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लेखक: space4knews

उद्योग विभाग की अधिकांश सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन संचालित

उद्योग विभाग ने उद्योग पंजीकरण और नवीनीकरण से संबंधित अधिकांश प्रशासनिक सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संचालित कर दिया है। उद्योगमंत्री गौरीकुमारी यादव के निर्देशानुसार सेवा प्राप्तकर्ताओं को सुविधाजनक और पारदर्शी सेवा प्रदान करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। अब ऑनलाइन प्रणाली के अंतर्गत उपलब्ध सेवाओं के लिए सेवा प्राप्तकर्ता को विभाग में भौतिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। १३ साउन, काठमांडू।

उद्योग विभाग ने अपनी अधिकांश प्रशासनिक एवं नियामक सेवाओं को पूर्णतया ऑनलाइन प्रणाली से संचालित करने की पहल की है। सेवा प्राप्तकर्ताओं को सहज, त्वरित और पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग ने यह व्यवस्था शुरू की है, जैसा कि उद्योग, वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्रालय ने जानकारी दी है। मंत्री गौरीकुमारी यादव के निर्देश पर विभाग ने यह कदम उठाया है।

मंत्री यादव ने उद्योग प्रशासन को डिजिटल तकनीकों के अनुकूल बनाने और सेवा प्राप्तकर्ताओं को अनावश्यक विभाग आने से बचाने के लिए निर्देश दिए हैं। इसके बाद विभाग ने सूचना जारी कर बताया कि उद्योग पंजीकरण, नवीनीकरण, उद्योग अपडेट, उद्योग स्थानांतरण, पूँजी और क्षमता वृद्धि, नाम एवं उद्देश्य संशोधन, विदेशी निवेश स्वीकृति, व्यावसायिक वीजा सिफारिश, वार्षिक प्रगति विवरण, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) से जुड़ी सेवाएँ तथा IEE/ TOR स्वीकृति जैसी अधिकांश सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।

विभाग के अनुसार ऑनलाइन प्रणाली में शामिल सेवाओं के लिए सेवा प्राप्तकर्ताओं को कार्यालय में उपस्थित होने की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है। आवश्यक होने पर संबंधित उद्योग या कंपनी के आधिकारिक प्रतिनिधि परिचय पत्र प्रस्तुत कर के सेवा प्राप्त कर सकेंगे। ऑनलाइन प्रणाली में आवेदन और दस्तावेज़ भौतिक रूप में दर्ज नहीं किए जाएँगे। पूरी प्रक्रिया पूर्णतः इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संचालित की जाएगी। मंत्री यादव ने मंत्रालय का नेतृत्व संभालते ही उद्योग प्रशासन को तकनीकी रूप से समर्थ, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए लगातार निर्देश जारी किए हैं। विभाग द्वारा लागू यह प्रणाली उसी अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। उद्योग विभाग ने उद्योगपतियों एवं व्यवसायियों से अनुरोध किया है कि वे ऑनलाइन प्रणाली का अधिकतम उपयोग करें तथा आवश्यक जानकारी विभाग की वेबसाइट और प्रणाली के माध्यम से प्राप्त करें।

इरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले का अमेरिका का दावा

अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि इरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। अमेरिकी और सऊदी सेनाओं ने इरान समर्थित ठिकानों पर संयुक्त कार्रवाई कर हाल के ड्रोन हमलों का जवाब दिया है। अमेरिका और इरान के बीच बातचीत के फिर से शुरू होने की संभावना के बीच हालिया तनाव बढ़ा है, जबकि तेहरान ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। १३ साउन, काठमांडू।

अमेरिकी सेना ने बताया कि इरान ने अचानक मध्य पूर्व में अपने सैन्य ठिकानों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें सभी सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया। अमेरिकी सेन्ट्रल कमांड के अनुसार यह हमला मंगलवार शाम हुआ था। संभावित ठिकानों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

इस हमले के जवाब में अमेरिकी और सऊदी अरब की सेनाओं ने पूर्वी इराक में स्थित ‘इरान समर्थित आतंकवादी ठिकानों’ पर संयुक्त कार्रवाई की है। सेन्ट्रल कमांड ने बताया कि यह कार्रवाई पिछले ७२ घंटों में अमेरिकी ठिकानों पर हुए ३० ड्रोन हमलों की प्रतिक्रिया में की गई है। उन ड्रोन हमलों में इरान के समर्थन का आरोप है। तेहरान ने अब तक इन आरोपों या मिसाइल हमलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। अमेरिका और इरान के बीच कुछ दिनों से सीधे हमले नहीं हुए थे, और दोनों देशों में वार्ता फिर से शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि इरान के साथ ‘बेहद मैत्रीपूर्ण बातचीत’ हुई है।

दीपेन्द्रसिंह ऐरी आईसीसी टी-२०आई अलराउंडर रैंकिङमा तेस्रो स्थानमा

नेपाली राष्ट्रिय क्रिकेट टोलीका दीपेन्द्रसिंह ऐरी आईसीसी टी-२०आई अलराउंडर रैंकिङमा तेस्रो स्थानमा उक्लिएका छन्। आईसीसीले बुधबार सार्वजनिक गरेको नयाँ रैंकिङअनुसार, दीपेन्द्र २५६ रेटिङ अंकसहित चौथो स्थानबाट तेस्रो स्थानमा पुगेका हुन्। रैंकिङको शीर्ष स्थानमा जिम्बाबेको सिकन्दर राजा यथावत् कायम रहँदा भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पाण्ड्या तेस्रो स्थानबाट पाँचौं स्थानमा घटेका छन्। १३ साउन, काठमाडौं।

आईसीसीले मंगलबारसम्मको तथ्यांक समेटेर बुधबार प्रकाशित गरेको नयाँ रैंकिङअनुसार दीपेन्द्र चौथो स्थानबाट तेस्रो स्थानमा उक्लिएका हुन्। उनको रेटिङ अंक २५६ कायम छ। नेपाली पुरुष टोलीले पछिल्ला दिनहरूमा टी-२०आई मा कुनै खेलाडी प्रस्तुत गरेको छैन। हार्दिक पाण्ड्याको रेटिङ अंक घटेकाले दीपेन्द्र माथि उक्लिएका हुन्। हार्दिकले पनि हालसम्म कुनै खेल खेलेका छैनन्। अलराउंडर रैंकिङको शीर्ष स्थानमा जिम्बाबेकी सिकन्दर राजा यथावत् रहेका छन्, जसको रेटिङ अंक ३२० छ। दोस्रो स्थानमा पाकिस्तानका सायम अयूब रहेका छन्। रस्टन चेज चौथो स्थानमा उक्लिएका छन् भने हार्दिक पाण्ड्या पाँचौं स्थानमा झरेका छन्।

एनिमल नेपाल ने ‘पशु सेवा तथा पशु कल्याण’ विधेयक के मसौदे पर असहमति जताई

सरकार द्वारा सार्वजनिक किए गए पशु सेवा तथा पशु कल्याण से संबंधित विधेयक के मसौदे पर एनिमल नेपाल ने औपचारिक रूप से असहमति जताई है। १३ साउन, काठमाडौँ। एनिमल नेपाल ने मसौदे में पशु कल्याण को आवश्यक प्राथमिकता न दिए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार से इसे संशोधित करने का अनुरोध किया है। मसौदे में उत्पादन और व्यापारिक पक्ष को महत्व देने के कारण इस पर गंभीर सुधार की आवश्यकता बताई गई है।

संस्थान ने सोमवार को अपनी धारणा व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान मसौदा स्वतंत्र और समग्र पशु कल्याण कानून की अवधारणा से मेल नहीं खाता है। पशुओं को संवेदनशील प्राणी के रूप में कानूनी मान्यता दिए जाने की लंबे समय से मांग रही है, जिसे मसौदा संबोधित नहीं करता। एनिमल नेपाल एक दशक से अधिक समय से नेपाल में पशुओं को केवल उत्पादन के साधन या संपत्ति के रूप में नहीं, बल्कि पीड़ा, डर, तनाव, आनंद और अनुभूति करने वाले संवेदनशील जीव के रूप में कानूनी मान्यता देने वाले स्वतंत्र पशु कल्याण कानून की पैरवी कर रहा है।

संस्थान ने बताया कि पशु कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थाओं और कार्यकर्ताओं के सहयोग से नेपाल का पहला ‘छाया पशु कल्याण कानून’ तैयार कर संबंधित सरकारी निकाय को प्रस्तुत किया गया था। उस मसौदे को आधुनिक और स्वतंत्र पशु कल्याण कानून के रूप में आगे बढ़ाया गया था। लेकिन सरकार द्वारा हाल ही में सार्वजनिक किए गए विधेयक के मसौदे में पशु उत्पादन, पालन-पोषण, प्रजनन, आनुवंशिक सुधार, पशु स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण, व्यावसायिक नियमन तथा उत्पादन प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है, जबकि पशु कल्याण को मात्र एक अध्याय तक सीमित कर दिया गया है।

एनिमल नेपाल ने कहा, “जब किसी कानून के अधिकांश प्रावधान उत्पादन, व्यापार और प्रशासनिक प्रबंधन पर केन्द्रित होते हैं और पशु कल्याण गौण विषय के रूप में रखा जाता है, तो उसे वास्तविक अर्थ में पशु कल्याण कानून नहीं कहा जा सकता।” संस्थान ने कहा कि पशु कल्याण कानून को घरपालुवा, सड़क पर रहने वाले, श्रम में लगे, फार्म में पाले जाने वाले, मनोरंजन व अनुसंधान में उपयोग होने वाले तथा बंदी स्थिति में मौजूद सभी पशुओं के संरक्षण, उद्धार, पुनर्वास, परिवहन, पालन-पोषण, मानवीय व्यवहार, शिक्षा, अनुसंधान और कार्यान्वयन तंत्र का कानूनी मूल आधार बनाना चाहिए।

अमेरिका में रेल की छत पर सवार होकर जान जोखिम में डालने वाले किशोर-किशोरियां गिरफ्तार

वीडियो कैप्शन शुरू हो रहा है, जान जोखिम में डालकर रेल की छत पर सवार किशोरकिशोरियां गिरफ्तार

जान जोखिम में डालकर रेल की छत पर सवार किशोरों को गिरफ्तार किया गया

प्रकाशित

अमेरिका में रेल की छत पर चढ़कर यात्रा करते हुए अपनी जान जोखिम में डालने वाले किशोर गिरफ्तार हुए हैं।

न्यूयॉर्क पुलिस विभाग ने ड्रोन की मदद से रेल की छत पर सवार पांच किशोरों को पकड़ कर हिरासत में लिया है।

न्यूयॉर्क सहित विश्व के कई बड़े शहरों में ‘सबवे सर्फिंग’ या ‘ट्रेन सर्फिंग’ नामक यह क्रियाकलाप प्रतिबंधित है।

पिछले कुछ वर्षों में ‘सबवे सर्फिंग’ के दौरान कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

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दिल्ली की विद्युतीय वाहनों के विस्तार के लिए महत्वाकांक्षी नीति

दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए वर्ष 2027 तक अधिकांश नई वाहनों को विद्युतीय बनाने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इस नीति के तहत विद्युतीय वाहन खरीदने पर रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट और पुराने पेट्रोल वाहन हटाने वाले को एक लाख रुपये तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह नीति प्रदूषण कम करने में सहायक होगी, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और उपभोक्ताओं की अविश्वास बड़ी चुनौतियाँ हैं। 13 साउन, नई दिल्ली (रासस/एपी): भारत की राजधानी दिल्ली प्रदूषण से निपटने के लिए 2027 तक सभी नए पंजीकृत वाहन विद्युतीय बनाने की नीति लागू कर रही है। हालांकि आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, विद्युत् आपूर्ति एवं उपभोक्ता विश्वास अभी भी बड़ी चुनौती हैं, यह विशेषज्ञों और उपयोगकर्ताओं ने बताया।

1 जुलाई से लागू हुई इस नीति के अनुसार वर्ष 2027 तक लगभग सभी नए वाहनों को विद्युतीय बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मौजूदा पेट्रोल और डीजल वाहनों पर तत्काल रोक नहीं लगेगी, परन्तु धीरे-धीरे इनके उपयोग को कम करने की योजना है। दिल्ली में लगभग 70 प्रतिशत वाहन दो और तीन पहियों वाले होने के कारण नई नीति ने इन्हें प्राथमिकता दी है। वर्ष 2027 से नए तीन-पहिया और छोटे मालवाहक वाहनों को विद्युतीय बनाया जाएगा और इसके बाद दोपहिया वाहनों पर भी यह नियम लागू होगा। नीति के अनुसार विद्युतीय वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को रजिस्ट्रेशन शुल्क और कुछ सड़क करों में छूट दी जाएगी, जबकि पुराने पेट्रोल वाहन हटाने पर नकद प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।

स्थानीय सरकार ने इस योजना की लागत लगभग 1.5 खरब भारतीय रुपए आंकी है, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन खरीदार को 50 हजार रुपए तक और पुराने पेट्रोल वाहन हटाने वालों को एक लाख रुपए तक प्रोत्साहन मिलेगा। दिल्ली में पंजीकृत लगभग 87 लाख वाहनों में से केवल 5 प्रतिशत ही विद्युतीय हैं। हालांकि, पिछले वर्ष एक लाख से अधिक नए विद्युतीय वाहन पंजीकृत हुए, जिनमें अधिकांश दो और तीन पहिया थे। कुछ समय के लिए पेट्रोल कारों और बड़े ट्रकों का पंजीकरण जारी रहेगा। स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की संस्था बसुधा फाउंडेशन के जयदीप सरस्वत के अनुसार दिल्ली की यह नीति देश की सबसे महत्वाकांक्षी विद्युतीय वाहन नीति में से एक है।

उनका कहना है कि स्पष्ट समयसीमा वाहन निर्माताओं और उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर संक्रमण को रोकना संभव नहीं होने का संदेश देती है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना एवं तमिलनाडु जैसे राज्य भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन दिल्ली पहला ऐसा राज्य है जिसने पेट्रोल और डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का स्पष्ट लक्ष्य रखा है। दिल्ली विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है। खासकर सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने पर स्कूल बंद करना पड़ता है, निर्माण कार्य रोकना पड़ता है और जनस्वास्थ्य संकट उत्पन्न होता है।

राजधानी क्षेत्र में लगभग एक-चौथाई प्रदूषण वाहनों से उत्पन्न होता है, जिनमें दो और तीन पहिये वाले वाहन लगभग आधा प्रदूषण पैदा करते हैं, यह अध्ययन बताते हैं। ग्लोबल एनर्जी रिसर्च इंस्टीट्यूट एम्बर की एनर्जी एनालिस्ट रुचिता शाह के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार से प्रदूषण में महत्वपूर्ण कमी आएगी। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में दिल्ली में नई बिक्री वाले वाहनों में 12.7 प्रतिशत इलेक्ट्रिक थे, जबकि राष्ट्रीय औसत केवल 8.3 प्रतिशत था। नई नीति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू निश्चित समयसीमा के बाद आंतरिक दहन इंजन वाले वाहनों का नया पंजीकरण रोकना है।

पर्यावरण अनुसंधान संस्था एनविरोक्याटालिस्ट के संस्थापक सुनील दहिया ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन सड़क किनारे के प्रदूषण से आम लोगों को होने वाले जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। लेकिन पेट्रोल, डीजल और सीएनजी वाहन सड़क पर लंबे समय तक बने रहेंगे, इसलिए नीति का पूर्ण प्रभाव देखने में कुछ साल लगेंगे। उपभोक्ता अभी चार्जिंग सुविधा, बैटरी क्षमता और वाहन की स्थिरता को लेकर चिंतित हैं। उत्तरी दिल्ली के 22 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर सिद्धांत झाले ने कहा कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की आयु, मूल्य और वर्षा के मौसम में उत्पन्न होने वाली जल भराव की समस्या से उपकरण प्रभावित होने जैसे कारणों को लेकर वे पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वे उन्नत मॉडल आने के बाद ही इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं।

दिल्ली के चार्जिंग सेंटर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाने वाले श्याम सिंह ने बताया कि लंबी दूरी की यात्रा के लिए इलेक्ट्रिक वाहन चुनना अभी भी कठिन है। उनके अनुसार मौजूदा चार्जिंग सेंटर और बैटरी की रेंज अपेक्षित स्तर पर नहीं है। ऊर्जा विश्लेषक रुचिता शाह के मुताबिक नीति की सफलता पर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, विद्युत वितरण प्रणाली के उन्नयन और नवीनीकरणीय ऊर्जा से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर निर्भर है। खासकर बस, मालवाहक वाहन और कारों के लिए तीव्र चार्जिंग सुविधा के बिना लक्ष्य पूरा करना मुश्किल होगा।

काठमाडौं में प्रथम टॉप 16 ग्रैंड मास्टर्स स्नूकर चैंपियनशिप शुरू

त्रिपुरेश्वर में बुधवार से प्रथम काठमाडौं खेलमण्डल नेपाल टॉप 16 ग्रैंड मास्टर्स स्नूकर चैंपियनशिप शुरू हो गई है। उद्घाटन मैच में नेपाल के नंबर एक खिलाड़ी वांगचु तामांग ने विनोद श्रेष्ठ को 4–2 सेट से हराकर विजयी शुरुआत की है। प्रतियोगिता के विजेता को एक लाख 11 हजार 111 रुपये के साथ चैंपियन ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। 13 सावन, काठमाडौं।

प्रथम काठमाडौं खेलमण्डल (एनआरटी) द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता त्रिपुरेश्वर स्थित क्लब परिसर में शुरू हुई है। समूह ‘ए’ के अंतर्गत तामांग ने बेस्ट ऑफ सेवन में विनोद श्रेष्ठ को 4–2 से पराजित करते हुए सुखद शुरुआत की है। प्रतियोगिता में नेपाल के शीर्ष 15 खिलाड़ियों के साथ आयोजक क्लब के एक खिलाड़ी सहित कुल 16 प्रतिभागी हैं। प्रतिभागियों को चार समूहों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक समूह के शीर्ष दो खिलाड़ी क्वार्टरफाइनल समेत नॉकआउट चरण में प्रवेश करेंगे।

प्रतियोगिता का उद्घाटन एनआरटी के अध्यक्ष सुंदर नरसिंह जोशी ने किया था। प्रतियोगिता संयोजक तथा एनआरटी के केंद्रीय सदस्य राजेन्द्र शाक्य के अनुसार, प्रतियोगिता के सभी मैच एनआरटी के आधिकारिक फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल के माध्यम से सीधे प्रसारित किए जा रहे हैं। विजेता को एक लाख 11 हजार 111 रुपये के साथ चैंपियन ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। उपविजेता को 51 हजार रुपये और ट्रॉफी दी जाएगी जबकि सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले दोनों खिलाड़ियों को 25 हजार रुपये और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रतियोगिता में सेंचुरी ब्रेक करने वाले खिलाड़ी को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार मिलेगा और 80 अंकों से अधिक का उच्चतम ब्रेक बनाने वाले खिलाड़ी को 20 हजार रुपये के साथ ट्रॉफी प्रदान की जाएगी, ऐसा आयोजनकर्ताओं ने बताया है।

पाल्पामा मोटरसाइकिल दुर्घटना में चालक की मौत

पाल्पा के पूर्वखोला गाउँपालिका-१ तामाखानी में मोटरसाइकिल दुर्घटना में २८ वर्षीय दिमस सारु की मृत्यु हो गई है। मंगलवार सुबह लगभग साढ़े ११ बजे मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग २५ मीटर नीचे गिर गई, पुलिस ने यह जानकारी दी है। इस घटना की जांच जिला प्रहरी कार्यालय पाल्पा द्वारा जारी है।

१३ साउन, पाल्पा। पाल्पा के पूर्वखोला गाउँपालिका क्षेत्र के एक स्थानीय निवासी मोटरसाइकिल दुर्घटना में जीवन खो बैठे हैं। मृतक व्यक्ति पूर्वखोला-१ सामुङगा निवासी लगभग २८ वर्षीय दिमस सारु हैं।

मंगलवार सुबह साढ़े ११ बजे पूर्वखोला गाउँपालिका के १ तामाखानी स्थित भीतरी सड़क मार्ग पर लुम्बिनी प्रदेश ०१ के ००५ प ४०४१ नंबर वाली मोटरसाइकिल अचानक अनियंत्रित होकर दुर्घटना ग्रस्त हो गई। उक्त मोटरसाइकिल सड़क से लगभग २५ मीटर नीचे गिर गई, घटना स्थल पर गए पुलिस चौकी जब्गादी की टीम ने सूचना दी।

पाल्पा पुलिस इस दुर्घटना के संबंध में आगे की जांच कर रही है।

सी की ‘एआई साम्यवाद’ ने ‘मेड इन चाइना’ के नए युग की शुरुआत की

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के साथ।

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास में अमेरिका और चीन के बीच वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है।
  • चीन ने ओपन-सोर्स एआई मॉडलों का विकास करके अमेरिकी कंपनियों के प्रभुत्व को कड़ी चुनौती दी है।
  • एआई तकनीक चीन की धीमी अर्थव्यवस्था को गति देने और भविष्य की आर्थिक स्थिरता बनाए रखने का मुख्य आधार बनी है।

१३ साउन, काठमाडौं। लगभग चार वर्ष पहले विश्वव्यापी तकनीकी प्रतिस्पर्धा में अमेरिका चीन से कहीं आगे था। वर्ष २०२२ के अंत में OpenAI ने ChatGPT जारी किया, जो एक नया एआई मॉडल था। उसी समय वाशिंगटन चीन की तरफ चिप निर्यात पर प्रतिबंध कड़ा कर रहा था और चीन कमजोर लगता था।

इसके बाद चीन ने अपनी रफ्तार तेज की और बहुत जल्दी अमेरिका के करीब पहुंच गया। वर्ष २०२५ की शुरुआत में चीनी टेक कंपनी DeepSci ने अपना ओपन-सोर्स एआई मॉडल R1 जारी किया, जिसने सिलिकन वैली के नजदीक चीनी टेक कंपनियों की प्रगति को दिखाया।

यह मॉडल अमेरिकी टॉप मॉडलों से कम शक्तिशाली था लेकिन निवेशकों को चौंका दिया और शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। चीनी कंपनियों से अमेरिकी टेक दिग्गजों के पीछे छूटने का डर बढ़ा।

अभी भी ये डर फिर से उभर रहे हैं। पिछले महीने चीन की JetDot AI ने GLM 5.2 जारी किया, जो अमेरिकी मॉडल CloudOpus 4.8 के करीब था। पिछले हफ्ते आए Moonshot के KMi K3 ने इस अंतर को और भी कम कर दिया और इसकी कीमत अमेरिकी मॉडल की आधी है।

“उन्नत एआई सॉफ़्टवेयर में अमेरिका की अग्रता उम्मीद से कम हो सकती है। चीनी एआई लैब उच्च स्तर के मॉडल बनाने में सक्षम हैं,” अमेरिकी Enterprise Institute के Ryan Fedasiuk कहते हैं।

लेकिन यह मामला अमेरिका और चीन में कौन सा मॉडल श्रेष्ठ है से ज्यादा भविष्य, समृद्धि और सभ्यता का है। उनकी भविष्य की अर्थव्यवस्था और विश्व में प्रभाव इसी पर निर्भर है।

“लोग एआई का उपयोग कैसे करते हैं यह बहुत महत्वपूर्ण होता जा रहा है और यह लोगों की ज़िन्दगी को परिभाषित कर रहा है,” Fedasiuk कहते हैं, “इसलिए कम्प्यूटिंग संरचना बनाने और वैश्विक एआई मानकों को निर्धारित करने की प्रतिस्पर्धा अमेरिका और चीन के बीच है। यह इंसानों के कैसे जीने, काम करने और नियमों का पालन करने की ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने का खेल है।”

यह दो महाशक्तियों के बीच तकनीकी मुकाबला कठिन निर्णय लेगा। ब्रिटेन और यूरोप अमेरिकी साझेदारों के साथ तनाव और सस्ते लेकिन सुरक्षा जोखिम वाले चीनी विकल्पों के बीच द्वंद्व में पड़ेंगे।

‘एआई साम्यवाद’ और अमेरिकी नियंत्रण

अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा केवल आकार या कीमत तक सीमित नहीं है, बल्कि एआई मॉडलों की मूल प्रकृति पर आधारित है। DeepSci R1, GLM 5.2 और KMi K3 ओपन-सोर्स मॉडल हैं जिन्हें पर्याप्त कम्प्यूटिंग क्षमता वाले कोई भी डाउनलोड और उपयोग कर सकते हैं। वहीं ChatGPT और Anthropic के Mythos और Cloud निजी सिस्टम हैं और निर्माता के नियंत्रण में हैं।

ChatGPT के कार्यकारी डीन बाल ने ओपन-सोर्स मॉडलों को ‘एआई साम्यवाद’ कहा है। दोनों खुले और निजी अवधारणाओं के अपने फायदे और नुकसान हैं।

ओपन-सोर्स एआई मॉडल आसानी से उपयोग में लाए जा सकते हैं और सस्ते हैं, इसलिए इनकी मांग बढ़ी है, लेकिन निर्माता के लिए मुनाफा स्पष्ट नहीं है।

विशेषकर पश्चिमी उपयोगकर्ताओं के लिए ये मॉडल उपयोगी हैं क्योंकि KMi जैसे मॉडल अपने सर्वर पर उपयोग होने के बाद चीनी नियंत्रण से पूरी तरह स्वतंत्र रहते हैं।

Airbnb के प्रमुख ब्रायन चेस्की कहते हैं, “हम किसी चीनी कंपनी को डेटा नहीं दे रहे हैं, उनके पास डेटा तक पहुंच नहीं है… यह तरीके से काम नहीं करता।” उन्होंने Alibaba के मॉडल KWEN का उपयोग करने और चेतावनी देने का उदाहरण दिया।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ओपन-सोर्स को विश्व स्तर पर नई दोस्ती और सहयोग का जरिया माना है। पिछले हफ्ते उन्होंने ‘विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता संगठन’ की स्थापना की, जिसका मुख्यालय शंघाई में होगा और ३० देश इसका हिस्सा हैं।

अमेरिकी बंद मॉडल नियंत्रित करना सरल होता है लेकिन इससे उपयोगकर्ताओं के लिए जोखिम भी बढ़ता है। पिछले महीने डोनाल्ड ट्रम्प ने Anthropic को अपने शक्तिशाली मॉडलों को विदेशी बाजारों में उपलब्ध कराने से रोका था, जिसने विश्व को यह खतरा महसूस कराया।

चीन अमेरिकी प्रतिबंधों का कई वर्षों से सामना कर रहा है। वाशिंगटन ने ताइवान चिप्स की आपूर्ति में बाधा डाली है और डच कंपनी ASML से मशीन लेने पर भी रोक लगाई है।

वाशिंगटन पूर्ण नियंत्रण नहीं करता लेकिन दबाव नीति अपनाकर बीजिंग को अपनी शक्ति में आगे बढ़ने पर मजबूर कर रहा है।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी सिर्फ एआई क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि अपने सभी उद्योगों और व्यवसायों में एआई को शामिल करना चाहती है। इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर भी नियंत्रण हासिल करने की योजना है और इसे पूरी तरह स्वायत्त बनाना चाहती है।

चीन की नई आर्थिक पुनरुत्थान

एआई में आत्मनिर्भरता केवल सुरक्षा का मामला नहीं बल्कि चीन की धीमी अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए आवश्यक है। उद्योगों को मिलने वाले सरकारी अनुदान कम हो रहे हैं, उपभोक्ता खर्च घटा रहे हैं और निर्यात में बाधाएं दिख रही हैं।

“चीन नई आर्थिक वृद्धि के लिए इस नवीनतम तकनीक पर दांव लगा रहा है,” सलाहकार संस्था Rhodium Group के CL Cui कहते हैं।

लेकिन यह चुनौती बहुत कठिन है। South China Morning Post में Winston Mok ने लिखा है कि चीन का लक्ष्य न केवल अमेरिका बल्कि पश्चिमी दुनिया की संयुक्त तकनीकी क्षमता से प्रतिस्पर्धा करना है।

बीजिंग की पारंपरिक विकास मॉडल में पश्चिमी सोच या तकनीक की नकल कर निवेश करना शामिल है।

यह चीन की सबसे बड़ी चुनौती को हल करने में मदद करता है क्योंकि चीन कंप्यूटिंग और चिप उत्पादन में अमेरिका से काफी पीछे है, जिससे एआई फर्मों को मांग के हिसाब से काम करने में कठिनाई होती है।

आगामी तीन से चार वर्षों में इस क्षेत्र में दो खरब चीनी युआन का निवेश होगा, जो राज्य द्वारा निर्देशित होगा। बीजिंग योजना बना रहा है कि उत्पादन से लेकर स्वास्थ्य तक एआई का उपयोग बढ़ाया जाए।

यह रणनीति प्रभावी होती दिख रही है। पिछले वर्ष चीन में एआई का व्यावसायिक और उपभोक्ता उपयोग काफी बढ़ा है और सेमीकंडक्टर निर्यात साल-दर-साल दोगुना हो गया है।

पिछले तीन महीनों की आर्थिक वृद्धि में इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक और दूरसंचार क्षेत्र का बड़ा योगदान रहा है।

“चीन की आर्थिक वृद्धि के नए इंजन के रूप में एआई का उदय हुआ है और यह २०२७ तक आर्थिक स्थिरता के लिए मुख्य स्रोत बन सकता है,” Capital Economics के Julian Evans-Pritchard कहते हैं।

लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है, “यदि वैश्विक एआई निवेश बूम विफल रहता है तो यह देश को जोखिम में डाल सकता है।”

एआई विकास जारी है, लेकिन सी ट्रंप से अलग चुनौती झेल रहे हैं। एआई प्रतिस्पर्धा लाभ और नवप्रवर्तन पर आधारित है, जिसे स्वतंत्र विचार के बिना अधिक परिस्थिति में चीन में प्राप्त करना आसान नहीं है।

बीजिंग ने उन टेक उद्यमियों पर कार्रवाई की है जो आलोचना करते हैं और विदेश विस्तार करने वाले व्यावसायियों को भी रोक लगा दी है। इस सप्ताह अधिकारियों ने टेक कार्यकारियों को नए संभावित नियमों के बारे में बताया है, जिससे विदेशी लोगों को शीर्ष एआई मॉडल तक पहुंच प्रतिबंधित करने की तैयारी की जा रही है।

बीजिंग के समर्थन से DeepSci और Moonshot जैसी कंपनियों को फायदा हो सकता है और वे आर्थिक रूप से कमजोर होते हुए भी चल सकती हैं।

लेकिन खतरा यह है कि अधिकारी केवल मनपसंद कंपनियों को प्राथमिकता देंगे। Carnegie Endowment for International Peace के Matt Scian कहते हैं, “कम्युनिस्ट पार्टी राष्ट्रीय रणनीतिक निर्णय लेती है और कह सकती है कि पर्याप्त कम्प्यूटिंग संसाधन सभी को उपलब्ध नहीं है। वे पहले Artificial General Intelligence तक पहुंचना चाहते हैं, इसलिए अपनी कंपनियों और संसाधनों को एकीकृत कर सकते हैं और एक राष्ट्रीय Manhattan Project चला सकते हैं।”

सियान को लगता है कि बीजिंग उसी मार्ग पर जाएगा। लेकिन चीनी सरकार सभी आवश्यक कदम उठाएगी। चीन का आर्थिक भविष्य और महाशक्ति की स्थिति इसी पर निर्भर है।

(द टेलीग्राफ की सहायता से)

महिला कबड्डी टीम भारत में खेलेगी एसियाड की तैयारी

नेपाली महिला कबड्डी टीम २०वें एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए बुधवार को भारत रवाना हुई है। टीम हरियाणा में स्थित Vibrant International School and Kabaddi Academy में एक माह तक प्रशिक्षण लेगी। इसके बाद टीम जयपुर और उत्तर प्रदेश में अभ्यास मैच खेलेगी और प्रशिक्षण जारी रखेगी। २ असोज को टीम भारत से जापान के लिए एशियाई खेलों में भाग लेने के लिए प्रस्थान करेगी। एशियाई खेल ३ असोज से प्रारंभ होंगे।

महिला टीम में मानमती विष्ट (कप्तान), जयन्ती बडु, रविना चौधरी, मेनुका राजवंशी, मिना नेपाली, खिममाया खत्री, गंगा घिमिरे, सिर्जनाकुमारी थारु, नानुमाया पराजुली, विनिता पण्डित क्षेत्री और आसमा यादव शामिल हैं। खिममाया के लिए यह पहला अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा २०वें एसियाड में होगा। टीम की एक अन्य सदस्य अनुजा कुलुङ राय तकनीकी (मेडिकल) कारणों से २०वें एसियाड में भाग नहीं लेंगी। उनकी जगह किस खिलाड़ी को रखा जाए, इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा, यह जानकारी अखिल नेपाल कबड्डी संघ के महासचिव अरविंदकुमार झा ने दी है।

महिला कबड्डी प्रतियोगिता में ८ देश भाग लेंगे। समूह ‘बी’ में नेपाल श्रीलंका, थाईलैंड और चीनी ताइपेई के साथ मुकाबला करेगा। चीनी ताइपेई पिछले संस्करण की उपविजेता टीम है। समूह ‘ए’ में ईरान, जापान, बांग्लादेश और भारत शामिल हैं। यह महिला टीम की दूसरी एशियाई खेलों में भागीदारी है। पहली बार टीम ने चीन के हांगझो में हुए १९वें एसियाड में हिस्सा लेकर ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता था। हांगझो एसियाड के कांस्य पदक विजेता ६ खिलाड़ी इस मौजूदा टीम में भी हैं।

महिला कबड्डी टीम ने ईरान में आयोजित एशियाई कबड्डी प्रतियोगिता और चीन में हुए एशियाई बीच खेलों में कांस्य पदक हासिल किया है। राष्ट्रीय खेल परिषद के सदस्य-सेक्रेटरी रामचरण मेहता, कबड्डी संघ की अध्यक्ष तुलसी थापा, महासचिव झा और राष्ट्रीय टीम के निदेशक दीपक विष्ट ने टीम को बुधवार एक कार्यक्रम में विदाई दी। सदस्य-सेक्रेटरी मेहता ने टीम से पदक की बड़ी उम्मीद जताई है।

कस्मेटिक सामग्री में छिपा गाँजा बरामद

थाईलैंड से नेपाल आए दो भारतीय नागरिकों को त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्तियों के पास से कस्मेटिक सामग्री के अंदर छिपाकर कुल आठ किलो छह सौ छियासठ ग्राम गाँजा बरामद हुआ है। पुलिस ने 33 वर्षीय सिद्धनाथ उत्तम जादेव और 29 वर्षीय सोमनाथ शंकर खड्की को आगे की जांच के लिए हिरासत में लिया है।

13 साउन, काठमांडू। थाईलैंड से नेपाल आए इन भारतीय नागरिकों से लैंकृत कस्मेटिक सामग्री के अंदर मादक पदार्थ गाँजा बरामद किया गया है। गिरफ्तार किए गए सिद्धनाथ और सोमनाथ को त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से गिरफ्तार किया गया था। उनसे कुल 8 किलो 666 ग्राम गाँजा जब्त किया गया है और उन्हें आगे की जांच के लिए हिरासत में रखा गया है।

ककरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद क्या हो रहा है?

ककरोच जनता पार्टी ने जन्तर-मंतर में ३६ दिनों के आंदोलन के बाद मोदी सरकार को प्रदर्शनकारियों की सभी मांगें मानने पर मजबूर किया और एक मंत्री के इस्तीफे को भी स्वीकार करवाया है। आंदोलन के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांक ने भविष्य में राजनीति में आने की संभावना को पूरी तरह नकारते हुए आंदोलन को जमीनी स्तर पर ले जाने का संकल्प व्यक्त किया है। सीजीपी की पहल से असम और बिहार में गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने पर सरकार से सहमति बनी है। १३ साउन, काठमाण्डू। २५ जुलाई को ककरोच जनता पार्टी (सीजीपी) ने जन्तर-मंतर पर अपना प्रदर्शन समाप्त किया और अब वहां के सभी प्रदर्शन चिन्ह हटाए जा चुके हैं। दीवारों पर ‘जेन जी’ द्वारा बनाए गए ग्राफिटी सफेद पेंट से ढक दिए गए हैं। सीजीपी उत्सव का पार्टी वीडियो भी सामने आ चुका है। जो जन्तर-मंतर ३६ दिन तक गर्मी और बारिश के बीच पंखों, छतरियों, भीगी टेंटों और नारों का साक्षी था, वहीं पिछले शनिवार को वह खुशी, मिठाई और युवाओं के जेन जी नृत्य से भर गया। जन्तर-मंतर पर यह प्रदर्शन मोदी सरकार के कार्यकाल का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन माना गया है। इसमें कोई दोराय नहीं है। ६ जून को अभिजित दीपके भारत लौट चुके थे। उसके बाद इस प्रदर्शन ने अपनी मांगों को पूरा करवाया। सीजीपी की कोर टीम क्या कहती है? इससे पहले मोदी सरकार को झुकना पड़ा था किसान आंदोलन के दौरान २०२०-२१ में। शनिवार को सीजीपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांक ने जेपी नड्डा और जीतेंद्र सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने बताया कि सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं। इसे एक आश्चर्य के रूप में भी देखा गया। मोदी सरकार आमतौर पर किसी भी आंदोलन या विपक्ष की मांग को मानने में कंजूसी करती है। इसी सरकार से जेन जी ने रिकॉर्ड समय में एक केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा करवाया है। साथ ही इस आंदोलन में सीजीपी की अगुआई ने लोगों को इसके भविष्य के बारे में बात करने पर मजबूर कर दिया है। सौरव दास महीनों से कई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात साझा करते रहे हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हम इस आंदोलन को जमीनी स्तर पर ले जाना चाहते हैं। हम लोगों के बीच जागरूकता लाना चाहते हैं। सत्ता में जो भी आए, जनता अपना काम करा सके।” “मेरा मानना है कि समय आ गया है। युवाओं को राजनीति में अधिक से अधिक आना चाहिए। सत्ता पर बैठी उम्रदराज जनता का उम्र ७० साल के आसपास है। उन्हें जेन जी की परिभाषा या सोच का ज्ञान नहीं है। यदि आप रात १२ बजे एक रील बनाकर ‘हेलो फ्रेंड्स’ कह देते हैं, तो जनता उसे स्वीकार नहीं करेगी,” वे कहते हैं। इंडिया टुडे के एक इंटरव्यू में सीजीपी के प्रवक्ता आशुतोष रांक ने कहा, “हमारे कई सपने और आकांक्षाएं हैं। शिक्षा तो है ही, जवाबदेही और सुधार भी हमारी मांग है। हम चाहते हैं कि युवा अपनी समस्याएं उठाने के लिए एक मंच पाएं और समाधान भी। हम इस मंच को ऐसे ही बनाए रखने के लिए जो भी करना पड़े करेंगे।” जब उनसे पूछा गया कि क्या वे सीधे राजनीति में आने से इनकार करते हैं, उन्होंने कहा, “मैंने अपने सैकड़ों दिनों के राजनीतिक करियर से यही सीखा है, कि किसी भी संभावना को पूरी तरह नकारना उचित नहीं।” ये दोनों प्रवक्ता राजनीति में आने के सवाल को खारिज तो नहीं करते परन्तु इस आंदोलन के सबसे महत्वपूर्ण चेहरा अभिजित दीपके हैं। उन्होंने सीजेआई के ककरोच शब्द को ककरोच जनता पार्टी आंदोलन में बदला। वे राजनीति को कठिन मानते हैं। एक्सप्रेस के एक वीडियो में उन्होंने कहा, “मैं राजनीति में नहीं आना चाहता। सार्वजनिक जीवन बहुत कठिन है। लोग हमें बहुत समर्थन दे रहे हैं और हमसे उम्मीद करते हैं। यदि हमने कुछ नहीं किया तो पछतावा होगा।” यह बयान उन्होंने २० जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च से पहले दिया था। सीजीपी अब तक अपनी अगली रणनीति स्पष्ट रूप से नहीं बता पाया है। यह आंदोलन इस वर्ष मई महीने में शुरू हुआ था। दीपके ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था, “अगर सभी ककरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा?” ‘ककरोच जनता पार्टी’ एक व्यंगात्मक सोशल मीडिया आंदोलन है। यह प्रधान न्यायाधीश सूर्यांत कान्त की एक टिप्पणी पर शुरू हुआ था, जिसमें बेरोजगार युवाओं को पर्यवेक्षण में ‘ककरोच’ कहा गया था। सोशल मीडिया के समर्थन को जमीन पर लाने के लिए दीपके ६ जून को भारत पहुंचे। उसके बाद यह आंदोलन इतिहास बन गया। सीजीपी अब क्या कर रहा है? वर्तमान में सीजीपी के प्रवक्ता असम और बिहार में जेल में बंद छात्रों को रिहा कराने के लिए सरकार और पुलिस से बातचीत कर रहे हैं। सोमवार रात पत्रकार सौरव दास और रत्ना सिंह ने एक्स पर लिखा, “हमारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ घंटे बाद ही सरकारी प्रतिनिधि आए। बैठक २-३ घंटे चली। उन्होंने बिहार और असम की नोटिफिकेशन की प्रतियां साझा कीं, जिसमें सभी एफआईआर वापस लेने, भविष्य में कोई कार्रवाई न करने और गिरफ्तार सभी छात्रों को रिहा करने की गारंटी थी।” “केंद्र सरकार और अन्य बीजेपी शासित राज्यों की तरफ से भी भविष्य में ऐसी ही गारंटी देने वाले नोटिफिकेशन जारी करने की बात कही गई है।” उन्होंने आगे लिखा, “कोई भी प्रदर्शनकारी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हम सब इस संघर्ष में साथ हैं।” सीजीपी एक राजनीतिक शक्ति बनेगा या नहीं, यह समय बताएगा, लेकिन इसमें उभर रहे चेहरे इस संभावना से इंकार नहीं कर रहे हैं।

नेपाल ने टॉस जीता, सन्दीप और सोमपाल को टीम से बाहर रखा गया

आईसीसी क्रिकेट विश्वकप लीग २ के तहत नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच के लिए नेपाल ने टीम में सोमपाल कामी और सन्दीप लामिछाने की जगह हेमन्त धामी और ललित राजवंशी को शामिल किया है। लगातार तीन मैचों में हार का सामना कर चुकी नेपाल टीम के लिए आज का मैच नीदरलैंड्स को हराना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे शीर्ष चार में शामिल होने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। नेपाली टीम के रिजर्व खिलाड़ी हेमन्त धामी को चोटिल नंदन यादव की जगह अवसर मिला है। खेल पौने ३ बजे से शुरू होगा। १३ साउन, काठमाण्डू।

आईसीसी क्रिकेट विश्वकप लीग २ के तहत नीदरलैंड्स में आयोजित ओडीआई श्रृंखला के अंतिम मैच में नेपाल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। मेजबान नीदरलैंड्स के खिलाफ टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनने वाली नेपाल टीम में दो बदलाव किए गए हैं। पीस बैॉलर सोमपाल कामी और लेग स्पिनर सन्दीप लामिछाने को बेंच पर रखा गया है। उनकी जगह हेमन्त धामी और ललित राजवंशी को टीम में शामिल किया गया है। हेमन्त हमेशा टीम में शामिल नहीं होते थे, लेकिन रिजर्व में थे। चोट के कारण बाहर हुए नंदन यादव की जगह हेमन्त धामी को मौका मिला है।

सन्दीप लामिछाने इस श्रृंखला के तीन मैचों में कोई विकेट नहीं ले पाए हैं, जबकि सोमपाल कामी ने तीन मैचों में दो विकेट लिए। नेपाल और नीदरलैंड्स के बीच यह मैच पौने ३ बजे से शुरू होगा। श्रृंखला में बिना हार के चल रही नीदरलैंड्स यह तीसरा मैच खेल रही है। वहीं, नेपाल यह पहले तीन मैचों में हार का सामना कर चुकी है। लगातार हार के कारण नेपाल की लीग २ में शीर्ष ४ में जगह बनाने और सीधे एकदिवसीय विश्व कप क्वालीफायर में खेलने की संभावना कम हो गई है। नेपाल ने पहला मैच नामीबिया से और दूसरा मैच नीदरलैंड्स से तथा तीसरा मैच पुनः नामीबिया से हार गया था।

लीग २ अंक तालिका में वर्तमान में नेपाल ने ३१ मैचों में २४ अंक हासिल कर छठे स्थान पर है। नीदरलैंड्स के ३० मैचों में ३६ अंक हैं, जो तीसरे स्थान पर है। नामीबिया के ३१ मैचों में २६ अंक हैं। नीदरलैंड्स को हरा पाने में असफल रहने पर नेपाल का शीर्ष ४ में स्थान पाना लगभग असंभव हो जाएगा। नेपाल की प्लेयिंग इलेवन: रोहित पौडेल (कप्तान), कुशल भुर्तेल, दीपेन्द्रसिंह ऐरी, आसिफ शेख, ईशान पांडे, भीम सार्की, आरिफ शेख, गुलशन झा, करण केसी, हेमन्त धामी, ललित राजवंशी।

चितवन के देवघाट में इलेक्ट्रिक शवदाह गृह का उद्घाटन – निजी साझेदारी में संचालित होगा

चितवन के देवघाट में निर्मित इलेक्ट्रिक शवदाह गृह का उद्घाटन किया गया है और इसे सार्वजनिक-निजी साझेदारी मॉडल के तहत संचालित किया जाएगा। सघन शहरी एवं भवन निर्माण आयोजन ने 11 करोड़ 21 लाख 8 हजार 641 रुपये की लागत से यह संरचना तैयार की है, जिसे भरतपुर महानगरपालिका को हस्तांतरित कर दिया गया है। सात वर्षों के बाद निर्माण पूरा हुआ इस शवदाह गृह में दो मशीनें लगाई गई हैं, जो बेवारिसे शवों के अंतिम संस्कार प्रवंध में सहायता प्रदान करने की उम्मीद है। 13 साउन, चितवन।

शवदाह गृह को स्वयं संचालित करना महंगा होने के कारण इसे सार्वजनिक-निजी साझेदारी के माध्यम से चलाने की योजना है। महानगरपालिका ने इस मॉडल के तहत शवदाह गृह संचालित करने के लिए आवश्यक कार्यविधि तैयार कर ली है। सात वर्षों के पश्चात इलेक्ट्रिक शवदाह गृह का निर्माण कार्य पूरा हुआ है। इसमें दो शवदाह मशीनें स्थापित की गई हैं। शहरी विकास कार्यालय ने 11 करोड़ 21 लाख 8 हजार 641 रुपये की लागत से यह शवदाह गृह निर्मित किया है।

देवघाट में चितवन, नवलपरासी, तनहुँ सहित देश के विभिन्न जिलों से शव अंत्येष्टि के लिए लाए जाते हैं। दाउरा की कमी के कारण प्रबंधन में समस्याएं आ रही थीं। शवदाह गृह के निर्माण के बाद बेवारिसे शवों के अंतिम संस्कार प्रबंधन में महत्वपूर्ण सहायता मिलने की उम्मीद जताई गई है।

विश्व बाघ दिवस: बाघों की संख्या बढ़ने के बावजूद मानव-प्राणी संघर्ष कैसे घटाएं?

राजधानी काठमांडू में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसे वन्यजीव संरक्षणकर्मी और अधिकारी उत्साहपूर्वक देख रहे हैं। राष्ट्रीय अभयारण्यों और वन्यजीव संरक्षण विभाग के अनुसार वर्तमान में नेपाल में ४२९ वयस्क बाघ मौजूद हैं। हालांकि, लुम्बिनी प्रदेश के राप्ती सोनारी गाउँपालिका की उपाध्यक्ष मनीषा सिंह थारू ने बाघों की संख्या बढ़ने को स्थानीय समुदाय के लिए केवल खुशियों की बात न मानते हुए प्रतिक्रिया दी है। “स्थानीय सरकार के गठन से ही इस गाउँपालिका में १०-१५ लोगों की बाघ के हमले में मृत्यु हो चुकी है। इसलिए संख्या बढ़ने पर वे उत्साहित नहीं होते,” थारू ने बताया।

राप्ती सोनारी गाउँपालिका का अधिकांश भूभाग बांके राष्ट्रीय अभयारण्य के अंतर्गत आता है, जहां वर्तमान में बाघों की संख्या ५१ पहुंच चुकी है, जैसा कि सर्वेक्षण में देखा गया है। थारू द्वारा उठाए गए मुद्दे पर संरक्षण विशेषज्ञ सहमत हैं। संरक्षण के स्थायी न होने की चिंता जताते हुए बाघ संरक्षण विशेषज्ञ बाबुराम लामिछाने ने कहा, “संख्या बढ़ना संरक्षण में सफलता जरूर है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण यह है कि मानव जीवन का कोई नुकसान न हो। बाघ या अन्य वन्य प्राणियों से मानव हानि शून्य होने पर ही संरक्षण स्थायी हो सकता है।”

संरक्षक कुमार पौडेल ने भी बताया कि केवल संख्या के आधार पर संरक्षण कार्यक्रम को पूरी सफलता नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा, “जो स्थानीय समुदाय बाघ के साथ सह-अस्तित्व रखता है, जब तक वे खुशी-खुशी स्वीकार नहीं करते, यह सफलता आंशिक ही है।” राष्ट्रीय अभयारण्य और वन्यजीव संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने भी संख्या वृद्धि को चुनौती माना है। विभाग के उप महानिर्देशक वेदकुमार ढकाल ने कहा, “पिछले चार वर्षों में वयस्क बाघों की संख्या वार्षिक ५ प्रतिशत की दर से बढ़ी है। हम खुश हैं, लेकिन चुनौतियां बढ़ती हैं इसलिए जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।”

विश्व बाघ दिवस के अवसर पर हाल ही में किये गए बाघ सर्वेक्षण के नतीजे बुधवार को जारी किए गए। २०२२ में नेपाल में बाघों की संख्या ३५५ थी। नई रिपोर्ट के अनुसार चितवन राष्ट्रीय अभयारण्य क्षेत्र और उसके आसपास सबसे अधिक १४५ बाघ पाए गए हैं। बर्दिया राष्ट्रीय अभयारण्य क्षेत्र में ११२ बाघ और आस-पास के वन क्षेत्रों में अवस्थित हैं। पर्सा राष्ट्रीय अभयारण्य में ७१, बांके राष्ट्रीय अभयारण्य में ५१ और शुक्लाफांटा राष्ट्रीय अभयारण्य में ५० बाघ पाए गए हैं।