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भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ के बाद बाहरी सहायता: नेपाल को क्या-क्या चाहिए और क्या-क्या आ रहा है?

भारतको गाजियाबादबाट सहायता पठाइँदै

तस्बिर स्रोत, Indian Defence Ministry/Handout via REUTERS

विनाशकारी बाढ़ के बाद खोज एवं उद्धार कार्य जारी हैं और तत्काल ज़रूरत वाले चार-पांच प्रकार के सहायता के विषय में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ समन्वय चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार इनमें से कुछ सहायता पहले ही मिल चुकी है और कुछ मिलने की प्रक्रिया में हैं।

परराष्ट्र मंत्रालय के प्रवक्ता लोकबहादुर पौडेल क्षेत्री ने बताया, “खोज और उद्धार के लिए ‘टनल टीम’, जीवित व्यक्तियों के फंसे होने की स्थिति में संकेत खोजने वाला ‘स्कैनर’, तुरंत डीएनए विश्लेषण के लिए ‘फोरेंसिक’ तकनीक, शवों के लिए ‘फ्रीजर’ और बेलिब्रिजों की व्यवस्था शुरू के दिन से ही समन्वय किया जा रहा है।”

भोटेकोशी-त्रिशूली कॉरिडोर के विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं के सुरंगों में कई कामगार फंसे होने का अनुमान है।

सरकार के विदेशी विशेषज्ञ सहायता नहीं लेने के कारण कई लोगों की जान जोखिम में पड़ने की आलोचना करते हुए कुछ लोग हैं, लेकिन मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसे असत्य बताया।

प्रवक्ता क्षेत्री ने कहा, “सरकार ने शुरू में सहायता नहीं मांगी, यह कहा जा रहा था, लेकिन चीन और भारत से आए विशेषज्ञ दल प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।”

‘नाडा अटो शो’ की तैयारियां पूरी, दो स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था

काठमाडौं के भृकुटीमण्डप में कल से शुरू होने जा रहे नाडा अटो शो की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, ऐसा नाडा ने सोमवार को जानकारी दी। अध्यक्ष सुरेन्द्रकुमार उप्रेती के अनुसार 215 से अधिक स्टाल तैयार हो चुके हैं और प्रदर्शनी स्थल को पांच भागों में विभाजित किया गया है। उपराष्ट्रपति रामसाई प्रसाद यादव सुबह साढ़े 10 बजे समारोह का उद्घाटन करेंगे। आम जनता के लिए प्रवेश शुल्क 200 और विद्यार्थियों के लिए 150 रुपये निर्धारित किया गया है।

मंगलवार से भृकुटीमण्डप, काठमाडौं में आयोजित होने वाले नाडा अटो शो की संपूर्ण तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मोबाइल एसोसिएशन ऑफ नेपाल (नाडा) ने सोमवार को पत्रकार सम्मेलन कर तैयारियों की जानकारी दी। नाडा के अध्यक्ष सुरेन्द्रकुमार उप्रेती ने बताया कि सोमवार तक 215 से अधिक स्टाल तैयार हो चुके हैं। उनके अनुसार इस बार स्टाल विस्तृत और व्यवस्थित हैं। प्रदर्शनी स्थल व्हीलचेयर के अनुकूल है और वहाँ लाइट, एयर कंडीशनिंग और पंखे पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं।

प्रदर्शनी स्थल को चारपहिया वाहन, दोपहिया वाहन, वित्तीय संस्थान, ऑटो पार्ट्स एवं गैराज उपकरण, तथा ‘मेड इन नेपाल / मेड फर नेपाल’ पवेलियन और अंतरराष्ट्रीय व्यवसायिक पवेलियन सहित पांच भागों में विभाजित किया गया है। आगंतुक पहले वाहन संबंधित, फिर वित्तीय, बीमा, सेवा और पार्ट्स से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे गाड़ी खरीदने वाले खर्च और सुविधाओं की बेहतर जानकारी हासिल कर सकेंगे। प्रदर्शनी में 53 वाहन ब्रांड, 70 पार्ट्स एवं सेवा कंपनियां तथा लगभग 11 बैंक एवं वित्तीय संस्थाएं भाग ले रही हैं।

नाडा ने अग्रिम टिकट बुकिंग की व्यवस्था की है। अग्रिम टिकट के लिए खल्ती ऐप या आधिकारिक क्यूआर कोड के माध्यम से टिकट प्राप्त किया जा सकता है। प्रवेश शुल्क आम जनता के लिए 200 और विद्यार्थियों के लिए 150 रुपये निर्धारित किया गया है। उद्घाटन समारोह का आयोजन सुबह साढ़े 10 बजे होगा, जिसका उद्घाटन उपराष्ट्रपति रामसाई प्रसाद यादव करेंगे। आगंतुकों के लिए नेपाल पुलिस क्लब के ब्लू पवेलियन में भूमिगत पार्किंग और सिंहदरबार स्थित नेशनल ट्रेडिंग परिसर में वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रदर्शनी स्थल पर ट्रैफिक प्रबंधन सूचना डेस्क, मीडिया डेस्क, कैफेटेरिया और आकस्मिक स्वास्थ्य सेवा भी उपलब्ध हैं। इसके साथ ही सीसीटीवी निगरानी और अग्नि नियंत्रण प्रणाली भी अच्छी तरह से व्यवस्थित है।

नेपाल नामिबियास के साथ क्रिकेट मुकाबले में

आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग 2 के अंतर्गत आज नीदरलैंड्स में नेपाल और नामिबिया के बीच मैच हो रहा है। नेपाली समयानुसार पौने 3 बजे उत्रेक्ट में शुरू होने वाले इस मैच में नेपाल अंकतालिका में सुधार करने का लक्ष्य रखेगा। यदि नेपाल लीग 2 की टॉप चार में स्थान बनाने में सफल होता है तो उसे सीधे ODI विश्व कप क्वालीफायर में जगह मिलेगी। 5 साउन, काठमाडौं।

आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग 2 के तहत आज से नीदरलैंड्स में नीदरलैंड्स, नामिबिया और नेपाल के सम्मिलित श्रृंखला की शुरुआत हो रही है। श्रृंखला के पहले मैच में नेपाल नामिबिया के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करेगा। यह मैच नेपाली समयानुसार दोपहर पौने 3 बजे उत्रेक्ट में शुरू होगा।

लीग 2 की अंक तालिका में फिलहाल 28 मैचों में 28 अंक के साथ पाँचवें स्थान पर मौजूद नेपाली टीम के लिए यह श्रृंखला एवं आगामी अंतिम श्रृंखला बेहद महत्वपूर्ण है। टॉप चार में जगह बनाने पर नेपाल सीधा ODI विश्व कप क्वालीफायर में पहुंच जाएगा, जबकि टॉप छह में रहने पर उसकी ODI स्थिति बनी रहेगी।

नामिबिया 28 मैचों में 22 अंक लेकर सातवें स्थान पर है जबकि नीदरलैंड्स 32 अंक के साथ तीसरे स्थान पर है। नेपाल टीम में शामिल खिलाड़ी हैं: रोहित पौडेल, कुशल भुर्तेल, दीपेन्द्रसिंह ऐरी, आसिफ शेख, विनोद भंडारी, इशान पांडे, भीम सार्की, आरिफ शेख, गुलशन झा, सोमपाल कामी, करण केसी, नंदन यादव, ललित राजवंशी, संदीप लामिछाने, अर्जुन कुमाल।

फिफा विश्वकप २०२६ के विजेता टीम को मिलेगा ऐतिहासिक चैंपियनशिप रिंग

फिफा विश्वकप २०२६ की विजेता टीम को ट्रॉफी और स्वर्ण पदकों के साथ-साथ एक ऐतिहासिक चैंपियनशिप रिंग भी प्रदान की जाएगी। फिफा ने २०२६ विशेष रिंग बनाने की घोषणा की है, जिनमें से ३० रिंग विजेता टीमों को दी जाएंगी। शेष १,९९६ रिंग आधिकारिक अनुमति प्राप्त उत्पाद के रूप में विश्व भर के खेलप्रेमियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।

फिफा के अनुसार, १९ जुलाई को होने वाले फाइनल मैच की विजेता टीम को यह ऐतिहासिक रिंग प्रदान की जाएगी। रिंग के एक तरफ फिफा विश्वकप ट्रॉफी की तस्वीर अंकित होगी, जबकि दूसरी तरफ विजेता टीम की पहचान के अनुसार इसे अनुकूलित किया जाएगा। १९ जुलाई को न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी स्टेडियम में फिफा विश्वकप २०२६ के विजेता की घोषणा की जाएगी।

विश्वकप के इतिहास में पहली बार, विजेता टीम को विशेष रूप से निर्मित चैंपियनशिप रिंग दी जाएगी। फिफा ने इन रिंगों को आधिकारिक लाइसेंस प्राप्त उत्पाद के रूप में दुनियाभर के प्रशंसकों के लिए उपलब्ध कराने का इंतजाम किया है। प्रत्येक रिंग पर अलग नंबर होगा, जो आकार के अनुसार तैयार की जाएगी और आधिकारिक प्रमाणपत्र के साथ प्रस्तुत की जाएगी।

फाइनल मैच खत्म होते ही, विजेता टीम के कप्तान और मुख्य कोच को स्मृति स्वरूप अस्थायी रिंग प्रदान की जाएगी। विजेताओं के लिए निर्धारित ३० रिंगों को अनुकूलित कर बाद में आधिकारिक रूप से सौंपा जाएगा, जो इस ऐतिहासिक उपलब्धि को जीवन भर यादगार बनाएंगे।

यूक्रेन में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के खिलाफ प्रदर्शन, रक्षा मंत्री फेडोरोव की बर्खास्तगी के बाद तनाव

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की द्वारा रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को पद से हटाए जाने के बाद नागरिक समाज और सांसदों ने कड़ा विरोध व्यक्त किया है। राजधानी क Kyiv में प्रदर्शनकारियों ने ‘फेडोरोव से दूर रहो’ और ‘जीत में बाधा डालना बंद करो!’ जैसे नारे लगाये।

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने मेजर-जनरल येवेनी खमार को कार्यवाहक रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। १ साउन, काठमाडौं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने अचानक रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को पद से हटाया है। इस फैसले पर नागरिक समाज और संसद के सदस्यों ने कड़ा विरोध किया है।

गुरुवार सुबह राजधानी क Kyiv और अन्य शहरों में युवा इकट्ठा होकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘फेडोरोव से दूर रहो’ और ‘जीत में बाधा डालना बंद करो!’ लिखे पोस्टर थे। उन्होंने ‘शर्म कर!’ के नारे भी लगाए।

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सुरक्षा सेवा (एसबीयू) के कार्यवाहक प्रमुख मेजर-जनरल येवेनी खमार को कार्यवाहक रक्षा मंत्री नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। ज़ेलेंस्की ने खमार का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने तकनीकी युद्ध अभियानों में व्यापक और कई मामलों में अभूतपूर्व अनुभव हासिल किया है।

फीफा विश्वकप 2026 विजेताओं को मिलेगा 7 अरब से अधिक का पुरस्कार

फीफा विश्वकप 2026 के विजेता को 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 7 अरब 70 करोड़ 70 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। फीफा काउंसिल ने 2026 विश्वकप के लिए कुल 65 करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर पुरस्कार राशि निर्धारित की है, जो पिछले कतर विश्वकप की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है। विश्वकप में भाग लेने वाले प्रत्येक राष्ट्र को तैयारी खर्च के रूप में 15 लाख अमेरिकी डॉलर और प्रतियोगिता में चयनित होने पर अतिरिक्त 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

पूर्व विजेता अर्जेंटीना और यूरोपीय चैंपियन स्पेन फीफा विश्वकप 2026 के फाइनल में मुकाबला कर रहे हैं। दोनों टीमें विश्वकप ट्रॉफी जीतने के काफी करीब हैं। सोमवार सुबह 23वें संस्करण के विश्वकप विजेता की घोषणा की जाएगी। चैंपियन टीम को विश्वकप ट्रॉफी के साथ करोड़ों रुपये के पुरस्कार राशि भी मिलेगी। यह राशि अमेरिकी डॉलर में होगी, जो नेपाली रुपये में तब्दील करने पर अरबों में पहुँचती है।

इस बार विश्वकप में टीमों की संख्या 48 होने से पुरस्कार राशि और भाग लेने वाली टीमों को मिलने वाला पैसा बढ़ा है। फीफा काउंसिल ने विश्वकप 2026 के लिए रिकॉर्ड 655 मिलियन (65 करोड़ 50 लाख) अमेरिकी डॉलर पुरस्कार स्वीकृत किया है। विजेता टीम को 50 मिलियन (5 करोड़) अमेरिकी डॉलर पुरस्कार मिलेगा। गुरुवार के विनिमय दर 154.14 रुपये के अनुसार यह राशि लगभग 7 अरब 70 करोड़ 70 लाख रुपये के बराबर है।

कतर विश्वकप में उपाधि जीतने वाली अर्जेंटीना को 4 करोड़ 20 लाख अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार मिला था। उपविजेता को 33 मिलियन (3 करोड़ 30 लाख), तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 29 मिलियन (2 करोड़ 90 लाख), और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को 27 मिलियन (2 करोड़ 70 लाख) अमेरिकी डॉलर प्राप्त होंगे। विश्वकप में केवल विजेता टीमें ही नहीं, बल्कि सभी भाग लेने वाली टीमें पुरस्कार पाएंगी। 48 टीमें नकद पुरस्कार प्राप्त करेंगी।

क्वार्टरफाइनल में बाहर होने वाली टीमों को 19 मिलियन (1 करोड़ 90 लाख), अंतिम 16 चरण से बाहर होने वाली टीमों को 15 मिलियन (1 करोड़ 50 लाख), और राउंड ऑफ 32 से बाहर जाने वाली टीमों को 11 मिलियन (1 करोड़ 10 लाख) अमेरिकी डॉलर दिए जाएंगे। समूह चरण में ही बाहर होने वाली टीमों को भी 9 मिलियन (90 लाख) अमेरिकी डॉलर पुरस्कार मिलेगा। केवल पुरस्कार ही नहीं, विश्वकप में चयनित होकर खेलने वाली टीमों को अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। चयनित हर राष्ट्र को तैयारी खर्च के तौर पर 1.5 मिलियन (15 लाख) अमेरिकी डॉलर और प्रतियोगिता में चयनित टीमों को अतिरिक्त 10 मिलियन (1 करोड़) अमेरिकी डॉलर प्रदान किया जाएगा।

अघिल्लो निर्वाचनमा धाँधलीको आरोपसहित ट्रम्पमाथि चीनले २२ करोड अमेरिकी मतदाताको डाटा चोरी गरे भन्ने ठुलो आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्पले २०२० को राष्ट्रपति निर्वाचनमा धाँधली भएको दाबी गर्दै चीनले २२ करोड मतदाताको डाटा चोरी गरेको गम्भीर आरोप लगाएका छन्। ट्रम्पले अमेरिकी जासुसी तथा सुरक्षा निकायहरूले निर्वाचनको सत्यता लुकाएको आरोप लगाउँदै एफबीआई र सीआईएलाई घटनाको गहिरो अनुसन्धान गर्न निर्देशन दिएका छन्। यद्यपि अमेरिकी सञ्चारमाध्यम र पूर्व अनुसन्धानहरूले ट्रम्पका दाबीहरू पुष्टि नभएको र निर्वाचन नतिजामा कुनै स्पष्ट छेडछाड नभएको बताएका छन्।

डोनाल्ड ट्रम्पले शुक्रबार निर्वाचन सुरक्षालाई लिएर राष्ट्रलाई सम्बोधन गर्दै आफ्नो पुरानो दाबी दोहोर्‍याए कि सन् २०२० को राष्ट्रपति निर्वाचनमा धाँधली गरिएको थियो। उनले अमेरिकी जासुसी संस्थाहरूलाई आक्रमक आरोप लगाउँदै ह्वाइट हाउसबाट केही गोप्य निर्वाचन सुरक्षासम्बन्धी कागजातहरू सार्वजनिक गरे। ट्रम्पले भने कि चीनले २०२० को निर्वाचनमा २२ करोड अमेरिकी मतदाताको डाटा चोरी गरेको छ। उनले आफ्नो सम्बोधनमा करिब २ लाख ७८ हजार गैर-नागरिक मतदाता दर्ता भएको आरोप लगाउँदै अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) को तथ्यांक उद्धृत गरे।

ट्रम्पले भोट मेसिनलाई साइबर आक्रमणको जोखिममा देखाउँदै रूस, चीन, इरान र उत्तर कोरियालाई सम्भावित खतरा भने। उनले राष्ट्रिय जासुसी निर्देशक, एफबीआई, सीआईए र न्याय विभागलाई निर्वाचन सुरक्षासम्बन्धी डाटा सार्वजनिक भएको विषयमा सबैभन्दा गहिरो अनुसन्धान गर्न र दोषीमाथि आपराधिक कारबाही गर्न निर्देशन दिएका छन्। ट्रम्पले मुख्य अमेरिकी मिडियामाथि पनि आक्रमण गर्दै एनबीसी र एबीसीले उनको सम्बोधन प्रत्यक्ष प्रसारण नगरेको भन्दै तीव्र आलोचना गरे।

ट्रम्पले चीनबाट डाटा चोरी र जासुसी संस्थामाथि आरोप लगाउँदै भनेका छन् कि चीनले अमेरिकाका १८ राज्यसँग सम्बन्धित २२ करोड मतदाताको नाम, ठेगाना, फोन नम्बर र राजनीतिक दल सदस्यतासहित संवेदनशील डाटा चोरेको छ। उनले यसलाई अमेरिकी निर्वाचन इतिहासकै सबैभन्दा ठूलो साइबर आक्रमण ठाने। तर अमेरिकी सञ्चार माध्यम र पूर्व अनुसन्धानहरूले यी आरोपहरूलाई पूर्ण रूपमा पुष्टि गर्न नसकेको उल्लेख गरेका छन्।

अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए ट्रम्प प्रशासन द्वारा नई सख्त वीजा नीति लागू

संयुक्त राज्य अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन ने विदेशी छात्रों के लिए नई सख्त नियमों की घोषणा की है। नए नियमों के अनुसार, विदेशी छात्र संघीय सरकार की अनुमति के बिना चार वर्षों से अधिक समय तक अमेरिका में नहीं रह सकेंगे। साथ ही, पाठ्यक्रम के अंतर्गत कार्यक्रमों में बदलाव और एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय में स्थानांतरण पर अब कड़ी पाबंदी लागू होगी। फिलहाल अमेरिका के उच्च शिक्षा संस्थान छात्रों की वीजा अवधि बढ़ाने का अधिकार रखते हैं।

यह नई नीति सितंबर माह से लागू की जाएगी। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग का कहना है कि यह “वीजा के दुरुपयोग को रोकने और नियमित निगरानी के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने” के लिए है। लेकिन एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल एजुकेटर्स ने इस नई नीति को “अनावश्यक और गलत दिशा निर्देश” बताते हुए इसकी आलोचना की है। पहले एफ-1 और जे-1 एक्सचेंज वीजा धारक विदेशी छात्रों को डिग्री पूरी होने तक वीजा जारी किया जाता था, लेकिन नए नियम में इस अवधि के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है।

होमलैंड सिक्योरिटी के सेक्रेटरी मार्क्वेन मलिन ने कहा, “दशकों से विदेशी छात्रों को अनिश्चितकाल के लिए अमेरिका में रहने की अनुमति दी गई थी, जिससे हजारों लोग हमारे अप्रवासन प्रणाली का दुरुपयोग करते हुए विभिन्न कोर्सों में लगातार दाखिला लेकर अनिश्चितकाल तक अमेरिका में रह रहे थे।”

नए नियम के अनुसार, विदेशी छात्रों को स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद देश लौटने या अन्य वीजा प्रकार प्राप्त करने के लिए मात्र 30 दिन का समय मिलेगा, जबकि पहले यह अवधि 60 दिन थी। अमेरिका के अध्ययन संस्थानों को परामर्श देने वाली गैर-लाभकारी संस्था एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल एजुकेटर्स (naFSA) ने इस नियम की कड़ी आलोचना की है। संस्था की प्रमुख कार्यकारी फांटा अवाले ने कहा, “नई नीति ने लंबे समय से प्रभावी रूप से क्रियान्वित प्रणाली में अनिश्चितता, स्टाफिंग संबंधी समस्याएं और भय पैदा कर दिया है। यह समस्या उत्पन्न कर समाधान खोजने का नीति दृष्टिकोण है।”

बालेन शाह: नेपाललाई विवाह गन्तव्य के रूप में ब्रांडिंग करने की प्रतिज्ञा के बाद उठे सवाल

नेपाल को ‘विवाह गन्तव्य’ के रूप में भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए निजी क्षेत्र ने कुछ नीतिगत चुनौतियों को सुलझाने की आवश्यकता बताई है, वहीं सरकार ने इसके लिए सहजीकरण का प्रतिवद्धता जताई है। इसी सप्ताह प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह ‘बालेन’ से मिलने पर होटल व्यवसायी संघ के प्रतिनिधियों ने भारतीय जोड़ों को गहनों सहित सामग्री लाने की प्रक्रिया को सरल बनाने का आग्रह किया था। प्रधानमंत्री ने चुनावी अभियान के दौरान जनकपुर को विवाह गन्तव्य के रूप में ‘ब्रांडिंग’ करने का वादा किया था और आगामी आर्थिक वर्ष के बजट में भी उसी उद्देश्य के तहत एक बिंदु शामिल किया गया है।

स्थानीय व्यवसायियों ने जनकपुर में विवाह पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा पर्याप्त कार्य न किए जाने की आलोचना की है, जबकि अधिकारियों ने नेपाल और भारत के विभिन्न स्थानों में प्रचारात्मक कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी दी है और इस वर्ष उन कार्यक्रमों को जारी रखने का दावा किया है। पिछले वर्षों में विभिन्न पर्यटन केंद्रों में विदेशी लोगों द्वारा अंगूठी बदलकर विवाह करने की खबरें प्रचलित थीं। हाल के वर्षों में काठमांडू, सौराहा, पोखरा जैसे पर्यटन स्थलों और भारत के पश्चिम बंगाल, बिहार तथा उत्तर प्रदेश से सटी नेपाली शहरों में भी ऐसे विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं, अधिकारियों ने बताया।

प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह ‘बालेन’ ने जनकपुर में संबोधन करते हुए कहा कि नेपाली लोग भारत के जयपुर एवं इंडोनेशिया के बाली में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए जाते हैं। इसी सप्ताह सम्पन्न बजट भाषण में अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने भी जनकपुर को विवाह गन्तव्य के रूप में ब्रांडिंग करने की योजना प्रस्तुत की थी। लेकिन, निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों का कहना है कि नीतिगत अस्पष्टताएं अभी भी बनी हुई हैं और नेपाल को विवाह पर्यटन गन्तव्य के रूप में विकसित करने के लिए सरकार को और कदम उठाने होंगे।

होटल संघ नेपाल के उपाध्यक्ष दिनेश तुलाधर ने कहा, “भारतीय लोगों को यहाँ के विवाह गन्तव्यों के प्रति काफी आकर्षण है। कानूनी जटिलताओं के विषय में हमने प्रधानमंत्री को सूचित भी किया था।” जनकपुरधाम उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष सुरेन्द्रकुमार भण्डारी ने बताया, “प्रधानमंत्री ने जो कहा है, वह सही है, पर व्यवहारिक रूप से १०० प्रतिशत में एक प्रतिशत भी काम पूरा नहीं हुआ है।” उन्होंने कहा कि जनकपुर को विवाह पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने का कार्य उल्लेखनीय रूप से आगे नहीं बढ़ा है।

मानव साल: अस्पताल का कचरा या चमत्कारी दवा? क्यों होती है इसकी तस्करी?

साल से जुड़ा भ्रूण का कंप्यूटर जनित चित्र

तस्वीर स्रोत, Sebastian Kaulitzki/Science Photo Library

तस्वीर का कैप्शन, साल गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय के अंदर विकसित होने वाला अस्थायी अंग होता है, जो गर्भ में पल रहे बच्चे की जीवन रक्षा करता है
  • चेतावनी: इस लेख में मानव ऊतकों से जुड़े संवेदनशील चित्र शामिल हैं।

पाकिस्तान में अस्पतालों से मानव साल की तस्करी हो रही है और इसे वृद्धावस्था कम करने वाली ‘एन्टी-एजिंग’ इंजेक्शन बनाने में इस्तेमाल किए जाने की आशंका पर एक गिरोह की जांच हो रही है।

यहां की फेडरल जांच एजेंसी (एफआईए) ने आरोप लगाया है कि उक्त गिरोह हर महीने विभिन्न अस्पतालों से लगभग 200 किलो मानव साल खरीदता है।

एफआईए के अनुसार, वे साल को सुखाकर संसाधित करते हैं और फिर उसे विदेश भेजते हैं।

पिछले महीने के अंत में राजधानी इस्लामाबाद में की गई कार्रवाई में अधिकारियों ने एक अवैध प्रसंस्करण केंद्र से लगभग 500 किलो मानव साल बरामद किया और पांच लोगों को गिरफ्तार किया।

एफआईए द्वारा जारी तस्वीरों में एक घर के अंदर ट्रॉली के खांचे में रखे बर्तनों में सूखे साल रखे हुए दिखे। उस घर को “साल भंडारण एवं प्रसंस्करण केंद्र” में बदला गया था।

एफआईए द्वारा जारी तस्वीर जिसमें ट्रॉली पर रखे बर्तनों में साल रखा गया है

तस्वीर स्रोत, FIA

तस्वीर का कैप्शन, पाकिस्तान में मानव अंग व्यापार करने वालों को 10 साल तक की सजा हो सकती है

पाकिस्तान की ‘ह्यूमन ऑर्गन ट्रांसप्लांट अथॉरिटी’ की अधिकारी हिना कव्वाल ने बताया कि पकड़े गए लोग इस्लामाबाद और रावलपिंडी के अस्पतालों से लगभग 2.90 अमेरिकी डॉलर के साल खरीदते थे। यह अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव नहीं होता।

एफआईए के अनुसार जमा किए गए साल को निर्यात कर ‘एन्टी-एजिंग’ इंजेक्शन बनाने में इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी कीमत प्रति इंजेक्शन 2,530 अमेरिकी डॉलर तक होती है।

कव्वाल के अनुसार ‘कॉस्मेटिक सर्जरी’ में मानव साल की बड़ी मांग होने के कारण इसकी अवैध खरीद-बिक्री बढ़ी है।

व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए मानव अंग संग्रहित करने वाले पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और 3600 अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना हो सकता है।

एफआईए ने बताया कि उक्त गिरोह का नेटवर्क लाहौर और पेशावर तक फैला हुआ है। संदेहास्पद जुड़े होने के चलते आव्रजन अधिकारी, कचरा प्रबंधन कंपनी और अस्पतालों की भी जांच चल रही है।

एफआईए द्वारा जारी पांच आरोपियों की तस्वीर

तस्वीर स्रोत, FIA

तस्वीर का कैप्शन, शुरू में आरोपियों ने भेड़ के साल होने का दावा किया था

एफआईए पहले भी गैरकानूनी मानव अंग प्रत्यारोपण के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है, लेकिन इस मामले में मानव साल व्यापार में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क मिलने का यह पहला मौका है।

गिरफ्तार लोगों ने शुरू में भेड़ का साल प्रसंस्कृत करने की बात कही, बाद में पूछताछ में मानव साल होने की बात स्वीकार की।

अगली कार्रवाई में इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वियतनाम ले जा रहे 100 किलो मानव साल बरामद हुआ। वियतनाम में मानव साल का उपयोग प्रतिबंधित है, पशु का साल बनाया जा सकता है।

इस मामले में अब तक 9 लोगों को साल कारोबार में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और वे सभी हिरासत में हैं।

एफआईए के बरामद साल की तस्वीर

तस्वीर स्रोत, FIA

तस्वीर का कैप्शन, कार्रवाई में विभिन्न अवस्थाओं के साल जब्त किए गए हैं

पाकिस्तान की स्त्री एवं प्रसूति विशेषज्ञ सदफ तारिक ने मानव साल को “अत्यधिक संक्रामक चिकित्सकीय कचरा” कहा है और इसकी देखरेख के लिए सख्त नियम लागू होने की बात कही है।

शिशु जन्मने के बाद साल अलग किया जाता है और ‘प्लेसेंटा’ लिखे पीले थैले में अच्छी तरह बंद कर अस्पताल के ठंडे भंडार कक्ष में रख दिया जाता है।

साल को 24 घंटे तक सुरक्षित रखा जा सकता है, उसके बाद उसे जलाकर नष्ट किया जाता है। सरकारी और निजी अस्पताल इस प्रक्रिया का सख्ती से पालन करते हैं।

पारंपरिक चिकित्सा में मानव साल का उपयोग

साल वह अस्थायी अंग है जो गर्भावस्था में गर्भाशय की दीवार पर विकसित होता है और बच्चे की जीवन रक्षा करता है।

यह नाल की तरह बच्चे से जुड़ा रहता है और ऑक्सीजन तथा पोषक तत्व पहुंचाने के साथ अपशिष्ट पदार्थों को हटाने का काम करता है।

प्राकृतिक जन्म के दौरान यह साल भी शरीर से बाहर निकलता है; सिजेरियन ऑपरेशन में इसे बाहर निकाला जाता है।

स्वास्थ्य कर्मी के हाथ में नवजात शिशु

तस्वीर स्रोत, Getty Images

तस्वीर का कैप्शन, स्त्री रोग विशेषज्ञ कहते हैं, बिना संसाधित साल खाने से बच्चे में वायरस संक्रमण हो सकता है

कुछ लोग साल को प्रोटीन, आयरन और वसा से समृद्ध मानते हैं और इसे वयस्कों के लिए भी पोषणयुक्त समझते हैं।

सदियों से विभिन्न संस्कृतियों में पारंपरिक चिकित्सा में साल से निकाले गए रस का उपयोग होता आ रहा है।

अमेरिका की बाजार अनुसंधान कंपनी ‘पोलारिस’ ने वैश्विक स्तर पर इसके वैध कारोबार को 2034 तक 1.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर पहुँचने का अनुमान लगाया है।

पोलारिस के वरिष्ठ विश्लेषक नितिन ताम्बे ने कहा है कि मानव साल में चिकित्सकीय नवाचार और कॉस्मेटिक उपचार की बड़ी संभावनाएं हैं।

मानव साल

तस्वीर स्रोत, Paola Tellez/Getty Images

तस्वीर का कैप्शन, मानव साल वृद्धावस्था रोकने में स्पष्ट प्रभाव नहीं दिखता

यह आश्चर्यजनक है कि जीवन की शुरुआती चरण की रक्षा करने वाला साल वृद्धावस्था से जुड़ी समस्याओं में उपयोग किया जाता है, जैसे:

  • बाल झड़ना
  • बाल पतले होना
  • रजोनिवृत्ति
  • बांझपन
  • शरीर में दर्द

मानव साल में महिला हार्मोन (इस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिनसे कई दवाएं बनती हैं। कुछ दवाएं प्रसूति के बाद के अवसाद के उपचार में भी उपयोग होती हैं।

इसके अलावा ऑटोइम्यून रोग, स्ट्रोक, क्रोनिक थकान, पार्किंसंस, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, जिगर की बीमारियां, क्रोन्स रोग और कुछ कैंसर के उपचार में सीमित सफलता के साथ इसका उपयोग हो रहा है।

तारिक कहती हैं, “अनुसंधान दिखाते हैं कि आयरन स्तर बढ़ाने वाली और प्रसूति के बाद खून की कमी के लिए बनाई जाने वाली दवाओं में भी साल उपयोग हो सकता है।”

‘प्लेसेंटा’ को चक्की और इंजेक्शन के रूप में विकसित किया जा सकता है और यह तंतुओं के पुनर्निर्माण में मददगार साबित हो सकता है।

साल की आंतरिक परत में ‘ग्रोथ फैक्टर’ होता है जो गंभीर घाव, जलन, अल्सर और आंख की चोट में शल्यचिकित्सा उपचार के लिए उपयोग होता है।

हालांकि, इन प्रथाओं के वैज्ञानिक आधार और वैश्विक नियम अभी एक समान नहीं हैं।

जापानी कंपनी जापान बायो प्रोडक्ट्स (जेबीपी) 100% प्लेसेंटा पाउडर से बने कैप्सूल एशिया के कई देशों में पोषण पूरक के रूप में निर्यात करती है। कुछ उत्पाद मानव साल से, कुछ सूअर या घोड़े के साल से बनाए गए हैं।

जेबीपी के क्षेत्रीय प्रबंधक विन्स्टन ओई कहते हैं, “एशियाई लोग साल आधारित उत्पादों के प्रति खुले हैं, खासकर कुछ चीनी जिनकी परंपरा में साल का सेवन शामिल है।”

“ऑनलाइन जानकारी बढ़ने के साथ लोगों में इन उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ी है और मांग भी बढ़ी है,” ओई ने कहा।

चीन में मानव साल का अवैध व्यापार

चीन में पेशेवर खरीद-फरोख्त पर रोक हैं, लेकिन भूमिगत बाजार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ताजे मानव साल का अवैध व्यापार जारी है।

एक ऑनलाइन व्यापारी ने बताया कि वह एक मानव साल को 50 अमेरिकी डॉलर से अधिक में बेचता है।

उन्होंने कहा, “अगर ज्यादा खरीदने वाला हो तो 40 डॉलर में भी दे सकता हूं। हम प्रति किलो 30 डॉलर में कच्चा साल खरीदते हैं।”

कानूनी विशेषज्ञ झांग के अनुसार पकड़े गए अधिकांश लोगों को कम जुर्माना लगाया जाता है, जो उनकी अवैध कमाई के मुकाबले पांच गुना कम होता है।

“अगर जुर्माना 50 गुना बढ़ाया जाए तो वे इस तरह का काम करने से पहले जरूर सोचेंगे।”

एक चीनी पारंपरिक चिकित्सक याओ के अनुसार प्राचीन चीनी चिकित्सा में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के इलाज के लिए मानव साल का उपयोग होता था।

साल के पाउडर की कैप्सूल

तस्वीर स्रोत, Tribune News Service via Getty Images

तस्वीर का कैप्शन, कुछ कंपनियां मानव साल को सुखाकर पाउडर बनाकर नई माताओं को कैप्सूल के रूप में उपलब्ध कराती हैं

लेकिन शंघाई पीपुल्स अस्पताल की डॉक्टर होंग जोंगसांग कहती हैं, “गंदा साल खाने से एचआईवी, हेपाटाइटिस बी और सिफलिस जैसे संक्रमण हो सकते हैं।”

उनके अनुसार कई नई माताएं अपना साल नष्ट करने की बजाय घर ले जाकर सेवन करना चुनती हैं।

एक नवजात शिशु की मां बताती हैं कि उनकी मां और सास उनकी साल खाने को कहती थीं, जिसे वह मना करती हैं।

एक अन्य महिला ने अस्पताल के पास दुकान में लगभग 7 अमेरिकी डॉलर देकर अपने साल को पाउडर बनाकर कैप्सूल में बदला।

उन्होंने बताया कि उन्होंने यह अपने ससुर के कमजोर स्वास्थ्य में सुधार के लिए किया था।

पूर्वी चीन में कुछ महिलाएं ऑनलाइन विज्ञापन की कड़ी निगरानी के कारण व्यवसाय में दिक्कतों की शिकायत कर रही हैं।

फिर भी वास्तविक मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।

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दक्षिण चीन सागर विवाद के समाधान के लिए नए मध्यस्थता प्रयास

दक्षिण चीन सागर से जुड़ी ऐतिहासिक मध्यस्थता फैसले को 10 साल पूरे होने के बावजूद इसका क्रियान्वयन नहीं हो सका है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ता जा रहा है। 2016 में हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने चीन के व्यापक समुद्री दावे को खारिज करते हुए फिलिपींस के सार्वभौम अधिकारों को मान्यता दी थी। चीन ने इस निर्णय को अस्वीकार किया है जबकि अमेरिका समेत 14 देशों ने इसे कानूनी रूप से बाध्यकारी और अंतिम फैसला माना है।

दक्षिण चीन सागर विवाद लंबे समय से जारी है। 1947 में चीन की तत्कालीन राष्ट्रवादी सरकार ने 11 डैश वाले नक्शे को पहली बार सार्वजनिक किया था। बाद में ‘नाइन-डैश लाइन’ प्रचलित हुई, जो एक निरंतर रेखा नहीं बल्कि नौ अलग-अलग डैश को जोड़ती है। यह लगभग 3.5 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करती है, जो दक्षिण चीन सागर के लगभग 90% भाग के बराबर है।

फिलिपींस की सॉलिसिटर-जनरल डार्लिन मैरी बर्बेराबे के अनुसार, 2016 के फैसले ने फिलिपींस के तटीय क्षेत्रों में मछली पकड़ने के कानूनी अधिकारों को फिलिपींस का मान्यता दी है। इसी कारण फिलिपींस और चीन के बीच जहाजों की झड़पें तेज हुई हैं। 12 जुलाई 2026 को फिलिपींस मध्यस्थता फैसले का 10वां वार्षिकोत्सव मनाते हुए अमेरिका सहित 14 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर इस फैसले को कानूनी रूप से बाध्यकारी और अंतिम निर्णय माना है।

चीन के विदेश मंत्रालय ने फैसले के 10वें वार्षिकोत्सव पर कुछ देशों द्वारा प्रचार-प्रसार पर कड़ी नाराजगी जताई है और आरोप लगाया है कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है तथा समस्या समाधान के बजाय तनाव ही बढ़ाता है। चीनी गृह मंत्रालय समर्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर साउथ चाइना सी स्टडीज के शोधकर्ता चेन सियांगमियाओ ने विवाद को सुलझाने के लिए सद्भावना और सहयोग आवश्यक बताया है।

गवर्नर ने कहा: वित्त नीति के समर्थन के बिना केवल ऋण विस्तार से संपत्ति मूल्य में वृद्धि होती है

नेपाल राष्ट्र बैंक के गवर्नर प्रा.डा. विश्वनाथ पौडेल ने मौद्रिक नीति द्वारा ऋण विस्तार के कारण संपत्ति के मूल्य में वृद्धि होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वित्त नीति के निश्चित आधार पर ही मौद्रिक नीति के माध्यम से ऋण निवेश का विस्तार करने से प्रभावी परिणाम प्राप्त होंगे। गवर्नर पौडेल ने कहा, “मौद्रिक नीति का मुख्य मंडेट आर्थिक स्थिरता है” और मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए सरकार प्रयासरत है। ३२ असार, काठमाडौं।

गवर्नर पौडेल ने मौद्रिक नीति के माध्यम से ऋण विस्तार कर तरलता प्रबंधन करने का प्रयास करने पर केवल संपत्ति के मूल्य में वृद्धि होने की बात कही। उन्होंने कहा कि वित्त नीति के निश्चित आधार पर ही ऋण निवेश विस्तार करना चाहिए जिससे प्रबंधन में सहजता आएगी। मौद्रिक नीति पर पर्याप्त चर्चा किए बिना शेयर बाजार और अचल संपत्ति जैसे विषयों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए, इस पर उन्होंने ज़ोर दिया।

गुरुवार पूर्व योजना मंच नेपाल के कार्यक्रम में संबोधित करते हुए गवर्नर पौडेल ने बजट और मौद्रिक नीति में बड़े अंतर होने के तथ्य प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा, “मूल्य वृद्धि अंतरराष्ट्रीय कारणों से उत्पन्न होती है, इसे पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सकता, लेकिन प्रयास किया जा सकता है।” आगामी आर्थिक वर्ष की मौद्रिक नीति में किए गए संरचनात्मक परिवर्तन ने शेयर बाजार में मैनुपुलेशन की समस्या को हल किया है, उनका कथन है।

गवर्नर पौडेल ने मौद्रिक नीति का मुख्य उद्देश्य नीतिगत दरों पर केंद्रित रहने की बात कही और इसके माध्यम से तरलता प्रबंधन होता है, लेकिन इसके लिए वित्त नीति पर निर्भर रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “केवल मौद्रिक नीति द्वारा ऋण की सहूलियत देने पर संपत्ति के मूल्य में ही वृद्धि होती है।” वर्तमान में वित्तीय प्रणाली में पर्याप्त तरलता उपलब्ध होने की जानकारी भी उन्होंने दी।

उद्योग वाणिज्य महासंघ के तहत रोजगारदाता परिषद् का गठन प्रक्रिया पूरी हुई

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के तहत रोजगारदाता परिषद् का गठन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। महासंघ के अध्यक्ष अञ्जन श्रेष्ठ ने श्रम क्षेत्र में सुधार के लिए परिषद को नीतिगत पैरवी करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। बैठक में बाबुकाजी कार्की को रोजगारदाता परिषद के उपसभापति के रूप में सर्वसम्मत रूप से मनोनीत किया गया है। ३२ असार, काठमाडौं।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के अंतर्गत निजी क्षेत्र की श्रम एवं रोजगार से संबंधित नीति, सामाजिक संवाद एवं रोजगारदाता हितों का प्रतिनिधित्व करने वाला मुख्य संस्थागत संयंत्र रोजगारदाता परिषद् की स्थापना की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। आज महासंघ सचिवालय टेकु में आयोजित रोजगारदाता परिषद् की पहली बैठक में परिषद के सभापति प्रबलजंग पाण्डे की अध्यक्षता में गठित सदस्य को महासंघ अध्यक्ष अञ्जन श्रेष्ठ ने मनोनयन पत्र सौंपे।

अध्यक्ष श्रेष्ठ ने कहा कि श्रम और रोजगार क्षेत्र में सुधार, सुदृढ़ीकरण और उद्योग-व्यवसाय-मैत्री श्रम संबंध स्थापित करने में रोजगारदाता परिषद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि न्यूनतम पारिश्रमिक क्षेत्रगत आधार पर निर्धारित करने के विषय में मंत्रालय स्तर पर चर्चा जारी है। परिषद के सदस्यों ने निजी क्षेत्र की साझा धारणा तैयार कर प्रभावी नीतिगत पैरवी करने का आग्रह किया।

बैठक में महासंघ के विधान २०४९ (सातवाँ संशोधन) की धारा ४३.१ के अनुसार निर्वाचित एसोसिएट सदस्यों में से एक को उपसभापति के रूप में मनोनित करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत बाबुकाजी कार्की को उपसभापति पद के लिए सर्वसम्मत मंजूरी दी गई है। परिषद उद्योग-व्यवसाय-मैत्री श्रम वातावरण का निर्माण, निवेश और उद्यमशीलता के प्रचार-प्रसार, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता के विकास तथा सामाजिक न्याय समेत श्रम संबंधों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

केन्जो फूलों से सजी तिम्बुङ पोखरी में पर्यटकों की बढ़ती चहलपहल

पाँचथर और ताप्लेजुङ की सीमा पर स्थित तिम्बुङ पोखरी में पिरामिड आकार के केन्जो फूल खिलने के साथ ही यहां पर्यटकों की चहलपहल बढ़ने लगी है। समुद्र तल से 3335 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था का केंद्र बनता जा रहा है। स्थानीय पर्यटन व्यवसायी अमिर राई के अनुसार, पर्यटकों के आगमन के कारण यहां के होमस्टे व्यस्त हो रहे हैं और पदयात्रा का शौक रखने वाले लोगों के लिए यह क्षेत्र एक उत्कृष्ट गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है। 32 असार, पाँचथर।

तिम्बुङ पोखरी अब फिर से पर्यटकों का मुख्य आकर्षण बन गया है। मानसून के साथ यहां पिरामिड आकार के केन्जो फूल खिलने से यह हिमालयी स्थल नई पहचान हासिल कर रहा है। हरियाली से भरे डाँडाकाँड़े, ठंडी हवा, खुले खर्क और हिमालयी जीवनशैली से सजी यह जगह अब प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनोखा गंतव्य बन गई है। यहां आने वाले यात्रियों का प्रकृति खुले दिल से स्वागत करती है। चारों ओर फैले हरे-भरे पहाड़, कुहिरो की छटा, खुले लेकाली खर्क और बीच में स्थित शांत पोखरी इस क्षेत्र के वातावरण को जीवंत बनाते हैं।

तिम्बुङ क्षेत्र का एक प्रमुख आकर्षण केन्जो फूल है। पिरामिड आकार के ये फूल पहाड़ों को रंगीन कर देते हैं। इनके खिलने के साथ ही तिम्बुङ का घूमने का मुख्य मौसम भी शुरू हो जाता है। स्थानीय पर्यटन व्यवसायी अमिर राई के मुताबिक, नेपाल के विभिन्न जिलों के साथ-साथ भारत के सिक्किम से भी पर्यटकों का आना लगातार जारी है। तिम्बुङ की लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है और हर साल नए पर्यटक यहां आते हैं। तिम्बुङ केवल प्राकृतिक सौंदर्य का स्थल ही नहीं बल्कि धार्मिक आस्था और परंपरा का भी केन्द्र है। स्थानीय समुदाय यहां पोखरी में पूजा–आराधना की परंपरा आज भी कायम रखे हुए हैं।

गोरखा सहकारीमा ४ अर्ब १२ करोड अपचलन, गैरसदस्यका नाममा ७८ करोड हिनामिना

गोरखा सहकारीमा ४ अर्ब १२ करोडभन्दा बढी रकममा ठगी, गैरसदस्यका नाममा ७८ करोड ऋण असुली

गोरखा बचत तथा ऋण सहकारी संस्थाका सञ्चालकहरूले ४ अर्ब १२ करोड रुपैयाँभन्दा बढी रकममा ठगी गरेका छन्। सरकारले सहकारी ठगी प्रकरणमा संलग्न चार जनालाई पक्राउ गरिसकेको छ, जसमा अध्यक्ष इमानसिंह राई र प्रमुख कार्यकारी अधिकृत लालबहादुर क्षेत्री पनि रहेका छन्। सहकारीको कर्जा लगानी १ खर्ब ५२ करोड ४० लाख र बचतकर्ता संख्या ३१ हजार ८ रहेको समितिले जनाएको छ।

समस्याग्रस्त सहकारी व्यवस्थापन समितिका अनुसार सञ्चालकहरू तेजबहादुर तामाङ, डीबी बम्जन लगायतले उक्त रकम दुरुपयोग गरेको तथ्य बाहिर आएको छ। जनआन्दोलनपछि नयाँ जनादेश ल्याएको सरकार बालेन्द्र साहको नेतृत्वमा शुक्रबार गोरखा सहकारीसँग सम्बन्धित चार जनालाई सहकारी ठगीको अभियोगमा पक्राउ गरिएको छ। पक्राउ पर्नेहरूमा सहकारी अध्यक्ष ६१ वर्षीय इमानसिंह राई, प्रमुख कार्यकारी अधिकृत लालबहादुर क्षेत्री, अविनकुमार राई र पूर्वलेखा सदस्य कर्णबहादुर राई रहेका छन्।

गोरखा सहकारीको कुल बचत (ब्याजसहित) ४ अर्ब १४ करोड १३ लाख रुपैयाँ रहेको छ भने कुल कर्जा (ब्याज र जरिवाना सहित) ४ अर्ब ४६ करोड ४० लाख रुपैयाँ रहेको समितिले जनाएको छ। सञ्चालक र तिनका परिवारले सहकारीबाट लिएको ऋण वर्षौंसम्म नतिर्दा संस्थामा समस्या आएको छ। डीबी बम्जन र उनका दाइ तेजबहादुर बम्जन, जो सहकारीका सदस्य होइनन्, उनीहरूले लिएको ऋण वर्षौंदेखि फिर्ता नगर्दा समस्या देखिएको छ।

सहकारीमा डमी ऋणी देखिएका कुल ऋणको करिब ७० प्रतिशतभन्दा बढी उपयोग गरिएको छ। कुनै ऋण नै नियमित रूपमा भुक्तानी भैरहेको छैन। लामो समयदेखि ऋणको मूलधन मात्र नभएर ब्याज समेत नतिर्दा समस्याहरू देखिएको समितिको प्रतिवेदनमा उल्लेख छ।