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लेखक: space4knews

आमा और बेटी और १०० रुपये की याद

पूंजीवाद से भरे समाज की पृष्ठभूमि में दो दशकों बाद एक माँ-बेटी की मुलाकात हुई। काठमांडू के दूरस्थ इलाके में बेटी के कमरे में एक पुराना दराज़ है, जहाँ फटे-पुराने कपड़ों के बीच उसके पर्स रखे हैं। पर्स में एटीएम कार्ड, विद्यार्थी आईडी, पत्रकार, वकील और डेंटल कार्ड्स भरे हुए हैं। और एक थैली में रखे हैं १०० रुपये, जिस पर काली स्याही से लिखा है “आमा”। जाते समय माँ ने ये १०० रुपये दिए थे। भीगे हुए आँसुओं, ठंडे दिल और थके हुए हाथों से बेटी ने माँ का आशीर्वाद महसूस किया।

पर्स में सिर्फ माँ द्वारा दिया गया १०० रुपये था, फिर भी उसने कई बार आधी रात तक, किलोमीटर-दर-किलोमीटर पैदल चला। उसे पानी की प्यास कहाँ लगी थी! उसे चाय की खुशबू से कहाँ आकर्षित किया गया था! इसी प्रकार वह कई बार खाली हाथ निकलेगी और बच निकलेगी। “नेपाल सरकार के गारंटीप्राप्त, इस रुपए का भुगतान माँगी जाने पर नेपाल राष्ट्र बैंक से तुरंत प्राप्त होगा” लिखा हुआ कागज का नोट। पूंजीवाद की चमक-धमक से भरे इस पृष्ठभूमि में फिर कभी एक अनाड़ी पिता-बेटे की मुलाकात होगी, और जाते समय पिता द्वारा दिया १०० रुपये का आशीर्वाद बेटे को मिलेगा, और यह पृष्ठभूमि रह जाएगी गुमनाम—इसी के बीच कहीं हमारे बीच, इसी के बीच कहीं हमारे बीच।

गृहमन्त्री सुधन गुरुङ और सांसदों के बीच सीमापार तस्करी नियंत्रण पर चर्चा

गृहमन्त्री सुधन गुरुङ ने मधेश और लुम्बिनी प्रदेश के प्रतिनिधि सभा सदस्यों के साथ सीमापार तस्करी नियंत्रण संबंधी विषय पर व्यापक चर्चा की है। सांसदों ने भन्सार प्रणाली में सुधार, भन्सार दरों की पुनः समीक्षा, प्रभावी निगरानी और अनुगमन तंत्र विकसित करने जैसे सुझाव प्रस्तुत किए। मंत्री गुरुङ ने गृह मंत्रालय अन्तर्गत सम्बन्धित विषयों के कार्यान्वयन तथा अर्थ मंत्रालय के साथ समन्वय बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

४ वैशाख, काठमाडौँ — गृहमन्त्री सुधन गुरुङ ने मधेश और लुम्बिनी प्रदेश के प्रतिनिधि सभा के सांसदों के साथ सीमापार तस्करी नियंत्रण के विषय पर चर्चा की। इस चर्चा में सांसदों ने वर्तमान भन्सार प्रणाली में सुधार की जरूरत जताई, भन्सार दरों की पुनरावलोकन करने, सीमा क्षेत्र में प्रभावी निगरानी और अनुगमन तंत्र स्थापित करने, कृषि सामग्री और उर्वरक के भन्सार प्रक्रिया को सरल बनाने तथा सीमा क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के लिए दैनिक उपभोग्य वस्तुओं के आयात में सीमित मात्रा में भन्सार छूट देने के सुझाव दिए। इस विषय में उठाए गए गृह मंत्रालय से जुड़े मुद्दों को गृह मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा और अर्थ मन्त्रालय से संबंधित विषयों पर और अधिक चर्चा एवं समन्वय कर समाधान किया जाएगा, मंत्री गुरुङ ने बताया।

होरमुस जलसंधि पूर्ण रूप से खुली, ट्रम्प ने ईरान का धन्यवाद किया

४ वैशाख, काठमाडौं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका के साथ जारी युद्धविराम अवधि के दौरान होरमुस जलसंधि को पूर्ण रूप से खुला रखने की घोषणा की है। उन्होंने ट्वीटर के माध्यम से युद्धविराम अवधि की बाकी समय तक होरमुस जलसंधि से आवागमन करने वाले सभी जहाजों को आवाजाही की अनुमति देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। ‘‘लेबनान में युद्धविराम के बाद सभी व्यावसायिक जहाज होरमुस जलसंधि से आवाजाही कर सकेंगे और यह मार्ग युद्धविराम अवधि के शेष समय में पूरी तरह से खुला रहेगा,’’ विदेश मंत्री अरागची ने कहा। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम २२ अप्रैल तक जारी रहेगा।

पहले ईरान ने पूरे मध्य पूर्व में, विशेष रूप से लेबनान में युद्धविराम लागू नहीं होने तक होरमुस जलसंधि खोलने पर सख्त रुख अपनाया था। लेकिन ईरानी विदेश मंत्री अरागची की इस घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान का धन्यवाद किया है। ट्विटर द्वारा ट्रम्प ने ईरान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। ‘‘ईरान ने हाल ही में होरमुस जलसंधि को पूरी तरह से खोलने और आवाजाही के लिए तैयार रहने की घोषणा की है, इसके लिए धन्यवाद,’’ ट्रम्प ने लिखा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि होरमुस में अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी। ‘‘होरमुस जलसंधि व्यापार और आवाजाही के लिए खुली और तैयार है, लेकिन नौसैनिक नाकाबंदी ताकत और प्रभाव के साथ जारी रहेगी,’’ उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी नाकाबंदी केवल ईरान को लक्षित है।

नेपाल की गर्ल्स टीम ने एशियाई फाइनल में दूसरा स्थान हासिल किया

नेपाल की गर्ल्स टीम ने आईटीएफ एशिया १२ एंड अंडर टेनिस प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त करके सिंगापुर में आयोजित होने वाले एशियाई फाइनल के लिए चयन प्राप्त किया है। इस प्रतियोगिता में भारत पहले और नेपाल दूसरे स्थान पर रहे। श्रीलंका तीसरे, मालदीव चौथे तथा पाकिस्तान अंतिम स्थान पर रहा। बॉयज़ वर्ग में भारत ने पाकिस्तान को ३–० से हराकर पहला स्थान हासिल किया जबकि नेपाल चौथे स्थान पर रहा। ४ बैशाख, काठमांडू।

नेपाल की गर्ल्स टीम ने आईटीएफ एशिया १२ एंड अंडर टेनिस प्रतियोगिता में शुक्रवार को दूसरा स्थान प्राप्त किया। पांच देशों के इसमें भाग लेने वाली इस प्रतियोगिता में नेपाल ने राउंड रोबिन लीग में दूसरा स्थान हासिल करते हुए आगामी सितम्बर १५ से २० तारीख तक सिंगापुर में होने वाले एशियाई फाइनल के लिए चयनित हुआ। भारत ने सभी चार मैच जीते जबकि नेपाल ने तीन मैच जीते, जिसमें केवल भारत को हार मिली। नेपाल ने श्रीलंका, मालदीव और पाकिस्तान को हराया था।

अंतिम दिन के मैच में नेपाल ने मालदीव को २–१ सेट से हराया। पहले सिंगल मैच में नेपाल की आर्या पौडेल ने लायरा उषामा अली को ६–०, ६–२ सेट से हराया। दूसरे सिंगल मैच में मालदीव की इश्रा इब्राहिम ने नेपाल की सारा पंत को ६–३, ६–३ से हराते हुए स्कोर १–१ बराबर कर दिया। डबल्स में नैरा घले और सारा की जोड़ी ने लायरा और इश्रा की जोड़ी को ६–३, ६–१ से हराकर नेपाल ने मैच जीता और सिंगापुर की यात्रा सुनिश्चित की।

गर्ल्स वर्ग में भारत ने श्रीलंका को ३–० से हराया। सातदोबाटो स्थित टेनिस कॉम्प्लेक्स में हुई प्रतियोगिता में बॉयज़ वर्ग में भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को एशियाई फाइनल के लिए स्थान पक्का कर लिया था। अंतिम दिन के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को ३–० से हराकर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। बांग्लादेश के अलावा छह दक्षिण एशियाई देशों के भाग लेने वाले बॉयज़ वर्ग में श्रीलंका तीसरे, नेपाल चौथे, भूटान पांचवें और मालदीव छठे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान की लड़ाई में श्रीलंका ने नेपाल को २–१ सेट से हराया। विजेताओं को नेपाल टेनिस संघ के अध्यक्ष मनोहरदास मुल और आईटीएफ डेवलपमेंट अधिकारी जेनेथन स्टब्स ने शुक्रवार को एक समारोह में पुरस्कार प्रदान किए।

विशेष महाधिवेशन वैधानिक छ – Online Khabar

सर्वोच्च अदालत में विश्वप्रकाश शर्मा का दावा: विशेष महाधिवेशन वैध है

सर्वोच्च अदालत ने नेपाली कांग्रेस की आधिकारिकता विवाद से संबंधित याचिका पर बहस समाप्त कर दी है। कांग्रेस उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने विशेष महाधिवेशन को वैध बताया और कहा कि नेतृत्व चयन का अधिकार महाधिवेशन प्रतिनिधियों के पास है। उन्होंने निर्वाचन आयोग के निर्णय को स्वीकार करते हुए याचिका खारिज करने की मांग की और कांग्रेस की प्रगति के लिए मार्ग प्रशस्त करने का आग्रह किया है। (४ वैशाख, काठमाडौं)

नेपाली कांग्रेस के आधिकारिकता विवाद से जुड़ी याचिका पर बहस पूरी हो चुकी है। सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश शारंगा सुवेदी और नृपध्वज निरौला की संयुक्त पीठ ने आज शुक्रवार याचिकाकर्ता और विपक्ष के वकीलों की बहस सुनवाई की। विपक्ष की ओर से कांग्रेस उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने अंतिम बहस में विशेष महाधिवेशन को वैध बताते हुए कहा, “कांग्रेस के विधान की धारा १७(२) के अनुसार, विशेष महाधिवेशन के कारण लिखित रूप में केंद्र को सूचित करते समय ज्यादातर उसी तरह नेतृत्व परिवर्तन और चयन का मुद्दा शामिल किया जाता है। अतः विशेष महाधिवेशन द्वारा नेतृत्व चयन पूरी तरह वैध है।”

विश्वप्रकाश शर्मा ने अदालत में याचिका खारिज करने की माँग करते हुए कहा, “याचिका खारिज हो, श्रीमान्, हम सभी वरिष्ठों को सम्मान के साथ साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।” उन्होंने विशेष महाधिवेशन की औचित्य और वैधता के पक्ष में कई तर्क प्रस्तुत किए। उन्होंने ज़ोर दिया, “विशेष महाधिवेशन नेतृत्व चयन कर सकता है या नहीं, यह मुद्दा विवाद का विषय नहीं है। कांग्रेस के विधान की धारा १७(२) के अनुसार विशेष महाधिवेशन का कारण लिखित रूप में केंद्र को सूचित करते समय नेतृत्व परिवर्तन और चयन की बात शामिल की जाती है।”

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, एआई को नियंत्रित करने के लिए ‘किल स्विच’ जरूरी है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेज विकास को लेकर मानव जीवन के लिए संभावित खतरे की बात करते हुए किल स्विच के महत्व को रेखांकित किया है। एआई के इस तेजी से विस्तार ने ट्रम्प को भी गंभीर चिंता में डाल दिया है। इसलिए, उन्होंने इस तकनीक के अनुचित विकास और नियंत्रण के लिए किल स्विच की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, जिससे उन्नत एआई सिस्टम्स का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।

फॉक्स न्यूज नेटवर्क के एक इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि एआई का विकास अभूतपूर्व गति से हो रहा है, जो भविष्य में मानव जाति के लिए जोखिम उत्पन्न कर सकता है, और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि एआई बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत और प्रभावी बनाता है, पर इसके साथ गंभीर जोखिम भी जुड़े हुए हैं। ट्रम्प ने जोर देते हुए कहा कि एआई के विकास पर कड़ी सरकारी निगरानी अनिवार्य है और किल स्विच जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

किल स्विच का तात्पर्य किसी सिस्टम को आपातकालीन स्थिति में तुरंत बंद करने वाले सुरक्षा प्रावधान से है। एआई के संदर्भ में यह एक ऐसा तंत्र है जो अनियंत्रित या खतरनाक हो रहे एआई सिस्टम को तत्काल रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, ट्रम्प ने स्पष्ट नहीं किया कि किल स्विच तंत्र कैसे काम करेगा और इसका नियंत्रण किसके हाथ में होगा।

यह बयान एआई कंपनी एन्थ्रोपिक द्वारा विकसित नए एआई मॉडल क्लाउड मायथोस को लेकर साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंताओं के बीच सामने आया है। विशेषज्ञों ने बताया है कि यह मॉडल साइबर हमलों को और भी जटिल और शक्तिशाली बना सकता है। हालांकि, एन्थ्रोपिक ने स्पष्ट किया है कि अपने क्लाउड मायथोस मॉडल का पूर्वावलोकन (प्रिव्यू) सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराएगा।

१२ संसदीय समितियों के नए सभापतियों का चुनाव हुआ

४ वैशाख, काठमाडौ। संघीय संसद के तहत संसदीय समितियां पूरी हो गई हैं। शुक्रवार को १२ संसदीय समितियों ने सभापति चुनकर समितियों का गठन पूर्ण किया। इस चुनाव में १० समितियों में सर्वसम्मति से सभापति चुने गए जबकि दो समितियों में प्रतिस्पर्धात्मक चुनाव हुआ।

राज्य व्यवस्था एवं सुशासन समिति के सभापति के रूप में राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के हरि ढकाल सर्वसम्मत चुने गए। कानून, न्याय एवं मानवाधिकार समिति की सभापतिथ National स्वतन्त्र पार्टी की सांसद समीक्षा बास्कोटा सर्वसम्मत निर्वाचित हुईं।

कृषि, सहकारी तथा प्राकृतिक स्रोत समिति के सभापति के रूप में राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के अशोककुमार चौधरी, पूर्वाधार विकास समिति के सभापति आशिष गजुरेल और महिला तथा सामाजिक मामला समिति की सभापति आकृति अवस्थी सर्वसम्मत निर्वाचित हुए। संसदीय सुनवाई समिति के सभापति बोधनारायण श्रेष्ठ, उद्योग, वाणिज्य तथा श्रम एवं उपभोक्ता हित समिति के सभापति रहबर अन्सारी, अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं पर्यटन समिति की सभापति सुम्निमा उदास तथा अर्थ समिति के सभापति कृष्णहरि बुढाथोकी सभी सर्वसम्मत चुने गए।

इसी प्रकार, सार्वजनिक लेखा समिति के सभापति के रूप में प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के भरत खड्का सर्वसम्मत निर्वाचित हुए। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के समर्थन से खड्का एकमात्र उम्मीदवार थे। बाकी दो समितियों में एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में थे।

राज्य निर्देशक सिद्धांत, नीति और दायित्व कार्यान्वयन अनुगमन एवं मूल्यांकन समिति के सभापति पद के लिए राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के गणेश कार्की और नेपाली कम्युनिष्ट पार्टी की मदन कुमारी शाह (गरिमा) मुकाबले में थे। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी की स्पष्ट बहुमत के कारण कार्की निर्वाचित हुए।

प्रतिनिधि सभा के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सूचना प्रौद्योगिकी समिति के सभापति पद के लिए भी दो उम्मीदवार थे। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी की ओजस्वी शेरचन और नेकपा एमाले के गुरुप्रसाद बराल के बीच प्रतिस्पर्धा थी। स्पष्ट बहुमत के कारण राष्ट्र स्वतन्त्र पार्टी की शेरचन निर्वाचित हुईं।

नेटफ्लिक्स ने टिकटॉक जैसी वीडियो फीड लॉन्च करने की घोषणा की

नेटफ्लिक्स इस महीने के अंत तक अपनी मोबाइल ऐप में टिकटॉक शैली की वर्टिकल वीडियो फीड और नया डिज़ाइन लॉन्च करने की योजना बना रहा है। इस नए फीचर का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं के लिए नई फ़िल्मों और सीरियल्स को तलाशना आसान बनाना है। नेटफ्लिक्स ने बताया है कि वह सदस्यता धारकों को सही समय पर उपयुक्त सामग्री सुझाने के लिए ‘जनरेटिव एआई’ तकनीक का उपयोग कर रहा है।

नेटफ्लिक्स के सह-संस्थापक रीड हेस्तिंग्स ने जानकारी दी है कि वे जून महीने में अपने कार्यकाल समाप्त होने के बाद बोर्ड सदस्य पद से इस्तीफा देंगे। उन्होंने नेटफ्लिक्स को डाक सेवा के माध्यम से डीवीडी वितरण से एक प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब वे अपना ध्यान परोपकारी कार्यों पर केंद्रित करेंगे।

नेटफ्लिक्स ने पिछले महीने ही अपनी ग्राहक फीस में वृद्धि की है। विज्ञापन सहित योजना की मासिक कीमत 8.99 डॉलर और विज्ञापन रहित स्टैंडर्ड प्लान की मासिक कीमत 19.99 डॉलर कर दी गई है। पिछले वर्ष, नेटफ्लिक्स ने टीवी ऐप के डिज़ाइन में बदलाव किया था और अब मोबाइल ऐप में एक बड़ा परिवर्तन करने जा रहा है।

भीआईपी पक्राउमा सरकारको कमजोरी, अदालतले उठाइरहेछ प्रश्न – Online Khabar

भीआईपी पक्राउ प्रकरणमा सरकारको कमजोरी, अदालतले उठाएका प्रश्नहरू

६ चैत, काठमाडौं । सम्पत्ति शुद्धीकरणको आरोपमा १५ चैत, २०८२ मा पूर्वमन्त्री दीपक खड्का पक्राउ परेका थिए। गैरकानुनी रूपमा पक्राउ गरिएको दाबी गर्दै बन्दीप्रत्यक्षीकरणको निवेदनपछि सर्वोच्च अदालतले खड्कालाई थुनामुक्त गर्ने आदेश जारी गर्‍यो। नयाँ सरकार गठन भइरहेकै बेला लुम्बिनी प्रदेशकी सांसद रेखाकुमारी शर्मालाई पनि घरमै बालश्रम राखेको आरोपमा करिब २० महिनाअघि पक्राउ गरिएको थियो। यद्यपि जिल्ला अदालतले उनलाई रिहा गर्ने आदेश दियो।
सरकार गठन भएको २४ घण्टाभित्र पूर्वप्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली र पूर्वगृहमन्त्री रमेश लेखक पनि गिरफ्तार भए। जिल्ला अदालत काठमाडौंले पक्राउ अवधि पटक–पटक थप गर्‍यो, तर सर्वोच्च अदालतले दुवैलाई थुनामुक्त गर्ने आदेश दियो। ओलीको स्वास्थ्य अवस्थालाई जोड दिँदै सर्वोच्च अदालतले ओली र लेखकको मामिलामा मानवीय कारणहरूमा आधारित रिहाइ आदेश जारी गर्‍यो।
यसै क्रममा अनुसन्धानका क्रममा पक्राउ परेकामध्ये केही व्यक्तिहरू अझै थुनामा छन्, तर केहीको मुद्दामा अदालतले प्रक्रियागत प्रश्नहरू उठाउँदै थुनामुक्त गर्ने आदेश दिएको छ।
सरकार बन्नासाथ भीआईपी व्यक्तिहरूलाई निरन्तर पक्राउ गर्ने प्रयास हुँदै आएको थियो, तर पछिल्ला दिनहरूमा यो प्रवृत्तिमा कमी देखिएको छ। यस विषयमा सञ्चारकर्मीहरूको प्रश्नमा गृहमन्त्री सुधन गुरुङले भने, ‘सुरूमा हामीले हतारमा काम गर्दा न्यायपालिकाले रोक लगायो। अहिले मैले ऐन–कानूनको विस्तृत अध्ययन गरिरहेको छु। त्यसपछि मात्र न्यायपालिकालाई स्पष्टिकरण दिने योजना छ।’

सुन्धारा कारागार से फरार हुए जन्मकैद के कैदी गिरफ्तार

४ वैशाख, काठमाडौं। सुन्धारा कारागार (जग्गनाथ देवल) से फरार हुए जन्मकैद की सजा पाए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति सोलुखुम्बु के सोताङ गाउँपालिका–३ के ३५ वर्षीय होमबहादुर राई हैं। उन्हें काठमाडौं उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय की टीम ने गिरफ्तार किया है।

१९ कात्तिक २०७७ को दिन सोलुखुम्बु की २८ वर्षीय सोमरानी लामा तामाङ की हत्या होमबहादुर राई ने खुकुरी से हमला करके की थी। इस हत्या के मामले में सोलुखुम्बु जिल्ला अदालत ने २२ असार २०७८ को उन्हें जन्मकैद की सजा सुनाई थी।

होमबहादुर राई जब सुन्धारा कारागार में थे, तब जेनजी आन्दोलन के दौरान कारागार से फरार हो गए थे। अब गिरफ्तारी के बाद उन्हें पुनः जेल में कैद करने के लिए कारागार भेजा गया है।

प्रहरी से मामला सुलझाने का झांसा देकर रकम वसूलने वाले दीपक अधिकारी गिरफ्तार

काठमाडौं में बैंकिंग अपराध का मामला सुलझा देने के नाम पर १ लाख ३० हजार रुपैयाँ वसूलने वाले दीपक उर्फ विश्वराम अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्हें प्रहरी वृत्त बालाजुले ने गिरफ्तार कर ठगी के आरोप में काठमांडू जिला अदालत से ७ दिन की हिरासत दर्ज कर जांच जारी रखी है। यह बैंकिंग अपराध का मामला प्रतिवादी ध्रुव विक्रम मल्ल से संबंधित है, जिसे सुलझाने का भरोसा देकर दीपक ने रकम वसूल की है। ४ वैशाख, काठमांडू।

पुलिस में दर्ज बैंकिंग अपराध के मामले को सुलझाने के नाम पर रकम मांगने वाला व्यक्ति गिरफ्तार हुआ है। गिरफ्तार व्यक्ति का नाम विश्वराम अधिकारी है, जो काठमांडू बनस्थली के ५२ वर्षीय दीपक के नाम से जाना जाता है। उन्हें प्रहरी वृत्त बालाजुले ने गिरफ्तार किया है। काठमांडू जिला पुलिस परिसर के एसपी एवं प्रवक्ता पवनुकुमार भट्टराई के अनुसार, दीपक ने प्रतिवादी ध्रुव विक्रम मल्ल के बैंकिंग मामले को सुलझाए जाने का झांसा देकर १ लाख ३० हजार रुपैयाँ वसूल किया था। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध ठगी के आरोप में काठमांडू जिला अदालत से ७ दिन की हिरासत मिलते ही जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

सऊदी अरब में पाकिस्तानी सेना की तैनाती का मकसद क्या है?

कुछ दिन पहले पाकिस्तान के लड़ाकू विमान और सैन्य बल सऊदी अरब पहुँचे हैं। यह तैनाती दोनों देशों के बीच पिछले वर्ष हुए रक्षा समझौते का हिस्सा मानी जाती है। इस समझौते के अनुसार, यदि किसी एक देश पर हमला होता है तो दूसरा देश सहायता करेगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब पाकिस्तान ईरान-अमेरिका वार्ता का मध्यस्थता कर रहा है। वार्ता का उद्देश्य ईरान युद्ध को समाप्त करने का रास्ता निकालना है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तानी सेना की तैनाती को संयुक्त रक्षा सहयोग को मजबूत करना और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देना बताया है।

पाकिस्तान के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सऊदी अरब पहुंचे पाकिस्तानी सैनिक ‘किसी पर हमला करने के लिए’ नहीं हैं। इस कदम ने कई सवाल खड़े किए हैं, खासकर खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सुरक्षा गारंटी के भविष्य पर इसके प्रभाव को लेकर। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण तेल खदानों और नागरिक सुविधाओं पर ड्रोन तथा बैलिस्टिक क्षेप्यास्त्रों से हमले किए हैं, जिससे अमेरिका द्वारा थोपे गए युद्ध की कीमत इन देशों को चुकानी पड़ रही है, और इससे असंतोष बढ़ा है।

सऊदी सुरक्षा एवं रणनीति विशेषज्ञ हसन अल-शहरी ने कहा है कि सऊदी अरब में पाकिस्तानी वायुसेना की तैनाती यह दिखाती है कि सऊदी अपनी सुरक्षा गारंटी में विविधता लाना चाहता है। उन्होंने इसे एक स्मार्ट कदम बताया, जिसका मतलब है अमेरिका के साथ साझेदारी बनाए रखना तथा पाकिस्तान के साथ मिलकर एक अलग समांतर सुरक्षा कवच बनाना। 2015 में यमन युद्ध के दौरान सऊदी अरब ने पाकिस्तान से सैन्य सहयोग मांगा था, लेकिन तब पाकिस्तान की संसद ने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।

अल-शहरी के अनुसार, आज की स्थिति अलग है क्योंकि अब दोनों देशों के बीच औपचारिक रक्षा समझौता मौजूद है। इस बीच, डॉ. मुस्तफा शलाश ने कहा है कि सऊदी अरब में पाकिस्तानी सेना की तैनाती अधिकतर प्रतीकात्मक है। यह पाकिस्तान की रक्षा प्रतिबद्धता और उसके सहयोगियों के प्रति निष्ठा का संदेश है। इस तैनाती से सऊदी अरब को अन्य सहयोगियों को भी अपने साथ जोड़ने की क्षमता का प्रदर्शन होता है।

प्रधानमंत्री वालेंद्र शाह ‘बालेन’: विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात में क्यों दिखा नया राजनीतिक रंग?

प्रधानमंत्री वालेंद्र शाह 'बालेन'

तस्वीर स्रोत, PMO

प्रधानमंत्री वालेंद्र शाह ‘बालेन’ ने गुरुवार विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस और नेकपा एमाले के पांच मुख्यमंत्रियों के साथ अनौपचारिक बैठक की, जिसमें प्रदेशों में सत्ता संभालने के बावजूद केंद्र में विपक्ष में रह रहे इन मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बार हुई बातचीत ने राजनीतिक परंपराओं से अलग माहौल क्यों दिखाया?

कर्णाली प्रदेश के मुख्यमंत्री यामलाल कँडेल ने कहा कि अनौपचारिक बैठक थी लेकिन मुख्य विषय प्रदेश के अनुभव और हालात थे, जिससे राजनीतिक संवाद अलग बना।

“हमने संवैधानिक और कानूनी स्थिति, प्रशासनिक सुधार, संस्थागत सुधार और विकास निर्माण के अपने विचार साझा किए,” नेकपा एमाले के सचिव और मुख्यमंत्री कँडेल ने बताया।

एमाले ने अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के बाद सरकार पर पूर्वाग्रहपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया था।

लेकिन कँडेल ने स्पष्ट किया, बैठक में पार्टी मतभेद नहीं थे। पहली मुलाकात में ही भिन्न पार्टियों और चुनावी नतीजों को अलग रखते हुए खुली बातचीत हुई और प्रधानमंत्री ने रुचिपूर्ण भागीदारी दिखायी।

हजारौं शाक्यहरूको हत्या गरिएको स्थलमा २५७० वर्षपछि पितृपूजा

२५७० वर्ष बाद हजारों शक्यवंशियों के नरसंहार स्थल पर पितृपूजा का आयोजन

समृद्ध कपिलवस्तु जिले में १३६ पुरातात्विक स्थल हैं, जिनमें से अधिकांश स्थल सिद्धार्थ गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े हैं।

गौतम बुद्ध ने अपना बाल्यकाल और युवावस्था कपिलवस्तु के तिलौराकोट में बिताई थी। बुद्ध के पिता राजा शुद्धोधन का दरबार भी वहीं था।

करीब ३ किलोमीटर उत्तर में स्थित ऐतिहासिक स्थल सगरहवा, जिसे स्थानीय भाषा में लैम्बुसागर भी कहा जाता है, बौद्ध इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

कोशल राज्य के नरेश प्रसेनजित के पुत्र बिरुद्दक ने निर्दयता से हजारों शक्यों का संहार कर शक्य वंश का विनाश किया था।

बिरुद्दक ने शक्यों का इतना बड़ा नरसंहार क्यों किया?

उस समय शक्य ग्राम के शक्यों की प्रतिष्ठा बहुत अधिक थी, पड़ोसी राजा और महाराजाएँ भी शक्य परिवार से संबंध जोड़ना चाहते थे।

कोशल राज्य के राजा प्रसेनजित ने शक्य कन्या से विवाह की इच्छा जताई, जिससे शक्य परिवार धर्म संकट में पड़ गया था। राजा प्रसेनजित उस समय अत्यंत शक्तिशाली माने जाते थे और प्रस्ताव अस्वीकार होने पर कपिलवस्तु राज्य पर आक्रमण का खतरा था। इस भय से शक्योंने दासी कन्या वासव खत्तिय का विवाह राजा प्रसेनजित से करा दिया।

राजा प्रसेनजित और रानी वासव खत्तिय से बिरुद्दक का जन्म हुआ। बिरुद्दक युवावस्था में मामाघर कपिलवस्तु गए।

कुछ दिनों बाद वापसी के दौरान बिरुद्दक ने अपनी तलवार वहीं भूल दी थी, बाद में उन्होंने सैनिकों को तलवार वापस लाने भेजा। दासियों ने सैनिकों से उस जगह के बारे में पूछा, जहां तलवार रखी थी, जो दूध और गोबर से ढका हुआ था।

दासियों ने उन्हें बिरुद्दक के सैनिक नहीं समझा और वास्तविक कारण बताते हुए कहा कि बिरुद्दक दासी पुत्र होने के कारण यह जगह अपवित्र हो गई थी, लेकिन उन्होंने इसे पवित्र बनाया। सैनिकों ने यह बात बिरुद्दक को बता दी।

बिरुद्दक ने इस अपमान को महसूस कर कहा कि “आज दूध से धोए गए स्थान को भविष्य में शक्यों के खून से धोया जाएगा।”

पिता प्रसेनजित के निधन के बाद बिरुद्दक कोशल का राजा बना। उसने कपिलवस्तु पर तीन बार आक्रमण किया, लेकिन गौतम बुद्ध के मध्यस्थता से सफल नहीं हुआ।

चौथे प्रयास में बिरुद्दक ने भीषण हमला कर हजारों शक्यों का नरसंहार किया, जो पाली इतिहास में दर्ज है।

युद्ध में कई शक्य बिखर गए, कोशल सेना ने नगर में प्रवेश कर बाकी शक्यों को भी मार डाला। बिरुद्दक ने वचनानुसार दूध से धोए स्थान को खून से धोया।

यही सगरहवा वह स्थान है जहां शक्यों के शव दफनाए गए थे, इसलिए यह प्राचीन स्थल बौद्ध धर्म में अत्यंत धार्मिक महत्व रखता है।

यह सगरहवा स्थल १८९७ में डॉ. फुहरर और खड्ग शम्शेर द्वारा खोजा गया था। यहां १७ स्तूप पाए गए। सगरहवा क्षेत्र की लंबाई १०५९ फुट और चौड़ाई २२५ फुट मापी गई, तथा पुराने सागर की खोज भी हुई।

अब तक उत्खनन न होने के कारण स्तूपों के सटीक स्थान का पता लगाना कठिन है। माना जाता है कि ये १७ स्तूप नरसंहार में मारे गए शक्यों की स्मृति में बने हैं और शक्य इसे पितृस्थल के रूप में मान्यता देते हैं।

चीनी यात्री डॉ. ए.के. फुहरर ने दिसंबर १८९७ से मार्च १८९८ तक सगरहवा में पहला उत्खनन किया था, जो इतिहास में दर्ज है।

फुहरर के बाद भारत के पुरातत्त्वविद् पीसी मुखर्जी ने भी इस स्थल का अध्ययन किया। १८९९ में मुखर्जी ने इस स्थान के चित्र में पक्की ईंटों से बने स्तूप को दर्शाया। उत्खनन में अवशेष, सोना, चांदी के टुकड़े और बहुमूल्य पत्थर मिले।

साल १९६२ में भारतीय पुरातत्वविद् देवला मिश्र ने क्षेत्र में और अध्ययन किया और डॉ. फुहरर व पीसी मुखर्जी के अध्ययन को अपूर्ण बताया।

स्तूप के अलावा सगरहवा ताल के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में सैकड़ों छोटे स्तूप होने का अनुमान है, जिन्हें शक्यों की स्मृति में बाद में बनाया गया हो सकता है।

फुहरर ने इसे “सामूहिक हत्या का स्थान” कहा था, जिसे चीनी यात्री युआनचाडग ने सातवीं सदी में देखा था। २०१६ में हुए भौगोलिक सर्वेक्षण में जमीन के अंदर बड़े खांचे और ईंटों की संरचनाएं मिलीं।

सर्वेक्षण ने पुष्टि की कि यहां कई भवन, मंच और स्तूप थे, जो पुराने धार्मिक स्थल के संकेत हैं।

२०१८ के एक अन्य सर्वेक्षण में ताल के चारों ओर कई ऐतिहासिक संरचनाएँ मिलीं। १८९९ के बाद यहां कोई नया उत्खनन नहीं हुआ।

यह ऐतिहासिक स्थल विकास के योग्य है क्योंकि यह शक्य वंश से जुड़ा है और गौतम बुद्ध के जन्मस्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है।

नरसंहार में मारे गए शक्यों की स्मृति में गत चैत्र १ को सगरहवा में पहली बार पितृ पूजा का आयोजन हुआ।

समाजसेवी एवं जगदीशपुर प्रबंधन बहुसंस्कार मंच के अध्यक्ष ललिल गुरुड के नेतृत्व में १० शक्य स्मारक पितृ प्रबंधन समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने पाटन स्वर्ण बिहार के पुजारियों को बुलाकर लगभग ४ घंटे पितृपूजा करवाई।

पितृपूजा में काठमांडू, पोखरा, पाल्पा, बुटवल, भैरहवा, नेपालगंज, तौलिहवा समेत अनेक स्थानों में रहने वाले शक्यों की उपस्थिति रही।

शक्य वंश के संहार स्थल पर २५७० वर्षों बाद पहली बार पितृ पूजा संपन्न हुई है। अब से प्रत्येक वर्ष चैत्र १ को सगरहवा में शक्य पितृस्मरण दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है।

बैतडी में दो मोटरसाइकिल की टक्कर में एक की मौत

समाचार सारांश: बैतडी में दो मोटरसाइकिल की टक्कर में जनक लुहार का उपचार के दौरान निधन हो गया है। दुर्घटना में पांच लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो को डडेलधुरा अस्पताल में रेफर किया गया है। यह दुर्घटना सुर्नया गाउँपालिका–८ ढोल्यमोड में शुक्रवार दोपहर साढ़े 1 बजे हुई।

बैतडी में दो मोटरसाइकिल की टक्कर में एक व्यक्ति की जान गई है। पुर्चौडी से ढोल्यमोड की ओर आ रही से ५ प ४७१७ नंबर की मोटरसाइकिल के चालक, सुर्नया गाउँपालिका–८ के 34 वर्षीय जनक लुहार, उपचार के दौरान निधन हो गए हैं, इसकी जानकारी जिला पुलिस कार्यालय बैतडी के सूचना अधिकारी पुलिस निरीक्षक सूरज सिंह ने दी। गंभीर रूप से घायल लुहार को उपचार के लिए नजदीकी देउलेक अस्पताल ले जाया गया था, जहां लगभग पौने 4 बजे चिकित्सकों ने उनकी मौत की घोषणा की।

शुक्रवार दोपहर साढ़े 1 बजे, जिले के श्रीभावर से पुर्चौडी की ओर जा रहे पुर्चौड़ी नगरपालिका–५ के 24 वर्षीय अमिर कठायत द्वारा चलायी जा रही सुदूरपश्चिम प्रदेश ०१ ०१३ प ४२४६ नंबर की मोटरसाइकिल और पुर्चौड़ी से ढोल्यमोड के लिए जा रही सुर्नया गाउँपालिका–८ के 34 वर्षीय जनक लुहार द्वारा चलाई जा रही से ५ प ४७१७ नंबर की मोटरसाइकिल सुर्नया गाउँपालिका–८ ढोल्यमोड में टकरा गई, जिससे दुर्घटना हुई।

दुर्घटना में दोनों मोटरसाइकिल के चालक सहित पांच लोग घायल हुए। गंभीर रूप से घायल जनक लुहार का निधन हो गया है। घायल लोगों में पुर्चौड़ी से ढोल्यमोड की ओर आ रही मोटरसाइकिल के पीछे बैठे पुर्चौड़ी नगरपालिका–५ के हिक्मत कुंवर, श्रीभावर से पुर्चौड़ी की ओर जा रही मोटरसाइकिल पर सवार सिगास गाउँपालिका–९ के 34 वर्षीय जय बहादुर चन्द एवं उसी मोटरसाइकिल पर बैठे सिगास गाउँपालिका–९ के 26 वर्षीय केशव बहादुर चन्द शामिल हैं। जिला पुलिस कार्यालय बैतडी के प्रवक्ता पुलिस निरीक्षक सूरज सिंह ने जानकारी दी।

गंभीर रूप से घायल मोटरसाइकिल चालक जनक लुहार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देउलेक में भर्ती कराया गया था। दूसरी मोटरसाइकिल के चालक अमिर कठायत और पीछे बैठे हिक्मत कुंवर को डडेल्धुरा अस्पताल में रेफर किया गया है। अन्य घायल स्थानीय स्वास्थ्य संस्थान में उपचाराधीन हैं।