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नेपाल नामिबियास के साथ क्रिकेट मुकाबले में

आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग 2 के अंतर्गत आज नीदरलैंड्स में नेपाल और नामिबिया के बीच मैच हो रहा है। नेपाली समयानुसार पौने 3 बजे उत्रेक्ट में शुरू होने वाले इस मैच में नेपाल अंकतालिका में सुधार करने का लक्ष्य रखेगा। यदि नेपाल लीग 2 की टॉप चार में स्थान बनाने में सफल होता है तो उसे सीधे ODI विश्व कप क्वालीफायर में जगह मिलेगी। 5 साउन, काठमाडौं।

आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग 2 के तहत आज से नीदरलैंड्स में नीदरलैंड्स, नामिबिया और नेपाल के सम्मिलित श्रृंखला की शुरुआत हो रही है। श्रृंखला के पहले मैच में नेपाल नामिबिया के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करेगा। यह मैच नेपाली समयानुसार दोपहर पौने 3 बजे उत्रेक्ट में शुरू होगा।

लीग 2 की अंक तालिका में फिलहाल 28 मैचों में 28 अंक के साथ पाँचवें स्थान पर मौजूद नेपाली टीम के लिए यह श्रृंखला एवं आगामी अंतिम श्रृंखला बेहद महत्वपूर्ण है। टॉप चार में जगह बनाने पर नेपाल सीधा ODI विश्व कप क्वालीफायर में पहुंच जाएगा, जबकि टॉप छह में रहने पर उसकी ODI स्थिति बनी रहेगी।

नामिबिया 28 मैचों में 22 अंक लेकर सातवें स्थान पर है जबकि नीदरलैंड्स 32 अंक के साथ तीसरे स्थान पर है। नेपाल टीम में शामिल खिलाड़ी हैं: रोहित पौडेल, कुशल भुर्तेल, दीपेन्द्रसिंह ऐरी, आसिफ शेख, विनोद भंडारी, इशान पांडे, भीम सार्की, आरिफ शेख, गुलशन झा, सोमपाल कामी, करण केसी, नंदन यादव, ललित राजवंशी, संदीप लामिछाने, अर्जुन कुमाल।

फिफा विश्वकप २०२६ के विजेता टीम को मिलेगा ऐतिहासिक चैंपियनशिप रिंग

फिफा विश्वकप २०२६ की विजेता टीम को ट्रॉफी और स्वर्ण पदकों के साथ-साथ एक ऐतिहासिक चैंपियनशिप रिंग भी प्रदान की जाएगी। फिफा ने २०२६ विशेष रिंग बनाने की घोषणा की है, जिनमें से ३० रिंग विजेता टीमों को दी जाएंगी। शेष १,९९६ रिंग आधिकारिक अनुमति प्राप्त उत्पाद के रूप में विश्व भर के खेलप्रेमियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।

फिफा के अनुसार, १९ जुलाई को होने वाले फाइनल मैच की विजेता टीम को यह ऐतिहासिक रिंग प्रदान की जाएगी। रिंग के एक तरफ फिफा विश्वकप ट्रॉफी की तस्वीर अंकित होगी, जबकि दूसरी तरफ विजेता टीम की पहचान के अनुसार इसे अनुकूलित किया जाएगा। १९ जुलाई को न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी स्टेडियम में फिफा विश्वकप २०२६ के विजेता की घोषणा की जाएगी।

विश्वकप के इतिहास में पहली बार, विजेता टीम को विशेष रूप से निर्मित चैंपियनशिप रिंग दी जाएगी। फिफा ने इन रिंगों को आधिकारिक लाइसेंस प्राप्त उत्पाद के रूप में दुनियाभर के प्रशंसकों के लिए उपलब्ध कराने का इंतजाम किया है। प्रत्येक रिंग पर अलग नंबर होगा, जो आकार के अनुसार तैयार की जाएगी और आधिकारिक प्रमाणपत्र के साथ प्रस्तुत की जाएगी।

फाइनल मैच खत्म होते ही, विजेता टीम के कप्तान और मुख्य कोच को स्मृति स्वरूप अस्थायी रिंग प्रदान की जाएगी। विजेताओं के लिए निर्धारित ३० रिंगों को अनुकूलित कर बाद में आधिकारिक रूप से सौंपा जाएगा, जो इस ऐतिहासिक उपलब्धि को जीवन भर यादगार बनाएंगे।

यूक्रेन में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के खिलाफ प्रदर्शन, रक्षा मंत्री फेडोरोव की बर्खास्तगी के बाद तनाव

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की द्वारा रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को पद से हटाए जाने के बाद नागरिक समाज और सांसदों ने कड़ा विरोध व्यक्त किया है। राजधानी क Kyiv में प्रदर्शनकारियों ने ‘फेडोरोव से दूर रहो’ और ‘जीत में बाधा डालना बंद करो!’ जैसे नारे लगाये।

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने मेजर-जनरल येवेनी खमार को कार्यवाहक रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। १ साउन, काठमाडौं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने अचानक रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को पद से हटाया है। इस फैसले पर नागरिक समाज और संसद के सदस्यों ने कड़ा विरोध किया है।

गुरुवार सुबह राजधानी क Kyiv और अन्य शहरों में युवा इकट्ठा होकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘फेडोरोव से दूर रहो’ और ‘जीत में बाधा डालना बंद करो!’ लिखे पोस्टर थे। उन्होंने ‘शर्म कर!’ के नारे भी लगाए।

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सुरक्षा सेवा (एसबीयू) के कार्यवाहक प्रमुख मेजर-जनरल येवेनी खमार को कार्यवाहक रक्षा मंत्री नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। ज़ेलेंस्की ने खमार का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने तकनीकी युद्ध अभियानों में व्यापक और कई मामलों में अभूतपूर्व अनुभव हासिल किया है।

फीफा विश्वकप 2026 विजेताओं को मिलेगा 7 अरब से अधिक का पुरस्कार

फीफा विश्वकप 2026 के विजेता को 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 7 अरब 70 करोड़ 70 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। फीफा काउंसिल ने 2026 विश्वकप के लिए कुल 65 करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर पुरस्कार राशि निर्धारित की है, जो पिछले कतर विश्वकप की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है। विश्वकप में भाग लेने वाले प्रत्येक राष्ट्र को तैयारी खर्च के रूप में 15 लाख अमेरिकी डॉलर और प्रतियोगिता में चयनित होने पर अतिरिक्त 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

पूर्व विजेता अर्जेंटीना और यूरोपीय चैंपियन स्पेन फीफा विश्वकप 2026 के फाइनल में मुकाबला कर रहे हैं। दोनों टीमें विश्वकप ट्रॉफी जीतने के काफी करीब हैं। सोमवार सुबह 23वें संस्करण के विश्वकप विजेता की घोषणा की जाएगी। चैंपियन टीम को विश्वकप ट्रॉफी के साथ करोड़ों रुपये के पुरस्कार राशि भी मिलेगी। यह राशि अमेरिकी डॉलर में होगी, जो नेपाली रुपये में तब्दील करने पर अरबों में पहुँचती है।

इस बार विश्वकप में टीमों की संख्या 48 होने से पुरस्कार राशि और भाग लेने वाली टीमों को मिलने वाला पैसा बढ़ा है। फीफा काउंसिल ने विश्वकप 2026 के लिए रिकॉर्ड 655 मिलियन (65 करोड़ 50 लाख) अमेरिकी डॉलर पुरस्कार स्वीकृत किया है। विजेता टीम को 50 मिलियन (5 करोड़) अमेरिकी डॉलर पुरस्कार मिलेगा। गुरुवार के विनिमय दर 154.14 रुपये के अनुसार यह राशि लगभग 7 अरब 70 करोड़ 70 लाख रुपये के बराबर है।

कतर विश्वकप में उपाधि जीतने वाली अर्जेंटीना को 4 करोड़ 20 लाख अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार मिला था। उपविजेता को 33 मिलियन (3 करोड़ 30 लाख), तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 29 मिलियन (2 करोड़ 90 लाख), और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को 27 मिलियन (2 करोड़ 70 लाख) अमेरिकी डॉलर प्राप्त होंगे। विश्वकप में केवल विजेता टीमें ही नहीं, बल्कि सभी भाग लेने वाली टीमें पुरस्कार पाएंगी। 48 टीमें नकद पुरस्कार प्राप्त करेंगी।

क्वार्टरफाइनल में बाहर होने वाली टीमों को 19 मिलियन (1 करोड़ 90 लाख), अंतिम 16 चरण से बाहर होने वाली टीमों को 15 मिलियन (1 करोड़ 50 लाख), और राउंड ऑफ 32 से बाहर जाने वाली टीमों को 11 मिलियन (1 करोड़ 10 लाख) अमेरिकी डॉलर दिए जाएंगे। समूह चरण में ही बाहर होने वाली टीमों को भी 9 मिलियन (90 लाख) अमेरिकी डॉलर पुरस्कार मिलेगा। केवल पुरस्कार ही नहीं, विश्वकप में चयनित होकर खेलने वाली टीमों को अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। चयनित हर राष्ट्र को तैयारी खर्च के तौर पर 1.5 मिलियन (15 लाख) अमेरिकी डॉलर और प्रतियोगिता में चयनित टीमों को अतिरिक्त 10 मिलियन (1 करोड़) अमेरिकी डॉलर प्रदान किया जाएगा।

अघिल्लो निर्वाचनमा धाँधलीको आरोपसहित ट्रम्पमाथि चीनले २२ करोड अमेरिकी मतदाताको डाटा चोरी गरे भन्ने ठुलो आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्पले २०२० को राष्ट्रपति निर्वाचनमा धाँधली भएको दाबी गर्दै चीनले २२ करोड मतदाताको डाटा चोरी गरेको गम्भीर आरोप लगाएका छन्। ट्रम्पले अमेरिकी जासुसी तथा सुरक्षा निकायहरूले निर्वाचनको सत्यता लुकाएको आरोप लगाउँदै एफबीआई र सीआईएलाई घटनाको गहिरो अनुसन्धान गर्न निर्देशन दिएका छन्। यद्यपि अमेरिकी सञ्चारमाध्यम र पूर्व अनुसन्धानहरूले ट्रम्पका दाबीहरू पुष्टि नभएको र निर्वाचन नतिजामा कुनै स्पष्ट छेडछाड नभएको बताएका छन्।

डोनाल्ड ट्रम्पले शुक्रबार निर्वाचन सुरक्षालाई लिएर राष्ट्रलाई सम्बोधन गर्दै आफ्नो पुरानो दाबी दोहोर्‍याए कि सन् २०२० को राष्ट्रपति निर्वाचनमा धाँधली गरिएको थियो। उनले अमेरिकी जासुसी संस्थाहरूलाई आक्रमक आरोप लगाउँदै ह्वाइट हाउसबाट केही गोप्य निर्वाचन सुरक्षासम्बन्धी कागजातहरू सार्वजनिक गरे। ट्रम्पले भने कि चीनले २०२० को निर्वाचनमा २२ करोड अमेरिकी मतदाताको डाटा चोरी गरेको छ। उनले आफ्नो सम्बोधनमा करिब २ लाख ७८ हजार गैर-नागरिक मतदाता दर्ता भएको आरोप लगाउँदै अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) को तथ्यांक उद्धृत गरे।

ट्रम्पले भोट मेसिनलाई साइबर आक्रमणको जोखिममा देखाउँदै रूस, चीन, इरान र उत्तर कोरियालाई सम्भावित खतरा भने। उनले राष्ट्रिय जासुसी निर्देशक, एफबीआई, सीआईए र न्याय विभागलाई निर्वाचन सुरक्षासम्बन्धी डाटा सार्वजनिक भएको विषयमा सबैभन्दा गहिरो अनुसन्धान गर्न र दोषीमाथि आपराधिक कारबाही गर्न निर्देशन दिएका छन्। ट्रम्पले मुख्य अमेरिकी मिडियामाथि पनि आक्रमण गर्दै एनबीसी र एबीसीले उनको सम्बोधन प्रत्यक्ष प्रसारण नगरेको भन्दै तीव्र आलोचना गरे।

ट्रम्पले चीनबाट डाटा चोरी र जासुसी संस्थामाथि आरोप लगाउँदै भनेका छन् कि चीनले अमेरिकाका १८ राज्यसँग सम्बन्धित २२ करोड मतदाताको नाम, ठेगाना, फोन नम्बर र राजनीतिक दल सदस्यतासहित संवेदनशील डाटा चोरेको छ। उनले यसलाई अमेरिकी निर्वाचन इतिहासकै सबैभन्दा ठूलो साइबर आक्रमण ठाने। तर अमेरिकी सञ्चार माध्यम र पूर्व अनुसन्धानहरूले यी आरोपहरूलाई पूर्ण रूपमा पुष्टि गर्न नसकेको उल्लेख गरेका छन्।

अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए ट्रम्प प्रशासन द्वारा नई सख्त वीजा नीति लागू

संयुक्त राज्य अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन ने विदेशी छात्रों के लिए नई सख्त नियमों की घोषणा की है। नए नियमों के अनुसार, विदेशी छात्र संघीय सरकार की अनुमति के बिना चार वर्षों से अधिक समय तक अमेरिका में नहीं रह सकेंगे। साथ ही, पाठ्यक्रम के अंतर्गत कार्यक्रमों में बदलाव और एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय में स्थानांतरण पर अब कड़ी पाबंदी लागू होगी। फिलहाल अमेरिका के उच्च शिक्षा संस्थान छात्रों की वीजा अवधि बढ़ाने का अधिकार रखते हैं।

यह नई नीति सितंबर माह से लागू की जाएगी। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग का कहना है कि यह “वीजा के दुरुपयोग को रोकने और नियमित निगरानी के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने” के लिए है। लेकिन एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल एजुकेटर्स ने इस नई नीति को “अनावश्यक और गलत दिशा निर्देश” बताते हुए इसकी आलोचना की है। पहले एफ-1 और जे-1 एक्सचेंज वीजा धारक विदेशी छात्रों को डिग्री पूरी होने तक वीजा जारी किया जाता था, लेकिन नए नियम में इस अवधि के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है।

होमलैंड सिक्योरिटी के सेक्रेटरी मार्क्वेन मलिन ने कहा, “दशकों से विदेशी छात्रों को अनिश्चितकाल के लिए अमेरिका में रहने की अनुमति दी गई थी, जिससे हजारों लोग हमारे अप्रवासन प्रणाली का दुरुपयोग करते हुए विभिन्न कोर्सों में लगातार दाखिला लेकर अनिश्चितकाल तक अमेरिका में रह रहे थे।”

नए नियम के अनुसार, विदेशी छात्रों को स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद देश लौटने या अन्य वीजा प्रकार प्राप्त करने के लिए मात्र 30 दिन का समय मिलेगा, जबकि पहले यह अवधि 60 दिन थी। अमेरिका के अध्ययन संस्थानों को परामर्श देने वाली गैर-लाभकारी संस्था एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल एजुकेटर्स (naFSA) ने इस नियम की कड़ी आलोचना की है। संस्था की प्रमुख कार्यकारी फांटा अवाले ने कहा, “नई नीति ने लंबे समय से प्रभावी रूप से क्रियान्वित प्रणाली में अनिश्चितता, स्टाफिंग संबंधी समस्याएं और भय पैदा कर दिया है। यह समस्या उत्पन्न कर समाधान खोजने का नीति दृष्टिकोण है।”

मानव साल: अस्पताल का कचरा या चमत्कारी दवा? क्यों होती है इसकी तस्करी?

साल से जुड़ा भ्रूण का कंप्यूटर जनित चित्र

तस्वीर स्रोत, Sebastian Kaulitzki/Science Photo Library

तस्वीर का कैप्शन, साल गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय के अंदर विकसित होने वाला अस्थायी अंग होता है, जो गर्भ में पल रहे बच्चे की जीवन रक्षा करता है
  • चेतावनी: इस लेख में मानव ऊतकों से जुड़े संवेदनशील चित्र शामिल हैं।

पाकिस्तान में अस्पतालों से मानव साल की तस्करी हो रही है और इसे वृद्धावस्था कम करने वाली ‘एन्टी-एजिंग’ इंजेक्शन बनाने में इस्तेमाल किए जाने की आशंका पर एक गिरोह की जांच हो रही है।

यहां की फेडरल जांच एजेंसी (एफआईए) ने आरोप लगाया है कि उक्त गिरोह हर महीने विभिन्न अस्पतालों से लगभग 200 किलो मानव साल खरीदता है।

एफआईए के अनुसार, वे साल को सुखाकर संसाधित करते हैं और फिर उसे विदेश भेजते हैं।

पिछले महीने के अंत में राजधानी इस्लामाबाद में की गई कार्रवाई में अधिकारियों ने एक अवैध प्रसंस्करण केंद्र से लगभग 500 किलो मानव साल बरामद किया और पांच लोगों को गिरफ्तार किया।

एफआईए द्वारा जारी तस्वीरों में एक घर के अंदर ट्रॉली के खांचे में रखे बर्तनों में सूखे साल रखे हुए दिखे। उस घर को “साल भंडारण एवं प्रसंस्करण केंद्र” में बदला गया था।

एफआईए द्वारा जारी तस्वीर जिसमें ट्रॉली पर रखे बर्तनों में साल रखा गया है

तस्वीर स्रोत, FIA

तस्वीर का कैप्शन, पाकिस्तान में मानव अंग व्यापार करने वालों को 10 साल तक की सजा हो सकती है

पाकिस्तान की ‘ह्यूमन ऑर्गन ट्रांसप्लांट अथॉरिटी’ की अधिकारी हिना कव्वाल ने बताया कि पकड़े गए लोग इस्लामाबाद और रावलपिंडी के अस्पतालों से लगभग 2.90 अमेरिकी डॉलर के साल खरीदते थे। यह अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव नहीं होता।

एफआईए के अनुसार जमा किए गए साल को निर्यात कर ‘एन्टी-एजिंग’ इंजेक्शन बनाने में इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी कीमत प्रति इंजेक्शन 2,530 अमेरिकी डॉलर तक होती है।

कव्वाल के अनुसार ‘कॉस्मेटिक सर्जरी’ में मानव साल की बड़ी मांग होने के कारण इसकी अवैध खरीद-बिक्री बढ़ी है।

व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए मानव अंग संग्रहित करने वाले पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और 3600 अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना हो सकता है।

एफआईए ने बताया कि उक्त गिरोह का नेटवर्क लाहौर और पेशावर तक फैला हुआ है। संदेहास्पद जुड़े होने के चलते आव्रजन अधिकारी, कचरा प्रबंधन कंपनी और अस्पतालों की भी जांच चल रही है।

एफआईए द्वारा जारी पांच आरोपियों की तस्वीर

तस्वीर स्रोत, FIA

तस्वीर का कैप्शन, शुरू में आरोपियों ने भेड़ के साल होने का दावा किया था

एफआईए पहले भी गैरकानूनी मानव अंग प्रत्यारोपण के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है, लेकिन इस मामले में मानव साल व्यापार में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क मिलने का यह पहला मौका है।

गिरफ्तार लोगों ने शुरू में भेड़ का साल प्रसंस्कृत करने की बात कही, बाद में पूछताछ में मानव साल होने की बात स्वीकार की।

अगली कार्रवाई में इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वियतनाम ले जा रहे 100 किलो मानव साल बरामद हुआ। वियतनाम में मानव साल का उपयोग प्रतिबंधित है, पशु का साल बनाया जा सकता है।

इस मामले में अब तक 9 लोगों को साल कारोबार में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और वे सभी हिरासत में हैं।

एफआईए के बरामद साल की तस्वीर

तस्वीर स्रोत, FIA

तस्वीर का कैप्शन, कार्रवाई में विभिन्न अवस्थाओं के साल जब्त किए गए हैं

पाकिस्तान की स्त्री एवं प्रसूति विशेषज्ञ सदफ तारिक ने मानव साल को “अत्यधिक संक्रामक चिकित्सकीय कचरा” कहा है और इसकी देखरेख के लिए सख्त नियम लागू होने की बात कही है।

शिशु जन्मने के बाद साल अलग किया जाता है और ‘प्लेसेंटा’ लिखे पीले थैले में अच्छी तरह बंद कर अस्पताल के ठंडे भंडार कक्ष में रख दिया जाता है।

साल को 24 घंटे तक सुरक्षित रखा जा सकता है, उसके बाद उसे जलाकर नष्ट किया जाता है। सरकारी और निजी अस्पताल इस प्रक्रिया का सख्ती से पालन करते हैं।

पारंपरिक चिकित्सा में मानव साल का उपयोग

साल वह अस्थायी अंग है जो गर्भावस्था में गर्भाशय की दीवार पर विकसित होता है और बच्चे की जीवन रक्षा करता है।

यह नाल की तरह बच्चे से जुड़ा रहता है और ऑक्सीजन तथा पोषक तत्व पहुंचाने के साथ अपशिष्ट पदार्थों को हटाने का काम करता है।

प्राकृतिक जन्म के दौरान यह साल भी शरीर से बाहर निकलता है; सिजेरियन ऑपरेशन में इसे बाहर निकाला जाता है।

स्वास्थ्य कर्मी के हाथ में नवजात शिशु

तस्वीर स्रोत, Getty Images

तस्वीर का कैप्शन, स्त्री रोग विशेषज्ञ कहते हैं, बिना संसाधित साल खाने से बच्चे में वायरस संक्रमण हो सकता है

कुछ लोग साल को प्रोटीन, आयरन और वसा से समृद्ध मानते हैं और इसे वयस्कों के लिए भी पोषणयुक्त समझते हैं।

सदियों से विभिन्न संस्कृतियों में पारंपरिक चिकित्सा में साल से निकाले गए रस का उपयोग होता आ रहा है।

अमेरिका की बाजार अनुसंधान कंपनी ‘पोलारिस’ ने वैश्विक स्तर पर इसके वैध कारोबार को 2034 तक 1.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर पहुँचने का अनुमान लगाया है।

पोलारिस के वरिष्ठ विश्लेषक नितिन ताम्बे ने कहा है कि मानव साल में चिकित्सकीय नवाचार और कॉस्मेटिक उपचार की बड़ी संभावनाएं हैं।

मानव साल

तस्वीर स्रोत, Paola Tellez/Getty Images

तस्वीर का कैप्शन, मानव साल वृद्धावस्था रोकने में स्पष्ट प्रभाव नहीं दिखता

यह आश्चर्यजनक है कि जीवन की शुरुआती चरण की रक्षा करने वाला साल वृद्धावस्था से जुड़ी समस्याओं में उपयोग किया जाता है, जैसे:

  • बाल झड़ना
  • बाल पतले होना
  • रजोनिवृत्ति
  • बांझपन
  • शरीर में दर्द

मानव साल में महिला हार्मोन (इस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिनसे कई दवाएं बनती हैं। कुछ दवाएं प्रसूति के बाद के अवसाद के उपचार में भी उपयोग होती हैं।

इसके अलावा ऑटोइम्यून रोग, स्ट्रोक, क्रोनिक थकान, पार्किंसंस, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, जिगर की बीमारियां, क्रोन्स रोग और कुछ कैंसर के उपचार में सीमित सफलता के साथ इसका उपयोग हो रहा है।

तारिक कहती हैं, “अनुसंधान दिखाते हैं कि आयरन स्तर बढ़ाने वाली और प्रसूति के बाद खून की कमी के लिए बनाई जाने वाली दवाओं में भी साल उपयोग हो सकता है।”

‘प्लेसेंटा’ को चक्की और इंजेक्शन के रूप में विकसित किया जा सकता है और यह तंतुओं के पुनर्निर्माण में मददगार साबित हो सकता है।

साल की आंतरिक परत में ‘ग्रोथ फैक्टर’ होता है जो गंभीर घाव, जलन, अल्सर और आंख की चोट में शल्यचिकित्सा उपचार के लिए उपयोग होता है।

हालांकि, इन प्रथाओं के वैज्ञानिक आधार और वैश्विक नियम अभी एक समान नहीं हैं।

जापानी कंपनी जापान बायो प्रोडक्ट्स (जेबीपी) 100% प्लेसेंटा पाउडर से बने कैप्सूल एशिया के कई देशों में पोषण पूरक के रूप में निर्यात करती है। कुछ उत्पाद मानव साल से, कुछ सूअर या घोड़े के साल से बनाए गए हैं।

जेबीपी के क्षेत्रीय प्रबंधक विन्स्टन ओई कहते हैं, “एशियाई लोग साल आधारित उत्पादों के प्रति खुले हैं, खासकर कुछ चीनी जिनकी परंपरा में साल का सेवन शामिल है।”

“ऑनलाइन जानकारी बढ़ने के साथ लोगों में इन उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ी है और मांग भी बढ़ी है,” ओई ने कहा।

चीन में मानव साल का अवैध व्यापार

चीन में पेशेवर खरीद-फरोख्त पर रोक हैं, लेकिन भूमिगत बाजार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ताजे मानव साल का अवैध व्यापार जारी है।

एक ऑनलाइन व्यापारी ने बताया कि वह एक मानव साल को 50 अमेरिकी डॉलर से अधिक में बेचता है।

उन्होंने कहा, “अगर ज्यादा खरीदने वाला हो तो 40 डॉलर में भी दे सकता हूं। हम प्रति किलो 30 डॉलर में कच्चा साल खरीदते हैं।”

कानूनी विशेषज्ञ झांग के अनुसार पकड़े गए अधिकांश लोगों को कम जुर्माना लगाया जाता है, जो उनकी अवैध कमाई के मुकाबले पांच गुना कम होता है।

“अगर जुर्माना 50 गुना बढ़ाया जाए तो वे इस तरह का काम करने से पहले जरूर सोचेंगे।”

एक चीनी पारंपरिक चिकित्सक याओ के अनुसार प्राचीन चीनी चिकित्सा में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के इलाज के लिए मानव साल का उपयोग होता था।

साल के पाउडर की कैप्सूल

तस्वीर स्रोत, Tribune News Service via Getty Images

तस्वीर का कैप्शन, कुछ कंपनियां मानव साल को सुखाकर पाउडर बनाकर नई माताओं को कैप्सूल के रूप में उपलब्ध कराती हैं

लेकिन शंघाई पीपुल्स अस्पताल की डॉक्टर होंग जोंगसांग कहती हैं, “गंदा साल खाने से एचआईवी, हेपाटाइटिस बी और सिफलिस जैसे संक्रमण हो सकते हैं।”

उनके अनुसार कई नई माताएं अपना साल नष्ट करने की बजाय घर ले जाकर सेवन करना चुनती हैं।

एक नवजात शिशु की मां बताती हैं कि उनकी मां और सास उनकी साल खाने को कहती थीं, जिसे वह मना करती हैं।

एक अन्य महिला ने अस्पताल के पास दुकान में लगभग 7 अमेरिकी डॉलर देकर अपने साल को पाउडर बनाकर कैप्सूल में बदला।

उन्होंने बताया कि उन्होंने यह अपने ससुर के कमजोर स्वास्थ्य में सुधार के लिए किया था।

पूर्वी चीन में कुछ महिलाएं ऑनलाइन विज्ञापन की कड़ी निगरानी के कारण व्यवसाय में दिक्कतों की शिकायत कर रही हैं।

फिर भी वास्तविक मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।

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दक्षिण चीन सागर विवाद के समाधान के लिए नए मध्यस्थता प्रयास

दक्षिण चीन सागर से जुड़ी ऐतिहासिक मध्यस्थता फैसले को 10 साल पूरे होने के बावजूद इसका क्रियान्वयन नहीं हो सका है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ता जा रहा है। 2016 में हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने चीन के व्यापक समुद्री दावे को खारिज करते हुए फिलिपींस के सार्वभौम अधिकारों को मान्यता दी थी। चीन ने इस निर्णय को अस्वीकार किया है जबकि अमेरिका समेत 14 देशों ने इसे कानूनी रूप से बाध्यकारी और अंतिम फैसला माना है।

दक्षिण चीन सागर विवाद लंबे समय से जारी है। 1947 में चीन की तत्कालीन राष्ट्रवादी सरकार ने 11 डैश वाले नक्शे को पहली बार सार्वजनिक किया था। बाद में ‘नाइन-डैश लाइन’ प्रचलित हुई, जो एक निरंतर रेखा नहीं बल्कि नौ अलग-अलग डैश को जोड़ती है। यह लगभग 3.5 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करती है, जो दक्षिण चीन सागर के लगभग 90% भाग के बराबर है।

फिलिपींस की सॉलिसिटर-जनरल डार्लिन मैरी बर्बेराबे के अनुसार, 2016 के फैसले ने फिलिपींस के तटीय क्षेत्रों में मछली पकड़ने के कानूनी अधिकारों को फिलिपींस का मान्यता दी है। इसी कारण फिलिपींस और चीन के बीच जहाजों की झड़पें तेज हुई हैं। 12 जुलाई 2026 को फिलिपींस मध्यस्थता फैसले का 10वां वार्षिकोत्सव मनाते हुए अमेरिका सहित 14 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर इस फैसले को कानूनी रूप से बाध्यकारी और अंतिम निर्णय माना है।

चीन के विदेश मंत्रालय ने फैसले के 10वें वार्षिकोत्सव पर कुछ देशों द्वारा प्रचार-प्रसार पर कड़ी नाराजगी जताई है और आरोप लगाया है कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है तथा समस्या समाधान के बजाय तनाव ही बढ़ाता है। चीनी गृह मंत्रालय समर्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर साउथ चाइना सी स्टडीज के शोधकर्ता चेन सियांगमियाओ ने विवाद को सुलझाने के लिए सद्भावना और सहयोग आवश्यक बताया है।

उद्योग वाणिज्य महासंघ के तहत रोजगारदाता परिषद् का गठन प्रक्रिया पूरी हुई

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के तहत रोजगारदाता परिषद् का गठन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। महासंघ के अध्यक्ष अञ्जन श्रेष्ठ ने श्रम क्षेत्र में सुधार के लिए परिषद को नीतिगत पैरवी करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। बैठक में बाबुकाजी कार्की को रोजगारदाता परिषद के उपसभापति के रूप में सर्वसम्मत रूप से मनोनीत किया गया है। ३२ असार, काठमाडौं।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के अंतर्गत निजी क्षेत्र की श्रम एवं रोजगार से संबंधित नीति, सामाजिक संवाद एवं रोजगारदाता हितों का प्रतिनिधित्व करने वाला मुख्य संस्थागत संयंत्र रोजगारदाता परिषद् की स्थापना की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। आज महासंघ सचिवालय टेकु में आयोजित रोजगारदाता परिषद् की पहली बैठक में परिषद के सभापति प्रबलजंग पाण्डे की अध्यक्षता में गठित सदस्य को महासंघ अध्यक्ष अञ्जन श्रेष्ठ ने मनोनयन पत्र सौंपे।

अध्यक्ष श्रेष्ठ ने कहा कि श्रम और रोजगार क्षेत्र में सुधार, सुदृढ़ीकरण और उद्योग-व्यवसाय-मैत्री श्रम संबंध स्थापित करने में रोजगारदाता परिषद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि न्यूनतम पारिश्रमिक क्षेत्रगत आधार पर निर्धारित करने के विषय में मंत्रालय स्तर पर चर्चा जारी है। परिषद के सदस्यों ने निजी क्षेत्र की साझा धारणा तैयार कर प्रभावी नीतिगत पैरवी करने का आग्रह किया।

बैठक में महासंघ के विधान २०४९ (सातवाँ संशोधन) की धारा ४३.१ के अनुसार निर्वाचित एसोसिएट सदस्यों में से एक को उपसभापति के रूप में मनोनित करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत बाबुकाजी कार्की को उपसभापति पद के लिए सर्वसम्मत मंजूरी दी गई है। परिषद उद्योग-व्यवसाय-मैत्री श्रम वातावरण का निर्माण, निवेश और उद्यमशीलता के प्रचार-प्रसार, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता के विकास तथा सामाजिक न्याय समेत श्रम संबंधों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

केन्जो फूलों से सजी तिम्बुङ पोखरी में पर्यटकों की बढ़ती चहलपहल

पाँचथर और ताप्लेजुङ की सीमा पर स्थित तिम्बुङ पोखरी में पिरामिड आकार के केन्जो फूल खिलने के साथ ही यहां पर्यटकों की चहलपहल बढ़ने लगी है। समुद्र तल से 3335 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था का केंद्र बनता जा रहा है। स्थानीय पर्यटन व्यवसायी अमिर राई के अनुसार, पर्यटकों के आगमन के कारण यहां के होमस्टे व्यस्त हो रहे हैं और पदयात्रा का शौक रखने वाले लोगों के लिए यह क्षेत्र एक उत्कृष्ट गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है। 32 असार, पाँचथर।

तिम्बुङ पोखरी अब फिर से पर्यटकों का मुख्य आकर्षण बन गया है। मानसून के साथ यहां पिरामिड आकार के केन्जो फूल खिलने से यह हिमालयी स्थल नई पहचान हासिल कर रहा है। हरियाली से भरे डाँडाकाँड़े, ठंडी हवा, खुले खर्क और हिमालयी जीवनशैली से सजी यह जगह अब प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनोखा गंतव्य बन गई है। यहां आने वाले यात्रियों का प्रकृति खुले दिल से स्वागत करती है। चारों ओर फैले हरे-भरे पहाड़, कुहिरो की छटा, खुले लेकाली खर्क और बीच में स्थित शांत पोखरी इस क्षेत्र के वातावरण को जीवंत बनाते हैं।

तिम्बुङ क्षेत्र का एक प्रमुख आकर्षण केन्जो फूल है। पिरामिड आकार के ये फूल पहाड़ों को रंगीन कर देते हैं। इनके खिलने के साथ ही तिम्बुङ का घूमने का मुख्य मौसम भी शुरू हो जाता है। स्थानीय पर्यटन व्यवसायी अमिर राई के मुताबिक, नेपाल के विभिन्न जिलों के साथ-साथ भारत के सिक्किम से भी पर्यटकों का आना लगातार जारी है। तिम्बुङ की लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है और हर साल नए पर्यटक यहां आते हैं। तिम्बुङ केवल प्राकृतिक सौंदर्य का स्थल ही नहीं बल्कि धार्मिक आस्था और परंपरा का भी केन्द्र है। स्थानीय समुदाय यहां पोखरी में पूजा–आराधना की परंपरा आज भी कायम रखे हुए हैं।

गोरखा सहकारीमा ४ अर्ब १२ करोड अपचलन, गैरसदस्यका नाममा ७८ करोड हिनामिना

गोरखा सहकारीमा ४ अर्ब १२ करोडभन्दा बढी रकममा ठगी, गैरसदस्यका नाममा ७८ करोड ऋण असुली

गोरखा बचत तथा ऋण सहकारी संस्थाका सञ्चालकहरूले ४ अर्ब १२ करोड रुपैयाँभन्दा बढी रकममा ठगी गरेका छन्। सरकारले सहकारी ठगी प्रकरणमा संलग्न चार जनालाई पक्राउ गरिसकेको छ, जसमा अध्यक्ष इमानसिंह राई र प्रमुख कार्यकारी अधिकृत लालबहादुर क्षेत्री पनि रहेका छन्। सहकारीको कर्जा लगानी १ खर्ब ५२ करोड ४० लाख र बचतकर्ता संख्या ३१ हजार ८ रहेको समितिले जनाएको छ।

समस्याग्रस्त सहकारी व्यवस्थापन समितिका अनुसार सञ्चालकहरू तेजबहादुर तामाङ, डीबी बम्जन लगायतले उक्त रकम दुरुपयोग गरेको तथ्य बाहिर आएको छ। जनआन्दोलनपछि नयाँ जनादेश ल्याएको सरकार बालेन्द्र साहको नेतृत्वमा शुक्रबार गोरखा सहकारीसँग सम्बन्धित चार जनालाई सहकारी ठगीको अभियोगमा पक्राउ गरिएको छ। पक्राउ पर्नेहरूमा सहकारी अध्यक्ष ६१ वर्षीय इमानसिंह राई, प्रमुख कार्यकारी अधिकृत लालबहादुर क्षेत्री, अविनकुमार राई र पूर्वलेखा सदस्य कर्णबहादुर राई रहेका छन्।

गोरखा सहकारीको कुल बचत (ब्याजसहित) ४ अर्ब १४ करोड १३ लाख रुपैयाँ रहेको छ भने कुल कर्जा (ब्याज र जरिवाना सहित) ४ अर्ब ४६ करोड ४० लाख रुपैयाँ रहेको समितिले जनाएको छ। सञ्चालक र तिनका परिवारले सहकारीबाट लिएको ऋण वर्षौंसम्म नतिर्दा संस्थामा समस्या आएको छ। डीबी बम्जन र उनका दाइ तेजबहादुर बम्जन, जो सहकारीका सदस्य होइनन्, उनीहरूले लिएको ऋण वर्षौंदेखि फिर्ता नगर्दा समस्या देखिएको छ।

सहकारीमा डमी ऋणी देखिएका कुल ऋणको करिब ७० प्रतिशतभन्दा बढी उपयोग गरिएको छ। कुनै ऋण नै नियमित रूपमा भुक्तानी भैरहेको छैन। लामो समयदेखि ऋणको मूलधन मात्र नभएर ब्याज समेत नतिर्दा समस्याहरू देखिएको समितिको प्रतिवेदनमा उल्लेख छ।

इरान युद्ध: राष्ट्रपति ट्रम्प का दावा, तेहरान वार्ता में भाग लेने से डर रहा है

संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इरान शांति वार्ता में भाग लेने को तैयार है और पिछले महीने इजरायल और अमेरिका के शुरू किए युद्ध को समाप्त करना चाहता है। लेकिन इरान ने इसे पूरी तरह से अस्वीकार किया है। बुधवार को इरानी विदेश मंत्री अब्बास अरग्ची ने बताया कि अमेरिका ने विभिन्न प्रस्तावों के साथ संदेश भेजा, लेकिन कोई वार्ता नहीं हुई। अरग्ची ने कहा कि वाशिंगटन वार्ता के आव्हान को हार स्वीकार करने के समान मानता है और अब बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग नहीं करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि तेहरान चाहता है कि युद्ध उसकी शर्तों पर खत्म हो, जिसमें अमेरिका और इजरायल की ओर से फिर से आक्रमण न करने की गारंटी और इरान को हुए नुकसान का पूर्ण मुआवजा शामिल हो।

ट्रम्प ने इरान की ‘वार्ता कर रही’ स्थिति पर जोर देते हुए कहा, “वे अपने ही लोग उन्हें मार सकते हैं, इसलिए वे यह कहने से डर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “उन्हें डर है कि हम भी उन्हें मार सकते हैं।” बुधवार को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति ट्रम्प पिछले तीन दिनों से इरान के साथ ‘उपयोगी वार्ता’ में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकी कार्रवाई ‘अनुसूची से पहले’ हुई और इरानी सरकार ‘वापसी का रास्ता’ खोज रही है। लेकिन ये बयान इरानी विदेश मंत्री अब्बास अरग्ची की बातों से पूरी तरह अलग हैं। अरग्ची ने कहा, “अभी कोई वार्ता योजना नहीं है” और देश अपनी “सुरक्षा” पर फोकस कर रहा है।

युद्ध समाप्ति प्रस्तावों को लेकर भी असंगति नजर आ रही है। बुधवार को खबर आई कि इरान ने अमेरिका को 15 बिंदुओं वाली योजना भेजी है जिससे युद्धविराम की कोशिश की जा रही है। तेहरान के एक वरिष्ठ राजनीतिक-सुरक्षा अधिकारी के हवाले से सरकारी प्रेस टीवी ने बताया कि युद्ध खत्म करने के पांच शर्तें हैं, जिनमें ‘युद्ध के नुकसान और क्षतिपूर्ति’ का भुगतान तथा सभी मोर्चों पर युद्ध विराम शामिल हैं। लेकिन दोनों पक्षों के बीच लड़ाई अभी जारी है। इरानी मिसाइल हमले के बाद इजरायली ऊर्जा केंद्र में धुआं देखा गया और तेहरान में इरानी हवाई सुरक्षा प्रणालियों की आवाजें सुनी गईं।

हिमपातले मध्यपहाडी लोकमार्ग अवरुद्ध, रुकुमपूर्वमा २५० बढी यात्रु अलपत्र

अविरल हिमपात से मध्यपहाड़ी लोकमार्ग अवरुद्ध, रुकुमपूर्व में २५० से अधिक यात्री फंसे


७ चैत, रुकुमपूर्व । लगातार हुई भारी हिमपात के कारण मध्यपहाड़ी लोकमार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिससे इस क्षेत्र के कई यात्री फंस गए हैं।

शुक्रवार दोपहर से निरंतर हो रहे हिमपात के कारण जिल्लाको भूमे गाउँपालिका-१ अन्तर्गत आने वाली लुकुम-पातिहाल्ना सड़क पूरी तरह बंद हो गई है। इसके कारण काठमांडू से रवाना हुए रात्री बस सहित अन्य वाहन उक्त सड़कखंड पर फंसे हुए हैं।

जिल्ला प्रहरी कार्यालय रुकुमपूर्व के अनुसार अब तक सात बसें, एक जीप और पांच मोटरसाइकिल हिमपात के कारण सड़क पर रुकी हुई हैं, जिनमें कुल २५० से अधिक यात्री फंसे हुए हैं।

लगातार हिमपात और भारी वर्षा के कारण सड़क पर गड्ढे निकालने का काम प्रभावित हुआ है। वहीं, वहाँ की दूरसंचार सेवा भी बंद होने की वजह से उद्धार और समन्वय में और भी कठिनाई हो रही है।

प्रहरी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर यात्रियों के उद्धार के लिए सक्रिय प्रयास कर रहा है। मौसम में सुधार न होने तक सड़क को पूर्ण रूप से पुनः संचालित करना कठिन हो रहा है।

नेपाल की पार्टियों की खोई वैधता: हेवरमास के सैद्धांतिक दृष्टिकोण से

समाचार सारांश

एआई द्वारा तैयार। संपादकीय समीक्षा की गई।

  • समाजशास्त्री युर्जेन हेवरमास 14 मार्च को 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिन्होंने मार्क्सवाद को नए दृष्टिकोण से व्याख्यायित किया।
  • हेवरमास ने वैधता संकट में पूंजीवादी समाज में नागरिक और सरकार के बीच भरोसे की कमी को मुख्य समस्या माना।
  • नेपाल में बड़े दलों द्वारा नागरिक की अपेक्षाओं की पूर्ति न करने पर वैधता संकट ने राजनीतिक पराजय को जन्म दिया, लेख में उल्लेख है।

गत 14 मार्च को समाजशास्त्री युर्जेन हेवरमास का 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे समाजशास्त्र और मार्क्सवाद में आलोचनात्मक दर्शन के प्रमुख प्रतिनिधि थे। आलोचनात्मक दर्शन में मार्क्सवाद का संबंध फ्रैंकफर्ट स्कूल ऑफ थॉट से जुड़ा है।

यह लेख फ्रैंकफर्ट स्कूल ऑफ थॉट के बारे में न हो, लेकिन हेवरमास के योगदान को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा। फ्रैंकफर्ट इंस्टीट्यूट फॉर सोशल रिसर्च की स्थापना 1923 में जर्मनी के मार्क्सवादी विचारकों ने की थी। इसका मुख्य उद्देश्य यूरोप में श्रमिक वर्ग के आंदोलनों की विफलता, रूसी क्रांति के बाद स्टालिनवाद के उदय और बढ़ती फासीवाद की जड़ें समझकर मार्क्सवाद की कमजोरियों का पता लगाना था।

बढ़ती हुई फासीवाद अंततः द्वितीय विश्व युद्ध में तब्दील हुई और हिटलर का नाम विश्व तथा जर्मनी के इतिहास में एक काला अध्याय बन गया। 1929 में जन्मे हेवरमास ने फ्रैंकफर्ट स्कूल के अन्य सदस्यों के देश छोड़ने के समय, नाजी पार्टी के युवा दस्ते में 10 से 14 वर्ष के लड़कों के नेता के रूप में कार्य किया, जिसे उन्होंने अपने जीवन का अंधकारमय पक्ष स्वीकार किया।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद उन्होंने अपना शेष जीवन मार्क्सवाद को नए परिप्रेक्ष्य से व्याख्यायित करने में समर्पित कर दिया। उन्होंने 50 से अधिक पुस्तकें और सैकड़ों शैक्षणिक लेख लिखे, जिनमें मानव मुक्ति के पक्ष को जीवित रखने पर जोर था।

प्रोफेसर जोनाथन टर्नर ने हेवरमास के बारे में लिखा है, “उनके विचार इतने व्यापक हैं कि समेट पाना कठिन है।”

हेवरमास का योगदान सार्वजनिक क्षेत्र, सामाजिक विज्ञान की तार्किकता, समाज में वैधता की समस्या, भाषण तथा अन्तरक्रियात्मक विश्लेषण, संचार माध्यम और मानसिकता के औपनिवेशीकरण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है।

उनके निधन के बाद मैंने इन विषयों पर एमए समाजशास्त्र की कक्षा में बार-बार चर्चा की। साथ ही, मार्क्सवाद और लोकतंत्र के संदर्भ में सार्वजनिक क्षेत्र की अवधारणा के बारे में बहस हुई कि यह नेपाली समाज में लोकतांत्रिक माहौल बनाए रखने में कितनी उपयुक्त है।

परन्तु, मेरे और मेरे कुछ साथियों के मन में अभी भी एक प्रश्न है – नेताओं और बड़े दलों को नए चुनावों में भारी पराजय क्यों झेलनी पड़ी? पुराने दल क्यों हारे? हेवरमास ऐसे हालातों को कैसे विश्लेषित करते? इसका उत्तर उनके पुस्तक ‘लेजिटिमेसन क्राइसिस’ में निहित है।

लेजिटिमेसन क्राइसिस मुख्यतः पूंजीवादी समाज में नागरिकों द्वारा सामाजिक व्यवस्था पर विश्वास खोना और शासन की क्षमता में कमी का अनुभव होना है। किसी भी राजनीतिक व्यवस्था में नागरिकों का विश्वास आवश्यक होता है।

हेवरमास के अनुसार यह विश्वास दोतरफा होता है: सरकार नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कानूनी अधिकार उपलब्ध करवाती है और नागरिक कानून का पालन करते, कर चुकाते तथा सार्वजनिक भागीदारी निभाते हैं। इन दोनों पक्षों के बीच अनुबंध व्यवस्था को संचालित करता है।

जब सरकार ये जिम्मेदारियां निभाने में विफल होती है या जनता की अपेक्षाओं की उपेक्षा करती है, व्यवस्था संकट में पड़ जाती है। नेताओं की असफलता, भ्रष्टाचार और संविधान उल्लंघन जनविश्वास में धक्का पहुंचाते हैं।

बड़े दलों द्वारा पिछले 20 वर्षों में नागरिकों की अपेक्षाएं पूरी न कर पाने के कई उदाहरण हम मीडिया में देखते आए हैं। ये घटनाएं सरकार द्वारा जनता को धोखा देना नहीं, बल्कि जनता के सामाजिक व्यवस्था पर विश्वास में बड़ी चोट पहुंचाना हैं।

इस अस्थिरता में आंदोलन, संघर्ष और हड़तालें बढ़ती जा रही हैं, जिनसे नागरिक जीवन और जटिल होता जा रहा है। जैसे-जैसे आक्रोश बढ़ता है, लोग छोटे-छोटे काम करके भी लोकप्रियता पाने लगते हैं और व्यवस्था के विकल्प तलाशने लगते हैं।

हेवरमास ने कहा है कि पूंजीवादी समाज में लोकतांत्रिक व्यवस्था में लेजिटिमेसन क्राइसिस का खतरा पारंपरिक समाज की तुलना में अधिक होता है। जहां पारंपरिक समाज में नेता का चयन अलौकिक शक्ति पर आधारित था, वहीं पूंजीवादी व्यवस्था में तर्क, दक्षता और नीतिगत आधार होता है। नेतृत्व की वैधता सतत कार्य और क्षमता से प्रमाणित होनी चाहिए, अन्यथा वह खो जाती है।

उनके अनुसार आर्थिक विषमता लेजिटिमेसन क्राइसिस को उकसाती है। कुछ अत्यधिक धनार्जन करते हैं और कई बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित रहते हैं, जिससे व्यवस्था के प्रति नकारात्मक भावना पैदा होती है।

नेपाल में 20 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे है। भाद्र 23 को माइतीघर में ‘मेरा बाप खाड़ी में, तुम्हारा बाप गाड़ी में’ जैसे नारों से सार्वजनिक असमानता झलकती है।

लेजिटिमेसन क्राइसिस का एक अन्य महत्वपूर्ण तत्व विचारधारा है। जब राजनीतिक नेतृत्व अपने वैचारिक आधार से दूर चला जाता है या व्यवहारिक भेद दिखाता है, तो नागरिक उसे स्वीकार करना बंद कर देते हैं।

२००७ से नेपाली दल समानता पर जोर देते आए हैं, परन्तु महिला, आदिवासी, दलित जैसे समुदायों में समानता बहस और दफ्तर की कागजी सीमाओं तक ही सीमित है।

तकनीकी विकास से नई जटिलताएं उत्पन्न होती हैं, जो लेजिटिमेसन क्राइसिस को बढ़ा सकती हैं। तकनीक से काम आसान होता है तो बेरोजगारी का खतरा बढ़ता है, जिसे नेतृत्व को संबोधित करना होगा।

मीडिया सामाजिक समस्याओं को उजागर कर रहा है और नेतृत्व को सचेत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। असंतोष, आलोचना और विरोध की अनदेखी करने से भ्रम और असंतोष बढ़ता है, जिससे व्यवस्था की वैधता कमजोर पड़ती है।

नेपाली मीडिया में जनता का राज्य संचालन पर विश्वास न होना बड़े पैमाने पर उठाया गया है। लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले दल इन आवाजों को सत्ता के अवसर के लिए ही संबोधित करते हैं। इसके विपरीत, नेता अपनी कमजोरियों को मजाक के रूप में प्रस्तुत करते रहते हैं।

लेजिटिमेसन क्राइसिस की पहली अवस्था में नागरिकों के व्यवस्था पर भरोसा कम होता है, जिससे मतदान का प्रतिशत गिरता है। दूसरी अवस्था में कानून उल्लंघन और अनियमितताएं बढ़ती हैं, जैसे सड़कों पर अनाधिकृत रूप से चलना आदि। यह सामाजिक अस्थिरता को जन्म देता है।

यह स्थिति आंदोलन, संघर्ष और हड़तालों को बढ़ावा देती है और नागरिक जीवन को अधिक कष्टदायक बनाती है। लोग छोटे-छोटे कामों से भी लोकप्रियता पाने लगता हैं और व्यवस्था के विकल्प खोजने की प्रक्रिया शुरू होती है। यह वर्तमान नेपाली राजनीतिक स्थिति की मूल सच्चाई है।

नेपाली नागरिक वर्तमान व्यवस्था में सुधार के विकल्प खोजते हुए राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी को मतदान कर विकल्प दे चुके हैं।

अब तक सात महीनों में प्रभावशाली माने जाने वाले राजनीतिक दल एक साथ नागरिक वोट से पराजित हुए हैं। सभी दल हार के कारण खोज रहे हैं।

संक्षिप्त उत्तर यह है कि ये दल नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना छोड़ चुके थे और खुद को जनता से अलग समझने लगे थे। यही वजह है कि उन्हें भारी पराजय झेलनी पड़ी। यह कोई एक घटना नहीं, बल्कि हजारों घटनाओं का परिणाम है।

आगामी सरकार और भविष्य में बड़े दल बनने वाले नेताओं को चाहिए कि वे नागरिकों की समस्याएं, आलोचनाएं और आक्रोश खुले संवाद के माध्यम से सुनें और समाधान खोजें। संवाद की अनदेखी करने वाले अपनी ही नेतृत्व की वैधता खो देंगे।

लेजिटिमेसन क्राइसिस को रोकने के लिए सभी प्रकार की असमानता को घटाना और पारदर्शिता बढ़ानी होगी। तभी लोकतंत्र बच सकेगा, अन्यथा व्यवस्था विकल्प खोजने के लिए मजबूर होगी। हेवरमास के ये विचार नेपाल की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को समझने में मदद करते हैं।

इरान ने होर्मुज स्ट्रेट मार्ग से जापानी जहाज़ों के आवागमन की अनुमति देने की तैयारी की

इरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची।



७ चैत, काठमांडू। इरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने होर्मुज स्ट्रेट मार्ग से जापान से जुड़े जहाज़ों के आवागमन की अनुमति देने की तैयारी की जानकारी दी है।

उन्होंने जापानी समाचार एजेंसी क्योडो न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि इरान होर्मुज स्ट्रेट मार्ग से जापान से संबंधित जहाज़ों के आवागमन को मंज़ूरी देने के लिए तैयार है।

‘क्योडो न्यूज़’ के अनुसार, अरागची ने बताया कि प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने के लिए जापानी पक्ष के साथ पहले ही संवाद शुरू कर दिया गया है।

अरागची की इस घोषणा के बाद, जापान सरकार के एक अधिकारी ने क्योडो न्यूज़ से कहा, ‘प्रतिबंध हटाने का सबसे प्रभावी तरीका इरानी पक्ष के साथ सीधे संवाद करना है।’

समाचार में यह भी बताया गया कि उक्त अधिकारी ने अमेरिका की उकसाहट से बचने के लिए अत्यंत सावधानी बरतने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।