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लेखक: space4knews

इरान के यूएई निशानेबाजी पर अमेरिका ने किया ‘जवाबी हमला’ का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में अमेरिका द्वारा तेज गति वाली ७ इरानी ‘फास्ट बोट’ पर आक्रमण करने की बात कही है। वाशिंगटन ने कहा है कि यह कार्रवाई खाड़ी में फंसे जहाजों को इस बंद-सी जलमार्ग से बाहर निकालने के लिए की गई। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और दक्षिण कोरिया ने सोमवार को अपने जलयान पर हुए हमलों की सूचना दी थी। इरान की कार्रवाई के बाद यूएई ने फुजैरा के ईंधन पोर्ट पर आग लगने की पुष्टि की है। शिपिंग कंपनी मेर्स्क ने बीबीसी को बताया कि अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा में उनका एक अमेरिकी ध्वजवाहक जलयान सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से बाहर निकल सका है। ट्रम्प ने अमेरिकी सुरक्षा उपायों को “प्रोजेक्ट फ्रीडम” नाम दिया है।

इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि वहां हुई घटनाओं ने “राजनीतिक संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं होने” को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा, “प्रोजेक्ट फ्रीडम दरअसल प्रोजेक्ट गतिरोध है।” मेर्स्क ने बताया कि उनका एक व्यावसायिक जलयान बिना किसी घटना के अपनी यात्रा पूरी कर चुका है, चालक दल के सदस्य स्वस्थ और सुरक्षित हैं। अमेरिका और इजरायल ने फरवरी में इरान पर हवाई हमले किए थे, जिसके बाद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज काफी हद तक बंद रहा है।

तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे विश्व के २० प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है। अप्रैल की शुरुआत में अमेरिका और इरान के बीच लड़ाई विराम की घोषणा के बाद, इरान ने खाड़ी के देशों जैसे संयुक्त अरब अमीरात पर ड्रोन और मिसाइल हमले बंद कर दिए थे। लेकिन तब से इस जलमार्ग से माल ढुलाई करने वाले जहाजों की संख्या बहुत कम रही है। अमेरिका ने भी इरानी बंदरगाहों पर पाबंदी लगा रखी है। ट्रम्प ने कहा, “हमने ७ छोटे नावों को निशाना बनाया है, जिन्हें वे फास्ट बोट कहते हैं। अब उनके पास वही बचे हैं।”

अमेरिकी सेना ने आक्रमण के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया है। इस हमले के बाद फंसे जहाज को इरान की सरकारी मीडिया ने बाद में खारिज कर दिया और ट्रम्प की स्पीड बोट पर आक्रमण की बात को गलत ठहराया है। तास्निम समाचार एजेंसी ने सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया कि दो छोटे मालवाहक जहाजों पर हमला हुआ जिसमें ५ आम नागरिकों की मौत हुई है। इससे पहले अमेरिका ने सोमवार को बताया था कि उसके नौसेना और अमेरिकी ध्वजवाहक व्यावसायिक जहाजों ने इस जलमार्ग को पार किया है।

इरान ने इस दावे को “पूरी तरह गलत” बताया है और कहा है कि उसकी सेना ने अमेरिकी युद्धपोतों को चेतावनी गोलियां चलाई हैं, जिसे अमेरिकी सेना ने नकार दिया है। मेर्स्क के अनुसार, फरवरी में अमेरिका और इजरायल ने इरान पर हमला किया था, तब उनकी अमेरिकी ध्वजवाहक जहाज अलायंस फेयरफैक्स खाड़ी में फंसा हुआ था। इसके बाद अमेरिकी सैन्य सुरक्षा में वह जहाज स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से बाहर निकल पाया। कंपनी ने कहा, “अमेरिकी सैन्य सहायता ने इस जहाज को फारस की खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकलने का अवसर दिया।”

इस बीच, यूएई के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि सरकारी स्वामित्व वाली तेल कंपनी एडेनोक के एक टैंकर की स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में दुर्घटना हो गई है। दक्षिण कोरिया ने भी संयुक्त अरब अमीरात के नजदीक अपने एक जहाज पर विस्फोट की सूचना दी है। यूएई के अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें १२ बैलिस्टिक मिसाइल, ३ क्रूज मिसाइल और ४ ड्रोन का सामना करना पड़ा। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, फुजैरा के प्रमुख तेल बंदरगाह पर हुए हमले में बड़ी आग लगी है, जिसमें ३ लोग घायल हुए हैं। अबू धाबी ने इस हमले को “खतरनाक तनाव” करार देते हुए कहा है कि वे प्रतिक्रिया देने का पूरा अधिकार रखते हैं। इरान की सरकारी टेलीविजन ने एक अनाम सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा है कि इरान की यूएई को निशाना बनाने की कोई योजना नहीं है।

५० वर्षपछि भारतका कुनै पनि राज्यमा रहेन वामपन्थी सरकार, केरलमा कांग्रेसको जित

५० वर्षों के बाद भारत के किसी भी राज्य में वामपंथी सरकार नहीं, केरल में कांग्रेस की जीत

२२ वैशाख, काठमाडौं। ५० वर्षों के बाद पहली बार भारत के किसी भी राज्य में वामपंथी सरकार का अस्तित्व नहीं रहेगा। वामपंथी दलों का अंतिम मजबूत गढ़ माने जाने वाले केरल भी इस बार उनकी पकड़ से बाहर हो गया है। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने केरल राज्य में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन को १० वर्षों बाद फिर सत्ता में ला दिया है। कुल १४० सीटों वाले केरल में कांग्रेस पार्टी अकेले ही ६३ सीटें जीत गई है। कांग्रेस के सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने २२ सीटें हासिल की हैं जबकि अन्य सहयोगी दलों ने १७ सीटें जीती हैं। दूसरी ओर, वामपंथी दलों ने केवल ३५ सीटें जीत पाई हैं। इससे केरल में वामपंथी सत्ता गंवाने की स्थिति निश्चित हो गई है।

केरल में वर्ष २०१६ से २०२६ तक दो कार्यकाल तक वामपंथी सरकार रही है। केरल खो जाने के बाद भारत के किसी भी राज्य में वामपंथी दल की सरकार नहीं रहने की स्थिति बन गई है, ऐसा भारतीय मीडिया ने बताया है। समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, १९७० के दशक के बाद पहली बार ऐसा होगा जब भारत के किसी भी राज्य में वामपंथी सरकार नहीं होगी। वर्ष १९७७ में पश्चिम बंगाल में सीपीआई-एम की सरकार बनी थी, जो २०११ तक चली। उसके बाद राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनी। हालिया विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस केवल ८१ सीटों तक सीमित रही, जबकि भाजपा ने २०६ सीटें हासिल कीं। पश्चिम बंगाल में कम्युनिस्ट पार्टी ने केवल २ सीटें जीतीं। इसी प्रकार, १९९८ से २०१८ तक त्रिपुरा में भी लेफ्ट फ्रंट की सरकार थी। २०१८ में वह राज्य भी भाजपा के नियंत्रण में आ गया था।

भैंस चराने क्षेत्र से पर्यटन स्थल तक की यात्रा

२२ वैशाख, इलाम। इलाम के पर्यटन स्थल अंतु पोखरी चार दशक पहले भैंस चराने का क्षेत्र था। २०४० साल तक यहां चार गांव के लोग भैंस चराते थे। एक तरफ पानी की कमी थी। हालांकि अंतु पोखरी कभी सूखा नहीं करता था। आसपास घर नहीं थे। जंगल भी नहीं था। लेकिन दिन में भी यहाँ सूना सन्नाटा होता था। उस समय दिन में भी अंतु पोखरी के आसपास ऐसा था, लेकिन अब वहां मध्यरात्रि तक रोशनी रहती है। ‘हम जब बच्चे थे तब २०-२२ भैंस चराई थी। अंतु डांडा, बुधेडांडा, उनियुटार, तकपत, छिरुवा की भैंसों को चराने और पानी पी कराने के लिए यहां लाया जाता था,’ स्थानीय खगराज घिमिरे ने बताया, ‘दोपहर के बाद अंधेरा हो जाता था। लोग चलने से डरते थे। भैंस चराने वाले लोग ढाप पोखरी (अंतु पोखरी का पुराना नाम) में पानी पीकर समय पर भैंसों को गोठ ले जाते थे।’ उस समय काशीनाथ घिमिरे (खगराज के पिता), तारानिधि घिमिरे, तीलविक्रम नेम्बांग जैसे कुछ सीमित घर थे, जो पोखरी से काफी दूर थे। सड़क नहीं थी, केवल पगडंडी। लेकिन अब वही जगह विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बन चुकी है। पर्यटक रोज़ाना ८०० से २००० तक नाव सैर करने और फिशिंग के लिए आते हैं। शाम से लेकर मध्यरात्रि तक संगीत चलता है। खाना-पीना, नाच-गाना, कैम्प फायर करना अंतु की संस्कृति का हिस्सा बन गया है।

भैंस चराने वाले क्षेत्र से पर्यटन स्थल बनने की प्रक्रिया २०४० साल से शुरू हुई। उस समय कृष्णप्रसाद भट्टarai जिला पंचायत अध्यक्ष थे। जिला पंचायत ने २० हजार रुपए देने के बाद पोखरी संरक्षण अभियान शुरू किया। स्थानीय लोग भी संरक्षण में जुटे। ‘पोखरी के पूर्व और पश्चिम की ओर दीवार बनाई गई। पानी इकट्ठा किया गया। सफाई की गई,’ खगराज ने बताया। ‘२०५९ मंसिर २७ को जिला प्रशासन कार्यालय में अंतु पर्यटन विकास केन्द्र संस्था पंजीकृत हुई। उसी संस्था के नेतृत्व में २०६२/६३ में नेपाल सरकार ने ५५ हजार तथा बाद में १ लाख ७० हजार रुपए बजट दिया। इससे दीवार बनाने और पानी जमा करने का काम और बढ़ा।’ पचास के दशक से स्थानीय लोग इस जगह को पर्यटन स्थल बनाने में जुटे रहे। पोखरी बनने के बाद स्थानीय लोग मिलकर पहले भारत के मिर्मक से नाव किराए पर लाए। बाद में कोलकाता जाकर दो नाव खरीदीं और संचालन शुरू हुआ। २०६२/६३ में तत्कालीन सभामुख सुवासचन्द्र नेम्बांग ने परेवा उड़ाकर पोखरी में नाव संचालन शुरू किया। उस समय नाव समिति चला रही थी, अब नगरपालिका ने निवेश बढ़ाकर संचालन संभाला है और अच्छा आय अर्जित कर रही है।

संघीय व्यवस्था के बाद स्थानीय सरकार की नजर अंतु पर पड़ी। नगरपालिका ने अंतु पोखरी और अंतु डांडा के आधारभूत विकास, संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर लगभग ५ करोड़ रुपए खर्च किए हैं, पूर्व प्रमुख रणबहादुर राई ने बताया। ‘पोखरी के आसपास चलना मुश्किल था, कीचड़ भरा होता था। पर्यटक कीचड़ की वजह से पोखरी में जाना पसंद नहीं करते थे। खास चहल-पहल नहीं थी,’ पूर्व प्रमुख राई ने कहा। ‘आसपास ट्रैक बनाया गया, लाइट लगाई गई। अब यह एकीकृत स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। २०७४ में जब हम जनप्रतिनिधि बने थे तब कटेज और होमस्टे कम थे, अब बड़े होटल बन गए हैं। अंतु में हमने लगभग ५ करोड़ खर्च कर पर्यटन हब बनाया है।’ पोखरी से ऊपर अंतु डांडा है, जहां से सूर्योदय देखा जाता है। अंतुपोखरी और अंतु डांडा पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण हैं।

२०७४ में अंतु डांडा तक सड़क नहीं थी। ‘छिपिटार से अंतु तक के लिए रास्ता था, पर सड़क विभाग ने भंञ्ज्यांग (पोखरी से नीचे) तक सड़क बनाई और पैसे वापस लौटाने की धमकी दी। जब हम स्थानीय सरकार में आए तो कहा कि बिना सड़क के व्यू टावर तक नहीं पहुंचा जा सकता, अतः रास्ता ऊपर पहुंचाया गया,’ उन्होंने बताया। ‘अंतु डांडा का टावर अव्यवस्थित था। संघीय और स्थानीय सरकार के समन्वय से व्यवस्थित बनाया गया। खेल मैदान से डांडा पहुंचने वाला रास्ता कीचड़ भरा था, उसका सोलिंग और ग्रेवेल किया गया। अब पर्यटक आसानी से ऊपर पहुंचते हैं।’ अंतु के अधिकांश क्षेत्रों में बिजली की व्यवस्था है। पहले पर्यटक टिकट से सालाना आय केवल १ लाख रुपए थी, मगर कूड़ा ज़्यादा था। ‘आंतरिक राजस्व बढ़ाने के लिए नगरपालिका ने अपने कर्मचारी रखे और वार्षिक ५६ लाख रुपए तक राजस्व जुटाया। पर्यटन मेले आयोजित किए और प्रचार-प्रसार व्यापक हुआ,’ प्रमुख राई ने कहा। वर्तमान में संघीय सरकार के अधीन शहरी और भवन निर्माण आयोजन अंतु के सुंदरता विकास का काम कर रहा है। आयोजन के सब-इंजीनियर प्रकाश चापागाईं ने बताया कि वे सौंदर्यीकरण, द्वितीय गेट से आने वाले रास्ते के नाली निर्माण, फुटपाथ बनाना, घेराबंदी और सडक विस्तार का कार्य कर रहे हैं। पर्यटक अब अंतुपोखरी के आसपास कई घंटे बिताते हैं, स्थानीय व्यवसायी बताते हैं।

पर्यटन व्यवसायी संघ के अध्यक्ष रुद्र घिमिरे के अनुसार, अब पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है। ‘दिन में ८०० से २००० पर्यटक आते हैं। अंतु पर्यटन व्यवसायी संघ में होटल, कटेज और होमस्टे के ११० इकाई हैं। सामुदायिक होमस्टे ५० हैं और नियमित सेवा देने वाले ३५ हैं,’ उन्होंने कहा, ‘संघ के होटल में ३१० लोग प्रत्यक्ष रोजगार पाते हैं। चाय बागान के बीच सुंदर कटेज, होमस्टे, नौका सैर, मौसमी मछली पकड़ना, घुड़सवारी प्रमुख आकर्षण हैं। अंतु पोखरी में चार नाव चलती हैं, एक नाव में चार लोग बैठते हैं। एक बार पोखरी सैर का टिकट ५० रुपए है जो नगरपालिका की आमदनी है। दिन भर नाव खाली नहीं रहती। सूर्योदय से सूर्यास्त तक की सैर होती है।

अंतु डांडा सूर्योदय देखने के लिए लोकप्रिय है। पर्यटक एक दिन पहले आकर अंतुपोखरी घुमते हैं, रात तक नाच-गाना करते हैं और अगली सुबह सूर्योदय का आनंद लेते हैं। मेची राजमार्ग के कन्याम स्थित छिपिटार से अंतु का रास्ता अलग होता है, जो लगभग ११ किलोमीटर दूर है। सड़क कालीन है। जिप, कार, वैन, मोटरसाइकिल से कन्याम से अंतु पहुंचा जा सकता है। अंतु का सूर्योदय भदौ के अंत में शुरू होता है और मौसम साफ होने पर पुष–माघ और वैशाख तक चलता है। यहां से सूर्योदय का दृश्य मनमोहक होता है। यहां हर साल सैकड़ों देशी-विदेशी पर्यटक सूर्योदय देखने आते हैं। अंतु पूर्वी नेपाल का व्यस्त पर्यटन स्थल बन गया है। यहां से उत्तर में हिम श्रृंखला, कोणधारी धुपी-सल्ला, झुम्का-झुम्का इलायची, मौसमी फल और अन्य फसलें सजावट करती हैं। यहां से झापा, कन्याम, भारत के दार्जिलिंग, मिरिक, सिलीगुड़ी जैसी बाज़ारों की झलक महसूस होती है। गर्म इलाकों जैसे झापा, मोरंग, सुनसरी, सप्तरी से पर्यटक यहां आराम के लिए आते हैं। पश्चिम बंगाल के सैकड़ों पर्यटक यहां सालाना आते हैं, दो-चार दिन ठहरते हैं। तराई के अधिक गर्मी के समय यहां के प्राकृतिक एयर कंडीशन का लाभ उठाने वालों की भीड़ रहती है। पश्चिम नेपाल और पश्चिम बंगाल के अधिक पर्यटक आते हैं। कुछ स्कूल के विद्यार्थी समूह भी अध्ययन भ्रमण पर यहां आते हैं।

सूर्योदय नगरपालिकाएं पर्यटन से आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर है, नगरपालिका प्रमुख दुर्गा कुमार बराल ने बताया। ‘अंतु और कन्याम ही नहीं, यहां के हर वार्ड और गांव पर्यटन के लिए उपयुक्त हैं। कृषि उत्पाद, जड़ी-बूटियां, विलुप्त रेडपांडा, धार्मिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक स्थल सूर्योदय के पर्यटन स्थल हैं। कोशी प्रदेश सरकार ने इसे पर्यटन नगर घोषित किया है। अंतु और कन्याम हमारे प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, लेकिन हम अन्य जगहों को भी पर्यटन में विकसित करेंगे। हमारी आर्थिक समृद्धि का प्रमुख आधार पर्यटन है,’ उन्होंने कहा।

फिल्म से राजनीतिक नायकत्व तक का सफ़र

२२ वैशाख, काठमाडौं । भारत के दो बड़े दलों के बीच लगातार सत्ता परिवर्तन हो रहे तमिलनाडु की राजनीति में इस बार एक नई ताकत तीव्र गति से उभर रही है। अभिनेता सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में राजनीतिक समीकरणों को चुनौती देते हुए इस दल ने सत्ता की बागडोर संभालने का मजबूत संकेत दिया है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम आते ही तमिलनाडु ने देश की राजनीति में नए नेतृत्व और वैकल्पिक शक्ति का संदेश दिया है। पिछले चुनावी रुझानों को देखते हुए विजय के तमिलनाडु के आगामी मुख्यमंत्री बनने की संभावना प्रबल दिख रही है। दशकों से दो मुख्य क्षेत्रीय दलों के नियंत्रण में रहने वाली तमिलनाडु की राजनीति में इस परिणाम को ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है। जिस विजय की फिल्म ‘जननायक’ को प्रदर्शन पर रोक लगी थी, वही विजय मुख्यमंत्री बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि उनकी फिल्म प्रदर्शित नहीं हो सकी, लेकिन ‘फर्स्ट रोअर’ नामित उस ट्रेलर में मुद्रित दो पंक्तियों ने आम जनता का मन जीत लिया था। उस ट्रेलर में विजय ने कहा था, ‘मैं आ रहा हूँ और वापस जाने का मेरा कोई इरादा नहीं है।’ उनकी यही अडिग संकल्प शक्ति आज उन्हें राजनीतिक सफलता के करीब लाया दिख रहा है।

सन् २०२४ के फ़रवरी २ को निर्वाचन आयोग में पंजीकरण के लिए आवेदन देने वाली ‘तमिलग वेत्री कझगम’ (टीवीके) को उसी वर्ष ८ सितंबर को आधिकारिक मान्यता मिली थी। गठन के मात्र दो वर्षों के भीतर यह पार्टी अब राज्य में सरकार बनाने की काबिल स्थिति में पहुंच गई है। तीन दशक से तमिल फिल्म उद्योग में सुपरस्टार के रूप में स्थापित ५१ वर्षीय विजय ने अपने करियर के शिखर पर अभिनय छोड़कर पूर्णकालिक राजनीति में प्रवेश किया है। अपने रैलियों में वे बार-बार कहते रहे हैं कि वे सब कुछ त्याग कर केवल जनता की सेवा के लिए चुनावी मैदान में उतरे हैं। प्रचार में तकनीक के अप्रतिम उपयोग ने विजय के चुनावी अभियान को बेहतरीन बनाते हुए खूब चर्चा बटोरी। उन्होंने चुनावी सभाओं में ‘होलोग्राम’ तकनीक का व्यापक उपयोग किया, जिसे साल २०२४ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहली बार प्रयोग किया था। मोदी ने बाद में इसका कम उपयोग किया, लेकिन विजय ने तमिलनाडु के दूर-दराज के गांवों में होलोग्राम के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कर मतदाताओं के बीच खास क्रेज पैदा किया। जहां वे शारीरिक रूप से जा नहीं पाते थे, वहां वे होलोग्राम के माध्यम से पहुंच कर जनता से संवाद करते थे, जो बहुत प्रभावशाली साबित हुआ। तकनीक के साथ-साथ विजय ने फिल्म क्षेत्र की ‘बॉडी डबल’ अवधारणा को भी प्रचार में अपनाया। फिल्म के जोखिमपूर्ण दृश्यों में इस्तेमाल की जाने वाली जैसी दिखने वाली शख्सियतों को उन्होंने चुनावी मैदान में उतारा, जिससे मतदाता इसे अपने बीच विजय की मौजूदगी के रूप में महसूस करने लगे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अपने ही स्वरूप के ‘मैनिकिन’ का भी प्रयोग किया। निर्वाचन आयोग द्वारा २२ जनवरी २०२६ को प्रदत्त ‘सिठी’ (सीटी) चिन्ह को जनता तक पहुंचाने के लिए उन्होंने होलोग्राम और ऑडियो के प्रभावशाली संयोजन का सहारा लिया।

कम्बोडिया में नेपाली नागरिकों को जागरूक करने के उपाय

कम्बोडिया ने ‘ऑनलाइन स्कैम’ सहित अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कड़क कानून लागू किया है, जिसके तहत वहां रहने वाले और वहां जाने वाले नेपाली नागरिकों को सतर्क रहने के लिए चेतावनी जारी की गई है। थाईलैंड के बैंकॉक स्थित नेपाली दूतावास के नियोग उपप्रमुख मोतीबहादुर श्रीस ने बताया कि कम्बोडिया ने पिछले सप्ताह से नए कानून लागू किए हैं, जिनके अनुसार अपराध की प्रकृति के आधार पर पाँच लाख अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना और दो वर्ष से आजीवन कारावास तक की सजा निर्धारित की गई है।

नेपाली लोगों में भी ऐसी अवैध गतिविधियों में शामिल होने और वीज़ा अवधि समाप्त होने के बाद रहने की स्थिति देखी गई है। दूतावास और नेपाल पुलिस ने काठमांडू स्थित मानव तस्करी अनुसंधान ब्यूरो के सहयोग से नेपाली नागरिकों को जागरूक किया है। पिछले तीन वर्षों (सन् 2023, 2024 और 2025) में कम्बोडिया में पर्यटक वीज़ा पर 21 हजार नेपाली पहुंचे हैं। नियोग उपप्रमुख श्रीस ने कहा, “ये सभी नेपाली नागरिक अभी तक कम्बोडिया में मौजूद नहीं हैं, लेकिन अनुमान लगाया गया है कि उनमें से कई वहां पर स्थित हैं।”

सन् 2026 के जनवरी से अब तक 576 नेपाली लोगों को नेपाल वापस भेजा गया है। उन्होंने बताया, “हमने सात चरणों में नेपाली नागरिकों को वापस भेजा है, जिनमें से केवल मार्च 10 से अब तक 277 लोगों को स्वदेश भेजा गया है।” वीज़ा अवधि पूरी होने के बाद कम्बोडिया सरकार उन नेपाली नागरिकों से दैनिक 10 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना वसूलती है। नए कानून लागू होने के बाद यह प्रक्रिया और भी सख्त हो सकती है।

अधिकारियों ने कहा है कि बिना श्रम अनुमति के पर्यटक वीज़ा पर लंबे समय तक रहने वाले नेपाली लोगों के बारे में कम्बोडियाई अधिकारियों को सूचित करें। वर्तमान में 72 नेपाली कम्बोडियाई डिटेंशन सेंटर में गिरफ्तार हैं। “हम 59 लोगों को वापस भेजने की तैयारी कर रहे हैं और कुछ ही दिनों में उन्हें नेपाल भेजा जाएगा,” श्रीस ने बताया। विदेशी रोजगार के नाम पर ठगी होने की संभावना के कारण रोजगारदाताओं की जानकारी ठीक से लेकर ही कम्बोडिया जाने का अनुरोध किया गया है।

बिपी राजमार्गमा लापरबाही गरेर माइक्रो बस चालाउने ५ जना चालक नियन्त्रणमा

बिपी राजमार्ग पर लापरवाही करते हुए माइक्रोबस चालक पांच गिरफ्तार

२२ वैशाख, काभ्रेपलाञ्चोक। बाढ़ से उत्पन्न संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए नेपाल पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर रोकने की चेतावनी दी थी, लेकिन लापरवाहीपूर्ण तरीके से माइक्रोबस चलाने वाले पांच चालक को गिरफ्तार किया गया है। यात्री जीवन और संपत्ति को खतरा पहुंचाने के आरोप में पकड़े गए इन चालकों को काभ्रेपलाञ्चोक जिला पुलिस कार्यालय की हिरासत में रखा गया है और उनकी जांच जारी है, एसपी कोमल शाह ने जानकारी दी।

सोमवार शाम से लगातार हुई बारिश के कारण रोशी नदी का प्रवाह तेज हो गया था, जिससे नदी के बीचोबीच फंसे पाँच माइक्रोबसों के ८९ यात्रियों को नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस और नेपाली सेना के संयुक्त प्रयासों से रात १:०० बजे बचा कर उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। इस बीच, काभ्रेपलाञ्चोक जिला पुलिस कार्यालय ने बिपी राजमार्ग के सभी यात्रियों से आग्रह किया है कि वे हमेशा सूचना या पूर्वजानकारी लेकर और पुलिस के सुझावों का पालन करते हुए यात्रा करें।

अमेरिकी डॉलर और यूरो के मूल्य वृद्धि के बीच अन्य मुद्राओं का क्या हाल है?

२२ वैशाख, काठमाडौं । आज अमेरिकी डॉलर और यूरो के मूल्य में वृद्धि देखी गई है। राष्ट्र बैंक के अनुसार, आज अमेरिकी डॉलर का क्रय मूल्य १५१.८५ और बिक्री मूल्य १५२.४५ रुपये है। सोमवार के मुकाबले क्रय मूल्य १५१ रुपये ५६ पैसे और बिक्री मूल्य १५२ रुपये १६ पैसे था।

आज यूरो का क्रय मूल्य १७७.६८ और बिक्री मूल्य १७८.३८ रुपये निर्धारित किया गया है। सोमवार को क्रय मूल्य १७७ रुपये ६४ पैसे और बिक्री मूल्य १७८ रुपये ३५ पैसे था। इसी प्रकार, आज पाउंड स्टर्लिंग का क्रय मूल्य २०५.६५ और बिक्री मूल्य २०६.४६ रुपये है। स्विस फ्रैंक का क्रय मूल्य १९३.७० और बिक्री मूल्य १९४.४६, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का क्रय मूल्य १०९.०४ और बिक्री मूल्य १०९.४७ रुपये है। जापानी येन १० के क्रय मूल्य ९.६६ और बिक्री मूल्य ९.७० है, जबकि दक्षिण कोरियाई वोन १०० के क्रय मूल्य १०.३१ और बिक्री मूल्य १०.३५ रुपये निर्धारित किया गया है।

इरानी सत्ता अभी भी मजबूत और बदला लेने के लिए प्रतिबद्ध

ईरान युद्ध के घेरे में फंसा हुआ था। उसके बाद का युद्धविराम कुछ शांति लेकर आया। लेकिन उन सभी उथलपुथलों के बावजूद ईरान का इस्लामिक गणराज्य शासन अब भी कायम है। ईरान में जहां भी लोग जा रहे हैं या घर पर टेलीविजन चला रहे हैं, हत्या किए गए नेताओं और नए नेतृत्व के पोस्टर तथा दृश्य देखे जा सकते हैं। ईरान के अंदर के लोगों से बातचीत के अनुसार, ईरानी सत्ता कमजोर होने की बजाय और अधिक मजबूत होती जा रही है और बदला लेने की मानसिकता भी काफी प्रबल है।

परिवर्तन की आशा और चिन्ताओं से भरे दीयाको (नाम परिवर्तित) और दीयाको (नाम परिवर्तित) तेहरान में रहने वाले युवा दंपति हैं। वे शिक्षित मध्यमवर्गीय परिवार के सदस्य हैं और कट्टरपंथी धार्मिक शासन के अंत की कामना करने वालों में से हैं। उनकी सामाजिक सुरक्षा के कारण अधिक व्यक्तिगत विवरण नहीं दिए जा सकते क्योंकि खुले तौर पर विदेशी मीडिया से बातचीत करने पर ईरानी सरकार की निगरानी में आने का खतरा है।

ईरान में काम कर रहे पत्रकारों ने एक पार्क के पास दीयाको और सना (नाम परिवर्तित) से मुलाकात कर बातचीत की थी। युद्धविराम के दौरान हुए संवाद में दीयाको अपने जीवन के प्रति आशावादी दिखीं। “परिवर्तन अब आ रहा है,” उन्होंने कहा। “पहले ही कुछ बदलाव हो चुके हैं।” लेकिन जब वह ऐसा कह रही थीं तो सना मुस्कुराईं। “परिवर्तन?” उन्होंने पूछा। “यह तो और भी ज्यादा रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नियंत्रण में है। देश अभी भी अस्तव्यस्त है,” इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के बाद सना ने अपने भावनाएं साझा कीं।

“शुरुआत में मैं चाहती थी कि युद्ध न हो… लेकिन युद्ध के बीच जब उन्होंने मुख्य व्यक्तियों को निशाना बनाना शुरू किया, तो मुझे हर मौत में एक प्रकार की संतुष्टि मिलने लगी,” उन्होंने कहा। युद्ध बढ़ने के बाद आयतोल्लाह अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं के प्रभावित होने के बावजूद नई सत्ता या समझौते के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाने में असमर्थ रहने की बात सना ने महसूस की। “उनके कई समर्थक अभी भी दृढ़ हैं। मेरी उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। सब कुछ और भी खराब हो गया और हम इस्लामिक गणराज्य में ही रह गए। उन्होंने जीता हुआ युद्ध मुझे दुखी करता है,” उन्होंने अपना अनुभव साझा किया।

वर्षा गराउने प्रणाली पूर्वतिर सर्दै, आज कहाँ–कहाँ पर्छ पानी ?

वर्षा व्यवस्था पूर्वतर्फ स्थानान्तरण: आज कहाँ-कहाँ वर्षा हो सकती है?

२२ वैशाख, काठमाडौं। जल तथा मौसम विज्ञान विभाग ने सुदूरपश्चिम से होते हुए पूर्वतर्फ बढ़ रहे हवाओं सहित वर्षा प्रणाली की जानकारी दी है। कुछ दिनों से अस्त-व्यस्त मौसम कुछ और दिन तक बना रहने की संभावना है। इसी कारण आज देश के सभी प्रदेशों के विभिन्न क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ वर्षा हो रही है। मंगलवार को भी देश के कुछ हिस्सों में हवाओं और वर्षा का अनुमान है। मौसम पूर्वानुमान महाशाखा के अनुसार कोशी, मधेश, बागमती, गण्डकी और लुम्बिनी प्रदेश के कुछ हिस्सों में मध्यम स्तर की वर्षा होने का अनुमान है। अन्य प्रदेशों के छोटे इलाकों में भी वर्षा की संभावना बनी हुई है। रात में इन प्रदेशों में बदली बनी रहेगी और कुछ क्षेत्रों में मेघ गर्जन सहित वर्षा हो सकती है। बुधवार को भी कोशी, मधेश, बागमती, गण्डकी, लुम्बिनी तथा अन्य प्रदेशों के पहाड़ी और हिमाली क्षेत्रों में बादलों का डेरा होगा। इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन के साथ मध्यम वर्षा तथा तराई के कुछ इलाकों में हल्की वर्षा होने की संभावना है। विभाग ने हवाओं, बिजली गिरने और संभावित भारी वर्षा से होने वाली क्षति को कम करने के लिए सभी लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया है।

एशियाई इंटरनेट, एआई और विद्युत लाइनों से जोड़ने की योजना सहित सम्मेलन का शुभारंभ

उज़्बेकिस्तान के समरकंद में एशियाई विकास बैंक का 59वां वार्षिक सम्मेलन शुरू हुआ है, जिसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। एडीबी के अध्यक्ष मासातो कांदा ने ऊर्जा और इंटरनेट नेटवर्क विस्तार के लिए 70 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की योजना की घोषणा की। उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने अपने देश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने और क्षेत्रीय विकास के पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत करने की बात कही।

सिल्क रोड के केंद्र समरकंद में हो रहे इस सम्मेलन का मुख्य विषय फिर एक बार इंटरनेट और विद्युत लाइन नेटवर्क रहा। रविवार से शुरू हुए सम्मेलन का सोमवार को उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव और एडीबी अध्यक्ष मासातो कांदा ने आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया। यूनेस्को ने समरकंद को ‘संस्कृतियों का चौबाग़’ के रूप में मान्यता दी है। एडीबी ने भी इस सम्मेलन का मुख्य नारा रखा है – ‘प्रगति का चौबाग़: इस क्षेत्र के जुड़े भविष्य को सशक्त बनाते हुए।’

एडीबी अध्यक्ष कांदा ने उद्घाटन सत्र में कहा, ‘साथ मिलकर विकास करें, एक साथ काम करें’ और बताया कि यह क्षेत्र एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने भू-राजनीतिक विखंडन, संघर्षों के विनाशकारी प्रभाव, आर्थिक बाधाओं और जलवायु परिवर्तन के दबावों की भी चेतावनी दी। उन्होंने यह भी बताया कि एडीबी 2025 तक इस क्षेत्र में 44 अरब डॉलर का विशेष सहयोग प्रदान करने वाली है।

राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने उज़्बेकिस्तान को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में नेतृत्वकर्ता बनाने की महत्वाकांक्षी योजना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि 2016 से लगातार विकसित हो रही अर्थव्यवस्था इस समय 50 अरब डॉलर से बढ़कर 147 अरब डॉलर पर पहुँच चुकी है। इसके साथ ही, उन्होंने गरीबी दर को 35 प्रतिशत से घटाकर 5.8 प्रतिशत तक लाने में सफलता का भी उल्लेख किया। इसी तरह, उन्होंने क्षेत्रीय विकास के लिए पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए।

यूएईको सरकारी तेल ट्यांकरमा आक्रमण – Online Khabar

यूएई के सरकारी तेल टैंकर पर हमला

यूएई के फुजैरा स्थित तेल बंदरगाह पर टैंकर पर हमला होने से बड़ी आग लगी और तीन लोग घायल हुए हैं। यूएई ने अपनी हवाई रक्षा प्रणाली द्वारा 12 बैलिस्टिक मिसाइल, तीन क्रूज मिसाइल और चार ड्रोन को रोके जाने की जानकारी दी है। ईरान द्वारा हमले की आशंका जताई गई है, हालांकि एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने कहा है कि “यूएई को निशाना बनाने की कोई योजना नहीं है।”

२२ वैशाख, काठमांडू। यूएई के विदेश मंत्रालय ने अपनी सरकारी तेल कंपनी से जुड़े टैंकर पर हमला होने की सूचना दी है। फुजैरा स्थित तेल बंदरगाह पर हुए इस हमले में बड़ी आग लगी और तीन लोग घायल हुए, अधिकारियों ने बताया। यूएई ने इस हमले को ‘खतरनाक’ प्रतिबंध माना है और प्रतिक्रिया देने का अधिकार सुरक्षित रखा है।

घटना के बाद कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई, जो दिनभर में पांच प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। फुजैरा यूएई के पूर्वी तट पर स्थित है और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से बाहर है। अबू धाबी के तेल क्षेत्रों से यहां पाइपलाइन के माध्यम से तेल लाया जाता है, इसलिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने पर भी कुछ मात्रा में तेल विश्व बाजार में भेजा जा सकता है।

यूएईको सरकारी तेल ट्यांकरमा आक्रमण – Online Khabar

संयुक्त अरब अमीरात की सरकार के तेल टैंकर पर हमला, भयंकर आग और घायल

फाइल तस्वीर


समाचार सारांश

एआई द्वारा तैयार, संपादकीय समीक्षा के साथ।

  • संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा तेल बंदरगाह स्थित टैंकर पर हुए हमले से भयंकर आग लगी और तीन लोग घायल हुए।
  • यूएई ने कहा है कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली ने १२ बैलिस्टिक मिसाइल, ३ क्रूज मिसाइल और ४ ड्रोन रोकने में सफलता पाई।
  • इरान पर संदेह जताया गया है, जबकि ईरानी सैन्य अधिकारी ने कहा है कि यूएई को निशाना बनाने कोई योजना नहीं है।

गुरुवार, २२ अप्रैल, काठमाडौँ – संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने अपनी सरकार की तेल कंपनी के टैंकर पर हमले की जानकारी दी है। फुजैरा तेल बंदरगाह पर हुई इस घटना के दौरान भयंकर आग लगी और तीन लोग घायल हुए, अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।

यूएई ने बताया कि उनकी हवाई रक्षा प्रणाली ने १२ बैलिस्टिक मिसाइल, ३ क्रूज मिसाइल और ४ ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक दिया।

यूएई ने इस घटना को ‘‘खतरनाक’’ उल्लंघन बताया और अपने जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखा है।

जबकि इरान पर इस हमले में शामिल होने का शक जताया गया है, ईरानी सरकारी टीवी पर एक सैन्य अधिकारी ने कहा है कि ‘‘यूएई को निशाना बनाने की कोई योजना नहीं है।’’

हमले के बाद कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 115 डॉलर से ऊपर चली गई, जो कि दिनभर 5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।

फुजैरा यूएई के पूर्वी तट पर होर्मुज जलडंडी के बाहरी इलाके में स्थित है। अबू धाबी के तेल क्षेत्रों से तेल पाइपलाइन के जरिए यहां लाया जाता है, जिससे होर्मुज जलडंडी बंद होने पर भी विश्व बाजार में कुछ हद तक तेल निर्यात संभव होता है।

इसी बीच, दक्षिण कोरियाई ने यूएई के पास अपने एक जहाज पर हुए विस्फोट की रिपोर्ट दी है।

ओमान में होर्मुज जलडंडी के सतह के पास बुका क्षेत्र में एक आवासीय इमारत पर हमला हुआ, जिसमें दो लोग घायल हुए।

पड़ोसी कतर ने इन हमलों की निंदा की है और समुद्री मार्गों को बिना किसी शर्त के फिर से खोलने का आह्वान किया है।

रविवार को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने घोषणा की थी कि अमेरिका होर्मुज जलडंडी में फंसे जहाजों को हटाने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रिडम’ अभियान शुरू करेगा। इसके तहत सोमवार को अमेरिका ने जलडंडी में सात छोटे ईरानी वेनिस पर हमला किया।

एक अमेरिका का झंडाधारी जहाज हमले के बाद सुरक्षित तरीके से उस क्षेत्र से बाहर निकलने में सफल रहा।

ट्रम्प ने विश्व के देशों को अपनी ‘‘तटस्थ और निर्दोष’’ जलयान सुरक्षित निकालने के लिए सहयोग करने का आग्रह किया, परंतु उन्होंने विस्तार से जानकारी दिए बिना चेतावनी दी कि मानवता के प्रयासों को रोकने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

सर्वोच्च अदालत ने शेखर गोल्छा को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया

२१ वैशाख, काठमाडौं। सर्वोच्च अदालत ने व्यवसायी शेखर गोल्छा को जमानत या धरौटी पर रिहा करने का आदेश जारी किया है। शेखर गोल्छा की पत्नी सीमा गोल्छा द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण के आवेदन पर सुनवाई करते हुए, अदालत ने कहा कि उन्हें धरौटी या जमानत पर रिहा करना चाहिए और केवल तभी उन्हें हिरासत में रखा जाए जब जमानत संभव न हो।
न्यायाधीश महेश शर्मा पौडेल और श्रीकांत पौडेल की पीठ ने कहा कि धरौटी या जमानत पर रिहा करने की स्थिति होने पर यदि जांच अधिकारी ने हिरासत में रखने की अनुमति लेकर प्रक्रिया अपनाई है तो वह अवैध है, इसलिए ऐसा आदेश खारिज किया गया। शेखर गोल्छा को ११ वैशाख को गिरफ्तार किया गया था। नेपाल धितोपत्र बोर्ड की जांच रिपोर्ट को आधार मान कर, केन्द्रीय अनुसन्धान ब्यूरो ने उन्हें नेपाल पुलिस के तहत अतिरिक्त जांच के लिए गिरफ्तार किया था।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में इरान की 7 नावों पर अमेरिकी हमला

फाइल फोटो

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में इरान की सात तेज नावों पर हमला होने की जानकारी दी है। अमेरिकी सेना ने हेलीकॉप्टर का उपयोग कर इन नावों पर हमला किया है, जबकि इरान ने अमेरिकी दावे को गलत बताया है। इस हमले के बाद अमेरिकी झंडे वाला ‘एलायन्स फेयरफैक्स’ नामक एक जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने में सफल रहा है। २२ वैशाख, काठमांडू।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में इरान की सात ‘फास्ट बोट’ कही जाने वाली छोटी नावों पर हमला किया है। ट्रम्प ने कहा, ‘हमने सात छोटी नावों को नष्ट कर दिया है (इन्हें वे फास्ट बोट कहते हैं)। अब इनके पास कुछ नहीं बचा है।’ बंद से लगभग समान इस जलमार्ग से फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी थे, तभी अमेरिका ने इरानी नावों पर हमले की जानकारी दी।

अमेरिका ने ‘प्रोजेक्ट फ्रिडम’ अभियान के तहत इरानी नावों पर हमला किया था। अमेरिकी सेना ने हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करते हुए इन नावों को निशाना बनाया। वहीं, इरान ने अमेरिकी हमले के प्रचार को पूरी तरह गलत बताया है। इसी बीच अमेरिकी झंडे वाला एक जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने में सफल रहा है। एक परिवहन कंपनी मर्स्क के अनुसार, उसका अमेरिकी झंडावाला एक जहाज अमेरिकी सैन्य सुरक्षा अभियान के जरिए सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुका है। ‘एलायन्स फेयरफैक्स’ नामक यह जहाज फरवरी से खाड़ी क्षेत्र में फंसा हुआ था।

मर्स्क ने बताया कि उसके व्यावसायिक जहाज की यात्रा बिना किसी बाधा के पूरी हुई और सभी चालक दल सुरक्षित हैं। अमेरिका और इज़राइल ने फरवरी में इरान पर हवाई हमले के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अक्सर अवरुद्ध रहा है। अमेरिका और इज़राइल के हमलों का जवाब देते हुए इरान ने विश्व के लगभग २० प्रतिशत तेल और तरल प्राकृतिक गैस के परिवहन वाले इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को अवरुद्ध कर रखा था। अप्रैल की शुरुआत में अमेरिका और इरान के बीच संघर्षविराम घोषित हुआ था, लेकिन इसके बाद भी बहुत कम जहाज इस मार्ग का उपयोग कर पाए हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिका ने इरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकेबंदी भी लागू कर रखी है। फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इरान विवाद के बाद लगभग २ हजार जहाजों में सवार २० हजार नाविक इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इससे पूर्व, अमेरिका ने कहा था कि उसके नौसेना विध्वंसक जहाज और अमेरिकी झंडे वाले व्यावसायिक जहाज सोमवार को जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इरान ने इसे ‘पूरी तरह गलत’ बताया है और कहा है कि उसकी सेना ने अमेरिकी युद्धपोतों को चेतावनी देने के लिए गोली चलाई है, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया है।

‘आजदेखि स्कुल लागेको हो र !’ – Online Khabar

कीर्तिपुर के सुकुमवासी बच्चों को विद्यालय तक पहुंच नहीं मिल पा रही है

कीर्तिपुर स्थित सुकुमवासी बस्ती में रहने वाले बच्चों की पढ़ाई तबाह हुए घरों और होल्डिंग सेंटर में रखे जाने के कारण बाधित हो गई है। सरकार ने १५ वैशाख से नामांकन और २१ वैशाख से शिक्षण आरंभ होने की घोषणा की थी, लेकिन वे बच्चे विद्यालय नहीं जा पा रहे हैं। काठमांडू महानगरपालिका होल्डिंग सेंटर के पास स्थित स्कूल में सुकुमवासी बच्चों के लिए पढ़ाई का प्रबंध कर रही है। २१ वैशाख, काठमांडू। त्रिभुवन विश्वविद्यालय की जमीन पर स्थित लेबोरेटरी स्कूल से सोमवार दोपहर विद्यार्थी बाहर निकल रहे थे। शैक्षिक सत्र २०८३ शुरू होने के बाद यह पहली कक्षा थी। लेबोरेटरी स्कूल के गेट के सामने राधास्वामी सत्संग व्यास आश्रम के पास सुकुमवासी बस्ती के स्कूल जाने वाले उम्र के बच्चे हैं। उन्हें आज से पढ़ाई शुरू होने की सूचना नहीं मिली है।

“किताब-कॉपी है? नहीं। कक्षा शुरू हुई? दूर है, कैसे जाऊं? हमें बस लेने नहीं आती, क्यूँ! पढ़ाई का मन है? क्यों नहीं होगा? कब जाने को कहा गया है? पता नहीं।” कीर्तिपुर राधास्वामी सत्संग व्यास आश्रम में कक्षा ३ में पढ़ने वाले अर्पण बिक ने यह जवाब दिया। होल्डिंग सेंटर अंदर मीडिया को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। गैरीगांव की सुकुमवासी बस्ती से होल्डिंग सेंटर पहुंचे अर्पण ने कहा, ‘मैं जिस स्कूल में पढ़ता था, वहां से २ तारीख से ही पढ़ाई चल रही थी। घर टूटने के बाद रहने की जगह ही नहीं है। सर, हमारी कक्षा भी छूटी,’ उन्होंने निराशा जताई।

‘दोस्त जरूर स्कूल जाएंगे। हमें कब जाने को कहा गया है, पता नहीं,’ उन्होंने शिकायत की। सरकार के अनुसार १५ वैशाख से नामांकन और २१ वैशाख (आज) से पढ़ाई शुरू होनी थी। लेकिन होल्डिंग सेंटर में रहने वाले बच्चों की पढ़ाई रुकी हुई है। संविधान ने अनिवार्य और निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित की है, फिर भी ये बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।

कीर्तिपुर होल्डिंग सेंटर के छात्र-छात्राओं के पास किताब-कॉपियां भी नहीं हैं। अंदर होने के कारण वे यह भी भूलने लगे हैं कि आज कौन सी तारीख है, कौन सा दिन है। ‘अरे! आज से स्कूल खुला है क्या!’ कक्षा ५ की छात्रा जेनिस मगर ने आश्चर्य व्यक्त किया। ‘स्कूल खुला है, यह हमें कैसे पता चले? हम अंदर हैं,’ उन्होंने कहा। दूसरी ओर काठमांडू महानगरपालिका ने सुकुमवासी बच्चों के अध्ययन के लिए विकल्प तलाशने की बात कही है। होल्डिंग सेंटर के पास स्थित विद्यालय में पढ़ाने का विकल्प महानगरपालिका विचार कर रही है।

‘होल्डिंग सेंटर के निकटवर्ती विद्यालय से बात कर रहे हैं,’ काठमांडू महानगरपालिका के प्रवक्ता नवीन मानन्धर ने कहा।