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लेखक: space4knews

कृषि मंत्री गीता चौधरी ने बाहुनडाँगी में हाथी प्रभावितों को दी दीर्घकालीन समाधान की उम्मीद

कृषि, वन एवं पर्यावरण मंत्री गीता चौधरी ने झापाकी बाहुनडाँगी स्थित हाथी प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मानव-हाथी संघर्ष के दीर्घकालीन समाधान और प्रभावित किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराने में सरकार की उच्च प्राथमिकता रखने का संकल्प प्रकट किया।

मंत्री चौधरी मेचीनगर नगरपालिका के वार्ड 1 एवं 4 में आने वाले बाहुनडाँगी की वास्तविक स्थिति समझने के लिए झापा पहुंची थीं। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने बताया कि जंगली हाथी बथान गांव के अंदर घुसकर मकई, सुपारी सहित अन्य अन्न व नकदी फसलों को रोजाना भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

स्थानीय किसानों की शिकायत और पीड़ा सुनने के बाद मंत्री चौधरी ने हाथी नियंत्रण व नागरिकों के जीवन तथा संपत्ति की सुरक्षा के लिए संबंधित सभी विभागों के साथ तत्काल समन्वय करने का आश्वासन दिया। उन्होंने मानव और हाथी के बीच संघर्ष का स्थायी समाधान करने हेतु संघ, प्रदेश और स्थानीय स्तर पर प्रभावी सहयोग की जरूरत पर बल दिया।

इराकी स्ट्राइकर हुसेन को शिकागो एयरपोर्ट पर घंटों पूछताछ के बाद प्रवेश मिला

समाचार सारांश

समीक्षाधीन।

  • शिकागो एयरपोर्ट पर इराकी फुटबॉलर अयमान हुसेन से करीब ७ घंटे सवाल-जवाब के बाद ही अमेरिका में प्रवेश की अनुमति दी गई।
  • इराकी टीम के फोटोग्राफर तलाल सलाह को १० घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद अमेरिका में प्रवेश से रोका गया।
  • ४० साल बाद विश्व कप में लौटे इराक २०२६ विश्व कप में फ्रांस, सेनेगल और नॉर्वे के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा।

२४ जेठ, काठमाडौ। अमेरिका पहुंचने पर इराकी फुटबॉलर अयमान हुसेन को शिकागो के ओ’हारे हवाई अड्डे पर करीब ७ घंटे तक रोका गया और कड़ा पूछताछ की गई।

इराक के खेल अधिकारियों के अनुसार, लंबी पूछताछ के बाद आखिरकार हुसेन को देश में प्रवेश की अनुमति दी गई, लेकिन उनके साथ आए फोटोग्राफर को अमेरिका में आने से मना कर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि हुसेन का मोबाइल फोन भी जांचा गया था। वहीं, टीम के फोटोग्राफर तलाल सलाह को १० घंटे से ज्यादा समय तक रोका गया और पूछताछ के बाद उनका प्रवेश अस्वीकार कर दिया गया।

इराक फुटबॉल संघ और खिलाड़ी हुसेन ने अबतक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अमेरिकी आप्रवास और सुरक्षा एजेंसियों ने भी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

अयमान हुसेन इराक के मुख्य स्ट्राइकर हैं, जिन्होंने टीम को विश्व कप में जगह दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। यह पहली बार है जब इराक ४० साल बाद विश्व कप में वापसी कर रहा है।

टीम में इप्सविच टाउन के अली अल-हमादी समेत कई युवा खिलाड़ी भी शामिल हैं। इराक समूह चरण में फ्रांस, सेनेगल और नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले खेलेगा।

विश्व कप २०२६ का आयोजन कनाडा, मैक्सिको और अमेरिका में संयुक्त रूप से होगा, जो कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है।

अर्घाखाँची का ‘रॉक गार्डेन’ पर्यटक स्थल के रूप में उभर रहा है

अर्घाखाँची के सन्धिखर्क नगरपालिका-११ डिभरना स्थित ‘रॉक गार्डेन’ हाल आंतरिक पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बनता जा रहा है। यहां पर्यटकों की सुविधा और आराम के लिए स्थानीय प्रशासन ने शौचालय, विश्राम स्थल एवं मंदिर सहित आवश्यक पूर्वाधार विकसित किए हैं। सन्धिखर्क नगरपालिकाअ ने लुम्बिनी और सुपा देउराली से आने वाले पर्यटकों को रॉक गार्डेन तक लाकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना बनाई है।

सन्धिखर्क से लगभग 20 मिनट की यात्रा करके यह स्थल पहुंचा जा सकता है। प्राकृतिक रूप से आकार लिए विशाल चट्टानों का मेल, पत्थरों का बाग जैसा भू-आकृति, साफ-सुथरी और ठंडी हवा तथा बदलता मौसम हर आगंतुक को मंत्रमुग्ध कर देता है। रॉक गार्डेन में पहली बार आने वाले पर्यटक यहां की अनोखी चट्टानों के स्वरूप को देखकर चमत्कृत रहते हैं।

सन्धिखर्क नगरपालिका-११ के वार्ड अध्यक्ष चेतनारायण आचार्य ने बताया कि प्रचार-प्रसार के कारण पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा, “यह क्षेत्र प्राकृतिक उपहार के रूप में स्थित है और आंतरिक पर्यटकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। हम इसे व्यवस्थित करने के लिए पूर्वाधार विकास पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।” नगरपालिका इस स्थल को सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए योजनाबद्ध कार्रवाई कर रही है।

नगरप्रमुख कृष्णप्रताप श्रेष्ठ ने कहा, “रॉक गार्डेन को जिले का मुख्य पर्यटक स्थल बनाने का हमारा लक्ष्य है। पर्यटन विकास के साथ स्थानीय निवासियों की आय वृद्धि और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना हमारा प्रमुख उद्देश्य है।” उन्होंने आगे कहा, “लुम्बिनी और सुपा देउराली में आने वाले पर्यटकों को खाँचीकोट भगवती मंदिर, राज्य, सन्धिखर्क के सिद्धेश्वर मंदिर और अर्घा भगवती मार्ग से यहां लाने की योजना है, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।”

पर्यटक स्थल के रूप में उभर रहा अर्घाखाँची का ‘रॉक गार्डेन’

समाचार सारांश

समीक्षा पश्चात तैयार किया गया।

  • अर्घाखाँची के संधिखर्क नगरपालिका–11 डिबर्ना में स्थित ‘रॉक गार्डेन’ हाल आंतरिक पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण स्थल के रूप में उभर रहा है।
  • स्थानीय सरकार ने पर्यटकों की सुविधा के लिए यहां शौचालय, विश्राम स्थल और मंदिर सहित आवश्यक अवसंरचना का निर्माण किया है।
  • संधिखर्क नगर पालिका ने लुम्बिनी और सुपा देउराली से आने वाले पर्यटकों को रॉक गार्डेन तक लाने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की योजना बनाई है।

जेष्ठ २४, अर्घाखाँची। संधिखर्क नगरपालिका–11 डिबर्ना में स्थित ‘रॉक गार्डेन’ वर्तमान में इस क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त कर रहा है।

संधिखर्क से लगभग 20 मिनट की सवारी कर इस स्थान पर पहुंचा जा सकता है। प्राकृतिक रूप से आकार लिए विशाल चट्टानों की संरचना, पत्थरों के बाग़ीचे जैसी भू-आकृति, स्वच्छ और ठंडी हवा तथा बदलते मौसम यहाँ आने वाले हर पर्यटक को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

पहली बार रॉक गार्डेन जाने वाले आगंतुक यहां की चट्टानों की अनूठी बनावट देखकर आश्चर्यचकित हो जाते हैं। कई जगहों पर मानव निर्मित कलात्मक आकृतियां दिखाई देती हैं, वहीं कुछ जगह फूलों के गुलशन जैसी सुंदर व्यवस्थित संरचनाएं देखी जा सकती हैं, जो इसे प्रकृति की अनमोल कृति बनाती हैं। सैकड़ों रोपनी क्षेत्र में फैली यह भू-रचना एक चट्टानी जंगल जैसी लगती है, जो आगंतुकों को रहस्य, सौंदर्य और शांति का अनुभव कराती है।

यह क्षेत्र हाल ही में आंतरिक पर्यटन का लोकप्रिय गंतव्य बनने लगा है। जिले के विभिन्न हिस्सों से रोजाना यहाँ पर्यटकों का आगमन बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ की शुद्ध हवा, ठंडा मौसम और प्राकृतिक दृश्य शहर की भीड़-भाड़ से दूर कुछ पल मानसिक ताजगी पाने का अवसर देते हैं।

संधिखर्क नगरपालिका–11 के वडाध्यक्ष चेतनारायण आचार्य ने कहा कि प्रचार-प्रसार के कारण यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ना एक सकारात्मक संकेत है। “प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस क्षेत्र में आंतरिक पर्यटन आकर्षण बढ़ रहा है। हम इसे व्यवस्थित करने के लिए अवसंरचना विकास पर ध्यान दे रहे हैं,” उन्होंने बताया।

नगरपालिका इस स्थान को सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर कार्य कर रही है। अभी पर्यटकों की सुविधा के लिए शौचालय, विश्राम स्थल (ट्रस्ट) और मंदिर का निर्माण हो चुका है। वडाध्यक्ष आचार्य के अनुसार, ये सुविधाएं आगंतुकों को आरामदायक अनुभव प्रदान करेंगी। साथ ही, गार्डेन का प्रचार-प्रसार प्राथमिकता पर रखकर दीर्घकालिक पर्यटन विकास रणनीति बनाई जा रही है।

स्थानीय युवा नारायण आचार्य ने कहा, “इसके विकास और प्रचार-प्रसार पर ध्यान देना आवश्यक है क्योंकि यह नगर क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपत्ति है। फिलहाल जिले के भीतर से अधिकतर पर्यटक आते हैं, लेकिन इसे बाहरी क्षेत्रों तक पहुंचाने से इसकी महत्ता बढ़ेगी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन को और योजनाएं बनानी होंगी।”

रॉक गार्डेन की एक और खास बात यहाँ से दिखने वाला विशाल भू-दृश्य है। इस स्थान से संधिखर्क नगरपालिका के साथ-साथ भूमिकास्थान नगरपालिका, मालरानी गाउँपालिका, पाणिनी गाउँपालिका, छत्रदेव गाउँपालिका तथा पाल्पा और प्युठान जिलों के कुछ भूभाग भी देखे जा सकते हैं।

संधिखर्क के स्थानीय व्यवसायी डिलाराम भूसाल ने कहा, “लुम्बिनी और सुपा देउराली मंदिर से आने वाले पर्यटकों को संधिखर्क बाजार होकर अर्घा भगवती मंदिर और रॉक गार्डेन तक लाया जाए तो जिले में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे होटल, परिवहन और व्यापार सहित स्थानीय व्यवसायों को सीधे लाभ होगा।”

नगर प्रमुख कृष्णप्रसाद श्रेष्ठ ने कहा, “रॉक गार्डेन को जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने का हमारा लक्ष्य है। पर्यटन विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आय और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार भी हमारा उद्देश्य है।”

उन्होंने आगे कहा, “लुम्बिनी और सुपा देउराली में आने वाले पर्यटकों को खांचाikot भगवती मंदिर, राज्य, संधिखर्क के सिद्धेश्वर मंदिर और अर्घा भगवती होते हुए यहाँ लाने की योजना बनाई जा रही है, जिससे पर्यटक संख्या बढ़ेगी।”

नगरपालिका के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद खनाल ने कहा, “प्रकृति की उपहारस्वरूप बनी डिबर्ना की यह अनूठी चट्टानें सदैव नेपाल का आदर्श पर्यटन स्थल बन सकती हैं। इसके व्यापक प्रचार-प्रसार, संरक्षण और अवसंरचना विकास पर सभी सम्बंधित पक्षों का ध्यान जाए तो रॉक गार्डेन अर्घाखाँची का चमकता हुआ पर्यटन स्थल बन सकता है।”

उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र केवल प्राकृतिक स्थल ही नहीं, बल्कि अर्घाखाँची के समृद्ध भविष्य का आधार बनने वाली अनमोल संभावनाओं से भरा है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और विशाल संभावनाएं जिले की पहचान स्थापित करने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने सभी से इस क्षेत्र के विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। रासस

रास्वपा केन्द्रीय कार्यालय के सामने प्रदर्शन

समाचार सारांश

संपादकीय रूपमा समीक्षा गरिएको।

  • राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के बनस्थली स्थित केन्द्रीय कार्यालय में कलैया उपमहानगरपालिका के पार्टी कार्यकर्ताओं ने रविवार को धरना और प्रदर्शन किया।
  • कलैया नगर अधिवेशन के निर्वाचन परिणाम और शपथ ग्रहण के बाद पुनः निर्वाचन कराने की सूचना जारी होने के कारण विवाद उत्पन्न हुआ है।
  • प्रदर्शनकारियों ने बिना आधिकारिक हस्ताक्षर के सोशल मीडिया के माध्यम से निर्वाचन रद्द किए जाने का आरोप लगाते हुए पार्टी नेतृत्व से स्पष्ट जवाब और पारदर्शिता की मांग की है।

२४ जेठ, काठमाडौं। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के केन्द्रीय कार्यालय बनस्थली में कलैया उपमहानगरपालिका के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है।

पार्टी के नगर अधिवेशन के निर्वाचन परिणाम पर विवाद के कारण पारदर्शिता की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने रविवार को केन्द्रीय कार्यालय के सामने धरना दिया।

आंदोलनरत कार्यकर्ताओं के अनुसार, कलैया उपमहानगरपालिका के नगर अधिवेशन में उमाशंकर रौनियार ने १२४ मत प्राप्त कर सभापति पद पर जीत हासिल की थी।

निर्वाचित पदाधिकारी के शपथ ग्रहण के बाद पुनः निर्वाचन करवाने की सूचना जारी होने पर विवाद शुरू हुआ है, कार्यकर्ताओं का कहना है।

प्रदर्शनकारियों ने मधेश प्रदेश समिति की तरफ से ५० प्लस १ बहुमत न मिलने का हवाला देते हुए पुनः निर्वाचन के निर्देश को पार्टी विधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरोधी बताया है।

उन्होंने कहा कि एक बार निर्वाचन संपन्न हो जाकर विजयी घोषित किए जाने के बाद पुनः निर्वाचन कराने का निर्णय स्वीकार्य नहीं है।

कार्यकर्ताओं ने बिना किसी आधिकारिक लेटरहेड या हस्ताक्षर के सोशल मीडिया के माध्यम से निर्वाचन रद्द किए जाने की बात उठाते हुए पार्टी नेतृत्व से स्पष्ट जवाब और निष्पक्ष निर्णय की मांग की है।

साथ ही पार्टी द्वारा संचालित अधिवेशन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने तथा विधान अनुसार निर्णय लेने का अनुरोध किया है।

 

ट्रम्प ने दावा किया कि इरान की सैन्य शक्ति लगभग नष्ट हो चुकी है

इरान युद्ध १००वें दिन में प्रवेश करते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरान की सैन्य शक्ति लगभग ध्वस्त होने का दावा किया है। ट्रम्प ने एनबीसी न्यूज़ से कहा, “इरान समझौता करने के लिए हताश है लेकिन इस तथ्य को स्वीकार करने में उनकी बहुत बड़ी अहंकार है।” अमेरिकी सेना ने ६ इरानी बैलिस्टिक मिसाइलें तबाही की हैं, जबकि इरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। २४ जेठ, काठमांडू।

ट्रम्प ने इस संघर्ष में तेज़ी से आगे बढ़ने का दावा करते हुए कहा कि अमेरिका ने तेहरान की सेना को पूरी तरह खत्म कर दिया है। सप्ताहांत में दोनों राष्ट्रों के बीच दोहरे हमले जारी रहे, जिनसे लगता है कि उनके बीच कमजोर युद्धविराम की परीक्षा हो रही है। अमेरिकी सेना ने शनिवार को खाड़ी के अपने सहयोगी देशों में प्रहार करने वाली ६ इरानी बैलिस्टिक मिसाइलें तबाही कीं, जबकि एक सातवीं मिसाइल अपने लक्ष्‍य तक पहुँचने में असफल रही।

इसके जवाब में तेहरान ने कुवैत में स्थित अमेरिकी हवाई अड्डा और बहरीन में अमेरिकी नौसेना की पांचवीं फ्लीट को निशाना बनाने की पुष्टि की है। उसी दिन दोपहर बाद अमेरिका ने ‘इरानी हमले से बचाव’ के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में दो अतिरिक्त ड्रोन गिराए जाने का दावा किया, जिसे खतरे की संगति माना जा रहा है। इसके बाद इरान के विदेश मंत्रालय ने वर्तमान संघर्ष में अमेरिकी अवैध गतिविधियों के परिणामों के लिए अमेरिका को ही जिम्मेदार ठहराया है।

अमेरिका, चीन समेत अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में भारत के ‘जेन-जी’ आंदोलन की चर्चा

प्रदर्शनकारी

तस्बिर स्रोत, EPA/Shutterstock

प्रकाशित

पढ़ने का समय: ४ मिनट

कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजित दीपके ने शनिवार को दिल्ली के जंतर मंतर में समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन में अधिकांश युवा थे जिन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शन में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षाविद सोनम वांगचुक भी मौजूद थे, जो छह महीने जेल की सजा काटकर मार्च में रिहा हुए थे।

सीजेपी के संस्थापक दीपके शनिवार को अमेरिका से दिल्ली लौटे हैं।

यह युवा प्रदर्शन विश्व के विभिन्न देशों के मीडिया में विशेष महत्व पा रहा है।

अमेरिका और चीन के अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भारत के ‘जन-जेड’ आंदोलन की चर्चा

प्रदर्शनकारीहरू

छवि स्रोत, EPA/Shutterstock

प्रकाशित

पढ़ने का समय: ४ मिनट

कक्रोल जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजित दीपके ने शनिवार को दिल्ली के जन्तर मंतर में अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

अधिकतर प्रदर्शनकारी युवा थे जिन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षाविद सोनम वांगचूक, जो मार्च में छह महीने जेल में रहने के बाद रिहा हुए थे, भी इस प्रदर्शन में शामिल थे।

CJP के संस्थापक दीपके शनिवार को ही संयुक्त राज्य अमेरिका से दिल्ली आए थे।

यह युवा नेतृत्व वाला प्रदर्शन विश्व के विभिन्न मीडिया संस्थानों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

नेपाल हांगकांग के साथ फाइनल में, एशियाई खेल क्रिकेट क्वालीफायर के फाइनल में प्रवेश

समाचार सारांश

AI द्वारा तैयार किया गया। संपादकीय समीक्षा की गई।

  • सिंगापुर में जारी एशियाई खेल पुरुष क्रिकेट क्वालीफायर के फाइनल में नेपाल और हांगकांग का मुकाबला होगा।
  • पहले सेमीफाइनल में नेपाल ने ओमान को हराया जबकि दूसरे सेमीफाइनल में हांगकांग ने मलेशिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
  • सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीम नेपाल, हांगकांग, ओमान और मलेशिया सभी एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं।

२४ ज्येष्ठ, काठमांडू। सिंगापुर में चल रहे एशियाई खेल पुरुष क्रिकेट क्वालीफायर के फाइनल में नेपाल ने हांगकांग के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका पाया है। रविवार दोपहर हुए दूसरे सेमीफाइनल में हांगकांग ने मलेशिया को हराकर फाइनल में स्थान बनाया।

मलेशिया द्वारा दिए गए 115 रनों के लक्ष्य को हांगकांग ने 18.2 ओवरों में 4 विकेट खोकर हासिल किया। शाहिद वासिफ ने 59 रन बिना आउट बनाये जबकि बाबा हयात 24 रन बिना आउट रहे।

मलेशिया के विजय उन्नी ने 2 विकेट लिए जबकि सायद अजीज और विरानदीप सिंह ने 1-1 विकेट लिए।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मलेशिया ने 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर 114 रन बनाए। विरानदीप ने सर्वाधिक 45 रन बनाए।

हांगकांग की ओर से एहसान खान ने 4 विकेट लिए। आयुष शुक्ला और मोहम्मद हसन खान ने 2-2 और यासिम मुर्तजा ने 1 विकेट लिया।

पहले सेमीफाइनल में नेपाल ने आसानी से ओमान को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।

फाइनल मैच सोमवार दोपहर 12:15 बजे से होगा। तीसरे स्थान के लिए ओमान और मलेशिया सुबह 7:15 बजे से मुकाबला करेंगे।

नेपाल सहित चारों सेमीफाइनल टीमों ने एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया है।

मधेस में नेपाल का देसी चिड़िया ‘कांदे व्याकुर’ मिली, सातों प्रदेशों में उपस्थिति हुई पुष्टि

नेपाल की देसी चिड़िया कांदे व्याकुर पहली बार मधेस प्रदेश के बारा जिले के चुरे वन क्षेत्र में मिली है। पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार यह चिड़िया समुद्र तल से सबसे कम ४४३ मीटर की ऊँचाई पर देखी गई है। बारा में कांदे व्याकुर मिलने के साथ ही नेपाल के सातों प्रदेशों में इसके भौगोलिक विस्तार की पुष्टि हो गई है। २४ जेठ, काठमांडू।

नेपाल में ही पाए जाने वाली दुर्लभ और देसी चिड़िया ‘कांदे व्याकुर’ मधेस प्रदेश में पहली बार देखी गई है। यह चिड़िया बारा जिले के जितपुरसिमरा उपमहानगरपालिका-२२ के दुधौरा खोला के पास चुरे वन क्षेत्र में पाई गई है। नेपाल पक्षीविद् संघ और मिथिला वाइल्डलाइफ ट्रस्ट के संयुक्त प्रयास से मधेस के आठ जिलों में चल रहे पक्षी सर्वेक्षण के दौरान कांदे व्याकुर की उपस्थिति दर्ज की गई है। पक्षी विशेषज्ञ हठन चौधरी और सुरज बराल के दल ने २१ जेठ को सुबह ८:३० बजे इस चिड़िया का अभिलेख किया था।

महेन्द्र राजमार्ग के पूर्व की ओर स्थित नमूना महिला सामुदायिक वन क्षेत्र के घास के मैदान और झाड़ी में यह चिड़िया मिली। समुद्र तल से सिर्फ ४४३ मीटर ऊँचाई पर यह पक्षी मिलने का रिकॉर्ड अपने आप में खास है, उन्होंने बताया। वन विज्ञान अध्ययन संस्थान हेटौंडा के छात्र आशिष पंत, सुमीसिंह ठकुरी और निश्चल पोखरेल भी पक्षी अवलोकन कार्यक्रम में शामिल थे। वैज्ञानिक नाम एकान्थोप्टिला निपालेन्सिस वाली कांदे व्याकुर नेपाल की ही देसी चिड़िया है। इसके पहले यह पक्षी कोशी, बागमती, गण्डकी, लुम्बिनी, कर्णाली और सुदूरपश्चिम प्रदेशों में मिली थी।

बारा में यह चिड़िया मिलने के बाद नेपाल के सभी सातों प्रदेशों में इसके भौगोलिक विस्तार की पुष्टि हो गई है। नेपाल पक्षीविद् संघ के अध्यक्ष हठनराम महतो और मिथिला वाइल्डलाइफ ट्रस्ट के अध्यक्ष देवनारायण मंडल के अनुसार मधेस प्रदेश में पक्षियों की स्थिति और प्रजातियों के बारे में और जानकारी के लिए दूसरा चरण का गर्मी मौसम लक्षित सर्वेक्षण जारी है। यह अनुसंधान राष्ट्रीय निकुञ्ज तथा वन्यजीव संरक्षण विभाग और वन तथा भू संरक्षण विभाग की अनुमति से चल रहा है। विश्व में केवल नेपाल में मिलने वाली इस चिड़िया होने के कारण कांदे व्याकुर अंतरराष्ट्रीय पक्षी प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत आकर्षक और महत्वपूर्ण मानी जाती है।

रास्वपा सचेतक परियार के विचार

फाइल तस्वीर


समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा सहित।

  • राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के सचेतक प्रकाशचन्द्र परियार ने बताया कि उनकी पार्टी का पुरानी राजनीतिक दलों के साथ कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक संघर्ष नहीं है।
  • सचेतक परियार ने स्पष्ट किया कि रास्वपा का मुख्य संघर्ष गरीबी, असमानता, भेदभाव, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ केंद्रित रहेगा।
  • उन्होंने आगामी स्थानीय एवं प्रादेशिक चुनावों को ध्यान में रखते हुए धनकुटा को ‘घण्टीमय’ बनाने के अभियान में कार्यकर्ताओं से जुड़ने का आह्वान किया।

२४ जेठ, धनकुटा। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के केंद्रीय सदस्य एवं संघीय संसदीय दल के सचेतक प्रकाशचन्द्र परियार ने कहा कि पुरानी राजनीतिक पार्टियों के साथ अब उनकी पार्टी का कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक संघर्ष नहीं है। उनके अनुसार गरीबी, असमानता, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ रास्वपा का संघर्ष जारी रहेगा।

रास्वпа धनकुटा के जिला अधिवेशन को रविवार को टुँडिखेल में संबोधित करते हुए परियार ने कहा कि पुरानी पार्टियां अभी भी पुरानी सोच, अहंकार और अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा में उलझी हुई हैं।

‘जनता द्वारा बार-बार दंडित पुरानी पार्टियों के साथ अब हमारा कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक संघर्ष नहीं है,’ उन्होंने कहा, ‘उनको गाली देना या उनके साथ प्रतिस्पर्धा में समय व्यर्थ करना हमारा उद्देश्य नहीं है। नेपाली जनता ने उनका फैसला कर दिया है।’

उन्होंने व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर नागरिकों की स्थिति जस की तस रखने वाले दलाल तंत्र के खिलाफ रास्वपा संघर्षरत रहने की जानकारी दी। ‘हम गाली नहीं, काम करके देश बदलने आए हैं। आश्वासनों का खेल नहीं, जनता के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने आए हैं,’ उन्होंने कहा।

परियार ने बताया कि रास्वपा की मुख्य लड़ाई गरीबी, असमानता, भेदभाव, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ है जो समाज में गहराई से व्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि धनकुटा के किसान जब तक अपनी उपज—संतरा, सब्जियां और दूध—का उचित मूल्य न पाएं और युवाओं को रोजगार के लिए विदेश जाना पड़ता रहे, संघर्ष जारी रहेगा।

‘जब तक सामान्य उपचार न मिलने से नागरिकों की मौत होना बंद नहीं होगा और सरकारी कोष लूटने की भ्रष्ट प्रवृत्ति बनी रहेगी, हमारी लड़ाई रुकेगी नहीं,’ उन्होंने कहा।

परियार ने आगामी स्थानीय और प्रादेशिक चुनावों को ध्यान में रखते हुए धनकुटा को ‘घण्टीमय’ बनाने के अभियान में कार्यकर्ताओं की भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धनकुटा से नई राजनीतिक युग की शुरुआत करने की जिम्मेदारी अब रास्वपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के कंधों पर है।

फीफा विश्व कप 2026 में पहली बार देखने को मिलेंगे ये नए फीचर्स

फीफा विश्व कप के इतिहास में 23वां संस्करण सबसे ज्यादा बदलाव लेकर आने वाला है। इस बार के विश्व कप में कई अनूठी चीजें होने वाली हैं, जो पहले कभी नहीं देखी गईं। इतिहास में पहली बार अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको संयुक्त रूप से फीफा विश्व कप 2026 की मेजबानी करेंगे। इसमें 48 राष्ट्र हिस्सा लेंगे और कुल मैचों की संख्या 104 होगी। इस बार के विश्व कप फाइनल में पहली बार ‘हाफ टाइम शो’ आयोजित किया जाएगा, जबकि मैच से पहले सभी 26 खिलाड़ी राष्ट्रीय गान में शामिल होंगे। 24 ज्येष्ठ, काठमांडू।

उत्तरी अमेरिका के तीन देशों में होने वाला फीफा विश्व कप 2026 अब बहुत करीब आ चुका है। इस विश्व कप के लिए विश्वभर के फुटबॉल प्रेमी उत्साहित हैं। विश्व कप का मुख्य सवाल यह है कि तीन देशों में 48 टीमों के खेल को देखकर विश्व कप कैसा रहेगा? आयोजक टीमों का प्रदर्शन कैसा होगा? जैसे प्रश्न स्वाभाविक हैं। इस बार का विश्व कप विश्व फुटबॉल में नया इतिहास रचेगा।

फीफा विश्व कप के इतिहास में एक साथ सबसे अधिक बदलावों के साथ तैयार 23वां संस्करण होगा। इस बार कई नई चीजें होंगी, जो पहले कभी नहीं हुई हैं। फीफा विश्व कप 2026 में पहली बार देखने को मिलने वाले मुख्य 10 फीचर्स इस प्रकार हैं: तीन मेजबान देशों का रिकॉर्ड; कनाडा की पहली बार मेजबानी; 48 टीमों और 104 मैचों की विस्तृत तालिका; मेक्सिको का एज्टेका स्टेडियम नया रिकॉर्ड बनाएगा; तीन देशों में उद्घाटन समारोह; समूह चरण और राउंड ऑफ 32 की शुरुआत; फाइनल में पहली बार ‘हाफ टाइम शो’; चार नई टीमों का पदार्पण; और मैच शुरू होने से पहले नया फॉर्मेट।

अपने दराज में रखे कपड़ों से शुरू हुआ ‘थ्रिफ्ट बाइ कुस’

२१ वर्षीया उद्यमी कुसुम रेग्मी ने काठमाडौँ में ‘थ्रिफ्ट बाइ कुस’ नामक लोकप्रिय सेकंड हैंड कपड़ों की दुकान चलाना शुरू किया है। महिलाओं के दराज में सजे कपड़ों के बारे में सोचते ही, काफी हद तक दिलचस्प जवाब मिलते हैं। क्योंकि महिलाओं के दराज कपड़ों से भरे होते हैं। कुछ पुराने, कुछ नए, और कुछ ऐसे भी जो पहने ही नहीं गए होते। फिर भी, बाजार में नए कपड़े आते देख महिलाएं खुद को रोक नहीं पातीं। कपड़ों का ढेर हो जाने के बाद क्या करना चाहिए? इस समस्या का समाधान खोजते हुए कुसुम ने एक अनूठी विधि अपनाई और सेकंड हैंड कपड़ों का थ्रिफ्ट शॉप शुरू किया।

कुसुम का यह ‘थ्रिफ्ट बाइ कुस’ आज काठमाडौँ के युवाओं में एक जाना माना नाम बन चुका है। अपने दराज में जमा कपड़े बेचने की शुरुआत उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करके की थी। स्कूल की पढ़ाई के दौरान ही व्यवसाय के प्रति आकर्षण रखने वाली कुसुम ने कक्षा ११–१२ में ही अपने पिता से स्टोर खोलने की बात की थी। हालांकि उस समय व्यवसाय को गंभीरता से आगे बढ़ाने का इरादा नहीं था। उन्होंने अपने व्यक्तिगत टिकटॉक अकाउंट पर पुराने कपड़े बेचने का वीडियो पोस्ट किया, जिसे अप्रत्याशित रूप से अच्छा प्रतिक्रिया मिली।

कुसुम के अनुसार, थ्रिफ्ट की अवधारणा उन्हें शुरू से ही आकर्षित करती रही है। उच्च गुणवत्ता वाले ब्रांडेड कपड़े कम कीमत में प्राप्त होने के कारण यह सोच उन्हें पसंद आई। उन्होंने विभिन्न देशों के सप्लायरों पर शोध कर बैंकॉक से कपड़े आयात करने का निर्णय लिया। थ्रिफ्ट स्टोर में रखे कई वस्त्र नए या ब्रांड के शेष स्टॉक होते हैं, जो इस्तेमाल ही नहीं किए गए होते। वह थ्रिफ्ट व्यवसाय को केवल एक व्यापार रूप में नहीं देखतीं, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक अभियान मानती हैं।

अभी अधिकांश ग्राहक जेन–जेड पीढ़ी के युवा हैं। खासकर स्कूल और कॉलेज के छात्र थ्रिफ्ट फैशन को लेकर अधिक आकर्षित हैं। काठमाडौँ के बाहर से भी ऑनलाइन ऑर्डर अच्छी मात्रा में आते हैं। कुसुम आगामी दिनों में और शाखाएं खोलने की योजना बना रही हैं, लेकिन फिलहाल उनका प्राथमिक लक्ष्य सप्लाई चेन को मजबूत करना और सेवा की गुणवत्ता सुधारना है। साधारण वॉर्डरोब सफाई से शुरू हुआ यह सफर अब युवाओं को स्थायी फैशन, पुनः उपयोग और उद्यमशीलता का नया संदेश देने वाला एक उदाहरण बन गया है।

झापा रास्वपाको पहिलो अधिवेशन में ओमनाथ भण्डारी जिला अध्यक्ष के रूप में विजयी

समाचार सारांश

  • राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी झापा के पहले अधिवेशन से ओमनाथ भण्डारी को 341 मत प्राप्त कर जिला अध्यक्ष पद पर विजय मिली।
  • अधिवेशन में पुष्पलाल ढकाल उपाध्यक्ष, विरोध सुवेदी सचिव और भिमबहादुर कुँवर सहसचिव के रूप में निर्वाचित हुए।

23 जेठ, विराटनगर। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी झापा के जिला अध्यक्ष पद के लिए ओमनाथ भण्डारी विजयी घोषित हुए हैं।

शनिवार सम्पन्न हुए पहले जिला अधिवेशन में भण्डारी ने 341 मत हासिल कर जिला अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। उनके प्रतिस्पर्धी लक्ष्मण बस्नेत को 247 मत और अर्जुनकुमार मैनाली को 25 मत प्राप्त हुए।

जिला समिति के उपाध्यक्ष पद के लिए पुष्पलाल ढकाल निर्वाचित हुए हैं।

ढकाल ने 210 मत प्राप्त किए, जबकि शान्ता तामाङ को 198, लिला खड्कालाई 111 और देव संग्रौलालाई 93 मत मिले। सचिव पद पर विरोध सुवेदी और सहसचिव पद पर भिमबहादुर कुँवर विजयी हुए हैं।


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फीफा विश्व कप 2026 में आठ दिग्गज भाईयों की जोड़ी, चार जोड़ी अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व करेंगी

साल 2026 के फीफा विश्व कप में आठ दिग्गज भाईयों की जोड़ी एक ही या अलग-अलग राष्ट्रीय टीमों से हिस्सा लेंगी। इनमें से चार जोड़ी के भाईयों ने विभिन्न देशों का चयन किया है, जिनमें घाना और स्पेन से खेलने वाले विलियम्स भाई भी शामिल हैं। एक ही देश से खेलने वाले फ्रांस के हर्नान्डेज और नीदरलैंड्स के टिम्बर भाई नकआउट चरण में आमने-सामने आ सकते हैं। 24 जेष्ठ, काठमाडौं।

साल 2026 के फीफा विश्व कप में एक अनोखी पारिवारिक कहानी सामने आने जा रही है, जिसमें आठ भाईयों की जोड़ी विभिन्न राष्ट्रीय टीमों के लिए प्रतिस्पर्धा करेगी। कुछ भाई एक ही टीम में खेलेंगे, जबकि कुछ अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने-अपने परिवारों के लिए खेलेंगे। सबसे दिलचस्प बात यह है कि चार जोड़ी अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व करेंगी, जो पारिवारिक संबंधों और राष्ट्रीय पहचान के बीच फुटबॉल की आधुनिक जटिलताओं को उजागर करता है।

फ्रांस और आइवरी कोस्ट के लिए क्रमशः खेलने वाले डिजायर डुए और गुएला डुए इस सूची के प्रमुख नाम हैं। गुएला ने आइवरी कोस्ट के लिए 20 मैचों में 3 गोल किए हैं, जबकि डिजायर ने फ्रांस के लिए 6 मैचों में 2 गोल किए हैं। हाल ही में एक मैच में गुएला ने फ्रांस के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन किया था, जिससे उनकी टीम को जीत मिल गई। सबसे चर्चित जोड़ी इंग्लैंड में रहने वाले विलियम्स भाई हैं। इन्जाकी विलियम्स घाना का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि उनके भाई निको विलियम्स स्पेन की ओर से खेलते हैं और उन्होंने यूरो कप 2024 भी जीत लिया है।

अन्य उदाहरणों में घाना के डेरिक लकासेन और नीदरलैंड्स के ब्रायन ब्रोबी शामिल हैं, जिन्होंने अलग-अलग राष्ट्रीय टीमों का चयन किया है। इसी तरह, स्कॉटलैंड के जॉन साउटर और ऑस्ट्रेलिया के हैरी साउटर भी अलग-अलग देशों के लिए खेलते हैं। वहीं कुछ भाई एक ही देश के लिए खेलते हैं। फ्रांस के लुकास हर्नान्डेज और थियो हर्नान्डेज दोनों राष्ट्रीय टीम के सदस्य हैं। नीदरलैंड्स के क्विन्टेन और जुरीएन टिम्बर भी एक ही देश के लिए खेलते हैं। केप वर्डे के लारोस और डेरॉय डुआर्ते तथा कुराकाओ के लियान्द्रो और जुनीन्हो बाकुना भी विश्व कप में भाईयों की जोड़ी के रूप में शामिल हैं। समूह चरण के ड्रॉ के अनुसार, अलग-अलग देशों का चयन करने वाले भाई शुरुआती चरण में आमने-सामने नहीं होंगे, हालांकि नकआउट चरण में वे आमने-सामने आ सकते हैं।