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लेखक: space4knews

महिला वॉलीबॉल में नेपाल और भारत के बीच ‘प्रतिस्पर्धा’

महिला वॉलीबॉल में हाल ही में नेपाल और भारत के बीच ‘प्रतिस्पर्धा’ काफी चर्चा में रही है। एक समय ऐसा था जब भारत को एक सेट जितना भी मुश्किल समझा जाता था, लेकिन अब तक नेपाल भारत को पराजित करने में सफल रहा है।

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा सहित।

  • नेपाली महिला वॉलीबॉल टीम काठमांडू में 8 से 15 जेठ तक आयोजित होने वाली कावा वुमंस वॉलीबॉल चैंपियनशिप 2026 में भारत के साथ अपना पहला मैच खेलेगी।
  • नेपाल ने 2024 में घरेलू कोर्ट पर कावा नेशंस लीग लीग चरण में भारत को 3-2 से हराया था, लेकिन आखिरी में वह हार गया था।
  • टीम में कई नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है और कोच जगदीश भट्ट घरेलू मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।

31 वैशाख, काठमांडू। परिचित प्रतिद्वंदी भारत के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करते हुए नेपाली महिला वॉलीबॉल टीम घरेलू मैदान पर होने वाली कावा वुमंस वॉलीबॉल चैंपियनशिप 2026 की शुरुआत करेगी।

सेंट्रल एशिया वॉलीबॉल एसोसिएशन (कावा) द्वारा जारी मैच तालिका के अनुसार, नेपाल और भारत के साथ किर्गिस्तान और मालदीव भी समूह ए में हैं। प्रतियोगिता में कुल आठ टीम भाग ले रही हैं, समूह बी में ईरान, कजाखस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश शामिल हैं।

हाल के कावा टूर्नामेंट में नेपाल ने नियमित तौर पर भारत से मुकाबला किया है। साथ ही दक्षिण एशियाई खेल और एशियाई खेलों में भी दोनों देशों के बीच कड़ी टक्कर होती रही है।

महिला वॉलीबॉल में अब नेपाल और भारत के बीच प्रतिस्पर्धा जोर पकड़ चुकी है। पहले भारत को एक सेट जीतना भी नेपाल के लिए कठिन था, परंतु अब नेपाल नियमित मैचों में भारत के खिलाफ सेट जीतने के साथ-साथ भारत को हराने में भी सफल रहा है।

दो साल पहले नेपाल ने घरेलू कोर्ट पर कावा नेशंस लीग में भारत को हराया था। इस बार 8 से 15 जेठ तक घरेलू मैदान पर कावा वुमंस वॉलीबॉल चैंपियनशिप आयोजित होने जा रही है, जहां नेपाल और भारत का मैच निश्चित है।

इसी समूह में शामिल ये दोनों टीमें पहला मुकाबला आमने-सामने खेलेंगी। दोनों के लिए सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पहला मैच निर्णायक होगा, और नेपाल इस मैच को जीतने का लक्ष्य रखता है।

पहले मुकाबले में भारत से खेलने के लिए नेपाली टीम और उसके समर्थक काफी उत्साहित हैं। कोच जगदीश भट्ट ने कहा, ‘पहले मैच में भारत से खेलना इस प्रतियोगिता को और भी लोकप्रिय और रोमांचक बनाता है।’

भट्ट ने आगे कहा, ‘पहले मैच में भारत से खेलना दर्शकों की संख्या बढ़ाएगा और नेपाल के राष्ट्रीय खेल वॉलीबॉल को बढ़ावा देने में मदद करेगा।’

प्रशिक्षक भट्ट ने बताया, ‘पहले मैच में घरेलू कोर्ट पर भारत से खेलना नेपाल के लिए फायदेमंद होगा। विदेशों में मजबूत टीमों के खिलाफ खेलना कठिन होता है, लेकिन घरेलू मैदान पर पहले ही मैच में मजबूर टीम से मुकाबला अच्छा रहता है। अगर पहले मैच में भारत को हराया तो हमारा मनोबल बढ़ेगा।’

घरेलू कोर्ट में पहले मैच में भारत से मुकाबला होने के कारण दबाव भारतीय टीम पर अधिक होगा, कोच श्रेष्ठ ने कहा, ‘वे अलग-अलग जगह से तैयारी करके आते हैं और फिर खेलना पड़ता है, इसलिए भारत को ज्यादा दबाव होगा। नेपाल को घरेलू कोर्ट का फायदा मिलेगा।’

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भारत के लिए भी पूर्व में नेपाली कोर्ट ही शुभ रहा है। भारत ने 2019 में दशरथ रंगशाला कवरड हॉल में नेपाल को हराकर 13वें साग की ट्रॉफी जीती थी। इसी प्रकार 2024 में कावा नेशंस लीग फाइनल में भी भारत ने नेपाल को हराया था। दोनों फाइनल रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक थे, जिसमें नेपाल थोड़े अंतर से खिताब जीतने से चूक गया था।

नेपाली महिला वॉलीबॉल टीम उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रारंभिक 20 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण शिविर से टीम का चयन घटाकर अब 16 खिलाड़ियों तक कर दिया गया है। अंतिम दल जल्द ही घोषित किया जाएगा।

प्रशिक्षक जगदीश भट्ट टीम का मार्गदर्शन कर रहे हैं, जबकि रूपेश विष्ट और लोकेश बुढ़ा सहायक के रूप में कार्यरत हैं। खिलाड़ी भी घरेलू मैदान पर खेलने को लेकर उत्साहित हैं।

भारत से पहले मुकाबला खेलने के कारण नेपाली खिलाड़ी भी उत्साहित और तैयार हैं, भट्ट ने कहा। ‘खिलाड़ीयों का मनोबल अच्छा है। भारत से पहला मैच होने के कारण घरेलू मैदान पर नेपाल को बढ़त मिलेगी, ऐसा हमारा मानना है।’

इस बार नियमित कप्तान अरुणा शाही समेत कुछ वरिष्ठ खिलाड़ी नेपाली टीम में नहीं हैं। इसके कारण नए खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में खेलने का सुनहरा मौका मिला है। निरुता ठगुन्ना, उषा भंडारी, सलिना श्रेष्ठ, कामना विष्ट, सुमित्रा रेग्मी जैसी खिलाड़ी अब टीम की अनुभवी सदस्य हैं।

नई खिलाड़ियों को शामिल करने से टीम में युवा ऊर्जा और जोश बढ़ा है। कोच भट्ट ने कहा, ‘हमारे पास कई नए खिलाड़ी हैं, जो उत्साह से भरे हुए हैं और अच्छी ट्रेनिंग ले रहे हैं। बेहतर प्रदर्शन से अच्छा परिणाम संभव है।’

समूह के पहले मैच में नेपाल मजबूत भारत से भिड़ेगा। अच्छा प्रदर्शन करने से आगामी मैचों में भी फायदा होगा, ऐसा टीम का विश्वास है। भट्ट ने कहा, ‘इस बार समूह चरण में सभी टीम तीन-तीन मैच खेलेंगी, इसलिए अच्छा प्रदर्शन करने का मौका है। पहला मैच अच्छा होगा तो मनोबल बढ़ेगा।’

नेपाल और भारत के बीच इतिहास

महिला वॉलीबॉल में पड़ोसी देश नेपाल और भारत नियमित प्रतिस्पर्धा करते आए हैं। शुरू में यह मुकाबला दक्षिण एशियाई खेलकूद (साग) तक सीमित था, लेकिन अब अन्य प्रतियोगिताओं तक फैल चुका है।

अतीत में दक्षिण एशियाई खेलकूद, 2013 में काठमांडू में आयोजित प्रथम दक्षिण एशियाई महिला वॉलीबॉल चैंपियनशिप, मैत्रीपूर्ण मैचों, कावा की प्रतियोगिताओं से लेकर 19वें एशियाई खेल तक नेपाल और भारत के बीच मुकाबले होते रहे हैं।

अब तक नेपाल ने भारत को लगभग एक बार ही हरा पाया है, बाकी सभी मुकाबलों में भारत विजयी रहा है।

यहाँ 2019 के बाद नेपाल और भारत के बीच हुए अंतिम 5 मैचों का विवरण दिया गया है, जिनमें नेपाल के कप्तान के रूप में अरुणा शाही थीं। इस बार नेपाल नए कप्तान के नेतृत्व में भारत के खिलाफ खेलेगा।

2019 में काठमांडू में आयोजित 13वें साग के फाइनल में नेपाल 3-2 सेट से भारत से हार गया था। उस मैच में नेपाल ने पहली बार भारत के खिलाफ सेट जीता था। अंतिम प्रदर्शन अच्छा था, लेकिन अनुभव की कमी के कारण उपाधि नहीं मिल पाई थी।

पहले के दक्षिण एशियाई खेलों में नेपाल भारत से आसानी से हारता रहा है।

नेपाल ने कावा की दो आखिरी प्रतियोगिताओं और 19वें एशियाई खेलों में कुल 3 वर्षों में चार बार भारत के खिलाफ मुकाबला किया है। उन मुकाबलों में भारत ने तीन बार जीत हासिल की, जबकि नेपाल को केवल एक जीत मिली।

2019 में काठमांडू में आयोजित 13वें साग के फाइनल में नेपाल 3-2 सेट से हार गया था।

2023 में काठमांडू में आयोजित कावा वुमंस वॉलीबॉल चैंलेज कप में भी नेपाल भारत से 3-1 सेट से पराजित हुआ था। समूह चरण के मैच में भारत ने नेपाल को 25-12, 26-24, 21-25, 25-11 से हराया था।

2023 में चीन हान्झाउ में हुए 19वें एशियाई खेलों में भी नेपाल 3-1 सेट से भारत से हार गया था। स्कोर था 25-23, 26-28, 25-23, 25-17।

2024 में घरेलू कोर्ट पर खेले गए कावा महिला नेशंस लीग लीग चरण में नेपाल ने भारत को ऐतिहासिक रूप से हराया, लेकिन फाइनल मैच में भारत से हार गया।

त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला के वॉलीबॉल कवरड हॉल में नेपाल ने लीग चरण के मैच में भारत को 3-2 से हराया था। सेट स्कोर: 25-18, 12-25, 25-17, 18-25, 15-13।

फाइनल में नेपाल भारत से 3-2 के प्रतिस्पर्धात्मक सेट में पराजित हुआ। भारत ने सेटों के स्कोर 23-25, 25-14, 22-25, 25-12, 15-5 से ट्रॉफी जीती।

फिर एक बार नेपाल घरेलू कोर्ट पर भारत के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है। इस बार पहला मैच ही भारत के साथ होने के कारण नेपाल शानदार शुरुआत करते हुए भारत को हराना चाहता है।

सिर-से-सिर मुकाबला

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल और भारत के बीच अब तक 10 मैच खेले गए हैं, जिनमें नेपाल ने केवल 1 मैच जीता है जबकि 9 में भारत विजयी रहा है।

1998 में श्रीलंका में हुई रुपबाहिनी महिला वॉलीबॉल प्रतियोगिता में नेपाल ने पहली बार भारत के खिलाफ खेला था, लेकिन सीधे सेटों में पराजित हो गया था। इसके बाद 1999, 2006 और 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में भी Nepal सीधे सेट में भारत से हार चुका है। 2014 में काठमांडू में हुई प्रथम दक्षिण एशियाई महिला आमंत्रण वॉलीबॉल प्रतियोगिता में भी नेपाल भारत से हार गया था।

हाल के समय में नेपाल ने भारत को कड़ी टक्कर देना शुरू कर दिया है। 2019 में काठमांडू में हुए 13वें साग के फाइनल में नेपाल 3-2 सेट से हार गया था।

इसी तरह 2023 में हुए 19वें एशियाई गेम्स और कावा महिला वॉलीबॉल में भी नेपाल भारत से हार गया था, परंतु 2024 में कावा महिला चैलेंज कप के समूह चरण में नेपाल भारत को हराने में सफल रहा, हालांकि फाइनल में भारत विजयी रहा।

इसके अतिरिक्त नेपाल और भारत के बीच कुछ मैत्रीपूर्ण मैच भी खेले गए हैं, जिनमें नेपाल भारत से हार गया।

भारत पहुंचते ही ईरानी विदेश मंत्री ने कहा- अमेरिका पर भरोसा करने का कोई कारण नहीं

१ जेठ, काठमांडू । ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी सरकार पर भरोसा करने के लिए कोई आधार नहीं होने का स्पष्ट संकेत दिया है। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी दबाव और आक्रमण के खिलाफ दृढ़ता से खड़ा है। ‘हमारे लिए अमेरिकी लोगों पर भरोसा करने का कोई कारण नहीं है,’ अराघची ने कहा, ‘ईरानी जनता केवल सम्मान की भाषा समझती है।’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में देखे गए प्रतिबंधों और व्यवधानों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना गलत है, उन्होंने यह दावा किया।

उन्होंने आगे कहा कि ईरान ने कभी युद्ध की शुरुआत नहीं की और केवल आत्मरक्षा के लिए कदम उठाए। ‘मुझे अपने देश को अमेरिका और इजरायल की आक्रमक गतिविधियों का सामना करना पड़ा। वह तब हुआ जब हम अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे थे। कूटनीतिक चरण में ही उन्होंने हमले का निर्णय ले लिया,’ अराघची ने बताया। इस हमले की निंदा करने वाले सभी देशों के प्रति ईरान ने आभार व्यक्त किया है, उन्होंने यह भी कहा। साथ ही, उन्होंने कहा, ‘हम भारत सरकार और भारतीय जनता के आभारी हैं, जिन्होंने ईरानी जनता के प्रति एकजुटता और सहानुभूति दिखाई।’ भारतीय सरकार द्वारा प्रदान किए गए मानवीय सहायता और समर्थन के लिए उन्होंने धन्यवाद जताया। ब्रिक्स समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए अराघची नई दिल्ली आए हैं। इस बैठक की अध्यक्षता भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे।

बडिमालिका जाने पर्यटक बढे (तस्वीरहरू) – Online Khabar

बडिमालिका आने पर्यटकों की संख्या में वृद्धि (तस्वीरें)

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा।

  • प्रधानमंत्री बालेन शाह द्वारा बडिमालिका को ‘स्विट्जरलैंड का बाप’ कहा जाने के बाद धार्मिक तथा पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है।
  • बडिमालिका समुद्र तल से 4,200 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और सरकार ने इसे 100 कार्यसूचियों में शामिल किया है।
  • बडिमालिका क्षेत्र के मनोहारी त्रिवेणी क्षेत्र, विष्णुपानी, धर्मद्वार और दुर्लभ वन्य जीव पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं।

1 जेठ, बाजुरा। धार्मिक और पर्यटन स्थल बडिमालिका की प्रसिद्धि दिनोंदिन बढ़ रही है। हाल के समय में बडिमालिका आने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान कैलाली के धनगढ़ी में बडिमालिका को ‘स्विट्जरलैंड का बाप’ कहा था, जिससे इस स्थल की चर्चा और व्यापक हुई है।

प्रधानमंत्री बालेन की इस अभिव्यक्ति के कुछ दिन बाद धार्मिक पर्यटकों की संख्या में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है, जिसका प्रमाण गाइड नर बहादुर रावल भी देते हैं। इसके साथ ही सरकार ने इस स्थल को 100 कार्यसूचियों में शामिल किया है।

बडिमालिका समुद्र सतह से 4,200 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। प्रचार के बढ़ने के साथ, बडिमालिका नगरपालिकाध्यक्ष अमर बहादुर खड़का ने बताया कि यहाँ आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा, ‘पहले जनै पूर्णिमा से एक दिन पहले ही मुख्य पूजा होती थी, जिसके कारण भक्त और पर्यटकों की संख्या सीमित होती थी, लेकिन अब लगातार तीर्थयात्री यहाँ आने लगे हैं।’ इसके दर्शन से मनोकामना पूरी होने का विश्वास है।

बडिमालिका क्षेत्र के प्रमुख आकर्षण में मनोहारी त्रिवेणी क्षेत्र, 22 पाटन, रंग-बिरंगे फूलों से सजे मैदान, खेतीबाड़ी, विष्णुपानी और धर्मद्वार शामिल हैं। इस क्षेत्र में प्राचीन काल में भगवती और मैसासुर के बीच हुए युद्ध के समय रोपा गया धान आज भी पाया जाता है, ऐसी किंवदंती प्रचलित है। इस इलाके में डोंफे, मुना, कस्तूरी और झालर जैसे दुर्लभ पक्षी तथा वन्यजीव भी देखे जा सकते हैं।

यहाँ से खूबसूरत हिम शृंखलाओं का भी मनोहारी दृश्य देखने को मिलता है।

एइरड्रप के साथ एकीकृत होकर एन्ड्रोइड में हुआ सहज डेटा स्थानांतरण का नया फीचर

एन्ड्रोइड ने अपने उपयोगकर्ताओं के लिए फाइल साझाकरण और डिवाइस स्विचिंग प्रक्रिया को अधिक सरल और सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण अपडेट्स जारी किए हैं। अब एन्ड्रोइड और आईफोन उपयोगकर्ताओं के बीच फाइल आदान-प्रदान की परेशानी कम करने के लिए ‘क्विक सेयर’ को एप्पल के ‘एइरड्रप’ के समान बनाया गया है। यह सुविधा प्रारंभ में पिक्सेल फोन में उपलब्ध होगी, और इस वर्ष के अंत तक सैमसंग, ओप्पो, वनप्लस, विवो, शाओमी और ऑनर जैसे अन्य साझेदार कंपनियों के फोन में भी विस्तार किया जाएगा। यदि आपके पास ऐसा डिवाइस है जो इस सुविधा का समर्थन नहीं करता, तब भी क्विक सेयर के माध्यम से क्यूआर कोड जेनरेट करके क्लाउड के जरिए आईफोन पर फाइलें भेजी जा सकेंगी। यह फीचर आज से ही रोलआउट होना शुरू हो चुका है और अगले एक माह के भीतर सभी एन्ड्रोइड फोन पर उपलब्ध होगा।

साथ ही, गूगल ह्वाट्सएप जैसे लोकप्रिय ऐप्स के भीतर भी क्विक सेयर फीचर जोड़ने की तैयारी कर रहा है। एप्पल के साथ सहयोग में, आईफोन से एन्ड्रोइड पर स्विच करने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह से बेहतर बनाया गया है। अब उपयोगकर्ता अपने पासवर्ड, फ़ोटो, मेसेज, संपर्क, पसंदीदा ऐप्स और होमस्क्रीन के लेआउट को ताररहित तरीके से स्थानांतरित कर सकेंगे। यह प्रक्रिया ‘eSIM’ ट्रांसफर को भी सपोर्ट करेगी, जो शुरू में सैमसंग गैलेक्सी और गूगल पिक्सेल डिवाइसों में उपलब्ध होगी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह अपडेट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रतिदिन औसतन 2.5 अरब आरसीएस संदेशों के आदान-प्रदान को ध्यान में रखते हुए, गूगल ने एन्ड्रोइड और आईओएस के बीच आरसीएस संदेशों पर ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ लागू करने की योजना भी बनाई है।

अदालत प्रक्रिया से परियोजना कार्यान्वयन में देरी रोकने के लिए तेज़ पूर्वाधार इजलास गठित करने की सिफारिश

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा कर तैयार।

  • मंत्रिमंडल ने अदालत प्रक्रियाओं के कारण पूर्वाधार निर्माण में हो रही देरी को रोकने के लिए समर्पित फास्ट ट्रैक पूर्वाधार इजलास गठित करने की सिफारिश की है।
  • समिति ने सरकार को पूर्वाधार से जुड़ी पेंडिंग मामलों को 60 दिनों के भीतर सुनवाई और निर्णय, तथा 3 महीनों के अंदर परिणाम निकालने का सुझाव दिया है।
  • समिति ने सार्वजनिक खरीद, मध्यस्थता अधिनियम और दंड संहिता में संशोधन कर पूर्वाधार विकास को तेज और प्रभावी बनाने के सुझाव दिए हैं।

1 जेठ, काठमांडू। अदालत प्रक्रिया के कारण परियोजना कार्यान्वयन में हो रही देरी को रोकने के लिए ‘समर्पित फास्ट ट्रैक पूर्वाधार इजलास और न्यायाधीकरण’ गठित करने की सिफारिश की गई है।

मंत्रिमंडल ने १३ चैत २०८२ को स्वीकृत शासकीय सुधार के तहत १०० कार्यसूची विषयों के कार्यान्वयन के दौरान पूर्वाधार निर्माण और विकास परियोजनाओं से संबंधित अदालतों में आने वाले मामलों का त्वरित एवं प्रभावशाली समाधान करने के उद्देश्य से कानून, न्याय और संसदीय मामले मंत्रालय ने एक समिति गठित की थी।

मंत्री स्तर के निर्णय के अनुसार इस मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने अपना प्रतिवेदन सरकार को सौंपा है।

प्रतिवेदन में समिति ने पूर्वाधार निर्माण और विकास परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा निर्धारण और ठेका प्रक्रियाओं से जुड़े रिट याचिकाओं की सुनवाई के लिए नेपाल के सर्वोच्च एवं उच्च अदालतों में विशेषज्ञ न्यायाधीशों की मौजूदगी वाली समर्पित फास्ट ट्रैक पूर्वाधार इजलास गठित करने की सिफारिश की है।

समिति ने सिफारिश की है कि उस इजलास में रिट याचिका दर्ज करने की तारीख से 60 दिनों के भीतर सुनवाई और कार्यवाही पूरी की जानी चाहिए।

सर्वोच्च अदालत पर यह जिम्मेदारी रहेगी कि प्रधान न्यायाधीश और उच्च अदालत के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और मुख्य न्यायाधीश निरंतर अध्ययन एवं निगरानी करें कि क्या उक्त इजलास में मामलों की सुनवाई व कार्यवाही 60 दिनों के भीतर पूरी हो रही है या नहीं। पूर्वाधार इजलास विशेषज्ञ न्यायाधीशों से गठित हो।

पूर्वाधार मामलों का निपटारा 3 महीनों के भीतर करने के लिए न्यायाधीकरण की सिफारिश

समिति ने निष्कर्ष निकाला है कि देश में पूर्वाधार विकास परियोजनाओं में अनिश्चितकालीन रुकावट और अरबों की हानि एक गंभीर समस्या है।

समिति के अनुसार देशभर में सैकड़ों परियोजनाएं वर्षों तक अधर में लटकी होती हैं, जिससे आम जनता को सेवा लाभ मिलने में लंबा समय लगता है।

वर्तमान न्यायिक संरचना में तकनीकी और जटिल निर्माण संबंधी मामलों का देर तक निपटारा न होना विकास परियोजनाओं के ठप्प होने, लागत वृद्धि और जनता को निराशा की स्थिति पैदा करता है।

इसलिए परियोजनाओं को कानूनी प्रक्रियाओं में उलझाए बिना सार्वजनिक हित सर्वोपरि रखते हुए शीघ्र, प्रभावी और विशेषज्ञ न्यायिक प्रणाली स्थापित करने के लिए पूर्वाधार न्यायाधीकरण गठित करने की सिफारिश की गई है।

यह न्यायाधीकरण तकनीकी ज्ञान वाले विशेषज्ञ न्यायाधीशों से बनेगा और तीन महीने के भीतर मामलों का निपटारा करने के उद्देश्य से गठित होगा। इसमें साझेदारों के बीच विवाद, बैंक गारंटी, मध्यस्थता अधिनियम के तहत अदालत की अधिकारिता शामिल करनी होगी।

सार्वजनिक खरीद, पूर्वाधार विकास और निर्माण से जुड़े ठेकों, सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजनाओं में व्यवसायी, सलाहकार, जनशक्ति, आपूर्तिकर्ता और स्थानीय समुदाय के बीच विवादों का निवारण भी इस न्यायाधीकरण के दायरे में होगा।

निर्माण सामग्री के उत्खनन, मरम्मत, संचालन की जिम्मेदारी, राइट ऑफ वे, रॉयल्टी वितरण, परियोजना संचालन की स्थिति जैसी विवादों को भी यह निकाय सुलझाएगा।

पूर्वाधार न्यायाधीकरण में उच्च अदालत के न्यायाधीश की अध्यक्षता में अनुभवी विशेषज्ञ सदस्य और इंजीनियरिंग क्षेत्र के विशेषज्ञ सदस्य भी होंगे।

समिति ने यह भी सिफारिश की कि पूर्वाधार से जुड़े मामलों का फैसला दो महीने के भीतर हो, जिसके लिए कानूनी और संस्थागत जल्दबाजी की व्यवस्था की जानी चाहिए।

भूमि अधिग्रहण, संपत्ति का मूल्यांकन और मुआवजा निर्धारण में प्रारंभिक अदालत को समर्पित फास्ट ट्रैक प्रणाली तय करते हुए, दो महीने के भीतर दंडात्मक और पुनरावेदन चरणों में भी फैसला सही समय में लेने की व्यवस्था की सिफारिश की गई है।

न्यायाधीशों को परियोजना से संबंधित प्रशिक्षण देना आवश्यक

समिति ने परियोजना विवादों से संबंधित न्यायाधीशों को विविध पहलुओं की जानकारी देने और अभिमुखीकरण आवश्यक बताया है ताकि वे परियोजना के हर पक्ष को समझ सकें और समय पर न्यायिक सेवा सुनिश्चित कर सकें।

सार्वजनिक खरीद, दंड संहिता और मध्यस्थता अधिनियम में संशोधन की सिफारिश समिति ने की है।

न्याय प्रशासन अधिनियम, संक्षिप्त कार्यविधि अधिनियम, दंड कार्यविधि और अदालत नियमावली में भी संशोधन कर उन्हें प्रभावी बनाने की अपील की गई है।

मामले चलते रहने पर भी परियोजना का काम जारी रहेगा

समिति ने सुझाव दिया है कि विवाद जारी रहते हुए भी परियोजना कार्य बाधित न हो, विवादित राशि को एस्क्रो खाते में रखा जाए, नो क्लियरेंस–नो टेंडर नीति लागू हो, परियोजना स्तर पर विवाद निवारण बोर्ड गठित किया जाए और समय पर मध्यस्थता की व्यवस्था की जाए।

इसके साथ ही सार्वजनिक हित परीक्षण को कानूनी मान्यता देकर लंबे समय से रुकी परियोजनाओं पर पुनः ठेका लगाने, जवाबदेही सुनिश्चित करने, डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के सुझाव भी दिए गए हैं।

सर्वोच्च अदालत नियमावली २०७४ में संशोधन कर निर्णय की पूर्ण प्रति २१ दिनों के भीतर उपलब्ध कराने, न्यायाधीश एवं पक्षकारों द्वारा पेशी स्थगित न करने की व्यवस्था, और बहस में वास्तविक हितधारकों को ही विपक्षी बनाए जाने की व्यवस्था की सिफारिश की गई है।

समिति द्वारा चिन्हित सुधार के विषय

·       मामलों के कारण परियोजना प्रारंभ में देरी

·       अस्थायी आदेशों से उत्पन्न समस्याएं

·       परियोजना संबंधित मामलों के त्वरित निपटान में देरी

·       परियोजना अनुबंधों में विवाद समाधान के उपायों का अभाव और रिट क्षेत्राधिकार में उपचार की छुट

·       सामान्य जनता के प्रति दायित्व की कमी

रूस और यूक्रेन के बीच 410 युद्धबंदियों का आदान-प्रदान

1 जेठ, काठमाडौं। रूस और यूक्रेन के बीच युद्धबंदियों का आदान-प्रदान हुआ है। शुक्रवार को दोनों देशों में मौजूद 205-205 युद्धबंदियों का सफलतापूर्वक साटासाट किया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक सप्ताह पहले दोनों देशों के बीच युद्धविराम की संभावना होने का एलान किया था। रूसी रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बताया कि यूक्रेन से 205 रूसी सैनिक अपने देश लौटे हैं।

इसी प्रकार, यूक्रेनी पक्ष को भी 205 युद्धबंदी वापस किए गए हैं, ऐसा मंत्रालय ने जानकारी दी। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने युद्धबंदियों की वापसी की पुष्टि करते हुए कहा कि अधिकांश यूक्रेनी सैनिक 2022 से रूसी नियंत्रण में थे। उन्होंने बताया कि यह आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच लगभग एक-एक हजार युद्धबंदियों के विनिमय की योजना के पहले चरण का हिस्सा है। ज़ेलेंस्की ने पारदर्शी रूप से एक्स (ट्विटर) पर साझा की गई तस्वीरों में यूक्रेन लौटे बंदियों को परिवार और रिश्तेदारों के साथ यूक्रेन के झंडे में लिपटे हुए खुशी जाहिर करते हुए दिखाया।

१८ दिनदेखि आमरण अनसनमा रुबी खान – Online Khabar

रूबी खान १८ दिनों से आमरण अनशन पर, न्याय की मांग जारी

अधिकारकर्मी रूबी खान १८ दिनों से बाँके में निर्मला कुर्मी मामले सहित विभिन्न महिला हिंसा मामलों में न्याय की मांग करते हुए आमरण अनशन पर हैं। पुलिस ने वैशाख १५ को धरने पर बैठी महिला अधिकारकर्मियों को जबरन उठाकर हिरासत में ले लिया था। रूबी ने ९ बिंदुओं की मांग रखते हुए न्याय के लिए आंदोलन किया है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति कमज़ोर होती जा रही है।

१ जेठ, काठमांडू। १८ दिनों से अधिकारकर्मी रूबी खान आमरण अनशन पर बनी हुई हैं। निर्मला कुर्मी सहित विभिन्न महिला हिंसा मामलों में न्याय की मांग करते हुए शांतिपूर्ण धरना देती हुईं वह और अन्य अधिकारकर्मी पुलिस द्वारा जिले प्रशासन बाँके कार्यालय के सामने से जबरन उठाकर हिरासत में लिए जाने के विरोध में वैशाख १५ से आमरण अनशन शुरू कर चुकी हैं।

महिला अधिकार मंच की केंद्रीय सदस्य और बाँके जिला अध्यक्ष सकिना साह के अनुसार, महिला अधिकारकर्मी वैशाख १२ से रोजाना दोपहर ३ बजे से ५ बजे तक जिला प्रशासन कार्यालय के सामने धरना दे रही थीं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने १५ तारीख को बैनर हटा लिया, धरना न देने को कहा तथा उन्हें हिरासत में ले लिया। उसी दिन इन महिलाओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।

गिरफ्तारी वारंट में उल्लेख है, ‘आप पर सार्वजनिक शांति भंग करने का अपराध होने के कारण तत्काल गिरफ्तारी आवश्यक है इसलिए यह गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।’ लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई उपद्रव नहीं किया था। ‘हम लोग शांतिपूर्वक धरने पर थे, कोई हिंसा नहीं हुई,’ साह ने कहा, ‘फिर भी शांति व्यवस्था भंग करने का आरोप लगाया गया है।’

रूबी के गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना हो रही है। पूर्वपत्रकार और व्यापक नागरिक आंदोलन के कार्यकर्ता नारायण वाग्ले ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री बालेन शाह को निशाना बनाते हुए कहा कि संसद को न सुनने के बाद अब सड़क को भी दबाने की कोशिश की जा रही है, जो रूबी की गिरफ्तारी का विरोध है।

‘नागरिक अधिकारकर्मी रूबी खान पर गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। उन पर सार्वजनिक शांति के खिलाफ होने का आरोप है। नेपालगंज की यह अधिकारकर्मी पिछले वर्षों से पुलिस की छानबीन की मांग करते आ रही हैं, क्या उनकी गिरफ्तारी से न्याय की मांग खत्म हो जाएगी?’ उन्होंने फेसबुक पर पूछा, ‘संसद को न सुनो, और अब क्या सड़कों को भी दबाओ?’

अनशनरत रूबी खान का स्वास्थ्य क्रमशः खराब हो रहा है। फोन संपर्क में रहने वाली खान ने भी कहा कि अनशन के कारण उनकी सेहत कमजोर हो रही है।

सकिना साह के अनुसार, इस मुद्दे पर रूबी सहित महिलाएँ अब तक छठी बार आंदोलन में उतरी हैं और यह उनका चौथा आमरण अनशन है। पूर्व के आंदोलनों के बाद सरकार कई बार समझौता कर चुकी है, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया, इसलिए इस बार रूबी ने पुनः आमरण अनशन का रास्ता चुना है।

कपिलवस्तु में करंट लगने से वृद्ध महिला की मौत

कपिलवस्तु के बुद्धभूमि नगरपालिका–४ जोतपुर में 70 वर्षीय जसमती घर्ती की करंट लगने से मौत हो गई। वह अपने ही खेत में घास काटते समय करंट की चपेट में आ गईं और गंभीर रूप से घायल हुई थीं। जसमती का उपचार तौलिहवा जिला अस्पताल में चल रहा था, लेकिन वहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस इस घटना की जांच कर रही है। 1 जेठ, काठमाडौं। कपिलवस्तु के बुद्धभूमि नगरपालिका–४ जोतपुर की निवासी 70 वर्षीय जसमती घर्ती को शुक्रवार सुबह करंट लगने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। अपने ही खेत में घास काटते समय खेत में लगी बिजली के मोटर से करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हुईं जसमती का तौलिहवा जिला अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हुआ, पुलिस के केन्द्रीय समाचार कक्ष ने जानकारी दी है। इस घटना के संबंध में पुलिस आगे भी जांच कर रही है।

सर्लाही, महोत्तरी और दाङ में डूबने से तीन की मौत

देश के विभिन्न इलाकों में डूबने से तीन लोगों की मृत्यु हुई है, जिनमें सर्लाही, महोत्तरी और दाङ के नागरिक शामिल हैं। सर्लाही के मलंगवा नगरपालिका–२ के झंडा बाजार के समीप स्थित पोखरी में चार वर्षीय संयुक्ता प्रजापति डूबकर मृत पाई गई थीं। महोत्तरी के लोहरपट्टी नगरपालिका–८ के बिगही खोला में १२ वर्षीय नौसाद राई और दाङ के राजपुर गाउँपालिका–१ के ६० वर्षीय पुने रोका मगर भी डूबने से जीवन से विदा हो गए।

१ जेठ, काठमाण्डौ। नेपाल प्रहरी केन्द्रीय समाचार कक्ष के अनुसार, सर्लाही, महोत्तरी और दाङ में तीन जनों की डूबने से मृत्यु हुई है। सर्लाही के मलंगवा नगरपालिका–२ झंडा बाजार के पास स्थित पोखरी में डूबने के बाद पर्सा के बाल्मिकी पण्डित की चार वर्षीय पुत्री संयुक्ता प्रजापति की मृत्यु हुई। शुक्रवार सुबह डूबने के बाद उन्हें प्रादेशिक अस्पताल मलंगवा में उपचाराधीन रखा गया था, जहां उनका निधन हो गया।

इसी प्रकार, महोत्तरी के लोहरपट्टी नगरपालिका–८ के बिगही खोल में डूबने से स्थानीय निवासी रजाबुल राई की करीब १२ वर्षीय पुत्र नौसाद राई की शुक्रवार दोपहर मौत हुई। डूबने के कारण अस्वस्थ हुए नौसाद का प्रादेशिक अस्पताल जनकपुर में उपचार के दौरान निधन हुआ।

दूसरी ओर, दाङ के राजपुर गाउँपालिका–१ के गुरूङखोला में रहने वाले ६० वर्षीय पुने रोका मगर गुरूङखोला में स्नान करते समय शुक्रवार दोपहर डूब गए और उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, इस मामले की जांच भी जारी है।

अडानी परिवार अमेरिका में 1 करोड़ 80 लाख डॉलर जुर्माना देने को तैयार

1 जेठ, काठमाडौं। भारतीय अरबपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी अमेरिकी क्षेत्र में जारी मामले में लगभग 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुर्माना देने को तैयार हुए हैं। अडानी परिवार पर अमेरिका की यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन द्वारा दायर धोखाधड़ी से संबंधित मामले को समाप्त करने के क्रम में उन्होंने 1 करोड़ 80 लाख डॉलर जुर्माना देने का प्रस्ताव रखा है। अडानी समूह भारत के प्रमुख व्यावसायिक परिवारों में से एक है, जिसने हवाई अड्डे और ऊर्जा जैसे मुख्य क्षेत्रों में निवेश किया है।

सन 2024 में अमेरिकी नियामक निकाय ने आरोप लगाया था कि अडानी परिवार ने हाई-प्रोफाइल नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत दी और बांड जारी कर पूंजी जुटाने की कोशिश के दौरान अमेरिकी निवेशकों को भ्रमित किया। इस मामले में अमेरिकी अदालत ने भी सहमति प्रदान की थी। अडानी समूह पर निवेशकों को धोखा देने, प्रतिभूतियों में छल करने, एवं बाजार में हेरफेर करके अमेरिकी कानून का उल्लंघन करने का आरोप था। अब जुर्माना देने की सहमति के साथ उन्होंने भविष्य में ऐसे कानूनों का उल्लंघन न करने की प्रतिबद्धता जताई है, जैसा कि भारतीय मीडिया ने बताया है।

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग गौतम अडानी के खिलाफ आपराधिक धोखाधड़ी के आरोप हटाने की तैयारी कर रहा है। बताया गया है कि यह तैयारी तब शुरू हुई जब रॉबर्ट जे गिफ्रा जूनियर के नेतृत्व वाली वकील टीम ने अडानी का मामला संभालना शुरू किया, जैसा कि न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया है। यह टीम अमेरिका की सबसे प्रभावशाली कानूनी फर्मों में से एक मानी जाती है, जिसने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निजी कानूनी सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है। गिफ्रा ने इससे पहले भी ट्रम्प के एक मामले में पैरवी की थी। इस वकील टीम ने मुकदमा समाप्त होने के साथ ही दावा किया कि अडानी अमेरिका में 10 अरब डॉलर निवेश करेंगे और इससे 15,000 नई नौकरियां पैदा होंगी।

२०२६ के फिफा विश्वकप में ८० राष्ट्रों ने हिस्सा लिया, चार नए राष्ट्रों का पहला पदार्पण

विश्वकप चयन प्रतियोगिता कितनी कठिन होती है और विश्वकप में खेलकर ही इसका आनंद कैसा होता है, यह अनुभव केवल खेलने वाली टीम को ही पता होता है। २०२६ के फिफा विश्वकप में पहली बार चार नए राष्ट्र – केप वर्डे, कुराकाओ, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान – हिस्सा लेने जा रहे हैं। ब्राजील ने अब तक सभी २२ संस्करणों में विश्वकप खेला है और पांच बार खिताब जीता है। २०२२ के विश्वकप में हिस्सा लेने वाला कतर दूसरी बार विश्वकप खेल रहा है, जबकि डीआर कांगो और हैती ५२ वर्षों बाद फिफा विश्वकप में लौटे हैं।

फिफा विश्वकप विश्व की सबसे प्रसिद्ध, दीर्घकालिक और सबसे बड़े दर्शकों वाली खेल प्रतियोगिता है। इसे फुटबॉल का त्योहार या महामुकाबला माना जाता है, जहाँ दुनिया के छोटे-बड़े सभी राष्ट्र चयन चरण में भाग लेते हैं। विश्वकप में जगह बनाना इतना आसान नहीं होता, चयन चरण अत्यंत कठिन होते हैं। विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फिफा में २११ सदस्य राष्ट्र हैं। सभी का लक्ष्य कम से कम एक बार विश्वकप खेलना होता है, लेकिन सभी में सफलता संभव नहीं होती।

२०३० में उरुग्वे से शुरू हुए फिफा विश्वकप के २२ संस्करण पूरे हो चुके हैं, और आगामी ११ जून को संयुक्त राज्य अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में २३वाँ संस्करण शुरू होने जा रहा है। अब तक २२ संस्करणों में विश्व के ८० राष्ट्रों ने विश्वकप फुटबॉल खेला है। इस बार उस सूची में चार नए राष्ट्र शामिल हो रहे हैं—एशिया से जॉर्डन और उज्बेकिस्तान, अफ्रीका से केप वर्डे, और कैरिबियन क्षेत्र से कुराकाओ पहली बार विश्वकप में भाग ले रहे हैं।

गगन थापा – Online Khabar

गगन थापाले छलफल र संवादमा विश्वासको महत्व व्यक्त गरे

१ जेठ, काठमाडौं । नेपाली कांग्रेसका सभापति गगन थापाले छलफल र संवादमा विश्वास राख्ने बताएका छन् । काठमाडौंमा शुक्रबार आयोजित एक कार्यक्रममा बोल्दै उनले यस्तो उल्लेख गरेका हुन् । ‘हामी छलफलमा विश्वास गर्छौं, संवादमा विश्वास गर्छौं,’ सभापति थापाले भने, ‘हामी आमने-सामने बहसमा विश्वास गर्छौं, र प्रमाणमा पनि हाम्रो विश्वास छ ।’

परिवर्तन एकैचोटि ठूलो तरिकाले हुने कुरा होइन उनले बताए । ‘नीति, नियम, कानुन बनाएर हुने परिवर्तन र प्रणालीहरूमा आउने सुधारहरू एकै पटकमा धेरै ठूलो तरिकाले हुँदैनन् भन्ने कुरामा हामी विश्वास गर्छौं ।’ यी सबै कुरा ‘इकोसिस्टम’को भाग भएको बताउँदै विस्तारै र क्रमशः हुने प्रक्रिया रहेको उनले जोड दिए ।

अफिस में काम करने वाली महिलाओं के लिए बेहतरीन डिज़ाइन वाले बैग्स

ऑफिस में कार्यरत महिलाओं की व्यस्त दिनचर्या में स्टाइलिश और व्यावहारिक हैंडबैग का महत्व बहुत बड़ा होता है। दैनिक ऑफिस, मीटिंग, यात्रा और अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बैग से लुक प्रोफेशनल और आकर्षक बनता है। इसके साथ ही आवश्यक सामान को व्यवस्थित रखना भी आसान होता है।

हाल के प्रचलित डिज़ाइनों में ओवरसाइज़्ड, डिटेचेबल स्ट्रैप, लेदर, डेनिम जैसे विकल्प बेहद लोकप्रिय हैं। ये बैग आराम, स्टाइल और कार्यक्षमता के बीच उत्तम संतुलन बनाए रखते हैं।

1. ओवरसाइज़्ड डबल पॉकेट टोट बैग

यह बैग वर्तमान में सबसे लोकप्रिय ट्रेंड में से एक है। बड़ा आकार, दो बड़े पॉकेट और मजबूत हैंडल के साथ यह टोट बैग लैपटॉप, फाइल, मेकअप किट, पानी की बोतल और अन्य दैनिक सामान आराम से समेट लेता है।

प्रिमियम कैनवास या लेदर सामग्री में उपलब्ध यह बैग हल्का और टिकाऊ होता है। ब्लैक, बेज, ग्रे जैसे न्यूट्रल रंगों का चयन किसी भी ऑफिस आउटफिट से आसानी से मेल खाता है। इस डिज़ाइन से व्यस्त महिलाओं को प्रोफेशनल लुक के साथ थकान कम करने में मदद मिलती है।

2. डेनिम ओवरसाइज़्ड डिटेचेबल स्लिंग हैंडबैग

डेनिम के ट्रेंडी लुक पसंद करने वाली महिलाओं के लिए यह बैग एक बेहतरीन विकल्प है। ओवरसाइज़्ड डिज़ाइन में डिटैचेबल स्लिंग स्ट्रैप होने के कारण इसे हैंडहेल्ड, क्रॉसबॉडी या शोल्डर बैग की तरह उपयोग किया जा सकता है।

कैजुअल-फॉर्मल लुक दोनों में उपयुक्त यह बैग हल्के वजन का होता है और दैनिक ऑफिस व यात्रा के लिए आदर्श है। डेनिम सामग्री से यह आधुनिक और स्टाइलिश लुक प्रदान करता है जबकि अंदर के पॉकेट सामान को व्यवस्थित रखने में सहायक रहते हैं।

3. डिटेचेबल स्ट्रैप ब्राउन ऑफिस बैग

शाही और एलिगेंट लुक चाहने वाली महिलाओं के लिए ब्राउन रंग वाला यह बैग अत्यंत उपयुक्त है। डिटेचेबल स्ट्रैप इसे बहुउपयोगी बनाता है। उच्च गुणवत्ता वाले लेदर या जेनुइन लेदर से निर्मित यह बैग प्रोफेशनल छवि को बढ़ाता है।

इसमें पर्याप्त कम्पार्टमेंट्स हैं जो लैपटॉप, टैबलेट, नोटबुक और अन्य ऑफिस आवश्यक वस्तुओं को सुरक्षित रखता है। ब्राउन रंग लगभग सभी प्रकार के कपड़ों के साथ अच्छा मेल खाता है और प्रीमियम अनुभव प्रदान करता है।

4. डबल हैंडल शोल्डर स्ट्रैप लेदर हैंडक्राफ्टेड बैग

हैंडक्राफ्टेड लेदर बैग्स का अपना एक खास आकर्षण होता है। डबल हैंडल और एडजस्टेबल शोल्डर स्ट्रैप वाला यह डिजाइन पहनने में आरामदायक है। विशाल इंटीरियर में लैपटॉप से लेकर व्यक्तिगत सामान तक सभी वस्तुएं आराम से समा जाती हैं। प्राकृतिक लेदर की गुणवत्ता लंबे समय तक टिकाऊपन और उपयोग के साथ सुंदरता बढ़ाती है। यह बैग खासतौर पर उच्च पद पर कार्यरत या व्यवसायी महिलाओं के लिए उपयुक्त रहता है।

5. बरगंडी कलर का स्टाइलिश हैंडबैग

बरगंडी (गहरा लाल-बैजनी) रंग वर्तमान सत्र में ट्रेंडिंग है। यह रंग आत्मविश्वास और स्टाइल का मिश्रण प्रदान करता है। मीडियम साइज़ के स्टाइलिश डिजाइन में मेटैलिक हार्डवेयर, क्लास्प लॉक और कई इनसाइड पॉकेट्स होते हैं, जो इस बैग को ऑफिस से लेकर इवनिंग आउटिंग तक आसानी से मेल खाते हैं। बरगंडी रंग सफेद, काला, नेवी ब्लू और ग्रे आउटफिट्स के साथ जबरदस्त मेल खाता है।

अतिरिक्त सुझाव:

सामग्री का चयन : लेदर/पीयू लेदर टिकाऊ और प्रोफेशनल लुक के लिए उपयुक्त है, जबकि कैनवास/डेनिम हल्के और कैजुअल लुक के लिए बेहतर विकल्प हैं।

आकार : ऑफिस के लिए मध्यम से लेकर ओवरसाइज़्ड बैग सही रहते हैं, लेकिन अत्यधिक बड़े बैग से अनावश्यक भार बढ़ सकता है।

रंग : न्यूट्रल रंग (ब्लैक, ब्राउन, बेज) दैनिक उपयोग के लिए सुरक्षित हैं, जबकि बरगंडी, मस्टर्ड जैसे रंग लुक को आकर्षक बनाते हैं।

देखभाल के सुझाव : लेदर बैग को नियमित तौर पर साफ करना चाहिए और प्रत्यक्ष सूर्य के प्रकाश से बचाना चाहिए।

कहां खरीदें

ये नवीनतम डिज़ाइनों वाले बैग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे दराज़, सस्तोडील और जीवी या काठमांडू के स्टोर्स में आसानी से उपलब्ध हैं। अपनी आवश्यकता, बजट और स्टाइल के अनुसार चुनाव कर कार्यरत महिलाएं अपनी दैनिक लुक को और अधिक प्रोफेशनल और आकर्षक बना सकती हैं।

ठेक्के के मूल्य में समायोजन एवं अवधि विस्तार की मांग करती कोशी प्रदेश की निर्माण व्यवसायी संघ की धरना

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • कोशी प्रदेश के निर्माण व्यवसायी पेट्रोलियम पदार्थों और निर्माण सामग्री के बढ़ते दामों के कारण ठेक्के के मूल्य में समायोजन या अवधि विस्तार की मांग करते हुए आर्थिक मामलात एवं योजना मंत्रालय के सामने धरना दे रहे हैं।
  • निर्माण व्यवसायी महासंघ, कोशी प्रदेश के अध्यक्ष जनसेवक भंडारी ने सरकार द्वारा राहत या अवधि विस्तार नहीं किए जाने पर निर्माण उद्योग के धराशायी होने की चेतावनी दी है।
  • पेट्रोलियम उत्पादों के दाम ५० प्रतिशत और सीमेंट, डंडी, गिट्टी-बालू सहित अन्य सामग्री के दाम २० प्रतिशत तक बढ़े हैं, साथ ही कुछ सामग्री की कमी भी निर्माण व्यवसायियों ने बताई है।

१ जेठ, काठमांडू। पेट्रोलियम पदार्थों तथा अन्य निर्माण सामग्री की तेज़ी से बढ़ती कीमतों के कारण ठेक्के के मूल्य में समायोजन या अवधि विस्तार की मांग करते हुए कोशी प्रदेश के निर्माण व्यवसायियों ने आर्थिक मामलात एवं योजना मंत्रालय के सामने धरना दिया है।

धरना के बाद निर्माण व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री हिक्मत कुमार कार्की और आर्थिक मामलात एवं योजना मंत्री विदुर कुमार लिंथेप को ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए निर्माण व्यवसायी महासंघ कोशी प्रदेश के अध्यक्ष जनसेवक भंडारी ने कहा कि यदि सरकार तुरंत राहत या अवधि विस्तार का निर्णय नहीं करती है तो निर्माण उद्योग धराशायी हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि संघीय, प्रदेश और स्थानीय सरकारों द्वारा अवधि विस्तार न किए जाने पर उनके पास निर्माण कार्य बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

पिछले एक महीने से अधिक समय से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में ५० प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है और सीमेंट, डंडी तथा गिट्टी-बालू सहित अन्य सामग्री की कीमतें २० प्रतिशत तक बढ़ी हैं, साथ ही कुछ सामग्री की कमी भी बनी हुई है, ऐसा निर्माण व्यवसायी बता रहे हैं।

चीन यात्रा समाप्त कर ट्रम्प वाशिंगटन लौटे, बोले- वार्ता बेहद सफल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीनी राष्ट्रपति सी जिनपिंग के साथ हुई बातचीत को ‘बेहद सफल, विश्व स्तर पर अविस्मरणीय’ बताया है। बीजिंग में दो दिवसीय दौरा पूरा कर ट्रम्प वाशिंगटन लौट आए हैं। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, सी जिनपिंग ने ट्रम्प के दौरे को ‘ऐतिहासिक और मील का पत्थर’ बताया है। हालांकि, दोनों देशों के बीच कोई बड़ा व्यापारिक समझौता या नई सहमति घोषित नहीं हुई है।

ट्रम्प बीजिंग से एयर फोर्स वन विमान द्वारा वाशिंगटन के लिए रवाना हुए। रास्ते में उनसे संवाददाता संवाद कर सकते हैं, जिससे बैठक के अतिरिक्त विवरण सामने आ सकते हैं। वार्ता के दौरान दोनों नेता व्यापार, तेल आपूर्ति, ईरान और ताइवान जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। इससे पहले ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में बताया कि सी जिनपिंग ने ईरान को सैन्य उपकरण न देने का आश्वासन दिया है।

ट्रम्प के अनुसार, चीन हर्मुज नहर को पुनः खोलने की इच्छा रखता है। बीजिंग ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ तेल खरीद पर सहमति भी जताई है, ट्रम्प ने दावा किया। हालांकि, अब तक दोनों पक्षों ने वार्ता के ठोस परिणाम या किसी औपचारिक समझौते के संबंध में सीमित ही जानकारी साझा की है।