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लेखक: space4knews

प्युठान में विद्यालय से लौट रहे दो बच्चों में से एक की बर्खे बाढ़ में मौत, दूसरा लापता

२ असार, प्युठान। प्युठान में विद्यालय से घर लौट रहे दो बच्चों को बर्खे बाढ़ ने बहा दिया है। इस घटना में एक बच्चे की मौत की पुष्टि हुई है जबकि दूसरा बच्चा अभी भी लापता है।

प्युठान के नौबहिनी गाउँपालिका–५ काँटे में विद्यालय से लौट रहे स्थानीय यामबहादुर खत्री के दो पुत्र विमल और मिलन को बर्खे बाढ़ ने बहा दिया। घटना स्थल पर विमल का शव मिला है जबकि मिलन अभी भी लापता है, स्थानीय महेश थापా ने जानकारी दी। उनकी खोज जारी है।

विमल कक्षा १ में और मिलन कक्षा ३ में अध्ययनरत थे। थापा के अनुसार अचानक आए वर्षा के बाद आई बाढ़ ने दोनों को बहा दिया। घटना के अन्य विवरण अभी आना बाकी हैं।

नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के पूर्व महानिदेशक गौतम को कारावास भेजा गया

२ असार, काठमाडौं। नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के पूर्व महानिदेशक सञ्जिव गौतम को कारागार में रखा गया है। मंगलवार को विशेष अदालत के न्यायाधीश नारायणप्रसाद पौडेल, हेमन्त रावल और डिल्लीरत्न श्रेष्ठ की इजलास ने गौतम को पुर्पक्ष के लिए थुनामा रखने का आदेश जारी किया है। पोखरा विमानस्थल निर्माण के भ्रष्टाचार मामले में गौतम भी शामिल थे। तत्कालीन निर्देशक प्रदीप अधिकारी सहित गौतम के खिलाफ अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग ने मामला दायर किया था। अख्तियार ने गौतम से ६ करोड़ ७३ लाख ९९ हजार ६४८ रुपये ५९ पैसे वसूल करने और सजा मांगने के साथ मुकदमा चलाया था। अदालत के निर्णय के अनुसार गौतम को थुनामें रखने का आदेश दिया गया है। प्रदीप अधिकारी को पहले ही कारागार भेजा जा चुका है।

दक्षिण कोरिया जान लगाएर ठगीका घटना बढ्दै, दूतावासले सतर्कता अपनाउन आग्रह गर्यो

२ असार, काठमाडौं । दक्षिण कोरियामा रोजगारी वा बसाइँसराइ सुविधाको आश्वासन दिएर नेपाली नागरिकहरूलाई ठगी गर्ने घटनाहरू तीव्र गतिमा बढिरहेका छन्। केही ब्रोकर र व्यक्तिहरूले दक्षिण कोरिया पठाउने, रोजगार दिलाउने वा बसाइँसराइको प्रक्रिया सहज बनाउन सक्छु भन्ने बहानामा ठूलो रकम असुल्ने गरेपछि, काठमाडौंस्थित कोरियाली दूतावासले सूचना जारी गरेर सबैलाई सतर्क रहन आग्रह गरेको छ। दूतावासले यस्ता व्यक्ति वा संस्था भेटिएमा तत्काल नेपाल प्रहरीले जानकारी गराउन अनुरोध गरेको छ।

दक्षिण कोरियामा रोजगार वा बसाइँसराइको प्रक्रिया अनधिकृत ब्रोकरमार्फत सम्भव नहुने कुरा दूतावासले स्पष्ट पारेको छ। वैदेशिक रोजगारीको नाममा हुने ठगीबाट बच्न सर्वसाधारणलाई सचेत र सुरक्षित रहन सुझाव दिइएको छ। हाल वैदेशिक रोजगारप्रति आकर्षण बढ्दै जाँदा विभिन्न देशहरूमा रोजगारको नाममा रकम असुल्ने घटना पनि बढिरहेका छन्। यस अवस्थामा आधिकारिक निकायहरूबाट मात्र जानकारी लिनुपर्ने र कुनै पनि आर्थिक कारोबार अघि राम्ररी बुझ्न आवश्यक रहेको दूतावासले जोड दिएको छ।

जुम्ला में टैक्टर दुर्घटना में एक की मौत, एक गंभीर घायल

२ असार, जुम्ला। जुम्ला में टैक्टर दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि एक गंभीर रूप से घायल हुआ है। कर्णाली राजमार्ग के अंतर्गत तातोपानी गाउँपालिका-३ लाछुगाउँ के पास मंगलवार शाम लगभग ६ बजे वीई १ ट ८९३५ नंबर का टैक्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जुम्ला के डीएसपी चिरंजीवी दाहाल के अनुसार, दुर्घटना में मृतक तिला गाउँपालिका–४ के खबेन्द्र शाही हैं। वहीं, उसी स्थान की देउमनी सार्की गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस के अनुसार, टैक्टर सड़क से लगभग २०० मीटर नीचे गिर गया।

नेप्सेको अध्यक्ष पदमा अमृत लम्साल नियुक्त

२ असार, काठमाडौं । नेपाल स्टक एक्स्चेन्ज (नेप्से) को अध्यक्षमा अर्थ मन्त्रालयका सहसचिव अमृत लम्साल नियुक्त भएका छन्। वैशाख १५ देखि अध्यक्षविहीन रहेको नेप्सेमा अर्थमन्त्री स्वर्णिम वाग्लेको सिफारिसमा लम्साललाई यो जिम्मेवारी दिइएको हो। हाल उनी नेपाल रिइन्स्योरेन्स कम्पनीका अध्यक्ष समेत रहेका छन्। साथै, लम्साल नेपाल बैंकको सञ्चालक समितिमा सरकारका प्रतिनिधि भएर पनि कार्यरत छन्।

श्रमजीवी पत्रकार संघ ने संचार क्षेत्र में पुनर्गठन के लिए सरकार को सुझाव दिया

२ असार, काठमाडौं । श्रमजीवी पत्रकार संघ नेपाल ने संचार क्षेत्र की समग्र संरचनात्मक सुधार, पत्रकारों के श्रम अधिकारों की सुनिश्चितता और संचार माध्यमों के प्रभावी नियमन के लिए सरकार को प्रस्तुत किए गए सुझावपत्र को लेकर व्यापक चर्चा शुरू की है। संघ ने सूचना तथा संचार मन्त्री डा. विक्रम तिमिल्सिनालाई सौंपे गए इस सुझावपत्र में नेपाल के आमसंचार क्षेत्र को नए कानूनी एवं संस्थागत ढाँचे के तहत पुनर्गठन करने के गंभीर प्रस्ताव शामिल हैं। संघ के अध्यक्ष जन्मदेव जैसी, महासचिव मनिषा अवस्थी सहित प्रतिनिधिमण्डल ने सिंहदरबार में स्थित सूचना तथा संचार मन्त्रालय पहुंचकर सुझावपत्र सौंपा।

चर्चा में संघ ने कहा कि हाल के वर्षों में संचार क्षेत्र तीव्र गति से बढ़ा है, लेकिन पत्रकारिता में विश्वास, श्रम सुरक्षा, पेशेवर मर्यादा एवं संस्थागत प्रबंधन से जुड़े कई गंभीर चुनौती बने हुए हैं। सुझावपत्र में सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव के रूप में ‘राष्ट्रीय आमसंचार प्राधिकरण’ के गठन की परिकल्पना प्रस्तुत की गई है। संघ के अनुसार वर्तमान विभाजित नियामक संरचना डिजिटल युग में संचार प्रणाली को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने में विफल रही है, इसलिए एक समेकित नियामक निकाय की आवश्यकता अपरिहार्य हो गई है।

प्रस्तावित प्राधिकरण संचार माध्यमों के पंजीकरण, नवीनीकरण, वर्गीकरण से लेकर पत्रकार मान्यता, सुरक्षा, तथ्य जांच, डिजिटल संचार प्रबंधन, सरकारी विज्ञापन वितरण और संचार अनुसंधान तक की जिम्मेदारियाँ निभाएगा, सुझावपत्र में उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण के अंतर्गत संचार माध्यम पंजीकरण एवं नियमन विभाग, संचार न्यायालय, पत्रकार मान्यता एवं अभिलेख विभाग, राष्ट्रीय पत्रकारिता प्रशिक्षण संस्थान, पत्रकार सुरक्षा एवं कल्याण केंद्र, राष्ट्रीय तथ्य परीक्षण एवं सूचना विश्वसनीयता केंद्र तथा संचार अध्ययन एवं नीति अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का भी प्रस्ताव किया गया है।

संघ ने इसे आधुनिक संचार प्रणाली प्रबंधन की मूल संरचना बताया है। सुझावपत्र में प्रिंट, रेडियो, टेलीविजन, ऑनलाइन और अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों को एक ही कानूनी ढांचे में लाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है। साथ ही, संचार माध्यम के स्वामित्व और निवेश को पारदर्शी बनाने, वार्षिक लेखा परीक्षा अनिवार्य करने और आंतरिक आय-व्यय को सार्वजनिक करने की कड़ाई से लागू करने की मांग भी की गई है।

सहकारी से रिचार्ज कार्ड बिक्री की राशि गायब, उपचार खर्च के अभाव में बेनुमाया की परेशानी

२ असार, काठमाडौं । शारीरिक रूप से विकलांग बेनुमाया कटुवाल अब सहकारी से फंसी हुई अपनी बचत राशि वापस लेने के प्रयास में लगी हैं। दैनिक खर्च जुटाने में भी कठिनाई के कारण कटुवाल कई बार सरकारी संस्थानों के पास जाकर अपना पैसा वापस मांग रही हैं। रिचार्ज कार्ड बेचते समय जब वे रास्ते पर चल रही थीं, तब शिवशिखर बहुउद्देश्यीय सहकारी के कर्मचारियों ने उच्च ब्याज और बाजार में खाद्य वस्तुओं पर छूट देने की गारंटी दी, जिससे विश्वास कर कटुवाल ने बचत शुरू की। कार्ड बेचने जाते रोजाना रास्ते में सहकारी की मौजूदगी से उन्हें बचत के लिए प्रेरणा मिली। बचत शुरू नहीं करने पर भी कर्मचारियों ने विभिन्न लुभावने प्रस्ताव दिये, जिससे वे विश्वास कर अपनी आमदनी बचाने लगीं। ‘मैं बेसहारा विकलांग हूं, इसलिए कर्मचारियों की गलत मंशा नहीं, बल्कि अच्छे आश्वासन पर पैसा रखा,’ उन्होंने कहा, ‘अब पछतावा है, बिना खाए रखा पैसा किसी और ने खा लिया, अब न काम कर सकती हूं, न बचत वापस पा रही हूं।’

उनकी जमा बचत लगभग एक लाख रुपये थी और रिचार्ज कार्ड बिक्री से मिली पाँच सौ रुपये भी भविष्य के लिए बचाए थे। ‘सहकारी में रखा पैसा न तो पहले दिन पेट भरा, न अब,’ उन्होंने बताया। कटुवाल ने शिवशिखर में ४ लाख रुपये का मुदती बचत रखा था वहीं गौतमश्री सहकारी में भी ५ लाख रुपये बचत करवाए थे। वर्तमान में वे विकलांग हैं, सीमित विस्तार में हैं, न इलाज का खर्च है, न काम करने की स्थिति। अच्छे से बोल भी नहीं सकती, औषधि न लेने पर शरीर चलाना मुश्किल है, पानी निगलना और साँस लेना भी कठिन हो गया है। ‘लगभग १० वर्षों से इस समस्या से जूझ रही हूं,’ उन्होंने कहा।

अविवाहित और अकेली महिला कटुवाल के पास अब न तो पैसा है, न कोई सहारा। विस्तार से उठने में असमर्थ कटुवाल पहले दैनिक रूप से काठमाण्डौ की सड़कों पर घूम-घूम कर रिचार्ज कार्ड बेचकर जमा पैसे को सहकारी में जमा करवाती थीं। ‘सहकारी में जमा पैसा और समस्या बढ़ा गया,’ उन्होंने शिकायत की, ‘बीमार और कमजोर होने के कारण जब वह पैसा फंसा तो स्थिति और जटिल हो गई, जीने की इच्छा भी कम हो गई।’

शिवशिखर सहकारी की समस्या क्या थी? कर्मचारी पैसा संकलित करते हुए विभिन्न कंपनी में निवेश करते थे लेकिन तत्कालीन अध्यक्ष केदार शर्मा और उनकी टीम की कार्यशैली ने संस्था को संकट में डाल दिया। बचतकर्ताओं ने पैसा वापस मांगा तो लौटाया नहीं गया, इसके बाद बचतकर्ताओं की पहल पर २०८० भदौ २५ को संस्था को समस्याग्रस्त घोषित कर दिया गया। नेपाल पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो ने १८ जेठ २०८० को शर्मा सहित संचालक और कर्मचारियों के खिलाफ ‘सहकारी ठगी और संगठित अपराध’ का मुकदमा दर्ज किया है। भक्तपुर समेत ३७ जिलों में इन सहकारियों से ठगी के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं।

मोबाइल चोरी के आरोप में पिता द्वारा कुटपिट कर पशुपतिनाथ में हत्या की गई

२ जेठ, काठमाडौं । ६ फागुन २०८२ की शिवरात्रि के अगले दिन पशुपतिनाथ में एक युवक की संदिग्ध मृत्यु हुई। मृत युवक का शव पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में ही मिला था। शव मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर मुचलका दर्ज कर जांच शुरू की थी। मृतक के शरीर पर नीला चोट के निशान देखे जाने के कारण मौत संदिग्ध मानी गई और काठमाण्डू उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय की टीम द्वारा भी जांच की गई। जांच के दौरान मृतक की पहचान संखुवासभा जिले के लगभग २५ वर्षीय संतोष गिरी, जिन्हें संतोष परियार भी कहा जाता था, के रूप में हुई। मृतक व्यक्ति पशुपति क्षेत्र में रहकर भीख मांगकर जीवन यापन करता था। शव की स्थिति और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुलिस ने हत्या की पुष्टि की।

जांच में जुटी पुलिस ने लगभग चार महीने बाद संतोष की हत्या के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। काठमाण्डू उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय की टीम ने धादिङ के त्रिपुरासुंदरी गाउँपालिका-५ के द्रव्यनाथ बाबा उर्फ सुविन राना मगर को पकड़ा है। उन्हें महोत्तरी के गौशाला नगरपालिका-६ स्थित गौशाला से गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान मोबाइल चोरी का मामला सामने आया है। मृत युवक रात को किन्हीं साथियों के साथ था, इस विषय पर पुलिस और अधिक जांच कर रही है और इस दौरान पिता की संलिप्तता सामने आई।

पुलिस ने एक बाबा को गिरफ्तार किया है, लेकिन भारतीय बाबा अनुपस्थित हैं। चार महीने बाद एक नेपाली बाबा को गिरफ्तार किया गया है, वहीं दूसरे भारतीय बाबा की संलिप्तता भी पुष्टि हुई है। उन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। घटना के बाद वह भारतीय बाबा भागकर भारत पहुंच गया है, पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी। उक्त भारतीय बाबा का नाम अनुपनाथ बताया गया है। ‘‘भारतीय और नेपाली बाबाओं द्वारा कुटपिट कर हत्या की गई प्रतीत होती है। भारतीय बाबा अभी तक पकड़े नहीं जा सके हैं, लेकिन उनकी पहचान पुलिस लगा चुकी है,’’ जांच अधिकारी ने बताया।

पुलिस ने बताया कि मोबाइल चोरी और अंधविश्वास हत्या के कारण रहे। अब तक की जांच में पता चला है कि मोबाइल चोरी और पशुपतिनाथ क्षेत्र में ‘भोग’ देने से ताकत मिलती है, इस अंधविश्वास के चलते हत्या हुई। शिवरात्रि पर पशुपतिनाथ आए भारतीय बाबा के मोबाइल गायब हो गया था। ‘‘पिता ने ही संतोष गिरी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। इसके अगले दिन संतोष मृत मिला,’’ एक स्रोत ने कहा, ‘‘मोबाइल न मिलने के बाद पिता ने संदेहास्पद को पकड़ कर रात भर प्रताड़ना देकर हत्या की होगी।’’ तांत्रिक शक्ति प्राप्ति के अंधविश्वास के कारण हत्या होने की भी पुलिस ने पुष्टि की है। यह बात गिरफ्तार बाबा ने पुलिस को बताई है।

मेसी के इतिहासिक मैच के लिए अर्जेंटीना की तैयारी

२ असार, काठमाडौं । पूर्व विजेता अर्जेंटीना फिफा विश्वकप २०२६ के अपने पहले मैच में अल्जीरिया के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करते हुए विश्वभर का ध्यान सुपरस्टार लियोनेल मेसी पर केंद्रित होगा। ऐसा क्यों न हो, क्योंकि मेसी इस समय विश्व कप फुटबॉल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं। ३६ वर्षों बाद अर्जेंटीना को विश्वकप ट्रॉफी दिलाने वाली टीम के कप्तान होने के साथ ही वे मैदान पर जादूगर की तरह प्रदर्शन करते हैं। अल्जीरिया के खिलाफ इस मैच में मेसी एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे। वे लगातार छठी बार फिफा विश्वकप में खेलने वाले विश्व के पहले फुटबॉलर बनेंगे। इसके अलावा, विश्वकप में उन्होंने सर्वाधिक २६ मैच खेलने का रिकॉर्ड बनाया है और अल्जीरिया के खिलाफ यह मैच उनके करियर का २७वां विश्वकप मैच होगा।

इसके साथ ही, मेसी के लिए एक और व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने का अवसर है। अल्जीरिया के खिलाफ यह मैच उनके लिए अर्जेंटीना के लिए २००वां अंतरराष्ट्रीय मैच होगा और वे ला अल्बिसेलेस्टे के लिए २०० मैच खेलऩे वाले पहले खिलाड़ी बनेंगे। हाल के समय में हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण मेसी ने मैत्रीपूर्ण मैचों में कम समय खेला है और विश्वकप में पूरी क्षमता से खेलने को प्राथमिकता दी गई है। विश्वकप से पहले आइसलैंड के खिलाफ मैत्रीपूर्ण मैच में उन्होंने दूसरे हाफ में मैदान में प्रवेश कर गोल भी किया था। मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना फिर से विश्वकप ट्रॉफी जीतने के लक्ष्य के साथ अमेरिका पहुंचा है और अल्जीरिया के खिलाफ मैच में एक शानदार शुरुआत करते हुए ट्रॉफी की दौड़ शुरू करेगा। समूह जे में स्थित अर्जेंटीना और अल्जीरिया के बीच यह मैच नेपाली समयानुसार मंगलवार सुबह ६:४५ बजे होगा।

विश्व चैंपियन अर्जेंटीना इस बार विश्वकप में शीर्ष वरीयता में है। जबकि अल्जीरिया २८वें स्थान पर है। इसके अतिरिक्त, अर्जेंटीना इटली और ब्राजील के बाद लगातार विश्वकप जीतने वाला विश्व का तीसरा राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखता है। चार साल पहले कतार में अर्जेंटीना ने विश्वकप ट्रॉफी जीतकर ३६ वर्षों का सूखा खत्म किया था। हालांकि उस संस्करण में पहले मैच में ही उन्हें एशियाई देश सउदी अरब के खिलाफ अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा था। वह हार अर्जेंटीना के लिए एक महत्वपूर्ण पाठ बन गई और फिर वे बाकी सभी मैच जीतते हुए चैंपियन बन गए थे। इसलिए अल्जीरिया के खिलाफ पहले मैच में अर्जेंटीना इसे हल्के में लेने वाला नहीं है।

सौदी अरबमा सिप परीक्षण बिना कामदार पठाउन नपाइने, सरकार मौन

२ असार, काठमाडौं । अब सिप परीक्षण पास नगर्नेहरूले वैदेशिक रोजगारीका लागि साउदी अरब जान पाउने छैनन्। बुधबारदेखि सिप परीक्षण पास नगरेका कामदारहरू साउदी अरब यात्रा गर्न नपाउने भएका छन्।

साउदी सरकारले नेपाली कामदारका लागि सिप प्रमाणीकरण (स्किल सर्टिफिकेसन) अनिवार्य गरेको छ। नयाँ नियम अनुसार बुधबारदेखि सिप परीक्षा पास नगरेका कामदारहरूले साउदीमा श्रम स्वीकृति प्राप्त गर्न सक्ने छैनन्।

साउदी सरकारले श्रम भिसा प्राप्तिका लागि सिप प्रमाणीकरण कार्यक्रम लागू गरेको जनाएको छ। कामदारहरूले परीक्षा शुल्क ५० अमेरिकी डलर र पूर्वशिक्षा मान्यता (आरपीएल) शुल्क ५० अमेरिकी डलर गरी कुल १०० अमेरिकी डलर (लगभग १५ हजार रुपैयाँ) तिर्नुपर्नेछ।

सिप प्रमाणीकरणका लागि कामदारहरूले ‘स्किल्स भेरिफिकेसन प्रोग्राम’ (एसभीपी) अनलाइनमार्फत आफ्ना आवश्यक प्रमाणपत्रहरू अपलोड गर्नुपर्नेछ।

नेपाल र साउदी अरबबीच गत वर्ष श्रम सम्झौता भएको थियो। उक्त सम्झौतामा श्रम भर्नाको सम्बन्धमा निर्णय अघि संयुक्त प्राविधिक समितिमार्फत छलफल गर्ने व्यवस्था रहेको छ। तर, सिप प्रमाणीकरण कार्यक्रम लागू गर्ने विषयमा दुई देशबीच कुनै औपचारिक छलफल वा सहमति भएको छैन। साउदीले नेपाल सरकारसँगको छलफल वा सहमति बिना एकतर्फी रूपमा निर्णय गरी सिप परीक्षण अनिवार्य गरेको हो।

साउदीको मानव संसाधन तथा सामाजिक विकास मन्त्रालयले जारी गरेको सूचनाअनुसार कामदारको व्यावसायिक दक्षता प्रमाणित गर्न यो कार्यक्रम लागू गरिएको हो। सामान लोड-अनलोड गर्ने, भरिया, ठेला चालक र निर्माण क्षेत्रमा कार्यरत कामदारहरूले पनि सिप परीक्षण गर्नुपर्ने व्यवस्था छ।

सिप परीक्षणका लागि कामदारले साउदीको एसभीपी अन्तर्गत ‘प्रोफेसनल एक्रिडिटेसन’ पोर्टलमा अनलाइन दर्ता गरी शुल्क तिर्नुपर्नेछ। त्यसपछि स्वीकृत परीक्षा केन्द्र र परीक्षा मिति छनोट गर्न सकिनेछ। करिब तीन घण्टाको लामो परीक्षणको नतिजा २४ घण्टादेखि एक साताभित्र प्रकाशित गरिने जनाइएको छ।

सूचनाअनुसार परीक्षामा सहभागी हुने कामदारलाई तीन पटकसम्म अवसर दिइनेछ। तीनपटक असफल भएमा सम्बन्धित कामदारले साउदीमा रोजगारीका लागि जान पाउने छैनन्।

नेपाल वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संघले यस निर्णयप्रति असन्तुष्टि व्यक्त गर्दै श्रमिकमाथि थप आर्थिक भार पर्ने र वैदेशिक रोजगारी प्रक्रिया अझ जटिल हुने जनाएको छ।

नेपाल वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संघका अध्यक्ष डिक बहादुर खत्रीले यसलाई ‘सिप परीक्षणको नाममा सिन्डिकेट’ भन्दै आलोचना गरेका छन्। उनले यस व्यवस्थाले कामदारलाई उच्च आर्थिक भारमा पुर्‍याउने र अर्को प्रकारको सिन्डिकेट लाग्ने काम भएको बताए।

छिमेकी देशहरू भारत र बंगलादेशको उदाहरण दिंदै उनले भने, ‘भारतमा सिप परीक्षणका लागि २० हजार भारतीय रुपैयाँ लिने गरिन्छ भने बंगलादेशमा ३ हजार ५ सयको रसिद सहित ३० हजार टाका असुली भइरहेको छ। नेपालमा पनि १५ हजार रुपैयाँसम्म तिर्नुपर्ने र एक महिना पर्खनुपर्ने तयारी भइरहेको छ, जुन कामदारको हितमा छैन।’

कतार र अन्य देशमा दशौं वर्ष मेसन जस्ता दक्ष काम गरेर फर्किएका अनुभवी कामदारलाई फेरि १५ हजार तिरेर एक महिना पर्खन र सिप प्रमाणीकरण गर्न बाध्य गर्नु न्यायोचित हुने छैन भन्ने उनको भनाइ छ।

‘लोडिङ-अनलोडिङ जस्ता सामान्य श्रममा जाने कामदारको के सिप परीक्षण गर्ने? यो निकै विवादस्पद र अव्यावहारिक छ,’ खत्रीले भने। उनले यस विषयमा ध्यानाकर्षण गराउन मंगलबार श्रम मन्त्रालयमा संघको टोली पुगेको जनाए। तर, श्रम मन्त्री रामजी यादवले व्यवसायीहरूलाई समय नदिएको पनि खत्रीले बताए।

‘हामीले डेढ घण्टा कुराकानी गर्यौं, तर मन्त्रीज्यूले समय दिनुभएन। उहाँको सचिवालयले विषयको गम्भीरता नबुझेको देखियो,’ उनले भने, ‘बाहिर रोजगारी सुधारका कुरा गरिए पनि भित्र यस्ता सिन्डिकेटलाई प्रोत्साहन मिल्नु राम्रो सन्देश होइन।’

मन्त्रीको सचिवालयमा बुझाइएको ज्ञापनपत्रमा नेपाली दूतावासले सूचना पार्टमार्फत साउदी जाने कामदारलाई सिप प्रमाणीकरण अनिवार्य भएको जानकारी गराएको छ। उक्त नियम लागू हुँदा कामदारले अतिरिक्त शुल्क तिर्नुपर्ने, प्रमाणीकरण प्रक्रियाले थप समय लाग्ने र रोजगारी प्रक्रियामा झन्झट र खर्च बढ्ने अवस्था आउने जनाइएको छ।

साउदीसँग यस विषयमा कूटनीतिक पहल गरी कामदारमैत्री समाधान खोज्न मन्त्रीसँग आग्रह गरिएको छ। यसअघि युएईको प्रहरी रिपोर्ट प्रमाणीकरणको नाममा आर्थिक भार व्यहोर्ने कामदारलाई साउदीको नयाँ नियमले थप पीडित बनाउने बताइएको छ। राज्यले बेलैमा कदम नचाले वैदेशिक रोजगार क्षेत्रमा ठूलो समस्या निम्त्याउने चेतावनी पनि दिइएको छ।

भारत र बंगलादेशमा लागू गरिएको समान व्यवस्थाले पनि कामदारमैत्री नभएको भन्दै नेपालमा यस्तै समस्या दोहोरिन सक्ने चेतावनी संघले दिएको छ।

५ हजार से अधिक औषधि दुकानों के प्रमाणपत्र रद्द (सूची सहित)

२ असार, काठमाडौं। औषधि व्यवस्था विभाग ने निर्धारित समय सीमा के内 नवीनीकरण न कराने वाले देशभर के हजारों औषधि दुकानों के संचालन प्रमाणपत्र रद्द कर दिए हैं। विभाग ने मंगलवार को जारी सूचना में ५,३०२ औषधि दुकानों के प्रमाणपत्र स्वतः रद्द होने की पुष्टि की है। विभाग के अनुसार, तय कानूनी अवधि के भीतर नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी न करने वाले अनुज्ञापत्र, सिफारिशपत्र और अन्य संबंधित प्रमाणपत्र स्वतः रद्द होने के प्रावधान के अनुसार यह निर्णय लागू किया गया है। इसके साथ ही उक्त औषधि दुकानें अब कानूनी रूप से औषधि बिक्री–वितरण करने के लिए अयोग्य हो गई हैं।

विभाग द्वारा जारी सूचना में सभी संबंधित औषधि दुकानों के संचालकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने प्रमाणपत्र की स्थिति स्पष्ट करें, आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें और भविष्य में औषधि बिक्री-प्रवितरण करते समय कानूनी नियमों और विभागीय निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। २८ जेठ २०८३ तक नवीनीकरण अवधि समाप्त होने के कारण स्वतः रद्द हुए औषधि दुकानों की विस्तृत सूची भी विभाग ने सार्वजनिक की है। सूची देखें–

जोर्डन विश्वकप में डेब्यू करते हुए ऑस्ट्रिया से भिड़ेगा

२ असार, काठमाडौं । एशियाई फुटबॉल टीम जोर्डन ने फीफा विश्वकप २०२६ में पहली बार प्रतिस्पर्धा करने का मौका पाया है और वह अपनी शुरुआत यूरोपीय राष्ट्र ऑस्ट्रिया के खिलाफ करेगा। उत्तर अमेरिका के संयुक्त राज्य अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में आयोजित होने वाले इस विश्वकप में चार नई टीमों ने भाग लिया है, जिनमें कुराकाओ और केप वर्डे पहले ही अपना डेब्यू कर चुके हैं। समूह जे में शामिल जोर्डन बुधवार सुबह ९:४५ बजे ऑस्ट्रिया के खिलाफ विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर अपनी पहली कदम रखेगा। फीफा रैंकिंग में ऑस्ट्रिया २४वीं एवं जोर्डन ६३वीं स्थिति पर है। विश्व कप में रैंकिंग में ऑस्ट्रिया से नीचे रहकर भी जोर्डन अच्छे परिणाम की उम्मीद रखता है।

ऑस्ट्रिया दो बार विश्वकप सेमीफाइनल तक पहुंची टीम है। १९३४ में पहली बार सेमीफाइनल खेलने वाली ऑस्ट्रिया २० वर्षों बाद १९५४ में तीसरे स्थान पर आई थी। उसके बाद केवल १९८२ में उसने समूह चरण को पार किया था। विश्वकप के इतिहास में सबसे अधिक गोलों से भरे मैच में १९५४ में ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड के बीच १२ गोल हुए थे। उस मैच में ऑस्ट्रिया ने ७-५ से जीत दर्ज की थी, जिसमें उसने ३ गोल से पीछड़ने की स्थिति को उलट दिया था। यह पहली बार होगा जब ऑस्ट्रिया विश्वकप में किसी एशियाई टीम के खिलाफ खेल रहा है। जोर्डन ने ५ जून २०२५ को एशियाई क्वालीफिकेशन में ओमान को ३-० से हराकर पहली बार विश्वकप के लिए टिकट सुनिश्चित किया था। जोर्डन के मुख्य कोच जमाल सेलामी १९८६ के फीफा विश्वकप में मोरक्को टीम के सदस्य रह चुके हैं।

गैस की कमी से उपभोक्ता चिंतित, आधा सिलेंडर नीति से समस्या हल होगी या बढ़ेगी?

२ असार, काठमाडौँ। देश के विभिन्न जिलों में खाना पकाने के लिए एलपी गैस की कमी की शिकायतें तेजी से बढ़ गई हैं।

काठमाडौँ उपत्यका के बाहर पहाड़ी इलाकों से लेकर तराई के जिलों तक गैस के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, वहीं विक्रेता और उपभोक्ताओं ने भी समस्याओं का खुलासा किया है।

सरकार ने सभी उपभोक्ताओं को निष्पक्ष रूप से गैस उपलब्ध कराने और आपूर्ति को सुगम बनाने के लिए ‘आधा सिलेंडर’ नीति लागू की है, लेकिन इससे समस्या हल होने के बजाय और बढ़ गई है, ऐसा व्यवसायी और उपभोक्ता दोनों ने बताया है।

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव के कारण ईंधन आपूर्ति में जोखिम को ध्यान में रखते हुए नेपाल आयल निगम ने आधा सिलेंडर गैस नीति लागू की थी।

मार्केट में गैस की कमी को कम करने हेतु निगम संचालक समिति की सिफारिश के अनुसार २९ फाल्गुन २०८२ से ७.१ किलो ग्यास भरा गया सिलेंडर बाजार में वितरित किया गया।

पहले यह नीति १५ दिनों के लिए लागू की गई थी, जो अब तीन महीने से जारी है, लेकिन अभी तक इसका पुनर्निरीक्षण नहीं किया गया है। उद्योगों ने इसे संकट टालने के बजाय गैस की कमी पैदा करने वाला कारण बताया है।

पहाड़ी जिले सल्यान, सुर्खेत, गुल्मी से लेकर तराई के जनकपुर और सर्लाही तक गैस न मिलने पर उपभोक्ताओं ने कष्ट झेला है।

गैस आपूर्ति में समस्या होने के कारण कुछ व्यवसायी गैस छिपाकर कृत्रिम कमी पैदा करने की भी आशंका व्यक्त कर रहे हैं।

नेपाल गैस विक्रेता महासंघ ने समस्या को कृत्रिम अभाव नहीं बताया बल्कि आधा सिलेंडर नीति के कारण ढुलाई खर्च बढ़ना और उद्योगों द्वारा मांग के अनुसार पर्याप्त स्टॉक न पहुंचा पाने से उत्पन्न तकनीकी जटिलताओं की वजह से माना है।

महासंघ ने खासकर राजधानी के बाहर दूर-दुर्गम जिलों में ढुलाई लागत अधिक होने को गैस आपूर्ति में देरी का मुख्य कारण बताया है।

जनकपुर में स्थिति

जनकपुर क्षेत्र में एलपी गैस की आपूर्ति में समस्या देखी जा रही है। गैस विक्रेता गणेश झाले ने बाहरी जिलों से गैस आपूर्ति में देरी और ढुलाई खर्च बढ़ने के कारण बाजार में कठिनाइयां आने की बात कही।

‘वीरगंज, बारा और सिमरा से गैस आने में लंबा समय लग रहा है। उद्योगी भेजेंगे तो भी ७ दिन बाद गैस आती है, जिसका अर्थ क्या है?’ उन्होंने कहा, ‘पहले गैस दो-तीन दिन में आती थी, अब बहुत देरी हो रही है।’

उन्होंने कहा कि विक्रेता और उपभोक्ताओं पर दबाव बढ़ा है, और उद्योगी सिर्फ देरी नहीं कर रहे, बल्कि विभिन्न बहाने बना रहे हैं।

‘पूरा सिलेंडर लाने पर भी गाड़ी में लगने वाला तेल उतना ही लगता है, आधा सिलेंडर लाने पर भी तेल उतना ही खर्च होता है,’ उन्होंने बताया, ‘वीरगंज से जनकपुर १५० किलोमीटर है, आने-जाने में ३०० किलोमीटर से अधिक हो जाता है, जिससे तेल और ढुलाई लागत दोगुनी हो जाती है।’

महंगी ढुलाई लागत के कारण उद्योगी नजदीकी इलाकों में गैस प्राथमिकता से बेच रहे हैं, जिससे गैस पाने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।

गुल्मी में स्थिति

सरकार द्वारा सुगम गैस आपूर्ति के उद्देश्य से लागू की गई आधा सिलेंडर नीति पहाड़ी जिले गुल्मी में पूरी तरह विफल साबित हुई है। बढ़ती ढुलाई लागत और तकनीकी समस्याओं के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है।

गुल्मी के गैस विक्रेता मनिराम अर्याल ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में गैस की स्थिति बहुत जटिल और असहनीय है।

आधा सिलेंडर में दबाव कम होने के कारण घरेलू और बड़े उद्योगों में परेशानी आ रही है, उन्होंने बताया।

‘७.१ किलो वाले सिलेंडर में १ से डेढ़ किलो गैस नीचे बच जाती है, जिससे दबाव न हो पाने के कारण काम नहीं चल पाता,’ उन्होंने कहा, ‘यहाँ होटल, रेस्टोरेंट और बेकरी उद्योग विशेष रूप से संकट में हैं, कई लोग कोयला भट्टी की ओर जाने लगे हैं।’

भैरहवा से गुल्मी तक ढुलाई लागत के कारण गैस की कीमत बहुत महंगी हो गई है। अर्याल के मुताबिक, एक आधा सिलेंडर गुल्मी पहुंचते उपभोक्ता को १२५० रूपये खर्च करने पड़ते हैं।

‘भैरहवा से १५० रूपये गाड़ी का भाड़ा लगता है, १०-१० रूपये लोडिंग और अनलोडिंग में खर्च होता है, साथ ही भौगोलिक कठिनाइयों के कारण घर तक पहुंचाने के लिए जीप से १५०-२०० रूपये तक लिए जाते हैं,’ उन्होंने बताया।

सुर्खेत में गैस की मांग दोगुनी

सुर्खेत में भी खाना पकाने के लिए गैस की कमी देखी जा रही है।

सुर्खेत के गैस विक्रेता विनोद दाहाल ने बताया कि बाजार में गैस की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बहुत अधिक है। ‘सुर्खेत में गैस की मांग दोगुनी हो गई है,’ उन्होंने कहा, ‘यह सब आधा सिलेंडर नीति के कारण है।’

दाहाल ने बताया कि पहले मासिक लगभग २५-२६ हजार पूरा सिलेंडर की खपत होती थी, लेकिन अब उसी मांग को पूरा करने के लिए उद्योगों को आधा सिलेंडर भेजना पड़ रहा है।

‘पहले २५-२६ हजार पूरा सिलेंडर लाते थे, अब ५२ हजार आधा सिलेंडर लाना पड़ता है, परंतु ढुलाई साधन कम होने से यह संभव नहीं है,’ उन्होंने कहा, ‘अभी २७-२८ हजार आधा सिलेंडर ही आ रहा है, जो कमी बढ़ा रहा है।’

ढुलाई साधनों की कमी के कारण मांग के अनुसार आधा सिलेंडर आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे उद्योगी और ग्राहक दोनों घाटे में हैं।

सुर्खेत में विद्युत् पोल गिर जाने के कारण लगभग ३५ दिनों तक बिजली सेवा बाधित रही, जिससे उपभोक्ताओं को इंडक्शन की बजाय गैस पर निर्भर होना पड़ा।

महंगी ढुलाई के कारण गैस की कमी: एलपी गैस उद्योग संघ

मध्य पूर्व के संघर्ष के कारण डीजल की कीमत बढ़ी है और इसलिए ढुलाई भाड़ा महंगा हो गया है, जिससे उद्योगों को भारी नुकसान हुआ है, उद्योग संघ ने बताया।

आधा सिलेंडर वितरण के फैसले से गैस उद्योगी और डीलरों की आमदनी काफी कम हो गई है।

पहले सिलेंडर पर ५८ रूपये कमीशन पाने वाले डीलर अब २९ रूपये पर संतुष्ट हो रहे हैं, वहीं उद्योगी का कमीशन ३१.९० रूपये से घटकर लगभग १६ रूपये हो गया है।

ढुलाई खर्च से मिलने वाली ४५.८८ रूपये की आमदनी भी आधा हो कर २३ रूपये रह गई है। इसके कारण व्यवसाय में कठिनाई आ रही है।

नेपाल एलपी गैस उद्योग संघ ने स्वीकार किया कि पहाड़ी और तराई के जिलों में महंगी ढुलाई के कारण गैस की कमी हो रही है।

भारत से गैस का आयात नियमित होने के बावजूद आधा सिलेंडर गैस भेजने से ढुलाई की लागत दोगुनी हो गई है, जिससे कमी आई है, संघ के अध्यक्ष दिवान चंद ने बताया।

वे बताते हैं कि कैलाली अत्तरिया से बैतड़ी, दार्चुला भेजने में एक ट्रक का भाड़ा १ लाख रूपये तक पहुंच जाता है।

१५ दिन के लिए लागू की गई आधा सिलेंडर नीति तीन महीने से जारी है, जिससे उद्योगों को भारी घाटा हुआ है और इसे कृत्रिम कमी नहीं कहा जा सकता, उनका कहना है।

उद्योगियों का दावा: तराई से भारत की तरफ गैस की तस्करी हो रही है

तराई क्षेत्र में गैस की कमी होने का एक कारण खुली सीमा से भारत की तरफ गैस की तस्करी भी बताई जा रही है।

जनकपुर सहित कुछ खुली सीमा वाले क्षेत्रों से गैस भारत की तरफ जा रही है, ऐसा उद्योगी बताते हैं।

‘पहले डीलर १०० सिलेंडर बेचते थे, अब २००-२५० सिलेंडर की मांग हो रही है,’ उद्योगी ने कहा, ‘मांग बढ़ने का कारण गैस का भारत तक तस्करी होना है।’

भारत में गैस की कीमत बढ़ने और कड़े नियमों के कारण नेपाल की सस्ती गैस भारत में तस्करी हो रही है।

‘भारत में २८ दिन में सिर्फ एक सब्सिडी वाला सिलेंडर मिलता है, उससे ज्यादा लेने पर कीमत बहुत बढ़ जाती है,’ उन्होंने कहा, ‘वहाँ ५ किलो सिलेंडर नीति भी है, नेपाल में आधा सिलेंडर (७.१ किलो) सस्ता मिलने के कारण गैस सीमा से बाहर जाने लगी है।’

भारत ने नेपाल को दी जाने वाली गैस की कोटा कटौती नहीं की है, इसलिए तेल निगम को आधा सिलेंडर नीति खत्म कर पूर्ण सिलेंडर वितरण करने की मांग संघ ने की है।

गैस की कमी नहीं, मांग कम हुई: आयल निगम

बाजार में गैस की कमी होने की चर्चा हो रही है, लेकिन आयल निगम ने गैस आपूर्ति में कोई कमी नहीं होने की बात कही है।

निगम के प्रवक्ता मनोज ठाकुर ने बताया कि के अनुसार गैस की आपूर्ति हो रही है।

‘हमारा कोटा लगभग ४९ हजार ५०० टन है, जो उद्योगी भी ले रहे हैं, हमें आयात में कोई दिक्कत नहीं है,’ उन्होंने कहा।

प्रवक्ता ठाकुर ने दावा किया कि आधा सिलेंडर नीति लागू होने के बाद से गैस की मांग कम हुई है।

‘फरवरी महीने में ५१ हजार टन गैस आई थी, आधा सिलेंडर व्यवस्था के बाद गैस की खपत कम होने लगी,’ उन्होंने कहा, ‘अब मांग घटकर लगभग ३५ हजार टन रह गई है।’

निगम के अनुसार विभिन्न जिलों में दिख रही कमी उद्योगी और वितरकों के बीच आंतरिक समस्या है।

आधा सिलेंडर व्यवस्था को हटाकर पूर्ण सिलेंडर वितरण पर लौटने को लेकर निगम में अभी कोई चर्चा नहीं हुई है, उन्होंने बताया।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के समाप्त होने के संकेत से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिर रही हैं, जिससे भविष्य में कीमतें और कम होने की संभावना है।

निगम और विक्रेता संघ में मतभेद

आयल निगम ने आधा सिलेंडर नीति के तुरंत बाद गैस की मांग और खपत में कमी की बात कही है, लेकिन नेपाल गैस विक्रेता महासंघ ने इसे अस्वीकार किया है।

महासंघ ने बताया कि उपभोक्ता आधा सिलेंडर भरवाने में झंझट मान कर खाली सिलेंडर घर में रखे हुए पूर्ण सिलेंडर के इंतजार में हैं, जो इस कमी का प्रमुख कारण है।

महासंघ के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर अर्याल ने बताया कि जल्दी गैस खत्म हो जाने का डर और ढुलाई में झंझट के कारण उपभोक्ता आधा सिलेंडर भरवाना छोड़ चुके हैं।

‘निगम मांग घटी कहता है, लेकिन असलियत में नहीं है, पूरा सिलेंडर आएगा यह आशा लेकर कई लोग खाली सिलेंडर घर में रखे हुए हैं,’ उन्होंने कहा।

बीच में निगम की ओर से लोडिंग कम देने और भारत से कम आपूर्ति होने के कारण बड़ी उद्योगों को ठीक से गैस नहीं मिल पाई है, महासंघ का तर्क है।

पूर्ण सिलेंडर भरने के निर्णय तक उपभोक्ताओं द्वारा होल्ड किए गए खाली सिलेंडर बड़ी संख्या में बाजार में आने की संभावना है, महासंघ ने निगम को सचेत किया है।

पूरा सिलेंडर में उपयोगी गैस सुनिश्चित करने के लिए रोजाना १०० से १२० वाहन गैस लोडिंग आवश्यक हैं, लेकिन अभी केवल ७०-८० वाहन ही आ रहे हैं, जिससे आपूर्ति प्रबंधन में समस्या आ रही है।

निगम लौटने को तैयार न होने और उद्योगी तथा परिवहनकर्ताओं के लिए आधा सिलेंडर के तकनीकी व आर्थिक भार को वहन करना मुश्किल होने से बाज़ार में गैस की कमी हुई है।

इसका सीधा असर यह हुआ है कि रोजाना उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है और उन्हें उच्च कीमत चुकानी पड़ती है।

६० हजार रुपैयाँ घुस सहित चाबहिल नापी कार्यालयका अमिन पक्राउ

२ असार, काठमाडौं । चाबहिलस्थित नापी कार्यालयका २ नं. नापी टोलीका एक अमिन ६० हजार रुपैयाँ घुस रकमसहित पक्राउ परेका छन्। अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोगले मंगलबार अमिन टोपजंग खत्रीलाई सेवाग्राहीसँग घुस लिएको आरोपमा पक्राउ गरेको छ। अमिन खत्रीले हालै जग्गाधनीको पुर्जा बनाइदिन सहजीकरण गर्ने नाममा घुस लिएको सूचना अख्तियारले पाएको जनाएको छ। उक्त सूचनाको आधारमा अख्तियारको कार्यालय टंगालबाट खटिएको टोलीले ६० हजार रुपैयाँ लिइरहेको अवस्थामा उनलाई काठमाडौंको गोकर्णेश्वर नगरपालिका–४ माकलवारीबाट पक्राउ गरेको अख्तियारका प्रवक्ता सुरेश न्यौपानेले बताएका छन्।

बुढानिलकण्ठ और आईएसए नेपाल ने लगातार दूसरी जीत हासिल की

२ असोज, काठमाडौं। बुढानिलकण्ठ नगरपालिका और आईएसए नेपाल ने १०वें राष्ट्रीय महिला खुला बास्केटबॉल चैंपियनशिप में लगातार दूसरी जीत दर्ज की है। नेपाल बास्केटबॉल संघ (नेबा) के आयोजन में कीर्तिपुर कवरडहल में जारी प्रतियोगिता के दूसरे दिन, समूह बी में शामिल बुढानिलकण्ठ ने लुम्बिनी प्रदेश को ५४-२५ के बड़े अंतर से हराया। बुढानिलकण्ठ ने तीन क्वार्टर अपने पक्ष में किए जबकि एक क्वार्टर दोनों टीमें बराबर रहीं। उन्होंने २०-६, १४-१४, १०-३ और १०-२ का प्रदर्शन किया। बुढानिलकण्ठ की लोरिशा गौचन को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया, वहीं अनुसा मल्ल ने सर्वाधिक ११ अंक बनाए। बुढानिलकण्ठ ने अपने पहले मैच में ग्रांडी स्टार्स को हराया था।

समूह बी के दूसरे मैच में ग्रांडी स्टार्स ने ट्रेनिंग ग्राउंड को ५५-३४ से पराजित कर अपनी पहली जीत हासिल की। ग्रांडी स्टार्स ने इस मैच में १५-६, ९-१४, १७-७ और १४-८ का प्रदर्शन किया। ग्रांडी स्टार्स की विनामनी योन्जन ने १४ अंक बनाकर प्लेयर ऑफ द मैच का सम्मान पाया। पहली जीत के बाद लुम्बिनी को हराने वाली ट्रेनिंग ग्राउंड को यह पहला हरा हुआ मैच रहा।

वहीं, समूह ए से आईएसए नेपाल ने अन्नपूर्ण बास्केटबॉल एसोसिएशन को ४८-२३ से हराकर लगातार दूसरी जीत पाई। आईएसए ने पहला क्वार्टर ५-८ से पिछड़ने के बाद अगले तीन क्वार्टर में १४-६, १५-२ और १४-७ का शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। खेल में सर्वाधिक १२ अंक बनाने वाली आर्शा राज भंडारी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मैच से पहले, आईएसए नेपाल ने लेट्स गो बास्केटबॉल एकेडमी को हराया था।

इसी तरह, समूह के दूसरे मैच में सुनसरी ने लेट्स गो बास्केटबॉल एकेडमी को ४१-३३ से हराकर अपनी पहली जीत दर्ज की। सुनसरी ने इस खेल में १२-५, १४-१६, ५-८ और १०-४ का प्रदर्शन किया। आस्था राई को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया जिन्होंने १२ अंक बनाए।

नेपाल बास्केटबॉल संघ ने एक दशक बाद महिला बास्केटबॉल की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया है। यह प्रतियोगिता साबा महिला बास्केटबॉल चैंपियनशिप के लिए राष्ट्रीय टीम चयन का आधार भी होगी, जैसा कि बास्केटबॉल संघ ने बताया। प्रतियोगिता में आठ टीमें दो समूहों में विभाजित होकर खेल रही हैं। समूह चरण के बाद दोनों समूहों के शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। प्रतियोगिता असार ६ तक चलेगी, जिसमें विजेता टीम को ५० हजार और उपविजेता को ३० हजार रुपये पुरस्कार मिलेंगे। इसके अलावा, प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (एमवीपी) को १० हजार, उदीयमान टीम को १० हजार और उपत्यका के बाहर से भाग लेने वाले उदीयमान खिलाड़ी को ५ हजार रुपये दिए जाएंगे।

तस्वीर: नेबा