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लेखक: space4knews

झापामा कृष्ण सिटौला और विश्वप्रकाश शर्मा के बीच वार्ता, क्या हुई बातचीत?

२ असार, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेस के उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा और पूर्वमहामंत्री कृष्णप्रसाद सिटौला के बीच बैठक संपन्न हुई है। दोनों नेताओं के बीच मंगलवार को गृहजिला झापा में आमने-सामने बातचीत हुई। कांग्रेस झापा के सचिव कृष्ण हुमागाईं ने दोनों नेताओं के बीच वार्ता के दौरान ली गई तस्वीर सोशल मीडिया फेसबुक पर साझा की है। ‘आज पार्टी के पूर्वमहामंत्री कृष्णप्रसाद सिटौला और पार्टी के उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा के बीच झापा में वन टू वन वार्ता हुई,’ उन्होंने तस्वीर के साथ लिखा। कांग्रेस में संस्थापन और अन्य समूहों के बीच विवाद चरमोत्कर्ष पर पहुंचा हुआ है, ऐसे में दोनों नेताओं के बीच यह आमना-सामना एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। हालांकि, इस बैठक में हुई बातचीत के विषय वस्तु अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

नर्वे और इराक ने विश्वकप में दोबारा किया प्रवेश, केंद्र बिंदु एर्लिंग हालैंड

२ असार, काठमाडौं । वर्तमान विश्व फुटबाल के सबसे प्रभावशाली स्ट्राइकरों में से एक एर्लिंग ब्रांट हालैंड हैं। क्लब फुटबाल में गोल करने वाली मशीन के रूप में प्रसिद्ध हालैंड का फिफा विश्वकप में खेलने का सपना साकार होने जा रहा है। हालैंड सहित नर्वे टीम ने २८ वर्षों बाद फिफा विश्वकप में पुनः प्रवेश किया है। समूह I में शामिल नर्वे ने इराक के साथ होने वाले मुकाबले में हालैंड विश्वकप में अपना डेब्यू करेंगे। इस मैच में सभी की निगाहें खासकर हालैंड पर टिकी होंगी। हालैंड ने Borussia Dortmund से लेकर Manchester City तक अपनी गोल करने की क्षमता दिखा रखी है और वे फिफा विश्वकप में भी इसी स्तर का प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखते हैं।

नर्वे और इराक दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला पुनरागमन का उत्सव होगा। नर्वे १९९८ के बाद पहली बार विश्वकप के मुख्य चरण में चुना गया है, जबकि इराक १९८६ के मैक्सिको विश्वकप के बाद ४० वर्ष बाद विश्वकप में वापसी कर रहा है। फिफा रैंकिंग में नर्वे ३१वें और इराक ५७वें स्थान पर है। नर्वे ने यूरोपीय क्वालीफाइंग में सर्वाधिक ३७ गोल करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। यह नर्वे की चौथी बार विश्वकप में उपस्थिति होगी। ‘दी लायंस ऑफ मेसोपोटामिया’ के नाम से परिचित इराक दूसरी बार विश्वकप में खेल रहा है और पहला जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा। १९८६ के विश्वकप में इराक ने अपने सभी तीन ग्रुप मैच गंवाए थे। इराक ने इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ में बोलिविया को २-१ से हराकर इस संस्करण के विश्वकप में जगह बनाई है। फ्रांस और सेनेगल जैसे मजबूत टीमों वाले समूह I को ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ माना जाता है। इसलिए विश्वकप में दोनों टीमें अपनी वापसी को सुखद परिणाम के साथ शुरू करना चाहती हैं। नर्वे और इराक के बीच मुकाबला बोस्टन स्टेडियम में नेपाली समयानुसार बुधवार सुबह पौने ४ बजे शुरू होगा।

ललितपुर के डीएवी स्कूल की चौथी मंजिल से गिरकर छात्र की मौत

२ जेठ, काठमाडौं। ललितपुर स्थित डीएवी स्कूल की चौथी मंजिल से गिरने से एक छात्र की मृत्यु हुई है। मृत छात्र चाबहिल निवासी १८ वर्षीय आर्यन सिंह हैं, जिनकी सूचना ललितपुर जिल्ला प्रहरी परिसर के वरिष्ठ उपरिक्षक एवं प्रवक्ता गौरव मिश्र ने दी। यह घटना सोमवार दोपहर साढ़े १२ बजे हुई। सिंह चौथी मंजिल से गिरे थे। उन्हें उपचार के लिए सुमेरु सिटी अस्पताल ले जایا गया था, जहां शाम साढ़े ६ बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में उनकी मृत्यु आत्महत्या की संभावित घटना प्रतीत हो रही है। स्कूल के सीसीटीवी फुटेज में भी उन्हें कूदते हुए देखा गया है, पुलिस ने यह जानकारी दी है। उनके पास से सुसाइड नोट भी मिला है। उस सुसाइड नोट का फॉरेन्सिक परीक्षण अभी बाकी है। एक जांच अधिकारी ने बताया, ‘सुसाइड नोट मिला है, लेकिन यह जांच की जानी है कि उसमें लिखे अक्षर वास्तव में उन्हीं के हैं या नहीं।’

२४ वर्ष पुरानी करारी हार भूलने का फ्रांस का लक्ष्य

२ असार, काठमांडू। पूर्व उपविजेता फ्रांस फ़ीफा विश्व कप २०२६ में पहली बार अफ़्रीकी राष्ट्र सेनेगल के सामने प्रतिस्पर्धा करेगा, तो २४ साल पुरानी वह याद दिलाई जाएगी। फ़ीफा विश्व कप में इन दोनों टीमों के बीच यह एकमात्र मैच था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ये दोनों टीमें इसी एक मैच में आमने-सामने आई थीं। पूर्व विजेता के तौर पर जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित विश्व कप में फ्रांस समूह चरण के पहले ही मैच में सेनेगल से हार गया था। परिणामस्वरूप सेनेगल ने १-० से जीत दर्ज की थी। समूह I में मौजूद इन दोनों टीमों का मैच बुधवार सुबह पौने १ बजे मैदान पर शुरू होगा। इस समय विश्व कप के लिए सबसे संतुलित टीम मानी जा रही फ्रांस को उपाधि का प्रबल दावेदार माना गया है, और सेनेगल के खिलाफ फ्रांस की नजर २४ साल पुरानी हार का बदला लेने पर टिकी है।

विश्व कप जीत चुके कप्तान कीलियन एम्बाप्पे के नेतृत्व में फ्रांसीसी टीम में वर्तमान में उस्मान डेम्बेले, माइकल ओलिस, डिजाएर डौ जैसे खिलाड़ी अग्रिम पंक्ति में हैं जबकि औरेलियन चुवामेनी और एड्रियन रेबियोट मिडफिल्ड संभालेंगे। इस बार फ्रांस को स्पेन के साथ उपाधि का मजबूत दावेदार माना जा रहा है और इसके लिए वह पहले मैच से ही बेहतरीन शुरुआत करना चाहता है। पिछले दिन स्पेन को नवागंतुक केप वर्दे ने गोलरहित बराबरी पर रोका था, जिसने कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया था। इसलिए फ्रांस भी पहले मैच में सेनेगल को कम आँकने वाला नहीं है। वर्तमान में सेनेगल अफ़्रीका की एक मजबूत टीम है। फीफा रैंकिंग में फ्रांस तीसरे स्थान पर और सेनेगल पंद्रहवें स्थान पर है।

फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेस्चांप खिलाड़ी और कोच दोनों के रूप में विश्व कप जीतने वाले चुनिंदा लोगों में से हैं। उन्हें इस विश्व कप को जीतकर फ्रांस के कोच के तौर पर अपनी यात्रा सफलता पूर्वक खत्म करने का अवसर मिला है। डेस्चांप विश्व कप के बाद अपनी जगह पूर्व कप्तान जिनेदिन ज़िदान को सौंपने की योजना बना रहे हैं। इसलिए अमेरिका में होने वाले विश्व कप में वह सर्वकालिक महान कोच बनने का मौका पाएंगे। अमेरिका में फ्रांस को दूसरी बार विश्व कप जीतने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही डेस्चांप सबसे अधिक विश्व कप जीतने वाले कोच बनने का रिकॉर्ड भी बना सकते हैं। अगर फ्रांस समूह के तीनों मैच जीतता है, तो डेस्चांप जर्मन कोच हेल्मुट शॉन के १६ मैचों के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे।

अशल नेताओं के नेतृत्व में न हो पार्टी का संचालन तो पार्टी का अंत निकट है – विजय सुब्बा

२ असार, काठमाडौं। नेकपा एमाले के नेता विजय सुब्बा ने पार्टी के भीतर देखे जा रहे गतिविधियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि यदि असल नियत वाले नेताओं को नेतृत्व में नहीं लाया गया तो पार्टी का अंत नजदीक है। ‘आदरणीय पार्टी के निष्ठावान कमरेडों, मैं पार्टी निर्माण अभियान में हार मानने की स्थिति में नहीं हूं,’ उन्होंने कहा। ‘पार्टी को नष्ट कर रहे गैर कम्युनिष्ट विकृतियों और विसंगतियों को तुरंत ठीक करना जरूरी है, इस बात को मैंने सभी प्रमुख नेताओं को बार-बार बताया है, पार्टी के विधान, महाधिवेशन और विभिन्न स्तरों के अधिवेशन में स्पष्ट रूप से रखा है, लेकिन मुझे पार्टी विरोधी भाषण करने का आरोप लगाया गया।’

पार्टी के भीतर की गलत गतिविधियों को सुधारने के लिए समय न देने और चापलूस नेताओं को खुश करने की प्रवृत्ति से वर्तमान समस्या और बढ़ गई है, उन्होंने दावा किया। सभी समस्याओं को सामने लाकर वर्तमान स्थिति बनी है, यह सभी जानते हैं, उनका कहना है। उन्होंने आगे कहा, ‘यदि पार्टी के असल नियत वाले नेताओं को नेतृत्व से बाहर रखा गया, तो पार्टी के अंत का इंतजार करना होगा।’

संघीयता और समावेशिता से रास्वपा के पीछे हटने को लेकर पुन की चिंता

२ असार, काठमाडौं। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेता वर्षमान पुन ने संघीयता, समावेशिता तथा समुदायगत भाषा और सांस्कृतिक अधिकारों से वर्तमान सरकार और इसके नेतृत्व वाली पार्टी के पीछे हटने की संभावनाओं पर चिंता व्यक्त की है। मगर समुदाय के भुमे पर्व के अवसर पर दाङ के देउखुरी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने संविधान संशोधन के नाम पर जनता के प्राप्त अधिकार छीनने के प्रयासों को स्वीकार्य नहीं बताया।

उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन के माध्यम से नेपाली जनता की लंबी कुर्बानियों और संघर्षों से हासिल राजनीतिक उपलब्धियों को छीने जाने का प्रयास अस्वीकार्य होगा। २०७२ साल में संविधान जारी होने से पहले उठाए गए और संबोधित न किए गए जनतात्मक मुद्दों को संविधान में समायोजित किया जा सकता है, लेकिन प्राप्य अधिकारों को कोई छीनने का प्रयास कतई स्वीकार्य नहीं होगा, यह उनकी प्रमुख अपील है।

उन्होंने यह भी बताया कि २०५२ साल में शुरू हुए जनयुद्ध ने राज्य के उत्पीड़न में पड़े समुदायों को ऊपर उठाया तथा समाज में जागरूकता लाई है और उन प्राप्त अधिकारों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी भी है। सरकार द्वारा संविधान संशोधन के लिए कार्यदल गठित कर जनता के अधिकारों पर चर्चा चलाए जाने के बीच, जनता के अधिकारों से राज्य को पीछे नहीं हटना चाहिए, यह उनकी स्पष्ट चेतावनी है।

40 वर्ष की उम्र में विश्व कप में डेब्यू करते हुए स्पेन के खिलाफ चमके गोलकीपर भोजिन्हा

2 असार, काठमांडू। एटलांटा स्टेडियम में मैच खत्म होते ही सभी कैमरे भोजिन्हा की ओर केंद्रित हो गए। उनकी आंखों से आँसू निकले। चार दशक से ऊपर उम्र के इस खिलाड़ी ने विश्व कप जैसी बड़ी जगह पर स्पेन जैसे मजबूत टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया, इसलिए यह बिल्कुल स्वाभाविक था। विश्व कप के पहले मैच में, 40 वर्ष की उम्र में डेब्यू करते हुए, उपाधि के दावेदार टीम स्पेन को बिना गोल के बराबरी पर रोकना वे मुख्य नायक बने। यही हैं भोजिन्हा। एक दिन पहले तक जिनका नाम विश्व फुटबॉल में कम सुना गया था, वे स्पेन के खिलाफ खतरनाक प्रदर्शन के बाद विश्वव्यापी चर्चित हो गए हैं। अफ्रीकी राष्ट्र केप वर्डे ने फीफा विश्व कप 2026 में पहले मैच में 2010 के विश्व चैंपियन स्पेन को बिना गोल के बराबरी पर रोककर नया इतिहास रचते हुए, 40 वर्षीय गोलकीपर भोजिन्हा सुपरस्टार बन गए हैं।

स्पेन के खिलाफ भोजिन्हा ने एक मजबूत दीवार की तरह प्रदर्शन किया। स्पेन के फॉरवर्ड्स उन्हें पार नहीं कर पाए। युवा फुटबॉल स्टार लामिन यमाल ने दूसरे हाफ में खेला, पर केप वर्डे के खिलाफ कोई खास प्रभाव नहीं डाल पाए। करीब 5 लाख से कम आबादी वाले छोटे द्वीप राष्ट्र केप वर्डे के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में 40 साल के भोजिन्हा मुख्य नायक साबित हुए। स्पेन के विश्वप्रसिद्ध स्ट्राइकरों को निराश करते हुए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ अवॉर्ड मिला। अब भोजिन्हा विश्व फुटबॉल और सोशल मीडिया पर बेहद चर्चित हो चुके हैं। मैदान में स्पेन को रोकने वाले भोजिन्हा के सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्पेन के खिलाफ बहादुरी से खेलते हुए, स्पेन ने 74 प्रतिशत से अधिक गेंद नियंत्रण और 27 गोल प्रयास किए, लेकिन ये सभी प्रयास भोजिन्हा ने सफलतापूर्वक रोके। उन्होंने 7 शानदार बचाव किए और स्पेन को आसान गोल करने से बचाया। अगर वे नहीं होते, तो स्पेन आधा दर्जन गोल कर सकता था।

मैच के बाद भोजिन्हा ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि वीजा समस्याओं और आर्थिक कारणों से उनकी मां अमेरिका आकर मैच नहीं देख पाईं, और दादा-दादी का न होना उन्हें भावुक कर गया। ‘मैं रो पड़ा क्योंकि मुझे पालने वाले मेरे दादा-दादी दुर्भाग्यवश यहां नहीं हैं। वे मेरे लिए सब कुछ हैं,’ उन्होंने कहा। ‘मेरी मां भी वीजा के कारण यहां नहीं आ सकीं क्योंकि खर्चा था। मैं चाहता था कि वे यह मैच देखें।’ 25 साल की उम्र में राष्ट्रीय टीम में डेब्यू करने वाले भोजिन्हा का असली नाम जोसिमार जोसे अवोरा डियास है और भोजिन्हा उनका उपनाम है। वे केप वर्डे के मिन्डेलो में जन्मे हैं। अधिकांश आधुनिक फुटबॉलर अपने खेल की शुरुआत बचपन में ही करते हैं, पर भोजिन्हा ने 25 वर्ष की उम्र में ही व्यावसायिक फुटबॉल खेलना शुरू किया।

वे केप वर्डे, मोल्डोवा, रोमानिया, साइप्रस और पुर्तगाल की लोअर डिविजन क्लब्स में खेल चुके हैं। फिलहाल पुर्तगाली क्लब चावेस से जुड़े हुए हैं। 2012 में राष्ट्रीय टीम में डेब्यू करने के बाद अब तक 90 मैच खेल चुके हैं। 10 साल से अधिक राष्ट्रीय टीम में रहने के कारण भोजिन्हा टीम के महत्वपूर्ण सदस्य बन चुके हैं। केप वर्डे को पहली बार विश्व कप में क्वालीफाई कराने में भी उनकी भूमिका निर्णायक रही। 40 साल 12 दिन की उम्र में विश्व कप में पदार्पण करने के बाद वे विश्व कप में डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। मिस्र के गोलकीपर एसा हल हदारी 45 साल की उम्र में विश्व कप में डेब्यू कर चुके हैं। भोजिन्हा ने टीम की एकता को सबसे बड़ा हथियार बताया। ‘हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी एकता है,’ उन्होंने कहा। ‘कई लोग सोचते थे कि हम यहाँ फिर से मजे लेने आए हैं, पर हमारे पास अच्छी टीम है और हम प्रतिस्पर्धा करने आए हैं। यह हमारा पहला मौका है, लेकिन हमारा लक्ष्य बेहतरीन प्रदर्शन करना है।’

इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या अचानक बढ़ गई है। स्पेन के खिलाफ प्रदर्शन के बाद भोजिन्हा एक रात में ही चर्चा में आ गए। मैच से पहले उनके लगभग 50,000 फॉलोअर्स थे, जो अब 5 मिलियन से अधिक हो गए हैं और संख्या बढ़ रही है। भोजिन्हा विश्व कप 2026 के सबसे बड़े ‘ब्रेकआउट स्टार’ और इंटरनेट सनसनी बन चुके हैं। न तो उनका कोई बड़ा क्लब अनुबंध है, न ही वे युवा हैं, लेकिन उनकी मजबूत इच्छाशक्ति और मेहनत ने उन्हें विश्व मंच पर खुद को साबित करने का उदाहरण दिया है। उनकी उत्कृष्ट प्रदर्शन और केप वर्डे के विश्व कप डेब्यू में यह ऐतिहासिक बराबरी हमेशा विश्व कप इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगी।

भोइजर: उस अंतरिक्ष यान ने जो हमारे सौरमंडल की समझ ही बदल दी

वह अंतरिक्ष यान जिसने हमारे सौरमंडल के प्रति हमारी पूरी सोच ही बदल दी। शुरुआत में केवल पाँच साल तक काम करने के लिए भेजे गए दो अंतरिक्ष यान सौरमंडल के सबसे दूरस्थ हिस्सों में यात्रा कर रहे हैं। नासा द्वारा ‘भोइजर’ मिशन के तहत बनाए गए ये ‘प्रोब’ अब तक बनाए गए मानव निर्मित वस्तुओं में सबसे दूर पहुंच चुके हैं।

इस परियोजना में शामिल वैज्ञानिक डा. लिन्डा स्पिल्कर ने बताया है कि ये प्रोब कैसे हमारे सौरमंडल की समझ और दृष्टिकोण को पूरी तरह बदल चुके हैं। भविष्य में ‘एलियन’, यानी बाहरी अंतरिक्ष के जीव, इन प्रोब्स को खोज कर पृथ्वी का दौरा कर सकते हैं, ऐसी संभावना भी जताई जा रही है।

आशिष गजुरेल ने सार्वजनिक यातायात में यात्रियों की समस्याओं पर चिंता व्यक्त की

२ असार, काठमाडौं । प्रतिनिधि सभा सदस्य आशिष गजुरेल ने सार्वजनिक सवारी साधनों द्वारा यात्रा करना असुविधाजनक होने की बात कही है। प्रतिनिधि सभा की पूर्वाधार विकास समिति के सभापति भी रहे गजुरेल ने सार्वजनिक यातायात में यात्रियों को होने वाली मुश्किलों पर अपनी राय व्यक्त की है। मंगलवार को समिति की बैठक में सार्वजनिक सवारी और ढुवानी प्रबंधन से संबंधित चर्चा शुरू करते हुए सभापति ने कहा, ‘धनी वर्ग निजी वाहन का उपयोग करता है, लेकिन सार्वजनिक वाहन से यात्रा करने वालों को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।’ उन्होंने इस समस्या के मूल कारण की पहचान कर समाधान के उपायों पर चर्चा करने की आवश्यकता पर जोर दिया और सभी के लिए सहज यातायात के प्रवाह के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की बात कही। चर्चा में संबंधित मंत्रालय के अधिकारी, ट्रैफिक प्रबंधन संस्थान, यातायात व्यवसायी महासंघ तथा ढुवानी व्यवसायी के प्रतिनिधि शामिल थे। ट्रैफिक प्रबंधन कार्यालय के अनुसार, वर्तमान में काठमांडू उपत्यका में प्रतिदिन २० लाख वाहन संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनका निरीक्षण और नियंत्रण करने के लिए आवश्यक ट्रैफिक जनशक्ति पर्याप्त नहीं है।

विश्वकप २०२६: अमेरिकी प्रहरीले स्कटल्यान्ड समर्थकहरूलाई फुटबल कौशल देखाएर मोहित बनाए

विश्वकप हेर्न अमेरिका आएका दर्शकहरूले अमेरिकी प्रहरीले देखाएको फुटबल कौशल प्रदर्शन अवलोकन गरे। संयुक्त राज्य अमेरिकाको बस्टनमा एक प्रहरी अधिकारीले विश्वकप खेल हेर्न भेला भएका स्कटल्यान्डका समर्थकहरूलाई आफ्नो उत्कृष्ट फुटबल कौशल प्रस्तुत गर्दै सबैलाई मन्त्रमुग्ध पारेका छन्।

बस्टन प्रहरीले शनिबार (१३ जून) सार्वजनिक गरेको भिडियोमा, उक्त अधिकारीले ‘किपि-अपि’ अर्थात् खुट्टाको सहायताले फुटबललाई नछोइ लगातार फटाउँने अद्भुत कौशल जनाएका थिए।

धनकुटा में जनश्रमदान से निर्मित सड़क का कालोपत्रे कार्य विश्व बैंक के सहयोग से शुरू

२ असार, धनकुटा । धनकुटा नगरपालिकाजिले हिले–चोक्रोक–भीरगांव–मधुगंगा धाम तक फैली सड़क के कालोपत्रे कार्य की शुरुआत कर दी है। यह सड़क, जिसकी खुदाई २०५७ साल में जनश्रमदान के माध्यम से हुई थी, अब विश्व बैंक के लगभग ३६ करोड़ रुपये के सहयोग से कालोपत्रे की जा रही है। सरकारी बजट और तकनीकी संसाधन सीमित होने के चलते ग्रामीणों ने ९६ दिनों तक जनश्रमदान कर सड़क का ट्रैक खोला था। धनकुटा नगरपालिका के वार्ड नंबर १ और २ में आने वाली यह सड़क शुरू में भीरगांव के स्थानीय लोगों के लिए हिले बाजार तक पैदल आने-जाने में सहूलियत के लिए बनाई गई थी। किन्तु समय के साथ यह सड़क रिंगरोड योजना से जुड़ गई और आज यह धनकुटा नगरपालिकाके विकास की रीढ़ बन चुकी है।

विश्व बैंक के सहयोग से शुरू इस परियोजना के तहत करीब ७.२ किलोमीटर मार्ग का स्तरोन्नति की जा रही है। इसमें से ३.३ किलोमीटर पर ढलान पूरा हो चुका है जबकि बाकी ४ किलोमीटर सड़क पर अस्फाल्ट कालोपत्रे का कार्य जारी है। धनकुटा नगरपालिकाके योजना एवं अनुगमन अधिकारी सीताराम गौतम के अनुसार मौसम अनुकूल रहने पर इस असार माह के अंत तक कालोपत्रे कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क के स्तरोन्नति से मधुगंगा धाम तक धार्मिक पर्यटन का मार्ग आसान होगा और स्थानीय होटल, छोटे व्यवसाय एवं सेवा क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

रिंगरोड योजना अभी पूर्ण नहीं हुई है। हिले–चोक्रोक–भीरगांव–मधुगंगा सड़क के कालोपत्रे होने के बावजूद निचले इलाके बिहीबारेहाट–मालबांसे–भीरगांव–मधुगंगा सड़क का स्तरोन्नति नहीं होने के कारण रिंगरोड योजना पूरी नहीं हो पाई है। धनकुटा नगरपालिका ने बताया कि बजट की कमी के कारण इस काम को आगे नहीं बढ़ाया जा सका है। अभी सड़क के ट्रैक खोलने और संरचनात्मक तैयारियाँ मात्र हुई हैं। गौतम ने बताया कि विश्व बैंक को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन स्वीकृति अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। हिले–चोक्रोक–भीरगांव–मधुगंगा सड़क के कालोपत्रे के पश्चात हिले बाजार से भीरगांव और मधुगंगा धाम की यात्रा सुगम हो गई है। निचले इलाके बिहीबारेहाट–मालबांसे–भीरगांव–मधुगंगा सड़क का स्तरोन्नति या कालोपत्रे होने से धनकुटा बाजार, भीरगांव और मधुगंगा धाम तक पहुंचना और भी आसान हो जाएगा तथा धनकुटा नगरपालिकाकी रिंगरोड योजना पूरी हो सकेगी।

जेनेभा में ‘नो जी–७’ के विरोध में विशाल प्रदर्शन

काठमाडौं। फ्रांस के एव्हियान शहर में बुधवार को आयोजित होने वाले ‘ग्रुप ऑफ सेवन’ (जी–७) शिखर सम्मेलन के विरोध में जेनेभा में बड़ा प्रदर्शन हुआ है। ‘फासीवाद और साम्राज्यवाद’ का विरोध करने के उद्देश्य से विभिन्न समूहों और संगठनों द्वारा गठित ‘नो जी–७ गठबंधन’ ने रविवार दोपहर प्रदर्शन का नेतृत्व किया। प्रदर्शनकारी जेनेभा ताल के किनारे स्थित एक पार्क में जमा होकर शहर के निर्धारित मार्ग से धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे। ताल में एक सफेद नाव तैर रही थी, जिसके पाल पर ‘नो जी–७’ लिखा था। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘जी–७ को अस्वीकार करें’ सहित कई नारों वाले प्लेकार्ड भी देखे गए।

प्रारंभ में प्रदर्शन बड़ी संख्या में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ा, लेकिन बाद में कुछ विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। काले धुएं का भी उठता हुआ दृश्य देखा गया। इस दौरान एक टेस्ला कार में आग लगाने का भी मामला सामने आया। जेनेभा कैंटोनल पुलिस ने प्रदर्शन क्षेत्र के पास से चाकू, बंचरो, गैस के कैनिस्टर और पटाखा जैसे वस्तुएं बरामद करने की जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार इस प्रदर्शन से जेनेभा की सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में बाधा पहुंची, जिसके कारण दोपहर से कुछ ट्रॉलीबस सेवाएं निलंबित कर दी गईं तथा ट्राम नेटवर्क और कुछ बस मार्गों में बदलाव किए गए।

फ्रांस ने वर्तमान अस्थिर अंतरराष्ट्रीय माहौल पर चर्चा के लिए बुधवार जी–७ बैठक बुलाई है। इस सम्मेलन में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, अमेरिका और यूरोपीय संघ के नेता भाग ले रहे हैं। सन् 2003 में जेनेभा से 50 किलोमीटर से कम दूरी पर स्थित फ्रांसीसी शहर एव्हियान में पहली बार जी–७ शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था, और उस दौरान जेनेभा में बड़े दंगे भड़के थे। इस वर्ष के शिखर सम्मेलन से पहले स्विस अधिकारियों ने लगभग 4 हजार सैन्य बल तैनात करने के साथ ही फ्रांस के साथ अपने 35 सीमा नाकों में से अधिकांश को बंद करने की घोषणा की है।

स्पेन के ख़िलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद भोजिन्हा के फॉलोअर्स ५० हजार से बढ़कर ५० लाख हुए

२ असार, काठमाडौं । फिफा विश्वकप २०२६ में स्पेन के खिलाफ उत्कृष्ट खेल दिखाने वाले केप वर्डे के गोलकीपर भोजिन्हा के सोशल मीडिया फॉलोअर्स १० घंटे के भीतर ५० हजार से बढ़कर ५० लाख तक पहुँच गए हैं। सन् २०१० के विश्व विजेता स्पेन के सामने ४० वर्षीय भोजिन्हा ने शानदार प्रदर्शन किया। पूरे मैच में स्पेन लगातार आक्रमण कर रहा था, लेकिन उन्होंने लगातार बेहतरीन बचाव करते हुए टीम को संभाला। केप वर्डे जैसे छोटे अफ्रीकी देश के लिए स्पेन के खिलाफ बराबरी का परिणाम ऐतिहासिक उपलब्धि माना जाता है। उस मैच में भोजिन्हा को ‘मैन ऑफ द मैच’ घोषित किया गया। मैन ऑफ द मैच बनते हुए उन्होंने कहा, ‘यह पुरस्कार मेरे सभी सहकर्मी खिलाड़ियों के लिए है। मैं लगातार मेहनत करता रहूँगा।’ उनके इस शानदार प्रदर्शन के कारण फुटबॉल प्रेमियों से उन्हें व्यापक समर्थन और प्रशंसा मिली है। मैच के बाद उनका इंस्टाग्राम फॉलोअर तेजी से बढ़ा। मैच से पहले भोजिन्हा के इंस्टाग्राम पर ५० हजार से कम फॉलोअर्स थे, जबकि रिपोर्ट तैयार करते समय वह ५० लाख फॉलोअर्स तक पहुँच चुके हैं।

लुप्राङ में 1800 मीटर की ऊंचाई पर अंगूर खेती का सफल परीक्षण

2 आसार, म्याग्दी। म्याग्दी के सदरमुकाम बेनी बजार के नजदीक जलजला गाउँपालिका-८ लुप्राङ में अंगूर खेती का सफल परीक्षण हुआ है। समुद्र तल से लगभग एक हजार आठ सौ मीटर ऊंचाई पर स्थित लुप्राङ में श्रीहरी कृषि तथा पशुपक्षी फार्म की संचालक ताराकुमारी रेग्मी ने अंगूर खेती का परीक्षण किया है। ‘चार साल पहले भारत से लाकर प्लास्टिक के टनल के अंदर लगाए गए अंगूर के दो पौधों ने उत्पादन देना शुरू कर दिया है,’ उन्होंने बताया, ‘पिछले साल प्रति किलो 450 से 500 रुपए के दाम पर 35 हजार रुपए मूल्य के अंगूर घर से ही बेचने में सफल रहे। इस बार दाने ज्यादा लगे हैं इसलिए उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।’
नेपाल में सामान्यत: जात के अनुसार 500 से 1500 मीटर की ऊंचाई और 15 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला स्थान अंगूर खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसके लिए दिनभर अच्छी धूप मिलना आवश्यक है। अंगूर के दाने पकने तक यदि बारिश नहीं होती और अंगूर बोटों पर रहते हैं, तो कृषि प्राविधिकों से सलाह लेकर अंगूर खेती का विस्तार करने की योजना है, उन्होंने बताया।
अपने दो बेटों को पढ़ाने के लिए पांच साल बागलुङ बजार में रहने वाली रेग्मी ने घर लौटने के बाद अंगूर, टमाटर और संतरा की खेती के साथ बकरी पालन शुरू किया था। ‘मेरे दोनों बेटे कक्षा पांच तक गांव के ही स्कूल में पढ़े लेकिन स्कूल दूर होने के कारण पांच साल बागलुङ में डेरा बनाकर कक्षा दस तक पढ़ाया,’ ताराकुमारी ने बताया, ‘कक्षा दस उत्तीर्ण करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए दोनों बेटे काठमांडु गए, फिर वे घर लौटे और धान की खेती वाले खेतों में संतरे के पौधे रोपने लगे, तब रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने कहा था कि यह असफलता की दिशा में कदम है।’
देश में ही उद्यमशील बनकर स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और आय अर्जन की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित ताराकुमारी को स्थानीय स्कूल के शिक्षक और उनके पति सुबह, शाम और छुट्टियों में बगान में काम में सहयोग करते हैं। उनके बाग में रसात से लेकर 150 संतरा और नींबू के पेड़ हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल संतरा बिक्री से 4 लाख 80 हजार रुपए की आमदनी हुई। प्लास्टिक टनल के अंदर अंगूर के अलावा टमाटर की खेती भी कर रही हैं। उन्होंने बढ़ते हुए संतरा बगान के भीतर सेम की खेती भी की है। अंगूर गाँव में ही बिकता है जबकि संतरा पोखरा और तरकारी कुश्मा क्षेत्र में उपभोग किया जाता है। कृषि फार्म से वार्षिक 10 से 12 लाख रुपए की बचत देख कर, पहले संतरा लगाने पर आलोचना करने वाले लोग हैरान रह गए। उनके उदाहरण से कई लुप्राङवासियों ने धान, मक्का, कोदो की खेती के विकल्प के रूप में संतरा की खेती शुरू कर दी है।
उनको राष्ट्रिय कृषि आधुनिकीकरण परियोजना, जलजला गाउँपालिका और वृद्धिमुखी उद्यमशीलता रोजगार प्रवर्द्धन कार्यक्रम के तहत तकनीक, पूर्वाधार निर्माण, कौशल आधारित प्रशिक्षण, व्यावसायिक योजना तैयारी, भ्रमण और प्रदर्शनियों की व्यवस्था कर सहयोग दिया गया है। नाग्लिवाङ होते हुए लुप्राङ से जोड़ने वाली सड़क का स्तरोन्नति न होने के कारण उत्पादन को बाजार तक पहुँचाने में समस्या होती है और बंदर भी एक मुख्य समस्या है, कृषक ताराकुमारी ने शिकायत की। इस वर्ष जेठ 12 को आई झड़ी ने खाद्य फसलों, संतरा और तरकारी खेती को नुकसान पहुंचाया है, कृषकों ने अपनी समस्या बताई है।

कैलिफोर्निया में अमेरिकी वायु सेना के विमान दुर्घटना में 8 की मौत

2 असार, काठमांडू। अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया में वायु सेना के विमान की दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हो गई है। एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस से सोमवार सुबह उड़ान भरते ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह घटना ‘रूटीन टेस्ट मिशन’ के दौरान हुई, जैसा कि बताया गया है। वायु सेना के कर्नल जेम्स हेज ने पुष्टि की है कि विमान दुर्घटना में सैनिक, सरकारी कर्मचारी और सरकारी ठेकेदार शामिल हैं और कुल आठ लोगों की मौत हुई है। इससे पहले एयर बेस ने भी संकेत दिया था कि दुर्घटनाग्रस्त विमान से किसी के बचने की संभावना नहीं है। कर्नल हेज ने मृतकों के परिवारों को सूचित कर दिया है तथा आगामी 24 घंटे के भीतर मृतकों की पहचान सार्वजनिक की जाएगी।