२१ वैशाख, काठमाडौं। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के प्रमुख एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपने ही गढ़ कोलाथुर से चुनाव में पराजित हो गए हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में स्टालिन को तमिलगा वेत्रि कड़गम (टीवीके) के उम्मीदवार बीएस बाबू ने 8,795 मतों के अंतर से हराया है। अंतिम मत परिणाम के अनुसार बीएस बाबू को 82,997 वोट मिले जबकि मुख्यमंत्री स्टालिन को केवल 74,202 वोट प्राप्त हुए।
स्टालिन 2011 से लगातार कोलाथुर सीट से निर्वाचित होते आ रहे थे और इस बार भी उनकी सहज जीत की उम्मीद थी। लेकिन इस चुनाव में हारने के बाद स्टालिन तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में ऐसे चौथे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जो सत्ता में रहते हुए अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव हार गए। यह लगभग तीन दशकों बाद तमिलनाडु के कार्यरत मुख्यमंत्री के लिए अपनी सीट हारने की पहली घटना है। इससे पहले 1996 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता बरगुर निर्वाचन क्षेत्र से हार गई थीं।
उसके बाद किसी भी मौजूदा मुख्यमंत्री ने अपने निर्वाचन क्षेत्र को नहीं खोया था। तमिलनाडु के लोकतांत्रिक इतिहास के अनुसार 1952 के पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पीएस कुमारस्वामी राजा श्रीविल्लिपुथुर सीट से पराजित हुए थे। उसके बाद 1967 में जब कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई तो डीएमके सत्ता में आई, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री एम भक्तवत्सलम भी श्रीविल्लिपुथुर सीट पर हार गए थे। स्टालिन डीएमके के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने सत्ता की बागडोर संभालते हुए भी अपनी सीट बचा पाने में विफल रहे।
इस साल कैलाश मानसरोवर जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए लिपुलेक पास का उपयोग करने की दिल्ली की घोषणा के बाद नेपाल-भारत के बीच इस क्षेत्र की सीमा विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। नेपाल सरकार के प्रवक्ता मंत्री सस्मित पोखरेल ने कहा है कि सीमा पर ‘विवाद’ दिख रहा है, इसलिए सरकार ने कूटनीतिक नोट भेजा है। उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से कहा, “यह हमारा क्षेत्र है, इस बात में हम स्पष्ट हैं।”
इस विषय पर बोलते हुए, 3 मई को भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी स्थिति को “एक जैसी और स्पष्ट” बताया और कहा कि इस मार्ग से “1954 से मानसरोवर यात्रा होती आ रही है।” भारतीय विदेश मंत्रालय की यह अभिव्यक्ति ऐसे समय आई है जब हाल ही में लिपुलेक मार्ग से लगभग 50 भारतीय भाग लेकर 10 टीमें जून से अगस्त तक कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा के लिए जाने की घोषणा हुई है, जिसके बाद विवाद फिर से उभरा है।
दिल्ली पिछले कुछ वर्षों से 29 अप्रैल 1954 को भारत-चीन के बीच हुए पंचशील समझौते पर बार-बार जोर दे रहा है। औपचारिक रूप से ‘भारत और चीन के तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापार एवं इंटरऐक्शन संबंधी समझौता’ दिल्ली और बीजिंग के बीच सात दशक पहले के पांच महत्वपूर्ण बिंदुओं को परिभाषित करता है। लेकिन नेपाल की नापी विभाग के दो पूर्व महानिर्देशकों ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि 1954 का वह समझौता औचित्यपूर्ण नहीं है और इसे आधार मानकर आगे बढ़ना सही नहीं होगा।
भारत के पूर्व नेपाली राजदूत दीपकुमार उपाध्याय ने कहा है कि लिपुलेक मामले में भारत ने विवादित भूमिका तो स्वीकार की है, लेकिन इसके बारे में कभी प्राथमिकता के साथ प्रभावी चर्चा नहीं की गई। नेपाल सरकार के परराष्ट्र मंत्रालय ने 20 वैशाख को नेपाली भूमि लिपुलेक होकर आयोजित की जाने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा के संदर्भ में अपनी स्पष्ट स्थिति और संबंधित पक्षों दोनों – भारत और चीन – को कूटनीतिक माध्यम से पुनः सूचित किया है।
चीन के हाइनान ओपन अंतरराष्ट्रीय तेक्वांडो चैम्पियनशिप में नेपाली खिलाड़ियों ने चार स्वर्ण पदक जीते हैं। नेपाली टीम के प्रशिक्षक इन्द्रराज खड्का के अनुसार, विजन तामांग ने दो स्वर्ण पदक जीते हैं। विजन ने व्यक्तिगत पुम्से १९ वर्ष से कम उम्र वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया और ४९ किग्रा भार वर्ग में भी एक और स्वर्ण पदक प्राप्त किया।
आयुष बोहरा ने ब्रेकिंग इवेंट में स्वर्ण पदक जीता जबकि व्यक्तिगत पुम्से में उन्होंने कांस्य पदक भी हासिल किया। सन्दीप बस्नेत ने ब्रेकिंग में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। यह प्रतियोगिता २ मई से ४ मई तक चीन के सान्या में आयोजित की गई थी।
काठमाडौं उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय ने चार बैंकिंग अपराधों में फरार रोशना चापागाँई को भक्तपुर कमेरोटार से गिरफ्तार किया है। चापागाँई को विदेशी ठगी के आरोप में १ वर्ष ६ महीने की कैद और १ लाख ५० हजार रुपये जमानत की सजा हो चुकी है। उन पर दोलखा, ललितपुर, कालिमाटी और महाराजगंज में बैंकिंग अपराध के मामले दर्ज थे और फैसला क्रियान्वयन के लिए कारागार भेजा गया है। २१ वैशाख, काठमाडौं।
गिरफ्तार व्यक्ति धादिङ के धुनिवेशी नगरपालिका–९ की निवासी और भक्तपुर के थिमी नगरपालिका–५ में रहने वाली ४६ वर्षीय रोशना चापागाँई हैं। काठमाडौं उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय की टीम ने उन्हें भक्तपुर कमेरोटार से गिरफ्तार किया। एसपी रामेश्वर कार्की ने बताया कि वह चार बैंकिंग अपराधों के मामलों में फरार थीं।
उनके खिलाफ जिल्ला प्रहरी कार्यालय दोलखा में २९ साउन २०८२ को, जिल्ला प्रहरी परिसर ललितपुर में २८ चैत २०८० को, प्रहरी वृत्त कालिमाटी में ९ असोज २०८० को और प्रहरी वृत्त महाराजगंज में १० फागुन २०८० को बैंकिंग अपराध संबंधित मुकदमे दर्ज किए गए थे। सभी मामलों में फरार रोशना चापागाँई को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें फैसला क्रियान्वयन के लिए जिल्ला अदालत काठमाडौं के माध्यम से कारागार भेजा गया है।
सैनिक मुख्यालय जंगी अड्डाले विपद् प्रतिकार्य अभ्यास हातेमालोका आठौं संस्करण की शुरुआत की है। इस अभ्यास का शुभारम्भ उपरथी अनुप जंग थापाले किया है। यह अभ्यास मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और भूस्खलन की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तीन दिन तक चलेगा। २१ वैशाख, काठमांडू।
सैनिक मुख्यालय जंगी अड्डा ने बताया है कि विपद् प्रबंधन से जुड़े गतिविधियों का पुनरावलोकन, प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार और संबंधित 기관ों के बीच समन्वय तथा सहयोग को प्रभावी बनाने के लिए अभ्यास हाथेमालो के आठवें संस्करण की शुरुआत की गई है। नेपाली सेना के समन्वय और गृह मंत्रालय के सहयोग से आर्थिक वर्ष २०७५/०७६ में प्रदेश स्तर पर अभ्यास हातेमालो-१ आयोजित किया गया था।
तब से, जंगी अड्डा में यह वार्षिक अभ्यास जारी है। मानसून के दौरान हो सकने वाली संभावित बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति को ध्यान में रखते हुए तीन दिन तक यह अभ्यास आयोजित किया जाएगा। इसके बाद क्रमशः प्रदेश और जिला स्तर पर भी अभ्यास किए जाएंगे। कार्यक्रम में रथी, विभिन्न मंत्रालयों, गैर सरकारी, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि, अन्य सुरक्षा अधिकारी तथा नेपाली सेना के अधिकारी उपस्थित थे।
२१ वैशाख, काठमांडू। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नेता प्रियंका गाँधी ने केरल विधानसभा चुनाव में अपने पार्टी गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की बढ़त पर खुशी जताई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से खुशी व्यक्त करते हुए प्रियंका ने मतदाताओं का भी धन्यवाद दिया है। उन्होंने लिखा, ‘केरल के मेरे सभी भाइयों और बहनों, आपके विश्वास और अपार समर्थन के लिए धन्यवाद। आपने जो भरोसा यूडीएफ पर दिखाया है, वह हमारी मार्गदर्शक शक्ति बनेगा। क्योंकि हम आप सभी के लिए उज्जवल भविष्य बनाने में कड़ी मेहनत करेंगे।’
प्रियंका स्वयं केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भी हैं। २०२४ के लोकसभा चुनाव में वे इसी क्षेत्र से सांसद चुनी गई हैं। पहले उनके भाई राहुल गाँधी ने वायनाड और उत्तर प्रदेश के रायबरेली निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव जीते थे। बाद में राहुल ने वायनाड सीट छोड़कर उपचुनाव में अपनी बहन प्रियंका को मैदान में उतारा था, जहाँ प्रियंका ने बड़ी जीत हासिल की थी। प्रियंका ने अपने हालिया बयान में वायनाड के लोगों को भी धन्यवाद देते हुए कहा, ‘मैं अपने परिवार के सदस्यों को वायनाड में बताना चाहती हूँ कि आपने यूडीएफ को एक बार फिर से पूरे ७ में से ७ सीटें जीतकर बड़ा जनादेश देकर विश्वास दिखाया।’
वायनाड के विकास हेतु अब उनके सहित आठ प्रतिनिधि हैं, यह बताते हुए प्रियंका ने कहा, ‘अब आपके पास वायनाड के विकास के लिए मिलकर काम करने वाले आठ प्रतिनिधि हैं। हम आपकी आशाओं को पूरा करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे।’ केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने बड़ी बढ़त बना रखी है। १४० सीटों के चुनाव में यूडीएफ वर्तमान में १०२ सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
काठमांडू उपत्यका में डोजर लगाकर बने घरों को तोड़ने के बाद बासविहीन हुए समुदाय की सरकार से संपर्क की प्रक्रिया सोमवार तक जारी है।
वाग्मती सभ्यता एकीकृत विकास समिति के आयोजन निदेशक मचाकाजी महर्जन ने बताया कि भूमिहीन बताने वालों के पंजीकरण की प्रक्रिया रोकी नहीं गई है।
“अभी भी कुछ जगहों पर घर टूटने की खबरें आ रही हैं,” उन्होंने कहा, “इस प्रक्रिया के दौरान पंजीकरण जारी रहना चाहिए।”
उन्होंने बताया कि अब तक लगभग दो हजार परिवारों का पंजीकरण हो चुका है।
पंजीकरण में लगी दूसरी संस्था, काठमांडू उपत्यका विकास प्राधिकरण की सूचना अधिकारी प्रकृति केसी ने भी सोमवार को बताया कि पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है।
प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय के अनुसार, पंजीकृत लगभग 800 लोग सरकार द्वारा संचालित होल्डिंग सेंटरों में रखे गए हैं जबकि अन्य ने अपनी व्यवस्था खुद शुरू कर दी है।
सरकार ने कीर्तिपुर के राधा स्वामी सत्संग भवन, नया बसपार्क एवं माछापोखरी क्षेत्रों में होटलों और भक्तपुर के दो सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों में होल्डिंग सेंटर स्थापित किए हैं।
प्रधानमंत्री वलेन्द्र शाह (बालेन) की प्रतिबद्धता: घरबारविहीन नहीं होने देंगे
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प्रधानमंत्री वलेन्द्र शाह (बालेन) ने कहा है कि, “काठमांडू उपत्यका के नदियों और सरकारी जमीन पर अव्यवस्थित अतिक्रमण करके बनाए गए घरों को डोजर से हटाया जा रहा है।”
सरकार की विस्थापन और प्रबंधन नीति पर विभिन्न आलोचनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रधानमंत्री बालेन ने फेसबुक के माध्यम से कहा है कि उनका उद्देश्य नागरिकों को हटाना नहीं, बल्कि स्थायी आवास सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि सभी भूमिहीन नागरिकों के लिए सम्मानपूर्वक, सुरक्षित और स्थायी आवास व्यवस्था के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है, “किसी भी नागरिक को घरबारविहीन नहीं बनाएंगे।”
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लेकिन इसके लिए अब आगे क्या होगा? प्रधानमंत्री के अनुसार, सुकुम्बासी समस्या के दीर्घकालीन समाधान के लिए भूमि संबंधी कानून 2021 के कुछ प्रावधान पहले अवरुद्ध थे जिन्हें हटा दिया गया है।
इसके बाद वास्तविक भूमिहीनों की डिजिटल अभिलेख संकलन, प्रमाणीकरण और स्पष्ट विवरण तैयार करने का कार्य शुरू हो चुका है।
प्रधानमंत्री बालेन ने लिखा है, “अब वास्तविक भूमिहीनों को पहचान कर व्यवस्थित, पारदर्शी और स्थायी समाधान की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। जोखिम में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षित और व्यवस्थित स्थानांतरण की व्यवस्था की जाएगी।”
डर के बीच विरोध का विस्तार?
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काठमांडू में डोजर लगाकर घरों को तोड़ना शुरू होने के बाद घरबारविहीन होने का डर देश के विभिन्न हिस्सों में फैल गया है।
कुछ जिलों और बाजारों में सुकुम्बासी लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने की खबरें मिली हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा है कि भूमिहीन और अव्यवस्थित निवास में रहने वाले नागरिकों में डर फैलाने और नियोजित रूप से दबाव बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
असुरक्षित बस्तियों के अलावा अन्य भूमिहीनों के विषय में संबंधित आयोगों की सिफारिस और संकलित जानकारियों के आधार पर सरकार निर्णय करेगी, जैसा कि बालेन ने बताया।
उनके दल, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने सुकुम्बासी समस्या के समाधान के लिए अधिकार सम्पन्न प्राधिकरण गठन करने की बात कही है और लोगों को घबराने से बचने का आग्रह किया है। लेकिन चूंकि समय लग रहा है, इसलिए सवाल है कि सरकार कब तक होल्डिंग सेंटर में इन लोगों को रखेगी?
वाग्मती सभ्यता एकीकृत विकास समिति के निदेशक मचाकाजी महर्जन कहते हैं, “पहचान प्रक्रिया चल रही है, वास्तविक भूमिहीनों की पहचान के बाद सरकार निर्णय लेगी।”
बालुवाटार के प्रसिद्ध भूमि प्रबंधन समिति के संयोजक और पूर्व सचिव शारदाप्रसाद त्रिताल का मानना है कि वास्तविक सुकुम्बासी लोगों के लंबे समय से सह रहे दुख को संस्थाएं समझकर सरकार उचित प्रबंधन करेगी।
“बारिश के दौरान विस्थापन से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों को अधिक प्रभावित होना पड़ा है, लेकिन अब सरकार को वास्तविक सुकुम्बासी लोगों को उनके वर्षों से चले आ रहे दुःख से जल्द निकालना चाहिए। समस्या का राजनीतिकरण होना भी इसकी जटिलता का कारण है,” वे कहते हैं।
समस्या समाधान में पूर्व सचिव के सुझाव
अगले वर्षों में बने डेढ़ दर्जन से अधिक आयोग सुकुम्बासी समस्या को हल करने में विफल रहे हैं। इन आयोगों ने बार-बार लालपुर्जा वितरित किया है।
विघटित आयोगों में लगभग 12 लाख सुकुम्बासी और अव्यवस्थित बस्तियों के नागरिक पंजीकृत थे।
पूर्व सचिव त्रिताल के अनुसार पारंपरिक आयोग बनाकर सरकारी जमीन वितरण से सुकुम्बासी समस्या का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा, “न्यायिक आयोग बनाकर पहले से दिए गए लालपुर्जा की जांच करनी चाहिए कि क्या वास्तविक सुकुम्बासी ने इसे प्राप्त किया है या नहीं। भूमिहीनों को सक्षम बनाकर खुद घर और जमीन बनाने योग्य बनाना होगा।”
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उन्होंने बताया कि बच्चों को पढ़ाना, आवश्यकतानुसार पहचान कर कौशल प्रशिक्षण देना, रोजगार सृजन करना, सक्षम न होने तक विशेष भत्ते देना और असमर्थ तथा बुजुर्गों की जिम्मेदारी सरकार को उठानी चाहिए।
अधिग्रहीत मानी गई जमीन पर बने घरों के तोड़ने के दौरान कुछ लोगों ने लालपुर्जा और नक्शा पास किए गए घर खरीदे होने का विरोध भी जताया है।
त्रिताल सरकार को सुझाव देते हैं कि सरकारी जमीन पहली बार मंजूर करने वालों को मुआवजा देने की व्यवस्था करनी चाहिए।
देशव्यापी सार्वजनिक जमीन के दशकों से निजीकरण संबंधी जटिलताओं की वजह से सरकार समाधान खोज रही है।
पूर्व सचिव त्रिताल कहते हैं, “सरकार चाहे तो सार्वजनिक जमीन पर कब और कहां अतिक्रमण हुआ इसकी माप शुरू करके एक वर्ष में पता लगाकर कार्रवाई कर सकती है।”
इस समाचार से संबंधित अधिक वीडियो सामग्री और अपडेट सोशल मीडिया पर देखे जा सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय रेडियो की शाम की नियमित कार्यक्रम में भी इस खबर को शामिल किया जाता है।
नेपाली महिला फुटबल टीम की कप्तान सावित्रा भण्डारी घुटने की सर्जरी के बाद कतार के एसपेटार अस्पताल में पुनर्वास (रिहैब) के लिए पहुंची हैं। सावित्रा ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने समर्थकों और सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए अपनी उपचार प्रक्रिया की अच्छी प्रगति की जानकारी दी है। उन्होंने नेपाली फुटबल की वर्तमान स्थिति से निराशा व्यक्त की और जल्द ही सुधार की उम्मीद जताई।
सावित्रा ने कतार के एसपेटार अस्पताल में कुछ माह तक रहकर उपचार और पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने समर्थकों, क्लब और सभी सहयोग करने वालों का आभार व्यक्त किया और बताया कि उनका उपचार अच्छे तरीके से चल रहा है। हालांकि, वे नेपाल में फुटबल की वर्तमान स्थिति देखकर निराश हैं।
सावित्रा ने ऑस्ट्रेलियाई ‘ए’ लीग में वेलिंग्टन फोनिक्स के लिए खेलते हुए पिछले जनवरी में चोटिल हो गई थीं। गोलरक्षक से टकराने के कारण उनके दाहिने घुटने का एसीएल टियर हो गया था। लगभग दो महीने बाद फरवरी में सावित्रा ने इलाज में नेपाल फुटबल संघ (एन्फा) द्वारा सहयोग न मिलने की शिकायत की और आर्थिक मदद की अपील की थी। उनकी इस अपील पर विश्वभर के नेपाली समर्थकों ने आर्थिक सहयोग जुटाया था। इसके बाद न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में डॉक्टर साइमन और उनकी टीम ने सफल सर्जरी की। खाड़ी क्षेत्र में स्थिति सामान्य न होने के कारण इलाज न्यूजीलैंड में ही किया गया था और कतार के एसपेटार अस्पताल पहुंचना कठिन था।
२१ वैशाख, काठमाडौं। नेपाल एथ्लेटिक्स संघले राष्ट्रिय खेलकुद परिषद् (राखेप)मा आफ्नो नवीकरण प्रक्रिया पूरा भइसकेको जानकारी सार्वजनिक गरेको छ। सोमबार प्रकाशित समाचारमा ‘नवीकरण नभई चलेका तीन दर्जन खेल संघ’ शीर्षकमा एथ्लेटिक्स संघको नाम उल्लेख गरिएको थियो। राखेपले उपलब्ध गराएको नवीकरण नभएको सूचीमा एथ्लेटिक्स संघको समेत समावेशीता थियो। तर, एथ्लेटिक्स संघका सचिव आरके विष्टले संघको नवीकरण प्रक्रिया सफलतापूर्वक सम्पन्न भइसकेको स्पष्ट पारेका छन्।
भक्तपुर नगरपालिका–५ स्थित आदर्शमा आज बा ४ ख ३१५६ नंबर की टिपर से टकराने से ४३ वर्षीय भारतीय नागरिक विसुनदेव सहनी की मृत्यु हो गई है। जिला पुलिस परिसर भक्तपुर के हालात अधिकारी पुलिस निरीक्षक स्वरूप शर्मा ने जानकारी दी।
काभ्रेपलाञ्चोक के मण्डनदेउपुर नगरपालिका–१० ज्यामिरे निवासी और बनेपा में रहने वाले टिपर चालक ३६ वर्षीय श्यामकुमार तामांग को पुलिस ने गिरफ्तार कर घटना की और जांच शुरू कर दी है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में जोसेफ विजय की पार्टी टीव्हीके को २३४ सीटों में से १०७ से १०९ सीटों तक बढ़त मिल रही है, जिसने इसे सबसे प्रमुख पार्टी के रूप में स्थापित कर दिया है। विजय ने २०२४ में राजनीति में प्रवेश किया और अपनी अभिनय जीवन से हटकर टीव्हीके की स्थापना की थी, अब उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना बहुत मजबूत नजर आ रही है। चुनावों में सत्ताधारी डीएमके और विपक्षी एमआईएडीएमके को पीछे छोड़ते हुए टीव्हीके ने द्रविड़ राजनीति में एकाधिकार को तोड़कर सामाजिक न्याय पर जोर दिया है। २१ वैशाख, काठमांडू।
दक्षिण भारतीय सिनेमा क्षेत्र में अद्भुत दृश्य देखने को मिलते हैं, जहाँ नायक कुछ सेकंड में ही परिस्थितियाँ बदल देते हैं। क्या वास्तव में राजनीति में भी ऐसा संभव है? भारतीय सुपरस्टार जोसेफ विजय ने लगभग फिल्मी शैली में तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में राजनीतिक भूकंप ला दिया है। उन्होंने दशकों से कायम परंपरागत राजनीति को पूरी तरह हिला कर ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रहे हैं। सोमवार से शुरू हुई मतगणना के ताजा रुझान और परिणाम विजय को केवल पर्दे पर ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति का नया नायक बना चुके हैं।
उनकी पार्टी ‘तमिलगा वेट्ट्री कज़गम’ (टीव्हीके) ने पहली बार विधानसभा चुनाव में भाग लेकर तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की सत्तासीन डीएमके पार्टी और मुख्य विपक्षी एआईएडीएमके को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में खुद को स्थापित किया है। इस जीत से वह अपने प्रशंसकों द्वारा प्यार से ‘थलापथी’ यानी सेनापति कहे जाने वाले जोसेफ विजय को तमिलनाडु का अगला मुख्यमंत्री बनने की संभावना और मजबूत कर दिया है।
नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) ने आईसीसी क्रिकेट विश्वकप लीग २ के तहत ओमान के खिलाफ मैच के लिए टिकट की कीमत 400 रुपए से घटाकर 200 रुपए कर दी है। टिकट की ऊंची कीमत के कारण दर्शकों की संख्या कम रहने पर क्यान ने यह समायोजन किया है। क्यान ने आगामी श्रृंखलाओं में टिकट कीमत समायोजित करने या न करने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। 21 वैशाख, काठमांडू।
आईसीसी क्रिकेट विश्वकप लीग २ के तहत नेपाल में चल रही श्रृंखला के अंतर्गत नेपाल और ओमान के बीच अंतिम मैच से पहले नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) ने टिकट की कीमत कम की है। क्यान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके ओमान के मैच के लिए टिकट की कीमत 200 रुपए निर्धारित की है। इससे पहले नेपाल के मैचों के लिए टिकट की कीमत 400 और बाकी मैचों के लिए 100 रुपए निर्धारित थी।
लीग २ की चल रही श्रृंखला में दर्शकों की संख्या कम होने का कारण टिकट की महंगी कीमत को माना जा रहा था। पूर्व खिलाड़ी से लेकर समर्थकों तक ने टिकट कीमत अधिक होने की बात कही थी। दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए टिकट कीमत कम की गई है। क्यान ने बताया कि यह कीमत नेपाल, अमेरिका और स्कॉटलैंड के बीच आगामी श्रृंखला के लिए भी लागू रहेगी।
वन और वातावरण तथा कृषि और पशुपालन विकास मंत्री गीता चौधरी ने कञ्चनपुर के शुक्लाफाँटा राष्ट्रीय निकुञ्ज का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निकुञ्ज की वर्तमान स्थिति और संरक्षण क्षेत्र की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली। निकुञ्ज के मुख्य संरक्षण अधिकारी चंद्रशेखर चौधरी ने मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण, वन्यजीवों के आवास प्रबंधन, चोरी-शिकार नियंत्रण, एवं घायल और समस्या ग्रस्त वन्यजीवों के उद्धार को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाए जाने की जानकारी दी।
निरीक्षण के बाद मंत्री चौधरी ने मानव और वन्यजीव के बीच संघर्ष को कम करने के लिए निकुञ्ज द्वारा और प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन विकास कर स्थानीय समुदाय की आय में वृद्धि के लिए निकुञ्ज को विशेष योजनाएं बनानी चाहिए।’
मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री कृष्णप्रसाद यादव ने प्रदेश में सरकार परिवर्तन की कोई संभावना नहीं होने का दावा किया है। यादव ने बजट प्रस्तुतीकरण के दौरान सरकार परिवर्तन होने पर प्रदेश को बड़ा नुकसान होने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सभी दलों के नेता और सांसद सरकार परिवर्तन न हो, इस बात पर एकमत हैं। 21 वैशाख, काठमांडू।
सोमवार जनकपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने यह दलील दी। बजट पेश करते समय मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मधेश प्रदेश के किसी भी सांसद को सरकार परिवर्तन का विचार भी नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं आश्वस्त हूं कि यह सरकार आगे बढ़ रही है। यही समय है जब बजट लागू करना सबसे उपयुक्त होगा। हम बजट उत्पादन की पूर्व संध्या पर खड़े हैं। यदि कोई सरकार परिवर्तन का प्रयास करता है तो यह प्रदेश के लिए अपूरणीय नुकसान होगा। यह मधेश प्रदेश के लिए भी दुर्भाग्यपूर्ण होगा।”
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि सभी दलों के नेता और सांसद सरकार परिवर्तन को लेकर सजग हैं। उन्होंने कहा, “सभी दलों के नेता चौकस हैं। दल के सभी सांसद साथी सचेत हैं। उन्हें सरकार परिवर्तन में शामिल नहीं होना चाहिए। यह निश्चित है।”
केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने ९९ सीटों पर बढ़त बनाकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। लोकसभा सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ के माध्यम से इसे जनता का बदलाव के लिए दिया गया स्पष्ट जनादेश बताया है। केरल की १४० विधानसभा सीटों में से ७१ सीटें बहुमत के लिए आवश्यक होती हैं और इस बार कांग्रेस गठबंधन के सत्ता परिवर्तन की संभावना पक्की हो गई है। २१ वैशाख, काठमांडू।
केरल विधानसभा चुनाव की मतगणना में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने स्पष्ट बहुमत हासिल करने पर कांग्रेस नेता एवं लोकसभा सांसद शशि थरूर ने खुशी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा कि यह परिणाम जनता ने बदलाव के लिए दिया है। थरूर ने कहा, “केरल में सुबह से ही यूडीएफ की शानदार जीत की झलक दिख रही है। आधे से अधिक वोटों की गिनती के बाद हम १०० से अधिक सीटों पर बढ़त में हैं, जिसे एक महीने पहले कोई सोच भी नहीं सकता था।”
उन्होंने कांग्रेस और गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मतदाताओं को धन्यवाद दिया। केरल विधानसभा में कुल १४० सीटें हैं, जिनमें बहुमत के लिए ७१ सीटें जरूरी होती हैं। वर्तमान रुझान के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन को ९९ सीटों पर बढ़त मिली है, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ऊपर है। वहीं सत्तारूढ़ वामपंथी गठबंधन (एलडीएफ) काफी पीछे रह गया है, जिससे केरल में सत्ता परिवर्तन निश्चित हो गया है।