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लेखक: space4knews

भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़: सुरंग खोज पूरी होने के बाद संपर्कविहीनों को मृत घोषित करने की तैयारी

चिलिमे की सुरंग के अंदर बचावकर्मी

तस्वीर स्रोत, Nepali Army

भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ के बाद खोज, बचाव और राहत कार्यों का समन्वय कर रही राष्ट्रीय विपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया है कि खोज अभियान को समाप्त करने की तैयारी चल रही है।

बाढ़ के २१वें दिन तक बचावकर्मी विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों या भूमिगत पावर हाउसों में फंसे लोगों की खोज में जुटे हैं।

प्राधिकरण ने नदी किनारे के क्षेत्रों और बाढ़ से क्षतिग्रस्त घरों, विद्यालयों और कार्यालयों सहित संरचनाओं में खोज लगभग पूरी होने की जानकारी दी है।

बचाव टीम अभी रसुवा में स्थित चिलिमे जलविद्युत परियोजना के भूमिगत पावरहाउस तक नहीं पहुंच पाई है। नेपाली सेना भारतीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर उस विद्युत गृह तक पहुंचने वाली सुरंग में मार्ग बना रही है।

अधिकारीयों के अनुसार बुधवार तक चिलिमे के विद्युत गृह तक पहुंचना संभव माना जा रहा है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी जोखिमों ने अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट लाई

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास की गति को धीरे करने की चेतावनी के बाद सोमवार को डाउ जोन्स में १५२.०९ अंकों की गिरावट, एसएंडपी ५०० में ३७ अंकों की कमी और नास्डैक में १४६.६२ अंकों की गिरावट आई है। एन्थ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोडेई और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन ने एआई विकास में सुरक्षा जोखिमों के कारण सतर्कता बरतने की जरूरत जताई है। मध्य पूर्व के तनाव के चलते ब्रेंट कच्चा तेल १.०२ प्रतिशत बढ़कर १०५.६८ डॉलर प्रति बैरल हो गया है, जबकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक के ब्याज दर बढ़ाने की संभावना ८८ प्रतिशत बनी हुई है। ३० भदौ, न्यूयॉर्क (रासस/सिन्ह्वा)।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक के विकास को धीरे करने की आवश्यकता को लेकर उद्योग के वरिष्ठ नेताओं की चेतावनी के बाद सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट देखी गई है। एआई से जुड़ी बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बारे में यह सार्वजनिक चेतावनी, तीव्र व्यावसायीकरण और बड़े निवेश की उम्मीद लगाए निवेशकों के लिए अप्रत्याशित रही। दिन के कारोबार में डाउ जोन्स औद्योगिक औसत १५२.०९ अंक (०.२९ प्रतिशत) गिरकर ५२,४२१.२० अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी ५०० सूचकांक ३७ अंक (०.४८ प्रतिशत) गिरकर ७,६१९.९८ अंक पर आ गया। प्रौद्योगिकी-केंद्रित नास्डैक सूचकांक १४६.६२ अंक (०.५६ प्रतिशत) गिरकर २६,१८६.४१ अंक पर पहुंचा।

प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बिक्री के दबाव से एसएंडपी ५०० के ११ मुख्य क्षेत्रों में से आठ क्षेत्र सोमवार को नुकसान में बंद हुए। प्रौद्योगिकी क्षेत्र १.६७ प्रतिशत गिरा जबकि औद्योगिक क्षेत्र १.४४ प्रतिशत नीचे आया। वहीं, संचार सेवा क्षेत्र २.७९ प्रतिशत बढ़कर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बना। स्वास्थ्य क्षेत्र भी १.३५ प्रतिशत बढ़ा। प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का मुख्य कारण कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और व्यावसायीकरण से जुड़ी नई चिंताएं बताई गई हैं।

इरान युद्ध से अमेरिकी हथियार भंडार पर दबाव पड़ा है

अमेरिकी रक्षा विभाग के महानिरीक्षक ने कहा है कि इरान के खिलाफ अभियान के कारण रणनीतिक हथियार भंडार में कमी आई है और पुनःआपूर्ति में औद्योगिक अवरोध पैदा हुआ है। कांग्रेस को प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के अनुसार ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की लागत 33 अरब 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर पहुंच गई है, जिसमें से 22 अरब 30 करोड़ डॉलर खर्च हो चुके हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इरानी हमलों से खाड़ी और मध्य पूर्व के अमेरिकी सैन्य ठिकानों के सैकड़ों ढांचों को नुकसान पहुंचा है और उनका पुनर्निर्माण खर्च अब तक के अनुमान में शामिल नहीं है। 30 भाद्र, वाशिंगटन (रासस/एएफपी)।

इरान के खिलाफ सैन्य अभियान के कारण अमेरिकी रणनीतिक हथियार भंडार में कमी आई है और हथियार पुनःआपूर्ति में औद्योगिक बाधाएँ देखी गई हैं, यह जानकारी अमेरिकी रक्षा विभाग के महानिरीक्षक ने दी है। कांग्रेस को सौंपे गए रिपोर्ट के अनुसार, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का फरवरी 28 से जून 30 तक का अनुमानित खर्च 33 अरब 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर है, जिसमें से 22 अरब 30 करोड़ डॉलर खर्च हो चुके हैं। रिपोर्ट में इस अभियान में भारी मात्रा में हथियारों के उपयोग के कारण रणनीतिक भंडार घटने की बात कही गई है।

युद्ध के दौरान चार एफ–15 विमान और 30 एमक्यू–9 रिपर ड्रोन नष्ट हो चुके हैं, जबकि एक एफ–35 और सात केसी–135 टैंकर विमान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हथियार भंडार में कमी के चिंता को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका के पास ‘लगभग असीमित’ गोला-बारूद उपलब्ध है। सोमवार को उन्होंने दावा किया कि अमेरिका इतिहास में अब तक का सबसे बेहतर और विशाल हथियार उत्पादन कर रहा है।

इससे पहले सीएनएन ने रिपोर्ट किया था कि लंबी दूरी की मिसाइलों और हवाई रक्षा प्रणाली के अवरोधक मिसाइलों की कमी ने अमेरिकी रणनीति को प्रभावित किया है। अमेरिकी सेना ने थाड प्रणाली के लगभग 80 प्रतिशत अवरोधक मिसाइलों का उपयोग कर लिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, युद्ध के पहले 24 घंटों में अमेरिकी सेनाओं ने 1000 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि इरानी हमले के कारण कुवैत, बहरीन, कतार, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों के सैकड़ों ढांचे खराब हुए हैं। उनके पुनर्निर्माण का खर्च अभी तक के खर्च अनुमान में शामिल नहीं है।

ट्रम्प ने ज़ेलेंस्की से रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमला रोकने का आग्रह किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूक्रेन से रूस के अंदर स्थित डीजल रिफाइनरियों पर हमले को तुरंत रोकने का आग्रह किया है। ट्रम्प का आरोप है कि यूक्रेनी हमलों के कारण विश्वव्यापी डीजल की गंभीर कमी उत्पन्न हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी मिसाइल युद्ध के दौरान, यूक्रेन लगातार रूसी तेल एवं गैस बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है। विश्व के प्रमुख तेल उत्पादक रूस ने यूक्रेनी हमलों के कारण अपनी ईंधन उत्पादन और प्रसंस्करण क्षमता में भारी कमी देखी है।

आइरिस ओपन कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में राष्ट्रपति ट्रम्प ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से रूसी डीजल उत्पादन के मुख्य केंद्रों पर हमले को रोकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘ज़ेलेंस्की को एक काम करना होगा – रूस में डीजल ईंधन को नष्ट होने से रोकना होगा। वहां हमले के लिए कई अन्य लक्ष्य मौजूद हैं।’ ट्रम्प ने विश्वव्यापी डीजल संकट का मुख्य कारण रूस-यूक्रेन युद्ध को बताया। यूक्रेन का तर्क है कि रूसी तेल और गैस उद्योग मॉस्को की युद्ध की मुख्य आर्थिक धुरी है, इसलिए इसे ध्वस्त करना अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

यूक्रेनी सेनाओं ने हाल ही में रूस के टाटारिस्तान में स्थित प्रमुख तानेको रिफाइनरी पर सफल हमला किया था, जिसमें दो सामान्य नागरिकों की मृत्यु हुई थी। इसके जवाब में रूस ने भी यूक्रेन के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर हमले तेज कर दिए हैं। अप्रैल से अब तक कम से कम २४६ यूक्रेनी पेट्रोल पंप रूसी निशाने पर आ चुके हैं। अमेरिकी डीजल की कीमत अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। फरवरी से अमेरिकी डीजल की कीमत में ६५ प्रतिशत वृद्धि हुई है, जो प्रति गैलन ६.२० डॉलर हो गई है।

विश्लेषक क्रिस बिचम्प ने यूक्रेनी हमलों के उद्देश्य पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘फिलहाल इसका मुख्य प्रभाव आम नागरिकों पर पड़ा है, जो रूसी राष्ट्रपति पर आंतरिक दबाव बढ़ाने के लिए एक रणनीति है।’ हालांकि, विश्वव्यापी ईंधन संकट के पीछे केवल यूक्रेनी हमले ही नहीं, बल्कि मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां भी एक प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। किंग्स कॉलेज लंदन के सुरक्षा मामलों के वरिष्ठ प्रोफेसर एंड्रियास क्रिग ने कहा, ‘इज़राइल युद्ध विश्वव्यापी डीजल आपूर्ति पर एक बड़ा प्रणालीगत झटका है। यूक्रेनी रिफाइनरी अभियान भी एक महत्वपूर्ण दबाव है, लेकिन यह खाड़ी क्षेत्र में हुए व्यवधान के ऊपर जुड़ा हुआ है।’

चीन ने अपने नागरिकों की यात्राओं पर व्यापक प्रतिबंध लगाए

चीन ने मंगलवार से अपने नागरिकों की यात्राओं पर व्यापक प्रतिबंध लागू कर दिया है। उन व्यक्तियों को देश छोड़ने पर रोक लगाई जाएगी जिन्हें देश की ‘औद्योगिक या प्रौद्योगिकी सुरक्षा’ के लिए खतरा माना गया है। जुलाई में पारित किए गए ये नए प्रवेश और प्रस्थान नियम विशेष रूप से तकनीकी आयात-निर्यात नियमों का उल्लंघन करने वाले नागरिकों पर लागू होंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करने वाले विशेष रूप से निशाने पर होंगे। बीजिंग स्थित स्टेट काउंसिल ने इन नए नियमों के बारे में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

स्टेट काउंसिल ने बताया कि ‘राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास के हितों की रक्षा’ के लिए ये नियम बनाए गए हैं। ये नियम केवल चीन के भीतर रहने वाले लोगों पर ही लागू नहीं होंगे, बल्कि विदेश में आपराधिक कृत्यों में लिप्त पाए जाने वाले चीनी नागरिकों पर भी लागू होंगे। ऐसे मामलों में शामिल नागरिकों को चीन लौटने की तारीख से कुछ समय तक देश छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्टेट काउंसिल ने कहा है, ‘चीन लौटने के दिन से छह महीने से तीन साल तक उन्हें देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।’ चीन और अमेरिका के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा तेज होने के कारण ये प्रतिबंध लागू किए गए हैं। दोनों देशों ने हाल के महीनों में एक-दूसरे पर स्थानीय स्तर पर विकसित AI मॉडल चोरी करने के आरोप लगाए हैं।

मार्क वाट कर्णाली याक्स के साथ खेलने के लिए जारी

कर्णाली याक्स ने स्कॉटलैंड के गेंदबाजी ऑलराउंडर मार्क वाट को नेपाल प्रिमियर लीग २०२६ में खेलते रहने का निर्णय लिया है। ३० वर्षीय वाट ने स्कॉटलैंड के लिए ८३ टी-२०आई मैचों में ९४ विकेट लिए हैं और ३२१ रन बनाए हैं। उन्होंने पिछले संस्करण के नेपाल प्रिमियर लीग में शतक भी बनाया था। यह लीग कात्तिक ९ से मंसिर ५ तक चलाया जाएगा।

मार्क वाट तीसरे संस्करण के नेपाल प्रिमियर लीग (एनपीएल) २०२६ में कर्णाली याक्स की ओर से खेलेंगे। कर्णाली टीम ने इस सीजन के अपने पहले विदेशी खिलाड़ी के रूप में वाट को निरंतरता देते हुए उनकी भागीदारी सुनिश्चित की है। ३० भदौ को काठमांडू से जारी सूचना के अनुसार, उन्होंने कुल टी-२०आई में ८३ मैचों में ९४ विकेट प्राप्त किए हैं और ३२१ रन भी बनाए हैं। कुल टी-२० मैचों में उनका रिकॉर्ड १३१ मुकाबलों में १२३ विकेट और ४०३ रन का है।

रूस और यूक्रेन के बीच एआई आधारित युद्ध तकनीक में तेज प्रतिस्पर्धा

रूस–यूक्रेन युद्ध में एआई-संचालित ड्रोन, स्वतः लक्ष्य पहचान सॉफ्टवेयर और स्वायत्त सैन्य कमांड सिस्टम की प्रतिस्पर्धा तीव्र हो रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स के विश्लेषण के अनुसार 6 जुलाई को जापोरिज्जिया में रूसी ड्रोन हमले में 18 वर्षीय तेतियाना बुबिनेट्स समेत तीन आम नागरिकों की मौत हुई, जो पहला दर्ज एआई-स्वायत्त हमला था। विशेषज्ञ मानते हैं कि एआई लक्ष्य पहचान और हमले की गति बढ़ाता है, लेकिन नागरिक और सैनिकों के बीच भेद करने में कठिनाइयाँ नैतिक और कानूनी सवाल खड़े करती हैं। 30 सितंबर, काठमांडू। रूस और यूक्रेन के बीच विवाद पुराने सैन्य तकनीकों से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित पूर्ण स्वायत्त युद्ध युग में प्रवेश कर चुका है। दोनों पक्ष एआई-संचालित ड्रोन, स्वतः लक्ष्य पहचान सॉफ्टवेयर और अत्याधुनिक सैन्य कमांड सिस्टम विकसित कर तीव्र प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

6 जुलाई को यूक्रेन के दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया स्थित एक पेट्रोल पंप पर रूसी ड्रोन विस्फोट में 18 वर्षीय लेखाशास्त्र की छात्रा तेतियाना बुबिनेट्स की मृत्यु हुई। विस्फोट और ड्रोन के टुकड़ों के कारण हमले में बुबिनेट्स के साथ अन्य दो आम नागरिक भी मारे गए। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार यह पहला दर्ज रूसी एआई-संचालित पूर्ण स्वायत्त ड्रोन हमला था। यूक्रेनी अधिकारियों ने ड्रोन के अवशेषों की जांच में अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी एनविडिया का एआई-संचालित मिनी कंप्यूटर पाया।

युद्ध क्षेत्र में एआई का उपयोग केवल ड्रोन तक सीमित नहीं है। किंग्स कॉलेज लंदन की रक्षा अध्ययन शोधकर्ता मरीना मिरोन के अनुसार इस प्रणाली को ‘रिकग्निशन-स्ट्राइक आर्किटेक्चर’ कहा जाता है। मिरोन बताती हैं, “यह केवल ड्रोन में एआई और उस पर आधारित हमले का मामला नहीं; ड्रोन द्वारा संग्रहीत जानकारी सॉफ़्टवेयर कॉम्प्लेक्स को भेजी जाती है, जो युद्ध क्षेत्र के नक्शे में जीपीएस कोड मानचित्रित करती है और निकटतम तोपखाने इकाई को सूचित करती है।” ऐसे सिस्टम केंद्रीय कमांड की तरह काम करते हैं और एआई विमान या अन्य सैन्य उपकरणों से प्राप्त बड़े डेटा को तत्काल संसाधित करता है।

यूक्रेन ने अपनी एकीकृत कमांड प्रणाली का नाम ‘डेल्टा’ रखा है, वहीं रूस ‘स्वॉर्ड टैक्टिकल सिचुएशनल अवेयरनेस कॉम्प्लेक्स’ नामक कमांड सिस्टम का परीक्षण 2025 के अंत तक सफलतापूर्वक कर युद्ध के लिए तैनात करेगा। दोनों पक्ष कहते हैं कि एआई द्वारा डेटा संसाधन के बाद डिविजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) कमांडर को विकल्प प्रदान करता है और अंतिम निर्णय मनुष्य का होता है। लेकिन मिरोन इस पर संदेह प्रकट करती हैं, “यह सत्य है या नहीं पता नहीं चलता। तनावपूर्ण स्थिति में कमांडर अक्सर एआई के सुझाव के अनुसार ही निर्णय लेते हैं।”

यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के सलाहकार सर्ही बेस्क्रेतनोव (जिन्हें ‘फ्लैश’ कहा जाता है) ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, “सब कुछ इस पर निर्भर करेगा। नेविगेशन, लक्ष्य खोज और हमले पूर्ण स्वायत्त होंगे।” वर्तमान में एआई ड्रोन का इस्तेमाल लंबी दूरी के हमले के अंतिम चरण (लास्ट-माइल ऑपरेशन्स) तक सीमित है। यूक्रेन की ‘यास्नी ओछी’ ड्रोन स्ट्राइक यूनिट के कमांडर हेओर्घी भोल्कोव कहते हैं कि फर्स्ट-पर्सन व्यू (एफपीवी) ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (रेडियो सिग्नल जाम करने वाली तकनीक) के कारण सिग्नल खो सकते हैं।

ऐसे सिग्नल हटने पर जुड़े एआई मोड्यूल स्वतः नियंत्रण लेकर लक्ष्य पर सही हमला करने में सक्षम होते हैं। यूक्रेनी तकनीकी कंपनी ‘द फोर्थ एल’ के संस्थापक यारोस्लाव अझन्युक के अनुसार यह केवल स्वायत्त ड्रोन प्रदर्शन की प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि स्वायत्तता को विश्वसनीय, सस्ता और बड़े पैमाने पर तैनात करने की होड़ है। अझन्युक का कहना है, “इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, बढ़ती संलग्नता दूरी और ड्रोन की संख्या मानवीय नियंत्रण वाली प्रणालियों को कम प्रभावी बना रही है। स्वायत्तता इन सीमाओं को ठीक कर सकती है।” उनकी भविष्यवाणी है कि आने वाले 6 से 12 महीनों में यह तकनीक युद्ध के परिणाम बदल देगी।

हालांकि, इस तेज़ एआई उपयोग ने गंभीर नैतिक और कानूनी सवाल भी उठाए हैं। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) की वरिष्ठ फेलो कटरिना बॉन्डर कहती हैं, “एआई में विवेक नहीं होता। सिस्टम अपने कार्य का मर्म नहीं समझता; यह केवल एल्गोरिदम और मानवीय नियमों का पालन करता है। एआई को लक्ष्य पहचान और उन पर हमला करने की ट्रेनिंग दी जाती है।”

बॉन्डर बताती हैं, “बस और टैंक के बीच अंतर करना आसान है, लेकिन रूसी और यूक्रेनी सैनिक और आम नागरिकों में भेद करना कठिन है। खराब मौसम और कमजोर कैमरा स्थितियों की वजह से नागरिक और सैनिकों के बीच अंतर करने में एआई त्रुटि कर सकता है।” उन्होंने आगे कहा, “इसलिए निर्णय कौन करेगा और गलतियों के लिए जिम्मेदारी किसकी होगी, इस पर बड़ा विवाद चल रहा है।” इस तेज़ एआई के इस्तेमाल से युद्ध और अधिक घातक और असंयमित होने का खतरा बढ़ गया है।

रोहित, उसमानी और खुजाइम को ICC ने दी सजा

एशियाई क्रिकेट काउंसिल पुरुष प्रिमियर कप के फाइनल में आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (ICC) ने नेपाल के रोहित पौडेल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अदीब उसमानी को उनकी मैच फीस का १५ प्रतिशत जुर्माना किया है। इसी तरह, UAE के खुजाइम तनवीर को आउट होने के बाद स्टंप पर बल्ले से प्रहार करने पर मैच फीस का १० प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। तीनों खिलाड़ियों के अनुशासन रिकॉर्ड में एक-एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है और उन्होंने आरोप स्वीकार कर लिए होने के कारण औपचारिक सुनवाई नहीं की गई। ३० भदौ, काठमाण्डौ।

एशियाई क्रिकेट काउंसिल पुरुष प्रिमियर कप के फाइनल के दौरान आचार संहिता उल्लंघन करने पर नेपाल के बल्लेबाज रोहित पौडेल, UAE के अदीब उसमानी और खुजाइम तनवीर को ICC ने सजा दी है। ICC ने रोहित और उसमानी को लेवल-१ के तहत उनकी मैच फीस का १५ प्रतिशत जुर्माना किया है। आरोप है कि वे नेपाल की पारी के ३१वें ओवर में मैदान पर विवाद उत्पन्न करने के बाद स्थिति शांत करने के लिए अम्पायर के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे। UAE के खुजाइम तनवीर को उनकी ४६वें ओवर में आउट होने के बाद स्टंप पर बल्ले से प्रहार करने के कारण मैच फीस का १० प्रतिशत जुर्माना लगा। तीनों खिलाड़ियों के अनुशासन रिकॉर्ड में एक-एक डिमेरिट अंक जोड़े गए हैं। पिछली २४ महीनों में यह उल्लंघन उनका पहला था, इसलिए कोई अतिरिक्त निलंबन नहीं लगाया गया है। ICC के अनुसार तीनों खिलाड़ियों ने आरोप स्वीकार कर प्रस्तावित सजा मान ली है इसलिए औपचारिक सुनवाई आवश्यक नहीं थी।

ट्रम्प ने एनविडिया के सीईओ ह्वांग को कार्यक्रम स्थल पर ही कॉल कर दिया

लॉस एंजिल्स के ‘ऑल-इन समिट’ में एनविडिया के सीईओ जेनसन ह्वांग मंच पर मौजूद थे, तभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कॉल कर एआई विकास को धीमा करने की मुहिम को ‘हॉक्स’ बताया। ट्रम्प ने डेटा सेंटर निर्माण के खिलाफ बढ़ रहे विरोध को अमेरिका की आर्थिक वृद्धि को बाधित करने वाली अंतर्राष्ट्रीय ‘साइओप’ (मनोवैज्ञानिक अभियान) करार देते हुए उद्योग को रोकने की अनुमति नहीं देने की बात कही। ह्वांग ने ट्रम्प से कहा, ‘मैं अभी ‘बेस्टिज़’ के साथ मंच पर हूं,’ जिसके बाद भीड़ ने ताली बजाई।

३० भाद्र, काठमांडू। सोमवार की सुबह लॉस एंजिल्स में हुए ‘ऑल-इन समिट’ में एनविडिया के सीईओ जेनसन ह्वांग मंच पर थे। उसी समय उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का फोन आया। ह्वांग ने फोन स्पीकर पर रखा ताकि हॉल के दर्शकों को भी बातचीत सुनाई दे। ‘मैं अभी ‘बेस्टिज़’ के साथ मंच पर हूं,’ ह्वांग ने ट्रम्प से कहा। ‘बेस्टिज़’ से उनका आशय ऑल-इन पॉडकास्ट के होस्ट करने वाले वेंचर कैपिटलिस्ट से था, जिनमें कामथ पलिहापिटिया, जेसन क्यालाकानिस, ट्रम्प प्रशासन के सलाहकार डेविड फ्रिडबर्ग और डेविड सैक्स शामिल थे।

मंच पर उस समय एंत्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडी के ‘एआई विकास की गति धीमी करनी चाहिए’ के आह्वान पर चर्चा चल रही थी। एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन जैसे तकनीकी नेता अमोडी के समर्थन में थे, जबकि ह्वांग की राय अलग थी।

ट्रम्प ने ऐसी मुहिम को ‘हॉक्स’ (झूठ) कहते हुए खंडन किया, “वे उन लोगों की चाल में आ गए हैं जो यह नहीं चाहते कि यह हो। वह राजनीतिक लोग भी हो सकते हैं, चीन भी हो सकता है। और हम इसे होने नहीं देंगे। यह एक हॉक्स है,” ट्रम्प ने फोन पर कहा।

“आप सही हैं। हम इसे होने नहीं देंगे, सर,” ह्वांग ने जवाब दिया। इसके बाद भीड़ ने जोरदार ताली बजाई।

ट्रम्प और उनके सहयोगियों ने डेटा सेंटर निर्माण के विरुद्ध बढ़ते विरोध को अमेरिकी आर्थिक विकास को दबाने वाली अंतर्राष्ट्रीय ‘साइओप’ के रूप में चित्रित किया है। “हमें थोड़ा सावधान रहना चाहिए… हमें काम करना होगा और सोच-समझकर करना होगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम उद्योग को रोक दें,” ट्रम्प ने ह्वांग को आगे कहा, “इसलिए मैं अंत तक आपके पक्ष में हूं। मुझे आपकी भावना मालूम नहीं थी, मैं बस उम्मीद कर रहा था कि आपकी भावना मेरी तरह होगी। हम ही इसका नेतृत्व करेंगे।”

काठमांडू में पब्जी मोबाइल की बड़ी प्रतियोगिता, ग्लोबल ओपन में पहुंचने के लक्ष्य के साथ 16 टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगी

पब्जी मोबाइल ग्लोबल ओपन साउथ एशिया फाइनल्स 2083 भदौ 31 से असोज 3 तक त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला के कवर्हल में आयोजित की जाएगी। ई-स्पोर्ट्स संघ नेपाल और पब्जी मोबाइल के संयोजन में होने वाली इस प्रतियोगिता में नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश की 16 टीमें भाग लेंगी। नेपाल से होरा ई-स्पोर्ट्स, ट्रेंड टू किल, हिडन लिफ ई-स्पोर्ट्स और द गेमिंग ब्रॉस्किस शामिल होंगे। प्रतियोगिता का पुरस्कार राशि 40 हजार अमेरिकी डॉलर निर्धारित की गई है, और शीर्ष 3 टीमें पब्जी मोबाइल ग्लोबल ओपन सीजन 2 के मुख्य मुकाबले में जगह हासिल करेंगी।

नेपाल में पब्जी मोबाइल की बड़ी प्रतियोगिता पब्जी मोबाइल ग्लोबल ओपन (PMGSO) साउथ एशिया फाइनल्स 2083 आयोजित की जा रही है। ई-स्पोर्ट्स संघ नेपाल (ईशान) और पब्जी मोबाइल के सहयोग से यह प्रतियोगिता भदौ 31 से असोज 3 तक त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला के कवर्हल में संचालित होगी। पीएमजीओ साउथ एशिया फाइनल्स में नेपाल से 4 सहित कुल 16 टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगीं। इनमें नेपाल से 4, पाकिस्तान से 8 और बांग्लादेश से 4 टीमें शामिल हैं।

नेपाल की होरा ई-स्पोर्ट्स और पाकिस्तान की फोर थ्राइव्स ई-स्पोर्ट्स को सीधे प्रतियोगिता के लिए आमंत्रित किया गया है। ये दोनों टीमें कुछ महीने पहले फ्रांस के पेरिस में हुए पब्जी मोबाइल विश्व कप में भी भाग ले चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, पीएमएनसी पाकिस्तान फल से 7, पीएमएनसी बांग्लादेश फल से 4 और पीएमएनसी साउथ एशियन फल से 3 टीमें साउथ एशिया फाइनल्स में चुनी गई हैं। प्रतियोगिता के कुल पुरस्कार राशि 40,000 अमेरिकी डॉलर आरक्षित है। नेपाल से होरा ई-स्पोर्ट्स के साथ-साथ ट्रेंड टू किल, हिडन लिफ ई-स्पोर्ट्स और द गेमिंग ब्रॉस्किस भी सहभागी हैं।

पीएमजीओ साउथ एशिया फाइनल्स से शीर्ष 3 टीमें पब्जी मोबाइल ग्लोबल ओपन सीजन 2 के मुख्य मुकाबले के लिए चयनित होंगीं, जो अक्टूबर में पाकिस्तान में आयोजित किया जाएगा। पिछले वर्ष उज्बेकिस्तान के ताशकंद में सम्पन्न पब्जी मोबाइल ग्लोबल ओपनर सीजन 1 में नेपाल से दो टीमें भाग ले चुकी हैं।

बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी के सात शीर्ष नेताओं को मृत्युदंड की सजा दी गई

३० भाद्र, काठमांडू। बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग के सात शीर्ष नेताओं को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध करने के आरोप में इन्हें यह दंड दिया गया है। सातों नेताओं पर आंदोलन के दौरान हिंसा भड़काने, उसका निर्देशन करने या प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले के लिए तीन सदस्यों वाली ट्रीब्युनल (ICT-२) के अध्यक्ष के रूप में न्यायाधीश मोहम्मद नसरुल इस्लाम चौधरी नियुक्त थे।

सातों अभियुक्तों के खिलाफ उनके अनुपस्थित होने पर मुकदमा चलाया गया और बताया गया है कि वे फरार हैं। मृत्युदंड पाने वाले नेताओं में अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादिर, संयुक्त महासचिव एएफएम बहाउद्दीन नसीम और मोहम्मद अली अराफात शामिल हैं। इसके साथ ही युवाओं की संगठन जुबो लीग के अध्यक्ष शेख फजले शाम्स पराश, महासचिव मैनुल हुसैन खान निखिल, बांग्लादेश छात्र लीग के अध्यक्ष सद्दाम हुसैन और महासचिव शेख वली आसिफ एनान भी हैं, जैसा कि बांग्लादेशी मीडिया ढाका ट्रिब्यून ने बताया है। अदालत ने सातों अभियुक्तों की ओर से सरकारी वकील नियुक्त किए थे। इससे पहले भी 2024 के छात्र आंदोलन से जुड़े एक मामले में 10 महीने पहले पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी।

विराटनगर किङ्स ने नेपाली राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की

एसीसी प्रीमियर कप 2026 जीतकर एशिया कप 2027 में स्थान बनाने वाली नेपाली राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को विराटनगर किंग्स ने नकद सम्मान देने की घोषणा की है। फ्रेंचाइजी ने टीम के प्रत्येक खिलाड़ी और सहायक स्टाफ को प्रति व्यक्ति 50 हजार रुपये प्रदान करने की सूचना दी है। कप्तान और ऐतिहासिक सफलता दिलाने वाले मार्की खिलाड़ी सन्दीप लामिछाने को विशेष सम्मान स्वरूप 1 लाख रुपये दिए जाएंगे।

30 भदौ, काठमांडू। एसीसी प्रीमियर कप 2026 की ट्रॉफी जीतने वाली और एशिया कप 2027 में जगह बनाई नेपाली राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को विराटनगर किंग्स ने नकद पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की है। इस फ्रेंचाइजी ने टीम के सभी खिलाड़ियों और प्रशिक्षक स्टाफ को प्रति व्यक्ति 50 हजार रुपये देने का निर्णय लिया है।

इसलिए, टीम के कप्तान और विराटनगर किंग्स के मार्की खिलाड़ी सन्दीप लामिछाने को विशेष सम्मान के तौर पर 1 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। विराटनगर किंग्स ने नेपाली क्रिकेट के विकास, खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रीय टीम की सफलता के प्रति अपना निरंतर समर्थन व्यक्त करते हुए यह सम्मान घोषित किया है।

एआई क्षेत्र में दबाव के कारण वैश्विक शेयर बाजारों पर प्रभाव

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र के शेयर मूल्यों में गिरावट के कारण मंगलवार को यूरोप, अमेरिका और एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में दबाव देखा गया। ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम अल्टमैन द्वारा कंपनी के वॉल स्ट्रीट में शेयर बिक्री अगले साल तक न करने की घोषणा के बाद एआई बाजार में दबाव और बढ़ा है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और आपूर्ति बाधाओं के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर प्रति बैरल 103.61 डॉलर तक पहुंच गई है। 30 भदौ, टोक्यो (रासस/एपी)।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्र की कंपनियों के शेयर मूल्यों में आए गिरावट के साथ ही मंगलवार को विश्व के प्रमुख शेयर बाजारों में दबाव देखा गया। यूरोप के फ्रेंच CAC 40, जर्मनी के DAX और ब्रिटेन के FTSE 100 इंडेक्स प्रारंभिक कारोबार में लगभग शून्य दशमलव आठ प्रतिशत तक गिर गए। अमेरिकी बाजार में भी Dow Futures और S&P 500 Futures क्रमशः शून्य दशमलव सात तथा शून्य दशमलव छह प्रतिशत गिर गए। एशियाई बाजारों में भी दबाव देखा गया। जापान का निक्केई 225 अंततः शून्य दशमलव एक प्रतिशत से कम गिरकर बंद हुआ।

ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200, दक्षिण कोरिया का KOSPI, हांगकांग का Hang Seng और चीन का Shanghai Composite सूचकांक भी घटे। हालांकि, एआई कंपनी ओपनएआई में भारी निवेश रखने वाली जापान की सॉफ्टबैंक समूह के शेयर 0.75 प्रतिशत बढ़े। ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी सैम अल्टमैन ने कंपनी के वॉल स्ट्रीट में शेयर बिक्री अगले साल तक न करने की घोषणा के बाद एआई क्षेत्र के बाजार पर दबाव और बढ़ गया है। इससे सॉफ्टबैंक सहित ओपनएआई के प्रारंभिक निवेशकों को बड़ी मात्रा में नकद प्राप्त करने के संभावित अवसर में देरी हो सकती है।

एआई तकनीक के प्रति अत्यधिक उत्साह के कारण इस क्षेत्र की कंपनियों के शेयर मूल्य असामान्य रूप से बढ़े होने की चिंता निवेशकों में बढ़ी है। एआई विकास की गति को मानवीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर कुछ हद तक धीमा करने की आवाजें भी उठने लगी हैं। इसी बीच, एन्थ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी डारियो अमोडेई ने एआई विकास में जानबूझकर और वैश्विक स्तर पर कुछ धीमी गति लाने की जरूरत पर जोर दिया है। अमेरिकी और चीनी कंपनियों के बीच तेज प्रतिस्पर्धा के कारण एआई विकास की गति को सामंजस्यपूर्ण ढंग से धीमा करने की संभावना अभी अनिश्चित बनी हुई है, विश्लेषकों ने बताया है।

तेल की कीमतों में वृद्धि: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ी है। अमेरिकी बेंचमार्क कच्चे तेल की कीमत 2.19 प्रतिशत बढ़कर प्रति बैरल 103.61 डॉलर हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत भी 2.13 प्रतिशत बढ़कर प्रति बैरल 107.93 डॉलर पहुंच गई है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधा बनी होने से कीमतें बढ़ी हैं। सऊदी अरब की महत्वपूर्ण तेल पाइपलाइन पर पिछले सप्ताह हुए हमले के बाद अधिकारियों ने कहा है कि यह कुछ सप्ताह तक अधिकतर समय बंद रह सकती है। इसी तरह, स्ट्रेट ऑफ होरमूज में ईरानी हमले के कारण तेल टैंकरों का आवागमन प्रभावित हुआ है जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर अतिरिक्त चिंता बढ़ी है। मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर 154.30 येन से बढ़कर 154.99 येन हो गया है जबकि यूरो का मूल्य 1.1557 डॉलर से गिरकर 1.1533 डॉलर पर आ गया है।

सरकार और एन्फा के बीच संवाद की कमी बनी हुई

एन्फा महासचिव का कहना है: व्यक्तिगत रूप से कौन हारता है या जीतता है, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि देश और देश के फुटबॉल को हार न हो, यही हमारी सोच है। जब फिफा ने तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप का हवाला देते हुए 24 जून को एन्फा को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया था, तब से नेपाली फुटबॉल 83 दिनों से ठप पड़ा है। सरकार ने फिफा के साथ सकारात्मक संवाद होने का दावा किया है, फिर भी अब तक एन्फा के साथ कोई वार्ता नहीं हुई है और दोनों पक्षों के बीच संवादहीनता बनी हुई है। यदि निलंबन सितंबर के अंत तक नहीं हटाया गया तो नेपाल साफ चैंपियनशिप गंवा सकता है, जबकि राखेप सदस्य सचिव रामचरित्र मेहता ने कहा है कि एन्फा पदाधिकारियों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, इसलिए वार्ता का कोई औचित्य नहीं बचा है।

30 भदौ, काठमांडू। अखिल नेपाल फुटबॉल संघ (एन्फा) को फुटबॉल का सर्वोच्च निकाय अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फिफा) द्वारा निलंबित हुए 83 दिन हो चुके हैं। फिफा ने तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के आरोप में 24 जून को एन्फा पर अनिश्चितकालीन निलंबन लगाई थी। इससे नेपाली फुटबॉल लगभग पूरी तरह ठप्प हो गया है। खिलाड़ी खेल नहीं पाए, प्रशिक्षक प्रशिक्षण नहीं दे पा रहे हैं, और रेफरी भी मैच संचालित नहीं कर पा रहे हैं।

सरकार लगातार दावा कर रही है कि वह फिफा के साथ संवाद स्थापित कर निलंबन हटवाने का प्रयास कर रही है। शिक्षा तथा खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल ने कहा कि फिफा के साथ संवाद सकारात्मक है और जल्द ही निलंबन हट जाएगा। लेकिन निलंबन लगने के 83 दिन बीत जाने के बावजूद यह फुकुवा नहीं हो पाया है। सरकार के दावे के बावजूद अब तक एन्फा के साथ कोई वार्ता नहीं हुई है। 83 दिनों के दौरान सरकार और एन्फा के बीच कोई संवाद नहीं हुआ।

नेपाली फुटबॉल संचालन करने वाले संघ के प्रति सरकार की उपेक्षा का अनुभव एन्फा के पदाधिकारी कर रहे हैं। बार-बार वार्ता का अनुरोध करने के बावजूद सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है, ऐसा एन्फा नेतृत्व का कहना है। एन्फा महासचिव किरण राई बताते हैं, ‘हमने विभिन्न अवसरों पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई बार फोन किए, लेकिन हमेशा जवाब में यह मिला कि अभी समय समाप्त हो गया है।’

एन्फा ने निलंबन हटाने के लिए मंगलवार को राष्ट्रीय खेलकूद परिषद् (राखेप) में ज्ञापन पत्र जमा करते हुए धरना देने का कार्यक्रम तय किया था। लेकिन अभी तक सरकार ने वार्ता करने या पहल करने को लेकर एन्फा के साथ कोई संवाद नहीं किया है। 83 दिनों के बावजूद सरकार और एन्फा के बीच कोई संपर्क नहीं हो पाया है। हालांकि सरकार ने अगर वार्ता का अनुरोध किया तो धरना समेत कार्यक्रम स्थगित कर दिया जाएगा, यह जानकारी महासचिव राई ने दी। लेकिन मंगलवार को भी कोई वार्ता नहीं हो सकी। ‘सरकार की तरफ से चर्चा का प्रस्ताव आया था और समय मिलाकर बुलाने को कहा गया था, लेकिन अब तक कोई कॉल नहीं आया,’ उन्होंने कहा।

अर्ली इलेक्शन के कारण नेपाल सरकार और एन्फा के बीच मतभेद हुआ था, जिसके कारण नेपाली फुटबॉल को फिफा से निलंबित किया गया। वर्तमान नेतृत्व के कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराने की कोशिश की गई, जबकि राखेप ने नियमित महाधिवेशन करवाने की मांग की। अर्ली इलेक्शन संभव नहीं हो गया, लेकिन फिफा निलंबन से बचा नहीं पाया। 12 चैत्र से 1 जेठ तक राखेप के अधीन एन्फा निलंबित था और समाधान न होने के कारण 11 असार को फिर फिफा ने निलंबन लगा दिया।

निलंबन के कारण नेपाली महिला टीम ने फिफा सीरीज खो दी। अब पुरुष टीम साफ चैंपियनशिप गंवाने की स्थिति में है। यदि सितंबर के अंत तक निलंबन नहीं हटता है तो नेपाल साफ में हिस्सा नहीं ले पाएगा। सरकार और फिफा के बीच बातचीत हो रही होने के कारण एन्फा मौन था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकलने पर उन्होंने अपनी स्थिति सार्वजनिक की है, यह जानकारी महासचिव राई ने दी।

‘सरकार और फिफा के बीच संवाद हो रहा है, लेकिन हमने अपनी राय सार्वजनिक करते समय इस बात का ख्याल रखा कि वहां हो रही बातचीत पर इसका असर न पड़े। इसलिए हमने संयम और धैर्य दिखाया। अब और देरी हानिकारक होती जा रही है। अगर हम न बोलें या सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट न करे तो विलंब स्वाभाविक है,’ उन्होंने कहा।

पुरुष टीम साफ चैंपियनशिप गंवाने की स्थिति में है। सितंबर के अंत तक निलंबन हटाया नहीं गया तो नेपाल साफ में नहीं खेल पाएगा। विवाद की बजाय आंतरिक संवाद के जरिए समस्या का हल निकालने की दिशा में विचार किया जा रहा है, महासचिव राई ने बताया।

‘हम कुछ नहीं करके या अनिश्चितता में रखकर खिलाड़ियों के भविष्य के बारे में सोच नहीं सकते। इतनी अनिश्चितता में समस्या का समाधान नहीं होगा। देरी होने से देश का फुटबॉल डूब सकता है। व्यक्तिगत जीत या हार से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि देश और देश के फुटबॉल को हार न हो, यह हमारी प्रमुख सोच है,’ उन्होंने कहा।

राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के सदस्य सचिव रामचरित्र मेहता ने कहा कि एन्फा नेतृत्व का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, इसलिए वार्ता का कोई औचित्य नहीं बचा है। ‘एन्फा एक खेल संघ है, लेकिन पदाधिकारियों का कार्यकाल समाप्त है, तो किससे वार्ता करेंगे?’ उन्होंने सवाल उठाया।

डब्लूटीओ की चेतावनी: विश्व की जीडीपी में 10 प्रतिशत तक की गिरावट संभव

विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) ने चेतावनी दी है कि यदि वैश्विक व्यापार प्रणाली का आधुनिकीकरण नहीं हुआ तो 2050 तक विश्व की कुल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 10 प्रतिशत तक घट सकती है। डब्लूटीओ ने मंगलवार को जारी किए गए “विश्व व्यापार रिपोर्ट 2026: विश्व व्यापार प्रणाली के लिए निर्णायक मोड़” में यह बात कही है, जिसमें बताया गया है कि व्यापार नीतियां दशकों से जारी गंभीर और लगातार चुनौतियों का सामना कर रही हैं। यह रिपोर्ट पिछले 80 वर्षों में बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की उपलब्धियों और वर्तमान चुनौतियों का विश्लेषण करती है।

“बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली ने पिछले 80 वर्षों में महत्वपूर्ण लाभ दिए हैं और एक अधिक एकीकृत एवं लचीली वैश्विक अर्थव्यवस्था के निर्माण में मदद की है,” डब्लूटीओ की महानिदेशक न्गोजी ओकोन्जो-इवेला ने कहा। उनका कहना है कि वैश्विक वस्तु व्यापार का करीब 72 प्रतिशत हिस्सा अभी भी डब्लूटीओ की ‘मोस्ट-फेवर्ड-नेशन’ (सबसे अधिक प्राथमिकता प्राप्त राष्ट्र) व्यवस्था के तहत संचालित हो रहा है। “भले ही वैश्विक व्यापार के परिदृश्य में उल्लेखनीय बदलाव आया हो, यह प्रणाली स्थापित होने के मूल सिद्धांत – एकतरफा नहीं बल्कि सभी अर्थव्यवस्थाओं के सहयोगात्मक लाभ की मान्यता – आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है,” उन्होंने जोर दिया।

डब्लूटीओ के सदस्य देशों ने सुधारों पर सक्रिय चर्चा शुरू कर दी है और वर्तमान स्थिति को बनाए रखना विकल्प नहीं कहा गया है, यह भी उन्होंने बताया। रिपोर्ट विश्व व्यापार प्रणाली के भविष्य के तीन संभावित परिदृश्यों को प्रस्तुत करती है। यदि मजबूत बहुपक्षीय प्रणाली बनी रहती है, तो आधारभूत अनुमानों के अनुसार 2050 तक विश्व की जीडीपी में 2.9 प्रतिशत और निर्यात में 17.9 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।

इसके विपरीत, यदि बहुपक्षीय व्यापार नियम कमजोर होकर भू-राजनीतिक गुटों पर आधारित व्यापार सहयोग की स्थिति बनती है तो विश्व की जीडीपी 5.1 प्रतिशत और निर्यात 18.6 प्रतिशत तक घट सकता है, जैसी रिपोर्ट में बताया गया है। वहीं बहुपक्षीय सहयोग को स्वतंत्र व्यापार समझौतों से प्रतिस्थापित करने पर विश्व की जीडीपी में 6.9 प्रतिशत और निर्यात में 26.9 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। डब्लूटीओ के मुख्य अर्थशास्त्री रोबर्ट स्टाइगर के अनुसार, मजबूत बहुपक्षीय सहयोग और कमजोर व्यापार प्रणाली के बीच विश्व की वास्तविक जीडीपी में 10 प्रतिशत तक का अंतर आ सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, आठ दशकों से अधिक समय में बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली ने व्यापार बाधाओं को कम करने, विश्व व्यापार को लगभग 50 गुना बढ़ाने और एक अधिक एकीकृत तथा नियम आधारित वैश्विक अर्थव्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।