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लेखक: space4knews

प्रधानमन्त्रीको भारत भ्रमणबारे सैद्धान्तिक सहमति, मिति तय हुन बाँकी

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के भारत दौरे पर सैद्धांतिक सहमति, तारीख तय होना अभी बाकी

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के भारत दौरे को लेकर दोनों देशों के बीच सैद्धांतिक सहमति बन गई है, लेकिन यह दौरा कुछ समय बाद ही संभव होगा। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ हुई वार्ता में उच्च स्तरीय दौरे पर चर्चा हुई है, हालांकि अभी तक कोई तारीख तय नहीं हो सका है, ऐसा जानकारी दी है विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिश्रा का नेपाल दौरा एक महीने के भीतर संभव है और उसके बाद ही प्रधानमंत्री के भारत दौरे की तारीख निर्धारित होने की संभावना है। 28 चैत्र, काठमांडू।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के भारत दौरे पर दोनों देशों के बीच सैद्धांतिक सहमति के बावजूद यह यात्रा कुछ समय बाद ही होगी। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री शाह के निर्वाचित होते ही उन्हें बधाई पत्र के साथ भारत दौरे का निमंत्रण दिया था। विदेश मंत्री शिशिर खनाल के अनुसार, इसका जवाब देते हुए प्रधानमंत्री शाह ने कहा है कि वे “उचित समय पर भारत दौरा करेंगे”।

उनके अनुसार, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ हुई वार्ता में भी प्रधानमंत्री शाह ने भारत दौरे के विषय में सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की थी। हालांकि, तारीख तय करने से पहले कई तैयारियां बाकी हैं, ऐसा मंत्री खनाल ने शनिवार शाम को बताया। ‘अन्य द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय दौरे के विषय पर चर्चा हुई है। तारीख अभी तक निर्धारित नहीं हुई है,’ विदेश मंत्री खनाल ने कहा।

मौरिसस में चल रहे नौवें हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लेने के दौरान हुई साइडलाइन वार्ता में मुख्य रूप से नेपाल के चुनाव और नई सरकार द्वारा निर्धारित प्राथमिकताओं पर बातचीत हुई। इस अवसर पर विदेश मंत्री खनाल ने भारतीय विदेश मंत्री को नई सरकार की नेपाल की विदेश नीति और नेपाल-भारत संबंधों के विभिन्न आयामों की समीक्षा की जानकारी दी। ‘नेपाल और भारत के बीच गहरा राजनीतिक, आर्थिक और जन स्तर पर संबंध है। हम उन संबंधों के संबंधित विषयों का अध्ययन कर रहे हैं। इसी क्रम में हम संबंधों की प्राथमिकताओं को निर्धारित करेंगे,’ मंत्री खनाल ने बताया।

नागढुंगा–मुग्लिङ सड़क का निरीक्षण करते हुए गृहमंत्री ने बताया: देरी करने वालों को काली सूची में डाला जाएगा

समाचार सारांश

  • गृहमंत्री सुधन गुरुङ ने नागढुंगा–मुग्लिङ सड़क सुधार परियोजना का स्थलगत निरीक्षण कर निर्माणकों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
  • निर्माण सामग्री की कमी और स्थानीय प्रशासन की बाधाओं के कारण सड़क परियोजना में देरी हुई है, जो रिपोर्ट में भी उल्लेखित है।
  • गृहमंत्री गुरुङ ने मंत्रालयों के बीच समन्वय के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने का वादा किया है।

26 चैत्र, काठमांडू। गृहमंत्री सुधन गुरुङ ने राष्ट्रीय गौरव की परियोजना नागढुंगा–मुग्लिङ सड़क सुधार कार्य का स्थलगत निरीक्षण किया है।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में देरी करने और गुणवत्ता रहित कार्य करने वाले निर्माणकों को कड़ी कार्रवाई का अलर्ट दिया।

गृहमंत्री गुरुङ ने परियोजना के नौबिसे–मलेखु और मलेखु–मुग्लिङ खंडों का विस्तृत अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने निर्माणकों को निर्धारित समय पर उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।

‘कार्य में किसी भी बहाने से देरी स्वीकार्य नहीं होगी। यदि अनुबंध के अनुसार काम नहीं हुआ और गुणवत्ता में समझौता किया गया तो ऐसे कंपनियों को तत्काल काली सूची में डालकर कार्रवाई की जाएगी,’ उन्होंने स्पष्ट किया।

परियोजना द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में निर्माण सामग्री की कमी को मुख्य समस्या बताया गया है। विशेष रूप से नदीजन्य और खानीजन्य सामग्री के उत्खनन में कानूनी और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण देरी हुई है। स्थानीय प्रशासन भी नदीजन्य सामग्री (पत्थर, बजरी, बालू) के उत्खनन में बाधा बना हुआ है।

पहले क्रसर उद्योगों के बंद होने से निर्माण सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हुई, वहीं विभिन्न स्थानीय प्रशासनों द्वारा दोहरी कर प्रणाली अपनाने, कर दरों में असंगति, सामग्रियों की परिवहन में प्रशासनिक जटिलताएं, तथा खदान उत्खनन के लिए आवश्यक पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन और मंजूरी में देरी जैसी समस्याएं सामने आई हैं। परियोजना ने नई सरकार से बेल्खु बगर, घाटबेसी बगर और मलेखु–लाम बगर जैसे स्थानों से आवश्यक निर्माण सामग्री प्रदान करने और परिवहन की सुविधा देने का आग्रह किया है।

गृहमंत्री गुरुङ ने इन समस्याओं को हल करने के लिए सरकार की ओर से मंत्रालयों के बीच समन्वय कर आवश्यक समर्थन देने का आश्वासन दिया है।


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हिन्द महासागर सम्मेलन में विदेश मंत्री खनाल द्वारा नेपाल की विदेश नीति की प्राथमिकताएं प्रस्तुत

हिन्द महासागर की सामूहिक जिम्मेदारी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिभागी विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने स्पष्ट किया कि नेपाल की विदेश नीति सार्वभौमिक समानता और असंलग्नता पर आधारित है। वर्तमान में मॉरीशस में आयोजित इस सम्मेलन में उन्होंने मध्य पूर्व में जारी संकट के नेपाल पर प्रभाव और किसी भी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के प्रति नेपाल की प्रतिबद्धता प्रस्तुत की। भारत समेत अनेक देशों के विदेश मंत्रियों के साथ आयोजित सम्मेलन के एक सत्र में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के महासंधि से जुड़ी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नियम आधारित विश्व व्यवस्था के पक्ष में नेपाल है। उन्होंने नेपाल को हिमालय और समुद्र के बीच पुल के रूप में प्रस्तुत किया।

प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह ने दो सप्ताह पहले सत्ता संभाली है, लेकिन अभी तक सरकार ने अपनी विदेश नीति सार्वजनिक नहीं की है। फिर भी विदेश मंत्री खनाल ने कुछ दिन पहले से Kathmandu में कूटनीतिक नियोग के प्रमुखों के साथ सामूहिक संवाद किए हैं। मंत्री खनाल ने मध्य पूर्व के संघर्ष को नजरअंदाज नहीं करने की बात कही और उसके कारण नेपाल के सामाजिक-आर्थिक पक्ष पर गहरा प्रभाव पड़ा है, इसका विवरण दिया। मध्य पूर्व में लाखों नेपाली काम कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा सरकार की उच्च प्राथमिकता में है, खनाल ने इस कार्यक्रम में स्पष्ट किया।

उसी संघर्ष में एक नेपाली की मृत्यु हो चुकी है और कई घायल हुए हैं, खनाल ने उल्लेख किया और कहा, “इस संघर्ष का प्रभाव केवल उस क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में वृद्धि, आपूर्ति प्रणाली में बाधाएं और जीवनयापन पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है। ये सभी चुनौतियां हिन्द महासागर की स्थिरता और विश्व शांति से गहरे तौर पर जुड़ी हैं।” समुद्री सुरक्षा के जोखिम, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटें और बढ़ती असमानता जैसी समस्याओं को सहयोग के बिना हल नहीं किया जा सकता, उन्होंने साझा जिम्मेदारी के अनुसार काम करने की आवश्यकता बताई।

खनाल के अनुसार, इस साझा जिम्मेदारी का अर्थ है नियम-आधारित विश्व व्यवस्था में भाग लेकर साझा हितों के लिए मिलकर काम करना, तथा अंतरराष्ट्रीय कानून, सार्वभौमिक समानता, परस्पर सम्मान और सह-अस्तित्व के सिद्धांतों को आगे बढ़ाना। उन्होंने याद दिलाया कि नेपाल ने शांतिपूर्ण तरीके से विवाद समाधान की नीति अपनाई है और उसकी विदेश नीति संयुक्त राष्ट्र के महासंधि, पंचशील सिद्धांत और असंलग्नता पर आधारित है। “हम नियम-आधारित विश्व व्यवस्था के पक्ष में हैं, जहाँ बड़े और छोटे सभी देशों के अधिकारों का सम्मान होता है,” उन्होंने कहा।

गोल्डेनगेट ने त्रिभुवन आर्मी को हराकर उपाधि अपने नाम की

गोल्डेनगेट बास्केटबॉल क्लब ने हिमालयन जाभा नेशनल बास्केटबॉल लिग २०२६ के फाइनल में त्रिभुवन आर्मी क्लब को ९५-७४ के बड़े अंतर से हराकर उपाधि जीती। फाइनल में गोल्डेनगेट ने पहले क्वार्टर से दबाव बनाते हुए हाफटाइम तक ४१-२६ की बढ़त बनाई और अंततः १७ अंकों के व्यापक अंतर से सफलता हासिल की। प्रतियोगिता में आठ टीमें शामिल थीं, जिसमें विजेता को ट्रॉफी के साथ ४ लाख रुपये नकद पुरस्कार मिला, जबकि उपविजेता को २ लाख और तीसरे स्थान पर रहे को १ लाख नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।

२८ चैत, काठमाडौं। गोल्डेनगेट बास्केटबॉल क्लब ने हिमालयन जाभा नेशनल बास्केटबॉल लिग (एचजेएनबीएल) २०२६ की उपाधि अपने नाम की है। विभागीय टीम त्रिभुवन आर्मी क्लब को लगातार तीन हार देने वाली गोल्डेनगेट ने इस बार फाइनल में बदला लेते हुए चैंपियन का खिताब अपने कब्जे में लिया। त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला कवरडहाल में शनिवार को हुए इस फाइनल में गोल्डेनगेट ने आर्मी को ९५-७४ से हराया। लिग चरण में आर्मी ने दो बार और पहले क्वालिफायर में एक बार गोल्डेनगेट को हराया था, लेकिन फाइनल में गोल्डेनगेट ने शुरू से ही बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत सुनिश्चित की।

गोल्डेनगेट ने पहले क्वार्टर में २४-१४ की बढ़त बनाई। दूसरे क्वार्टर में भी गोल्डेनगेट ने १७-१२ से बढ़त बनाए रखी और हाफटाइम तक ४१-२६ की बढ़त कायम रखी। तीसरा क्वार्टर काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जिसमें आर्मी ने स्कोर में दूरी कम करने का प्रयास किया, लेकिन गोल्डेनगेट ने २७-२५ से बढ़त बनाए रखी और अंतिम क्वार्टर से पहले १७ अंकों की बढ़त हासिल की। चौथे क्वार्टर में भी गोल्डेनगेट ने २७-२३ से बढ़त बनाए रखी और कुल मिलाकर ९५-७४ की जीत दर्ज की। फाइनल के मैन ऑफ द मैच गोल्डेनगेट के जाइन खान घोषित किए गए, जबकि पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गोल्डेनगेट के निकेश रख्याल मगर को लिग का मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (एमवीपी) सम्मान मिला। नेपाल बास्केटबॉल संघ (नेबा) के आयोजन में और हिमालयन जाभा के प्रमुख प्रायोजन में आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल ८ टीमें शामिल थीं। डबल राउंड रोबिन प्रणाली पर आधारित इस लिग में शीर्ष चार टीमें प्लेऑफ में पहुंची थीं। इस प्रतियोगिता के विजेता गोल्डेनगेट को ट्रॉफी के साथ ४ लाख रुपये नगद पुरस्कार मिला, वहीं उपविजेता को २ लाख और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को १ लाख रुपये नकद पुरस्कार दिया गया। पिछली बार की विजेता टाइम्स बास्केटबॉल क्लब इस बार तीसरे स्थान पर ही सीमित रही।

सन् १९७९ पछि पहिलो पटक अमेरिका-इरानबीच उच्चस्तरीय संवाद – Online Khabar

सन् १९७९ के बाद पहला उच्चस्तरीय संवाद: अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता शुरू

२८ चैत्र, काठमाडौं । पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पाकिस्तान के मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू हो गई है। अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने ईरानी सरकारी मीडिया को उद्धृत करते हुए शनिवार दोपहर से तीनों देशों के वार्ताकार वार्ता में सक्रिय हैं, इसकी जानकारी दी है। यह वार्ता इस्लामाबाद के पाँच सितारा होटल सिराना में हो रही है। एक अन्य अंतर्राष्ट्रीय मीडिया एजेंसी अलजज़ीर ने इसे सन् १९७९ की ईरानी इस्लामिक क्रांति के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच आयोजित पहली उच्चस्तरीय वार्ता बताया है।

अमेरिकी पक्ष से वार्ता का समन्वय उपराष्ट्रपति माइक पेंस कर रहे हैं। उनके साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशेष दूत स्टीवन विटकर और ट्रम्प के दामाद जारेड कुशनेर सहित प्रतिनिधिमंडल भी इस वार्ता में भाग ले रहा है। ईरानी पक्ष से संसद के सभापति मोहम्मद बाकीर गलीबाफ वार्ता दल का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें विदेश मंत्री अब्बास अरक्कची भी शामिल हैं। वार्ता शुरू होने से पहले, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों के साथ अलग-अलग संवाद किए थे।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस बहुप्रतीक्षित शांति वार्ता के प्रारंभ होने की जानकारी जारी की है। बीबीसी ने हालांकि पाकिस्तानी सूत्रों को लेकर बताया है कि दोपहर ४ बजे से वार्ता शुरू हुई, लेकिन वार्ता की प्रक्रिया पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पाकिस्तानी सरकारी सूत्रों ने बीबीसी उर्दू को बताया कि पाकिस्तान के अधिकारी प्रयासरत हैं कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल सीधे वार्ता में बैठें। अब तक दोनों देशों के वार्ता प्रतिनिधियों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान केवल पाकिस्तानी अधिकारियों के माध्यम से ही हो रहा था, और सकारात्मक संकेत मिलने के बाद ही प्रत्यक्ष वार्ता के लिए सहमति हुई है, सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

नेकपा संयुक्त ने गौरीबहादुर कार्की आयोग की रिपोर्ट को अधूरी और पक्षपाती बताया

२८ चैत्र, काठमाडौं। नेकपा संयुक्त ने पूर्व न्यायाधीश गौरीबहादुर कार्की के नेतृत्व में गठित जांच आयोग की रिपोर्ट को अधूरी और पूर्वाग्रही बताते हुए आलोचना की है। शनिवार को सम्पन्न महाधिवेशन आयोजक समिति की बैठक में कार्की आयोग की रिपोर्ट को खारिज करते हुए एक नया आयोग गठित कर भाद्र २३ और २४ की घटनाओं की प्रभावी जांच करने की मांग की गई है।

पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष घनश्याम भुसाल द्वारा जारी विज्ञप्ति में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे शामिल करते हुए ११ बिंदुओं के निर्णय बताए गए हैं। विज्ञप्ति के दूसरे बिंदु में कहा गया है, ‘गौरीबहादुर कार्की आयोग की रिपोर्ट अधूरी और पूर्वाग्रही होने के कारण वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में मजबूत जांच आयोग गठित कर भाद्र २३ और २४ की घटनाओं में शामिल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की इस बैठक में जोरदार मांग की जाती है।’

इसके अलावा, अन्य बिंदु में २०४८ से लेकर आज तक के उच्च पदस्थ कर्मचारी, राजनीतिक व्यक्ति, न्यायिक पदाधिकारी तथा सार्वजनिक पदों पर रहे व्यक्तियों की सम्पत्ति की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।

लेबनान में युद्धविराम के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का आग्रह

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम समझौते का पूर्ण सम्मान करने और इसे क्षेत्रीय विस्तार देते हुए लेबनान तक पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमले में तीन लोगों की मौत हुई है और 1200 से अधिक घायल हुए हैं। हिज़बुल्लाह ने इजरायली इलाके की ओर मिसाइल दागते हुए हमले जारी रखने की धमकी दी है। 28 चैत्र, काठमांडू।

शनिवार को मैक्रों ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ मध्यपूर्व की स्थिति पर चर्चा की और युद्धविराम के प्रति समर्थन दोहराया, जिसका पूर्ण सम्मान होना चाहिए। इस युद्धविराम को तुरंत और बिना किसी देरी के लेबनान तक बढ़ाया जाना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘हमने हॉर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में पूर्ण स्वतंत्र और सुरक्षित आवागमन को यथाशीघ्र पुनः स्थापित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की।’’

दूसरी ओर, शनिवार को एक रिपोर्ट में बताया गया कि लेबनान की इजरायली सीमा के निकट इलाके में धुआं फैलता दिखा। लेबनान की हिज़बुल्लाह पार्टी ने मिसाइल और ड्रोन से इजरायली सैनिकों को निशाना बनाना शुरू किया है। हिज़बुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के किर्यात शमोना शहर को निशाना बनाया और यारा बैरक पर भी मिसाइल दागे। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमले में तीन लोगों की मौत हुई है, हालांकि मृतकों की समय-सारिणी स्पष्ट नहीं है।

ईरान में अमेरिकी-इजरायली हमले और इस्लामाबाद वार्ता के पाँच प्रमुख जटिल मुद्दे

इस्लामाबाद वार्ता

तस्बिर स्रोत, Reuters

तस्बिर का कैप्शन, अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में चल रही वार्ता के कारण दो दिन की छुट्टी दी गई है

वार्ता स्थल तैयार है, सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं और वार्ता स्थान के पास सड़क के किनारों पर नया रंग लगाया गया है।

इस्लामाबाद परिणाम की प्रतीक्षा कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच महत्वपूर्ण वार्ता आयोजित कर रहे पाकिस्तान के अधिकारी आशावादी नजर आ रहे हैं।

वे इस बात पर गर्व भी करते हैं कि दोनों पक्षों ने उन पर विश्वास जताया है।

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के उपराष्ट्रपति जेडी भान्स भी उत्साहित दिख रहे हैं।

“अगर ईरानी लोग ईमानदारी से वार्ता के लिए तैयार हैं तो हम भी खुले दिल से हाथ बढ़ाने को तैयार हैं,” उन्होंने अमेरिका से इस्लामाबाद प्रस्थान करते समय कहा था।

गृहमन्त्रीद्वारा कुरिनटारस्थित सशस्त्रको विपद् व्यवस्थापन शिक्षालयको निरीक्षण

गृहमन्त्रीले कुरिनटारस्थित सशस्त्र प्रहरी बल विपद् व्यवस्थापन शिक्षालयको निरीक्षण गर्नुभयो

२८ चैत, काठमाडौं। गृहमन्त्री सुधन गुरुङले चितवनको कुरिनटारमा रहेको सशस्त्र प्रहरी बल विपद् व्यवस्थापन तालिम शिक्षालयको निरीक्षण गर्नुभएको छ। शनिबार, उहाँले सो तालिम शिक्षालयमा पुगेर त्यस क्षेत्रको सेवासुविधा र व्यवस्थापन प्रक्रियाको प्रत्यक्ष अवलोकन गर्नुभएको हो। निरीक्षणका क्रममा मन्त्री गुरुङले त्यहाँका भौतिक समस्या र विपद् व्यवस्थापन कार्यहरूबारे विस्तृत जानकारी लिएका थिए। यस क्रममा उहाँले कम्तीमा पाँच किलोमिटरको दूरीमा हेलिप्याड स्टेशन स्थापना गर्न निर्देशन प्रदान गर्नुभयो।

निरीक्षण कार्यक्रममा सशस्त्र प्रहरी बलका अधिकारीहरू सहित चितवन जिल्ला सिडिओ गणेश अर्याल, सशस्त्र प्रहरीका एसएसपी भरत खनिया, सशस्त्र प्रहरी नायब महानिरीक्षक अन्जनी कुमार पोख्रेल, जिल्ला प्रहरी कार्यालय चितवनका प्रमुख प्रहरी उपरीक्षक गोविन्द पुरी र ट्राफिक प्रहरी उपरीक्षक दिल्ली नारायण पाण्डे पनि उपस्थित थिए।

वीरगञ्ज से निकलने वाले ट्रकों से अवैध वसूली बंद करने का सांसद पन्त का निर्देश

२८ चैत्र, काठमाडाणु। पर्सा क्षेत्र संख्या १ के सांसद हरि पन्त ने एकीकृत जांच चौकी वीरगञ्ज से निकलने वाले मालवाहक ट्रकों से अब तक वसूली जा रही अवैध ‘ढाट’ नामक राशि तुरन्त बंद करने का निर्देश दिया है। सांसद पन्त ने प्रमुख जिल्ला अधिकारी भोला दहाल के साथ समन्वय कर यह व्यवस्था तुरंत रोकने का आदेश दिया है क्योंकि पता चला है कि वर्तमान में यह प्रक्रिया दिन में बंद और रात को ही खुली रहती है।

केंद्र सरकार ने मालवाहक ट्रकों से ‘ढाट’ नामक राशि वसूल करने पर स्पष्ट प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन इसके बावजूद इसे लागू नहीं किया जा रहा है, इस पर सांसद पन्त ने पुनः कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के विरुद्ध किसी भी शीर्षक से कर या शुल्क वसूल करना अवैध है।

उनके अनुसार, भन्सार कार्यालय से बाहर निकलने वाले मालवाहक वाहन से ‘ढाट’ नाम पर विभिन्न स्थानों पर घुम्ती लगाकर वसूली करना संघीय और स्थानीय दोनों स्तरों को कर लगाने का अधिकार नहीं है। व्यवसायी इस विषय में लंबे समय से शिकायत करते आ रहे थे।

यस वर्षको डा. सुरेन्द्रभक्त प्रधानाङ्ग पर्यटन पुरस्कार पत्रकार ढुंगानालाई

इस वर्ष डॉ. सुरेन्द्रभक्त प्रधानांग पर्यटन पुरस्कार पत्रकार राधा ढुंगानालाई प्रदान

पत्रकार राधा ढुंगानालाई गाउँ पर्यटन प्रवर्द्धन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए डॉ. सुरेन्द्रभक्त प्रधानांग पर्यटन पुरस्कार–2082 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार गाँव पर्यटन प्रवर्द्धन मञ्च नेपाल (वीटोफ) की 27वीं सामान्य सभा तथा 13वें अधिवेशन में प्रदान किया गया। ढुंगाना को 25 हजार रुपये नकद के साथ प्रशस्तिपत्र भी दिया गया है। राष्ट्रीय सभा अध्यक्ष नारायणप्रसाद दाहाल प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

28 चैत, काठमांडू। पत्रकार राधा ढुंगानालाई डॉ. सुरेन्द्रभक्त प्रधानांग पर्यटन पुरस्कार–2082 से सम्मानित किया गया। गाँव पर्यटन प्रवर्द्धन मञ्च नेपाल (वीटोफ) की 27वीं वार्षिक सामान्य सभा तथा 13वें अधिवेशन के अवसर पर उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया। गाँव पर्यटन में पत्रकारिता के माध्यम से उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिए उन्हें पुरस्कृत किया गया है।

वीटोफ की निवर्तमान अध्यक्ष शकुंतला देवकोटा के अनुसार, ग्रामीण तथा होमस्टे पर्यटन को राष्ट्रीय बहस का विषय बनाने हेतु संचार माध्यमों के द्वारा निरंतर योगदान देने के कारण ढुंगानालाई सम्मानित किया गया है। गाँव पर्यटन के अग्रणी अभियंता डॉ. सुरेन्द्रभक्त प्रधानांग के नाम पर स्थापित यह पुरस्कार हर दो वर्ष में इस क्षेत्र में योगदान करने वाले व्यक्ति को प्रदान किया जाता है। इस वर्ष ढुंगानालाई 25 हजार रुपये नकद के साथ प्रशस्तिपत्र मिला। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सभा अध्यक्ष नारायणप्रसाद दाहाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। पुरस्कार डॉ. प्रधानांग ने हस्तांतरित किया।

डेढ़ दशक से पत्रकारिता में सक्रिय ढुंगानाने सोलुखुम्बु के हिमाल एफ.एम. से संचार यात्रा शुरू की थी।

जित–रेख साहित्य पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न

२८ चैत, काठमाडौं। जित–रेख मगर साहित्य पुरस्कार–२०८१ साहित्यकार उजिर राना मगरलाई प्रदान किया गया है। शनिवार को ललितपुर में आयोजित कार्यक्रम में ६० हजार रुपये की राशि का पुरस्कार प्रतिनिधि सभा सदस्य एवं पूर्व सभामुख इन्दिरा राना मगर ने साहित्यकार मगर को सौंपा। इसी प्रकार, जित–रेख मगर साहित्य नवप्रतिभा पुरस्कार राकेश बीएम चिन्तन को प्राप्त हुआ। इस पुरस्कार की राशि १५ हजार रुपये है। दोनों पुरस्कार मगर भाषा के आदिकविद्वय जितबहादुर सिंजाली मगर और रेखबहादुर थापा सारू मगर की स्मृति में आयोजित जिबसीम साहित्य प्रतिष्ठान के अध्यक्ष संजोग लाफा मगर ने जानकारी दी। पुरस्कार राशि प्रत्येक वर्ष पाँच हजार रुपये से बढ़ाकर इस बार ६० हजार रुपये तक पहुंची है, यह जानकारी लाफा ने दी। इसी प्रकार जयबहादुर हितान मगर स्मृति पुरस्कार–२०८१ नेपाल मगर संघ के संस्थापक खगेन्द्र घर्ती को प्रदान किया गया। यह पुरस्कार संघ के संस्थापक सचिव जयबहादुर हितान मगर की स्मृति में उनके परिवार द्वारा स्थापित है। मुख्य वक्ता प्राध्यापक अभि सुवेदी ने मातृभाषा साहित्य लेखन की आवश्यकता बढ़ती जा रही होने की बात कही। कार्यक्रम में पूर्व उपसभामुख इन्दिरा राना मगर एवं नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के कुलपति भुपाल राई का सम्मान भी किया गया।

अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में चार मुख्य विषयों पर चर्चा होगी

२८ चैत, काठमांडू। पाकिस्तान ने शनिवार को युद्धरत अमेरिका और ईरान को वार्ता के मेज पर लाते हुए इस्लामाबाद में वार्ता की मेजबानी करने का फैसला किया है। ईरानी सभ्यता को नष्ट करने की धमकी देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के मध्यस्थता में ईरान के साथ नए प्रस्ताव के बाद दो सप्ताह के युद्ध विराम के लिए सहमति जताई थी। लेकिन अभी तक शांति वार्ता के सभी मुद्दे सुलझाए नहीं जा सके हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर बताया कि ईरान की तरफ से १० सूत्रीय प्रस्ताव आया है, जिसे उन्होंने ‘वार्ता का व्यवहारिक आधार’ कहा है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि अमेरिकी पक्ष से १५ सूत्रीय प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में आज शुरू हो रही वार्ता में ट्रंप ने अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी व्हान्स को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी है। उनके सहायक के रूप में ट्रंप ने अपने विशेष दूत स्टीव व्हिटकॉफ और जेरेड कुशनर को भी भेजा है। उनकी टीम शनिवार ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है। पाकिस्तान ने वार्ता और वार्ता स्थल की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और दोनों पक्षों को निश्चिंत रहने का आश्वासन दिया है।

क्या परिणाम सामने आएंगे? ट्रंप के शीर्ष वार्ताकार सहमति बनने के प्रति आशावादी हैं। उन्होंने इस वार्ता से समझौता होने और युद्ध समाप्ति की उम्मीद जताई है। अभी तक आधिकारिक तौर पर दोनों पक्षों के प्रस्ताव सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन अनौपचारिक तौर पर प्रस्ताव जारी हो रहे हैं। इसके बावजूद वैश्विक समुदाय के बीच संदेह बरकरार है। यूएई के राष्ट्रपति के वरिष्ठ कूटनीतिक सलाहकार अनवर गर्गश ने कहा कि कई तथ्य अभी स्पष्ट नहीं हुए हैं। ‘ईरान, अमेरिका और पाकिस्तान से विरोधाभासी बयान आ रहे हैं,’ उन्होंने कहा, ‘हमें इन बयानों का सामंजस्य स्थापित करना होगा और आगे बढ़ने के उचित रास्ते की पहचान करनी होगी।’

इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता में मुख्य रूप से चार विषयों पर चर्चा होगी, जिन पर वैश्विक समुदाय की गहरी रुचि है। अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर हमेशा से परमाणु हथियार विकास का आरोप लगाता रहा है और वर्तमान युद्ध का मुख्य कारण यही बताते आया है। हालांकि ईरान ने इस आरोप को बार-बार नकारा है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, पिछले १२ दिनों चले युद्ध और अमेरिका-इज़राइल के हमले में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भारी क्षति पहुंची है। अमेरिका दावा करता है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूर्व स्थिति में लौटाने में लंबा समय लगेगा। ईरान के पास मौजूद अनुमानित ४४० किलोग्राम अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भविष्य को लेकर भी संदेह जारी है। अमेरिका ने पिछले वर्ष इसफहान स्थित परमाणु अनुसंधान केंद्र पर हमला किया था, जिससे वह यूरेनियम भग्नाशेष में परिवर्तित हो सकता है। अमेरिकी रक्षा सचिव पिट हेगसेथ ने बुधवार को बताया, ‘उस यूरेनियम को २४ घंटे तक गहराई में दबाकर सुरक्षित रखा गया था। वर्तमान में ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं हैं, और यही इस कार्य की सफलता है।’

रास्वपालाई प्रचण्डको चेतावनी- संविधानमाथि छेडखानी भए सडक र सदनबाट प्रतिवाद गर्छौं

प्रचण्ड की चेतावनी: संविधान में छेड़छाड़ हुई तो सड़क और संसद से करेंगे कड़ा विरोध

२८ चैत, काठमाडौं। नेपाली कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के संयोजक पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ ने संविधान में छेड़छाड़ कर जनता के अधिकारों को छीनने का प्रयास किए जाने पर सड़क एवं संसद दोनों जगहों से कड़ा विरोध करने की चेतावनी दी है। यह चेतावनी उन्होंने शनिवार को पार्टी कार्यालय पेरिसडाँडा में अखिल नेपाल महिला संघ (क्रान्तिकारी) संपर्क समन्वय प्रदेश समितिद्वारा आयोजित कार्यक्रम में दी।

‘हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि संविधान के अंदर रहकर सरकार वर्तमान में राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के नेतृत्व में है, यदि सरकार रचनात्मक और सकारात्मक काम करती है तो हम उसे सकारात्मक नजरिए से देखेंगे,’ प्रचण्ड ने कहा। ‘लेकिन यदि संविधान में छेड़छाड़ होने लगी, नेपाल के राष्ट्रीय हित पर कहीं भी प्रभाव पड़ा या जनता को मिले अधिकारों को छीना गया तो हम सदन और सड़क दोनों से इसका कड़ा प्रतिरोध करेंगे।’

प्रचण्ड ने वर्तमान में विद्यार्थियों के अधिकार तथा कर्मचारी ट्रेड यूनियन अधिकारों को लेकर सरकार द्वारा उठाए जा रहे सवालों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘जनता ने लंबे संघर्ष, बड़े त्याग और बलिदान से प्राप्त अधिकारों और जन वर्ग के हकों में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार्य नहीं है।’

प्रचण्ड ने स्पष्ट किया कि वे संविधान संशोधन के पक्ष में हैं, लेकिन संशोधन का उद्देश्य जनता के अधिकारों को बढ़ाना होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हम संविधान संशोधन के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इसका लक्ष्य महिलाओं के अधिकारों को सुदृढ करना और जनता के अधिकार बढ़ाना होना चाहिए, छीनना नहीं।’ उन्होंने यह भी कहा कि संघीयता को मजबूत बनाने के लिए ही संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए।

नेकपाले निष्कर्ष गर्‍यो– विद्यार्थी संगठनहरूलाई विद्यालय वा कलेजमा प्रतिबन्ध लगाउन नपाइने

नेकपाले विद्यार्थी संगठनहरूलाई विद्यालय वा कलेजमा प्रतिबन्ध लगाउन नपाइने निष्कर्ष निकालेको छ। पार्टीको केन्द्रीय कार्यसंयोजन बैठकले यस्तो निर्णय गरेको पार्टी नेता जगन्नाथ खतिवडाले जानकारी दिएका छन्। सरकारले १ सय बुँदे कार्यसूचीमा विद्यार्थी संगठन खारेज गर्ने प्रस्ताव राखेको थियो, जसको विरोध विभिन्न राजनीतिक दलका संगठनहरूले गरेका छन्। २८ चैत, काठमाडौं। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) ले विद्यार्थी संगठनहरूलाई विद्यालय वा कलेजमा प्रतिबन्ध लगाउन नपाइने निष्कर्ष निकालेको छ। शनिबार केन्द्रीय कार्यालय पेरिसडाँडामा बसेको पार्टीको केन्द्रीय कार्यसंयोजन बैठकले यस्तो निर्णय गरेको पार्टीका नेता जगन्नाथ खतिवडाले जानकारी गराए। यसैक्रममा, नेकपाले यस विषयलाई अनुचित ठहर गर्दै जनता र ट्रेड युनियनको अधिकारलाई यसले कुण्ठित पार्ने निष्कर्ष निकालेको छ। ‘जनसंगठनहरू, विशेष गरी युवा विद्यार्थी लगायतका विद्यार्थी संगठनहरूलाई कलेजमा प्रतिबन्ध लगाउनु र ट्रेड युनियनहरूलाई प्रतिबन्ध लगाउनु गलत हो,’ बैठकको निष्कर्षबारे जानकारी दिँदै नेता खतिवडाले भने, ‘यसले जनता र ट्रेड युनियनको अधिकारलाई कुण्ठित बनाउँछ। यस्तो गर्न पाउन हुँदैन। यसको विरोधमा हामी उभिन्छौं भन्ने पार्टीले निष्कर्ष निकालेको छ।’ उनका अनुसार, केन्द्रीय कार्यसंयोजन समितिको अर्को बैठक ३ वैशाखमा बस्नेछ, जहाँ बाँकी निष्कर्ष र निर्णयहरू पनि सार्वजनिक गरिनेछन्।