोसपा समेत मधेश केंद्रित दलों ने सरकार बनाने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस के शामिल होने और आंदोलन करने के कारण सभी ने कांग्रेस के यादव को मुख्यमन्त्री बनाने पर सहमति जताई।

मंसिर १९ को कांग्रेस के यादव मुख्यमन्त्री बनाए गए और उन्होंने २२ कांग्रेस, १८ जसपा नेपाल, १३ जनमत, ९ माओवादी केन्द्र, ८ लोसपा और ७ नेकपा एकीकृत समाजवादी के सांसदों का समर्थन हासिल किया था। एमाले अकेले विपक्ष में रह गया था।

लेकिन अब फिर से मधेश की राजनीतिक स्थिति बदली है। आठ माह पहले कंधा थामकर सत्ता दिलाने वाले दल को किनारे करते हुए मुख्यमन्त्री यादव ने अब एमाले के साथ मिलकर सरकार को जारी रखा है।

मुख्यमन्त्री यादव ने जसपा नेपाल के मंत्रियों को बर्खास्त करने से पहले गुरुवार दोपहर जसपा ने मुख्यमन्त्री यादव को विश्वासमत देने का निर्णय लिया था, लेकिन कुछ घंटों में राजनीतिक उथल-पुथल ने परिस्थितियों को बदल दिया।

गुरुवार को जसपा नेपाल और लोसपा संसदीय दल की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें सरोजकुमार यादव को दल का नेता चुना गया और सरकार को जारी रखने का निर्णय भी लिया गया। लेकिन मुख्यमन्त्री यादव के समर्थन छोड़ने के बाद जसपा ने शुक्रवार को फैसला वापस लेकर विश्वासमत नहीं दिया।

मंत्री से बर्खास्त किए गए जसपा सांसद मनिष सुमन ने कहा कि मुख्यमन्त्री ने उन्हें इस्तीफा देने का मौका तक नहीं दिया।

‘मुख्यमन्त्री ने छल करके एमाले जैसी पार्टी के साथ गठबंधन किया है,’ उन्होंने कहा, ‘जब सरोज यादव मुख्यमन्त्री थे, तब हम सड़क से लेकर सर्वोच्च अदालत तक उनका समर्थन कर रहे थे। आज ऐसी स्थिति आ गई है, यह घोर अनुरूपता की चरम सीमा है।’

जसपा नेपाल की सांसद रूपा यादव ने कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप लगाया। ‘कांग्रेस के मुख्यमन्त्री द्वारा उठाया गया यह कदम आपत्तिजनक है। यह धोखाधड़ी है। इसके बारे में हम अपने विचार बना कर आगे बढ़ेंगे,’ उन्होंने कहा।

मधेश में कांग्रेस, एमाले और नेकपा के बीच त्रिदलीय समीकरण बन गया है। सरकार बनाने के लिए ५४ वोट आवश्यक हैं, जबकि मधेश प्रदेश सभा में एमाले के २४, कांग्रेस के २२ और नेकपा के १५ सीटें मिलाकर कुल ६१ सीटें हैं।

शुक्रवार मुख्यमन्त्री यादव ने संसद में विश्वासमत हासिल किया, जिसमें ६२ मत उनके पक्ष में और ३६ विपक्ष में पड़े।

सातै प्रदेशमा कस्तो बन्दैछ संगठन ? – Online Khabar

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के संगठन विस्तार में महत्वपूर्ण प्रगति

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने असार ७ से ९ तारीख तक अपना पहला महाधिवेशन आयोजित करने की तारीख तय की है। इस क्रम में संगठन विस्तार के लिए तहगत अधिवेशनों को तीव्रता प्रदान की गई है। प्रदेशगत रूप से पार्टी का संगठन बागमती और गण्डकी प्रदेश में अधिक मजबूत है, जबकि मधेस प्रदेश के बारामा संगठनगत गतिरोध देखने को मिला है। कर्णाली प्रदेश में पार्टी ने ५०० से अधिक वडाओं में अधिवेशन सम्पन्न कर स्थानीय तह में पहली पार्टी बनने का लक्ष्य रखा है।

सत्तारूढ़ दल के रूप में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने चुनाव के बाद संगठन विस्तार पर जोर दिया है। असार ७ से ९ तारीख तक हो रहे महाधिवेशन की तैयारी के तहत तहगत अधिवेशनों को तीव्र किया जा रहा है। तदर्थ समिति गठित किए गए स्थानों में वडा अधिवेशन संपन्न होने वाले हैं, जबकि जहां संगठन नहीं है वहां भेला बुलाया गया है। उन वडाओं जहां तदर्थ समिति गठित नहीं हुई, वहां के लिए भेला जेठ २ को बुलाया गया था, जबकि जो पालिका संरचना निर्मित नहीं हुई हैं, वहां की भेला भोलि (जेठ ९) को आयोजित होगी।

कोशी प्रदेश के झापा जिले में पार्टी ने संगठनात्मक रूप से मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, जबकि धनकुटा, ताप्लेजुङ, सोलुखुम्बु और खोटाङ जिलों में संगठन कमजोर बना हुआ है। मधेस प्रदेश में बारामा संगठन में गतिरोध के बावजूद अन्य जिलों में गतिविधियां तीव्र हैं। बागमती प्रदेश में चितवन और रसुवा जिलों में संगठन विस्तार तेजी से हो रहा है और बागमती के १०२१ से अधिक वडाओं में अधिवेशन आयोजित करने की तैयारी चल रही है।

गण्डकी प्रदेश में मनाङ और मुस्ताङ में अधिवेशन नहीं होंगे, वहीं कर्णाली प्रदेश में ५०० से अधिक वडाओं में अधिवेशन सफलतापूर्वक सम्पन्न हो चुके हैं। सुदूरपश्चिम के ९ जिलों में जिला स्तरीय अधिवेशन आयोजित होने की खबर है। पार्टी के नेताओं ने संगठन विस्तार में उल्लेखनीय प्रगति होने की जानकारी दी है और आगे भी अधिवेशन आयोजित करने की तैयारी में लगे रहने का विश्वास व्यक्त किया है।

पश्चिम एशियामा नेपालीहरूको सुरक्षा र हित प्रति सरकार सतर्क

परराष्ट्र मन्त्रालयले पश्चिम एशियामा रहेका नेपाली नागरिकहरूको सुरक्षा र हित प्रति सरकार अत्यन्तै सतर्क रहेको जनाएको छ। मन्त्रालयले स्ट्रेट अफ होर्मुजमा भएको अवरोध चाँडै खुल्ने र बजार मूल्यहरू सामान्यीकरणतर्फ उन्मुख हुने अपेक्षा व्यक्त गरेको छ। पश्चिम एशियामा रहेका नेपालीहरूले मन्त्रालयको अनलाइन पोर्टलमा ८७ हजार ८ सय ६३ जनाले आफ्नो जानकारी दर्ता गराइसकेका छन्। (८ जेठ, काठमाडौं)

परराष्ट्र मन्त्रालयले पश्चिम एशियाको पछिल्लो अवस्था नजिकबाट निगरानी गरिरहेको उल्लेख गर्दै त्यहाँ रहेका नेपालीहरूको सुरक्षा र हितप्रति सरकार सजग रहेको जनाएको छ। मन्त्रालयले आयोजित पत्रकार सम्मेलनमा प्रवक्ता लोकबहादुर पौडेल क्षेत्रीले पश्चिम एशियामा तनाव भए तापनि सार्थक वार्ताका सम्भावना निकै बलियो रहेको र मे महिनादेखि परिस्थिति क्रमशः सुधारोन्मुख रहेको बताएका छन्। उनले शान्ति कायम राख्न कूटनीतिक प्रयासहरू सफल तुल्याउनु, ‘स्ट्रेट अफ होर्मुज’ को अवरोध हटाउनु र उक्त क्षेत्रमा दिगो शान्ति स्थापित गर्नु अहिलेको मुख्य आवश्यकता रहेको बताए।

नेपालले ‘स्ट्रेट अफ होर्मुज’ अवरोध खुलाउन भइरहेका द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय प्रयासहरूलाई सहयोग गर्ने उल्लेख पनि उनले गरेका छन्। मन्त्रालयले अवरोध चाँडै हट्ने र त्यसले प्रभावित आपूर्ति शृङ्खला तथा आकाशिएको बजार मूल्य क्रमशः सामान्यीकरणतर्फ जाने अपेक्षा व्यक्त गरेको छ। प्रवक्ता क्षेत्रीका अनुसार पश्चिम एशियामा रहेका नेपालीहरूको अवस्था अहिले सामान्य रहेको बताउँदै उनीहरूको सुरक्षा र हितसँग सम्बन्धित विषयहरूमा निरन्तर सक्रिय रहेको जानकारी दिए। मन्त्रालयमा स्थापना गरिएको ‘इमर्जेन्सी कन्ट्रोल रूम’, कन्सुलर सेवा विभागको अनलाइन दर्ता प्रणाली तथा सम्बन्धित नेपाली नियोगका हटलाइन सेवा प्रवाह भईरहेको छ।

अब उक्त कन्ट्रोल रूम २४ घण्टाको सट्टा बिहान ९ बजेदेखि राति ९ बजेसम्म सञ्चालन गरिने उनको भनाइ छ। हालसम्म कन्ट्रोल रूममा १६० भन्दा बढी फोन, ५० भन्दा बढी इमेल तथा ११० भन्दा बढी अनलाइन माध्यमबाट सम्पर्क भएको छ भने १० भन्दा बढी व्यक्तिहरू भौतिक रुपमा उपस्थित भएर कुल ३३० भन्दा बढी पटक सम्पर्क गरेको र पछिल्लो ४८ घण्टामा मात्र दुई पटक सम्पर्क भएको पनि मन्त्रालयले जनाएको छ। त्यस्तै, कन्सुलर सेवा विभागले सञ्चालन गरेको अनलाइन पोर्टलमा हालसम्म ८७ हजार ८ सय ६३ जनाले विवरण दर्ता गराइसकेका छन् भने पछिल्लो १४ दिनमा मात्र १२ जनाले नयाँ दर्ता गरेका छन्। मन्त्रालयले पश्चिम एशियामा रहेका नेपाली नागरिकलाई कुनै समस्या परेमा नजिकको नेपाली नियोगमा सम्पर्क गर्न, स्थानीय सुरक्षा नियमहरू पालना गर्न र साइबर कानुन अन्तर्गत लागू हुने कुनै पनि निषेधित गतिविधिमा संलग्न नहुन अनुरोध गरेको छ।

सुदूरपश्चिम और लुम्बिनी में गर्मी और बढ़ेगी, घर से बाहर न निकलने की सलाह जारी

८ जेठ, काठमाडौं। सुदूरपश्चिम और लुम्बिनी प्रदेश के जिलों में आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। वर्तमान में गर्मी का असर जनजीवन पर देखने को मिल रहा है। जल तथा मौसम विज्ञान विभाग की मौसम पूर्वानुमान महाशाखा ने आगामी दिनों में तापमान में वृद्धि की संभावना जाहिर की है। इसी को लेकर महाशाखा ने आज शाम मौसम संबंधी विशेष सूचना जारी करते हुए सभी को सतर्क रहने का आग्रह किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कञ्चनपुर, कैलाली, डोटी, बर्दिया, बाँके और दाङ जैसे जिलों में अन्य जिलों की तुलना में अत्यधिक गर्मी होगी, इसलिए वहां के निवासियों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इसी तरह बैतडी, डडेलधुरा, अछाम, सुर्खेत, सल्यान, रोल्पा, प्युठान, पाल्पा, अर्घाखाँची, रुपन्देही और कपिलवस्तु में भी तापमान में वृद्धि होने के कारण वहां के स्थानीय लोगों को तापमान की स्थिति पर नियमित नजर रखने और सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। महाशाखा के अनुसार सुदूरपश्चिम प्रदेश के पहाड़ी एवं तराई क्षेत्रों तथा लुम्बिनी प्रदेश के तराई के कुछ इलाकों में ६ जेठ से ही अधिकतम तापमान ४० डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक मापा जा रहा है। वहीं, सुदूरपश्चिम और लुम्बिनी के कुछ पहाड़ी एवं तराई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान ३८ डिग्री सेल्सियस से ऊपर है।

देशभर तापमान के निरीक्षण के आधार पर यह देखा गया है कि अगले तीन दिनों तक लुम्बिनी और सुदूरपश्चिम प्रदेश के पहाड़ी तथा तराई क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान ३८ डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहेगा। कुछ क्षेत्रों में ४० डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान के कारण अत्यधिक गर्मी के जोखिम की संभावना है, जिसे विशेष सूचना में भी उल्लेख किया गया है। गर्मी बढ़ने के कारण इससे बचाव के लिए उचित तैयारी और सतर्कता अपनाने का महाशाखा ने सभी से अनुरोध किया है। “लुम्बिनी और सुदूरपश्चिम प्रदेश के तराई क्षेत्रों में आगामी तीन दिनों तक मध्यम स्तर की गर्मी लहर और पहाड़ी क्षेत्रों में उच्च तापमान रहने की संभावना है, अतः इसके प्रभाव से बचाव के लिए सावधानी बरतने का विनम्र आग्रह है,” महाशाखा की जारी विशेष सूचना में लिखा है।

गर्मी से बचाव के उपायों के संबंध में जनरल फिजिशियन डॉ. देवेन्द्र आचार्य ने बताया कि गर्म हवा और लहर से थकान, कमजोरी, अत्यधिक प्यास लगना, सिर दर्द, पैर बैसना, चक्कर आना, बेहोशी, मांसपेशियों में दर्द और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गर्मी से बचने के लिए ठंडी और छायादार जगह पर रहने, अत्यावश्यक न हो तो धूप में न निकलने, घर से बाहर निकलना हो तो टोपी पहनने और हल्के एवं ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही जूस, सूप और साधा पानी नियमित रूप से पीना चाहिए। इन सभी उपायों के बावजूद यदि स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न हो तो चिकित्सक से तुरंत परामर्श लेने की सलाह दी गई है।

विष्णु पौडेलले केपी ओलीलाई भने- ‘तपाईंबाट पार्टी चल्दैन’

विष्णु पौडेल ने केपी ओली से कहा- ‘आपसे पार्टी नहीं चलेगी’

एमाले के उपाध्यक्ष विष्णु पौडेल ने अध्यक्ष केपी शर्मा ओली को ७० वर्ष की आयु सीमा और दो कार्यकाल की व्यवस्था हटाने को एक बड़ी भूल बताते हुए पद छोड़ने का प्रस्ताव रखा है। उपाध्यक्ष पौडेल सहित चार उपाध्यक्षों ने कहा है कि ओली के नेतृत्व में पार्टी आगे नहीं बढ़ सकती और पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा है। जब ओली ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाने वालों को दंडित करने की धमकी दी, तब उपाध्यक्ष पृथ्वी सुब्बा गुरुङ ने कहा, ‘पार्टी आपकी निजी कंपनी नहीं है’ और सवाल उठाए। ८ जेठ, काठमाडौँ।

जेनजी आन्दोलन के बाद सत्ता से बाहर हुए एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली अब चुनाव में शर्मनाक हार के कारण पार्टी में भी संकट में हैं। पिछले महाधिवेशन में खुद को जिताने में मदद करने वाले नेतागण भी अब उनसे पार्टी नहीं चलाए जाने का निष्कर्ष निकाल कर पद छोड़ने पर आमादा हैं। इस प्रस्ताव को पार्टी की बैठक में औपचारिक रूप से रखा गया है। शुक्रवार को सचिवालय की बैठक में उपाध्यक्ष विष्णु पौडेल ने अध्यक्ष केपी शर्मा ओली को ७० वर्ष की आयु सीमा और दो कार्यकाल की प्रावधान को हटाना गलती बताया और पार्टी के लिए नई राह खोलने का प्रस्ताव रखा।

उपाध्यक्ष पौडेल ने कहा कि वर्तमान स्थिति में पार्टी का नेतृत्व करना उनके लिए संभव नहीं है और उन्हें अपना रास्ता छोड़ देना चाहिए। चुनाव में पार्टी की शर्मनाक हार के बाद यह प्रस्ताव सचिवालय की बैठक में औपचारिक तौर पर पेश किया गया। अब इस विचार के समर्थन में चार उपाध्यक्ष खड़े हैं। पौडेल, जो उपाध्यक्षों में दूसरे नंबर पर हैं, ने नेतृत्व बदलने की स्पष्ट धारणा व्यक्त करते हुए पार्टी को दो विभिन्न गुटों में बांट दिया है।

“अब आपके नेतृत्व में पार्टी आगे नहीं बढ़ सकती, निचले स्तर के कार्यकर्ताओं में गहरा निराशा है,” यह विचार उपाध्यक्ष पौडेल, पृथ्वी सुब्बा गुरुङ, रघुजी पन्त और गोकर्ण बिष्ट का था। जब उन्होंने अध्यक्ष के विकल्प की बातें कीं तब उपाध्यक्ष रामबहादुर थापा बादल ने इसका विरोध किया। थापाले कहा कि पार्टी संकट में है और इस समय नेतृत्व का बचाव करना जरूरी है। जब अन्य उपाध्यक्षों ने नेतृत्व पर सवाल उठाए, तब ओली ने कहा कि थापा का कथन ही पार्टी की आधिकारिक पंक्ति है।

अध्यक्ष ओली द्वारा अराजकता के आरोप लगाने पर उपाध्यक्ष पृथ्वी सुब्बा गुरुङ ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा, “आज बैठक में कड़ी बहस हुई। अध्यक्ष ने अंतिम क्षणों में कठोर भाषा का इस्तेमाल किया। इसका जवाब देते हुए मैंने भी कठोर प्रतिक्रिया दी और पूछा- क्या यह पार्टी आपकी निजी कंपनी है? क्या आपको अपने साथियों से सम्मानजनक तरीके से बात करने का तरीका नहीं आता?” बैठक में पौडेल ने पार्टी की हार की समीक्षा करने और उसकी जिम्मेदारी नेतृत्व को लेने की मांग की।

पौडेल ने कहा, “असफलता की जिम्मेदारी लेकर आपको मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। ७० वर्ष की उम्र सीमा और दो कार्यकाल की व्यवस्था को लेकर पार्टी में लोकतंत्रीकरण का जो मुद्दा उठाया गया था, उसमें हमने समर्थन किया था, लेकिन बाद में आपने वह प्रावधान हटा दिया और हम मान गए। यह मानना हमारी गलती थी। अब ७० वर्ष की आयु सीमा और दो कार्यकाल की व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए।” जब बैठक में दो गुट स्पष्ट हुए कि एक गुट ओली का समर्थन करता है और दूसरा उनका विरोध, तब अध्यक्ष ओली ने व्यंग्य करते हुए कहा कि ‘अध्यक्ष हटाने की मांग विष्णु पौडेल कर रहे हैं, जबकि दूसरे गुट का नेतृत्व रामबहादुर थापा कर रहे हैं।’