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लेखक: space4knews

सिलिचोङ में मछली पकड़ने गए पुरुष जाल में फंसे मृत मिले

१० वैशाख, संखुवासभा। संखुवासभा जिले के सिलिचोङ गाउँपालिका-१ में मछली पकड़ने गए एक पुरुष जाल में फंसे मृत पाए गए हैं। स्थानीय ३९ वर्षीय धंदुराम राई मृत अवस्था में पाए जाने की जानकारी सिलिचोङ-१ के वार्ड अध्यक्ष अनिश राई ने दी है। धंदुराम बुधवार दोपहर मछली पकड़ने संखुवा नदी की ओर गए थे। लंबे समय तक घर वापस न लौटने पर परिवार और पड़ोसियों ने गुरुवार सुबह स्थानीय पुलिस चौकी में उनकी खोज के लिए आवेदन दिया था। खोज के दौरान राई मृत अवस्था में नदी में पाए गए, वार्ड अध्यक्ष राई ने बताया। नदी में मछली पकड़ने के जाल में फंसे होने के कारण उनका शव मिला है। इस मामले में पुलिस द्वारा और जांच की जा रही है।

नेपाल के सुदीप राज गौतम यूनाइटेड राफ्टिंग के बोर्ड सदस्य नियुक्त

नेपाल राफ्टिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन के महासचिव सुदीप राज गौतम को यूनाइटेड राफ्टिंग के बोर्ड में सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। फ्रांस के पौ में सम्पन्न पहली निर्वाचन सभा ने वर्ल्ड राफ्टिंग फेडरेशन और इंटरनेशनल राफ्टिंग फेडरेशन को एकीकृत किया है। नए जनरल बोर्ड ने जल्द ही अपनी पहली आधिकारिक बैठक बुलाने और रणनीतियाँ तथा संगठनात्मक कार्ययोजना निर्धारित करने की योजना बनाई है।

१० वैशाख, काठमांडू। नेपाल राफ्टिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन के महासचिव सुदीप राज गौतम विश्व राफ्टिंग खेल के सर्वोच्च निकाय यूनाइटेड राफ्टिंग के बोर्ड सदस्य नियुक्त हुए हैं। इस सभा ने वर्ल्ड राफ्टिंग फेडरेशन और इंटरनेशनल राफ्टिंग फेडरेशन को आधिकारिक तौर पर एकीकृत करते हुए राफ्टिंग खेल में निर्णय लेने का एक ऐतिहासिक चरण तय किया है।

विश्व राफ्टिंग के दो संस्थानों के विलय के समझौते के बाद पहली बार हुए यूनाइटेड राफ्टिंग के निर्वाचन सभा ने नया जनरल बोर्ड गठित किया है। सभा का उद्घाटन वर्ल्ड राफ्टिंग फेडरेशन के अध्यक्ष डानिलो बार्माज और इंटरनेशनल राफ्टिंग फेडरेशन के अध्यक्ष जोसेफ विलिस जोन्स ने किया था। सभा में ५६ राष्ट्रीय संघों को मतदान का अधिकार प्राप्त था।

नए निर्वाचित जनरल बोर्ड ने जल्द ही अपनी पहली आधिकारिक बैठक आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें प्रारंभिक रणनीतिक प्राथमिकताओं और संगठनात्मक कार्ययोजना का निर्धारण किया जाएगा। नवगठित यूनाइटेड राफ्टिंग ने विश्वभर के खिलाड़ियों, राष्ट्रीय महासंघों और संबंधित पक्षों को समाहित करते हुए समावेशी, पारदर्शी और भविष्य-केंद्रित संगठन निर्माण के लिए प्रतिबद्धता जताई है।

गगनको रोजाइमा मोहन, विश्वप्रकाशको जोड भीष्म – Online Khabar

कांग्रेस संसदीय दलको नेता चयनमा विवाद: गगनको चयन मोहन, विश्वप्रकाशको सिफारिश भीष्म

नेपाली कांग्रेसले प्रतिनिधि सभा निर्वाचन सम्पन्न भएको करिब दुई महिना बितिसक्दा पनि संसदीय दलको नेता चयन गर्न सकेको छैन। सभापति गगन थापा र उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा बीच सहमति नहुँदाले दलको नेता चयन प्रक्रिया पछाडि परेको छ। २४ चैतमा दलको नेता चयनका लागि निर्वाचन समिति गठन गरिएपनि सहमतिमा नपुगी तालिका स्थगित गरिएको छ। १० वैशाख, काठमाडौं।

प्रतिनिधि सभाको निर्वाचन सम्पन्न भइ सकेपछि करिब दुई महिनासम्म पनि नेपाली कांग्रेसले संसदीय दलको नेता चयन गर्न असमर्थता देखाइरहेको छ। प्रमुख विपक्षी दलले दलको नेता चयनमा ढिलाइ गरेपछि संवैधानिक परिषद् पूर्ण रूपमा गठन हुन सकेको छैन र कामकाज प्रभावित छ। सभापति गगन थापाले प्रत्यक्ष क्षेत्रका सांसद मोहन आचार्यलाई दलको नेता बनाउन चाहेको चर्चा छ भने उपसभापति विश्वप्रकाश शर्माले समानुपातिक सांसद भीष्मराज आङ्देम्बेलाई नेता बनाउने प्रस्ताव गरेका छन्।

मोहन आचार्य रसुवा क्षेत्रबाट प्रत्यक्ष निर्वाचित सांसद हुन् भने भीष्मराज आङ्देम्बे पाँचथरबाट समानुपातिक सांसद हुन्। आङ्देम्बे १४ औँ महाधिवेशनमा सहमहामन्त्री बनेका थिए। कांग्रेसका एक वरिष्ठ नेताले सभापति थापा र उपसभापति शर्माबीच सहमति नहुँदा दल नेता चयनमा ढिलाइ हुनुको मुख्य कारण भएको बताएका छन्। निर्वाचन समिति संयोजक प्रकाश रसाइलीले २ वैशाखमा निर्वाचन तालिका सार्वजनिक गर्ने र ४ वैशाखमा निर्वाचन गर्ने जानकारी दिएका थिए, तर तालिका २ वैशाखमा नआएर ७ वैशाखमा मात्र सार्वजनिक भएको थियो।

कांग्रेसका नेताहरू भन्छन्, सभापति थापाले सहमतिका लागि पहल गरेपछि मात्रै दल नेता चयन ढिलाइ भएको हो। “सर्वसम्मत गर्न विभिन्न प्रयासका कारण ढिलाइ भएको हो,” एक वरिष्ठ पदाधिकारीले बताए। कांग्रेसको संसदीय इतिहासमा २०६४ सालको निर्वाचनपछि अहिलेसम्म दलका नेता सर्वसम्मत रूपमा चयन भएका छैनन्। यसपटक पनि मतदानबाट दलको नेता चयन हुने सम्भावना बढी रहेको नेताहरु बताउँछन्।

कमला नदी पर नए पुल के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापनपत्र सौंपते हुए शीघ्र प्रगति की मांग

कमला नदी पर नए पुल के निर्माण के काम को तुरंत आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष समिति ने मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापनपत्र सौंपा है। ७ भदौ २०८१ को मधेश प्रदेश सरकार और संघर्ष समिति के बीच हुई सहमति लागू न होने पर समिति ने आंदोलन की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री यादव ने पुल निर्माण के लिए संघीय सरकार के साथ समन्वय किया जा रहा है और संसाधन सुनिश्चित करना आवश्यक बताया है।

१० वैशाख, काठमाडौं। कमला नदी पर नए पुल के निर्माण के काम को तुरंत आगे बढ़ाने की अपील करते हुए संघर्ष समिति ने मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापनपत्र सौंपा है। ‘नया कमला पुल निर्माण संघर्ष समिति सिराहा–धनुषा’ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कृष्णप्रसाद यादव को ज्ञापनपत्र प्रस्तुत किया। ७ भदौ २०८१ को मधेश प्रदेश सरकार और संघर्ष समिति के बीच हुई सहमति लागू न होने पर समिति ने यदि तुरंत पुल निर्माण का काम शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन की धमकी दी है।

दो वर्षों के बीत जाने के बाद भी सहमति के लागू न होने और जनता को भ्रमित किए जाने का आरोप समिति ने लगाया है। आर्थिक वर्ष २०८२/८३ समाप्त होने को है लेकिन नए पुल के निर्माण के ठेका प्रक्रिया शुरू नहीं होने की बात समिति ने कही है। पुराना पुल जीर्ण स्थिति में है और उसकी मरम्मत भी प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रही है। ज्ञापनपत्र में कहा गया है कि अगर सात दिनों के भीतर ठेका प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई तो अनशन, चक्काजाम और सड़क अवरोध जैसे आंदोलन कार्यक्रम किए जाएंगे।

ज्ञापनपत्र प्राप्त करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने मामले पर गंभीर ध्यानाकर्षण व्यक्त किया। उन्होंने स्वीकार किया कि १५ वर्षों से जीर्ण स्थित में पड़ा पुल मधेश का जीवनरेखा है और इसका निर्माण आवश्यक है। उन्होंने कहा, ‘यह मार्ग हुलाकी सड़क के अंतर्गत आता है और संघीय सरकार के क्षेत्राधिकार में है, इसलिए हम संघीय सरकार के साथ समन्वय कर रहे हैं। इस वर्ष रेड बुक में १ करोड़ रुपये आवंटित किया गया था, लेकिन यह राशि केवल पुल निर्माण के लिए पर्याप्त नहीं है। पुल की लागत लगभग २ अरब रुपये से अधिक अनुमानित है।’

मुख्यमंत्री यादव के अनुसार पुल निर्माण के लिए संसाधन की सुनिश्चितता आवश्यक है, इसलिए संघीय सरकार के साथ निरंतर चर्चा जारी है। उन्होंने संघर्ष समिति से धैर्य रखने और सरकार के प्रयासों में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान पुल डिज़ाइन में त्रुटि है और उसे सुधार कर हुलाकी मार्ग से पूर्ण रूप से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है।

आर्मी की दमदार वापसी, खिल्जी क्लब को हराकर जीत हासिल

त्रिभुवन आर्मी क्लब ने रेडबुल १०वीं पीएम कप एनभीए पुरुष वॉलीबॉल लीग २०८३ में खिल्जी क्लब को ३-१ सेट से पराजित किया है। पिछले विजेता हेल्प नेपाल स्पोर्ट्स क्लब ने बुढानिलकण्ठ वॉलीबॉल क्लब को सीधे सेटों में २५-१३, २५-१७, २५-१८ के बड़े अंतर से हराया है। महिला वर्ग में नेपाल पुलिस क्लब और नेपाल एपीएफ क्लब ने रेडबुल पीएम कप वॉलीबॉल लीग में जीत दर्ज की।

१० वैशाख, काठमांडू। विभागीय टीम त्रिभुवन आर्मी क्लब और पिछले विजेता हेल्प नेपाल स्पोर्ट्स क्लब ने रेडबुल १०वीं पीएम कप एनभीए महिला और पुरुष वॉलीबॉल लीग २०८३ के तहत पुरुष वर्ग में विजयी शुरुआत की है। त्रिपुरेश्वर के दशरथ रंगशाला कवरडहल में गुरुवार को खेले गए मैच में आर्मी ने लुम्बिनी की खिल्जी क्लब के खिलाफ जबरदस्त वापसी करते हुए ३-१ सेट से जीत हासिल की। पहले सेट में खिल्जी ने २५-१८ के अंतर से बढ़त बनाई थी। इसके बाद खिल्जी अपनी लय बनाए रखने में नाकाम रहा जबकि आर्मी ने लगातार तीन सेट जीतकर वापसी की। आर्मी ने दूसरा सेट २५-२०, तीसरा सेट २५-२१ और चौथा सेट २५-२० अपने नाम किया।

इसी प्रकार पुरुष वर्ग में पिछले विजेता हेल्प नेपाल ने बुढानिलकण्ठ वॉलीबॉल क्लब को सीधे सेटों में हार दी। हेल्प नेपाल ने बुढानिलकण्ठ को २५-१३, २५-१७, २५-१८ से हराया। गुरुवार को हुई लीग के महिलाओं के मैचों में विभागीय टीम नेपाल पुलिस क्लब और नेपाल एपीएफ क्लब ने भी जीत दर्ज की। लीग के अंतर्गत शुक्रवार को पुरुष वर्ग में ३ और महिला वर्ग में २ कुल ५ मैच खेले जाएंगे। तस्वीरें: विकास श्रेष्ठ

भदौ २४ मा नख्खु कारागारबाट भागेका कैदी फेरि चोरी कसुरमै पक्राउ

भदौ २४ को नख्खु कारागारबाट भागेका कैदीलाई चोरीको अभियोगमा पुनः पक्राउ

१० वैशाख, काठमाडौं। चोरीको आरोपमा जेल सजाय भोगिरहेका र जेनजी आन्दोलनको क्रममा भदौ २४ गते नख्खु कारागारबाट भागेका एक कैदीलाई पुनः चोरीको आरोपमा पक्राउ गरिएको छ। पक्राउ पर्नेमा नुवाकोटको विदुर नगरपालिका–४ निवासी र हाल काठमाडौंको क्षेत्रपाटीमा बसोबास गर्ने २३ वर्षीय विज्ञान परियार रहेका छन्, जो आफूलाई काठमाडौंमा विकेश शाही भनेर चिनाउने गरेका थिए, प्रहरीले जानकारी दिएको छ। उनीलाई काठमाडौं उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालयको टोलीले बुधबार काठमाडौंको नयाँबजारबाट पक्राउ गरेको हो।

गत पुस २७ गते काठमाडौंको गोकर्णेश्वर नगरपालिका–८, माकलबारीमा एक कोठा खाली रहेको मौका छोपी चोरी भएको घटना प्रहरीले जनाएको छ। उक्त घटनामा सुनका गरगहना, मोबाइल फोन र रु १ लाख ६२ हजार नगद चोरी भएको थियो। प्रहरीले गरेको अनुसन्धानमा परियार उक्त चोरीमा संलग्न रहेको भेटिएकोले उनलाई पक्राउ गरिएको छ। उनका साथ चोरी गरिएको मोबाइल समेत बरामद गरिएको छ।

अतिरिक्त अनुसन्धानले देखाएको छ कि उनी २०७६, २०७७ र २०८१ सालमा भएको चोरीसँग सम्बन्धित तीनवटा मुद्दामा पहिल्यै दर्ता भएका व्यक्तिहरूमध्ये एक हुन्। ती तीनवटै मुद्दामा परियारले ललितपुरको नख्खु कारागारमा कैद भुक्तान गरिरहेका थिए। जेनजी आन्दोलनका क्रममा भदौ २४ गते उनी नख्खु कारागारबाट फरार भएका थिए, प्रहरीले अनुसन्धानमा खुलासा गरेको छ। हालको चोरीसम्बन्धी मुद्दामा थप अनुसन्धान गरी आवश्यक कारबाहीका लागि उनलाई प्रहरी वृत्त बौद्ध पठाइएको छ, अपराध अनुसन्धान कार्यालयका सूचना अधिकारी प्रहरी उपरीक्षक (एसपी) रामेश्वर कार्कीले जानकारी दिएका छन्।

बैतडी में अस्थायी मानसून प्रतिक्रिया बेस की स्थापना

सशस्त्र प्रहरी बल ने दशरथचन्द नगरपालिका–४ छेला में अस्थायी मानसून प्रतिक्रिया बेस स्थापित किया है। इस बेस में सशस्त्र पुलिस के नायब निरीक्षक के नेतृत्व में १५ सदस्यों की टीम बाढ़, भूस्खलन और आग जैसी आपदा घटनाओं के लिए तत्पर है। प्रमुख जिल्ला अधिकारी डॉ. डिजन भट्टराई ने कहा कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए सभी संबंधित निकायों के बीच समन्वय आवश्यक है। १० वैशाख, दशरथचन्द (बैतडी) — यहाँ मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से अस्थायी मानसून प्रतिक्रिया बेस स्थापित किया गया है। दशरथचन्द नगरपालिका–४ छेला में आज इस बेस का औपचारिक उद्घाटन किया गया। सशस्त्र प्रहरी बल नंबर ५१ गुल्म मुख्यालय बैतडी के नायब उपरीक्षक जंगबहादुर कुँवर ने बताया कि यह बेस आपदाग्रस्तों की राहत एवं बचाव के लिए स्थापित किया गया है।

उन्होंने बताया कि अस्थायी मानसून प्रतिक्रिया बेस में सशस्त्र पुलिस के नायब निरीक्षक के नेतृत्व में १५ सदस्यों की टीम है। बाढ़, भूस्खलन, आग जैसी आपदाओं में फंसे लोगों के बचाव के लिए प्रशिक्षित कर्मी सहित यह बेस स्थापित किया गया है। नायब उपरीक्षक कुँवर ने कहा, ‘मानसून सक्रिय होने वाला है। इस अवधि में संभावित आपदाग्रस्तों के उद्धार के लिए हमने जनशक्ति और आवश्यक सामग्री के साथ चौबीसों घंटे तत्परता बरत रखी है। जरूरत पड़ने पर तुरंत परिचालन किया जाएगा।’

प्रमुख जिल्ला अधिकारी डॉ. डिजन भट्टराई ने भी आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए प्रभावी समन्वय को नितांत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित निकायों के बीच सहयोग और समन्वय से ही प्रभावी कार्यान्वयन संभव हो सकेगा।

भरभरा बंदूक फटने से वडा सदस्य घायल

बैतडी में भरभरा बंदूक फटने से सुनरिया गाउँपालिका–२ के वडा सदस्य दानबहादुर ऐरी घायल हो गए हैं। ऐरी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बैतडी से धनगढ़ी के माया मेट्रो अस्पताल रेफर किया गया है। जिला पुलिस कार्यालय बैतडी ने घटना स्थल से उक्त बंदूक को जब्त कर लिया है और अतिरिक्त जांच जारी है। १० वैशाख, बैतडी। बैतडी में भरभरा बंदूक फटने से एक व्यक्ति के घायल होने की जानकारी मिली है। सुनरिया गाउँपालिका–२ के ४५ वर्षीय वडा सदस्य दानबहादुर ऐरी थे, जो स्वयं द्वारा भरे गए बंदूक के छर्रे से अपने गले में चोट लगने के कारण बुधवार शाम घायल हुए, यह जानकारी जिला पुलिस कार्यालय बैतडी के प्रवक्ता बलदेव बदू ने दी। घायल ऐरी को जिला अस्पताल बैतडी में सामान्य उपचार के बाद स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार धनगढ़ी के माया मेट्रो अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बंदूक को जब्त कर लिया है और घटना से संबंधित अतिरिक्त जांच जारी है, पुलिस प्रवक्ता बलदेव बदू ने बताया।

महिला कबड्डी में नेपाल का विजयी आरंभ

नेपाल की महिला कबड्डी टीम ने छैठवें एशियन बीच गेम्स 2026 में चाइनीज ताइपेई को 48-32 से हराते हुए विजयी शुरुआत की है। नेपाल ने पहले हाफ में 26-13 और दूसरे हाफ में 22-19 की बढ़त बनाए रखकर मैच जीता। 10 वैशाख, काठमाडौं। चीन के सान्या में हो रहे छैठवें एशियन बीच गेम्स 2026 के समूह बी में नेपाल ने गुरुवार को चाइनीज ताइपेई को पराजित किया। नेपाल ने पहले हाफ में 26-13 की बढ़त हासिल की थी। दूसरे हाफ में भी नेपाल ने इसी गति को कायम रखते हुए 22-19 की बढ़त लेकर मैच जीत लिया। नेपाल अब शुक्रवार को बांग्लादेश और शनिवार को थाईलैंड के साथ मुकाबला करेगा। इस छैठवें बीच गेम्स में नेपाल से महिला कबड्डी और कुश्ती टीम ही भाग ले रही हैं। नेपाली टीम के ‘सेव द मिशन’ में रामकृष्ण श्रेष्ठ बोस शामिल हैं।

१ अर्ब नाघ्यो पर्वतारोहण रोयल्टी, ९४४ आरोहीले लिए अनुमति

पर्वतारोहण शुल्क संकलन १ अर्बभन्दा बढी, ९४४ आरोहीलाई अनुमति प्राप्त

यो वर्ष बसन्त ऋतुमा ९४४ पर्वतारोहीले ३० हिमाल आरोहणका लागि अनुमति प्राप्त गरेका छन्। पर्यटन विभागले हिमाल आरोहणबाट १ अर्बभन्दा बढी कर संकलन गरेको छ। सगरमाथाबाट ४१० आरोहीले अनुमति लिएर ८९ करोड ३ लाख रुपैयाँ कर संकलन भएको छ। १० वैशाख, काठमाडौं।

यस वर्ष बसन्त ऋतुमा पर्वतारोहणका लागि बिहीबारसम्म ९४४ पर्वतारोहीले हिमाल चढ्न अनुमति पाएका छन्। पर्यटन विभागले सार्वजनिक गरेको साप्ताहिक विवरणअनुसार ३० हिमाल आरोहणका लागि अनुमति जारी गरिएको छ। यी आरोहीबाट विभागले १ अर्बभन्दा बढी कर संकलन गरेको छ। जसमा सबैभन्दा बढी कर सगरमाथाबाट प्राप्त भएको छ।

सगरमाथा आरोहणका लागि ४१ समूहका ४१० आरोहीले अनुमति लिएका छन्। सगरमाथाबाट मात्र ८९ करोड ३ लाख रुपैयाँ कर संकलन भएको छ। सगरमाथामा ९७ महिला आरोहीले पनि अनुमति लिएका छन्। यस सिजनमा लोत्सेका लागि ७ समूहका ८६, अमादब्लमका लागि ८ समूहका ९२, मकालु हिमालमा ५४, र हिमलुङ हिमालमा ५ समूहका ४४ जनाले आरोहण अनुमति लिएका छन्।

यस वर्ष हिमाल आरोहणका लागि चीनबाट १२७, अमेरिकाबाट १००, बेलायतबाट ६४, रूसबाट ६०, र अस्ट्रेलियाबाट २२ जना आरोहीले अनुमति लिएका छन्, विभागका तथ्यांक अनुसार।

‘बाली बचाउन बाँदर समात्ने र मार्ने उपाय दीर्घकालीन र मानवीय समाधान होइन’

नेपालको मध्यपहाडी क्षेत्रका किसानहरूलाई बाँदरको आतंकले मकै, धान र फलफूलजस्ता बालीनालीमा ठूलो क्षति पुर्‍याइरहेको छ र खेती छोड्नुपर्ने अवस्था आइरहेको छ। सरकारले रातो बाँदरलाई कृषि हानिकारक जनावर घोषित गरेर खेतबारीमा प्रवेश गरेमा लखेट्न पाउने व्यवस्था लागू गरेको भए तापनि समातेर मार्ने अधिकार दिइएको छैन। बाँदर नियन्त्रणका लागि दीर्घकालीन समाधानको रूपमा बाँदरको संख्या र प्रजनन अवस्थाबारे तथ्यांक संकलन गरी वैज्ञानिक बन्ध्याकरण आवश्यक छ। बाँदर र मानिसबीचको द्वन्द्व तीव्र भएको छ। एकातर्फ खेतीमा बाँदर पसेको संख्या बढेसँगै बाँदरलाई खोरमा थुन्ने र मार्ने क्रम पनि तेज भएको छ। यसले कसलाई चोट पुगेको छ र को अन्यायमा छ भन्ने स्पष्ट जवाफ छैन। दुवै पक्ष समस्याले ग्रसित छन्। किसानहरू आफ्नो मेहनतले उब्जाएको बालीनाली बाँदरले खाएपछि रिसाएका छन् भने बाँदरहरू पनि खाना खोज्दै मानवीय बस्तीतर्फ पस्न बाध्य छन्। जंगलमा खाना नपाएर बस्तीमा पस्ने बाँदरको यस्तो बाध्यतालाई बुझ्न किसानहरूमा अहिले धैर्यता अभाव छ।

नेपालका विभिन्न क्षेत्रहरूमा बाँदर समातेर खोरमा थुन्ने प्रक्रिया तीव्र रूपमा देखिन्छ। तर, के यसरी किसानहरूले आफ्नो बालीनाली जोगाउन प्रयोग गर्ने विधि सही हो? यो मात्र होइन, कुनै प्राणीमाथि गरिने यस्तो व्यवहार कति न्यायपूर्ण र मानवीय छ भन्ने प्रश्न पनि छ। अब के गर्ने? बाँदर व्यवस्थापनका लागि के वैज्ञानिक र मानवीय उपायहरू छन् जसले किसानको बालीनाली जोगाउन सघाउ पुर्‍याउन सकून्? यस विषयमा हामीले त्रिभुवन विश्वविद्यालयका प्राणीशास्त्र केन्द्रीय विभागका प्राध्यापक तथा वन्यजन्तुविज्ञ डा. लक्ष्मण खनालसँग कुराकानी गरेका छौँ। बाँदरले किसानहरूको खेतीबालीमा ठूलो क्षति पुर्‍याएको भन्दै विभिन्न गुनासोहरु आइरहेका छन्। नेपालका कस्ता क्षेत्रहरू बढी प्रभावित छन्? रातो बाँदरले बालीनालीमा धेरै नोक्सानी पुर्‍याएको भन्दै ‘बाँदरको आतंक’ शब्द प्रचलित छ। यो समस्या विशेष गरी नेपालको मध्यपहाडी क्षेत्रका जिल्लामा अत्यधिक देखिन्छ। पूर्वी क्षेत्रका इलाम, पाँचथर, भोजपुरदेखि पश्चिमी क्षेत्रका बैतडीसम्मका मध्यपहाडी जिल्लाहरू सबैभन्दा बढी प्रभावित क्षेत्रहरू हुन्।

खानेपानी डिविजन कार्यालय बाराका तत्कालीन प्रभार प्रमुख यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार मामला दर्ज

खानेपानी एवं स्वच्छता डिविजन कार्यालय, कलैया बाराका तत्कालीन प्रभार कार्यालय प्रमुख किशोरीप्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने यादव पर १ करोड़ ४६ लाख ८१ हजार २२५ रुपए की अवधारणा राशि की गैरकानूनी संपत्ति अर्जन करने का आरोप लगाया है। आयोग ने यादव और उनकी पत्नी निर्मला कुमार को प्रतिवादी बनाते हुए ३१ असार २०४७ से २९ पुष २०८० तक की संपत्ति और खर्च के स्रोत की पुष्टि न होने का उल्लेख किया है। यह मामला १० वैशाख, काठमांडू से है।

खानेपानी एवं स्वच्छता डिविजन कार्यालय, कलैया बाराका तत्कालीन प्रभार कार्यालय प्रमुख किशोरीप्रसाद यादव के विरुद्ध विशेष अदालत काठमांडू में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने गैरकानूनी तरीके से संपत्ति अर्जित कर भ्रष्टाचार करने के आरोप में यादव के खिलाफ यह मुकदमा दायर किया है। आयोग ने यादव के खिलाफ १ करोड़ ४६ लाख ८१ हजार २२५ रुपए की अवधारणा राशि की मांग की है। ३१ असार २०४७ को नियुक्ति होने के बाद से २९ पुष २०८० तक की अवधि को जांच अवधि मानते हुए, यादव और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा अर्जित कुल संपत्ति ३ करोड़ ४६ लाख २१ हजार ४०१ रुपए से खर्च ४ करोड़ ९३ लाख २ हजार ६२६ रुपए है, जिसमें १ करोड़ ४६ लाख ८१ हजार २२५ रुपए अधिक खर्च आरोप पत्र में उल्लिखित है।

आय की तुलना में व्यय अधिक होने के कारण इस राशि के स्रोत की पुष्टि नहीं हो पाने पर आयोग ने यादव के साथ उनकी पत्नी निर्मला कुमार को भी प्रतिवादी बनाकर मामला दर्ज किया है।

टी२० विश्वकप के दौरान पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद नवाज पर नशीली दवाओं के सेवन का आरोप

मोहम्मद नवाज

तस्वीर स्रोत, Getty Images

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने नशीली दवा उपयोग के आरोपित खिलाड़ी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है।

पीसीबी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की रिपोर्ट के आधार पर अपनी राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी मोहम्मद नवाज के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है। उस रिपोर्ट में टी20 विश्वकप के दौरान ‘रिक्रिएशनल ड्रग’ अर्थात मनोरंजन के लिए उपयोग की जाने वाली नशीली दवाओं के सेवन का उल्लेख है।

पीसीबी के प्रवक्ता आमिर मीर ने बताया कि बोर्ड ने नवाज को इस मुद्दे में गुरुवार तक स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। मीर के अनुसार आईसीसी की रिपोर्ट में नवाज का नशीली दवा उपयोग पॉजिटिव पाया गया है, इसलिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मीर ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में सबसे पहले आईसीसी जांच करती है और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करती है, इसके बाद आरोपित खिलाड़ी को जवाब देने का मौका दिया जाता है। नशीली दवाओं से जुड़ी सभी कार्रवाई आईसीसी के क्षेत्राधिकार में आती है।

पहले भी क्रिकेट वेबसाइट क्रिकइन्फो ने बताया था कि मोहम्मद नवाज पर फरवरी और मार्च में भारत और श्रीलंका में हुए टी20 विश्वकप के दौरान ‘रिक्रिएशनल ड्रग’ उपयोग का संदेह था और जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

प्रथम छायाँनाथ अल्ट्रा रेस ३ जेठ को आयोजित की जाएगी

मुगूम कार्मारोंग गाउँपालिका ने ३ जेठ को छायाँनाथ केंद्रित ३० किलोमीटर लंबी प्रथम छायाँनाथ अल्ट्रा रेस आयोजित करने की जानकारी दी है। प्रतियोगिता में महिला और पुरुष दोनों वर्गों में दौड़ आयोजित की जाएगी, वहीं स्थानीय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए ५ किलोमीटर का फन रन भी रखा गया है। विजेताओं को २ लाख से लेकर ५० हजार रुपये तक नकद पुरस्कार और मेडल प्रदान किए जाएंगे। इस प्रतियोगिता पर कुल खर्च लगभग ९८ लाख रुपये अनुमानित है।

१० वैशाख, काठमांडू। मुगूम कार्मारोंग गाउँपालिका प्रथम छायाँनाथ अल्ट्रा रेस आयोजित करने वाला है। गाउँपालिका ने पत्रकार सम्मेलन के माध्यम से बताया कि आगामी जेठ ३ गते पुलु में यह प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। छायाँनाथ धाम (एब्लाङ) केंद्रित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य, हिमालयी भू-परिसर और धार्मिक आस्था का संगम है। हालांकि, पर्याप्त बुनियादी ढांचा और प्रचार की कमी के कारण इसकी पूरी संभावनाएं उजागर नहीं हो पायी हैं, ऐसा गाउँपालिका ने बताया है।

इस क्षेत्र की संभावनाओं को बढ़ावा देते हुए साहसिक खेलों के माध्यम से खेल पर्यटन के विकास के उद्देश्य से यह अल्ट्रा रेस आयोजित की जा रही है। मुगूम कार्मारोंग गाउँपालिका और ऑल नेपाल स्पोर्ट्स फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता को नेपाल एडवेंचर रनिंग महासंघ तकनीकी सहायता देगा। किम्रि (२८८० मीटर) से शुरू होकर यह ३० किलोमीटर लंबी दौड़ छायाँनाथ (४८२० मीटर) और चिताइकुना (२४४० मीटर) होते हुए पुलु (२२५५ मीटर) पर समाप्त होगी। प्रतियोगिता में महिला और पुरुष दोनों वर्गों में प्रतिस्पर्धा होगी।

स्वास्थ्यकर्मीसँग युवा अभियन्ताले मागे माफी, स्वास्थ्य सेवा नियमित

स्वास्थ्यकर्मीमाथि अभद्र व्यवहार करने युवाओं ने माफी मांगी, स्वास्थ्य सेवा पुनः नियमित

कणार्ली स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान के स्वास्थ्यकर्मीमाथि अभद्र व्यवहार करने वाले युवाओं ने माफी मांगने के बाद अस्पताल की सेवाएं पुनः नियमित हो गई हैं। युवा अभियन्ता उपेन्द्र बुढथापा और नरेन्द्र बुढथापाने चिकित्सकों को असुरक्षित महसूस कराने वाले किसी भी कार्य को न करने का लिखित प्रतिबद्धता व्यक्त की है। स्वास्थ्यकर्मियों ने सुरक्षा की गारंटी मांगते हुए आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर अन्य सेवाएं ठप कर दी थीं, जिसके बाद वार्ता के माध्यम से सेवाएं पुनः शुरू हुईं। १० वैशाख, काठमाडौं।

बुधवार ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों के साथ उन युवाओं द्वारा दुर्व्यवहार और धमकी दी गई थी। इसके पश्चात स्वास्थ्यकर्मियों ने सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की मांग करते हुए गुरुवार सुबह से आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर अन्य सेवाएं ठप कर दी थीं। प्रतिष्ठान के रजिस्ट्रार एवं प्रवक्ता लक्ष्मीचन्द्र महत के अनुसार अभद्र व्यवहार करने वाले युवाओं और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच सहमति बनने के बाद प्रतिष्ठान की सभी सेवाएं पुनः नियमित हुई हैं।

‘युवाओं ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसा व्यवहार न करने की बात कही और माफी मांगी,’ महत ने बताया, ‘पीड़ित (डॉक्टर) ने इस मुद्दे को अधिक न बढ़ाते हुए समझौते पर पहुंचने का निर्णय लिया है। इसके बाद सेवाएं पुनः शुरू की गई हैं।’ सामाजिक अभियान्ताओं के नाम पर कुछ युवाओं ने प्रतिष्ठान के विभिन्न विभागों में जाकर स्वास्थ्यकर्मियों पर गालियां और धमकियां दी थीं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा सेवाएं ठप करने के बाद सुबह १० बजे से वार्ता शुरू हुई थी। प्रतिष्ठान के उपकुलपति डा. पुजन रोकाया, रजिस्ट्रार महत, डीन डा. प्रेनित पोखरेल और विवेक पुन मगर सहित एक टोली ने इस वार्ता का सफल संचालन किया।