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लेखक: space4knews

बेलायत की नजर सन् 2040 के ओलंपिक आयोजन पर

बेलायत सरकार सन् 2040 के दशक में ओलंपिक और पैरालंपिक खेल आयोजनों के संभावित प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसके लिए खर्च, सामाजिक-आर्थिक लाभ और सफलता की संभावना जैसे पहलुओं का गहन अध्ययन किया जाएगा। संस्कृति, संचार एवं खेल विभाग का लक्ष्य बेलायत को प्रमुख खेल प्रतिस्पर्धाओं के आयोजन स्थलों में नम्बर एक बनाना है।

साथ ही सन् 2030 के दशक में रायडर कप और सोलहाइम कप आयोजित करने की संभावना की भी समीक्षा चल रही है। इससे पहले सन् 2012 में लंदन में ओलंपिक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था। हाल के महीनों में बेलायत में फिर से ओलंपिक मेजबानी की बातों में वृद्धि हुई है। लंदन के मेयर सादिक खान ने सन् 2040 के खेलों के लिए शहर को प्रस्ताव प्रस्तुत करने की सलाह भी दे चुके हैं।

सन् 2028 और 2032 के ओलंपिक क्रमशः अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होने की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन इसके बाद कौन आयोजन करेगा यह निर्णय अभी तय नहीं हुआ है। कुछ राजनीतिक नेताओं ने भविष्य के प्रस्ताव इंग्लैंड के उत्तरी क्षेत्र में केंद्रित होने का सुझाव दिया है। लिवरपूल और मैनचेस्टर का संयुक्त रूप से आयोजनकर्ता बनने की संभावना भी चर्चा में है।

सरकार खेल कार्यक्रमों के लिए नवीन नीति के तहत अनुमति के बिना टिकट पुनः बिक्री को अपराध के दायरे में रखने की तैयारी में है, जिससे दर्शक टिकट वास्तविक मूल्य पर प्राप्त कर सकें। बेलायत सन् 2028 में यूरो फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित करने जा रहा है और सन् 2035 के महिला विश्व कप का भी एकमात्र प्रतियोगी है।

सरकारप्रति गगन थापाका तीन आपत्ति – Online Khabar

सरकार के प्रति गगन थापा की तीन आपत्तियां

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा गरिएको।

  • कांग्रेस सभापति गगन थापा ने सरकार को बहुमत का भ्रम न पालने और विधि के शासन के तहत काम करने की सलाह दी है।
  • थापा ने संवैधानिक परिषद की बैठक में चलखेल होने पर कांग्रेस की गंभीर असहमति जताई है।
  • सुकुमवासी लोगों के प्रति राज्य के क्रूर व्यवहार का विरोध करते हुए कांग्रेस ने नागरिकों की मर्यादा और सम्मान की रक्षा के लिए सरकार से आग्रह किया है।

२३ वैशाख, काठमांडू। प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन थापा ने सरकार की हाल की गतिविधियों पर गंभीर आपत्ति जताई है और विधि के रास्ते पर आगे बढ़ने का सुझाव दिया है।

बुधवार संसद में पार्टी के सांसदों को उनकी भूमिका के विषय में प्रशिक्षण देते हुए थापा ने बाद में पत्रकारों से खुलकर बात करते हुए सरकार के तीन मुख्य सवालों को आलोचनात्मक नजरिए से उठाया।

उन्होंने जताई गई तीन आपत्तियां इस प्रकार हैं-

१. सरकार को बहुमत का भ्रम

लोकतंत्र का मूल आधार विधि का शासन है। कानून से ऊपर कोई नहीं है, और कानून बनाने वाले भी कानून से ऊपर नहीं होते। मगर वर्तमान सरकार ने यह भ्रम पैदा किया है। जब केपी ओली प्रधानमंत्री थे तब मैंने कहा था – “आपके पास दो तिहाई सत्ता है इसलिए मनमानी करने का अधिकार नहीं है, यह भ्रम ही आपको गिरा देगा।”

आज की सरकार को भी इसे समझना होगा। यदि बहुमत है तो कानून बना सकते हैं, लेकिन कौन सा कानून बनाएंगे और उसका प्रयोग कैसे होगा यह महत्वपूर्ण है, जिस पर सरकार ध्यान नहीं दे रही।

२. संवैधानिक परिषद में चलखेल

अध्यादेश के संबंध में कांग्रेस की स्पष्ट राय है कि अध्यादेश लाना पूरी तरह मना नहीं है, लेकिन इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण है। वर्तमान में राष्ट्रपति से कई अध्यादेश संसद में आएंगे। हमारे सांसदों को हर अध्यादेश की संवैधानुसारिता और नागरिक अधिकारों पर इसका प्रभाव जांचना होगा।

सबसे बड़ी असहमति संवैधानिक परिषद की व्यवस्था को लेकर है। संविधान ने इस परिषद को सरकार के प्रमुख के एकतरफा नियंत्रण से बचाने के लिए बनाया है, परंतु २०७७ साल से सभी प्रधानमंत्रियों ने इसमें छेड़छाड़ की है।

कल संविधान परिषद की बैठक होगी, जहां प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति में एक दल ने पात्रता तय की है और जालसाजीपूर्ण कानून के जरिए अपने नाम को पारित कराने की कोशिश कर रहा है। प्रधान मंत्री, सभामुख और कानून मंत्री सहित केवल तीन सदस्यों का बहुमत तय कर दिया गया है, जो हमे आपत्तिजनक लगता है। पहले भी ऐसा देखा गया तो रोकथाम की गई थी और आज भी कांग्रेस की गहरी असहमति है।

३. सुकुमवासी लोगों के प्रति राज्य का क्रूर व्यवहार

संविधान और कानून भूमिहीन दलित और सुकुमवासी लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का स्पष्ट निर्देश देते हैं। नदी किनारे रहने वाले वास्तविक सुकुमवासियों का प्रबंधन राज्य की जिम्मेदारी है। यदि कोई नकली है तो कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और कांग्रेस इसके लिए सहमत है।

भूमि संबंधी विधेयक के नवें संशोधन पर कई घंटों चर्चा के बाद ९५ प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। लेकिन वर्तमान सरकार ने कानून लागू न करते हुए भूमि आयोग को खत्म कर नया समिति बना दिया है।

सबसे दुखद बात यह है कि राज्य अत्यंत क्रूर हो गया है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन गुम्बा और स्कूल तोड़ दिए गए, अपंग, प्रसव पीड़ित और गरीबों के साथ अपराध जैसा अमानवीय व्यवहार किया गया। फुटपाथ पर सोने वाले को हटाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर सकती है, लेकिन नग्न करके सड़क पर दौड़ने नहीं देती। ऐसी ‘डोजर आतंक’ और राज्य का यह चरित्र हमारे संविधान के उपयुक्त नहीं है।

हम वोट की राजनीति में नहीं पड़ना चाहते, पर वे नागरिक हैं और उनकी मर्यादा और सम्मान की रक्षा करना सरकार का कर्तव्य है।

लिम्पियाधुरा-लिपुलेक मामले में सरकार के कूटनीतिक कदमों और कुछ अच्छे सुशासन के कार्यों का हम समर्थन करते हैं, लेकिन जहां मूलभूत चीजें गलत होती हैं, वहां कांग्रेस दृढ़ता से खड़ी रहेगी। २०७४ में कांग्रेस की संख्या कम थी फिर भी विपक्ष की भूमिका निभाई, और आज भी जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएंगे।

हम सरकार के कुछ सुशासन संबंधी कदमों का समर्थन करते हैं। मैंने मित्रों को याद दिलाया है कि २०७४ में जब नेकपा के पास जबरदस्त दो तिहाई सरकार थी, तब भी कांग्रेस छोटी पार्टी थी, लेकिन संसद में विपक्ष की भूमिका निभाई और आज भी निभा रही है।

सुकुमवासी बस्तियों को अभी भी लाज में रखा गया है, इसलिए हमने महामंत्री प्रदीप पौडेल की अध्यक्षता में समितियां बनाकर आवश्यक स्थानों पर टीम भेजी है और सहयोग कर रहे हैं।

हम स्पष्ट कहना चाहते हैं कि सुकुमवासियों को वोट की राजनीति में नहीं लेना, पर नागरिक के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना हमारा दायित्व है।

नागरिकों की मर्यादा और सम्मान की रक्षा करना राज्य का काम है, और कानून का उल्लंघन करने वालों को भी दंडित किया जाना चाहिए।

लमही में भूमिहीन किसानों का विरोध प्रदर्शन

दाङ के लमही में भूमिहीन किसानों ने अपनी भूमि और आवास अधिकार सुनिश्चित करने के लिए प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने ‘उठिबास बंद करो, भूमि और आवास के अधिकार सुनिश्चित करो’ लिखे प्लेकार्ड दिखाए। भूमिहीन, अस्थायी और अव्यवस्थित बस्तियों के निवासी जबरदस्ती उठिबास को रोकने और सुरक्षित आवास की व्यवस्था करने की सरकार से मांग कर रहे हैं।

23 वैशाख, बुटवल। दाङ के लमही में भूमिहीन किसानों ने सरकार के कदमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। भूमि और आवास अधिकार सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न समूहों ने प्रदर्शन और सभा आयोजित की। सहभागी ‘उठिबास बंद करो, भूमि और आवास के अधिकार सुनिश्चित करो’ नारे लिखे प्लेकार्ड और बैनर लेकर आगे आए। रैली में दाङ के विभिन्न स्थानों से आए आम लोगों की महत्वपूर्ण भागीदारी देखी गई।

यह कार्यक्रम भूमिहीन, अस्थायी, अव्यवस्थित बस्तियों के निवासी, गुठी, मोही तथा मुक्त कमैया संघर्ष समिति दाङ देउखुरी द्वारा आयोजित किया गया था। लमही नगरपालिका, राप्ति गाउँपालिका, गढवा गाउँपालिका और राजपुर गाउँपालिका से आए प्रदर्शनकारियों ने अपनी दीर्घकालीन समस्याओं का समाधान करने की मांग की। उन्होंने जबरदस्ती उठिबास रोकने, सुरक्षित आवास व्यवस्था करने और भूमि तथा आवास संबंधी अधिकार सुनिश्चित करने के लिए सरकार से प्रभावशाली अनुरोध किया।

वर्षा के साथ ही उपत्यका के वायु गुणवत्ता में सुधार

वर्षा और तूफान के प्रभाव से काठमांडू उपत्यका का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 47 पर आ गया है, जो स्वस्थ श्रेणी में आता है। कुछ सप्ताह पहले विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में पहले स्थान पर रहने वाला काठमांडू अब 66वें स्थान पर पहुंच गया है। प्रदूषण नियंत्रण के दीर्घकालीन उपायों की आवश्यकता पर वातावरण विभाग के महानिर्देशक ज्ञानराज सुवेदी ने प्रकाश डाला है। 23 वैशाख, काठमांडू।

वातावरण गुणवत्ता सूचकांक (एक्युआइ) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार आज सुबह 11 बजे तक उपत्यका की वायु गुणवत्ता सूचकांक 47 रिकॉर्ड की गई, जो ‘अच्छा’ यानी स्वस्थ श्रेणी में आती है। कुछ सप्ताह पहले विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शीर्ष स्थान पर रहने के बावजूद काठमांडू अब 66वें क्रम पर है। AQI मापदंड के अनुसार 0–50 तक ‘अच्छा’, 51–100 ‘मध्यम’, 101–150 ‘अस्वस्थ’, 151–200 ‘सभी के लिए अस्वस्थ’, 201–300 ‘बहुत अस्वस्थ’ और 300 से ऊपर ‘अत्यंत खतरनाक’ माना जाता है।

बीते वैशाख 10 को वायु गुणवत्ता सूचकांक 247 तक पहुंच गया था, जो बहुत अस्वस्थ श्रेणी में आता है, और सामान्य जनता के लिए स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न करता था। विशेषज्ञों ने उस समय प्रदूषण के उच्च स्तर से श्वसन संबंधी समस्याओं में वृद्धि की चेतावनी दी थी। वातावरण विभाग के महानिर्देशक ज्ञानराज सुवेदी के मुताबिक, लंबे समय तक वर्षा न होने पर धूल, धुआं और जंगल की आग से उत्पन्न प्रदूषण वायुमंडल में जमा हो जाता है। “शुष्क मौसम में वन आग की घटनाएँ बढ़ती हैं और उससे निकलने वाला धुआं उपत्यका में इकट्ठा हो जाता है, जिससे प्रदूषण का स्तर उच्च हो जाता है,” उन्होंने बताया।

“भारत जैसे पड़ोसी देशों से आने वाली प्रदूषित हवा भी काठमांडू के वायु गुणवत्ता पर प्रभाव डालती है।” बड़े वर्षा के कारण धूल और धुआं धुलने के साथ-साथ हवा का प्रवाह बढ़ जाने से वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि दीर्घकालीन रूप से प्रदूषण नियंत्रण के लिए सतत और पर्यावरण-अनुकूल विकास के उपायों को प्रभावी रूप से लागू करना आवश्यक है। वर्तमान सुधार से उपत्यका के निवासियों को कुछ राहत मिली है, लेकिन विशेषज्ञों ने प्रदूषण नियंत्रण के स्थायी उपायों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

यूरोप में क्यों बढ़ रही है अमेरिकी सैन्य उपस्थिति?

अमेरिका की यूरोप में व्यापक सैन्य उपस्थिति है। वहाँ दर्जनों अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं, जहाँ 80 हजार से अधिक सैनिक तैनात हैं।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अमेरिकी सैन्य उपस्थिति यूरोप की सुरक्षा की रीढ़ बनी हुई है। यह उपस्थिति खासतौर पर जर्मनी, इटली, ब्रिटेन और पोलैंड में केंद्रित है।

काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के अनुसार, वर्ष 2025 की शुरुआत तक यूरोप में लगभग 84 हजार अमेरिकी सैनिक थे। यह संख्या तैनाती और प्रशिक्षण के आधार पर समय-समय पर बदलती रहती है।

अमेरिकी अनुसंधान केंद्रों के अनुसार, यूक्रेन युद्ध के कारण पूर्वी यूरोप में अतिरिक्त सैनिक भेजे जाने के बाद यह संख्या 75 हजार से 1 लाख 5 हजार तक पहुँच गई थी।

यूरोप में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति का सबसे बड़ा केंद्र जर्मनी है। वहाँ स्थित रामस्टाइन एयर बेस अमेरिका के बाहर का सबसे बड़ा हवाई ठिकाना है। साथ ही अमेरिकी सैनिकों का यूरोपीय कमांड मुख्यालय स्टुटगार्ट में है, जबकि यूरोप-आफ्रीकी कमांड मुख्यालय विस्बाडेन में है। ग्राफेनवोहर और होहेनफेल्स जैसी जगहों पर भी बड़े प्रशिक्षण केंद्र मौजूद हैं।

जर्मनी में लगभग 38 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और हजारों नागरिक कर्मचारी व उनके परिवार भी वहाँ निवास करते हैं।

सैन्य ठिकानों और सैनिकों की संख्या के हिसाब से इटली दूसरे स्थान पर है। यहाँ पांच अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं, जिनमें एवियानो एयर बेस सबसे महत्वपूर्ण है। यह基地 अमेरिका के साथ-साथ इटली के लिए भी रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहाँ लगभग 8500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।

एवियानो एयर बेस उत्तरी इटली के वेनिस से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। माईबिजगाइड वेबसाइट के अनुसार, यह नाटो के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों में से एक है।

इटली में अन्य अमेरिकी ठिकाने भी मौजूद हैं जैसे – कैम्प डार्बी, विसेन्जा में कैम्प एडरले, सिसिली में सिगोनेला नौसैनिक ठिकाना और नेपल्स में नेवल कमांड। इस प्रकार इटली भूमध्यसागरीय क्षेत्र में अमेरिका का अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र बन चुका है।

रणनीतिक साझेदार

ब्रिटेन अमेरिका के लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश है, इसलिए ब्रिटिश धरती पर कई अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। एक विश्वसनीय और पुराने साझेदार के रूप में ब्रिटेन ने कई अमेरिकी ठिकानों को आश्रय दिया है।

उनमें से RAF लेकनहिथ में अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान तैनात हैं। RAF मिल्डेनहोल हवाई अभियानों और सैन्य सामग्री की आपूर्ति के लिए प्रयोग होता है। RAF फेयरफोर्ड में भारी बमवर्षक विमान उतरते हैं, और यह基地 सामान्यतः नाटो के परमाणु अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

पोलैंड में भी कई अमेरिकी सैन्य基地 हैं, जिनमें रेडजीकोभो基地 सबसे महत्वपूर्ण है। नवंबर 2024 में इसे पहला स्थायी基地 घोषित किया गया।

यह नाटो की मिसाइल रक्षा प्रणाली का हिस्सा है। कैम्प कोसियुस्को अमेरिकी सेना के पांचवें कोर का基地 है। बोवेड्ज基地 सैन्य उपकरण भंडारण एवं सामग्री के लिए इस्तेमाल होता है।

लास्क एयर基地 पर अमेरिकी वायु सेना की टुकड़ियाँ और F-16 विमान तैनात हैं। स्कोवरजिना और बोलेस्लाविएक में भी फॉरवर्ड ऑपरेटिंग साइट्स मौजूद हैं।

पोलैंड के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद पोलैंड में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति की महत्ता और बढ़ गई है।

यूरोप में अमेरिकी सैन्य ठिकानों का एक अन्य महत्वपूर्ण केंद्र टर्की में है, जिसका नाम वास्तव में इनसिरलिक वायुसेना基地 है।

इसे मध्य पूर्व और भूमध्यसागरीय क्षेत्र में अमेरिका के सबसे रणनीतिक基地 के रूप में माना जाता है। यहाँ अमेरिकी वायु सेना और सैन्य अभियानों का समर्थन करने वाली टीमें हमेशा तैनात रहती हैं।

यूरोप में अमेरिकी सैन्य基地 की भूमिका

यूरोप में तैनात अमेरिकी सैनिक विभिन्न कार्य करते हैं, जिनमें सीमा सुरक्षा, सैन्य सामग्री की आपूर्ति, और सहयोगी देशों की सेनाओं को प्रशिक्षण देना शामिल है।

जर्मनी के ब्यूसेल एयर基地 में अमेरिकी सैनिक वहाँ रखे गए 10 से 20 बी-61 परमाणु बमों की निगरानी करते हैं। यह जानकारी काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

अमेरिकी नेशनल गार्ड और पूर्वी यूरोपीय देशों के बीच साझेदारी कार्यक्रम के तहत पेंसिल्वेनिया नेशनल गार्ड के सैनिक लिथुआनियाई सेना के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं।

अमेरिकी 10वीं स्पेशल फोर्स के सैनिक मुख्य रूप से जर्मनी में युक्रेनी सैनिकों को विशेष सैन्य अभियानों की प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।

सन् 2022 के बाद से अमेरिका ने यूक्रेन को किसी अन्य देश की तुलना में अधिक सैन्य सहायता प्रदान की है, जिसमें भारी मात्रा में हथियार और सैन्य उपकरण शामिल हैं।

अमेरिकी अनुसंधान संस्थानों के अनुसार, यूरोप में अमेरिकी उपस्थिति ने यूक्रेनी सैनिकों को नए हथियार चलाने का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ हथियारों और गोला-बारूद को यूक्रेन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सैन्य तैनाती के प्रकार

यूरोप में अमेरिकी सेना की मुख्य रूप से चार प्रकार की तैनाती होती है:

स्थायी तैनाती: यूरोपीय ठिकानों पर हमेशा तैनात सैनिक, जो सुरक्षा अभियानों में संलग्न रहते हैं।

रोटेशन तैनाती: समय-समय पर बदलने वाले सैनिक लेकिन नैटो की तत्परता बनाए रखने के लिए लंबे समय तक यूरोप में रहते हैं।

नेशनल गार्ड साझेदारी कार्यक्रम: अमेरिकी नेशनल गार्ड की इकाइयाँ यूरोपीय सेनाओं के साथ मिलकर प्रशिक्षण लेती हैं।

अस्थायी तैनाती: संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए अल्पकालिक भेजी जाने वाली इकाइयाँ।

इसकी महत्ता क्या है?

विश्वव्यापी अमेरिकी सैन्य ठिकाने सुरक्षा, कूटनीति और मानवीय अभियानों के मुख्य केंद्र हैं।

यूरोप में विशेष रूप से द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अमेरिकी सैन्य उपस्थिति लगातार कायम है।

यह उपस्थिति कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों को पूरा करती है:

  • पूर्वी क्षेत्र से आने वाले खतरे को रोकना
  • सीमांत सुरक्षा सुनिश्चित करना
  • संयुक्त प्रशिक्षण और एकीकृत अभियानों के माध्यम से नैटो गठबंधन को मजबूत बनाना

माईबिजगाइड के अनुसार, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में स्थिरता बनाए रखने के लिए शुरू की गई यह सैन्य तैनाती आज यूरोप की सामूहिक सुरक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।

– भावानुवाद

दीपेन्द्रसिंह ऐरी ODI ऑलराउंडर रैंकिंग में 12 स्थान ऊपर हुए

नेपाली ODI क्रिकेट टीम के उपकप्तान दीपेन्द्रसिंह ऐरी ICC ODI ऑलराउंडर रैंकिंग में 12 स्थान ऊपर चढ़ गए हैं। ICC ने मंगलवार तक के अपडेट के अनुसार बुधवार को जारी नई रैंकिंग में दीपेन्द्र 12 स्थान ऊपर उठकर 31वें स्थान पर पहुंचे हैं। उनका रेटिंग पॉइंट 148 हो गया है।

घरेलू मैदान पर आयोजित लीग 2 श्रृंखला में दीपेन्द्र ने 4 मैचों में 2 अर्धशतक और 1 शतक जमाते हुए 4 विकेट लिए थे। उन्होंने UAE के खिलाफ पहले मैच में 75 रन बनाए और 1 विकेट भी लिया। Oman के खिलाफ मैच में 60 रन बनाते हुए 2 विकेट लिए। UAE के खिलाफ दूसरे मैच में उन्होंने शतक लगाया। Oman के खिलाफ दूसरे मैच में 33 रन बनाकर 1 विकेट लिया।

वर्तमान रैंकिंग में UAE के खिलाफ हुए मैच तक के आंकड़े शामिल हैं। T20I ऑलराउंडर रैंकिंग में दीपेन्द्र चौथे स्थान पर बरकरार हैं।

ओडीआई बलिङ वरियतामा सन्दीपको १५ स्थान सुधार – Online Khabar

ओडीआई बलिंग रैंकिंग में सन्दीप ने १५ स्थान की जबरदस्त छलांग लगाई

समाचार सारांश

समीक्षित जानकारी।

  • नेपाल के राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के स्पिनर सन्दीप लामिछाने ने आईसीसी ओडीआई बलिंग रैंकिंग में १५ स्थान की छलांग लगाकर ४३वें स्थान पर कब्ज़ा किया है।
  • सन्दीप ने घरेलू मैदान पर लीग २ श्रृंखला के ४ मैचों में ८ विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया।
  • बलिंग रैंकिंग में ललित ४ स्थान नीचे आकर ६५वें और करण केसी ५ स्थान नीचे गिरकर ९०वें स्थान पर हैं।

२३ वैशाख, काठमांडू। नेपाली राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के प्रमुख स्पिनर सन्दीप लामिछाने ने आईसीसी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ओडीआई) बलिंग रैंकिंग में १५ स्थान की उल्लेखनीय उछाल लगाई है।

आईसीसी द्वारा मंगलवार तक के आंकड़ों के आधार पर बुधवार को जारी नई रैंकिंग में सन्दीप ५८वें स्थान से उठकर ४३वें स्थान पर आ गए हैं। उनका रेटिंग स्कोर ४८८ है।

घरेलू मैदान पर आयोजित लीग २ श्रृंखला में सन्दीप ने चार मैचों में ८ विकेट लेकर श्रेष्ठ प्रदर्शन किया, साथ ही उन्होंने किफायती गेंदबाजी भी दिखाई।

पहले मैच में यूएई के खिलाफ सन्दीप ने १० ओवर में केवल २५ रन खर्च करते हुए २ विकेट लिए। ओमान के खिलाफ मैच में भी उन्होंने १० ओवर में २४ रन देकर २ विकेट हासिल किए।

यूएई के खिलाफ दूसरे मैच में ८ ओवर में ३६ रन खर्च करके ३ विकेट लिए जबकि ओमान के दूसरे मैच में ८.५ ओवर में ३० रन खर्च करके १ विकेट लिया।

बलिंग रैंकिंग में अन्य नेपाली खिलाड़ियों की स्थिति थोड़ी बिगड़ी है। ललित लामिछाने ४ स्थान नीचे आकर ६५वें स्थान पर हैं जबकि करण केसी ५ स्थान खिसककर ९०वें स्थान पर हैं।

धनुषा में चितुवे के हमले में एक व्यक्ति घायल

२३ वैशाख, जनकपुरधाम। धनुषा में चितुवे के हमले के कारण एक व्यक्ति घायल हो गया है। मिथिला नगरपालिका–७, केमलीपुर के ४८ वर्षीय किर्तिमान विक घायल हुए हैं। आज सुबह खेत में लगे तारजाली की जाल में चितुवा फंसा हुआ देखा गया। विक जब इसे देखने गए तो चितुवे ने उन पर हमला कर दिया, यह जानकारी इलाका प्रहरी कार्यालय ढल्केबर ने दी है। घायल विक को ढल्केबर स्थित एक निजी स्वास्थ्य केन्द्र में उपचाराधीन रखा गया है। चितुवा अभी भी उसी तारजाली की जाल में फंसा हुआ है और वन कार्यालय तथा सुरक्षा कर्मियों की टीम उसे बचाने के लिए पहुंची है, पुलिस ने बताया।

रुपन्देही एवं पोखरामा जुवा खेलिरहेका २९ व्यक्ति गिरफ्तार

रुपन्देहीको सिद्धार्थ नगरपालिका–१० स्थित रोयल कालिङ्गा क्यासिनोमा जुवा खेलिरहेको हालतमा १९ जना गिरफ्तार भएका छन्। प्रहरीले उनीहरूको साथबाट नगद ९५ हजार ५०० रुपैयाँ, क्यासिनो क्वाइन ५० थान र मोबाइल १७ थान बरामद गरेको छ। २३ वैशाख, काठमाडौं।

पोखरा महानगरपालिका–१३ काहुँखोलामा जुवातास खेलिरहेको अवस्थामा ५१ वर्षीय चित्रबहादुर रानाभाटसहित १० जना गिरफ्तार भएका छन्। उनीहरूलाई नगद रु ७७ हजार १८० र ८९९ पत्ती ताससहित वडा प्रहरी कार्यालय रामबजारबाट गिरफ्तार गरिएको हो। लुम्बिनी प्रदेश प्रहरी कार्यालय दाङ र जिल्ला प्रहरी कार्यालय रुपन्देहीबाट खटिएको टोलीले गत रात उक्त क्यासिनोमा उनीहरूलाई गिरफ्तार गरेको हो।

टेक्सास में गोलीबारी में दो की मौत, तीन घायल

अमेरिका के टेक्सास राज्य के डलास के उत्तर में स्थित एक शॉपिंग सेंटर के नजदीक गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। अमेरिकी पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से पाँच लोगों पर गोली चलाई थी।

घटना में घायल और हमलावर एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में गहरी चिंता और आक्रमण पैदा कर दी है।

गगन–विश्व र पूर्णबहादुरबीच भेटवार्ता – Online Khabar

गगनकुमार थापा और पूर्णबहादुर खड्काबीच भेंटवार्ता सम्पन्न

नेपाली कांग्रेस के सभापति गगनकुमार थापाने २३ वैशाख को दिन निवर्तमान कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्कासँग गल्फुटार स्थित निवास में भेंटवार्ता की है। सभापति थापा उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा के साथ सुबह ११ बजे खड्का के निवास पहुँचे और लगभग सवा एक घंटे तक संवाद हुआ, इसकी जानकारी खड्का के निजी सचिव गौतम बीसी ने दी है।

इसके पहले मंगलवार शाम को होने वाली नेतागणों के बीच भेंट अंतिम समय पर स्थगित हो गई थी। सभापति थापाने ६ वैशाख को भी गल्फुटार में खड्कासँग भेंट की थी। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच हुई भेंटवार्ता का विषय अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

जूनियर मिस्टर बिन

समाचार सारांश

ओके एआई द्वारा तैयार किया गया। संपादकीय समीक्षा की गई।

  • जतिन थान्वी ने मिस्टर बिन के पात्र को भारतीय परिवेश में ढालते हुए टाई और ब्लेज़र पहनकर अभिनय किया है।

चीन के एप को भारत ने टिकटक पर प्रतिबंध लगाने से कुछ महीने पहले जतिन थान्वी इस एप के साथ जुड़े थे। उस समय उनकी उम्र 20 साल थी और वे आर्किटेक्चर के छात्र थे। उन्होंने एप पर साधारण डांस ट्रेंड और चैलेंज के वीडियो बनाए।

लेकिन उन्हें कुछ नया करने की जरूरत महसूस हुई।

इसके बाद उन्होंने 90 के दशक के प्रसिद्ध टेलीविजन पात्र ‘मिस्टर बिन’ की नकल करके वीडियो बनाना शुरू किया। उन्होंने अपना पहला वीडियो पोस्ट किया। सामान्य स्थिति में भी वे मिस्टर बिन से दिखने में मिलते-जुलते थे, उनके दोस्त भी ऐसा ही कहते थे।

मिस्टर बिन जैसी पोशाक पहनकर ऐसा वीडियो बनाकर वे रातोंरात टिकटक में वायरल हो गए। बहुत ही कम समय में 5 करोड़ 60 लाख (56 मिलियन) से अधिक व्यूज प्राप्त हुए।

तब से उनका परिचय ही बदल गया। उनका भविष्य का रास्ता ही मोड़ गया। आज जतिन ‘जूनियर मिस्टर बिन’ बन चुके हैं। वे भारत के मिस्टर बिन कहलाते हैं। कई लोग उन्हें इसी नाम से जानते हैं और वे भी यही चाहते हैं।

1990 और 2000 के दशक में रॉवन एटकिंसन द्वारा निभाए गए मिस्टर बिन के चरित्र की नकल करना उनकी खासियत है। उसमें वे नवीनता जोड़ते हुए पात्र को भारतीय परिवेश में ढालते हैं।

जैसे मिस्टर बिन बहुत बोलते नहीं हैं, पर हाव-भाव और चेहरे के एक्सप्रेशन से दर्शकों को हंसाने की क्षमता रखते हैं, जतिन भी ऐसा ही करते हैं।

मिस्टर बिन के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए वे अपने वीडियो में नियमित रूप से टाई और ब्लेज़र पहनते हैं। मिस्टर बिन के साथी टेडी को भी लेकर दिखाते हैं। साथ ही मिस्टर बिन की तरह अस्पष्ट और धुंधली आवाज की नकल भी करते हैं।

वर्तमान में वे कई कार्यक्रमों में भाग लेते हैं और वहां मिस्टर बिन के विविध अभिनय प्रस्तुत करते हैं।

लेकिन क्यों मिस्टर बिन?

जतिन के अनुसार, उन्हें बचपन से ही कई लोग मिस्टर बिन जैसा दिखता बताया करते थे। उन्हें भी मिस्टर बिन बहुत पसंद था। वे स्कूल और अपने गांव में आयोजित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं में भी मिस्टर बिन के रूप में जाते थे।

मिस्टर बिन बिना बोले हाव-भाव से हंसाने की शैली के जतिन बहुत बड़े प्रशंसक थे। एक इंटरव्यू में एटकिंसन ने मिस्टर बिन को वयस्क शरीर वाला बच्चा कहा था।

सभी जाति और संस्कृति में बच्चों का व्यवहार लगभग समान होता है, जिसे हर कोई आसानी से ‘रिलेट’ कर सकता है। इसका जतिन पर भी गहरा प्रभाव पड़ा था।

बचपन से शर्मीले और कमजोर स्वभाव के जतिन ज्यादा आत्मविश्वासी नहीं थे। बचपन में झगड़े के कारण दोस्त खोने का डर उन्हें हमेशा सताता था।

लेकिन जब वे पर्दे पर मिस्टर बिन को देखते थे, तो अपनी समस्याएं धीरे-धीरे दूर होती महसूस होती थीं, क्योंकि मिस्टर बिन सामाजिक नियमों का पालन नहीं करते थे और उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं थी।

जतिन के अनुसार, मिस्टर बिन ऐसा व्यक्ति हैं जिसे किसी की जरूरत नहीं और जो दूसरों की बातों की परवाह नहीं करता। इसलिए जतिन ने खुद को पर्याप्त समझा, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा।

इसके बाद उन्होंने अपनी झिझक, डर और असामान्यता को दूर करने का माध्यम अभिनय बनाया। तब वे जूनियर मिस्टर बिन बन गए।

उनका यह कार्य नई पीढ़ी में मिस्टर बिन को जोड़ने में सफल रहा है और जतिन खुद इस काम का सबसे अधिक आनंद उठा रहे हैं।

त्रिचन्द्र क्याम्पस के छात्रों ने शिक्षा मंत्री से खुले संवाद की मांग की

त्रिचन्द्र क्याम्पस की स्वतंत्र छात्र यूनियन ने शैक्षिक क्षेत्र में प्रशासनिक सुधारों के दीर्घकालिक प्रभावों पर शिक्षा मंत्री के साथ चर्चा की आवश्यकता जताई है। स्ववियु अध्यक्ष गोविंद कोइराला ने कहा कि सरकार के उद्देश्य को स्पष्ट करने के लिए छात्रों और शिक्षा मंत्री के बीच खुले संवाद की आवश्यकता है।

छात्रों और शिक्षा मंत्री के बीच संवाद आगामी शुक्रवार को त्रिचन्द्र बहुमुखी क्याम्पस की स्वतंत्र छात्र यूनियन के माध्यम से आयोजित किया जाएगा। कोइराला ने कहा, “सरकार के उद्देश्य को समझाने के लिए छात्रों और शिक्षा मंत्री के बीच संवाद जरूरी है। इसलिए हम शिक्षा, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्री महोदय से खुले संवाद के लिए इच्छुक हैं।”

उन्होंने जानकारी दी कि छात्रों और शिक्षा मंत्री के बीच यह संवाद त्रिचन्द्र बहुमुखी क्याम्पस की स्वतंत्र छात्र यूनियन द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी। यह संवाद अगले शुक्रवार को नियत किया गया है।

इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची चीन में, एजेंडा क्या है?

इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची कूटनीतिक प्रतिनिधिमंडल के साथ चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे हैं। अराघची चीनी विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा करेंगे। यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के चीन दौरे से पहले हुई है, जबकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चीन से इरान पर दबाव डालने का आग्रह किया है।

इरानी समाचार एजेंसी तसनीम और फार्स के अनुसार, अराघची चीनी विदेश मंत्री के साथ बातचीत करेंगे। इरानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों में हो रहे विकास पर चर्चा करना है। एसोसिएटेड प्रेस की जानकारी के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल द्वारा इरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के बाद यह इरानी विदेश मंत्री का पहला चीन दौरा है।

चीन इरान का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार और इरानी तेल का प्रमुख खरीदार है। अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद, चीन ने इरानी तेल की खरीद जारी रखी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 और 15 मई को चीनी राष्ट्रपति सी जिनपिंग से मिलने के लिए चीन दौरे पर होंगे, ऐसे में अराघची का यह दौरा विशेष महत्व रखता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चीन से आग्रह किया है कि वह इरान को होर्मुज जलडमरु क्षेत्र का नियंत्रण छोड़ने के लिए दबाव बनाए। मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए रुबियो ने यह आग्रह किया।

दीपक-दीपाले गागलफेदीबाट थाले ‘छ माया छपक्कै २’ छायांकन

दीपक-दीपाले गागलफेदी से ‘छ माया छपक्कै २’ की शूटिंग शुरू की

अभिनेता दीपकराज गिरी ने आगामी फिल्म ‘छ माया छपक्कै २’ की शूटिंग बुधवार गागलफेदी से शुरू की है। यह फिल्म सामाजिक-राजनीतिक कथानक पर आधारित दूसरी कड़ी है और दीपेन्द्र लामाले इसका निर्देशन करेंगे। निर्माता धीरज चापागाईं ने बताया कि पहले चरण में 30 दिनों और दूसरे चरण में 20 दिनों में शूटिंग पूरी करने की योजना है।

पहले दिन दीपक और केकी अधिकारी की भूमिकाओं के महत्वपूर्ण दृश्यों की शूटिंग के साथ फिल्मांकन शुरू हुआ। यह फिल्म सन् 2019 में आई प्रसिद्ध फिल्म ‘छ माया छपक्कै’ की दूसरी कड़ी है। निर्माता धीरज चापागाईं के अनुसार, पहले दिन केकी और दीपक के हिस्से की शूटिंग की गई। इस फिल्म में सनिशा भट्टराई भी अभिनय करती दिखेंगी।

फिल्म के निर्माता रोहित अधिकारी हैं। रोहित अधिकारी फिल्म्स और आमा सरस्वती मूविज के बैनर तले यह फिल्म बन रही है जबकि प्रस्तुतकर्ता आईएमई है। फिल्म का प्रदर्शन आगामी दशहरे में होने की संभावना है।