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लेखक: space4knews

कृषि विभाग ने चैते धान का समर्थन मूल्य सिफारिश किया

१६ चैत, काठमाडौं । कृषि विभाग ने चैते धान के लिए समर्थन मूल्य सिफारिश की है। विभाग ने किसानो को उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न २५ जिलों में स्थलगत अध्ययन सहित रिपोर्ट कृषि एवं पशुपालन विकास मंत्रालय को भेजी है। धान उत्पादन में लगने वाली लागत, बीज, खाद, श्रम, मुद्रास्फीति, बाजार मूल्य तथा उत्पादन लागत के विश्लेषण के आधार पर मूल्य निर्धारण हेतु सिफारिश की गई है, ऐसा विभाग के महानिर्देशक प्रकाश सञ्जेल ने जानकारी दी।

विभाग की टीम ने स्थलगत अध्ययन के पश्चात उत्पादन लागत, परिवहन खर्च, बाजार मूल्य और अन्य प्रासंगिक पहलुओं को शामिल करते हुए वैज्ञानिक मूल्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे मंत्रालय के सूचना अधिकारी महानन्द जोशी ने साझा किया। इस प्रस्ताव के आधार पर प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारण के लिए संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श किया गया है और इसे मंत्रिपरिषद् में पेश करने की तैयारी है। मंत्रिपरिषद् के निर्णय के बाद ही मूल्य सार्वजनिक किया जाएगा।

धान के नमी मानदंड को भी मूल्यांकन में शामिल करते हुए किसान द्वारा उत्पादित धान का समर्थन मूल्य सुनिश्चित किया जाएगा। यदि धान में १८ प्रतिशत तक नमी हो तो निर्धारित मूल्य लागू होगा, जबकि १८ प्रतिशत से अधिक नमी होने पर वजन कम करने का नियम लागू किया जाएगा, मंत्रालय ने बताया। सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर खाद्य व्यवस्था तथा व्यापार कम्पनी लिमिटेड के माध्यम से धान की खरीद की जाएगी। सरकार ने पिछले वर्ष प्रति क्विंटल दो हजार ८०० रूपये का समर्थन मूल्य निर्धारित किया था। –रासस

कर्णाली प्रदेश खेलकुद परिषद के नए सदस्य–सचिव चन्द ने ली शपथ

कर्णाली प्रदेश खेलकुद परिषद के नए सदस्य–सचिव रविन्द्र चन्द ने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की है। सोमवार को सामाजिक विकास मंत्रालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री घनश्याम भण्डारी ने चन्द को शपथ दिलाई। गत चैत १२ गते को आयोजित प्रदेश मन्त्रिपरिषद की बैठक में चन्द को परिषद के दूसरे सदस्य–सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। सदस्य–सचिव पद के लिए २१ लोगों ने आवेदन दिया था, जिनमें चन्द ने अन्तर्वार्ता में सर्वाधिक ६७.१७ अंक प्राप्त किए थे।

उसी अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष प्रमोद हमाल तथा सदस्य पवनकुमार थापा, पंखबहादुर मल्ल, भीमाकुमारी भुसाल, गोर्खबहादुर शाही और किरण किशोर सापकोटा ने भी शपथ ली। गत २०८१ पुष ४ गते से रिक्त चल रहे सदस्य–सचिव पद पर चन्द की नियुक्ति हुई है। इससे पहले, सदस्य–सचिव चयन के लिए गठित समिति ने गत माघ ३ गते अन्तर्वार्ता लेकर तीन नामों को सरकार के समक्ष सिफारिश की थी। सिफारिश में शामिल रविन्द्र चन्द, दीपक हमाल और प्रमोद हमाल में मूल्यांकन में चन्द ने सबसे अधिक ६७.१७ अंक प्राप्त किए थे। दीपक हमाल ने ६०.६३ और प्रमोद हमाल ने ५२.३७ अंक प्राप्त किए थे। सदस्य–सचिव पद के लिए शुरू में २१ लोगों ने आवेदन किया था, जिनमें से १० को अन्तर्वार्ता के लिए चुना गया था।

ओलीको स्वास्थ्य अवस्था सामान्य, चिकित्सक भन्छन्- डिस्चार्ज गर्न सकिन्छ

ओली की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य, चिकित्सकों ने डिस्चार्ज возможत बताया

समाचार सारांश

  • एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है और चिकित्सकों ने डिस्चार्ज संभव बताया है।
  • ओली की पित्तथैली में पथरी मिली है, परंतु तत्काल शल्यक्रिया आवश्यक नहीं, चिकित्सक जोखिम मूल्यांकन के बाद निर्णय लेंगे।
  • पूर्व ऊर्जा मंत्री दीपक खड्का त्रिवि शिक्षण अस्पताल में भर्ती हैं जिनकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है।

१६ चैत, काठमांडू। एमाले अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है, ऐसा उपचार में लगे चिकित्सकों ने बताया है।

शनिवार सुबह से भर्ती ओली को चिकित्सकों ने अब डिस्चार्ज करने योग्य बताया है। “सभी रिपोर्ट सामान्य हैं। चिकित्सकीय चर्चा के बाद उन्हें डिस्चार्ज करना संभव है,” उपचार में लगे एक चिकित्सक ने कहा।

शनिवार सुबह दिल की समस्या की रिपोर्ट के बाद चिकित्सकों ने अतिरिक्त परीक्षण किया। रविवार को ओली के शरीर में दिल की धड़कन की निगरानी के लिए “होल्टर मॉनिटर” लगाया गया, जो २४ से ४८ घंटे तक दिल की धड़कन की स्थिति पर नजर रखता है। रिपोर्ट के अनुसार दिल का कामकाज ठीक है, चिकित्सकों ने कहा।

मूत्र संक्रमण होने के बावजूद कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखे, इसलिए चिकित्सकों ने मूत्र का कल्चर नमूना लिया है।

“मूत्र जांच में कुछ बैक्टीरिया पाए गए हैं, पर कोई विशेष लक्षण नहीं,” चिकित्सक ने कहा, “अधिक पुष्टि के लिए ‘यूरिन कल्चर’ किया गया है।”

शनिवार को एक्स-रे में ओली की पित्तथैली में पथरी मिली, पर फिलहाल सर्जरी के आवश्यक नहीं बताई गई है। गैस्ट्रो सर्जनों की टीम ने भी अभी ऑपरेशन करना जोखिम भरा बताया है।

ओली को दो बार किडनी प्रत्यारोपण हुआ है, उम्र और दिल की बीमारी के कारण चिकित्सक शल्य क्रिया जोखिमपूर्ण मानते हैं।

“उनकी पित्तथैली की पथरी को तुरंत निकालना आवश्यक नहीं है,” उपचार में लगे चिकित्सक ने कहा, “शरीर को गंभीर नुकसान न हो, इसलिए उचित समय पर ऑपरेशन करना बेहतर रहेगा।”

हालांकि ओली स्वयं पथरी निकालकर समस्या का समाधान चाहते हैं।

“उन्होंने कहा है कि पथरी बढ़ रही है, इसलिए ऑपरेशन करके निकालना उचित होगा,” चिकित्सक ने बताया, “लेकिन वर्तमान जोखिम का मूल्यांकन करके ही निर्णय लिया जाएगा।”

अस्पताल स्रोत के अनुसार ओली की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होने के कारण डिस्चार्ज संभव है।

“वर्तमान स्थिति को देखते हुए उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में रखने की आवश्यकता नहीं है,” एक अन्य चिकित्सक ने कहा, “एक-दो दिन निगरानी में रख कर डिस्चार्ज किया जा सकता है।”

शनिवार सुबह गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ओली का स्वास्थ्य परीक्षण के लिए त्रिवि शिक्षण अस्पताल लाया था। अस्पताल के आकस्मिक कक्ष में प्रारंभिक परीक्षण हुआ और ओली ने दिल की धड़कन में समस्या बताई।

इसके बाद चिकित्सकों ने अतिरिक्त परीक्षण के लिए ‘एनेक्स-१’ के बेड नंबर ५०१ में भर्ती किया।

२३ और २४ भदौ को हुए जनजी आंदोलन के दौरान ओली प्रधानमंत्री और रमेश लेखक गृह मंत्री थे। इस घटना की जांच के लिए गठित पूर्व न्यायाधीश गौरीबहादुर कार्की की अध्यक्षता में आयोग ने ओली और लेखक को दोषी मानते हुए हत्या से संबंधित जांच की सिफारिश की थी।

प्रतिवेदन के आधार पर सरकार ने शनिवार सुबह ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार किया। जिला अदालत काठमांडू ने पाँच दिन की हिरासत मियाद दी, लेखक को नेपाल पुलिस के महाराजगंज स्थित २ नंबर गण में रखा गया और जांच की जा रही है, जबकि ओली स्वास्थ्य अवस्थाओं के कारण त्रिवि शिक्षण अस्पताल में हैं।

दीपक खड्कालाई पेट संबंधी समस्या

पूर्व ऊर्जा, जल स्रोत और सिंचाई मंत्री तथा कांग्रेस नेता दीपक खड्का को भी त्रिवि शिक्षण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जनजी आंदोलन के दौरान २४ भदौ को उनके घर से बरामद रकम से संबंधित संपत्ति शुद्धिकरण विभाग ने रविवार को गिरफ्तार किया था। अदालत ने सात दिन की न्यायिक हिरासत दी है।

रात में अचानक उच्च रक्तचाप और दस्त की समस्या के कारण उन्हें नर्भिक अस्पताल लाया गया था, जहां बेड न होने से तीन बजे त्रिवि शिक्षण अस्पताल रेफर किया गया।

अस्पताल स्रोत ने बताया कि खड्कालाई १०२९ नंबर बेड पर भर्ती किया गया है। दस्त और उल्टी के कारण अतिरिक्त निगरानी के लिए रखा गया है।

प्रारंभिक परीक्षण में खड्काको रक्तचाप नियंत्रित है और दस्त तथा उल्टी की समस्या कम हुई है।

अस्पताल ने कहा, “स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है, रिपोर्ट सामान्य हैं और लंबी अस्पताल अवधि आवश्यक नहीं।”

रक्त परीक्षण में हल्का संक्रमण पाया गया है। संक्रमण के दौरान बढ़ने वाला ‘ल्युकोसाइट काउंट’ सामान्य से अधिक है। “नर्भिक में करीब १७ हजार था, टिचिंग में लगभग १३ हजार है,” एक चिकित्सक ने बताया।

चिकित्सकों के अनुसार सामान्य ल्युकोसाइट काउंट ११ हजार से ऊपर होने पर संक्रमण माना जाता है। इसलिए खड्कालाई अभी एंटीबायोटिक दिया जा रहा है।

इरान-यमन संघर्ष में जुड़ा हुथी समूह, स्थिति और गंभीर होने की आशंका

क्षेप्यास्त्र हमला

तसवीर स्रोत, ANADOLOU GETTY IMAGES

पढ़ने का समय: ३ मिनट

यमन के इरान समर्थित हुथी समूह ने लगभग एक महीने पहले इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध में पहली बार इजरायल पर हमला करने की पुष्टि की है।

इस समूह ने “संवेदनशील इजरायली सैन्य क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए” बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम इजरायल द्वारा इरान, लेबनान, इराक और फिलिस्तीन क्षेत्रों पर हो रहे आक्रमण के जवाब में उठाया गया है।

इस समूह ने कहा है कि जब तक सभी मोर्चों पर हमले बंद नहीं होते, उनकी कार्रवाई जारी रहेगी।

इसके पहले, इजरायल रक्षा बलों ने यमन से दागे गए मिसाइलों को सफलतापूर्वक परास्त कर दिया था।

युद्ध में नया मोर्चा

बीबीसी जेरुसलम के मध्य पूर्व ब्यूरो प्रमुख जो फ्लोटो के अनुसार, यमन का हुथी समूह कुछ सप्ताह से इरान के समर्थन में था और इसलिए उनकी युद्ध में भागीदारी की उम्मीद थी।

बधाई-शुभकामना दिन मन्त्रालय नआउनू – Online Khabar

रास्वपा ने मंत्रालयों में बधाई एवं शुभकामना देने के दौरान भीड़भाड़ से बचने का आग्रह किया

रास्वपा ने प्रधानमंत्री और मंत्रियों को बधाई एवं शुभकामना देने के लिए मंत्रालयों में भीड़भाड़ न करने की पार्टी के नेताओं और शुभचिंतकों से अपील की है। रास्वपा केंद्रीय अनुशासन आयोग के कार्यवाहक प्रमुख रमाकांत रिमाल ने कहा है कि अनावश्यक मुलाकातों से सरकार के कार्य संचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है, इसलिए ऐसा करने से बचा जाए।

विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रभाव पड़ने और तेज सेवा प्रवाह में समस्या आने की संभावना के कारण ऐसा न करने के निर्देश जारी किए गए हैं।’ १६ चैत, काठमांडू। पार्टी के नेता, सदस्य और शुभचिंतक मंत्रालयों में जाकर नवनियुक्त प्रधानमंत्री और मंत्रियों को बधाई एवं शुभकामना देते हुए अनावश्यक मुलाकात, शाल और फुलमाला पहनाने, फोटो लेने जैसे कार्य पार्टी अनुशासन और विवादास्पद नजर आने लगे हैं।

इसीलिए केंद्रीय अनुशासन आयोग ने इस प्रकार के कार्यों से बचने का आग्रह किया है। ‘नागरिक सेवा को प्राथमिकता देने और प्रभावी कार्य संचालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री एवं मंत्रियों को बधाई देने के दौरान मंत्रालय में अनावश्यक मुलाकात, जमावड़ा और भीड़भाड़ से सरकार के कार्य में विलंब होगा, कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होगी और समग्र सरकार की प्रणाली पर प्रभाव पड़ेगा। इसलिए सभी पार्टी पदाधिकारियों और सदस्यों को कड़ा निर्देश जारी किया गया है कि ऐसा कार्य न करें,’ विज्ञप्ति में उल्लेख है।

महिला उद्यम प्रवर्धन में संचार माध्यम की भूमिका पर चर्चा

१६ चैत, काठमाडौं। महिला उद्यमशीलता के प्रवर्धन में संचार माध्यम की भूमिका पर संचारिका समूह नेपाल ने सोमवार काठमाडौं में विशेषज्ञों के साथ एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में मुख्यधारा के संचार माध्यमों द्वारा महिला उद्यमियों के विषय को कितनी प्राथमिकता दी जा रही है, इस पर विस्तृत चर्चा हुई। चर्चा में भाग लेने वाले संपादक, नागरिक समाज के प्रतिनिधि, मानवाधिकारकर्मी और पत्रकारों ने महिलाओं के छोटे-छोटे उद्यमों की कहानियों को भी सकारात्मक दृष्टिकोण से संचार माध्यमों में प्रस्तुत करने पर जोर दिया।

संचारिका समूह ने जिआईजेड नेपाल के सहयोग से देशभर की महिला उद्यमियों के संघर्ष और सफलताओं पर आधारित २१ ‘उद्यमी महिला’ शीर्षक वाली फैलोशिप स्टोरीज प्रकाशित की हैं, इसकी जानकारी दी गई। बाह्रखरी के प्रधान संपादक हरिबहादुर थापाले कहा कि वर्तमान में राजनीतिक विषयों को ही प्राथमिकता मिलने के बावजूद महिला उद्यमियों की प्रेरणादायक कथाओं को मुख्यधारा में लाना एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि छोटे उद्यमों के प्रेरणादायक विषयों को उजागर करने से अन्य महिलाओं को उद्यमशीलता में जुड़ने का उत्साह मिलेगा।

कार्यक्रम में महिला उद्यमी श्याम बदन श्रेष्ठ ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि महिला उद्यमी परिवार की जिम्मेदारी के साथ-साथ बचाए गए समय में व्यवसाय कर रही हैं, फिर भी संचार माध्यमों ने इन्हें पर्याप्त मंच नहीं दिया है। उन्होंने संचार माध्यमों से प्रेरणा और बाजार प्रवर्धन में सहयोग की आवश्यकता बताई। मानवाधिकारकर्मी चरण प्रसाईं ने कहा कि महिला उद्यम से जुड़े मुद्दों को मानवाधिकार के दृष्टिकोण से उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के छोटे उद्यमों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता बढ़ाने में संचार माध्यमों की भूमिका अहम है।

संचारिका समूह की सलाहकार एवं पूर्वअध्यक्ष बबिता बस्नेत ने डिजिटल माध्यमों के जरिए महिला उद्यम के प्रचार-प्रसार को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छोटे उद्यमों के संघर्ष की कहानियां डिजिटल प्लेटफार्म से व्यापक रूप से प्रसारित की जा सकती हैं। अधिवक्ता पुनदेवी महर्जन ने कहा कि सफलताओं की कहानियों के साथ-साथ कानूनी पक्ष को भी संचार माध्यमों को सशक्त करना चाहिए। जिआईजेड नेपाल की कम्पोनेंट मैनेजर बिनिजा नेपाल ने महिला उद्यमशीलता के प्रवर्धन में संचार माध्यमों और विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

कार्यक्रम में प्रस्तुत छह महीने के अध्ययन प्रतिवेदन के अनुसार विभिन्न प्रदेशों में महिला संबंधी समाचार विषयों में भेद है। सुदूरपश्चिम और कर्णाली प्रदेश में छाउपडी और स्वास्थ्य संबंधी विषय अधिक उठाए गए हैं, जबकि अन्य प्रदेशों में उद्यमशीलता, डिजिटल व्यवसाय और राजनीतिक सहभागिता से जुड़े समाचार प्राथमिकता में पाए गए हैं। संचारिका समूह नेपाल की अध्यक्ष कमला पन्थी ने कहा कि संचार माध्यमों में अब भी महिलाओं की सफलताओं के मुकाबले हिंसा, बलात्कार और आरोप जैसे नकारात्मक विषयों को अधिक महत्व दिया जा रहा है। कार्यक्रम में २१ फैलो, संपादक, मेंटर, नागरिक समाज के प्रतिनिधि, अधिवक्ता एवं महिला उद्यमियों की उपस्थिति रही।

टीकापुर साहित्य महोत्सव का तृतीय संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न

टीकापुर में ‘टीकापुर साहित्य महोत्सव २०८२’ का तृतीय संस्करण चैत १३ से १५ तारीख तक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह महोत्सव टीकापुर साहित्य समाज एवं सुदूरपश्चिम प्रज्ञाप्रतिष्ठान के संयुक्त आयोजन में रविवार को संपन्न हुआ। आयोजकों ने बताया कि महोत्सव में भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति, शिक्षा, सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों को समाहित किया गया। महोत्सव के संस्थापक समन्वयक महेशविक्रम शाह के अनुसार, तृतीय संस्करण ‘थारू साहित्य तथा सांस्कृतिक उत्सव’ की विशेष सोच पर केंद्रित था।

महेशविक्रम शाह ने कहा, “हमारा प्रयास सुदूरपश्चिम प्रदेश की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत एवं स्थायी बनाते हुए बहुभाषिक-बहुसांस्कृतिक सहअस्तित्व का संदेश प्रवाहित करना रहा।” महोत्सव के दौरान २१ विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें भाषा, साहित्य, कला, संगीत, स्थानीय जनजीवन, इतिहास, पहचान, राजनीति, समाज और समसामयिक मुद्दों पर गहन चर्चा एवं अंतरक्रिया हुई। महोत्सव में देश के प्रतिष्ठित भाषाविद्, साहित्यकार, कलाकार, सामाजिक विचारक, चिकित्सक, पत्रकार, शोधकर्ता, संस्कृतिविद्, विकास विशेषज्ञ तथा पर्यटन कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही।

महोत्सव की पहली श्रृंखला में कर्णाली नदी में जल विहार एवं थारू सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किये गए। दूसरी श्रृंखला में सड़क नाटक प्रदर्शन, लेखन कार्यशाला और प्रदेश स्तरीय कविता महोत्सव के कार्यक्रम संपन्न हुए। तृतीय श्रृंखला के अंतर्गत नाटक मंचन, थारू समुदाय की लोकसंस्कृति प्रदर्शन, बौद्धिक संवाद, काव्य श्रवण, ग़ज़ल श्रवण, संगीत कार्यक्रम तथा सुदूरपश्चिम का देउड़ा प्रस्तुत सहित विविध गतिविधियाँ आयोजित की गईं। चौथी श्रृंखला में थारू लोकसंस्कृतियों की महत्वपूर्ण विरासत लुप्तप्राय ‘रामलीला नाच’ का प्रदर्शन हुआ।

महोत्सव में साहित्य, कला और सामाजिक क्षेत्र के स्थापित व्यक्तित्वों के ज्ञान, अनुभव एवं सृजनात्मक यात्रा के प्रत्यक्ष संवाद ने स्थानीय पक्ष को लाभान्वित किया है, ऐसा महेशविक्रम शाह ने दावा किया। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास टीकापुर नगर को साहित्यिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मददगार साबित होगा।” महोत्सव से स्थानीय पर्यटन संवर्द्धन, आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि और सांस्कृतिक जागरूकता पर सकारात्मक प्रभाव की अपेक्षा की जा रही है।

बाल बच्चों के स्क्रीन समय को कम करने के पाँच उपाय

यदि आप अभिभावक हैं, तो मेटा और गूगल द्वारा जानबूझकर लत लगने वाले प्रकार के सामाजिक नेटवर्क बनाने के कारण एक युवती के मानसिक स्वास्थ्य को चोट पहुँची है, इस अमेरिकी अदालत के फैसले ने आपको सही ठहराया होगा। केली नामक उस युवती के वकीलों ने इंस्टाग्राम के ‘लोड’ होते रहने वाले पेज जैसे फीचर ‘इन्फिनिट स्क्रोल’ को लत लगने वाले स्वरूप का बताया था। अदालत के फैसले को सामाजिक नेटवर्क कंपनियों के लिए ‘निर्णायक क्षण’ कहकर सराहा गया है। लेकिन अपने छोटे बच्चों के स्क्रीन पर बिताए समय को कम करने की कोशिश करने वाले अभिभावकों के लिए इसका व्यावहारिक महत्व कम है। हमने बच्चों को फोन से कम समय के लिए भी दूर रखने के लिए कुछ विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं।

१. छोटी उम्र से शुरुआत करें और यथार्थवादी बनें। कई अभिभावक अपने बच्चों को पहले ही टैबलेट या स्मार्टफोन दे चुके होते हैं, इसलिए ये उपकरण देने से पहले अच्छी सोच-विचार आवश्यक है। लेकिन पूरी तरह फोन का इस्तेमाल बंद कराना सही विकल्प नहीं होता, बताती हैं बालमनोवैज्ञानिक डॉ. जेन गिल्मर। उनका कहना है, “आदतें बदलना हमेशा आसान नहीं होता।” वे कहती हैं कि स्क्रीन टाइम संबंधी विवाद के समय से बेहतर है कि परिवर्तन शांति और तटस्थ स्थिति में किया जाए। “शांत मन से बेहतर संवाद होता है।” पहले कदम के रूप में उनके बताये अनुसार घर में फोन रखने के लिए एक निश्चित जगह तय करें, जैसे कोई खास दराज। “चार्जर के लिए एक विशेष जगह तय करें ताकि फोन बंद रहते हुए भी चार्ज पर रखा जा सके और बात वहीं खत्म हो जाए।”

२. सहयोग करें। कड़े नियम बनाने के बजाय बड़े बच्चों और किशोरों को स्क्रीन टाइम के बारे में चर्चा में शामिल करना जरूरी बताती हैं बालमनोवैज्ञानिक डॉ. मरीहान बेकर। उनका कहना है, “मैं समझती हूं ये जगह तुम्हारे दोस्तों से जुड़ने के लिए है। न देने पर सामाजिक दबाव महसूस करना मैं समझ सकती हूं। इसलिए हमें यह चर्चा करनी होगी कि हम कैसे हमारे और तुम्हारे समय का संतुलन बना सकते हैं, जिससे तुम फोन से दूर रह पाओ।” अभिभावकत्व प्रशिक्षक ओलिविया एडवर्ड्स कहती हैं कि स्क्रीन टाइम कम करने के लिए बच्चे या किशोर से एक गहरा रिश्ता बनाना जरूरी है।

३. सीखने का मौका बनाएं। कई अभिभावक सामाजिक नेटवर्क के चलन और प्रवृत्तियों को समझने में संघर्ष करते हैं, लेकिन यह बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए स्क्रीन टाइम पर खुली चर्चा का अवसर भी बनता है। ओलिविया कहती हैं, “आप कह सकते हैं: ‘तुम्हें पता है सोशल मीडिया कैसे काम करता है? एप्स इसे कैसे आकर्षक बनाते हैं? लोग जितना देखते हैं उससे पैसे कमाते हैं, क्या तुम जानती हो?’” डॉ. जेन बताती हैं कि इस तरह अभिभावक अपने बच्चों को डिजिटल साक्षरता दे सकते हैं।

४. अच्छे व्यवहार का उदाहरण बनें। बच्चे अपने माता-पिता की नकल करते हैं, इसलिए स्क्रीन के अच्छे उपयोग की आदतें अपनाने के लिए खुद भी आत्मनिरीक्षण जरूरी है। मरीहान इसे थोड़े हल्के और मजेदार तरीके से करने का सुझाव देती हैं। “हम बच्चे से खुलकर कह सकते हैं, ‘हम सब इसमें दोषी हैं और फोन के साथ अपना रिश्ता बेहतर बनाना होगा, मैं अभी तक ऐसा नहीं कर पाया।'”

५. घबराएं नहीं। बच्चों को पालना कभी आसान नहीं था, लेकिन आज के स्क्रीन युग में हम सब प्रभाव समझ रहे हैं और यह एक चिंताजनक पहलू भी है। यूनिवर्सिटी ऑफ एसिक्स के डिजिटल संचार विशेषज्ञ डॉ. टोनी सैम्पसन अभिभावकों को अत्यधिक भय में नहीं होने की सलाह देते हैं। “अभिभावक अक्सर संचार के आतंक में पड़ जाते हैं और सोचते हैं कि हर किशोर का मस्तिष्क सोशल मीडिया की लत में फंसा हुआ है,” वे कहते हैं। लेकिन बच्चों और किशोरों के मस्तिष्क में ‘न्यूरोप्लास्टिसिटी’ नाम की क्षमता होती है, जो उन्हें परिस्थिति के अनुसार अनुकूलित और पुनः संभालने में सक्षम बनाती है।

“सोशल मीडिया ध्यान भंग नहीं करता, बल्कि ध्यान को कब्जा करता है और वाणिज्यिक सामग्री की ओर मोड़ता है,” वे आगे बताते हैं। “सकारात्मक तकनीक का उपयोग न्यूरोप्लास्टिसिटी को बढ़ावा देकर रचनात्मकता, अनुसंधान और सीखने को प्रोत्साहित करता है।”

राष्ट्रपतिद्वारा संसद् अधिवेशन आह्वान – Online Khabar

राष्ट्रपति ने संसद के अधिवेशन के लिए आमंत्रण दिया

राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने चैत १९ तारीख को संघीय संसद के दोनों सदनों के अधिवेशन के लिए आमंत्रण दिया है। मंत्रिपरिषद की बैठक ने उसी दिन संसद के अधिवेशन के लिए राष्ट्रपति के समक्ष सिफारिश की थी। यह नई सरकार के गठन के बाद संघीय संसद का पहला अधिवेशन है।

१६ चैत, काठमांडू। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संघीय संसद के दोनों सदनों के अधिवेशन के लिए आमंत्रण दिया है। सोमवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक ने चैत १९ तारीख को संसद के अधिवेशन के लिए राष्ट्रपति के समक्ष सिफारिश की थी। इस निर्णय के आधार पर राष्ट्रपति पौडेल ने अधिवेशन के लिए आमंत्रण दिया है, यह जानकारी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता रितेशकुमार शाक्य ने दी। सरकार ने आगामी चैत १९ तारीख को दोपहर २ बजे संसद की बैठक बुलाने के लिए सिफारिश की थी। २१ फागुन को हुए चुनाव के बाद नई सरकार के गठन के बाद यह संघीय संसद का पहला अधिवेशन है।

पूर्व राष्ट्रपति भण्डारी ने ओली के स्वास्थ्य का लिया हालचाल

१६ चैत, काठमांडू। पूर्व राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी ने नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली के स्वास्थ्य की जानकारी ली है। सोमवार को त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल महाराजगंज पहुंची पूर्व राष्ट्रपति भण्डारी ने ओली के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। भण्डारी के निजी सचिव राजकुमार राई ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति भण्डारी ने चिकित्सकों से भी ओली की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में बातचीत की।
पूर्व प्रधानमंतरी भी रह चुके ओली को भदौ २३ और २४ की घटनाओं की जांच के लिए बने गौरीबहादुर कार्की के नेतृत्व में जांच आयोग की रिपोर्ट लागू करने के लिए सरकार के निर्देश पर पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें उपचार के लिए शिक्षण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। –रासस

एन्फा विवाद: अखिल नेपाल फुटबल सङ्घमा निर्वाचन र विवादों का इतिहास

अखिल नेपाल फुटबल सङ्घ (एन्फा) की स्थापना विसं २०१० में हुई थी। बहुदलीय व्यवस्था पुनर्स्थापित होने के बाद एन्फा में लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचन प्रक्रिया के माध्यम से नेतृत्व चयन शुरू किया गया है। हालांकि, एन्फा का यह निर्वाचन प्रक्रिया सहज और विवादमुक्त नहीं दिखी है। नेपाल की सबसे चर्चित खेल संस्था और इससे जुड़े बजट में बार-बार नेतृत्व चुनाव के दौरान विवाद उत्पन्न होते रहे हैं।

विसं २०४४ में दशरथ रंगशाला में आए तूफान के कारण ७१ से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद खेलकूद पदाधिकारियों ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने वालों में तत्कालीन खेलकूद मंत्री केशरबहादुर विष्ट, राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के सदस्यसचिव शरदचन्द्र शाह और एन्फा अध्यक्ष कमल थापा शामिल थे। थापा के इस्तीफा देने के बाद चन्द्रबहादुर गुरुङ को एन्फा अध्यक्ष जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके पद छोड़ने के बाद ध्रुवबहादुर प्रधान कार्यवाहक अध्यक्ष बने। बाद में आदित्यध्वज जोशी एन्फा के नेतृत्व में आए, लेकिन उन्होंने भी इस्तीफा देने के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी पुरुषोत्तम श्रेष्ठ को दी गई।

गणेश थापा की नियुक्ति विसं २०५१ साल चैत्र २२ गते हुई थी। हालांकि, फीफा ने थापा को नहीं बल्कि रुक्म शम्शेर के नेतृत्व को मान्यता दी। थापा की तदर्थ समिति ने २०५२ असोज में चुनाव करवाया, जिसे फीफा ने स्वीकार किया और नेपाली फुटबल में थापा के नेतृत्व का युग शुरू हुआ। लेकिन, थापा के नेतृत्व में विवादों की श्रृंखला शुरू हो गई। २०६२/६३ में पुनः चुनाव के समय ‘बी’ डिवीजन के क्लबों ने १८-बिंदु मांगों के साथ आंदोलन शुरू किया। थापा द्वारा खिलाड़ियों के पारिश्रमिक बढ़ाने के कारण क्लबों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।

असार ४, २०८३ तक उनकी कार्यकाल रहने के बावजूद एन्फा समिति ने २०८२ माघ २८ गते पहले से चुनाव कराने का निर्णय लिया। इस फैसले से विवाद भड़कने लगे। तहगत चुनाव न कर सीधे केंद्र के चुनाव करने को लेकर कई क्लबों और जिलों ने विरोध जताया। राखेप ने बिना स्वीकृति चुनाव न कराने के लिए एन्फा को पत्र भेजा और चुनाव स्थगित करने का निर्देश दिया। एन्फा ने जवाब दिया कि यह फीफा के निर्देशानुसार है और अपने विधान के अंतर्गत यह चुनाव कर रहा है, इसलिए चुनाव प्रक्रिया नहीं रोकी जाएगी। वर्तमान में एन्फा ने राखेप को निलंबित कर दिया है, लेकिन विवाद जारी है।

रूसी उपविदेशमंत्री गालुजिन ने युरासियाई सुरक्षा संरचना के क्षेत्रीय संगठन आधारित होने पर ज़ोर दिया

समाचार सारांश

  • रूसी उपविदेशमंत्री मिखाइल गालुजिन ने युरासिया की सुरक्षा संरचना को क्षेत्रीय संगठनों पर आधारित होने पर ज़ोर दिया है।
  • गालुजिन ने कहा कि युरासियाई सुरक्षा प्रणाली ‘समान और अविभाज्य सुरक्षा’ की अवधारणा पर आधारित होनी चाहिए।
  • उपविदेशमंत्री गालुजिन का तर्क है कि क्षेत्रीय देशों को अपनी सुरक्षा और विकास की जिम्मेदारी स्वयं लेनी होगी।

रूसी उपविदेशमंत्री मिखाइल गालुजिन ने युरासिया की सुरक्षा संरचना को क्षेत्रीय संगठनों पर आधारित होना आवश्यक बताकर इस बात पर जोर दिया है।

उज्बेकिस्तान के तर्मेज में आयोजित ‘‘रूस-उज्बेकिस्तान: युरासिया में रणनीतिक साझेदारी’’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने यह विचार व्यक्त किया।

गालुजिन के अनुसार, युरासियाई सुरक्षा प्रणाली किसी भी देश के खिलाफ लक्षित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह ‘‘समान और अविभाज्य सुरक्षा’’ की अवधारणा पर आधारित होनी चाहिए, जिसमें कोई भी राष्ट्र दूसरे राष्ट्र की सुरक्षा को खतरे में डाले बिना अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास न करे।

उपविदेशमंत्री गालुजिन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा प्रस्तावित ‘‘ग्रेटर युरासियन पार्टनरशिप’’ की अवधारणा को उज्बेकिस्तान की ‘‘उज्बेकिस्तान 2030’’ रणनीति के साथ संगत बताया।

उन्होंने कहा कि बाहरी शक्तियों के सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक दबाव से स्वतंत्र होकर क्षेत्रीय देशों को अपनी सुरक्षा और आर्थिक विकास की पूरी जिम्मेदारी स्वयं लेनी होगी।

इस प्रक्रिया में कमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स (सीआईएस), यूनियन स्टेट ऑफ़ रूस एंड बेलारूस, युरासियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) और कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रिटी ऑर्गनाइजेशन (CSTO) जैसे निकायों की भूमिका निर्णायक होगी, उनकी मानना है।

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पार्टीहरू प्रत्यक्ष सिट

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कर्णाली हाई अल्टिच्युड ट्रेनिंग सेंटर के लिए जुम्ला में जमीन प्राप्त

समाचार सारांश

समीक्षा पश्चात तैयार किया गया।

  • कर्णाली हाई अल्टिच्युड ट्रेनिंग सेंटर के लिए जुम्ला में 6,120 वर्ग मीटर की जमीन प्राप्त हुई है।
  • जुम्ला खेलकूद विकास समिति के कार्यालय प्रमुख कविदत्त न्यौपाने ने राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के सदस्य-सचिव रामचरित्र मेहता को जमीन का लालपुर्जा सौंपा।
  • पातारासी गाउँपालिका वार्ड 3, लोठचौर में स्थित यह जमीन लाउरो बोहरा, गोरबहादुर बोहरा और कुम्भर बोहरा ने प्रदान की है।

16 चैत्र, काठमांडू। कर्णाली हाई अल्टिच्युड ट्रेनिंग सेंटर के लिए जुम्ला में जमीन प्राप्त की गई है।

राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के सदस्य-सचिव रामचरित्र मेहता को जुम्ला खेलकूद विकास समिति के कार्यालय प्रमुख कविदत्त न्यौपाने ने सोमवार को इसका लालपुर्जा सौंपा।

पातारासी गाउँपालिका वार्ड 3, लोठचौर में स्थित यह जमीन लाउरो बोहरा, गोरबहादुर बोहरा और कुम्भर बोहरा ने उपलब्ध कराई है, ऐसा प्रमुख न्यौपाने ने बताया।

जमीन का क्षेत्रफल 6,120 वर्ग मीटर है।

महेश बस्नेतको प्रतिक्रिया– प्रतिशोधको राजनीतिविरुद्ध न्यायालयको कदम स्वागतयोग्य

महेश बस्नेतको प्रतिक्रिया– प्रतिशोधको राजनीतिविरुद्ध न्यायालयको कदम स्वागतयोग्य

१६ चैत, काठमाडौं । काठमाडौं जिल्ला अदालतले आफूविरुद्ध प्रहरीले पक्राउ पुर्जी नदिएकोमा नेकपा एमालेका सचिव महेश बस्नेतले अदालतको निर्णयलाई स्वागतयोग्य बताएका छन्। सोमबार फेसबुकमार्फत प्रतिक्रिया दिँदै सचिव बस्नेतले अदालतको आदेशलाई ‘प्रतिशोधको राजनीतिविरुद्ध न्यायालयले चालेको स्वागतयोग्य कदम’ रहेको बताएका छन्।
‘निरंकुश बालेन सरकार र कथित गृहमन्त्रीको निर्देशनमा झूटा मुद्दा लगाउँदै काठमाडौं जिल्ला प्रहरीले सरकारी वकिल मार्फत पक्राउ प्रक्रिया अघि बढाएको फाइलमा काठमाडौं जिल्ला अदालतले पक्राउ नगर्न आदेश दिएको छ,’ बस्नेतले लेखेका छन्, ‘यस निर्णयका लागि काठमाडौं जिल्ला अदालतप्रति हार्दिक धन्यवाद प्रकट गर्दछु। प्रतिशोधको राजनीतिविरुद्ध न्यायालयले चालेको यो कदम प्रशंसनीय छ।’
काठमाडौं जिल्ला अदालतले आज जाहेरी र सम्बन्धित सबै फाइल उच्च अदालत पाटनमा पुगेको भन्दै बस्नेतविरुद्ध पक्राउ पुर्जी जारी गर्ने अनुमति दिन अस्वीकार गरेको थियो।

तीन नए डाक टिकटों का विमोचन, संचार मंत्री का बयान- स्मार्ट डाक युग की शुरुआत

डाक सेवा विभाग ने पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व वाले तीन नए डाक टिकट जारी किए हैं। संचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ। विक्रम तिमिल्सिनाले ने इन डाक टिकटों के प्रथम दिवस आवरण पर मुहर लगाई। मंत्री तिमिल्सिनाले ने डाक सेवा को समयानुकूल और प्रभावशाली बनाने तथा स्मार्ट डाक विकास को तीव्रता देने का आह्वान किया। १६ चैत, काठमांडू।

डाक सेवा विभाग ने जावा दाम (मुद्रा), धुर्कोट दरबार गुल्मी, और नृसिंह अवतार नृत्य (कार्तिक नृत्य) चित्रित डाक टिकट जारी किए हैं। सोमवार को विभाग के बबरमहल कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ। तिमिल्सिनाले इन तीनों डाक टिकटों के प्रथम दिवस आवरण पर मुहर लगाई। उन्होंने कहा, “देश की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ राष्ट्रीय पहचान को बनाए रखने में डाक टिकट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

मंत्री ने डाक सेवा को नागरिकों के और अधिक करीब लाने तथा सार्वजनिक सेवा को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सरकार की सौ सूत्रीय मार्गदर्शिका के अनुसार कार्य की गति तेज करने हेतु विभाग को नई कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही जनता में सकारात्मक अपेक्षाएं जागृत करने का भी आग्रह किया। मंत्री ने डाक सेवा को समयानुसार प्रभावी बनाते हुए स्मार्ट डाक विकास को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।

मंत्रालय की सचिव लक्ष्मीकुमारी बस्नेत ने डाक टिकटों के माध्यम से देश की पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन में सहायता मिलने की बात कही। डाक सेवा विभाग की महानिदेशक मनमाया पंगेनी भट्टराई ने डाक टिकटों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बोलने वाले राजदूत के रूप में महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए कहा कि विभाग इतिहास, धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से निरंतर डाक टिकटों का प्रकाशन करता रहना चाहता है। कार्यक्रम में संचार मंत्री डॉ। तिमिल्सिनाले का विभाग की ओर से स्वागत किया गया और विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्रदान की गई।