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लेखक: space4knews

काठमाडौं भूमिगत विद्युत तार विस्तार : ३ वर्षों के बाद पुनः गति मिली

काठमाडौं उपत्यका के भूमिगत तार परियोजना तीन वर्षों की अनिश्चितता के बाद ऊर्जा मंत्री विराट भक्त श्रेष्ठ की सक्रियता से पुनः गति पकड़ने लगी है। नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण के संयोजन में 11 सदस्यीय उपसमिति गठित कर भूमिगत तार प्रबंधन के लिए सुझाव मांगे गए हैं। परियोजना के प्रथम चरण में रत्नपार्क और महाराजगंज क्षेत्रों में 11 केवी और 400 वोल्ट की लाइनों को भूमिगत किया जाने की तैयारी है। 14 वैशाख, काठमाडौं।

काठमाडौं उपत्यका की विद्युत प्रणाली को सुरक्षित और सुंदर बनाने के लिए शुरू की गई ‘भूमिगत तार परियोजना’ लंबे समय के विलंब के बाद पुनः सक्रिय होती दिख रही है। तीन वर्षों से विभिन्न संबंधित निकायों के बीच समन्वय की कमी के कारण यह आयोजन धीमा पड़ा था, जो अब ऊर्जा मंत्री विराट भक्त श्रेष्ठ की पहल से पुनः गति प्राप्त कर रहा है। काठमाडौं उपत्यका में मध्य तथा उत्तर वितरण प्रणाली सुदृढ़ीकरण के लिए 3 वैशाख 2074 को उच्चस्तरीय समन्वय समिति बनाई गई थी। समिति की छठी बैठक 7 पुष 2079 को आयोजित की गई थी।

विद्युत तारों को भूमिगत करने का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। हालांकि, केबल और इंटरनेट तारों को भी भूमिगत करने में कुछ चुनौतियां सामने आई हैं। ऊर्जा मंत्री श्रेष्ठ के निर्देशन में 3 वैशाख 2083 को समिति की बैठक हुई थी। उस बैठक में नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण के निदेशक के संयोजन में 11 सदस्यीय उपसमिति का गठन किया गया। उपसमिति को नेपाल विद्युत प्राधिकरण द्वारा निर्मित भूमिगत विद्युत संरचना में स्थित ऑप्टिकल फाइबर/केबल डक्ट का संचार प्रयोजन के लिए उपयोग हेतु गेप एनालिसिस के साथ वैकल्पिक उपायों पर सुझाव देने का कार्य दिया गया है।

अब तक तारों को भूमिगत करने का कार्य रुका हुआ था। ऊर्जा मंत्रालय के विद्युतीकरण, विद्युत व्यापार तथा प्रणाली विस्तार शाखा के वरिष्ठ डिविजनल इंजीनियर (सीडीई) संजीव राय ने बताया कि अभी भी संरचना निर्माण जारी है। उप्रेती ने कहा कि उच्चस्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित न होने से परियोजना में देरी हुई, लेकिन अब काम आगे बढ़ रहा है। काठमाडौं उपत्यका में पहली बार 27 फागुन 2076 को रत्नपार्क–महाराजगंज खंड से भूमिगत तार बिछाने का कार्य शुरू किया गया था।

पहली सट्टेबाजी के कारोबार के बाद कागजी नोट दिखाकर ठगी

१४ वैशाख, काठमाडौं। काठमाण्डौ उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय ने ठगी के आरोप में ६ लोगों को गिरफ्तार करके जांच शुरू की है। गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ में ऐसा तथ्य सामने आया है जिसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। ठगी से पहले ही उन्होंने स्पष्ट रूप से ठगी करने की बात स्वीकार कर दी थी। ‘सच्चे नोट के साथ नकली नोट भी बदले जाएंगे।’ अर्थात सच्चा नोट देकर उसके दोगुने नकली नोट वापस लेने होंगे। इस तरह पहले सच्चा नोट लेकर नकली नोट देने का काम सामान्य और भरोसेमंद लगता था। शुरू में विश्वास करना मुश्किल हो सकता था, लेकिन जांच से पता चलता है कि ठगी खुलकर हो रही है।

ठगी के आरोप में गिरफ्तार लोगों में उदयपुर के ताप्ली गाउँपालिका–३ के रहने वाले २६ वर्षीय योगबहादुर तामाङ, वहीं के ३८ वर्षीय मिलन कुमार तामाङ, ३६ वर्षीय भविंद्र कुमार तामाङ, चितवन के रत्ननगर गाउँपालिका–५ के ३४ वर्षीय प्रविन महतो, रौतहट के गजुरा नगरपालिका–१ के २८ वर्षीय मुना धामी और चितवन के कालिका नगरपालिका–५ के ३८ वर्षीय सत्यनारायण चौधरी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इन्हें टौदह के नजदीक से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के समय उनके कब्जे से दो प्रकार के थैलों में ४० बंडल नकली नोट (कागजी बिटो), पीछे की नंबर प्लेट हटाया हुआ और सामने शैक्षिक भ्रमण का बैनर लगा नंबर प्लेट से छिपाया हुआ एक EV वाहन (मिनी हाइस) और नं. ना ४७ प ५४११ की पल्सर मोटरसाइकिल बरामद हुई है। बरामद EV वाहन की नंबर बा. प्र. ०१–०३२ च ७३१२ होने की पुष्टि हुई है।

ठगी का तरीका कैसा था? इस समूह ने बताया कि सच्चा नोट देने के बदले दोगुनी मात्रा में नकली नोट दिए जाते थे, जिसकी जानकारी बाद में मिलने या व्हाट्सएप पर दी जाती थी। आमतौर पर कोई नकली नोट के बदले सच्चा नोट लेने के लिए तैयार नहीं होता इसलिए वे कहते थे, ‘यह नकली कहलाए भी, लेकिन असल में सच्चा ही है। इसमें कोई फर्क नहीं पड़ता, कोई पकड़ नहीं पाएगा और कारोबार में कोई दिक्कत नहीं होगी।’ जो लोग इस बात पर भरोसा नहीं करते थे, उनके लिए वे नकली बताए गए हजार के नोट का बिल दिखाते थे जो देखकर सच जैसा लगता था। इस तरह ठगी का समूह लाखों रुपये का कारोबार करके ग्राहक का विश्वास जीत लेता था। ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से हजार के बंडल के नोट के बिल दिखाकर अलग विश्वास दिलाया जाता था। लेकिन बाहर से सच्चा नोट रखा जाता और अंदर कागजी बिटो छिपाई जाती थी। एसएसपी संतोष खड़का के अनुसार, “शुरू में विश्वास जीतने के लिए पहले नकली नोट बताते हुए दोगुने सच्चे नोट देने का तरीका अपनाते थे, बाद में बड़ी रकम के लेन-देन के समय कागजी बिटो थमाने की प्रवृत्ति दिखती है।” अब तक दो पीड़ित आरोपियों के खिलाफ संपर्क में आए हैं जबकि अन्य पीड़ितों को पुलिस से संपर्क करने की अपील की गई है।

मनोहरा सुकुमवासी बस्तीका सबै ८१० घरटहरा भत्काइए – Online Khabar

मनोहरा सुकुमवासी बस्ती के सभी ८१० घरटहरों को ध्वस्त किया गया

१४ वैशाख, भक्तपुर । भक्तपुर और काठमाडौँ की सीमा पर स्थित मनोहरा नदी के पास मौजूद सुकुमवासी बस्ती की सभी संरचनाएं ध्वस्त कर दी गई हैं। मध्यपुर थिमी नगरपालिका–१ लोकन्थली जड़ीबूटिस्थान मनोहरा नदी किनारे रहने वाले सुकुमवासी बस्ती के सभी ८१० घरटहरों को ध्वस्त करने की जानकारी भक्तपुर के पुलिस उप-निरीक्षक सूर्यबहादुर खड्काले दी है। इसी स्थान पर संरचनाओं को ध्वस्त करने के लिए सोमवार को २४ जेसीबी मशीनें इस्तेमाल की गईं। इस दौरान एक सामुदायिक विद्यालय सहित मनोहरा सुकुमवासी बस्ती की सभी संरचनाएं ध्वस्त की गईं, जिसने पुलिस ने बताया।

शनिवार शाम संरचना हटाने के प्रयास के समय वहां पत्थरबाजी हुई थी। सुकुमवासियों के साथ झड़प में पुलिस वृत्त थिमी के प्रमुख, पुलिस नायब उप-निरीक्षक नवराज ढुङ्गानासहित २२ सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे। रविवार सुबह लगभग दो हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाने के बाद ८० प्रतिशत सुकुमवासियों ने स्वयं ही बस्ती छोड़ दी थी। रविवार और सोमवार को शांति पूर्ण रूप से सुकुमवासी बस्ती खाली कराने का कार्य पुलिस द्वारा पूरा किया गया। –रासस

लुम्बिनी से 15 किलोमीटर के भीतर के उद्योगों को खाली करने का सर्वोच्च न्यायालय का निर्देश

समाचार सारांश

  • सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार, निर्देशकालय ने बुद्ध जन्मस्थल लुम्बिनी से 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी प्रदूषणकारी उद्योगों को खाली कराने के लिए सरकार को पत्र द्वारा निर्देश दिया है।
  • सर्वोच्च ने लुम्बिनी क्षेत्र के प्रदूषणकारी उद्योगों को दो वर्षों के भीतर बंद करने या अन्यत्र स्थानांतरित करने का परमादेश जारी किया है।
  • सिद्धार्थ उद्योग वाणिज्य संघ के अनुसार, इस आदेश से लुम्बिनी क्षेत्र में मौजूद लगभग दो दर्जन उद्योग और करीब 10 हजार श्रमिक प्रभावित हुए हैं, और उद्योगपतियों ने उचित माहौल और क्षतिपूर्ति की मांग की है।

14 वैशाख, बुटवल। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराने हेतु निर्देशकालय ने बुद्ध जन्मस्थान लुम्बिनी से 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी उद्योगों और कारखानों को खाली कराने के लिए सरकार को पत्र भेजकर निर्देशित किया है।

लुम्बिनी के दीर्घकालीन संरक्षण के लिए सर्वोच्च अदालत द्वारा दिए गए आदेश के कार्यान्वयन के संदर्भ में प्रधानमंत्री एवं मन्त्रिपरिषद कार्यालय, गृह मंत्रालय, उद्योग मंत्रालय, लुम्बिनी विकास कोष सहित संबंधित संस्थाओं को उद्योग खाली कराने का निर्देश दिया गया है।

सर्वोच्च के न्यायाधीश कुमार रेग्मी एवं सुनिल कुमार पोखरेल की संयुक्त पीठ ने गत भदौ 1 को दिया गया फैसला जारी किया, जिसके साथ उद्योगों को खाली कराने का आदेश भी शामिल है।

सर्वोच्च के फैसले के अनुसार, निदेशकालय ने धूल, धुआं या कार्बन आधारित प्रदूषण उत्पन्न करने वाली लुम्बिनी के परिधि की पूर्व, पश्चिम, उत्तर दिशा में 15 किलोमीटर तक तथा दक्षिण दिशा में भारतीय सीमा तक के उद्योगों को खाली कराने को कहा है। इस क्षेत्र में 12 सीमेंट उद्योग पाए गए हैं।

फैसले के पालन के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और लुम्बिनी विकास कोष सहित संबंधित संस्थाओं को पत्र के माध्यम से निर्देश दिया गया है, यह बताया निर्देशकालय के निदेशक गोविन्द घिमिरे ने।

सर्वोच्च ने उद्योगों को खाली कराते हुए लुम्बिनी क्षेत्र के दीर्घकालीन संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा है।

जनहित संरक्षण मंच के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. प्रकाशमणी शर्मा ने अवैध उद्योग निर्माण से विश्व धरोहर सूची में शामिल लुम्बिनी में पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने, मानव स्वास्थ्य और प्राचीन अमूल्य सम्पदा के लिए जोखिम उत्पन्न होने के कारण सर्वोच्च में याचिका दायर की थी।

लुम्बिनी में स्थापित उद्योगों से उत्पन्न प्रदूषण के कारण ऐतिहासिक अशोक स्तंभ, मायादेवी मंदिर, अन्य स्तूप और मानव स्वास्थ्य प्रभावित होने का दावा याचिका में था।

२०७६ असार में सर्वोच्च ने लुम्बिनी विकास कोष के परिधि में 15 किलोमीटर के अंदर उद्योग संचालित न करने और मौजूद उद्योगों के स्थानांतरण के लिए अंतरिम आदेश दिया था।

सर्वोच्च ने लुम्बिनी क्षेत्र के 15 किलोमीटर के भीतर संचालित प्रदूषणकारी उद्योगों को दो साल में बंद करने या अन्यत्र स्थानांतरित करने का परमादेश जारी किया है।

इस फैसले का सीमेंट उद्योगों पर विशेष प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि यह लुम्बिनी क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण के कड़े नियमों को लागू करता है।

सर्वोच्च ने लुम्बिनी के संरक्षित क्षेत्र को केंद्र मानते हुए पूर्व, पश्चिम और उत्तर में 15 किलोमीटर तथा दक्षिण में भारतीय सीमा तक नए प्रदूषणकारी उद्योग स्थापित करने पर रोक लगाई है।

इसके अलावा, मौजूदा प्रदूषणकारी उद्योगों को दो साल के भीतर बंद या अन्यत्र स्थानांतरण करने के उपाय करने का आदेश दिया गया है।

साथ ही, 2067 मंसिर 12 से पहले पंजीकृत उद्योगों को स्थानांतरण में प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।

फैसले के अनुसार, लुम्बिनी-भैरहवा कॉरिडोर सडक से दोनों ओर 800 मीटर के अंदर भी यही मानदंड लागू होंगे। लुम्बिनी विकास कोष क्षेत्र में 19 टन से अधिक क्षमता वाले मालवाहक वाहनों के परिचालन पर भी रोक लगाई गई है।

सर्वोच्च ने भगवान गौतम बुद्ध के जन्मस्थल लुम्बिनी को केवल एक पुरातात्विक स्थल नहीं बल्कि नेपाल की पहचान एवं विश्व के लिए एक ‘आध्यात्मिक उद्योग’ बताया है।

फैसले से पहले, लुम्बिनी संरक्षण क्षेत्र के आसपास उद्योगों की स्थिति का अध्ययन करने के लिए समिति का गठन किया गया था, जिसने 12 उद्योगों पर अनुगमन करके पाया कि कोई भी उद्योग प्रदूषण नियंत्रण के उपाय नहीं अपना रहा है।

सर्वोच्च के आदेश के बाद, लुम्बिनी से 15 किलोमीटर अंदर संचालित कार्बन उत्सर्जन करने वाले उद्योगों को दो साल के भीतर स्थानांतरित करना अनिवार्य हो गया है।

हालांकि, उद्योगपतियों ने अंतरिम आदेश का पालन नहीं किया था, लेकिन आदेश लागू होने के पश्चात वे कानूनी दबाव में आ गए हैं।

उद्योगपतियों का कहना है कि उद्योगों के स्थानांतरण के लिए सरकार को अनुकूल माहौल बनाना चाहिए।

सिद्धार्थ उद्योग वाणिज्य संघ ने बताया कि इस आदेश के कारण लुम्बिनी-भैरहवा कॉरिडोर के दो दर्जन बड़े उद्योग प्रभावित हुए हैं।

मामले में 19 उद्योगों को विपक्षी बनाया गया है, जिनमें सुप्रिम सीमेंट, जगदम्बा सीमेंट, गोयन्का सीमेंट, अम्बे स्टील, रिलायंस सीमेंट, सिद्धार्थ सीमेंट, ब्रिज सीमेंट, अग्नि सीमेंट, कैलाश सीमेंट और विशाल सीमेंट प्रमुख हैं।

इसके अलावा श्रीराम सीमेंट, अर्घाखाँची सीमेंट, नेपाल अम्बुजा सीमेंट, श्याम प्लाइउड, हिमालयन स्नैक्स एंड नूडल्स, अम्बे स्टील, सिद्धार्थ ऑयल इंडस्ट्रीज, रिलायंस पेपर मिल्स, गोयन्का स्टील को भी प्रदूषण फैलाने के कारण विपक्ष बनाया गया।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के केंद्रीय सदस्य एवं उद्योग समिति अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने सर्वोच्च के निर्देश को अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा, “उद्योग स्थानांतरण के लिए उपयुक्त जमीन की उपलब्धता नहीं है, और अगर मिलती भी है तो अत्यंत महंगी है। मध्य पूर्व के तनाव के कारण उद्योग क्षेत्र महंगाई की चपेट में है। ऐसे में दो साल में इतने बड़े उद्योगों को स्थानांतरित करना मुश्किल है।” उन्होंने कहा कि सरकार को सहजता और अनुशासन के साथ इस आदेश के पालन में मदद करनी चाहिए।

अग्रवाल के अनुसार, प्रभावित उद्योगों में लगभग 50 अरब रुपये से अधिक निवेश हुआ है, जहां करीब 10 हजार श्रमिक प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त करते हैं।

अदालत ने लुम्बिनी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवार के दक्षिण में भारतीय सीमा तक, पूर्व, पश्चिम और उत्तर में 15 किलोमीटर की दूरी तक, और लुम्बिनी-भैरहवा कॉरिडोर के सड़क से दोनों ओर 800 मीटर के भीतर धूल, धुआं और कार्बन उत्सर्जन वाले किसी भी नए उद्योग की स्थापना पर रोक लगाई है।

साथ ही 2066 मंसिर 12 से पहले स्थापित प्रदूषणकारी उद्योगों के प्राथमिकता के साथ स्थानांतरण का आदेश दिया गया है।

अदालत ने इन उद्योगों के पूंजी विस्तार, क्षमता वृद्धि, अतिरिक्त उद्देश्यों और विद्युत क्षमता बढ़ाने की अनुमति नहीं देने की नीति बनाए रखने को कहा है, जिसका तात्पर्य है कि इन उद्योगों को बंद कर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए दो साल की समय सीमा दी गई है।

लुम्बिनी-भैरहवा कॉरिडोर के सड़क से दोनों ओर 800 मीटर के भीतर 19 टन से अधिक भार वहन क्षमता वाले सार्वजनिक परिवहन वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने का भी आदेश सर्वोच्च ने दिया है।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि बिना न्यायसंगत वातावरण और उचित क्षतिपूर्ति के दो साल के भीतर उद्योग स्थानांतरण संभव नहीं है। उनका उद्योग प्रतिदिन 1200 मीट्रिक टन क्लिंकर का उत्पादन करता है, जिसमें लगभग 600 श्रमिक कार्यरत हैं।

उन्होंने कहा, “बुद्ध जन्मस्थान लुम्बिनी को बचाना जरूरी है इसलिए हम सर्वोच्च के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन आदेश का क्रियान्वयन करना कठिन है। पहले प्रदूषण के वैज्ञानिक मानकों का निर्धारण हो और मानदंडों के अनुसार प्रदूषण न करने वाले उद्योगों को वहीं चलने दिया जाए, बाकी को राज्य द्वारा क्षतिपूर्ति देकर हटाया जाए।”

उद्योगपति अग्रवाल ने पेट्रोलियम उत्पादों से चलने वाले वाहनों द्वारा भी कार्बन उत्सर्जन के उदाहरण देते हुए कहा कि इस पर परमादेश ने कोई टिप्पणी नहीं की।

उन्होंने कहा, “प्रदूषण तो लुम्बिनी जाने वाली गाड़ियों से भी होता है, भैरहवा हवाई अड्डे पर आने वाले जहाज से भी, तब क्या सभी गाड़ियां केवल इलेक्ट्रिक ही चलें?”

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ लुम्बिनी प्रदेश अध्यक्ष ठाकुरप्रसाद श्रेष्ठ ने कहा कि दो साल में उद्योगों का स्थानांतरण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को नई जगह उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन व्यवस्थापन करना पड़ेगा और तत्काल पर्यावरणीय आकलन (EIA) कराना होगा, अन्यथा दो साल में यह कार्य कठिन होगा।

उन्होंने कहा, “जमीन का निर्णय नहीं हुआ है, और सरकार ईआईए में दो साल लगाती है, क्या इतनी जल्दी इतने बड़े उद्योगों को स्थानांतरित कर पाएंगे? कानून के तहत सर्वोच्च के आदेश का पालन जरूरी है पर समय पर्याप्त नहीं है, सरकार को उचित समय, व्यवस्था और वातावरण प्रदान करना चाहिए।”

उद्योगों के स्थानांतरण से हजारों श्रमिक बेरोजगार होंगे, इसलिए सरकार को उनकी व्यवस्था पर भी विचार करना चाहिए।

स्थानांतरण के बाद खाली हुई जमीन पर पर्यटन-सामर्थ्य उद्योग–व्यवसाय शुरू करने पर सरकार को बैंक ब्याज सहित अनुदान देना चाहिए, यह भी श्रेष्ठ की मांग है।

सिद्धार्थ ग्रुप के प्रबंधक रोहित अग्रवाल ने कहा कि करोड़ों रुपए के कर्ज सहित निवेशित उद्योगों को स्थानांतरित करते हुए राज्य को सहूलियत और राहत के स्पष्ट प्रावधान करने होंगे।

उन्होंने कहा, “सरकार यदि उद्योगों को स्थानांतरित कराना चाहती है तो उचित क्षतिपूर्ति देनी होगी, क्योंकि अग्रिम क्षतिपूर्ति के बिना उद्योग नए स्थान पर जमीन खरीदकर स्थानांतरित होना संभव नहीं है।”

नेपाल उद्योग परिसंघ लुम्बिनी के अध्यक्ष एजाज आलम ने कहा कि सरकार की दूरदर्शी नीति के अभाव में उद्योगपतियों को बार-बार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यदि शुरू में उद्योगों को लुम्बिनी के 15 किलोमीटर के दायरे में स्थापित न किया जाता तो ऐसी समस्या नहीं आती। उन्होंने कहा, “शुरू में सरकार ने अनुमति दी थी इसलिए अब स्थानांतरण में होने वाले सभी खर्च राज्य को वहन करना होगा। राज्य की अदूरदर्शिता के कारण उद्योगपतियों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है।”

प्रदूषण का मुख्य कारण उद्योग

विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि लुम्बिनी क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण औद्योगिक प्रदूषण है। 2012 में इंटरनेशनल नेचर कन्जर्वेशन यूनियन और यूनेस्को द्वारा किए गए अध्ययन से लेकर हाल ही में पुणे के वैज्ञानिकों तक ने लुम्बिनी को अत्यधिक प्रदूषित क्षेत्र बताया है।

अध्ययनों में लुम्बिनी में स्माल पार्टिकुलेट मैटर (2.5 PM) की मात्रा 270 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पाई गई है, जो नेपाल सरकार के निर्धारित मानकों से सात गुना और विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से 11 गुना अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार ब्रिज, गोयन्का, सिद्धार्थ, पाठक, अग्नि और विशाल सीमेंट उद्योगों ने उत्सर्जन मानक पार किए हैं।

2070 पुष में प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालय ने लुम्बिनी प्रदूषण कम करने के तत्काल उपायों का आदेश दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं हुआ।

जिस क्षेत्र में बंद करने का आदेश है, वहां राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर 40 से अधिक उद्योग संचालित हैं।

लुम्बिनी में विरासत संरक्षण के विपरीत गतिविधियां, अनियोजित अवसंरचना निर्माण और औद्योगिक प्रदूषण के कारण यूनेस्को ने इसे खतरे के सूची में रखा है और 2002 से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं तथा 2022 में चेतावनी जारी की थी।

विश्व धरोहर समिति के सचिवालय ने खतरे की सूची में रखने के मसौदा तैयार करने के पश्चात पर्यटन मंत्रालय और लुम्बिनी विकास कोष के अधिकारियों की कूटनीतिक पहल में यह खतरा टला था।

सर्वोच्च अदालत की समिति के अध्ययन में लुम्बिनी कॉरिडोर के 12 उद्योगों ने प्रदूषण नियंत्रण के उपाय नहीं अपनाए।

यदि सरकार लुम्बिनी में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए तत्काल योजना नहीं बनाती है तो यह पूरे क्षेत्र के लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकता है, ऐसा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है।

2070 पुष 16 को प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रदूषण नियंत्रण और रोकथाम के आदेश संबंधित संस्थाओं को लिखित दिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

लुम्बिनी में सीमेंट, स्टील, ईंट, कागज सहित कई उद्योग प्रदूषण के मुख्य कारण हैं, सरकार को कई सुझाव दिए गए हैं, पर उनका पालन नहीं हो पाया।

सीमेंट उद्योग ने धूल नियंत्रण के लिए रिफाइनरी मशीन लगाई है, लेकिन प्रभावी नहीं हो सकी क्योंकि मशीन का उपयोग नहीं किया जाता, यह शिकायत आम है।

मेलम्ची की इन्द्रावती नदी में तैरती एक किशोरी की मौत, दूसरी लापता

१४ वैशाख, काभ्रेपलाञ्चोक। सिन्धुपाल्चोक जिले के मेलम्ची क्षेत्र में स्थित इन्द्रावती नदी में तैरने के दौरान एक किशोरी की मौत हो गई जबकि दूसरी किशोरी लापता हो गई है। सिन्धुपाल्चोक जिला पुलिस कार्यालय के सूचना अधिकारी डीएसपी जेसी शाह के अनुसार सोमवार दोपहर करीब ४ बजे के समय इन्द्रावती नदी में तैरते हुए दो किशोरियों में से एक का शव मिला है और दूसरी अभी भी लापता है।

उनके अनुसार शव मिली व्यक्ति मेलम्ची-९ रातमाटे की १८ वर्षीय अंजली गिरी हैं, जिनका शव मेलम्ची स्थित बांगे सिमलमुनि पाया गया है। लापता किशोरी पाँचपोखरी थाङपाल गाउँपालिका-६ स्याल की रहने वाली १४ वर्षीय अंजिता ज्योति हैं। अंजिता की खोज के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों की संयुक्त टीम सक्रिय है। दोनों किशोरियाँ काठमाडौं में रहकर पढ़ाई कर रही थीं और छुट्टियाँ मनाने के लिए मेलम्ची स्थित अपने रिश्तेदारों के घर गई थीं, पुलिस ने बताया। स्थानीय प्रशासन ने मानसून नजदीक आने के कारण नदी और नालों में तैराकी करते समय विशेष सावधानी रखने के लिए आम जनता से अनुरोध किया है।

दशौं पीएम कप एनभीए भलिबल लिगमा पुलिसको दुवै टिम विजयी

दसवें पीएम कप एनवीबा वॉलीबॉल लीग में नेपाल पुलिस क्लब की दोनों टीमें विजयी

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा पूरी हुई।

  • रेडबुल दसवें पीएम कप एनवीबा महिला और पुरुष वॉलीबॉल लीग 2083 के पांचवे दिन विभागीय टीम नेपाल पुलिस क्लब की दोनों टीमें विजयी रहीं।
  • पुरुष वर्ग में नेपाल पुलिस क्लब ने खिल्जी युवा क्लब को 32-30, 25-23, 25-12 से हराकर लगातार चौथा मैच जीता।
  • महिला वर्ग में नेपाल पुलिस क्लब ने त्रिभुवन आर्मी क्लब को 3-1 से हराकर लगातार तीसरी जीत हासिल की।

१४ वैशाख, काठमांडू। रेडबुल दसवें पीएम कप एनवीबा महिला तथा पुरुष वॉलीबॉल लीग 2083 के पांचवे दिन विभागीय टीम नेपाल पुलिस क्लब की दोनों टीमें विजयी हुईं।

नेपाल पुलिस क्लब की पुरुष टीम ने लगातार चौथी जीत दर्ज की है जबकि महिला टीम ने लगातार तीसरी जीत हासिल की है। दोनों टीमें अभी तक अपराजित हैं।

त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला कवर हॉल में जारी एनवीबा लीग में सोमवार को पुरुष वर्ग में नेपाल पुलिस क्लब ने खिल्जी युवा क्लब को सीधे सेट में हराया। पुलिस ने खिल्जी को 32-30, 25-23, 25-12 से पराजित किया। लगातार चार जीत के साथ पुलिस ने 12 अंक जुटाए हैं।

उसी पुरुष विभागीय डर्बी मैच में त्रिभुवन आर्मी क्लब ने नेपाल एपीएफ क्लब को 3-2 से हराते हुए वापसी जीत हासिल की। एपीएफ ने पहले दो सेट जीतकर बढ़त बनाई थी, लेकिन वह इसे बनाए रखने में असफल रहा।

एपीएफ ने पहले दो सेट 25-18, 25-20 से जीते, लेकिन आर्मी ने तीन लगातार सेट 25-21, 25-16, 15-13 से जीतते हुए मैच पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ आर्मी ने लगातार तीसरी जीत हासिल कर तीन मैचों में 8 अंक जुटाए हैं।

दूसरे मैच में रुकुम पश्चिम वॉलीबॉल क्लब ने बुढानिलकण्ठ वॉलीबॉल क्लब को 3-1 से हराया। रुकुम पश्चिम ने सेट 25-17, 25-20, 16-25, 25-11 से जीते। लगातार चार जीत के साथ रुकुम पश्चिम ने 12 अंक जुटाए हैं।

महिला वर्ग में पुलिस और एवरस्ट विजयी

एनवीबा महिला वॉलीबॉल लीग के अंतर्गत सोमवार को नेपाल पुलिस क्लब और एवरस्ट वॉलीबॉल क्लब विजयी रहे। नेपाल पुलिस क्लब ने विभागीय टीम त्रिभुवन आर्मी क्लब को 3-1 से हराकर लगातार तीसरी जीत हासिल की।

पहला सेट त्रिभुवन आर्मी ने 25-21 से जीता था, लेकिन बाद में पुलिस ने लगातार तीन सेट 25-15, 25-15, 25-15 से जीतकर मैच पलट दिया। लगातार तीन जीत के साथ पुलिस ने 9 अंक हासिल किए हैं।

पहले वाले मैच में एवरस्ट वॉलीबॉल क्लब ने सुदूरपश्चिम को सीधे सेट में 25-11, 25-10, 25-14 से हराया। यह एवरस्ट की चार मैचों में दूसरी जीत है।

मंगलवार को एनवीबा लीग में पुरुष वर्ग में 3 और महिला वर्ग में 2 मैच खेले जाएंगे। सुबह 9 बजे महिला वर्ग में त्रिभुवन आर्मी और सुदूरपश्चिम वॉलीबॉल क्लब के बीच मुकाबला होगा, और 11 बजे न्यू डायमंड क्लबस विरुद्ध एपीएफ क्लब का मैच खेला जाएगा।

पुरुष वर्ग में कोशी प्रदेश और खिल्जी युवा क्लब का मैच दोपहर 1 बजे होगा, हेल्प नेपाल स्पोर्ट्स और एपीएफ क्लब का मैच 3 बजे, तथा त्रिभुवन आर्मी क्लब और नेपाल पुलिस क्लब के बीच विभागीय मैच शाम 5 बजे शुरू होगा।

नेपाल वॉलीबॉल संघ के आयोजन में आयोजित इस लीग में पुरुष वर्ग में 8 और महिला वर्ग में 6 टीमें भाग ले रही हैं। 9 दिनों तक चलने वाले इस लीग में कुल 45 मैच होंगे।

सिंगल राउंड रॉबिन लीग के पश्चात महिला और पुरुष दोनों वर्गों के शीर्ष दो-टूर्नामेंट टीम फाइनल मुकाबला खेलेंगी। विजेता टीम को समानरूप से 10 लाख रुपये पुरस्कार मिलेगा।

अर्थमन्त्री वाग्ले ने ७३ बिंदुओं में अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने १४ वैशाख २०८३ को दिन अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। आर्थिक मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रही युद्ध ने नेपाली श्रमिक और रेमिटेंस क्षेत्र में बहुआयामी चुनौतियाँ बढ़ा दी हैं। नेपाल ने औसतन ४.२ प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर बनाए रखी है, जबकि सीमित रोजगार और पूंजीगत व्यय में कमी का सामना कर रहा है।

अर्थमंत्री वाग्ले ने १३ चैत २०८२ को पदभार ग्रहण करते समय की गई प्रतिबद्धता अनुसार १४ वैशाख २०८३ को अर्थव्यवस्था की स्थिति पर रिपोर्ट जारी की। उन्होंने कहा, “नेपाल संसाधन, संभावनाओं और सद्भावना में समृद्ध होने के बावजूद सोच, संकल्प और शासकीय नैतिकता के अभाव के कारण उन्नति नहीं कर पाया है।” उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को पुनर्संरचना और स्तरोन्नति के चरण में प्रवेश करते हुए बताया।

अर्थ मंत्रालय ने हाल के विश्व भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को नेपाल की अर्थव्यवस्था के लिए बहुआयामी चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया के १५ देशों में लगभग साढे १७ लाख नेपाली श्रमिक कार्यरत हैं, जो कुल रेमिटेंस का ३७.४ प्रतिशत हिस्सा प्रदान करते हैं।

अर्थ मंत्रालय की आर्थिक स्थिति पत्र के अनुसार, पिछले एक दशक में नेपाल की आर्थिक वृद्धि दर औसतन मात्र ४.२ प्रतिशत रही है। इस दौरान २.४ प्रतिशत की गिरावट से लेकर ९ प्रतिशत तक की वृद्धि भी देखी गई है। मंत्रालय ने कहा, “यह रेटिंग नेपाल के लिए एक सकारात्मक शुरुआत है, जो विदेशी निवेश को आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर वित्तीय विश्वसनीयता कायम करने में मदद करेगी।”

बुवाको आत्मदाह प्रयास रोकने की कोशिश में छोरी भी जल गईं, दोनों की हालत गंभीर

समाचार सारांश

  • प्यूठान में घरेलू विवाद के दौरान बुवा सानू नेपाली ने पेट्रोल छिड़क कर आग लगाई, जिससे वह खुद और उसकी बेटी अंजली नेपाली गंभीर रूप से घायल हुए।
  • घायल दोनों का प्राथमिक उपचार जिला अस्पताल में किया गया और गंभीर स्थिति के कारण उन्हें आगे के इलाज के लिए मिशन अस्पताल पाल्पा भेजा गया।

१४ वैशाख, प्यूठान । घरेलू झगड़े के दौरान पेट्रोल छिड़क कर आग लगाने से बुवा और उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

प्यूठान नगरपालिका-९ पारपाखा के ४५ वर्षीय सानू नेपाली और उनकी १८ वर्षीया बेटी अंजली नेपाली इस घटना में घायल हुए हैं, पुलिस ने बताया।

जिला पुलिस कार्यालय प्यूठान के अनुसार, घरेलू झगड़े के दौरान सानू नेपाली ने आत्मदाह का प्रयास करते हुए खुद पर पेट्रोल छिड़का और आग लगाने की कोशिश की।

इसी बीच उनकी बेटी अंजली ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन पेट्रोल छिड़कने के कारण दोनों झुलस गए, पुलिस निरीक्षक हरि भट्टराई ने जानकारी दी।

घायल दोनों का प्राथमिक उपचार जिला अस्पताल में किया गया, लेकिन उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए मिशन अस्पताल पाल्पा भेजा गया है।

मस्को में इरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और पुतिन के बीच मुलाकात

१४ वैशाख, काठमाडौं। पाकिस्तान से रूस की यात्रा पर निकले इरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मस्को में रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से बातचीत की है। रूस की समाचार एजेंसी तास के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच बातचीत अभी जारी है। तास की रिपोर्ट में पुतिन ने कहा है कि इरानी जनता साहसपूर्वक अपनी संप्रभुता की रक्षा कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इन कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने के बाद इरान में शांति स्थापित होने की उम्मीद है।

पुतिन ने अराघची से कहा, “रूस मध्य पूर्व में जल्द से जल्द शांति स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।” इस अवसर पर इरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि रूस और इरान के बीच संबंध एक रणनीतिक साझेदारी हैं और आने वाले दिनों में ये और भी मजबूत होंगे। बैठक में पुतिन के साथ रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के सहायक यूरी उसाकोव और रूसी खुफिया एजेंसी के प्रमुख इगोर कोस्त्युकोव भी मौजूद थे। इरान से उप विदेश मंत्री काज़ेम गरिबाबादी और मस्को में तैनात इरानी राजदूत काज़िम जलाली भी बैठक में शामिल थे।

७५ रनमा अलआउट भएको दिल्लीमाथि बेंगलुरुको सहज जित – Online Khabar

दिल्ली को 75 रन पर आउट करते हुए बेंगलुरु ने सहज जीत हासिल की

आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से हराया। बेंगलुरु ने 76 रन के लक्ष्य को 6.3 ओवर में केवल 1 विकेट खोकर पूरा किया। दिल्ली की पूरी टीम 16.3 ओवर में 75 रन बनाकर आउट हो गई और बेंगलुरु दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। 14 वैशाख, काठमाडौं।

सोमवार की रात खेले गए मैच में बेंगलुरु ने दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से हराया। छोटा लक्ष्य 76 रन बेंगलुरु ने एक विकेट गंवाकर 6.3 ओवर में हासिल किया। देवदत्त पडिक्कल ने 34 रन बनाए जबकि विराट कोहली ने नाबाद 23 रन खेला। जैकब बेथेल ने 20 रन जोड़े। दिल्ली की ओर से काइल जेमिसन ने मात्र 1 विकेट लिया।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली टीम 16.3 ओवर में 75 रन पर पूरी तरह आउट हो गई। शुरुआत में ही 8 रन पर 6 विकेट गंवा दिए थे। दूसरे ही गेंद पर साहिल पारख बिना रन बनाए रन आउट हुए और दो रन पर केएल राहुल भी आउट हो गए। इसके बाद समीर रिज़वी के आउट होने से दिल्ली का स्कोर 3 रन पर 2 विकेट रह गया। ट्रिस्टन स्टब्स और कप्तान अक्षर पटेल भी क्रमशः 7 और 8 रन पर आउट हुए, इसके साथ दिल्ली का स्कोर 6 रन पर 8 विकेट हो गया।

अंतिम विकेट के रूप में अभिषेक पोरेल 30 रन पर आउट हुए और दिल्ली की टीम 75 रन पर समाप्‍त हुई। बेंगलुरु के जोश हेज़लबवुड और भुवनेश्वर कुमार ने शुरुआत के 4 ओवरों में 3-3 विकेट लिए। हेज़लबवुड ने 3.3 ओवर में 12 रन खर्च कर 4 विकेट लिए जबकि भुवनेश्वर ने 3 ओवर में 5 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। इस बड़ी जीत के साथ ही बेंगलुरु ने 8 मैचों में 12 अंक जुटाकर दूसरे स्थान पर कब्जा किया है, जबकि हार के बावजूद दिल्ली 8 मैचों में 6 अंक लेकर सातवें स्थान पर है।

इंस्टाग्राम पर स्टिकर का उपयोग करके अपनी पोस्ट और स्टोरी को और भी आकर्षक कैसे बनाएं?


इंस्टाग्राम अपने उपयोगकर्ताओं को अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने तथा दोस्तों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए विभिन्न प्रकार के स्टिकर प्रदान करता है। ये स्टिकर आपके मूड, स्थान या संदेश को और अधिक जीवंत और आकर्षक बनाते हैं।

इंस्टाग्राम पर उपलब्ध स्टिकर के प्रकार:

  • इंटरएक्टिव (Interactive) स्टिकर: इनमे क्विज, पोल (Poll), प्रश्न पूछने के फीचर और ‘Add Yours’ जैसे स्टिकर शामिल हैं। नए ‘Magic Ball’ स्टिकर के माध्यम से आप अपने सवालों के जवाब सार्वजनिक रूप से साझा कर सकते हैं।
  • प्रभावशाली स्टिकर: इनमें इमोजी, एनिमेटेड अवतार (Avatars) और चलते हुए दिखने वाले GIF स्टिकर शामिल हैं, जो आपकी व्यक्तिगत भावनाओं और व्यक्तित्व को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करते हैं।

  • उपयोगी स्टिकर: इनमें समय, स्थान (Location), और मौसम दिखाने वाले स्टिकर शामिल होते हैं। इसके अलावा, किसी विशेष आयोजन के लिए ‘Countdown’ स्टिकर का उपयोग करके फॉलोअर्स का उत्साह बढ़ाया जा सकता है।

  • म्यूज़िक स्टिकर: अपनी पसंदीदा गीत या संगीत को स्टोरी में जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला स्टिकर। आप गीत का नाम, एल्बम कला या घूमते हुए रिकॉर्ड स्वरूप में संगीत शामिल कर सकते हैं।

रचनात्मक स्टिकर कैसे खोजें?

  • कीवर्ड का उपयोग: स्टिकर ट्रे खोलकर “Birthday”, “Food”, या “Mood” जैसे शब्द टाइप कर अपनी पसंदीदा स्टिकर खोज सकते हैं।
  • विशिष्ट खोज: बेहतर परिणामों के लिए “Sports” के बजाय “Basketball” जैसे सटीक शब्दों का उपयोग करें।
  • GIPHY का उपयोग: यह ट्रेंडिंग GIF और नए डिज़ाइन वाले स्टिकर के बड़े संग्रह तक पहुंच प्रदान करता है।

स्टिकर कस्टमाइज कैसे करें?

इंस्टाग्राम के ‘Cutouts’ या ‘Your Stickers’ फीचर के माध्यम से आप अपनी फोटो को स्टिकर में बदल सकते हैं। अपनी सेल्फी, पालतू जानवरों या पसंदीदा तस्वीरों को क्रॉप करके सुरक्षित रख सकते हैं और बार-बार उपयोग कर सकते हैं।

इंस्टाग्राम समय-समय पर नए और ट्रेंडिंग स्टिकर जोड़ता रहता है, इसलिए नए स्टिकर खोजने के लिए अपनी स्टिकर ट्रे को निरंतर जांचते रहना चाहिए।

सुकुमवासी बस्ती खाली करने मामले में सर्वोच्च अदालत ने कारण बताओ नोटिस जारी किया

सर्वोच्च अदालत ने काठमांडू की नदी किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले सुकुमवासी बस्तियों को खाली करने के मामले में दायर रिट याचिका पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। न्यायाधीश शान्तिसिंह थापा की एकल पीठ ने जिला प्रशासन कार्यालय काठमांडू और काठमांडू महानगरपालिका को लिखित जवाब देने का आदेश दिया है।

सर्वोच्च अदालत के प्रवक्ता अर्जुनप्रसाद कोइराला के अनुसार, दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए इसी वैशाख 22 को तलब किया गया है। गोपाल रान समेत 11 लोगों ने इसी वैशाख 11 को सुकुमवासी बस्ती खाली करने के खिलाफ रिट याचिका दायर की थी।

काठमांडू की नदी किनारे के सुकुमवासी बस्तियों को खाली करने के लिए जिला प्रशासन कार्यालय और काठमांडू महानगरपालिका द्वारा सूचना जारी किए जाने के बाद इस विरोध में रिट याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया है कि काठमांडू उपत्यका तथा देश के अन्य भागों की नदी किनारे या अन्य स्थानों में रहने वाले भूमिहीन सुकुमवासी परिवारों की पहचान, प्रमाणन और वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना किसी भी परिवार को हटाने, विस्थापित करने या जबरन कार्रवाई करने से रोका जाए।

इजरायल-इरान युद्ध के बीच चीन के औद्योगिक क्षेत्र का लाभ 6 महीने से अधिक समय में सबसे ऊंचा

चीन की प्रमुख औद्योगिक कंपनियों का लाभ मार्च महीने में 6 महीने के बाद सर्वाधिक स्तर पर पहुंचा है। इजरायल-इरान युद्ध के कारण उत्पन्न बाधाओं के बीच लंबे समय तक दबाव में रहे ‘फैक्ट्री-गेट’ कीमतों में सुधार ने इस वृद्धि को और मजबूत किया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग (एनबीएस) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, वार्षिक 20 मिलियन युआन से अधिक राजस्व वाले बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों का कुल लाभ पिछले महीने 15.8 प्रतिशत बढ़ा, जो सितंबर तक की सबसे तेज वृद्धि दर है। इस वर्ष की पहली तिमाही में कुल लाभ 1.696 ट्रिलियन युआन पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.5 प्रतिशत अधिक है। पिछले वर्ष की पहली तिमाही में लाभ वृद्धि दर केवल 0.8 प्रतिशत थी।

उद्योगों द्वारा तैयार माल की कीमत मापने वाले ‘प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स’ में तीन साल बाद पहली बार मार्च में सुधार देखा गया है। अमेरिका-इजरायल और इरान के बीच युद्ध के कारण विश्वव्यापी कमोडिटी कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे चीन के कारखानों द्वारा उत्पादित माल की कीमतें भी ऊपर गई हैं। क्षेत्रीय रूप से देखें तो विनिर्माण क्षेत्र में तिमाही लाभ 19.1 प्रतिशत और खनन क्षेत्र में 16.2 प्रतिशत सुधार हुआ है। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमिकंडक्टर उद्योगों में तेज प्रगति ने ऑप्टिकल-फाइबर उत्पादन में 336.8 प्रतिशत और डिस्प्ले-डिवाइस उत्पादन में 36.3 प्रतिशत की अत्यधिक वृद्धि दर्ज की है। इसी प्रकार, कंप्यूटर और संचार उपकरण उत्पादन क्षेत्र में लाभ 120 प्रतिशत बढ़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियों का लाभ वृद्धि, राजस्व वृद्धि की तुलना में तेज़ है, जो यह संकेत देती है कि उन्होंने अपनी कार्यक्षमता बढ़ाई है या लागत समायोजन से लाभ उठाया है। हांगकांग स्थित पिनपॉइंट एसेट मैनेजमेंट के प्रमुख अर्थशास्त्री झांग झिवेई ने बताया कि ऊर्जा मूल्यों में बढ़ोतरी और कमजोर विदेशी मांग आने वाले महीनों में चीन के निर्यात पर दबाव बना सकती है।

भेपमा सुन लुकाइएको प्रतिवेदन दिने उपसचिवमाथि नै भ्रष्टाचार मुद्दा

भेपमा लुकाइएको सुनको प्रतिवेदन दिने उपसचिवमाथि भ्रष्टाचार मुद्दा

अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोगले भेपभित्र लुकाइएको सुनको विषयमा प्रमुख भन्सार अधिकृत अम्बिकाप्रसाद खनालसहितका कर्मचारीमाथि भ्रष्टाचारको मुद्दा दर्ता गरेको छ। प्रमुख भन्सार अधिकृत खनालले भेप साटिएको प्रतिवेदन तयार पारेका थिए, तर अख्तियारले उनीमाथि सूचना लुकाएको आरोप लगाएको छ। जिल्ला अदालतले सुन तस्करीमा संलग्नलाई दोषी ठहर गरेको छ भने भन्सारका कर्मचारीहरूलाई सरकारी साक्षी बनाएको थियो। १४ वैशाख, काठमाडौं।

‘२०८० वैशाख १९ गते गोदामको नियमित निरीक्षण तथा मालवस्तु भेरिफिकेसन गर्दा सामानको प्रकृति अनुसार एउटै भेपको ठाँउमा फरक-फरक प्याकेजिङ सहितको मालवस्तु राखी सामान साटफेर भएको देखिएको। यसरी मालवस्तु किन र के उद्देश्यका साथ साटफेर भयो भनी कार्यालयले नासु रेवन्त खड्कासँग बुझ्न खोज्दा विभिन्न बाहनामा उनी अनुपस्थित र सम्पर्क विहीन हुने गरेका छन्। उक्त घटनाबारे प्रमुख भन्सार प्रशासनले नासुलाई कार्यालयमा तत्काल बोलाई सोधपुछ गर्न र औचित्यपूर्ण जवाफ प्राप्त हुन नसकेमा आवश्यक अनुसन्धानका लागि अनुसन्धानात्मक निकायलाई जानकारी गराउन उचित हुने देखी यो प्रतिवेदन पेश गरेको छु।’ २५ वैशाख २०८० मा त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रिय भन्सार कार्यालयका प्रमुख भन्सार अधिकृत अम्बिकाप्रसाद खनालले तयार पारेको प्रतिवेदनको सारांश हो।

अख्तियारले खनालसहित केही भन्सारका कर्मचारीमाथि आरोप लगाएको छ कि ‘भेपमा सुन लुकाएर ल्याइएको थाहा पाएपछि पनि सूचना लुकाएर उनीहरूले सुन तस्करीलाई सहयोग गरेका छन्।’ तर सुन तस्करीमा नासु रेवन्त खड्का र कार्यालय सहयोगी निर्मलकुमार विक बाहेक अरु कर्मचारीको संलग्नतासम्बन्धी प्रमाणबिना नै अख्तियारले अधिकांश कर्मचारीमाथि मुद्दा चलाएको छ। चारवटा आरोप अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोगले विशेष अदालतमा पेश गरेको आरोपपत्रमा प्रमुख भन्सार अधिकृत (उपसचिव) अम्बिकाप्रसाद खनालमाथि तीनवटा आरोप देखिन्छन्।

अख्तियारको आरोपपत्रमा भनिएको छ, ‘उक्त कर्तूतबाट बच्न र सुन बेचेर लाभ लिन दसी प्रमाण समेत नष्ट गराएको देखिन्छ।’ तर, विशेष अदालतमा पेश आरोपपत्रमा अख्तियारले आफ्ना दाबी अनुसारको प्रमाण पेश गरेको देखिँदैन। प्रमुख भन्सार अधिकृत अम्बिकाप्रसाद खनालमाथि कार्यालयमा प्राप्त सूचना बदनियतपूर्वक लुकाएको आरोप लगाइएपछि जिल्ला र विशेष अदालतमा पेश भएका कागजातले खनालको प्रतिवेदनपछि मात्रै भेपभित्र सुन लुकाइएको तथ्य खुलेको देखिन्छ।

अख्तियारले खनालले प्रतिवेदन पेश गर्नुअघि नै भेपमा सुन लुकाइएको थियो भन्ने कागजात, प्रमाण वा अन्य लिखित विवरण विशेष अदालतमा पेश गरेको छैन। सुन तस्करीबारे सूटकेस जाँचबुझ गर्ने र भेप साटिएको भनी प्रतिवेदन दिने प्रमुख भन्सार अधिकृत अम्बिकाप्रसाद खनालमाथि अख्तियारले अनुसन्धान सुरु गरेको थियो। त्यसपछि उनले अख्तियारमा गएर, आफूलाई पुरस्कृत गर्नुपर्नेमा उल्टै मुद्दा दायर भएको भन्दै अनुसन्धानमाथि प्रश्न उठाएका थिए।

‘प्रस्तुत मुद्दाको उठान भन्सार कार्यालयबाट गरी नेपाल सरकारलाई थप सम्भावित हानी हुनबाट रोक्ने प्रयास गरेको रहेको छ साथै कानूनको अधिनमा रही आफ्नो जिम्मेवारी तथा कर्तव्य पालना गरेको छु,’ खनालले अख्तियारमा दिएको बयानमा भनेका थिए, ‘मलाई कारवाहीको सट्टा थप हौसला र प्रेरणा वा पुरस्कारको व्यवस्था हुनुपर्ने मेरो बुझाइ छ।’

पोखराका सुकुमबासी त्रस्त, बसपार्कका ४५० घरहरूको समस्या

पोखरा महानगरपालिकाले वैशाख ४ गते सार्वजनिक जग्गा अतिक्रमण गरी बसोबास गर्दै आएका सबैलाई ३५ दिनभित्र ठाउँ खाली गर्न सूचना जारी गरेको छ। पोखरा बसपार्क र संस्थान क्षेत्रमा बस्दै आएका अव्यवस्थित सुकुमबासी र बसोबासीहरूको संरचना हटाउन डोजर प्रयोग गर्ने तयारी भइरहेको छ। राष्ट्रिय भूमि अधिकार मञ्च कास्कीले विस्थापन रोक्ने उद्देश्यले ३५ सदस्यीय संघर्ष समिति गठन गरेको छ। १४ वैशाख, पोखरा। पोखरा महानगरपालिकाका मेयर पदका उम्मेदवारहरूको मुख्य एजेन्डामा अव्यवस्थित बसोबासी र सुकुमबासी व्यवस्थापन प्रमुख रहेको छ। यहीँ ठाउँ सदैव विवादको केन्द्रबिन्दु पनि रहन्छ — पोखरा बसपार्क। २०३१ सालमा अधिग्रहण गरिएको पोखरा बसपार्क क्षेत्रको जग्गा अहिले अव्यवस्थित बसोबासी र सुकुमबासीहरूले बनाएका संरचनाले भरिएको छ।

पृथ्वीचोकस्थित बसपार्कसँगै संस्थान क्षेत्रमा पनि अव्यवस्थित बसोबासी र सुकुमबासीहरूले सार्वजनिक जग्गा कब्जा गरी बस्ने अवस्था छ। राजनीतिक दलका भातृ संगठन, मजदुर र वाईसीएलजस्ता समूहहरूले पोखरा उपत्यका नगर विकास समितिको जग्गामा कब्जा गरेर संरचना बनाएका छन्। कांग्रेस, एमाले र नेकपाभन्दा निकट रहेका मजदुर संगठनहरूले उक्त जग्गा कब्जा गरी भाडामा लगाउँदै प्रयोग गरिरहेका छन्। देशभर भएका जनआन्दोलनपछि संस्थान क्षेत्रमा राजनीतिक दल निकट भातृ संगठनहरूले कब्जा गरेका संरचनाहरू हटाउन महानगरले पत्राचार गरेको थियो, तर पहिल्यैका प्रयासहरू असफल भएका कारण महानगर नेतृत्वले पनि सफलता हासिल गर्न सकेको थिएन।

पोखरा महानगरपालिकाले वैशाख ३ गते कामकाजी समितिको निर्णय अनुसार वैशाख ४ गते सूचना जारी गर्यो। तर सूचना आएपछि धेरै जनाले कुनै विशेष ध्यान दिएनन्। जब प्रधानमन्त्री बालेन्द्र शाहले अव्यवस्थित बसोबासी र सुकुमबासीहरूको संरचना हटाउन डोजर चलाए, तब मात्र पोखरा शहर त्रसित भयो। वैशाख ४ गते महानगरले सार्वजनिक ऐलानी/पर्ति जग्गा बिना अनुमति लामो समयदेखि कब्जा गरी विभिन्न व्यक्तिहरू र संस्थाहरूले बनाएका संरचनाहरूलाई ३५ दिनभित्र हटाउन आह्वान गरेको छ। कार्यालय सञ्चालन, भाडामा दिन वा पर्खाल लगाएर जग्गा कब्जा गरेको सम्बन्धमा प्राप्त जनगुनासाहरूको आधारमा महानगरले आफैं ठाउँ खाली गर्न र संरचना हटाउन सूचना जारी गरेको हो।