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लेखक: space4knews

ओमान और स्कॉटलैंड के खिलाफ लीग 2 श्रृंखला में नामीबिया की कप्तानी स्मिथ करेंगे

समाचार सारांश

समीक्षा किया गया सामग्री।

  • आईसीसी विश्व क्रिकेट लीग 2 की आगामी श्रृंखला में नामीबिया की कप्तानी जेजे स्मिथ करेंगे।
  • नामीबिया की टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का मजबूत मिश्रण मौजूद है।

9 चैत्र, काठमांडू। आईसीसी विश्व क्रिकेट लीग 2 के तहत ओमान और स्कॉटलैंड के खिलाफ आगामी वनडे श्रृंखला में नामीबिया की कप्तानी जेजे स्मिथ करेंगे।

नियमित कप्तान जेरार्ड एरासमस ने कप्तानी से विश्राम लिया है, जिसके चलते स्मिथ को कप्तान बनाया गया है। एक वीडियो में स्मिथ और एरासमस ने साथ मिलकर टीम की घोषणा की, जिसमें एरासमस ने स्मिथ को कप्तान नियुक्त किए जाने की बात कही।

स्मिथ ने नेपाल में हाल ही में संपन्न पिछले संस्करण के नेपाल प्रीमियर लीग (एनपीएल) में लुम्बिनी लायंस की ओर से खेलते हुए उपाधि जीती थी।

नामीबिया क्रिकेट ने बताया है कि टीम में अनुभवी और युवाओं का उत्कृष्ट संयोजन है। टीम में नए खिलाड़ियों विलियम लोतेरिङ और जाचियो जेन्सेन वान भुरेन को भी शामिल किया गया है।

नियमित कप्तान के विश्राम के कारण पूरी श्रृंखला के दौरान टीम की कप्तानी जेजे स्मिथ करेंगे।

नामीबिया टीम के खिलाड़ी इस प्रकार हैं: जेजे स्मिथ (कप्तान), जेरार्ड एरासमस, मलान क्रूगर, बर्नार्ड स्कोल्ज़, विलियम मयबर्ग, जान फ्रायलिंक, बेन शिकोंगो, रुबेन ट्रम्पेलमैन, मैक्स हैइंगो, ज्यैक ब्रैसल, जेन ग्रीन, डिलन लाइचर, विलियम लोतेरिङ, जाचियो वान भुरेन।

निर्वाचनमा प्रयोग नभएका ४० प्रतिशत मतपत्र धुल्याइने

निर्वाचन में उपयोग न हुए 40 प्रतिशत मतपत्र नष्ट किए जाएंगे

समाचार संक्षेप

  • गत फागुन 21 को प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन में लगभग 40 प्रतिशत मतपत्र उपयोग न होने के कारण नष्ट किए जाने हैं।
  • निर्वाचन आयोग ने मतदाता संख्या से सात प्रतिशत अधिक मतपत्र छापकर चार करोड़ 11 लाख 43 हजार मतपत्र संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में भेजे थे।
  • सरकारी कागजात नष्ट करने के नियम, 2027 के अनुसार उपयोग न हुए मतपत्र नष्ट करने और नीलामी के लिए बेचने का प्रावधान है।

10 चैत, काठमांडू। गत फागुन 21 को सम्पन्न प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन में लगभग 40 प्रतिशत मतपत्र उपयोग न किए जाने के कारण नष्ट किए जाने हैं। प्रतिनिधि सभा निर्वाचन में 59 प्रतिशत मतदान हुआ लेकिन प्रथम निर्वाचित प्रणाली और समानुपातिक प्रणाली के लिए छापे गए मतपत्रों में 40 प्रतिशत मतपत्र अप्रयुक्त पाए गए।

निर्वाचन के लिए कुल 1 करोड़ 89 लाख 3 हजार 669 मतदाता थे, जबकि निर्वाचन आयोग ने दोनों प्रणालियों के लिए मतदाता संख्या से सात प्रतिशत अधिक मतपत्र छापकर जनक शिक्षा सामग्री केंद्र के माध्यम से संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में भेजे थे।

आयोग ने प्रत्यक्ष चुनाव के लिए 2 करोड़ 3 लाख 23 हजार और समानुपातिक चुनाव के लिए 2 करोड़ 8 लाख 43 हजार, कुल मिलाकर 4 करोड़ 11 लाख 43 हजार मतपत्र छापे तथा भेजे थे।

आयोग के अनुसार प्रत्यक्ष (पहले अभ्यर्थी द्वारा जिते जाने वाली) प्रणाली में 1 करोड़ 11 लाख 68 हजार 32 मतदाताओं ने मतदान किया, जिनमें से 1 करोड़ 5 लाख 9 हजार 17 (94.55 प्रतिशत) मत मान्य हुए। समानुपातिक प्रणाली के अन्तर्गत 1 करोड़ 12 लाख 80 हजार 617 मतदान हुए, जिनमें से 1 करोड़ 8 लाख 35 हजार 25 (96.05 प्रतिशत) मत मान्य किए गए।

निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता नारायणप्रसाद भट्टराई ने बताया कि मतदाताओं की संख्या से ज्यादा मतपत्र छापने की प्रक्रिया का पालन करते हुए इस बार भी 4 करोड़ 11 लाख 43 हजार मतपत्र छापे गए हैं और जिन मतपत्रों का उपयोग नहीं हुआ, उन्हें नियम के अनुसार संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में नष्ट किया जाएगा।

मतदाताओं से अधिक मतपत्र छापे जाने पर किसी दुरुपयोग या चुनाव की निष्पक्षता पर प्रश्न उठने के संबंध में प्रवक्ता भट्टराई ने कहा, ‘शंका हो सकती है लेकिन चुनाव की निष्पक्षता पर कोई संदेह नहीं है। हमने राष्ट्रपति के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है और किसी दल या पक्ष से औपचारिक प्रश्न नहीं आया है। इसलिए मतपत्र बर्बाद होने के कारण संदेह करना उचित नहीं है।’

जनक शिक्षा सामग्री केंद्र लिमिटेड के प्रबंध निर्देशक यदुनाथ पौडेल ने बताया कि विद्यालय की पुस्तकें छपाने सहित सामान्य कार्यों के अलावा आयोग के कार्यादेश के मुताबिक प्रतिदिन 13 लाख मतपत्र छपते हैं और इन्हें सुरक्षित तरीके से समय पर निर्वाचन क्षेत्रों में भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि मतपत्र छपाई का काम केंद्र को भी हानि पूर्ति में मदद करता है।

‘सरकारी कागजात नष्ट करने के नियम, 2027 (पहली संशोधन, 2070) के अनुसार नष्ट करने का अर्थ सरकारी कार्यालय के कागजातों को पढ़ने, समझने या उपयोग करने योग्य न रह जाने के लिए रद्द या जलाने का कार्य है।’

उक्त नियम के तहत संबंधित कार्यालय प्रमुख कागजातों की अवधि समाप्ति के बाद ‘नेपाल सरकार को कोई हानि न होने वाले और बचा हुआ कागजात, पूरी तरह उपयोग में आने के बाद किसी भी समय नष्ट करने का आदेश दे सकता है।’ नष्ट किए गए कागजातों को नीलामी के लिए बेचने की भी व्यवस्था है।

कानून के अनुसार तीन महीने बाद पूरी तरह उपयोग में आने वाले कागजात वर्गीकृत किए जाते हैं। नक्शा और डिजाइन से संबंधित तथ्य के अलावा कोई निर्माण योजना, प्रस्ताव, ठेका, पट्टा या अनुदान से जुड़ा कागजात कार्य पूरा होने एवं लेखा परीक्षा के बाद ही नष्ट किया जा सकता है। राष्ट्र के अभिलेखीय दस्तावेज कभी नष्ट नहीं किए जाएंगे।

आयोग ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2079 में हुए प्रतिनिधि सभा और प्रदेश सभा चुनावों के लिए चार-चार करोड़ मतपत्र छापे गए थे, जिनमें से लगभग 62 प्रतिशत मतदान हुआ और शेष मतपत्र अप्रयुक्त थे।

कांग्रेस के पाँच प्रदेश सभापतियों ने नई केन्द्रीय समिति की बैठक में लिया हिस्सा, बलाएर और शाही अनुपस्थित

१० चैत, काठमांडू। फागुन २१ के प्रतिनिधि सभा चुनाव के बाद नेपाली कांग्रेस की केन्द्रीय समिति की बैठक सानेपा स्थित केन्द्रीय कार्यालय में चल रही है। विशेष महाधिवेशन द्वारा गगन थापा के नेतृत्व में चयनित नई केन्द्रीय समिति को शेरबहादुर देउवा के नेतृत्व वाले निवर्तमान केन्द्रीय समिति के कई पदाधिकारी और सदस्य मान्यता नहीं दे रहे हैं।

उस समय बहुसंख्यक जिला कार्यसमिति के सभापति और प्रदेश समितियों ने विशेष महाधिवेशन को स्वीकार नहीं किया था। यद्यपि निर्वाचन आयोग ने विशेष महाधिवेशन से चयनित कार्यसमिति को आधिकारिकता प्रदान की, जिसके साथ गगन थापा ने कांग्रेस को चुनाव में नेतृत्व दिया था। हालांकि, निर्वाचन आयोग के इस निर्णय के विरुद्ध दायर रिट सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।

इस परिस्थिति में चुनाव के तुरंत बाद कांग्रेस में विवाद और जटिल होने की संभावना दिखाई दे रही है। विशेष महाधिवेशन से चयनित कार्यसमिति के केन्द्रीय समिति की बैठक के बीच पुरानी नेतृत्व पक्ष और नेता डा. शेखर कोइराला के समर्थक पुरानी कार्यसमिति की बैठक बुलाने की तैयारी कर रहे हैं, इस प्रकार की खबरें आ रही हैं।

इस परिप्रेक्ष्य में पहले पुरानी नेतृत्व के करीब रहे अधिकांश प्रदेश सभापति नई केन्द्रीय समिति के पक्ष में खुले हैं। अब तक सात में से पाँच प्रदेश सभापति नई कार्यसमिति के पक्ष में खुल कर केन्द्रीय समिति की बैठक में भाग लेकर अपने मत प्रकट कर चुके हैं।

किस प्रदेश सभापति ने क्या कहा?

पुरानी नेतृत्व के निकट माने जाने वाले बागमती प्रदेश सभापति इन्द्रबहादुर बानियाँ नई केन्द्रीय समिति की बैठक में भाग लिए हैं। वे बागमती प्रदेश के मुख्यमन्त्री भी हैं।

उन्होंने केन्द्रीय समिति की बैठक में कहा, ‘विशेष महाधिवेशन में हम विपक्ष में थे, लेकिन फागुन २१ के चुनाव में डा. शेखर कोइराला, विमलेन्द्र निधि, प्रकाशशरण महत, मीनेन्द्र रिजाल, किशोरसिंह राठौर जैसे जो विशेष महाधिवेशन के विरोध में थे, उन्हें नई नेतृत्व ने बिना किसी कंजूसी के टिकट दिया।’ चुनाव के बाद विवाद जारी रखने की आवश्यकता नहीं है, उन्होंने स्पष्ट किया।

उन्होंने सभापति थापा से आग्रह किया कि वे विपक्षी पक्ष के साथ संवाद करें। ‘सभापति जी को दूसरे पक्ष से संवाद करके अदालत के मामले को वापस लेने का माहौल बनाना चाहिए। सभी मिलकर १५वें महाधिवेशन की ओर एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा,’ उन्होंने कहा।

सभी को एकजुट करने की जिम्मेदारी अब नई सभापति थापा के कंधों पर आई है, यह बानियाँ का मानना है।

इसी प्रकार पुरानी नेतृत्व के निकट माने जाने वाले मधेस प्रदेश सभापति कृष्णप्रसाद यादव ने कहा कि पूरी मधेस नई सभापति थापा के साथ खड़ी है। उन्होंने केन्द्रीय समिति की बैठक में कहा, ‘जिस उत्साह से विशेष महाधिवेशन हुआ, उसी उत्साह के साथ सभापति को आगे बढ़ना चाहिए। मैं दृढ़ता से आपके साथ खड़ा रहूँगा। पार्टी को नई परिस्थितियों में लेकर जाने के लिए सभी को १५वें महाधिवेशन की ओर एकजुट होना होगा।’

कोशी प्रदेश सभापति उद्धव थापाले हाल की स्थिति में सभापति गगन थापा का इस्तीफा देना उचित नहीं बताया। कुछ दिन पूर्व उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होने नई कार्यसमिति के नेतृत्व में आगे बढ़ना ही विकल्प बताया था।

‘पार्टी में विवाद होना असामान्य नहीं है, लेकिन नए नेतृत्व का विवाद कर समय बर्बाद करना सही नहीं है,’ कोशी सभापति उद्धव थापा ने कहा था।

गण्डकी प्रदेश सभापति शुक्रराज शर्मा और लुम्बिनी प्रदेश सभापति अमरसिंह पुन भी विशेष महाधिवेशन से ही सभापति थापा के पक्ष में खुले हैं।

पाँच प्रदेश सभापतियों ने नई केन्द्रीय समिति की बैठक में भाग लेकर अपनी राय प्रकट की है, लेकिन कर्णाली प्रदेश सभापति ललितजंग शाही और सुदूरपश्चिम प्रदेश सभापति वीरबहादुर बलाएर बैठक में अनुपस्थित रहे।

नागरिकमैत्री सेवा प्रदान के लिए एआईजी कार्की के निर्देश

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षापछि तयार गरिएको।

  • काठमाडौँ उपत्यका प्रहरी कार्यालय रानिपोखरी के प्रमुख, अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) ईश्वर कार्की ने नागरिकमैत्री सेवा प्रदान के लिए निर्देशन दिए हैं।
  • एआईजी कार्की ने गैरकानूनी गतिविधियों को सख्ती से कानूनी दायरे में लाने के लिए जिला पुलिस परिसर काठमाडौँ के प्रमुखों को निर्देशित किया है।
  • सूचना संग्रहण को प्रभावी बनाने और काठमाडौँ उपत्यका को सुरक्षित बनाने के लिए तकनीक और पुलिस की परिचालन क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

१० चैत, काठमाडौँ। नागरिकमैत्री सेवा की सुनिश्चितता के लिए काठमाडौँ उपत्यका प्रहरी कार्यालय रानिपोखरी के प्रमुख एवं अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) ईश्वर कार्की ने निर्देश दिए हैं।

जिला पुलिस परिसर काठमाडौँ और इसके अधीन वृत्त, प्रभाग तथा बीट के प्रमुखों को एआईजी कार्की ने उक्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकमैत्री पुलिस सेवा के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियों को कड़ाई से कानूनी दायरे में लाने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं।

मंगलवार को परिसर भद्रकाली का निरीक्षण करते हुए एआईजी कार्की ने काठमाडौँ जिले में वीआईपी और वीवीआईपी निवासों के साथ महत्वपूर्ण संस्थान (वाइटल इंस्टॉलेशन) होने का उल्लेख करते हुए, कुशलता से कार्य करने के लिए निर्देश दिए।

भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सूचना संग्रहण को प्रभावी बनाने और प्राप्त सूचनाओं को तकनीक व पुलिस के द्वारा प्रभावी ढंग से लागू कर काठमाडौँ उपत्यका को सुरक्षित बनाने के लिए भी निर्देशित किया गया है।

भारत की सर्वोच्च अदालत का निर्णय- धर्म परिवर्तन करने पर जातिगत आरक्षण सुविधा नहीं मिलेगी


१० चैत, काठमाडौं। भारत की सर्वोच्च अदालत ने यह फैसला सुनाया है कि अनुसूचित जाति-जनजाति से संबंधित वे सभी जाति जो धर्म परिवर्तन करते हैं, उन्हें सरकार द्वारा दी जाने वाली आरक्षण और सुविधाएं प्राप्त नहीं होंगी।

मंगलवार को आए इस निर्णय में कहा गया है कि अनुसूचित जाति के किसी भी व्यक्ति ने यदि धर्म परिवर्तन कर इसाई धर्म स्वीकार किया तो वह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कोई भी लाभ या सुविधा प्राप्त नहीं कर सकेगा।

इससे पहले, आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी इसी तरह का फैसला दिया था, जिसे सर्वोच्च अदालत ने मंजूर किया है।

फैसले के अनुसार, “यदि कोई व्यक्ति इसाई धर्म अपनाता है, इस धर्म को मानता है और उसका पालन करता है, तो उसे अनुसूचित जाति समुदाय का सदस्य नहीं माना जा सकता। केवल हिन्दू, बौद्ध और सिख धर्म के लोग ही अनुसूचित जाति की श्रेणी में आ सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति इन धर्मों से अलग होकर धर्म परिवर्तन करता है तो वह अनुसूचित जाति को दिए गए संरक्षण या आरक्षण के लाभ से वंचित रहेगा।”

सन् १९५० के एक संवैधानिक आदेश में यह उल्लेख था कि हिन्दू धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म के व्यक्ति अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, इस बार आए फैसले के पूर्ण प्रभाव और विस्तार के बारे में पूरी रिपोर्ट के आने के बाद ही स्पष्टता मिलेगी।

अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस्लाम और इसाई धर्म पहले ही अपना चुके लोगों के मामले में क्या नियम लागू होंगे।

साफ यू-२० च्याम्पियनशिपमा नेपालको शानदार जीतभीड़ा शुरुआत

नेपालले माल्दिभ्समा भइरहेको साफ यू-२० च्याम्पियनशिपमा भुटानलाई २-१ गोलअन्तरले पराजित गर्दै शानदार सुरुवात गरेको छ। सुजन डंगोल र सुवास बमले एक-एक गोल गरे भने भुटानका ढेन्डुप ग्याल्सेनले सान्त्वना गोल फर्काएका थिए। खेलको पाँचौँ मिनेटमा सुजनले गोल गर्दै नेपालको अग्रता सुनिश्चित गरेका थिए। दोस्रो हाफको ५२औं मिनेटमा सुवासले गोल गरेर नेपालको अग्रता दोब्बर पारिदिए। भुटानका ढेन्डुपले ८३औं मिनेटमा गोल फर्काए पनि त्यो जित हासिल गर्न पर्याप्त भने रहेन। त्यसपछि कुनै गोल थप भएन र नेपाल विजयी रह्यो। नेपालले अब बुधबार दोस्रो खेलमा श्रीलंकासँग प्रतिस्पर्धा गर्नेछ।

बादशाहले गरे पञ्जाबी अभिनेत्रीसँग दोस्रो विवाह (तस्वीर)

बादशाह ने पंजाबी अभिनेत्री ईशा रिखी से किया दूसरा विवाह (तस्वीरों सहित)

समाचार सारांश

  • गायक और रैपर बादशाह ने पंजाबी अभिनेत्री ईशा रिखी के साथ लगभग चार वर्षों के रिश्ते के बाद दूसरा विवाह किया है।
  • बादशाह और ईशा की शादी बहुत निजी रूप से हुई है, जबकि सोशल मीडिया पर ईशा की मां पूनम रिखी ने उनकी तस्वीरें साझा की हैं।
  • बादशाह का पहली शादी से एक बेटी है, और 2020 में उनका तलाक हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह बेटी से मिलने के बहुत कम अवसर पाते हैं।

मुंबई। गायक और रैपर बादशाह का दूसरा विवाह विषय इंटरनेट पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। बॉलीवुड मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने पंजाबी अभिनेत्री और मॉडल ईशा रिखी से शादी की है।

उनका रिश्ता लगभग चार वर्षों से बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनकी कुछ तस्वीरें वायरल हुई हैं, जिन्हें ईशा की मां पूनम रिखी ने साझा किया है।

फिलहाल बादशाह तातिरि गीत से जुड़े विवाद में फंसे हुए हैं। ऐसी परिस्थितियों में शादी की कोई पूर्व जानकारी सामने नहीं आई थी। लेकिन ईशा की मां पूनम ने इंस्टाग्राम पर जोड़ी की तस्वीरें पोस्ट करने के बाद यह खबर सामने आई। तस्वीरों में वे दूल्हा-दुल्हन की भूमिका में नजर आ रहे हैं।

पोस्ट किए गए एक वीडियो में शादी बेहद निजी तरीके से संपन्न होती दिख रही है। वीडियो में कोई भीड़-भाड़ या बड़ा समारोह नहीं है, केवल करीबी परिवारजन शामिल हैं।

पूनम के साझा किए पोस्ट में लगभग 10 झलकियां हैं, जिनमें शादी के खूबसूरत पल और बाद के कुछ यादगार क्षण भी दिखाए गए हैं। एक वीडियो में बादशाह और ईशा एक-दूसरे को माला पहनाते नजर आ रहे हैं।

दूसरे वीडियो में जब दुल्हन माला पहनाती हैं, तब बादशाह हंसी-ठिठोली करते हुए माला को अपनी गर्दन पर हल्का सा तकते हैं, जिससे दुल्हन भी हंसने लगती हैं और माहौल खुशगवार बनता है।

पोस्ट के कैप्शन में पूनम लिखती हैं, ‘भगवान तुम्हें दोनों को आशीर्वाद दें।’ हालांकि बादशाह और ईशा ने अभी तक इस विवाह पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जो इस खबर को और भी रहस्यमय बनाता है।

बादशाह और ईशा का रिश्ता लगभग चार वर्षों से चल रहा है। पंजाबी अभिनेत्री ईशा रिखी ने 2013 में फिल्म ‘जट्ट बॉयज पुत्त जट्टां दे’ से अपनी अभिनय यात्रा शुरू की थी।

उनकी मुलाकात एक सामान्य मित्र के जरिए हुई थी। उसके बाद ईशा ने 2018 में बॉलीवुड में कदम रखा और फिल्म ‘नवाबजादे’ में अभिनय किया, जिसमें वरुण धवन, राघव जुयाल और पुनीत पाठक भी थे।

बादशाह ने अपनी पहली शादी जैस्मिन मसीह से की थी और उनकी एक बेटी है। 2020 में उनका तलाक हो गया था।

एक इंटरव्यू में बादशाह ने कहा था कि उनका वैवाहिक जीवन बेटी के लिए ठीक नहीं था। ‘प्रखर के प्रवचन’ पॉडकास्ट में उन्होंने कहा, ‘हमने हर संभव प्रयास किया, रिश्ते को बचाने के लिए हमने सब कुछ किया। लेकिन अंततः अलग होना ही बेहतर था क्योंकि वह हमारे बच्चे के लिए सही नहीं था।’

उन्होंने कहा, ‘मुझे बेटी से मिलने का मौका मिलता है लेकिन बहुत कम, क्योंकि वह लंदन में रहती है।’

उपसभापति भुसाल के संयोजन में कांग्रेस द्वारा संविधान संशोधन अध्ययन समिति का गठन


१० चैत, काठमांडू। नेपाली कांग्रेस संविधान संशोधन पर अध्ययन करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने की तैयारी कर रही है। उपसभापति पुष्पा भुसाल के संयोजन में कांग्रेस ने अध्ययन समिति बनाने की योजना बनाई है।

पार्टी केन्द्रीय कार्यालय सानेपा में जारी केन्द्रीय समिति की बैठक में मंगलवार को इस समिति के गठन की तैयारी की जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। उक्त अधिकारी के अनुसार आज की बैठक में केवल संयोजक का नामांकन किया गया और जल्द ही बाकी सदस्यों का चयन कर संविधान संशोधन पर अध्ययन करने का निर्णय लिया जाएगा।

वरिष्ठ हवल्दार घिसिङ को फागुन महीने के लिए उत्कृष्ट पुलिस कर्मचारी घोषित

समाचार सारांश

OK AI द्वारा तयार। सम्पादकीय समीक्षा गरिएको।

  • लागुऔषध नियंत्रण ब्यूरो कोटेश्वर के वरिष्ठ हवल्दार नवराज घिसिङ को फागुन महीने के उत्कृष्ट पुलिस कर्मचारी के रूप में चुना गया है।
  • उन्होंने जेनजी आंदोलन के दौरान फरार हुए कैदियों को भी गिरफ्तार किया था।
  • कार्यालय प्रमुख एसएसपी कृष्ण कोइराला ने उन्हें 1,000 रुपये नकद एवं प्रमाणपत्र के साथ सम्मानित किया।

10 चैत, काठमांडू। लागुऔषध नियंत्रण ब्यूरो कोटेश्वर में कार्यरत वरिष्ठ हवल्दार नवराज घिसिङ को फागुन महीने का उत्कृष्ट पुलिस कर्मचारी घोषित किया गया है।

विभिन्न प्रकार के नशे के पदार्थ और पिस्तौल सहित सात लोगों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ, उन्होंने जेनजी आंदोलन के दौरान कारागार से फरार हुए कैदियों को भी गिरफ्तार किया। इन्हीं उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया है।

कार्यालय प्रमुख एसएसपी कृष्ण कोइराला ने उन्हें एक हजार रुपये नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र दिया है।

नेपाल में वाहनों के लिए ‘जोरबिजोर’ प्रणाली और साप्ताहिक छुट्टी बढ़ाने की तैयारी

मध्यपूर्व में जारी युद्ध के कारण विश्वभर पेट्रोलियम एवं गैस की आपूर्ति बाधित होने लगी है, जिसके चलते नेपाल को भी श्रीलंका जैसे देशों से प्रेरणा लेकर साप्ताहिक छुट्टियों को बढ़ाने और वाहनों के लिए जोरबिजोर प्रणाली लागू करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी दी है। माना जा रहा है कि यह कदम नेपाल को इस आपूर्ति संकट से कुछ हद तक बचा सकता है।

आयल निगम के कार्यकारी निदेशक चण्डिकाप्रसाद भट्ट के अनुसार, पेट्रोलियम पदार्थों की खपत कम करने के लिए सरकार को निगम द्वारा सुझाव दिए गए हैं, लेकिन यह राजनीतिक और नीतिगत स्तर का मामला होने के कारण निगम अकेले निर्णय नहीं ले सकता। मंत्रालय के प्रवक्ता नेत्रप्रसाद सुवेदी ने कहा, “वाहनों के दबाव को कम करने के लिए इस तरह के उपायों पर चर्चा जारी है।”

नेपाल यातायात व्यवसायी राष्ट्रीय महासंघ के अध्यक्ष विजय स्वार ने कहा कि इन उपायों से ईंधन की खपत तो कम होगी, लेकिन नागरिकों के आवागमन के अधिकार का सम्मान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “यह संकट प्रबंधन का विषय है, चर्चा के बाद इसे सरल बनाने का प्रयास किया जा सकता है।”

संकट का मूल्यांकन करते हुए प्रवक्ता सुवेदी ने कहा, “नेपाल की केवल अपनी उत्पादन से नधान्ने दाल, तेल तथा भारत के बाहर से आयातित सामानों को लेकर चिंता प्रवण विषय हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि खाना पकाने वाले एलपी गैस की मांग बढ़ी है और खाद्य तेल के दामों में वृद्धि हुई है।

पीएम कप में एपीएफ पर पुलिस की एकतरफा जीत

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा सहित।

  • नेपाल पुलिस क्लब ने प्रधानमंत्री कप पुरुष राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता में एपीएफ क्लब को 185 रनों से भारी जीत दिलाई।
  • पुलिस द्वारा निर्धारित 356 रनों के लक्ष्य का पीछा करता एपीएफ 44 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 170 रन पर ऑल आउट हो गया।
  • पुलिस ने पीएम कप के इतिहास में सर्वाधिक 355 रन बनाए, जो आठ वर्षों बाद एपीएफ द्वारा स्थापित रिकॉर्ड को तोड़ने वाला है।

10 चैत, काठमांडू । नेपाल पुलिस क्लब ने प्रधानमंत्री कप पुरुष राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी पहली जीत हासिल करते हुए एपीएफ क्लब को एकतरफा हराया है।

मंगलवार को माथिल्लो मुलपानी मैदान पर खेले गए मैच में नेपाल पुलिस ने एपीएफ को 185 रनों से पराजित किया। पुलिस द्वारा घोषित 356 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एपीएफ 44 ओवरों में 170 रन पर सभी विकेट गंवा बैठा।

नंदन यादव ने नाबाद 44 रन बनाए जबकि कमलसिंह ऐरी ने 35 रन जोड़े। संदीप जोरा ने 24 और आसिफ शेख ने 18 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान रोहित पौडेल 11 रन पर पवेलियन लौटे।

पुलिस के लिए ललित राजवंशी ने 10 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट लिए। करण केसी, राशिद खान और दिनेश खरेल ने बराबर दो-दो विकेट चटकाए जबकि सागर ढकाल को एक विकेट मिला।

पहले बल्लेबाजी करते हुए पुलिस ने 50 ओवर में 9 विकेट गंवाकर 355 रनों का विशाल स्कोर बनाया, जो पीएम कप के इतिहास में सबसे बड़ा योगफल है।

यह रिकॉर्ड पहले एपीएफ के नाम था जिन्होंने पीएम कप 2018 में मधेश प्रदेश के खिलाफ 339 रन बनाए थे। आठ वर्षों बाद पुलिस ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

एपीएफ के खिलाफ पुलिस के चार बल्लेबाजों ने अर्धशतक जड़ा। ओपनर दिनेश खरेल, शंकर राना, कप्तान आरिफ शेख और दिलसाद अली ने अर्धशतक पूरा किया।

शंकर ने सर्वाधिक 61 रन बनाए, जबकि दिनेश खरेल ने 60 और कप्तान आरिफ ने 50 रन जोड़े। दिलसाद अली नाबाद 51 रन के साथ मैदान पर रहे। राशिद खान ने 44 रन बनाए।

एपीएफ के कमलसिंह ऐरी और अमरसिंह राउटेल ने दो-दो विकेट लिए, वहीं नंदन यादव, रोहित पौडेल और युवराज खत्री ने एक-एक विकेट हासिल किया।

पुलिस इससे पहले अपने पहले मैच में आर्मी से हार गया था जबकि एपीएफ ने बागमती प्रदेश को हराया था।

झिमरुक–लुङ किनारका बस्ती अब सडक सञ्जालमा जोडिँदै – Online Khabar

झिमरुक–लुङ तटवर्ती बस्तियाँ अब सड़क नेटवर्क से जुड़ रही हैं

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के बाद।

  • झिमरुक और लुङ किनारे किटघाट, दोभै और मच्छी–पिडाल्ने में तीन पक्के पुल निर्माण के अंतिम चरण में हैं।
  • २०८१ असार ७ को शुरूआत में शुरू हुआ किटघाट पुल निर्धारित समय से पहले पूरा हो चुका है।
  • ये पुल तुषारा बेँसी क्षेत्र के निवासियों को सड़क नेटवर्क से जोड़ेंगे जिससे दैनिक जीवन और आपातकालीन सेवाओं में सुविधा होगी।

10 चैत, प्युठान। झिमरुक और लुङ तटवर्ती बस्तियाँ अब विकास की मुख्य धारा में शामिल होने जा रही हैं।

किटघाट (कुटीचौर), दोभै और मच्छी–पिडाल्ने में निर्माणाधीन तीन पक्के पुल अंतिम चरण में पहुँच गए हैं, जिससे दो दशकों से लंबित प्रतीक्षा समाप्त होने वाली है।

बागदुला–मच्छी और बागदुला–बाहाने सड़कों के विपरीत किनारे पर स्थित ये बस्तियाँ नदी के जरिये सबसे बड़ा अवरोध थीं। कच्ची सड़क होने के बावजूद पुल की कमी के कारण वाहन संचालन में बाधा थी। अब पुल निर्माण के साथ ये बस्तियाँ सीधे सड़क नेटवर्क से जुड़ रही हैं, जो दैनिक जीवन और आपातकालीन स्थितियों में बहुत सुविधा प्रदान करेगी।

२०८१ असार ७ को 4 करोड़ 78 लाख रुपयों में शुरू किए गए किटघाट पुल को निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया गया है।

निर्माण कंपनी आशु निर्माण सेवा इस साल असार के भीतर मच्छी–पिडाल्ने पुल भी पूरा करने का लक्ष्य रखती है, जिसकी लागत 7 करोड़ 26 लाख रुपये है।

यह पुल विशेष रूप से तुषारा बेँसी क्षेत्र के निवासियों को बड़ी राहत देगा। पहले नदी पार करते हुए वाहनों का इंतजार करना पड़ता था, अब यह दूरी सिर्फ भौगोलिक नहीं बल्कि विकास की दूरी भी कम हो रही है।

लुम्बिनी प्रदेश सरकार ने आर्थिक वर्ष २०७९/८० में लगभग 31 करोड़ रुपये आवंटित कर कई वर्षों से रुकी योजना को कार्यान्वित किया है।

प्रदेश सांसद निमा गिरी की पहल पर यह योजना आगे बढ़ी, जिसके अंतर्गत किटघाट, पिडाल्ने और दोभै पुल निर्मित हो रहे हैं।

वर्तमान में किटघाट पुल पूरी तरह से संचालित है। पिडाल्ने पुल लगभग 85% और दोभै पुल लगभग आधा निर्माण पूरा हो चुका है। दोभै पुल पूरा होते ही दोभै से पिपलटारी तक के निवासी सीधे लाभान्वित होंगे और बाहाने–मच्छी सड़क सीधे जुड़ जाएगी।

पुल निर्माण ने दूरी ही नहीं कम की, समय और जोखिम भी घटाया है। बाहाने से मच्छी और तुषारा तक जाने के लिए पहले बागदुला होकर लगभग 11 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, जो अब इतिहास बन रही है। वर्षा के मौसम में नदी के बढ़ जाने से होने वाले जोखिम भरे आवागमन को खत्म किया जाने की उम्मीद है।

पूर्व राष्ट्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. गोविंदराज पोखरेल के अनुसार, संसाधन अभाव के कारण परियोजना में देरी हुई लेकिन योजना पहले से तैयार थी।

“बजट सुनिश्चित होने के बाद योजना में तेजी आई,” उन्होंने कहा।

इसके साथ ही बागदुला–मच्छी सड़क के लिए 35 करोड़ और बागदुला–अधेरी सड़क के लिए 12 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और कार्य तीव्र गति से चल रहा है। प्रदेश सरकार के मंत्री सरोज थापाले निगरानी करते हुए निर्धारित समय में कार्य पूरा करने निर्देश दिए हैं।

ये तीन पुल स्थानीय लोगों के लिए नए अवसरों का द्वार हैं। ये कृषि उत्पाद बाजार, अस्पताल, विद्यालय और आपातकालीन सेवाओं तक आसान पहुँच का आधार बनेंगे।

झिमरुक–लुङ तटवर्ती बस्तियों के लिए ये पुल एक बड़ी राहत लेकर आएंगे, ऐसी आम जनता की उम्मीद है।

बैतडी में 87 नए क्षयरोगी मिले, परीक्षण की कमी से चुनौती बढ़ी


10 चैत, बैतडी। बैतडी जिले में पिछले एक वर्ष के दौरान 87 नए क्षयरोग संक्रमित पाए गए हैं। नई संक्रमितों में 66 पुरुष और 21 महिलाएं हैं, इसकी जानकारी स्वास्थ्य कार्यालय बैतडी के सूचना अधिकारी खगेन्द्रसिंह कार्की ने दी।

स्वास्थ्य कार्यालय ने चालू वित्तीय वर्ष में 538 लोगों का क्षयरोग परीक्षण करने का लक्ष्य रखा था। लेकिन अब तक सिर्फ 203 लोगों का परीक्षण हो पाया है, जिनमें से 87 लोगों में क्षयरोग की पुष्टि हुई है।

“लक्षित संख्या के अनुसार परीक्षण न हो पाना बड़ी चुनौती है,” स्वास्थ्य कार्यालय के प्रमुख तीर्थराज भट्ट ने बताया। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न स्थानों में स्वास्थ्य शिविर चलाकर क्षयरोग पहचान अभियानों को तेज किया जा रहा है। साथ ही सुर्नया गाउँपालिका और पुर्चौड़ी नगरपालिका में भी ‘क्षयरोगमुक्त पालिका अभियान’ चलाया जा रहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, नेपाल में प्रतिवर्ष लगभग 67 हजार नए क्षयरोगी सामने आते हैं।

संखुवासभा में एक पुरुष मृत पाया गया

समाचार सारांश

एआई द्वारा तैयार। संपादकीय समीक्षा की गई।

  • संखुवासभा में 60 वर्षीय देबी भक्त दमाई मृत पाए गए हैं।
  • वे चैनपुर नगरपालिका–1, नुनढाकी तातोपानी के निवासी थे।
  • प्रहरी के केन्द्रीय समाचार कक्ष ने मंगलवार को तातोपानी गेट के पास मृत पाए जाने की जानकारी दी है।
  • मामले में आगे जांच जारी है।

10 चैत्र, काठमांडू। संखुवासभा में एक पुरुष मृत पाया गया है।

चैनपुर नगरपालिका–1 नुनढाकी तातोपानी निवासी 60 वर्षीय देबी भक्त दमाई को मृत अवस्था में पुलिस के केन्द्रीय समाचार कक्ष ने सूचित किया है।

मंगलवार को ही तातोपानी गेट के निकट मृत पाया गया, पुलिस ने यह जानकारी दी है।

मामले की जांच अभी जारी है।

कार्रवाई न करने का कारण २४ घंटे के भीतर प्रस्तुत करें – राष्ट्रीय खेलकूद परिषद

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार।

  • राष्ट्रीय खेलकूद परिषद ने अखिल नेपाल फुटबॉल संघ को २४ घंटे के भीतर कार्रवाई न करने का कारण लिखित में प्रस्तुत करने का पत्र भेजा है।
  • राखेप ने एन्फा से चुनाव स्थगित न करने के निर्णय पर जवाब मांगा और २४ घंटे के भीतर सफाई प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
  • राखेप सदस्य सचिव ने एन्फा अध्यक्ष और महासचिव से अर्ली इलेक्सन विषय पर चर्चा कर कार्यकारी समिति ने अंतिम बार स्पष्टीकरण मांगा है।

१० चैत्र, काठमांडू। राष्ट्रीय खेलकूद परिषद (राखेप) ने अखिल नेपाल फुटबॉल संघ (एन्फा) को २४ घंटे के भीतर कार्रवाई न करने के कारण सहित लिखित जवाब प्रस्तुत करने का पत्र भेजा है।

राखेप के खेलकूद विकास विभाग प्रमुख सरोज कुमार पोखरेल ने बार-बार हुई चर्चाओं और निर्देशों के पालन न होने के कारण २४ घंटे के भीतर सफाई प्रस्तुत करने के लिए पत्र भेजा है।

‘नियामक निकाय के साथ बार-बार हुई चर्चाओं और निर्देशों का पालन न किया गया है, इसलिए परिषद की कार्यकारी समिति की मिति २०८२/१२/०९ की बैठक में ऐन के दफा २८(ड) और दफा २९(१) के अनुसार दिए गए निर्देशों के अनुपालन के बिना प्रचलित कानून के विपरीत कार्य करने के कारण ऐन के दफा २९(२) के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए? इसी के मद्देनजर ऐन के दफा (७) के अनुसार पत्र प्राप्ति की तारीख से २४ घंटे के भीतर सफाई प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया है, अतः उचित कारण के साथ लिखित जवाब प्रस्तुत करने का अनुरोध किया जाता है’ पत्र में उल्लेख है।

पहले राखेप ने चैत्र ५ को एन्फा को चुनाव स्थगित किए जाने की लिखित जानकारी तीन दिनों के अंदर देने को कहा था। लेकिन एन्फा ने चैत्र ८ को जवाबी पत्र भेजते हुए चुनाव स्थगित न करने और निर्धारित तिथि चैत्र १३ को चुनाव कराए जाने की सूचना दी।

राखेप सदस्य सचिव राम चरित्र मेहताले सोमवार को एन्फा अध्यक्ष पंकज विक्रम नेम्बांग, महासचिव किरण राई सहित विभिन्न पक्षों को राखेप में बुलाकर अर्ली इलेक्सन विषय पर चर्चा की थी।

उस चर्चा के बाद हुई राखेप कार्यकारी समिति की बैठक ने अंतिम बार एन्फा को २४ घंटे में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का समय दिया है।