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लेखक: space4knews

निर्माण व्यवसायी उठाएर पीएकहाँ बुझाउनू – Online Khabar

निर्माण व्यवसायियों को जबरन उठाकर शहरी विकास मंत्रालय में प्रस्तुत करने का निर्णय

समाचार सारांश

  • लामा कंस्ट्रक्शन के प्रबंध संचालक पिताम्बर बडु को टेंडर अनियमितता के कारण पुलिस ने शहरी विकास मंत्रालय के आदेश पर गिरफ्तार कर मंत्रालय में प्रस्तुत किया है।
  • निर्माण व्यवसायी डिजेल की कीमत वृद्धि, बिटुमिन की कमी और स्थानीय निर्माण सामग्री की उपलब्धता में रुकावट के कारण सड़क निर्माण प्रभावित होने की शिकायत कर रहे हैं।
  • नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघ ने मूल्य वृद्धि और समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन पत्र देकर सड़क व ऊर्जा विभाग में धरना देने का निर्णय लिया है।

३० वैशाख, काठमांडू। लामा कंस्ट्रक्शन के प्रबंध संचालक पिताम्बर बडु सोमवार सुबह करीब 9 बजे अस्पताल जाने के लिए पुत्र के साथ घर से निकले। माछापोकरी के पास पुलिस ने उनकी गाड़ी रोकी। पुलिस ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए आईडी कार्ड दिखाए और कहा कि उन्हें अपनी गाड़ी में बैठना होगा।

हालांकि, पुलिस ने यह नहीं बताया कि किस मामले में और किस कारण से बडु को गिरफ्तार किया जा रहा है। बडु ने स्थिति के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वे बीमार हैं और अस्पताल जाना है, इसलिए बेटे को भी साथ ले जाने की अनुमति देने का आग्रह किया।

पुलिस ने सौहार्दपूर्ण तरीके से अनुमति दी, लेकिन गाड़ी में पुलिसकर्मियों को बैठाने पर अड़ गए। इसके बाद उन्हें टेकु स्थित अपराध अनुसन्धान कार्यालय ले जाया गया और वहां से ही गिरफ्तारी का आदेश दिया गया। बताया गया कि यह गिरफ्तारी शहरी विकास मंत्रालय के आदेश पर टेंडर अनियमितताओं की जांच के लिए की गई है।

बडु ने पूछा, ‘कौन सा टेंडर और क्यों गिरफ्तार कर रहे हैं?’ पुलिस ने कहा, ‘हमने गिरफ्तारी नहीं की, यह शहरी विकास मंत्रालय के आदेश के अनुसार आपको मंत्रालय में पेश करना है।’

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें मंत्रालय के मंत्री सुनील लम्साल के सचिवालय में पहुंचाया। सचिवालय ने कहा कि उन्हें सांगा–धुलिखेल सड़क परियोजना के संबंध में मंत्रालय में बुलाया गया है।

यह खबर जल्दी ही मीडिया में फैल गई। बडु का कहना है, ‘मंत्री से सिर्फ एक बार कॉल आता तो मैं तुरन्त मंत्रालय पहुंच जाता। यह मेरी पहली बार अपराध अनुसन्धान कार्यालय आने की स्थिति है। ६८ वर्षों तक ईमानदारी से काम करने के दौरान ऐसी अपमानजनक घटना हुई।’

सचिवालय ने सड़क विभाग के महानिर्देशक और इंजीनियरों को भी बुलाकर परियोजना की प्रगति और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि ७० प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, बिजली पोल हटाने में देरी के कारण सड़क विस्तार में बाधा आई है, और महंगाई व बिटुमिन की कमी से काम धीमा हुआ है। धुलिखेल में विवाद के कारण सरकारी कामों में रुकावट आई है।

शासन के साथ बातचीत के बाद बडु को वापस जाने की अनुमति दी गई।

‘मैं मंत्री या सचिव से नहीं मिला, सचिवालय ने केवल मेरा बयान लेकर छोड़ दिया,’ बडु ने कहा, ‘मैं इस देश के निर्माण में हमेशा ईमानदारी से काम करता रहा हूं। इस तरीके से मीडिया में प्रचार कर अपमानित किया गया। अब मैं और परियोजनाएं लेने का इच्छुक नहीं हूं।’

इसी तरह पुराने निर्माण व्यवसायी रमेश शर्मा का भी ऐसा ही अनुभव है। बिटुमिन और स्थानीय निर्माण सामग्री की कमी तथा कीमत वृद्धि की वजह से मुग्लिन–नागढुंगा सड़क निर्माण रुका हुआ है।

शर्मा एंड कंपनी के कार्यकारी निदेशक रमेश शर्मा को भी पुलिस इसी प्रकार से गिरफ्तार कर शहरी विकास मंत्रालय में ले गई।

उनके अनुसार सड़क विभाग के महानिर्देशक विजय जैसी ने सोमवार सुबह १०:३० बजे मंत्रालय में बैठक के लिए बुलाया था। बैठक स्थगित होने की सूचना मिलने पर कार्यालय में थे जब पुलिस आई और उन्हें पकड़ने का प्रयास किया।

जब उन्होंने पूछा कि किस आधार पर गिरफ्तारी कर रहे हैं और गिरफ्तारी आदेश कहा है, पुलिस ने बताया कि वे भौतिक पूर्वाधार मंत्री सुनील लम्साल के निर्देश पर आए हैं। इसके बाद वे पुलिस के साथ अपनी गाड़ी में मंत्रालय पहुंचे।

बार-बार मीटिंग में न आने पर मंत्री लम्साल के निर्देशानुसार उन्हें लाना पड़ा।

शर्मा ने बताया, ‘मैं मंत्रालय के बुलावे पर हमेशा जाता हूं। मंत्री हो या आयोजन के कर्मचारी बोलाएं, जाता हूं। फोन भी नहीं उठाया नहीं है।’

मंत्रालय में पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें मंत्री लम्साल के सचिवालय में सौंपा और फिर लौट गई।

उन्होंने समस्याओं पर भी जोर दिया, ‘रास्वपाक सांसद आशिका तामांग के कारण स्थानीय स्तर ने गिट्टीढुंगा निकासी बंद कर दिया है। भारत ने बिटुमिन के निर्यात पर रोक लगा दी है। हम रोजाना २० हजार लीटर डिजेल मांगते हैं, आयल निगम केवल ४ हजार लीटर देता है। सरकार अगर इन समस्याओं का समाधान करे तो हम समय पर काम करने को तैयार हैं। पर बार-बार समस्या नहीं सुलझाने के बावजूद अचानक गिरफ्तारी की गई।’

निर्माण सामग्री के मूल्य वृद्धि की स्थिति में १० प्रतिशत लागत निर्माण व्यवसायी को वहन करनी होती है और बाकी सरकार, जो सार्वजनिक खरीद अधिनियम की धारा ५३ में स्पष्ट है। पर डिजेल की कीमत १०० रुपये से ऊपर होने पर सरकार ने कोई मुआवजा देने का निर्णय नहीं लिया है।

‘इतने वर्षों तक निर्माण क्षेत्र में काम किया, कई परियोजनाएं समय से पहले पूर्ण कीं। ईमानदारी से काम कर रहा हूं, लेकिन सरकार ने अपराधी जैसा व्यवहार किया,’ शर्मा कहते हैं, ‘अब सोच रहा हूं कि निर्माण व्यवसाय जारी रखना है या नहीं।’

लेकिन निजी क्षेत्र ने सरकार पर प्रतिष्ठित निर्माण व्यवसायियों को अपहरण जैसी कार्रवाई कर डराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघ के महासचिव शिवहरी घिमिरे ने बताया कि दो स्थापित व्यवसायियों को अपहरण जैसी कार्रवाई की गई और ३० से अधिक व्यवसायियों को सिंहदरबार में बुलाकर बयान लिए जा रहे हैं।

‘निर्माण व्यवसायियों ने काम प्रभावित करने वाले आंतरिक और बाहरी कारण भी बताए हैं, लेकिन जिम्मेदारी नहीं लेने वाली सरकार ऐसी कार्रवाई कर रही है, जिसका कोई लाभ नहीं होगा,’ घिमिरे ने कहा।

निर्माण व्यवसायी डिजेल की कीमत वृद्धि से परिवहन महंगा होने, सड़क निर्माण के लिए आवश्यक बिटुमिन की कमी, और स्थानीय निर्माण सामग्री उत्खनन पर संघ एवं स्थानीय सरकार की रोक से समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

‘नौबिसे की सड़क निर्माण के लिए सामग्री त्रिशूली से निकालनी पड़ती है, लेकिन स्थानीय तह इसे रोक रहा है। ऐसे में जिम्मेदार निर्माण व्यवसायी हैं या सरकार?’ घिमिरे ने सवाल उठाया।

शर्मा एंड कंपनी के प्रबंध निदेशक शर्मा ने भी ऐसे ही मुद्दे उठाए हैं। उद्योगपतियों ने परियोजना में ९० प्रतिशत देरी की जिम्मेदारी सरकार को दी है।

बिजली पोल समय पर हटाने में असमर्थता, पेड़ काटने में झंझट, निर्माण सामग्री उत्खनन विवाद के कारण देरी हो रही है, जिससे निर्माण व्यवसायी प्रभावित हो रहे हैं।

ऐसे दबावों से निजी क्षेत्र, निर्माण क्षेत्र और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। धादिंग की स्थानीय जनप्रतिनिधि आशिका तामांग ने निर्माण सामग्री उत्खनन पर रोक लगाई है, जिसके कारण स्थानीय तह विरोध कर रहे थे।

इस विषय पर भौतिक तथा शहरी विकास मंत्रालय के सचिव गोपाल सिग्देल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

महासंघ आंदोलन में

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से ईंधन, निर्माण सामग्री, श्रमिक और परिवहन लागत में वृद्धि और समस्या समाधान के लिए सरकार तैयार नहीं होने के कारण नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघ ने आंदोलन शुरू किया है।

महंगाई के कारण निर्माण कार्य ठप हो सकता है, इसलिए महासंघ ने गुरुवार को सड़क तथा ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई विभाग के महानिर्देशकों को ज्ञापन पत्र देकर संबंधित विभागों में धरना देने का निर्णय लिया है।

महासचिव घिमिरे के अनुसार शुक्रवार और सोमवार को शहरी विकास एवं भवन निर्माण, पेयजल एवं ढल प्रबंधन विभागों के महानिर्देशक कार्यालयों में ज्ञापन पत्र देकर आधा घंटे धरना दिया जाएगा।

७७ जिलों की निर्माण व्यवसायी संघ गुरुवार को प्रमुख जिला अधिकारी के समक्ष ज्ञापन पत्र देकर आधा घंटे धरना देंगे।

जिला संघ शुक्रवार और सोमवार को पूर्वाधार विकास कार्यालय, डिविजन सड़क कार्यालय, शहरी विकास एवं भवन तथा सिंचाई कार्यालयों में ज्ञापन पत्र देकर धरना देंगे।

सातों प्रदेश निर्माण व्यवसायी महासंघ मुख्यमंत्री को ज्ञापन पत्र देकर आधा घंटे धरना देने की तैयारी कर रहे हैं, महासंघ के नीतिगत उपमहासचिव एवं प्रवक्ता मंगलबहादुर शाही ने बताया।

एंड्रॉइड ने ‘जेमिनी इंटेलिजेंस’ लॉन्च किया, स्मार्टफोन उपयोग में नई क्रांति

एंड्रॉइड ने ‘जेमिनी इंटेलिजेंस’ नामक नया एआई फीचर पेश किया है जो स्मार्टफोन को एक व्यक्तिगत सहायक में बदल देगा। जेमिनी एप्लिकेशन के बीच तालमेल बिठाकर जटिल कार्यों को स्वचालित करेगा, रैमबलर फीचर स्पष्ट संदेश तैयार करेगा और क्रोम में स्मार्ट ब्राउज़िंग सुविधा देगा। यह फीचर गैलेक्सी S26 और पिक्सेल 10 सीरीज से शुरू होकर वर्ष के अंत तक स्मार्टवॉच, कार, चश्मा और लैपटॉप पर भी उपलब्ध होगा।

एंड्रॉइड ने अब तक का अपना सबसे उन्नत एआई फीचर ‘जेमिनी इंटेलिजेंस’ जारी किया है, जो स्मार्टफोन उपयोग के तरीके में पूरी तरह बदलाव लाने का दावा करता है। खासकर सैमसंग गैलेक्सी S26 और पिक्सेल 10 सीरीज में शुरू होने वाला यह तकनीक उपयोगकर्ता के डिवाइस को केवल एक साधारण उपकरण नहीं बल्कि एक व्यक्तिगत सहायक में बदल देगा।

जेमिनी इंटेलिजेंस की सबसे बड़ी विशेषता विभिन्न एप्लिकेशन के बीच इंटरएक्टिव तालमेल प्रदान करना है। उपयोगकर्ता जिन जटिल कार्यों को मुश्किल समझते हैं, उन्हें यह एक साथ पूरा करेगा। जेमिनी आवाज के आधार पर जिम क्लास बुकिंग करेगा, या जीमेल से कोर्स संबंधित जानकारी लेकर ज़रूरी किताबें शॉपिंग कार्ट में जोड़ने में सहायता करेगा। यदि उपयोगकर्ता के ‘Notes’ एप में शॉपिंग लिस्ट है, तो पावर बटन दबाकर जेमिनी से उन वस्तुओं को ऑनलाइन डिलीवरी के लिए ऑर्डर किया जा सकता है।

जेमिनी द्वारा बोले गए शब्दों को ‘रैमबलर’ फीचर सुनता है और उससे मुख्य बातें निकालकर उत्कृष्ट संदेश तैयार करता है। यह एक साथ कई भाषाओं को समझ सकता है। यदि हिंदी और अंग्रेज़ी मिश्रित भाषा में बोला गया हो तो यह संदर्भ समझकर स्पष्ट पाठ में बदल देता है। यह प्रणाली उपयोगकर्ता की आवाज़ को स्टोर नहीं करती, केवल तत्काल (रियल-टाइम) ट्रांसक्रिप्शन करती है।

जेठ ३ तारीख को बुटवल में सुकुमवासियों का राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न होने वाला है

समाचार सारांश

  • भूमिहीन और अव्यवस्थित बसने वाले लोग जेठ ३ तारीख को बुटवल में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर सरकार के खिलाफ बड़े प्रदर्शन करेंगे।
  • संघर्ष समिति के संयोजक खगेन्द्र पौडेल ने बताया कि प्रदर्शन में लगभग ३० हजार लोग शामिल होंगे और २२ जिलों से प्रतिनिधि आएंगे।
  • संघर्ष समिति ने भूमि संबंधी कानून में बदलाव कर भू-उपयोग नीति २०७६ के अनुसार १० वर्षों से बसे क्षेत्रों का लालपुर्जा देने की मांग की है।

३० वैशाख, बुटवल। सार्वजनिक जमीन संरक्षण के नाम पर रास्वपा नेतृत्व वाली सरकार पर डोजर आतंक फैलाने का आरोप लगाते हुए अव्यवस्थित और भूमिहीन बसने वाले लोगों ने आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की है। काठमांडू सहित देश के कई हिस्सों में सरकार द्वारा डोजर लगाकर वर्षों से बसे बस्तियों को खाली कराने के बाद भूमिहीन और अव्यवस्थित बसने वाले लोग आगामी जेठ ३ तारीख को बुटवल में राष्ट्रीय सम्मेलन और विरोध प्रदर्शन करेंगे।

मंगलवार को पत्रकार सम्मेलन में भूमिहीन सुकुमवासी और अव्यवस्थित बसोबासी संघर्ष समिति ने बताया कि जेठ ३ तारीख को देशभर के भूमिहीन एवं अव्यवस्थित बसने वालों का राष्ट्रीय सम्मेलन और सरकार के खिलाफ विशाल प्रदर्शन होगा।

सम्मेलन से पहले बुटवल राजमार्ग चौराहे से ट्रैफिक चोक तक प्रदर्शन होगा, यह जानकारी संघर्ष समिति के संयोजक खगेन्द्र पौडेल ने दी। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शन में ३० हजार से अधिक लोग भाग लेंगे और देश के २२ जिलों से प्रतिनिधि मौजूद होंगे। इसके अलावा रुपन्देही के १६ स्थानीय तहों से भी व्यापक सहभागिता होगी।

जेठ ३ को आयोजित बड़े प्रदर्शन के बाद बुटवल में राष्ट्रीय सम्मेलन होगा, जिसमें पूरे देश में हो रहे आंदोलनों की रणनीति बनाई जाएगी, संयोजक पौडेल ने बताया। संघर्ष समिति ने राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए विभिन्न उपसमिति गठित कर चुकी है और तैयारी अंतिम चरण में है।

पत्रकार सम्मेलन में संघर्ष समिति के सलाहकार वीरेन्द्र विक ने बताया कि सरकार को उचित प्रबंधन के बिना वर्षों से बसे बस्तियां हटाने की कोशिश बंद करनी चाहिए और दबाव बनाने के लिए आंदोलन और रणनीति के तहत राष्ट्रीय भेला आयोजित किया गया है।

भूमि संबंधी कानून में सुधार आवश्यक है और भू-उपयोग नीति २०७६ के अनुसार कम से कम दस वर्षों से बसी जगह का लालपुर्जा प्रदान किया जाना चाहिए, विक ने कहा। साथ ही भूमिसंबंधी नीति निर्माण और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में भूमिहीन और अव्यवस्थित बसने वालों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर उन्होंने जोर दिया। संघर्ष समिति को रुपन्देही के १२ विपक्षी दलों ने भी समर्थन दिया है।

‘नेपाल और बांग्लादेश में सरकार बदलकर दिखा चुके हैं, यहाँ मंत्री तक नहीं बदल पाते?’

३० वैशाख, काठमाडौँ। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को भारत के युवा पीढ़ी से राष्ट्रीय योग्यता प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र चुहावट मामले में जवाबदेही की मांग की। उन्होंने युवाओं में राजनीतिक बदलाव करने की शक्ति होने का जिक्र करते हुए नेपाल और बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के उदाहरण पेश किए। पत्रकार सम्मेलन में बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास इस प्रकार लगातार हो रही प्रश्नपत्र चुहावट की घटनाओं से कमजोर हुआ है। उन्होंने युवाओं से इस मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ सड़क पर उतरने की अपील की।

‘अगर बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों के युवा सरकार बदल सकते हैं, तो भारतीय युवा भी प्रश्नपत्र चुहावट की घटनाओं में जवाबदेही सुनिश्चित कर सकते हैं,’ उन्होंने कहा। केजरीवाल ने पूर्व में केंद्रीय अनुसन्धान ब्यूरो (CBI) की जांचों की प्रभावकारिता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि दोषियों को कभी कड़ी सजा मिली है या नहीं। ‘२०१४ में मोदी सरकार के बाद परीक्षाओं के प्रश्नपत्र चुहावट की ९३ घटनाएँ हुई हैं। ज्यादातर घटनाएं उन राज्यों में हुई हैं जहां बीजेपी की सरकार है,’ केजरीवाल ने ज़ोर दिया, ‘इससे ६ करोड़ युवाओं का नुकसान हुआ है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात में ऐसी घटनाएं अधिक हुई हैं। ये राज्य और केंद्र में बीजेपी सरकार होना कोई संयोग नहीं है।’

केजरीवाल ने हाल ही में प्रश्नपत्रों के लीक होने की घटनाओं का केंद्र राजस्थान होने के कारण यहाँ नेताओं के शामिल होने की भी आशंका जताई। ‘अगर ऐसा है तो केंद्रीय अनुसन्धान ब्यूरो क्या कर सकता है? मैं युवा वर्ग से पूछना चाहता हूँ, क्या यह चलने देना सही है?’ केजरीवाल ने कहा। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश के आंदोलनों का उदाहरण देते हुए युवाओं से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का अनुरोध किया। ‘अगर नेपाल और बांग्लादेश के युवा सड़कों पर उतरकर सरकार बदल सकते हैं, तो क्या हमारे युवा प्रश्नपत्र चुहावट में शामिल मंत्रियों को जेल नहीं भेज सकते? मुझे आप पर पूरा भरोसा है,’ उन्होंने कहा। ‘जिन लोगों की संलिप्तता पाई जाती है, उन्हें दोषी ठहराओ, जेल भेजो, सड़कों पर उतरो, विरोध करो और इस घृणित खेल को बंद कराओ।’ केजरीवाल ने इस मामले में हो रही केंद्रीय अनुसन्धान ब्यूरो की जांच पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि इससे कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलेगा। ‘पहले की चुनाव प्रश्नपत्र चुहावट घटनाओं में ब्यूरो कुछ कर नहीं सका है,’ उन्होंने कहा। 2014 के बाद हुई विभिन्न परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र चुहावट के घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनका नतीजा देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर रहा है।

दीपेन्द्रको ओडीआई अलराउन्डर वरियतामा तीन स्थानले सुधार

नेपाली ओडीआई क्रिकेट टोलीका उपकप्तान दीपेन्द्रसिंह ऐरी आईसीसी ओडीआई अलराउन्डर वरियतामा तीन स्थान माथि उक्लिएका छन्। आईसीसीले मंगलबारसम्मको अपडेट लिएर बुधबार सार्वजनिक गरेको नयाँ वरियता अनुसार दीपेन्द्र अहिले २८औं स्थानमा पुगेका छन्। उनका रेटिङ अंक १५३ पुगेका छन्। घरेलु मैदानमा सम्पन्न लिग २ शृंखलामा उनले २ अर्धशतक र १ शतक प्रहार गर्दै ४ विकेट पनि लिएका थिए।

दीपेन्द्रले यूएईसँगको पहिलो खेलमा ७५ रन बनाएका थिए र १ विकेट पनि लिए। ओमानसँगको खेलमा उनले ६० रन बनाएर २ विकेट झिकेका थिए। यूएईसँगको दोस्रो खेलमा उनले शतक प्रहार गरे। ओमानसँगको दोस्रो खेलमा भने ३३ रन बनाए र १ विकेट लिए। पछिल्लो अपडेटमा यूएईसँगको खेलसम्मको प्रदर्शनलाई मात्र समावेश गरिएको छ। हिजो मंगलबार स्कटल्यान्डविरुद्ध खेलेको खेलको प्रदर्शन भने अर्को हप्ताको अपडेटमा समावेश हुनेछ।

टी-२०ई अलराउन्डर वरियतामा भने दीपेन्द्र चौथो स्थानमै यथावत् रहेका छन्। अलराउन्डर वरियतामा करण केसी तीन स्थान तल झरेर ८४औं स्थानमा पुगेका छन्।

सी जिनपिङ भेट्न बेइजिङ आइपुगे ट्रम्प, कुन मुद्दामा होला छलफल ?

ट्रम्प सी जिनपिङ से मिलने बीजिंग पहुंचे, किन विषयों पर होगी चर्चा?

समाचार सारांश

समीक्षा पश्चात तैयार किया गया।

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चीन के बीजिंग पहुंचे हैं और दो दिनों के शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति सी जिनपिंग के साथ भाग ले रहे हैं।
  • ट्रम्प का विमानस्थल पर उपराष्ट्रपति हान झेंग ने स्वागत किया, जिसे चीन द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति को दी जाने वाली विशेष सम्मान की निशानी माना जाता है।
  • बैठक में टैरिफ, तकनीकी प्रतिस्पर्धा, ईरान युद्ध और ताइवान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चीन के बीजिंग पहुंच गए हैं।

चीनी राष्ट्रपति सी जिनपिंग के साथ दो दिन के महत्त्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ट्रम्प बुधवार को बीजिंग पहुँचे।

एयर फोर्स वन से चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे ट्रम्प का विमानस्थल पर उपराष्ट्रपति हान झेंग ने स्वागत किया।

हान झेंग चीन के शीर्ष नेताओं में से एक हैं। ट्रम्प का स्वागत करने के लिए उन्हें भेजा जाना अमेरिका के राष्ट्रपति को चीन द्वारा दिए जाने वाले विशेष सम्मान का प्रतीक माना गया है।

पहले, 2017 में ट्रम्प के चीन दौरे के दौरान, चीन ने उनके स्वागत के लिए अपेक्षाकृत कनिष्ठ नेता, स्टेट काउंसिलर यांग जिची को ही भेजा था।

हान झेंग ने 2025 में ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह में भी हिस्सा लिया था।

विश्व की दो महाशक्तियों के बीच इस बैठक में टैरिफ, तकनीकी प्रतिस्पर्धा, ईरान युद्ध और ताइवान जैसे मुख्य मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

ट्रम्प ने आखिरी बार 2017 में चीन का दौरा किया था।

ईरान युद्ध, वैश्विक ऊर्जा संकट और अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के कारण जारी तनाव के बीच यह बैठक आयोजित की जा रही है।

नेपाल बार एसोसिएशन ने सर्वोच्च अदालत में याचिकाओं का पंजीकरण नहीं करने को न्याय में बाधा बताया

नेपाल बार एसोसिएशन ने सर्वोच्च अदालत में प्रस्तुत याचिकाओं को पंजीकृत किए बिना खारिज किए जाने की गतिविधि की ओर ध्यान आकर्षित कराया है। बार ने इस प्रकार के कार्य को न्याय में बाधा मानते हुए तत्काल याचिकाओं को पंजीकृत करने और खारिज के खिलाफ याचिकाओं का उचित निस्तारण करने की मांग की है। ३० वैशाख, काठमांडू।

नेपाल बार एसोसिएशन ने बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में उल्लेख किया है कि कुछ दिनों से सर्वोच्च अदालत में प्रस्तुत याचिकाओं को खारिज किया जा रहा है और इसके खिलाफ याचिकाओं को पंजीकृत नहीं किया जा रहा है। सर्वोच्च अदालत के प्रशासन द्वारा कुछ याचिकाओं को न पंजीकृत करने और न ही खारिज किए जाने के कारण मौनता अपनाए जाने पर बार ने इसे न्याय में बाधा मानते हुए आपत्ति जताई है। इसलिए बार ने याचिकाओं को तुरंत पंजीकृत करने और खारिज के खिलाफ याचिकाओं का न्यायिक समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।

भरुवा बन्दूक फटाक्दा एक व्यक्ति गम्भीर घायल

३० वैशाख, डोटी। डोटीमा आफ्नै बोकेको भरुवा बन्दूक अचानक फटाकिदिएपछि एक व्यक्ति गम्भीर रूपले घाइते भएका छन्। जिल्ला प्रहरी कार्यालय डोटीका अनुसार जोरायल गाउँपालिका–४ बगर बस्ती निवासी २५ वर्षीय करणबहादुर दर्लामी घाइते भएका हुन्। प्रहरी स्रोतहरूका अनुसार दर्लामी घरबाट बन्दुक लिएर घर नजिकैको पिनाकेश्वर सामुदायिक वनतर्फ जाँदै थिए, तब उनी लडे। त्यसै क्रममा उनीसँग रहेको बन्दुक फटाकियो र दाहिने छातीमा छर्रा लाग्यो। छर्राले उनको पिठ्यूँसम्म छेड्ने चोट पुर्याएको प्रहरीले जानकारी दिएको छ। उनलाई धनगढीमा उपचारका लागि राखिएको छ र उनको अवस्था गम्भीर रहेको बुझिएको छ।

ओडीआई बल्लेबाजी रैंकिङमा आसिफ र दीपेन्द्रको स्थान अविचलित

आईसीसीले सार्वजनिक गरेको ओडीआई बल्लेबाजी रैंकिङको शीर्ष १०० मा नेपाली बल्लेबाज आसिफ शेख र दीपेन्द्रसिंह ऐरी समावेश छन्। दीपेन्द्रसिंह ऐरी अलराउन्डर रैंकिङमा २८औं स्थानमा छन् भने बलिङ रैंकिङमा सन्दीप लामिछाने ४२औं स्थानमा रहेका छन्। आसिफ शेखले ओमानविरुद्ध ९४ रन बनाएका थिए भने दीपेन्द्रले यूएईसँगको दोस्रो खेलमा शतक पूरा गरेका थिए। २३ वैशाख, काठमाडौं।

आईसीसीले अपडेट गरेको ओडीआई बल्लेबाजी रैंकिङमा दुई नेपाली बल्लेबाज, आसिफ शेख र दीपेन्द्रसिंह ऐरी शीर्ष १०० मा स्थान पाएका छन्। पहिले बलिङ तथा अलराउन्डर रैंकिङमा नेपाली खेलाडीहरू राम्रो स्थानमा देखिएका थिए, तर बल्लेबाजी रैंकिङमा नेपाली खेलाडीहरू समावेश थिएनन्। तर, गृह मैदानमा भएको लिग २ शृंखलामा अलराउन्डर दीपेन्द्रसिंह ऐरीको उत्कृष्ट प्रदर्शनले उनलाई अलराउन्डर रैंकिङमा २८औं स्थान दिलाएको छ भने उनी बल्लेबाजीमा पनि शीर्ष १०० मा रहेका छन्।

आसिफले अघिल्लो शृंखलाको अन्तिम खेलमा उत्कृष्ट बल्लेबाजी प्रस्तुत गरेका थिए। बुधबार जारी अपडेटमा आसिफ शेख ९३औं र दीपेन्द्रसिंह ऐरी ९९औं स्थानमा छन्। आसिफले आफ्नो रैंकिङमा १३ स्थान सुधार गरेका छन् भने दीपेन्द्रले दुई स्थान माथि उक्लिएका छन्। ओपनर आसिफ शेखले यूएई र ओमानविरुद्ध भएको श्रृंखलामा गत साता मंगलबार ओमानविरुद्ध ९४ रनको पारी खेलेका थिए। यस अघि उनी पहिलो दुई खेलमा क्रमशः ७ र १९ रन बनाएर आउट भएका थिए र तेस्रो खेलमा पनि खेलबाट बाहिर रहेका थिए।

दीपेन्द्रले यूएईसितको पहिलो खेलमा ७५ रन बनाएका थिए भने ओमानसँगको खेलमा ६० रन योगदान दिएका थिए। यूएईसँगको दोस्रो खेलमा उनले शतक पूरा गरेका थिए। साथै, ओमानसँगको दोस्रो खेलमा ३३ रन बनाए। दमदार प्रदर्शनले उनलाई अलराउन्डर भूमिकामा धेरै महत्वपूर्ण बनाएको छ। अलराउन्डर रैंकिङमा दीपेन्द्र २८औं स्थानमा छन् भने बलिङ रैंकिङमा सन्दीप लामिछाने ४२औं स्थानमा रहेका छन्।

मर्यादित काम र समावेशी विकास गर्न त्रिपक्षीय सहकार्यमा जोड

मर्यादित कार्य और समावेशी विकास के लिए त्रिपक्षीय सहयोग अनिवार्य

सरकार, नियोक्ता, जेटीयूसीसी और आईएलओ ने मर्यादित कार्य और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए त्रिपक्षीय सहयोग अनिवार्य होने पर बल दिया है। वर्ष २०२३–२०२७ के लिए तैयार किए गए मर्यादित कार्य संबंधी राष्ट्रीय कार्यक्रम की प्रगति समीक्षा करते हुए आगामी रणनीतियों पर चर्चा की गई। उद्योग वाणिज्य महासंघ ने महिला उद्यमशीलता के लिए सहायता कक्ष संचालन तथा बहुउद्देश्यीय देखभाल केंद्र के पायलट परियोजना की जानकारी भी साझा की। ३० वैशाख, काठमांडू।

त्रिपक्षीय सहयोग की आवश्यकता पर सभी संबंधित पक्षों ने विशेष जोर दिया। सरकार, नियोक्ता, जेटीयूसीसी और आईएलओ के संयुक्त आयोजन में हुए त्रिपक्षीय बैठक में ‘‘सन् २०२३–२०२७ का मर्यादित कार्य संबंधी राष्ट्रीय कार्यक्रम’’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।

श्रम, रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के सचिव डॉ. दीपक काफ्ले ने मर्यादित कार्य, सामाजिक न्याय और समावेशी आर्थिक विकास को प्राप्त करने के लिए त्रिपक्षीय सहयोग को और मजबूत करना आवश्यक बताया। आईएलओ नेपाल के देशीय निदेशक नुमान ओजकान ने सहकार्यमार्फत श्रम संबंधी मुद्दों के समाधान को संभव बताया और इस क्षेत्र में कार्य करते समय सटीक आंकड़ों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के उपाध्यक्ष एवं रोजगारदाता परिषद के सभापति प्रबलजंग पाण्डे ने देश की आर्थिक विकास एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार, नियोक्ता और श्रमिकों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध अपरिहार्य बताया। उन्होंने आईएलओ के साथ साझेदारी में महासंघ द्वारा श्रमिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे पहलों का प्रकाश भी डाला। विशेषकर चाय और अलैंची क्षेत्रों में व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निर्देशिका के कार्यान्वयन की जानकारी देते हुए, पाण्डे ने महिला उद्यमी महिलाओं को सहायता प्रदान करने हेतु महिला उद्यमशीलता सहायता कक्ष की स्थापना और कर्णाली तथा सुदूरपश्चिम के विभिन्न स्थानों में बहुउद्देश्यीय देखभाल केंद्रों के पायलट संचालन का उल्लेख किया। उद्योग वाणिज्य महासंघ सरकार और आईएलओ के साथ मिलकर मर्यादित कार्य और समावेशी विकास के क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को अर्थव्यवस्था के मुख्य धारा में शामिल करना है।

सड़क, दीवार और रंगों की दुनिया में सौगात तामाङ

समाचार सारांश

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  • सौगात तामाङ ने 2020 में काठमांडू में पहली स्ट्रिट आर्ट शुरू की और 5-6 वर्षों में सैकड़ों भित्ति चित्र बनाए।
  • सौगात ने हेंड ब्रश और एयर ब्रश दोनों का प्रयोग कर एक अलग शैली विकसित की है और वर्तमान में 10 सदस्यों वाली टीम का नेतृत्व करते हैं।
  • सौगात के अनुसार भित्ति चित्र सार्वजनिक संपत्ति हैं और समाज में कला के प्रति सम्मान की जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।

घुंघराले बाल, काला टीशर्ट और जूते। लगभग 6 फीट ऊँचे 29 वर्षीय बुद्धिमान या सौगात तामाङ के लिए ये पहनावे बुनियादी बनते जा रहे हैं। लेकिन ये बाहरी आवरण से ज़्यादा, वह अपने काम से जाने जाते हैं।

ऐसा काम जो उन्होंने स्वयं चुना था, स्वयं खोजा था और विभिन्न चुनौतियों के बावजूद उसमें लगे रहे।

सड़क। दीवार। रंग।

वर्तमान में उनका जीवन इन्हीं तीन चीज़ों के बीच में बंधा हुआ है और उनकी दिनचर्या इन्हीं से जुड़ी है। वह सड़क को एक खुला गैलरी मानते हैं और इसे अपने वास्तविक प्रदर्शन स्थल के रूप में देखते हैं। सड़क पर कला प्रदर्शित करने से सभी आसानी से देख और सराह सकते हैं, इस पर उनका विश्वास है।

आज वह अपने सपनों की दुनिया में जीते हैं, लेकिन कभी कला को छोड़कर अलग रास्ता भी चुना था। इसलिए कला ने उन्हें फिर अपनी ओर खींचा।

इसलिए वह कला को एक चक्रव्यूह मानते हैं जो चरम शांति और स्वर्ग की अनुभूति देता है और स्वयं को जानने का अवसर भी प्रदान करता है।

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धादिङ के महादेवबेसी में एक सामान्य परिवार में जन्मे सौगात को बचपन से ही अलग काम करने का शौक था। जब वह कक्षा 6 या 7 में थे, तभी जब दूसरे किताब के पन्ने पलटते, वह दिमाग में चित्र उकेरते रहते।

वे बाइक के मॉडल की मूर्तियां बनाते और घर की बालकनी में लटकाते थे। गांव वाले यह देख कर प्रशंसा करते थे।

उनके बनाये ये मूर्तियां आज भी सुरक्षित हैं और कालीमाटी के उनके स्टूडियो में वर्षों पुरानी ये मूर्तियां सजी हुई हैं। इसका मतलब उनकी कला के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

एसएलसी के बाद वह अपने बड़े भाई पवन तामाङ के साथ काठमांडू आए, पढ़ाई और कला सीखने के लिए। पवन ने उन्हें हस्थकला व्यवसाय से जुड़े एक व्यक्ति के यहां काम सीखने भेजा।

वहां सौगात ने 10 महीने तक हस्तकला सीखी और कहा जाने वाला स्तर पाने में वर्षों लगने वाले काम में मात्र कुछ महीनों में दक्षता हासिल कर ली। लेकिन काठमांडू में टिकने और खर्च जुटाने के लिए वही कला काफी नहीं थी।

उन्होंने पानीपुरी, चटपटे और मोम भी बेचा, दो रेस्टोरेंट में निवेश किया पर सफल नहीं हुए। निवेश डूबने पर उन्हें विदेश रोजगार के लिए मजबूर होना पड़ा और सऊदी अरब का सफर शुरू हुआ।

वहां उन्होंने एक रेस्टोरेंट में कुक का काम किया और जीवन सामान्य चलता रहा। लेकिन किस्मत ने उन्हें फिर से कला की ओर मोड़ा और कोरोना महामारी ने सुनहरा अवसर दिया।

लॉकडाउन में काम बंद होने से वह कमरे में रहकर स्केच बनाना शुरू किए और यूट्यूब से स्प्रे पेंटिंग और एयर ब्रश की नई तकनीकें सीखीं।

इस तरह सऊदी का कमरा ही उनका नया कला प्रशिक्षण केंद्र बन गया।

नई दिशा, नया अंदाज

नेपाल लौटने के बाद उन्होंने कैनवास से बाहर आकर स्ट्रीट आर्ट में पहचान बनाने की कोशिश की। उस समय व्यावसायिक रूप से स्ट्रीट आर्ट ज्यादा विकसित नहीं था इसलिए इस क्षेत्र में अवसर देखा और अपनी अलग पहचान बनाई।

सन 2020 में उन्होंने पहली स्ट्रीट आर्ट जनक घंटी मगर के घर की दीवार पर बनाई।

यहाँ से शुरू हुआ उनका सड़क कला का सफर पांच-छह सालों में आश्चर्यजनक विकास के साथ कई स्ट्रीट आर्ट बनाए, काठमांडू के अंदर और बाहर विभिन्न जगहों पर।

जैसे काठमाडौँ महानगरपालिका के सहयोग से बागबजार क्षेत्र में विभिन्न जाति-धर्म की सांस्कृतिक झलक दिखाने वाला म्यूरल पेंटिंग बनाया गया। धापासी की लगभग 50 फीट ऊँची इमारत पर बनी ‘लाके मैचा’ चित्र ने उन्हें लोगों के दिलों में स्थापित किया। अब वह 10 सदस्यों की एक टीम का नेतृत्व करते हैं, जिनमें से सभी स्व-अध्ययनरत कलाकार हैं।

अवसर, चुनौतियां और दर्शन

दीवारों पर रंग भरना केवल सौगात के लिए पर्याप्त नहीं है। देखने वालों को उससे सौंदर्य अनुभव करना चाहिए, यह उनका मानना है।

उनकी कृतियाँ उज्ज्वल, आकर्षक और रंगीन होती हैं, जो लोगों को حیران कर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं।

उन्होंने हेंड ब्रश और एयर ब्रश दोनों का इस्तेमाल कर विशेष टेक्सचर और शैली विकसित की है, जो उनकी कला को अन्य कलाकारों से अलग और मनोहर बनाती है, उनकी पहचान भी है।

लेकिन ऊंची इमारतों पर काम करना, मौसम का सामना करना, और कभी-कभी सार्वजनिक संपत्ति पर बनी कला में तोड़फोड़ जैसी चुनौतियां भी हैं।

जैसे हाल ही में पद्मकन्या बहुमुखी कैम्पस की दीवारों पर बने पोर्ट्रेट्स को नुकसान पहुंचाया गया था, जिसे उन्होंने बाद में सुधार किया।

‘हमारे समाज में अभी भी लोगों में की गई कला का सम्मान करने की जागरूकता कम है’, वह कहते हैं।

समाज में कला के प्रति जागरूकता बढ़ती है तो ये समस्याएं कम होंगी, यह उनका विश्वास है। सड़क सार्वजनिक संपत्ति है और भित्ति चित्र भी सार्वजनिक संपत्ति हैं।

सौगात रंगों को जीवित मानते हैं और कहते हैं कि दीवारों पर रंग चढ़ाना नया जीवन भरने जैसा है। किसी चित्र को बनाते समय पूरी तरह उसमें डूब जाना और भावनाओं का आदान-प्रदान करना आवश्यक है।

‘कला स्वतंत्र अभिव्यक्ति है, जो सकारात्मक ऊर्जा देनी चाहिए,’ जीवन दर्शन साझा करते हुए वह कहते हैं।

स्ट्रिट आर्ट

आज उनके जैसे कई कलाकार स्ट्रिट आर्ट में आ रहे हैं, कुछ सच्ची रुचि के लिए और कुछ व्यापारिक उद्देश्य से।

नेपाली बाजार में टिकने और खुद को निखारने के लिए कलाकारों को बहुमुखी होना चाहिए, उन्हें ग्राफिटी से लेकर पारंपरिक, आधुनिक और अमूर्त विधाओं में काम करना चाहिए ताकि ग्राहकों की जरूरतों को पूरा कर सकें।

लेकिन कला केवल पैसों से नहीं मापी जा सकती। कलाकार के लिए आर्थिक स्थिरता अहम है, ऐसे में स्ट्रिट आर्ट एक अच्छा विकल्प है, वह बताते हैं।

बेलायती प्रधानमंत्री स्टार्मर संकट में, अपनी ही पार्टी के सांसदों ने इस्तीफे की मांग की

३० वैशाख, काठमाडौं । अपनी ही सरकार के मंत्रियों और पार्टी के सांसदों द्वारा उत्पन्न किए गए मुश्किल हालात के कारण बेलायती प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर गंभीर संकट में हैं। मंगलवार को स्टार्मर की कैबिनेट के चार मंत्रियों ने इस्तीफा दिया था। अब तक लेबर पार्टी के ८० से अधिक सांसदों ने स्टार्मर से पद छोड़ने का आग्रह किया है। सांसद स्टार्मर से तत्काल पद से हटने या इस्तीफा देने के लिए निश्चित समय सीमा निर्धारित करने की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच बुधवार को स्टार्मर की कैबिनेट के स्वास्थ्य मंत्री बे स स्ट्रीटिंग ने प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी उल्लेखित किया है। स्ट्रीटिंग को आगामी प्रधानमंत्री पद का संभावित दावेदार माना जा रहा है। इससे पहले स्टार्मर ने लेबर पार्टी के भीतर से उठ रही इस्तीफे की मांग को अस्वीकार कर दिया था।
यह घटनाक्रम बेलायती राजा के संसद में भाषण की पूर्वसंध्या पर विकसित हुआ है। इस भाषण में राजा चार्ल्स तृतीय स्टार्मर सरकार की नई प्रस्तावित कानून और योजनाओं का ऐलान करने वाले हैं। इस भाषण में कई नई विधेयक प्रस्ताव शामिल होने की संभावना है। लेकिन यदि स्टार्मर नेतृत्व वाली सरकार नहीं रही, तो उन योजनाओं के कार्यान्वयन को लेकर ब्रिटेन में व्यापक चर्चा हो रही है।

बैंक ब्याज दर से अधिक महंगाई चिंता का विषय

तरकारी बेचने वाली एक व्यापारी

महंगाई की दर (मुद्रास्फीति) से कम बैंकों द्वारा दिये जाने वाले ब्याज दर के कारण उत्पन्न होने वाले प्रभावों को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता व्यक्त की है।

नेपाल राष्ट्र बैंक द्वारा हाल ही में प्रकाशित किए गए “देश की वर्तमान आर्थिक तथा वित्तीय स्थिति” के अनुसार 2082 साल के चैत्र माह में वार्षिक सूचकांक आधारित उपभोक्ता मुद्रास्फीति (महँगाई दर) 4.47 प्रतिशत रही है।

इसी तरह, 2082 चैत्र के अंत तक वाणिज्यिक बैंकों के निक्षेप पर औसत भारित ब्याज दर 3.40 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

इस प्रकार जब बचतकर्ताओं को बैंक में जमा राशि पर दिया जाने वाला ब्याज दर महंगाई दर से कम होता है, तो धीरे-धीरे “डिससेविंग” की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इस बात को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं।

डिससेविंग का अर्थ होता है कि व्यक्ति महंगाई के कारण अपनी आय से खर्च नहीं निकाल पाता, जिसके चलते वह बचत राशि निकाल कर खर्च करने लगता है, जिसे अर्थशास्त्रियों द्वारा इस प्रकार परिभाषित किया गया है।

क्यानसँग क्रिकेट प्रशिक्षकहरूको सेवा र सुविधामा सुधारको माग

नेपाल क्रिकेट प्रशिक्षक संघले क्रिकेट प्रशिक्षकहरूको सेवा, सुविधा, भत्ता र पारिश्रमिकमा सुधार गर्न नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान)सँग माग गरेको छ। संघका अध्यक्ष जगत बहादुर टमाटाले क्यान अध्यक्षलाई बुझाएको पत्रमा प्रशिक्षकहरूको योगदानलाई महत्वपूर्ण ठहर दिएका छन्। संघले बढ्दो महँगीबीच पनि पुरानै सुविधा कायम राख्दा प्रशिक्षकहरूको मनोबलमा नकारात्मक प्रभाव परेको भन्दै सेवा र सुविधामा तत्काल सुधारको आवश्यकतामा जोड दिएको छ। ३० वैशाख, काठमाडौं।

नेपाल क्रिकेट प्रशिक्षक संघका अनुसार प्रशिक्षकहरूले लामो समयदेखि बाल टोली, उमेर समूह, महिला र पुरुष सिनियर टोलीसम्म निरन्तर योगदान गर्दै आएका छन्। उनीहरूले आफ्नो मेहनत र समर्पणका कारण थुप्रै प्रतिभाशाली खेलाडी उत्पादन गरेको तथा राष्ट्रिय र अन्तर्राष्ट्रिय प्रतियोगितामा देशलाई सफलता दिलाउन समेत भूमिका खेलेको बताएका छन्।

तर, यति ठूलो योगदानका बाबजुद पनि प्रशिक्षकहरूले पाउने सुविधा, भत्ता र पारिश्रमिक भने न्यून र अपर्याप्त रहेको संघको भनाइ छ। संघले प्रशिक्षकहरूको मनोबलमा पर्न गएको असरलाई औँल्याउँदै क्यानसँग सेवा र सुविधाहरूमा सुधारको माग गर्दै “प्रशिक्षक बलियो भए मात्र देशको क्रिकेट बलियो हुन्छ” भन्ने सन्देशसहित प्रशिक्षकहरूको सम्मान सुनिश्चित गर्नुपर्ने कुरामा जोड दिएको छ।

प्रतिनिधि सभाको तेस्रो बैठकमा पनि विपक्षीको अवरोध

प्रतिनिधि सभा की तीसरी बैठक में विपक्षी दलों का निरंतर विघ्न

प्रतिनिधि सभा की बैठक में विपक्षी दल प्रधानमंत्री बालेन शाह को बुलाने की मांग करते हुए विघ्न उत्पन्न कर रहे हैं। आज की दो बैठकों में भी विपक्षी दलों ने विघ्न डालने का सिलसिला जारी रखा। सभापति डोलप्रसाद अर्याल ने बार-बार बैठक में व्यवधान न डालने का अनुरोध किया है। ३० वैशाख, काठमांडू। प्रतिनिधि सभा की बैठक में एक बार फिर विपक्षी दलों ने अवरोध जारी रखा है। आज ही हुई दो बैठकों में विपक्षी पक्ष ने अवरोध किया। सरकार की नीति तथा कार्यक्रम पर चर्चा के दौरान विपक्षी समूह प्रधानमंत्री बालेन शाह की उपस्थिति की मांग करते हुए लगातार विघ्न उत्पन्न कर रहे हैं। सभापति डोलप्रसाद अर्याल ने बैठक अवरोध न करने का बार-बार अनुरोध किया है।