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लेखक: space4knews

कपिलवस्तु में करंट लगने से वृद्ध महिला की मौत

कपिलवस्तु के बुद्धभूमि नगरपालिका–४ जोतपुर में 70 वर्षीय जसमती घर्ती की करंट लगने से मौत हो गई। वह अपने ही खेत में घास काटते समय करंट की चपेट में आ गईं और गंभीर रूप से घायल हुई थीं। जसमती का उपचार तौलिहवा जिला अस्पताल में चल रहा था, लेकिन वहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस इस घटना की जांच कर रही है। 1 जेठ, काठमाडौं। कपिलवस्तु के बुद्धभूमि नगरपालिका–४ जोतपुर की निवासी 70 वर्षीय जसमती घर्ती को शुक्रवार सुबह करंट लगने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। अपने ही खेत में घास काटते समय खेत में लगी बिजली के मोटर से करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हुईं जसमती का तौलिहवा जिला अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हुआ, पुलिस के केन्द्रीय समाचार कक्ष ने जानकारी दी है। इस घटना के संबंध में पुलिस आगे भी जांच कर रही है।

सर्लाही, महोत्तरी और दाङ में डूबने से तीन की मौत

देश के विभिन्न इलाकों में डूबने से तीन लोगों की मृत्यु हुई है, जिनमें सर्लाही, महोत्तरी और दाङ के नागरिक शामिल हैं। सर्लाही के मलंगवा नगरपालिका–२ के झंडा बाजार के समीप स्थित पोखरी में चार वर्षीय संयुक्ता प्रजापति डूबकर मृत पाई गई थीं। महोत्तरी के लोहरपट्टी नगरपालिका–८ के बिगही खोला में १२ वर्षीय नौसाद राई और दाङ के राजपुर गाउँपालिका–१ के ६० वर्षीय पुने रोका मगर भी डूबने से जीवन से विदा हो गए।

१ जेठ, काठमाण्डौ। नेपाल प्रहरी केन्द्रीय समाचार कक्ष के अनुसार, सर्लाही, महोत्तरी और दाङ में तीन जनों की डूबने से मृत्यु हुई है। सर्लाही के मलंगवा नगरपालिका–२ झंडा बाजार के पास स्थित पोखरी में डूबने के बाद पर्सा के बाल्मिकी पण्डित की चार वर्षीय पुत्री संयुक्ता प्रजापति की मृत्यु हुई। शुक्रवार सुबह डूबने के बाद उन्हें प्रादेशिक अस्पताल मलंगवा में उपचाराधीन रखा गया था, जहां उनका निधन हो गया।

इसी प्रकार, महोत्तरी के लोहरपट्टी नगरपालिका–८ के बिगही खोल में डूबने से स्थानीय निवासी रजाबुल राई की करीब १२ वर्षीय पुत्र नौसाद राई की शुक्रवार दोपहर मौत हुई। डूबने के कारण अस्वस्थ हुए नौसाद का प्रादेशिक अस्पताल जनकपुर में उपचार के दौरान निधन हुआ।

दूसरी ओर, दाङ के राजपुर गाउँपालिका–१ के गुरूङखोला में रहने वाले ६० वर्षीय पुने रोका मगर गुरूङखोला में स्नान करते समय शुक्रवार दोपहर डूब गए और उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, इस मामले की जांच भी जारी है।

अडानी परिवार अमेरिका में 1 करोड़ 80 लाख डॉलर जुर्माना देने को तैयार

1 जेठ, काठमाडौं। भारतीय अरबपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी अमेरिकी क्षेत्र में जारी मामले में लगभग 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुर्माना देने को तैयार हुए हैं। अडानी परिवार पर अमेरिका की यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन द्वारा दायर धोखाधड़ी से संबंधित मामले को समाप्त करने के क्रम में उन्होंने 1 करोड़ 80 लाख डॉलर जुर्माना देने का प्रस्ताव रखा है। अडानी समूह भारत के प्रमुख व्यावसायिक परिवारों में से एक है, जिसने हवाई अड्डे और ऊर्जा जैसे मुख्य क्षेत्रों में निवेश किया है।

सन 2024 में अमेरिकी नियामक निकाय ने आरोप लगाया था कि अडानी परिवार ने हाई-प्रोफाइल नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत दी और बांड जारी कर पूंजी जुटाने की कोशिश के दौरान अमेरिकी निवेशकों को भ्रमित किया। इस मामले में अमेरिकी अदालत ने भी सहमति प्रदान की थी। अडानी समूह पर निवेशकों को धोखा देने, प्रतिभूतियों में छल करने, एवं बाजार में हेरफेर करके अमेरिकी कानून का उल्लंघन करने का आरोप था। अब जुर्माना देने की सहमति के साथ उन्होंने भविष्य में ऐसे कानूनों का उल्लंघन न करने की प्रतिबद्धता जताई है, जैसा कि भारतीय मीडिया ने बताया है।

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग गौतम अडानी के खिलाफ आपराधिक धोखाधड़ी के आरोप हटाने की तैयारी कर रहा है। बताया गया है कि यह तैयारी तब शुरू हुई जब रॉबर्ट जे गिफ्रा जूनियर के नेतृत्व वाली वकील टीम ने अडानी का मामला संभालना शुरू किया, जैसा कि न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया है। यह टीम अमेरिका की सबसे प्रभावशाली कानूनी फर्मों में से एक मानी जाती है, जिसने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निजी कानूनी सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है। गिफ्रा ने इससे पहले भी ट्रम्प के एक मामले में पैरवी की थी। इस वकील टीम ने मुकदमा समाप्त होने के साथ ही दावा किया कि अडानी अमेरिका में 10 अरब डॉलर निवेश करेंगे और इससे 15,000 नई नौकरियां पैदा होंगी।

२०२६ के फिफा विश्वकप में ८० राष्ट्रों ने हिस्सा लिया, चार नए राष्ट्रों का पहला पदार्पण

विश्वकप चयन प्रतियोगिता कितनी कठिन होती है और विश्वकप में खेलकर ही इसका आनंद कैसा होता है, यह अनुभव केवल खेलने वाली टीम को ही पता होता है। २०२६ के फिफा विश्वकप में पहली बार चार नए राष्ट्र – केप वर्डे, कुराकाओ, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान – हिस्सा लेने जा रहे हैं। ब्राजील ने अब तक सभी २२ संस्करणों में विश्वकप खेला है और पांच बार खिताब जीता है। २०२२ के विश्वकप में हिस्सा लेने वाला कतर दूसरी बार विश्वकप खेल रहा है, जबकि डीआर कांगो और हैती ५२ वर्षों बाद फिफा विश्वकप में लौटे हैं।

फिफा विश्वकप विश्व की सबसे प्रसिद्ध, दीर्घकालिक और सबसे बड़े दर्शकों वाली खेल प्रतियोगिता है। इसे फुटबॉल का त्योहार या महामुकाबला माना जाता है, जहाँ दुनिया के छोटे-बड़े सभी राष्ट्र चयन चरण में भाग लेते हैं। विश्वकप में जगह बनाना इतना आसान नहीं होता, चयन चरण अत्यंत कठिन होते हैं। विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फिफा में २११ सदस्य राष्ट्र हैं। सभी का लक्ष्य कम से कम एक बार विश्वकप खेलना होता है, लेकिन सभी में सफलता संभव नहीं होती।

२०३० में उरुग्वे से शुरू हुए फिफा विश्वकप के २२ संस्करण पूरे हो चुके हैं, और आगामी ११ जून को संयुक्त राज्य अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में २३वाँ संस्करण शुरू होने जा रहा है। अब तक २२ संस्करणों में विश्व के ८० राष्ट्रों ने विश्वकप फुटबॉल खेला है। इस बार उस सूची में चार नए राष्ट्र शामिल हो रहे हैं—एशिया से जॉर्डन और उज्बेकिस्तान, अफ्रीका से केप वर्डे, और कैरिबियन क्षेत्र से कुराकाओ पहली बार विश्वकप में भाग ले रहे हैं।

गगन थापा – Online Khabar

गगन थापाले छलफल र संवादमा विश्वासको महत्व व्यक्त गरे

१ जेठ, काठमाडौं । नेपाली कांग्रेसका सभापति गगन थापाले छलफल र संवादमा विश्वास राख्ने बताएका छन् । काठमाडौंमा शुक्रबार आयोजित एक कार्यक्रममा बोल्दै उनले यस्तो उल्लेख गरेका हुन् । ‘हामी छलफलमा विश्वास गर्छौं, संवादमा विश्वास गर्छौं,’ सभापति थापाले भने, ‘हामी आमने-सामने बहसमा विश्वास गर्छौं, र प्रमाणमा पनि हाम्रो विश्वास छ ।’

परिवर्तन एकैचोटि ठूलो तरिकाले हुने कुरा होइन उनले बताए । ‘नीति, नियम, कानुन बनाएर हुने परिवर्तन र प्रणालीहरूमा आउने सुधारहरू एकै पटकमा धेरै ठूलो तरिकाले हुँदैनन् भन्ने कुरामा हामी विश्वास गर्छौं ।’ यी सबै कुरा ‘इकोसिस्टम’को भाग भएको बताउँदै विस्तारै र क्रमशः हुने प्रक्रिया रहेको उनले जोड दिए ।

अफिस में काम करने वाली महिलाओं के लिए बेहतरीन डिज़ाइन वाले बैग्स

ऑफिस में कार्यरत महिलाओं की व्यस्त दिनचर्या में स्टाइलिश और व्यावहारिक हैंडबैग का महत्व बहुत बड़ा होता है। दैनिक ऑफिस, मीटिंग, यात्रा और अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बैग से लुक प्रोफेशनल और आकर्षक बनता है। इसके साथ ही आवश्यक सामान को व्यवस्थित रखना भी आसान होता है।

हाल के प्रचलित डिज़ाइनों में ओवरसाइज़्ड, डिटेचेबल स्ट्रैप, लेदर, डेनिम जैसे विकल्प बेहद लोकप्रिय हैं। ये बैग आराम, स्टाइल और कार्यक्षमता के बीच उत्तम संतुलन बनाए रखते हैं।

1. ओवरसाइज़्ड डबल पॉकेट टोट बैग

यह बैग वर्तमान में सबसे लोकप्रिय ट्रेंड में से एक है। बड़ा आकार, दो बड़े पॉकेट और मजबूत हैंडल के साथ यह टोट बैग लैपटॉप, फाइल, मेकअप किट, पानी की बोतल और अन्य दैनिक सामान आराम से समेट लेता है।

प्रिमियम कैनवास या लेदर सामग्री में उपलब्ध यह बैग हल्का और टिकाऊ होता है। ब्लैक, बेज, ग्रे जैसे न्यूट्रल रंगों का चयन किसी भी ऑफिस आउटफिट से आसानी से मेल खाता है। इस डिज़ाइन से व्यस्त महिलाओं को प्रोफेशनल लुक के साथ थकान कम करने में मदद मिलती है।

2. डेनिम ओवरसाइज़्ड डिटेचेबल स्लिंग हैंडबैग

डेनिम के ट्रेंडी लुक पसंद करने वाली महिलाओं के लिए यह बैग एक बेहतरीन विकल्प है। ओवरसाइज़्ड डिज़ाइन में डिटैचेबल स्लिंग स्ट्रैप होने के कारण इसे हैंडहेल्ड, क्रॉसबॉडी या शोल्डर बैग की तरह उपयोग किया जा सकता है।

कैजुअल-फॉर्मल लुक दोनों में उपयुक्त यह बैग हल्के वजन का होता है और दैनिक ऑफिस व यात्रा के लिए आदर्श है। डेनिम सामग्री से यह आधुनिक और स्टाइलिश लुक प्रदान करता है जबकि अंदर के पॉकेट सामान को व्यवस्थित रखने में सहायक रहते हैं।

3. डिटेचेबल स्ट्रैप ब्राउन ऑफिस बैग

शाही और एलिगेंट लुक चाहने वाली महिलाओं के लिए ब्राउन रंग वाला यह बैग अत्यंत उपयुक्त है। डिटेचेबल स्ट्रैप इसे बहुउपयोगी बनाता है। उच्च गुणवत्ता वाले लेदर या जेनुइन लेदर से निर्मित यह बैग प्रोफेशनल छवि को बढ़ाता है।

इसमें पर्याप्त कम्पार्टमेंट्स हैं जो लैपटॉप, टैबलेट, नोटबुक और अन्य ऑफिस आवश्यक वस्तुओं को सुरक्षित रखता है। ब्राउन रंग लगभग सभी प्रकार के कपड़ों के साथ अच्छा मेल खाता है और प्रीमियम अनुभव प्रदान करता है।

4. डबल हैंडल शोल्डर स्ट्रैप लेदर हैंडक्राफ्टेड बैग

हैंडक्राफ्टेड लेदर बैग्स का अपना एक खास आकर्षण होता है। डबल हैंडल और एडजस्टेबल शोल्डर स्ट्रैप वाला यह डिजाइन पहनने में आरामदायक है। विशाल इंटीरियर में लैपटॉप से लेकर व्यक्तिगत सामान तक सभी वस्तुएं आराम से समा जाती हैं। प्राकृतिक लेदर की गुणवत्ता लंबे समय तक टिकाऊपन और उपयोग के साथ सुंदरता बढ़ाती है। यह बैग खासतौर पर उच्च पद पर कार्यरत या व्यवसायी महिलाओं के लिए उपयुक्त रहता है।

5. बरगंडी कलर का स्टाइलिश हैंडबैग

बरगंडी (गहरा लाल-बैजनी) रंग वर्तमान सत्र में ट्रेंडिंग है। यह रंग आत्मविश्वास और स्टाइल का मिश्रण प्रदान करता है। मीडियम साइज़ के स्टाइलिश डिजाइन में मेटैलिक हार्डवेयर, क्लास्प लॉक और कई इनसाइड पॉकेट्स होते हैं, जो इस बैग को ऑफिस से लेकर इवनिंग आउटिंग तक आसानी से मेल खाते हैं। बरगंडी रंग सफेद, काला, नेवी ब्लू और ग्रे आउटफिट्स के साथ जबरदस्त मेल खाता है।

अतिरिक्त सुझाव:

सामग्री का चयन : लेदर/पीयू लेदर टिकाऊ और प्रोफेशनल लुक के लिए उपयुक्त है, जबकि कैनवास/डेनिम हल्के और कैजुअल लुक के लिए बेहतर विकल्प हैं।

आकार : ऑफिस के लिए मध्यम से लेकर ओवरसाइज़्ड बैग सही रहते हैं, लेकिन अत्यधिक बड़े बैग से अनावश्यक भार बढ़ सकता है।

रंग : न्यूट्रल रंग (ब्लैक, ब्राउन, बेज) दैनिक उपयोग के लिए सुरक्षित हैं, जबकि बरगंडी, मस्टर्ड जैसे रंग लुक को आकर्षक बनाते हैं।

देखभाल के सुझाव : लेदर बैग को नियमित तौर पर साफ करना चाहिए और प्रत्यक्ष सूर्य के प्रकाश से बचाना चाहिए।

कहां खरीदें

ये नवीनतम डिज़ाइनों वाले बैग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे दराज़, सस्तोडील और जीवी या काठमांडू के स्टोर्स में आसानी से उपलब्ध हैं। अपनी आवश्यकता, बजट और स्टाइल के अनुसार चुनाव कर कार्यरत महिलाएं अपनी दैनिक लुक को और अधिक प्रोफेशनल और आकर्षक बना सकती हैं।

ठेक्के के मूल्य में समायोजन एवं अवधि विस्तार की मांग करती कोशी प्रदेश की निर्माण व्यवसायी संघ की धरना

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • कोशी प्रदेश के निर्माण व्यवसायी पेट्रोलियम पदार्थों और निर्माण सामग्री के बढ़ते दामों के कारण ठेक्के के मूल्य में समायोजन या अवधि विस्तार की मांग करते हुए आर्थिक मामलात एवं योजना मंत्रालय के सामने धरना दे रहे हैं।
  • निर्माण व्यवसायी महासंघ, कोशी प्रदेश के अध्यक्ष जनसेवक भंडारी ने सरकार द्वारा राहत या अवधि विस्तार नहीं किए जाने पर निर्माण उद्योग के धराशायी होने की चेतावनी दी है।
  • पेट्रोलियम उत्पादों के दाम ५० प्रतिशत और सीमेंट, डंडी, गिट्टी-बालू सहित अन्य सामग्री के दाम २० प्रतिशत तक बढ़े हैं, साथ ही कुछ सामग्री की कमी भी निर्माण व्यवसायियों ने बताई है।

१ जेठ, काठमांडू। पेट्रोलियम पदार्थों तथा अन्य निर्माण सामग्री की तेज़ी से बढ़ती कीमतों के कारण ठेक्के के मूल्य में समायोजन या अवधि विस्तार की मांग करते हुए कोशी प्रदेश के निर्माण व्यवसायियों ने आर्थिक मामलात एवं योजना मंत्रालय के सामने धरना दिया है।

धरना के बाद निर्माण व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री हिक्मत कुमार कार्की और आर्थिक मामलात एवं योजना मंत्री विदुर कुमार लिंथेप को ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए निर्माण व्यवसायी महासंघ कोशी प्रदेश के अध्यक्ष जनसेवक भंडारी ने कहा कि यदि सरकार तुरंत राहत या अवधि विस्तार का निर्णय नहीं करती है तो निर्माण उद्योग धराशायी हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि संघीय, प्रदेश और स्थानीय सरकारों द्वारा अवधि विस्तार न किए जाने पर उनके पास निर्माण कार्य बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

पिछले एक महीने से अधिक समय से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में ५० प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है और सीमेंट, डंडी तथा गिट्टी-बालू सहित अन्य सामग्री की कीमतें २० प्रतिशत तक बढ़ी हैं, साथ ही कुछ सामग्री की कमी भी बनी हुई है, ऐसा निर्माण व्यवसायी बता रहे हैं।

चीन यात्रा समाप्त कर ट्रम्प वाशिंगटन लौटे, बोले- वार्ता बेहद सफल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीनी राष्ट्रपति सी जिनपिंग के साथ हुई बातचीत को ‘बेहद सफल, विश्व स्तर पर अविस्मरणीय’ बताया है। बीजिंग में दो दिवसीय दौरा पूरा कर ट्रम्प वाशिंगटन लौट आए हैं। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, सी जिनपिंग ने ट्रम्प के दौरे को ‘ऐतिहासिक और मील का पत्थर’ बताया है। हालांकि, दोनों देशों के बीच कोई बड़ा व्यापारिक समझौता या नई सहमति घोषित नहीं हुई है।

ट्रम्प बीजिंग से एयर फोर्स वन विमान द्वारा वाशिंगटन के लिए रवाना हुए। रास्ते में उनसे संवाददाता संवाद कर सकते हैं, जिससे बैठक के अतिरिक्त विवरण सामने आ सकते हैं। वार्ता के दौरान दोनों नेता व्यापार, तेल आपूर्ति, ईरान और ताइवान जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। इससे पहले ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में बताया कि सी जिनपिंग ने ईरान को सैन्य उपकरण न देने का आश्वासन दिया है।

ट्रम्प के अनुसार, चीन हर्मुज नहर को पुनः खोलने की इच्छा रखता है। बीजिंग ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ तेल खरीद पर सहमति भी जताई है, ट्रम्प ने दावा किया। हालांकि, अब तक दोनों पक्षों ने वार्ता के ठोस परिणाम या किसी औपचारिक समझौते के संबंध में सीमित ही जानकारी साझा की है।

खाली पदहरूमा मन्त्रिस्तरीय नियुक्ति, प्रक्रिया जारी

हाल भइरहेका र नयाँ नियुक्तिहरू खुल्ला प्रतिस्पर्धा र योग्यताको आधारमा गर्ने प्रक्रिया सत्तारूढ दल राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीका प्रतिनिधि सभा सांसद प्रकाशचन्द्र परियारले जानकारी दिए।

पर्यापर्यटनको नयाँ गन्तव्य बन्दै ‘वेतना सिमसार’

‘वेतना सिमसार’ पर्यटन के लिए नया आकर्षण बनता जा रहा है

उनके अनुसार, लगभग ६५ बीघा क्षेत्रफल में फैला यह सिमसार साइबेरिया से आने वाले पक्षियों सहित २५ प्रजातियों के दुर्लभ पक्षियों का आवास है।

प्यूठान में जीप दुर्घटना में मारे गए दोनों की पहचान हुई

प्यूठान के मांडवी–1 डाम्रीखोला स्थित देवीस्थान–दांग सड़कखंड पर जीप दुर्घटना में चालक दिलीप परियार और अभिषेक कुँवर की मौत हुई है। प्यूठान के पुलिस प्रमुख डीएसपी नरहरी अधिकारी ने बताया कि दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दुर्घटना में लु.प्र.०२–००१ ज ०१०४ नंबर की जीप लगभग 200 मीटर नीचे गिरकर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। 1 जेठ, प्यूठान।

प्यूठान के मांडवी–1 डाम्रीखोला स्थित देवीस्थान–दांग सड़कखंड पर हुई जीप दुर्घटना में मृतकों की पहचान हो गई है। पुलिस के अनुसार मृतकों में प्यूठान नगरपालिका–4 के 24 वर्षीय चालक दिलीप परियार और मल्लरानी–5 धूदी के 26 वर्षीय अभिषेक कुँवर शामिल हैं। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हुई है, डीएसपी नरहरी अधिकारी ने पुष्टि की। सड़क से करीब 200 मीटर नीचे गिरी लु.प्र.०२–००१ ज ०१०४ नंबर की जीप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस इस दुर्घटना की और जांच कर रही है।

ट्रम्प और शी के बीच वार्ता के दौरान क्यूबा में CIA निदेशक से दुर्लभ बैठक

अमेरिकी केन्द्रीय गुप्तचर एजेंसी (CIA) के निदेशक जॉन रैटक्लिफ क्यूबा की राजधानी हवाना पहुँचे हैं और वहां के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक दुर्लभ बातचीत की है। क्यूबा ने इस बैठक को स्पष्ट करते हुए कहा है कि “क्यूबा अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है।” यह बैठक राष्ट्रपति ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वार्ता के दौरान हुई।

क्यूबा पक्ष द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों में उपस्थित जटिलताओं के बावजूद राजनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने के मकसद से आयोजित की गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने क्यूबा को “असफल राष्ट्र” बताते हुए वहां की शासन व्यवस्था में अमेरिकी हस्तक्षेप की चेतावनी भी दी थी।

ट्रम्प ने कुछ दिन पहले ही दावा किया था कि अमेरिका क्यूबा पर “तत्काल नियंत्रण” स्थापित कर सकता है। वॉशिंगटन ने जनवरी से क्यूबा पर नए प्रतिबंध लागू किए हैं और वहां आयातित तेल पर भी कड़ी रोक लगा दी है। वहीं, चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों को “गैरकानूनी” करार देते हुए कड़ी आलोचना की है।

राष्ट्रिय ट्रमा सेन्टरमा करोडौंको मेसिन ‘कवाडी’ बन्दै

राष्ट्रीय ट्रॉमा केंद्र के करोड़ों मूल्य के स्वास्थ्य उपकरण अनुपयोगी स्थिति में

सरकारी अस्पतालों में करोड़ों रुपये खर्च कर खरीदे गए अत्याधुनिक स्वास्थ्य उपकरण वर्षों से अनुपयोगी स्थिति में पड़े हैं। महालेखा परीक्षक की ६३वीं रिपोर्ट में दक्ष जनशक्ति के अभाव और कमजोर प्रबंधन के कारण उपकरणों का संचालन न हो पाने की बात कही गई है। राष्ट्रीय ट्रॉमा केंद्र का ५ करोड़ ३७ लाख का कैथलैब मशीन और २४ करोड़ का सीटी स्कैन सिस्टम काम नहीं करने के कारण मरीज निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। १ जेठ, काठमांडू।

सरकारी अस्पतालों में करोड़ों रुपये खर्च कर खरीदे गए अत्याधुनिक स्वास्थ्य उपकरण वर्षों से अनुपयोगी रह गए हैं। दक्ष जनशक्ति की कमी, कमजोर प्रबंधन और गैरजिम्मेदार निर्णयों के कारण राज्य की अरबों की निवेश उपयोगहीन बन रही है। महालेखा परीक्षक की ६३वीं रिपोर्ट में राष्ट्रीय ट्रॉमा केंद्र से लेकर गजेन्द्र नारायण सिंह अस्पताल तक महंगे उपचार उपकरण संचालित नहीं हो पाने की स्थिति उजागर हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, खरीदे गए उपकरणों के संचालन के लिए आवश्यक जनशक्ति, प्रशिक्षण और प्रबंधन की कमी के कारण ये उपकरण ‘कवाड़ी’ जैसे हो गए हैं।

राष्ट्रीय ट्रॉमा केंद्र में ५ करोड़ ३७ लाख ८२ हजार रुपये मूल्य का कैथलैब मशीन सन् २०७२ से ही अनुपयोगी है। दक्ष जनशक्ति न होने के कारण करीब एक दशक से मशीन संचालित नहीं हो पाई है। कैथलैब सेवा से वंचित मरीजों को महंगे शुल्क देकर निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है। भारत सरकार ने दुर्घटना ग्रस्त लोगों के हृदय या नासिका में ब्लॉक होने पर तत्काल उपचार के लिए इस मशीन को ट्रॉमा केंद्र को उपलब्ध कराया था। इसी तरह, ट्रॉमा केंद्र में २४ करोड़ ७७ लाख ९ हजार रुपये मूल्य का सीटी स्कैन सिस्टम भी संचालित नहीं है। १४ वेंटिलेटर और ५ सी-आर्म मशीनें भी अनुपयोगी हैं। ये अत्यावश्यक उपकरण अस्पताल में पड़े रहने के कारण मरीजों को बुनियादी सेवाएं प्राप्त करने से वंचित होना पड़ रहा है।

शुक्रराज ट्रॉपिकल और संक्रामक रोग अस्पताल में भी ७२ लाख ६० हजार रुपये मूल्य के लीड और ईसीजी केबल के ३०० सेट उपयोग में नहीं हैं। उपकरण खरीदने के बाद भी प्रबंधन की कमी के कारण ये सामान वर्षों से गोदाम में पड़े हैं। मधेश प्रदेश के गजेन्द्र नारायण सिंह अस्पताल में भी ऐसा ही हाल है। ४ करोड़ ९० लाख ९५ हजार रुपये मूल्य के एक्स-रे मशीन, इन्डो यूरोलॉजी सेट, लैप्रोस्कोपी सिस्टम, ऐनेस्थिसिया मशीन और इलेक्ट्रोकार्डियोलॉजी उपकरण अनुपयोगी पड़े हैं। सिंहदरबार वैद्यखाना विकास समिति में मौजूद सरकारी औषधि उत्पादन मशीनों में भी ६० प्रकार के उपकरण अनुपयोगी पाए गए हैं। सिंगल रोटरी टेबलेटिंग मशीन, ऑटोमैटिक कैप्सूल फिल मशीन और पाउडर फिलिंग मशीन जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों का उपयोग न होने से सरकारी औषधि उत्पादन को भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। नेपाल पुलिस अस्पताल में भी अत्याधुनिक उपकरण ऐसे ही स्थिति में हैं। १६ स्लाइस सीटी स्कैन मशीन और १.५ टेस्ला एमआरआई मशीन कार्यान्वित न होने के कारण वे अनुपयोगी हैं।

राज्य के खर्च पर खरीदे गए इन उपकरणों के संचालन न हो पाने के कारण कई वारंटी अवधि समाप्त हो चुकी है और आम जनता को राज्य से मिलने वाली न्यूनतम स्वास्थ्य सेवाओं से भी वंचित होना पड़ा है, महालेख ने इस ओर ध्यान दिलाया है। स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार उपकरण खरीद प्रक्रिया में कमीशन की भ्रांतियां रही हों, लेकिन संचालन के लिए आवश्यक जनशक्ति, प्रशिक्षण और रखरखाव का अभाव इसकी मुख्य वजह है। योजना और तैयारी के बिना उपकरण खरीदना सरकारी प्रवृत्ति से स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए बड़े निवेश व्यर्थ हो रहे हैं।

छोटी भन्सार कार्यालय के अवैध अतिक्रमण को हटाने का वडा कार्यालय ने निर्देश दिया

सप्तरी के बोदेबरसाईन नगरपालिका वार्ड नंबर 9, स्वर्णपट्टी में स्थित छोटी भन्सार कार्यालय के अवैध अतिक्रमण में लिए गए भूमि को वडा कार्यालय द्वारा सात दिन के भीतर खाली कराने का निर्देश दिया गया है। वडा अध्यक्ष तपसी यादव द्वारा हस्ताक्षरित सूचना में, निर्धारित समय सीमा के भीतर जमीन खाली न करने पर क्षतिपूर्ति देने का उल्लेख किया गया है।

सप्तरी के बोदेबरसाईन नगरपालिका वार्ड नंबर 9 के स्वर्णपट्टी गांव में लंबे समय से अवैध कब्जे में रखी गई छोटी भन्सार कार्यालय की भूमि को वडा कार्यालय ने खाली कराने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को जारी सूचना में, वडा कार्यालय ने बोदेबरसाईन नगरपालिका वार्ड नंबर 9 के स्वर्णपट्टी टोल के अंतर्गत स्थित इस भन्सार कार्यालय के अतिक्रमित भूमि पर बने ढांचे को सात दिन के अंदर खाली करने का निर्देश दिया है। वडा अध्यक्ष तपसी यादव द्वारा हस्ताक्षरित सूचना में कहा गया है, ‘निर्धारित समय अवधि के भीतर भूमि खाली नहीं की गई तो उस भूमि की क्षतिपूर्ति करनी होगी और अतिक्रमण करने वालों को जुर्माना भरने के लिए बाध्य किया जाएगा।’

ताइवान को मुद्दा या समस्या?

समाचार सारांश। ट्रम्प के दौरे ने चीन द्वारा प्रयोग किए जाने वाले अंग्रेजी शब्द ‘ताइवान कोइसन’ को अंतरराष्ट्रीय संचार माध्यमों में बढ़ावा दिया है। चीन पिछले दो दशकों से ‘ताइवान इश्यु’ की जगह ‘ताइवान कोइसन’ शब्द के उपयोग का समर्थन करता आ रहा है। शी जिनपिंग और ट्रम्प के बीच वार्ता में ‘ताइवान प्रश्न’ को चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया है। १ जेठ, काठमाडौं। ट्रम्प के दौरे ने बीजिंग के लिए अप्रत्याशित परिणाम ला दिया है। क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय संचार माध्यमों में चीन द्वारा प्रयुक्त अंग्रेजी शब्दावली ‘द ताइवान कोइसन’ के प्रचार में सहायता मिली है। कम से कम दो दशकों से, बीजिंग ताइवान की स्थिति से संबंधित अंग्रेजी शब्द के लिए ‘ताइवान इश्यु’ की बजाय ‘ताइवान कोइसन’ शब्द के पक्ष में रहा है। हालांकि, चीन के सरकारी अंग्रेजी माध्यमों में इसका निरंतर उपयोग होता रहा है, अमेरिकी राजनेताओं या प्रमुख अमेरिकी संचार माध्यमों ने इस शब्दावली को प्राथमिकता नहीं दी थी। शी जिनपिंग और ट्रम्प के शिखर सम्मेलन में ताइवान पर हुई चर्चा को कवर करते हुए, अंतरराष्ट्रीय संचार माध्यमों ने बीजिंग की रिपोर्ट की भाषा को उद्धृत और प्रचारित किया। जिसमें शी ने ‘ताइवान प्रश्न’ (ताइवान कोइसन) को चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे प्रमुख ‘मुद्दा’ बताया। इससे यह शब्दावली विश्व के शीर्ष स्तरीय कवरेज में पहुंच गई। नवंबर में प्रकाशित एक लेख में सरकारी मुखपत्र ‘पीपुल्स डेली’ ने कहा था, ‘ताइवान प्रश्न चीन का आंतरिक मामला है, यह कोई विवादास्पद अंतरराष्ट्रीय ‘मुद्दा’ नहीं है। यह स्पष्ट है, इसमें कोई समझौता नहीं हो सकता और यह बड़ा विवाद का विषय भी नहीं है; इसलिए ‘इश्यु’ शब्द का उपयोग नहीं होना चाहिए।’ (साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से)