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लेखक: space4knews

चीनको चङचिङमा पहिरोले भवन भत्काएको दृश्य

चीनको चङचिङमा पहिरोले भवन भत्काउँदा कारको क्यामराले कैद गरेको दृश्य यहाँ प्रस्तुत गरिएको छ। पहिरोका कारण केही मानिसहरू पनि पुरिएका थिए। पहिरोको कारण अहिलेसम्म पत्ता लाग्न सकेको छैन।

प्राज्ञिक स्वतंत्रता और सुरक्षा सतर्कता: जम्मू-कश्मीर के पुस्तकों की समीक्षा का आदेश

जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों ने शैक्षिक संस्थाओं की पुस्तकालयों और सामग्रियों में आपत्तिजनक विषयों की जांच करने का नया आदेश जारी किया है। इस आदेश में आतंकवाद, पृथकतावाद और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाली सामग्री का पता लगाकर हटाने को कहा गया है, जबकि शिक्षाविदों ने इसे प्राज्ञिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा दो पुस्तकों पर पृथकतावादी विचारधाराओं का महिमामंडन करने का आरोप लगाने के बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है, जिसका विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध किया है।

1 साउन, काठमांडू। जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों ने सभी शैक्षिक संस्थाओं को ‘अनुचित और आपत्तिजनक’ सामग्री वाले पुस्तकों की समीक्षा करने का नया आदेश जारी किया है। इस कदम के बाद कक्षाओं में इस क्षेत्र के इतिहास को किस तरह प्रस्तुत किया जाएगा और यह निर्णय कौन करेगा, इस पर चर्चा शुरू हो गई है। पिछले सप्ताह जारी आदेश के अनुसार स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और कोचिंग संस्थानों को अपने परिसरों में मौजूद सभी प्रकाशित सामग्रियों की जाँच करने निर्देश दिए गए हैं। इसमें शोध पत्र और शैक्षिक थीसिस भी शामिल हैं।

अधिकारियों ने कहा कि यह निर्देश अध्ययन की स्वतंत्रता को रोकने के लिए नहीं है, बल्कि ‘तथ्यगत रूप से गलत या गैरकानूनी’ सामग्री को हटाने का उद्देश्य है। इसमें ‘आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद, पृथकतावाद, कट्टरपंथ या राष्ट्र सुरक्षा विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने, उनका महिमामंडन करने या वैध ठहराने’ वाली सामग्री शामिल है। लेकिन विपक्षी दलों, शिक्षाविदों और छात्रों ने इसे प्राज्ञिक स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए कहा है कि यह कश्मीर के इतिहास को मिटाने का प्रयास है।

भारतीय जनता पार्टी के आरोपों के बाद यह आदेश जारी किया गया। जम्मू-कश्मीर के महान व्यक्तित्वों पर आधारित उन पुस्तकों के विवादास्पद होने के बाद उन्हें हटाया गया है। बाद में पुलिस ने प्रकाशन से संबंधित तीन लोगों को गिरफ्तार किया और शिक्षा विभाग के आठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया। जम्मू-कश्मीर के विद्वानों की प्रतिक्रिया में स्कूल शिक्षा निदेशक नसीर अहमद वानी ने बताया कि एक समिति विद्यालयों और पुस्तकालयों में मौजूद पुस्तकों की समीक्षा करेगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन सामग्री को ‘आपत्तिजनक’ माना जाएगा।

शैक्षिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंध: सुरक्षा सावधानी या राजनीतिक साज़िश?

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों ने सभी शैक्षिक संस्थानों के पुस्तकालयों और सामग्री में आपत्तिजनक विषयवस्तु की जांच के लिए नया आदेश जारी किया है।
  • आदेश में आतंकवाद, पृथकतावाद तथा कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाली सामग्री हटाने को कहा गया है, जबकि शिक्षाविदों ने इसे शैक्षिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है।
  • भारतीय जनता पार्टी द्वारा दो पुस्तकों पर पृथकतावादी की महिमामंडन का आरोप लगने के बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया, जिसका विरोध विपक्षी दलों ने किया है।

१ साउन, काठमाडौं । जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों ने सभी शैक्षिक संस्थाओं को ‘अनुचित और आपत्तिजनक’ सामग्री वाली पुस्तकों की समीक्षा के लिए नया निर्देश जारी किया है।

इस कदम के बाद स्थानीय इतिहास को कक्षा में कैसे प्रस्तुत किया जाएगा और इसका निर्णय कौन करेगा, यह विषय चर्चा में आ गया है।

हाल ही में जारी आदेश के अनुसार स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और कोचिंग संस्थानों को अपने परिसर में मौजूद सभी प्रकाशित सामग्रियों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। इसमें शोध पत्र और शैक्षिक विवेचनाएं (थेसिस) भी शामिल हैं।

जांच का मकसद ऐसी सामग्री खोजना है जो धार्मिक भावनाओं, कानून, शैक्षिक मूल्यों और स्थापित मानकों का उल्लंघन करती हो। संस्थाओं को अपनी तरफ से आपत्तिजनक मानी गई पुस्तकें अधिकारियों को सूचित करने का भी कहा गया है।

अधिकारियों का कहना है कि यह निर्देश अध्ययन की स्वतंत्रता पर बंधन लगाने के लिए नहीं है, बल्कि तथ्यों के विरुद्ध या अवैध सामग्री को हटाने का प्रयास है।

आदेश में आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद, पृथकतावाद, कट्टरपंथ या राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने, प्रोत्साहित करने या वैध ठहराने वाली सामग्री शामिल है।

विपक्षी दलों, शिक्षाविदों और छात्रों ने इसे शैक्षिक स्वतंत्रता पर हमला और कश्मीर के इतिहास को मिटाने का प्रयास बताया है।

1980 के दशक के अंत में जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार के शासन के खिलाफ एक पृथकतावादी उग्रवाद शुरू हुआ था। भारत इसे पाकिस्तान के समर्थन से जोड़ता है जबकि पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है।

2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर इसे सीधे केंद्र सरकार के नियंत्रण में ले लिया गया। आलोचकों के अनुसार तब से लगातार सरकारी नियंत्रण बढ़ा है और स्वतंत्रता कम हो गई है।

भाजपा के आरोप के बाद आदेश जारी हुआ
यह आदेश भारतीय जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बाद जारी किया गया।

भाजपा ने सरकारी स्कूलों की पुस्तकालयों में मौजूद दो पुस्तकों पर पृथकतावादी नेताओं का महिमामंडन करने और राष्ट्रविरोधी भावना बढ़ाने का आरोप लगाया था।

जम्मू-कश्मीर के महान व्यक्तित्वों पर आधारित ये पुस्तकें विवाद के बाद हटा दी गईं।

पोस्टर प्रकाशकों के तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया तथा शिक्षा विभाग के आठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।

हालांकि आदेश में ‘आपत्तिजनक सामग्री’ की स्पष्ट परिभाषा नहीं है, लेकिन इसमें धार्मिक भावनाओं, कानून के उल्लंघन या राष्ट्रीय हित तथा शैक्षिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री का उल्लेख है।

जम्मू-कश्मीर के विद्वानों की प्रतिक्रिया

स्कूल शिक्षा निदेशक नसिर अहमद वानी ने बताया कि एक समिति विद्यालय और पुस्तकालय की पुस्तकों की समीक्षा करेगी।

हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन सामग्री को ‘आपत्तिजनक’ माना जाएगा।

पिछले साल अधिकारियों ने 25 पुस्तकों पर प्रतिबंध लगाया था, जिनमें बुकर पुरस्कार विजेता अरुंधति रॉय और लेखक एजी नूरानी की पुस्तकें भी शामिल थीं।

अधिकारियों का दावा था कि ये पुस्तकें गलत कथन और पृथकतावाद को बढ़ावा देती हैं, और इस प्रतिबंध को अदालत में चुनौती दी गई है।

राजनीति शास्त्र विशेषज्ञ नूर मोहम्मद बाब ने इसे भारतीय संविधान द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है।

कश्मीर स्टडीज के एक शिक्षक ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि इससे शैक्षिक स्वतंत्रता सीमित होगी और सरकार की भूमिका पर बहस प्रसारित होगी।

कुछ राजनेताओं ने इसे सरकार की निगरानी बढ़ाने और असहमति की आवाज़ों को दबाने की बड़ी साजिश बताई है।

सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस और विपक्षी दलों के विचार
इस वर्ष फरवरी में श्रीनगर में पुलिस ने कई पुस्तक दुकानों पर छापा मारा और सौ से अधिक पुस्तकें जब्त की थीं।

उन पर प्रतिबंधित इस्लामी संगठनों की विचारधाराओं को बढ़ावा देने का आरोप था। आलोचकों का कहना था कि ये पुस्तकें क्षेत्रीय संघर्ष और राजनीतिक दमन की ऐतिहासिक सामग्री मात्र थीं।

‘जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी’ के नेता अल्ताफ बुकारी ने कहा कि सरकार राष्ट्र विरोधी सामग्री पर प्रतिबंध लगाने के नाम पर सभी इतिहास की पुस्तकों को नहीं हटा सकती।

उन्होंने कहा, “यह शैक्षणिक सामग्री से लोगों को वंचित करने की साजिश है।”

सरकारी अधिकारी और भाजपा के प्रतिनिधि आरोपों को नकारते हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा कि यह अध्ययन में प्रतिबंध नहीं बल्कि विवादित सामग्री को कक्षा के बाहर रखने का प्रयास है।

डार ने बताया, “हमारा उद्देश्य शैक्षिक संस्थान में अनावश्यक विवाद से बचना है।”

भाजपा के प्रवक्ता सुनील सेठी ने कहा, “शैक्षणिक स्वतंत्रता के नाम पर पृथकतावाद का महिमामंडन स्वीकार्य नहीं। इस क्षेत्र में शायद मुश्किल से शांति बनी है, हम इसे बर्बाद नहीं होने देंगे।”

नेपाली उसु थाउलो टीम चीन के कुणमिंग के लिए रवाना

२०वीं एशियाई खेलों की तैयारी के लिए नेपाली उसु थाउलो टीम रविवार को चीन के कुणमिंग के लिए प्रस्थान करने वाली है। राष्ट्रीय खेल परिषद के सदस्य–सचिव रामचरित्र मेहता और चीनी दूतावास के कांसुलर वांग डोंग ने शुक्रवार को टीम को विदाई दी। महासचिव नवराज ढुङ्गानाका अनुसार नेपाली खिलाड़ियों को युन्नान विश्वविद्यालय में कम से कम एक महीने का विशेष प्रशिक्षण मिलेगा।

जापान के आइची-नागोया में होने वाले २०वीं एशियाई खेलों की तैयारी के लिए उसु थाउलो टीम को रविवार को चीन के कुणमिंग के लिए रवाना किया जाएगा। टीम में हरि गोले, राजीव तामांग, दीपक हमाल, विजय सिन्जाली और सविता राई शामिल हैं। एशियाई खेलों के लिए चयनित सुस्मिता तामांग चीन में ही रह रही हैं, इसलिए वह वहीं से टीम में शामिल होंगी। टीम के प्रशिक्षक के रूप में प्रकाश महर्जन हैं।

नेपाल में स्थित चीनी दूतावास के सहयोग से खिलाड़ियों को युन्नान विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है, यह जानकारी नेपाल उसु महासंघ के महासचिव नवराज ढुङ्गानाले दी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में खिलाड़ी कम से कम एक महीने प्रशिक्षण लेंगे और उसके बाद भी एक महीने अतिरिक्त प्रशिक्षण के आयोजन की कोशिश की जा रही है। साथ ही, एशियाड में भाग लेने वाले सान्सौं खिलाड़ी को भी युन्नान में प्रशिक्षण दिलाने की पहल हो रही है, उन्होंने बताया।

टीम को राष्ट्रीय खेल परिषद के सदस्य–सचिव रामचरित्र मेहता तथा चीनी दूतावास के कांसुलर वांग डोंग द्वारा शुक्रवार को एक समारोह के माध्यम से विदाई दी गई। सदस्य–सचिव मेहता ने विदेशी प्रशिक्षण से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ने की आशा जताई और एशियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रशिक्षण के प्रबंधन के लिए चीन सरकार का आभार व्यक्त किया। कांसुलर वांग डोंग ने याद दिलाया कि युन्नान विश्वविद्यालय ने पिछले वर्षों में भी नेपाल के साथ खेल क्षेत्र में सहयोग किया है और खिलाड़ियों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण मिलेगा।

सुदूरपश्चिम में बजट पारित करने में विफलता, राजस्व संग्रह जारी रखने का प्रावधान बरकरार

सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकार आर्थिक वर्ष २०८१/८२ का बजट प्रदेश सभा से पारित कराने में असफल रही है। मुख्यमंत्री कमलबहादुर शाह के नेतृत्व वाली सरकार अल्पमत में रह गई और आवश्यक बहुमत जुटाने में विफल रही। हालांकि, बजट पारित न होने के बावजूद सामयिक राजस्व संग्रह अधिनियम, २०८१ के तहत प्रदेश सरकार को राजस्व संग्रह करने का प्रावधान जारी है। १ साउन, धनगढी।

नए आर्थिक वर्ष की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन राजनीतिक विवादों के कारण २०८३/८४ का बजट प्रदेश सभा से पारित नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री शाह द्वारा मंत्रियों को बर्खास्त करने के बाद एमाले ने सरकार को दिया गया समर्थन वापस ले लिया। इसी कारण चालू आर्थिक वर्ष का बजट पारित नहीं हो सका। एमाले के बाहर होने के बाद मुख्यमंत्री शाह ने प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) का समर्थन लेकर बजट पारित करने का प्रयास किया, लेकिन नेकपा ने भी बजट को यथास्थिति में पारित नहीं करने की मांग की, जिससे शाह अकेले पड़ गए।

अर्थ मंत्रालय के उपसचिव धनबहादुर रोकायाका के अनुसार बजट पारित न होने के बावजूद प्रदेश का बजट पूरी तरह से शून्य में नहीं पहुंचा है। प्रदेश सरकार पहले ही सामयिक राजस्व संग्रह अधिनियम, २०८१ बना चुका है, जिसके अनुसार आज से प्रदेश के अंतर्गत कार्यालय राजस्व संग्रह कर सकेंगे। अधिनियम की धारा ३ में विशेष परिस्थितियों में राजस्व संग्रह जारी रखने का प्रावधान है, जो राजस्व संग्रह की अनुमति देता है। हालांकि, प्रदेश सरकार को कोई भी खर्च करने की अनुमति नहीं मिली है।

मलेशियाई प्रधानमन्त्री ने इजरायली नागरिकों को देश निकाले का ऐलान किया

मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने अपने देश में पाए जाने वाले किसी भी इजरायली नागरिक को तुरंत देश निकाला जाएगा, यह घोषणा की है। उन्होंने कहा, “अगर हमें कोई भी इजरायली मिला तो हम उन्हें तुरंत देश से निकाल देंगे क्योंकि हम इजरायल को मान्यता नहीं देते।”

इमिग्रेशन विभाग ने नेटवर्क स्कूल कार्यक्रम में इजरायली नागरिकों की भागीदारी का कोई प्रमाण नहीं पाया है और सभी आरोपितों के दस्तावेज वैध होने की जानकारी दी है। प्रधानमंत्री इब्राहिम ने एक साक्षात्कार में पुनः कहा, “अगर हमें कोई भी इजरायली मिलते हैं तो हम उन्हें तुरंत देश से निकाला देंगे क्योंकि हम इजरायल को मान्यता नहीं देते।”

इजरायली नागरिकों द्वारा सिंगापुर की सीमा के नजदीक स्थित फॉरेस्ट सिटी में संचालित ‘नेटवर्क स्कूल’ कार्यक्रम में भाग लेने की रिपोर्ट सार्वजनिक हुई थी। मलेशिया के इमिग्रेशन विभाग के महानिदेशक दाटक जकारिया शाबान ने इस परियोजना में इजरायली नागरिकों की उपस्थिति की पुष्टि नहीं की है।

इजरायल के विदेश मंत्रालय ने इस जांच पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। मलेशिया और इजरायल के बीच कोई भी राजनयिक संबंध नहीं हैं।

नेपाल भलिबल लिग के ६ टीमों के मार्की खिलाड़ी घोषित

नेपाल भलिबल लिग के लिए ६ फ्रेंचाइजी टीमों के मार्की खिलाड़ियों की घोषणा की गई है। प्रमुख कार्यकारी अधिकारी डॉ. संतोष उपाध्याय ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से खिलाड़ियों की सूची सार्वजनिक की है। यह प्रतियोगिता भाद्र १२ से २० तारीख तक त्रिपुरेश्वर स्थित राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के कवरड हॉल में आयोजित की जाएगी।

सगरमाथा स्मैशर्स के मार्की खिलाड़ी हरिहजुर थापा हैं, जबकि मधेश वारियर्स के मार्की खिलाड़ी रवीण नगरकोटी हैं। काठमांडू रेड्स के सुनिल बोहरा, अन्नपूर्ण स्पाइकर किंग्स के हिमाल सुनारी, कर्णाली शिवराज के पहल गहतराज और खप्तड़ फाल्कन्स के धीरज बस्नेत भी मार्की खिलाड़ियों में शामिल हैं।

इससे पहले एनवीएल के पहले संस्करण में भाग लेने वाली ६ फ्रेंचाइजी टीमों के साथ-साथ टीम मालिक, टीम लोगो, नारा, फ्रेंचाइजी टीम के मुख्य प्रशिक्षक और सहायक प्रशिक्षक भी घोषित किए जा चुके हैं। टिकटिंग पार्टनर के रूप में आईएमई खल्ती लिमिटेड तथा ब्रॉडकास्टिंग पार्टनर के रूप में कान्तिपुर टेलीविजन के साथ समझौता हुआ है। केडिया ग्रुप के आयोजन में पहली बार होने वाले पुरुष भलिबल फ्रेंचाइजी लीग का आयोजन त्रिपुरेश्वर स्थित राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के बहुउद्देश्यीय कवरड हॉल में भाद्र १२ से २० तारीख तक किया जाएगा।

टिकटक नेपालमा एआई साक्षरता हब शुरू करने की तैयारी कर रहा है

टिकटक ने नेपाल में जल्द ही एक एआई साक्षरता हब शुरू करने की घोषणा की है, जो अपने उपयोगकर्ताओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा निर्मित सामग्री की पहचान करने में सहायता करेगा। कंपनी ने एआई के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विश्वभर 40 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश किया है।

काठमांडू। टिकटक ने अपने प्लेटफॉर्म पर एआई-निर्मित सामग्री को आसानी से पहचानने और समझने की क्षमता विकसित करने के लिए उपयोगकर्ताओं की सहायता करने की नई पहल शुरू की है। कंपनी का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित डिजिटल अनुभव प्रदान करना है, और वे यह पहल इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ा रहे हैं कि जनरेटिव एआई सामग्री बनाने और साझा करने के तरीके को बदल रहा है।

आने वाले कुछ ही हफ्तों में, टिकटक नेपाल में अपने एप के भीतर एआई साक्षरता हब संचालित करने की योजना बना रहा है। इस हब के माध्यम से, उपयोगकर्ताओं को एआई से संबंधित विषयों पर खोज करने पर शिक्षात्मक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसे एआई-निर्मित सामग्री की पहचान करने और एआई-आधारित अनुभवों को अधिक आत्मविश्वास के साथ उपयोग करने से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्रदान करने की उम्मीद है।

टिकटक के ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी टीम के एआई प्रमुख टम वर्गिस ने कहा, ‘हम टिकटक पर एआई का उपयोग करते समय उपयोगकर्ताओं को आवश्यक संदर्भ, आत्मविश्वास और नियंत्रण का अनुभव देना चाहते हैं। हम निरंतर तकनीक, साझेदारी और शिक्षात्मक सामग्री में निवेश कर रहे हैं ताकि एआई द्वारा निर्मित सामग्री की पहचान करने, उनकी तैयारी की प्रक्रिया को समझने, और एआई उपकरणों का सृजनात्मक एवं जिम्मेदाराना उपयोग करने में मदद मिल सके।’

अमेरिका में आग लगने की जगह फंसे परिंदे को ‘ऑक्सीजन’ प्रदान किया गया

अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के ओकलैंड में लगी आग को नियंत्रित करने गए अग्निशमन दल को आग की जगह पर एक परिंदा फंसा हुआ मिला, जो देखकर वे हैरान रह गए। उन्होंने महसूस किया कि यह परिंदा सहायता का संकेत दे रहा है, इसलिए उन्होंने उसे ऑक्सीजन मास्क लगाकर मदद की।

अग्निशमन कर्मचारियों के अनुसार, वह परिंदा बहुत दुखी नज़र आ रहा था। यह वीडियो आप यहाँ देख सकते हैं।

भाजपा की नई राजनीतिक रणनीति: शमिक भट्टाचार्य की विवादित टिप्पणी

पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य द्वारा सुभाष चन्द्र बोस द्वारा स्थापित फॉरवर्ड ब्लॉक के कार्यकर्ताओं को ‘गुंडा’ कहने पर राजनीतिक विवाद उभरा है। फॉरवर्ड ब्लॉक ने इस अभिव्यक्ति की कड़ी निंदा करते हुए भाजपा अध्यक्ष भट्टाचार्य से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का आग्रह किया है। विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा पश्चिम बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को नए आइकन के रूप में स्थापित कर सुभाष चन्द्र बोस की विचारधारा से सीधे संघर्ष कर रही है।

भट्टाचार्य की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है। फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना सुभाष चन्द्र बोस ने की थी और वह पश्चिम बंगाल तथा समग्र भारत में एक महान राष्ट्रवादी प्रतीक माने जाते हैं। इस टिप्पणी को लेकर फॉरवर्ड ब्लॉक ने तीव्र प्रतिक्रिया दी है। पश्चिम बंगाल के वामपंथी दलों के नेताओं ने भी इस टिप्पणी का विरोध किया है। भाजपा ने साउन 1 को पश्चिम बंगाल में जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती मनाई थी।

भट्टाचार्य ने कार्यक्रम में कहा, “जब श्यामा प्रसाद मुखर्जी मोहम्मद अली पार्क में भाषण दे रहे थे, फॉरवर्ड ब्लॉक के गुंडों ने उनके सिर पर पत्थर मारा और उनका खोपड़ी फोड़ दी।” उन्होंने आगे कहा, “श्यामा प्रसाद मुखर्जी की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि यदि उन्होंने मंच से भड़का देने वाला भाषण दिया होता तो फॉरवर्ड ब्लॉक का कोई भी सदस्य बच नहीं पाता।“ फॉरवर्ड ब्लॉक के महासचिव जी देबराजन ने पार्टी की ओर से जारी बयान में इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की है।

उन्होंने कहा, “उन्होंने नेताजी और उनके अनुयायियों को गुंडा कहा है क्योंकि उन्होंने धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति द्वारा लोगों के बीच विभाजन उत्पन्न करने के प्रयासों को बार-बार विफल किया है।” विश्लेषक इसे एक दीर्घकालीन योजना मानते हैं। उनके अनुसार, श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सुभाष चन्द्र बोस के विरोधी बंगाली प्रतीक के रूप में पेश करने का संघ परिवार का प्रयास पुराना है।

अन्नपूर्ण स्पाइकर किङ्स के मार्की खिलाड़ी के रूप में हिमाल सुनारी की नियुक्ति

हिमाल सुनारी नेपाल भलिबल लिग में अन्नपूर्ण स्पाइकर किङ्स की मार्की खिलाड़ी के रूप में अनुबंधित हुई हैं। अन्नपूर्ण स्पाइकर किङ्स ने राष्ट्रीय खिलाड़ी उषा भंडारी को अपनी ब्रांड एम्बेसडर के रूप में नियुक्त किया है। टीम प्रबंधन ने गण्डकी क्षेत्र के प्रसिद्ध कोच रमेश केसी को मुख्य प्रशिक्षक बनाते हुए पहले संस्करण का खिताब जीतने का लक्ष्य रखा है। १ साउन, काठमाडौं।

हिमाल सुनारी नेपाल भलिबल लिग (एनवीएल) में अन्नपूर्ण स्पाइकर किङ्स की मार्की खिलाड़ी के रूप में चयनित हुई हैं। लिग के आयोजक केडिया ग्रुप ने गुरुवार मार्की खिलाड़ियों के अनुबंध प्रक्रिया को पूर्ण किया। जिसमें गण्डकी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली अन्नपूर्ण स्पाइकर किङ्स ने अपने क्षेत्र की प्रसिद्ध खिलाड़ी हिमाल सुनारी को मार्की प्लेयर बनाया है। सुनारी वर्तमान में राष्ट्रीय टीम के साथ-साथ २२ जुलाई से पाकिस्तान में आयोजित होने वाले काव्हा पुरुष भलिबल चैंपियनशिप के लिए चयनित भी हैं।

पहली बार राष्ट्रीय टीम में चयनित होने वाली सुनारी नेपाल के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। हिमाल सुनारी न केवल गण्डकी क्षेत्र में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी जानी-मानी और प्रभावशाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने नेपाल के एनवीए लिग से लेकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। अन्नपूर्ण स्पाइकर किङ्स ने पहले ही गण्डकी प्रदेश के ही प्रशिक्षक रमेश केसी को मुख्य प्रशिक्षक तथा नेपाली राष्ट्रीय टीम के पूर्व खिलाड़ी और वर्तमान त्रिभुवन आर्मी क्लब के कोच नरेंद्र गिरी को सहायक प्रशिक्षक नियुक्त किया है।

इसके अलावा, किङ्स ने नेपाली राष्ट्रीय महिला टीम की प्रमुख सदस्य और मशहूर खिलाड़ी उषा भंडारी को ब्रांड एम्बेसडर के रूप में नियुक्त कर नेपाल के राष्ट्रीय खेल को और भी व्यापक बनाने की पहल की है। प्रशिक्षण टीम और मार्की खिलाड़ी के अनुबंध के बाद अब लिग के लिए ऑक्शन से खिलाड़ियों के अनुबंध तथा विदेशी खिलाड़ियों को अनुबंधित करने की प्रक्रिया की तैयारी कर रहा अन्नपूर्ण स्पाइकर किङ्स ने बताया। मुख्य प्रशिक्षक रमेश केसी ने कहा कि पूर्व में हिमाल सुनारी के साथ काम करने का अनुभव इस बार की लिग में भी फायदेमंद होगा। गण्डकी क्षेत्र में भलिबल के प्रति अच्छी संख्या में प्रशंसक हैं और इस क्षेत्र से कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी निकल चुके हैं। इसलिए नेपाल भलिबल लिग के पहले संस्करण में चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ टीम प्रबंधन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

टिपर की ठक्कर से 70 वर्षीय पैदलयात्री की मृत्यु

मोरङ के केराबारी में टिपर की ठक्कर से सड़क पर चल रही 70 वर्षीय विष्णुमाया मगर की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई है। नेपाल पुलिस प्रधान कार्यालय केंद्रीय पुलिस समाचार कक्ष के अनुसार, केराबारी गाउँपालिका-५ शांति चोक स्थित सड़क पर केराबारी से धरान की ओर जा रहे को१ख ६७९० नंबर के टिपर ने विष्णुमाया मगर को ठोकर मारी, जिससे उनकी मृत्यु हुई। दुर्घटना में गंभीर घायल मगर का घोपा धरान अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हुआ। पुलिस ने टिपर चालक को गिरफ्तार कर आवश्यक जांच कर रही है।

इसी प्रकार, सुनसरी के इनरुवा नगरपालिका-८ खोरियाटोल में पुथौधारा नदी में डूबने से 14 वर्षीय कृष्ण साह की मृत्यु हो गई है। नहाते समय डूबने और लापता होने की सूचना पर पुलिस ने खोज जारी रखी, जिसके बाद उनका शव बरामद हुआ। इस घटना की भी आवश्यक जांच जारी है।

मिटरब्याज पीड़ित और सरकार के बीच नौ बिंदु पर सहमति, अब क्या होगा?

बार-बार की बातचीत और शुक्रवार को घंटों चली वार्ता के बाद आंदोलनरत मिटरब्याज पीड़ितों और सरकार के बीच नौ बिंदु पर सहमति हुई है, यह जानकारी सहभागियों ने दी है। इस सहमति के साथ ही पिछले नौ दिनों से आंदोलनरत मिटरब्याज पीड़ितों ने अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया है। सरकार ने मिटरब्याज को आर्थिक अपराध के रूप में मान्यता देते हुए इसे पूर्ण रूप से उन्मूलित करने की घोषणा आगामी मंत्रिपरिषद् बैठक में प्रस्तावित करने की योजना बनाई है, यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी है। “इससे सभी फर्जी तमसुक, दृष्टिबन्धक, छिनुवा पास और बाध्यकारी चेक स्वतः अवैध और रद्द हो जाएंगे,” वार्ता के बाद कार्यालय ने कहा।

दोनों पक्षों की सहमति के अनुसार गृह मंत्रालय तीन महीनों के भीतर इस समस्या के समाधान के लिए विशेष विधेयक तैयार कर मिटरब्याज नियंत्रण से संबंधित कानून बनाएगा। इसके साथ ही एक अलग न्यायाधिकरण स्थापित किया जाएगा जो मामलों की सुनवाई करेगा, पीड़ितों की संपत्ति लौटाएगा और उचित क्षतिपूर्ति सुनिश्चित करेगा, सरकार की प्रतिबद्धता है। वर्डा कार्यालय में लेनदेन प्रमाणित करते समय धन की वैध स्रोत और बैंक लेनदेन का प्रमाण अनिवार्य होगा और मिटरब्याज में निवेश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, ऐसा सहमति में उल्लेख है। “नया कानून फर्जी दस्तावेज बनाने, ब्याज में बढ़ोतरी करने, ऋणी को भुगतान न करने, अधिक ब्याज लेने, धमकाने, शारीरिक एवं मानसिक शोषण करने, खाली चेक या दस्तावेज पर जबरन हस्ताक्षर कराने तथा संपत्ति जबरन लेने को अपराध मानेगा,” प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया।

मिटरब्याजियों की जांच के लिए लिखित साक्ष्यों के फोरेंसिक लेब परीक्षण, संपत्ति के स्रोत की खोज और सफाई समेत जांच फौजदारी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी और न्यायाधीश मामलों में पीड़ितों को कानूनी सहायता प्रदान करेंगे। पीड़ितों की शिकायतों को संबोधित करने के लिए प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय के सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समन्वय समिति और एक अलग डेस्क स्थापित किया जाएगा, इस बात की जानकारी सहभागियों ने दी है। जिलेस्तर पर सहायक प्रमुख जिला अधिकारी की अध्यक्षता में पीड़ित प्रतिनिधि सहित सहजीकरण समिति बनाई जाएगी, जो छह महीनों के भीतर सभी शिकायतों का समाधान करेगी और निगरानी प्रमुख जिला अधिकारी के नेतृत्व में होगी, यह भी सहमति में शामिल है।

मिटरब्याज के चक्र से बचने के लिए वार्षिक बजट में आर्थिक सहायता और राहत पैकेज लाने की सहमति के साथ ही पीड़ितों ने अपने सभी आंदोलन कार्य स्थगित कर दिए हैं, सरकार ने बताया है। गत असार २५ को जनकपुर के त्रितियागाछी से “पैदल न्याय मार्च” शुरू कर के बाराका निजगढ पहुंचने के बाद असार ३२ को गृह मंत्री सुधन गुरुङ और पीड़ित पक्ष के बीच काठमांडू में वार्ता टीम गठन की सहमति हुई थी। बाराका सिमरा में सरकारी टीम और मिटरब्याज पीड़ितों के प्रतिनिधियों के बीच हुई मौखिक सहमति को लिखित समझौते के रूप में बदला गया है। जनकपुर से काठमांडू तक पैदल मार्च कर रहे मिटरब्याज पीड़ितों को वहीं रोक कर सरकार ने वार्ता प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी। उससे पहले भी गुरुवार को सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय में दोनों पक्षों के बीच गहरी बातचीत रात देर तक चली थी। इस बातचीत और मौखिक सहमति पर आधारित शुक्रवार को अंतिम समझौता हुआ, प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय के सचिव पुष्कर सापकोटा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय टीम और पीड़ित पक्ष के अवधेश कुशवाह की अगुवाई वाले छह सदस्यीय टीम वार्ता में शामिल थे।

सोनम वांगचुक को समर्थन में सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का आग्रह

१ साउन, काठमाडौं। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को बचाने का आग्रह किया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा, “जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक नई दिल्ली के जन्तर-मंतर पर नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक का विरोध करते हुए और देश के युवा वर्ग के समर्थन में शांतिपूर्ण आमरण अनशन पर हैं।” वांगचुक का यह अनशन लगभग तीन हफ्तों से लगातार जारी है। लंबे अनशन के कारण उनकी सेहत बेहद नाजुक हो गई है।

शत्रुघ्न सिन्हा के अनुसार हाल के दिनों में कई राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, सेलिब्रिटी, इन्फ्लुएंसर और देश-विदेश के कई लोग उनके समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, “उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार, संबंधित अधिकारियों, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रधानमंत्री कार्यालय से मैं विनम्र अनुरोध करता हूं कि वे तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी मांगों पर ध्यान दें और इस आंदोलन का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।” इससे पहले जींदेबीरवार को शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी और बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने भी सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक का समर्थन किया था। इस बात का उल्लेख करते हुए शत्रुघ्न ने कहा, “मेरी बेटी सोनाक्षी सिन्हा ने भी इस मामले में खुलकर अपना समर्थन व्यक्त किया है, जिससे मुझे गर्व महसूस होता है।”

पाकिस्तानी ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज को एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन में तीन महीने की निलंबन

आईसीसी ने एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन के चलते पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज को तीन महीने की निलंबन की सजा सुनाई है। नवाज ने प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन स्वीकार किया है और यदि वे निर्धारित उपचार कार्यक्रम पूरा करते हैं तो उनकी निलंबन अवधि एक महीने तक सीमित हो जाएगी। 2026 के टी-20 विश्व कप में नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच के बाद नवाज के सभी व्यक्तिगत प्रदर्शन आईसीसी द्वारा रद्द कर दिए गए हैं।

1 सावन, काठमांडू। पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन करने के कारण कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। 32 वर्षीय नवाज ने 2026 के टी-20 विश्व कप के दौरान नीदरलैंड्स के खिलाफ श्रीलंका के कोलंबो में खेले गए मैच के बाद किए गए डोपिंग परीक्षण में ‘कार्बॉक्सी-टीएचसी’ नामक प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाए गए थे। यह पदार्थ आईसीसी की एंटी-डोपिंग सूची में ‘सब्सटेंस ऑफ अब्यूज’ के अंतर्गत शामिल है। नवाज ने अपनी गलती स्वीकार की है।

यह पदार्थ खेल प्रदर्शन सुधार के लिए नहीं बल्कि प्रतियोगिताबाहिर उपयोग किया गया पाया जाने पर आईसीसी ने नवाज को तीन महीने की निलंबन की सजा सुनाई है। यह सजा 1 मई 2026 से शुरू उनकी स्वैच्छिक अस्थायी निलंबन की तारीख से लागू मानी जाएगी। साथ ही आईसीसी ने बताया है कि यदि वह ‘सब्सटेंस ऑफ अब्यूज’ के तहत निर्धारित उपचार कार्यक्रम पूरा कर लेते हैं तो उनकी निलंबन अवधि एक महीने तक सीमित कर दी जाएगी। नवाज ने अब तक दो महीने और 15 दिन की निलंबन अवधि पूरी कर ली है, इसलिए यदि उन्होंने सफलतापूर्वक उपचार पूरा किया तो उन्हें कोई अतिरिक्त अयोग्यता नहीं झेलनी होगी। आईसीसी के अनुसार, 7 फरवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए मैच से 1 मई 2026 तक नवाज के सभी व्यक्तिगत प्रदर्शन रद्द कर दिए गए हैं।