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लेखक: space4knews

ट्रम्प की चेतावनी: यदि समझौता नहीं माना गया तो फिर से हमला किया जाएगा

४ असार, काठमाडौं । अमेरिका और ईरान ने अपने युद्ध को समाप्त करने वाले समझौते का अंतरिम पाठ बुधवार को सार्वजनिक किया है। अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेस्कियान दोनों ने इस समझौते पर डिजिटल हस्ताक्षर कर दिए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि यह समझौता बुधवार से लागू हो चुका है। अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होंगे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार समझौते के प्रमुख ६ बिंदु इस प्रकार हैं– १. लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तत्काल युद्ध समाप्त किया जाएगा। २. हरमूज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में समुद्री आवागमन पूरी तरह से सुचारू किया जाएगा। ३. ईरानी बंदरगाहों पर लगाया गया अमेरिकी नाकाबंदी हटाई जाएगी। ४. अमेरिका ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को समाप्त करेगा और रोकी गई संपत्तियों को मुक्त करेगा। ५. ईरान की आर्थिक पुनर्स्थापना के लिए ३०० अरब अमेरिकी डॉलर की योजना लागू की जाएगी। ६. ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, इस दशक पुरानी प्रतिबद्धता को दोहराएगा। ये समझौते अप्रैल महीने में घोषित युद्धविराम को अतिरिक्त ६० दिनों के लिए बढ़ाते हैं ताकि दोनों पक्ष स्थायी शांति समझौते के लिए वार्ता कर सकें। फ्रांस में आयोजित जी–७ के नेताओं ने भी इस समझौते का स्वागत किया है। हालांकि, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि जब तक समझौता बाध्यकारी नहीं हो जाता, तब तक कोई भी पक्ष इससे पीछे हट सकता है।

समझौते का उल्लंघन होने पर पुनः आक्रमण करने की चेतावनी ट्रम्प ने दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि यदि ईरान अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं करता है तो पुनः हमला शुरू किया जाएगा। फ्रांस में हो रहे जी–७ शिखर सम्मेलन में शामिल ट्रम्प ने पत्रकार सम्मेलन में कहा, ‘अगर वे समझौते का उल्लंघन करते हैं, तो हम उन पर भीषण बमबारी करेंगे। मैं ऐसा नहीं चाहता, मैं चाहता हूं कि वे समझौते का सम्मान करें।’ उन्होंने ईरानियों को ‘स्मार्ट लोग’ बताया और कहा कि आने वाले ६० दिनों के भीतर दोनों देशों के वार्ताकार स्थायी युद्धविराम पर काम कर रहे हैं। उन्होंने पहले भी चेतावनी दी थी कि यदि ईरान अच्छा व्यवहार नहीं करेगा तो हम बम गिराना शुरू कर देंगे। ट्रम्प ने इस बार अपनी बात बदली है; उन्होंने कहा है कि ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइल नहीं होनी चाहिए यह ‘अन्यायपूर्ण’ होगा, जिससे उन्होंने अपने एक प्रमुख आक्रमण के औचित्य को वापस ले लिया है। रॉयटर्स के अनुसार ट्रम्प ने युद्ध शुरू करते हुए जो कई उद्देश्य रखे थे, वे अब तक पूरा नहीं हो पाए हैं और ईरान अब वहाँ तक पहुंच गया है जहाँ वह अरबों डॉलर के प्रतिबंधों से मुक्त होने के करीब है। समाचारों में बताया गया है कि ईरान की पारंपरिक सरकार बरकरार है। इसके अत्यधिक संवर्धित युरेनियम का भंडार सुरक्षित है। बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता नष्ट नहीं हुई है और लेबनान के हिज़बुल्लाह जैसे इज़रायल विरोधी समूहों को उसका समर्थन जारी है।

आर्थिक क्षेत्र में सकारात्मक असर फेब्रुअरी २८ को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर युद्ध शुरू करने के पहले दिन ही ८६ वर्षिय सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनी और शीर्ष सैन्य अधिकारियों की हत्या के बाद यह संघर्ष क्षेत्रीय संकट में बदल गया था, जिससे ऊर्जा की कीमतें बढ़ीं, मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ा और विकासशील देशों में खाद्य संकट की चिंता बढ़ी। बुधवार के समझौते के साथ स्ट्रेट ऑफ हरमूज के खुलने की संभावना से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड का मूल्य प्रति बैरल ८० डॉलर से नीचे गिर गया है, जो युद्ध की शुरुआत के बाद का सबसे कम स्तर है। हालांकि ट्रम्प के इस बात पर असंतोष जताने और युद्ध फिर से शुरू करने की संभावना व्यक्त करने के बाद तेल की कीमतों में फिर से १ प्रतिशत से अधिक की मामूली बढ़ोतरी देखी गई है, रॉयटर्स ने बताया है।

केन के पेनाल्टी गोल से इंग्लैंड को मिली बढ़त

३ असार, काठमाडौं । इंग्लैंड ने फीफा विश्व कप २०२६ के अपने पहले मैच में क्रोएशिया के खिलाफ बढ़त बनाई है। कप्तान हैरी केन ने १२वें मिनट में पेनाल्टी पर गोल कर इंग्लैंड को आगे बढ़ाया। केन द्वारा शुरू में प्रहार की गई पेनाल्टी क्रोएशिया के गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविच ने बचाई थी। लेकिन, केन के प्रहार करने से पहले ही लिवाकोविच के आगे बढ़ने के कारण पेनाल्टी पुनः दी गई। इस बार केन ने कोई चूक किए बिना गोल किया।

क्रोएशिया के कप्तान लुका मोडरिच के नोनी मोदुएल को फॉल करने के कारण इंग्लैंड को पेनाल्टी मिली थी। विश्व कप में यह केन का नौवां गोल है। फीफा विश्व कप में इंग्लैंड के लिए गैरी लाइनकर ने सर्वाधिक १० गोल किए हैं। लाइनकर के बराबर पहुंचने के लिए केन को अब केवल एक गोल और करना है।

‘आयोजना बैंक नलागू हुनुमा सांसदकै योजना समेटिएका छन्, व्यवस्थित गर्न नसकेको हो’

४ जेठ, पोखरा। नेपाली कांग्रेसभित्रको आन्तरिक द्वन्द्वले गण्डकी प्रदेशमा पनि असर पारेको छ। मुख्यमन्त्री सुरेन्द्रराज पाण्डेले अर्थ मन्त्रालय सम्हाल्नका लागि २०८३ वैशाख ३ गते बागलुङका जितबहादुर शेरचनलाई नियुक्ति गरेका थिए। विशेष महाधिवेशनपछि गगन थापाको नेतृत्वमा आएका सांसदहरूले मुख्यमन्त्रीविरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव तयार गर्दै गर्दा गण्डकीमा मन्त्रिपरिषदको पुनर्संरचना गरिएको थियो। मुख्यमन्त्री पाण्डेलाई पार्टीभित्रैबाट बजेट अघि मन्त्रिपरिषद फेरबदलको दबाब थियो। सत्तारुढ दल एमाले र प्रतिपक्षी दल नेकपा राप्रपाले मिलेर नीति तथा कार्यक्रम र बजेट तयारी गर्नुपर्ने दबाब पनि थियो।

सांसदहरूलाई दामसाही गरेको सिलिङ दिएर बजेटमा योजना समावेश गरिएको थियो भने चालु बजेटमा सत्तारुढ नेताहरूको सहमतिमा बहुवर्षीय योजना थपिएको भन्दै आलोचना भइरहेकै छ। अर्थमन्त्री शेरचनले आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/०८४ को लागि कुल ३२ अर्ब ९९ करोड ९९ लाख रुपैयाँको बजेट सार्वजनिक गरेका छन्। संसदमा पेश गरिएको वक्तव्यमा उद्योग तथा पर्यटन क्षेत्रका लागि २ अर्ब रुपैयाँ बजेट विनियोजन गरिएको घोषणा भएपछि खलबली उत्पन्न भएको छ। मुख्यमन्त्री पाण्डेकै निर्देशनमा गल्ती सच्याएर संसदलाई जानकारी दिने निर्णय गरिएको छ।

अर्थमन्त्री शेरचनले भनेका छन्, ‘यसपटक केही मौलिक र केही नयाँ कार्यक्रमसहितको बजेट आउनेछ।’ तर उनले बताएका अनुसार प्रदेशले प्राथमिकता र लक्ष्य पहिचान गर्न सकेको छैन। कृषि र पर्यटनलाई प्राथमिकतामा राखेर बजेटिङ गरिएको छ। उनले कृषि र पर्यटनलाई प्रविधि मैत्री बनाएर नवप्रवर्तनसँग जोड्ने योजना बनाएका छन्।

अर्थमन्त्रीले आगामी वर्षको बजेटमा आन्तरिक राजस्वको दायरा कसरी विस्तार गर्ने र गण्डकीले आगामी बजेटबाट कस्तो नतिजा दिनेछ भन्ने प्रश्नको उत्तर दिनुपर्नेछ। उनले भनेका छन्, ‘हामीले यस बजेटमा बैंकले लगानी गर्ने, ब्याज प्रदेश सरकारले तिर्ने योजना बनाएका छौं।’ तथापि यसरी योजनाहरू सांसद र मन्त्रीकै रुचि अनुसार छानिएका छन् भन्ने आरोप र आलोचना जारी छ।

मेस्सी: एक नाम नहीं, एक युग

जब से फीफा विश्व कप शुरू हुआ, सबसे ज्यादा लोग एक ही खेल की प्रतीक्षा कर रहे थे। इस विषय पर सोशल मीडिया हाएँ-ताएँ मची हुई थी। प्रशंसक दिन-रात चर्चा कर रहे थे। टिकट पहले से ही बिक चुके थे। टेलीविजन कंपनियां दर्शकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद कर रही थीं। वजह कुछ और नहीं, बल्कि लियोनेल मेस्सी थे। १७ जुलाई की रात। अर्जेंटीना जब पहली बार मैदान पर उतरा तो यह केवल एक ग्रुप चरण का मैच नहीं था। यह विश्व कप का सबसे बड़ा आकर्षण था। करोड़ों नज़रें उस एक खिलाड़ी पर जमी थीं। उम्र ३८ साल। करियर के अंतिम दौर में। लेकिन उम्मीदें वही पुरानी थीं। सभी जानते थे कि मेस्सी मैदान में हैं तो कुछ असाधारण जरूर होगा। और, फिर वही हुआ। अल्जीरिया के खिलाफ मैच में अर्जेंटीना ने ३-० से जीत दर्ज की। तीनों गोल मेस्सी ने किए। यह विश्व कप में उनका पहला हैट्रिक भी था। स्टेडियम “मेस्सी, मेस्सी” के नारे से गूंज उठा। सोशल मीडिया मिनटों में विस्फोटित हो गया। मेस्सी शीर्ष ट्रेंड में थे। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर उनकी तस्वीरों की झड़ी लग गई। टिक टॉक पर उनके हैट्रिक के वीडियो लाखों बार शेयर किए गए। कुछ ने उन्हें फुटबॉल का जादूगर कहा। कुछ ने सबसे महान खिलाड़ी। दुनिया भर की स्क्रीन पर एक ही नाम दोहराया जा रहा था – लियोनेल मेस्सी। हैशटैग में #MessiIsGOAT ट्रेंड हुआ। GOAT का मतलब है “ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम” अर्थात् सर्वकालीन महान। और मेस्सी का करियर वाकई कुछ ऐसा ही था – असाधारण। सन् २००६ में विश्व कप में पदार्पण करने वाले मेस्सी, लगातार ६ विश्व कप में खेल चुके पहले खिलाड़ी हैं। अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक के बाद उन्होंने विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले मिरोस्लाव क्लोज़ के १६ गोल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। विश्व कप में सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड भी मेस्सी के नाम है; उन्होंने अब तक २७ मैच खेले हैं। चार साल पहले कतर विश्व कप में मेस्सी ने अर्जेंटीना को ट्रॉफी दिलाई थी। विश्व कप में सबसे मूल्यवान खिलाड़ी को दिया जाने वाला गोल्डन बॉल पुरस्कार भी मेस्सी ने दो बार जीता है। दो गोल्डन बॉल जीतने वाले वे अकेले खिलाड़ी हैं। एक बहस जो युग बन गई फुटबॉल इतिहास में कुछ नाम खिलाड़ी से बढ़कर होते हैं, वे एक युग होते हैं। पेले, डिएगो मैराडोना, क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेस्सी। पेले और मैराडोना अब केवल यादों में जिंदा हैं। वर्तमान में दुनिया दो तबकों में बंटी है – कौन महान है? मेस्सी या रोनाल्डो? दोनों ने क्लब फुटबॉल में सब कुछ जीत लिया। गोल, ट्रॉफी और रिकॉर्ड्स तोड़ दिए। लेकिन एक सवाल हमेशा बना – विश्व कप कौन जीतेगा? क्योंकि फुटबॉल की आखिरी कसौटी वही मानी जाती है। यही सवाल मेस्सी की यात्रा को और भी महत्वपूर्ण बनाता है। मेस्सी ने चार साल पहले विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम कर सपना साकार किया है। लेकिन ऐसा समय भी था जब यह संदेह था कि क्या वे पेशेवर फुटबॉल में सफल हो पाएंगे या नहीं।

टेक्सस विमान दुर्घटना: बेल्चा और हथौड़े से फंसे यात्रियों को बचाया गया

राजमार्ग पर विमान दुर्घटना, बेल्चा और हथौड़े से फंसे यात्रियों की सुरक्षा

संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सस राज्य में १६ जून, मंगलवार को एक निजी यात्रुवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें विमान के अंदर छह लोग फंसे हुए थे। राजमार्ग पर विमान दुर्घटना होते देख लगभग एक दर्जन आम लोग और बचावकर्मी घटनास्थल की ओर दौड़े। विमान में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए उन्होंने बेल्चा और हथौड़े जैसे औजारों का उपयोग किया।

विमान में सवार छह लोगों में से एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना पुलिस ने दी है। बचाए गए अन्य पांच जीवित लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उनकी स्थिति स्थिर बताई है।

इरानी सभामुख गालिबाफ ने होर्मुज स्ट्रेट से शुल्क लगाने की घोषणा की

४ असार, काठमाडौं । इरानी संसद के सभामुख मोहम्मद बगर गालिबाफ ने अमेरिका के साथ हुए समझौते के विपरीत होर्मुज स्ट्रेट से शुल्क वसूल करने की बात कही है। सभापति गालिबाफ ने सरकारी टेलीविजन को दिए इंटरव्यू में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट युद्ध से पहले की स्थिति में वापस नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, ‘होर्मुज स्ट्रेट युद्धपूर्व अवस्था में लौटेगा नहीं, इरान को इस जलमार्ग पर सार्वभौमिक अधिकार प्राप्त है और इसकी सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाएगा।’

हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते में उल्लेख है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से कर वसूल नहीं करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस में आयोजित जी–७ शिखर सम्मेलन के दौरान इस समझौते पर वर्चुअली हस्ताक्षर किए थे। १४ बिंदुओं वाले इस समझौते को ‘मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (एमओयू) कहा गया है। एमओयू में ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने सहित कई शर्तें मानने की बात कही है। ईरानी संसद के सभापति गालिबाफ ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक शांति समझौते की नींव कमजोर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं करता है तो अमेरिका फिर से हमला कर सकता है।

कोलम्बियाको प्रभावशाली सुरुवात विश्वकपमा

४ असार, काठमाडौं । दोस्रो हाफमा लुइस डियाजले गरेको निर्णायक गोलले कोलम्बियाले उज्बेकिस्तानलाई ३-१ को तत्पर अन्तरले पराजित गर्दै फिफा विश्वकप २०२६ मा विजयी शुरुवात गरेको छ । मेक्सिकोको ऐतिहासिक अज्टेका स्टेडियममा समूह के अन्तर्गत सम्पन्न खेलमा कोलम्बियाका लागि डानिएल मुनोज, लुइस डियाज र जामिन्टन क्याम्पाजले गोल गरेका थिए । त्यस्तै, विश्वकपमा डेब्यु गर्दै गरेको उज्बेकिस्तानका अब्बोसबेक फेजुल्लाएभले गोल गरेका थिए।
कोलम्बियाका डानिएल मुनोजले खेलको ४०औं मिनेटमा गोल गर्दै टोलीलाई अग्रता दिलाए। उनले लुइस डियाजको पासमा दक्षतापूर्वक एकै टचमा गोल गरेका थिए। विश्वकप डेब्यु गरिरहेका उज्बेकिस्तानका अब्बोसबेक फेजुल्लाएभले ६०औं मिनेटमा बराबरी गोल प्रहार गरे। उनी फिफा विश्वकपमा उज्बेकिस्तानका लागि गोल गर्ने पहिलो खेलाडी बने।
तर, उज्बेकिस्तानको बराबरी गोल धेरै समय टिक्न सकेन। पाँच मिनेट भित्रै, लुइस डियाजले गोल गर्दै कोलम्बियालाई पुनः २-१ को अग्रता दिलाए। त्यसपछि, दोस्रो हाफको इन्जुरी टाइमको नवौँ मिनेटमा जामिन्टन क्याम्पाजले गोल गर्दै कोलम्बियाको जित ३-१ ले सुनिश्चित गरे। यस जितपछि कोलम्बिया ३ अंकसहित समूह के को शीर्ष स्थानमा पुगेको छ। यसै समूहको अर्को खेलमा पोर्चुगल र डिआर कंगोले १-१ को बराबरी खेलेर अंक बाँडेका थिए।

अध्ययन अवकाश पर गए और नहीं लौटे कर्मचारियों को त्रिभुवन विश्वविद्यालय की अंतिम चेतावनी, न मानने वालों के लिए क्या होगी कार्रवाई?

त्रिभुवन विश्वविद्यालय

तस्क़ीर स्रोत, IPDTU

वर्तमान में राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के कैलाली जिला प्रतिनिधि सभा सदस्य आनन्दबहादुर चन्द का मानना है कि त्रिभुवन विश्वविद्यालय द्वारा अध्ययन अवकाश पर गए शिक्षक और कर्मचारियों को वापस बुलाने या नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की निरंतर चेतावनी देना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि विदेश में पीएचडी पूरा कर लौटने के बाद भी उन्होंने विश्वविद्यालय को अपने निवेदन के साथ इस्तीफा देते हुए लगभग 45 लाख रुपये वापस लौटाए थे।

लेकिन विश्वविद्यालय के अभिलेख अनुसार कुछ लोग निर्धारित समय पर वापस होकर सेवा जारी नहीं रख पाए हैं और जो वेतन नहीं लौटाया गया है, वह भी बाकी है, जिससे देश के सबसे बड़े और पुराने विश्वविद्यालय को आर्थिक और शैक्षिक नुकसान उठाना पड़ा है, विशेषज्ञों ने बताया है।

“इस विषय पर किसी को कड़ाई से बोलना आवश्यक है। ये सभी पीएचडी करने गए हुए हैं इसलिए विदेश में अच्छा काम करते होंगे। नेपाल में क्या होगा? सोचकर शायद पैसे वापस नहीं किए होंगे,” उन्होंने कहा।

तीन प्रकार के नुकसान

नेपाल के करदाताओं के खर्च से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सशर्त भेजे गए शिक्षक और कर्मचारी जो लंबे समय तक विदेश में रहते हैं, उस प्रवृत्ति से त्रिभुवन विश्वविद्यालय को शैक्षणिक, आर्थिक और नैतिक रूप से क्षति हुई है।

पहले हाफ में कोलम्बिया ने 1-0 की बढ़त बनाई

4 असार, काठमाडौं। फिफा विश्वकप 2026 के तहत कोलम्बिया ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ पहले हाफ में 1-0 की बढ़त हासिल की है। मेक्सिको के अज्टेका स्टेडियम में चल रहे इस मैच में कोलम्बिया के डैनियल मुनोज ने 40वें मिनट में गोल कर अपनी टीम को आगे बढ़ाया। उन्होंने लुइस डियाज के पास पर वन टच फिनिश करते हुए गेंद जाल में दी। इस मैच के जरिए एशियाई राष्ट्र उज्बेकिस्तान ने विश्वकप में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज कराई है। वर्ष 2006 में इटली को विश्वकप जिताने वाले कप्तान फाबियो कानभारो वर्तमान में उज्बेकिस्तान के कोच हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच १४ बिंदु संविदा में क्या-क्या शामिल है?

संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच १४ बिंदु संविदा पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और इसे लागू कर दिया गया है, इसकी पुष्टि व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने की है। जी सेवन सम्मेलन के लिए फ्रांस गए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने औपचारिक रूप से इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के बाद, ईंधन आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हरमूज जलमार्ग पुनः प्रारंभ होगा। समझौता-पत्र नामक १४ बिंदु संविदा में ईरान ने भविष्य में परमाणु हथियार न बनाने का प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही, ईरान ने देश के “पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास” के लिए ३०० अरब अमेरिकी डॉलर का कोष स्थापित करने की योजना बनाई है। इस कोष में अमेरिका का योगदान आवश्यक नहीं है।

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान में आक्रमण शुरू करने के चार महीने बाद यह समझौता दोनों पक्षों के बीच हुआ है। ट्रंप प्रशासन ने इस समझौते को “कार्यान्वयन-आधारित” बताया है। अमेरिका ने कहा है कि ईरान अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने पर ही इस समझौते का लाभ प्राप्त करेगा। हालांकि, समझौते का पूरा विवरण सार्वजनिक होने के बाद भी कई सवाल अनुत्तरित हैं और विश्लेषकों का मानना है कि इसने मुख्य मुद्दों को संबोधित नहीं किया है। समझौते में उल्लिखित १४ बिंदु इस प्रकार हैं:

  • लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना।
  • अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की संप्रभुता और भौगोलिक अखंडता का सम्मान करेंगे और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
  • अंतिम समझौता होने तक युद्धविराम की अवधि ६० दिन और बढ़ाना, साथ ही सहमति से अवधि बढ़ाई जा सकती है।
  • अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाई गई समुद्री नाकाबंदी ३० दिन के भीतर पूरी तरह हटाई जाएगी।
  • हरमूज जलमार्ग पुनः खोला जाएगा और वहां से व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित की जाएगी।
  • ईरान के पुनर्निर्माण के लिए ३०० अरब अमेरिकी डॉलर का कोष स्थापित किया जाएगा, परन्तु अमेरिका इसमें योगदान नहीं देगा।
  • अमेरिका ईरान पर लगाए गए सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाएगा, हालांकि इसकी समयसीमा अस्पष्ट है।
  • ईरान परमाणु हथियार नहीं खरीदेगा और तेहरान द्वारा पहले ही संसाधित किया गया यूरेनियम विषय पर सहमति देगा, हालांकि प्रक्रिया अस्पष्ट है।
  • और १०. अंतिम समझौता होने तक ईरान का परमाणु कार्यक्रम यथावत रहेगा।
  • अटकाए गए इरानी कोष जारी किए जाएंगे।
  • १२-१४. समझौते के कार्यान्वयन की निगरानी की जाएगी और आगे की वार्ता से अंतिम समझौता किया जाएगा।

क्रोएशिया ने इंग्लैंड के खिलाफ बराबरी का गोल किया

क्रोएशिया के मार्टिन बाटुरिना ने ३६वें मिनट में बराबरी का गोल कर दिया। ३ जून, काठमांडू। फिफा विश्वकप २०२६ के अंतर्गत इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे मुकाबले में क्रोएशिया ने बराबरी का गोल किया है। डालास स्टेडियम में जारी इस मैच में क्रोएशिया के मार्टिन बाटुरिना ने ३६वें मिनट में पेनाल्टी बक्स के बाहर से बेहतरीन गोल किया। यह गोल पिटर सुसिक की ले-एंगल पास पर हुआ।

इससे पहले कप्तान हैरी केन ने १२वें मिनट में पेनाल्टी किक सफलतापूर्वक करके इंग्लैंड को बढ़त दिलाई थी। केन की पहली पेनाल्टी को क्रोएशियाई गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविच ने रोका, लेकिन फिर पाया गया कि केन ने पेनाल्टी से पहले गोलकीपर के मूवमेंट की वजह से नियम का उल्लंघन किया है। इसलिए पेनाल्टी पुनः दी गई, जिसमें केन ने कोई गलती न करते हुए गोल कर दिया। क्रोएशिया के कप्तान लुका मोड्रिच द्वारा नोनी मोदुएकेला पर फाउल करने के बाद इंग्लैंड को यह पेनाल्टी मिली थी।

विश्व कप फुटबॉल 2026: 1 अरब 40 करोड़ आबादी वाले भारत की गैरमौजूदगी का कारण क्या है?

क्या भारत कभी फीफा विश्व कप खेल पाएगा? “दुनिया की सबसे बड़ी प्रतियोगिता” के पिछले सप्ताह शुरू होते ही भारतीय फुटबॉल प्रशंसक फिर से इस कष्टप्रद सवाल का सामना कर रहे हैं। ‘ब्लू टाइगर्स’ के नाम से प्रसिद्ध भारतीय फुटबॉल टीम की प्रगति को देखने वाले वर्षों से बार-बार यह सवाल उठाते हैं, क्योंकि भारत एशियाई क्षेत्र के क्वालीफाइंग प्रारंभिक दौर से कभी आगे नहीं बढ़ पाया है। हालांकि फुटबॉल के प्रति “प्रेम” रखने वाले पश्चिम बंगाल, केरल और गोवा जैसे भारतीय राज्यों में विश्व कप को लेकर विशेष आकर्षण है। प्रतियोगिता में भारत की कोई प्रत्यक्ष भागीदारी न होने के बावजूद, मैदान पर पहुंचकर प्रत्यक्ष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों की संख्या बढ़ रही है।

“हम प्रेस बॉक्स में बार-बार सुनते हैं, क्या भारत भी फुटबॉल खेलता है?” चार विश्व कप की रिपोर्टिंग कर चुके एक वरिष्ठ भारतीय फुटबॉल लेखक ने कहा। ज्यादातर लोग हमें क्रिकेट खेलने वाले देश के तौर पर पहचानते हैं। भारत ही नहीं, विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला चीन भी विश्व कप फुटबॉल के लिए दूसरी बार क्वालीफाई नहीं कर पाया है। फीफा इन बाजारों के महत्व को समझता है; इसलिए अंतिम समय में भारत में मजबूत मीडिया अधिकार टीम भेजकर खेलों के लाइव प्रसारण को सुनिश्चित किया था।

राष्ट्रीय टीम के पूर्व कप्तान और भारतीय फुटबॉल के सबसे प्रसिद्ध खिलाड़ी भाईचुं भूटिया कहते हैं कि विश्व कप में भागीदारी असंभव नहीं है। लेकिन इसके लिए कोई शॉर्टकट नहीं है। “हाँ, भारत निश्चित रूप से विश्व कप में हिस्सा ले सकता है क्योंकि कुछ भी असंभव नहीं है। 48 टीमों में से एशियाई टीमों के लिए आठ कोटे निर्धारित हैं। लेकिन इसके लिए बहुत मेहनत करनी होगी,” भूटिया ने कहा। उन्होंने आगे कहा, “भारत जैसे बड़े देश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है। लेकिन हमारे पास दीर्घकालिक सोच के साथ मजबूत आधार स्तर का कार्यक्रम नहीं है।”

अंततः ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन किसी व्यावसायिक साझेदार के बिना संक्षिप्त संस्करण की प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए मजबूर हुआ है। इसी संदर्भ में करीब 3 करोड़ 50 लाख बच्चों को फुटबॉल की ओर आकर्षित करने की महत्वाकांक्षी योजना ‘विजन 2047’ धीरे-धीरे एक भूलते हुए वादा लग रही है। लक्ष्य क्या था? 2023 में एक निमंत्रण प्रतियोगिता और दक्षिण एशियाई फुटबॉल चैम्पियनशिप का खिताब पुरुष टीम ने जीतने के बाद भारत फीफा रैंकिंग में शीर्ष 100 स्थान पर था। लेकिन तब से ये उपलब्धियां निरंतर गिरावट पर हैं।

इन्जुरी टाइम गोल से घाना ने पानाामा पर फिफा विश्वकप २०२६ में पाइ जीत

४ असार, काठमाडौं । इन्जुरी टाइम में किए गए गोल की मदद से घाना ने फिफा विश्वकप २०२६ में पानामा को १-० से हराकर शानदार शुरुआत की है। क्यानडा के टोरंटो स्टेडियम में गुरुवार को हुए समूह एल के मैच में कालेब यिरेन्की ने निर्णायक गोल किया। खेल के दूसरे हाफ के इन्जुरी टाइम के पाँचवे मिनट में यिरेन्की ने गोल किया। इस जीत के बाद घाना ने ३ अंक हासिल कर विश्वकप की शुरुआत प्रभावशाली बनाई है। इंग्लैंड और क्रोएशिया जैसे टीमों ने भी इस समूह में जीत दर्ज की है, जिससे घाना की नॉकआउट चरण में पहुंचने की संभावना और मजबूत हो गई है। इससे पहले हुए मैच में इंग्लैंड ने क्रोएशिया को ४-२ से हराया था।

आईओएस २७ में एप्पल म्यूजिक में कलाकार पृष्ठ, सिरी एआई और तेज़ स्ट्रीमिंग फीचर्स शामिल

आईओएस २६ में एप्पल म्यूजिक में बड़े बदलावों के बाद, एप्पल ने इस बार आईओएस २७ में कुछ सीमित लेकिन महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। डब्लूडब्ल्यूडीसी २०२६ के मुख्य भाषण के बाद कंपनी ने कई छोटे अपडेट का ऐलान किया है, जबकि डेवलपर्स ने आईओएस २७ के पहले बीटा में सूक्ष्म बदलाव देखे हैं। इस अपडेट में मुख्य रूप से नए कलाकार पृष्ठ, तेज गाना बजाने की प्रणाली और लिक्विड ग्लास यूआई सुधारों पर जोर दिया गया है।

एप्पल म्यूजिक उपयोगकर्ता लंबे समय से क्रॉस-प्लेटफ़ॉर्म अनुभव में असमानता, सामाजिक सुविधाओं की कमी और कलाकार एवं गानों की लोकप्रियता मापन में कठिनाइयों की शिकायत कर रहे थे। हालांकि आईओएस २७ इन सभी समस्याओं को पूरी तरह नहीं सुलझाता, फिर भी इसने स्ट्रीमिंग सेवा को बेहतर बनाने के लिए कुछ नवीन सुविधाएँ जोड़ी हैं। कलाकार पृष्ठ, सिरी एआई और विज़ुअल सुधार आईओएस २६ में प्लेलिस्ट और एल्बम के लिए नए यूजर इंटरफेस लाने के बाद, एप्पल ने आईओएस २७ में कलाकारों के पेज को पुनः डिज़ाइन किया है। अब टेलर स्विफ्ट, ओलिविया रोड्रिगो, सबरीना कारपेन्टर और लेडी गागा जैसे प्रमुख कलाकारों के नाम कस्टम फॉन्ट में दिखेंगे।

उसी पृष्ठ पर अब बड़ा प्ले बटन भी जोड़ा गया है, जिसे टैप करने पर उनके शीर्ष गीत स्वतः बजने लगेंगे। कलाकार के नए रिलीज को उजागर करने के लिए पृष्ठ के शीर्ष भाग में एक बैनर भी रखा गया है। एक और बड़ा बदलाव सिरी एआई का समर्थन है। नई AI-सक्षम सहायक के ज़रिए उपयोगकर्ता सिरी से किसी कलाकार या गाने के बारे में पूछ सकते हैं। साथ ही, कुछ हफ्ते पहले मित्र ने मैसेज में सुझाए गीत को भी सिरी को बजाने का आदेश दिया जा सकता है।

हालांकि, यह व्यक्तिगत सहायक अभी ‘प्लेलिस्ट प्लेग्राउंड’ फीचर को पूरी तरह से दोहरा नहीं सकता, जो फिलहाल केवल अमेरिका में उपलब्ध है। विज़ुअल सुधार की ओर, उपयोगकर्ता ट्रांसलुसेंट या टिन्टेड अनुभव में से चुन सकते हैं और कुछ बटन को प्रेस और होल्ड करने पर नए विज़ुअल मेनू खुलेंगे।

बेहतर ऑटोमिक्स और विश्वसनीय स्ट्रीमिंग के क्षेत्र में, एप्पल ने आईओएस २७ में नए ऑटोमिक्स ट्रांजिशन और स्ट्रीमिंग विश्वसनीयता सुधार की घोषणा की है। ऑटोमिक्स सुविधा स्मार्ट डीजे की तरह काम करती है, जो गीतों के बीच गतिशील ट्रांजिशन प्रदान करता है।

आईओएस २७ में शामिल नए ट्रांजिशन विभिन्न शैलियों के गीतों को और प्रभावी ढंग से मैनेज करने का एप्पल का दावा है। एप्पल म्यूजिक का सबसे बड़ा सुधार अधिक विश्वसनीय स्ट्रीमिंग है। एप्पल का मुख्य उद्देश्य ऐप्स खोलने, एयरड्रॉप उपयोग करने या फोटो डाउनलोड जैसे कार्यों को और तेज़ और सहज बनाना है। इसी संदर्भ में अब एप्पल म्यूजिक में किसी भी गीत पर टैप करते ही वह तुरंत शुरू हो जाएगा, जिससे पहले की धीमी और प्रतिक्रिया न देने वाली समस्याएँ कम होंगी।

केन के दूसरे गोल ने इंग्लैंड को फिर से बढ़त दिलाई

फीफा विश्वकप में हैरी केन ने अपना दसवां गोल किया है। उन्होंने विश्वकप में सर्वाधिक 10 गोल करने वाले इंग्लिश खिलाड़ी गैरी लाइनकर के साथ बराबरी की है। 3 जून, काठमांडू। हैरी केन ने व्यक्तिगत रूप से दूसरा गोल करके इंग्लैंड को फीफा विश्वकप 2026 के अंतर्गत क्रोएशिया के खिलाफ मैच में फिर से बढ़त दिलाई है। डलास स्टेडियम में जारी इस मुकाबले में केन ने 42वें मिनट में गोल करते हुए इंग्लैंड को 2-1 की बढ़त दिलाई। डेक्लास लाइस के कॉर्नर पर केन ने हेडर से गोल किया।

फीफा विश्वकप में यह केन का दसवां गोल है। उन्होंने इंग्लैंड के गैरी लाइनकर द्वारा बनाए गए विश्वकप में सर्वाधिक 10 गोल करने के रिकॉर्ड के बराबर पहुंच गए हैं। इससे पहले कप्तान हैरी केन ने 12वें मिनट में पेनाल्टी से गोल कर इंग्लैंड को बढ़त दिलाई थी। केन का पहला पेनाल्टी शॉट क्रोएशिया के गोलकीपर डॉमिनिक लीवाकोविच ने रोका था। लेकिन केन के प्रहार से पहले लीवाकोविच के गेंद से आगे बढ़ने के कारण पेनाल्टी दोहराई गई थी। इस बार केन ने गलती नहीं की और गोल कर दिया। क्रोएशिया के कप्तान लुका मोड्रिच की नोनी मोदुएकेलाई फाउल के कारण इंग्लैंड को पेनाल्टी मिली थी। क्रोएशिया के मार्टिन बाटुरिन ने 36वें मिनट में बराबरी का गोल किया। पीटर सुसिक की ले-ऑफ पास पर बाटुरिन ने पेनाल्टी बॉक्स के बाहर से शानदार गोल दागा।