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लेखक: space4knews

प्रथम छायाँनाथ अल्ट्रा रेस ३ जेठ को आयोजित की जाएगी

मुगूम कार्मारोंग गाउँपालिका ने ३ जेठ को छायाँनाथ केंद्रित ३० किलोमीटर लंबी प्रथम छायाँनाथ अल्ट्रा रेस आयोजित करने की जानकारी दी है। प्रतियोगिता में महिला और पुरुष दोनों वर्गों में दौड़ आयोजित की जाएगी, वहीं स्थानीय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए ५ किलोमीटर का फन रन भी रखा गया है। विजेताओं को २ लाख से लेकर ५० हजार रुपये तक नकद पुरस्कार और मेडल प्रदान किए जाएंगे। इस प्रतियोगिता पर कुल खर्च लगभग ९८ लाख रुपये अनुमानित है।

१० वैशाख, काठमांडू। मुगूम कार्मारोंग गाउँपालिका प्रथम छायाँनाथ अल्ट्रा रेस आयोजित करने वाला है। गाउँपालिका ने पत्रकार सम्मेलन के माध्यम से बताया कि आगामी जेठ ३ गते पुलु में यह प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। छायाँनाथ धाम (एब्लाङ) केंद्रित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य, हिमालयी भू-परिसर और धार्मिक आस्था का संगम है। हालांकि, पर्याप्त बुनियादी ढांचा और प्रचार की कमी के कारण इसकी पूरी संभावनाएं उजागर नहीं हो पायी हैं, ऐसा गाउँपालिका ने बताया है।

इस क्षेत्र की संभावनाओं को बढ़ावा देते हुए साहसिक खेलों के माध्यम से खेल पर्यटन के विकास के उद्देश्य से यह अल्ट्रा रेस आयोजित की जा रही है। मुगूम कार्मारोंग गाउँपालिका और ऑल नेपाल स्पोर्ट्स फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता को नेपाल एडवेंचर रनिंग महासंघ तकनीकी सहायता देगा। किम्रि (२८८० मीटर) से शुरू होकर यह ३० किलोमीटर लंबी दौड़ छायाँनाथ (४८२० मीटर) और चिताइकुना (२४४० मीटर) होते हुए पुलु (२२५५ मीटर) पर समाप्त होगी। प्रतियोगिता में महिला और पुरुष दोनों वर्गों में प्रतिस्पर्धा होगी।

स्वास्थ्यकर्मीसँग युवा अभियन्ताले मागे माफी, स्वास्थ्य सेवा नियमित

स्वास्थ्यकर्मीमाथि अभद्र व्यवहार करने युवाओं ने माफी मांगी, स्वास्थ्य सेवा पुनः नियमित

कणार्ली स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान के स्वास्थ्यकर्मीमाथि अभद्र व्यवहार करने वाले युवाओं ने माफी मांगने के बाद अस्पताल की सेवाएं पुनः नियमित हो गई हैं। युवा अभियन्ता उपेन्द्र बुढथापा और नरेन्द्र बुढथापाने चिकित्सकों को असुरक्षित महसूस कराने वाले किसी भी कार्य को न करने का लिखित प्रतिबद्धता व्यक्त की है। स्वास्थ्यकर्मियों ने सुरक्षा की गारंटी मांगते हुए आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर अन्य सेवाएं ठप कर दी थीं, जिसके बाद वार्ता के माध्यम से सेवाएं पुनः शुरू हुईं। १० वैशाख, काठमाडौं।

बुधवार ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों के साथ उन युवाओं द्वारा दुर्व्यवहार और धमकी दी गई थी। इसके पश्चात स्वास्थ्यकर्मियों ने सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की मांग करते हुए गुरुवार सुबह से आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर अन्य सेवाएं ठप कर दी थीं। प्रतिष्ठान के रजिस्ट्रार एवं प्रवक्ता लक्ष्मीचन्द्र महत के अनुसार अभद्र व्यवहार करने वाले युवाओं और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच सहमति बनने के बाद प्रतिष्ठान की सभी सेवाएं पुनः नियमित हुई हैं।

‘युवाओं ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसा व्यवहार न करने की बात कही और माफी मांगी,’ महत ने बताया, ‘पीड़ित (डॉक्टर) ने इस मुद्दे को अधिक न बढ़ाते हुए समझौते पर पहुंचने का निर्णय लिया है। इसके बाद सेवाएं पुनः शुरू की गई हैं।’ सामाजिक अभियान्ताओं के नाम पर कुछ युवाओं ने प्रतिष्ठान के विभिन्न विभागों में जाकर स्वास्थ्यकर्मियों पर गालियां और धमकियां दी थीं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा सेवाएं ठप करने के बाद सुबह १० बजे से वार्ता शुरू हुई थी। प्रतिष्ठान के उपकुलपति डा. पुजन रोकाया, रजिस्ट्रार महत, डीन डा. प्रेनित पोखरेल और विवेक पुन मगर सहित एक टोली ने इस वार्ता का सफल संचालन किया।

तनहुँ में ई-पेंशन सेवा शुरू हुई

संघीय सरकार के अर्थ मंत्रालय द्वारा शुरू की गई ई-पेंशन सेवा तनहुँ जिले में लागू हो गई है। भानु नगरपालिका के सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी ध्रुवराज पौडेल इस सेवा के पहले लाभार्थी बने हैं। कोष तथा लेखा नियंत्रक कार्यालय तनहुँ ने ई-पेंशन सेवा को सेवाग्राही मैत्री और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की है। १० वैशाख, दमौली (तनहुँ)।

जिले में लागू इस सेवा के अंतर्गत, भानु नगरपालिका से सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी ध्रुवराज पौडेल पहले सेवाग्राही के रूप में पंजीकृत हुए हैं। प्रस्थानपत्र प्राप्त करते हुए प्रथम सेवाग्राही बनने पर पौडेल ने गर्व महसूस किया। उनके अनुसार अब कोष तथा लेखा नियंत्रक कार्यालय (कोलेनिका) के माध्यम से अधिकारपत्र के साथ-साथ संचयित छुट्टियां और उपचार खर्च भी एक ही स्थान से प्राप्त किया जा सकेगा। इससे समय, मेहनत और खर्च की बचत होगी, साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग से सेवा प्रदान करना और भी सुगम हो जाएगा।

कोष तथा लेखा नियंत्रक कार्यालय तनहुँ (कोलेनिका) के प्रमुख अशोकराज खनाल ने बताया कि ई-पेंशन सेवा को सेवाग्राही मैत्री और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, ‘डिजिटल माध्यम से पेंशन संबंधी सेवा प्रदान करने पर सेवाग्राही को तेज़, सहज और झंझट मुक्त सेवा मिलेगी। इससे सुशासन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।’

संविधान संशोधन बहसपत्र तैयारी कार्यदल की बैठक जारी

प्रधानमंत्री बालेन शाह के राजनीतिक सलाहकार असिम साह की संयोजकता में संविधान संशोधन बहसपत्र तैयार करने वाले कार्यदल की बैठक सिंहदरबार में शुरू हो गई है। कार्यदल संविधान संशोधन बहसपत्र तैयार कर प्रस्तुत करेगा। १० वैशाख, काठमांडू। संविधान संशोधन बहसपत्र तैयार करने वाले कार्यदल की बैठक शुरू हो चुकी है। प्रधानमंत्री बालेन शाह के राजनीतिक सलाहकार असिम साह की अध्यक्षता में गठित इस कार्यदल की बैठक प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय, सिंहदरबार में आयोजित की गई है। यह कार्यदल संविधान संशोधन बहसपत्र तैयार कर पेश करेगा।

विद्यालय शिक्षा: नए शैक्षिक सत्र की तिथि निर्धारण में बालेन्द्र शाह सरकार की गलती

नए शैक्षिक सत्र संचालन से संबंधित केंद्र सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों की अवज्ञा करने की घोषणा कई स्थानीय तहों ने की है, जिसके विषय में विशेषज्ञों ने कहा कि ‘अपरिपक्व तरीके से’ लिया गया यह निर्णय विद्यार्थियों की शिक्षा और विद्यालय संचालन प्रक्रियाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। केंद्र सरकार ने विद्यालयों को वैशाख 15 से नामांकन शुरू करने तथा वैशाख 21 से पढ़ाई शुरू करने के निर्देश दिए थे। वैशाख के पहले सप्ताह में, गाउँपालिका राष्ट्रिय महासंघ और नेपाल नगरपालिका संघ ने “स्थानीय कानून, परिवेश, जरूरत और अभिभावकों से परामर्श के आधार पर नामांकन प्रक्रिया शुरू कर पढ़ाई संचालित करने” के लिए सभी स्थानीय तहों से अनुरोध किया था। उसी निर्णय के अनुसार, काठमांडू उपत्यका के स्थानीय तहों ने वैशाख 11 से नए नामांकन अभियान शुरू करने और 15 से नियमित रूप से पढ़ाई संचालित करने के निर्देश दिए हैं। कुछ विद्यालयों में इसी सप्ताह पढ़ाई शुरू हो चुकी है। शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि ‘राष्ट्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए’ सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय संवेदनशीलता से भरा है और विद्यालयों से इसकी पालना की अपेक्षा की जाती है।

नेपाल के संविधान २०७२ की अनुसूची 8 ने आधारभूत और माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधन को स्थानीय तहों के अधिकार क्षेत्र में रखा है। बालेन्द्र शाह ‘बालेन’ के प्रधानमंत्री बनने के बाद विद्यालयों के नए नामांकन और पढ़ाई शुरू होने की तिथि को लेकर सरकार के निर्णय पर स्थानीय सरकारों ने गंभीर असंतोष जताया है। बुधवार को काठमांडू उपत्यका मेयर्स फोरम की बैठक में उपत्यका के सभी पालिकाओं को शुक्रवार से विद्यालयों में नामांकन शुरू करने और 15 से नियमित पढ़ाई शुरू करने का अनुरोध किया गया था। फोरम के अध्यक्ष चिरीबाबु महर्जन ने कहा, “संघीय सरकार के इस निर्णय से स्थानीय पालिकाओं के कक्षा 12 तक के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, और दिए गए तर्क पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए हमने 15 तारीख से कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया है।”

शिक्षा नियमावली के तहत बनाए गए विभिन्न मानकों ने वार्षिक पढ़ाई के कार्यक्रम के बारे में स्पष्टता प्रदान की है। पाठ्यक्रम के अनुसार एक वर्ष में 220 दिन विद्यालय संचालन और 192 दिन पढ़ाई अनिवार्य है। विद्यालय शिक्षा विशेषज्ञ धनन्जय शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा जारी परिपत्र के माध्यम से स्थानीय निकायों के स्वायत्त अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, जो कि गलत है। उन्होंने कहा, “पाठ्यभार के अनुसार, विद्यालयों द्वारा रविवार को छुट्टी देने के बावजूद कम से कम 192 दिन विद्यालय खुलना चाहिए, यह शिक्षा नियमावली में सुनिश्चित है, और यह निर्णय इससे टकराता है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, सीखने और विद्यालय संचालन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”

शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने केंद्र सरकार द्वारा शैक्षिक सत्र के कैलेंडर में लिए गए निर्णय का समर्थन किया है। मंत्रालय के प्रवक्ता शिवकुमार सापकोटाले कहा, “सरकार ने देश की वर्तमान परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है और इसका क्रियान्वयन तत्कालीन निकायों को दिया गया है। सरकार के इस निर्णय की गंभीरता और संवेदनशीलता को समझकर इसे लागू करना आवश्यक है।”

नासाको अधुरो ‘अन्तरिक्ष माकुरा’ सपनालाई चिनियाँ वैज्ञानिकले मूर्त रूप दिने

चीन के वैज्ञानिकों ने नासा के अलपत्र पड़े ‘अंतरिक्ष मकड़ी’ परियोजना का सपना साकार किया

चीन के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में सौर ऊर्जा स्टेशन और विशाल एंटीना बनाने के लिए थ्रीडी-प्रिंटेड कनेक्टरयुक्त मज़बूत ट्यूब तकनीक विकसित की है। यह तकनीक अंतरिक्ष में पार्ट्स को जोड़ने और सैकड़ों मीटर लंबी संरचनाएं बनाने में सक्षम होगी, जो अमेरिकी नासा की ‘स्पाइडरफैब’ परियोजना के सपने को पुनः जीवित करेगी। स्यानयांग इंस्टीट्यूट ने छोटे एंटीना संरचना का सफल प्रयोगशाला प्रदर्शन कर लिया है और इसे आने वाली पीढ़ी के अंतरिक्ष सिस्टम के लिए आधारभूत तकनीक माना जा रहा है। १० वैशाख, काठमांडू।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कई वर्ष पहले शुरू की गई ‘स्पाइडरफैब’ परियोजना को अब चीन के वैज्ञानिकों की सक्रियता के कारण चर्चा में ला दिया है। इस परियोजना में मकड़ी जैसे दिखने वाले रोबोट द्वारा अंतरिक्ष में ही सौर ऊर्जा स्टेशन और विशाल एंटीना बनाने की कल्पना की गई थी। नासा का यह सपना अब तक पूरे अंतरिक्ष तक नहीं पहुंच पाया, लेकिन चीन के उत्तरी हिस्से में स्थित स्यानयांग इंस्टीट्यूट ऑफ ऑटोमेशन के वैज्ञानिकों ने इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवश्यक मुख्य तकनीकों को विकसित करने का दावा किया है। हाल ही में ‘स्पेस: साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, चीनी शोध टीम ने कार्बन फाइबर कंपोजिट से मजबूत और खोखले ट्यूब तैयार कर उन्हें थ्रीडी-प्रिंटेड कनेक्टर्स के माध्यम से जोड़ने की तकनीक विकसित की है।

इस प्रक्रिया में लेजर का उपयोग करके ट्यूब्स और जोड़ों को बोल्ट या गोंद के बिना ही मजबूती से जोड़ा जाता है। यह तकनीक अंतरिक्ष में बहुत हल्की लेकिन मजबूत संरचनाएं निर्माण करने में सक्षम होगी। वर्तमान अंतरिक्ष तकनीक में सबसे बड़ी चुनौती रॉकेट के सीमित आकार और प्रक्षेपण के दौरान लगने वाले तीव्र बल हैं। पृथ्वी पर बनी बड़ी संरचनाओं को रॉकेट में फिट करना कठिन होता है और प्रक्षेपण के दबाव से नाजुक उपकरण खराब हो सकते हैं। लेकिन चीन के वैज्ञानिकों की नई तकनीक अंतरिक्ष में ही पार्ट्स को सीधे बनाकर, जोड़कर और स्थापित करके, सैकड़ों मीटर लंबी संरचनाओं का सहज निर्माण संभव बनाएगी। स्यानयांग इंस्टीट्यूट, जो 2022 से अमेरिकी प्रतिबंध सूची में है, ने इस तकनीक को आने वाले दौर के अंतरिक्ष प्रणालियों के लिए आधारभूत तकनीक बताया है। प्रयोगशाला में छोटे एंटीना संरचनाओं का निर्माण कर इस अवधारणा का सफल प्रदर्शन भी कर दिया गया है। यदि यह तकनीक पूर्णतया क्रियान्वित हो जाती है, तो यह अंतरिक्ष अन्वेषण, संचार और सौर ऊर्जा संग्रहण के लिए विशाल संरचनाओं के निर्माण में विश्वव्यापी प्रतिस्पर्धा में एक नया आयाम जोड़ने वाली है।

शेयर बाजार में गिरावट जारी, नेप्से 2787 अंकों पर लुढ़का

नेप्से सूचकांक 10 वैशाख को 17.01 अंकों की गिरावट के साथ 2787 अंकों पर पहुंच गया है। बाजार में 46 कंपनियों के शेयर मूल्यों में वृद्धि हुई जबकि 216 कंपनियों के शेयर मूल्य कम हुए हैं। सूर्यकुंड हाइड्रो इलेक्ट्रिक का मूल्य सबसे अधिक 11.79 प्रतिशत घटा है। 10 वैशाख, काठमांडू। गुरुवार को भी शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। इस दिन नेप्से सूचकांक पिछले दिन की तुलना में 17.01 अंक गिर गया। पिछले चार कारोबारी दिनों से बाजार लगातार नीचे आ रहा है। पिछले दिन 2804 अंक था, जो आज 2787 अंक हो गया है। कारोबार राशि भी महत्वपूर्ण रूप से घट गई है। पिछले दिन 7 अरब 81 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था, जबकि आज मात्र 5 अरब 9 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।

46 कंपनियों के शेयरों के मूल्य में वृद्धि हुई, जबकि 216 कंपनियों के मूल्य घटे और 7 कंपनियों का मूल्य स्थिर रहा। उत्पादन एवं प्रसंस्करण समूह में 0.60 प्रतिशत और व्यापार समूह में 0.43 प्रतिशत की वृद्धि हुई। होटल एवं पर्यटन समूह में सबसे अधिक 1.42 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग समूह 0.77, विकास बैंक 0.08, फाइनेंस 1.06, हाइड्रोपावर 1.05, निवेश 0.53, जीवन बीमा 0.43, माइक्रोफाइनेंस 0.53, गैर-जीवन बीमा 1.19 और अन्य समूहों में 0.85 प्रतिशत की गिरावट हुई है। दो कंपनियों के मूल्य 15 प्रतिशत तक बढ़े हैं, जिनमें पाल्पा सिमेंट इंडस्ट्रीज और शिखर पावर शामिल हैं। इसी प्रकार, कॉर्पोरेट डेवलपमेंट बैंक का मूल्य 9.24 प्रतिशत और नारायणी डेवलपमेंट बैंक का 5 प्रतिशत बढ़ा है। सूर्यकुंड हाइड्रो इलेक्ट्रिक का मूल्य सबसे अधिक 11.79 प्रतिशत गिरा है। सुपर खुदी हाइड्रोपावर का मूल्य 7.17, गणपति लघुवित्त का 6.38 तथा रिजलाइन एनर्जी का 5.33 प्रतिशत गिरा है। आज सबसे अधिक कारोबार करने वाली कंपनियों में रिलायंस स्पिनिंग मिल्स, सोलु हाइड्रोपावर, आँखुखोला जलविद्युत कंपनी, होटल फोरेस्ट इन और नेशनल हाइड्रोपावर शामिल हैं।

लुम्बिनी प्रदेश सभा का चालू अधिवेशन समाप्त

लुम्बिनी प्रदेश सभा का चालू अधिवेशन समाप्त कर दिया गया है। प्रदेश मंत्रिपरिषद् की सिफारिश और मुख्यमंत्री चेतनारायण आचार्य के अनुरोध पर अधिवेशन समाप्त किया गया है। १० वैशाख को बुटवल में हुई १६वीं बैठक में जिला सभा तथा जिला समन्वय समिति संचालन सम्बन्धी ऐन, २०७५ संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया गया है।

प्रदेश प्रमुख कृष्णबहादुर घर्ती मगर ने १० तारीख को गुरुवार रात १२ बजे से लागू होने के लिए अधिवेशन समाप्त करने की जानकारी प्रदेश प्रमुख के कार्यालय के प्रवक्ता कमल ज्ञवाली द्वारा प्रदान की है। शीतकालीन अधिवेशन में कुल १६ बैठकें आयोजित हुई थीं। गुरुवार सुबह साढ़े ११ बजे हुई १६वीं बैठक में सभामुख तुलाराम घर्ती मगर ने अधिवेशन समाप्ति संबंधी पत्र पढ़कर सुनाया था।

बैठक में भौतिक पूर्वाधार विकास मंत्री भूमिश्वर ढकाल ने विधेयक की चर्चा करके पारित करने का प्रस्ताव रखा था। सभामुख घर्ती ने उक्त प्रस्ताव को निर्णयार्थ प्रस्तुत करते हुए सर्वसम्मति से पारित होने की घोषणा की। बैठक में प्रदेश सभा के सदस्य वसन्ती न्यौपाने, अम्बिका काफ्ले, यमुना रोका तामाङ, भण्डारीलाल अहिर, शान्ति लोध, भगवती अधिकारी ने समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार भी व्यक्त किए।

पालान्टिर के ‘पश्चिम समर्थक घोषणापत्र’ ने क्यों मचाई हलचल?

१० वैशाख, काठमाडौं। पालान्टिर टेक्नोलोजीज ने अपने सीईओ एलेक्स कार्प और कॉर्पोरेट अफेयर्स प्रमुख निकोलस जामिस्का द्वारा लिखित पुस्तक ‘द टेक्नोलॉजिकल रिपब्लिक’ का सारांश सोशल मीडिया पर साझा किया है। इस पुस्तक में व्यक्त किए गए कई विचार सामान्य टेक कंपनियों की सोच से काफी भिन्न हैं। इसमें राष्ट्रीय सेवा (नेशनल सर्विस) शुरू करने की बात, रक्षा क्षेत्र में भागीदारी टेक कंपनियों की नैतिक जिम्मेदारी बताई गई है और स्वतंत्र तथा लोकतांत्रिक शक्तियों की विजय के लिए ‘हार्ड पावर’ की आवश्यकता पर बल दिया गया है। साथ ही सार्वजनिक जीवन में धर्म को अपनाने की बात भी इस पुस्तक ने समर्थन की है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादास्पद आव्रजन दबावों का समर्थन करने और गाजा तथा कब्ज़ा किए गए वेस्ट बैंक में इजरायली सेना की कार्रवाई का साथ देने के कारण यह पुस्तक वैश्विक आलोचना के दौर से गुजर रही है। ऐसे संवेदनशील समय में पालान्टिर ने यह २२ बिंदुओं वाला घोषणापत्र जैसा सामग्री जारी किया है। पुस्तक में मौजूद सांस्कृतिक पदानुक्रम (कल्चरल हायरेरकी) और इसके द्वारा रुढ़िवादी मानी जाने वाली संस्कृतियों पर दिया गया जोर कई लोगों के लिए चिंता का विषय बना है।

ऑनलाइन रिसर्च प्लेटफॉर्म बेलिंगकैट के संस्थापक इलियट हिगिंस ने व्यंग्य करते हुए कहा कि एक टेक कंपनी द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला करने वाला घोषणापत्र पोस्ट करना ‘पूरी तरह सामान्य’ बात हो गई है। उन्होंने कहा, ‘यह समझना जरूरी है कि यह तर्क कौन कर रहा है। पालान्टिर रक्षा, गुप्तचर, आव्रजन और पुलिस एजेंसियों को ऑपरेशनल सॉफ्टवेयर बेचता है। ये २२ बिंदु केवल दार्शनिक विचार नहीं, बल्कि एक ऐसी कंपनी का सार्वजनिक विचारधारा हैं जिनकी आय बिलकुल इसी राजनीतिक आधार पर निर्भर है।’

पुस्तक क्या कहती है? यह स्वतंत्र और लोकतांत्रिक समाज की रक्षा के लिए पहले इस्तेमाल किए जाने वाले ‘महत्वाकांक्षी भाषणबाजी’ से हटकर ‘हार्ड पावर’ (सैन्य और तकनीकी शक्ति) की आवश्यकता पर चर्चा करती है। साथ ही ‘आधुनिक राजनीति की मनोवैज्ञानिकरण’ की तंग आलोचना करती है। विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की गई है जो राजनीतिक प्रतिनिधित्व और पहचान के प्रति बहुत भावुक हैं। राजनीति में कम दिलचस्पी लेने की अपील को आलोचक पालान्टिर की विवादास्पद राजनीतिक स्थिति और स्वतंत्रता पर नियंत्रण लगाने वाली सरकारी नीतियों से ध्यान हटाने वाला एक तरीका मानते हैं। कुछ लोगों को चिंता है कि पुस्तक तकनीक क्षेत्र की राष्ट्र सुरक्षा में भागीदारी और एआई हथियार विकास की जरूरत को बढ़ावा दे रही है। पालान्टिर के पोस्ट ने ‘खोखले बहुलवाद और सतही समावेशिता’ की आलोचना करते हुए बताया है कि बहुलता की प्रतिबद्धता कुछ विशेष संस्कृतियों और उपसंस्कृतियों की असाधारण उपलब्धियों को अनदेखा कर देती है।

प्रतिक्रियाएँ कैसी हैं? वियना विश्वविद्यालय के तकनीकी दार्शनिक मार्क कोकेलबर्ग ने पालान्टिर के संदेश को टेक्नो-फासीवाद का उदाहरण बताया है। ग्रीक अर्थशास्त्री और पूर्व वित्त मंत्री यानिस वरौफाकिस ने कहा कि पालान्टिर ने ‘परमाणु विनाश के समय मानवता के अस्तित्व के लिए एआई-प्रेरित खतरे में वृद्धि’ की संकेत दी है। उद्यमी और भू-राजनीतिक टिप्पणीकार आर्नो बर्ट्रां ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पालान्टिर ने एक खतरनाक वैचारिक एजेंडा का खुलासा किया है और कहा, ‘वे कहना चाहते हैं कि हमारे उपकरण आपकी विदेश नीति का समर्थन करने के लिए नहीं, बल्कि हमारी नीतियों को लागू करने के लिए बनाए गए हैं।’

पालान्टिर क्या है? पालान्टिर टेक्नोलोजीज विश्व की सबसे प्रभावशाली डेटा विश्लेषण कंपनियों में से एक है, जो सरकार, सेना और वैश्विक निगमों के साथ बड़े समझौते करती है। २००३ में एलेक्स कार्प और पीटर थिल द्वारा स्थापित इस कंपनी ने सीआईए की वेंचर कैपिटल शाखा ‘इन-क्यू-टेल’ की मदद से अपनी शुरुआत की। इसका प्रारंभ गुप्तचर कार्यों के लिए ११ सितंबर २००१ के बाद हुआ और बाद में यूरोप, मध्य पूर्व सहित अन्य क्षेत्रों में फैल गया।

थिल अभी सक्रिय नहीं हैं, जबकि कार्प कंपनी के सार्वजनिक चेहरे हैं। कार्प के नेतृत्व में पालान्टिर ने इजरायल की साइबर-इंटेलिजेंस यूनिट ‘८२००’ के पूर्व सदस्यों का खूब उपयोग किया है। जनवरी २०२४ में कंपनी ने इजरायल के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की, जिसके बाद गाजा और कब्ज़ा किए गए वेस्ट बैंक में इसकी सक्रियता और बढ़ी। रुकें हुए संचार, उपग्रह आंकड़ों और अन्य डिजिटल स्रोतों को मिलाकर पालान्टिर ने इजरायली सेना के लिए लक्ष्यित डेटाबेस बनाए और ‘किल लिस्ट’ तैयार करने में मदद की। इसने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी गहरा संबंध बनाया, खासकर ट्रंप प्रशासन के समय। इसने वेस्ट बैंक में इजरायली कब्जा और गाजा में नरसंहार में भी इजरायल के सहयोग से काम किया।

एम्नेस्टी इंटरनेशनल जैसे अधिकारवादी समूहों के अनुसार, ‘पालान्टिर ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानकों की अनदेखी करने का रिकॉर्ड रखा है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका में आव्रजन संबंधित मानवाधिकार उल्लंघनों में योगदान दे सकता है और इजरायली सेना को एआई उत्पाद व सेवा लगातार प्रदान करता है, जो गाजा में नरसंहार को समर्थन देते हैं।’

इजरायल-अमेरिकी आरोपों के कारण पालान्टिर टेक्नोलोजीज विश्व स्तर पर आलोचनाओं का सामना कर रही है। अमेरिका में इसे आव्रजन प्रवर्तन और पुलिस संचालन के उपकरण देने का आरोप है, जो निजता और कानूनी प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं इजरायल में एआई और डेटा प्लेटफॉर्म गाजा में सैन्य ऑपरेशन्स के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं, जिनसे नरसंहार के लिए लक्षित निर्णय लेने का समर्थन होता है।

इस वर्ष की शुरुआत में एक संवाद में पालान्टिर के प्रवक्ता ने कहा था, ‘पालान्टिर इजरायल का समर्थन करता है। अक्टूबर ७ की भयावह घटनाओं ने हमें इजरायल का समर्थन करने के लिए प्रेरित किया। हम पश्चिम और उसके सहयोगियों का समर्थन करते हैं और इजरायल पश्चिम का एक महत्वपूर्ण साझेदार है।’ उन्होंने हमास के नेतृत्व में अक्टूबर ७, २०२३ को इजरायल पर हुए हमले का संदर्भ देते हुए इजरायल-गाजा युद्ध पर बात की थी।

यह घोषणा अभी क्यों सार्वजनिक की गई? पालान्टिर की राजनीति और इसका प्रभाव पश्चिमी देशों में चिंता और बहस का विषय बन रहा है। न केवल अमेरिकी डेमोक्रेट बल्कि जर्मनी, आयरलैंड और यूरोपीय संसद के राजनेताओं ने भी इस टेक कंपनी की आलोचना की है। जर्मन सांसद और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पालान्टिर के उत्पाद यूरोपीय संघ की सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते। ब्रिटेन में नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) द्वारा पालान्टिर की तकनीक को मंजूरी मिलने पर तीखी आलोचना हुई।

स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी ३३ करोड़ पाउंड की डील को तत्काल तोड़ने की मांग करने वाले सांसदों ने पिछले सप्ताह के बहस में पालान्टिर को ‘भयानक और शर्मनाक’ करार दिया, जिसके बाद सरकार ने भी स्वीकार किया कि वे इस अमेरिकी कंपनी की राजनीतिक विचारधारा का समर्थन नहीं करते। पालान्टिर टेक्नोलोजीज यूके के प्रमुख लुइस मोस्ले ने कंपनी की ओर से बताया कि वे मरीजों के डेटा की परवाह नहीं करते और उनकी तकनीक स्वास्थ्य सेवा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए मात्र एक उपकरण है।

संयुक्त राष्ट्रिय सुकुमवासी मोर्चाले भन्यो– प्रतिरक्षाका लागि जे पनि गर्न तयारी छौं

संयुक्त राष्ट्रीय सुकुमवासी मोर्चा रक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार

संयुक्त राष्ट्रीय सुकुमवासी मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि सरकार अगर जबरन बस्तियों को हटाने का प्रयास करती है तो वे इसका कड़ा विरोध करेंगे। मोर्चा की बैठक में यह बात चर्चा का विषय थी कि सरकार द्वारा लिया गया निर्णय आधिकारिक है या नहीं। प्रधानमंत्री शाह ने सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत में सूखुमवासी बस्ती खाली कराने के निर्देश दिए हैं। 10 वैशाख, काठमाडौँ।

संयुक्त राष्ट्रीय सुकुमवासी मोर्चा ने कहा है कि यदि सरकार बल प्रयोग कर बस्तियां हटाने का प्रयास करता है तो वे इसका सशक्त विरोध करेंगे। यह बैठक गुरुवार दोपहर शंखमुल स्थित एक कार्यालय में हुई, जिसमें इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई। मोर्चा के उपाध्यक्ष पवन गुरुङ का कहना है कि मीडिया में सरकार की तैयारी से संबंधित खबरें आने के बाद गुरुवार दोपहर में यह बैठक बुलायी गयी।

गुरुङ ने बताया, ‘बैठक में सबसे पहले यह सवाल उठा कि क्या सरकार का निर्णय आधिकारिक है या नहीं। यदि हमारी बस्तियों को जबरन हटाने की कोशिश होती है तो हम रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं। हम हर प्रकार से प्रतिरोध करेंगे। इस विषय पर हमारी बैठक में गंभीर चर्चा हुई है।’ प्रधानमंत्री शाह ने सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों के साथ हुई बैठक में आगामी शनिवार और रविवार को सूकुमवासी बस्ती खाली कराने के निर्देश दिए हैं।

१९ अत्यंत लोकप्रिय नेपाली पुस्तकें, क्या आपने पढ़ी हैं?


पुस्तकें ज्ञान का भंडार होती हैं। ये हमें विभिन्न दुनियाओं, संस्कृतियों और अनुभवों से परिचित कराती हैं। नेपाली साहित्य में समाज का जीवंत चित्रण करने वाली और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से छूने वाली कई पुस्तकें उपलब्ध हैं।

आज विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर हम यहाँ १९ नेपाली साहित्यिक कृतियों पर चर्चा कर रहे हैं।

१. मुनामदन

महाकवि लक्ष्मीप्रसाद देवकोटा की कालजयी खंडकाव्य मुनामदन नेपाली साहित्य की सबसे लोकप्रिय कृति है। झ्याउरे छंद में रचित इस काव्य में गरीबी के कारण परदेस जाने को मजबूर मदन और घर में बेचैनी से जूझती मुनाको का वियोग कथा प्रस्तुत है। यह ‘मानव बड़ा दिल से होता है, जाति से नहीं’ का मानवीय संदेश देता है और प्रेम और मानवता को धन से ऊपर मानता है।

२. सेतो धरती

अमर न्यौपाने द्वारा लिखा यह उपन्यास नेपाल में प्रचलित बाल विवाह और बाल विधवा की समस्याओं को अत्यंत मार्मिक तरीके से प्रस्तुत करता है। ९ वर्ष की विधवा ‘तारा’ के ८० वर्ष के जीवन सफर और उसकी मानसिक द्वंद्व पाठकों को भावुक कर देता है। वर्तमान में कान्तिपुर थिएटर में इस उपन्यास पर आधारित नाटक भी मंचित हो रहा है।

३. बसाइँ

लील बहादुर क्षेत्री की ‘बसाइँ’ नेपाली यथार्थवादी उपन्यास की एक मार्मिक रचना है। यह पूर्वी नेपाल के ग्रामीण परिवेश, सामंती उत्पीड़न और गरीबी के कारण अपनी मातृभूमि छोड़ने को मजबूर किसान परिवार की कहानी प्रस्तुत करता है।

४. शिरीषको फूल

पारिजात का यह उपन्यास नेपाली साहित्य को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाया है। इसमें द्वितीय विश्वयुद्ध से लौटे अवकाशप्राप्त सैनिक सुयोगवीर और रिक्तता में जी रही सकमबरी के जटिल संबंध की कथा है। अस्तित्ववाद और विसंगतिवाद के प्रभावों वाली यह कृति जीवन की निरर्थकता और शून्यता को दर्शाती है।

५. कर्नाली ब्लुज

कर्णाली परिप्रेक्ष्य में रचित यह उपन्यास पिता और पुत्र के संबंधों का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। एक दुर्गम जिले के छोटे शहर में संघर्ष कर रहे पिता के दृष्टिकोण और पुत्र की यादों के माध्यम से लेखक बुद्धिसागर ने मध्यमवर्गीय परिवार के सपनों और वास्तविकताओं को सरल, सुन्दर भाषा में प्रस्तुत किया है। इसका अंग्रेजी अनुवाद भी उपलब्ध है।

६. राधा

पौराणिक पात्र राधा को केंद्र में रखते हुए कृष्ण धरावासी ने लिखा यह उपन्यास महाभारत की कथा को नारीवादी दृष्टिकोण से पुनः व्याख्यायित करता है। लीलालयन शैली में लिखी इस कृति में राधा को कृष्ण की प्रतीक्षा मात्र नहीं बल्कि स्वतंत्र अस्तित्व और विचार रखने वाली क्रांतिकारी नारी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

७. पल्पसा क्याफे

दस वर्ष की सशस्त्र द्वंद्व के दौरान लिखा गया यह उपन्यास युद्ध के साये में प्रेम और कला की खोज करता है। कलाकार ‘दृশ্য’ और विदेश से लौटे ‘पल्पसा’ के माध्यम से लेखक नारायण वाग्ले ने तत्कालीन नेपाल की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति की सुंदर चित्रण की है। यह पुस्तक अंग्रेजी समेत कई भाषाओं में अनूदित हो चुकी है।

८. घुम्ने मेचमाथि अन्धो मान्छे

यह कविता संग्रह नेपाली साहित्य का एक आधुनिक शास्त्रीय कृति है। भूपि शेरचन की कविताएं समाज की विसंगतियों, पाखंड और मानव स्वभाव पर व्यंग्य करती हैं। सरल भाषा में गहरा अर्थ लिए उनकी कविताएं आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं।

९. एक चिहान

प्रगतिवादी दृष्टिकोण की यह कृति काठमांडू उपत्यका के किसानों के जीवन और उनकी एकता को दर्शाती है। विभिन्न जाति और पेशा के लोगों के एक साथ रहने की और अंततः हम सभी एक ही ‘चिहान’ में जाते हैं, यह दार्शनिक और सामाजिक संदेश देती है। लेखक हृदयचन्द्र सिंह प्रधान ने इसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है।

१०. पागल बस्ती

सरुभक्त की यह कृति दार्शनिक और प्रेम की नई परिभाषा तलाशने का प्रयास है। ‘प्रशांत’ और ‘आदि’ जैसे पात्रों के माध्यम से लेखक ने मानव चेतना, अध्यात्म और प्रेम के गहराई से भरे अर्थों को उजागर किया है। यह मदन पुरस्कार विजेता पुस्तक भी है।

११. माधवी

यह ऐतिहासिक और पौराणिक उपन्यास मदनमणि दीक्षित की रचना है। इसमें हजारों वर्षों पुरानी आर्य सभ्यता, दास प्रथा समेत ऋषि-कालीन समाज का सूक्ष्म चित्रण किया गया है। विशाल कैनवास पर लिखा गया यह पुस्तक नेपाली भाषा की बौद्धिक कृतियों में गिना जाता है।

१२. अलिखित

ध्रुवचन्द्र गौतम की यह आख्यान उनकी जीवनी की श्रेष्ठ कृति मानी जाती है। मधेस क्षेत्र के शोषण, गरीबी से जूझते जनजीवन, राज्य की उपेक्षा, भय एवं अशिक्षा और सीमांत जीवन की पीड़ा को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया है।

इस उपन्यास में स्थानीय स्वर है साथ ही विसंगति, मिथक, कल्पनाशीलता, हास्य-बोध और व्यंग्य तत्वों का समावेश भी है। यह भी मदन पुरस्कार विजेता पुस्तक है।

१३. सुम्निमा

बीपी कोइराला की यह मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक कृति भौतिकवाद और अध्यात्मवाद के द्वंद्व को दर्शाती है। आर्य और किरात संस्कृतियों के बीच संघर्ष और मानवीय स्वाभाविक इच्छाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।

१४. प्रेतकल्प

नारायण ढकाल का यह उपन्यास नेपाली साहित्य की प्रभावशाली कृतियों में से एक है। यह लगभग एक शताब्दी पहले के नेपाली समाज, तत्कालीन राणा शासन की क्रूरता और सामाजिक भेदभाव को कलात्मक रूप में प्रस्तुत करता है। इतिहास और आख्यान का सुंदर संयोजन इस पुस्तक को गहन अनुभव बनाता है।

१५. खुसी

पत्रकार विजयकुमार की यह संस्मरण जीवन की सफलताओं और असफलताओं, और अध्यात्म की यात्रा को समेटती है। सरल और प्रवाही भाषा में लिखा हुआ यह पुस्तक पाठकों को ‘खुशी’ के वास्तविक अर्थ की खोज के लिए प्रेरित करता है।

१६. समर लभ

सुबिन भट्टराई की यह पुस्तक युवा पाठकों में बहुत लोकप्रिय है। इसमें आधुनिक प्रेम और बिछड़ने की कहानी है। ‘साया’ और ‘अतीत’ की प्रेम कहानी ने नई पीढ़ी को नेपाली साहित्य की ओर आकर्षित किया है।

१७. सल्लीपीर

कर्णाली के जनजीवन और वहां के लोगों के दुःख-दर्द को उजागर करने वाले नयनराज पांडेय के इस उपन्यास ने समाज के दबे-कुचले लोगों की पीड़ा को साहित्य में स्थान दिया है। उनकी दूसरी पुस्तक ‘उलार’ भी पढ़ने लायक है।

१८. जीवन काँडा कि फूल

मदन पुरस्कार विजेता यह आत्मकथा झमक घिमिरे की है। शारीरिक अक्षमता के बावजूद उनके संघर्ष, समाज की तुच्छ दृष्टि और साहित्यिक यात्रा को इस गाथा में दर्शाया गया है। उन्होंने पैरों की उंगलियों से लिखकर नेपाली साहित्य को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। यह कहानी जीवन के प्रति आशावादी और साहसी बनने की प्रेरणा देती है।

१९. चिना हराएको मान्छे

प्रसिद्ध कलाकार हरिवंश आचार्य की यह आत्मकथा उनके बचपन, संघर्ष, खुशियों और दुखों का दस्तावेज है। पत्नी मिरा से विदाई और उसके बाद के जीवन को उन्होंने ईमानदारी से प्रस्तुत किया है।

इनके अलावा भी कई ऐसी पुस्तकें हैं जिन्हें आपको अवश्य पढ़ना चाहिए। नेपाली साहित्य की विविधता, इतिहास और मौलिकता को समझने के लिए ये पुस्तकें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

सिरहा में मोटरसाइकिल की ठोक्क़र से ५ वर्षीय बच्ची की मौत

सिरहा में मोटरसाइकिल की ठोक्क़र से ५ वर्षीया खजिजा खातुन की मौत हो गई है। यह दुर्घटना चोहरवा–सिरहा सड़कखंड के अंतर्गत नरहा ग्रामपालिका–३ खोरिया टोल में हुई थी। जिला पुलिस कार्यालय सिरहा के डीएसपी रमेश बहादुर पाल के अनुसार, मोटरसाइकिल चालक फरार है और उसकी खोज जारी है।

१० वैशाख, सिरहा। चोहरवा–सिरहा सड़कखंड पर हुई इस सड़क दुर्घटना में स्थानीय मोहम्मद देलाल की ५ वर्षीया पुत्री खजिजा खातुन की मृत्यु हुई है। आज दोपहर लगभग १२:२० बजे सिरहा से मिर्चैया की ओर जा रही प्र.२–०१–००३ प ७६९६ नंबर की मोटरसाइकिल ने विपरीत दिशा से पैदल चल रही खजिजा को ठोक दिया। ठोक्क़र लगने से गंभीर रूप से घायल हुई बच्ची को तत्काल उपचार के लिए गोलबाजर स्थित बर्धमान अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना के बाद मोटरसाइकिल पुलिस के नियंत्रण में ले ली गई है।

इरान के साथ युद्ध समाप्ति पर ट्रंप का नजरिया: हमें कोई जल्दबाजी नहीं

१० वैशाख, काठमांडू। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इरान के साथ जारी तनाव को सुलझाने में खुद को जल्दबाजी में नहीं बताया है। गुरुवार को फॉक्स न्यूज से टेलीफोन संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका पर इरान के साथ युद्धविराम को लेकर कोई दबाव नहीं है। ‘हमें किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं है। हम अच्छे समझौते के लिए तैयार हैं,’ ट्रंप ने कहा।

अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने भी बताया कि अमेरिका विभिन्न माध्यमों से इरान के साथ बातचीत जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने इरान से अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं। ‘अमेरिका इरानी शासन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। लेकिन अब तक इरान ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है,’ लेविट ने कहा, ‘इसी कारण राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम के समय को बढ़ाने का निर्णय लिया है।’

वहीं, इरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़िस्कियन ने कहा कि इरान संवाद का सदैव स्वागत करता है लेकिन वर्तमान में वार्ता में विघ्न उत्पन्न हो रहा है।

रारा रनिंग गोल्डकप वैशाख १८ से २२ तक आयोजित किया जाएगा

रारा फुटबल क्लब ने बुधवार राजारानी स्थित रानी ताल परिसर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि १३वाँ रारा रनिंग गोल्डकप फुटबॉल प्रतियोगिता वैशाख १८ से २२ तक धनकुटा के चौबिसे गाउँपालिका के राजारानी में आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में आठ टीमें भाग लेंगी और विजेता को सात लाख रुपए जबकि उपविजेता को तीन लाख रुपए पुरस्कार दिया जाएगा, आयोजकों ने बताया। कुल खर्च ३६ लाख ३२ हजार ५०० रुपए अनुमानित है, जिसमें चौबिसे गाउँपालिकाने १४ लाख रुपए का सहयोग दिया है।

प्रतियोगिता राजारानी स्थित पुण्य माविको खेल मैदान में संपन्न होगी। इस में आयोजक रारा फुटबल क्लब के साथ केराबारी फुटबल क्लब मोरंग, गाईघाट युनाइटेड क्लब उदयपुर, डाडाँबजार फुटबल क्लब धनकुटा, सलहेस युथ क्लब सिराहा, बिर्तामोड युनाइटेड क्लब झापा, आरआइ एफसी काठमांडू और धरान फुटबल क्लब सुनसरी की भी भागीदारी रहेगी। आयोजक क्लब के सचिव जीवन कटुवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।

पिछले १२वें संस्करण में जैसे पुरस्कार राशि बढ़ाई गई थी, वैसे ही इस बार भी विजेता को सात लाख और उपविजेता को तीन लाख रुपए पुरस्कार मिलेगा। सर्वोत्कृष्ट खिलाड़ी को २५ हजार, श्रेष्ठ गोलकीपर को १० हजार, उदयीमान खिलाड़ी तथा सर्वाधिक गोलकर्ता को समान रूप से १० हजार रुपए, और प्रत्येक मैच के ‘मैन ऑफ द मैच’ को ७ हजार रुपए पुरस्कार दिए जाएंगे। रारा गोल्डकप की शुरुआत ०५८ साल में धनकुटा से हुई थी।

पिछले १२वें संस्करण की उपाधि झापा के बिर्तामोड युनाइटेड क्लब ने जीती थी, जबकि १०वें और ११वें संस्करण की उपाधि सिराहा के सलहेस फुटबल क्लब के नाम रही थी। १३वें संस्करण के लिए ३६ लाख ३५ हजार रुपए आय और ३६ लाख ३२ हजार ५०० रुपए खर्च होने का अनुमान है। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए चौबिसे गाउँपालिका सहित अन्य संगठन भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

एन्ड्रोइड अटोलाई अझ प्रभावकारी बनाउने केही महत्त्वपूर्ण सुझाव र ट्रिकहरू

एन्ड्रोइड अटो को अधिक प्रभावकारी प्रयोगका लागि महत्वपूर्ण सुझाव र ट्रिक्स

एन्ड्रोइड अटोको सेटिङमा गएर नोटिफिकेसनहरूलाई अनुकूलन गर्न सकिन्छ, जसले गर्दा गाडी चलाउँदा ध्यान भंग गर्ने अनावश्यक अलर्टहरू हटाउन सहयोग पुग्छ। एन्ड्रोइड अटोमा एपहरूको सूची व्यवस्थापन गर्न Settings > Connected Devices > Connection Preferences > Android Auto > Customize Launcher मा जान सकिन्छ। डेभलपर मोड सक्रिय गरेर AA Browser इन्स्टल गर्न सकिन्छ, जसले गाडी पार्क गर्दा भिडियो प्लेब्याकको अनुमति दिन्छ र गाडी चलाउँदा स्वचालित रूपमा बन्द हुन्छ। १० वैशाख, काठमाडौं।

एन्ड्रोइड अटो एक शक्तिशाली इन्फोटेनमेन्ट प्रणाली भए तापनि यसका धेरै उपयोगी सुविधाहरू सेटिङभित्र लुकेका हुन्छन्। यी सुविधाहरूको सही प्रयोगले तपाईंको यात्रा सुरक्षित र सहज बनाउन सक्छ। यसका मुख्य सेटिङहरूलाई अनुकूल बनाउने तरिका निम्नानुसार छः

नोटिफिकेसन कस्टमाइज गर्नुहोस्: गाडी चलाउँदा अनावश्यक नोटिफिकेशनहरूले ध्यान भंग गर्न सक्छ। यसलाई नियन्त्रण गर्न फोनको एन्ड्रोइड अटो सेटिङमा गएर आफ्नो आवश्यकताअनुसार अलर्टहरू अन वा अफ गर्न सकिन्छ। एपहरूको सूची व्यवस्थापन गर्नुहोस्: Settings > Connected Devices > Connection Preferences > Android Auto > Customize Launcher मा जानुहोस्। यहाँ अनावश्यक एपहरू हटाउन सकिन्छ र धेरै प्रयोग गरिने एपहरूलाई तानेर (Drag) अगाडि राख्न सकिन्छ।

असिस्टेन्ट सर्टकट थप्नुहोस्: Settings > Connected Devices > Connection Preferences > Android Auto > Customize Launcher > Add a shortcut to the launcher मा गएर बारम्बार गर्ने कार्यहरू जस्तै घर जाने बाटो खोज्ने वा कुनै सम्पर्क व्यक्तिलाई कल गर्ने कार्यहरूको सर्टकट बनाउन सकिन्छ। मिडिया कन्ट्रोल चालकको छेउमा सार्नुहोस्: Settings > Connected Devices > Connection Preferences > Android Auto मा गएर चालक बस्ने स्थान (Driver seat location) सेट गर्नुहोस् ताकि म्युजिक नियन्त्रणहरू तपाईंलाई नजिक र सजिलै उपलब्ध होस्।

वालपेपर परिवर्तन गर्नुहोस्: Settings > Connected Devices > Connection Preferences > Android Auto > Use Phone’s Wallpaper in Android Auto विकल्प चयन गर्नुहोस्। यसले तपाईंको फोनको वालपेपरलाई नै गाडीको स्क्रिनमा देखाउनेछ। डिजिटल असिस्टेन्ट रोज्नुहोस्: नयाँ जेमिनी एआई झन्झटिलो लागेमा Manage Your Digital Assistant > Digital Assistants from Google > Google Assistant मा गएर पुरानो गुगल असिस्टेन्ट रोज्न सकिन्छ।

भिडियो प्लेब्याकका लागि AA Browser: गाडी पार्क गरीरहँदा भिडियो हेर्न डेभलपर मोड अन गरी ‘AAAD’ मार्फत AA Browser इन्स्टल गर्न सकिन्छ। यो ब्राउजर गाडी चल्न थालेपछि सुरक्षाका कारण आफैं बन्द हुन्छ। वायरलेस सुविधा र ब्याट्री बचतका लागि: यदि तार (Wired) बाट मात्र चलाउन चाहनुहुन्छ भने: Settings > Apps & notifications > See all apps > Android Auto > Advanced > Additional settings in the app > About मा जानुहोस्। त्यहाँ रहेको Version मा १० पटक ट्याप गरी डेभलपर मोड अन गर्नुहोस् र Three-dot menu > Developer settings मा गई Wireless Android Auto लाई अनचेक गर्नुहोस्। स्क्रिन रिजोल्युसन सुधार्नुहोस्: डेभलपर मोडभित्रै रहेको Three-dot menu > Developer settings मा गएर Video resolution र DPI सेटिङ समायोजन गरी धुंधलो देखिएको स्क्रिनलाई स्पष्ट बनाउन सकिन्छ।