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लेखक: space4knews

यातायात मंत्री लम्साल ने कंचनपुर-कमला सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया

२३ जेठ, सप्तरी। भौतिक पूर्वाधार एवं यातायात मंत्री सूनिल लम्साल ने निर्माणाधीन कंचनपुर-कमला सड़क का शनिवार को स्थलीय निरीक्षण किया। मंत्री लम्साल ने इस सड़क का निरीक्षण करते हुए बताया कि सिरहा के कमला से सप्तरी के कंचनपुर तक ८६.८३ किलोमीटर चार लेन सड़क विस्तार का कार्य प्रगति पर है। लंबी अवधि तक निर्माण कार्य पूर्ण न होने के कारण स्थानीय निवासियों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे नंबर २ इंजीनियरिंग ग्रुप को तीन वर्षों के भीतर कार्य समाप्त करने की शर्त पर ठेका दिया गया था। हालांकि, पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद सड़क निर्माण अधूरा है। निर्माण कार्य में देरी के कारण सर्दियों में धूल तथा वर्षा ऋतु में कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो रही है। मंत्री लम्साल सप्तरी के कंचनपुर नगरपालिका–८ स्थित कंचनपुर बैरियर क्षेत्र में जाकर सड़क निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता तथा कार्यसम्पादन की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों को निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से परियोजना पूरा करने के निर्देश दिए।

खुला जुडो प्रतियोगिता में प्रवीण, राजु और मोनिका ने जीते स्वर्ण पदक

दूसरे खुला जुडो प्रतियोगिता में नेपाल आर्मी के प्रवीण दियाली, राजु शर्मा और मोनिका चौधरी ने स्वर्ण पदक प्राप्त किए। शनिवार को संपन्न इस प्रतियोगिता में नेपाल की विभागीय टीमें सहित 11 टीमों के 52 खिलाड़ी भाग लिया। विजेता खिलाड़ियों को नेपाल में जापान के राजदूत तोरु मेदा और आयोजक के निदेशक सरोज महर्जन ने पुरस्कार प्रदान किए।

प्रवीण दियाली ने पुरुष 73 किलो वर्ग के फाइनल में आयोजक एकेडमी के सुबोध मंडल को हराया। आर्मी के ताराबहादुर भुजेल और अनिल बलामी तीसरे स्थान पर रहे। पुरुष 100 किलो वर्ग के फाइनल में राजु ने ट्राइ फोर्स जुडो क्लब, भूटान के तन्जिन दोर्जी को पराजित किया। एपीएफ के निर्दोष चलाउने और आर्मी के धीरेन्द्र कुमार थारू तीसरे स्थान पर रहे।

महिला 57 किलो वर्ग में मोनिका ने आर्मी की पार्वती आचार्य को फाइनल में हराया। पाम जुडो क्लब से संबंध रखने वाली पेमा यांगजी शेर्पा और एपीएफ की सुनिता थिङ ने कांस्य पदक प्राप्त किया। तीनों स्पर्धाओं के प्रथम स्थानधारी को 5 हजार, द्वितीय स्थान को 3 हजार और तृतीय स्थान को 2 हजार नकद पुरस्कार एवं गिफ्ट हैम्पर प्रदान किए गए।

एक दिवसीय इस प्रतियोगिता में तीन विभागीय टीमें (आर्मी, एपीएफ और नेपाल पुलिस) तथा भूटान की दो क्लबों सहित कुल 11 टीमों के 52 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। आयोजक एकेडमी के निदेशक सरोज महर्जन ने यह जानकारी दी।

हर्कको टिप्पणीः प्रधानमन्त्रीले भारतसँगको सीमा विवादमा नेपालले भूमि सुम्पिनुजस्तै बताएका छन्

२३ जेठ, पाँचथर। श्रम संस्कृति पार्टीका अध्यक्ष हर्कराज राई (साम्पाङ)ले प्रधानमन्त्रीबाटै नेपालले भारतको सीमा मिचेको भनाइ हुनु भनेको आफ्नै अरु भूमि भारतलाई सुम्पिनुजस्तै रहेको टिप्पणी गरेका छन्। शनिबार पाँचथरको जेभालेमा आयोजित पार्टी प्रवेश कार्यक्रममा बोल्दै उनले प्रधानमन्त्री बालेन्द्र शाहको अभिव्यक्तिलाई लक्षित गर्दै यस्तो टिप्पणी गरेका हुन्। ‘त्यो पदमा रहेका व्यक्तिले यस्तो कुरा गर्नु हुँदैन। श्रम संस्कृति पार्टीले यस देशको अखण्डता र सीमा रक्षाको पक्षमा सदैव उभिएको छ,’ साम्पाङले भने।

साम्पाङले प्रधानमन्त्री बालेन्द्रको कडा आलोचना पनि गरे। उनले भने, ‘जो व्यक्ति केही बनाउन सक्दैन, मात्र भत्काउन जान्दछ, गरिबको घरमा डोजर हानेर जलाएको छ। त्यस्तो व्यक्तिलाई राम्रो भन्न सकिन्न।’ साम्पाङले राप्रपा तथा अन्य पार्टीहरूले राई–लिम्बु समुदायका समानुपातिक सांसद नबनाउनुको कारण पनि सोध्न आग्रह गरे। ‘घण्टी हल्लाएर आउने पार्टीले राई–लिम्बुलाई समानुपातिक सांसद नबनाउनुको कारण हामीले सोध्ने या नसोध्ने?’ उनले प्रश्न उठाए।

साम्पाङले आफूले सबै समुदायलाई समेट्ने प्रयास गरेको दाबी गरे। उनले पुराना दलहरूले ३०/३५ वर्षसम्म केवल गफ गरेर मात्र देश निर्माण नगरेको बताए। देशले श्रमलाई बेवास्ता गरेको कारण यस्तो अवस्था आएको उनी बताउँछन्। अब देश निर्माणको जिम्मेवारी श्रम संस्कृतिलाई दिनुपर्ने उनले आह्वान गरे। ‘यस पार्टीमा नेता र कार्यकर्ता हुँदैनन्, सबै श्रमदाता नै हुन्। म यही टीसर्ट लगाएर हिँडिरहेको छु,’ साम्पाङले भने। साथै, कुनै दिन त्यही टीसर्ट लगाएर संसद पुग्ने आफ्नो योजना रहेको पनि बताए।

नेपाली खिलाड़ियों वाले जेबी ब्रुग्स टीम को हार

समाचार सारांश

एआई द्वारा तैयार। संपादकीय समीक्षा।

  • बेल्जियम में चल रही पहले संस्करण की ईयू टी-20 लीग में तीन नेपाली खिलाड़ियों वाली जेबी ब्रुग्स टीम को अपने पहले मैच में हार का सामना करना पड़ा।
  • बारिश के कारण प्रभावित इस मैच में डीएलएस प्रणाली के अनुसार जेबी ब्रुग्स टीम जेबी एक्सल यूनाइटेड ब्रसेल्स से 27 रन से हार गयी।
  • जेबी ब्रुग्स के नेपाली खिलाड़ी गुलशन झा ने 21 रन बनाए, इशान पांडे ने 1 रन किया, जबकि ललित राजवंशी को कोई विकेट नहीं मिला।

23 जेठ, काठमांडू – बेल्जियम में जारी पहले संस्करण की ईयू टी-20 लीग में तीन नेपाली खिलाड़ियों वाली टीम जेबी ब्रुग्स को उसके पहले मैच में हार का सामना करना पड़ा है।

शनिवार को बारिश की वजह से प्रभावित इस मैच में जेबी एक्सल यूनाइटेड ब्रसेल्स ने डीएलएस पद्धति के तहत 27 रन से जीत हासिल की। जेबी ब्रुग्स की टीम में इशान पांडे, गुलशन झा और ललित राजवंशी शामिल थे।

जेबी द्वारा निर्धारित 160 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ब्रसेल्स टीम ने 12.5 ओवर में 4 विकेट खोकर 124 रन बनाए थे, तब मैच बारिश के कारण रुका। इसके बाद खेल पुनः शुरू न हुआ और डीएलएस प्रणाली के अनुसार ब्रसेल्स 27 रन से आगे थी।

मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली जेबी ब्रुग्स ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 159 रन बनाए। लाहिरु मिलान्था ने सर्वाधिक 51 रन और निखिल चौधरी ने 47 रन जोड़े।

नेपाली खिलाड़ियों में गुलशन झा ने 21 रन बनाए जबकि इशान ने सिर्फ 1 रन जोड़ा। ललित राजवंशी ने 2.5 ओवर में 39 रन खर्च करते हुए कोई विकेट नहीं लिया।

जेबी ब्रुग्स टीम नेपाली प्रिमियर लीग (एनपीएल) फ्रेंचाइजी जनकपुर बोल्ट्स की स्वामित्व वाली ड्रीम स्पोर्ट्स द्वारा संचालित है।

टीम में दीपेन्द्रसिंह ऐरी और अनिल साह भी अनुबंधित हैं, लेकिन दीपेन्द्र राष्ट्रीय टीम के लिए खेल रहे हैं इसलिए वे बेल्जियम नहीं गए।

अनिल साह भी नेपाल ए टीम के साथ भारत के उत्तराखंड में होने के कारण बेल्जियम पहुंच नहीं सके। हालांकि नेपाल ए से भारत गए ललित राजवंशी बेल्जियम आकर मैच में भाग लिए।

नेपाल वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संघ में 3 पैनलों की होगी प्रतिस्पर्धा

नेपाल वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संघ के जेठ २४ को होने वाले निर्वाचन के लिए ३ पैनलों के ५१ उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराए हैं। इस निर्वाचन में संघ के पूर्व अध्यक्ष मेघनाथ भुर्तेल, पूर्व प्रथम उपाध्यक्ष डिक बहादुर खत्री और हरिबहादुर पाण्डे अपने-अपने पैनलों के साथ प्रतिस्पर्धा में उतरेंगे। निवर्तमान अध्यक्ष की कार्यशैली के प्रति असंतोष बढ़ने के कारण जिल्ला प्रशासन कार्यालय काठमांडू ने कार्यसमिति को विघटित कर विशेष साधारण सभा और निर्वाचन कराने का निर्देश दिया था।

नेपाल वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संघ के निर्वाचन के लिए 3 पैनलों का चयन किया गया है। जिल्ला प्रशासन कार्यालय द्वारा कार्यसमिति विघटित किए जाने के बाद, आगामी जेठ २४ को निर्धारित विशेष साधारण सभा एवं निर्वाचन में ये तीन पैनल प्रतिस्पर्धा करेंगे। सभी तीनों पैनलों का संबंधित विश्वास नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले, नेपाली कम्युनिष्ट पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रति बताया गया है।

भुर्तेल ने नेपाली कांग्रेस से निकटता रखने वाले नेपाल लोकतान्त्रिक वैदेशिक रोजगार व्यवसायी एसोसिएसन संघ के तर्फ से प्रत्याशी बनकर चुनावी मैदान में उतरे हैं। पूर्व प्रथम उपाध्यक्ष डिक बहादुर खत्री नेकपा एमाले के निकट प्रगतिशील वैदेशिक रोजगार व्यवसायी मंच का पैनल लेकर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। वहीं, हरिबहादुर पाण्डे राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के निकट व्यवसायियों को समेटे चुनाव में हिस्सेदारी ले रहे हैं। संघ के सात पदाधिकारी और दस सदस्य मिलाकर कुल १७ पदों के लिए तीनों पैनलों से ५१ प्रत्याशियों ने पंजीकरण कराया है।

२०७८ चैत २९ को सम्पन्न ३१वीं साधारण सभा में भुवनसिंह गुरुङ अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। लेकिन उनकी कार्यशैली के खिलाफ कार्यसमिति में असंतोष बढ़ने पर महासचिव महेश कुमार बस्नेत समेत दो तिहाई पदाधिकारी और सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद कार्यसमिति को विघटित कर संघ के विधान के अनुसार प्रबंध समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने जेठ २४ को विशेष साधारण सभा और निर्वाचन की तारीख निर्धारित की थी।

गुरुङ ने अध्यक्ष होने का दावा किया था, जिसके बाद जिल्ला प्रशासन कार्यालय काठमांडू ने हस्तक्षेप करते हुए कार्यसमिति को विघटित कर जेठ २४ को विशेष साधारण सभा कराने का निर्देश दिया था। इसी के तहत कल विशेष साधारण सभा और निर्वाचन आयोजित किया जाएगा। प्रबंध समिति के सदस्य एवं संघ के निवर्तमान अध्यक्ष राजेन्द्र भण्डारी ने बताया कि तीन पैनलों से नई कार्यसमिति के लिए प्रत्याशियों का पंजीकरण हुआ है।

पुरुष एवं महिला राष्ट्रिय शूटिंग प्रतियोगिता की शुरुआत

नेपाल शूटिंग संघ के आयोजन में सातदोबाटो में २७वीं पुरुष तथा २६वीं महिला राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता शुरू हो गई है। यह प्रतियोगिता तीन दिन तक चलेगी और सोमवार को समाप्त होगी। इस प्रतियोगिता में १० मीटर एयर राइफल और पिस्तौल विधा में ६ स्वर्ण पदकों के लिए ६२ खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

२३ जेठ, काठमांडू। नेपाल शूटिंग संघ ने २७वीं पुरुष तथा २६वीं महिला राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता शनिवार से सातदोबाटो स्थित शूटिंग रेंज में शुरू की है। इस प्रतिस्पर्धा में पुरुष और महिला, १० मीटर एयर राइफल तथा पिस्तौल की व्यक्तिगत और मिक्स्ड टीम दोनों श्रेणियों में कुल ६ स्वर्ण पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। आयोजित संघ के महासचिव प्रदीप खाती ने यह जानकारी दी है।

प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग से ३४ तथा महिला वर्ग से २८ खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता का उद्घाटन राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के सदस्य-सचिव रामचरण मेहता ने एक कार्यक्रम के दौरान किया। उद्घाटन समारोह में ISSF और ASC के डेवलपमेंट फंड से प्राप्त खेल सामग्री भी हस्तांतरित की गई। यह तीन दिवसीय प्रतियोगिता सोमवार को समाप्त होगी।
तस्वीर: ग्लोबल फोटो बैंक

मोरङमा विवादरहित अधिवेशन, सुनसरीमा झडप – राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीको जिल्ला अधिवेशन

२३ जेठ, विराटनगर । राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) को सुनसरी जिल्ला अधिवेशनमा विवाद उत्पन्न हुँदा मोरङमा सामान्य रूपमा अधिवेशन सम्पन्न भएको छ। मोरङमा नयाँ नेतृत्व चयनका लागि भोटिङपछि मतगणना जारी छ। यहाँ उपसभापतिमा विमला घिमिरे निर्विरोध निर्वाचित भएकी छिन्। सभापतिका लागि निवर्तमान सभापति भरत कँडेललाई कोषराज निरौला र सागर फुयालले चुनौती दिएका छन्।

यसैबीच, सुनसरीको लौकही सिटी हलमा भएको प्रथम सुनसरी जिल्ला अधिवेशनमा झडप भएको छ। नयाँ युवा तथा रुष्ट कार्यकर्तालाई आयोजकले हटाउन खोज्दा विवाद सुरु भएको थियो। अधिवेशनमा प्रतिबद्ध प्रतिनिधिलाई हटाइएको विरोधमा केही युवाहरूले धर्ना बसेका थिए। उनीहरूलाई हटाएर निर्वाचन प्रक्रिया सुरु गरेपछि विवाद तीव्र भएको थियो। सो क्रममा दुई पक्षबीच झडप भएको छ। सुनसरी जिल्ला प्रहरी कार्यालयका प्रहरी प्रवक्ता डीएसपी चन्द्र खड्काले ‘सामान्य विवाद भएको छ, ठूलो कुरा होइन,’ भनी अब स्थिति सामान्य रहेको र मतदान जारी रहेको बताएका छन्। सुनसरी जिल्ला सभापतिमा सागर दाहाल, मोहन निरौला, चक्रबहादुर विष्ट र कृष्ण रौनियारबीच चुनावी प्रतिस्पर्धा चलिरहेको छ।

नेपाल आर्मी ने राष्ट्रीय महिला हॉकी फाइव प्रतियोगिता का खिताब जीता

नेपाल आर्मी ने गिरिजाप्रसाद कोइराला राष्ट्रीय महिला हॉकी फाइव प्रतियोगिता का खिताब शनिवार को जीता। प्रतियोगिता में गण्डकी दूसरी और मधेस प्रदेश तीसरे स्थान पर रहे। 23 जेठ, काठमांडू।

गिरिजाप्रसाद कोइराला स्पोर्ट्स एकेडमी के आयोजन में हुई इस प्रतियोगिता में शीर्ष तीन स्थान हासिल करने वाली टीमों को क्रमशः 50 हजार, 30 हजार और 15 हजार नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। आर्मी की सबिना केसी को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया जबकि मधेस प्रदेश की लक्ष्मीनिया दास को उदीयमान खिलाड़ी चुना गया।

रास्वपा म्याग्दी के अध्यक्ष पद पर युवराज रोका चुने गए

२३ जेठ, म्याग्दी। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) म्याग्दी के पहले जिला अधिवेशन में युवराज रोका अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए हैं। शनिवार को सम्पन्न हुए इस अधिवेशन में सर्वसम्मति से नई जिला कार्यसमिति का चुनाव किया गया है। कार्यसमिति के उपसभापति के रूप में कल्पना खत्री, सचिव के रूप में सुनिल शर्मा और कोषाध्यक्ष के रूप में हीराबहादुर बोगटी (सुरत) चुने गए हैं। साथ ही, सदस्य के रूप में सागरकुमार शर्मा पौडेल, गुनमाया पुर्जा, युवराज सुवेदी, सरोज सुवेदी और पूर्णबहादुर खत्री का चयन किया गया है, इसकी जानकारी नव-निर्वाचित सचिव शर्मा ने दी है। –रासस

भारत ने बांग्लादेश को हराकर छठी बार साफ महिला चैंपियनशिप जीती

गोवा में शनिवार सम्पन्न फाइनल मैच में बांग्लादेश को ३–१ गोल के अंतर से हराते हुए भारत ने साफ महिला चैंपियनशिप २०२६ का खिताब जीता। भारत के लिए सनफिदा नोंगरुम, प्यारी छाछा और लिन्डा कोम ने समान रूप से एक-एक गोल किए। पिछले दो संस्करणों के विजेता बांग्लादेश इस बार उपविजेता तक सीमित रहा, जबकि सेमीफाइनल से बाहर हुआ नेपाल खिताब जीतने में सफल नहीं हो सका।

२३ जेठ को काठमाडौं में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने सहज जीत हासिल करते हुए प्रतियोगिता के इतिहास में छठी बार यह खिताब अपने नाम किया। भारत ने सात वर्षों बाद फिर से यह उपाधि जीती है। बांग्लादेश के लिए रितु पोर्ना चक्मा ने एक संयुक्त गोल किया, लेकिन उनकी टीम वापसी नहीं कर सकी। सेमीफाइनल में बांग्लादेश ने नेपाल को २–१ से हराया था, जबकि भारत ने भूटान को १–० से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

इस तरह भारत ने २०१०, २०१२, २०१४, २०१६, २०१९ और २०२६ में कुल छठी बार साफ महिला चैंपियनशिप का खिताब जीता। पिछले दो संस्करणों (२०२२ और २०२४) के विजेता बांग्लादेश इस बार उपविजेता तक सीमित रहे। नेपाल २०१०, २०१२, २०१४, २०१९, २०२२ और २०२४ में उपविजेता बन चुका है। इस बार सेमीफाइनल से बाहर होने वाला नेपाल अब तक साफ महिला चैंपियनशिप का खिताब जीतने में सफल नहीं हो सका है।

कक्रोच पार्टी ने शिक्षामंत्री धमेन्द्र प्रधान को सात दिन में पद छोड़ने का अल्टीमेटम दिया

२३ जेठ, दिल्ली। कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने भारतीय शिक्षामंत्री धमेन्द्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देने के लिए एक सप्ताह के भीतर अल्टीमेटम दिया है। शनिवार को नई दिल्ली के जन्तरमन्तर में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान, सीजेपी ने प्रधान से इस्तीफा देने या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें पद से बर्खास्त करने की मांग की। सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांकाल ने प्रदर्शन के बाद उपस्थित सभी का धन्यवाद करते हुए यह सार्वजनिक चेतावनी जारी की।

‘आप सभी ने देखा, आज जन्तरमन्तर में हजारों लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए थे। इसके लिए सभी कक्रोच सदस्यों को दिल से धन्यवाद,’ सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने अपनी आधिकारिक इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा। आशुतोष रांकाल ने बताया कि जन्तरमन्तर में भारी संख्या में लोग जमा हुए, लेकिन सरकार ने धमेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के विषय में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ‘प्रधानमंत्री ने भी अभी तक उन्हें बर्खास्त नहीं किया है,’ उन्होंने कहा, ‘बहुत लोग इसे केवल एक प्रदर्शन समझ सकते हैं, लेकिन हम कहना चाहते हैं – यह तो केवल शुरुआत है।’ उन्होंने बताया कि सरकार को सात दिन का समय दिया गया है। ‘सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर धमेन्द्र प्रधान में देश के लोकतंत्र प्रति थोड़ा भी जिम्मेदारी है, तो वे सात दिन के भीतर इस्तीफा दें या प्रधानमंत्री मोदी उन्हें बर्खास्त करें।’ आवश्यक होने पर पुनः प्रदर्शन करने की योजना भी बनाई गई है, उन्होंने बताया।

१८वें इंडो-नेपाल खुला कराटे प्रतियोगिता में बाघ भैरव टीम चैंपियन घोषित

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • नेपाल की बाघ भैरव डोजो ने १८वें इंडो–नेपाल खुला कराटे प्रतियोगिता का खिताब जीता है।
  • प्रतियोगिता में कुल ७ स्वर्ण, ३ रजत और २ कांस्य पदक जीतकर बाघ भैरव टीम चैंपियन बनी।
  • इस प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग में रोशन खत्री और महिला वर्ग में अयुष्मा मगर को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया गया।

२३ जेठ, काठमांडू। नेपाल की बाघ भैरव डोजो ने १८वें इंडो–नेपाल खुला कराटे प्रतियोगिता में शनिवार को उपाधि जीतकर टीम चैंपियन का खिताब हासिल किया। बाघ भैरव ने कुल ७ स्वर्ण, ३ रजत और २ कांस्य पदक लेकर इस प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया।

मित्रपार्क स्थित आयोजक टेक्सास इंटरनेशनल कॉलेज में संपन्न हुई प्रतियोगिता में भारत ने ६ स्वर्ण, ७ रजत और २३ कांस्य पदक के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि नेपाल की ठैला डोजो ने ४ स्वर्ण और १ कांस्य पदक लेकर तीसरा स्थान पाया।

नेपाल गोजुकाइ कराटे डो संघ के तकनीकी सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग में अरनिको डोजो के रोशन खत्री और महिला वर्ग में चिल्ड्रेन मॉडल माध्यमिक विद्यालय की अयुष्मा मगर को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया गया।

विजेताओं को काठमांडू महानगरपालिका प्रवक्ता एवं वडा १७ के अध्यक्ष नवीन मानन्धर, आयोजक टेक्सास इंटरनेशनल कॉलेज के कार्यकारी अध्यक्ष भेषराज पोखरेल समेत अन्य ने पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर काठमांडू महानगरपालिका के वडा ७ के अध्यक्ष विमलकुमार होडा और समाजसेवी सुनील शाही को भी सम्मानित किया गया।

दो दिन तक चले इस प्रतियोगिता में नेपाल से २३२ और भारत से २२ कुल २५४ खिलाड़ी २२ विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लेकर प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। गोजुकाइ कराटे डो संघ के महासचिव एवं प्रतियोगिता संयोजक इन्द्रबहादुर शाही खड्गे ने यह जानकारी दी है।

रास्वपा कास्कीको सभापतिमा यदुनाथ अधिकारी एकमतले विजयी

२३ जेठ, पोखरा। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) कास्कीको प्रथम अधिवेशनमा सभापतिमा यदुनाथ अधिकारी एक मतको अन्तरले निर्वाचित भएका छन्। पोखरामा शनिबार सम्पन्न अधिवेशनमा प्रतिस्पर्धी एकराज न्यौपानेलाई एक मतको अन्तरले पराजित गर्दै अधिकारी विजयी बनेका हुन्। अधिकारीले ११५ मत प्राप्त गरे भने न्यौपानेले ११४ मत ल्याए। कुल २३३ मत खसेको थियो, जसमा ४ जनाले कसैलाई पनि मत दिएनन्। बाँकी २९० मत सबै खसेको थियो। यदुनाथ अधिकारी यसअघि पनि कास्की सभापति थिए र माओवादी, एमाले लगायतका पार्टीहरू हुँदै रास्वपामा जिल्ला सभापति चयन भएका थिए। उनी पोखराका घरजग्गा, पानी, रिसोर्ट लगायतका व्यवसायी हुन्। उनी कास्की–३ बाट २०८२ फागुन २१ गते चुनावमा उम्मेदवारका आकांक्षी थिए, तर टिकट भने बिना गुरुङले प्राप्त गरेकी थिइन् र चुनाव जित्न सफल भइन्।

सचिव पदमा टेकराज सापकोटालाई हराउँदै विश्वराज पौडेल विजयी भए। सापकोटाले १२२ मत प्राप्त गरे भने विश्वराजले १०६ मत ल्याए। विश्वराज यसअघि कास्की क्षेत्र नम्बर ३ का संयोजक थिए र विवेकशील साझा पार्टी हुँदै रास्वपामा सुरुदेखि संलग्न छन्। अध्यक्ष र सचिवबाहेक अन्य पदाधिकारी र सदस्यहरूको चयन सर्वसम्मतिले भएको छ। उपसभापतिमा चीनबहादुर गुरुङ, सहसचिवमा सुजन बस्ताकोटी चयन भएका छन् भने कोषाध्यक्ष पछि मनोनित गरिने जानकारी प्रदेश महासचिव नविन त्रिपाठीले दिएका छन्। सदस्यहरूमा श्रवणराज जमरकट्टेल, चित्रबहादुर क्षेत्री, राजकुमार भण्डारी तथा दलित महिला सदस्यमा लक्ष्मी परियार निर्विरोध चयन भएकी छिन्। कास्कीका ५ स्थानीय तहका सभापतिहरू सदस्य पदमा रहने व्यवस्था गरिएको छ।

भारतीय सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया से सड़कों तक फैल रहा ‘Cockroach’ आंदोलन

बेरोजगार युवाओं को ‘काक्रोच’ कहे जाने वाली टिप्पणी के बाद शुरू हुआ काक्रोच जनता पार्टी ने भारत की शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करते हुए नई दिल्ली में प्रदर्शन किया है। अमेरिका से लौटे संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में नई दिल्ली के जन्तरमंतर में हुए इस आंदोलन में हजारों छात्र और युवा शामिल हुए। प्रश्न पत्र चुहावट के विरोध में हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ता सोनाम वांगचुक, अभिनेता प्रकाश राज और विभिन्न राजनीतिक दलों ने एकता दिखाई।

२३ जेठ, काठमांडू। काक्रोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत एक व्यंग्य से हुई। भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं को ‘काक्रोच’ और ‘परजीवी’ कहकर कठोर टिप्पणी की थी। इसका प्रतीकात्मक विरोध करते हुए अमेरिका में पढ़ रहे अभिजीत दीपके ने १६ मई को ट्विटर पर गूगल फॉर्म के माध्यम से ‘काक्रोच जनता पार्टी (CJP)’ नाम से एक आह्वान किया। उन्होंने यह नाम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नाम जैसा सुनने वाला बनाया था। यह आह्वान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणी के दूसरे दिन किया गया था।

दीपके का आह्वान ज्वालामुखी की तरह फैल गया और चार दिनों के भीतर CJP के एक लाख साठ हजार से अधिक सदस्य और इंस्टाग्राम पर २० लाख फॉलोअर्स हो गए। सामान्य व्यंग्य से शुरू हुए इस सोशल मीडिया अभियान ने धीरे-धीरे विरोध का स्वरूप ले लिया। अमेरिका में पढ़ रहे दीपके ने इसी सप्ताह भारत लौटने की घोषणा की। तब भारत में NEET परीक्षा प्रश्न पत्र चुहावट का मामला तेज़ी से उठ रहा था। CJP ने इसी घटना को आधार बनाकर सोशल मीडिया से सड़क पर आंदोलन करने की घोषणा की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए दीपके अमेरिका से भारत लौट कर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने सड़क प्रदर्शन की तिथि ६ जून तय की थी।

लेकिन ५ जून तक भी शिक्षा मंत्री प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया था, तब लद्दाख के शिक्षा और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनाम वांगचुक ने भी CJP प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की। इसके बाद प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। योजना के अनुसार आज सुबह साढ़े सात बजे दीपके नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। उनके हाथ में बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की आत्मकथा की किताब थी, जो भारतीय संविधान के निर्माता थे। दीपके ने वह पुस्तक मीडिया के सामने दिखाई।

दिल्ली हवाई अड्डे के व्यस्त माहौल में दीपके का स्वागत करते हुए असामान्य दृश्य देखने को मिला। वहां मौजूद पत्रकारों ने उनका मज़ाक उड़ाते हुए उन्हें ‘काला हिट’ कहा। ‘काला हिट’ गोडरेज कंपनी का एक एरोसोल कीटाणुनाशक है जो मच्छर, जूं और अन्य उड़ने वाले कीड़ों को मारने के लिए प्रयोग होता है। इसके आधार पर पत्रकारों ने CJP संस्थापक को ‘काला हिट’ उपनाम दे दिया। इसके बाद वे प्रदर्शन की अनुमति लेने संसद मार्ग स्थित पुलिस थाने गए, जहां पुलिस ने अनुमति दे दी।

प्रदर्शनकारी जन्तरमंतर में इकट्ठा होने लगे। राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। जन्तरमंतर के आसपास बैरिकेड लगाए गए थे और एक हजार से अधिक पुलिस अधिकारी तैनात थे। दीपके के घर पर भी सुरक्षा कड़ी थी। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में उनका घर है, जहां जिला पुलिस उप-अधीक्षक पंकज अतुलकर ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए जाएंगे। दीपके के माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे।

प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ असमंजस दिखा — दीपके को हवाई अड्डे पर ही गिरफ्तार किए जाने का डर था। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। सुबह से ही जन्तरमंतर में प्रदर्शनकारी इकट्ठे हुए। त्रिपुरा से आई माधवी विश्वास सुबह ६ बजे तक पहुंच चुकी थीं। आर्थिक रूप से कमजोर माधवी ने चंदा जुटाकर दिल्ली तक पहुंच बनाई। उन्होंने बताया कि वे भारत के शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग करने आई हैं। उनके बेटे अगले साल NEET परीक्षा देने वाले हैं, इसलिए वे इस आंदोलन में शामिल हुईं।

शनिवार के प्रदर्शन में १६ वर्ष के स्कूल विद्यार्थी और अभिभावक भी शामिल थे। कई लोगों ने काक्रोच के कागज़ी मास्क पहने थे और हाथ में फूल लिए थे। संयोजक दीपके सुबह ११ बजे प्रदर्शन स्थल पहुंचे, जहां उनकी उपस्थिति देख भीड़ में उत्साह बढ़ गया। उन्होंने शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और उन्हें ‘निर्लज्ज’ कहा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि CJP के सोशल मीडिया अकाउंट को हैक कर पोस्ट मिटा दिए गए।

दीपके ने कहा, “आप हमारे पोस्ट मिटा सकते हैं, लेकिन हमें मिटा नहीं सकते। इस देश के युवा बिके नहीं हैं। छात्र-छात्राएं बिके नहीं हैं।” उन्होंने दिल्ली हवाई अड्डे पर यह सोचने का भी जिक्र किया कि यह उनकी अंतिम स्वतंत्रता की घड़ी हो सकती है। “मैं इसके लिए अपनी स्वतंत्रता की बलि देने को तैयार हूं।”

दोपहर को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनाम वांगचुक गुलाब के फूल लिए जन्तरमंतर पहुंचे थे। दीपके ने प्रदर्शन में शांति का प्रतीक बताकर लोगों से फूल लेकर आने की अपील की थी। वांगचुक ने कहा, “अगर दीपके को गिरफ्तार किया गया तो मैं छह सप्ताह का अनशन करूंगा।” लेकिन ऐसा अप्रिय कोई घटना नहीं हुई।

दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र सिर्जन ने अनुभव साझा किया कि CUET परीक्षा में अंग्रेज़ी पेपर के लिए दिया गया समय केवल १० मिनट था, जो असामान्य था। इसी वजह से उनकी दाख़िला प्रक्रिया मुश्किल हुई। उन्होंने सरकार और शिक्षा मंत्री की कड़ी आलोचना की। बिहार से आए प्रदर्शकारियों ने भी परीक्षा व्यवस्था पर असंतोष जताते हुए शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शन में ‘We asked for Make in India, you gave us Leak in India’ लिखा प्लेकार्ड भी देखने को मिला। यह आंदोलन राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। NCP के महासचिव एसपी के विधायक रोहित पवार ने CJP को समर्थन दिया। शिवसेना के उद्धव ठाकरे ने भी पूर्ण समर्थन जताया। शिवसेना नेता संजय राउत ने युवाओं के विद्रोह को अनदेखा न करने की सरकार को चेतावनी दी।

कार्यकर्ता वांगचुक, अभिनेता प्रकाश राज और प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी प्रदर्शन में एकता दिखाई और सुरक्षित रहने की सलाह दी। उम्मीद के अनुसार, सड़क आंदोलन में 22 मिलियन लोग सोशल मीडिया से जुड़े हैं। इसके बावजूद सार्वजनिक उपस्थिति में काफी बड़ा अंतर नजर आता है।

आंदोलन में शामिल मनोविज्ञान स्नातक आदित्य ने कहा, “हम सोशल मीडिया पर बहुत कुछ कह रहे हैं, लेकिन मैदान पर असलियत देखने आए हैं। अब यह आंदोलन निर्णायक होना चाहिए।” त्रिपुरा, बिहार, हरियाणा और मुंबई से आए लोगों की मौजूदगी से आंदोलन सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक फैल रहा है। आदित्य ने संकेत दिया कि बदलाव सुनिश्चित करना आवश्यक है।

युवाओं की मांग केवल मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है। इसलिए युवा से लेकर बुजुर्ग तक कई लोग इसमें शामिल हैं। एक बुजुर्ग प्रदर्शनकारी ने कहा, “जहां प्रणाली सड़ी है, वहां सड़े हुए चीजें खाने के लिए काक्रोच आते हैं। हम उसी सड़ी प्रणाली के सड़े गले हिस्से खाने आए हैं।” इससे साफ होता है कि यह आंदोलन केवल युवाओं तक सीमित नहीं है।

भारत में असंतोष बढ़ने की पीछे लंबी पृष्ठभूमि है। पिछले १२ वर्षों में करीब ९४ हजार सरकारी स्कूल बंद हुए हैं, निजी स्कूलों के शुल्क बढ़ रहे हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में ७० से अधिक प्रश्न पत्र चुहाए जा चुके हैं। NEET, SSC, GD, UPSI, यूपी लेखपाल जैसी परीक्षाओं में समस्याएं उठ रही हैं।

जन्तरमंतर पर लगाए गए नारों ने भारत की जातीय राजनीति को भी चुनौती दी है। CJP संस्थापक दीपके ने कहा कि वर्तमान भारतीय राजनीति “हिंदू-मुस्लिम फूट डालो और राज करो” की आधार पर चल रही है। प्रदर्शन में ‘हिंदू-मुस्लिम राजनीति बंद करो’ जैसे नारे भी सुने गए। धार्मिक विभाजन से थके युवाओं की सच्चे मुद्दों पर ध्यान देने की स्पष्ट मांग दिखती है।

हालांकि आंदोलन मुख्य रूप से शांतिपूर्ण था, बीच-बीच में थोड़ी तनाव भी देखने को मिली। पुलिस ने दो समूहों के बीच टकराव रोकते हुए ६ लोगों को गिरफ्तार किया। संयोजक दीपके ने समर्थकों से बार-बार अपने मोबाइल से रिकॉर्ड करने का आग्रह किया ताकि गलत आरोप न लगाए जा सकें।

भारतीय सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया से सड़कों तक पहुंचा ‘कक्रोच जनता पार्टी’ आंदोलन

समाचार सारांश

सम्पादकीय समीक्षा गरिएको।

  • बेरोजगार युवाओं को ‘कक्रोच’ कहे जाने के बाद कक्रोच जनता पार्टी द्वारा भारत की शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करते हुए नई दिल्ली में प्रदर्शन किया गया।
  • अमेरिका से लौटे संस्थापक अभिजित दीपके के नेतृत्व में जन्तरमन्तर में हजारों विद्यार्थी और युवा शामिल हुए।
  • प्रश्नपत्र चुहाव के खिलाफ इस प्रदर्शन में कार्यकर्ता सोनाम वांगचुक, अभिनेता प्रकाश राज और विभिन्न राजनीतिक दलों ने एकजुटता व्यक्त की।

२३ जेठ, काठमांडू। कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) की शुरुआत एक व्यंग्य से हुई थी।

भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं को ‘कक्रोच’ और ‘परजीवी’ जैसे शब्दों से संबोधित किया था।

इस टिप्पणी के प्रतीकात्मक विरोध स्वरूप अमेरिका में अध्ययनरत अभिजित दीपके ने 16 मई को ‘एक्स’ पर एक गूगल फॉर्म जारी किया, जिसका नाम था ‘कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी)’. उन्होंने इसे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) जैसा नाम दिया था।

गूगल फॉर्म के माध्यम से उन्होंने उन युवाओं को आमंत्रित किया जो इस पार्टी से जुड़ना चाहते थे। यह कदम प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणी के दूसरे ही दिन उठाया गया था।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत

दीपके का आह्वान तेजी से फैल गया और चार दिनों में सीजेपी के एक लाख 60 हजार से अधिक सदस्य बन गए, साथ ही इंस्टाग्राम पर 20 लाख फॉलोअर्स भी जुड़ गए। यह अभियान एक सामान्य व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे यह विरोध का रूप लेने लगा।

अमेरिका में पढ़ रहे दीपके ने इस सप्ताह घोषणा की कि वे भारत वापस आ रहे हैं। उसी समय भारत में ‘नीट’ परीक्षा के पेपर लीक होने की घटना तेजी से चर्चा में थी। सीजेपी ने इस मुद्दे को आधार बनाकर सामाजिक मीडिया से सड़कों तक उतरने की घोषणा की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए दीपके ने भारत लौटकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया। इस प्रदर्शन की तिथि 6 जून (आज) निर्धारित की गई थी।

लेकिन 5 जून (कल) तक शिक्षा मंत्री प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया था, तब लद्दाख के शिक्षा एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनाम वांगचुक ने भी सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान किया। इसके बाद प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।

पूर्व घोषणा के अनुसार आज सुबह साढ़े सात बजे दीपके नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। उनके हाथ में बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की आत्मकथा की पुस्तक थी, जो भारतीय संविधान निर्माता हैं।

दीपके ने वह पुस्तक मीडिया के सामने उठाई। दिल्ली हवाई अड्डे के व्यस्त वातावरण में दीपके का स्वागत एक असामान्य दृश्य था।

अभिजित दीपके

उसी समय आसपास मौजूद पत्रकार उसे ‘काला हिट’ कहकर चिढ़ा रहे थे।

‘काला हिट’ गोदरेज कंपनी का एक एरोसोल कीटनाशक है जो मच्छर, मक्खी और अन्य उड़ने वाले कीड़ों को तुरंत मारने में सक्षम है। इसी सन्दर्भ में पत्रकारों ने कक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजित दीपके को ‘काला हिट’ उपनाम दिया।

इसके बाद वे प्रदर्शन की अनुमति लेने सीधे संसद मार्ग पुलिस थाना गए। पुलिस द्वारा अनुमति मिलने पर नेता तो आश्वस्त थे लेकिन संदेह बना था। आशंकाओं के बावजूद पुलिस ने अनुमति दे दी और प्रदर्शनकारी जन्तरमन्तर में इकट्ठा होने लगे।

वहीं हवाई अड्डे पर दीपके के पहुंचने से पहले राजधानी में सुरक्षा कड़ी की गई थी। हर जगह सुरक्षा कर्मी तैनात थे। जन्तर–मन्तर क्षेत्र के आसपास बैरिकेड लगाए गए थे। एक हजार से अधिक पुलिस अधिकारी तैनात थे।

युवाओं के नेतृत्व में व्यंग्य: कक्रोच जनता पार्टी परीक्षा प्रणाली की विफलता के खिलाफ आंदोलन कर रही है

प्रदर्शन स्थल पर ज्यादा सुरक्षा कर्मी थे, वहीं महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में दीपके के घर पर भी कड़ी निगरानी की गई। जिला पुलिस उप-आयुक्त पंकज अतुलकर ने कहा कि यदि ज़रूरत पड़ी तो अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाएगा। ‘‘अगर अधिक जनशक्ति चाहिए तो समीक्षा के बाद करेंगे,’’ उन्होंने कहा।

दीपके के घर पुलिस तैनात थी, जबकि उनके माता-पिता बाहर थे। इस बात को लेकर प्रदर्शनकारियों में कुछ संदेह जगा था क्योंकि दीपके ने एयरपोर्ट पर उतरते ही गिरफ्तारी का डर जताया था।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। जन्तरमन्तर में सुबह से ही प्रदर्शनकारी जमा होने लगे थे। त्रिपुरा से माधवी विश्वास सुबह छह बजे तक पहुंच गई थीं। त्रिपुरा भारत का दूरदराज क्षेत्र है, इसलिए उनके पास पर्याप्त धन नहीं था, लेकिन दान इकट्ठा कर वह दिल्ली आईं।

‘मेरे त्रिपुरा में समर्थक हैं। आर्थिक कारणों से सभी नहीं आ सके। इसलिए लोगों ने सहयोग कर मुझे भेजा,’ उन्होंने कहा।

विश्वास के अनुसार मुख्य कारण भारत की शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता थी। उनका बेटा अगले साल NEET परीक्षा देने वाला है और यह आंदोलन ऐसी परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी के कारण हुआ था।

शनिवार के प्रदर्शन में 16 वर्ष के छात्र भी थे और उनके अभिभावक भी। कई प्रदर्शनकारियों ने कक्रोच का कागजी मास्क पहना था और वे हाथ में फूल लेकर आए थे। संयोजक दीपके भी सुबह 11 बजे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।

दीपके के आने से भीड़ में उत्साह बढ़ा। उन्होंने कहा कि एक महीने से शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रधान को ‘निर्लज्ज’ तक कहा और पत्रों को हैक कर पोस्ट हटाने का आरोप लगाया।

‘आप हमारे पोस्ट मिटा सकते हैं, लेकिन हमें यहां से नहीं हटा सकते। इस देश के युवाओं ने बिकना नहीं सीखा है।’

दीपके ने एक व्यक्तिगत बात भी कही। दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट उतरने से पहले उन्हें लगा कि यह उनका स्वतंत्रता का अंतिम क्षण हो सकता है। ‘मैं इसके लिए अपनी स्वतंत्रता न्योछावर करने को तैयार था,’ उन्होंने कहा।

दोपहर एक बजे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनाम वांगचुक भी दिल्ली एयरपोर्ट से जन्तर–मन्तर के लिए निकले। करीब एक घंटे बाद गुलाब का फूल लेकर वे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। फूल शांति के प्रतीक के रूप में दीपके ने सभी से लाने को कहा था, जिसे वांगचुक ने निभाया।

भारतीय सरकार इस आंदोलन को दबाने के लिए कुछ भी कर सकती है, इस आशंका के बावजूद वांगचुक ने इमरजेंसी विकल्प भी सोच रखा था। उन्होंने कहा था, ‘अगर दीपके को गिरफ्तार किया गया तो मैं छह सप्ताह का अनशन करूंगा।’

लेकिन दीपके के साथ ऐसा अप्रिय अनुभव नहीं हुआ।

दिल्ली विश्वविद्यालय के ‘एसएफआई’ के विद्यार्थी सिर्जन ने अनुभव सुनाया कि पहली बार ‘CUET’ में अंग्रेजी पेपर के लिए केवल 10 मिनट दिए गए, जबकि सामान्यतः एक घंटा 45 मिनट होना चाहिए था। उनके कारण एक साल का ड्रॉप लेना पड़ा। दूसरे प्रयास में वे पास हुए और वर्तमान में हंसराज कॉलेज में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बहुत से परिवार एक साल का ड्रॉप वहन नहीं कर सकते। दिल्ली विश्वविद्यालय ने उन छात्रों को मौका नहीं दिया। यह सरकार की लापरवाही और शिक्षा मंत्री का अन्याय है।’’

बिहार से आए एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘वहां कोई परीक्षा ठीक से नहीं होती। विरोध में सड़क पर बैठ गए तो पुलिस उन्हें पीटती है। शिक्षा मंत्री लंबे समय से पद पर हैं। अब जब तोड़फोड़ हो गई, उन्हें इस्तीफा देना ही होगा।’’

प्रदर्शन में ‘We asked for Make in India, you gave us Leak in India’ लिखा एक प्लेकार्ड भी देखा गया। आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा। न केवल सोशल मीडिया, बल्कि सड़क पर भी सांसदों द्वारा समर्थन मिला। एनसीपी के महासचिव से लेकर विधायक रोहित पवार ने सीजेपी का समर्थन किया।

रोहित पवार ने कहा, ‘‘युवाओं की अभूतपूर्व भागीदारी सरकार की नीतियों और परीक्षाओं की कमियों के प्रति असंतोष दर्शाती है।’’

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी सीजेपी आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया। शिवसेना नेता संजय राउत ने ‘एक्स’ पर ठाकरे का आधिकारिक बयान जारी करते हुए सरकार को चेतावनी दी कि युवा विद्रोह को नजरअंदाज न करें।

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली के जन्तर मंतर में ‘कक्रोच’ आंदोलन शुरू हुआ है, जिसे हम देश का भविष्य कहते हैं। कई युवा अपनी पीड़ा और भविष्य की चिंता लेकर इस गर्मी में सड़कों पर उतरे हैं।’’

आंदोलन में पर्यावरण कार्यकर्ता वांगचुक, अभिनेता प्रकाश राज और प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी एकता व्यक्त की।

अभिनेता प्रकाश राज
अभिनेता प्रकाश राज

आंदोलन शुरू होने से पहले ध्रुव राठी ने प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित रहने के लिए कई सुझाव दिए थे। वे भी पहले ही सीजेपी से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर चुके थे, जिसे शनिवार की प्रदर्शन की मुख्य मांग बनाया गया।

इस प्रकार सड़क पर उतरी सीजेपी की सोशल मीडिया पर 22 मिलियन लोग जुड़े हुए हैं। लेकिन सोशल मीडिया और सड़क उपस्थिति के बीच बड़ा अंतर है। जन्तर मन्तर में भी यह सवाल उठा। आंदोलन में आए मनोविज्ञान स्नातक आदित्य ने कहा कि अब यह आंदोलन निर्णायक होना चाहिए।

यूट्यूबर ध्रुव राठी
यूट्यूबर ध्रुव राठी

आदित्य ने कहा, ‘‘हम सोशल मीडिया पर ट्वीट कर रहे हैं – बायकट दिस एंड दैट, लेकिन जमीन पर वास्तविकता देखनी है। अब यह आंदोलन निर्णायक चरण में पहुंचना चाहिए।’’

त्रिपुरा, बिहार, हरियाणा, मुंबई से आए लोगों की उपस्थिति ने आंदोलन को सोशल मीडिया से सड़कों तक फैलने का संकेत दिया। आदित्य ने कहा कि अब आंदोलन से बदलाव सुनिश्चित करना जरूरी है।

युवा वर्ग की मांग केवल मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, इसलिए आंदोलन में युवा से लेकर वृद्ध तक शामिल थे। जन्तर–मन्तर में एक वृद्ध प्रदर्शनकारी ने कक्रोच की परिभाषा देते हुए कहा, ‘‘जहां प्रणाली सड़ी हुई है, वहां सड़े हुए चीजें खाने के लिए कक्रोच आते हैं। हम वहीं सड़ी हुई प्रणाली से सड़ागले चीजें खाने आए हैं।’’

यह भी दिखाता है कि आंदोलन केवल नवयुवाओं तक सीमित नहीं है। सरकार से असंतुष्ट 80 वर्षीय बुजुर्ग ने भी इस आंदोलन में भाग लेकर सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल की है। दीपके के नेतृत्व में युवा प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो रहे थे, तब वह बुजुर्ग उनके बीच खड़ा था, जिसका वीडियो और तस्वीर ‘एक्स’ पर वायरल हुआ।

भारत में असंतोष की जड़ें गहरी हैं। पिछले 12 वर्षों में लगभग 94 हजार सरकारी विद्यालय बंद हो चुके हैं। निजी विद्यालयों की फीस लगातार बढ़ रही है। धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री रहते हुए 70 से अधिक प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं। NEET, SSC, GD, UPSI, यूपी लेखपाल, CBSE, CUET जैसी परीक्षाओं की सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं।

इसके अलावा जन्तर–मन्तर में लगाए गए नारे जातीय राजनीति को भी चुनौती दे रहे थे। सीजेपी के संस्थापक दीपके ने कहा कि भारत की मौजूदा राजनीति ‘हिंदू-मुस्लिम फुटाऊ और राज करो’ पर आधारित है। प्रदर्शन के दौरान ‘हिंदू-मुस्लिम राजनीति बंद करो’ जैसे नारे भी लगाए गए।

धार्मिक विभाजन से थके युवा वर्ग ने वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की है, जो स्पष्ट संकेत है।

विभिन्न मुद्दों पर असंतोष व्यक्त करते हुए आंदोलन लगभग शांतिपूर्ण रहा। बीच-बीच में थोड़ी बहस हुई। प्रदर्शनकारी और विपक्षी के बीच झड़प होने लगी तो कुछ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नारे लगाने वालों को पुलिस ने हिरासत में लेना पड़ा।

दो समूहों के संभावित टकराव को रोकते हुए पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया और प्रदर्शन शांतिपूर्ण जारी रहा।

लेकिन प्रदर्शन गरम होने से दीपके को भी डर था। इसलिए उन्होंने बार-बार अपने समर्थकों से कहा, ‘‘अपने मोबाइल से रिकॉर्ड करते रहें ताकि कोई झूठा आरोप न लगा सके।’’