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लेखक: space4knews

इन्ट्रान्स और ब्रिज कोर्स बंद करने का निर्णय प्लस टू तक सीमित, उच्च स्तर की कक्षाओं को केवल विनियमित किया जाएगा

सस्मित पोखरेल शिक्षामंत्री

तस्बिर स्रोत, RSS

आगामी बैशाख से उच्च शिक्षा संबंधित तैयारी कक्षा बंद करने को लेकर शिक्षा मंत्रालय और शिक्षामंत्री के बीच भिन्न सूचनाओं के चलते भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मंत्रालय के सचिव ने सरकार द्वारा “केवल कक्षा बारहवीं तक की कक्षाएं बंद की जाएंगी” कहा है।

मंत्रालय के प्रवक्ता शिवकुमार सापकोटाले रविवार को प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि, “विद्यालय स्तर की विभिन्न कक्षाएं और उच्च शिक्षा स्तर के प्रवेश परीक्षा तैयारी कक्षा व ब्रिज कोर्स कार्यक्रम बैशाख १ से पूर्णतया बंद करने का मंत्री स्तरीय निर्णय लिया गया है।”

लेकिन कुछ समय बाद शिक्षा मंत्री एवं सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने फेसबुक के माध्यम से सूचना जारी करते हुए कहा कि “केवल कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के लिए चल रही कुछ अतिरिक्त तैयारी कक्षाएं बंद की जाएंगी।” इस प्रकार कुछ लोगों ने उच्च शिक्षा की तैयारी कक्षा को लेकर अस्पष्टता महसूस की।

“मंत्री द्वारा कल शाम सोशल मीडिया पर लिखा गया वाक्य स्पष्ट है,” मंत्रालय के सचिव चूडामणि पौडेल ने कहा, “केवल कक्षा बारहवीं तक की कक्षाएं पूर्णतया बंद की जाएंगी, उच्चतर कक्षाओं को केवल विनियमित किया जाएगा, बंद नहीं किया जाएगा।”

सूचना वेबसाइट से हटा दी गई

शिक्षा मंत्रालय

तस्बिर स्रोत, Ministry of Education, Science & Technology

मंत्रालय द्वारा सामाजिक मीडिया और अन्य आधिकारिक संचार माध्यमों से प्रवक्ता द्वारा रविवार को जारी किया गया वक्तव्य हटा दिया गया है, जिससे इस विषय पर पुनः स्पष्ट सूचना आने की संभावना है।

कुशल मल्ल की शानदार बल्लेबाजी से आर्मी ने बागमती को पराजित किया

त्रिभुवन आर्मी क्लब ने पीएम कप क्रिकेट में कुशल मल्ल की नाबाद ९० रनों की शानदार पारी की बदौलत बागमती द्वारा दिए गए २०९ रनों के लक्ष्य को ७ विकेट पर पूरा किया। कुशल मल्ल ने अंतिम २ ओवरों में ३५ रन आवश्यक थे, जिसमें उन्होंने ५ छक्के लगाकर आर्मी की जीत सुनिश्चित की। बागमती को ४ मैचों में यह तीसरी हार मिली, जबकि आर्मी ने ४ मैचों में ३ जीत और एक मैच बिना नतीजे के खेला है।

१५ चैत, काठमाण्डौ। कुशल मल्ल की बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर त्रिभुवन आर्मी क्लब ने पीएम कप क्रिकेट में अपनी अपराजित उड़ान जारी रखी। २८ ओवरों में घटाए गए मैच में बागमती द्वारा दिए गए २०९ रनों के लक्ष्य को आर्मी ने आखिरी गेंद से एक गेंद पहले ७ विकेट खोकर हासिल किया। मल्ल ने ५८ गेंदों में ३ चौके और ८ छक्कों की मदद से नाबाद ९० रन बनाए। ओपनर तृतराज दास ने ५४ और नरेन साउद ने २६ रन बनाए।

मजबूत लक्ष्य का पीछा करते हुए आर्मी ११८-५ के स्कोर पर थी। इस स्थिति से मल्ल ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अंतिम २ ओवरों में जब ३५ रन की जरूरत थी तब पाँच छक्के लगाकर अकेले ३३ रन बनाए। २७वें ओवर में मल्ल ने सन्दीप लामिछाने के खिलाफ तीन छक्के लगाते हुए २२ रन बनाए।

बागमती के लिए इशान पांडे और विवेक मगर ने दो-दो विकेट लिए, जबकि रिजन ढकाल, सन्दीप लामिछाने और सोनु देवकोटा को एक-एक विकेट मिला।

पहले बल्लेबाजी करते हुए टॉस हारने वाली बागमती ने निर्धारित २८ ओवरों में ७ विकेट गंवाकर २०८ रन बनाए। आशुतोष घिरैया ने सर्वाधिक ३८ रन बनाए जबकि पवन थापा ने ३५ रन जोड़े। आर्मी की ओर से नरेन साउद ने ४ विकेट हासिल किए, वहीं शाहब आलम, दुर्गेश गुप्ता और बसिर अहमद ने एक-एक विकेट लिया।

प्रतियोगिता में आर्मी ने ४ मैच खेले हैं, जिनमें से ३ में जीत हासिल की है और एक मैच बिना नतीजे का रहा है। बागमती को ४ मैचों में तीसरी हार का सामना करना पड़ा है।

ओलीलाई पक्राउ गर्नुको कारण पेश गर्न सर्वोच्चको आदेश

सर्वोच्च अदालत ने ओली को गिरफ्तार करने के कारण सरकार को बताने का निर्देश दिया

सर्वोच्च अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार किए जाने के कारण सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। ओली की पत्नी राधिका शाक्य ने अपने पति को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखे जाने का दावा करते हुए सर्वोच्च अदालत में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी।

जेनजी आंदोलन की जांच के लिए गठित आयोग ने ओली और तत्कालीन गृहमंत्री रमेश लेखक के खिलाफ जांच की सिफारिश की थी। १६ चैत, काठमांडू। सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश मेघराज पोखरेल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कारण बताओ आदेश जारी किया है। भदौ २३ और २४ को जेनजी आंदोलन की घटनाओं में तत्कालीन प्रधानमंत्री के रूप में ओली द्वारा किए गए कार्यों को लेकर सवाल उठे थे।

सरकार द्वारा जेनजी आंदोलन की जांच के लिए गठित आयोग ने ओली के खिलाफ जांच करने का सुझाव दिया था। इसी सिफारिश के आधार पर तत्कालीन गृहमंत्री रमेश लेखक को भी जांच के लिए अनुशंसित किया गया था। इस आधार पर शनिवार सुबह ओली और लेखक को गिरफ्तार कर लिया गया था।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र को ज्ञानेन्द्र शाही ने कर्णाली के लिए 9 बिंदु प्रस्तुत किए

राष्ट्रिय प्रजातन्त्र पार्टी के संसदीय दल के नेता ज्ञानेन्द्र शाही ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को कर्णाली प्रदेश के विकास के लिए 9 बिंदुओं का प्रस्ताव दिया है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र ने कर्णाली के सतत और समावेशी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई और आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस बैठक में कर्णाली प्रदेश से निर्वाचित सभी सांसद मौजूद थे। 16 चैत, काठमांडू।

ज्ञानेन्द्र शाही ने विशेष रूप से कर्णाली प्रदेश के विकास, अवसंरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सुधार के लिए 9 बिंदुओं का प्रस्ताव रखा है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र भी प्रदेशगत मुद्दों पर सांसदों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं। शाही ने रोजगार सृजन और स्थानीय संसाधनों के सही उपयोग को भी अपनी मांगों में शामिल किया है।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र ने जवाब में कहा कि कर्णाली प्रदेश के सतत और समावेशी विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और आवश्यक नीतिगत एवं संरचनात्मक सहायता उपलब्ध कराएगी। इस अवसर पर कर्णाली प्रदेश के सभी निर्वाचित सांसद उपस्थित थे।

रमेश लेखक की रिहाई के लिए दायर याचिका में सर्वोच्च अदालत ने कारण बताओ आदेश दिया

रमेश लेखक

तस्बिर स्रोत, Nepal Photo Library

सर्वोच्च अदालत ने पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की रिहाई के लिए दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कारण बताओ आदेश जारी किया है।

पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की रिहाई की मांग वाली अन्य याचिकाओं का निर्णय अभी शेष है।

सर्वोच्च अदालत के सहायक प्रवक्ता निराजन पांडे ने बताया, “एक याचिका में कारण बताओ आदेश जारी हुआ है। दूसरी में भी आज ही आदेश आने की संभावना है।”

पूर्व गृहमंत्री लेखक की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर जारी कारण बताओ आदेश के संबंध में उन्होंने कहा, “कारण बताओ आदेश जारी होने के बाद यह मामला अब संयुक्त इजलास में सुना जाएगा।”

पूर्व गृहमंत्री लेखक के लिए उनकी पत्नी यशोदा लेखक द्वारा दायर याचिका की सुनवाई न्यायाधीश कुमार रेग्मी की इजलास में हुई थी।

स्पिन गेंदबाजी के प्रदर्शन ने गण्डकी प्रदेश को पीएम कप में ऐतिहासिक जीत दिलाई

राष्ट्रीय टीम के कप्तान रोहित पौडेल समेत अंतरराष्ट्रीय अनुभव रखने वाले खिलाड़ियों वाली एपीएफ टीम को हराने में गण्डकी के बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

समाचार सारांश

  • गण्डकी प्रदेश क्रिकेट टीम ने पीएम कप में विभागीय टीम एपीएफ को हराकर इतिहास रचा।
  • 21 ओवर के मैच में गण्डकी ने एपीएफ को 43 रन से पराजित किया।
  • कप्तान बिपिन खत्री ने स्पिन गेंदबाजी को जीत में अहम योगदान बताया।

15 चैत, काठमाडौं – गण्डकी प्रदेश क्रिकेट टीम ने पीएम कप में ऐतिहासिक जीत हासिल की है। विभागीय टीम एपीएफ क्लब को तल्लो मुलपानी क्रिकेट मैदान पर हराकर गण्डकी ने नया इतिहास रचा है।

पीएम कप के इतिहास में पहली बार किसी विभागीय टीम को हराते हुए गण्डकी ने महत्वपूर्ण 43 रन की जीत हासिल की। वर्षा के कारण खराब पिच की वजह से मैच को 21 ओवर में सीमित किया गया था।

राष्ट्रीय टीम के कप्तान रोहित पौडेल सहित अंतरराष्ट्रीय अनुभव वाले खिलाड़ियों से लैस एपीएफ टीम को हराने में गण्डकी के स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया जबकि बल्लेबाजों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

बल्लेबाजी में गौरव विक, दीपक डुम्रे, अर्जुन कुमाल और कप्तान बिपिन खत्री ने अहम रन बनाए। यह टी-20 जैसा मुकाबला था जिसमें 150 रन का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।

गेंदबाजी में स्पिनरों ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा तथा एपीएफ के शीर्ष क्रम को भंग किया। अपराजित रहे रोहित पौडेल और सिब्रिन श्रेष्ठ की संयुक्त कोशिश ने टॉप आर्डर में दबाव बनाया। सुवास भण्डारी ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया और एपीएफ को कोई मौका नहीं दिया।

बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज और कप्तान बिपिन खत्री ने विभागीय टीम एपीएफ को पराजित करने में निर्णायक भूमिका निभाई। स्पिनर अपराजित पौडेल को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।

कप्तान बिपिन खत्री ने इस जीत को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, ‘पहले भी चुनौती को संभालने का विश्वास खिलाड़ियों में था। हम सभी ने एक बेहतर टीम इकाई के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया। टी-20 फॉर्मेट होने की वजह से आज खेल में आसानी हुई।’

उन्होंने आगे कहा, ‘मध्य प्रदेश में जाने से पहले जीत के साथ जाना चाहते थे। यह जीत आगामी मैचों के लिए हमारा आत्मविश्वास बढ़ाएगी। हम बेहतर निर्णय लेकर आगे बढ़ेंगे।’

स्पिन गेंदबाजी का दबदबा, एपीएफ की बल्लेबाजी विफल

21 ओवर के मैच में एपीएफ ने लोकेश बम के साथ आसिफ को ओपनिंग जोड़ी के रूप में भेजा था। लेकिन लोकेश ने केवल 9 गेंदों पर अपराजित स्पिनर पौडेल की गेंद पर 14 रन पर आउट होकर वापसी की।

पहले मैच में सेंचुरी बनाने वाले आसिफ को भी अपराजित ने 14 रन पर पवेलियन भेज दिया। इसी बीच कप्तान रोहित भी सिब्रिन श्रेष्ठ की गेंद पर बोल्ड हो चुके थे।

पहले खेल में ओपनिंग करने वाले दीपक बोहरा 6 और संदीप जोरा 8 रन पर क्रमशः पौडेल और सिब्रिन की गेंद पर आउट होकर एपीएफ की पारी धराशायी हो गई, जो 47-5 पर सीमित रह गई।

आगे के बल्लेबाज युवराज खत्री 7 रन पर, अमरसिंह राउटेला बिना स्कोर के आउट हुए, और टीम 61-7 तक पहुंची। सुमित महर्जन ने टीम को कुछ देर संभाला, लेकिन कमलसिंह ऐरी 17 और सुमित 22 रन पर आउट हुए।

गण्डकी के अपराजित ने 5 ओवर में 31 रन देकर 3 विकेट लिए। सिब्रिन ने 4 ओवर में 25 रन खर्च करते हुए 3 विकेट झटके, जबकि सुवास भण्डारी ने 2 और कप्तान बिपिन ने 1 विकेट लिया।

खेल के बाद बात करते हुए अपराजित ने कहा कि जीत में योगदान देकर खुशी हुई। उन्होंने कहा, ‘हमने बड़े स्ट्राइकर्स को नियंत्रित करने की योजना बनाई और अच्छी गेंदबाजी की जो सफल रही।’

उन्होंने आगे कहा, ‘आज हमारे पास कई स्पिनर थे और एनपीएल खेलने का अनुभव रखने वाले खिलाड़ी भी थे, जिससे जीत का मनोबल बढ़ा।’

उनका लक्ष्य है कि वे आगामी मुकाबलों में भी अच्छा प्रदर्शन करें और टीम को जय ट्रॉफी प्रतियोगिता के लिए क़्वालीफाई कराएं।

कप्तान बिपिन ने कहा, ‘गेंद घूम रही थी और गति भी कम थी, इसलिए हमने शुरू से ही स्पिनर पर भरोसा रखा। अपराजित और सिब्रिन ने बेहतरीन गेंदबाजी की।’

बल्लेबाजी में गण्डकी का प्रभावशाली प्रदर्शन

वर्षा के कारण प्रभावित तल्लो मुलपानी क्रिकेट मैदान पर पानी सूखने के बाद खेल देर से शुरू हुआ और ओवर घटाकर 21 ओवर का मैच हुआ। टॉस जीतकर गण्डकी ने बल्लेबाजी का फैसला किया।

ओपनर गौरव विक और अर्जुन कुमाल ने अच्छी शुरुआत दी। गौरव ने 37 और अर्जुन ने 25 रन बनाए, हालांकि दोनों आउट हुए, पर टीम ने एक मजबूत आधार तैयार किया।

दीपक डुम्रे ने 34, कप्तान बिपिन खत्री ने नाबाद 20 और दिनेश बुढामगर ने 19 रन बनाए, जिससे गण्डकी ने 150 रन का लक्ष्य बनाया।

ओवरकास्ट मैदान की स्थिति में यह स्कोर अच्छा माना गया और गण्डकी ने सफलतापूर्वक इसे बचाया। कप्तान बिपिन ने कहा कि इस तरह की परिस्थितियों में खेलने का अभ्यास है।

उन्होंने कहा, ‘हम पोखरा के खिलाड़ी हैं, ऐसी परिस्थितियों में खेलना हमारी आदत है। अच्छा योगफल होने के कारण इसे बचाने का भरोसा था।’

***

गण्डकी ने प्रतियोगिता में पहली जीत दर्ज करते हुए 4 मैचों में 3 अंक जोड़े और अंतिम स्थान छोड़कर आठवें स्थान पर पहुंच गई है। एपीएफ भी 4 मैचों में 3 अंक के साथ सातवें स्थान पर है।

अब बाकी के सभी पीएम कप के मैच मधेश प्रदेश में होंगे। अब तक त्रिभुवन आर्मी क्लब और मधेश प्रदेश ही अपराजित टीमें हैं। आर्मी ने 4 मैचों में 3 जीत के साथ 7 अंक बनाकर शीर्ष स्थान बनाया है।

पुलिस 4 मैचों में 5 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है जबकि मधेश 5 अंकों के साथ नेट रन रेट से तीसरे स्थान पर है। सुदूरपश्चिम 3 मैचों में 4 अंक लेकर चौथे, लुम्बिनी और कर्णाली समान 3 अंक लेकर पांचवें और छठे स्थान पर हैं।

चार मैचों में 1 जीत और 2 अंकों के साथ बागमती नवां स्थान पर है जबकि कोशी 4 मैचों में 1 अंक लेकर अंतिम स्थान पर है।

अनमोल केसी स्टारर ‘बाटुलो जून’ दशैंको फूलपातीमा आउने

अनमोल केसी अभिनीत ‘बाटुलो जून’ दशैँको फूलपाती में प्रदर्शित होगी

समाचार सारांश

  • नेपाली फिल्म ‘बाटुलो जून’ आगामी २०८३ साल के दशैँ फूलपाती (असोज ३०) को दिन रिलीज़ होगी।
  • इस फिल्म में अनमोल केसी, प्रिन्सी खतिवड़ा, नैंसी खड्का सहित अन्य कलाकारों ने अभिनय किया है।
  • फिल्म का निर्देशन भुवन केसी ने किया है तथा छायांकन काठमांडू, म्याग्दी, नुवाकोट, चित्लाङ और पोखरा में किया गया है।

काठमांडू। सनराइज पिक्चर्स प्रालि के बैनर तले निर्मित नेपाली फिल्म ‘बाटुलो जून’ की प्रदर्शनी तिथि घोषित कर दी गई है।

अभिनेता अनमोल केसी के जन्मदिन के अवसर पर सोमवार को उनकी आगामी फिल्म की प्रदर्शनी तिथि तय की गई है। निर्माता ने पोस्टर जारी करते हुए इस फिल्म को आगामी वर्ष २०८३ के दशैँ फूलपाती (असोज ३०, १६ अक्टूबर) को प्रदर्शित करने की जानकारी दी है।

पोस्टर में अनमोल और प्रिन्सी खतिवड़ा की तस्वीर शामिल है। पोस्टर जारी करते हुए अनमोल ने जन्मदिन के अवसर पर अपने प्रेमियों के लिए ‘दशैँ में मिलेंगे’ संदेश दिया है।

ग्रामीण परिवेश में आधारित इस प्रेम कहानी का निर्माण जिया केसी और भविष्य खड्काने किया है। निर्माता जिया ने कहा, ‘फिल्म देखते हुए दर्शकों को ३० वर्ष पहले के नेपाली समाज की झलक मिलेगी और साथ ही वर्तमान का अनुभव भी प्राप्त होगा।’

फिल्म का निर्देशन भुवन केसी ने किया है, जो स्वयं शीर्ष भूमिका में भी नजर आएंगे।

फिल्म में पूर्व मिस नेपाल इंटरनेशनल नैंसी खड्का, प्रकाश घिमिरे, रियर राई, दीपक केसी, श्वेता मिश्र, लक्ष्मी गिरि, शारदा गिरि, लक्ष्मीनाथ तिमिल्सिना, शिशिर शिवाकोटी, अर्पणा घतानी, विविका पौडेल और कमल देवकोटा भी अभिनय करते नजर आएंगे।

फिल्म की छायांकन काठमांडू, म्याग्दी, नुवाकोट, चित्लाङ और पोखरा में की गई है। तेजविक्रम केसी कार्यकारी निर्माता हैं जबकि लेखन सामिप्यराज तिमिल्सिना और सरिन पोखरेल ने किया है।

प्रदीप श्रेष्ठ सहायक निर्देशक हैं और छायांकन राजेश श्रेष्ठ ने किया है। १० प्रतिशत छायांकन बाकी है, जो नए वर्ष २०८३ के करीब पोखरा में पूरा किया जाएगा।

अर्थ मन्त्रालयले ३० उपसचिवलाई एकैपटक सरुवा गर्‍यो

अर्थ मन्त्रालयले ३० जना उपसचिवलाई भन्सार विभाग, आन्तरिक राजस्व विभाग तथा अन्य विभिन्न मातहत निकायहरूमा एकसाथ स्थानान्तरण गरेको छ। केही उपसचिवहरूलाई प्रदेश आर्थिक मामिला तथा योजना मन्त्रालयमा पनि सरुवा गरिएको छ। १६ चैत, काठमाडौं। अर्थ मन्त्रालयले ३० जना उपसचिवहरूको समग्र सरुवा प्रक्रिया सम्पन्न गराएको छ। मन्त्रालयका अनुसार, यी उपसचिवहरूलाई भन्सार विभाग, आन्तरिक राजस्व विभाग लगायत अन्य विभिन्न मातहत निकायहरूमा स्थानान्तरण गरिएको छ। साथै, केही उपसचिवहरूलाई प्रदेश आर्थिक मामिला तथा योजना मन्त्रालयमा पनि जिम्मेवारी तोकिएको जनाएको छ। यो उपसचिवहरूको स्थानान्तरण अर्थमन्त्री डा. स्वर्णिम वाग्लेले मन्त्रालयको जिम्मेवारी सम्हालेपछि गरिएको पहिलो महत्वपूर्ण कदम हो।

जातीय भेदभाव के आरोप में महिला गिरफ्तार

जुम्ला में जातीय भेदभाव के आरोप में कविता बुढा को गिरफ्तार किया गया है। उन पर राजबहादुर सुनार के खिलाफ गालीगलौज करने का आरोप है। यह घटना कालेखोली स्थित एक होटल में हुई थी और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। १६ चैत, जुम्ला।

जुम्ला में जातीय भेदभाव के आरोप में एक महिला गिरफ्तार हुई हैं। जुम्ला के पुलिस उपरीक्षक (डीएसपी) रविनबाबु रेग्मी के अनुसार, गिरफ्तार महिला का नाम गुठीचौर गाउँपालिका-३ की कविता बुढा है। उन पर जुम्ला के राजबहादुर सुनार के खिलाफ जातीय भेदभाव करने का आरोप है। रविवार को जुम्ला सदरमुकाम कालेखोली स्थित एक होटल में कविता बुढा ने राजबहादुर सुनार के प्रति अपशब्दों का प्रयोग कर गालीगलौज की, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया में सार्वजनिक हुई थी। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें हिरासत में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू की गई है, हालांकि पीड़ित पक्ष से अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

सरकार की 100 कार्ययोजना: ‘कार्यान्वयन कठिन है लेकिन संभव है’

नया मंत्रिमंडल

तस्वीर स्रोत, RSS

प्रधानमंत्री वलिन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा जारी ‘शासकीय सुधार संबंधी कार्ययोजना’ को लागू करना कठिन और चुनौतीपूर्ण है, लेकिन नामुमकिन नहीं, ऐसा विभिन्न संबंधित पक्षों ने प्रतिक्रिया दी है।

यह कार्ययोजना जनता से सीधे जुड़ी कई महत्वपूर्ण विषयों को समेटे हुए है, इसलिए अब इसका क्रियान्वयन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही, वैदेशिक रोजगार और द्वंद्व पीड़ितों के मामले जिनकी सुनवाई अब तक बाकी है, उन्हें कार्ययोजना में शामिल न किए जाने की चर्चा भी हो रही है।

नई मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में शुक्रवार को पारित इस कार्ययोजना को सरकार ने शनिवार को सार्वजनिक किया है। इसमें प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक न्याय तथा नागरिक सेवा क्षेत्र के सुधार के मुद्दे शामिल हैं।

कार्ययोजना में क्या-क्या है?

100 बिंदुओं वाली इस कार्ययोजना में दलित और वंचित समुदायों से 15 दिनों के अंदर राज्य की ओर से औपचारिक माफी मांगने और सुधारमुखी कार्यक्रम की घोषणा करने का उल्लेख है।

सभी राजनीतिक दलों के घोषणापत्र में शामिल क्रियान्वयन योग्य विषयों को मिलाकर एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता तैयार करने और उसमें सरकार की साझा स्वामित्व स्थापित करने, राजनीतिक व संस्थागत सुधार और चुनावी प्रणाली से संबंधित आवश्यक संविधान संशोधन के लिए राष्ट्रीय सहमति बनाने हेतु ‘संविधान संशोधन बहस पत्र’ तैयार करने के लिए कार्यदल बनाने जैसे प्रावधान कार्ययोजना में हैं।

फखार जमान पर बल टेम्परिंग के आरोप में प्रतिबंध की संभावना

फखार जमान बल टेम्परिंग के आरोप में कम से कम १ मैच से लेकर अधिकतम २ मैचों तक के प्रतिबंध के खतरे में हैं। लाहोर कॉलंडर्स और कराची किंग्स के बीच हुए मैच में गेंद की स्थिति पर संदेह पाया जाने के बाद अंपायरों ने नई गेंद का उपयोग किया था। कराची किंग्स को ५ पेनल्टी रन दिए गए थे।

१६ चैत्र, काठमांडू। फखार जमान पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) २०२६ में गेंद की स्थिति बदलने (बल टेम्परिंग) के आरोप में कार्रवाई के दायरे में हैं। उन पर लेवल-३ का आरोप लगाया गया है, जिसके तहत कम से कम १ और अधिकतम २ मैचों का प्रतिबंध लग सकता है। यह घटना रविवार को लाहोर कॉलंडर्स और कराची किंग्स के मैच में हुई।

अंतिम ओवर की शुरुआत में जब अंपायरों ने गेंद की जांच की, तो उसमें कुछ बदलाव होने का संदेह जाहिर किया गया। इसके बाद उन्होंने नई गेंद का प्रयोग किया। नियमों के अनुसार कराची किंग्स को ५ पेनल्टी रन दिए गए, जिसका मैच के परिणाम पर बड़ा प्रभाव पड़ा। पीछा कर रही कराची की टीम के लिए जीत पाना आसान हो गया और वे मैच जीत गए। अब मैच रेफरी इस घटना की जांच करेंगे और फखार जमान को आरोपों के खिलाफ अपना बचाव पेश करने का अवसर दिया जाएगा। वहीं, कराची के हसन अली को विकेट लेने के बाद आक्रामक सेलिब्रेशन करने के कारण मैच फीस का १० प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है।

असन्तुष्ट समूहले समानन्तर गतिविधि सुरु गरेपछि थापासहितका पदाधिकारी छलफलमा

असंतुष्ट समूह की समानांतर गतिविधियों के बाद थापा और अन्य पदाधिकारी चर्चा में जुटे

फाइल तस्वीर समाचार सारांश। नेपाली कांग्रेस के असंतुष्ट समूह द्वारा समानांतर गतिविधियाँ शुरू करने के बाद संस्थागत समूह ने आंतरिक चर्चा शुरू की है। कांग्रेस के निवर्तमान कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्काले १४वें महाधिवेशन से निर्वाचित केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक कल के लिए बुलाई है। पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के बाद खड्काले बयान जारी किया है और शेरबहादुर देउवा के निकटस्थ जिला सभापतियों की बैठक भी बुलाई है। १६ चैत, काठमांडू। नेपाली कांग्रेस के असंतुष्ट समूह की समानांतर गतिविधियाँ शुरू होने के बाद संस्थापक समूह चर्चा में लगे हैं। कांग्रेस के निवर्तमान कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्काने १४वें महाधिवेशन से निर्वाचित केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक कल के लिए बुलाने के पश्चात कांग्रेस सभापति गगन थापासहित अन्य पदाधिकारी पार्टी केन्द्रीय कार्यालय सानेपा में चर्चा कर रहे हैं। पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के बाद कार्यवाहक सभापति के रूप में खड्काने बयान जारी किया और शेरबहादुर देउवा से जुड़े जिला सभापतियों की बैठक भी बुलाई है। असंतुष्ट समूह के समानांतर गतिविधियों की सक्रियता के कारण थापा सहित पदाधिकारी आंतरिक चर्चा में जुटे हैं। एक पदाधिकारी ने चर्चा के संबंध में संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘यह औपचारिक बैठक नहीं है, यह अनौपचारिक चर्चा है।’

महिलाओं द्वारा सृजित कलाकृतियाँ, पर पुरुषों को मिली मान्यता

कला इतिहास में सामान्यतः पुरुषों के नामों का ही उल्लेख होता रहा है। लेकिन हर बार पुरुष ही चित्रकार नहीं होते थे, महिलाएँ भी प्रसिद्ध चित्रकार थीं। बावजूद इसके, अपनी कलाकृतियों पर अधिकार न मिलने के कारण इतिहास ने इन महिलाओं को पहचाना नहीं। उदाहरण के लिए, द ट्रायम्फ ऑफ़ बैकस नामक कलाकृति सदियों तक किसी और के नाम से जानी जाती रही। १६२९ में बनाए गए इस तेल चित्र की यथार्थता अत्यन्त प्रभावशाली है। इसमें दिखाए पात्र मद्यपान कर रहे हैं। हाल ही में इस चित्र का सृजन मिचेलिना वाटियर नामक महिला चित्रकार ने किया है, यह पुष्टि हुई है। उनके सम्मान में लंदन के रॉयल एकेडेमी में यह और अन्य कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गईं। इस लेख में ऐसी और महिलाओं की कहानी और उनकी कलाकृतियाँ बताई गई हैं।

द ट्रायम्फ ऑफ़ बैकस : मिचेलिना वाटियर का यह चित्र १९९३ में वियना के कुन्थिस्टोरिचेस म्यूजियम संग्रह में शोध करते समय कला इतिहासकार काट्लिन वॉन डेर स्टिघलेन ने खोजा था। चित्र पर हस्ताक्षर नहीं थे, परंतु उसकी भव्यता देखकर उन्होंने सोचा कि इसमें कोई महत्वपूर्ण रहस्य हो सकता है। ऐसा माना गया कि यह संभवतः किसी महिला ने बनाया हो। कुन्थिस्टोरिचेस म्यूजियम के क्यूरेटर गुस्ताव ग्लक ने शुरुआत में यह कहा था कि यह किसी महिला का काम नहीं हो सकता। पर बाद में यह पुष्टि हुई कि यह चित्र मिचेलिना वाटियर ने ही बनाया था। चित्र के दाहिनी ओर वे स्वयं निडर और अर्धनग्न रूप में, युद्धरत स्थिति में दिखाई देती हैं।

उनकी इस कलाकृति का श्रेय उनके भाई को दिया जाता था। इसी तरह अन्य कई कलाकृतियाँ भी पुरुष कलाकारों के नाम से जानी जाती थीं। आज मिचेलिना वाटियर को इस शताब्दी की सबसे बड़ी कलात्मक पुनराविष्कार माना जाता है। सेल्फ पोर्ट्रेट एज सेन्ट कैथरीन ऑफ़ अलेक्जेंड्रिया : आर्टेमिसिया जेन्टिलेस्की किशोरावस्था में प्रभावशाली भावनात्मक चित्र बनाती थीं। उनके काम की काफी मांग थी। लेकिन १७०० के दशक में बारोक शैली की लोकप्रियता घटने से वे धीरे-धीरे ओझल में आ गईं। उनके कई चित्र भी अन्य कलाकारों के नाम से जाने गए। केवल २०१७ में उनके एक चित्र की आर्टेमिसिया की ही होने की आधिकारिक पुष्टि हुई।

द कराउजिंग कपल (१६३०) : डच चित्रकार जुडिथ लेस्टर अपने जीवनकाल में अत्यंत सम्मानित रही थीं, लेकिन मृत्यु के बाद पुरुष कलाकारों ने उनका नाम छाया में डाल दिया। उनके कई काम उनके पति जान मिएन्स मोलेनर या फ्रांस हाल्स के बताए जाने लगे। १८९२ में एक कला व्यापारी के द्वारा फ्रांस हाल्स के हस्ताक्षर के नीचे ‘जेएल’ अक्षर और एक तारा खोजे जाने के बाद सच सामने आया।

बैरोनेस एल्सा वॉन फ्रेयटाग और मोर्टन शामबर्ग : १९वीं और २०वीं सदी में महिला कलाकारों को शुरुआत में अप्रशिक्षित या कच्चा माना जाता था। कई महिलाओं को केवल प्रेरणा के स्रोत के रूप में देखा गया। ऐसे समय में जर्मन चित्रकार और कवयित्री बैरॉनेस एल्सा एक साहसी महिला कलाकार थीं।

मार्गरेट किन : ‘टुमरो फॉरएवर’ (१९६३) २०१४ की फिल्म बिग आइज ने अमेरिकी कलाकार मार्गरेट किन की कहानी प्रस्तुत की थी। १९६० के दशक में बड़ी आँखों वाले बच्चों के चित्र काफी लोकप्रिय थे, लेकिन उन्हें पुरुष कलाकारों के बनाए जाने का विश्वास था। लेखक हेलेन गोरिल के अनुसार, ऐसे चित्रों का मूल्य तब बढ़ता था जब पुरुष हस्ताक्षर करते, वहीं महिलाओं के कलाकृतियों का मूल्य घटता था।

मार्गरेट स्वभाव से शर्मीली थीं, लेकिन उनके पति वाल्टर वस्तु बेचने और बातचीत में निपुण थे। वाल्टर ने दबाव बनाकर सभी चित्रों का श्रेय खुद ले लिया। मार्गरेट चित्रों पर केवल अपने उपनाम ‘किन’ लिखती थीं। बाद में उनका संबंध टूट गया और मामला अदालत तक पहुंचा। न्यायाधीश ने दोनों को अदालत में चित्र बनाने को कहा।

वाल्टर ‘काँध दर्द’ का बहाना बनाकर कुछ नहीं बना पाए, वहीं मार्गरेट ने एक घंटे के भीतर पहचानने योग्य बड़ी आँखों वाला बच्चा चित्रित कर अपनी असली कलाकार होने का प्रमाण दिया।

बर्ड फ्लू के खतरे के कारण भारतीय सीमा पर कड़ी सतर्कता

बाँके के नेपालगंज में बर्ड फ्लू के खतरे के मद्देनजर भारत से कुखुर के चल्ले और सफेद अंडे लाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। पशु क्वारंटाइन कार्यालय दैनिक 20 से 25 भारतीय ब्रोइलर नष्ट कर रहा है। सरकार आंतरिक परिवहन में सख्ती बरत रही है और खुली सीमा क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। 16 चैत, नेपालगंज।
खुली सीमा वाले बाँके के नेपालगंज और आसपास के क्षेत्रों में बर्ड फ्लू का खतरा देखते हुए यहां उच्च सतर्कता बनाए रखी गई है। जिले से जुड़े नाकों पर अवैध रूप से भारत से लाए जा रहे चल्ले को पशु क्वारंटाइन कार्यालय, बाँके के प्रमुख डॉ. हरेराम यादव के अनुसार दैनिक नष्ट किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में अभी तक बर्ड फ्लू नहीं पाया गया है, लेकिन कुखुर के चल्ले और सफेद अंडे लाने पर रोक है। उन्होंने कहा, ‘खुली सीमा क्षेत्र में कुखुर के चल्ले और अंडे लाने वाले सक्रिय होते हैं, लेकिन पुलिस देख लेने पर वे भाग जाते हैं।’
सरकार ने भारत से कुखुर के चल्ले या सफेद अंडे नेपाल लाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। डॉ. यादव ने आंतरिक परिवहन में कड़ी निगरानी और नियंत्रण की बात कही और कुखुर के आयात-निर्यात में सख्ती का भी उल्लेख किया। पशु क्वारंटाइन कार्यालय के अनुसार जिले में रोजाना 20 से 25 भारतीय ब्रोइलर नष्ट किए जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘विभाग से स्पष्ट निर्देश मिले हैं और हम पूरी तरह सतर्क हैं। तराई से जुड़े खुले सीमावर्ती इलाकों में बर्ड फ्लू का खतरा मौजूद है।’ कार्यालय नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, डॉ. यादव ने बताया।
नेपालगंज के भेटरिनरी अस्पताल तथा पशु सेवा विशेषज्ञ केंद्र के वरिष्ठ पशु विकास अधिकारी डॉ. गणेशबहादुर पुन ने भी चल्ले के आयात में उच्च सतर्कता बरतने की जानकारी दी। जिले में सुइया, बगौंडा, खडैंचा, जमुनाह जैसे कई खुले सीमा नाके स्थित हैं।

पश्चिम एशियामा अमेरिकी सैनिक संख्या ५० हजार पार, सन् २००३ यताको उच्चतम स्तर

१६ चैत, काठमाडौं । इरानसँग बढ्दो तनाव र संभावित युद्धको बीच अमेरिकाले पश्चिम एशियामा आफ्ना सैनिकको संख्या ५० हजारभन्दा माथि पुर्‍याएको छ। द न्युयोर्क टाइम्सका अनुसार हालसालै थप दुई हजार ५०० मरीन र दुई हजार ५०० जल सैनिक पश्चिम एशिया पुगेपछि अमेरिकी सेनाको संख्या ५० हजार नाघेको हो। यो संख्या सामान्य अवस्थामा हुने तैनाथीभन्दा करिब १० हजार बढी हो। सामान्यतया खाडी क्षेत्रका साउदी अरब, बहराइन, इराक, सिरिया, जोर्डन र कतारमा करिब ४० हजार अमेरिकी सैनिक तैनाथ रहन्थे।

यसैबीच, अमेरिकी नौसेनाको सबैभन्दा ठूलो विमानवाहक जहाज यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड मर्मतको लागि क्रोएशियाको स्प्लिट बन्दरगाह पुगेको छ। मार्च १२ मा जहाजको लुगा धुने कोठामा आगलागी भएपछि यसलाई रेड सीबाट फर्काइएको थियो। यस जहाजमा रहेका ४ हजार ५०० सैनिकहरू यस समयमा ५० हजार सैनिक गणनामा समावेश गरिएको छैन। पेन्टागनले हालै ८२ औं एयरबोर्न डिभिजनका थप दुई हजार अर्धसैनिकलाई पनि इरानको पहुँचभित्र पर्ने गोप्य स्थानमा तैनाथ गरेको छ। सैन्य विशेषज्ञहरूको अनुसार यो तैनाथी सन् २००३ को इराक युद्धपछिको सबैभन्दा ठूलो तैनाथी हो। अमेरिकी सेनाको यो उपस्थितिले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्पलाई स्ट्ратегिक क्षेत्रहरू जस्तै खार्ग टापुमा ‘ग्राउन्ड अपरेसन’ सञ्चालन गर्ने विकल्प प्रदान गरेको चर्चा भैरहेको छ।