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लेखक: space4knews

प्रदीप अधिकारीको स्क्रिप्ट पढेर अख्तियार प्रमुखलाई हत्याको धम्की

प्रदीप अधिकारी की स्क्रिप्ट पढ़कर अख्तियार प्रमुख को हत्या की धमकी

अख्तियार प्रमुख प्रेमकुमार राई को १० दिन के भीतर इस्तीफा न देने पर हत्या की धमकी देने की योजना के मुख्य व्यक्ति नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (क्यान) के तत्कालीन महानिर्देशक प्रदीप अधिकारी पाए गए हैं। फिलीपींस में रह रहे प्रकाश पाठक को इंटरपोल के माध्यम से गिरफ्तार कर काठमांडू लाया गया है और उनके खिलाफ हत्या धमकी की मुख्य योजना निर्देशक प्रदीप अधिकारी से संबंधित जांच जारी है। अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार के मामले से बचने के लिए अख्तियार प्रमुख को इस्तीफा देने के लिए प्रकाश पाठक का इस्तेमाल करने के प्रमाण मिले हैं और यह भी पता चला है कि इनके द्वारा २ करोड़ रुपये भेजे गए थे।

अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग के प्रमुख आयुक्त प्रेमकुमार राई सहित १० व्यक्तियों को हत्या की धमकी देने की योजना के दो मुख्य आरोपी प्रदीप अधिकारी होने का मामला सार्वजनिक हुआ है। राई को २२ अक्टूबर को एक्सट्रीमिस्ट ग्रुप ऑफ (ईजीएन) नेपाल के लेटरपैड पर पत्र लिखकर ईमेल के जरिए धमकी दी गई थी। इसके अलावा प्रकाश पाठक ने वीडियो के माध्यम से भी राई को धमकी दी थी। पाठक को २८ माघ को इंटरपोल के जरिए गिरफ्तार कर काठमांडू लाया गया।

पाठक और अधिकारी पूर्व परिचित हैं। अधिकारी द्वारा क्यान में भ्रष्टाचार करने की खबर मिलने के बाद पाठक ने १ करोड़ रुपये सहयोग मांगा था। अधिकारी के धमकी देने में सहायता की भूमिका निभाने के प्रमाण मिले हैं। पाठक ने स्वीकार किया है कि उन्होंने अधिकारी से २ करोड़ रुपये लिए हैं। अधिकारी ने इस धनराशि को एक चीनी व्यापारी के माध्यम से भेजने की बात भी पुष्ट की है।

पाठक ने बताया है कि उन्होंने मनीला शहर में एक अपार्टमेंट खरीदा है और अधिकारी ने अख्तियार प्रमुख राई को धमकी देने के लिए इस योजना का प्रस्ताव रखा था। अधिकारी ने धमकी देने में इस्तेमाल किए गए शब्द स्वयं तैयार किए थे और पाठक ने उन्हीं शब्दों का उपयोग करके धमकी दी। हालांकि अधिकारी ने धमकी देने से इनकार किया है। इस मामले की जांच जिला प्रहरी परिसर काठमांडू कर रहा है।

बागमती प्रदेश में प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद ही नया बजट आयेगा, सुझाव भेजने के लिए 15 दिनों के भीतर पत्राचार

बागमती प्रदेश सरकार आगामी आर्थिक वर्ष २०८२/८३ के बजट निर्माण से पहले प्रशासनिक पुनर्गठन की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री इन्द्रबहादुर बानियाँ ने सात मंत्रालय स्थापित करने और ७०१ कर्मचारी पदों में कटौती करने की योजना प्रस्तुत की है। पूर्वसचिवों की समिति ने मुख्यमंत्री कार्यालय सहित आठ मंत्रालय आवश्यक होने का सुझाव दिया है तथा निदेशालयों की सीमा सीमित करने की सिफारिश की है। २७ चैत, हेटौंडा।

बागमती प्रदेश सरकार प्रादेशिक प्रशासनिक पुनर्गठन के लिए गहन चर्चा के साथ आंतरिक गृहकार्य कर रही है। आगामी आर्थिक वर्ष २०८२/८३ के बजट निर्माण की तैयारी में जुटी सरकार प्रशासनिक पुनर्गठन पहले करने की योजना बना रही है। नेपाली कांग्रेस, जो सरकार का नेतृत्व कर रही है, ने गुरुवार शाम सत्ता साझेदार नेकपा एमाले के साथ पुनर्गठन विषय पर चर्चा की थी। मुख्यमंत्री इन्द्रबहादुर बानियाँ ने मुख्यमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के अलावा सात मंत्रालय स्थापित करने, मंत्रालयों के अधीन ७ निदेशालयों को २ में सीमित करते हुए ५ निदेशालयों को समाप्त करने, तथा कर्मचारियों के पदों में ७०१ पदों की कटौती करने का प्रस्ताव रखा है।

आर्थिक मामिला तथा योजना मंत्री प्रभात तामाङ ने बताया कि एमालेल और कांग्रेस के बीच मंत्रालय संख्या सहित प्रशासनिक संरचना पुनर्गठन पर गुरुवार को सहमति बनी है। नेपाली कांग्रेस ने १७ चैत को संसदीय दल की बैठक में मंत्रालय और अधीन निकायों को समाप्त करने का निर्णय लिया था। मंत्री तामाङ ने कहा कि पुनर्गठन के बाद ही बजट सीमा तय की जाएगी। उन्होंने कहा, “पुनर्गठन के बाद ही बजट सीमा भेजी जाएगी इसलिए प्रक्रिया थोड़ी देर से हो सकती है, लेकिन इसे जल्दी कराने का आग्रह कर रहा हूँ।”

पूर्वसचिवों की प्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन पुनरावलोकन अध्ययन एवं सुझाव समिति ने मुख्यमंत्री कार्यालय सहित ८ मंत्रालय आवश्यक होने की ओर संकेत किया था और सरकार को २७ फागुन को सुझाव सहित रिपोर्ट भी सौंपी थी। उच्चस्तरीय निर्देशक समिति की ११ कात्तिक की बैठक में नेपाल सरकार के पूर्वसचिवों की विशेषज्ञ टीम का गठन किया गया था। बानियाँ के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रशासनिक पुनर्गठन के लिए कृषि तथा पशुपालन विकास मंत्री मधुसूदन पौडेल के नेतृत्व में उच्चस्तरीय निर्देशक समिति गठित की थी।

संयोजक पौडेल ने बताया कि समिति की बैठक के बाद प्रदेश के सभी मंत्रालयों तथा प्रदेश सभा की विषयगत समितियों को १५ दिनों के भीतर अर्थात ७ वैशाख तक सुझाव भेजने के लिए पत्राचार किया गया है। सुझाव प्राप्त होने के बाद सरकार आवश्यक पुनर्गठन संबंधी निर्णय लेगी।

उपसभापति शर्माद्वारा केसीलाई सुझाव– संसदीय दलको नेता नभई राजनेता बनें

फाइल तस्वीर नेपाली कांग्रेस के उपसभापति विश्वप्रकाश शर्माले अर्जुननरसिंह केसी को राजनेता बनने का सुझाव दिया है। शर्मा ने केसी को कांग्रेस संसदीय दल के नेता मात्र नहीं बल्कि सभी दलों के साझा अभिभावक के रूप में देखने की इच्छा व्यक्त की। केसी ने संसदीय दल के नेता सर्वसम्मत चयन कराने की उम्मीद जताई है और नए वर्ष में चुनाव होने की संभावना है। २७ चैत, काठमांडू।

नेपाली कांग्रेस के उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने पार्टी के अनुभवी नेता अर्जुननरसिंह केसी को राजनेता बनने का सुझाव दिया है। कास्की के पोखरा में शुक्रवार को आयोजित पार्टी के गंडकी प्रदेश समीक्षा बैठक में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केसी को अब दल के नेता बनने के बजाय राजनेता बनने का मार्ग अपनाना चाहिए। केसी संसदीय दल के नेता बनने की आकांक्षा रख रहे हैं, ऐसे में उपसभापति शर्मा का यह संदेश महत्वपूर्ण है।

शर्मा ने कहा, ‘वे (केसी) कांग्रेस संसदीय दल के नेता स्वयं बनना चाहते हैं तो हमें उन्हें रोकना कठिन है। इसलिए हमारी अपेक्षा है कि वे नेता पद से राजनेता बनने का मार्ग अपनाए जो समय के अनुरूप होगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘२०४८ साल के संसद के अनुभवी व्यक्तित्वों में केवल अर्जुननरसिंह केसी ही हैं। वे सबसे वरिष्ठ और सबसे अनुभवी हैं। साथ ही युवाओं में ऊर्जा लेकर आने वाले एक योग्य नेतृत्वकर्ता भी हैं। इसलिए हम उन्हें केवल कांग्रेस संसदीय दल के नेता के रूप में नहीं बल्कि सभी दलों के साझा अभिभावक के रूप में देखें।’

उपसभापति शर्माने बताया कि केसी सांसद साथियों के बीच संसदीय दल के नेता के सर्वसम्मत चयन में सहजीकरण करने की अपेक्षा रखते हैं। यदि सर्वसम्मत चयन नहीं होता है तो नए वर्ष में चुनाव के माध्यम से संसदीय दल के नेतृत्व का चयन किया जाएगा।

मॉस्को चाहता है युद्धविराम नहीं, बल्कि ‘स्थायी शांति’ : क्रेमलिन प्रवक्ता

समाचार सारांश

  • क्रेमलिन प्रवक्ता डिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस यूक्रेन के साथ दीर्घकालिक स्थायी शांति चाहता है, केवल अस्थायी युद्धविराम नहीं।
  • रूस ने 11 अप्रैल दोपहर 4 बजे से 12 अप्रैल तक ऑर्थोडॉक्स ईस्टर पर्व के अवसर पर युद्धविराम की घोषणा की है।
  • पेस्कोव ने कहा कि पिछले युद्धविरामों में यूक्रेन ने उल्लंघन किया है, हालांकि इस बार का युद्धविराम मानवीय भावना से किया गया है, फिर भी अंतिम लक्ष्य स्थायी शांति ही है।

क्रेमलिन प्रवक्ता डिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि रूस यूक्रेन के साथ केवल अस्थायी युद्धविराम को स्वीकार नहीं करता, बल्कि वह ‘स्थायी और टिकाऊ शांति’ चाहता है।

शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में पेस्कोव ने राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के भाषण का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि रूस की प्राथमिकता अस्थायी युद्धविराम से ऊपर स्थायी स्थिरता है।

क्रेमलिन ने पहले ही ऑर्थोडॉक्स ईस्टर पर्व के अवसर पर 11 अप्रैल शनिवार दोपहर 4 बजे से 12 अप्रैल के अंत तक युद्धविराम की घोषणा कर दी है।

रूसी सेनाओं को सभी अग्रिम मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन किसी भी संभावित यूक्रेनी हमला का मुकाबला करने के लिए वे सतर्क रहने के लिए भी निर्देशित हैं।

2022 में सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद यह रूस द्वारा घोषित चौथा युद्धविराम है। पेस्कोव ने पिछले युद्धविरामों के दौरान यूक्रेन के उल्लंघन का भी आरोप लगाया।

उन्होंने बताया कि 2023 के क्रिसमस पर किया गया पहला युद्धविराम यूक्रेनी पक्ष ने नजरअंदाज किया था, जिसे उन्होंने ‘‘निंदनीय’’ कार्य करार दिया।

इसी प्रकार, 2025 के ईस्टर और सोवियत संघ की विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुए 72 घंटे के युद्धविरामों का भी यूक्रेनी सरकार ने उल्लंघन किया था, पेस्कोव ने कहा।

2025 के जून में मारे गए सैनिकों के शव प्रबंधन के लिए रूस द्वारा प्रस्तावित 2-3 दिनों के युद्धविराम को यूक्रेन ने अस्वीकार किया, ऐसा भी क्रेमलिन दावा करता है।

पेस्कोव के अनुसार, इस बार का ईस्टर युद्धविराम मानवीय भावना से किया गया है, लेकिन रूस का अंतिम लक्ष्य यूक्रेन के साथ समस्या का स्थायी समाधान कर स्थायी शांति स्थापित करना ही है।


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सार्वजनिक सवारीमा अनिवार्य आरक्षित सिट नराखे कारबाही गर्ने सरकारको चेतावनी

सार्वजनिक सवारीमा अनिवार्य आरक्षित सिट नराख्दा कडाइका साथ कारबाही गर्ने सरकारको चेतावनी

२७ चैत, काठमाडौं । सार्वजनिक सवारीसाधनहरूमा आरक्षित सिट अनिवार्य रूपमा नराखिएमा कडाइका साथ कारबाही गरिने भएको छ। यातायात व्यवस्था विभागले शुक्रबार सूचना जारी गर्दै यस्तो चेतावनी दिएको छ। यात्रुवाहक सवारीसाधनहरूमा चार सिटहरू अशक्त व्यक्तिहरूका लागि र दुई सिटहरू महिलाहरूका लागि आरक्षित गरिन्छ। लामो तथा छोटो दुरीका सवारीसाधनहरूले यी आरक्षित सिटहरू अनिवार्य रूपमा नराखेकाले विभागले कारबाहीको चेतावनी जारी गरेको हो।

विभागले लामो दूरीका सवारीसाधनहरूमा गन्तव्य स्थानतर्फ प्रस्थान कम्तिमा चार घण्टा पहिले नै सिटहरू सुरक्षित गरेर राख्नुपर्ने स्पष्ट पारेको छ। साथै, सार्वजनिक सवारीसाधनको भाडा वृद्धि गर्ने क्रममा पनि सोही विषयमा स्मरण गराइएको थियो।

डा. सितलकाजी श्रेष्ठ को एनभीए राष्ट्रीय मानार्थ २०२६ सम्मान से सम्मानित किया गया

नेपाल पशु चिकित्सा संघ ने अपने १६वें राष्ट्रीय सम्मेलन में पूर्व अध्यक्ष डा. सितलकाजी श्रेष्ठ को एनभीए राष्ट्रीय मानार्थ २०२६ सम्मान प्रदान किया है। रुपन्देही के तिलोत्तमा में शुरू हुए सम्मेलन में लुम्बिनी प्रदेश के मुख्यमंत्री चेतनारायण आचार्य ने डा. श्रेष्ठ को यह सम्मान प्रदान किया। डा. श्रेष्ठ ने पशु चिकित्सा सेवा को आवश्यक सेवाओं की सूची में शामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और सार्क क्षेत्रीय पशु चिकित्सा संघ की स्थापना भी उन्होंने की है।

२७ चैत्र, काठमांडू। पशु चिकित्सा संघ के पूर्व अध्यक्ष डा. सितलकाजी श्रेष्ठ को राष्ट्रीय स्तर से मानार्थ सम्मान प्राप्त हुआ है। नेपाल पशु चिकित्सा संघ ने अपने १६वें राष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर डा. श्रेष्ठ को एनभीए राष्ट्रीय मानार्थ २०२६ सम्मान प्रदान किया। रुपन्देही के तिलोत्तमा में २७ चैत्र से शुरू हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में लुम्बिनी प्रदेश के मुख्यमंत्री चेतनारायण आचार्य ने यह सम्मान व्यक्त किया।

नेपाल की पशु चिकित्सा पेशे में डा. श्रेष्ठ ने अल्प अवधि में जो योगदान दिया है वह अत्यंत सराहनीय है। विशेष रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नेपाल की पशु चिकित्सा पेशे की भूमिका में उनके योगदान के सम्मान स्वरूप यह पुरस्कार दिया गया है। डा. श्रेष्ठ नेपाल पशु चिकित्सा संघ के ६० वर्ष के इतिहास में सबसे कम उम्र में निर्वाचित पूर्व अध्यक्ष हैं और लगातार ३ कार्यकाल पूरे करने वाली अद्वितीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अपनी पहल से सार्क क्षेत्रीय पशु चिकित्सा संघ की स्थापना भी की है। इसके अतिरिक्त, संघ ने कृषि तथा वन विज्ञान विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डा. भूमिनंद देवकोटा को पशु प्रजनन में उल्लेखनीय योगदान के लिए भी सम्मानित किया।

पाटन में दाजुभाई की हत्या के आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस को सम्मान

बुधवार रात ललितपुर के कृष्ण मंदिर परिसर में दाजुभाइ सिर्जन नेम्बाङ और सुमीत नेम्बाङ की हत्या के आरोपी को महिला पुलिसकर्मी और जिला पुलिस प्रमुख ने गिरफ्तार किया। जिला पुलिस परिसर ललितपुर के प्रमुख होविन्द्र बोगटी को नेतृत्व भूमिका निभाने के लिए नकद सहित सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार काठमांडू उपत्यका पुलिस कार्यालय के प्रमुख ईश्वर कार्की की उपस्थिति में प्रदान किया गया, पुलिस ने इसकी जानकारी दी।

२७ चैत्र, काठमांडू। बुधवार रात ७:४० बजे ललितपुर के कृष्ण मंदिर परिसर में दाजुभाइ की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल महिला पुलिसकर्मी और जिला पुलिस परिसर ललितपुर के प्रमुख को नकद सहित सम्मानित किया गया। आरोपी हथियार लेकर भाग रहे थे, जिन्हें एकाकी ही रोककर गिरफ्तार करने का साहसिक प्रयास किया गया। इसी घटना में जिला पुलिस परिसर ललितपुर के प्रमुख होविन्द्र बोगटी ने नेतृत्वकारी भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें नकद सम्मान प्रदान किया गया।

काठमांडू उपत्यका पुलिस कार्यालय के प्रमुख अतिरिक्त महानिरीक्षक ईश्वर कार्की की उपस्थिति में पुरस्कार प्रदान किया गया। इस घटना का शिकार नेम्बाङ दाजुभाइयों की हत्या बुधवार को फोन पर हुई विवाद के बाद सञ्जीव नेपाली द्वारा की गई, जिसने हथियार चलाकर हत्या की।

व्हाट्सएप में अब ‘चैट’ सूची के ऊपर स्टेटस अपडेट दिखेंगे

व्हाट्सएप ने अपनी ‘स्टेटस’ सुविधा में नए डिजाइन का परीक्षण शुरू किया है, जो स्टेटस को मुख्य चैट सूची के ऊपर प्रदर्शित करेगा। यह नई सुविधा एंड्रॉयड और आईओएस के बीटा संस्करणों में उपलब्ध है और उपयोगकर्ता पुल-डाउन करके स्टेटस आसानी से देख सकेंगे। मेटा ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर स्टोरी फॉर्मेट को समान बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया है। 27 चैत, काठमांडू।

व्हाट्सएप ने अपनी ‘स्टेटस’ फीचर को और प्रभावी बनाने के लिए नए डिजाइन का परीक्षण शुरू किया है। इंस्टाग्राम के ‘स्टोरी’ फॉर्मेट की तरह दिखने वाली यह नई सुविधा अब उपयोगकर्ता की मुख्य ‘चैट’ सूची के ठीक ऊपर उपलब्ध होगी। ‘डब्ल्यू ए बीटा इन्फो’ के अनुसार, एंड्रॉयड और आईओएस दोनों के बीटा संस्करणों में यह फीचर देखा गया है। पहले स्टेटस देखने के लिए ‘अपडेट्स’ टैब पर जाना होता था, लेकिन अब मुख्य चैट स्क्रीन से ही दोस्त और संपर्क के अपडेट्स आसानी से देखे जा सकेंगे।

नई स्टेटस ट्रे इस प्रकार काम करेगी कि यह सुविधा हमेशा चैट सूची में नजर नहीं आएगी। टेलीग्राम के ‘स्टोरीज’ की तरह, उपयोगकर्ता चैट सूची के ऊपर से नीचे की ओर पुल डाउन करेंगे तभी स्टेटस कैरोसेल दिखाई देगा। व्हाट्सएप उपयोगकर्ता की सबसे ज्यादा संपर्कों के स्टेटस को प्राथमिकता देकर दिखाएगा, जिससे महत्वपूर्ण अपडेट्स तेजी से देखना आसान होगा।

यह इंटरफेस काफी हद तक इंस्टाग्राम के स्टोरी ट्रे जैसा होगा। इसमें अपनी स्टेटस डालने का शॉर्टकट अलग जगह होगा और साथ ही अंत में ‘म्यूट’ किए गए स्टेटस देखने का अलग सेक्शन भी होगा। फिलहाल, व्हाट्सएप ने इस फीचर को सार्वजनिक रूप से रोलआउट नहीं किया है। यह परीक्षण के चरण में है और कुछ समय बाद इसे दुनिया भर के उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध करवाने की उम्मीद है। मेटा ने अपने सभी प्लेटफॉर्म (फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप) पर स्टोरी फॉर्मेट को एकरूप बनाने के लिए यह बदलाव किया है।

मेलानिया ट्रम्प ने जेफ्री एप्स्टीन के साथ अपने किसी भी संबंध को किया खारिज

मेलानिया ट्रम्प ने एप्स्टीन द्वारा उन्हें डोनाल्ड ट्रम्प से मिलवाने के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि, “मेरे नाम को एप्स्टीन से जोड़कर मेरी बदनामी करना तुरंत बंद होना चाहिए।” गुरुवार को अनवांछित रूप से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए, उन्होंने एप्स्टीन से प्रभावित महिलाओं के लिए संसद में सुनवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने ऑनलाइन फैल रहे “एप्स्टीन ने मेलानिया को डोनाल्ड ट्रम्प से परिचित कराया था” जैसे अफवाहों को बदनाम करने का एक नीच प्रयास बताया। अमेरिकी सरकार ने कुछ महीने पहले एप्स्टीन से जुड़े लाखों दस्तावेज सार्वजनिक किए थे, जिसके बाद उन दस्तावेजों में उल्लिखित प्रभावशाली और धनी व्यक्तियों के प्रति व्यापक रुचि बढ़ी है। हालांकि, दस्तावेजों में नाम होने का यह मतलब नहीं कि उन्होंने कोई अपराध किया है।

बागमती ने मधेश को निर्णायक मात दी: प्रतिश ने लिए 5 विकेट

बागमती प्रदेश ने पीएम कप पुरुष राष्ट्रीय क्रिकेट में मधेश प्रदेश को 35 रन से हराया है। बाएं हाथ के गेंदबाज प्रतिश जिसी ने 9.3 ओवर में 55 रन देकर 5 विकेट लेकर बागमती की जीत सुनिश्चित की। बागमती 8 मैचों में 8 अंकों के साथ छठे स्थान पर पहुंचा है, जबकि मधेश 7 मैचों में 9 अंकों के साथ चौथे स्थान पर है।

27 चैत्र, काठमांडू। शुक्रवार को वीरगंज में खेले गए मैच में बागमती ने मधेश को 35 रन से पराजित किया। बागमती द्वारा दिए गए 209 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मधेश 34.3 ओवर में 173 रन पर ऑलआउट हो गया। मयन यादव ने सर्वाधिक 40 रन बनाए। आदिल आलम ने 27, कप्तान अनिल साह ने 26 और विशाल सुस्लिंग ने 21 रन बनाए। मोहम्मद समीर ने 16 तथा अभिषेक तिवारी ने 10 रन जोड़े।

बागमती के प्रतिश ने 9.3 ओवर में 55 रन खर्च कर 5 विकेट हासिल किए। रिजन ढकाल ने 2 जबकि कप्तान सन्दीप लामिछाने और सुवास खत्री ने 1-1 विकेट लिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बागमती 48.4 ओवर में 208 रन बनाकर ऑलआउट हुई। उत्तम मगर ने सर्वाधिक 44 रन बनाए जबकि कप्तान सन्दीप ने 36 रन ठोंके।

मधेश के लिए पवन सर्राफ ने 10 ओवर में 31 रन देकर 3 विकेट लिए। आदिल आलम और रन्जित कुमार ने 2-2 विकेट लिए जबकि विशाल पटेल, अभिषेक तिवारी और अरनिको यादव ने 1-1 विकेट लिया। इस जीत के साथ ही बागमती ने 8 मैचों में चौथी जीत दर्ज की और 8 अंकों के साथ छठे स्थान पर काबिज हुआ है, जिससे जय ट्रॉफी के लिए चयन की संभावना मजबूत हो गई है। अब जय ट्रॉफी में 6 टीमें मुकाबला करेंगी। मधेश के पास 7 मैचों में 9 अंक हैं और वह चौथे स्थान पर है, जिससे उसका भी जय ट्रॉफी में खेलने का मौका मजबूत हुआ है।

‘संघीयता, धर्म निरपेक्षता र लोकतन्त्रमा दायाँबायाँ गर्न खोजे प्रतिकार गर्छौं’

‘संविधान, संघीयता और धर्मनिरपेक्षता में हस्तक्षेप करने वालों का करेंगे प्रतिकार’

समाचार सारांश संपादकीय समीक्षा के पश्चात तैयार। श्रम संस्कृति पार्टी के सांसद आरेन राई ने संविधान, संघीयता, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र में दायाँबायाँ करने वालों के खिलाफ प्रतिकार करने की चेतावनी दी है। उन्होंने जाति, धर्म, भूगोल और लिंग के आधार पर विभाजित नेपाली लोगों को एक सूत्र में पिरोकर आगे बढ़ाने की इच्छा जताई। राई ने मधेस से रुबीकुमारी ठाकुर को उपसभापति पद का उम्मीदवार बनाया है, इसकी जानकारी भी दी। 27 चैत्र, काठमांडू। श्रम संस्कृति पार्टी के सांसद आरेन राई ने संविधान, संघीयता, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र में हस्तक्षेप करने वालों का सामना करने की चेतावनी दी है। उन्होंने शुक्रवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में उपसभापति पद के लिए रुबीकुमारी ठाकुर को निर्वाचित करने के प्रस्ताव को प्रस्तुत करते हुए यह बात कही। ‘श्रम संस्कृति पार्टी जाति, धर्म, भूगोल और लिंग के आधार पर विभाजित नेपाली लोगों को एक माला में पिरोकर उन्हें आगे बढ़ाना चाहती है,’ उन्होंने कहा, ‘यदि संविधान, संघीयता, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र में दायाँबायाँ किया जाएगा तो हम प्रतिकार करेंगे।’ श्रम की क्रांति के माध्यम से स्वतंत्र नेपाल और स्वाभिमानी नेपाली बनाने की आकांक्षा व्यक्त करते हुए उन्होंने मधेस क्षेत्र से रुबीकुमारी ठाकुर को उपसभापति पद का उम्मीदवार घोषित किया।

चपल भादुरी: रानी की भूमिका निभाने वाले पुरुष कलाकार की अनोखी कहानी

चपल भादुरी ने केवल 16 वर्ष की उम्र से स्त्री पात्रों की अभिनय यात्रा शुरू की और सामाजिक तिरस्कार तथा बदलते दौर के बावजूद अपने अभिनय को जारी रखा। 20वीं सदी के मध्य में भारत के पश्चिम बंगाल में एक ऐसा समय था जब थिएटर के सबसे प्रसिद्ध नायिकाएँ पुरुष ही होते थे। अर्थात पुरुष ही महिलाओं की भूमिकाएं निभाते थे। उन में सबसे चर्चित थे, चपल भादुरी। एक समय उन्हें बंगाली रंगमंच की दुनिया में ‘चपल रानी’ कहा जाता था। वे जात्रा के एकछत्र रानी माने जाते थे। जात्रा एक प्रकार की लोक घुमंतू नाट्य परंपरा है, जिसमें भारी संख्या में दर्शक शामिल होते थे। यह जात्रा विशेष रूप से बंगाल के ग्रामीण इलाकों में लोकप्रिय थी जहां संगीत के साथ मिथक एवं लोक कथाएँ मंचित की जाती थीं। लेकिन सार्वजनिक मंचन में महिलाओं का भागीदारी वर्जित था। सामाजिक प्रतिबंध के कारण महिलाएं नाच-गान में हिस्सा नहीं ले पाती थीं, इसलिए पुरुष कलाकार ही स्त्री पात्रों का अभिनय करते थे। ऐसे कलाकारों को ‘पुरुष रानी’ कहा जाता था और चपल भादुरी इस विधा के निर्विवाद रानी थे।

चपल भादुरी का जन्म 1939 में कोलकाता में हुआ था। उनका अभिनय उनके रग-तरंगों में था, क्योंकि उनकी मां प्रभा देवी स्वयं एक प्रतिष्ठित रंगकर्मी थीं। 16 वर्ष की कम उम्र में ही चपल ने मंच पर कदम रखा और उनकी सहज स्त्रीसुलभ स्वभाव एवं कोमल आवाज ने उन्हें स्त्रियों के पात्रों को सशक्त रूप से निभाने में मदद दी। उनकी भूमिका इतनी प्रामाणिक होती थी कि वे वास्तविक महिलाओं से कम नहीं लगते थे। परंतु इस प्रतिबंधित माहौल में स्त्री पात्र की भूमिका निभाना आसान नहीं था। शुरुआती दिनों में उन्हें पुराने कपड़े के टुकड़ों और क्रीम-टिका आदि का सहारा लेना पड़ता था। अपने करियर में उन्होंने रानी, देवी और वेश्यालय की मालकिन तक की भूमिकाएं निभाई। वे स्वयं अभिनय में अपने नारीत्व को अपनी पहचान मानती थीं। उनके पात्रों ने दर्शकों को हँसाया, रुलाया, और सोचने पर मजबूर भी किया।

1960 के दशक के अंतिम वर्षों में स्थिति में बदलाव आना शुरू हुआ। महिलाएं रंगमंच में आने लगीं और धीरे-धीरे पुरुष कलाकारों द्वारा निभाई जाने वाली रानी की भूमिकाओं को समाज ने स्वीकारना बंद कर दिया। एक बार नाटक के दौरान चपल को दर्शकों ने मिट्टी के कप से मारकर मंच से अपमानित कर बाहर निकाल दिया था, यह उनकी करियर की शुरुआत का समय था। सफलता के शिखर से नीचे उतरने पर उनका जीवन कठिन हो गया। उनके साथ काम करने वाले कई कलाकार गरीबी में चले गए। चपल ने हार नहीं मानी; वे पुस्तकालय में सफाई का काम करने लगीं। एक बार वह लोक देवी शीतला माता के वेश में सड़कों पर आशीर्वाद देते हुए भीख मांगते पाई गईं।

चपल का निजी जीवन भी उतना ही जटिल था। उन्होंने अपने प्रेम और यौनिकता को कभी छिपाया नहीं। प्रशंसकों से उन्हें प्रेम प्रस्ताव और संबंध के ऑफर मिलते थे। उनकी करीब 30 वर्षों की प्रेम कहानी किसी एक व्यक्ति से जुड़ी थी, जिसके अपने परिवार और संतान भी थे। चपल ने कभी खुद को तृतीय लिंग या किसी आधुनिक श्रेणी में रखना स्वीकार नहीं किया और उन्हें केवल ‘मैं जैसी मैं हूं’ कहने में गर्व था। उनके जीवन में असफलताएं कुछ समय की थीं; 1999 में नवीन किशोर और बाद में फिल्म निर्देशक कौशिक गांगुली द्वारा उनके जीवन पर बनी डॉक्यूमेंटरी और फिल्म ने उन्हें फिर से पहचान दिलाई। वे नई पीढ़ी के लिए एक ‘क्वीर आइकन’ और साहसी व्यक्तित्व के रूप में उभरे। आज 80 वर्ष की उम्र में चपल भादुरी कोलकाता के एक वृद्धाश्रम में रह रहे हैं। वे अपने पुराने घर से दूर हैं, पर उनकी यादें आज भी जीवंत हैं। लेखक संदीप रॉय ने अपनी पुस्तक ‘चपल रानी: द लास्ट क्विन ऑफ बंगाली’ में उनकी असाधारण यात्रा का विवरण किया है।

उपसभामुख के चुनाव में एमाले ने ‘नो वोट’ का फैसला किया

नेकपा एमाले ने प्रतिनिधिसभा के उपसभामुख पद के चुनाव में हिस्सा न लेने का फैसला किया है। सत्तारूढ़ दल रास्वपा ने श्रम संस्कृति पार्टी की रुबीकुमारी ठाकुर का समर्थन करने का निर्णय लिया है। रास्वपा, कांग्रेस एवं नेकपा ने भी रुबीकुमारी ठाकुर के पक्ष में मतदान करने का निर्णय किया है। यह घटना २७ चैत, Kathmandu की है।

नेकपा एमाले ने उपसभामुख पद के लिए होने वाले चुनाव में भाग न लेने का निर्णय लिया है। आज होने वाले उपसभामुख चुनाव में श्रम संस्कृति पार्टी की रुबीकुमारी ठाकुर को सत्तारूढ़ दल रास्वपा द्वारा समर्थन मिलने के बाद, एमाले ने ‘नो वोट’ देने का निर्णय लिया है। लगभग दो तिहाई मतों के बहुमत के साथ रास्वपा, श्रम संस्कृति पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस और नेकपा भी रुबीकुमारी ठाकुर के पक्ष में मतदान करेंगे।

उपसभामुख पद के लिए राप्रपा की सरस्वती लामा और श्रम संस्कृति पार्टी की रुबीकुमारी ठाकुर के बीच चुनावी प्रतिस्पर्धा चल रही है।

अफगानिस्तान में भारी वर्षा के बाद 73 हजार से अधिक लोग बाढ़ प्रभावित

27 चैत, काठमांडू। पिछले दो हफ्तों में अफगानिस्तान में भारी बाढ़ ने दस हजारों लोगों को प्रभावित किया है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, 26 मार्च से 6 अप्रैल तक अफगानिस्तान में अत्यंत भारी वर्षा हुई। वर्षा के कारण आई बाढ़ ने सैकड़ों गाँवों को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है और 73 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ ने नौ हजार से अधिक घरों को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा, कृषि फसलें और जमीन पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा के गंभीर संकट पैदा हो गए हैं।

नेपाली कांग्रेस संसदीय दल: संवैधानिक नियुक्ति निर्णय में भाग लेने वाले विपक्षी दल के नेता का चयन कब होगा?

मोहन आचार्य और भीष्मराज आङ्देम्बे

तस्बिर स्रोत, House of Representatives

तस्बिर विवरण, संसदीय दल के नेता के लिए मोहन आचार्य और भीष्मराज आङ्देम्बे के साथ अर्जुन नरसिंह केसी और वासना थापा के नाम भी चर्चा में हैं

संसद के दूसरे सबसे बड़े, यानी प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने चुनाव के अंतिम परिणाम आने के एक महीने करीब आते हुए भी संसदीय दल का नेता अभी तक चयन नहीं किया है।

चुनाव से पहले ही पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किए गए अध्यक्ष गगन थापा समेत पार्टी के कई पदाधिकारी प्रतिनिधिसभा चुनाव में हार गए, जिसके कारण पार्टी अंदर संसदीय दल के नेता चयन में उलझन देखने को मिल रही है, ऐसा विश्लेषकों का मानना है।

प्रतिनिधिसभा में कांग्रेस संसदीय दल का नेता सरकार के लिए भी एक अहम मुद्दा है। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से लेकर चुनाव आयोग के अध्यक्ष तक रिक्त संवैधानिक पदों की नियुक्ति के लिए सिफारिश करने वाले संवैधानिक परिषद में प्रमुख विपक्षी दल के नेता सदस्य होते हैं।

प्रधानमंत्री अध्यक्ष रहते हैं इस परिषद में, जिसमें मुख्य न्यायाधीश, सभा अध्यक्ष, राष्ट्रीय सभा अध्यक्ष, प्रतिनिधि सभा के विपक्षी दल के नेता और उपसभापति पदेन सदस्य होते हैं।

प्रतिनिधि सभा से शुक्रवार को उपसभापति का चयन हो चुका है, अब इस परिषद के सदस्य के रूप में विपक्षी दल के नेता का चयन होना बाकी है।