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लेखक: space4knews

सोनाम वाङचुक ने गुलाब के फूल लेकर प्रदर्शन स्थल पर भाग लिया

२३ जेठ, काठमाडौं । शिक्षा और पर्यावरण की सक्रिय कार्यकर्ता सोनाम वाङचुक गुलाब के फूल लेकर ककरोच जनता पार्टी द्वारा नई दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन स्थल पर पहुंची हैं। वे शनिवार दोपहर नई दिल्ली स्थित जन्तर मंतर में हो रहे प्रदर्शन में शामिल हुईं। परीक्षा प्रणाली में अनियमितताएं और प्रश्नपत्र लीक होने के मामले को लेकर ककरोच जनता पार्टी वहाँ विरोध प्रदर्शन कर रही है।

इससे पहले ककरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजित दीपक भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंच चुके थे। वे भारतीय संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर की जीवनी लेकर वहाँ आए थे। अभिजित ने अन्य प्रदर्शनकारियों से पुस्तक और राष्ट्रीय ध्वज ले कर आने और पुलिस को शांति के प्रतीक के रूप में फूल स्वीकार करने का आग्रह किया था। इसी अनुरूप सोनाम वाङचुक ने भी गुलाब का फूल लेकर युवाओं और विद्यार्थियों के प्रदर्शन में भाग लेकर एकजुटता दिखाई। उनकी मौजूदगी ने प्रदर्शनकारियों के उत्साह को बढ़ाया है।

श्रेयस अय्यर भारत के नए टी–20 आई कप्तान नियुक्त

समाचार सारांश: श्रेयस अय्यर को भारत की नई टी–20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है। नव नियुक्त कप्तान अय्यर आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के साथ-साथ एशियाई खेलों में भी भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे। खराब प्रदर्शन के कारण पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव इन तीनों सीरीज के लिए टीम में चयनित नहीं हो सके। 23 ज्येष्ठ, काठमांडू। श्रेयस अय्यर को भारत का नया टी–20 आई कप्तान बनाने का निर्णय शनिवार को सम्पन्न चयन समिति की बैठक में लिया गया है। अय्यर आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड के साथ सीरीज तथा एशियाई खेलों में भारत की कप्तानी निभाएंगे, जबकि सूर्यकुमार यादव को इन प्रतियोगिताओं के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया है।

अय्यर ने पिछले वर्षों में कप्तान और बल्लेबाज दोनों के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को आईपीएल का खिताब दिलाया था और उससे पहले दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स को फाइनल तक पहुँचाने का श्रेय भी उनके नाम है।

सन् 2025 के आईपीएल में पंजाब किंग्स के कप्तान के रूप में उन्होंने उस सत्र में टीम को फाइनल तक पहुँचाया था। उस सीजन की शुरुआत में सात अनजीते मैचों के बाद भी उनकी टीम प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी। व्यक्तिगत रूप से उन्होंने आईपीएल 2025 में 604 रन और आईपीएल 2026 में 498 रन बनाए।

टी–20 विश्व कप के विजेता सूर्यकुमार यादव ने हाल ही में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। विश्व कप में उन्होंने 9 पारी में 242 रन बनाए जबकि आईपीएल 2026 में 13 मैचों में केवल 270 रन जोड़े।

एसीसी महिला प्रिमियर कप में नेपाल की निराशाजनक हार

एसीसी महिला प्रिमियर कप के तहत समूह चरण के अंतिम मैच में नेपाल को हांगकांग के हाथों ६९ रन से हार का सामना करना पड़ा है। हांगकांग द्वारा दिए गए ११० रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए नेपाल की टीम १३.३ ओवर में मात्र ४० रन पर ऑलआउट हो गई। सोनी पाख्रिन ने सर्वाधिक १२ रन बनाए जबकि रुबिना क्षेत्री ने १० रन जोड़े। अन्य खिलाड़ियों ने दोहरे अंक तक भी रन नहीं बना पाए।

हांगकांग की ओर से इकरा सहर ने ४ ओवर में ४ रन खर्च करते हुए ४ विकेट लिए। चान का और मार्यम बिबी ने २-२ विकेट हासिल किए। सियू मेइ और जोइलिन धालिवाल ने एक-एक विकेट अपने नाम किए। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए हांगकांग ने २० ओवर में ३ विकेट के नुकसान पर १०९ रन बनाए। यासमिन दसवानी ने ४२ रन की नाबाद पारी खेली। मारिको हिल ने २९ रन बनाए जबकि मारिना लाम्पलोह १८ रन बनाकर नाबाद रहीं। नेपाल की तरफ से रिया शर्मा और रुबिना क्षेत्री ने १-१ विकेट लिए।

इस हार के बावजूद नेपाल ने क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। एशिया कप चयन के लिए सेमीफाइनल में प्रवेश करना आवश्यक होगा।

रास्वपाका विभिन्न जिल्लाहरूमा अधिवेशन कहिले हुँदैछ?

२३ जेठ, काठमाडौं । राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा)ले आज र भोलि जिल्लास्तरीय अधिवेशन आयोजना गर्न लागेको छ। दुई दिनभित्र तदर्थ समिति गठन भएका जिल्लाहरूमा रास्वपाले अधिवेशन सञ्चालन गर्दैछ। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीको संगठनात्मक नीतिअनुसार केन्द्रीय समितिद्वारा निर्णयअनुसार देशभरि शनिबार र आइतबार विदाको दिनमा अधिवेशनहरू गरिँदैछन्।

पहिलो दिन, आज शनिबार, ३६ जिल्लामा अधिवेशन हुनेछ। आज कोशी प्रदेशका ८ जिल्ला—झापा, मोरङ, तेह्रथुम, ताप्लेजुङ, भोजपुर, संखुवासभा, ओखलढुङ्गा र सुनसरी, मधेश प्रदेशका २ जिल्ला—महोत्तरी र रौतहट, बागमती प्रदेशका ८ जिल्ला—दोलखा, काठमाडौं, भक्तपुर, नुवाकोट, मकवानपुर, काभ्रे, सिन्धुपाल्चोक र सिन्धुली, गण्डकी प्रदेशका ५ जिल्ला—स्याङ्जा, कास्की, पर्वत, बागलुङ र म्याग्दी, लुम्बिनी प्रदेशका ८ जिल्ला—गुल्मी, नवलपरासी, पाल्पा, कपिलवस्तु, दाङ, बाँके, बर्दिया र रोल्पा, कर्णाली प्रदेशका २ जिल्ला—कालीकोट र सल्यान, तथा सुदूरपश्चिम प्रदेशका ३ जिल्ला—बैतडी, बझाङ र दार्चुला मा अधिवेशन हुनेछ।

बाकी २९ जिल्लामा आइतबार अधिवेशन हुने छ। यसमा कोशी प्रदेशका ४ जिल्ला—उदयपुर, सोलुखुम्बु, खोटाङ र इलाम, मधेश प्रदेशका ४ जिल्ला—सिराहा, धनुषा, पर्सा र सर्लाही, बागमती प्रदेशका २ जिल्ला—चितवन र ललितपुर, गण्डकी प्रदेशका ४ जिल्ला—तनहुँ, नवलपुर, गोरखा र लमजुङ, लुम्बिनी प्रदेशका ३ जिल्ला—अर्घाखाँची, रुपन्देही र प्युठान, कर्णाली प्रदेशका ६ जिल्ला—सुर्खेत, जाजरकोट, दैलेख, रुकुम, मुगु र जुम्ला तथा सुदूरपश्चिम प्रदेशका ६ जिल्ला—अछाम, डोटी, डडेलधुरा, कैलाली, कञ्चनपुर र बाजुरा रहेका छन्। विवादका कारण बारा जिल्लाको अधिवेशन भने २६ गते हुने तय भएको छ।

रास्वपाले यसपाली प्रथम राष्ट्रिय महाधिवेशनअगाडि ७७ जिल्लामध्ये ६६ जिल्लामा अधिवेशन सम्पन्न गर्ने योजना बनाएको छ। बाँकी ११ जिल्लाको अधिवेशन राष्ट्रिय महाधिवेशनपछि क्रमिक रूपमा गरिने रास्वपाले जनाएको छ। यस्तै, जेठ २६ गतेदेखि सातै प्रदेशहरूमा अधिवेशन सुरु हुने महामन्त्री कवीन्द्र बुर्लाकोटीले जानकारी दिएका छन्।

जन्तर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन, अभिजीत दिपके भी हुए शामिल

२३ जेठ, काठमाडौं । भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली स्थित जन्तर मंतर में प्रदर्शन शुरू हुआ है। जारी इस प्रदर्शन में कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके भी शामिल हुए हैं। शिक्षा मंत्री के खिलाफ जन्तर मंतर में प्रदर्शनकारी जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रकट कर रहे हैं, उसी दौरान दिपके खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। मंत्री प्रधान के कार्यकाल में युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बताते हुए आक्रोशित प्रदर्शनकारियों की मांगों का समर्थन करने वे वहां पहुंचे हैं।

८० वर्षीय वरिष्ठ नागरिक CJP के प्रदर्शन में शामिल, सोशल मीडिया पर वायरल

२३ जेठ, काठमाडौं। दिल्ली के जन्तर मंतर में आज क्रोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन में एक ८० वर्षीय वरिष्ठ नागरिक हिस्सा लिए, जिसने सोशल मीडिया पर अचानक लोकप्रियता हासिल की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपक के नेतृत्व में युवा प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो रहे थे, तभी वह वरिष्ठ नागरिक युवाओं के बीच खड़े देखे गए। उनकी वीडियो और तस्वीरें “एक्स” सामग्री पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
युवाओं की बहुलता वाले इस आंदोलन में ८० वर्षीय वरिष्ठ नागरिक की मौजूदगी ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ता उनकी तस्वीरें साझा करते हुए ‘क्या वह भी जेनजी हैं?’ जैसे सवाल और मजाक कर रहे हैं।

पुटिन ने ज़ेलेंस्की के वार्ता प्रस्ताव को ठुकराया

२३ जेठ, काठमाडौं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुटिन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के वार्ता प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने ज़ेलेंस्की के व्यवहार की भी आलोचना की है। सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच में शुक्रवार को हुई चर्चा में पुटिन ने ज़ेलेंस्की के पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। ज़ेलेंस्की ने गुरुवार को पुटिन को युद्धविराम के लिए मिलने का आग्रह करते हुए पत्र लिखा था। उस पत्र में उन्होंने पुटिन की उम्र, रूस की आर्थिक संकट और बढ़ते सैन्य नुकसान का उल्लेख किया था। उन्होंने लिखा था, “२६ वर्ष सत्ता में रहने से उम्र का प्रभाव दिखाई देता है। समय के साथ आपकी निराशा और बढ़ेगी।”

पुटिन ने इस आलोचना का जवाब देते हुए अपने प्रति की गई टिप्पणी का विरोध किया। उन्होंने कहा, ‘मेरी उम्र पर चर्चा की गई है। कुछ विश्व नेता मुझसे कहीं अधिक उम्र के हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आप अपने काम को कितनी दक्षता से कर पाते हैं।’ पुटिन ने दावा किया कि उन्होंने वार्ता को कभी अस्वीकार नहीं किया है और कहा कि वार्ता के लिए उचित तैयारी आवश्यक है। उन्होंने पिछले वर्ष अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ हुई सहमति को वार्ता का आधार बताया, जिसके अनुसार यूक्रेन को डोनबास क्षेत्र छोड़ना होगा। लेकिन यूक्रेन ने इस सहमति का विरोध करते हुए पत्र में लिखा, ‘हमने सुना है कि अलास्का में आपको यूक्रेन और यूरोप के कुछ मुद्दे हल करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन आप समझ सकते हैं कि यूक्रेनी और यूरोपीय मामलों का निर्णय एंकोरेज में नहीं होता।’

क्रेमलिन यूक्रेन से अपने चार क्षेत्रों से सेना वापस करने का आग्रह करता रहा है। पुटिन ने दावा किया कि केवल यूक्रेन वार्ता के लिए इच्छुक है और वह केवल रूसी आक्रमण को रोकने के लिए वार्ता की मांग कर रहा है। उन्होंने अपने सैनिकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, ‘काम जारी रखें।’ पुटिन के इन बयान के बाद ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार शाम एक बयान जारी किया। बयान में उन्होंने कहा कि रूस ने फिर से युद्ध चुना है। उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से रूस ने पुनः युद्ध को अपनाया है। वे इस युद्ध को समाप्त नहीं करना चाहते। इस कमजोर प्रतिक्रिया से कई लोग निराश होंगे।’ ज़ेलेंस्की ने कहा कि अब रूस पर और आर्थिक दबाव बढ़ाने की जरूरत है। यूक्रेन रूस के युद्ध कोष को क्षति पहुँचाने के लिए उसकी तेल रिफाइनरियों को निशाना बना रहा है।

अमेरिका और इरान ने खाड़ी क्षेत्र में नई लड़ाई छेड़ी

आक्रमण

तस्वीर स्रोत, AFP

अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज की ओर प्रहार किए गए चार ईरानी ड्रोन गिरा दिए हैं।

उनके अनुसार ये “OWA (वन-वे अटैक) ड्रोन” तत्काल ही उस क्षेत्र में समुद्री परिवहन के लिए खतरा बन गए थे।

यूएस सेंट्रल कमांड (सेन्टकम) की जारी विज्ञप्ति में अमेरिकी सेना द्वारा “गारुक और केशम द्वीप स्थित ईरानी रडार क्षेत्रों पर हमला” बताया गया है, जो उन्होंने आगे के हमलों को रोकने के उद्देश्य से किया।

अमेरिकी सेना के इस ड्रोन और रडार स्थलों पर हमले के जवाब में, तेहरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRIB के अनुसार, ईरान ने जबाबी कार्रवाई स्वरूप कुवैत में मौजूद दो अमेरिकी हवाई अड्डों और बहरीन स्थित अमेरिकी नौसैनिक क्षेत्र पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।

धनकुटा नगरपालिक ने वॉर्डस्तर के बजट को 10 लाख रुपये तक सीमित करने का निर्णय लिया

23 जेठ, धनकुटा। आगामी आर्थिक वर्ष 2083/084 के लिए धनकुटा नगरपालिक ने वॉर्डस्तर के बजट को 10 लाख रुपये में सीमित करने का निर्णय लेने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। पिछले वर्षों में लगभग 55 लाख रुपये तक का बजट सीमा निर्धारित कर योजनाएं बनाई जाती थीं, लेकिन इस वर्ष 45 लाख रुपये की कटौती होने से वॉर्ड दबाव में हैं। नगरपालिक ने हाल ही में सभी 10 वार्डों को बजट सीमा और मार्गदर्शन पत्र भेजते हुए आर्थिक विकास, सामाजिक विकास, अवसंरचना, सुशासन, अन्तरसम्बन्धित क्षेत्र एवं वन-पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में खर्च की व्यवस्था सुनिश्चित की है। वॉर्डों को निर्देश दिया गया है कि वे 10 लाख रुपये के भीतर ही सहभागी योजनाएं तैयार करें।

नगरपालिकाक जानकारी के अनुसार संघ और प्रदेश सरकार से प्राप्त वित्तीय हस्तांतरण में कमी आई है, पिछले वर्ष की स्रोत परिचालन स्थिति कमजोर रही है तथा दायित्वों में वृद्धि हो रही है। इन सब कारकों को ध्यान में रखते हुए बजट सीमा घटाई गई है। वित्तीय वर्ष 2082/083 में नगरपालिक ने 1 अरब १२ करोड़ २५ लाख २२ हजार ७३० रुपये का बजट जारी किया था। किन्तु आगामी वित्तीय वर्ष में अनुदान राशि घटने के कारण कुछ योजनाओं की रकम दायित्व में चली जाने की संभावना है। धनकुटा नगरपालिक के प्रमुख चिन्तन तामांग ने बताया कि पिछले वर्षों से दायित्व लगातार बढ़ रहे हैं, और संसाधनों की गारंटी के बिना बड़े बजट निर्धारित करने पर कार्यान्वयन में समस्या आती है। उन्होंने कहा कि जनता को दीर्घकालीन प्रभाव न हो, इसलिए वास्तविक बजट सीमांकन किया गया है।

हालांकि, वार्ड प्रमुख इस नए बजट सीमा से असंतुष्ट हैं। धनकुटा नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 के अध्यक्ष मिलन खड्गी ने कहा कि जनता की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं के मुकाबले 10 लाख रुपये बहुत कम है। वार्ड की समस्याएं और मांगें ज्यादा होने के कारण इस सीमित बजट से प्राथमिकताएं पूरी करना मुश्किल होगा। इसी प्रकार धनकुटा नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 के अध्यक्ष नगेन्द्र पाण्डे ने कहा कि सीमित बजट के कारण वार्ड स्तर पर आवश्यक विकास कार्यक्रमों का संचालन असंभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि 10 लाख में वार्ड की मूलभूत अवसंरचना भी संभालना कठिन होगा, इसलिए विकास कार्यों पर प्रभाव पड़ेगा। नगरपालिक ने वॉर्ड स्तर पर संचालन और विविध खर्चों के लिए 4 लाख 68 हजार रुपये अलग रखने का प्रावधान किया है। सामाजिक विकास के अंतर्गत कार्यक्रमों की न्यूनतम राशि 50 हजार रुपये रखी गई है तथा सड़कों की योजनाओं में नई मार्ग बनवाने के बजाय स्तरोन्नति को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।

शिक्षामंत्री को इस्तीफा देना चाहिए, प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा – अभिजीत दीपक

२३ जेठ, काठमाडौँ । कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपक ने दिल्ली पहुंचते ही भारत के शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग की है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय विमानस्थल से बाहर निकलते समय संवाददाताओं से बातचीत में दीपक ने कहा, ‘शिक्षामंत्री को इस्तीफा देना आवश्यक है। पाँच विद्यार्थी पहले ही आत्महत्या कर चुके हैं।’ दीपक ने नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण से जुड़े उन विद्यार्थियों को याद करते हुए कहा कि कुछ ने आत्महत्या की है।
इसी बीच, दीपक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से दिल्ली पुलिस द्वारा जन्तर-मंतर में प्रदर्शन की अनुमति मिलने की जानकारी दी है। उन्होंने समर्थकों से सीधे जन्तर-मंतर पहुँचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा। सीजेपी ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए जन्तर-मंतर में प्रदर्शन की अनुमति मिलने की पुष्टि की है। पार्टी ने अपने समर्थकों से प्रदर्शन स्थल पर इकट्ठा होने का आग्रह किया है। सीजेपी ने शिक्षामंत्री के खिलाफ प्रदर्शन का एलान किया है। इसी प्रदर्शन के लिए पार्टी के संस्थापक अभिजीत अमेरिका से दिल्ली پہنچ चुके हैं। फिलहाल प्रदर्शन की तैयारी शुरू हो चुकी है।

फीफा विश्व कप 2006 से 2026 तक

साल 2006 में जर्मनी में आयोजित विश्व कप में हिस्सा लेने वाले चार खिलाड़ी ऐसे हैं जो अब 2026 के विश्व कप खेलने वाली टीम में भी शामिल हैं। ये चार खिलाड़ी इस मायने में काफी भाग्यशाली हैं और उनकी कड़ी मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।

समाचार सारांश

  • फीफा विश्व कप 2026 में पहली बार 48 राष्ट्रों के 1,248 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और कुल 104 मैच 39 दिनों में खेले जाएंगे।
  • लियोनेल मेसी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, लुका मोड्रिच और गुइलेर्मो ओचोआ छह लगातार विश्व कप टीमों में शामिल खिलाड़ी हैं जो 2006 से 2026 तक खेल रहे हैं।
  • अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो इस विश्व कप में हिस्सा लेकर छह बार विश्व कप खेलने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाएंगे।

23 मई, काठमांडू। 11 जून से शुरू होने वाले फीफा विश्व कप 2026 के लिए 48 देशों की अंतिम टीमों की घोषणा हो चुकी है और अब अमेरिका, मैक्सिको तथा कनाडा विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ की मेजबानी के लिए तैयार हैं।

यह टूर्नामेंट विश्व कप इतिहास में सबसे अधिक टीमों की भागीदारी वाला होगा, जिसमें कुल 104 मैच खेले जाएंगे और 39 दिनों तक उत्तर अमेरिका के 16 स्टेडियम में मुकाबले होंगे।

48 टीमों की अंतिम सूची में प्रत्येक टीम में 26-26 खिलाड़ी शामिल हैं, मतलब कुल 1,248 खिलाड़ी इस बार विश्व कप खेलेंगे। इन खिलाड़ियों में कुछ पहले भी विश्व कप खेल चुके हैं या जीते हैं, तो कई खिलाड़ी पहली बार विश्व कप में हिस्सा लेने जा रहे हैं।

इनमें से 22 खिलाड़ियों ने पहले ही विश्व कप जीता है, जबकि 300 से अधिक खिलाड़ियों ने कम से कम एक बार विश्व कप में भाग लिया है।

लेकिन इस 1,248 खिलाड़ियों की सूची में चार ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपने करियर का अंतिम विश्व कप खेल रहे हैं और पिछले लगभग दो दशकों से लगातार विश्व कप में हिस्सा लेते आ रहे हैं।

यानी, साल 2006 के जर्मनी विश्व कप से शामिल ये चार खिलाड़ी अब 2026 के विश्व कप के लिए चुने गए हैं। ये चार खिलाड़ी किस्मत वाले होने के साथ ही बहुत मेहनती हैं, जिन्हें आज की यह स्थिति मिली है।

पूर्व विजेता अर्जेंटीना के स्टार लियोनेल मेसी, पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो, क्रोएशिया के मिडफिल्डर लुका मोड्रिच और मैक्सिकन गोलकीपर गुइलेर्मो ओचोआ 2006 से लेकर 2026 तक लगातार विश्व कप टीमों में शामिल रहे हैं।

मेस्सी और रोनाल्डो ने सभी पांच पिछले संस्करणों में भाग लिया है और वे इस बार फीफा विश्व कप 2026 खेलकर छठी बार हिस्सा लेने का रिकॉर्ड बनाएंगे। जबकि लुका मोड्रिच ने 2006 में डेब्यू किया, लेकिन 2010 के विश्व कप में क्रोएशिया की टीम क्वालिफाई नहीं कर पाई और वह विश्व कप में नहीं खेले।

गोलकीपर ओचोआ भी 2006 और 2010 के विश्व कप में टीम का हिस्सा थे लेकिन उन्होंने कोई मैच नहीं खेला। वह 2014 से लेकर 2022 तक लगातार तीन संस्करण खेल चुके हैं।

विश्व कप में इन चार खिलाड़ियों की खासियत इस प्रकार है:

लियोनेल मेसी

अर्जेंटीना के सुपरस्टार लियोनेल मेसी ने 2006 में अपने पहले विश्व कप में कदम रखा और तब से लगातार पांच विश्व कप में खेल रहे हैं। 38 वर्षीय मेसी कुल 26 मैच खेल चुके हैं और फीफा विश्व कप का सबसे अधिक मैच खेलने वाला खिलाड़ी हैं।

2022 के कतर विश्व कप में मेसी ने अपने करियर को परिपूर्णता दी है। उन्होंने विश्व कप जीता तो है ही, दो बार बेहतरीन खिलाड़ी के अवार्ड और गोल्डन बॉल भी हासिल किया है।

2014 के विश्व कप में उन्होंने सात मैचों में चौ गोले किये थे और गोल्डन बॉल जीती थी, वहीं 2022 में उन्होंने सात मैचों में सात गोल किए। मेसी ने अब तक विश्व कप में कुल 13 गोल किए हैं जो जर्मन खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोज़ से सिर्फ तीन कम हैं। अगर 2026 के विश्व कप में वे चार और गोल कर लेते हैं, तो मेसी इतिहास के सबसे प्रभावशाली गोलकर्त्ता बन जाएंगे।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो

41 वर्षीय रोनाल्डो इस विश्व कप में खेलने वाले सबसे पुराने खिलाड़ी हैं। उन्होंने भी 2006 के जर्मनी विश्व कप में डेब्यू किया था।

रोनाल्डो लगातार पांच विश्व कप में हिस्सा ले चुके हैं, हालांकि उन्होंने अभी तक विश्व कप जीत नहीं पाया है।

2006 में पुर्तगाल सेमीफाइनल तक पहुंचा था, लेकिन उसके बाद क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाया। रोनाल्डो ने अब तक विश्व कप में 22 मैच खेले हैं और उन्होंने 8 गोल किए हैं।

इस बार रोनाल्डो अंतिम विश्व कप खेलेंगे और उनके प्रशंसक एवं फुटबॉल प्रेमी कामना कर रहे हैं कि वे विश्व कप जीतें।

लुका मोड्रिच

40 वर्षीय मोड्रिच ने 2006 से विश्व कप यात्रा शुरू की, और 2014 व 2018 के विश्व कप में अहम भूमिका निभाई। 2018 में क्रोएशिया उपविजेता बनी और मोड्रिच को गोल्डन बॉल दिया गया।

2022 के कतर विश्व कप में क्रोएशिया ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था, जहां मोड्रिच को ब्रॉन्ज़ बॉल मिला था। 2026 में मोड्रिच अपनी टीम की कप्तानी करते हुए पांचवीं बार विश्व कप खेलेंगे।

गुइलेर्मो ओचोआ

40 वर्षीय मेक्सिकन गोलकीपर ओचोआ ने 2006 और 2010 के विश्व कप में टीम के सदस्य रहे लेकिन कोई मैच नहीं खेल पाए। उन्होंने 2014, 2018 और 2022 के विश्व कप में नियमित रूप से गोलकीपर के रूप में खेला है।

2022 के कतर विश्व कप में ओचोआ ने ग्रुप स्टेज के 3 मैच खेले और पोलैंड के कप्तान रॉबर्ट लेवानडोव्स्की का पेनल्टी बचाया।

एक साथ पांच विश्व कप टीमों में होने के बावजूद ओचोआ ने केवल तीन संस्करण में मौका पाया और कुल 11 विश्व कप मैच खेले हैं।

इरान: हम फिर से युद्ध नहीं चाहते, लेकिन हमला हुआ तो पूरा जवाब देंगे

२३ जेठ, काठमाडौं । इरान ने नए युद्ध की इच्छा न होने के बावजूद, यदि उस पर हमला होता है तो पूरी ताकत से जवाब देने की बात कही है। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इरान की स्थिति स्पष्ट रूप से व्यक्त की है। देश पर किसी भी प्रकार के आक्रमण या दबाव के मामले में तेहरान अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

वहीं, ट्रंप प्रशासन ने इरान की ऊर्जा और बैंकिंग क्षेत्र को निशाना बनाते हुए नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने दक्षिण और पूर्वी एशिया में करोड़ों डॉलर के इरानी एलपीजी बिक्री नेटवर्क पर कार्रवाई की है। अमेरिका आरोप लगाता है कि इरानी गैस को जानबूझकर ओमान के एलपीजी के रूप में बेचा गया है और उसकी असली पहचान छिपाई गई है। कुल १२ संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनमें ५ कंपनियां मार्शल आइलैंड्स, ४ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और १ चीन में स्थित हैं।

इसके साथ ही ६ जलयान भी प्रतिबंधित किए गए हैं, जिनमें ४ पनामा ध्वज वाले टैंकर शामिल हैं। अमेरिकी नाकाबंदी के प्रभाव से मई महीने में इरान का कच्चा तेल निर्यात ८४ प्रतिशत तक घट गया है। लोज्ड्स लिस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए इरान अब बड़े टैंकरों की जगह छोटे जहाजों से तेल भेज रहा है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने होर्मुज जलसंधि क्षेत्र में भेजे गए इरान के चार एकतरफा आक्रमण ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। सेंट्रल कमांड के अनुसार ये ड्रोन क्षेत्र की समुद्री यातायात के लिए तत्काल खतरा थे। इसके बाद अमेरिका ने अपनी सेना के जरिए गॉरक और केश्म द्वीपों पर स्थित इरानी तटीय निगरानी रडार साइटों पर हमला किया। सेंट्रल कमांड ने अमेरिकी सेना की सतर्कता और आत्मरक्षा के लिए तैयार रहने की जानकारी भी दी है, ताकि इरान के अनुचित हमलों का जवाब दिया जा सके।

शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर अमेरिका-इरान के बीच कोई समझौता होता है तो वे इरान के सर्वोच्च नेता से मिलने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इरान से संवर्धित युरेनियम लेने के लिए सेना भेजने की योजना बनाई गई थी, लेकिन जोखिम अधिक होने के कारण इसे रद्द कर दिया गया। इसी बीच, आयरलैंड ने इज़राइल के दो कट्टरपंथी मंत्रियों इटामार बेन-ग्वायर और बेंजामिन स्मोट्रिच को देश में प्रवेश से रोक दिया है। आयरलैंड सरकार का दावा है कि ये दोनों नेता फिलिस्तीनियों के प्रति घृणा और हिंसा को बढ़ावा देते हैं। (एजेंसियों की सहायता से)

पूर्वाधार कार्यों में देरी और सुस्ती समाप्त करने के लिए सरकार ला रही है कानून और प्रबंधन प्रणाली

बड़ी परियोजनाओं में होने वाली देरी और विवादों का शीघ्र समाधान करने और उनकी पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ‘सहजीकरण अधिनियम’ और ‘पूर्वाधार न्यायाधिकरण’ के निर्माण की तैयारियां की जा रही हैं, अधिकारियों ने जानकारी दी है। विशेष रूप से राष्ट्रीय गौरव की परियोजनाओं में सामने आने वाली ये समस्याएं आम जनता के लिए कठिनाइयाँ उत्पन्न करती रही हैं। लागत का अत्यधिक होना और इससे आय पर पड़ने वाला प्रभाव भी एक गंभीर विषय है। प्रतिनिधि सभा पूर्वाधार विकास समिति के सभापति आशिष गजुरेल ने बताया कि आगामी १० वर्षों में इस तरह के ‘सनसेट कानून’ लाने की योजना है। “पांच वर्षों में ७ प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य रखने वाली रास्वपा सरकार तेजी से पूर्वाधार विकास नहीं करेगी या बड़े पूंजीगत खर्च किए बिना यह लक्ष्य हासिल नहीं कर सकती,” गजुरेल ने कहा। “इस प्रकार का कानून लागू होने के बाद अन्य बाधात्मक कानून निष्क्रिय हो जाएंगे और पूर्वाधार कार्यों को गति मिलेगी।”

प्रक्रियागत बाधाओं को हटाने के लिए बनाया जा रहा ‘विकास परियोजना प्रबंधन और कार्यान्वयन सहजीकरण अधिनियम’ का मसौदा नेपाल राष्ट्रीय योजना आयोग के अंतर्गत अर्जुनजंग थापा की संयोजकता वाली समिति द्वारा चर्चा के लिए तैयार किया गया है। यह मसौदा २०८० साल में तैयार किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री एवं मन्त्रिपरिषद् कार्यालय, संबंधित मंत्रालय और सार्वजनिक खरीद निगरानी कार्यालय के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए थे। “हमारे वन, पर्यावरण, खरीद, गुठी आदि कानून पर्याप्त हैं। कुछ प्रावधान ही विकास निर्माण में जटिलता पैदा करते हैं। हमारी सरकार ने उन विषयों में पहले ही सुधार कर दिए हैं,” योजना आयोग के सदस्य थापा ने कहा।

“यह कुछ व्यवहारिक समस्याओं का समाधान करेगा, जैसे समय पर निर्णय न लेना, अनुमति में देरी होना, पत्थर और बजरी की उपलब्धता न होना, पेड़ काटने का कार्य, पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन में विलंब जैसे मुद्दे।” प्रधानमंत्री के नेतृत्व में निदेशक समितियां गठित की गई हैं। यदि कोई संस्था निर्धारित समय में काम पूरा नहीं करती है तो वे समितियां दंड और सजा सहित स्वीकृति देने का अधिकार रखेंगी। थापा के अनुसार, इस कानून के लागू होने के बाद इस प्रकार के मामले अक्सर प्रधानमंत्री तक पहुंचाए जाएंगे। वर्तमान में लांगटाङ राष्ट्रीय निकुञ्ज में वन मंत्रालय ने मंजूर की हुई तीन परियोजनाएं बिना स्पष्ट कारण के रोक दी गई हैं।

पूर्वाधार न्यायाधिकरण की स्थापना आवश्यक बताते हुए विकास निर्माण से जुड़ी मामलों में सामान्य अदालतों की जटिल प्रक्रिया के कारण त्वरित समाधान न होने की बात प्रवक्ता रामहरी पोखरेल ने कही। “विशेषज्ञ न्यायाधीशों की सहभागिता से समस्याओं का त्वरित और सही समाधान होगा,” उन्होंने कहा। उन्होंने बताया कि ठेका विवाद समय पर न सुलझने से कार्य में विलंब होता है। गजुरेल ने कहा, “बड़ी पूर्वाधार समस्याओं के मामलों का सामान्य अदालतों में लंबित रहना प्रक्रिया को बाधित करता है।”

“नदी-जनित विषय, लागत वृद्धि, समय सीमा बढ़ाने और वन संबंधी मामलों को भी यह प्रणाली समग्र रूप से सुलझाएगी।”

कक्रोच जनता पार्टी आज प्रदर्शन करेगी

२३ जेठ, काठमाडौं । व्यंगात्मक ऑनलाइन मोर्चा ‘कक्रोच पिपल्स पार्टी’ आज नई दिल्ली स्थित जन्तर मंतर में प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। शिक्षामंत्री के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का पार्टी ने स्पष्ट किया है। प्रदर्शन की अनुमति भी प्राप्त हो चुकी है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिप्के शुक्रवार को अमेरिका से भारत वापस आए हैं। बोस्टन विश्वविद्यालय के ३० वर्षीय स्नातक डिप्के ने ऑनलाइन आंदोलन का समर्थन करते हुए भारत आगमन किया है। वे इससे पहले राजनीतिक संचार रणनीतिकार के तौर पर आम आदमी पार्टी के सहयोगी भी रह चुके हैं। उन्होंने १६ मई को व्यंगात्मक रूप में ‘कक्रोच जनता पार्टी’ (सिजेपी) की स्थापना की थी। सिजेपी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शैली में ऑनलाइन गतिविधियों का विस्तार किया है। यह अभियान सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा युवाओं के लिए ‘कक्रोच’ और ‘परजीवी’ कहे गए बयान के बाद शुरू हुआ था। बाद में यह बयान संदर्भ से बाहर जाने की बात कही गई थी।

सिजेपी ने कम समय में सोशल मीडिया पर बड़ी लोकप्रियता हासिल की है। भारत में इसके इंस्टाग्राम खाते के दो करोड़ २० लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। यह संख्या भाजपा के ९० लाख और कांग्रेस के एक करोड़ ३० लाख से अधिक है। डिप्के शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के परीक्षा अनियमितता के आरोपों के कारण उनके इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर अपने कानूनी प्रक्रिया में विश्वास व्यक्त करते हुए दिल्ली में भीड़ न करने का समर्थकों से अनुरोध किया है। लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वाङचुक भी शनिवार के प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले हैं। भारत में सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी के बीच सिजेपी के कई हैंडल अवरुद्ध किए जाने के बावजूद इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

असहज पड़ोसी: विश्व कप की मेजबानी करने वाले तीन देशों के बीच एक महीने के लिए विवाद थम सकता है?

इसे एक ऐसे रात्रि भोज के रूप में सोचें जहाँ आप पहुंचते हैं और मेजबान ही एक-दूसरे से विवाद कर रहे होते हैं। उत्तर अमेरिका में पहली बार संयुक्त रूप से आयोजित हो रहे फुटबॉल विश्व कप को देखने आने वाले समर्थकों को तीन पड़ोसी देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के १६ शहरों में यह प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। दिसंबर में तीनों देशों के नेता वाशिंगटन डीसी में एकत्रित हुए और फीफा के प्रमुख जियानी इन्फैंटिनो के साथ ‘सेल्फी’ लेकर विवादों को दूर रखने का प्रयास किया गया। लेकिन ३९ दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए सहयोग की चुनौती बेहद जटिल होगी।

संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उत्तर अमेरिका में अपने देश के प्रभुत्व का दावा किया है। इसका मतलब है कि यदि ट्रम्प पुनः सत्ता में आते हैं तो व्यापार, आव्रजन और मादक पदार्थ तस्करी जैसे वास्तविक तनाव के मुद्दे फिर से सामने आ सकते हैं। दूसरी ओर, यदि सही तरीके से काम किया गया तो तीनों देशों के बीच निकटता भी विकसित हो सकती है। व्यापार और पर्यटन में तनाव है, हालांकि ट्रम्प ने मेक्सिको और कनाडा को अमेरिका के प्रमुख व्यापार साझेदार के रूप में रखा है और इन्हीं दोनों देशों पर पहला अतिरिक्त सीमा शुल्क लगाया गया है।

विश्व कप फुटबाल के इतिहास में पहली बार तीन देशों में संयुक्त रूप से आयोजन हो रहा है। २०२६ का विश्व कप पूरी तरह से महाद्वीप में फैला रहेगा, जिसमें विभिन्न निकाय सम्मिलित हैं। एक देश से दूसरे देश तक समर्थकों की यात्रा के दौरान अमेरिकी आव्रजन एजेंसियों के लिए प्रबंध करना बड़ी चुनौती होगी। इस बात को लेकर पहले ही कई चिंताएं जाहिर की गई हैं। ईरान के साथ विवाद ने अमेरिकी सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाया है, जिससे नई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं और सामान्य घटनाएं भी विवादास्पद बन सकती हैं।

प्रत्येक देश के नेता इस प्रतियोगिता के माध्यम से पड़ोसी देशों के साथ सहयोग प्रदर्शित करने और घरेलू आलोचना को रोकने के लिए अपनी छवि मजबूत करने का प्रयास करेंगे। मेक्सिको में मेजबानी को लेकर अनिश्चितता और निराशा नजर आ रही है। राजधानी के मुख्य हवाई अड्डे की तैयारी की स्थिति, सार्वजनिक परिवहन पर दबाव और पुनर्निर्मित एस्टेका स्टेडियम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा यहाँ के प्रमुख शिक्षक संघ ने पेंशन तथा अन्य सेवा सुविधाओं की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू किया है, जो खेल आयोजन के प्रमुख मार्गों को अवरुद्ध करने का खतरा पैदा कर सकता है।

तीनों देशों की नजरें विश्व कप से कहीं आगे भी हो सकती हैं। विश्लेषक मानते हैं कि यदि इस टूर्नामेंट का आयोजन सफलतापूर्वक हो गया तो तीनों पड़ोसी देशों के बीच अन्य क्षेत्रों में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। ये तीनों देश वर्तमान में यूएसएमसीए के पुनरीक्षण के चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं, जो उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता है। इस पुनरावलोकन ने १९९४ से जारी व्यापार संबंधों को अस्थिर बना दिया है।