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लेखक: space4knews

शरद ऋतु में हिमाल आरोहण की अनुमति लेने वालों की संख्या ५०० के करीब पहुंची

आगामी शरद ऋतु के लिए शुक्रवार तक ४९८ व्यक्तियों ने हिमाल आरोहण की अनुमति प्राप्त कर ली है। मनास्लु हिमाल आरोहण के लिए ३८ टीमों के ४५१ आरोहियों ने अनुमति ली है, जिनमें १२० महिला भी शामिल हैं। इस सीजन में सरकार ने शुक्रवार तक आरोहिओं से २१ करोड़ १० लाख रुपये रॉयल्टी के तौर पर वसूले हैं। २८ भदौ, काठमाडौं।

रसुवा-भोटेकोशी की बाढ़ के कारण पर्यटन क्षेत्र पर बड़ा प्रभाव पड़ा है, लेकिन साहसिक पर्यटकों की संख्या में विशेष कमी नहीं आई है। आगामी शरद ऋतु में हिमाल आरोहण की अनुमति लेने वालों की संख्या ५०० के करीब पहुंच गई है। पर्यटन विभाग के अनुसार, मनास्लु में १२० महिलाओं सहित कुल ४५१ आरोहियों ने अनुमति ली है। कुल ३८ टीमों के सदस्यों को यह अनुमति दी गई है।

मकालु हिमाल पर ३ लोगों ने अनुमति ली है, जबकि दङ्गा हिमाल पर २ समूहों के १६ लोगों को अनुमति मिली है, यह जानकारी पर्यटन विभाग ने दी है। धौलागिरि के लिए २ समूहों के १९ आरोहियों को अनुमति मिली है। गंगापुर्ण हिमाल पर २ और थोराङ पीक पर ७ लोगों ने अनुमति प्राप्त की है। इस सीजन में कुल ६३ देशों के आरोहियों ने अनुमति ली है।

सबसे अधिक संख्या चिनियाँ आरोहियों की है, जिनमें १०० पुरुषों के साथ २९ महिलाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा, रूस के ५३, अमेरिका के ३७ और ब्रिटेन के २८ आरोहियों ने अनुमति ली है। फ्रांस से २७, जर्मनी और जापान से समान रूप से १६-१६ लोगों ने अनुमति प्राप्त की है।

मोरङ उद्योग व्यापार संघको अध्यक्षमा अनिलकुमार साह निर्विरोध चयन

२८ भदौ, विराटनगर । नेपालको पुरानो र प्रतिष्ठित व्यापारिक संस्था मोरङ उद्योग व्यापार संघको अध्यक्षमा अनिलकुमार साह निर्विरोध निर्वाचित भएका छन्। संघको ३५औं कार्यसमितिको अध्यक्ष पदमा साह निर्विरोध चयन हुँदा वरिष्ठ उपाध्यक्षमा अनिल सारडा, वाणिज्य तर्फको उपाध्यक्षमा विकासकुमार बेगवानी, उद्योग तर्फको उपाध्यक्षमा संजयकुमार श्रेष्ठ, र महासचिवमा अमितकुमार सारडालाई चयन गरिएको छ। नयाँ कार्यसमितिको सचिवमा अमित राठी र दिपेश सुवेदी, कोषाध्यक्षमा विनित संघानीया, र सहकोषाध्यक्षमा मनिष मारु निर्वाचित भएका छन्। प्रवक्ताको जिम्मेवारी सुशील सुरानालाई दिइएको छ।

सदस्यहरूमा राजेशकुमार अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, अन्वीत घिमिरे, पवन राठी, देवाशिस गोल्छा, बेदान्त जाजु, डा. बन्दना जैन, लोकेश टिवडेवाल, धिरज मोहता र ओमप्रकाश शर्मा चयन भएका छन्। आमन्त्रित सदस्यमा डा. दीपेन्द्र नौलखा, अमित अग्रवाल, श्रुति शर्मा, पंकज दगड र विकास अग्रवाललाई चयन गरिएको छ। महिला उद्यम समिति तर्फ साधना झा संयोजक र जीना श्रेष्ठ सहसंयोजकमा चयन भएकी छन्। नयाँ कार्यसमितिको कार्यकाल दुई वर्षको रहनेछ।

पोखरा वारियर्स ने इंडोर सुपर लीग सीजन-2 का खिताब जीता

पोखरा वारियर्स ने कटिया हाउस के प्रस्तुति और एक्सट्रीम एनर्जी ड्रिंक के प्रायोजन में आयोजित इंडोर सुपर लीग क्रिकेट सीजन-2 का खिताब जीता है। शनिवार को काठमांडू के व्हेलोसिटी एरिना में हुए फाइनल मैच में पोखराने बुटवल एम्पायर को 17 रनों से हराया। अमित श्रेष्ठ ने 3 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द फाइनल’ का खिताब हासिल किया, जबकि हरिओम जोशी को प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया।

फाइनल मैच में पोखराने पहले बल्लेबाजी करते हुए 79 रन बनाए। जब टीम संकट में थी, अमित श्रेष्ठ की बेहतरीन बल्लेबाजी ने टीम को प्रतिस्पर्धात्मक स्कोर तक पहुँचाया। 80 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहे बुटवल के बल्लेबाज लय पकड़ने में नाकाम रहे। अमित की 3 विकेटों की पारी के कारण बुटवल 17 रन से हार गया और खिताब से वंचित रहा।

सात दिनों तक चले इस प्रतियोगिता में 10 टीमें शामिल थीं और कुल 49 मैच खेले गए। चैंपियन पोखरा वारियर्स ने पांच लाख रुपये, ट्रॉफी और मेडल प्राप्त किए, जबकि उपविजेता बुटवल ने दो लाख रुपये और मेडल लेकर संतोष व्यक्त किया। शानदार प्रदर्शन करने वाले अमित श्रेष्ठ को ‘प्लेयर ऑफ द फाइनल’ का खिताब मिला। पोखरा के आश्रय बस्नेत को सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का पुरस्कार देते हुए 15 हजार रुपये दिए गए, वहीं काठमांडू कैलाश किंग्स के गौतम केसी को सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज घोषित किया गया। हरिओम जोशी को 25 हजार रुपये के साथ प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी सम्मान मिला, जबकि काठमांडू के संतोष रोकायालाई 10 हजार रुपये के साथ ‘इमर्जिंग प्लेयर’ का खिताब दिया गया।

विपदा के बाद पुनर्स्थापना, निवेश संवर्द्धन और रोजगार सृजन पर चर्चा

बागमती प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण थापा मगर और उद्योग वाणिज्य महासंघ के अध्यक्ष अंजन श्रेष्ठ के बीच टेकु में विपदा के बाद उद्योग-व्यवसाय पुनर्स्थापना, निवेश वातावरण और रोजगार विषय पर चर्चा हुई। श्रेष्ठ ने ‘विपदा रोजगार बैंक’ स्थापना, कौशल-आधारित प्रशिक्षण और प्रभावित क्षेत्रों में नए बाजार विकास में महासंघ के सहयोग के लिए तत्परता व्यक्त की। मुख्यमंत्री थापा ने प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण, बाल बच्चों की शिक्षा और अवसंरचना विकास में निजी क्षेत्र के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत कार्य करने का प्रस्ताव रखा। २८ भदौ, काठमांडू।

बागमती प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण थापा मगर और नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के अध्यक्ष अंजन श्रेष्ठ के बीच रविवार को महासंघ सचिवालय टेकु में बैठक हुई। बैठक में रसुवा समेत विभिन्न जिलों में आई बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान, प्रभावित उद्योग-व्यवसाय की पुनर्स्थापना, निवेश वातावरण, रोजगार सृजन तथा प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को सक्रिय बनाने के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने प्रदेश की आर्थिक विकास, निजी क्षेत्र के निवेश विस्तार और उद्यमशीलता संवर्धन के लिए आपसी समन्वय को और मजबूत करते हुए सहयोग के ठोस क्षेत्र चिन्हित करने और भविष्य में फलदायी रूप से कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।

इस अवसर पर महासंघ अध्यक्ष श्रेष्ठ ने बताया कि विपदा के बाद महासंघ राहत, उद्धार और पुनर्स्थापना कार्यों में सक्रिय है और प्रभावित उद्योग-व्यवसायों को पुनः संचालन के लिए अनुकूल वातावरण बनाने हेतु प्रदेश सरकार के साथ सहयोग करने के लिए महासंघ तैयार है। उन्होंने कहा, “प्रदेश सरकार के साथ सहयोग को और प्रभावी बनाने, बागमती प्रदेश में निवेश और उद्यमशीलता के विस्तार के लिए महासंघ सकारात्मक है। हम स्थानीय स्तर पर नए बाजार स्थापित करने, अस्पताल स्थापना तथा विद्यालय पुनर्निर्माण में भी काम करने के इच्छुक हैं।”

मुख्यमंत्री थापा ने प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्स्थापना और पुनर्निर्माण में निजी क्षेत्र के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि विपदा में प्रभावित बाल-बालिकाओं की शिक्षा, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के पुनर्जीवन के लिए महासंघ के साथ सहयोग आवश्यक है। साथ ही उन्होंने बागमती प्रदेश के सड़कों तथा अन्य अवसंरचना विकास में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत काम करने का प्रस्ताव भी रखा।

म्यान्चेस्टर डर्बी में सिटी की जीत, हालान्ड ने दिलवाया गोल से जीत

म्यान्चेस्टर सिटी ने रविवार रात प्रीमियर लीग के तहत म्यान्चेस्टर डर्बी में म्यान्चेस्टर युनाइटेड को १-० से हराया है। पहले हाफ के २३वें मिनट में फिल फोडेन को रेड कार्ड मिलने के बाद सिटी को १० खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। खेल के ६०वें मिनट में एर्लिंग हालान्ड ने जोसको भार्डियल की पास पर किया गया गोल VAR द्वारा सही ठहराए जाने के बाद सिटी ने अपनी जीत सुनिश्चित की। २८ भाद्र, काठमाडौं। अंग्रेज़ी प्रीमियर लीग के इस म्यान्चेस्टर डर्बी में म्यान्चेस्टर सिटी ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए म्यान्चेस्टर युनाइटेड को १-० से हराया। सिटी ने पहले हाफ के २३वें मिनट से १० खिलाड़ियों के साथ सीमित होकर भी सफलतापूर्वक खेलते हुए जीत हासिल की। इस मैच में हालान्ड का गोल निर्णायक साबित हुआ। शुरुआत में इस गोल को ऑफसाइड माना गया था, लेकिन बाद में VAR जांच के पश्चात इसे मान्यता दी गई। फिल फोडेन के रेड कार्ड मिलने के बाद भी सिटी ने चुनौतीपूर्ण स्थिति में संयमित प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। इस जीत के साथ म्यान्चेस्टर सिटी ने चार मैचों में १२ अंक जुटाकर टेबल में दूसरे स्थान पर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है, जबकि म्यान्चेस्टर युनाइटेड चार मैचों में ४ अंक लेकर १३वें स्थान पर है।

कर्णाली के पांच प्रमुख पर्यटन स्थल पर 21 करोड़ 35 लाख की खर्च, सरकार बना रही पर्यटन दशक की नींव

समाचार सारांश

समीक्षा किया गया।

  • कर्णाली प्रदेश सरकार ने रारा, कांक्रेविहार, बुलबुले, कुपिंडे और स्यार्पु की सुरक्षा और विकास के लिए 21 करोड़ 35 लाख रुपए आवंटित किए हैं।
  • प्रदेश ने पर्यटन को बढ़ावा देने और विकास के लिए 53 करोड़ 86 लाख रुपए का बजट निर्धारित कर पार्क, उद्यान, पदमार्ग और दर्शना स्थल निर्माण का काम आरंभ किया है।
  • मंत्री कल्याणी खड़का ने कहा कि कर्णाली पर्यटन दशक के माध्यम से संरक्षण, बुनियादी ढांचे, पहुंच विस्तार और कौशल विकास कर रोजगार सृजन किया जाएगा।

28 भदौ, सुर्खेत । कर्णाली प्रदेश सरकार ने यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों के संरक्षण, बुनियादी ढांचे के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए चालू वित्त वर्ष में करोड़ों रुपए के बजट के साथ कार्य आरंभ किया है।

प्रदेश ने पांच प्रमुख पर्यटन स्थलों की मास्टर योजना से लेकर भवन, सड़कें और अन्य पर्यटन पूर्वाधार निर्माण में बड़ी निवेश करने की योजना बनाई है।

मुगु के रारा ताल, सुर्खेत के कांक्रेविहार, बुलबुले उद्यान और चौहान पार्क, सल्यान के कुपिंडे दह तथा रुकुम पश्चिम के स्यार्पु ताल के संरक्षण और विकास के लिए कर्णाली सरकार ने 21 करोड़ 35 लाख रुपए का बजट आवंटित किया है।

वित्तीय वर्ष 2083/84 के बजट वक्तव्य के 50वें बिंदु में इन स्थलों की मास्टर योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया है।

मास्टर योजना पर जोर

सरकार ने पर्यटन स्थल विकास के साथ ही समग्र पर्यटन पूर्वाधार के लिए 53 करोड़ 86 लाख रुपए अलग रखे हैं। इसके तहत पार्क, उद्यान, खुले स्थान, पदमार्ग और दर्शना स्थल सहित प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पूर्वाधार के निर्माण एवं उन्नयन का कार्य तय किया गया है।

उद्योग, पर्यटन, वन एवं पर्यावरण मंत्री कल्याणी खड़का के अनुसार कर्णाली के पर्यटन को बुनियादी ढांचे के विकास, सेवा सुधार और स्थल प्रबंधन के साथ बढ़ावा देने की नीति है।

‘पर्यटन संबंधित सहायक पूर्वाधार निर्माण के लिए भी सरकार ने बड़ा बजट छोड़ा है,’ उन्होंने बताया। ‘शहरी क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाने के लिए पार्क, उद्यान, पदमार्ग, दर्शना स्थल तथा प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन पूर्वाधार का विकास किया जाएगा।’

रारा से स्यार्पु तक प्राथमिकता

सरकार ने जो पांच प्रमुख पर्यटन स्थल प्राथमिकता में रखे हैं, वे कर्णाली के विशिष्ट पर्यटन पहचान वाले क्षेत्र हैं। मुगु का रारा प्राकृतिक सुंदरता के लिए कर्णाली का प्रमुख पर्यटक स्थल है, जबकि सुर्खेत का कांक्रेविहार ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व का धरोहर स्थल है। बुलबुले उद्यान और चौहान पार्क को शहरी पर्यटन से जोड़ने की योजना पर काम हो रहा है।

सल्यान का कुपिंडे दह और रुकुम पश्चिम का स्यार्पु ताल प्राकृतिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य सरकार का है।

प्रदेश के उद्योग, पर्यटन, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने इन स्थलों को कर्णाली के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल किया है, मंत्री खड़का ने जानकारी दी।

पर्यटन दशक के माध्यम से रोजगार सृजन का लक्ष्य

प्रदेश सरकार ने पर्यटन को सिर्फ गंतव्य विकास तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की नीति अपनाई है। इसी क्रम में ‘कर्णाली पर्यटन दशक’ की घोषणा की जा रही है।

इस अभियान के तहत प्रमुख पर्यटन स्थलों के संरक्षण, पूर्वाधार विकास, पहुंच विस्तार, प्रचार-प्रसार और सेवा गुणवत्ता सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रदेश का लक्ष्य पर्यटन को आर्थिक परिवर्तन एवं रोजगार वृद्धि का आधार बनाना है।

पर्यटन संबंधित कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय लोगों को आतिथ्य सेवा, ट्रेकिंग गाइडिंग, मौलिक वास्तुकला संरक्षण और स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे स्थानीय भागीदारी और रोजगार में इजाफा होगा।

गंतव्य के साथ पहुंच और सेवा सुधार चुनौतियाँ

हालांकि कर्णाली के पर्यटन स्थलों में भारी निवेश की घोषणा हुई है, लेकिन प्रभावी क्रियान्वयन चुनौतियों के रूप में सामने आ रहा है। पहले रारा, कांक्रेविहार, बुलबुले, कुपिंडे, स्यार्पु जैसे स्थलों में पूर्वाधार की कमी, कमजोर सड़क संपर्क, होटल और पेयजल की कमी और प्रचार-प्रसार की कमी के कारण पर्यटन विकास अपेक्षित गति से नहीं हो पाया था।

पहले प्रदेश सरकार ने रारा, शे–फोक्सुण्डो, कुपिंडे, स्यार्पु, कांक्रेविहार, पंचकोशी सहित प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संपदाओं को जोड़कर पर्यटन सर्किट विकसित करने की नीति अपनाई थी।

अब प्रदेश सरकार सिर्फ पर्यटकों को गंतव्य तक पहुंचाना ही नहीं, बल्कि उनके ठहराव को लंबा करने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने पर भी ध्यान दे रही है। पर्यटन सूचना एवं अभिलेख केंद्र, सूचना सामग्री, गाइडबुक, सुरक्षा तथा आपातकालीन सहायता व्यवस्था के विकास के कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं, मंत्री खड़का ने बताया। अन्य धार्मिक और पर्यटन क्षेत्रो पर भी ध्यान दिया जाना आवश्यक है।

पर्यटन पूर्वाधार में 53 करोड़ 86 लाख का निवेश

सरकार ने समग्र पर्यटन क्षेत्र के विकास, प्रबंधन और प्रचार-प्रसार के लिए 53 करोड़ 86 लाख रुपए निर्धारित किए हैं। पांच प्रमुख स्थलों की मास्टर योजना के लिए आवंटित 21 करोड़ 35 लाख रुपए इस व्यापक पर्यटन योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्रदेश सरकार ने पर्यटन को सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता पर आधारित नहीं, बल्कि कृषि, संस्कृति, साहसिक पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों से जोड़ने की नीति अपनाई है। स्थानीय पारंपरिक व्यंजन, मौलिक वास्तुकला, संस्कृति और जीवनशैली को पर्यटन से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्र में आय और रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है।

निवेश का परिणाम दिखना चाहिए

पर्यटन व्यवसायी और संबंधधारी लोगों ने बजट आवंटन को सकारात्मक रूप में लिया है, लेकिन प्रभावी कार्यान्वयन पर बल दिया है। डोल्पा के पर्यटन व्यवसायी जीतेंद्र झांक्री ने बताया कि उन्होंने दो दशकों से अधिक समय से पर्यटन क्षेत्र में काम किया है। उन्होंने उपरी डोल्पा की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर के संरक्षण और विकास के लिए राज्य से अधिक निवेश की मांग की है।

‘शे गुम्बा और क्रिस्टल माउंटेन जैसी धरोहरों के संरक्षण और विकास में अभी भी काम बाकी है,’ उन्होंने कहा।

कर्णाली में रारा, शे–फोक्सुण्डो, स्यार्पु, कुपिंडे, कांक्रेविहार, पंचकोशी, सिन्जा, लिमी उपत्यका सहित अनेक प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरें मौजूद हैं।

लेकिन गंतव्य तक पहुंचने वाले सड़क मार्ग, नियमित यातायात, आवास, पेयजल, संचार और सूचना प्रणाली कमजोर होने तक पर्यटन आकर्षण बढ़ाना कठिन है – यह व्यवसायी बताते हैं।

इसलिए अब निवेश के साथ-साथ गंतव्य विकास, पहुंच, प्रचार, सेवा गुणवत्ता और स्थानीय समुदाय की आय से जोड़ने की आवश्यकता है, उनके सुझाव हैं।

सरकार द्वारा घोषित ‘कर्णाली पर्यटन दशक’ यदि प्रभावी रूप से लागू हुआ, तो प्रदेश में पर्यटक आगमन ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि होटल, होमस्टे, परिवहन, हस्तशिल्प, कृषि और स्थानीय उत्पादों के बाजार का विस्तार भी होगा। इसके साथ पर्यटन कर्णाली की आर्थिक रूपांतरण की आधारशिला बनेगा, ऐसा विश्वास किया जा रहा है।

कर्णाली प्रदेश में प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और साहसिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र मौजूद हैं। जिलानुसार प्रमुख पर्यटन स्थल इस प्रकार हैं:

1. सुर्खेत

– कांक्रेविहार – ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की बौद्ध-हिंदू धरोहर

– देउती बज्यै मंदिर

– बुलबुले उद्यान

– सिद्धपाइला

– गणेश चौक/वीरेन्द्रनगर के आसपास पर्यटन स्थल

– बराहताल

– चिंगाड और भेरी नदी क्षेत्र

2. दैलेख

– श्रीस्थान, नाभिस्थान, पादुका और धुलेश्वर – प्रसिद्ध पंचकोशी क्षेत्र

– कोटिला

– भैरवी मंदिर

– दुल्लु की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर

– ज्वाला क्षेत्र

– दैलेख के पेट्रोलियम संभावना और ऐतिहासिक स्थल

3. जाजरकोट

– खलंगा दरबार क्षेत्र

– जाजरकोट दरबार

– कुशे क्षेत्र

– भेरी नदी और आसपास के प्राकृतिक क्षेत्र

– नलगाड-ताक्सुगाड क्षेत्र, बारेकोट

– छेडागाड और पहाड़ी प्राकृतिक दृश्यों

4. रुकुम पश्चिम

– स्यार्पु ताल

– बांफिकोट क्षेत्र

– चौरजहारी आसपास

– अट्ठाइसकोट और गोतामकोट क्षेत्र

– भेरी नदी और पहाड़ी मार्ग

5. सल्यान

– कुपिंडे ताल – प्रमुख पर्यटन स्थल

– खैराबांग भगवती मंदिर

– छायानाथ/धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल

– कालिमाटी और पूर्वी कर्णाली-राप्ती के आसपास के प्राकृतिक क्षेत्र

6. कालीकोट

– पचालझरना – नेपाल के प्रमुख झरनों में से एक

– रास्कोट क्षेत्र

– महावै क्षेत्र

– तिलागुफा क्षेत्र

– कर्णाली नदी और आसपास के प्राकृतिक दृश्य

7. जुम्ला

– सिञ्जा उपत्यका – नेपाली भाषा और खस सभ्यता का ऐतिहासिक उद्गम स्थल

– चंदननाथ मंदिर

– चंदननाथ-भैरवनाथ क्षेत्र

– पातारासी हिमालय

– तिला नदी क्षेत्र

– सिञ्जा के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल

8. मुगु

– रारा ताल – कर्णाली का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल

– रारा राष्ट्रीय निकुञ्ज

– छायानाथ धाम

– मुर्माटप

– रारा के आस-पास के पदमार्ग और गांव

9. हुम्ला

– लिमी उपत्यका

– ल्मी के प्राचीन गांव और गुम्बा

– नाम्खा क्षेत्र

– सिमकोट

– हिल्सा

– कैलाश-मानसरोवर मार्ग से जुड़ा क्षेत्र

– कर्णाली नदी और हिमालयी पदमार्ग

10. डोल्पा

– फोक्सुण्डो ताल

– शे–फोक्सुण्डो राष्ट्रीय निकुञ्ज

– फोक्सुण्डो झरना

– शे गुम्बा, बाला त्रिपुरासुंदरी

– डोल्पा के प्राचीन निवास और गुम्बा

– फोक्सुण्डो-शे-डोल्पो पदमार्ग

– कागमारा और अन्य हिमालयी पदमार्ग

एसीसी प्रिमियर कप जीतकर नेपाली क्रिकेट टीम स्वदेश लौटी

मलेशिया में यूएई को 44 रन से हराकर एसीसी प्रिमियर कप जीतने वाली नेपाली क्रिकेट टीम रविवार रात नेपाल लौट आई है। ट्रॉफी के साथ स्वदेश लौटे टीम का त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल पर क्यान के सचिव पारस खड्का सहित सभी ने स्वागत किया। कप्तान संदीप लामिछाने को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया, और टीम अब एशियाई खेलों के लिए जापान जाएगी।

28 भदौ, काठमांडू। एसीसी प्रिमियर कप की ट्रॉफी जीतकर नेपाली क्रिकेट टीम रविवार को स्वदेश वापस आई है। मलेशिया में शनिवार को सम्पन्न फाइनल मैच में यूएई को हराकर उपाधि हासिल करने और एशिया कप के लिए क्वालीफाई करने वाली टीम रविवार शाम नेपाल पहुंची। ट्रॉफी के साथ वापस लौटती नेपाली टीम का त्रिभुवन अन्तरराष्ट्रीय विमानस्थल पर क्यान के सचिव पारस खड्का ने स्वागत किया।

मलेशिया के वायुमास ओवल मैदान में हुए फाइनल में नेपाल ने यूएई को 44 रन से हराया था। नेपाल के कप्तान संदीप लामिछाने को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। विमानस्थल पर मीडिया से बातचीत करते हुए संदीप ने कहा कि सभी की मेहनत से यह सफलता मिली है। “हम सभी खुश हैं, देश कठिन दौर से गुजर रहा था, फिर भी अच्छा प्रदर्शन किया, एशिया कप के लिए क्वालीफाई करना गर्व की बात है,” संदीप ने कहा।

नेपाली टीम अब कुछ दिनों में एशियाई खेलों के लिए जापान के लिए रवाना होगी।

काठमाडौं में गैस आपूर्ति के लिए तराई के उद्योग कैसे कर रहे हैं काम?

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा सहित।

  • त्रिशूली नदी में आई बाढ़ के कारण कृष्णभीर में भूस्खलन से पृथ्वी राजमार्ग अवरुद्ध होने पर तराई के 14 उद्योग 24 घंटे गैस सिलेंडर भरकर काठमांडू भेज रहे हैं।
  • सहारा गैस उद्योग रोजाना 8 हजार से अधिक सिलेंडर काठमांडू भेज रहा है जबकि मनोज, अम्बर, लियो और सुपर गैस ने भी आपूर्ति बढ़ाई है।
  • सरकार ने वैकल्पिक रास्ते और छोटे-बड़े ट्रकों के माध्यम से गैस ढुलाई का प्रबंध किया है, लेकिन काठमांडू उपत्यका में अभी भी गैस की कमी बनी हुई है।

28 भदौ, बारा। काठमांडू उपत्यका में खाना पकाने के एलपी गैस की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तराई क्षेत्र के गैस उद्योग 24 घंटे सिलेंडरों में गैस रिफिलिंग कर रहे हैं।

14 भदौ को त्रिशूली नदी में आई बाढ़ ने पृथ्वी राजमार्ग के अंतर्गत कृष्णभीर में भूस्खलन कर राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे गैस ले जाने वाले टेलर बुलेट के लिए वैकल्पिक सड़क न होने के कारण भारत से आने वाले गैस बुलेट काठमांडू के बाहर अटके हुए हैं।

बुलेट काठमांडू तक न पहुँच पाने पर सरकार ने वैकल्पिक मार्ग का प्रबंध करते हुए छोटे-बड़े ट्रकों से गैस सिलेंडर ढुलाई शुरू कर दी है।

काठमांडू उपत्यका में गैस की पर्याप्त आपूर्ति न होने से कमी बनी हुई है। तराई के मकवानपुर, बारा, पर्सा, चितवन, महोत्तरी, धनुषा और नवलपरासी में स्थित 14 उद्योग काठमांडू के लिए गैस भरने का कार्य कर रहे हैं।

काठमांडू में व्यवसायीकरण करने वाले 26 उद्योग के सिलेंडरों में तराई के गैस उद्योग सिलेंडर भरते हैं और ट्रकों के माध्यम से त्रिभुवन राजपथ होते हुए गैस ढुलाई हो रही है।

तराई के उद्योग रोजाना एक ब्रांड के 1,000 से लेकर 8,000 सिलेंडर तक भरकर काठमांडू भेजते हैं।

हेटौँडा में स्थित सहारा गैस उद्योग ने बताया कि वे काठमांडू में गैस आपूर्ति कर रहे हैं। यह उद्योग एवरेस्ट गैस के 4,000 और सुगम के 4,000 सिलेंडरों में रोजाना गैस भरकर काठमांडू भेजता है और तीन शिफ्ट में 24 घंटे संचालित होता है।

सहारा गैस उद्योग के प्रबंधक खड्ग थापा ने कहा कि संकट के समय चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उत्पादन बढ़ाकर काठमांडू गैस भेज रहे हैं।

“हम रोजाना 8 से 12 हजार सिलेंडर गैस भरते हैं, जिसमें लगभग 2,500 सिलेंडर स्थानीय बाजार में सहारा के ब्रांड के जाते हैं,” प्रबंधक थापा ने कहा। “इसके अलावा 8 हजार से अधिक सिलेंडर हम काठमांडू भेज रहे हैं।”

उनके अनुसार काठमांडू गैस भेजने के लिए पालुङ्ग मार्ग का उपयोग किया जा रहा है। 5 से 7 छोटे ट्रक और काठमांडू के पार्टी व डीलर की गाड़ियों द्वारा रोजाना लगभग 8,500 सिलेंडर आपूर्ति होती है।

ज्यादा गैस उत्पादन होने के कारण उद्योग में लंबे समय तक काम हो रहा है। “यह हमारे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण है, पर हम 18-20 घंटे शिफ्ट के अनुसार काम कर रहे हैं,” उन्होंने बताया, “रोजाना 8-10 हजार सिलेंडर भरने पर लोडिंग के लिए गाड़ियों का इंतजार करते हुए समय लग रहा है।”

राजमार्ग खुलने या बंद होते ही उद्योग में गैस लेने आने वाली गाड़ियों की भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है, प्रबंधक थापा ने जानकारी दी।

मनोज गैस रोजाना 1,800 सिलेंडर भर रहा है

पर्सा के परवानीपुर में स्थित मनोज गैस उद्योग प्रा.लि. काठमांडू के लिए गैस सिलेंडर भरकर भेज रहा है। यह उद्योग अपनी गैस के साथ-साथ काठमांडू के दो अन्य गैस ब्रांड के सिलेंडर भर कर राजधानी भेज रहा है।

मनोज गैस उद्योग के कर्मचारी संजय कुमार मिश्र के मुताबिक फिलहाल उद्योग साल्ट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन का ‘STC’ और एक अन्य कंपनी का ‘लोकप्रिय’ गैस सिलेंडर भर रहा है।

“हम काठमांडू के लिए इन दो ब्रांड के सिलेंडर भर रहे हैं,” मिश्र ने कहा, “रोजाना लगभग 1,600 से 1,800 सिलेंडर भरकर राजधानी के लिए भेज रहे हैं।”

अपने तथा काठमांडू के गैस सिलेंडर भरने के क्रम में उद्योग समय प्रबंधन कर रहा है। सुबह से शाम तक अपनी गैस फिल करने के बाद रात में काठमांडू के सिलेंडर भरकर भेजा जाता है।

“सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक हम अपनी मनोज गैस फिल करते हैं, फिर बाहर के STC और लोकप्रिय सिलेंडर की मांग के अनुसार रात 12-1 बजे तक फिलिंग कर भेजते हैं,” उन्होंने बताया।

बारा में स्थित अम्बर गैस उद्योग ने भी सिद्धार्थ और STC गैस सिलेंडर भरने का काम किया है। कंपनी के कर्मचारी पन्नालाल साह के अनुसार दोनों कंपनियों के लिए रोजाना 1,200 सिलेंडर गैस भरी जा रही है।

बारा के लियो गैस उद्योग प्रा.लि. ने लोकप्रिय और श्रीमाया ब्रांड के सिलेंडरों में गैस भरा है जैसा कि व्यापारी निर्मल खत्री ने जानकारी दी।

लियो गैस संचालक एवं एलपी गैस उद्योग संघ कोषाध्यक्ष खत्री ने कहा कि संकट के समय नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी महसूस करते हुए आपूर्ति बढ़ाई गई है।

उनके अनुसार भारत से गैस की उपलब्धता में कोई रुकावट नहीं है और उनके उद्योग में रोजाना करीब आधा दर्जन गैस बुलेट आते रहते हैं।

“महत्त्वपूर्ण संकट के समय हमने उद्योगी के बजाय नागरिक के रूप में जिम्मेदारी समझी है, कामगार और टीम ने बहुत सहयोग किया है,” खत्री ने कहा। “हम सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक, और दोपहर 3 बजे से रात 11 बजे तक दो शिफ्टों में काम करते हैं।”

उन्होंने बताया कि लियो गैस उद्योग रोजाना 5,000 सिलेंडर गैस बाजार में भेज रहा है, जिनमें करीब 2 से 2.5 हजार सिलेंडर स्थानीय बाजार के लिए और बाकी 3 हजार सिलेंडर काठमांडू भेजे जाते हैं।

कामगारों के साथ और उद्योग के प्रयास से काठमांडू के उपभोक्ताओं को गैस की कमी से बचाया जा रहा है, खत्री ने बताया।

इसी प्रकार, पर्सा के सुपर गैस उद्योग ने काठमांडू के हिमाल ब्रांड के सिलेंडरों में गैस भरने की सूचना दी है।

पृथ्वी राजमार्ग पूरी तरह से चालू न होने तक नेपाल आयल निगम के समन्वय में तराई के उद्योग वैकल्पिक मार्ग से काठमांडू के लिए गैस भेजेंगे।

काठमांडू उपत्यका समेत कुछ जिलों में गैस की कमी के बावजूद भारत से बाजार की मांग से अधिक मात्रा में गैस की आपूर्ति हो रही है, यह तथ्य नेपाल आयल निगम ने सार्वजनिक किया है।

तस्वीरें : ऋतु काफ्ले

 

यमालका दुई गोलले बार्सिलोनालाई महत्वपूर्ण जीत

लामिन यमालका दो गोलों ने बार्सिलोना को स्पेनिश ला लीगा में लेवान्टे पर ४–२ से जीत दिलाई और लगातार पाँचवीं जीत दर्ज कराई। वेलेंसिया में हुए मैच में बार्सिलोना के जावी एस्पार्ट, यमाल और करिम अदेयेमी ने गोल किए जबकि राफिन्हा ने दो असिस्ट दिए। पाँच मैचों में १५ अंक हासिल कर बार्सिलोना शीर्ष स्थान पर है और दूसरे स्थान पर रहे रियल मैड्रिड से तीन अंक आगे है। २८ भाद्र, काठमांडू।

बार्सिलोना ने मैच के पाँचवें मिनट में ही जावी एस्पार्ट के गोल से बढ़त पकड़ ली थी। इसके बाद यमाल ने १९वें मिनट में दूसरा गोल कर पहले हाफ २–० की बढ़त बनाई। दूसरे हाफ के ४८वें मिनट में यमाल ने पेनाल्टी से व्यक्तिगत दूसरा और टीम का तीसरा गोल किया। मैच के अंत में लेवान्टे ने इवान रोमेरो और रोजर ब्रुगे के गोलों से वापसी की कोशिश की, लेकिन इन्जुरी समय में करिम अदेयेमी ने गोल कर बार्सिलोना की जीत पक्की की। राफिन्हा ने पहले दो गोलों में असिस्ट करते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ हांसी फ्लिक की टीम बार्सिलोना ने पाँच मैचों में शत-प्रतिशत जीत के साथ १५ अंक जुटाए हैं। बार्सिलोना दूसरे स्थान पर मौजूद रियल मैड्रिड से तीन अंक आगे है, जिसने पाँच मैचों में १२ अंक जुटाए हैं।

‘चमौली, मेलम्ची और टिस्टा की बाढ़ घटनाएँ भोटेकोशी बाढ़ की निरंतरता हैं, इसके अनुसार अब रणनीति बनाएं’

वातावरण वैज्ञानिक उत्तमबाबु श्रेष्ठ ने भोटेकोशी की बाढ़ को पिछले ६ वर्षों की हिमालयी बाढ़ों से ज्यादा हानिकारक बताया है। उन्होंने हिमनद के पिघलने से बन रहे हिमताल एवं ढाल के टूटकर नदी में गिरने वाले कास्केडिंग घटनाओं को बाढ़ के मुख्य कारणों के रूप में बताया है। श्रेष्ठ ने जलवायु परिवर्तन को भोटेकोशी बाढ़ का प्रमुख दुष्करमणीय तत्व मानते हुए इस तरह की आपदाओं से निपटने के लिए बहुआयामी तैयारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

‘भोटेकोशी के बाद हमारी ज़िन्दगी’ नामक संवाद श्रृंखला के पहले भाग में विपद् प्राधिकरण के पूर्व सीईओ अनिल पोखरेल के साथ बातचीत आयोजित की गई थी। इसी श्रृंखला के दूसरे भाग में वातावरण वैज्ञानिक उत्तमबाबु श्रेष्ठ ने भोटेकोशी की तुलना करते हुए गत छह वर्षों की हिमालयी बाढ़ों का विश्लेषण प्रस्तुत किया। श्रेष्ठ ने कहा, ‘भोटेकोशी ने जो क्षति पहुँचाई है, उसकी तीव्रता किसी अन्य बाढ़ से कहीं अधिक है।’

उनके अनुसार, नदी को रोकना या बांध बनाना, नदी के साथ-साथ मिट्टी, गाद और हिमखंड के गिरने से निचले तटीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विनाशकारी प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। भोटेकोशी बाढ़ के कई कारण हैं, परंतु जलवायु परिवर्तन इसके मुख्य दोषी हैं, यह उनका दावा है। ‘आजकल आपदाएं श्रृंखलाबद्ध होकर होती हैं। इसका मतलब है हिमपहाड़ी लैंडस्लाइड या भूक्षय होता है, ताल बनती है और फिर नदी रुकती है, इसके बाद और भी विनाशकारी घटनाएं शुरू हो जाती हैं। इस तरह के ‘कास्केडिंग’ प्रकोप हमें बहुआयामी रणनीति बनाकर तैयार रहना आवश्यक बनाते हैं,’ श्रेष्ठ ने कहा।

वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान ग्लोबल इंस्टीट्यूट फॉर इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज के प्रमुख रहे श्रेष्ठ के साथ नेपाल के आगामी कार्यों के विषय में ऑनलाइन संवाद, प्रस्तुतकर्ता बसन्त बस्नेत। वीडियो: शंकर गिरी

सन् १९८० को दशकमा जन्मिएका इरानीहरू आफूलाई ‘जलेको पुस्ता’ किन भन्छन्?

इरानमा सन् १९८० को दशकमा जन्मिएका ‘जलेको पुस्ता’ले युद्ध, प्रतिबन्ध, महँगाई र राजनीतिक अशान्तिको बीचमा कष्टकर जीवन बिताइरहेको बताएको छ। इरानको वार्षिक मुद्रास्फीति अगस्ट अन्त्यसम्म ८९ प्रतिशत पुगेको छ र खाद्यान्न मूल्यवृद्धि १२७ प्रतिशतभन्दा बढी भइसकेको तथ्यांक सार्वजनिक गरिएको छ। पेट्रोलको मूल्य वृद्धिले, अमेरिकी प्रतिबन्ध, समुद्री नाकाबन्दी र अवरुद्ध यातायातले इरानी जनजीवन थप गाह्रो बनाएको छ र परिवारहरू उपभोग घटाउन विवश भएका छन्।

तेहरान (इरान) । सन् १९८० को दशकमा जन्मिएका इरानीहरूले प्रायः आफूलाई ‘जलेको पुस्ता’ भन्छन्। उनीहरूको जीवन सन् १९७९ को इरानी इस्लामिक क्रान्तिपछि सुरु भएको राजनीतिक र आर्थिक उथलपुथलको बीचमा बितेको छ। सन् १९७९ मा इरानी इस्लामिक कार्यकर्ताहरूले अमेरिकी राजदूतसहितका कूटनीतिज्ञहरूलाई ४४४ दिनसम्म बन्धक बनाएको ‘अमेरिकी दूतावास कब्जा’ घटनाले त्यस दशकको राजनीतिक अवस्थालाई झल्काएको थियो।

बर्दियाका अनुसार, अहिलेका युवाहरू सन् १९८० को दशकमा जन्मिएका पुराना पुस्ताभन्दा पनि गाह्रो जीवन बिताइरहेका छन्। रोजगार बजार थप अस्थिर र महँगाई बढिरहेको छ। ‘स्वतन्त्र भएर बस्न, परिवार बनाउन, विदेश जान, घर, पसल, गाडी वा नयाँ फोन किन्ने सपना दिनप्रतिदिन टाढिँदै गएको छ,’ उनले सुरक्षा कारण आफ्नो नाम नखुलाउने सर्तमा अलजजिरालाई भने।

इरानको तथ्यांकअनुसार अगस्टको अन्त्यसम्म वार्षिक मुद्रास्फीति ८९ प्रतिशत पुगेको थियो। खाद्यान्नको मूल्यवृद्धि गत वर्षको सोही महिनाको तुलनामा १२७ प्रतिशतभन्दा बढी थियो। इरानी राष्ट्रिय मुद्रा रियाल निरन्तर कमजोर हुँदै गएको छ। गत साता खुले बजारमा एक अमेरिकी डलरको मूल्य १३ लाख ७० हजार रियालभन्दा माथि पुगेर नयाँ रेकर्ड बनाएको थियो।

एक इरानी प्रयोगकर्ताले सामाजिक सञ्जाल एक्समा लेखेका छन्, ‘मलाई याद छ, मेरो बाबाले १ करोड तोमान (१० करोड रियाल, लगभग ४३ डलर)मा गाडी किन्ने दिन। मलाई याद छ, उनले त्यही मूल्यमा जग्गा किन्ने दिन। आज उहाँ घरमा थोरै मासु लिएर आउनुभयो र यसको मूल्य पनि १ करोड तोमान भएको बताए। म स्तब्ध छु। म २४ वर्षको छु र मैले यी सबै देखिसकेको छु।’

अर्थशास्त्री तथा बजार विश्लेषक बेहनाम सामादीका अनुसार राजनीतिक र आर्थिक अनिश्चितताले इरानलाई ठूलो मूल्य चुकाउन बाध्य तुल्याइरहेको छ। परिवारहरूले生活शैली र उपभोगका बानी क्रमशः बदलिरहेका छन्। मनोरञ्जन, शिक्षा र स्वास्थ्य सेवामा खर्च घटाइएको छ। उधारामा किनमेल गर्ने र किस्ताबन्दीमा सामान लिने प्रवृत्ति बढ्न थालेको छ।

‘सबैभन्दा उपयुक्त वर्णन यो हो कि इरानी परिवारहरू परिस्थितिसँग अनुकूलित हुँदैछन्, तर यसको अर्थ उनीहरूको जीवनस्तर कायम छ भन्ने होइन,’ सामादी भन्छन्। ‘यदि यो अवस्था जारी रह्यो भने हामीले “सहनशीलता” भन्ने कुरा क्रमशः “सहनशीलताको क्षय” मा परिणत हुन सक्छ।’

एक अंजुली जीवन

मबगेको नदी में एक अंजुली पानी चढ़ाए हो बाबा। आक्रोशित सी लग रही है नदी! पीड़ा और शर्मिंदगी की नदी मुझे घेर रही है। विस्मित होकर मैं सोच में डूबा हूँ, धरती को बर्दाश्त न होने योग्य मात्रा में उत्सर्जित गर्म गैसों के खिलाफ प्यासे नदी का विद्रोह था यह? या यह उसकी ममता भरी इच्छा थी कि वह मुझे अपने गर्भ में समाहित करे? मां के गर्भ में रहते हुए मैं पानी में था, वह पानी कितना गर्म और सुरक्षित था! उस पानी के अंदर मेरी छुपी-छुपाई दुनिया कितनी सुंदर और मधुर थी। मां के गर्भ से भी कठिन होता है नदी का गर्भाशय। अत्यधिक आक्रोश में वह मुझे दूरस्थ मंजिल की ओर फेंक रही है, क्रूर चट्टानों से टकराते और किनारे की विशाल दीवारों से भिड़ते हुए। मैंने जो गलती नहीं की उसका मुझे दंड भुगतना पड़ा! जीवन, आशा और उल्लास की नदी में। लेकिन आज, कीचड़ मिले पानी में बहते-बहते मैं थक चुका हूँ—तुमसे कितना दूर? इतने दूर इस समय आना चाहिए था? मस्तिष्क में विचारों और विरोध की बुंदें नहीं आनी चाहिए थीं। मन के भीतर प्रश्नों की बाढ़ नहीं आनी चाहिए थी, बिल्कुल नदी से नहीं—‘मेरा क्या दोष था कि तुम मुझसे बदला ले रही हो?’ लेकिन मैं कैसे न पूछूं? ‘तुम मेरे निर्दोष पिता के दिल में छुरा क्यों घोंप रही हो और उनका प्राण क्यों छीन रही हो?’ ये सवाल मेरे हृदय में बह रहे हैं। तुमने बड़ी मेहनत से ओढ़ाई गई करुणा की धुंधली परत को भेदकर, कमजोर हुई आंखों से निकल रही हैं क्रोध की चिंगारियां। पहाड़ों को गिरने पर मजबूर करने वाले उन लालची दिमागों को, नदी की आवाज़ को दबाने वाले निर्दयी हाथों को, देशों को युद्ध में ले जाने वाले अहंकारी छातीओं को मैं लगातार प्रार्थना कर रहा हूँ—‘फिर से एक जीवन दो, हे माता!’ उस जन्म में पहाड़ को पिघलाने वाली गर्मी न हो, नदी को विषैले बनाने वाले हाथ न हों, आकाश को धुएं से ढकने का उद्देश्य न हो, और इंसान की जान से सत्ता की भूख बड़ी न हो।

दिल्ली में ईरानी विदेश मंत्री ने पाँच देशों के विदेश मंत्रियों के साथ समूह बैठक की

२८ भदौ, काठमाडौं । नई दिल्ली में सम्पन्न १८वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर ईरान, रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया और कजाखस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच एक समूहगत बैठक आयोजित की गई। सोमवार को हुई इस बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ पारस्परिक हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में शामिल देशों ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने, बहुपक्षीय कूटनीति को मजबूत करने और क्षेत्रीय एवं वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

ईरान और रूस के बीच घनिष्ठ संबंधों का विश्वास किया जाता है। दोनों देशों ने सीरिया, क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा से संबंधित विषयों में सहयोग चलाया है। चीन, ईरान का महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है। चीन ईरान से तेल का आयात करता है और वहाँ इनफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े विभिन्न परियोजनाओं में निवेश कर रहा है। ईरान और मिस्र के संबंध लंबे समय तक सीमित रहे, लेकिन हाल के वर्षों में दोनों देशों ने संबंध सुधारने का प्रयास किया है। इंडोनेशिया और ईरान के सामान्यतः सकारात्मक संबंध हैं। इंडोनेशिया मध्य पूर्व की राजनीति में प्रायः संतुलित दृष्टिकोण अपनाता है। ईरान और कजाखस्तान के बीच संबंध मुख्यतः व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय संपर्क पर केंद्रित हैं। अंतरराष्ट्रीय उत्तर–दक्षिण परिवहन कॉरिडोर जैसी परियोजनाएँ दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

कलिम सनाले चितवन राइनोजबाट एनपीएलमा भाग लिने

चितवन राइनोजले क्यानडाका पेस बलर कलिम सनालाई नेपाल प्रिमियर लिगको तेस्रो संस्करणका लागि अनुबन्ध गरेको छ। सनाले क्यानडाका लागि टी-२०आईमा ४५ खेलमा ६५ विकेट र ओडीआईमा ३३ खेलमा ५१ विकेट लिएका छन्। चितवनले यसअघि रवि बोपारालाई तेस्रो सिजन र सिकन्दर राजालाई पनि अनुबन्ध गरिसकेको छ। २८ भदौ, काठमाडौं।

क्यानडाका पेस बलर कलिम सनाले चितवन राइनोजबाट नेपाल प्रिमियर लिग (एनपीएल) को तेस्रो संस्करण खेल्ने भएका छन्। चितवनले सामाजिक सञ्जालमार्फत सनालाई अनुबन्ध गरिएको जानकारी दिएको छ। सना क्यानडा क्रिकेट टिमका मुख्य पेस बलर हुन्। सनाले क्यानडाका लागि टी-२०आईमा ४५ खेल खेल्दा ६५ विकेट लिएका छन्। ओडीआईमा ३३ खेलमा ५१ विकेट लिएका छन्। समग्र टी-२०मा सनाले ४९ खेलमा ६९ विकेट लिएका छन्। उनले ग्लोबल टी-२० लिग क्यानडा, पाकिस्तान सुपर लिग, आईएल टी-२० जस्ता फ्रेन्चाइज लिगहरूमा खेलेका छन्।

चितवनले यसअघि इंग्ल्यान्डका रवि बोपारालाई लगातार तेस्रो सिजनका लागि अनुबन्ध गरेको थियो भने जिम्बाबेकाका स्टार अलराउन्डर सिकन्दर राजालाई पनि तेस्रो सिजनका लागि अनुबन्ध गरिसकेको छ। यसअघि दुई सिजन खेलेका सोहेल तनविर यस पटक प्रशिक्षकको रूपमा रहेका छन्।

धनगढी में ऑटो रिक्शा द्वारा मोटरसाइकिल को टक्कर देने से बालक की मौत

२८ भदौ, कैलाली। धनगढी उपमहानगरपालिका–२, मिलनचोक में ऑटो रिक्शा द्वारा मोटरसाइकिल को टक्कर देने से एक बालक की मृत्यु हो गई और मोटरसाइकिल चालक घायल हो गए हैं। मिलनचोक में धनगढी उपमहानगरपालिका–२, आदर्श टोल के १८ वर्षीय अंकित गुप्ता द्वारा चलाए जा रहे सुप्र.०१–००२ स ६११ नम्बर के ऑटो रिक्शा ने चौराहे से भन्सार की ओर जा रहे सुप्र.०१–००८ प ५९५९ नम्बर की मोटरसाइकिल को टक्कर मारी।

जिला प्रहरी कार्यालय के सूचना अधिकारी योगेन्द्र तिमिल्सिना के अनुसार, दुर्घटना में मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे कंचनपुर के पुनर्वास नगरपालिका–८ ‘क’ गांव के १४ वर्षीय बालक क्रिस गोतामे की मृत्यु हुई है। वहीं, दुर्घटना में मोटरसाइकिल चालक कैलाली के घोडाघोडी नगरपालिका–८ के २२ वर्षीय दिनेश थापा घायल हुए हैं। पुलिस ने घटना की अधिक जांच की सूचना दी है।